राँची की नदियाँ या 'विषाक्त नाले'? हरमू-स्वर्णरेखा में खत्म हुआ जीवन, निकाय चुनाव से पहले छिड़ी सियासी जंग


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राँची: झारखंड की राजधानी राँची को कभी अपनी जल संरचनाओं के लिए जाना जाता था, लेकिन आज यहाँ की दो प्रमुख नदियाँ— हरमू और स्वर्णरेखा— मरणासन्न स्थिति में हैं। पर्यावरणविदों की चेतावनी और स्थानीय जनता के आक्रोश के बीच अब नगर निकाय चुनाव में यह एक बड़ा मुद्दा बनता दिख रहा है।

विशेषज्ञ की चेतावनी: पानी में घुल रहा है 'ज़हर'

राँची विश्वविद्यालय के भूगर्भ विज्ञान के प्रोफेसर डॉ. नितीश प्रियदर्शी के अनुसार, इन नदियों के पानी में अब जीवन (Aquatic Life) नहीं बचा है। उन्होंने बताया:

बिना ट्रीटमेंट के हज़ारों गैलन सीवरेज का पानी रोज़ाना नदियों में गिर रहा है।

स्वर्णरेखा नदी में राइस मिलों से निकलने वाले रसायन पानी को विषैला बना रहे हैं।

पानी में भारी धातुओं और रसायनों की मौजूदगी मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है।

निकाय चुनाव और जवाबदेही का सवाल

स्थानीय निवासियों का कहना है कि नदियों की सफाई के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च हुए, लेकिन ज़मीनी हकीकत नहीं बदली। नगर निगम चुनाव नज़दीक आते ही जनता अब जुडको (JUDCO) और नगर निगम से जवाब मांग रही है।

पूर्व पार्षद अरुण झा ने इसके लिए निगम और जुडको के बीच आपसी विवाद और 6 सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के निष्क्रिय होने को मुख्य कारण बताया है।

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर

नदियों की गंदगी पर अब राजनीति भी तेज़ हो गई है:

कांग्रेस: प्रदेश महासचिव राकेश सिन्हा ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि रघुवर सरकार के समय करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाए गए पर नतीजा शून्य रहा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि हेमंत सरकार इन नदियों को पुनर्जीवित करने के लिए योजना बना रही है।

भाजपा: प्रदेश मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक ने बिना किसी आरोप-प्रत्यारोप के स्वीकार किया कि नदियों की स्थिति दुखद है। उन्होंने आह्वान किया कि राजनीति से ऊपर उठकर हर किसी को नदियों को बचाने के लिए प्रयास करना चाहिए।

जनता का दर्द: 'पवित्र धारा' से 'गंदा नाला' बनने का सफर

स्थानीय निवासी प्रेम कुमार साहू और गौतम चौरसिया पुराने दिनों को याद करते हुए भावुक हो जाते हैं, जब इन नदियों का पानी इतना साफ था कि वहाँ छठ महापर्व और अन्य अनुष्ठान होते थे। उनका मानना है कि इस बदहाली के लिए प्रशासन के साथ-साथ जनता की लापरवाही भी ज़िम्मेदार है।

पतरातू NTPC-PVUNL प्लांट में बड़ा हादसा: यूनिट-2 के डक्ट की सील फटने से 12 श्रमिक घायल, तकनीकी जांच के आदेश

रामगढ़/पतरातू: पतरातू स्थित PVUNL (पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड) की निर्माणाधीन सुपर थर्मल पावर परियोजना में बुधवार को एक गंभीर तकनीकी खराबी के कारण हादसा हो गया। यूनिट-2 के एयर कूल्ड कंडेंसर (ACC) में परीक्षण के दौरान हुए इस हादसे में 12 श्रमिक घायल हो गए हैं।

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कैसे हुआ हादसा?

हादसा उस समय हुआ जब BHEL (भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड) द्वारा डक्ट इरेक्शन एवं परीक्षण का कार्य किया जा रहा था। तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, एयर कूल्ड कंडेंसर (ACC) के डक्ट में लगी इन-प्लेट सील अचानक दबाव झेल नहीं पाई और टूट गई। सील टूटने से डक्ट के भीतर जमा 'प्रेशराइज्ड डस्ट' (दबावयुक्त धूल) तेजी से बाहर निकली, जिसकी चपेट में वहां काम कर रहे मजदूर आ गए।

घायलों की स्थिति और उपचार

हादसे में घायल हुए 12 श्रमिकों में से 9 मैसर्स आरपीपी इंफ्रास्ट्रक्चर के हैं और 3 BHEL के कर्मचारी हैं। सभी घायलों को तत्काल पीटीपीएस अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सा अधिकारियों के अनुसार:

सभी श्रमिकों को हल्की चोटें आई हैं।

प्राथमिक उपचार के बाद सभी की स्थिति खतरे से बाहर बताई गई है।

घटना के बाद PVUNL प्रबंधन ने तुरंत स्थिति को नियंत्रित कर लिया।

प्रबंधन का कड़ा रुख: गठित हुई तकनीकी टीम

PVUNL प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए एक विशेष तकनीकी जांच टीम का गठन किया है। प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि:

सुरक्षा मानकों की दोबारा समीक्षा की जाएगी।

जांच रिपोर्ट के आधार पर यदि कोई लापरवाही पाई गई, तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।

भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाई जाएगी।

विधायक ने जाना हाल-चाल

हादसे की खबर मिलते ही बड़कागांव विधायक और स्थानीय जनप्रतिनिधि अस्पताल पहुँचे। उन्होंने घायल श्रमिकों से मुलाकात की और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ-साथ प्रबंधन से सुरक्षा उपायों में ढिलाई न बरतने की बात कही।

झारखंड के हुनर का चीन में बजेगा डंका: 'कौशल उत्कर्ष' के विजेता बने राज्य के राजदूत; हर प्रखंड में खुलेंगे नए कौशल केंद्र

राँची, 30 जनवरी 2026: झारखंड के युवाओं के सपनों को नई उड़ान देते हुए श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा आयोजित ‘झारखंड कौशल उत्कर्ष’ प्रतियोगिता का भव्य समापन हुआ। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित श्रम मंत्री श्री संजय प्रसाद यादव ने 39 विजेताओं को सम्मानित किया और घोषणा की कि युवाओं को स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित करने के लिए राज्य के सभी प्रखंडों में नए कौशल केंद्र खोले जाएंगे।

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चीन में होने वाली वर्ल्ड स्किल्स प्रतियोगिता का रास्ता साफ

मंत्री श्री संजय प्रसाद यादव ने विजेताओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि ये युवा केवल पदक विजेता नहीं हैं, बल्कि चीन में होने वाली 'India Skills Competition 2026' के लिए झारखंड के राजदूत हैं। प्रतियोगिता के स्वर्ण और रजत पदक विजेता अब ओडिशा, कर्नाटक और तमिलनाडु में अगले राउंड के लिए अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। वहां सफल होने वाले प्रतिभागी विश्व स्तरीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।

वैश्विक रोजगार के लिए प्रतिष्ठित संस्थानों से MoU

झारखंड के युवाओं को केवल प्रशिक्षण ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर प्लेसमेंट दिलाने के लिए विभाग ने कई प्रतिष्ठित औद्योगिक संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए हैं। इन साझेदारियों से राज्य के प्रशिक्षित युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय कंपनियों में नौकरी के द्वार खुलेंगे।

बेहतर प्रबंधन के लिए राँची की टीम सम्मानित

समारोह के दौरान नवाचार और बेहतर प्रबंधन के लिए राँची के उप-श्रमायुक्त-सह-जिला कौशल पदाधिकारी और उनकी पूरी टीम को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। मंत्री ने JSDMS को युवाओं का 'सतत सारथी' बताते हुए कौशल विकास के क्षेत्र में झारखंड के स्वर्णिम भविष्य की नींव रखी।

सैकड़ों लोगों के साथ प्रदेश कार्यालय में चक्रधरपुर के विजय सिंह गगराई ने ग्रहण की भाजपा की सदस्यता


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भाजपा प्रदेश कार्यालय मे आज मिलन समारोह आयोजित हुआ। जिसमें चक्रधर पुर के श्री विजय सिंह गगराई ने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने श्री गगराई को पार्टी का पटका पहनाकर स्वागत अभिनंदन किया।

कार्यक्रम का संचालन प्रदेश मंत्री सुनीता सिंह ने किया।

श्री गगराई के साथ सदस्यता ग्रहण करने वालों में सुशांत मंडल, हीरालाल खंडाइत , ललित ठाकुर,हारून मेलगांडी, बेसरा पूर्ति,विजय नाग, राजेंद्र मेलगांडी, रामू महतो, मार्कस गगराई, वीरसिंह हांसदा, राकेश जोंकों सहित सैकड़ों लोग शामिल हुए।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने कहा कि हेमंत सरकार ने राज्य के आदिवासी,दलित ,पिछड़े सभी वर्गों को भगवान भरोसे छोड़ दिया है। यह सरकार विकास विरोधी सरकार है। आए दिन आदिवासी समाज के युवाओं की हत्या हो रही।बहन बेटियां अपमानित हो रही। राज्य में अपहरण एक उद्योग बन गया है।

कहा कि यह सरकार पूरी तरह झूठी सरकार साबित हुई है पिछले 6 वर्षों में हेमंत सरकार ने राज्य को रसातल में भेज दिया है।एक भी वादे इस सरकार ने ओर नहीं किए।जनता पूरी तरह ठगी हुई महसूस कर रही है।

कहा कि पेसा कानून के नाम पर भी हेमंत सरकार ने जनता को ठगा है। ऐसे में जनजाति समाज का मोह राज्य सरकार से भंग हो रहा है।

कहा कि आज भाजपा की ओर आशा भरी नजरों से जनजाति समाज देख रहा है।

उन्होंने समाज के बीच जाकर राज्य सरकार की नाकामियों को उजागर करने का आह्वान किया।

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि भाजपा ने ही झारखंड का गठन कराया है और भाजपा ही इसका सर्वांगीण विकास कर सकती है।

कहा कि धोखे की सरकार के पाप का घड़ा फूटेगा । जनता किसी को माफ नहीं करती।

विजय सिंह गगराई ने पार्टी के नेतृत्व का आभार प्रकट करते हुए कहा कि सच्चे सिपाही के रूप में पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों को वे धरातल पर उतारने केलिए संकल्पित है। उनका तन मन धन पार्टी कार्यों केलिए समर्पित है।

कहा कि पार्टी जो जिम्मेवारी देगी उसे सहर्ष पूरा करेंगे।

सांसद निशिकांत दुबे का हेमंत सरकार पर तीखा हमला: "मार्च के बाद सीएम के वेतन पर भी आ सकता है संकट, बंद हो सकती हैं योजनाएं"


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देवघर: गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे शुक्रवार को देवघर पहुँचे, जहाँ एयरपोर्ट पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। मीडिया से रूबरू होते हुए सांसद ने राज्य सरकार की आर्थिक नीतियों पर कड़ा प्रहार किया और केंद्र-राज्य संबंधों सहित यूजीसी (UGC) विवाद पर पार्टी का पक्ष रखा।

"मंईयां सम्मान" के चक्कर में विकास ठप: निशिकांत

राज्य सरकार द्वारा केंद्र पर लगाए जा रहे 1.36 लाख करोड़ रुपये के बकाया के आरोपों पर तंज कसते हुए निशिकांत दुबे ने कहा:

"झारखंड सरकार के पास पैसा ही नहीं है। स्थिति यह है कि मार्च के बाद मुख्यमंत्री का वेतन मिलना भी मुश्किल हो सकता है। यदि मंईयां सम्मान योजना बंद हो जाए या अबुआ आवास का काम रुक जाए, तो इसमें कोई आश्चर्य नहीं होना चाहिए।"

उन्होंने आरोप लगाया कि लोक-लुभावन योजनाओं के कारण राज्य में विकास कार्य पूरी तरह ठप हो गए हैं।

UGC विवाद: "प्रधानमंत्री और संविधान पर रखें भरोसा"

यूजीसी से जुड़े हालिया विवादों पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद ने कहा कि यह मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है और इस पर स्टे लगा हुआ है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 का हवाला देते हुए कहा कि ये अनुच्छेद पिछड़ों और दलितों के अधिकारों की सुरक्षा की गारंटी देते हैं।

सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र पर चलते हैं, जिसका सबसे बड़ा उदाहरण स्वर्ण आरक्षण है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से अपील की कि वे प्रधानमंत्री की नीतियों पर भरोसा रखें और न्यायपालिका के फैसलों का सम्मान करें।

बापू को नमन: राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी को दी श्रद्धांजलि; राज्यपाल ने 'दिशोम गुरु' को पद्म भूषण मिलने पर जताया हर्ष

राँची, 30 जनवरी 2026: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर आज मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका में एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। माननीय राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार एवं मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने बापू की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।

भजन और रामधुन से गुंजायमान हुई बापू वाटिका

श्रद्धांजलि सभा के दौरान भजन मंडली के कलाकारों ने बापू के प्रिय भजनों और रामधुन की प्रस्तुति दी। राज्यपाल, मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य लोग महात्मा गांधी के प्रिय भजनों की आत्मीयता में मंत्रमुग्ध नज़र आए।

शिबू सोरेन को पद्म भूषण: राज्य के लिए गर्व का क्षण

मीडिया को संबोधित करते हुए राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार ने बापू के आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने एक महत्वपूर्ण संदेश देते हुए भारत सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। राज्यपाल ने कहा:

"राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री दिशोम गुरु स्व० शिबू सोरेन जी को पद्म भूषण सम्मान से अलंकृत करना पूरे झारखंड के लिए गौरव की बात है। यह सम्मान झारखंड के प्रति भारत सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है। राज्य निर्माण में उनका योगदान सदैव अमर रहेगा।"

बापू का दर्शन ही शांति का मार्ग: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने बापू को याद करते हुए कहा कि उनका त्याग और संघर्ष पूरे विश्व के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के दिखाए मार्ग पर चलकर ही हम एक समृद्ध राज्य और शांतिपूर्ण दुनिया की परिकल्पना को साकार कर सकते हैं।

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प्रमुख उपस्थितियाँ

इस अवसर पर मंत्री श्रीमती दीपिका पांडे सिंह और राज्यसभा सांसद श्रीमती महुआ माजी ने भी बापू को नमन किया। कार्यक्रम में शासन और प्रशासन के कई वरीय पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

रांची नगर निकाय चुनाव: नामांकन शुरू; प्रत्याशी बनने से पहले जान लें ये 15 कड़े नियम, एक गलती और हाथ से निकल जाएगा मौका!

रांची: झारखंड की राजधानी में नगर निकाय चुनाव का बिगुल बज चुका है। 29 जनवरी से 4 फरवरी तक नामांकन की प्रक्रिया चलेगी। राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद ने स्पष्ट किया है कि नामांकन के दौरान अनुशासन और नियमों का पालन अनिवार्य है।

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नामांकन के लिए मुख्य गाइडलाइन

समय और स्थान: नामांकन सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक ही स्वीकार किए जाएंगे।

समर्थकों की सीमा: नामांकन स्थल के 100 मीटर के दायरे में प्रत्याशी अपने साथ अधिकतम केवल 3 समर्थकों को ही ले जा सकते हैं।

दस्तावेजों की जांच: निर्वाची पदाधिकारियों को कागजातों की सूक्ष्म जांच के निर्देश दिए गए हैं। एक भी त्रुटि होने पर नामांकन रद्द हो सकता है।

आदर्श आचार संहिता: क्या करें और क्या न करें?

अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) कार्यालय द्वारा शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए निषेधाज्ञा लागू की गई है:

लाउडस्पीकर पर पाबंदी: रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर का प्रयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है। दिन में भी अनुमति लेकर ही सीमित ध्वनि (75 डेसिबल से कम) में इसका उपयोग किया जा सकता है।

हथियार लेकर चलने पर रोक: किसी भी प्रकार का धारदार या घातक हथियार लेकर चलने पर प्रतिबंध है। (सिखों के कृपाण और नेपालियों की खुखरी जैसे पारंपरिक शस्त्रों को छूट प्राप्त है)।

सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा: सरकारी भवनों या सड़कों पर नारे लिखना, पोस्टर चिपकाना या झंडा लगाना अपराध माना जाएगा। ऐसा करने पर प्रिवेंशन ऑफ डिफेसमेंट ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट के तहत कार्रवाई होगी।

भीड़ पर नियंत्रण: शांति भंग करने के उद्देश्य से 5 या उससे अधिक व्यक्ति एक स्थान पर जमा नहीं हो सकेंगे।

सोशल मीडिया पर नजर: किसी भी व्यक्ति या समुदाय के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी या भ्रामक संदेश फैलाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।

धार्मिक स्थलों का उपयोग: किसी भी मंदिर, मस्जिद या गुरुद्वारे का प्रयोग राजनीतिक प्रचार के लिए नहीं किया जा सकेगा।

भड़काऊ भाषण प्रतिबंधित: जाति, धर्म या भाषा के आधार पर नफरत फैलाने वाले भाषणों पर पूर्ण रोक है।

पर्यावरण का ध्यान: प्रचार के लिए प्लास्टिक या पॉलीथीन से बने पोस्टर और बैनर का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।

महत्वपूर्ण सुर्खियां (Headlines):

"प्रत्याशी ध्यान दें! नामांकन के समय साथ रहेंगे केवल 3 समर्थक, 100 मीटर का दायरा होगा 'नो-गो ज़ोन'"

"रांची निकाय चुनाव: बिना अनुमति सभा या जुलूस निकाला तो होगी जेल, आचार संहिता के कड़े नियम लागू"

"निकाय चुनाव 2026: रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर बंद, सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट पर प्रशासन की पैनी नजर"

"नामांकन प्रक्रिया शुरू: 4 फरवरी तक मौका, गाइडलाइन का पालन न करने पर रद्द हो सकता है पर्चा"

झारखंड में बाल अधिकारों के संरक्षण पर जोर: मुख्यमंत्री से मिले कैलाश सत्यार्थी के सहयोगी, 'बचपन बचाओ आंदोलन' की गतिविधियों पर हुई चर्चा


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राँची, 29 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से आज उनके आवासीय कार्यालय में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित श्री कैलाश सत्यार्थी के करीबी सहयोगी श्री राकेश सेंगर ने शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के दौरान राज्य में बाल मजदूरी के खात्मे और बच्चों के अधिकारों को सुरक्षित करने की दिशा में चल रहे अभियानों पर विस्तार से चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री और कैलाश सत्यार्थी के बीच फोन पर संवाद

मुलाकात के दौरान एक विशेष क्षण तब आया जब मुख्यमंत्री ने दूरभाष (फोन) के माध्यम से सीधे श्री कैलाश सत्यार्थी जी से बात की। मुख्यमंत्री ने बच्चों के कल्याण और उनके अधिकारों के लिए सत्यार्थी जी द्वारा वैश्विक स्तर पर किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने विश्वास दिलाया कि झारखंड सरकार बाल श्रम के खिलाफ और बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करेगी।

साहित्य और प्रतिवेदन भेंट

श्री राकेश सेंगर ने मुख्यमंत्री को श्री कैलाश सत्यार्थी की आत्मकथा और उनकी नई प्रेरणादायी पुस्तक "करुणा: द पावर ऑफ कंप्लशन" (Karuna: The Power of Compassion) सप्रेम भेंट की। इसके साथ ही 'बाल ग्राम' का वर्ष 2025-26 का वार्षिक प्रतिवेदन भी साझा किया गया।

झारखंड में 'बचपन बचाओ आंदोलन' की भूमिका

मुलाकात में 'बचपन बचाओ आंदोलन' द्वारा झारखंड में बाल अधिकारों के संरक्षण, बाल श्रम उन्मूलन और तस्करी (Trafficking) के खिलाफ चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों और भविष्य की योजनाओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया। इस अवसर पर श्री मनोज कुमार भी उपस्थित रहे।

अबुआ दिशोम बजट' से संवरेगा झारखंड: मुख्यमंत्री ने दिए समावेशी और युवा केंद्रित बजट के संकेत, दावोस-लंदन के अनुभवों का दिखेगा असर


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राँची, 29 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज झारखंड मंत्रालय में आयोजित 'अबुआ दिशोम बजट संगोष्ठी-2026-27' को संबोधित करते हुए राज्य के भविष्य की रूपरेखा साझा की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आगामी बजट केवल आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि 25 साल के युवा झारखंड की जन-आकांक्षाओं और नई पीढ़ी की जरूरतों को पूरा करने वाला एक सशक्त दस्तावेज होगा।

1 लाख करोड़ के बजट का अनुमान: राजस्व बढ़ाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि आगामी बजट लगभग 1 लाख करोड़ रुपये का होने का अनुमान है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनकल्याणकारी योजनाओं में राशि की कमी न हो, इसके लिए राजस्व संग्रहण के नए और ठोस तरीके अपनाए जाएं।

बजट के मुख्य आकर्षण और सीएम के विचार:

वैश्विक अनुभव का लाभ: मुख्यमंत्री ने कहा कि हालिया दावोस और लंदन दौरे से मिले आर्थिक प्रबंधन और नीतिगत अनुभवों को झारखंड की परिस्थितियों के अनुरूप बजट में शामिल किया जाएगा।

युवा और नई पीढ़ी: सीएम ने कहा, "नई पीढ़ी पारंपरिक रास्तों से अलग नए अवसर तलाश रही है। बजट उनकी सोच और आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप होना चाहिए।"

वैल्यू एडिशन: झारखंड लाह और तसर उत्पादन में अग्रणी है। मुख्यमंत्री ने इन संसाधनों के 'वैल्यू एडिशन' (मूल्य संवर्धन) पर जोर दिया ताकि राज्य का पैसा और संसाधन राज्य के ही काम आए।

आदिवासी परंपरा और आधुनिकता: एक आदिवासी बहुल राज्य होने के नाते, बजट में पारंपरिक व्यवस्थाओं के संरक्षण के साथ-साथ बुनियादी ढांचे (शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल) के आधुनिक विकास का संतुलन दिखेगा।

आम जनता के सुझावों को सम्मान

मुख्यमंत्री ने इस बात पर गर्व जताया कि बजट निर्माण में आम लोगों की भागीदारी बढ़ी है। इस अवसर पर उन्होंने श्रेष्ठ सुझाव देने वाले स्वाति बंका, किशोर प्रसाद वर्मा और गोपी हांसदा को नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

गरिमामयी उपस्थिति

संगोष्ठी में वित्त मंत्री श्री राधा कृष्ण किशोर, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार सहित देश के प्रतिष्ठित संस्थानों से आए अर्थशास्त्री और विशेषज्ञ मौजूद रहे।

झारखंड के पड़हा राजा सोमा मुंडा की कैसे हुई हत्या? स्कूल का पूर्व छात्र निकला कातिल, जमीन कारोबारियों ने रची थी साजिश

झारखंड के खूंटी जिले में 7 जनवरी 2026 को हुए चर्चित पड़हा राजा सोमा मुंडा हत्याकांड में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. पुलिस ने इस मामले में शूटर सहित कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, वारदात को अंजाम देने में शामिल सभी प्रमुख लोगों को पकड़ लिया गया है.

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गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों को पैदल मार्च कराते हुए सड़कों से होते हुए खूंटी थाना तक ले जाया. इस दौरान मुख्य सड़क पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और कई लोगों ने अपने मोबाइल से आरोपियों की तस्वीरें और वीडियो बनाए.

50 हजार रुपये की सुपारी दी गई थी

पुलिस के मुताबिक, मुख्य शूटर के रूप में लगभग 20 वर्षीय मारकुस संगा की पहचान हुई है. आरोप है कि उसने करीब 50 हजार रुपये की सुपारी लेकर सोमा मुंडा पर गोली चलाई. बताया जा रहा है कि मारकुस संगा कभी सोमा मुंडा के स्कूल का छात्र था और वर्ष 2022 में किसी कारणवश उसे स्कूल से निकाल दिया गया था.

पुलिस का कहना है कि इसी बात को लेकर वह नाराज था और जमीन से जुड़े एक कारोबारी ने उसकी नाराजगी का फायदा उठाकर उसे पैसे और हथियार उपलब्ध कराए. जांच में सामने आया है कि खूंटी के हुटार चौक निवासी दानियल संगा का भी मृतक से लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था. करीब 1012 वर्ष पहले से 14 डिसमिल जमीन को लेकर दोनों के बीच तनातनी थी.

पुलिस के अनुसार, जब भी दानियल उस जमीन पर निर्माण की कोशिश करता, सोमा मुंडा विरोध करते थे. इसी बीच वर्ष 2025 के नवंबरदिसंबर में जियरप्पा गांव की 32 एकड़ जमीन की खरीद-बिक्री की कोशिश भी सोमा मुंडा और ग्राम सभा के हस्तक्षेप से रुक गई थी, जिससे कथित तौर पर जमीन कारोबार से जुड़े लोग नाराज हो गए.

7 जनवरी को सोमा मुंडा की हुई थी हत्या

पुलिस के मुताबिक, 7 जनवरी को सोमा मुंडा अपनी पत्नी के साथ मोटरसाइकिल से खूंटी से गांव लौट रहे थे, तभी जमुआदाग तालाब के पास पहले से रेकी कर रहे आरोपियों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं. मौके पर ही उनकी मौत हो गई.

पुलिस ने इस मामले में एक देशी पिस्टल, चार गोलियां, पल्सर मोटरसाइकिल, एक कार, रेकी में इस्तेमाल बाइक, मोबाइल फोन, कपड़े और हेलमेट सहित अन्य सामान जब्त करने की बात कही है. इस पूरे मामले का खुलासा खूंटी के एसपी मनीष टोप्पो ने किया. सोमा मुंडा मुंडा जनजाति की पारंपरिक पड़हा पंचायत व्यवस्था के प्रमुख (राजा) थे, जो कई गांवों के सामाजिक और पारंपरिक मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. उनकी हत्या से क्षेत्र में गहरा आक्रोश और शोक का माहौल है.