अबुआ दिशोम बजट' से संवरेगा झारखंड: मुख्यमंत्री ने दिए समावेशी और युवा केंद्रित बजट के संकेत, दावोस-लंदन के अनुभवों का दिखेगा असर


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राँची, 29 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज झारखंड मंत्रालय में आयोजित 'अबुआ दिशोम बजट संगोष्ठी-2026-27' को संबोधित करते हुए राज्य के भविष्य की रूपरेखा साझा की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आगामी बजट केवल आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि 25 साल के युवा झारखंड की जन-आकांक्षाओं और नई पीढ़ी की जरूरतों को पूरा करने वाला एक सशक्त दस्तावेज होगा।

1 लाख करोड़ के बजट का अनुमान: राजस्व बढ़ाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि आगामी बजट लगभग 1 लाख करोड़ रुपये का होने का अनुमान है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनकल्याणकारी योजनाओं में राशि की कमी न हो, इसके लिए राजस्व संग्रहण के नए और ठोस तरीके अपनाए जाएं।

बजट के मुख्य आकर्षण और सीएम के विचार:

वैश्विक अनुभव का लाभ: मुख्यमंत्री ने कहा कि हालिया दावोस और लंदन दौरे से मिले आर्थिक प्रबंधन और नीतिगत अनुभवों को झारखंड की परिस्थितियों के अनुरूप बजट में शामिल किया जाएगा।

युवा और नई पीढ़ी: सीएम ने कहा, "नई पीढ़ी पारंपरिक रास्तों से अलग नए अवसर तलाश रही है। बजट उनकी सोच और आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप होना चाहिए।"

वैल्यू एडिशन: झारखंड लाह और तसर उत्पादन में अग्रणी है। मुख्यमंत्री ने इन संसाधनों के 'वैल्यू एडिशन' (मूल्य संवर्धन) पर जोर दिया ताकि राज्य का पैसा और संसाधन राज्य के ही काम आए।

आदिवासी परंपरा और आधुनिकता: एक आदिवासी बहुल राज्य होने के नाते, बजट में पारंपरिक व्यवस्थाओं के संरक्षण के साथ-साथ बुनियादी ढांचे (शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल) के आधुनिक विकास का संतुलन दिखेगा।

आम जनता के सुझावों को सम्मान

मुख्यमंत्री ने इस बात पर गर्व जताया कि बजट निर्माण में आम लोगों की भागीदारी बढ़ी है। इस अवसर पर उन्होंने श्रेष्ठ सुझाव देने वाले स्वाति बंका, किशोर प्रसाद वर्मा और गोपी हांसदा को नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

गरिमामयी उपस्थिति

संगोष्ठी में वित्त मंत्री श्री राधा कृष्ण किशोर, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार सहित देश के प्रतिष्ठित संस्थानों से आए अर्थशास्त्री और विशेषज्ञ मौजूद रहे।

झारखंड के पड़हा राजा सोमा मुंडा की कैसे हुई हत्या? स्कूल का पूर्व छात्र निकला कातिल, जमीन कारोबारियों ने रची थी साजिश

झारखंड के खूंटी जिले में 7 जनवरी 2026 को हुए चर्चित पड़हा राजा सोमा मुंडा हत्याकांड में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. पुलिस ने इस मामले में शूटर सहित कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, वारदात को अंजाम देने में शामिल सभी प्रमुख लोगों को पकड़ लिया गया है.

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गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों को पैदल मार्च कराते हुए सड़कों से होते हुए खूंटी थाना तक ले जाया. इस दौरान मुख्य सड़क पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और कई लोगों ने अपने मोबाइल से आरोपियों की तस्वीरें और वीडियो बनाए.

50 हजार रुपये की सुपारी दी गई थी

पुलिस के मुताबिक, मुख्य शूटर के रूप में लगभग 20 वर्षीय मारकुस संगा की पहचान हुई है. आरोप है कि उसने करीब 50 हजार रुपये की सुपारी लेकर सोमा मुंडा पर गोली चलाई. बताया जा रहा है कि मारकुस संगा कभी सोमा मुंडा के स्कूल का छात्र था और वर्ष 2022 में किसी कारणवश उसे स्कूल से निकाल दिया गया था.

पुलिस का कहना है कि इसी बात को लेकर वह नाराज था और जमीन से जुड़े एक कारोबारी ने उसकी नाराजगी का फायदा उठाकर उसे पैसे और हथियार उपलब्ध कराए. जांच में सामने आया है कि खूंटी के हुटार चौक निवासी दानियल संगा का भी मृतक से लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था. करीब 1012 वर्ष पहले से 14 डिसमिल जमीन को लेकर दोनों के बीच तनातनी थी.

पुलिस के अनुसार, जब भी दानियल उस जमीन पर निर्माण की कोशिश करता, सोमा मुंडा विरोध करते थे. इसी बीच वर्ष 2025 के नवंबरदिसंबर में जियरप्पा गांव की 32 एकड़ जमीन की खरीद-बिक्री की कोशिश भी सोमा मुंडा और ग्राम सभा के हस्तक्षेप से रुक गई थी, जिससे कथित तौर पर जमीन कारोबार से जुड़े लोग नाराज हो गए.

7 जनवरी को सोमा मुंडा की हुई थी हत्या

पुलिस के मुताबिक, 7 जनवरी को सोमा मुंडा अपनी पत्नी के साथ मोटरसाइकिल से खूंटी से गांव लौट रहे थे, तभी जमुआदाग तालाब के पास पहले से रेकी कर रहे आरोपियों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं. मौके पर ही उनकी मौत हो गई.

पुलिस ने इस मामले में एक देशी पिस्टल, चार गोलियां, पल्सर मोटरसाइकिल, एक कार, रेकी में इस्तेमाल बाइक, मोबाइल फोन, कपड़े और हेलमेट सहित अन्य सामान जब्त करने की बात कही है. इस पूरे मामले का खुलासा खूंटी के एसपी मनीष टोप्पो ने किया. सोमा मुंडा मुंडा जनजाति की पारंपरिक पड़हा पंचायत व्यवस्था के प्रमुख (राजा) थे, जो कई गांवों के सामाजिक और पारंपरिक मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. उनकी हत्या से क्षेत्र में गहरा आक्रोश और शोक का माहौल है.

असम के 'आदिवासी महासभा 2026' के मुख्य अतिथि होंगे मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन, AASAA के प्रतिनिधिमंडल ने राँची पहुँचकर दिया निमंत्रण

राँची, 29 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से आज राँची स्थित उनके आवासीय कार्यालय में ऑल आदिवासी स्टूडेंट्स एसोसिएशन ऑफ़ आसाम (AASAA) के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को असम के तिनसुकिया में आयोजित होने वाली ऐतिहासिक "आदिवासी महासभा 2026" में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए सादर आमंत्रित किया।

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तिनसुकिया में एकजुट होगा आदिवासी समाज

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि आगामी 1 फरवरी 2026 को असम के तिनसुकिया जिला स्थित 'Margherta Borgolai Field' में इस भव्य महासभा का आयोजन किया जा रहा है। असम के चाय बागानों और दूर-दराज के क्षेत्रों में रह रहे लाखों आदिवासियों की समस्याओं और उनके संवैधानिक अधिकारों पर चर्चा के लिए यह एक महत्वपूर्ण वैश्विक मंच बनेगा।

सांस्कृतिक और वैचारिक सेतु

झारखंड से असम तक फैले आदिवासी समाज के लिए मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन एक सशक्त प्रतीक और मार्गदर्शक के रूप में देखे जाते हैं। असम में रह रहे झारखंडी मूल के आदिवासी (Tea Tribes) लंबे समय से अपनी पहचान और अधिकारों के लिए संघर्षरत हैं, ऐसे में मुख्यमंत्री की इस महासभा में उपस्थिति उनके मनोबल को बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगी।

प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल

मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री के साथ मंत्री श्री चमरा लिंडा भी उपस्थित थे। AASAA प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व केंद्रीय अध्यक्ष श्री रेजन होरो ने किया। प्रतिनिधिमंडल में उपाध्यक्ष डेविड तिर्की, अमरजीत केरकेट्टा, अल्बर्ट ओरिया और अन्य प्रमुख सदस्य शामिल थे, जिन्होंने मुख्यमंत्री को असम की पारंपरिक 'गमछा' पहनाकर सम्मानित किया।

JAC बोर्ड परीक्षा-2026 की तैयारी को लेकर रांची जिला प्रशासन की बड़ी पहल

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रांची जिला में वर्ग अष्टम में नामांकित तथा झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) द्वारा आयोजित की जानेवाली बोर्ड परीक्षा 2026 की सुदृढ़ तैयारी के उद्देश्य से जिला प्रशासन की पहल पर प्री-बोर्ड परीक्षा का आज शुभारंभ किया गया। परीक्षा की शुरुआत उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजंत्री द्वारा ऑनलाइन माध्यम से प्रश्नपत्र संबंधित ग्रुप में भेजकर की गई। जिला प्रशासन की प्रोजेक्ट टीम द्वारा विकसित JAC प्रारूप के अनुसार MCQ आधारित प्रश्नपत्र एवं OMR SHEET का ऑनलाइन प्रेषण किया गया। सभी विद्यालय प्रबंधन द्वारा मुद्रित प्रश्नपत्र एवं OMR शीट विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही है।

उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, राँची श्री मंजूनाथ भजंत्री के निर्देश पर सत्र 2025-26 में नामांकित एवं JAC पोर्टल पर पंजीकृत जिले के सभी सरकारी एवं सरकारी मान्यता प्राप्त विद्यालयों के लगभग 26,000 छात्र-छात्राओं के लिए आज से प्री-बोर्ड परीक्षा का संचालन प्रारंभ हुआ।

परीक्षा के पहले दिन आज प्रथम पाली में हिन्दी तथा द्वितीय पाली में सामाजिक विज्ञान की परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें 97 प्रतिशत से अधिक छात्र उपस्थिति दर्ज की गई। परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार 29 जनवरी को अंग्रेज़ी एवं विज्ञान तथा 31 जनवरी को गणित एवं संस्कृत अथवा क्षेत्रीय भाषा की परीक्षा आयोजित की जाएगी।

फरवरी के प्रथम सप्ताह तक परीक्षाफल की समीक्षा करते हुए कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष कक्षाओं का आयोजन किया जाएगा, ताकि जिले में शत-प्रतिशत परीक्षाफल के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके। विदित हो कि JAC द्वारा बोर्ड परीक्षा की तिथि 24 फरवरी निर्धारित की गई है। तब तक विहित प्रारूप के प्रश्नपत्रों की श्रृंखला के माध्यम से ओएमआर शीट पर अभ्यास कराते हुए बेहतर एवं विशिष्ट परिणाम सुनिश्चित करने के लिए राँची जिला पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

उल्लेखनीय है कि विगत वर्ष भी इस प्रकार के प्रयासों के माध्यम से राँची जिला राज्य स्तर पर द्वितीय स्थान पर रहा था। इस वर्ष और बेहतर करने हेतु जिला प्रशासन द्वारा हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

कुपोषण के खिलाफ राँची की 'डिजिटल स्ट्राइक': अब पोषण ट्रैकर ऐप पर होगी रीयल-टाइम मॉनिटरिंग, DC ने दिए प्रशिक्षण के निर्देश

राँची, 28 जनवरी 2026: राँची जिले में बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण स्तर को सुधारने के लिए जिला प्रशासन अब तकनीक का सहारा ले रहा है। उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने 'पोषण ट्रैकर ऐप' की समीक्षा के दौरान पाया कि डेटा एंट्री में कमी के कारण जिले का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं है। इसे सुधारने के लिए उन्होंने तत्काल प्रभाव से विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने का निर्देश दिया है।

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डेटा एंट्री में ढिलाई पर सख्त रुख

समीक्षा बैठक में यह बात सामने आई कि उचित प्रशिक्षण के अभाव में बाल विकास परियोजना पदाधिकारी और महिला पर्यवेक्षिकाएं ऐप पर डेटा अपलोड नहीं कर पा रही थीं। इस पर उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि टीकाकरण, Face Recognition System (FRS) और APAAR ID जैसे महत्वपूर्ण डेटा की रीयल-टाइम एंट्री अनिवार्य है।

दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर

उपायुक्त के निर्देश पर जिले के सभी प्रखंडों के सीडीपीओ, महिला पर्यवेक्षिकाओं और चयनित आंगनबाड़ी सेविकाओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है:

28 जनवरी: सदर, बुण्डू, तमाड़, सोनाहातु, अनगड़ा, बेड़ो, लापुंग और नगड़ी प्रखंड।

29 जनवरी: कांके, नामकुम, रातु, बुड़मू, ओरमांझी, माण्डर, चान्हों और सिल्ली प्रखंड।

क्या है पोषण ट्रैकर ऐप का लाभ?

यह ऐप गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और 0-6 वर्ष के बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण की रीयल-टाइम ट्रैकिंग करता है। प्रशिक्षण के बाद, आंगनबाड़ी केंद्रों की गतिविधियों की निगरानी सुगम होगी और कुपोषण की स्थिति में सुधार के लिए सटीक रणनीति बनाई जा सकेगी।

लक्ष्य: पोषण में राँची बने 'नंबर वन'

उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन निरंतर मॉनिटरिंग करेगा ताकि राँची जिला पोषण के लक्ष्यों को प्राप्त करने में राज्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सके। उन्होंने सभी सेविकाओं से इस ऐप का अधिकतम उपयोग करने की अपील की है।

राँची नगरपालिका चुनाव: 'अशांति फैलाई तो खैर नहीं', उपायुक्त ने दिए अपराधियों पर पैनी नजर और अवैध हथियारों की धरपकड़ के निर्देश

राँची, 28 जनवरी 2026: आगामी नगरपालिका (आम) निर्वाचन 2026 को भयमुक्त और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आज कानून-व्यवस्था और आदर्श आचार संहिता के अनुपालन को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई।

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अपराधियों पर 'रेड अलर्ट', सोशल मीडिया पर भी नजर

बैठक में उपायुक्त ने पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जमानत पर छूटे अपराधियों और संदिग्धों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि चुनाव प्रक्रिया में खलल डालने या मतदाताओं को डराने-धमकाने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाते हुए कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।

हथियार जमा करने और सघन जांच के आदेश

शस्त्र समर्पण: सभी शस्त्र अनुज्ञप्ति धारकों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपने हथियार थानों में जमा करने का निर्देश दिया गया है।

अवैध शराब और नकदी: अवैध शराब की तस्करी और वोटरों को लुभाने के लिए नकदी के अवैध लेन-देन को रोकने के लिए 'स्टैटिक सर्विलांस टीम' (SST) को सघन वाहन जांच करने को कहा गया है।

भ्रामक खबरें: सोशल मीडिया पर भ्रामक और आपत्तिजनक पोस्ट के जरिए चुनावी माहौल बिगाड़ने वालों पर भी विशेष नजर रखी जाएगी।

समन्वय और सतर्कता ही सफलता का मंत्र

बैठक में सिटी एसपी श्री पारस राणा और ग्रामीण एसपी श्री प्रवीण पुष्कर सहित कई वरीय पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। उपायुक्त ने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए पुलिस और प्रशासन के बीच आपसी समन्वय और सूचनाओं का आदान-प्रदान अत्यंत आवश्यक है।

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री के विमान दुर्घटना में हुए असामयिक निधन पर भाजपा ने जताया शोक

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प्रदेश भाजपा ने महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार के असामयिक निधन पर गहरा शोक जताया है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने कहा कि महाराष्ट्र के बारामती में हुई भीषण हवाई जहाज दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री श्री अजीत पवार जी सहित कई लोगों के निधन का समाचार अत्यंत दुखद एवं हृदय विदारक है। 

श्री साहू ने कहा कि ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति दें और शोकाकुल परिवारों को इस अपार दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें।

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री श्री अजीत पवार जी के विमान दुर्घटना में असामयिक निधन से स्तब्ध हूं। उन्होंने राजनीति और जनसेवा के क्षेत्र में जो योगदान दिया, वह सदैव स्मरणीय रहेगा।

कहा कि उनका निधन राजनीतिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। इस दुखद विमान हादसे में उनके साथ जान गंवाने वाले अन्य 4 लोगों का निधन भी अत्यंत पीड़ादायक है। सभी दिवंगत आत्माओं को ईश्वर शांति प्रदान करें तथा शोकाकुल परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति दें।

शोक व्यक्त करने वालों में क्षेत्रीय संगठन महामंत्री नागेंद्र त्रिपाठी, प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह,प्रदेश महामंत्री एवम सांसद डॉ प्रदीप वर्मा, मनोज कुमार सिंह सहित अन्य शामिल हैं।

राँची नगरपालिका चुनाव 2026: उपायुक्त ने कसी कमर; कोषांगों को समयबद्ध और पारदर्शी चुनाव संपन्न कराने का सख्त निर्देश

राँची, 28 जनवरी 2026: राँची जिले में आगामी नगरपालिका (आम) निर्वाचन 2026 को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और त्रुटिहीन तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला निर्वाचन पदाधिकारी (नगरपालिका)-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने आज समाहरणालय में हाई-लेवल बैठक की। बैठक में चुनाव के लिए गठित सभी विशेष कोषांगों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।

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आयोग के निर्देशों का अक्षरशः पालन अनिवार्य

उपायुक्त ने सभी वरीय पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि राज्य निर्वाचन आयोग, झारखण्ड के दिशा-निर्देशों का पालन करने में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कोषांग अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ करे।

मतदाता जागरूकता पर विशेष जोर

लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदान प्रतिशत बढ़ाने पर जोर देते हुए उपायुक्त ने निर्देश दिया कि मतदाताओं को जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाए। विभिन्न प्रचार माध्यमों का उपयोग कर हर नागरिक तक मतदान का संदेश पहुँचाना सुनिश्चित करें।

कोषांगों के बीच बेहतर समन्वय की अपील

बैठक में कार्मिक, मतपत्र, परिवहन, आचार संहिता, मीडिया और सूचना तकनीकी (IT) जैसे 13 से अधिक महत्वपूर्ण कोषांगों के कार्यों की समीक्षा हुई। उपायुक्त ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया की सफलता के लिए सभी विभागों के बीच आपसी तालमेल और नियमित रिपोर्टिंग अत्यंत आवश्यक है।

निकाय चुनाव अद्यतन मतदाता सूची से कराना सुनिश्चित करे राज्य सरकार.....बाबूलाल मरांडी

मरांडी ने कहा कि जानकारी मिल रही है कि झारखंड में नगर निकाय का चुनाव अक्टूबर 2024 की मतदाता सूची के आधार पर कराए जाने की तैयारी है।

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कहा कि नगर निकाय चुनाव उसी वोटर लिस्ट से होगा, जिससे विधानसभा चुनाव हुए थे। यानी 1 अक्टूबर 2024 से पहले जुड़े वोटर ही वोट कर सकेंगे। इस स्थिति में, पिछले 15 महीनों में मतदाता सूची में शामिल हुए नए मतदाता तथा वे मतदाता जिन्होंने अपना नाम एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित कराया है, नगर निकाय चुनाव में अपने मताधिकार से वंचित हो जाएंगे।

कहा कि यह सर्वविदित है कि मतदाता सूची का वार्षिक/अर्द्धवार्षिक पुनरीक्षण नियमित रूप से होता है। इसके बावजूद यदि पुरानी मतदाता सूची के आधार पर चुनाव कराए जाते हैं, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत होगा। लोकतंत्र में मतदाताओं को उनके संवैधानिक अधिकार से वंचित रखना गंभीर अन्याय है।

कहा कि राज्य सरकार से हमारी मांग है कि नगर निकाय चुनाव अद्यतन मतदाता सूची के आधार पर कराए जाएं, ताकि शहर की सरकार चुनने की प्रक्रिया में प्रत्येक मतदाता की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

झारखंड के विकास को लगेंगे वैश्विक पंख: दावोस और लंदन फतह कर लौटे मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन का राँची में भव्य स्वागत

राँची, 27 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन दावोस (विश्व आर्थिक मंच) और यूनाइटेड किंगडम के अपने सफल दौरे के बाद आज राँची लौटे। बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर 'फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज' (FJCCI) और हजारों की संख्या में आए आमजनों ने ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक उल्लास के साथ मुख्यमंत्री का जोरदार स्वागत किया।

झारखंड के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में पहली बार झारखंड का 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल विश्व आर्थिक मंच (WEF) की वार्षिक बैठक में शामिल हुआ। यह राज्य के इतिहास में पहला मौका था जब झारखंड ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दुनिया के प्रमुख निवेशकों और उद्योगपतियों के सामने अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया।

"आने वाली पीढ़ी को देंगे नई दिशा" — मुख्यमंत्री

एयरपोर्ट पर मीडिया से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा:

"राज्य गठन के बाद पहली बार झारखंड ने वैश्विक मंच पर अपनी बुलंद उपस्थिति दर्ज कराई है। दावोस और लंदन से जो अनुभव हमें मिला है, उसे हम झारखंड की जल, जंगल, जमीन और यहाँ की अपार संभावनाओं को नया आयाम देने में लगाएंगे।"

शिक्षा और युवाओं पर फोकस

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि इस दौरे का मुख्य उद्देश्य राज्य की युवा पीढ़ी के लिए नए अवसर तलाशना था। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में नए वैश्विक आयाम जोड़ने और राज्य को प्रगति के पथ पर ले जाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

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