एमएसएमई लीन कार्यशाला में 28 उद्यमियों ने कराया पंजीकरण


संजय द्विवेदी,प्रयागराज एमएसएमई-विकास कार्यालय नैनी प्रयागराज परिसर में एमएसएमई लीन कार्यशाला सम्पन्न हुई । एमएसएमई लीन योजना लघु सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसके अंतर्गत उत्पादन क्षेत्र के उद्यमियों की उद्यमी जागरूकता कार्यशाला के उपरान्त उद्यमों का क्लस्टर बनाने का कार्य सम्पूर्ण भारतवर्ष में क्रियान्वयन एजेंसी Quality Council of India की अनुमोदित संस्था त्रिवेणी सोशल फाउंडेशन द्वारा किया जा रहा है।

एमएसएमई लीन योजना में इच्छुक उद्यमियों के लिए एमएसएमई मंत्रालय द्वारा उत्पादकता बढ़ाने व निर्माण लागत घटाने के लिए सलाहकार नियुक्त किए जा रहे है।कार्यक्रम में 55 उद्यमियों ने प्रतिभाग किया जिसमें 28 उद्यमियों ने एमएसएमई लीन योजना में पंजीकरण कराया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एलबी यादव(संयुक्त निदेशक एमएसएमई-विकास नैनी)रहे। एमएसएमई लीन के प्रमुख वक्ता शिव शंकर सिंह सी एस अरोरा रहे।

कार्यक्रम का संचालन त्रिवेणी सोशल फाउंडेशन के चेयरमैन अमित सिंह ने किया।मौके पर एमएसएमई-विकास कार्यालय से संजय मौर्य व एनएसआईसी से संजीव कुमार गौरव चतुर्वेदी मौजूद रहे।

जापान में पीएम मोदी का ग्रैंड वेलकम, मंत्रोच्चार-नृत्य के साथ भव्य स्वागत, प्रवासी भारतीयों से की मुलाकात

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जापान की यात्रा पर हैं। टोक्यो एयरपोर्ट पर पहुंचते ही उनका भव्‍य स्‍वागत किया गया है। पीएम मोदी को गायत्री मंत्र सुनाकर और शानदार पारंपरिक नृत्य की परफॉर्मेंस देकर सम्मानित किया गया। उन्होंने इसके बाद भारतीय प्रवासी समुदाय से भी मुलाकात की। बता दें कि प्रधानमंत्री अपने दो दिवसीय जापान की यात्रा पर पहुंचे हैं। यहां पर वह 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।

प्रधानमंत्री ने टोक्यो पहुंचकर भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात की। उन्होंने जापान में रहने वाले भारतीयों के साथ काफी गर्मजोशी के साथ बातचीत की और अपने अंदाज में बच्चों से भी प्यार से हाल-चाल लेते दिखे। इसके बाद उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर कुछ तस्वीरें साझा कीं।

पीएम मोदी ने जापानी भाषा में किया ट्वीट

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर टोक्यो में भारतीय समुदाय से मिलते हुए कुछ तस्वीरें पोस्ट की हैं। इस पोस्ट में प्रधानमंत्री ने जापानी भाषा में भारतीय समुदाय को भव्य स्वागत के लिए धन्यवाद भी दिया।

भारत-जापान रिश्ते पर कही ये बात

पीएम मोदी ने एक अन्य ट्वीट में लिखा कि मैं टोक्यो पहुंच गया हूं। भारत और जापान अपने विकासात्मक सहयोग को निरंतर मजबूत कर रहे हैं। मैं इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री इशिबा और अन्य लोगों से मिलने के लिए उत्सुक हूं, जिससे मौजूदा साझेदारियों को और मजबूत करने और सहयोग के नए रास्ते तलाशने का अवसर मिलेगा।

जापान के बाद जाएंगे चीन के दौरे पर

प्रधानमंत्री ने आगे बताया कि जापान यात्रा के बाद वे चीन जाएंगे। वहां राष्ट्रपति शी जिनपिंग के आमंत्रण पर वे तियानजिन में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि भारत एससीओ का सक्रिय और रचनात्मक सदस्य है। अपनी अध्यक्षता के दौरान भारत ने स्वास्थ्य, नवाचार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर नई पहलें कीं।

IATITW Pvt. Ltd. launches affordable platform for professionals, companies and employees

Assam, India –Date – A new technology company, IATITW Pvt. Ltd., has launched a unique service platform designed to connect professionals, companies, and employees in one place. The company promises to make service discovery, hiring, and employment verification easier than ever before, all at a very affordable cost. By creating a profile, entering details, and paying a nominal fee of just ₹99 or ₹149, users can access a wide range of opportunities and services.

The idea behind IATITW is simple but powerful. Many professionals and employees struggle to find work that matches their skills, while companies often find it difficult to locate reliable workers. At the same time, customers searching for services such as electricians, teachers, designers, or freelancers often do not know where to turn. With IATITW, you will find a platform that serves all three groups, those offering personal services to clients, employers looking for workers, and those looking for recognition for their work.

The platform provides professionals with the opportunity to create a profile and be discovered by potential customers. You can create a profile and be visible to people searching for a driver, doctor, YouTuber, developer, or home repair specialist. This not only provides new work opportunities but also builds trust, since users know they are contacting a verified professional.

For companies, the platform acts as a recruitment and employee management tool. Businesses can use IATITW to find employees for any department and hire them under flexible contracts of six months, one year, or longer. The process is fast, cost-effective, and transparent, making it particularly useful for small and medium-sized enterprises that need dependable staff but cannot afford expensive hiring platforms.

For employees, IATITW offers a way to showcase skills and experience while also receiving verified certificates. Every time an employee works with a company, a certificate is added to their profile. This ensures that when they move to a new job, they carry proof of their experience, creating greater trust with future employers. The more companies they work with, the more certificates they earn, strengthening their profile over time.

The platform is designed to work both online and offline. Users can search for services through the app or website, but if they are unable to find what they need, they can contact the company’s customer service center for assistance. This hybrid approach ensures that no request goes unanswered and that services are accessible even in areas where online platforms are less commonly used.

Affordability is one of the biggest advantages of IATITW. Through its low pricing, the company makes the service affordable for a wide range of users - from individuals in small towns to large companies in major cities. There are no hidden costs or commissions, which makes the platform stand out from traditional service marketplaces and job boards.

Speaking about the launch, the company’s founder said that the goal of IATITW is to create a trusted and transparent system where professionals, employees, and companies can connect without barriers. The founder explained that the low fee ensures inclusivity, while the verification process builds confidence among users. The company believes that every skilled person deserves visibility, every company deserves reliable staff, and every worker deserves recognition for their contribution.

Looking ahead, IATITW plans to introduce advanced features such as artificial intelligence-based matching and real-time location services to make connections even faster and more accurate. The company also intends to expand its offline support network to ensure that customer queries are answered quickly and services are delivered without delay.

With its official launch, IATITW has entered the market as an affordable, reliable, and transparent solution for professionals, companies, and employees. By simplifying the way people connect and by offering certified verification, the company is positioning itself as a major player in the service and employment sector.

For more information, download https://play.google.com/store/apps/details?id=com.greynext.iatitw

or contact the customer care team at +91 7859909729.

रूस-यूक्रेन वॉर से भारत का कनेक्शन जोड़ने की कोशिश, ट्रंप के सलाहकार पीटर नवारो का बेतुका बयान

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भारत और अमेरिका के बीच इन दिनों रिश्ते ठीक नहीं चल रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप लगातार भारत और पीएम मोदी को लेकर तरह-तरह की बयानबाजी कर रहे हैं। भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने के बाद भी अमेरिका की खीज कम होने का नाम नहीं ले रही है। अब अमेरिकी टैरिफ को लेकर व्हाइट हाउस के सलाहकार पीटर नवारो का बयान सामने आया है। ट्रंप के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने एक बार फिर बेतुका बयान दिया है। अमेरिका ने यूक्रेन युद्ध को भारत से जोड़ दिया है। ट्रंप के सलाहकार पीटर नवारो ने कहा है कि यूक्रेन में शांति का रास्ता दिल्ली से होकर गुजरता है।

“रूसी तेल खरीदने से मॉस्को की आक्रामकता बढ़ी”

नवारो ने दावा किया कि भारत के रियायती दरों पर रूसी तेल खरीदने से मॉस्को की यूक्रेन में आक्रामकता बढ़ी है और इससे अमेरिकी करदाताओं का बोझ बढ़ा है। उन्होंने कहा कि अगर भारत रूसी तेल खरीदना बंद कर दे तो उसे अमेरिकी टैरिफ में 25% की छूट मिल सकती है। नवारो की टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भारत पर लगाया गया 25% टैरिफ 27 अगस्त बुधवार (स्थानीय समयानुसार) प्रभावी हो गया है।

यूक्रेन संघर्ष पर बताया भारत का प्रभाव

ब्लूमबर्ग टीवी के साथ एक इंटरव्यू में वॉइट हाउस के ट्रेड सलाहकार पीटर नवारो यूक्रेन संघर्ष पर भारत का प्रभाव बताया और कहा कि शांति का रास्ता कुछ हद तक नई दिल्ली से होकर गुजरता है। इंटरव्यू में पीटर नवार्रो ने कहा, भारत जो कर रहा है उससे हर अमेरिकी को नुकसान हो रहा है। उपभोक्ता, व्यवसायी, श्रमिक सबको नुकसान हो रहा है।भारत के कारण नौकरियों, कारखानों, आय और मजदूरी का नुकसान हो रहा है। करदाताओं पर बोझ बढ़ा है, क्योंकि हमें मोदी के युद्ध के लिए फंड करना पड़ रहा है।

भारतीयों को बताया अहंकारी

ट्रंप के सलाहकार ने यह भी कहा, मैं हैरान हूं, क्योंकि मोदी एक महान नेता हैं। यह एक परिपक्व लोकतंत्र है और इसे परिपक्व लोग चला रहे हैं। नवारो ने टैरिफ पर भारत के रुख पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा, मुझे जो बात परेशान करती है, वह यह है कि भारतीय इस बारे में बहुत अहंकारी हैं। वे कहते हैं, अरे, हमारे पास ज़्यादा टैरिफ नहीं हैं। अरे, यह हमारी संप्रभुता है। हम जिसे चाहें तेल खरीद सकते हैं।

पहले भी भारत पर साध चुके हैं निशाना

यह पहली बार नहीं है जब पीटर नवार्रो ने भारत पर निशाना साधा है। उन्होंने पहले भारत को महाराजा ऑफ टैरिफ्स कहा था और

दावा किया था कि 2022 में यूक्रेन आक्रमण से पहले भारत का रूस से तेल व्यापार लगभग शून्य था। अब भारत रूस से 35-40 फीसदी तेल आयात करता है जो प्रतिदिन 1.5-2 मिलियन बैरल है।

जम्मू-कश्मीर बॉर्डर पर घुसपैठ की कोशिश नाकाम, सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को किया ढेर

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जम्मू और कश्मीर में सेना के एंटी-टेरर अभियान जारी है। इसी क्रम में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। जम्मू और कश्मीर के बांदीपोरा जिले के गुरेज सेक्टर में नौशेरा नार्द के पास एलओसी पर सेना ने घुसपैठ की कोशिश कर रहे दो आतंकियों को सुरक्षाबलों ने मार गिराया है।

न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा संभावित घुसपैठ की कोशिश के बारे में दी गई खुफिया जानकारी के आधार पर भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गुरेज सेक्टर में एक संयुक्त अभियान शुरू किया। सतर्क सैनिकों ने संदिग्ध गतिविधि देखी और उन्हें चुनौती दी, जिसके परिणामस्वरूप आतंकवादियों ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। सैनिकों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए दो आतंकवादियों को मार गिराया।

इससे पहले, जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर के तुरिना इलाके में रविवार को सुरक्षाबलों और संदिग्ध आतंकियों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके में बड़ा तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। जानकारी के अनुसार, सुरक्षाबलों को इलाके में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी। इसी दौरान थोड़ी देर के लिए दोनों ओर से फायरिंग हुई, जिसके बाद आतंकी घने जंगल की ओर भाग निकले थे। फायरिंग के बाद सेना, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र को घेरकर तलाशी अभियान शुरू किया था। इसमें ड्रोन और स्निफर डॉग्स की मदद से जंगल और आसपास के इलाकों में तलाशी भी ली गई थी।

ट्रंप ने फिर अपना पुराना राग, बोले- 24 घंटे का दिया था अल्टीमेटम, मोदी ने 5 घंटे में ही कर डाला

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भारत-पाकिस्तान तनाव को खत्म करने में अपनी भूमिका को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपना पुराना राग अलापा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया है कि उन्होंने टैरिफ़ लगाने और ट्रेड डील रद्द करने की धमकी देकर भारत-पाकिस्तान युद्ध रुकवा दिया था। ट्रंप ने दावा किया कि उनके दखल ने पाकिस्तान को पीछे हटने पर मजबूर किया। ट्रंप ने दावा किया कि इस बातचीत के पांच घंटे के भीतर दोनों पक्ष पीछे हट गए।

ट्रंप के मुताबिक, उन्होंने दोनों देशों को धमकी दी थी कि अगर लड़ाई नहीं रुकी तो अमेरिका व्यापार समझौता नहीं करेगा और पाकिस्तान पर ऊंचे टैरिफ लगाएगा। ट्रंप ने यह दावा व्हाइट हाउस में हुई अपनी कैबिनेट बैठक के दौरान किया। उन्होंने कहा कि, ‘मैंने पीएम मोदी से कहा कि अगर पाकिस्तान के साथ जंग नहीं रुकी तो कोई व्यापार समझौता नहीं होगा। फिर मैंने पाकिस्तान से कहा कि अगर लड़ाई बंद नहीं हुई तो इतने ऊंचे टैरिफ लगाऊंगा कि उनका सिर घूम जाएगा। इसके बाद पांच घंटे में ही सब खत्म हो गया।

भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लागू होने के ठीक पहले ट्रंप का बयान

कैबिनेट की एक बैठक में बोलते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने याद दिलाया कि कैसे उन्होंने यूक्रेन-रूस संघर्ष की शुरुआत में विश्वयुद्ध को टाल दिया था। उन्होंने कहा कि वे युद्ध के लिए तैयार थे और फिर मई में भारत-पाकिस्तान के चरम पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई बातचीत के बारे में बताया। यह टिप्पणी ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए 50 फीसदी टैरिफ के लागू होने से कुछ ही घंटे पहले आई है।

सात लडाकू विमान गिराए जाने का दावा भी दोहराया

इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी दोहराया कि दोनों देशों के साथ संघर्ष के दौरान कम से कम सात लड़ाकू विमान गिराए गए। उन्होंने कहा कि मैंने देखा कि वे लड़ रहे हैं, फिर मुझे पता चला कि संघर्ष में सात विमानों को मार गिराया गया। यह अच्छा नहीं है। यह बहुत सारे जेट हैं। 150 मिलियन अमरीकी डॉलर के विमान मार गिराए गए। ट्रंप ने दावा किया कि दोनों देशों ने वास्तविक संख्या की रिपोर्ट भी नहीं की। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह स्पष्ट नहीं किया कि ये विमान दोनों देशों में से किसी एक के गिरे थे या वह दोनों पक्षों के संयुक्त नुकसान की बात कर रहे थे।

आज से शुरू हो गई ट्रंप के 50% टैरिफ की वसूली, जानें किस सेक्टर पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर?

#america50percenttariffkickonindiawhichexportsaremost_exposed

अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप की ओर से भारत पर लगाए गए 25 फीसदी अतिरिक्‍त टैरिफ भी आज यानी बुधवार सुबह से लागू हो गया। अमेरिका ने पहले ही भारत पर 25 फीसदी टैरिफ लगाया था, जो 7 अगस्‍त से प्रभावी हो चुका है. इस तरह आज 27 अगस्‍त से भारत पर कुल 50 फीसदी टैरिफ लागू हो जाएगा। ट्रंप ने भारत पर यह 25 फीसदी का अतिरिक्‍त टैरिफ रूस से तेल खरीदने की वजह से लगाया है। ट्रंप और उनके प्रशासन की ओर से बार-बार धमकी दिए जाने के बावजूद भारत ने रूस से तेल की खरीद बंद नहीं की और यही वजह है कि 27 अगस्‍त से अमेरिका ने 50 फीसदी टैरिफ लागू कर दिया है।

ट्रंप के 50 फीसदी टैरिफ लागू होने के बाद भारत के कई उत्पादों का अमेरिका को होने वाला निर्यात महंगा हो जाएगा। ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर ट्रंप के 50 फीसदी आयात शुल्क का भारत पर क्या असर पड़ेगा? देश के कौन से क्षेत्र इस फैसले से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले हैं? इस फैसले से भारत से अमेरिका निर्यात किए जाने वाले अधिकतर उत्पादों का वहां महंगा होना तय है। माना जा रहा है कि इससे भारतीय निर्यातकों को झटका लग सकता है, क्योंकि अमेरिका भारतीय उत्पादों का बड़ा खरीदार है। टैरिफ बढ़ने से अमेरिकी नागरिक भारतीय उत्पादों की जगह दूसरे देशों से कम टैरिफ दर पर आने वाले सामान को तरजीह दे सकते हैं।

कपड़ा उद्योग पर सबसे ज्‍यादा मार पड़ेगी

ट्रंप के इस टैरिफ की मार से भारत को करीब 48.2 अरब डॉलर का एक्सपोर्ट प्रभावित होगा। सबसे ज्यादा असर उन उद्योगों पर पड़ेगा जिनमें ज्यादा लोगों को काम मिलता है। इनमें कपड़ा, झींगा, चमड़ा, हीरे-जवाहरात, कारपेट और फर्नीचर शामिल हैं। इन चीजों का निर्यात सबसे ज्यादा प्रभावित होने की आशंका है। माना जा रहा है कि इस टैरिफ से कपड़ा उद्योग पर सबसे ज्‍यादा मार पड़ेगी। भारत से हर साल अमेरिका को 10 अरब डॉलर (करीब 86 हजार करोड़ रुपये) के कपड़े का निर्यात होता है। भारतीय कपड़ा उद्योग के लिए सबसे बड़े बाजार अमेरिका को निर्यात में अब उसे बांग्लादेश, वियतनाम जैसे देशों का मुकाबला करना होगा। दूसरी तरफ दवा, इलेक्ट्रॉनिक्स और पेट्रोलियम उत्पादों पर इस टैरिफ का कोई असर नहीं होगा।

भारत से होने वाला दो-तिहाई निर्यात होगा प्रभावित

जानकारों का कहना है कि ट्रंप के टैरिफ से अमेरिका को होने वाले मर्केंडाइज एक्सपोर्ट की वैल्यू पिछले साल की तुलना में 40 से 45% कम हो सकती है। अमेरिका भारत का सबसे बड़ा एक्सपोर्ट मार्केट है। पिछले साल भारत ने अमेरिका को 87 अरब डॉलर का एक्सपोर्ट किया था जो इस साल गिरकर $49.6 अरब रह सकता है। इसकी वजह यह है कि भारत से होने वाला दो-तिहाई निर्यात नए टैरिफ से प्रभावित होगा। कुछ मामलों में तो प्रभावी टैरिफ 60% तक होगा।

Zero Bills Energy: Powering India Towards a Future of Zero Electricity Bills

Noida, Uttar Pradesh – March 2025 – With a bold vision to revolutionize the way Indians consume energy, Zero Bills Energy Pvt. Ltd., headquartered at A-116 URBTECH Trade Centre, Noida, has officially launched operations with a powerful mission: “Zero Bills – Save Your Cash For Better Future.”

The company, incorporated on 29th November 2024 and operational since mid-March 2025, is set to provide end-to-end clean energy solutions for homes, schools, factories, hospitals, malls, commercial spaces, and industries. Its offerings include residential wind turbines, solar power plants, hybrid and on-grid inverters, and advanced battery energy storage systems—all designed to help customers minimize, and in many cases eliminate, their electricity bills.

Transforming Energy Access for Middle & Lower Class Residents

What sets Zero Bills Energy apart is its focus on making renewable energy affordable and accessible for the middle and lower-income groups. Through flexible payment options such as pay-as-you-generate, EMI schemes, community and private funding, and partnerships with banks and NBFCs, the company ensures that going solar is no longer a luxury but a viable solution for every household.

Warehouses, Manufacturing & Local Partnerships

To ensure smooth execution and affordability, the company is establishing warehouses across Tier-1 and Tier-2 cities stocked with panels, inverters, battery systems, residential wind turbines, and other essentials. Zero Bills Energy is also partnering with local vendors to streamline government approvals such as CEIG certification and net-metering.

The long-term vision is to manufacture its own equipment, bringing costs further down while maintaining strict quality checks. This strategy not only enhances affordability but also strengthens India’s clean energy ecosystem.

Customer-Centric Approach: Transparency, Quality & Service

Zero Bills Energy stands out by offering:

Up to 80% savings on customer electricity bills.

Hassle-free post-sales services and lifetime product support.

Material replacement guarantees in case of issues.

Buy-back of used systems as scrap for recycling, ensuring sustainability.

100% transparency in pricing and execution.

Even in rare cases of customer defaults, risks remain low since 90% of costs are material-based, which can be redeployed to other projects.

Leadership Driving the Mission

At the helm of Zero Bills Energy is Mr. Chandra Bhan Yadav, Co-Founder & CEO, who brings over 15 years of experience across global and Indian energy giants like JSPL, Suzlon, L&T, Vikram Solar, SunSource, Golyan Group (Nepal), and Distributed Energy (Singapore & Dubai).

Supporting him is Ms. Sangeeta Yadav, Co-Founder & Chief of Staff, with 10+ years of expertise in people management and NGOs. Together, they lead a 13-member strong team, including experts in software, social media, engineering, project management, procurement, accounts, and legal compliance.

Towards a Greener, Smarter India

Zero Bills Energy is among the very few Indian companies offering complete end-to-end energy solutions under one umbrella. By delivering clean, affordable, and uninterrupted power supply, the company is not only reducing electricity costs but also empowering communities and protecting the environment.

With a clear commitment to “Save Your Cash for a Better Future,” Zero Bills Energy is set to light up millions of lives—literally—while leading India’s journey towards energy independence.

Direction Vastu by Dhiren Shah: Guiding Spaces, Transforming Lives.

In a world where rapid urbanization and modern architecture often overshadow traditional practices, Direction Vastu has emerged as a trusted guide for those seeking harmony, prosperity, and peace in their living and working spaces. Founded by veteran Vastu consultant Dhiren Shah, the company brings together the time-tested principles of Vastu Shastra with contemporary design, creating environments that radiate positivity and balance. With its philosophy rooted in aligning spaces with natural energies, Direction Vastu has become a leading name in holistic spatial transformation.

With over 32 years of experience, Mr. Shah has consulted for thousands of clients across India and abroad. His expertise spans residential, commercial, and industrial projects, where he has successfully helped people overcome architectural challenges through energy alignment. His reach extends beyond one-on-one consultations, as he has also appeared in more than 3,000 live television episodes, where he shared insights, remedies, and guidance with a mass audience. His approach focuses not only on correcting structural issues but also on fostering emotional, financial, and spiritual growth.

At the heart of Direction Vastu lies a simple but profound belief that when spaces are aligned with nature’s laws, life flows effortlessly. Unlike generic or one-size-fits-all methods, the company takes a personalized approach. Every consultation involves a detailed study of directional energies, environmental surroundings, and the unique lifestyle of occupants. Based on this, Mr. Shah suggests practical, non-invasive remedies that bring measurable improvements in well-being, relationships, and productivity.

Services provided by Direction Vastu stretch a long way. These comprise residential and commercial consulting, industrial and factory planning, pre-planning, and some other projects, which include hospitals, hotels, and business houses. Among the most praised activities of the company is the usage of non-destructive solutions. Direction Vastu suggests achieving this at a fraction of the cost of wrecking a demolition with effective modifications like the positioning of mirrors, the use of certain colors, rearrangement of furniture, as well as the addition of things like plants, pyramids, or crystals to divert the energy into the right channels.

Direction Vastu has, over the years, established a name of trust in India. Its customers include homeowners and business people, builders, and spiritual practitioners. The grateful testimonies in health, peace of mind, financial stability, and professional success following consultations are common. Its working method of transparency and its delivery in proven outcomes further earned the company several awards and honors, in respect to its contributions to the architectural field, as well as well-being and preservation of Indian heritage in general.

With modern architecture developing and cities getting bigger with each passing day, Mr. Shah feels that there is no better time than now to plan with an eye towards being energy conscious. Direction Vastu has taken the responsibility to make Vastu Shastra applicable and practical to the modern era. It is the corporation of the ever-changing lifestyle making Vastu applicable to it, providing solutions that fit into the ever-changing lifestyle. The vision of the company is where every home, office, and industrial establishment would be custom-made with traditional yet innovative handling.

Direction Vastu is intensively present online, on social sites like Facebook, Instagram, YouTube The team promotes educational information, case studies, live sessions, and practical pieces of advice through these channels that allow thousands of followers to make changes in their environment by introducing change on a small scale. These initiatives have turned the brand not only into a consultancy firm but also a resource centre for anyone interested in Vastu-based living.

Direction Vastu is an ideal solution for anyone interested in creating a new house, developing their businesses, or seeking to gain inner peace in their everyday lives. The company has its own special touch in blending ancient wisdom, the practicality of modern times, and its mission in uplifting lives is something that has made it a truly special way to make it happen.

For More Details Please connect with us!

Address: 507, Wall Street-1, Opp. The Orient club, Gujarat College Road, Ashram Road, Ahmedabad,

India 380006 Gujarat

Contact: 9227236188, 90996 12179

E-Mail:

Website: www.directionvastu.com

कौन हैं सर्जियो गोर? अमेरिका ने भारत में नियुक्त किया नए राजदूत, जानें क्या है संकेत

#sergiogornewamericaambassadortoindia

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के लिए अगले अमेरिकी राजदूत के नाम की घोषणा की है। उन्होंने अपने बेहद करीबी सहयोगी और विश्वासपात्र सर्जियो गोर को भारत का अगला राजदूत और दक्षिण एवं मध्य एशियाई मामलों के लिए विशेष दूत नियुक्त किया है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर इसकी घोषणा की।

ट्रंप ने शुक्रवार को एक सोशल मीडिया में गोर को करीबी दोस्त बताया और कहा कि गोर कई वर्षों से मेरे साथ हैं। पोस्ट में ट्रंप ने लिखा कि 'मुझे ये बताते हुए खुशी हो रही है कि मैं सर्जियो गोर को भारत में अमेरिका का अगला राजदूत नियुक्त कर रहा हूं।' ट्रंप ने कहा कि सर्जियो गोर दक्षिण और मध्य एशिया मामलों के भी विशेष प्रतिनिधि होंगे। ट्रंप ने भले ही सर्जियो गोर के नाम का एलान कर दिया है, लेकिन अभी गोर को सीनेट की मंजूरी भी लेनी होगी और जब तक उन्हें मंजूरी नहीं मिल जाती, तब तक गोर अपने मौजूदा पद पर बने रहेंगे।

ट्रंप ने कहा- शानदार राजदूत साबित होंगे

सोशल मीडिया पोस्ट में ट्रंप ने लिखा कि 'दुनिया में सबसे ज्यादा आबादी वाले हिस्से में, मैं चाहता हूं कि कोई ऐसा हो, जिस पर मैं पूरी तरह से विश्वास कर सकूं और अपने एजेंडा को आगे बढ़ा सकूं ताकि अमेरिका को फिर से महान बनाया जा सके। सर्जियो एक शानदार राजदूत साबित होंगे। उन्हें बधाई।'

एरिक गार्सेटी की जगह लेंगे गोर

एरिक गार्सेटी के हटने के सात महीने बाद अमेरिका ने भारत में अपना स्थायी राजदूत नियुक्त किया है। सर्जियो भारत में 26वें अमेरिकी राजदूत होंगे। गार्सेटी ने मई 2023 से लेकर जनवरी 2025 तक भारत में अमेरिकी राजदूत के रूप में जिम्मेदारी निभाई।

एलन मस्क ने बताया था सांप

एक समय ट्रंप के करीबी रहे दिग्गज उद्योगपति एलन मस्क ने सर्जियो गोर को सांप कहा था। दरअसल मस्क के सरकारी दक्षता विभाग के प्रमुख रहते हुए एलन मस्क और सर्जियो गोर में तनातनी की खबरें सामने आईं थी। जून 2025 में एलन मस्क ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में सर्जियो गोर को सांप कहकर उनकी आलोचना की थी। मस्क का यह पोस्ट उन मीडिया रिपोर्ट्स के बाद सामने आया था, जिनमें दावा किया गया था कि सर्जियो गोर ने व्हाइट हाउस में तैनाती के बावजूद अभी तक अपना सिक्योरिटी क्लीयरेंस पूरा नहीं किया है। हालांकि व्हाइट हाउस ने बताया कि गोर सिक्योरिटी क्लीयरेंस पूरा कर चुके हैं।

भारत-अमेरिका के रिश्तों में होगा बदलाव?

यह नियुक्ति केवल कूटनीतिक बदलाव भर नहीं मानी जा रही, बल्कि संकेत दे रही है कि आने वाले समय में भारत-अमेरिका रिश्तों का चरित्र और स्वरूप बदलने वाला है। सर्जियो गोर की छवि ‘अमेरिका फर्स्ट’ एजेंडा के कट्टर समर्थक और डोनाल्‍ड ट्रंप के भरोसेमंद सहयोगी के रूप में रही है, जिससे यह स्पष्ट है कि अमेरिका अब भारत के साथ अपने रिश्तों को ज्यादा लेन-देन आधारित नजरिए से देखेगा।

एमएसएमई लीन कार्यशाला में 28 उद्यमियों ने कराया पंजीकरण


संजय द्विवेदी,प्रयागराज एमएसएमई-विकास कार्यालय नैनी प्रयागराज परिसर में एमएसएमई लीन कार्यशाला सम्पन्न हुई । एमएसएमई लीन योजना लघु सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसके अंतर्गत उत्पादन क्षेत्र के उद्यमियों की उद्यमी जागरूकता कार्यशाला के उपरान्त उद्यमों का क्लस्टर बनाने का कार्य सम्पूर्ण भारतवर्ष में क्रियान्वयन एजेंसी Quality Council of India की अनुमोदित संस्था त्रिवेणी सोशल फाउंडेशन द्वारा किया जा रहा है।

एमएसएमई लीन योजना में इच्छुक उद्यमियों के लिए एमएसएमई मंत्रालय द्वारा उत्पादकता बढ़ाने व निर्माण लागत घटाने के लिए सलाहकार नियुक्त किए जा रहे है।कार्यक्रम में 55 उद्यमियों ने प्रतिभाग किया जिसमें 28 उद्यमियों ने एमएसएमई लीन योजना में पंजीकरण कराया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एलबी यादव(संयुक्त निदेशक एमएसएमई-विकास नैनी)रहे। एमएसएमई लीन के प्रमुख वक्ता शिव शंकर सिंह सी एस अरोरा रहे।

कार्यक्रम का संचालन त्रिवेणी सोशल फाउंडेशन के चेयरमैन अमित सिंह ने किया।मौके पर एमएसएमई-विकास कार्यालय से संजय मौर्य व एनएसआईसी से संजीव कुमार गौरव चतुर्वेदी मौजूद रहे।

जापान में पीएम मोदी का ग्रैंड वेलकम, मंत्रोच्चार-नृत्य के साथ भव्य स्वागत, प्रवासी भारतीयों से की मुलाकात

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जापान की यात्रा पर हैं। टोक्यो एयरपोर्ट पर पहुंचते ही उनका भव्‍य स्‍वागत किया गया है। पीएम मोदी को गायत्री मंत्र सुनाकर और शानदार पारंपरिक नृत्य की परफॉर्मेंस देकर सम्मानित किया गया। उन्होंने इसके बाद भारतीय प्रवासी समुदाय से भी मुलाकात की। बता दें कि प्रधानमंत्री अपने दो दिवसीय जापान की यात्रा पर पहुंचे हैं। यहां पर वह 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।

प्रधानमंत्री ने टोक्यो पहुंचकर भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात की। उन्होंने जापान में रहने वाले भारतीयों के साथ काफी गर्मजोशी के साथ बातचीत की और अपने अंदाज में बच्चों से भी प्यार से हाल-चाल लेते दिखे। इसके बाद उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर कुछ तस्वीरें साझा कीं।

पीएम मोदी ने जापानी भाषा में किया ट्वीट

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर टोक्यो में भारतीय समुदाय से मिलते हुए कुछ तस्वीरें पोस्ट की हैं। इस पोस्ट में प्रधानमंत्री ने जापानी भाषा में भारतीय समुदाय को भव्य स्वागत के लिए धन्यवाद भी दिया।

भारत-जापान रिश्ते पर कही ये बात

पीएम मोदी ने एक अन्य ट्वीट में लिखा कि मैं टोक्यो पहुंच गया हूं। भारत और जापान अपने विकासात्मक सहयोग को निरंतर मजबूत कर रहे हैं। मैं इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री इशिबा और अन्य लोगों से मिलने के लिए उत्सुक हूं, जिससे मौजूदा साझेदारियों को और मजबूत करने और सहयोग के नए रास्ते तलाशने का अवसर मिलेगा।

जापान के बाद जाएंगे चीन के दौरे पर

प्रधानमंत्री ने आगे बताया कि जापान यात्रा के बाद वे चीन जाएंगे। वहां राष्ट्रपति शी जिनपिंग के आमंत्रण पर वे तियानजिन में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि भारत एससीओ का सक्रिय और रचनात्मक सदस्य है। अपनी अध्यक्षता के दौरान भारत ने स्वास्थ्य, नवाचार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर नई पहलें कीं।

IATITW Pvt. Ltd. launches affordable platform for professionals, companies and employees

Assam, India –Date – A new technology company, IATITW Pvt. Ltd., has launched a unique service platform designed to connect professionals, companies, and employees in one place. The company promises to make service discovery, hiring, and employment verification easier than ever before, all at a very affordable cost. By creating a profile, entering details, and paying a nominal fee of just ₹99 or ₹149, users can access a wide range of opportunities and services.

The idea behind IATITW is simple but powerful. Many professionals and employees struggle to find work that matches their skills, while companies often find it difficult to locate reliable workers. At the same time, customers searching for services such as electricians, teachers, designers, or freelancers often do not know where to turn. With IATITW, you will find a platform that serves all three groups, those offering personal services to clients, employers looking for workers, and those looking for recognition for their work.

The platform provides professionals with the opportunity to create a profile and be discovered by potential customers. You can create a profile and be visible to people searching for a driver, doctor, YouTuber, developer, or home repair specialist. This not only provides new work opportunities but also builds trust, since users know they are contacting a verified professional.

For companies, the platform acts as a recruitment and employee management tool. Businesses can use IATITW to find employees for any department and hire them under flexible contracts of six months, one year, or longer. The process is fast, cost-effective, and transparent, making it particularly useful for small and medium-sized enterprises that need dependable staff but cannot afford expensive hiring platforms.

For employees, IATITW offers a way to showcase skills and experience while also receiving verified certificates. Every time an employee works with a company, a certificate is added to their profile. This ensures that when they move to a new job, they carry proof of their experience, creating greater trust with future employers. The more companies they work with, the more certificates they earn, strengthening their profile over time.

The platform is designed to work both online and offline. Users can search for services through the app or website, but if they are unable to find what they need, they can contact the company’s customer service center for assistance. This hybrid approach ensures that no request goes unanswered and that services are accessible even in areas where online platforms are less commonly used.

Affordability is one of the biggest advantages of IATITW. Through its low pricing, the company makes the service affordable for a wide range of users - from individuals in small towns to large companies in major cities. There are no hidden costs or commissions, which makes the platform stand out from traditional service marketplaces and job boards.

Speaking about the launch, the company’s founder said that the goal of IATITW is to create a trusted and transparent system where professionals, employees, and companies can connect without barriers. The founder explained that the low fee ensures inclusivity, while the verification process builds confidence among users. The company believes that every skilled person deserves visibility, every company deserves reliable staff, and every worker deserves recognition for their contribution.

Looking ahead, IATITW plans to introduce advanced features such as artificial intelligence-based matching and real-time location services to make connections even faster and more accurate. The company also intends to expand its offline support network to ensure that customer queries are answered quickly and services are delivered without delay.

With its official launch, IATITW has entered the market as an affordable, reliable, and transparent solution for professionals, companies, and employees. By simplifying the way people connect and by offering certified verification, the company is positioning itself as a major player in the service and employment sector.

For more information, download https://play.google.com/store/apps/details?id=com.greynext.iatitw

or contact the customer care team at +91 7859909729.

रूस-यूक्रेन वॉर से भारत का कनेक्शन जोड़ने की कोशिश, ट्रंप के सलाहकार पीटर नवारो का बेतुका बयान

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भारत और अमेरिका के बीच इन दिनों रिश्ते ठीक नहीं चल रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप लगातार भारत और पीएम मोदी को लेकर तरह-तरह की बयानबाजी कर रहे हैं। भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने के बाद भी अमेरिका की खीज कम होने का नाम नहीं ले रही है। अब अमेरिकी टैरिफ को लेकर व्हाइट हाउस के सलाहकार पीटर नवारो का बयान सामने आया है। ट्रंप के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने एक बार फिर बेतुका बयान दिया है। अमेरिका ने यूक्रेन युद्ध को भारत से जोड़ दिया है। ट्रंप के सलाहकार पीटर नवारो ने कहा है कि यूक्रेन में शांति का रास्ता दिल्ली से होकर गुजरता है।

“रूसी तेल खरीदने से मॉस्को की आक्रामकता बढ़ी”

नवारो ने दावा किया कि भारत के रियायती दरों पर रूसी तेल खरीदने से मॉस्को की यूक्रेन में आक्रामकता बढ़ी है और इससे अमेरिकी करदाताओं का बोझ बढ़ा है। उन्होंने कहा कि अगर भारत रूसी तेल खरीदना बंद कर दे तो उसे अमेरिकी टैरिफ में 25% की छूट मिल सकती है। नवारो की टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भारत पर लगाया गया 25% टैरिफ 27 अगस्त बुधवार (स्थानीय समयानुसार) प्रभावी हो गया है।

यूक्रेन संघर्ष पर बताया भारत का प्रभाव

ब्लूमबर्ग टीवी के साथ एक इंटरव्यू में वॉइट हाउस के ट्रेड सलाहकार पीटर नवारो यूक्रेन संघर्ष पर भारत का प्रभाव बताया और कहा कि शांति का रास्ता कुछ हद तक नई दिल्ली से होकर गुजरता है। इंटरव्यू में पीटर नवार्रो ने कहा, भारत जो कर रहा है उससे हर अमेरिकी को नुकसान हो रहा है। उपभोक्ता, व्यवसायी, श्रमिक सबको नुकसान हो रहा है।भारत के कारण नौकरियों, कारखानों, आय और मजदूरी का नुकसान हो रहा है। करदाताओं पर बोझ बढ़ा है, क्योंकि हमें मोदी के युद्ध के लिए फंड करना पड़ रहा है।

भारतीयों को बताया अहंकारी

ट्रंप के सलाहकार ने यह भी कहा, मैं हैरान हूं, क्योंकि मोदी एक महान नेता हैं। यह एक परिपक्व लोकतंत्र है और इसे परिपक्व लोग चला रहे हैं। नवारो ने टैरिफ पर भारत के रुख पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा, मुझे जो बात परेशान करती है, वह यह है कि भारतीय इस बारे में बहुत अहंकारी हैं। वे कहते हैं, अरे, हमारे पास ज़्यादा टैरिफ नहीं हैं। अरे, यह हमारी संप्रभुता है। हम जिसे चाहें तेल खरीद सकते हैं।

पहले भी भारत पर साध चुके हैं निशाना

यह पहली बार नहीं है जब पीटर नवार्रो ने भारत पर निशाना साधा है। उन्होंने पहले भारत को महाराजा ऑफ टैरिफ्स कहा था और

दावा किया था कि 2022 में यूक्रेन आक्रमण से पहले भारत का रूस से तेल व्यापार लगभग शून्य था। अब भारत रूस से 35-40 फीसदी तेल आयात करता है जो प्रतिदिन 1.5-2 मिलियन बैरल है।

जम्मू-कश्मीर बॉर्डर पर घुसपैठ की कोशिश नाकाम, सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को किया ढेर

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जम्मू और कश्मीर में सेना के एंटी-टेरर अभियान जारी है। इसी क्रम में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। जम्मू और कश्मीर के बांदीपोरा जिले के गुरेज सेक्टर में नौशेरा नार्द के पास एलओसी पर सेना ने घुसपैठ की कोशिश कर रहे दो आतंकियों को सुरक्षाबलों ने मार गिराया है।

न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा संभावित घुसपैठ की कोशिश के बारे में दी गई खुफिया जानकारी के आधार पर भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गुरेज सेक्टर में एक संयुक्त अभियान शुरू किया। सतर्क सैनिकों ने संदिग्ध गतिविधि देखी और उन्हें चुनौती दी, जिसके परिणामस्वरूप आतंकवादियों ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। सैनिकों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए दो आतंकवादियों को मार गिराया।

इससे पहले, जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर के तुरिना इलाके में रविवार को सुरक्षाबलों और संदिग्ध आतंकियों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके में बड़ा तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। जानकारी के अनुसार, सुरक्षाबलों को इलाके में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी। इसी दौरान थोड़ी देर के लिए दोनों ओर से फायरिंग हुई, जिसके बाद आतंकी घने जंगल की ओर भाग निकले थे। फायरिंग के बाद सेना, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र को घेरकर तलाशी अभियान शुरू किया था। इसमें ड्रोन और स्निफर डॉग्स की मदद से जंगल और आसपास के इलाकों में तलाशी भी ली गई थी।

ट्रंप ने फिर अपना पुराना राग, बोले- 24 घंटे का दिया था अल्टीमेटम, मोदी ने 5 घंटे में ही कर डाला

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भारत-पाकिस्तान तनाव को खत्म करने में अपनी भूमिका को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपना पुराना राग अलापा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया है कि उन्होंने टैरिफ़ लगाने और ट्रेड डील रद्द करने की धमकी देकर भारत-पाकिस्तान युद्ध रुकवा दिया था। ट्रंप ने दावा किया कि उनके दखल ने पाकिस्तान को पीछे हटने पर मजबूर किया। ट्रंप ने दावा किया कि इस बातचीत के पांच घंटे के भीतर दोनों पक्ष पीछे हट गए।

ट्रंप के मुताबिक, उन्होंने दोनों देशों को धमकी दी थी कि अगर लड़ाई नहीं रुकी तो अमेरिका व्यापार समझौता नहीं करेगा और पाकिस्तान पर ऊंचे टैरिफ लगाएगा। ट्रंप ने यह दावा व्हाइट हाउस में हुई अपनी कैबिनेट बैठक के दौरान किया। उन्होंने कहा कि, ‘मैंने पीएम मोदी से कहा कि अगर पाकिस्तान के साथ जंग नहीं रुकी तो कोई व्यापार समझौता नहीं होगा। फिर मैंने पाकिस्तान से कहा कि अगर लड़ाई बंद नहीं हुई तो इतने ऊंचे टैरिफ लगाऊंगा कि उनका सिर घूम जाएगा। इसके बाद पांच घंटे में ही सब खत्म हो गया।

भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लागू होने के ठीक पहले ट्रंप का बयान

कैबिनेट की एक बैठक में बोलते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने याद दिलाया कि कैसे उन्होंने यूक्रेन-रूस संघर्ष की शुरुआत में विश्वयुद्ध को टाल दिया था। उन्होंने कहा कि वे युद्ध के लिए तैयार थे और फिर मई में भारत-पाकिस्तान के चरम पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई बातचीत के बारे में बताया। यह टिप्पणी ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए 50 फीसदी टैरिफ के लागू होने से कुछ ही घंटे पहले आई है।

सात लडाकू विमान गिराए जाने का दावा भी दोहराया

इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी दोहराया कि दोनों देशों के साथ संघर्ष के दौरान कम से कम सात लड़ाकू विमान गिराए गए। उन्होंने कहा कि मैंने देखा कि वे लड़ रहे हैं, फिर मुझे पता चला कि संघर्ष में सात विमानों को मार गिराया गया। यह अच्छा नहीं है। यह बहुत सारे जेट हैं। 150 मिलियन अमरीकी डॉलर के विमान मार गिराए गए। ट्रंप ने दावा किया कि दोनों देशों ने वास्तविक संख्या की रिपोर्ट भी नहीं की। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह स्पष्ट नहीं किया कि ये विमान दोनों देशों में से किसी एक के गिरे थे या वह दोनों पक्षों के संयुक्त नुकसान की बात कर रहे थे।

आज से शुरू हो गई ट्रंप के 50% टैरिफ की वसूली, जानें किस सेक्टर पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर?

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अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप की ओर से भारत पर लगाए गए 25 फीसदी अतिरिक्‍त टैरिफ भी आज यानी बुधवार सुबह से लागू हो गया। अमेरिका ने पहले ही भारत पर 25 फीसदी टैरिफ लगाया था, जो 7 अगस्‍त से प्रभावी हो चुका है. इस तरह आज 27 अगस्‍त से भारत पर कुल 50 फीसदी टैरिफ लागू हो जाएगा। ट्रंप ने भारत पर यह 25 फीसदी का अतिरिक्‍त टैरिफ रूस से तेल खरीदने की वजह से लगाया है। ट्रंप और उनके प्रशासन की ओर से बार-बार धमकी दिए जाने के बावजूद भारत ने रूस से तेल की खरीद बंद नहीं की और यही वजह है कि 27 अगस्‍त से अमेरिका ने 50 फीसदी टैरिफ लागू कर दिया है।

ट्रंप के 50 फीसदी टैरिफ लागू होने के बाद भारत के कई उत्पादों का अमेरिका को होने वाला निर्यात महंगा हो जाएगा। ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर ट्रंप के 50 फीसदी आयात शुल्क का भारत पर क्या असर पड़ेगा? देश के कौन से क्षेत्र इस फैसले से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले हैं? इस फैसले से भारत से अमेरिका निर्यात किए जाने वाले अधिकतर उत्पादों का वहां महंगा होना तय है। माना जा रहा है कि इससे भारतीय निर्यातकों को झटका लग सकता है, क्योंकि अमेरिका भारतीय उत्पादों का बड़ा खरीदार है। टैरिफ बढ़ने से अमेरिकी नागरिक भारतीय उत्पादों की जगह दूसरे देशों से कम टैरिफ दर पर आने वाले सामान को तरजीह दे सकते हैं।

कपड़ा उद्योग पर सबसे ज्‍यादा मार पड़ेगी

ट्रंप के इस टैरिफ की मार से भारत को करीब 48.2 अरब डॉलर का एक्सपोर्ट प्रभावित होगा। सबसे ज्यादा असर उन उद्योगों पर पड़ेगा जिनमें ज्यादा लोगों को काम मिलता है। इनमें कपड़ा, झींगा, चमड़ा, हीरे-जवाहरात, कारपेट और फर्नीचर शामिल हैं। इन चीजों का निर्यात सबसे ज्यादा प्रभावित होने की आशंका है। माना जा रहा है कि इस टैरिफ से कपड़ा उद्योग पर सबसे ज्‍यादा मार पड़ेगी। भारत से हर साल अमेरिका को 10 अरब डॉलर (करीब 86 हजार करोड़ रुपये) के कपड़े का निर्यात होता है। भारतीय कपड़ा उद्योग के लिए सबसे बड़े बाजार अमेरिका को निर्यात में अब उसे बांग्लादेश, वियतनाम जैसे देशों का मुकाबला करना होगा। दूसरी तरफ दवा, इलेक्ट्रॉनिक्स और पेट्रोलियम उत्पादों पर इस टैरिफ का कोई असर नहीं होगा।

भारत से होने वाला दो-तिहाई निर्यात होगा प्रभावित

जानकारों का कहना है कि ट्रंप के टैरिफ से अमेरिका को होने वाले मर्केंडाइज एक्सपोर्ट की वैल्यू पिछले साल की तुलना में 40 से 45% कम हो सकती है। अमेरिका भारत का सबसे बड़ा एक्सपोर्ट मार्केट है। पिछले साल भारत ने अमेरिका को 87 अरब डॉलर का एक्सपोर्ट किया था जो इस साल गिरकर $49.6 अरब रह सकता है। इसकी वजह यह है कि भारत से होने वाला दो-तिहाई निर्यात नए टैरिफ से प्रभावित होगा। कुछ मामलों में तो प्रभावी टैरिफ 60% तक होगा।

Zero Bills Energy: Powering India Towards a Future of Zero Electricity Bills

Noida, Uttar Pradesh – March 2025 – With a bold vision to revolutionize the way Indians consume energy, Zero Bills Energy Pvt. Ltd., headquartered at A-116 URBTECH Trade Centre, Noida, has officially launched operations with a powerful mission: “Zero Bills – Save Your Cash For Better Future.”

The company, incorporated on 29th November 2024 and operational since mid-March 2025, is set to provide end-to-end clean energy solutions for homes, schools, factories, hospitals, malls, commercial spaces, and industries. Its offerings include residential wind turbines, solar power plants, hybrid and on-grid inverters, and advanced battery energy storage systems—all designed to help customers minimize, and in many cases eliminate, their electricity bills.

Transforming Energy Access for Middle & Lower Class Residents

What sets Zero Bills Energy apart is its focus on making renewable energy affordable and accessible for the middle and lower-income groups. Through flexible payment options such as pay-as-you-generate, EMI schemes, community and private funding, and partnerships with banks and NBFCs, the company ensures that going solar is no longer a luxury but a viable solution for every household.

Warehouses, Manufacturing & Local Partnerships

To ensure smooth execution and affordability, the company is establishing warehouses across Tier-1 and Tier-2 cities stocked with panels, inverters, battery systems, residential wind turbines, and other essentials. Zero Bills Energy is also partnering with local vendors to streamline government approvals such as CEIG certification and net-metering.

The long-term vision is to manufacture its own equipment, bringing costs further down while maintaining strict quality checks. This strategy not only enhances affordability but also strengthens India’s clean energy ecosystem.

Customer-Centric Approach: Transparency, Quality & Service

Zero Bills Energy stands out by offering:

Up to 80% savings on customer electricity bills.

Hassle-free post-sales services and lifetime product support.

Material replacement guarantees in case of issues.

Buy-back of used systems as scrap for recycling, ensuring sustainability.

100% transparency in pricing and execution.

Even in rare cases of customer defaults, risks remain low since 90% of costs are material-based, which can be redeployed to other projects.

Leadership Driving the Mission

At the helm of Zero Bills Energy is Mr. Chandra Bhan Yadav, Co-Founder & CEO, who brings over 15 years of experience across global and Indian energy giants like JSPL, Suzlon, L&T, Vikram Solar, SunSource, Golyan Group (Nepal), and Distributed Energy (Singapore & Dubai).

Supporting him is Ms. Sangeeta Yadav, Co-Founder & Chief of Staff, with 10+ years of expertise in people management and NGOs. Together, they lead a 13-member strong team, including experts in software, social media, engineering, project management, procurement, accounts, and legal compliance.

Towards a Greener, Smarter India

Zero Bills Energy is among the very few Indian companies offering complete end-to-end energy solutions under one umbrella. By delivering clean, affordable, and uninterrupted power supply, the company is not only reducing electricity costs but also empowering communities and protecting the environment.

With a clear commitment to “Save Your Cash for a Better Future,” Zero Bills Energy is set to light up millions of lives—literally—while leading India’s journey towards energy independence.

Direction Vastu by Dhiren Shah: Guiding Spaces, Transforming Lives.

In a world where rapid urbanization and modern architecture often overshadow traditional practices, Direction Vastu has emerged as a trusted guide for those seeking harmony, prosperity, and peace in their living and working spaces. Founded by veteran Vastu consultant Dhiren Shah, the company brings together the time-tested principles of Vastu Shastra with contemporary design, creating environments that radiate positivity and balance. With its philosophy rooted in aligning spaces with natural energies, Direction Vastu has become a leading name in holistic spatial transformation.

With over 32 years of experience, Mr. Shah has consulted for thousands of clients across India and abroad. His expertise spans residential, commercial, and industrial projects, where he has successfully helped people overcome architectural challenges through energy alignment. His reach extends beyond one-on-one consultations, as he has also appeared in more than 3,000 live television episodes, where he shared insights, remedies, and guidance with a mass audience. His approach focuses not only on correcting structural issues but also on fostering emotional, financial, and spiritual growth.

At the heart of Direction Vastu lies a simple but profound belief that when spaces are aligned with nature’s laws, life flows effortlessly. Unlike generic or one-size-fits-all methods, the company takes a personalized approach. Every consultation involves a detailed study of directional energies, environmental surroundings, and the unique lifestyle of occupants. Based on this, Mr. Shah suggests practical, non-invasive remedies that bring measurable improvements in well-being, relationships, and productivity.

Services provided by Direction Vastu stretch a long way. These comprise residential and commercial consulting, industrial and factory planning, pre-planning, and some other projects, which include hospitals, hotels, and business houses. Among the most praised activities of the company is the usage of non-destructive solutions. Direction Vastu suggests achieving this at a fraction of the cost of wrecking a demolition with effective modifications like the positioning of mirrors, the use of certain colors, rearrangement of furniture, as well as the addition of things like plants, pyramids, or crystals to divert the energy into the right channels.

Direction Vastu has, over the years, established a name of trust in India. Its customers include homeowners and business people, builders, and spiritual practitioners. The grateful testimonies in health, peace of mind, financial stability, and professional success following consultations are common. Its working method of transparency and its delivery in proven outcomes further earned the company several awards and honors, in respect to its contributions to the architectural field, as well as well-being and preservation of Indian heritage in general.

With modern architecture developing and cities getting bigger with each passing day, Mr. Shah feels that there is no better time than now to plan with an eye towards being energy conscious. Direction Vastu has taken the responsibility to make Vastu Shastra applicable and practical to the modern era. It is the corporation of the ever-changing lifestyle making Vastu applicable to it, providing solutions that fit into the ever-changing lifestyle. The vision of the company is where every home, office, and industrial establishment would be custom-made with traditional yet innovative handling.

Direction Vastu is intensively present online, on social sites like Facebook, Instagram, YouTube The team promotes educational information, case studies, live sessions, and practical pieces of advice through these channels that allow thousands of followers to make changes in their environment by introducing change on a small scale. These initiatives have turned the brand not only into a consultancy firm but also a resource centre for anyone interested in Vastu-based living.

Direction Vastu is an ideal solution for anyone interested in creating a new house, developing their businesses, or seeking to gain inner peace in their everyday lives. The company has its own special touch in blending ancient wisdom, the practicality of modern times, and its mission in uplifting lives is something that has made it a truly special way to make it happen.

For More Details Please connect with us!

Address: 507, Wall Street-1, Opp. The Orient club, Gujarat College Road, Ashram Road, Ahmedabad,

India 380006 Gujarat

Contact: 9227236188, 90996 12179

E-Mail:

Website: www.directionvastu.com

कौन हैं सर्जियो गोर? अमेरिका ने भारत में नियुक्त किया नए राजदूत, जानें क्या है संकेत

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राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के लिए अगले अमेरिकी राजदूत के नाम की घोषणा की है। उन्होंने अपने बेहद करीबी सहयोगी और विश्वासपात्र सर्जियो गोर को भारत का अगला राजदूत और दक्षिण एवं मध्य एशियाई मामलों के लिए विशेष दूत नियुक्त किया है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर इसकी घोषणा की।

ट्रंप ने शुक्रवार को एक सोशल मीडिया में गोर को करीबी दोस्त बताया और कहा कि गोर कई वर्षों से मेरे साथ हैं। पोस्ट में ट्रंप ने लिखा कि 'मुझे ये बताते हुए खुशी हो रही है कि मैं सर्जियो गोर को भारत में अमेरिका का अगला राजदूत नियुक्त कर रहा हूं।' ट्रंप ने कहा कि सर्जियो गोर दक्षिण और मध्य एशिया मामलों के भी विशेष प्रतिनिधि होंगे। ट्रंप ने भले ही सर्जियो गोर के नाम का एलान कर दिया है, लेकिन अभी गोर को सीनेट की मंजूरी भी लेनी होगी और जब तक उन्हें मंजूरी नहीं मिल जाती, तब तक गोर अपने मौजूदा पद पर बने रहेंगे।

ट्रंप ने कहा- शानदार राजदूत साबित होंगे

सोशल मीडिया पोस्ट में ट्रंप ने लिखा कि 'दुनिया में सबसे ज्यादा आबादी वाले हिस्से में, मैं चाहता हूं कि कोई ऐसा हो, जिस पर मैं पूरी तरह से विश्वास कर सकूं और अपने एजेंडा को आगे बढ़ा सकूं ताकि अमेरिका को फिर से महान बनाया जा सके। सर्जियो एक शानदार राजदूत साबित होंगे। उन्हें बधाई।'

एरिक गार्सेटी की जगह लेंगे गोर

एरिक गार्सेटी के हटने के सात महीने बाद अमेरिका ने भारत में अपना स्थायी राजदूत नियुक्त किया है। सर्जियो भारत में 26वें अमेरिकी राजदूत होंगे। गार्सेटी ने मई 2023 से लेकर जनवरी 2025 तक भारत में अमेरिकी राजदूत के रूप में जिम्मेदारी निभाई।

एलन मस्क ने बताया था सांप

एक समय ट्रंप के करीबी रहे दिग्गज उद्योगपति एलन मस्क ने सर्जियो गोर को सांप कहा था। दरअसल मस्क के सरकारी दक्षता विभाग के प्रमुख रहते हुए एलन मस्क और सर्जियो गोर में तनातनी की खबरें सामने आईं थी। जून 2025 में एलन मस्क ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में सर्जियो गोर को सांप कहकर उनकी आलोचना की थी। मस्क का यह पोस्ट उन मीडिया रिपोर्ट्स के बाद सामने आया था, जिनमें दावा किया गया था कि सर्जियो गोर ने व्हाइट हाउस में तैनाती के बावजूद अभी तक अपना सिक्योरिटी क्लीयरेंस पूरा नहीं किया है। हालांकि व्हाइट हाउस ने बताया कि गोर सिक्योरिटी क्लीयरेंस पूरा कर चुके हैं।

भारत-अमेरिका के रिश्तों में होगा बदलाव?

यह नियुक्ति केवल कूटनीतिक बदलाव भर नहीं मानी जा रही, बल्कि संकेत दे रही है कि आने वाले समय में भारत-अमेरिका रिश्तों का चरित्र और स्वरूप बदलने वाला है। सर्जियो गोर की छवि ‘अमेरिका फर्स्ट’ एजेंडा के कट्टर समर्थक और डोनाल्‍ड ट्रंप के भरोसेमंद सहयोगी के रूप में रही है, जिससे यह स्पष्ट है कि अमेरिका अब भारत के साथ अपने रिश्तों को ज्यादा लेन-देन आधारित नजरिए से देखेगा।