लंदन में गणतंत्र दिवस मनाएंगे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन: गांधी और आंबेडकर को देंगे श्रद्धांजलि, ब्रिटिश म्यूज़ियम का भी करेंगे दौरा

लंदन / रांची, 25 जनवरी 2026: भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन लंदन में आयोजित विभिन्न गरिमामयी कार्यक्रमों में सम्मिलित होंगे। मुख्यमंत्री के ये कार्यक्रम भारतीय संविधान के शिल्पकारों को नमन करने और भारत की लोकतांत्रिक विरासत को वैश्विक मंच पर गौरवान्वित करने के उद्देश्य से निर्धारित किए गए हैं।

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गांधीजी और बाबा साहेब को पुष्पांजलि

गणतंत्र दिवस समारोह की शुरुआत मुख्यमंत्री लंदन के पार्लियामेंट स्क्वायर से करेंगे, जहाँ वे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि देंगे। इस अवसर पर वे गांधीजी के सत्य और अहिंसा के उन वैश्विक संदेशों को स्मरण करेंगे जो आज भी दुनिया को न्याय के लिए प्रेरित करते हैं।

इसके पश्चात, मुख्यमंत्री डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर हाउस एवं संग्रहालय का भ्रमण करेंगे। यहाँ वे भारतीय संविधान के मुख्य वास्तुकार और सामाजिक न्याय के वैश्विक प्रतीक डॉ. बी.आर. आंबेडकर को अपनी भावांजलि अर्पित करेंगे। यह स्थल बाबा साहेब के लंदन प्रवास और उनके शैक्षणिक व सामाजिक संघर्षों की यादों को संजोए हुए है।

सांस्कृतिक विरासत का अवलोकन: ब्रिटिश म्यूज़ियम दौरा

अपने प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री विश्व के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक ब्रिटिश म्यूज़ियम (British Museum) का भी दौरा करेंगे। यह यात्रा झारखंड सरकार की उन पहलों का हिस्सा है जिसके माध्यम से राज्य की प्राचीन सभ्यता और वैश्विक ऐतिहासिक संस्थानों के बीच एक दीर्घकालिक संबंध स्थापित करने की कोशिश की जा रही है।

संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता

मुख्यमंत्री सचिवालय के अनुसार, ये कार्यक्रम भारत के संवैधानिक मूल्यों, समानता और लोकतांत्रिक ढांचे के प्रति झारखंड सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। लंदन की धरती से मुख्यमंत्री का यह संदेश न केवल प्रवासी भारतीयों बल्कि वैश्विक समुदाय के लिए भी भारत की सांस्कृतिक और लोकतांत्रिक मजबूती का परिचायक होगा।

ऑक्सफोर्ड पहुँचे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन: डॉ. राधाकृष्णन को दी श्रद्धांजलि, झारखंड के छात्रों के लिए 'डॉक्टोरल स्कॉलरशिप' पर हुई चर्चा

ऑक्सफोर्ड / रांची, 25 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अपने यूनाइटेड किंगडम (UK) प्रवास के दौरान वैश्विक शिक्षा के केंद्र ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय का दौरा किया। इस ऐतिहासिक यात्रा के दौरान उन्होंने भारत के पूर्व राष्ट्रपति और महान दार्शनिक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की स्मृतियों को नमन किया और विश्वविद्यालय के साथ झारखंड के शैक्षणिक भविष्य को जोड़ने की रूपरेखा तैयार की।

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डॉ. राधाकृष्णन की विरासत को नमन

मुख्यमंत्री ने ऑक्सफोर्ड के ऑल सोल्स कॉलेज का दौरा कर डॉ. राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने याद किया कि डॉ. राधाकृष्णन 1936 से 1952 तक यहाँ प्रोफेसर और फेलो रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा:

"डॉ. राधाकृष्णन का जीवन हमें सिखाता है कि विद्वत्ता और सार्वजनिक सेवा किस प्रकार समाज को दिशा दे सकते हैं। वे पूर्व और पश्चिम की विचारधाराओं के बीच एक सेतु थे।"

झारखंड के लिए नए 'डॉक्टोरल स्कॉलरशिप' की तैयारी

विश्वविद्यालय की मानवविज्ञान प्रोफेसर अल्पा शाह और अन्य विशेषज्ञों के साथ हुई बैठक में झारखंड के युवाओं के लिए बड़े अवसरों पर चर्चा हुई:

नया स्कॉलरशिप: झारखंड के छात्रों के लिए विशेष डॉक्टोरल (Ph.D) स्कॉलरशिप शुरू करने की संभावना।

संयुक्त शोध (Joint Research): जलवायु परिवर्तन, सतत विकास, जनजातीय कल्याण और सांस्कृतिक विरासत जैसे विषयों पर ऑक्सफोर्ड और झारखंड के संस्थान मिलकर काम करेंगे।

फैकल्टी एक्सचेंज: झारखंड के प्रोफेसरों और शोधकर्ताओं को ऑक्सफोर्ड के साथ ज्ञान साझा करने का मौका मिलेगा।

ऐतिहासिक रैडक्लिफ कैमरा का दौरा

प्रतिनिधिमंडल ने 18वीं शताब्दी में निर्मित विश्व प्रसिद्ध रैडक्लिफ कैमरा (Radcliffe Camera) पुस्तकालय का भी भ्रमण किया। मुख्यमंत्री ने शिक्षा और शोध में निवेश के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि झारखंड के युवाओं को विश्वस्तरीय शैक्षणिक माहौल प्रदान करना उनकी प्राथमिकता है।

यूके-इंडिया 2035 साझेदारी को मजबूती

इस दौरे को यूके-इंडिया 2035 रणनीतिक साझेदारी के दृष्टिकोण से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह झारखंड को वैश्विक शैक्षणिक मानचित्र पर एक सक्रिय भागीदार के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम है।

आकर्षक हेडलाइंस (विकल्प):

विकल्प 1: ऑक्सफोर्ड में गूँजा झारखंड का नाम: मुख्यमंत्री ने डॉ. राधाकृष्णन को दी श्रद्धांजलि, शोध और शिक्षा पर हुई बड़ी डील।

विकल्प 2: अब ऑक्सफोर्ड में रिसर्च करेंगे झारखंड के छात्र; मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 'डॉक्टोरल स्कॉलरशिप' के लिए बढ़ाया हाथ।

विकल्प 3: मुख्यमंत्री की ऑक्सफोर्ड यात्रा: ज्ञान और शोध के अंतरराष्ट्रीय सेतु से जुड़ेगा युवा झारखंड।

भारत की प्रगति,गौरवशाली विरासत का दस्तावेज है प्रधानमंत्री के मन की बात.....आदित्य साहू

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भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के गैर राजनीतिक संबोधन का प्रसिद्ध कार्यक्रम मन की बात के 130 वें एपिसोड का आज प्रसारण हुआ। प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू,नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी,सहित प्रदेश भर में पार्टी पदाधिकारियों ,कार्यकर्ताओं ने लाखों की संख्या में बूथों पर मन की बात कार्यक्रम को सुना।

प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने अपने दो दिवसीय सांगठनिक प्रवास के क्रम में आज दूसरे दिन वासुकीनाथ में पूजा अर्चना के बाद मन की बात कार्यक्रम को सुना।इस अवसर पर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अभयकांत प्रसाद,प्रदेश उपाध्यक्ष बालमुकुंद सहाय, प्रदेश मंत्री मुन्ना मिश्र सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।

श्री साहू ने कहा कि भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को मन की बात कार्यक्रम के तहत किया जाने वाला संबोधन भारत की प्रगति और सांस्कृतिक विरासत का दस्तावेज होता है।

कहा कि यह संबोधन देश की हर पीढ़ी को राष्ट्र सेवा केलिए प्रेरित करती है। यह संबोधन जानकारियों का खजाना होता है।देश के कई अनछुए महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी जनता को इसके माध्यम से होती है।

श्री साहू ने कहा कि भारत की परिवार व्यवस्था को मजबूती प्रदान करने की दिशा में मोदी जी का संबोधन नई पीढ़ी को प्रेरित करने वाला है।

कहा कि भजनों के माध्यम से युवाओं का सनातन से जुड़ाव भारत की सांस्कृतिक चेतना को जागृत करता है।

श्री साहू ने देश और राज्य की नई पीढ़ी से मन की बात कार्यक्रम जरूर सुनने का आग्रह किया।

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने धुर्वा में मन की बात कार्यक्रम को सुना।

श्री मरांडी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी का यह संबोधन भारत की मिट्टी से जुड़ने का संदेश देता है। भारत के अतीत पर गौरवान्वित होने के साथ आत्मनिर्भर भारत ,विकसित भारत बनाने का आह्वान भी करता है।

मन की बात कार्यक्रम को रांची महानगर स्थित सुखदेव नगर मंडल में क्षेत्रीय संगठन महामंत्री नागेंद्र त्रिपाठी ने और प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने हरमू में सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ सुना।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा 26 जनवरी को झारखंड में राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराना गणतंत्र दिवस और संविधान का अपमान है......बाबूलाल मरांडी

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सीएम ही नहीं राज्य के सर्वोच्च पदाधिकारी भी गणतंत्र दिवस पर देश से बाहर कर रहे खरीदारी

लंदन की सड़कों पर मार्केटिंग करने से राज्य नहीं चलेगा

बालू,पत्थर ,कोयला के लुटे हुए पैसे को लंदन में लूटा रहे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

दावोस में टाटा कंपनी के साथ दबाव देकर मुख्यमंत्री ने ऑन गोइंग प्रोजेक्ट का किया एमओयू

राज्य सरकार मुख्यमंत्री के यूरोप दौरे का पूरा हिसाब किताब जारी करे

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आज मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर बड़ा निशाना साधा। श्री मरांडी आज भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे।

श्री मरांडी ने कहा कि 26 जनवरी 2026 गणतंत्र दिवस पर झारखंड की उप राजधानी दुमका में मुख्यमंत्री द्वारा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा नहीं फहराया जाएगा। और इसके पीछे कोई आकस्मिक आपदा या घटना नहीं है बल्कि मुख्यमंत्री का विदेश दौरा है। लंदन की सड़कों पर मुख्यमंत्री द्वारा किए जा रहे सैर सपाटे और खरीदारी है।

उन्होंने कहा कि राज्य में मुख्यमंत्री के द्वारा तिरंगा नहीं फहराया जाना देश की स्वतंत्रता,गणतंत्र और राष्ट्रीय स्वाभिमान के प्रति मुख्यमंत्री का दृष्टिकोण साफ साफ दिखाई पड़ रहा है।

श्री मरांडी ने कहा कि यह लोकतंत्र और संविधान का अपमान है। ये वही लोग हैं जो सदन में ,सड़क पर ,चौक चौराहों पर संविधान की पुस्तक लहराते है, पॉकेट में लेकर घूमते हैं। लेकिन राष्ट्रीय पर्व की मर्यादा भूल जाते हैं।

कहा कि दावोस यात्रा का कार्यक्रम 23 जनवरी को समाप्त हो गया। अन्य राज्यों से गए मुख्यमंत्री गण,पदाधिकारी गण भारत लौट आए लेकिन झारखंड के मुख्यमंत्री और साथ गए वरिष्ठ पदाधिकारी अपनी पत्नियों के साथ लंदन में सैर सपाटे में शामिल हैं।लंदन की सड़कों पर मुख्यमंत्री झारखंड के बालू , पत्थर,कोयला की लूटी कमाई को लुटा रहे हैं। यह राज्य केलिए अत्यंत शर्मनाक स्थिति है।

कहा कि राज्य सरकार पूरा ब्यौरा जारी कर बताए कि आखिर मुख्यमंत्री किस काम से रुके हैं। गणतंत्र दिवस से भी ज्यादा कौन सा महत्वपूर्व कार्य है। आखिर वहां किसके साथ मीटिंग हो रही, किसके पैसे खर्च हो रहे हैं? राज्य की जनता जानना चाहती है।

श्री मरांडी ने कहा कि उद्योग लगने के नाम पर टाटा से एमओयू करने मुख्यमंत्री दावोस गए। जो टाटा कंपनी रांची में आकर एमओयू कर सकती थी। नवीन जिंदल के साथ एमओयू हुआ दावोस में ये भी रांची में हो सकता था। उन्होंने कहा कि टाटा का प्रोजेक्ट भी ऑन गोइंग प्रोजेक्ट है।

कहा कि जानकारी यह भी मिली है कि टाटा के 5 वर्षों से लंबित एक कार्य की स्वीकृति देने केलिए मुख्यमंत्री ने दावोस में एमओयू करने का दबाव बनाया।

कहा कि ऐसा लग रहा कि मुख्यमंत्री जनता को पूरी तरह मूर्ख समझते हैं। जनता की आंखों में धुल झोंक रहे हैं। अखबारों में विज्ञापन देकर बड़ी बड़ी खबरें छपवा रहे हैं।

कहा कि अंग्रेजों ने लंदन से आकर भारत को लूटा अब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन लंदन की सड़कों पर बालू पत्थर कोयला के लुटे पैसे को लूटा रहे।

कहा कि यह झारखंड की गरीब जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा है।मुख्यमंत्री को इसके पाई पाई का हिसाब जनता को देना होगा।

प्रेसवार्ता में मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक, सह मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह, अशोक बड़ाइक प्रवक्ता राफिया नाज भी उपस्थित थे।

16 वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 के अवसर पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम में राज्य निर्वाचन आयुक्त ने किया संबोधित

रांची। राज्य निर्वाचन आयुक्त, झारखंड श्रीमती अलका तिवारी ने राज्य वासियों को 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।उन्होंने कहा कि आज ही के दिन 25 जनवरी 1950 को भारत निर्वाचन आयोग की स्थापना हुई थी। भारत निर्वाचन आयोग के स्थापना दिवस के अवसर पर वर्ष 2011 से इस दिन को प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय मतदाता दिवस के रूप में मनाया जाता है। प्रतिवर्ष आज के दिन सभी मतदान केन्द्रों पर आयोजित होने वाले मतदाता दिवस कार्यक्रम के माध्यम से मतदाताओं को उनके मताधिकार के प्रति जागरूक किया जाता है। श्रीमती अलका तिवारी रविवार को आर्यभट्ट सभागार रांची में आयोजित राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 के अवसर पर संबोधित कर रहीं थी।

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राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि इस वर्ष भारत निर्वाचन आयोग ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस का थीम "My India My Vote" तथा Tagline, "Indian Citizen at the Heart of Indian Democracy" जारी किया है। लोकतंत्र का आधार है मतदाता, लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदाता को जानकार और सतर्क होने की जरूरत है। निर्वाचन से जुड़े हरेक संस्था अपने मतदाताओं को एक समान अवसर प्रदान करने के लिए हरेक उपाय सुनिश्चित करती है। मतदाता बिना किसी भय, प्रलोभन के तथा जाति, धर्म, भाषा, समुदाय आदि से उपर उठकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके, उतरोत्तर लोकतंत्र और सशक्त हो सके, भारत निर्वाचन आयोग का यही अभीष्ट है। इस अभीष्ट को प्राप्त करने हेतु आयोग विभिन्न नवाचार एवं तकनीकों का उपयोग कर रहा है।

श्रीमती अलका तिवारी ने कहा कि मतदाता पंजीकरण एवं मतदाता जागरूकता एक महत्वपूर्ण एवं सतत् प्रक्रिया है। सभी पात्र भारतीय नागरिक, जो मतदाता बनने की अर्हता रखते है, उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज करने के लिए चार अर्हता तिथियाँ , 1 जनवरी, 1 अप्रैल, 1 जुलाई एवं 1 अक्टूबर निर्धारित की गई है। इन तिथियों में 18 वर्ष पूरी करने वाले योग्य व्यक्तियों का मतदाता सूची में सरलता के साथ नाम जोड़ा जा सकता है। मतदाता सूची में निबंधन की प्रक्रिया हो या किसी भी निर्वाचन के दौरान मतदान करने की प्रक्रिया, हरेक मतदाता चाहे वह महिला, पुरुष, दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक, पी०वी०टी०जी०, थर्ड जेंडर, हो को उसके अनुरूप वांछित सुविधा उपलब्ध कराने हेतु निर्वाचन आयोग सदैव सचेष्ट रहा है। मतदाता जागरूकता हेतु राज्य में 2886 Electoral Literacy Club (ELC) एवं प्रत्येक मतदान केन्द्र पर चुनाव पाठशाला की स्थापना की गई है। मतदाता सूची के अद्यतनीकरण में 966 वोटर अवेयरनेस फोरम अपनी भूमिका निभा रहे हैं।

राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि 18 वर्ष पूरी कर चुके योग्य व्यक्तियों का नाम मतदाता सूची में सम्मिलित करने हेतु चुनाव आयोग के Website पर लॉग इन अथवा संबंधित मतदान केन्द्र के बी०एल०ओ० या वोटर हेल्पलाईन ऐप के माध्यम से मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराएं तथा विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र का हिस्सा होने का गर्व महसूस करें।

इस अवसर पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री के रवि कुमार ने कहा कि लोकतंत्र में मताधिकार का प्रयोग करने हेतु मतदाता सूची में नाम होना जरूरी है। हरेक पात्र भारतीय नागरिक, जो अठारह वर्ष की आयू पूरी कर चुके हैं, मतदाता सूची में अपना नाम जोड़ सकते हैं।

मतदाता को अपने मतदाता सूची या वोटर कार्ड से संबंधित किसी भी जानकारी आसानी से बी०एल०ओ० से मिल सकती है, और बी०एल०ओ० की सूचनाएं सी०ई०ओ० के वेबसाईट पर उपलब्ध है। भारत निर्वाचन आयोग का लक्ष्य है कि हरेक मतदाता अपने बी०एल०ओ० से परिचित रहें। इसलिए निर्वाचन आयोग ने Book a Call की सुविधा उपलब्ध कराई है। आप अपने बी०एल०ओ० को आसानी से कॉल कर सकते हैं, जो 48 घंटो के अंदर मतदाता सूची से संबंधित किसी भी जानकारी को उपलब्ध कराने के लिए आपसे सम्पर्क करेंगे।

उन्होंने कहा कि झारखण्ड राज्य में मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण का Pre-Revision Period चल रहा है। इस दौरान राज्य के वर्तमान मतदाता सूची में निबंधित 72 प्रतिशत मतदाताओं का मैपिंग का कार्य बी०एल०ओ० एप के माध्यम से पूरा किया जा चुका है।

श्री के रवि कुमार ने कहा कि गहन पुनरीक्षण के दौरान बी०एल०ओ० घर-घर जाएंगे और एक स्टीकर चिपकाएंगे। इस स्टीकर पर बी०एल०ओ० का मोबाईल नंबर के साथ-साथ मतदाता का मकान संख्या या मकान का नोशनल नंबर अंकित रहेगा।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि यह वर्ष एक विशेष उपलब्धि का वर्ष है। भारत निर्वाचन आयोग को International Idea (International Institute for Democracy and Electoral Assistance) की अध्यक्षता करने का सुअवसर प्राप्त हुआ है। भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने विगत तीन दिसम्बर 2025 को एक वर्ष के कार्यकाल के लिए विश्व के इस लोकतांत्रिक मंच के अध्यक्ष का प्रभार ग्रहण किया है। साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर झारखण्ड के पाकुड़ जिले को Best Election District Award के लिए चयनित किया गया है। यह हम सबों के लिए गौरव का विषय है।

श्री के रवि कुमार ने सभी मतदाताओं से अपील की कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए एक समग्र एवं त्रुटिरहित मतदाता सूची के निर्माण के लिए अपनी सहभागिता अवश्य निभाएं।

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इस अवसर पर मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार द्वारा राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 के अवसर पर राष्ट्र को दिए गए संदेश को दिखाया गया। जिला निर्वाचन पदाधिकारी श्री मंजूनाथ भजंत्री द्वारा समापन भाषण एवं संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुबोध कुमार द्वारा मतदाता शपथ का पाठ कराया गया।

इस अवसर पर वरिष्ठ मतदाता के रूप में श्रीमती समदुलारी देवी, श्रीमती गीता मित्रा, श्री एनीमुल्लाह , युवा मतदाता के रूप में श्री अर्चित कुमार गोयल, श्री सौरभ कुमार, सुश्री अनुष्का गुप्ता, सुश्री नेहा कुमारी श्री करण कुमार साहू, ट्रान्सजेन्डर मतदाता के रूप में, नगमा रानी, गुड्डू सिंह को सम्मानित किए गए।

इस अवसर पर 2025 वर्ष में उत्कृष्ट कार्यों के लिए श्री चन्दन कुमार, जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त, पश्चिमी सिंहभूम, श्री हेमन्त सती, जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह- उपायुक्त, साहेबगंज, श्री सुबोध कुमार, संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सह संयुक्त सचिव, श्री रंथु महतो, उप निर्वाचन पदाधिकारी, गिरिडीह, श्री सुशील कुमार राय, उप निर्वाचन पदाधिकारी, गढ़वा, श्री सुनील चन्द्रा, निर्वाची पदाधिकारी, 45-घाटशिला (अ०ज०जा०) विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, श्री रवि कुमार, निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, 15-देवघर (अ०जा०) विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, श्री सुनील कुमार सिंह, अवर निर्वाचन पदाधिकारी, मुख्यालय, श्री चन्दन कुमार, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी का कार्यालय, झारखण्ड, श्री आशुतोष रंजन, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी का कार्यालय, झारखण्ड को सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय से ट्रेनिंग नोडल पदाधिकारी श्री देव दास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी श्री धीरज ठाकुर, उप निर्वाचन पदाधिकारी, रांची श्री विवेक कुमार सुमन, पी डब्लू डी आइकॉन झारखंड श्रीमती गोपिका आनन्द, एनएसएस के कैडेट, प्रतिभागियों के परिवारजन युवा, वरिष्ठ, दिव्यांग, ट्रांसजेंडर मतदाता उपस्थित थे।

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झारखण्ड के 25वें जयंती समारोह के अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का लंदन के वेस्टमिन्स्टर चैपल स्थित सभागार में दिया गया भाषण

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आज लंदन के इस भरी सभागार में आयोजित, हमारे झारखंड के छात्र-छात्राओं के साथ और यहां के प्रबुद्ध नागरिकों के साथ, इस छोटी सी मुलाकात में, आप सब लोग की उपस्थिति के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया, आभार प्रकट करता हूं, जोहार करता हूं। यहां आए लंदन के विभिन्न डिपार्टमेंट के सभी सदस्यगण आप सभी का भी मैं हार्दिक अभिनंदन और स्वागत करता हूं।

हम पहली बार यहां आए हैं और मेरे आने से पहले हमने आप लोगों को यहां भेजा और आप लोगों के इस हिम्मत, साहस और इस उत्साह कि वजह से ही शायद हम यहां हैं। 

मुझे तो इस सभागार का नाम भी नहीं पता था। वेस्टमिन्स्टर चैपल। इस खूबसूरत और ऐतिहासिक सभागार में यह कार्यक्रम आयोजित है और यह बड़े सौभाग्य की बात है कि आज मुझे यहां बोलने का मौका मिल रहा है। 

आप सबको पता है कि झारखंड, भारत देश का एक छोटा सा राज्य है। इतिहास से भरा यह राज्य - जहां मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा, उससे पहले भगवान बिरसा मुंडा, सिदो कान्हू, चांद भैरव, फूलो झानो का संघर्ष और आदरणीय दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी का संघर्ष हमें देखने को मिलता है। इतिहास लिखना बहुत आसान है। इतिहास पढ़ना बहुत आसान है, पर इतिहास बनाना बहुत कठिन है। 

तो हमारा यह झारखंड का इतिहास भी गौरवपूर्ण इतिहास है। हमारे पूर्वज या हमारे, जो वर्षों पुरानी पीढ़ी रही है, शिक्षा ग्रहण नहीं कर पाए थे, लेकिन उनमें दूरदर्शिता थी। यह बहुत दूर की चीजों को जानते थे, समझते थे और उसी अनुरूप अपने जीवन शैली और कार्यशैली को अंजाम देते थे। 

आज शिक्षा का एक दायरा है। बहुआयामी शिक्षा आज के इस तकनीकी युग में बहुत आवश्यक है। मेरी यही सोच रही है कि जो हमारे पूर्वज रहे हैं उनके सपनों को पूरा करें। जो उनका संघर्ष रहा, जो उनके संघर्ष का कारण था, उन वजहों का कैसे हम समाधान करें, उसके साथ हम आगे बढ़ें। 

आखिर उन्होंने क्यों अपनी कुर्बानियां दी? क्यों उन्होंने अपने को बलिदान किया? वह इसलिए क्योंकि वो हमें सुरक्षित करना चाहते थे। हम अपने पैरों पर खड़ा हो, हम अपने को मजबूत कर पाएं, यही उनकी सोच रही होगी।

आप सबको पता है झारखंड प्रदेश में शिक्षा को लेकर कितनी चुनौतियां हैं। इन चुनौतियों के बीच में आप सबको यह भी पता होगा कि हम लोग लगातार शिक्षा के क्षेत्र में, कहा जाए कि आने वाली पीढ़ी को, कैसे सशक्त करें, कैसे उनको अपने पैरों पर खड़ा करें। वह सब इसके लिए नहीं कि सरकारी नौकरी चाहिए। हम उनको इस कदर तराशना चाहते हैं कि देश दुनिया का कोई भी कंपटीटिव, सिचुएशन हो, वो उसका सामना कर पाए। जो आज का वक्त है, उसके साथ कदम से कदम मिलाकर चल सकें। 

आज हम लोगों ने स्कूली स्तर पर सीएम स्कूल ऑफ एक्सेलेंस प्रारंभ किया है। आज हमारे बच्चों को जो हायर एजुकेशन - चाहे वो टेक्निकल हो, मेडिकल हो या प्रोफेशनल कोई कोर्सेस हो, उन सबके लिए, बड़े पैमाने पर हम लोगों ने दरवाजे खोले हैं। 

आप सबको पता है कि हमारे घर-परिवारों में बेहतर शिक्षा के लिए जो संसाधन की आवश्यकता है, कितनी चुनौती भरा है। आज सभी प्रोफेशनल कोर्सेस के लिए हम लोगों ने गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड को भी लॉन्च किया है, जिसके माध्यम से ₹15 लाख तक का आर्थिक सहायता बैंकों के माध्यम से बिना किसी कोलेटरल के उनको बैंक सहायता करती है और वो भी बहुत कम रेट ऑफ इंटरेस्ट में। यह आर्थिक सहायता वह तब तक उनको नहीं देना है जब तक उनकी पढ़ाई पूरी ना हो जाए। वह कोर्स चार साल का हो, चाहे वो पांच साल का। पांच साल के बाद एक साल और उनको गैप मिलेगा। उसके बाद जब आपकी नौकरी लग जाएगी तब आप धीरे-धीरे बैंक को वापस कर सकते हैं। 

अब हमने यह व्यवस्था बनानी शुरू कर दी है शिक्षा को लेकर। किसी भी परिवार में - चाहे वह लड़के हों , लड़कियां हों , उनके बीच में आर्थिक अड़चन कभी न आए।

आज आप सब लोग को यहां भेजने का उद्देश्य, आर्थिक मदद का यह नहीं कि आपको आर्थिक सहायता के माध्यम से यहां तक भेजा जा रहा है। बल्कि आपकी जो क्षमता है , उस क्षमता को हम और ताकत देना चाहते हैं। आप उन ऊचाइयों तक जाएं जहां तक आप जा सके। यह ईंधन का काम कर रहा है। ईंधन पूरे मशीन का एक पार्ट है।

यह आपकी क्षमता पर निर्भर करता है कि एक संसाधन के माध्यम से आप और कितनी चीजों को मजबूत कर सकते हैं। विशेषकर मैं लंदन में आज जो हम लोगों ने सुबह मुलाकात की सीमा मल्होत्रा जी से जो ब्रिटिश सरकार में मिनिस्टर भी हैं, और शेवनिंग भी देखती हैं। मैं उनका विशेष रूप से शुक्रिया अदा करूंगा कि उनके माध्यम से हम आज यहां जो इस मंच पर खड़े हैं, इनमें उनका बहुत बड़ा योगदान है। उसके लिए मैं उन्हें तहेदिल से बहुत-बहुत शुक्रिया अदा करता हूं। उनके डेलिगेट्स भी यहां है, उनके माध्यम से जरूर यह संदेश जाए। 

यहां आज एक और नया रास्ता हम लोगों ने जिंदल समूह के साथ भी जोड़ने का प्रयास किया है। हमारे पास सब कुछ है। हमारे पास कोई ऐसी चीजें नहीं है जो हमें आगे बढ़ने से रोक सकता है। बशर्ते जो दरवाजे बंद हैं, वह पहले खुल नहीं पाए, नीतियां नहीं बन पाई। संसाधन के मामले में हम अपने देश में कई राज्यों से आगे हैं। बस हम कमजोर पड़ते हैं कहां? बौद्धिक रूप से। आज इसी बौद्धिक क्षमता को बढ़ाने के लिए हमारा पूरा प्रयास है।

आप लोग का बहुत बहुत शुक्रिया। आप लोग को बहुत सारी शुभकामनाएं। यह साल हमारा सिल्वर जुबली भी है। 25 साल का हो गया हमारा झारखंड प्रदेश। 25 साल के इस युवा राज्य में पूरी ताकत है, पूरी क्षमता है। इस नौजवान राज्य की क्षमता को मैं एक पॉजिटिव डायरेक्शन में ले जाने का कोशिश कर रहा हूं, क्योंकि अगर लक्ष्य ठीक से नहीं साधा गया तो पूरी मेहनत पानी में चला जाएगी।

इसीलिए आप सब लोग आज यहां है, कल आपके जैसे और नौजवान यहां होंगे। आज आप सब लोगों को यहां देखकर मुझे जो आत्म संतुष्टि है, मैं उसको बयान नहीं कर सकता। मैं आज यहाँ हिंदी में भाषण दे रहा हूं, लेकिन आपको अंग्रेजी में भाषण देते हुए देख मुझे गौरव महसूस हो रहा है।

आप हमारे प्रतिनिधि के रूप में यहां बातों को रख रहे हैं, और हम चाहते हैं कि हमारी आने वाली पीढ़ी इसी तरीके से आगे और तरक्की करें, यह हमारी शुभकामनाएं हैं। इस 25 साल के बाद हम अगले 25 साल के लिए आने वाली पीढ़ी के लिए - लंबे और मजबूत रोडमैप के साथ आगे आयेंगे। 

यह पहला कदम है, एक ट्राइबल स्टेट से एक ट्राइबल रिप्रेजेंटेटिव, दावोस से लेकर लंदन तक पहुंचा है, तो निश्चित रूप से आगे भी जायेंगे और आत्म विश्वास के साथ जायेंगे।

हम लोगों का राज्य इतना मिलनसार, शांत स्वभाव का है। जहां हमारे लोग झारखंड के बारे में यह कहते हैं कि बोलना ही संगीत है, चलना ही नृत्य है। हमारे यहां द्वेष की कोई जगह है। हमारे लिए सद्भाव, प्रेम और सबके साथ चलना यही हमारा स्वभाव है। इसीलिए हम अपने पुराने विरासत को साथ संभालते हुए हम आगे बढ़े, यही हमारी शुभकामनाएं हैं।

हजारीबाग: केरेडारी के बेलतू में विसर्जन जुलूस के दौरान हिंसक झड़प, छावनी में तब्दील हुआ इलाका, DC-SP ने संभाला मोर्चा

हजारीबाग: जिले के केरेडारी प्रखंड अंतर्गत बेलतू में शनिवार देर रात दो पक्षों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद तनाव का माहौल है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हजारीबाग उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह और पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन को स्वयं मौके पर उतरकर मोर्चा संभालना पड़ा। भारी पुलिस बल की तैनाती के बाद फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है।

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भड़काऊ गाने को लेकर शुरू हुआ विवाद

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार रात बेलतू पीकेट और बाजार ताड़ के समीप से विसर्जन जुलूस गुजर रहा था। इसी दौरान डीजे पर भड़काऊ गाना बजाने को लेकर दो पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और दोनों ओर से जमकर पत्थरबाजी हुई। इस पथराव में एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए हैं, जिनका इलाज स्थानीय अस्पताल में चल रहा है।

छावनी में बदला बेलतू, अतिरिक्त बल तैनात

घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन सक्रिय हो गया। देर रात ही पूरे क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। जिले के आला अधिकारियों की मौजूदगी और त्वरित कार्रवाई के कारण हिंसा को आगे बढ़ने से रोक लिया गया। रविवार सुबह से ही क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बल गश्त कर रहे हैं और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

दोषियों पर होगी 'कठोर कार्रवाई' - SP

पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि पुलिस उपद्रवियों की पहचान कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया:

"बेलतू में हुई झड़प के बाद स्थिति पर पूरी नजर रखी जा रही है। शांति भंग करने वाले और कानून को हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"

उपायुक्त की अपील: 'अफवाहों से बचें'

हजारीबाग उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि लोग सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलने वाली किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और शांति व्यवस्था बिगाड़ने वालों को चिन्हित किया जा रहा है।

इलाके में पसरा सन्नाटा

रविवार सुबह से ही बेलतू और आसपास के क्षेत्रों में सन्नाटा देखा जा रहा है। लोग अपने घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। पुलिस की गाड़ियां लगातार प्रभावित क्षेत्रों में फ्लैग मार्च कर रही हैं ताकि नागरिकों में सुरक्षा का भाव बना रहे।

भाजपा का दोहरा चरित्र उजागर: पीएम की विदेश यात्रा पर चुप, मुख्यमंत्री पर सवाल— विनोद पांडेय

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झारखंड मुक्ति मोर्चा के महासचिव विनोद पांडेय ने नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के आरोपों पर जोरदार पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा को पहले अपने दोहरे मापदंडों पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार विदेश यात्राएं करते हैं, तब भाजपा उसे देश का गौरव और कूटनीति की सफलता बताती है, लेकिन वही बात मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के मामले में उन्हें गलत नजर आने लगती है।

महासचिव विनोद पांडेय ने कहा कि मुख्यमंत्री की विदेश यात्रा पूरी तरह राज्यहित में है, जिसका उद्देश्य निवेश आकर्षित करना, रोजगार के अवसर पैदा करना और झारखंड को वैश्विक मंच पर स्थापित करना है। इसे भाजपा द्वारा जानबूझकर गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गणतंत्र दिवस का आयोजन पूरे सम्मान और संवैधानिक मर्यादा के साथ किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि भाजपा को यह भी बताना चाहिए कि प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं पर कभी सवाल क्यों नहीं उठते। अगर विदेश जाना गलत है, तो यह नियम सभी पर समान रूप से लागू होना चाहिए। झामुमो महासचिव ने कहा कि भाजपा के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वह अनावश्यक बयानबाजी कर रही है।

उन्होंने दोहराया कि हेमंत सोरेन सरकार आदिवासी हित, सामाजिक न्याय, कानून-व्यवस्था और रोजगार सृजन को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जनता भाजपा की राजनीति को समझ चुकी है और आने वाले समय में इसका जवाब भी देगी।

राँची में जरूरतमंद बच्चों को मिलेगा सरकारी सहारा: उप विकास आयुक्त ने दिए हर ब्लॉक से कम से कम 10 बच्चों को चिन्हित करने के निर्देश

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राँची, 24 जनवरी 2026: उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री के दिशा-निर्देशानुसार आज राँची जिले के उन बच्चों के उत्थान के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है, जिन्हें विशेष देखभाल और आर्थिक सहायता की आवश्यकता है। उप विकास आयुक्त (DDC) श्री सौरभ कुमार भुवनिया की अध्यक्षता में आयोजित एक ऑनलाइन बैठक में 'प्रायोजन (Sponsorship) योजना' की समीक्षा की गई।

किन बच्चों को मिलेगा योजना का लाभ?

इस योजना का लक्ष्य 18 वर्ष से कम आयु के उन बालक-बालिकाओं के जीवन स्तर को सुधारना है, जिनके परिवार की वार्षिक आय 75,000 रुपये से कम है। इसके दायरे में विशेष रूप से निम्नलिखित श्रेणियों के बच्चे आएंगे:

जिनके माता-पिता की मृत्यु हो चुकी हो या जिन्होंने बच्चों का परित्याग कर दिया हो।

जो बच्चे रिश्तेदारों की देख-रेख में रह रहे हों।

जिनके माता-पिता गंभीर बीमारी (HIV, कुष्ठ रोग) या 100% दिव्यांगता से जूझ रहे हों।

जिनके माता-पिता जेल में हों।

जो बाल विवाह, बाल श्रम या तस्करी जैसे दुर्व्यवहार से प्रभावित हुए हों।

31 जनवरी तक मांगी गई सूची

डीडीसी ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) और अंचल अधिकारियों (CO) को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों से कम से कम 10 योग्य बच्चों की पहचान करें। चिन्हित बच्चों की विस्तृत सूची 31 जनवरी 2026 तक अनिवार्य रूप से जिला प्रशासन को उपलब्ध करानी होगी।

आर्थिक सहायता से संवरेगा भविष्य

बैठक में बताया गया कि इस योजना के तहत चयनित बच्चों के परिवार को पोषण, शिक्षा, चिकित्सा और उनके सर्वांगीण विकास के लिए अनुपूरक आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। यह कदम बाल संरक्षण की दिशा में झारखंड सरकार की एक संवेदनशील और महत्वपूर्ण पहल है।

बैठक में सहायक निदेशक (सामाजिक सुरक्षा) और जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

प्रमुख जानकारी एक नज़र में (Table)

विवरण जानकारी

योजना का नाम प्रायोजन (Sponsorship) योजना

पात्रता आयु 18 वर्ष से कम

आय सीमा वार्षिक आय ₹75,000 से कम

लक्ष्य प्रति प्रखंड न्यूनतम 10 बच्चे

डेडलाइन 31 जनवरी 2026

झारखंड में बनेगा 'Centre of Excellence': लंदन के इम्पीरियल कॉलेज के साथ माइनिंग और स्वच्छ ऊर्जा पर मुख्यमंत्री की बड़ी पहल

लंदन / रांची, 24 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने शनिवार को लंदन स्थित विश्व प्रसिद्ध रॉयल स्कूल ऑफ माइंस (इम्पीरियल कॉलेज लंदन) का दौरा किया। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य झारखंड को केवल खनन (Extraction) तक सीमित न रखकर, उसे अनुसंधान, विकास और उच्च मूल्य संवर्धन (Value Addition) के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करना है।

प्रयोगशालाओं का अवलोकन और विशेषज्ञों से संवाद

मुख्यमंत्री ने संस्थान की आधुनिक प्रयोगशालाओं का भ्रमण किया और क्रिटिकल मिनरल्स, परमाणु अनुसंधान व स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में कार्यरत अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों से सीधा संवाद किया। प्रोफेसर स्टीफन नीथलिंग और प्रोफेसर मुकेश कुमार (कैम्ब्रिज विवि) सहित अन्य शोधकर्ताओं ने खनिज प्रसंस्करण (Mineral Processing) और उन्नत सेंसिंग तकनीकों के औद्योगिक उपयोग की जानकारी दी।

"अनुसंधान ही भविष्य का आधार" - मुख्यमंत्री

दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के विजन को स्पष्ट करते हुए कहा:

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"झारखंड अनुसंधान और विकास (R&D) पर आधारित एक ऐसा औद्योगिक तंत्र विकसित करने की दिशा में कार्य कर रहा है, जो न्यायसंगत और भविष्य-उन्मुख हो। हम अत्याधुनिक तकनीकों के माध्यम से संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करेंगे।"

झारखंड में Centre of Excellence की तैयारी

इस यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण परिणाम यह रहा कि मुख्यमंत्री और प्रतिनिधिमंडल ने इम्पीरियल कॉलेज के साथ मिलकर झारखंड में 'क्रिटिकल मिनरल्स और माइनिंग साइंसेज़' के क्षेत्र में एक Centre of Excellence स्थापित करने की संभावनाओं पर चर्चा की। इसके माध्यम से:

तकनीकी विकास: वैश्विक मानकों के अनुरूप खनन और प्रसंस्करण।

कौशल निर्माण: झारखंड के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण।

संस्थागत क्षमता: राज्य के खनन संस्थानों को वैश्विक संस्थानों के साथ जोड़ना।

मूल्य सृजन (Value Creation) पर जोर

विशेषज्ञों ने प्रदर्शित किया कि कैसे मॉडलिंग और इमेजिंग जैसी आधुनिक तकनीकों के जरिए प्रारंभिक शोध को औद्योगिक स्तर पर लाभदायक बनाया जा सकता है। यह झारखंड के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि राज्य अब कच्चे खनिजों के बजाय परिष्कृत उत्पादों और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश आकर्षित करना चाहता है।

आकर्षक हेडलाइंस (विकल्प):

विकल्प 1: झारखंड बनेगा माइनिंग का 'ग्लोबल रिसर्च हब': लंदन के इम्पीरियल कॉलेज के साथ साझेदारी की तैयारी।

विकल्प 2: हेमंत सोरेन का बड़ा कदम: झारखंड में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए लंदन के विशेषज्ञों से मिलाया हाथ।

विकल्प 3: खनिजों की पहचान से लेकर प्रसंस्करण तक; अब विश्वस्तरीय तकनीक अपनाएगा झारखंड।