AirOK Reflects India’s Growing Focus on Indoor Air Quality as a Preventive Health Priority

India — April 2026: As India’s cities continue to expand and urban living becomes more complex, families are beginning to pay closer attention to an issue that was once rarely discussed — the quality of the air inside their homes. Indoor air quality is gradually moving into the mainstream conversation on preventive health, reflecting a broader shift in how households think about long-term well-being.Urbanization has brought undeniable progress, but it has also introduced new environmental challenges. Continuous construction, increasing traffic density, and rising population levels have changed the way people interact with their surroundings. While outdoor pollution remains highly visible, the conditions inside homes and enclosed spaces are now receiving growing attention, particularly because people spend most of their time indoors.

In many residential areas, pollutants from outside can enter indoor environments through routine daily activity. Dust, smoke particles, and microscopic pollutants can accumulate slowly, especially in apartments where airflow is limited. Unlike sudden health risks, the impact of indoor air quality often develops gradually. Families may experience recurring discomfort such as fatigue, throat irritation, headaches, or disrupted sleep without immediately identifying the underlying environmental cause.

This emerging awareness is encouraging households to adopt a more preventive approach to managing their living environments. Just as earlier generations recognized the importance of clean drinking water and sanitation, today’s families are beginning to view indoor air quality as another essential component of healthy living. The emphasis is shifting from reacting to problems after they arise to taking practical steps that support consistent well-being.

Within this evolving landscape, Indian-developed technologies are playing a more visible role. There is increasing recognition that solutions designed specifically for local environmental conditions can offer practical advantages. India’s urban settings present unique challenges, including high dust levels, frequent construction activity, and varying power supply conditions. Addressing these realities requires systems built with an understanding of local needs rather than assumptions based on different geographic contexts.

AirOK has emerged as one example of this growing domestic capability. Its significance lies in representing an approach that prioritizes adaptation to Indian conditions while supporting the broader goal of healthier indoor environments. The development of such technologies reflects a wider movement toward building local expertise in areas that directly influence public health and everyday comfort.

Industry observers note that the increasing presence of Indian brands like AirOK signals a shift in how environmental health challenges are being addressed. Instead of relying solely on external solutions, there is a growing emphasis on innovation that originates within the country and responds directly to the realities of urban living. This trend aligns with national priorities around self-reliance, sustainability, and practical problem-solving.

The conversation around indoor air quality is therefore expanding beyond individual households. It is becoming part of a larger discussion about how cities can support healthier communities in the long term. As awareness continues to grow, maintaining clean indoor air is likely to become a routine expectation in modern homes, much like access to safe water and reliable sanitation.

In this context, the role of initiatives such as AirOK is not defined by marketing claims, but by their contribution to a changing mindset — one that recognizes the importance of prevention, preparedness, and locally relevant solutions in shaping healthier urban living across India.

गया में एएसआई गया शाखा में नई ऊर्जा का संचार वर्ष 2026–27 के लिए नई कार्यकारिणी का गठन सम्पन्न

गया जी: Association of Surgeons of India (ASI), गया शाखा की सामान्य सभा (General Body Meeting) सह CME कार्यक्रम आज होटल सुप्रीम, गया में अत्यंत गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में गया, मगध एवं आसपास के क्षेत्रों के वरिष्ठ एवं युवा सर्जनों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।

यह बैठक केवल एक संगठनात्मक प्रक्रिया नहीं, बल्कि मगध क्षेत्र में सर्जिकल शिक्षा, आधुनिक तकनीक एवं बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने की प्रतिबद्धता का प्रतीक बनी।

सर्वसम्मति से वर्ष 2026–27 के लिए नई कार्यकारिणी का गठन

अध्यक्ष : डॉ. एस. एन. सिंह

सचिव : डॉ. जे. पी. सिंह

कोषाध्यक्ष : डॉ. मनीष सिंह

चेयरमैन, साइंटिफिक कमेटी : डॉ. अनुपम रंजन को महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया।

कार्यक्रम का संचालन एएसआई गया शाखा के पूर्व अध्यक्ष डॉ. रतन कुमार ने किया। उन्होंने संगठन की एकजुटता एवं सक्रियता की सराहना करते हुए कहा कि एएसआई गया शाखा लगातार शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक गतिविधियों के माध्यम से क्षेत्र में सर्जिकल सेवाओं को मजबूत कर रही है।

नवनिर्वाचित सचिव डॉ. जे. पी. सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि आने वाले समय में एएसआई गया शाखा को और अधिक सक्रिय, वैज्ञानिक एवं आधुनिक स्वरूप प्रदान किया जाएगा। नियमित CME, लाइव सर्जिकल वर्कशॉप, युवा सर्जनों के प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं नई सर्जिकल तकनीकों के प्रसार को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि मगध क्षेत्र के मरीजों को महानगरों जैसी उन्नत सर्जिकल सुविधाएँ स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकें।

उन्होंने यह भी कहा कि एएसआई गया शाखा का उद्देश्य केवल चिकित्सकों का संगठन बनकर रहना नहीं, बल्कि समाज में गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित सर्जिकल उपचार के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है।

बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने नई कार्यकारिणी को शुभकामनाएँ देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि नई टीम के नेतृत्व में एएसआई गया शाखा आने वाले वर्षों में शैक्षणिक उत्कृष्टता, वैज्ञानिक गतिविधियों एवं सामाजिक दायित्वों के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित करेगी। “सर्जिकल उत्कृष्टता, वैज्ञानिक सोच और सेवा भावना — यही एएसआई गया शाखा की पहचान है।

बंगाल में बीजेपी के पहले सीएम बने सुवेंदु अधिकारी, पीएम मोदी की मौजूदगी में 5 मंत्रियों ने भी ली शपथ

#westbengalnewcmoath_ceremony

पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। आजादी के बाद पहली बार राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बन गई और सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। कोलकाता के ब्रिगेड ग्राउंड में आयोजित भव्य समारोह में प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत भाजपा के कई दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में शपथ ग्रहण समारोह संपन्न हुआ।

सुवेंदु के साथ 5 मंत्रियों ने ली शपथ

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के साथ भाजपा के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष समेत चार विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तिनिया, क्षुदीराम टुडु, निशिथ प्रमाणिक ने भी मंत्री पद की शपथ ली।

सुवेंदु अधिकारी ने लिया पीएम मोदी का आशीर्वाद

शपथ लेने के बाद सुवेंदु अधिकारी पीएम मोदी के पास पहुंचे और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें गले लगाकर उनकी पीठ थपथपाई और नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।

पीएम मोदी भाजपा के सबसे पुराने कार्यकर्ता से मिले

प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम बंगाल में भाजपा के वरिष्ठतम कार्यकर्ताओं में से एक माखनलाल सरकार का अभिनंदन किया और उनसे आशीर्वाद लिया। 1952 में, भारतीय तिरंगा फहराने के आंदोलन के दौरान श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ कश्मीर में मौजूद माखनलाल सरकार को गिरफ्तार कर लिया गया था। 98 वर्ष की आयु में भी श्री माखनलाल सरकार स्वतंत्तोत्तर भारत में राष्ट्रवादी आंदोलन से जुड़े शुरुआती जमीनी स्तर के नेताओं में से एक हैं।

शपथ समारोह में शामिल हुए कई दिग्गज

सुवेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण समारोह के अवसर पर भव्य आयोजन हुआ। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई केंद्रीय मंत्री, एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता मौजूद थे

तीस्ता प्रोजेक्ट पर बांग्लादेश ने चीन से मांगी मदद, ढाका-बीजिंग नजदीकी भारत के लिए क्यों चिंता का विषय?

#indiabangladeshteestarowchina_entry

भारत और बांग्लादेश के बीच तीस्ता नदी के पानी को लेकर चल रहे दशकों पुराना विवाद में अब चीन की एंट्री हो गई है। तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बांग्लादेश की नई सरकार ने तीस्ता नदी पुनर्स्थापन प्रोजेक्ट के लिए औपचारिक तौर पर चीन से समर्थन मांगा है। बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने खुद कबूल किया है कि उनकी सरकार तीस्ता प्रोजेक्ट के लिए चीन से बातचीत कर रही है।

बुधवार को बीजिंग में बांग्लादेश के विदेश मंत्री खालिलुर रहमान और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच हुई बैठक में तीस्ता रिवर कॉम्प्रिहेंसिव मैनेजमेंट एंड रिस्टोरेशन प्रोजेक्ट (TRCMRP) पर चर्चा हुई। इसकी जानकारी बांग्लादेश की सरकारी समाचार एजेंसी बीएसएस ने दी। 

चीन का बांग्लादेश सरकार के प्रति समर्थन

बैठक में वांग यी ने नई बांग्लादेश सरकार के प्रति चीन का समर्थन जताते हुए कहा कि चीन, बेल्ट एंड रोड सहयोग को बांग्लादेश की विकास रणनीतियों के साथ जोड़ने और आर्थिक, बुनियादी ढांचे व लोगों के बीच संपर्क जैसे पारंपरिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि चीन बांग्लादेश में निवेश के लिए अपनी कंपनियों को भी प्रोत्साहित करेगा।

ढाका कके लिए चीन का ‘मास्टरप्लान’

बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने साफ कर दिया है कि वो भारत के साथ तीस्ता समझौते की उम्मीद तो रखते हैं, लेकिन हाथ पर हाथ धरकर नहीं बैठेंगे। उन्होंने कहा कि चीन ने तीस्ता नदी के मैनेजमेंट और उसके किनारों के विकास के लिए एक अरब डॉलर का भारी-भरकम ‘मास्टरप्लान’ तैयार किया है। बांग्लादेश इस प्रोजेक्ट को लेकर बीजिंग के साथ लगातार संपर्क में है।

क्यों भारत के लिए है चिंता का विषय

बता दें कि तीस्ता नदी भारत के ‘चिकन नेक’ यानी सिलिगुड़ी कॉरिडोर के बेहद करीब से बहती है। ये वही इलाका है जो नॉर्थ-ईस्ट को बाकी भारत से जोड़ता है। अगर चीन इस इलाके में तीस्ता प्रोजेक्ट के नाम पर घुसता है तो उसके इंजीनियर और मशीनें भारत के इस सेंसेटिव एरिया के पास मौजूद होंगी। विकास के बहाने चीन इस संवेदनशील बॉर्डर इलाके में अपनी पैठ बना लेगा और भारत की सैन्य गतिविधियों पर नजर रखेगा।

बंगाल में आज सीएम के नाम का ऐलान, अमित शाह जा रहे कोलकाता, विधायकों के साथ करेंगे मंथन

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पश्चिम बंगाल में भाजपा प्रचंड बहुमत के साथ पहली बार सरकार बनाने जा रही है। बंगाल में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो चुकी है। अब निगाहें सीएम फेस पर टिकी हैं। इस बीच आज भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक दल की बैठक होगी। इस बैठक में राज्य के अगले मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहेंगे। 

विधायक दल की बैठक में नेता का चुनाव

केंद्रीय मंत्री अमित शाह और ओडिशा के सीएम मोहन माझी शुक्रवार को बीजेपी विधायक दल की बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जहां विधायक दल के नेता और बंगाल के अगले मुख्यमंत्री का चुनाव किया जाएगा। अमित शाह शुक्रवार को कोलकाता पहुंचेंगे और बैठक से पहले राज्य भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ प्रारंभिक चर्चा करेंगे। शाम 4 बजे नवनिर्वाचित विधायकों के साथ औपचारिक बैठक होगी, जहां मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लग सकती है।

सुवेंदु अधिकारी सबसे प्रमुख दावेदार

पार्टी का नया मंत्रिमंडल अनुभवी नेताओं और राजनीति में नए चेहरों का मिश्रण हो सकता है। मुख्यमंत्री पद की दौड़ में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी सबसे प्रमुख दावेदारों में माने जा रहे हैं। इसकी वजह उनकी राजनीतिक अहमियत, संगठन में पकड़, जमीन समझ और नेटवर्क है। बीते दो विधानसभा चुनाव में सुवेंदु अधिकारी ने न केवल बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सामने चुनाव लड़ा, बल्कि जीत भी हासिल की। ममता सरकार को सीधे चुनौती देने की वजह से ही अधिकारी को बीजेपी का सबसे मजबूत चेहरा माना जाता है।

बंगाल से ही होगा नया मुख्यमंत्री

चुनाव में बीजेपी ने 207 सीटों पर जीत दर्ज कर दो-तिहाई से ज्यादा बहुमत हासिल किया था, वहीं टीएमसी 80 सीटों पर सिमट गई। पार्टी ने आधिकारिक तौर पर कोई भी मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित नहीं किया था, लेकिन शाह ने चुनावी रैली के दौरान यह जरूर कहा था कि नया मुख्यमंत्री बंगाल से ही होगा। ऐसे में बीजेपी के मुख्यमंत्री पद के चेहरे पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

बंगाल चुनाव रुझानों पर लखनऊ में BJP का जश्न, कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह

* ढोल-नगाड़ों पर नाचे कार्यकर्ता, डिप्टी CM संग नेताओं ने साझा किया खुशी का पल

लखनऊ। पश्चिम बंगाल चुनाव के रुझानों में बढ़त की खबर के साथ ही लखनऊ स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में जश्न का माहौल देखने को मिला। बड़ी संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर जमकर नृत्य किया और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया।
कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचे और उनके साथ जश्न में शामिल हुए। इस दौरान दोनों नेताओं ने कार्यकर्ताओं के साथ झालमुड़ी का आनंद लिया, जो बंगाल की सांस्कृतिक झलक को दर्शाता है।
जश्न के बीच एक युवक बुलडोजर मॉडल लेकर पहुंचा, जिस पर “27 में फिर बुलडोजर” लिखा हुआ था, जो कार्यकर्ताओं के बीच आकर्षण का केंद्र बना रहा। महिला कार्यकर्ताओं ने भी ढोल-नगाड़ों पर जमकर नृत्य कर उत्साह का प्रदर्शन किया।
कार्यालय परिसर में आतिशबाजी के साथ माहौल पूरी तरह उत्सवमय हो गया। कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और संगठन के नेताओं की रणनीति को इस सफलता का श्रेय दिया। बंगाल से आ रहे सकारात्मक रुझानों ने राजधानी लखनऊ में भाजपा कार्यकर्ताओं के उत्साह को चरम पर पहुंचा दिया है, जिससे प्रदेश कार्यालय में देर तक जश्न का सिलसिला जारी रहा।
पंजाब के सीएम भगवंत मान पर गंभीर आरोप, कांग्रेस और अकाली दल ने कहा-नशे में सदन चला रहे हैं मुख्यमंत्री

#punjabspecialsessioncongresswalkoutaccusingcmbhagwantmannofalcoholism 

पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। राघव चड्ढा समेत सात सांसदों की बगावत के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान को लेकर राज्य में सियासत गर्मा गई है। नेता विपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने आरोप लगाया है कि शुक्रवार को विधानसभा की कार्यवाही के दौरान सीएम भगवंत मान नशे में लग रहे थे।

कांग्रेस का सदन से वॉकआउट

पंजाब के नेता विपक्ष और कांग्रेस के सीनियर नेता प्रताप सिंह बाजवा के आरोपों के बाद कांग्रेस विधायकों ने प्रदर्शन करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। वहीं पार्टी ने सभी विधायकों के डोप परीक्षण और पीजीआईएमईआर द्वारा स्वतंत्र चिकित्सा जांच की भी मांग की।

प्रताप सिंह बाजवा ने की सभी का परीक्षण कराने की मांग

विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने भी मान की कथित तौर पर नशे में होने के लिए आलोचना की और तत्काल डोप टेस्ट की मांग की। उन्होंने कहा कि हमें विधानसभा में आकर क्या करना चाहिए जहां मुख्यमंत्री नशे की हालत में हैं? जब राज्य का मुखिया पूरी तरह से नशे में है तो सत्र आयोजित करने का क्या उद्देश्य है? हम मांग करते हैं कि सभी का परीक्षण किया जाए। 

 

शिरोमणि अकाली दल ने भी लगाए आरोप

शिरोमणि अकाली दल ने भी इसी तरह के आरोप लगाए, इसे शर्मनाक बताया और मुख्यमंत्री के डोप परीक्षण की मांग की। अकाली दल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया है कि मुख्यमंत्री ‘मजदूर दिवस’ के अवसर पर विधानसभा सत्र में नशे की स्थिति में उपस्थित हुए थे। पार्टी ने इस आचरण को सदन की गरिमा के विरुद्ध बताते हुए उनकी कड़ी आलोचना की है। पार्टी ने अपने पोस्ट में लिखा कि यह बहुत शर्म की बात है कि मुख्यमंत्री पवित्र विधानसभा में इस हालत में पहुंचे।

विधानसभा का यह विशेष सत्र पहले ही ‘ऑपरेशन लोटस’ जैसे संवेदनशील मुद्दे को लेकर बुलाया गया था। आम आदमी पार्टी (AAP) जहां भाजपा पर सरकार गिराने की साजिश का आरोप लगा रही थी, वहीं इस नए विवाद ने पूरे घटनाक्रम को और अधिक विस्फोटक बना दिया।

बड़ा खुलासा: सीएचसी तुलसीपुर में सरकारी संपत्ति की 'मिडनाइट' सेंधमारी?
क्या स्वास्थ्य केंद्र की आड़ में चल रहा है भ्रष्टाचार का खेल?

तुलसीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 23.04.26 की अर्धरात्रि को डॉ. विकल्प मिश्रा ने एक अनाधिकृत व्यक्ति (बॉबी पांडेय) के साथ मिलकर अस्पताल से भारी मात्रा में सामान बाहर निकाला।

गंभीर सवाल और चौंकाने वाले तथ्य:
अंधेरे का सहारा क्यों? सामान को बिना किसी सक्षम अधिकारी को दिखाए या सूचित किए चोरी-छिपे आधी रात को क्यों ले जाया गया?
सरकारी संपत्ति पर डाका? सूत्रों के मुताबिक, जो सामान 'निजी' बताकर ले जाया गया, उसमें अधिकांश सरकारी संपत्ति होने की आशंका है।
वीडियो ग्राफी का सच: गौरतलब है कि 10 दिन पूर्व ही ACMO डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव की देखरेख में अस्पताल के कर्मचारियों की उपस्थिति में सामान की बाकायदा वीडियो ग्राफी कराई गई थी।

वर्चस्व कायम रखने की 'साजिश'?
चर्चा है कि यह केवल सामान की हेराफेरी नहीं, बल्कि अस्पताल पर पकड़ बनाए रखने का एक बड़ा गेम प्लान है। सूत्रों की मानें तो डॉ. विकल्प मिश्रा अपने करीबी डॉ. प्रणव पांडेय को अधीक्षक बनवाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं, ताकि स्थानांतरण के बाद भी सीएचसी तुलसीपुर में उनका वर्चस्व और हस्तक्षेप बरकरार रहे।


वीडियो ग्राफी से मिलान कर ले जाए गए सामान की तत्काल जांच हो।
सरकारी संपत्ति की चोरी के प्रयास में दोषियों पर कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाए।
अस्पताल के प्रशासनिक पदों पर नियुक्ति पारदर्शिता के आधार पर हो, न कि 'नेक्सस' के आधार पर।
प्रशासन जागे! जनहित और सरकारी संपत्ति की सुरक्षा सर्वोपरि है।
राँची में जनगणना 2027 की तैयारी शुरू: 16 मई से घर-घर होगी मकानों की गिनती

राँची जिला अंतर्गत भारत जनगणना 2027 के प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना की तैयारी में उपायुक्त-सह-प्रधान जिला जनगणना पदाधिकारी, राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देशानुसार आज दिनांक 27.04.2026 से चार्ज स्तर पर प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हो गया है।

सभी प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को व्यावहारिक उदाहरणों, CMMS वेब पोर्टल तथा मोबाइल ऐप के माध्यम से मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना से संबंधित समस्त प्रक्रियाओं का विस्तृत प्रशिक्षण दिया जा रहा है

यह प्रशिक्षण दिनांक 09.05.2026 तक चलेगा।राँची जिले के कुल 19 चार्जों में आयोजित इस प्रशिक्षण में चार्ज स्तर के फील्ड ट्रेनरों द्वारा सभी प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को व्यावहारिक उदाहरणों, CMMS वेब पोर्टल तथा मोबाइल ऐप के माध्यम से मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना से संबंधित समस्त प्रक्रियाओं का विस्तृत प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण में स्व-जनगणना (Self Enumeration) की प्रक्रिया, जनगणना 2027 के विभिन्न चरणों, कार्यप्रणाली, डिजिटल उपकरणों के उपयोग तथा CMMS वेब पोर्टल पर डेटा प्रबंधन के महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर विशेष जोर दिया जा रहा है।प्रशिक्षण कार्यक्रम की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए राँची जिले के सभी प्रखंडों के चार्ज/नोडल पदाधिकारी अपने-अपने चार्ज में उपस्थित रहकर निगरानी कर रहे हैं।

मुख्य तिथियाँ:प्रशिक्षण अवधि: 27 अप्रैल 2026 से 09 मई 2026 तक

स्व-जनगणना (Self Enumeration) विकल्प: 01 मई 2026 से 15 मई 2026 तक

मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना: 16 मई 2026 से 14 जून 2026 तक

सभी प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों से अपेक्षा है कि वे प्रशिक्षण को गंभीरता से लें और मैदान में उतरकर उच्च गुणवत्ता वाला कार्य सुनिश्चित करें

जिला प्रशासन का प्रयास है कि जनगणना 2027 का यह प्रथम चरण पूर्णतः डिजिटल, पारदर्शी, सटीक और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। प्रशिक्षित प्रगणक एवं पर्यवेक्षक क्षेत्र में जाकर प्रत्येक मकान का सूचीकरण करेंगे तथा आवासीय विवरण एकत्रित करेंगे। उपायुक्त-सह-प्रधान जिला जनगणना पदाधिकारी, राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि जनगणना एक राष्ट्रीय महत्व का कार्य है। राँची जिला इसे पूरी निष्ठा और प्रोफेशनलिज्म के साथ संपन्न करेगा। सभी प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों से अपेक्षा है कि वे प्रशिक्षण को गंभीरता से लें और मैदान में उतरकर उच्च गुणवत्ता वाला कार्य सुनिश्चित करें।

जनगणना संबंधी किसी भी जानकारी, सहायता या स्व-जनगणना पोर्टल के उपयोग के लिए नागरिक CMMS वेब पोर्टल एवं संबंधित मोबाइल ऐप का उपयोग कर सकते हैं

जनगणना संबंधी किसी भी जानकारी, सहायता या स्व-जनगणना पोर्टल के उपयोग के लिए नागरिक CMMS वेब पोर्टल एवं संबंधित मोबाइल ऐप का उपयोग कर सकते हैं। जिला जनगणना कार्यालय, राँची द्वारा इस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।

जिला स्तर के वरीय पदाधिकारियों द्वारा प्रशिक्षण की गुणता पर विशेष ध्यान रखी जा रही है। साथ ही इसका निरीक्षण भी किया जा रहा है।

वाराणसी में विकास कार्यों को दें रफ्तार, गुणवत्ता से न हो समझौता: मंत्री एके शर्मा
* बरसात से पहले नाला सफाई पूरी करें, ट्रिपिंग पर जताई नाराजगी; कम लोड उपभोक्ताओं को बिजली कटौती से राहत

लखनऊ/वाराणसी नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने वाराणसी दौरे के दौरान सर्किट हाउस में नगर विकास एवं ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर शहर के विकास कार्यों में तेजी लाने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंत्री ने आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए नालों की सफाई और जलनिकासी व्यवस्था समय से दुरुस्त करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि बारिश में जलभराव की समस्या किसी भी हाल में नहीं होनी चाहिए। इसके लिए नगर निगम और जलकल विभाग को समन्वय के साथ कार्य करने को कहा गया।

* सौंदर्यीकरण और अतिक्रमण हटाने पर जोर
सड़क एवं शहरी सौंदर्यीकरण कार्यों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने सड़कों के किनारे इंटरलॉकिंग कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही शहर में अतिक्रमण हटाने के लिए सख्त अभियान चलाने पर जोर दिया, ताकि यातायात और नागरिक सुविधाएं बेहतर हो सकें।

* CM ग्रिड और वैश्विक नगरोदय योजना से बदलेगा बनारस
मंत्री श्री शर्मा ने सीएम ग्रिड योजना एवं वैश्विक नगरोदय योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से वाराणसी को आधुनिक, व्यवस्थित और सुंदर शहर के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का असर जमीन पर साफ दिखाई देना चाहिए।

* बिजली ट्रिपिंग पर सख्त नाराजगी
ऊर्जा विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री ने ट्रिपिंग की समस्या पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि वाराणसी के किसी भी क्षेत्र में ट्रिपिंग स्वीकार्य नहीं है और निर्बाध विद्युत आपूर्ति हर हाल में सुनिश्चित की जाए।
साथ ही अंडरग्राउंड केबलिंग कार्य में तेजी लाने और बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए योजनाबद्ध ढंग से कार्य करने के निर्देश दिए।

* उपभोक्ताओं को बड़ी राहत:
बैठक में मंत्री ने उपभोक्ता हित में कई अहम फैसले लिए—

* 1 किलोवाट तक के उपभोक्ताओं का कनेक्शन एक माह तक नेगेटिव बैलेंस पर नहीं कटेगा।
* 2 किलोवाट तक के उपभोक्ताओं को ₹200 तक राहत मिलेगी।
* कनेक्शन काटने से पहले 5 चरणों में SMS अलर्ट भेजना अनिवार्य होगा।
* रविवार और अन्य सार्वजनिक अवकाशों पर नेगेटिव बैलेंस होने पर भी कनेक्शन नहीं काटा जाएगा

* अधिकारियों को दिए निर्देश
मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि वाराणसी धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण शहर है, इसलिए यहां की सभी व्यवस्थाएं उच्च स्तर की होनी चाहिए। सभी कार्य समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे किए जाएं, ताकि आम जनता को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
बैठक में मेयर अशोक तिवारी, एमडी पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम शंभू कुमार, नगर विकास विभाग के अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
AirOK Reflects India’s Growing Focus on Indoor Air Quality as a Preventive Health Priority

India — April 2026: As India’s cities continue to expand and urban living becomes more complex, families are beginning to pay closer attention to an issue that was once rarely discussed — the quality of the air inside their homes. Indoor air quality is gradually moving into the mainstream conversation on preventive health, reflecting a broader shift in how households think about long-term well-being.Urbanization has brought undeniable progress, but it has also introduced new environmental challenges. Continuous construction, increasing traffic density, and rising population levels have changed the way people interact with their surroundings. While outdoor pollution remains highly visible, the conditions inside homes and enclosed spaces are now receiving growing attention, particularly because people spend most of their time indoors.

In many residential areas, pollutants from outside can enter indoor environments through routine daily activity. Dust, smoke particles, and microscopic pollutants can accumulate slowly, especially in apartments where airflow is limited. Unlike sudden health risks, the impact of indoor air quality often develops gradually. Families may experience recurring discomfort such as fatigue, throat irritation, headaches, or disrupted sleep without immediately identifying the underlying environmental cause.

This emerging awareness is encouraging households to adopt a more preventive approach to managing their living environments. Just as earlier generations recognized the importance of clean drinking water and sanitation, today’s families are beginning to view indoor air quality as another essential component of healthy living. The emphasis is shifting from reacting to problems after they arise to taking practical steps that support consistent well-being.

Within this evolving landscape, Indian-developed technologies are playing a more visible role. There is increasing recognition that solutions designed specifically for local environmental conditions can offer practical advantages. India’s urban settings present unique challenges, including high dust levels, frequent construction activity, and varying power supply conditions. Addressing these realities requires systems built with an understanding of local needs rather than assumptions based on different geographic contexts.

AirOK has emerged as one example of this growing domestic capability. Its significance lies in representing an approach that prioritizes adaptation to Indian conditions while supporting the broader goal of healthier indoor environments. The development of such technologies reflects a wider movement toward building local expertise in areas that directly influence public health and everyday comfort.

Industry observers note that the increasing presence of Indian brands like AirOK signals a shift in how environmental health challenges are being addressed. Instead of relying solely on external solutions, there is a growing emphasis on innovation that originates within the country and responds directly to the realities of urban living. This trend aligns with national priorities around self-reliance, sustainability, and practical problem-solving.

The conversation around indoor air quality is therefore expanding beyond individual households. It is becoming part of a larger discussion about how cities can support healthier communities in the long term. As awareness continues to grow, maintaining clean indoor air is likely to become a routine expectation in modern homes, much like access to safe water and reliable sanitation.

In this context, the role of initiatives such as AirOK is not defined by marketing claims, but by their contribution to a changing mindset — one that recognizes the importance of prevention, preparedness, and locally relevant solutions in shaping healthier urban living across India.

गया में एएसआई गया शाखा में नई ऊर्जा का संचार वर्ष 2026–27 के लिए नई कार्यकारिणी का गठन सम्पन्न

गया जी: Association of Surgeons of India (ASI), गया शाखा की सामान्य सभा (General Body Meeting) सह CME कार्यक्रम आज होटल सुप्रीम, गया में अत्यंत गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में गया, मगध एवं आसपास के क्षेत्रों के वरिष्ठ एवं युवा सर्जनों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।

यह बैठक केवल एक संगठनात्मक प्रक्रिया नहीं, बल्कि मगध क्षेत्र में सर्जिकल शिक्षा, आधुनिक तकनीक एवं बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने की प्रतिबद्धता का प्रतीक बनी।

सर्वसम्मति से वर्ष 2026–27 के लिए नई कार्यकारिणी का गठन

अध्यक्ष : डॉ. एस. एन. सिंह

सचिव : डॉ. जे. पी. सिंह

कोषाध्यक्ष : डॉ. मनीष सिंह

चेयरमैन, साइंटिफिक कमेटी : डॉ. अनुपम रंजन को महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया।

कार्यक्रम का संचालन एएसआई गया शाखा के पूर्व अध्यक्ष डॉ. रतन कुमार ने किया। उन्होंने संगठन की एकजुटता एवं सक्रियता की सराहना करते हुए कहा कि एएसआई गया शाखा लगातार शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक गतिविधियों के माध्यम से क्षेत्र में सर्जिकल सेवाओं को मजबूत कर रही है।

नवनिर्वाचित सचिव डॉ. जे. पी. सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि आने वाले समय में एएसआई गया शाखा को और अधिक सक्रिय, वैज्ञानिक एवं आधुनिक स्वरूप प्रदान किया जाएगा। नियमित CME, लाइव सर्जिकल वर्कशॉप, युवा सर्जनों के प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं नई सर्जिकल तकनीकों के प्रसार को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि मगध क्षेत्र के मरीजों को महानगरों जैसी उन्नत सर्जिकल सुविधाएँ स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकें।

उन्होंने यह भी कहा कि एएसआई गया शाखा का उद्देश्य केवल चिकित्सकों का संगठन बनकर रहना नहीं, बल्कि समाज में गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित सर्जिकल उपचार के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है।

बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने नई कार्यकारिणी को शुभकामनाएँ देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि नई टीम के नेतृत्व में एएसआई गया शाखा आने वाले वर्षों में शैक्षणिक उत्कृष्टता, वैज्ञानिक गतिविधियों एवं सामाजिक दायित्वों के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित करेगी। “सर्जिकल उत्कृष्टता, वैज्ञानिक सोच और सेवा भावना — यही एएसआई गया शाखा की पहचान है।

बंगाल में बीजेपी के पहले सीएम बने सुवेंदु अधिकारी, पीएम मोदी की मौजूदगी में 5 मंत्रियों ने भी ली शपथ

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पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। आजादी के बाद पहली बार राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बन गई और सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। कोलकाता के ब्रिगेड ग्राउंड में आयोजित भव्य समारोह में प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत भाजपा के कई दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में शपथ ग्रहण समारोह संपन्न हुआ।

सुवेंदु के साथ 5 मंत्रियों ने ली शपथ

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के साथ भाजपा के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष समेत चार विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तिनिया, क्षुदीराम टुडु, निशिथ प्रमाणिक ने भी मंत्री पद की शपथ ली।

सुवेंदु अधिकारी ने लिया पीएम मोदी का आशीर्वाद

शपथ लेने के बाद सुवेंदु अधिकारी पीएम मोदी के पास पहुंचे और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें गले लगाकर उनकी पीठ थपथपाई और नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।

पीएम मोदी भाजपा के सबसे पुराने कार्यकर्ता से मिले

प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम बंगाल में भाजपा के वरिष्ठतम कार्यकर्ताओं में से एक माखनलाल सरकार का अभिनंदन किया और उनसे आशीर्वाद लिया। 1952 में, भारतीय तिरंगा फहराने के आंदोलन के दौरान श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ कश्मीर में मौजूद माखनलाल सरकार को गिरफ्तार कर लिया गया था। 98 वर्ष की आयु में भी श्री माखनलाल सरकार स्वतंत्तोत्तर भारत में राष्ट्रवादी आंदोलन से जुड़े शुरुआती जमीनी स्तर के नेताओं में से एक हैं।

शपथ समारोह में शामिल हुए कई दिग्गज

सुवेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण समारोह के अवसर पर भव्य आयोजन हुआ। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई केंद्रीय मंत्री, एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता मौजूद थे

तीस्ता प्रोजेक्ट पर बांग्लादेश ने चीन से मांगी मदद, ढाका-बीजिंग नजदीकी भारत के लिए क्यों चिंता का विषय?

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भारत और बांग्लादेश के बीच तीस्ता नदी के पानी को लेकर चल रहे दशकों पुराना विवाद में अब चीन की एंट्री हो गई है। तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बांग्लादेश की नई सरकार ने तीस्ता नदी पुनर्स्थापन प्रोजेक्ट के लिए औपचारिक तौर पर चीन से समर्थन मांगा है। बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने खुद कबूल किया है कि उनकी सरकार तीस्ता प्रोजेक्ट के लिए चीन से बातचीत कर रही है।

बुधवार को बीजिंग में बांग्लादेश के विदेश मंत्री खालिलुर रहमान और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच हुई बैठक में तीस्ता रिवर कॉम्प्रिहेंसिव मैनेजमेंट एंड रिस्टोरेशन प्रोजेक्ट (TRCMRP) पर चर्चा हुई। इसकी जानकारी बांग्लादेश की सरकारी समाचार एजेंसी बीएसएस ने दी। 

चीन का बांग्लादेश सरकार के प्रति समर्थन

बैठक में वांग यी ने नई बांग्लादेश सरकार के प्रति चीन का समर्थन जताते हुए कहा कि चीन, बेल्ट एंड रोड सहयोग को बांग्लादेश की विकास रणनीतियों के साथ जोड़ने और आर्थिक, बुनियादी ढांचे व लोगों के बीच संपर्क जैसे पारंपरिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि चीन बांग्लादेश में निवेश के लिए अपनी कंपनियों को भी प्रोत्साहित करेगा।

ढाका कके लिए चीन का ‘मास्टरप्लान’

बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने साफ कर दिया है कि वो भारत के साथ तीस्ता समझौते की उम्मीद तो रखते हैं, लेकिन हाथ पर हाथ धरकर नहीं बैठेंगे। उन्होंने कहा कि चीन ने तीस्ता नदी के मैनेजमेंट और उसके किनारों के विकास के लिए एक अरब डॉलर का भारी-भरकम ‘मास्टरप्लान’ तैयार किया है। बांग्लादेश इस प्रोजेक्ट को लेकर बीजिंग के साथ लगातार संपर्क में है।

क्यों भारत के लिए है चिंता का विषय

बता दें कि तीस्ता नदी भारत के ‘चिकन नेक’ यानी सिलिगुड़ी कॉरिडोर के बेहद करीब से बहती है। ये वही इलाका है जो नॉर्थ-ईस्ट को बाकी भारत से जोड़ता है। अगर चीन इस इलाके में तीस्ता प्रोजेक्ट के नाम पर घुसता है तो उसके इंजीनियर और मशीनें भारत के इस सेंसेटिव एरिया के पास मौजूद होंगी। विकास के बहाने चीन इस संवेदनशील बॉर्डर इलाके में अपनी पैठ बना लेगा और भारत की सैन्य गतिविधियों पर नजर रखेगा।

बंगाल में आज सीएम के नाम का ऐलान, अमित शाह जा रहे कोलकाता, विधायकों के साथ करेंगे मंथन

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पश्चिम बंगाल में भाजपा प्रचंड बहुमत के साथ पहली बार सरकार बनाने जा रही है। बंगाल में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो चुकी है। अब निगाहें सीएम फेस पर टिकी हैं। इस बीच आज भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक दल की बैठक होगी। इस बैठक में राज्य के अगले मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहेंगे। 

विधायक दल की बैठक में नेता का चुनाव

केंद्रीय मंत्री अमित शाह और ओडिशा के सीएम मोहन माझी शुक्रवार को बीजेपी विधायक दल की बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जहां विधायक दल के नेता और बंगाल के अगले मुख्यमंत्री का चुनाव किया जाएगा। अमित शाह शुक्रवार को कोलकाता पहुंचेंगे और बैठक से पहले राज्य भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ प्रारंभिक चर्चा करेंगे। शाम 4 बजे नवनिर्वाचित विधायकों के साथ औपचारिक बैठक होगी, जहां मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लग सकती है।

सुवेंदु अधिकारी सबसे प्रमुख दावेदार

पार्टी का नया मंत्रिमंडल अनुभवी नेताओं और राजनीति में नए चेहरों का मिश्रण हो सकता है। मुख्यमंत्री पद की दौड़ में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी सबसे प्रमुख दावेदारों में माने जा रहे हैं। इसकी वजह उनकी राजनीतिक अहमियत, संगठन में पकड़, जमीन समझ और नेटवर्क है। बीते दो विधानसभा चुनाव में सुवेंदु अधिकारी ने न केवल बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सामने चुनाव लड़ा, बल्कि जीत भी हासिल की। ममता सरकार को सीधे चुनौती देने की वजह से ही अधिकारी को बीजेपी का सबसे मजबूत चेहरा माना जाता है।

बंगाल से ही होगा नया मुख्यमंत्री

चुनाव में बीजेपी ने 207 सीटों पर जीत दर्ज कर दो-तिहाई से ज्यादा बहुमत हासिल किया था, वहीं टीएमसी 80 सीटों पर सिमट गई। पार्टी ने आधिकारिक तौर पर कोई भी मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित नहीं किया था, लेकिन शाह ने चुनावी रैली के दौरान यह जरूर कहा था कि नया मुख्यमंत्री बंगाल से ही होगा। ऐसे में बीजेपी के मुख्यमंत्री पद के चेहरे पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

बंगाल चुनाव रुझानों पर लखनऊ में BJP का जश्न, कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह

* ढोल-नगाड़ों पर नाचे कार्यकर्ता, डिप्टी CM संग नेताओं ने साझा किया खुशी का पल

लखनऊ। पश्चिम बंगाल चुनाव के रुझानों में बढ़त की खबर के साथ ही लखनऊ स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में जश्न का माहौल देखने को मिला। बड़ी संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर जमकर नृत्य किया और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया।
कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचे और उनके साथ जश्न में शामिल हुए। इस दौरान दोनों नेताओं ने कार्यकर्ताओं के साथ झालमुड़ी का आनंद लिया, जो बंगाल की सांस्कृतिक झलक को दर्शाता है।
जश्न के बीच एक युवक बुलडोजर मॉडल लेकर पहुंचा, जिस पर “27 में फिर बुलडोजर” लिखा हुआ था, जो कार्यकर्ताओं के बीच आकर्षण का केंद्र बना रहा। महिला कार्यकर्ताओं ने भी ढोल-नगाड़ों पर जमकर नृत्य कर उत्साह का प्रदर्शन किया।
कार्यालय परिसर में आतिशबाजी के साथ माहौल पूरी तरह उत्सवमय हो गया। कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और संगठन के नेताओं की रणनीति को इस सफलता का श्रेय दिया। बंगाल से आ रहे सकारात्मक रुझानों ने राजधानी लखनऊ में भाजपा कार्यकर्ताओं के उत्साह को चरम पर पहुंचा दिया है, जिससे प्रदेश कार्यालय में देर तक जश्न का सिलसिला जारी रहा।
पंजाब के सीएम भगवंत मान पर गंभीर आरोप, कांग्रेस और अकाली दल ने कहा-नशे में सदन चला रहे हैं मुख्यमंत्री

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पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। राघव चड्ढा समेत सात सांसदों की बगावत के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान को लेकर राज्य में सियासत गर्मा गई है। नेता विपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने आरोप लगाया है कि शुक्रवार को विधानसभा की कार्यवाही के दौरान सीएम भगवंत मान नशे में लग रहे थे।

कांग्रेस का सदन से वॉकआउट

पंजाब के नेता विपक्ष और कांग्रेस के सीनियर नेता प्रताप सिंह बाजवा के आरोपों के बाद कांग्रेस विधायकों ने प्रदर्शन करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। वहीं पार्टी ने सभी विधायकों के डोप परीक्षण और पीजीआईएमईआर द्वारा स्वतंत्र चिकित्सा जांच की भी मांग की।

प्रताप सिंह बाजवा ने की सभी का परीक्षण कराने की मांग

विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने भी मान की कथित तौर पर नशे में होने के लिए आलोचना की और तत्काल डोप टेस्ट की मांग की। उन्होंने कहा कि हमें विधानसभा में आकर क्या करना चाहिए जहां मुख्यमंत्री नशे की हालत में हैं? जब राज्य का मुखिया पूरी तरह से नशे में है तो सत्र आयोजित करने का क्या उद्देश्य है? हम मांग करते हैं कि सभी का परीक्षण किया जाए। 

 

शिरोमणि अकाली दल ने भी लगाए आरोप

शिरोमणि अकाली दल ने भी इसी तरह के आरोप लगाए, इसे शर्मनाक बताया और मुख्यमंत्री के डोप परीक्षण की मांग की। अकाली दल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया है कि मुख्यमंत्री ‘मजदूर दिवस’ के अवसर पर विधानसभा सत्र में नशे की स्थिति में उपस्थित हुए थे। पार्टी ने इस आचरण को सदन की गरिमा के विरुद्ध बताते हुए उनकी कड़ी आलोचना की है। पार्टी ने अपने पोस्ट में लिखा कि यह बहुत शर्म की बात है कि मुख्यमंत्री पवित्र विधानसभा में इस हालत में पहुंचे।

विधानसभा का यह विशेष सत्र पहले ही ‘ऑपरेशन लोटस’ जैसे संवेदनशील मुद्दे को लेकर बुलाया गया था। आम आदमी पार्टी (AAP) जहां भाजपा पर सरकार गिराने की साजिश का आरोप लगा रही थी, वहीं इस नए विवाद ने पूरे घटनाक्रम को और अधिक विस्फोटक बना दिया।

बड़ा खुलासा: सीएचसी तुलसीपुर में सरकारी संपत्ति की 'मिडनाइट' सेंधमारी?
क्या स्वास्थ्य केंद्र की आड़ में चल रहा है भ्रष्टाचार का खेल?

तुलसीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 23.04.26 की अर्धरात्रि को डॉ. विकल्प मिश्रा ने एक अनाधिकृत व्यक्ति (बॉबी पांडेय) के साथ मिलकर अस्पताल से भारी मात्रा में सामान बाहर निकाला।

गंभीर सवाल और चौंकाने वाले तथ्य:
अंधेरे का सहारा क्यों? सामान को बिना किसी सक्षम अधिकारी को दिखाए या सूचित किए चोरी-छिपे आधी रात को क्यों ले जाया गया?
सरकारी संपत्ति पर डाका? सूत्रों के मुताबिक, जो सामान 'निजी' बताकर ले जाया गया, उसमें अधिकांश सरकारी संपत्ति होने की आशंका है।
वीडियो ग्राफी का सच: गौरतलब है कि 10 दिन पूर्व ही ACMO डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव की देखरेख में अस्पताल के कर्मचारियों की उपस्थिति में सामान की बाकायदा वीडियो ग्राफी कराई गई थी।

वर्चस्व कायम रखने की 'साजिश'?
चर्चा है कि यह केवल सामान की हेराफेरी नहीं, बल्कि अस्पताल पर पकड़ बनाए रखने का एक बड़ा गेम प्लान है। सूत्रों की मानें तो डॉ. विकल्प मिश्रा अपने करीबी डॉ. प्रणव पांडेय को अधीक्षक बनवाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं, ताकि स्थानांतरण के बाद भी सीएचसी तुलसीपुर में उनका वर्चस्व और हस्तक्षेप बरकरार रहे।


वीडियो ग्राफी से मिलान कर ले जाए गए सामान की तत्काल जांच हो।
सरकारी संपत्ति की चोरी के प्रयास में दोषियों पर कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाए।
अस्पताल के प्रशासनिक पदों पर नियुक्ति पारदर्शिता के आधार पर हो, न कि 'नेक्सस' के आधार पर।
प्रशासन जागे! जनहित और सरकारी संपत्ति की सुरक्षा सर्वोपरि है।
राँची में जनगणना 2027 की तैयारी शुरू: 16 मई से घर-घर होगी मकानों की गिनती

राँची जिला अंतर्गत भारत जनगणना 2027 के प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना की तैयारी में उपायुक्त-सह-प्रधान जिला जनगणना पदाधिकारी, राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देशानुसार आज दिनांक 27.04.2026 से चार्ज स्तर पर प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हो गया है।

सभी प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को व्यावहारिक उदाहरणों, CMMS वेब पोर्टल तथा मोबाइल ऐप के माध्यम से मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना से संबंधित समस्त प्रक्रियाओं का विस्तृत प्रशिक्षण दिया जा रहा है

यह प्रशिक्षण दिनांक 09.05.2026 तक चलेगा।राँची जिले के कुल 19 चार्जों में आयोजित इस प्रशिक्षण में चार्ज स्तर के फील्ड ट्रेनरों द्वारा सभी प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को व्यावहारिक उदाहरणों, CMMS वेब पोर्टल तथा मोबाइल ऐप के माध्यम से मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना से संबंधित समस्त प्रक्रियाओं का विस्तृत प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण में स्व-जनगणना (Self Enumeration) की प्रक्रिया, जनगणना 2027 के विभिन्न चरणों, कार्यप्रणाली, डिजिटल उपकरणों के उपयोग तथा CMMS वेब पोर्टल पर डेटा प्रबंधन के महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर विशेष जोर दिया जा रहा है।प्रशिक्षण कार्यक्रम की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए राँची जिले के सभी प्रखंडों के चार्ज/नोडल पदाधिकारी अपने-अपने चार्ज में उपस्थित रहकर निगरानी कर रहे हैं।

मुख्य तिथियाँ:प्रशिक्षण अवधि: 27 अप्रैल 2026 से 09 मई 2026 तक

स्व-जनगणना (Self Enumeration) विकल्प: 01 मई 2026 से 15 मई 2026 तक

मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना: 16 मई 2026 से 14 जून 2026 तक

सभी प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों से अपेक्षा है कि वे प्रशिक्षण को गंभीरता से लें और मैदान में उतरकर उच्च गुणवत्ता वाला कार्य सुनिश्चित करें

जिला प्रशासन का प्रयास है कि जनगणना 2027 का यह प्रथम चरण पूर्णतः डिजिटल, पारदर्शी, सटीक और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। प्रशिक्षित प्रगणक एवं पर्यवेक्षक क्षेत्र में जाकर प्रत्येक मकान का सूचीकरण करेंगे तथा आवासीय विवरण एकत्रित करेंगे। उपायुक्त-सह-प्रधान जिला जनगणना पदाधिकारी, राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि जनगणना एक राष्ट्रीय महत्व का कार्य है। राँची जिला इसे पूरी निष्ठा और प्रोफेशनलिज्म के साथ संपन्न करेगा। सभी प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों से अपेक्षा है कि वे प्रशिक्षण को गंभीरता से लें और मैदान में उतरकर उच्च गुणवत्ता वाला कार्य सुनिश्चित करें।

जनगणना संबंधी किसी भी जानकारी, सहायता या स्व-जनगणना पोर्टल के उपयोग के लिए नागरिक CMMS वेब पोर्टल एवं संबंधित मोबाइल ऐप का उपयोग कर सकते हैं

जनगणना संबंधी किसी भी जानकारी, सहायता या स्व-जनगणना पोर्टल के उपयोग के लिए नागरिक CMMS वेब पोर्टल एवं संबंधित मोबाइल ऐप का उपयोग कर सकते हैं। जिला जनगणना कार्यालय, राँची द्वारा इस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।

जिला स्तर के वरीय पदाधिकारियों द्वारा प्रशिक्षण की गुणता पर विशेष ध्यान रखी जा रही है। साथ ही इसका निरीक्षण भी किया जा रहा है।

वाराणसी में विकास कार्यों को दें रफ्तार, गुणवत्ता से न हो समझौता: मंत्री एके शर्मा
* बरसात से पहले नाला सफाई पूरी करें, ट्रिपिंग पर जताई नाराजगी; कम लोड उपभोक्ताओं को बिजली कटौती से राहत

लखनऊ/वाराणसी नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने वाराणसी दौरे के दौरान सर्किट हाउस में नगर विकास एवं ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर शहर के विकास कार्यों में तेजी लाने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंत्री ने आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए नालों की सफाई और जलनिकासी व्यवस्था समय से दुरुस्त करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि बारिश में जलभराव की समस्या किसी भी हाल में नहीं होनी चाहिए। इसके लिए नगर निगम और जलकल विभाग को समन्वय के साथ कार्य करने को कहा गया।

* सौंदर्यीकरण और अतिक्रमण हटाने पर जोर
सड़क एवं शहरी सौंदर्यीकरण कार्यों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने सड़कों के किनारे इंटरलॉकिंग कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही शहर में अतिक्रमण हटाने के लिए सख्त अभियान चलाने पर जोर दिया, ताकि यातायात और नागरिक सुविधाएं बेहतर हो सकें।

* CM ग्रिड और वैश्विक नगरोदय योजना से बदलेगा बनारस
मंत्री श्री शर्मा ने सीएम ग्रिड योजना एवं वैश्विक नगरोदय योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से वाराणसी को आधुनिक, व्यवस्थित और सुंदर शहर के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का असर जमीन पर साफ दिखाई देना चाहिए।

* बिजली ट्रिपिंग पर सख्त नाराजगी
ऊर्जा विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री ने ट्रिपिंग की समस्या पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि वाराणसी के किसी भी क्षेत्र में ट्रिपिंग स्वीकार्य नहीं है और निर्बाध विद्युत आपूर्ति हर हाल में सुनिश्चित की जाए।
साथ ही अंडरग्राउंड केबलिंग कार्य में तेजी लाने और बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए योजनाबद्ध ढंग से कार्य करने के निर्देश दिए।

* उपभोक्ताओं को बड़ी राहत:
बैठक में मंत्री ने उपभोक्ता हित में कई अहम फैसले लिए—

* 1 किलोवाट तक के उपभोक्ताओं का कनेक्शन एक माह तक नेगेटिव बैलेंस पर नहीं कटेगा।
* 2 किलोवाट तक के उपभोक्ताओं को ₹200 तक राहत मिलेगी।
* कनेक्शन काटने से पहले 5 चरणों में SMS अलर्ट भेजना अनिवार्य होगा।
* रविवार और अन्य सार्वजनिक अवकाशों पर नेगेटिव बैलेंस होने पर भी कनेक्शन नहीं काटा जाएगा

* अधिकारियों को दिए निर्देश
मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि वाराणसी धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण शहर है, इसलिए यहां की सभी व्यवस्थाएं उच्च स्तर की होनी चाहिए। सभी कार्य समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे किए जाएं, ताकि आम जनता को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
बैठक में मेयर अशोक तिवारी, एमडी पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम शंभू कुमार, नगर विकास विभाग के अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।