राज्यसभा की 11 सीटों के लिए मतदान जारी, बिहार पर टिकी सबकी नजर

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तीन राज्यों की 11 राज्यसभा सीटों के लिए आज मतदान है। जिनमें बिहार की पांच, ओडिशा की चार और हरियाणा की दो सीटें शामिल हैं। इस चुनाव में देश की राजनीति के हालात पर नजरें टिकी हैं, क्योंकि राज्यसभा में बहुमत के समीकरण सीधे केंद्र की नीतियों और विधायी शक्ति पर असर डालते हैं। इस बार कुल 37 सीटों पर चुनाव हो रहे हैं, लेकिन इनमें से 26 सीटों पर उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके हैं, जिससे राजनीतिक समीकरण पहले ही स्पष्ट हो चुके हैं।

इस बार बिहार की पांच राज्यसभा सीटों के चुनाव में दिलचस्प मुकाबला दिख रहा है। सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन इन सभी 5 सीटों पर जीत का दावा कर रहा है। एनडीए की ओर से प्रमुख उम्मीदवारों में जदयू प्रमुख नीतीश कुमार, बीजेपी नेता नितिन नवीन और आरएलएम के उपेंद्र कुशवाहा शामिल हैं। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर (जेडीयू) और भाजपा के प्रदेश महासचिव शिवेश कुमार भी मैदान में हैं। वहीं राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) अपने उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह के लिए समर्थन जुटाने में जुटा है।

ओडिशा की चार सीटों पर मुकाबला

ओडिशा की चार सीटों पर भाजपा दो सीटें निर्विरोध जीत सकती है और बीजेडी एक सीट। ऐसे में मुकाबला चौथे सीट को लेकर तेज हो गया है। इस बात को ऐसे समझ सकते हैं कि ओडिशा विधानसभा में कुल 147 सदस्य हैं। इनमें भाजपा के 79 विधायक हैं और तीन निर्दलीय विधायकों का समर्थन प्राप्त है। वहीं, 15 जनवरी को अपने दो विधायकों के निलंबन के बाद बीजद के 48 सदस्य बचे हैं। कांग्रेस के पास 14 विधायक हैं और एक सदस्य सीपीआई (एम) का है। चुनाव का समीकरण दिलचस्प हो गया है क्योंकि न तो सत्ताधारी भाजपा और न ही मुख्य विपक्षी बीजद के पास चौथी सीट जीतने के लिए पर्याप्त विधायक संख्या है। ऐसे में क्रॉस-वोटिंग की संभावना को नकारा नहीं जा सकता।

हरियाणा में मुकाबला दिलचस्प

हरियाणा में दो राज्यसभा सीटों के लिए मुकाबला दिलचस्प हो गया है। यहां भाजपा के संजय भाटिया, कांग्रेस के करमवीर सिंह बौध और भाजपा समर्थित निर्दलीय सतीश नांदल चुनाव मैदान में हैं। राज्यसभा पहुंचने के लिए हर उम्मीदवार को 31 वोटों की जरूरत है।

मुझे चुनौती दी जा रही है, मैं दुखी मन से जा रहा हूं... ऐसा कहकर क्यों कार्रवाई छोड़कर चले गए धनखड़?*
#jagdeep_dhankhar_why_left_chair_rajyasabha
संसद का मॉनसून सत्र चल रहा है। आज राज्यसभा में महिला रेसलर विनेश फोगाट का मामला उठी। जैसे ही ये मामला उठा, संसद में हंगामा मच गया। विपक्ष ने कई सवाल उठाए, जिससे सभापति जगदीप धनखड़ काफी नाराज हो गए।जगदीप धनखड़ विपक्ष के व्यवहार से इतने आहत दिखे कि कुर्सी छोड़कर चले गए। आज राज्यसभा में कुछ विपक्षी सांसदों के आचरण से दुखी होकर अपने संबोधन में सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा कि वो कुछ समय के लिए आसन पर बैठने में खुद को सक्षम नहीं पा रहे हैं। ये कहते हुए आसन से उठ कर चले गए। इसके बाद उपसभापति हरिवंश ने सदन की कार्यवाही का संचालन किया। जगदीप धनखड़ ने कहा कि उनके ऊपर विपक्ष चिट्ठी के जरिए, अखबारों के जरिए, आरोपों के जरिए हमले कर रहा है। उन्हें लगता है कि मैं इस पद के काबिल नहीं हूं, इसलिए कुछ समय के लिए मैं इस कुर्सी छोड़कर जा रहा हूं। उन्होंने इसी दौरान सदन में मौजूद कांग्रेस नेता जयराम रमेश को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि मिस्टर रमेश आप हंसिए मत, मैं आपको जानता हूं। दरअसल, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे सदन में विनेश फोगाट के मुद्द को उठाना चाह रहे थे। इसकी अनुमति नहीं मिलने पर विपक्षी नेता नारेबाजी करने लगे।सभापति धनखड़ ने कहा कि पूरा देश विनेश फोगाट के साथ है। उन्होंने कहा कि हर कोई इस घटना पर दुखी है, पीएम और मैंने भी इस पर बयान दिया है, लेकिन इस पर राजनीति होना दुर्भाग्यपूर्ण है। इस बात पर विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया। इस पर ही सभापति नाराज हो गए। आहत सभापति ने ये भी कहा, 'आज यहा जो हुआ, वह ठीक नहीं है। यहां मुझे नहीं, बल्कि सभापति के पद को चुनौती दी जा रही है। विपक्ष के नेता मेरे खिलाफ टिप्पणी कर रहे हैं। ये चुनौती इसलिए दी जा रही है कि जो व्यक्ति इस पद पर बैठा है वो इसके लायक नहीं है। ऐसा ये सोचते हैं। मुझे हाउस का समर्थन जितना चाहिए उतना नहीं मिला है, ऐसा मैं सोचता हूं। इसी दौरान उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने जयराम रमेश पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 'नो डॉन्ट लाफ मिस्टर जयराम, नो'। उन्होंने कहा कि इसको मुद्दा मत बनाइए, मैं आपका हैबिट (आदत जानता हूं)। अब मेरे पास एक ही विकल्प है मैंने सदन में बहुत वरिष्ठ सदस्य हैं, अभी उपस्थित हैं। उन्होंने राजनीति मेरे से बहुत ज्यादा देखी है, मैं मेरी शपथ से दूर नहीं भाग रहा हूं। जो आज मैंने देखा है कि जिस तरीके से व्यवहार सदस्य ने किया है, जिस तरीके से व्यवहार इधर से भी हुआ है, मैं कुछ समय के लिए यहां बैठने में सक्षम नहीं पा रहा हूं, मैं दुखी मन से जा रहा हूं।
जया अमिताभ बच्चन vs उपराष्ट्रपति

मैं जया अमिताभ बच्चन आपसे...', सुनते ही खिलखिलाकर हंस पड़े सभापति, जानिए  पूरा वाकया - jaya bachhan calling herself jaya amitabh bachhan chairman  jagdeep dhankhar laughing rajyasabha ntc ...

जया बच्चन :

सर मैं 'जया अमिताभ बच्चन' आपसे एक बात पूछना चाहती हूं।

आपने आज लंच ब्रेक लिया, नही लिया न!

तभी आप बार-बार जयराम जी का नाम ले रहे हैं, जयराम जी का नाम लिए बिना आपका खाना हजम ही नहीं होता।

उपराष्ट्रपति धनखड़ :

अब आपको एक बात बताऊं, मैंने लंच के समय लंच नहीं लिया लेकिन उसके बाद मैंने लंच जयराम जी के साथ लिया।

कल ही ली सदस्यता, आज मिल गया राज्यसभा का टिकट, बीजेपी का अशोक चौहान को तोहफा

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भारतीय जनता पार्टी ने राज्यसभा के लिए उम्मीदवारों की एक और सूची जारी की है। राज्यसभा के लिए जारी तीसरी सूची में गुजरात से भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा और महाराष्ट्र से अशोक चव्हाण को उम्मीदवार बनाया है। बता दें कि अशोक चव्हान ने कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद कल यानी मंगलवार को ही बीजेपी ज्वान क्या था। 24 घंटे के अंदर ही बीजेपी ने अशोक चव्हान को पार्टी बदलने का इनाम दे दिया है।

भारतीय जनता पार्टी ने जगत प्रकाश नड्डा के अलावा गोविंदभाई ढोलकिया, मयंकभाई नायक और जशवंतसिंह सलामसिंह परमार को राज्यसभा का टिकट दिया है। वहीं पार्टी ने महाराष्ट्र से अशोक चव्हाण के अलावा मेधा कुलकर्णी और अजीत गोपघड़े को उम्मीदवार बनाया है।

इससे पहले सोमवार सुबह को राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा की ओर से दूसरी लिस्ट जारी की गई है।इस लिस्ट में बीजेपी ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपने पांच उम्मीदवारों का ऐलान किया है।जिसमें रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का भी नाम शामिल है। भाजपा ने बुधवार को केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और एल मुरुगन को क्रमशः ओडिशा और मध्य प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है।केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन के अलावा, भाजपा ने मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए तीन और नामों का ऐलान किया है। 

राज्यसभा चुनाव के लिए इससे पहले रविवार (11 फरवरी) को बीजेपी ने पहली लिस्ट जारी की थी। इस लिस्ट में बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल के लिए उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया। उत्तर प्रदेश से सुधांशु त्रिवेदी और आरपीएन सिंह को टिकट दिया गया। पूर्व बीजेपी हरियाणा अध्यक्ष सुभाष बराला को हरियाणा से उम्मीदवार बनाया गया। इस लिस्ट में 14 उम्मीदवारों के नाम शामिल थे।

सोनिया गांधी को राज्यसभा भेजने की तैयारी में कांग्रेस, नहीं लड़ेंगी लोकसभा का चुनाव, जानें किसके हिस्से जा रही रायबरेली सीट

#sonia_gandhi_rajyasabha_election_priyanka_gandhi_raibareli_seat 

सोनिया गांधी के इस बार लोकसभा चुनाव लड़ने की संभावना नहीं है। कांग्रेस सोनिया गांधी को राज्यसभा भेजने की तैयारी में है। सोनिया गांधी फिलहाल रायबरेली से सांसद हैं। ये सीट कांग्रेस पार्टी की परंपरागत सीट मानी जाती है। चंद महीनों में लोकसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि आखिर कांग्रेस की ये सीट किसके हिस्से में जा रही है?

कांग्रेस के प्रमुख नेताओं ने लोकसभा चुनाव के लिए विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' के घटक दलों के साथ सीट बंटवारे और राज्यसभा चुनाव के लिए पार्टी के संभावित उम्मीदवारों के नामों पर सोमवार को चर्चा की। सूत्रों ने कहा कि कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी और पार्टी के कोषाध्यक्ष अजय माकन के नाम संभावित उम्मीदवारों में सबसे प्रमुख हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि सोनिया गांधी को राजस्थान या हिमाचल प्रदेश से उम्मीदवार बनाए जाने की संभावना है। संख्या बल के हिसाब से दोनों प्रदेशों से कांग्रेस को राज्यसभा की एक-एक सीट मिलेगी।अभी ये तय नहीं है कि सोनिया गांधी हिमाचल से राज्यसभा जाएंगी या फिर राजस्थान से। दोनों जगहों के स्थानीय नेता चाहते हैं कि सोनिया गांधी उनके यहां से सदन जाएं मगर इस सिलसिले में आखिरी फैसला राहुल गांधी से चर्चा, सलाह के बाद लिया जाएगा।

बता दें कि सोनिया गांधी ने 2019 के लोकसभा चुनाव में कहा था कि यह आखिरी बार है, जब वह आम चुनाव लड़ रही हैं। यदि सोनिया गांधी को राज्यसभा चुनाव के लिये उम्मीदवार बनाया जाता है, तो उनके संसदीय जीवन में पहली बार होगा कि वह उच्च सदन में जाएंगी। सोनिया गांधी 1999 से लोकसभा सदस्य रही हैं।

सोनिया गांधी के राज्यसभा जाने की स्थिति में बड़ा सावल ये उठता है कि कांग्रेस की परंपरागत सीट रायबरेली से कौन लोकसभा के लिए खड़ा होगा। कहा जा रहा है कि रायबरेली सीट से कांग्रेस पार्टी प्रियंका गांधी को चुनाव लड़ा सकती है।यहां से कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी 2004 से चुनाव लड़ती आ रही हैं। रायबरेली की सीट कांग्रेस की सबसे सुरक्षित सीट मानी जाती है। 1952 के पहले लोकसभा चुनाव के बाद से कांग्रेस यहां सिर्फ तीन बार हारी है। वहीं, प्रियंका गांधी ने आज तक कभी चुनाव नहीं लड़ा है। ऐसे में प्रियंका गांधी को लोकसभा भेजने के लिए ये सीट सुरक्षित मानी जा रही है।

देश के 40% सांसदों पर दर्ज हैं अपराधिक मामले, जानें किस दल में हैं सबसे ज्यादा दागी

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हमारे देश के लगभग 40 प्रतिशत मौजूदा सांसदों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। जिनमें से 25 प्रतिशत ने हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण और महिलाओं के खिलाफ अपराध के तहत गंभीर आपराधिक मामले घोषित किए हैं। चुनाव अधिकार निकाय एडीआर ने यह जानकारी दी है। एडीआर ने कहा कि लोकसभा और राज्यसभा के प्रत्येक सांसद की संपत्ति का औसत मूल्य 38.33 करोड़ रुपये है और 53 (7 प्रतिशत) अरबपति हैं। 

भाजपा के 385 सांसदों में से लगभग 98 दागी

एडीआर के मुताबिक, भाजपा के 385 सांसदों में से लगभग 98 (25 प्रतिशत), कांग्रेस के 81 सांसदों में से 26 (32 प्रतिशत), तृणमूल कांग्रेस के 36 सांसदों में से सात (19 प्रतिशत),राजद के 6 सांसदों में से 3 (50 प्रतिशत), माकपा के 8 सांसदों में से 2 (25 प्रतिशत), आप के 11 सांसदों में से 1 (9 प्रतिशत) वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के 31 में से 11 (35 प्रतिशत) और राकांपा के 8 में से 2 (25 प्रतिशत) सांसदों ने अपने हलफनामे में गंभीर आपराधिक मामले घोषित किए हैं। यह आंकड़ा सांसदों द्वारा अपने पिछले चुनाव और उसके बाद का कोई भी उप-चुनाव लड़ने से पहले दायर किए गए हलफनामों से निकाला गया है। उसके मुताबिक, विश्लेषण किए गए 763 मौजूदा सांसदों में से 306 (40 प्रतिशत) मौजूदा सांसदों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामलों की जानकारी दी है और 194 (25 प्रतिशत) मौजूदा सांसदों ने उनके खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले होने की जानकारी दी है, जिनमें हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, महिलाओं के खिलाफ अपराध आदि से संबंधित मामले शामिल हैं।

केरल के 29 सांसदों में से 23 दागी

एडीआर ने कहा कि दोनों सदनों के सदस्यों में, केरल के 29 सांसदों में से 23 (79 प्रतिशत), बिहार के 56 सांसदों में से 41 (73 प्रतिशत), महाराष्ट्र के 65 सांसदों में से 37 (57 प्रतिशत), तेलंगाना के 24 सांसदों में से 13 (54 प्रतिशत) दिल्ली के 10 सांसदों में से पांच (50 प्रतिशत) ने अपने शपथपत्रों में उनके खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं। 

बिहार के 56 सांसदों में से लगभग 28 (50 प्रतिशत), तेलंगाना के 24 सांसदों में से नौ (38 प्रतिशत), केरल के 29 सांसदों में से 10 (34 प्रतिशत), महाराष्ट्र के 65 सांसदों में से 22 (34 प्रतिशत) और उत्तर प्रदेश से 108 सांसदों में से 37 (34 प्रतिशत) ने अपने शपथपत्रों में गंभीर आपराधिक मामलों की जानकारी दी है।

ये हैं सबसे अमीर सांसदों वाला राज्य

एडीआर की रिपोर्ट के अनुसार, प्रति सांसद उच्चतम औसत संपत्ति वाला राज्य तेलंगाना है। यहां के सांसदों की औसत संपत्ति 262.26 करोड़ रुपये है। इसके बाद आंध्र प्रदेश की प्रति सांसद औसत संपत्ति 150.76 करोड़ रुपये है। तीसरे पर पंजाब (88.94 करोड़ रुपये ) है। सांसदों की सबसे कम औसत संपत्ति वाला राज्य लक्षद्वीप (9.38 लाख रुपये) है। इसके बाद त्रिपुरा (1.09 करोड़ रुपये), मणिपुर (1.12 करोड़ रुपये) का नंबर है।

ग्यारह मौजूदा सांसदों ने हत्या (भारतीय दंड संहिता धारा-302) से संबंधित मामलों , 32 मौजूदा सांसदों ने हत्या के प्रयास (आईपीसी धारा-307) के मामलों जबकि 21 मौजूदा सांसदों ने महिलाओं के खिलाफ अपराध से संबंधित मामलों की घोषणा की है। इन 21 सांसदों में से चार सांसदों ने दुष्कर्म (आईपीसी धारा-376) से संबंधित मामलों की घोषणा की है।

Nitish- Kejriwal: కేజ్రీవాల్‌తో నీతీశ్‌ భేటీ.. కేంద్రంపై 'రాజ్యసభ ప్లాన్‌'!

దిల్లీ: వచ్చే లోక్‌సభ ఎన్నికల (Lok Sabha Polls 2024) నాటికి భాజపా (BJP)కు వ్యతిరేకంగా విపక్షాల ఐక్యతపై (Opposition Unity) ఆయా పార్టీల నేతల మధ్య సమాలోచనలు సాగుతోన్న విషయం తెలిసిందే..

ఈ క్రమంలోనే బిహార్‌ ముఖ్యమంత్రి, జేడీయూ అధినేత నీతీశ్‌కుమార్‌ (Nitish Kumar) ఆదివారం దిల్లీ (Delhi) సీఎం, ఆప్‌ కన్వీనర్‌ అరవింద్‌ కేజ్రీవాల్‌ (Arvind Kejriwal)తో భేటీ అయ్యారు.

బిహార్‌ ఉపముఖ్యమంత్రి, ఆర్జేడీ నేత తేజస్వీ యాదవ్‌తో కలిసి దిల్లీకి వెళ్లిన నీతీశ్‌.. కేజ్రీవాల్‌తో సమావేశమయ్యారు. ఈ సందర్భంగా లోక్‌సభ ఎన్నికలకు సెమీ ఫైనల్‌లా ఓ 'రాజ్యసభ ప్లాన్‌ (Rajyasabha Plan)'ను నీతీశ్‌ వద్ద ప్రతిపాదించినట్లు సమాచారం.

SB NEWS

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खड़गे की बात पर खिलखिलाए पीएम मोदी, जाने कांग्रेस सांसद की किस बात पर रोक नहीं पाए हंसी

#mallikarjun_kharge_rajyasabha_speech_pm_modi_laughing 

लोकसभा और राज्यसभा में इन दिनों माहौल काफी गर्म है। अडानी मुद्दे के कारण आरोपों-प्रत्यारोपों का दौर चल रहा है। लगातार हो रहे हंगामे के बीच बुधवार को सदन में एक ऐसा पल आया जब धनकड़, पीएम और खरड़े सहित पूरा सदन ठहाकों से गूंज उठा।राज्यसभा में राष्ट्रपति के धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पीएम मोदी से संसद की ओर ध्यान देने की अपील कर डाली। इस दौरान खड़गे ने इस लहजे में शिकायत की, जिससे पीएम मोदी समेत पूरा सदन खिलखिलाकर हंस पड़ा।

राष्ट्रपति के धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने शिकायती लहजे में कहा कि पीएम मोदी सदन में कम दिखते हैं। उन्होंने कहा, संसद जब चलती है, तो वह इधर ज्यादा ध्यान दें, तो ज्यादा अच्छा रहेगा।खरगे ने आगे कहा कि पीएम मोदी हमेशा चुनावी मोड में दिखाई देते हैं। इधर संसद चलती रहती है, उधर मेरे संसदीय क्षेत्र में गए हैं कलबुर्गा। अरे भई मेरा ही संसदीय क्षेत्र मिल रहा है आपको। और एक संसदीय क्षेत्र में दो-दो मीटिंग। खरगे के इतना कहते ही सदन में ठहाके गूंज उठे। पीएम मोदी भी खिलखिलाकर हंस पड़े।

खरगे के बयान पर आसन पर बैठे सभापति धनखड़ ने भी चुटकी ली और कहा कि इसकी जांच होनी चाहिए। इसमें जरूर कोई न कोई संबंध हैं। इस पर खरगे ने कहा कि आज पहली बार प्रधानमंत्री सदन में हंस रहे हैं।आप उनको हंसने भी नहीं दे रहे हैं।

राज्यसभा की 11 सीटों के लिए मतदान जारी, बिहार पर टिकी सबकी नजर

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तीन राज्यों की 11 राज्यसभा सीटों के लिए आज मतदान है। जिनमें बिहार की पांच, ओडिशा की चार और हरियाणा की दो सीटें शामिल हैं। इस चुनाव में देश की राजनीति के हालात पर नजरें टिकी हैं, क्योंकि राज्यसभा में बहुमत के समीकरण सीधे केंद्र की नीतियों और विधायी शक्ति पर असर डालते हैं। इस बार कुल 37 सीटों पर चुनाव हो रहे हैं, लेकिन इनमें से 26 सीटों पर उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके हैं, जिससे राजनीतिक समीकरण पहले ही स्पष्ट हो चुके हैं।

इस बार बिहार की पांच राज्यसभा सीटों के चुनाव में दिलचस्प मुकाबला दिख रहा है। सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन इन सभी 5 सीटों पर जीत का दावा कर रहा है। एनडीए की ओर से प्रमुख उम्मीदवारों में जदयू प्रमुख नीतीश कुमार, बीजेपी नेता नितिन नवीन और आरएलएम के उपेंद्र कुशवाहा शामिल हैं। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर (जेडीयू) और भाजपा के प्रदेश महासचिव शिवेश कुमार भी मैदान में हैं। वहीं राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) अपने उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह के लिए समर्थन जुटाने में जुटा है।

ओडिशा की चार सीटों पर मुकाबला

ओडिशा की चार सीटों पर भाजपा दो सीटें निर्विरोध जीत सकती है और बीजेडी एक सीट। ऐसे में मुकाबला चौथे सीट को लेकर तेज हो गया है। इस बात को ऐसे समझ सकते हैं कि ओडिशा विधानसभा में कुल 147 सदस्य हैं। इनमें भाजपा के 79 विधायक हैं और तीन निर्दलीय विधायकों का समर्थन प्राप्त है। वहीं, 15 जनवरी को अपने दो विधायकों के निलंबन के बाद बीजद के 48 सदस्य बचे हैं। कांग्रेस के पास 14 विधायक हैं और एक सदस्य सीपीआई (एम) का है। चुनाव का समीकरण दिलचस्प हो गया है क्योंकि न तो सत्ताधारी भाजपा और न ही मुख्य विपक्षी बीजद के पास चौथी सीट जीतने के लिए पर्याप्त विधायक संख्या है। ऐसे में क्रॉस-वोटिंग की संभावना को नकारा नहीं जा सकता।

हरियाणा में मुकाबला दिलचस्प

हरियाणा में दो राज्यसभा सीटों के लिए मुकाबला दिलचस्प हो गया है। यहां भाजपा के संजय भाटिया, कांग्रेस के करमवीर सिंह बौध और भाजपा समर्थित निर्दलीय सतीश नांदल चुनाव मैदान में हैं। राज्यसभा पहुंचने के लिए हर उम्मीदवार को 31 वोटों की जरूरत है।

मुझे चुनौती दी जा रही है, मैं दुखी मन से जा रहा हूं... ऐसा कहकर क्यों कार्रवाई छोड़कर चले गए धनखड़?*
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संसद का मॉनसून सत्र चल रहा है। आज राज्यसभा में महिला रेसलर विनेश फोगाट का मामला उठी। जैसे ही ये मामला उठा, संसद में हंगामा मच गया। विपक्ष ने कई सवाल उठाए, जिससे सभापति जगदीप धनखड़ काफी नाराज हो गए।जगदीप धनखड़ विपक्ष के व्यवहार से इतने आहत दिखे कि कुर्सी छोड़कर चले गए। आज राज्यसभा में कुछ विपक्षी सांसदों के आचरण से दुखी होकर अपने संबोधन में सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा कि वो कुछ समय के लिए आसन पर बैठने में खुद को सक्षम नहीं पा रहे हैं। ये कहते हुए आसन से उठ कर चले गए। इसके बाद उपसभापति हरिवंश ने सदन की कार्यवाही का संचालन किया। जगदीप धनखड़ ने कहा कि उनके ऊपर विपक्ष चिट्ठी के जरिए, अखबारों के जरिए, आरोपों के जरिए हमले कर रहा है। उन्हें लगता है कि मैं इस पद के काबिल नहीं हूं, इसलिए कुछ समय के लिए मैं इस कुर्सी छोड़कर जा रहा हूं। उन्होंने इसी दौरान सदन में मौजूद कांग्रेस नेता जयराम रमेश को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि मिस्टर रमेश आप हंसिए मत, मैं आपको जानता हूं। दरअसल, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे सदन में विनेश फोगाट के मुद्द को उठाना चाह रहे थे। इसकी अनुमति नहीं मिलने पर विपक्षी नेता नारेबाजी करने लगे।सभापति धनखड़ ने कहा कि पूरा देश विनेश फोगाट के साथ है। उन्होंने कहा कि हर कोई इस घटना पर दुखी है, पीएम और मैंने भी इस पर बयान दिया है, लेकिन इस पर राजनीति होना दुर्भाग्यपूर्ण है। इस बात पर विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया। इस पर ही सभापति नाराज हो गए। आहत सभापति ने ये भी कहा, 'आज यहा जो हुआ, वह ठीक नहीं है। यहां मुझे नहीं, बल्कि सभापति के पद को चुनौती दी जा रही है। विपक्ष के नेता मेरे खिलाफ टिप्पणी कर रहे हैं। ये चुनौती इसलिए दी जा रही है कि जो व्यक्ति इस पद पर बैठा है वो इसके लायक नहीं है। ऐसा ये सोचते हैं। मुझे हाउस का समर्थन जितना चाहिए उतना नहीं मिला है, ऐसा मैं सोचता हूं। इसी दौरान उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने जयराम रमेश पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 'नो डॉन्ट लाफ मिस्टर जयराम, नो'। उन्होंने कहा कि इसको मुद्दा मत बनाइए, मैं आपका हैबिट (आदत जानता हूं)। अब मेरे पास एक ही विकल्प है मैंने सदन में बहुत वरिष्ठ सदस्य हैं, अभी उपस्थित हैं। उन्होंने राजनीति मेरे से बहुत ज्यादा देखी है, मैं मेरी शपथ से दूर नहीं भाग रहा हूं। जो आज मैंने देखा है कि जिस तरीके से व्यवहार सदस्य ने किया है, जिस तरीके से व्यवहार इधर से भी हुआ है, मैं कुछ समय के लिए यहां बैठने में सक्षम नहीं पा रहा हूं, मैं दुखी मन से जा रहा हूं।
जया अमिताभ बच्चन vs उपराष्ट्रपति

मैं जया अमिताभ बच्चन आपसे...', सुनते ही खिलखिलाकर हंस पड़े सभापति, जानिए  पूरा वाकया - jaya bachhan calling herself jaya amitabh bachhan chairman  jagdeep dhankhar laughing rajyasabha ntc ...

जया बच्चन :

सर मैं 'जया अमिताभ बच्चन' आपसे एक बात पूछना चाहती हूं।

आपने आज लंच ब्रेक लिया, नही लिया न!

तभी आप बार-बार जयराम जी का नाम ले रहे हैं, जयराम जी का नाम लिए बिना आपका खाना हजम ही नहीं होता।

उपराष्ट्रपति धनखड़ :

अब आपको एक बात बताऊं, मैंने लंच के समय लंच नहीं लिया लेकिन उसके बाद मैंने लंच जयराम जी के साथ लिया।

कल ही ली सदस्यता, आज मिल गया राज्यसभा का टिकट, बीजेपी का अशोक चौहान को तोहफा

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भारतीय जनता पार्टी ने राज्यसभा के लिए उम्मीदवारों की एक और सूची जारी की है। राज्यसभा के लिए जारी तीसरी सूची में गुजरात से भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा और महाराष्ट्र से अशोक चव्हाण को उम्मीदवार बनाया है। बता दें कि अशोक चव्हान ने कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद कल यानी मंगलवार को ही बीजेपी ज्वान क्या था। 24 घंटे के अंदर ही बीजेपी ने अशोक चव्हान को पार्टी बदलने का इनाम दे दिया है।

भारतीय जनता पार्टी ने जगत प्रकाश नड्डा के अलावा गोविंदभाई ढोलकिया, मयंकभाई नायक और जशवंतसिंह सलामसिंह परमार को राज्यसभा का टिकट दिया है। वहीं पार्टी ने महाराष्ट्र से अशोक चव्हाण के अलावा मेधा कुलकर्णी और अजीत गोपघड़े को उम्मीदवार बनाया है।

इससे पहले सोमवार सुबह को राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा की ओर से दूसरी लिस्ट जारी की गई है।इस लिस्ट में बीजेपी ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपने पांच उम्मीदवारों का ऐलान किया है।जिसमें रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का भी नाम शामिल है। भाजपा ने बुधवार को केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और एल मुरुगन को क्रमशः ओडिशा और मध्य प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है।केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन के अलावा, भाजपा ने मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए तीन और नामों का ऐलान किया है। 

राज्यसभा चुनाव के लिए इससे पहले रविवार (11 फरवरी) को बीजेपी ने पहली लिस्ट जारी की थी। इस लिस्ट में बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल के लिए उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया। उत्तर प्रदेश से सुधांशु त्रिवेदी और आरपीएन सिंह को टिकट दिया गया। पूर्व बीजेपी हरियाणा अध्यक्ष सुभाष बराला को हरियाणा से उम्मीदवार बनाया गया। इस लिस्ट में 14 उम्मीदवारों के नाम शामिल थे।

सोनिया गांधी को राज्यसभा भेजने की तैयारी में कांग्रेस, नहीं लड़ेंगी लोकसभा का चुनाव, जानें किसके हिस्से जा रही रायबरेली सीट

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सोनिया गांधी के इस बार लोकसभा चुनाव लड़ने की संभावना नहीं है। कांग्रेस सोनिया गांधी को राज्यसभा भेजने की तैयारी में है। सोनिया गांधी फिलहाल रायबरेली से सांसद हैं। ये सीट कांग्रेस पार्टी की परंपरागत सीट मानी जाती है। चंद महीनों में लोकसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि आखिर कांग्रेस की ये सीट किसके हिस्से में जा रही है?

कांग्रेस के प्रमुख नेताओं ने लोकसभा चुनाव के लिए विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' के घटक दलों के साथ सीट बंटवारे और राज्यसभा चुनाव के लिए पार्टी के संभावित उम्मीदवारों के नामों पर सोमवार को चर्चा की। सूत्रों ने कहा कि कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी और पार्टी के कोषाध्यक्ष अजय माकन के नाम संभावित उम्मीदवारों में सबसे प्रमुख हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि सोनिया गांधी को राजस्थान या हिमाचल प्रदेश से उम्मीदवार बनाए जाने की संभावना है। संख्या बल के हिसाब से दोनों प्रदेशों से कांग्रेस को राज्यसभा की एक-एक सीट मिलेगी।अभी ये तय नहीं है कि सोनिया गांधी हिमाचल से राज्यसभा जाएंगी या फिर राजस्थान से। दोनों जगहों के स्थानीय नेता चाहते हैं कि सोनिया गांधी उनके यहां से सदन जाएं मगर इस सिलसिले में आखिरी फैसला राहुल गांधी से चर्चा, सलाह के बाद लिया जाएगा।

बता दें कि सोनिया गांधी ने 2019 के लोकसभा चुनाव में कहा था कि यह आखिरी बार है, जब वह आम चुनाव लड़ रही हैं। यदि सोनिया गांधी को राज्यसभा चुनाव के लिये उम्मीदवार बनाया जाता है, तो उनके संसदीय जीवन में पहली बार होगा कि वह उच्च सदन में जाएंगी। सोनिया गांधी 1999 से लोकसभा सदस्य रही हैं।

सोनिया गांधी के राज्यसभा जाने की स्थिति में बड़ा सावल ये उठता है कि कांग्रेस की परंपरागत सीट रायबरेली से कौन लोकसभा के लिए खड़ा होगा। कहा जा रहा है कि रायबरेली सीट से कांग्रेस पार्टी प्रियंका गांधी को चुनाव लड़ा सकती है।यहां से कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी 2004 से चुनाव लड़ती आ रही हैं। रायबरेली की सीट कांग्रेस की सबसे सुरक्षित सीट मानी जाती है। 1952 के पहले लोकसभा चुनाव के बाद से कांग्रेस यहां सिर्फ तीन बार हारी है। वहीं, प्रियंका गांधी ने आज तक कभी चुनाव नहीं लड़ा है। ऐसे में प्रियंका गांधी को लोकसभा भेजने के लिए ये सीट सुरक्षित मानी जा रही है।

देश के 40% सांसदों पर दर्ज हैं अपराधिक मामले, जानें किस दल में हैं सबसे ज्यादा दागी

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हमारे देश के लगभग 40 प्रतिशत मौजूदा सांसदों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। जिनमें से 25 प्रतिशत ने हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण और महिलाओं के खिलाफ अपराध के तहत गंभीर आपराधिक मामले घोषित किए हैं। चुनाव अधिकार निकाय एडीआर ने यह जानकारी दी है। एडीआर ने कहा कि लोकसभा और राज्यसभा के प्रत्येक सांसद की संपत्ति का औसत मूल्य 38.33 करोड़ रुपये है और 53 (7 प्रतिशत) अरबपति हैं। 

भाजपा के 385 सांसदों में से लगभग 98 दागी

एडीआर के मुताबिक, भाजपा के 385 सांसदों में से लगभग 98 (25 प्रतिशत), कांग्रेस के 81 सांसदों में से 26 (32 प्रतिशत), तृणमूल कांग्रेस के 36 सांसदों में से सात (19 प्रतिशत),राजद के 6 सांसदों में से 3 (50 प्रतिशत), माकपा के 8 सांसदों में से 2 (25 प्रतिशत), आप के 11 सांसदों में से 1 (9 प्रतिशत) वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के 31 में से 11 (35 प्रतिशत) और राकांपा के 8 में से 2 (25 प्रतिशत) सांसदों ने अपने हलफनामे में गंभीर आपराधिक मामले घोषित किए हैं। यह आंकड़ा सांसदों द्वारा अपने पिछले चुनाव और उसके बाद का कोई भी उप-चुनाव लड़ने से पहले दायर किए गए हलफनामों से निकाला गया है। उसके मुताबिक, विश्लेषण किए गए 763 मौजूदा सांसदों में से 306 (40 प्रतिशत) मौजूदा सांसदों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामलों की जानकारी दी है और 194 (25 प्रतिशत) मौजूदा सांसदों ने उनके खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले होने की जानकारी दी है, जिनमें हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, महिलाओं के खिलाफ अपराध आदि से संबंधित मामले शामिल हैं।

केरल के 29 सांसदों में से 23 दागी

एडीआर ने कहा कि दोनों सदनों के सदस्यों में, केरल के 29 सांसदों में से 23 (79 प्रतिशत), बिहार के 56 सांसदों में से 41 (73 प्रतिशत), महाराष्ट्र के 65 सांसदों में से 37 (57 प्रतिशत), तेलंगाना के 24 सांसदों में से 13 (54 प्रतिशत) दिल्ली के 10 सांसदों में से पांच (50 प्रतिशत) ने अपने शपथपत्रों में उनके खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं। 

बिहार के 56 सांसदों में से लगभग 28 (50 प्रतिशत), तेलंगाना के 24 सांसदों में से नौ (38 प्रतिशत), केरल के 29 सांसदों में से 10 (34 प्रतिशत), महाराष्ट्र के 65 सांसदों में से 22 (34 प्रतिशत) और उत्तर प्रदेश से 108 सांसदों में से 37 (34 प्रतिशत) ने अपने शपथपत्रों में गंभीर आपराधिक मामलों की जानकारी दी है।

ये हैं सबसे अमीर सांसदों वाला राज्य

एडीआर की रिपोर्ट के अनुसार, प्रति सांसद उच्चतम औसत संपत्ति वाला राज्य तेलंगाना है। यहां के सांसदों की औसत संपत्ति 262.26 करोड़ रुपये है। इसके बाद आंध्र प्रदेश की प्रति सांसद औसत संपत्ति 150.76 करोड़ रुपये है। तीसरे पर पंजाब (88.94 करोड़ रुपये ) है। सांसदों की सबसे कम औसत संपत्ति वाला राज्य लक्षद्वीप (9.38 लाख रुपये) है। इसके बाद त्रिपुरा (1.09 करोड़ रुपये), मणिपुर (1.12 करोड़ रुपये) का नंबर है।

ग्यारह मौजूदा सांसदों ने हत्या (भारतीय दंड संहिता धारा-302) से संबंधित मामलों , 32 मौजूदा सांसदों ने हत्या के प्रयास (आईपीसी धारा-307) के मामलों जबकि 21 मौजूदा सांसदों ने महिलाओं के खिलाफ अपराध से संबंधित मामलों की घोषणा की है। इन 21 सांसदों में से चार सांसदों ने दुष्कर्म (आईपीसी धारा-376) से संबंधित मामलों की घोषणा की है।

Nitish- Kejriwal: కేజ్రీవాల్‌తో నీతీశ్‌ భేటీ.. కేంద్రంపై 'రాజ్యసభ ప్లాన్‌'!

దిల్లీ: వచ్చే లోక్‌సభ ఎన్నికల (Lok Sabha Polls 2024) నాటికి భాజపా (BJP)కు వ్యతిరేకంగా విపక్షాల ఐక్యతపై (Opposition Unity) ఆయా పార్టీల నేతల మధ్య సమాలోచనలు సాగుతోన్న విషయం తెలిసిందే..

ఈ క్రమంలోనే బిహార్‌ ముఖ్యమంత్రి, జేడీయూ అధినేత నీతీశ్‌కుమార్‌ (Nitish Kumar) ఆదివారం దిల్లీ (Delhi) సీఎం, ఆప్‌ కన్వీనర్‌ అరవింద్‌ కేజ్రీవాల్‌ (Arvind Kejriwal)తో భేటీ అయ్యారు.

బిహార్‌ ఉపముఖ్యమంత్రి, ఆర్జేడీ నేత తేజస్వీ యాదవ్‌తో కలిసి దిల్లీకి వెళ్లిన నీతీశ్‌.. కేజ్రీవాల్‌తో సమావేశమయ్యారు. ఈ సందర్భంగా లోక్‌సభ ఎన్నికలకు సెమీ ఫైనల్‌లా ఓ 'రాజ్యసభ ప్లాన్‌ (Rajyasabha Plan)'ను నీతీశ్‌ వద్ద ప్రతిపాదించినట్లు సమాచారం.

SB NEWS

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खड़गे की बात पर खिलखिलाए पीएम मोदी, जाने कांग्रेस सांसद की किस बात पर रोक नहीं पाए हंसी

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लोकसभा और राज्यसभा में इन दिनों माहौल काफी गर्म है। अडानी मुद्दे के कारण आरोपों-प्रत्यारोपों का दौर चल रहा है। लगातार हो रहे हंगामे के बीच बुधवार को सदन में एक ऐसा पल आया जब धनकड़, पीएम और खरड़े सहित पूरा सदन ठहाकों से गूंज उठा।राज्यसभा में राष्ट्रपति के धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पीएम मोदी से संसद की ओर ध्यान देने की अपील कर डाली। इस दौरान खड़गे ने इस लहजे में शिकायत की, जिससे पीएम मोदी समेत पूरा सदन खिलखिलाकर हंस पड़ा।

राष्ट्रपति के धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने शिकायती लहजे में कहा कि पीएम मोदी सदन में कम दिखते हैं। उन्होंने कहा, संसद जब चलती है, तो वह इधर ज्यादा ध्यान दें, तो ज्यादा अच्छा रहेगा।खरगे ने आगे कहा कि पीएम मोदी हमेशा चुनावी मोड में दिखाई देते हैं। इधर संसद चलती रहती है, उधर मेरे संसदीय क्षेत्र में गए हैं कलबुर्गा। अरे भई मेरा ही संसदीय क्षेत्र मिल रहा है आपको। और एक संसदीय क्षेत्र में दो-दो मीटिंग। खरगे के इतना कहते ही सदन में ठहाके गूंज उठे। पीएम मोदी भी खिलखिलाकर हंस पड़े।

खरगे के बयान पर आसन पर बैठे सभापति धनखड़ ने भी चुटकी ली और कहा कि इसकी जांच होनी चाहिए। इसमें जरूर कोई न कोई संबंध हैं। इस पर खरगे ने कहा कि आज पहली बार प्रधानमंत्री सदन में हंस रहे हैं।आप उनको हंसने भी नहीं दे रहे हैं।