राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक की सांसदी रद्द करने की मांग, पार्टी छोड़ने वालो के लिए आप का दांव
#demandtocancelrajyasabhamembershipofraghavchadhaashokmittalsandeeppathak
आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों ने बगावत कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। शुक्रवार 24 अप्रैल आप को तब बड़ा झटका लगा जब उसके 7 राज्यसभा सदस्यों ने पार्टी छोड़ने और बीजेपी में शामिल होने की घोषणा की। इस बगावत की अगुवाई राघव चड्ढा ने किया।
![]()
इन सांसदों ने दिया आप को झटका
राघव चड्ढा के साथ जिन सांसदों ने आप छोड़ी, उनमें संदीप पाठक, स्वाति मालीवाल, अशोक मित्तल, विक्रमजीत साहनी, राजेंद्र गुप्ता और पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह शामिल हैं। इनमें से 6 सांसद पंजाब से और एक दिल्ली से है, जिससे पंजाब की राजनीति पर इसका सीधा असर पड़ना तय माना जा रहा है।
उच्च सदन से अयोग्य घोषित करने की मांग
अब आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के कारण उनकी राज्यसभा सदस्यता अयोग्य घोषित करने की मांग की है। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि वह बीजेपी में शामिल होने के लिए राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक को उच्च सदन से अयोग्य घोषित करने की मांग करेंगे।
संजय सिंह ने क्या कहा?
संजय सिंह ने एक्स पर लिखा, "मैं माननीय राज्यसभा सभापति को एक पत्र प्रस्तुत करूंगा, जिसमें राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक को भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के कारण राज्यसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित करने की मांग की जाएगी, क्योंकि यह संविधान की दसवीं अनुसूची के अंतर्गत स्वेच्छा से अपनी पार्टी की सदस्यता त्यागने के समान है।"
क्या है दल-बदल कानून?
भारतीय संविधान के 10वीं अनुसूची के तहत 'दल-बदल विरोधी कानून' को 1985 में लाया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य राजनीति में पार्टी बदलने वाले चलन को रोकना और जनता के द्वारा चुनी गई सरकारों में स्थिरता लाना है। आसान शब्दों में कहें तो अगर कोई सांसद या विधायक अपनी मर्जी से उस पार्टी को छोड़ता है जिसके टिकट पर वह चुनाव जीता है या सदन में अपनी पार्टी के व्हिप के खिलाफ जाकर वोट करता है तो उसकी सदन की सदस्यता खत्म की जा सकती है। 10वीं अनुसूची का खंड 4 कहता है कि अगर किसी दल के दो-तिहाई (2/3) सदस्य एक साथ टूटकर किसी अन्य दल में मिलते हैं तो उन पर यह कानून लागू नहीं होता और उनकी सदस्यता बरकरार रहती है।




Kozhikode: The inspiring journey of Rajesh Babu K Sooranad continues to gain momentum as the multi-talented creative professional strengthens his presence in the Malayalam film industry. Transitioning from a successful career in human resources to cinema, Sooranad is now making his mark as a music director, producer, singer, and filmmaker.



Apr 27 2026, 14:33
- Whatsapp
- Facebook
- Linkedin
- Google Plus
0- Whatsapp
- Facebook
- Linkedin
- Google Plus
19.4k