पीएम मोदी की विदेश यात्राओं पर बगलें क्यों झांकने लगते हैं भाजपा नेता : विनोद पांडेय

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झारखंड मुक्ति मोर्चा के महासचिव विनोद पांडेय ने भाजपा नेताओं द्वारा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विदेश दौरे को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि भाजपा का यह रवैया पूरी तरह राजनीतिक हताशा और दोहरे मापदंडों को दर्शाता है।

श्री पांडेय ने कहा कि जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार विदेश यात्राएं करते हैं, तब भाजपा नेताओं को न तो संविधान की याद आती है और न ही राष्ट्रीय स्वाभिमान की। लेकिन वही भाजपा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के राज्यहित में किए जा रहे विदेश दौरे को लेकर अनर्गल आरोप लगा रही है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दावोस और यूनाइटेड किंगडम के दौरे पर झारखंड में निवेश, उद्योग और रोजगार के नए अवसरों को लेकर गए हैं। यह दौरा पूरी तरह राज्य के आर्थिक विकास और युवाओं के भविष्य से जुड़ा हुआ है, न कि किसी निजी या राजनीतिक उद्देश्य से।

विनोद पांडेय ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री अपने रांची लौटने के बाद दावोस और यूके दौरे से जुड़ी उपलब्धियों, निवेश प्रस्तावों और हुई बैठकों की पूरी जानकारी स्वयं सार्वजनिक रूप से देंगे। उन्होंने कहा कि झामुमो पारदर्शिता में विश्वास करता है और जनता को भ्रमित करने की भाजपा की कोशिशें सफल नहीं होंगी।

उन्होंने कहा कि जयपाल सिंह मुंडा को ट्रिब्यूट करने हेमंत जी उनके लंदन स्थित कॉलेज गए। दोनों देशों के बीच शिक्षा के क्षेत्र में परस्पर सहयोग के लिए सहमति बनी है। बाबूलाल जी को यूके जाकर झारखंड सरकार के शत प्रतिशत छात्रवृत्ति की मदद से वहां पढ़ाई कर रहे छात्रों से मक भेंट करना चाहिए। बाबूलाल जी को गर्व होगा और शायद उनको एहसास होगा हेमंत जी के वजन का।

श्री पांडेय ने कहा कि झारखंड की जनता समझदार है और वह जानती है कि कौन राज्य के विकास के लिए काम कर रहा है और कौन केवल सुर्खियों में बने रहने के लिए बयान देकर उनको बरगला रहा है।

झामुमो ने किया 'पद्म भूषण' का स्वागत, पर दोहराई 'भारत रत्न' की मांग: "हाशिये की आवाज थे दिशोम गुरु"

राँची, 26 जनवरी 2026: झारखंड आंदोलन के प्रणेता और पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय शिबू सोरेन (दिशोम गुरु) को मरणोपरांत पद्म भूषण सम्मान दिए जाने की घोषणा का झारखंड मुक्ति मोर्चा ने स्वागत किया है। हालांकि, पार्टी ने स्पष्ट किया है कि गुरुजी का कद और उनका संघर्ष 'भारत रत्न' के योग्य है और यह मांग निरंतर जारी रहेगी।

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संघर्षों का रहा है लंबा इतिहास

11 जनवरी 1944 को नेमरा (रामगढ़) में जन्मे गुरुजी का जीवन महाजनी प्रथा, शोषण और जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए समर्पित रहा। झामुमो महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने कहा कि गुरुजी ने न केवल झारखंड को अलग पहचान दिलाई, बल्कि नशा मुक्ति और शिक्षा जैसे सामाजिक सुधारों से आदिवासी-मूलवासी समाज के जीवन को बदला।

"बाबा भारत के अनमोल रत्न थे" - विनोद पांडेय

पद्म भूषण की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए विनोद पांडेय ने केंद्र सरकार को साधुवाद दिया, लेकिन एक महत्वपूर्ण सवाल भी उठाया:

"गुरुजी भारतीय मिट्टी के सच्चे सपूत थे। मेरी नजर में बाबा भारत के अनमोल रत्न थे। क्या आदिवासी समाज में अब तक कोई नायक भारत रत्न के योग्य नहीं हुआ? सच्चाई यह है कि आदिवासी समाज को अब तक मुख्यधारा का हिस्सा ही नहीं माना गया है। करोड़ों समर्थकों की भावना है कि उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया जाए।"

विधानसभा से पारित हो चुका है प्रस्ताव

उल्लेखनीय है कि झारखंड विधानसभा ने पहले ही सर्वसम्मति से शिबू सोरेन को 'भारत रत्न' देने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा था। 4 अगस्त 2025 को उनके निधन के बाद से ही राज्यभर में उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान देने की मांग जोर पकड़ रही है।

गुरुजी की राजनीतिक विरासत:

मुख्यमंत्री: तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री रहे।

सांसद: दुमका से 8 बार लोकसभा सांसद चुने गए।

आंदोलन: पृथक झारखंड राज्य के निर्माण में सबसे बड़ी भूमिका।

आकर्षक हेडलाइंस (विकल्प):

विकल्प 1: पद्म भूषण पर झामुमो का साधुवाद, लेकिन 'भारत रत्न' की मांग पर अडिग; विनोद पांडेय बोले- "बाबा रत्न नहीं, महा रत्न थे।"

विकल्प 2: "आदिवासी नायक को मिले सर्वोच्च सम्मान"; गुरुजी को पद्म भूषण मिलने पर झामुमो ने जताई खुशी, भारत रत्न की मांग तेज।

विकल्प 3: दिशोम गुरु के संघर्षों का सम्मान: केंद्र ने दी पद्म भूषण की घोषणा, समर्थकों को अब 'भारत रत्न' का इंतजार।

ऑक्सफोर्ड के सोमरविल कॉलेज पहुँचे मुख्यमंत्री: क्लाइमेट एक्शन और एनवायरमेंटल पॉलिसी पर विशेषज्ञों के साथ साझा किया झारखंड का विजन

ऑक्सफोर्ड / रांची, 26 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अपने यूके दौरे के क्रम में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित सोमरविल कॉलेज का दौरा किया। कॉलेज की प्रिंसिपल कैथरीन रॉयल और 'ऑक्सफोर्ड इंडिया सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट' (OICSD) की डायरेक्टर प्रो. राधिका खोसला ने मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया। इस दौरान झारखंड और ऑक्सफोर्ड के बीच जलवायु परिवर्तन और सतत विकास पर गहरे सहयोग की नींव रखी गई।

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सतत विकास और जलवायु नीति पर चर्चा

बैठक का मुख्य केंद्र पर्यावरण नीति और क्लाइमेट एक्शन रहा। ऑक्सफोर्ड के शोधकर्ताओं ने झारखंड सरकार द्वारा आदिवासी कल्याण और न्यायसंगत परिवर्तन (Just Transition) के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने विशेषज्ञों के साथ चर्चा की कि कैसे वैश्विक शोध का लाभ उठाकर झारखंड की सार्वजनिक नीतियों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

ऐतिहासिक विरासत और भारतीय जुड़ाव

वर्ष 1879 में स्थापित सोमरविल कॉलेज भारत के लिए विशेष महत्व रखता है। यह भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और पहली भारतीय महिला बैरिस्टर कॉर्नेलिया सोराबजी की शैक्षणिक स्थली रहा है। मुख्यमंत्री ने इस ऐतिहासिक जुड़ाव को रेखांकित करते हुए कहा कि झारखंड और ऑक्सफोर्ड के बीच का यह बौद्धिक सेतु भविष्य में राज्य की विकास नीतियों को वैश्विक पहचान दिलाएगा।

झारखंड के अधिकारियों का वैश्विक शोध

कार्यक्रम में एक गर्व का क्षण तब आया जब मुख्यमंत्री ने ऑक्सफोर्ड में पढ़ रहे भारतीय विद्वानों से संवाद किया। इनमें झारखंड सरकार के अधिकारी रवि शंकर शुक्ला भी शामिल थे, जो वर्तमान में OICSD स्कॉलर के रूप में 'शहरी जल नीति एवं प्रबंधन' पर शोध कर रहे हैं। यह राज्य सरकार की क्षमता निर्माण (Capacity Building) की दिशा में की गई मेहनत का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री को कार्यशाला के लिए विशेष आमंत्रण

ऑक्सफोर्ड के छात्रों और शोधकर्ताओं ने झारखंड के शासन (Governance) मॉडल और नीति निर्माण के अनुभवों को समझने में गहरी रुचि दिखाई। उन्होंने मुख्यमंत्री को एक विशेष कार्यशाला आयोजित करने और उन्हें संबोधित करने का औपचारिक आमंत्रण भी दिया, ताकि झारखंड के धरातलीय अनुभवों से वैश्विक शोध समुदाय सीख सके।

ऑक्सफोर्ड में 'मरांग गोमके' की यादें: मुख्यमंत्री ने देखे जयपाल सिंह मुंडा के दुर्लभ अभिलेख, झारखंड के लिए विशेष PhD छात्रवृत्ति पर बनी सहमति

ऑक्सफोर्ड / रांची, 25 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अपने यूनाइटेड किंगडम प्रवास के दौरान ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के सेंट जॉन्स कॉलेज का ऐतिहासिक दौरा किया। यह वही कॉलेज है जहाँ झारखंड आंदोलन के स्तंभ और भारतीय हॉकी के जादूगर मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा ने शिक्षा प्राप्त की थी। कॉलेज की अध्यक्ष प्रोफेसर लेडी सू ब्लैक ने मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया।

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दुर्लभ अभिलेखों में दिखी जयपाल सिंह मुंडा की झलक

दौरे का सबसे भावुक क्षण वह था जब मुख्यमंत्री ने जयपाल सिंह मुंडा से जुड़े दुर्लभ दस्तावेजों और तस्वीरों का अवलोकन किया। कॉलेज द्वारा प्रदर्शित अभिलेखों में शामिल थे:

हॉकी ब्लू सम्मान: ऑक्सफोर्ड की ओर से हॉकी में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के प्रमाण।

डिबेटिंग सोसाइटी: वह अभिलेख जिसमें दर्ज है कि जयपाल सिंह मुंडा कॉलेज डिबेटिंग सोसाइटी के सचिव और अध्यक्ष रहे थे।

व्यक्तिगत यादें: उनके द्वारा लिखे गए पत्र, नोटबुक और 1928 ओलंपिक के कप्तान के रूप में उनकी ऐतिहासिक तस्वीरें।

विरासत का सम्मान और संघर्ष की निरंतरता

मुख्यमंत्री ने सेंट जॉन्स कॉलेज द्वारा इस विरासत को सहेजने की सराहना की। उन्होंने कहा कि जयपाल सिंह मुंडा ने झारखंड की जो वैचारिक नींव रखी, उसे उनके पिता स्वर्गीय "दिशोम गुरु" शिबू सोरेन ने लंबे जनआंदोलन के जरिए आगे बढ़ाया, जिसके परिणामस्वरूप झारखंड राज्य का गठन हुआ।

झारखंड-विशेष 'PhD छात्रवृत्ति' का प्रस्ताव

बैठक में शिक्षा और शोध के क्षेत्र में एक नए अध्याय की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री और कॉलेज प्रशासन के बीच 'सेंट जॉन्स कॉलेज–झारखंड समर्पित पीएचडी/डॉक्टोरल छात्रवृत्ति' शुरू करने पर विचार-विमर्श हुआ। यह छात्रवृत्ति मरांग गोमके और दिशोम गुरु की स्मृति में दी जाएगी, जिससे राज्य के मेधावी छात्र दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित कॉलेज में शोध कर सकेंगे।

अभिलेखों का डिजिटाइजेशन और संरक्षण

मुख्यमंत्री ने झारखंड की ऐतिहासिक विरासत को सुरक्षित रखने के लिए कॉलेज के साथ अभिलेखीय आदान-प्रदान और डिजिटाइजेशन के क्षेत्र में सहयोग का प्रस्ताव रखा। प्रोफेसर लेडी सू ब्लैक ने इस पहल का स्वागत करते हुए 'चेवनिंग–मरांग गोमके छात्रवृत्ति' को एक सशक्त सेतु बताया।

AIMIM को झारखंड में मिली मजबूती, पूर्व विधायक अकील अख्तर पार्टी में शामिल

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ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) हर राज्य में अपनी पकड़ को मजबूत करने में जुटी है. इसी बीच पार्टी ने झारखंड में भी खुद को मजबूत किया है. दरअसल झारखंड के पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक अकील अख्तर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) में शामिल हो गए हैं.

अकील अख्तर ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी की मौजूदगी में हैदराबाद स्थित पार्टी मुख्यालय दारुस्सलाम में AIMIM का दामन थामा है. पार्टी में शामिल होने के बाद अकील अख्तर ने कहा कि AIMIM देश के अल्पसंख्यक, वंचित और कमजोर तबकों की आवाज को मजबूती से उठाने वाली पार्टी है. उन्होंने उम्मीद जताई कि उनके जुड़ने से झारखंड में संगठन को और मजबूती मिलेगी

झारखंड में पार्टी के विस्तार को मिलेगी दिशा

वहीं, AIMIM अध्यक्ष बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी ने अकील अख्तर का पार्टी में स्वागत करते हुए कहा कि उनके राजनीतिक अनुभव से झारखंड में पार्टी के विस्तार को नई दिशा मिलेगी. इस दौरान AIMIM के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद शाकिर, प्रदेश महासचिव (संगठन) महताब आलम, प्रदेश महासचिव इंतेखाब अंसारी, प्रदेश कोषाध्यक्ष कैसर इमाम और कोल्हान डिवीजन इंचार्ज सालिक जावेद भी मौजूद रहे.

कौन हैं अकील अख्तर?

दरअसल अकील अख्तर ने झारखंड मुक्ति मोर्चा से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी. इसके बाद पार्टी ने उन्हें किसी कारणवश के 6 साल के लिए निष्काशित कर दिया था. इसके बाद वह अकील ऑल झारखंड स्टूडेंट पार्टी में शामिल हो गए. 2024 के विधानसभा चुनाव के दौरान अकील अख्तर ने एक बार फिर दल को बदल दिया.

इस बार अकील समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए. इसके बाद अकील ने सपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा था, जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा. उस दौरान अकील अख्तर को झारखंड का सबसे अमीर उम्मीदवार माना गया था.

16वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस: राष्ट्रपति ने युवा मतदाताओं को सौंपे पहचान पत्र, बिहार और झारखंड को मिले 'सर्वश्रेष्ठ चुनावी प्रथा' पुरस्कार


नई दिल्ली/पटना/रांची, 25 जनवरी 2026: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने आज नई दिल्ली में "मेरा भारत, मेरा मत — भारतीय लोकतंत्र के केंद्र में नागरिक" थीम के साथ 16वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस (NVD-2026) हर्षोल्लास के साथ मनाया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने शिरकत की, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल उपस्थित रहे।

मतदान नागरिकों के विश्वास का प्रतिबिंब: राष्ट्रपति

समारोह को संबोधित करते हुए माननीय राष्ट्रपति ने लोकतंत्र में मतदाताओं की भूमिका को सर्वोपरि बताया। उन्होंने कहा:

"मतदान केवल एक राजनीतिक अभिव्यक्ति नहीं है, बल्कि यह चुनाव की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में नागरिकों के विश्वास का प्रतिबिंब है। मुझे विश्वास है कि देश के मतदाता दुष्प्रचार और प्रलोभन से मुक्त होकर विवेकपूर्ण तरीके से अपनी शक्ति का उपयोग करेंगे।"

राष्ट्रपति ने प्रतीकात्मक रूप से पांच नए युवा मतदाताओं को उनका मतदाता फोटो पहचान पत्र (EPIC) सौंपकर उन्हें देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा बनने पर बधाई दी।

पुरस्कारों की बौछार: बिहार और झारखंड का रहा बोलबाला

विभिन्न श्रेणियों में सर्वश्रेष्ठ चुनावी प्रथाओं के लिए राज्यों को सम्मानित किया गया। बिहार ने लगभग सभी प्रमुख श्रेणियों (प्रौद्योगिकी, प्रबंधन, जागरूकता, और मीडिया) में पुरस्कार जीतकर अपनी विशिष्ट उपस्थिति दर्ज कराई।

  • प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण: इस श्रेणी में बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड को संयुक्त रूप से सम्मानित किया गया।
  • मीडिया पुरस्कार: 'न्यूज़ 18 बिहार-झारखंड' और 'दैनिक जागरण' सहित आकाशवाणी को चुनावी जागरूकता के लिए सम्मानित किया गया।

महत्वपूर्ण प्रकाशनों का विमोचन

इस अवसर पर दो महत्वपूर्ण पुस्तकों का विमोचन हुआ:

  1. "2025: ए ईयर ऑफ इनिशिएटिव्स एंड इनोवेशन" - जो आयोग के नवाचारों पर आधारित है।
  2. "चुनाव का पर्व, बिहार का गर्व" - यह बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के सफल और पारदर्शी संचालन के अनुभवों को साझा करती है।

भारत: दुनिया का सबसे पारदर्शी लोकतंत्र

मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने गर्व के साथ कहा कि भारत न केवल लोकतंत्र की जननी है, बल्कि हाल ही में संपन्न 'विश्व चुनाव शिखर सम्मेलन' में 'दिल्ली घोषणापत्र 2026' का नेतृत्व कर भारत ने वैश्विक स्तर पर अपनी चुनावी प्रणाली का लोहा मनवाया है।

देशव्यापी उत्सव

यह दिवस केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहा; देश के सभी राज्यों, जिलों और बूथ स्तर पर बीएलओ (BLO) के माध्यम से नए मतदाताओं को सम्मानित किया गया और लोगों को मतदान की शपथ दिलाई गई।

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लंदन में गणतंत्र दिवस मनाएंगे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन: गांधी और आंबेडकर को देंगे श्रद्धांजलि, ब्रिटिश म्यूज़ियम का भी करेंगे दौरा

लंदन / रांची, 25 जनवरी 2026: भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन लंदन में आयोजित विभिन्न गरिमामयी कार्यक्रमों में सम्मिलित होंगे। मुख्यमंत्री के ये कार्यक्रम भारतीय संविधान के शिल्पकारों को नमन करने और भारत की लोकतांत्रिक विरासत को वैश्विक मंच पर गौरवान्वित करने के उद्देश्य से निर्धारित किए गए हैं।

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गांधीजी और बाबा साहेब को पुष्पांजलि

गणतंत्र दिवस समारोह की शुरुआत मुख्यमंत्री लंदन के पार्लियामेंट स्क्वायर से करेंगे, जहाँ वे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि देंगे। इस अवसर पर वे गांधीजी के सत्य और अहिंसा के उन वैश्विक संदेशों को स्मरण करेंगे जो आज भी दुनिया को न्याय के लिए प्रेरित करते हैं।

इसके पश्चात, मुख्यमंत्री डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर हाउस एवं संग्रहालय का भ्रमण करेंगे। यहाँ वे भारतीय संविधान के मुख्य वास्तुकार और सामाजिक न्याय के वैश्विक प्रतीक डॉ. बी.आर. आंबेडकर को अपनी भावांजलि अर्पित करेंगे। यह स्थल बाबा साहेब के लंदन प्रवास और उनके शैक्षणिक व सामाजिक संघर्षों की यादों को संजोए हुए है।

सांस्कृतिक विरासत का अवलोकन: ब्रिटिश म्यूज़ियम दौरा

अपने प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री विश्व के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक ब्रिटिश म्यूज़ियम (British Museum) का भी दौरा करेंगे। यह यात्रा झारखंड सरकार की उन पहलों का हिस्सा है जिसके माध्यम से राज्य की प्राचीन सभ्यता और वैश्विक ऐतिहासिक संस्थानों के बीच एक दीर्घकालिक संबंध स्थापित करने की कोशिश की जा रही है।

संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता

मुख्यमंत्री सचिवालय के अनुसार, ये कार्यक्रम भारत के संवैधानिक मूल्यों, समानता और लोकतांत्रिक ढांचे के प्रति झारखंड सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। लंदन की धरती से मुख्यमंत्री का यह संदेश न केवल प्रवासी भारतीयों बल्कि वैश्विक समुदाय के लिए भी भारत की सांस्कृतिक और लोकतांत्रिक मजबूती का परिचायक होगा।

ऑक्सफोर्ड पहुँचे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन: डॉ. राधाकृष्णन को दी श्रद्धांजलि, झारखंड के छात्रों के लिए 'डॉक्टोरल स्कॉलरशिप' पर हुई चर्चा

ऑक्सफोर्ड / रांची, 25 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अपने यूनाइटेड किंगडम (UK) प्रवास के दौरान वैश्विक शिक्षा के केंद्र ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय का दौरा किया। इस ऐतिहासिक यात्रा के दौरान उन्होंने भारत के पूर्व राष्ट्रपति और महान दार्शनिक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की स्मृतियों को नमन किया और विश्वविद्यालय के साथ झारखंड के शैक्षणिक भविष्य को जोड़ने की रूपरेखा तैयार की।

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डॉ. राधाकृष्णन की विरासत को नमन

मुख्यमंत्री ने ऑक्सफोर्ड के ऑल सोल्स कॉलेज का दौरा कर डॉ. राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने याद किया कि डॉ. राधाकृष्णन 1936 से 1952 तक यहाँ प्रोफेसर और फेलो रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा:

"डॉ. राधाकृष्णन का जीवन हमें सिखाता है कि विद्वत्ता और सार्वजनिक सेवा किस प्रकार समाज को दिशा दे सकते हैं। वे पूर्व और पश्चिम की विचारधाराओं के बीच एक सेतु थे।"

झारखंड के लिए नए 'डॉक्टोरल स्कॉलरशिप' की तैयारी

विश्वविद्यालय की मानवविज्ञान प्रोफेसर अल्पा शाह और अन्य विशेषज्ञों के साथ हुई बैठक में झारखंड के युवाओं के लिए बड़े अवसरों पर चर्चा हुई:

नया स्कॉलरशिप: झारखंड के छात्रों के लिए विशेष डॉक्टोरल (Ph.D) स्कॉलरशिप शुरू करने की संभावना।

संयुक्त शोध (Joint Research): जलवायु परिवर्तन, सतत विकास, जनजातीय कल्याण और सांस्कृतिक विरासत जैसे विषयों पर ऑक्सफोर्ड और झारखंड के संस्थान मिलकर काम करेंगे।

फैकल्टी एक्सचेंज: झारखंड के प्रोफेसरों और शोधकर्ताओं को ऑक्सफोर्ड के साथ ज्ञान साझा करने का मौका मिलेगा।

ऐतिहासिक रैडक्लिफ कैमरा का दौरा

प्रतिनिधिमंडल ने 18वीं शताब्दी में निर्मित विश्व प्रसिद्ध रैडक्लिफ कैमरा (Radcliffe Camera) पुस्तकालय का भी भ्रमण किया। मुख्यमंत्री ने शिक्षा और शोध में निवेश के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि झारखंड के युवाओं को विश्वस्तरीय शैक्षणिक माहौल प्रदान करना उनकी प्राथमिकता है।

यूके-इंडिया 2035 साझेदारी को मजबूती

इस दौरे को यूके-इंडिया 2035 रणनीतिक साझेदारी के दृष्टिकोण से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह झारखंड को वैश्विक शैक्षणिक मानचित्र पर एक सक्रिय भागीदार के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम है।

आकर्षक हेडलाइंस (विकल्प):

विकल्प 1: ऑक्सफोर्ड में गूँजा झारखंड का नाम: मुख्यमंत्री ने डॉ. राधाकृष्णन को दी श्रद्धांजलि, शोध और शिक्षा पर हुई बड़ी डील।

विकल्प 2: अब ऑक्सफोर्ड में रिसर्च करेंगे झारखंड के छात्र; मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 'डॉक्टोरल स्कॉलरशिप' के लिए बढ़ाया हाथ।

विकल्प 3: मुख्यमंत्री की ऑक्सफोर्ड यात्रा: ज्ञान और शोध के अंतरराष्ट्रीय सेतु से जुड़ेगा युवा झारखंड।

भारत की प्रगति,गौरवशाली विरासत का दस्तावेज है प्रधानमंत्री के मन की बात.....आदित्य साहू

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भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के गैर राजनीतिक संबोधन का प्रसिद्ध कार्यक्रम मन की बात के 130 वें एपिसोड का आज प्रसारण हुआ। प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू,नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी,सहित प्रदेश भर में पार्टी पदाधिकारियों ,कार्यकर्ताओं ने लाखों की संख्या में बूथों पर मन की बात कार्यक्रम को सुना।

प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने अपने दो दिवसीय सांगठनिक प्रवास के क्रम में आज दूसरे दिन वासुकीनाथ में पूजा अर्चना के बाद मन की बात कार्यक्रम को सुना।इस अवसर पर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अभयकांत प्रसाद,प्रदेश उपाध्यक्ष बालमुकुंद सहाय, प्रदेश मंत्री मुन्ना मिश्र सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।

श्री साहू ने कहा कि भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को मन की बात कार्यक्रम के तहत किया जाने वाला संबोधन भारत की प्रगति और सांस्कृतिक विरासत का दस्तावेज होता है।

कहा कि यह संबोधन देश की हर पीढ़ी को राष्ट्र सेवा केलिए प्रेरित करती है। यह संबोधन जानकारियों का खजाना होता है।देश के कई अनछुए महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी जनता को इसके माध्यम से होती है।

श्री साहू ने कहा कि भारत की परिवार व्यवस्था को मजबूती प्रदान करने की दिशा में मोदी जी का संबोधन नई पीढ़ी को प्रेरित करने वाला है।

कहा कि भजनों के माध्यम से युवाओं का सनातन से जुड़ाव भारत की सांस्कृतिक चेतना को जागृत करता है।

श्री साहू ने देश और राज्य की नई पीढ़ी से मन की बात कार्यक्रम जरूर सुनने का आग्रह किया।

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने धुर्वा में मन की बात कार्यक्रम को सुना।

श्री मरांडी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी का यह संबोधन भारत की मिट्टी से जुड़ने का संदेश देता है। भारत के अतीत पर गौरवान्वित होने के साथ आत्मनिर्भर भारत ,विकसित भारत बनाने का आह्वान भी करता है।

मन की बात कार्यक्रम को रांची महानगर स्थित सुखदेव नगर मंडल में क्षेत्रीय संगठन महामंत्री नागेंद्र त्रिपाठी ने और प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने हरमू में सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ सुना।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा 26 जनवरी को झारखंड में राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराना गणतंत्र दिवस और संविधान का अपमान है......बाबूलाल मरांडी

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सीएम ही नहीं राज्य के सर्वोच्च पदाधिकारी भी गणतंत्र दिवस पर देश से बाहर कर रहे खरीदारी

लंदन की सड़कों पर मार्केटिंग करने से राज्य नहीं चलेगा

बालू,पत्थर ,कोयला के लुटे हुए पैसे को लंदन में लूटा रहे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

दावोस में टाटा कंपनी के साथ दबाव देकर मुख्यमंत्री ने ऑन गोइंग प्रोजेक्ट का किया एमओयू

राज्य सरकार मुख्यमंत्री के यूरोप दौरे का पूरा हिसाब किताब जारी करे

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आज मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर बड़ा निशाना साधा। श्री मरांडी आज भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे।

श्री मरांडी ने कहा कि 26 जनवरी 2026 गणतंत्र दिवस पर झारखंड की उप राजधानी दुमका में मुख्यमंत्री द्वारा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा नहीं फहराया जाएगा। और इसके पीछे कोई आकस्मिक आपदा या घटना नहीं है बल्कि मुख्यमंत्री का विदेश दौरा है। लंदन की सड़कों पर मुख्यमंत्री द्वारा किए जा रहे सैर सपाटे और खरीदारी है।

उन्होंने कहा कि राज्य में मुख्यमंत्री के द्वारा तिरंगा नहीं फहराया जाना देश की स्वतंत्रता,गणतंत्र और राष्ट्रीय स्वाभिमान के प्रति मुख्यमंत्री का दृष्टिकोण साफ साफ दिखाई पड़ रहा है।

श्री मरांडी ने कहा कि यह लोकतंत्र और संविधान का अपमान है। ये वही लोग हैं जो सदन में ,सड़क पर ,चौक चौराहों पर संविधान की पुस्तक लहराते है, पॉकेट में लेकर घूमते हैं। लेकिन राष्ट्रीय पर्व की मर्यादा भूल जाते हैं।

कहा कि दावोस यात्रा का कार्यक्रम 23 जनवरी को समाप्त हो गया। अन्य राज्यों से गए मुख्यमंत्री गण,पदाधिकारी गण भारत लौट आए लेकिन झारखंड के मुख्यमंत्री और साथ गए वरिष्ठ पदाधिकारी अपनी पत्नियों के साथ लंदन में सैर सपाटे में शामिल हैं।लंदन की सड़कों पर मुख्यमंत्री झारखंड के बालू , पत्थर,कोयला की लूटी कमाई को लुटा रहे हैं। यह राज्य केलिए अत्यंत शर्मनाक स्थिति है।

कहा कि राज्य सरकार पूरा ब्यौरा जारी कर बताए कि आखिर मुख्यमंत्री किस काम से रुके हैं। गणतंत्र दिवस से भी ज्यादा कौन सा महत्वपूर्व कार्य है। आखिर वहां किसके साथ मीटिंग हो रही, किसके पैसे खर्च हो रहे हैं? राज्य की जनता जानना चाहती है।

श्री मरांडी ने कहा कि उद्योग लगने के नाम पर टाटा से एमओयू करने मुख्यमंत्री दावोस गए। जो टाटा कंपनी रांची में आकर एमओयू कर सकती थी। नवीन जिंदल के साथ एमओयू हुआ दावोस में ये भी रांची में हो सकता था। उन्होंने कहा कि टाटा का प्रोजेक्ट भी ऑन गोइंग प्रोजेक्ट है।

कहा कि जानकारी यह भी मिली है कि टाटा के 5 वर्षों से लंबित एक कार्य की स्वीकृति देने केलिए मुख्यमंत्री ने दावोस में एमओयू करने का दबाव बनाया।

कहा कि ऐसा लग रहा कि मुख्यमंत्री जनता को पूरी तरह मूर्ख समझते हैं। जनता की आंखों में धुल झोंक रहे हैं। अखबारों में विज्ञापन देकर बड़ी बड़ी खबरें छपवा रहे हैं।

कहा कि अंग्रेजों ने लंदन से आकर भारत को लूटा अब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन लंदन की सड़कों पर बालू पत्थर कोयला के लुटे पैसे को लूटा रहे।

कहा कि यह झारखंड की गरीब जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा है।मुख्यमंत्री को इसके पाई पाई का हिसाब जनता को देना होगा।

प्रेसवार्ता में मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक, सह मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह, अशोक बड़ाइक प्रवक्ता राफिया नाज भी उपस्थित थे।