WestBengalBangla

Jun 23 2024, 18:36

Hospice India initiative eye examination camp, happy common man

*Khabar kolkata:* Thinking about the poor people of the area, Hospice India organized a free eye treatment camp in Garia near Kolkata. MLA Ferdousi Begum of Sonarpur North Assembly Constituency and Councilor Jayant Sengupta of Ward No. 3 of Rajpur-Sonarpur Municipality attended this camp on Sunday.

The camp starts from 9 am and lasts till 3:30 pm. After eye examination of 164 patients, 29 were decided to undergo cataract surgery. Rotary Dakshin Barasat Eye Hospital and Ramakrishna Diagnostic Center Private Limited promised to provide glasses to 92 people.
Why this thought? Najma Roy, editor of Hospice India, said, 'There are no health centers in the vast areas like Panchpota, Katipota, Nadudiara, Gangajoara, Khiyadah, which are near the Garia railway station. We are trying in various ways to deliver health services to the poor people of the area. That journey started with the pre-opening ceremony of the eye camp like salt before lighting the lamp.' MLA Ferdowsi Begum appreciated this initiative of Hospice India.

Dr. Shubojit Roy, on behalf of Hospice India, said, 'No one lives forever. But to relieve their pain before death, that is our main task. Hospice care aims to provide comprehensive services at the critical time of life with the help of modern medical science. What has been developed in Gariya's Panchpota after many days of tireless work.'

India

Jun 20 2024, 13:40

धर्मशाला में दलाई लामा से अमेरिकी नेताओं की मुलाकात, भारत के लिए क्या मायने?

#american_leader_meeting_with_dalai_lama_what_does_it_mean_for_india

अमेरिकी सांसदों के एक बड़े दल ने तिब्बत से निर्वासित धर्मगुरु दलाई लामा से मुलाकात की।एक दिन पहले ही चीन ने इस मुलाकात की बेहद कड़े शब्दों में निंदा की थी और अमेरिका को दलाई लामा से अलग रहने को कहा था। इसके बावजूद अमेरिका के सत्ता व विपक्ष के सात प्रमुख सांसदों ने न सिर्फ दलाई लामा से मुलाकात की, बल्कि आजाद तिब्बत की बात भी कही। अमेरिकी सांसदों के प्रतिनिधि (विदेशी मामलों के अध्यक्ष) माइकल मैकोल ने यहां तिब्बत को लेकर अमेरिकी नीति में बदलाव की बात कही और हाल ही में अमेरिकी संसद में पारित 'रिजाल्व तिब्बत एक्ट' की कापी भी पेश की।

भारत ने अमेरिकी सांसदों की दलाई लामा से मुलाकात पर कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन उसकी नजर इस पूरे घटनाक्रम पर है। हालांकि, अमेरिकी सांसदों के इस दल को धर्मशाला आने की मंजूरी औपचारिक तौर पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने ही दी है। भारत की सहमति के साथ उसकी चुप्पी बहुत कुछ कहती है।

तिब्बत को लेकर नैंसी पेलेसी की दलाई लामा से मीटिंग पर दुनियाभर की निगाहें टिकी रहीं। चूंकि ये मुलाकात भारत में हुई है, जिसके असर से देश अछूता नहीं रह सकता है। अमेरिकी सांसदों का तिब्बत को लेकर भारत आगमन ऐसे समय में हुआ है, जब बीजिंग और वाशिंगटन संबंधों को सुधारने की कवायद चल रही है, जबकि भारत के चीन के साथ संबंध तनावपूर्ण हैं।

1950 में चीन ने तिब्बत में घुसपैठ शुरू की थी और 1959 तक वह वहां के शासनतंत्र और धर्मगुरु को निर्वासित कर चुका था। उस दौरान दलाई लामा भारत भाग कर न आ जाते तो शायद चीन उन्हें गिरफ्तार कर मरवा देता। भारत ने इन्हें शरण दी और दलाई लामा ने हिमाचल के धर्मशाला में तिब्बत की निर्वासित सरकार का मुख्यालय बनाया। भारत में भी तीन लाख के करीब तिब्बती शरणार्थी हैं। इनमें से अधिकांश ने भारत की नागरिकता नहीं ली है। लेकिन जो 1962 के बाद भारत में पैदा हुए वे अधिकतर भारत की नागरिकता ले चुके हैं। भारत ने इन्हें शरणार्थी का दर्जा दिया हुआ है इसलिए तिब्बतियों को सरकारी नौकरियां तो कुछ शर्तों के साथ मिलती हैं। खासकर शिक्षा के क्षेत्र में हर तरह की जॉब उन्हें मिल जाती है। 

भारत चीन सीमा विवाद की जड़ में ये 'तिब्बत फैक्टर' अहम है। असल में भारत और चीन के बीच विवाद दो बड़े क्षेत्रों लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश को लेकर है। चीन का कहना है कि अरुणाचल प्रदेश 'दक्षिणी तिब्बत' का हिस्सा है। हालांकि भारत चीन के इस दावे को सिरे से खारिज करता है। भारत अरुणाचल प्रदेश को अपना अभिन्न अंग बताता है। जब भी दलाई लामा अरुणाचल प्रदेश जाते हैं, तो चीन अपनी नाराजगी जताता है। ऐसे ही नाराजगी उसने पीएम मोदी के अरुणाचल प्रदेश के दौरे पर जताई थी। हालांकि भारत ने चीन को करारा जवाब दिया था।

ऐसे में चीन के साथ विवाद के बीच दलाई लामा से नैंसी पेलोसी का मिलना भारत की कुटनीति का हिस्सा माना जा रहा है। तिब्बत पर अमेरिका के इस रुख का चीन को कड़ा संदेश जाता है कि उसकी विस्तारवादी नीति का कड़ा जवाब दिया जाएगा। कह सकते हैं कि भारत बिना युद्ध के चीन को सबक सीखा रहा है। 

दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी सैन्य ताकत चीन से सीधे भिड़ जाने के नुकसान को भारत समझता है। यही नहीं, चीन, भारत के उन आठ पड़ोसी देशों पर लगातार अपनी वित्तीय और सियासी ताक़त का शिकंजा कस रहा है, जो दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) के सदस्य हैं। चीन की ये गतिविधियां भारत के लिए बहुत असहज और चिंताजनक हैं। इसके लिए चीन, अपनी वित्तीय क्षमताओं और विशाल परियोजनाओं को ठोस आर्थिक सहायता देने की अपनी क्षमता का बख़ूबी इस्तेमाल कर रहा है। इसी वजह से दक्षिण एशिया के कुछ देशों का झुकाव चीन के प्रति बढ़ रहा है, क्योंकि वो अपने मूलभूत ढांचे के विकास और आर्थिक फ़ायदों के लिए चीन से मदद हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। दक्षिणी एशिया में भारत के पड़ोसी देशों और हिंद महासागर के द्वीपीय देशों में अपना दबदबा बढ़ाने के लिए चीन, अपनी पसंदीदा परियोजना, बेल्ट ऐंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) को बख़ूबी इस्तेमाल कर रहा है।

इससे निपटने के लिए भारत ने पड़ोसी देशों में मूलभूत ढांचे के विकास की कई परियोजनाओं में भागीदार बनकर उनके साथ अपने आर्थिक संबंधों को नई धार दी है। 2014 में प्रधानमंत्री मोदी ने अपने शपथ ग्रहण के कार्यक्रम में सार्क देशों के नेताओं को आमंत्रित करके एक शानदार क़दम उठाया था। जिसके बाद से उम्मीद जगी कि भारत, पड़ोसी देशों के साथ अपने विवादों को सुलझाकर रिश्तों में नई जान डालेगा, और इससे इस क्षेत्र के भीतर व्यापार में भी सुधार होगा।

यही नहीं, भारत ने चीनी आयात पर भी सख्ती दिखाई। 15 जून 2020 को गलवान में हिंसक झड़प के बाद जन समुदाय के एक बड़े भाग चीन से आयात होने वाले उत्पादों पर तत्काल प्रतिबंध की माँग उठाई। प्रारंभिक स्तर पर भारत सरकार ने भी संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी में प्रयोग किये जाने वाले उपकरणों के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया, हालाँकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह प्रतिबंध सुरक्षा मानकों पर खरा न उतरने के कारण लगाए गए।

India

Jun 14 2024, 11:38

Terrorists are openly roaming in my Jammu city with AK-47s.
This lady is an eyewitness who encountered a terrorist near Wave Mall, where he asked her for cigarettes and if she was a local. What the hell is going on in my Jammu?

WestBengalBangla

Jun 07 2024, 21:06

Sports Minister offered farewell to Sunil Chhetri on behalf of the state government
*Sports News*

# Sports # Football # Sunil chhetri # India # West Bengal # Street Buzz News



*Khabar Kolkata News Bureau :* On behalf of Chief Minister Mamata Banerjee, Sports Minister Arup Biswas paid farewell to Indian football legend Sunil Chhetri at the Vivekananda Yuva Bharati Stadium in Kolkata.On behalf of the state government, Sunil Chhetri was presented with a gold necklace, suit, saree, 19 roses and made of 19 gold coins from PC Chandra Jewellers, designed by Chief Minister Mamata Banerjee. Chief Minister also congratulated Sunil Chhetri on social media. Chief Minister Mamata Banerjee offered Sunil to join Bengal Football. Sports Minister Arup Biswas told Sunil after the match. In this regard, Sunil said, "She is very good person. Wished me all the best for my career. Let's see what happens in the future. It is not yet time to say anything publicly about it.”

WestBengalBangla

Jun 07 2024, 09:21

India play goalless draw against Kuwait
*Sports News*




Khabar kolkata:  India's hopes for qualifying for the third round of the FIFA World Cup 2026 and AFC Asian Cup 2027 Preliminary Joint Qualification took a hit as they were held 0-0 by Kuwait in their penultimate Group A game at the Salt Lake Yubo bharati Stadium on Thursday.

In what was Sunil Chhetri's 151st and last dance in Indian colours, victory may have eluded him at the full-time whistle, but emotions couldn't. After a lap around the 58,921 fans at the Salt Lake Stadium, the captain, leader, legend, let out his farewell tears when the Indian players and team officials gave him a guard of honour to the tunnel. In a warm gesture, each one of Kuwait's players and officials also paid their respects with handshakes and hugs with the Indian skipper.

As far as the match is concerned, it was far from a drab affair, with a host of chances at both ends, particularly in the first half. But some top-notch defending and fine saves reduced the contest to a goalless one.

Igor Stimac handed out a full India debut to left-back Jay Gupta, while Edmund Lalrindika came on in the last seven minutes in Gupta's place to make his debut too.

With the draw, India remain in second place with five points (Qatar will play Afghanistan later in the day), but importantly for Kuwait, they stay alive with four points. India will now hope for Qatar's victory over Afghanistan, and a draw between Kuwait and Afghanistan on June 11. In that scenario, a point for India against Qatar in five days' time in Doha will be enough to progress to the third round.

Kuwait made the earliest inroad in the fifth minute when left-winger Mohammad Abdulah shouldered his way into the box and came one-on-one with Gurpreet Singh Sandhu, but the Indian custodian stood strong, sticking his leg out to make a vital save early on.

India also responded with frantic pace on the left courtesy of Liston Colaco, who raced his way past the Kuwait right-back and put in a low cross, but Hasan Alanezi stabbed the ball clear for the visitors. India had their first shot from the resulting Anirudh Thapa corner, with an unmarked Anwar Ali heading it inches over the bar.

In the 25th minute, both teams had their heart-in-the-mouth moments in the space of a few seconds. First, it was Eid Alrashidi breaking the offside trap to stray clear on goal before dinking the ball over an onrushing Gurpreet. It landed just wide of the goal net. Immediately after, Jay Gupta burst forward and put an inviting low cross from the left. But Alanezi was on hand again to clear the danger for Kuwait at full stretch.

Slowly and steadily, India grew in confidence and began stringing attacks patiently, mostly utilising the speed of their wingers. Lallianzuala Chhangte got the better of left-back Meshari Alenezi on a couple of occasions and swung in dangerous crosses from the right, but Kuwait actively hacked them clear. Stimac's men were quicker to the second balls as well, winning the ball in the final third and making Kuwait sweat at the back.

On a couple of occasions, Liston also tried his luck from distance, first smashing the side-netting, before skying it wayward from an audacious 40-yard attempt.

At half-time, Stimac made two changes, sacrificing midfielder Thapa to bring on striker Rahim Ali, while Brandon Fernandes replaced Sahal Abdul Samad in the middle.

The start to the second half was as wild as the first. Both goalkeepers were tested to the fullest in and came out on top. Faisal Alharbi's stinging volley from barely six yards out was met with a stunning reflex save from Gurpreet, who dipped his entire 196-centimetre figure to palm it out. A few minutes later, he had to stretch to the top corner to push out Yousef Alsulaiman's effort.

Sandwiched between Gurpreet's heroics was Sulaiman Abdulghafoor's one-on-one save for Kuwait. He made himself big to deny Rahim, who had latched on to a great through ball.

India struggled to maintain their first-half intensity and the tempo shifted towards Kuwait for a while. Substitute Ali Matar got plenty of space near the edge of the box, but he hesitated to shoot early and by the time he did, Rahul Bheke had thrown his body to make a solid block.

For those in blue, time seemed to pass quicker as they were left frustrated by Kuwait slowing down the tempo of the game.

The Blue Tigers sprang to some life in injury time, but it was not enough. Brandon Fernandes flashed a low ball across the face of the goal, but it was Alenezi once again to clear the danger for Kuwait for the umpteenth time on the night. Seconds later, Chhangte picked out Manvir with an inch-perfect cross but the latter nodded it wide of the near post. P ic : AIFA & Sanjay Hazra (khabar kolkata)

WestBengalBangla

Jun 05 2024, 20:05

A legend's final bow: Chhetri wants to walk out on a high
Sports News




Khabar kolkata News bureau:At the end of Sunil Chhetri's penultimate training session of his 19-year international career for India, he quietly picked up a ball, delicately placed it on the penalty spot and signalled Vishal Kaith to take his place between the sticks. As he's done at the end of every training session, he wanted to take a few attempts from 12 yards out before wrapping up for the day.

Chhetri shot four and scored all four of them. A slight grin appeared on his face after every shot. It wasn't just the joy of a successful strike, but of living every last moment of his national team career to the fullest. When the captain announced his retirement, for everyone else, everything became about June 6. But for Chhetri, it was about every single training session leading up to the big day. Every drop of sweat, every stride in his run, every swing of his boot attempting to score every shot in every practice session.

But on June 6, the captain wants it to be all about India. His life has been all about football. After the lights of the Salt Lake Stadium dim on Thursday night, he won't be part of the game for his country on the pitch, but will become another one of the billion-and-a-half fans of the national team. The 90 minutes before that could change Indian football completely. And perhaps fate had it that they would be Chhetri's last 90 minutes too. But there's nothing more the legend wants than bidding adieu to the sacred blue jersey, one which absorbed all of his sweat for nearly two decades, with all three points, which could potentially propel India to the third round. All he wishes for the post-Chhetri Indian team is to see them rub shoulders with Asia's elite.

"I've been fighting a small battle every day. Don't ask me how I feel (about retirement). Because I don't want to address it. We really need to win tomorrow. Once we win this game, it gives us a great chance to go to the third round, which we have never been to. One thing we know for sure is that this is not going to be easy. And one thing we are very happy about is that we're playing in Kolkata. We'll have tremendous support," said Chhetri.

The fan life will be different, but it's something the 39-year-old has already visualised.

"I'll be there wearing a nice suit, coming to watch all our boys play. That's the dream. We win tomorrow, hopefully, and we'll be almost qualified. It's not 100% guaranteed. There are some permutations and combinations, but we'll qualify. There will be 10 top games against the best in Asia, home and away. We'll go and watch the games. I get free tickets so I can enjoy it. That's the whole plan but again, this is only after the hard work that we put in tomorrow. Every day when I talk to the boys I keep telling them this. Hopefully, everything goes according to plan and I can go and watch them (in the third round). Just imagine playing against Japan and Australia in the third round. Just imagine what the whole euphoria will be and that is why the win is important. That's why we want everyone together," stressed Chhetri.

It would simply be the best farewell gift for the captain, and from the captain. The gift for billions in a nation for whom Indian football has only meant Sunil Chhetri over the last two decades. He made the country believe in their national team and inspired millions to kick a football. An icon of not just India, but global football. Only three players have scored more international goals in the history of the sport than him. The numbers speak for themselves. Some of those numbers will never be achieved again.

Thursday will be the 151st and final time he will don the India shirt. From the 20-year-old who sprayed perfume on his shirt before his debut, to the 39-year-old legendary figure, who will have thousands wearing the India jersey with his name on the back, this has been the journey of the nation's greatest football player.

"I think it's the right time. This is the right setup. It's one of the biggest games that I, who has played for 19 years, is going to play. We win, we go to the third round where we've never been before. There couldn't be a better game for me to call it my last. I'm at peace from the inside. I've given whatever I had." *Pic Courtesy by:AIFA* & *Sanjay Hazra*

WestBengalBangla

Jun 05 2024, 20:04

History beckons Blue Tigers: Chhetri and his men eager to script their own narrative
*Sports News*


*Khabar kolkata News bureau* : The road has been rugged and bumpy so far but India still stand on the cusp of history. A victory on the night of June 6 at the Salt Lake Vivekananda Yubo bharti Stadium for India against Kuwait in their penultimate Group A fixture of the FIFA World Cup 2026 and AFC Asian Cup 2027 Preliminary Joint Qualification Round 2 will put their one foot into the never-seen-before territory - the next round of qualifiers.

June 6. It's a date that has been echoing in the realm of Indian football for the past couple of months. The defeat to Afghanistan in Guwahati in March converted this date into practically a do-or-die occasion for India. And the echoes were further amplified when Sunil Chhetri, exactly three weeks before the D-Day, announced that it would also be his R-Day — R for Retirement. After 19 years of unmatchable service to his great nation, the Indian skipper will hang his boots at the Salt Lake, amid more than 60 thousand people, who will witness the legend's last kick of the ball for India.

But Chhetri was the quickest to point out during Wednesday's pre-match press conference that the match should not be about him, but the potentially ground-breaking result awaiting Indian football.

"I'm trying really hard not to think about the game emotionally. It's not about me. I would love to win 1-0, I don't care who scores. The last 15 days have been good. I think we're on the same page in terms of fitness and that's a good headache for the coach to have," said Chhetri.

India head coach Igor Stimac also concurred with his skipper's words. The most significant thing about tomorrow will be the victory. The fact that it's Chhetri's last 90 minutes for the nation adds to the prestige of the fixture.

"Knowing that this is the last game of our captain for the national team makes this occasion much, much bigger. But of course, this is still about India winning against Kuwait. We are focussed on what we need to do. I will put it in a few words - we are ready for it," said Stimac.

India and Kuwait have met thrice in the last 12 months, twice in the SAFF Championship (1-1 in the group stage and a penalty shoot-out win for India in the final), before the Blue Tigers triumphed 1-0 in the World Cup Qualifiers in November.

"We had three tight, tough games against Kuwait," said Stimac. "Either team could've won them. I would say our best game was away in Kuwait in these qualifiers because that was perfect defensive shape, not allowing them to get near our box and create clear chances. That's what we need to repeat tomorrow, with our discipline, focus, tight marking, reaching the opposition goal and scoring the goal because that's what we need."

Scoring goals from open play has been an Achilles heel for India, who have failed to score in five of the last six matches apart from Chhetri's penalty against Afghanistan in Guwahati. In fact, India's last open-play goal came against Kuwait from Manvir Singh's left foot. But with every passing training session with goal nets bulging non-stop from finishing drills, Stimac gains more and more confidence.

"The boys have worked tremendously hard on details and for everything that is needed for this game. We're going to be absolutely ready for each scenario which awaits us," he said.

As far as India's opponents are concerned, after the end of their domestic season in the last week of May, Kuwait held a one-week camp in Bangkok before travelling to Kolkata on Tuesday night. Their Portuguese head coach Rui Bento named a 26-man squad composed entirely of players from the Kuwait Premier League.

"We expect a good game tomorrow. We know that both teams have competitive targets and the same goal. We've had a good environment in our training. We believe that more than the one week of camp in Thailand, it's about the one and a half year of us being together as a team," said Bento.

The former Portugal youth international coach believed Kuwait, ranked 139th in the world, are now in a better place than last year and can put up a better challenge against India on Thursday as compared to the last three meetings. However, the West Asians are also wary that a defeat will condemn them to the bottom two in the group and officially eliminate them from World Cup qualifying.

"Yes, we played three games against India last year. They were all very balanced and the teams were at a similar level. But all those matches are history. Football is always an ongoing process, and we are proud and confident of ourselves. We are more prepared now to face India and expect ourselves to be better than before and win the game," said Bento.

*Pic Courtesy by: AIFA*

Gaya

Jun 03 2024, 18:41

खून के बदले रक्त लेने के बाद ही दिया जाता है खून, ब्लड बैंकों द्वारा कहीं कालाबाजारी तो नहीं किया जा रहा : मनीष पंकज

गया। आज राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन द्वारा शहर के कई सरकारी एवं गैर-सरकारी अस्पतालों एवं ब्लड बैंकों में मरीजों को मिलने वाले सुविधाओं, ब्लड कि कमी एवं मरीजों को हो रहें दिक्कत एवं शोषण मामले को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल द्वारा सर्वेक्षण किया गया। 

प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रदेश अध्यक्ष डॉ मनीष पंकज मिश्रा एवं कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष राणा रंजीत सिंह द्वारा इस संबंध में आयोजित बैठक में कहा कि खून के बदले रक्त लेने के बाद ही जब खून दिया जाता है तो खून का कृत्रिम संकट दिखला कर कहीं ब्लड बैंकों द्वारा कालाबाजारी तो नहीं हो रहा है। इसकी जांच होनी चाहिए। 

jmishra126

May 28 2024, 13:56

सड़क हादसे में दो महिला की मौत बचाने के बजाय वीडियो बनाते रहे लोग


पूर्णिया
पूर्णिया में सड़क हादसे में दो महिलाओं की मौत हो गई । घटना मुफस्सिल थाना के बेलोरी के पास की है । दोनों महिलाएं रानी देवी और गीता देवी सुबह टोटो से स्कूल जा रही थी। तभी बेलोरी के पास आ रही एक पिकअप वैन ने पहले टोटो को टक्कर मारी फिर उसी टोटो पर बैगन भरा पिकअप वैन पलट गया। जिसमें दोनों महिलाएं दब गई।



परिजनों की माने तो वे लोग मदद के लिए चीखते चिल्लाते रहे लेकिन लोग वीडियो बनाते रहे। आपस में बातें करते रहे। लेकिन मदद के लिए कोई आगे नहीं आया । अगर लोग उस समय मदद कर देते तो शायद दोनों की जान बच सकती थी। दोनों महिलाएं गीता देवी और रानी देवी एक प्राइवेट स्कूल में केयर टेकर का काम करती है । दोनों सुबह स्कूल जा रहे थे तभी यह हादसा हुआ। सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और पिकअप को जप्त कर थाना लाया ।स्थानीय लोगों की मदद से दोनों महिलाओं को बाहर निकाल कर अस्पताल भेजा। जहां डॉक्टर ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।

WestBengalBangla

Jun 23 2024, 18:36

Hospice India initiative eye examination camp, happy common man

*Khabar kolkata:* Thinking about the poor people of the area, Hospice India organized a free eye treatment camp in Garia near Kolkata. MLA Ferdousi Begum of Sonarpur North Assembly Constituency and Councilor Jayant Sengupta of Ward No. 3 of Rajpur-Sonarpur Municipality attended this camp on Sunday.

The camp starts from 9 am and lasts till 3:30 pm. After eye examination of 164 patients, 29 were decided to undergo cataract surgery. Rotary Dakshin Barasat Eye Hospital and Ramakrishna Diagnostic Center Private Limited promised to provide glasses to 92 people.
Why this thought? Najma Roy, editor of Hospice India, said, 'There are no health centers in the vast areas like Panchpota, Katipota, Nadudiara, Gangajoara, Khiyadah, which are near the Garia railway station. We are trying in various ways to deliver health services to the poor people of the area. That journey started with the pre-opening ceremony of the eye camp like salt before lighting the lamp.' MLA Ferdowsi Begum appreciated this initiative of Hospice India.

Dr. Shubojit Roy, on behalf of Hospice India, said, 'No one lives forever. But to relieve their pain before death, that is our main task. Hospice care aims to provide comprehensive services at the critical time of life with the help of modern medical science. What has been developed in Gariya's Panchpota after many days of tireless work.'

India

Jun 20 2024, 13:40

धर्मशाला में दलाई लामा से अमेरिकी नेताओं की मुलाकात, भारत के लिए क्या मायने?

#american_leader_meeting_with_dalai_lama_what_does_it_mean_for_india

अमेरिकी सांसदों के एक बड़े दल ने तिब्बत से निर्वासित धर्मगुरु दलाई लामा से मुलाकात की।एक दिन पहले ही चीन ने इस मुलाकात की बेहद कड़े शब्दों में निंदा की थी और अमेरिका को दलाई लामा से अलग रहने को कहा था। इसके बावजूद अमेरिका के सत्ता व विपक्ष के सात प्रमुख सांसदों ने न सिर्फ दलाई लामा से मुलाकात की, बल्कि आजाद तिब्बत की बात भी कही। अमेरिकी सांसदों के प्रतिनिधि (विदेशी मामलों के अध्यक्ष) माइकल मैकोल ने यहां तिब्बत को लेकर अमेरिकी नीति में बदलाव की बात कही और हाल ही में अमेरिकी संसद में पारित 'रिजाल्व तिब्बत एक्ट' की कापी भी पेश की।

भारत ने अमेरिकी सांसदों की दलाई लामा से मुलाकात पर कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन उसकी नजर इस पूरे घटनाक्रम पर है। हालांकि, अमेरिकी सांसदों के इस दल को धर्मशाला आने की मंजूरी औपचारिक तौर पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने ही दी है। भारत की सहमति के साथ उसकी चुप्पी बहुत कुछ कहती है।

तिब्बत को लेकर नैंसी पेलेसी की दलाई लामा से मीटिंग पर दुनियाभर की निगाहें टिकी रहीं। चूंकि ये मुलाकात भारत में हुई है, जिसके असर से देश अछूता नहीं रह सकता है। अमेरिकी सांसदों का तिब्बत को लेकर भारत आगमन ऐसे समय में हुआ है, जब बीजिंग और वाशिंगटन संबंधों को सुधारने की कवायद चल रही है, जबकि भारत के चीन के साथ संबंध तनावपूर्ण हैं।

1950 में चीन ने तिब्बत में घुसपैठ शुरू की थी और 1959 तक वह वहां के शासनतंत्र और धर्मगुरु को निर्वासित कर चुका था। उस दौरान दलाई लामा भारत भाग कर न आ जाते तो शायद चीन उन्हें गिरफ्तार कर मरवा देता। भारत ने इन्हें शरण दी और दलाई लामा ने हिमाचल के धर्मशाला में तिब्बत की निर्वासित सरकार का मुख्यालय बनाया। भारत में भी तीन लाख के करीब तिब्बती शरणार्थी हैं। इनमें से अधिकांश ने भारत की नागरिकता नहीं ली है। लेकिन जो 1962 के बाद भारत में पैदा हुए वे अधिकतर भारत की नागरिकता ले चुके हैं। भारत ने इन्हें शरणार्थी का दर्जा दिया हुआ है इसलिए तिब्बतियों को सरकारी नौकरियां तो कुछ शर्तों के साथ मिलती हैं। खासकर शिक्षा के क्षेत्र में हर तरह की जॉब उन्हें मिल जाती है। 

भारत चीन सीमा विवाद की जड़ में ये 'तिब्बत फैक्टर' अहम है। असल में भारत और चीन के बीच विवाद दो बड़े क्षेत्रों लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश को लेकर है। चीन का कहना है कि अरुणाचल प्रदेश 'दक्षिणी तिब्बत' का हिस्सा है। हालांकि भारत चीन के इस दावे को सिरे से खारिज करता है। भारत अरुणाचल प्रदेश को अपना अभिन्न अंग बताता है। जब भी दलाई लामा अरुणाचल प्रदेश जाते हैं, तो चीन अपनी नाराजगी जताता है। ऐसे ही नाराजगी उसने पीएम मोदी के अरुणाचल प्रदेश के दौरे पर जताई थी। हालांकि भारत ने चीन को करारा जवाब दिया था।

ऐसे में चीन के साथ विवाद के बीच दलाई लामा से नैंसी पेलोसी का मिलना भारत की कुटनीति का हिस्सा माना जा रहा है। तिब्बत पर अमेरिका के इस रुख का चीन को कड़ा संदेश जाता है कि उसकी विस्तारवादी नीति का कड़ा जवाब दिया जाएगा। कह सकते हैं कि भारत बिना युद्ध के चीन को सबक सीखा रहा है। 

दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी सैन्य ताकत चीन से सीधे भिड़ जाने के नुकसान को भारत समझता है। यही नहीं, चीन, भारत के उन आठ पड़ोसी देशों पर लगातार अपनी वित्तीय और सियासी ताक़त का शिकंजा कस रहा है, जो दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) के सदस्य हैं। चीन की ये गतिविधियां भारत के लिए बहुत असहज और चिंताजनक हैं। इसके लिए चीन, अपनी वित्तीय क्षमताओं और विशाल परियोजनाओं को ठोस आर्थिक सहायता देने की अपनी क्षमता का बख़ूबी इस्तेमाल कर रहा है। इसी वजह से दक्षिण एशिया के कुछ देशों का झुकाव चीन के प्रति बढ़ रहा है, क्योंकि वो अपने मूलभूत ढांचे के विकास और आर्थिक फ़ायदों के लिए चीन से मदद हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। दक्षिणी एशिया में भारत के पड़ोसी देशों और हिंद महासागर के द्वीपीय देशों में अपना दबदबा बढ़ाने के लिए चीन, अपनी पसंदीदा परियोजना, बेल्ट ऐंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) को बख़ूबी इस्तेमाल कर रहा है।

इससे निपटने के लिए भारत ने पड़ोसी देशों में मूलभूत ढांचे के विकास की कई परियोजनाओं में भागीदार बनकर उनके साथ अपने आर्थिक संबंधों को नई धार दी है। 2014 में प्रधानमंत्री मोदी ने अपने शपथ ग्रहण के कार्यक्रम में सार्क देशों के नेताओं को आमंत्रित करके एक शानदार क़दम उठाया था। जिसके बाद से उम्मीद जगी कि भारत, पड़ोसी देशों के साथ अपने विवादों को सुलझाकर रिश्तों में नई जान डालेगा, और इससे इस क्षेत्र के भीतर व्यापार में भी सुधार होगा।

यही नहीं, भारत ने चीनी आयात पर भी सख्ती दिखाई। 15 जून 2020 को गलवान में हिंसक झड़प के बाद जन समुदाय के एक बड़े भाग चीन से आयात होने वाले उत्पादों पर तत्काल प्रतिबंध की माँग उठाई। प्रारंभिक स्तर पर भारत सरकार ने भी संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी में प्रयोग किये जाने वाले उपकरणों के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया, हालाँकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह प्रतिबंध सुरक्षा मानकों पर खरा न उतरने के कारण लगाए गए।

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Jun 14 2024, 11:38

Terrorists are openly roaming in my Jammu city with AK-47s.
This lady is an eyewitness who encountered a terrorist near Wave Mall, where he asked her for cigarettes and if she was a local. What the hell is going on in my Jammu?