31 जुलाई तक कराएं खरीफ फसलों का बीमा, सरकार दे रही मदद और सुरक्षा की गारंटी
* 72 घंटे के अंदर फसल बीमा सेंटर, कृषि विभाग, फसल बीमा हेल्प लाइन नंबर पर किसानों को देनी होगी सूचना

* धान, ज्वार, बाजरा, मक्का, उर्द, मूग, अरहर, मूंगफली, सोयाबीन एवं तिल का बीमा कराने के लिए तय की गई तारीख

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार किसानों की सुरक्षा और आय को स्थिर रखने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ सीजन की फसलों– धान, ज्वार, बाजरा, मक्का, उर्द, मूंग, अरहर, मूंगफली, सोयाबीन और तिल के लिए बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित की गई है।
प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने किसानों से अपील की है कि वे इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और समय रहते अपनी फसल का बीमा कराएं। बीमा का प्रीमियम केवल 2 प्रतिशत किसानों को देना होगा, जबकि शेष राशि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा वहन की जाएगी।
यह योजना न केवल प्राकृतिक आपदाओं, कीट प्रकोप, सूखा, ओलावृष्टि, बाढ़ जैसी स्थितियों में फसल हानि की भरपाई करती है, बल्कि कृषि ऋण चुकाने और आय में स्थिरता बनाए रखने में भी मदद करती है। यह योजना प्रदेश के सभी 75 जनपदों में लागू है। कृषकों को फसल बीमा कराने हेतु आवश्यक दस्तावेज के रूप मे आधार कार्ड, खतौनी, बैक पासबुक एवं बीमा कराई जाने वाली फसल का विवरण आवश्यक है। फसल बीमा बैंक, कामन सर्विस सेंटर या ऑनलाइन पोर्टल www.pmfby.gov.in पर स्वयं से भी पंजीकरण किया जा सकता है।

* फसल क्षति की सूचना:
किसान यदि फसल क्षति का सामना करते हैं तो उन्हें 72 घंटे के भीतर संबंधित विभाग या फसल बीमा हेल्पलाइन नंबर 14447 पर सूचना देनी होगी। सर्वे और क्लेम प्रक्रिया में कोई बाधा न आए, इसके लिए किसान बीमा कराते समय वास्तविक जानकारी दर्ज करें।
उत्तर प्रदेश में नदियों के पुनरुद्धार की व्यापक योजना, हर जिले को सौंपा जाएगा जिम्मा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य की नदियों को फिर से जीवन्त और संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश की प्रत्येक नदी को उसके स्रोत से लेकर अंतिम संगम बिंदु तक चिन्हित कर संबंधित जनपदों को साझा कार्ययोजना बनाकर जरूरी संरक्षणात्मक कदम उठाने को कहा गया है।

इस योजना का उद्देश्य केवल नदियों में जलधारा पुनर्स्थापित करना नहीं, बल्कि जल गुणवत्ता, जल उपलब्धता और जैव विविधता को स्थायी रूप से संरक्षित करना है। इसके अंतर्गत डिसिल्टेशन (गाद निकासी), कोर्स करेक्शन, चैनलाइजेशन जैसे तकनीकी उपाय अपनाए जाएंगे। साथ ही, नदी किनारों पर अतिक्रमण मुक्त क्षेत्र विकसित कर वहां सघन वृक्षारोपण किया जाएगा।

हर नदी जिस-जिस जनपद से होकर बहती है, उन सभी जिलों को अपनी सीमा में आने वाले नदी क्षेत्र की साफ-सफाई, पुनर्जीवन और संरक्षण की जिम्मेदारी दी जाएगी। तालाबों की श्रृंखला, कैचमेंट क्षेत्र, पारंपरिक जल स्रोत और भूजल पुनर्भरण की संरचनाएं चिन्हित कर उनका जीर्णोद्धार किया जाएगा।

राज्य सरकार की इस पहल को "नदी को जीवित धरोहर" के रूप में संरक्षित करने की दिशा में नई शुरुआत माना जा रहा है। यह नीति जल जीवन मिशन, नमामि गंगे और पर्यावरणीय संतुलन को बल देने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कृषि और पशुपालन में भी सकारात्मक बदलाव लाएगी।
भूतनाथ मार्केट के पास दिन दहाड़े घर में घुसकर बदमाशों ने की लूटपाट, फिर हो गए फरार

लखनऊ । राजधानी के भूतनाथ मार्केट के समीप स्थित सरकारी आवासीय कॉलोनी में बुधवार दोपहर उस समय सनसनी फैल गई जब दो बदमाश दिनदहाड़े एक महिला पर हमला कर उसके जेवरात लूट ले गए। घटना उस समय हुई जब बदमाशों ने खुद को एसी मिस्त्री बताकर महिला से दरवाजा खुलवाया और फिर चाकू की नोक पर वारदात को अंजाम दिया।घटना दोपहर करीब ढाई बजे की है। सचिवालय में अंडर सेक्रेटरी पद पर कार्यरत हरीशचंद्र पांडेय की पत्नी शशि पांडेय घर में अकेली थीं।

बदमाशों ने अंगूठी और कान की बाली छीन ली

इसी दौरान दो युवक दरवाजे पर पहुंचे और एसी में खराबी की झूठी शिकायत का हवाला देते हुए खुद को सर्विस इंजीनियर बताया। शशि ने जब एसी सही होने की बात कहते हुए दरवाजा बंद करना चाहा, तभी एक युवक ने उन्हें पीछे से दबोच लिया और चाकू गर्दन पर रख दिया।शशि के विरोध करने पर बदमाशों ने उनके गले पर चाकू से वार करने की कोशिश की। हालांकि साहस दिखाते हुए शशि उनसे भिड़ गईं। संघर्ष के दौरान बदमाशों ने उनके गले की चेन, अंगूठी और कान की बाली छीन ली। शोर मचाने पर महिला के बेटे श्रेयांश और आशु बाहर आए, लेकिन तब तक हमलावर बाइक पर सवार होकर फरार हो चुके थे।

घटनास्थल पर पहुंचे एसीपी और डीसीपी पूर्वी

हमले में घायल शशि के सिर, गर्दन और हाथ में गंभीर चोटें आईं। उन्हें परिजनों द्वारा तत्काल एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।सूचना के बाद भी पुलिस घटनास्थल पर आधे घंटे की देरी से पहुंची, जबकि कॉलोनी से पुलिस चौकी की दूरी महज 100 मीटर है। इस पर सवाल उठाते हुए हरीशचंद्र पांडेय ने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी और डीसीपी पूर्वी मौके पर पहुंचे।

सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बदमाशों की जा रही पहचान

डीसीपी शशांक सिंह ने बताया कि घटना की जांच के लिए दो विशेष टीमों का गठन किया गया है। सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बदमाशों की पहचान की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।पीड़ित परिवार ने यह भी बताया कि बीते तीन दिनों से कोई उनकी डोर बेल बजाकर भाग रहा था, जिससे अब आशंका है कि बदमाशों ने वारदात से पहले रेकी की थी। कॉलोनी के सन्नाटे और अनियमित पार्किंग व्यवस्था को भी उन्होंने सुरक्षा में चूक की वजह बताया है।
कांवड़ यात्रा 2025 के लिए डीजीपी ने दिए सुरक्षा व यातायात प्रबंधन के निर्देश

लखनऊ । पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश राजीव कृष्णा कांवड़ यात्रा 2025 को लेकर काफी गंभीर हैं। इसी लिए कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुगम व निर्विघ्न रूप से सम्पन्न कराने के लिए सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था और प्रभावी यातायात प्रबंधन के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ताकि कांवड़ यात्रा के दौरान शिव भक्तों को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े ।

कांवड़ मार्गो पर स्थापित किए गए 29,454 सीसीटीवी कैमरे

डीजीपी ने बताया कि प्रमुख कांवड़ मार्गों व शिविरों पर 29,454 सीसीटीवी कैमरे, 395 ड्रोन, 1,845 जल सेवा केंद्र, 829 चिकित्सा शिविर और 1,222 पुलिस सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं। कांवड़ शिविरों में सुरक्षा के मद्देनजर एंटी सेबोटाज चेकिंग कराई गई है और सभी शिविरों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। पुलिस के समस्त अधिकारियों से लेकर थाना प्रभारियों तक के मोबाइल नंबर, यातायात डाइवर्जन स्कीम एवं अन्य महत्वपूर्ण सूचनाओं को बारकोड के माध्यम से अखबारों में विज्ञापन, होर्डिंग, सोशल मीडिया इत्यादि के जरिए श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिये गये है ।

चौबीस घंटे रहेगी पेट्रोलिंग की व्यवस्था

यातायात व्यवस्था के तहत प्रमुख चौराहों पर पर्याप्त रोशनी, संकेतक बोर्ड व साइन बोर्ड लगाए गए हैं। भारी भीड़ की स्थिति में वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की गई है और डायवर्जन की जानकारी समय से मीडिया व सोशल प्लेटफॉर्म पर साझा की जा रही है। भारी व हल्के वाहनों को कांवड़ मार्गों से हटाकर अलग रूट पर डायवर्ट किया जाएगा।कांवड़ यात्रा की सुरक्षा के लिए स्थानीय गोताखोरों की तैनाती, महिला कांवरियों की विशेष सुरक्षा, पीए सिस्टम से घोषणाएं, खाद्य सामग्री की निगरानी, स्वास्थ्य टीम व एम्बुलेंस की तैनाती और 24 घंटे सक्रिय पेट्रोलिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। यूपी-112 की गाड़ियों और कर्मियों को विशेष रूप से ब्रीफ किया गया है।

तेज रफ्तार से बाइक चलाने वाले कांवड़ियों को किया जा रहा जागरूक

कांवड़ यात्रा के दौरान अक्सर देखा जाता है कि कांवड़िये भी तेज रफ्तार से वाहन व बाइक चलाते है। जिसकी वजह से सड़क हादसा होने का खतरा बना रहता है। इसी को देखते हुए कांवड़ियों को तीव्र गति से वाहन व  मोटरसाइकिल नहीं चलाए जाने के लिए  जागरूक किया जा रहा है । विभिन्न राजमार्गो व  टोल बैरियर पर कांवड़ यात्रा किस प्रकार जायेगी इस हेतु योजना बनाकर राजमार्गों के बायीं तरफ से ही कां वड़ियों को चलाया जाने तथा भण्डारे व शिविर को सड़क से 20 फिट की दूरी पर बायीं ओर ही संचालन की अनुमति दिए जाने के निर्देश दिए गए है।

महिला कांवड़ियों के साथ अभद्र व्यवहार व टिप्पणी करने पर होगी कार्रवाई

नदी व नहरों के किनारे स्थानीय गोताखोरों को समुचित ब्रीफ व प्रशिक्षित करके लगाया जा रहा है । नदियों के किनारे समुचित बैरिकेटिंग व खतरा चिन्ह भी लगाया जा रहा है । महिला कांवड़ियों की सुरक्षा हेतु समुचित प्रबन्ध किए गए है । इनके साथ किसी भी व्यक्ति अथवा दूसरे कांवड़ियां समूह के द्वारा अभद्र व्यवहार सम्बन्धी सूचना प्राप्त होने पर त्वरित कार्रवाई की जायेगी ।प्रत्येक थाना, चौकी एवं प्रमुख चौराहों पर पीए सिस्टम के माध्यम से व्यवस्था बनाये रखने व कांवड़ियों से सम्बन्धित संदेश प्रसारित किया जायेगा ।

कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाले होटल व ढाबों पर रखी जा रही विशेष निगरानी

कांवड़ मार्ग में पड़ने वाले होटलों, ढाबों से कांवडियों द्वारा खाद्य सामग्री लिए जाने के दृष्टिगत गुणवत्ता बनाये रखने के लिए खाद्य विभाग से समन्वय स्थापित कर विशेष निगरानी की जा रही है । साथ ही खाद्य सामग्री की रेट लिस्ट प्रदर्शित कराई जा रही है, जिससे दुकानदारों द्वारा ओवर चार्जिंग नहीं की जा सके । कांवड़ मार्ग पर त्वरित उपचार हेतु स्वास्थ्य विभाग की टीम मय एम्बूलेंस तैनात रहेंगी ।
आर्म्ड फोर्सेस ट्रिब्यूनल में हुआ पौधारोपण


लखनऊ। कैंट स्थित आर्म्ड फोर्सेस ट्रिब्यूनल में प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी वृहद पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें 150 से अधिक पौधे लगाए गए। अधिकरण के विभागाध्यक्ष व मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति अनिल कुमार, प्रशासनिक सदस्य वाइस एडमिरल अतुल कुमार जैन, मेजर जनरल संजय सिंह, लिटिगेशन इंचार्ज भारत सरकार डा.शैलेंद्र शर्मा 'अटल', बार एसोसिएशन के महामंत्री गिरीश तिवारी, बाई लॉज़ ड्राफ्टिंग कमेटी के चेयरमैन डॉ.चेतनारायण सिंह, अध्यक्ष के.के.एस बिष्ट, रजिस्ट्रार दुष्यंत दत्त, संयुक्त रजिस्ट्रार लेफ्टिनेंट कर्नल सीमित कुमार, डिप्टी रजिस्ट्रार सचींद्र पाल सिंह आदि ने पौधरोपण किया।

इसके अलावा परिसर में कई जगहों पर चेयरमैन योगेश केसरवानी, को-चेयरमैन विजय कुमार पांडेय, आशीष कुमार सिंह, कार्यकारिणी सदस्य राहुल पाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष आरके चौहान, व मो.जफर खान, संयुक्त सचिव मनोज कुमार अवस्थी, शिव कुमार सरोज ने भी पौधे रोपे। रजिस्ट्रार दुष्यंत दत्त ने बताया कि हर वर्ष पौधरोपण की वजह से एएफटी परिसर ग्रीनरी और छायादार पेड़ों से भरी हुई है।

कार्यक्रम में न्यायमूर्ति अनिल कुमार की ओर से कई पुलिसकर्मियों को भी पौधा वितरित किया गया।
खरीफ सीजन में उर्वरक की कोई कमी नहीं : कृषि मंत्री
* डीएपी व एनपीके की भी भरपूर व्यवस्था, किसानों से की जरूरत अनुसार खरीद की अपील

लखनऊ। प्रदेश में खरीफ सीजन के दौरान किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने उर्वरकों की समुचित व्यवस्था की है। प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में 14.59 लाख मीट्रिक टन यूरिया और 5.63 लाख मीट्रिक टन फास्फेटिक उर्वरक (डीएपी, एनपीके) बिक्री केंद्रों पर उपलब्ध हैं।
केवल 08 जुलाई को ही 32,700 मीट्रिक टन यूरिया, 6,566 मीट्रिक टन डीएपी तथा 3,559 मीट्रिक टन एनपीके की बिक्री हुई है। लखनऊ, प्रयागराज, कानपुर और बरेली मण्डलों में सर्वाधिक यूरिया उपलब्ध है। सहकारिता क्षेत्र के रिटेल प्वाइंट्स पर 1.13 लाख मीट्रिक टन यूरिया, और जनपद स्तरीय बफर गोदामों में 1.89 लाख मीट्रिक टन स्टॉक सुनिश्चित किया गया है।
श्री शाही ने स्पष्ट किया कि यदि किसी किसान को उर्वरकों के साथ अन्य उत्पादों की टैगिंग कर जबरन बिक्री की शिकायत होती है, तो उस पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए कंट्रोल रूम (0522-2209650) तथा जनपद स्तर पर डीएम कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
प्रदेश सरकार भारत सरकार से लगातार समन्वय कर रही है ताकि रोजमर्रा की जरूरत के अनुसार उर्वरकों की आपूर्ति बनी रहे। सीमावर्ती जिलों में ओवररेटिंग, कालाबाजारी और अवैध गतिविधियों पर विशेष सतर्कता के साथ निगरानी की जा रही है। कृषि मंत्री ने किसानों से अपील की कि वे अभी केवल वर्तमान फसलों की जरूरत के अनुसार ही उर्वरक खरीदें और भविष्य की फसलों के लिए भंडारण से बचें। सरकार किसानों को हर हाल में पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने हेतु खादी ग्रामोद्योग बोर्ड का अभिनव प्रयास
* "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के तहत 101 पौधे रोपे गए

लखनऊ। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम उठाते हुए उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड ने राजधानी लखनऊ में “एक पेड़ माँ के नाम” वृक्षारोपण जनसहभागिता अभियान-2025 के अंतर्गत भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम का नेतृत्व बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी शिशिर ने किया।
इस अभियान के तहत मण्डलीय प्रशिक्षण केन्द्र डालीगंज, खादी उत्पादन केन्द्र अमेठी (लखनऊ) तथा बोर्ड मुख्यालय परिसर में कुल 101 वृक्षों का रोपण किया गया। वृक्षारोपण में अर्जुन, नीम, पीपल, आम और पाकर जैसे पर्यावरण के लिए लाभकारी व औषधीय गुणों से भरपूर पौधों का चयन किया गया। इन पौधों का चयन स्थानीय पारिस्थितिकी, छायादान, प्रदूषण नियंत्रण और दीर्घकालिक प्रभाव को ध्यान में रखकर किया गया।
इस अवसर पर संयुक्त मुख्य कार्यपालक अधिकारी सिद्धार्थ यादव, वित्तीय सलाहकार मानवेन्द्र सिंह, प्राचार्य तनुजा, उप मुख्य कार्यपालक अधिकारी मनोज दिवाकर तथा वरिष्ठ प्रबंधक अनिल कुमार सिंह सहित कई अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे और कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभाई।
लखनऊ उच्च न्यायालय परिसर में हुआ पौधारोपण

लखनऊ।"एक पेड़ माँ के नाम 2.0" अभियान के तहत, गोमती नगर स्थित उच्च न्यायालय की लखनऊ खण्डपीठ के परिसर में वृहद पौधारोपण जन-महाभियान कार्यक्रम 2025 बुधवार को आयोजित किया गया। इस अभियान का उद्देश्य माँ के नाम पर एक पेड़ लगाना और एक स्थायी स्मृति बनाना है, जो न केवल पर्यावरण की रक्षा करेगा बल्कि एक हरे और अधिक समृद्ध भविष्य के निर्माण में भी योगदान देगा। इस पौधारोपण कार्यक्रम में उच्च न्यायालय, लखनऊ खण्डपीठ के वरिष्ठ न्यायमूर्ति  अताउ रहमान मसूदी व अन्य न्यायमूर्तिगण तथा  न्यायालय के रजिस्ट्री अधिकारीगण भी सम्मिलित हुये। न्यायमूर्तिगण ने पौधों की अलग-अलग प्रजातियों जैसे चंपा, गुलाचीन, चाँदनी, मनोकामिनी इत्यादि पौधों का रोपण किया।
उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग करेगा टीटीएफ -2025 में शानदार प्रदर्शन
* कोलकाता में 10-12 जुलाई तक आयोजित होगा देश का सबसे बड़ा ट्रेवल शो, पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने दी जानकारी

लखनऊ। देश के सबसे बड़े ट्रैवल शो नेटवर्क "ट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर -2025" का आयोजन 10 से 12 जुलाई तक कोलकाता के बिस्वा बांग्ला मेला प्रांगण में किया जा रहा है। इस भव्य आयोजन में उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग पूरे जोश और तैयारी के साथ भाग ले रहा है।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि इस आयोजन में बिजनेस-टू-बिजनेस सत्रों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देश-विदेश के पर्यटन उद्योग से जुड़े व्यवसायी, ट्रैवल एजेंसियां और निवेशक भाग लेंगे। उत्तर प्रदेश के स्टॉल के माध्यम से प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक स्थलों, और निवेश/रोजगार की संभावनाओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि यह ट्रैवल शो पूर्वी भारत का सबसे पुराना और प्रतिष्ठित पर्यटन मंच है, जहां भारत के 25 राज्यों और 14 से अधिक देशों की भागीदारी होगी। लगभग 5,500 से अधिक व्यापारिक खरीदार इस मेले में शामिल होंगे, जो उत्तर प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र के लिए बड़े व्यावसायिक अवसरों के द्वार खोलेंगे।
इस फेयर में उत्तर प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों एवं भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय का विशेष स्टॉल भी होगा। शुक्रवार को एक विशेष पैनल चर्चा आयोजित की जाएगी, जिसमें "खेल एवं साहसिक पर्यटन: रोमांच से अवसर तक" विषय पर विशेषज्ञ विचार साझा करेंगे।
जयवीर सिंह ने कहा कि टीटीएफ -2025 उत्तर प्रदेश के टूर ऑपरेटरों को विभिन्न राज्यों व देशों के ट्रैवल पेशेवरों से जुड़ने का सुनहरा अवसर देगा। राज्य को एक पसंदीदा पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने के लिए यह मंच महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उत्तर प्रदेश में पहली बार एल्कोहल उद्योग पर निवेशक सम्मेलन, ₹3600 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त
* आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल की अध्यक्षता में हुआ आयोजन, यूपी बना निवेशकों की पहली पसंद

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आज एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में एक दिवसीय निवेशक सम्मेलन का सफल आयोजन हुआ। इसकी अध्यक्षता प्रदेश के आबकारी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल ने की। देश-विदेश से आए औद्योगिक समूहों, निवेशकों और स्टार्टअप प्रतिनिधियों की भागीदारी वाले इस सम्मेलन में ₹3600 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए।

सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में एल्कोहल निर्माण, वितरण व विपणन आधारित उद्योगों को बढ़ावा देना और निवेशकों को नीति संबंधी जानकारी एवं सुविधा प्रदान करना था। इस अवसर पर "यूपी इकोनॉमिक रिपोर्ट बुक" का भी लोकार्पण किया गया।
मंत्री नितिन अग्रवाल ने कहा, “पहली बार प्रदेश में ऐसा आयोजन हो रहा है जो यह दर्शाता है कि उत्तर प्रदेश अब उपभोक्ता नहीं, उत्पादक राज्य बन चुका है। यह बदलाव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व से संभव हुआ है।”

उन्होंने बताया कि 39479.39 करोड़ रुपये के 135 एमओयू हस्ताक्षरित हो चुके हैं, जिनसे 73524 रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे। इनमें से 19 इकाइयां स्थापित होकर संचालित हो रही हैं और 27 इकाइयां निर्माणाधीन हैं। अब तक 2339.6 करोड़ का निवेश किया जा चुका है। आबकारी विभाग के डिजिटलीकरण, ई-गवर्नेंस, ऑनलाइन लाइसेंसिंग और सिंगल विंडो क्लीयरेंस प्रणाली की भी सराहना की गई। उन्होंने निवेशकों को आश्वस्त किया कि सरकार पारदर्शी, स्थायी व लाभकारी नीति वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस अवसर पर आबकारी आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह, वरिष्ठ अधिकारीगण एवं उद्योगपति भी उपस्थित रहे। सम्मेलन ने राज्य में औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन की दिशा में एक नया मार्ग प्रशस्त किया है।