पंजाब के सीएम भगवंत मान पर गंभीर आरोप, कांग्रेस और अकाली दल ने कहा-नशे में सदन चला रहे हैं मुख्यमंत्री

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पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। राघव चड्ढा समेत सात सांसदों की बगावत के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान को लेकर राज्य में सियासत गर्मा गई है। नेता विपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने आरोप लगाया है कि शुक्रवार को विधानसभा की कार्यवाही के दौरान सीएम भगवंत मान नशे में लग रहे थे।

कांग्रेस का सदन से वॉकआउट

पंजाब के नेता विपक्ष और कांग्रेस के सीनियर नेता प्रताप सिंह बाजवा के आरोपों के बाद कांग्रेस विधायकों ने प्रदर्शन करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। वहीं पार्टी ने सभी विधायकों के डोप परीक्षण और पीजीआईएमईआर द्वारा स्वतंत्र चिकित्सा जांच की भी मांग की।

प्रताप सिंह बाजवा ने की सभी का परीक्षण कराने की मांग

विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने भी मान की कथित तौर पर नशे में होने के लिए आलोचना की और तत्काल डोप टेस्ट की मांग की। उन्होंने कहा कि हमें विधानसभा में आकर क्या करना चाहिए जहां मुख्यमंत्री नशे की हालत में हैं? जब राज्य का मुखिया पूरी तरह से नशे में है तो सत्र आयोजित करने का क्या उद्देश्य है? हम मांग करते हैं कि सभी का परीक्षण किया जाए। 

 

शिरोमणि अकाली दल ने भी लगाए आरोप

शिरोमणि अकाली दल ने भी इसी तरह के आरोप लगाए, इसे शर्मनाक बताया और मुख्यमंत्री के डोप परीक्षण की मांग की। अकाली दल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया है कि मुख्यमंत्री ‘मजदूर दिवस’ के अवसर पर विधानसभा सत्र में नशे की स्थिति में उपस्थित हुए थे। पार्टी ने इस आचरण को सदन की गरिमा के विरुद्ध बताते हुए उनकी कड़ी आलोचना की है। पार्टी ने अपने पोस्ट में लिखा कि यह बहुत शर्म की बात है कि मुख्यमंत्री पवित्र विधानसभा में इस हालत में पहुंचे।

विधानसभा का यह विशेष सत्र पहले ही ‘ऑपरेशन लोटस’ जैसे संवेदनशील मुद्दे को लेकर बुलाया गया था। आम आदमी पार्टी (AAP) जहां भाजपा पर सरकार गिराने की साजिश का आरोप लगा रही थी, वहीं इस नए विवाद ने पूरे घटनाक्रम को और अधिक विस्फोटक बना दिया।

बड़ा खुलासा: सीएचसी तुलसीपुर में सरकारी संपत्ति की 'मिडनाइट' सेंधमारी?
क्या स्वास्थ्य केंद्र की आड़ में चल रहा है भ्रष्टाचार का खेल?

तुलसीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 23.04.26 की अर्धरात्रि को डॉ. विकल्प मिश्रा ने एक अनाधिकृत व्यक्ति (बॉबी पांडेय) के साथ मिलकर अस्पताल से भारी मात्रा में सामान बाहर निकाला।

गंभीर सवाल और चौंकाने वाले तथ्य:
अंधेरे का सहारा क्यों? सामान को बिना किसी सक्षम अधिकारी को दिखाए या सूचित किए चोरी-छिपे आधी रात को क्यों ले जाया गया?
सरकारी संपत्ति पर डाका? सूत्रों के मुताबिक, जो सामान 'निजी' बताकर ले जाया गया, उसमें अधिकांश सरकारी संपत्ति होने की आशंका है।
वीडियो ग्राफी का सच: गौरतलब है कि 10 दिन पूर्व ही ACMO डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव की देखरेख में अस्पताल के कर्मचारियों की उपस्थिति में सामान की बाकायदा वीडियो ग्राफी कराई गई थी।

वर्चस्व कायम रखने की 'साजिश'?
चर्चा है कि यह केवल सामान की हेराफेरी नहीं, बल्कि अस्पताल पर पकड़ बनाए रखने का एक बड़ा गेम प्लान है। सूत्रों की मानें तो डॉ. विकल्प मिश्रा अपने करीबी डॉ. प्रणव पांडेय को अधीक्षक बनवाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं, ताकि स्थानांतरण के बाद भी सीएचसी तुलसीपुर में उनका वर्चस्व और हस्तक्षेप बरकरार रहे।


वीडियो ग्राफी से मिलान कर ले जाए गए सामान की तत्काल जांच हो।
सरकारी संपत्ति की चोरी के प्रयास में दोषियों पर कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाए।
अस्पताल के प्रशासनिक पदों पर नियुक्ति पारदर्शिता के आधार पर हो, न कि 'नेक्सस' के आधार पर।
प्रशासन जागे! जनहित और सरकारी संपत्ति की सुरक्षा सर्वोपरि है।
राँची में जनगणना 2027 की तैयारी शुरू: 16 मई से घर-घर होगी मकानों की गिनती

राँची जिला अंतर्गत भारत जनगणना 2027 के प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना की तैयारी में उपायुक्त-सह-प्रधान जिला जनगणना पदाधिकारी, राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देशानुसार आज दिनांक 27.04.2026 से चार्ज स्तर पर प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हो गया है।

सभी प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को व्यावहारिक उदाहरणों, CMMS वेब पोर्टल तथा मोबाइल ऐप के माध्यम से मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना से संबंधित समस्त प्रक्रियाओं का विस्तृत प्रशिक्षण दिया जा रहा है

यह प्रशिक्षण दिनांक 09.05.2026 तक चलेगा।राँची जिले के कुल 19 चार्जों में आयोजित इस प्रशिक्षण में चार्ज स्तर के फील्ड ट्रेनरों द्वारा सभी प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को व्यावहारिक उदाहरणों, CMMS वेब पोर्टल तथा मोबाइल ऐप के माध्यम से मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना से संबंधित समस्त प्रक्रियाओं का विस्तृत प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण में स्व-जनगणना (Self Enumeration) की प्रक्रिया, जनगणना 2027 के विभिन्न चरणों, कार्यप्रणाली, डिजिटल उपकरणों के उपयोग तथा CMMS वेब पोर्टल पर डेटा प्रबंधन के महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर विशेष जोर दिया जा रहा है।प्रशिक्षण कार्यक्रम की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए राँची जिले के सभी प्रखंडों के चार्ज/नोडल पदाधिकारी अपने-अपने चार्ज में उपस्थित रहकर निगरानी कर रहे हैं।

मुख्य तिथियाँ:प्रशिक्षण अवधि: 27 अप्रैल 2026 से 09 मई 2026 तक

स्व-जनगणना (Self Enumeration) विकल्प: 01 मई 2026 से 15 मई 2026 तक

मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना: 16 मई 2026 से 14 जून 2026 तक

सभी प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों से अपेक्षा है कि वे प्रशिक्षण को गंभीरता से लें और मैदान में उतरकर उच्च गुणवत्ता वाला कार्य सुनिश्चित करें

जिला प्रशासन का प्रयास है कि जनगणना 2027 का यह प्रथम चरण पूर्णतः डिजिटल, पारदर्शी, सटीक और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। प्रशिक्षित प्रगणक एवं पर्यवेक्षक क्षेत्र में जाकर प्रत्येक मकान का सूचीकरण करेंगे तथा आवासीय विवरण एकत्रित करेंगे। उपायुक्त-सह-प्रधान जिला जनगणना पदाधिकारी, राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि जनगणना एक राष्ट्रीय महत्व का कार्य है। राँची जिला इसे पूरी निष्ठा और प्रोफेशनलिज्म के साथ संपन्न करेगा। सभी प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों से अपेक्षा है कि वे प्रशिक्षण को गंभीरता से लें और मैदान में उतरकर उच्च गुणवत्ता वाला कार्य सुनिश्चित करें।

जनगणना संबंधी किसी भी जानकारी, सहायता या स्व-जनगणना पोर्टल के उपयोग के लिए नागरिक CMMS वेब पोर्टल एवं संबंधित मोबाइल ऐप का उपयोग कर सकते हैं

जनगणना संबंधी किसी भी जानकारी, सहायता या स्व-जनगणना पोर्टल के उपयोग के लिए नागरिक CMMS वेब पोर्टल एवं संबंधित मोबाइल ऐप का उपयोग कर सकते हैं। जिला जनगणना कार्यालय, राँची द्वारा इस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।

जिला स्तर के वरीय पदाधिकारियों द्वारा प्रशिक्षण की गुणता पर विशेष ध्यान रखी जा रही है। साथ ही इसका निरीक्षण भी किया जा रहा है।

वाराणसी में विकास कार्यों को दें रफ्तार, गुणवत्ता से न हो समझौता: मंत्री एके शर्मा
* बरसात से पहले नाला सफाई पूरी करें, ट्रिपिंग पर जताई नाराजगी; कम लोड उपभोक्ताओं को बिजली कटौती से राहत

लखनऊ/वाराणसी नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने वाराणसी दौरे के दौरान सर्किट हाउस में नगर विकास एवं ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर शहर के विकास कार्यों में तेजी लाने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंत्री ने आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए नालों की सफाई और जलनिकासी व्यवस्था समय से दुरुस्त करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि बारिश में जलभराव की समस्या किसी भी हाल में नहीं होनी चाहिए। इसके लिए नगर निगम और जलकल विभाग को समन्वय के साथ कार्य करने को कहा गया।

* सौंदर्यीकरण और अतिक्रमण हटाने पर जोर
सड़क एवं शहरी सौंदर्यीकरण कार्यों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने सड़कों के किनारे इंटरलॉकिंग कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही शहर में अतिक्रमण हटाने के लिए सख्त अभियान चलाने पर जोर दिया, ताकि यातायात और नागरिक सुविधाएं बेहतर हो सकें।

* CM ग्रिड और वैश्विक नगरोदय योजना से बदलेगा बनारस
मंत्री श्री शर्मा ने सीएम ग्रिड योजना एवं वैश्विक नगरोदय योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से वाराणसी को आधुनिक, व्यवस्थित और सुंदर शहर के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का असर जमीन पर साफ दिखाई देना चाहिए।

* बिजली ट्रिपिंग पर सख्त नाराजगी
ऊर्जा विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री ने ट्रिपिंग की समस्या पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि वाराणसी के किसी भी क्षेत्र में ट्रिपिंग स्वीकार्य नहीं है और निर्बाध विद्युत आपूर्ति हर हाल में सुनिश्चित की जाए।
साथ ही अंडरग्राउंड केबलिंग कार्य में तेजी लाने और बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए योजनाबद्ध ढंग से कार्य करने के निर्देश दिए।

* उपभोक्ताओं को बड़ी राहत:
बैठक में मंत्री ने उपभोक्ता हित में कई अहम फैसले लिए—

* 1 किलोवाट तक के उपभोक्ताओं का कनेक्शन एक माह तक नेगेटिव बैलेंस पर नहीं कटेगा।
* 2 किलोवाट तक के उपभोक्ताओं को ₹200 तक राहत मिलेगी।
* कनेक्शन काटने से पहले 5 चरणों में SMS अलर्ट भेजना अनिवार्य होगा।
* रविवार और अन्य सार्वजनिक अवकाशों पर नेगेटिव बैलेंस होने पर भी कनेक्शन नहीं काटा जाएगा

* अधिकारियों को दिए निर्देश
मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि वाराणसी धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण शहर है, इसलिए यहां की सभी व्यवस्थाएं उच्च स्तर की होनी चाहिए। सभी कार्य समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे किए जाएं, ताकि आम जनता को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
बैठक में मेयर अशोक तिवारी, एमडी पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम शंभू कुमार, नगर विकास विभाग के अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
तुलसीपुर CHC में 50 लाख का बड़ा घोटाला: भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा कर्मचारियों का मानदेय, अधिकारियों पर मिलीभगत के आरोप
प्रशासनिक सिंडिकेट के 'बंदरबांट' से केंद्र की महत्वपूर्ण योजनाएं प्रभावित, मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने दिए जांच के आदेश

तुलसीपुर (बलरामपुर)।सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) तुलसीपुर एक बार फिर विवादों के घेरे में है। स्वास्थ्य विभाग के भीतर मची 'सरकारी लूट' का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ लगभग 50 लाख रुपये के सरकारी फंड के गबन का आरोप लगा है। मुख्यमंत्री की 'जीरो टॉलरेंस' नीति को चुनौती देते हुए विभाग के ही कुछ अधिकारियों पर कर्मचारियों के हक का पैसा डकारने के गंभीर आरोप लगे हैं।
पसीना बहाया कर्मियों ने, मलाई खा गए अधिकारी!
शिकायत के अनुसार, जन आरोग्य समिति, CHO एक्टिविटी, ANM TBI और आशा TBI जैसे महत्वपूर्ण मदों का भुगतान लंबे समय से लटका हुआ है। इतना ही नहीं, वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के मोबाइल रिचार्ज और MDA (मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) के भुगतान में भी भारी हेराफेरी की बात सामने आई है। जमीनी स्तर पर काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मी आज अपने ही पैसे के लिए दर-दर भटक रहे हैं।
इन अधिकारियों पर उठी उंगली
भ्रष्टाचार के इस कथित सिंडिकेट में पूर्व अधीक्षक डॉ. विकल्प मिश्रा, डॉ. सौम्या नायक, BPM प्रियंका गुप्ता और ACMO डॉ. बी.पी. सिंह का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। आरोप है कि इन अधिकारियों की मिलीभगत से ही बजट को ठिकाने लगाया गया है, जिससे न केवल कर्मचारियों का मनोबल टूटा है बल्कि सरकार के स्वास्थ्य मिशन भी बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।
प्रशासनिक रुख: जांच के घेरे में आरोपी
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. मुकेश रस्तोगी ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा, "मामले की गहन जांच कराई जा रही है। जो भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसकी विस्तृत रिपोर्ट स्वास्थ्य निदेशालय और शासन को भी भेजी जा रही है।" वहीं, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष श्रीवास्तव ने आश्वस्त किया कि जांच निष्पक्ष होगी और किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता पाए जाने पर दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
जनता और कर्मियों की मांग
क्षेत्र की जनता और पीड़ित स्वास्थ्य कर्मियों ने माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक से इस मामले में हस्तक्षेप की अपील की है। उनकी मांग है कि:
आरोपी अधिकारियों की आय से अधिक संपत्ति की जांच हो।
भुगतान में देरी के जिम्मेदार लोगों पर तत्काल एफआईआर दर्ज हो।
गरीब कर्मियों का बकाया मानदेय अविलंब जारी किया जाए।
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True Bio Wash Redefines Laundry Care in India with Eco-Friendly, Skin-Safe Detergents

India — In a market dominated by chemical-heavy laundry products, True Bio Wash is emerging as a refreshing alternative for modern Indian households seeking safer, more sustainable cleaning solutions. With a strong focus on eco-conscious living, the brand is committed to delivering detergents that are gentle on skin, effective on stains, and responsible toward the environment.Founded by Swapnil Ghosh (CEO) and Shourjya Ghosh (CMO), True Bio Wash is more than just a detergent brand — it represents a shift in how consumers think about everyday essentials. The founders set out with a clear vision: to create a product that balances performance with safety, without compromising on sustainability.

Swapnil Ghosh, formerly an ML Engineer at Samsung, made a bold transition from the corporate world to entrepreneurship. Leveraging his technical background, he played a key role in developing an innovative detergent formulation designed for efficiency and environmental compatibility. His co-founder, Shourjya Ghosh, brings valuable business experience, having successfully managed and scaled a family-run enterprise. Together, their combined expertise in technology and business strategy has laid the foundation for a brand that prioritizes both innovation and responsibility.

At its core, True Bio Wash addresses a growing concern among consumers — the hidden impact of conventional detergents. Many traditional products contain harsh chemicals, synthetic fragrances, and irritants that can lead to skin problems, fabric damage, and environmental pollution. True Bio Wash takes a different approach by offering a hypoallergenic formulation that minimizes the risk of allergies and irritation, making it suitable even for babies and individuals with sensitive skin.

Despite its gentle composition, the detergent does not compromise on cleaning performance. Designed to tackle tough stains effectively, True Bio Wash ensures clothes remain fresh, clean, and long-lasting. This balance between mildness and strength is what sets the brand apart in a competitive market.

One of the standout features of True Bio Wash is its use of attar-based natural fragrances. Unlike conventional detergents that rely on strong artificial perfumes, the brand offers a subtle, refreshing scent that enhances the laundry experience without overwhelming the senses. The result is clothing that smells clean and natural, rather than artificially perfumed.

Understanding the diverse needs of Indian households, True Bio Wash offers both liquid and powder detergent options. Liquid variants are ideal for modern washing machines and quick dissolution, while powder formats cater to traditional washing methods and cost-effective usage. This versatility ensures that consumers can choose a product that best fits their lifestyle without sacrificing quality.

Beyond personal benefits, the brand emphasizes the broader environmental impact of laundry choices. Chemical detergents often leave behind residues that enter water systems, contributing to pollution and harming aquatic life. By opting for eco-friendly alternatives like True Bio Wash, consumers can take a small yet meaningful step toward reducing their ecological footprint.

Manufactured in-house in Kolkata, True Bio Wash proudly supports local production and contributes to the growing ecosystem of homegrown, sustainable Indian brands. The company maintains strict quality standards while staying true to its mission of creating environmentally responsible products.

As awareness around health and sustainability continues to grow, True Bio Wash is positioning itself as a trusted choice for conscious consumers. The brand’s commitment to transparency, safety, and effectiveness resonates with families looking for better alternatives in their daily routines.

“Laundry is something we all do regularly, but rarely question,” said a company spokesperson. “With True Bio Wash, we want to change that mindset by offering a product that people can trust — not just for cleaning clothes, but for protecting their health and the environment.”

True Bio Wash encourages consumers to rethink their everyday choices and consider the long-term impact of the products they use. By switching to eco-friendly detergents, households can contribute to a healthier lifestyle and a cleaner planet — without making drastic changes to their routine.

About True Bio Wash

True Bio Wash is an eco-friendly detergent brand based in Kolkata, India, dedicated to providing safe, effective, and sustainable laundry solutions. With a focus on hypoallergenic formulations and natural ingredients, the company aims to redefine how households approach everyday cleaning.

For more information visit :- https://www.truebiowash.com

सम्राट चौधरी बने बिहार के नए मुख्यमंत्री, राज्य में पहली बार बीजेपी की अपनी सरकार

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बिहार के सियासत में सम्राट युग की शुरुआत हो चुकी है। राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने लोकभवन में भाजपा नेता सम्राट चौधरी को 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई। सम्राट चौधरी के साथ-साथ जेडीयू कोटे से विजय चौधरी और विजेंद्र प्रसाद यादव ने भी मंत्री पद की शपथ ली।

नीतीश की विरासत को आगे बढ़ाएंगे सम्राट

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी नीतीश कुमार की विरासत को आगे बढ़ाने की बात कही है। नए मुख्यमंत्री ने भी कहा है कि हम नीतीश कुमार जी द्वारा शुरू की गई योजनाओं को आगे बढ़ाएंगे। इसलिए कहीं कोई कन्फ्यूजन नहीं है

नई सरकार नीतीश कुमार के रास्ते पर ही चलेगी

डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी ने कहा कि मैं नीतीश कुमार जी के प्रति आभार व्यक्त करता हूं। यह जिम्मेदारी मिलना उनका मुझ पर विश्वास का परिणाम है। बिहार की नई सरकार नीतीश कुमार जी द्वारा दिखाए गए मार्ग पर काम करेगी। उनका काम करने का तरीका अद्भुत था, और हम उसी रास्ते पर चल रहे हैं।

शपथ ग्रहण में कई प्रमुख नेता रहे मौजूद

शपथ ग्रहण के मौके पर कई प्रमुख नेता मौजूद रहे, जिनमें बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, राज्यसभा सदस्य नीतीश कुमार, केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह (उर्फ ललन सिंह), केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, आरएलएम के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा और एलजेपी के सांसद अरुण भारती शामिल थे।

बिहार में आज से 'सम्राट युग' का आगाज, मुख्यमंत्री पद की लेंगे शपथ

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बिहार में आज से नए सियासी युग की शुरूआत होने वाली है। नई सरकार का गठन होना है। इसके लिए आज सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री की शपथ लेंगे। लोकभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल सैयद अता हसनैन सीएम सम्राट चौधरी के साथ जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के वरिष्ठ नेता बिजेंद्र प्रसाद यादव और विजय कुमार चौधरी को डिप्टी सीएम पद की शपथ दिलाएंगे।

आज सुबह 10:50 बजे होगा शपथ ग्रहण समारोह

बिहार के नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह आज सुबह 10:50 बजे आयोजित किया जाएगा। लोकभवन में आयोजित होने वाले इस सादे समारोह में राज्यपाल सैयद अता हसनैन, सम्राट चौधरी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। उनके साथ दो डिप्टी सीएम विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह की सारी तैयारियां पूरी कर ली गई है।

जेडीयू कोटे से बनेंगे दो उपमुख्यमंत्री

इस शपथ ग्रहण के साथ ही बिहार में सत्ता का समीकरण पूरी तरह बदल जाएगा। बीजेपी के नेतृत्व में बनने वाली यह नई सरकार राज्य की राजनीति में नए संतुलन और रणनीति का संकेत दे रही है। बिहार की नई सरकार के गठन में शक्ति संतुलन बनाए रखने के लिए जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) कोटे से दो अनुभवी नेताओं को उपमुख्यमंत्री बनाया जा रहा है। कोर कमेटी की बैठक के बाद बिजेंद्र प्रसाद यादव और विजय कुमार चौधरी के नामों पर अंतिम सहमति बनी।

डिप्टी सीएम की रेस से निशांत ने खुद को किया बाहर

जेडीयू में डिप्टी सीएम के चेहरे को लेकर चल रही अटकलों के बीच निशांत कुमार ने खुद को इस रेस से अलग कर लिया है। उन्होंने संगठन को प्राथमिकता देने की बात कही है और फिलहाल वे पूरे बिहार में घूमकर पार्टी को मजबूत करने पर ध्यान देंगे। साथ ही वे सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रहेंगे।

पूरी तरह डिजिटल होगी जनगणना 2027; मोबाइल ऐप और पोर्टल के जरिए डेटा संग्रहण के लिए रांची में मास्टर ट्रेनर्स तैयार

उपायुक्त-सह-प्रधान जिला जनगणना पदाधिकारी, राँची की अध्यक्षता में जनगणना 2027 के प्रथम चरण के सफल संचालन के लिए फील्ड ट्रेनर्स (Field Trainers) का विस्तृत प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है।

द्वितीय बैच का तीन दिवसीय प्रशिक्षण आज दिनांक 13 अप्रैल 2026 से CMMS पोर्टल एवं मोबाइल एप के माध्यम से डिजिटल प्रशिक्षण के रूप में आयोजित किया जा रहा है। राँची जिले में कुल 70 फील्ड ट्रेनर्स को दो बैचों में विभाजित किया गया है, जिसमें प्रत्येक बैच में 35 फील्ड ट्रेनर्स शामिल हैं।

द्वितीय बैच (35 फील्ड ट्रेनर्स) का प्रशिक्षण दिनांक 13, 15 एवं 16 अप्रैल 2026 को समाहरणालय के बी ब्लॉक, कमरा संख्या 505 में जिला स्तर के मास्टर ट्रेनर्स द्वारा दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण में जनगणना कार्य निदेशालय, झारखण्ड, राँची के मार्गदर्शन में श्री रविशंकर मिश्रा एवं श्री संजीव कुमार द्वारा CMMS Portal एवं Mobile App के उपयोग, मकान सूचीकरण, मकानों की गणना, डिजिटल डेटा संग्रहण तथा हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन (HLO) संबंधी विस्तृत जानकारी प्रदान की जा रही है।

संबद्ध क्षेत्र (द्वितीय बैच):

- नगर पंचायत बुण्डू

- चान्हो

- रातु

- खलारी

- ओरमांझी

- नामकुम

- ईटकी

- अनगड़ा

प्रशिक्षित फील्ड ट्रेनर्स आगे अपने-अपने चार्ज क्षेत्रों में प्रगणकों (Enumerators) एवं सुपरवाइजर्स को प्रशिक्षण देंगे, जिससे जनगणना 2027 के प्रथम चरण को पूर्णतः डिजिटल, सटीक एवं समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।

जनगणना 2027* भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण जन-कल्याणकारी योजना है, जो देश की विकास योजनाओं एवं नीति निर्धारण के लिए आधारभूत आंकड़े उपलब्ध कराएगी।

प्रशिक्षण के प्रथम दिन चार्ज पदाधिकारी प्रशिक्षण में उपस्थित रहे।

इस दौरान श्री सुदर्शन मुर्मू, अपर समाहर्त्ता (नक्सल) सह- नोडल पदाधिकारी, श्री शेषनाथ बैठा, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी-सह-उप जिला जनगणना पदाधिकारी, राँची उपस्थित थे।

पंजाब के सीएम भगवंत मान पर गंभीर आरोप, कांग्रेस और अकाली दल ने कहा-नशे में सदन चला रहे हैं मुख्यमंत्री

#punjabspecialsessioncongresswalkoutaccusingcmbhagwantmannofalcoholism 

पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। राघव चड्ढा समेत सात सांसदों की बगावत के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान को लेकर राज्य में सियासत गर्मा गई है। नेता विपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने आरोप लगाया है कि शुक्रवार को विधानसभा की कार्यवाही के दौरान सीएम भगवंत मान नशे में लग रहे थे।

कांग्रेस का सदन से वॉकआउट

पंजाब के नेता विपक्ष और कांग्रेस के सीनियर नेता प्रताप सिंह बाजवा के आरोपों के बाद कांग्रेस विधायकों ने प्रदर्शन करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। वहीं पार्टी ने सभी विधायकों के डोप परीक्षण और पीजीआईएमईआर द्वारा स्वतंत्र चिकित्सा जांच की भी मांग की।

प्रताप सिंह बाजवा ने की सभी का परीक्षण कराने की मांग

विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने भी मान की कथित तौर पर नशे में होने के लिए आलोचना की और तत्काल डोप टेस्ट की मांग की। उन्होंने कहा कि हमें विधानसभा में आकर क्या करना चाहिए जहां मुख्यमंत्री नशे की हालत में हैं? जब राज्य का मुखिया पूरी तरह से नशे में है तो सत्र आयोजित करने का क्या उद्देश्य है? हम मांग करते हैं कि सभी का परीक्षण किया जाए। 

 

शिरोमणि अकाली दल ने भी लगाए आरोप

शिरोमणि अकाली दल ने भी इसी तरह के आरोप लगाए, इसे शर्मनाक बताया और मुख्यमंत्री के डोप परीक्षण की मांग की। अकाली दल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया है कि मुख्यमंत्री ‘मजदूर दिवस’ के अवसर पर विधानसभा सत्र में नशे की स्थिति में उपस्थित हुए थे। पार्टी ने इस आचरण को सदन की गरिमा के विरुद्ध बताते हुए उनकी कड़ी आलोचना की है। पार्टी ने अपने पोस्ट में लिखा कि यह बहुत शर्म की बात है कि मुख्यमंत्री पवित्र विधानसभा में इस हालत में पहुंचे।

विधानसभा का यह विशेष सत्र पहले ही ‘ऑपरेशन लोटस’ जैसे संवेदनशील मुद्दे को लेकर बुलाया गया था। आम आदमी पार्टी (AAP) जहां भाजपा पर सरकार गिराने की साजिश का आरोप लगा रही थी, वहीं इस नए विवाद ने पूरे घटनाक्रम को और अधिक विस्फोटक बना दिया।

बड़ा खुलासा: सीएचसी तुलसीपुर में सरकारी संपत्ति की 'मिडनाइट' सेंधमारी?
क्या स्वास्थ्य केंद्र की आड़ में चल रहा है भ्रष्टाचार का खेल?

तुलसीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 23.04.26 की अर्धरात्रि को डॉ. विकल्प मिश्रा ने एक अनाधिकृत व्यक्ति (बॉबी पांडेय) के साथ मिलकर अस्पताल से भारी मात्रा में सामान बाहर निकाला।

गंभीर सवाल और चौंकाने वाले तथ्य:
अंधेरे का सहारा क्यों? सामान को बिना किसी सक्षम अधिकारी को दिखाए या सूचित किए चोरी-छिपे आधी रात को क्यों ले जाया गया?
सरकारी संपत्ति पर डाका? सूत्रों के मुताबिक, जो सामान 'निजी' बताकर ले जाया गया, उसमें अधिकांश सरकारी संपत्ति होने की आशंका है।
वीडियो ग्राफी का सच: गौरतलब है कि 10 दिन पूर्व ही ACMO डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव की देखरेख में अस्पताल के कर्मचारियों की उपस्थिति में सामान की बाकायदा वीडियो ग्राफी कराई गई थी।

वर्चस्व कायम रखने की 'साजिश'?
चर्चा है कि यह केवल सामान की हेराफेरी नहीं, बल्कि अस्पताल पर पकड़ बनाए रखने का एक बड़ा गेम प्लान है। सूत्रों की मानें तो डॉ. विकल्प मिश्रा अपने करीबी डॉ. प्रणव पांडेय को अधीक्षक बनवाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं, ताकि स्थानांतरण के बाद भी सीएचसी तुलसीपुर में उनका वर्चस्व और हस्तक्षेप बरकरार रहे।


वीडियो ग्राफी से मिलान कर ले जाए गए सामान की तत्काल जांच हो।
सरकारी संपत्ति की चोरी के प्रयास में दोषियों पर कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाए।
अस्पताल के प्रशासनिक पदों पर नियुक्ति पारदर्शिता के आधार पर हो, न कि 'नेक्सस' के आधार पर।
प्रशासन जागे! जनहित और सरकारी संपत्ति की सुरक्षा सर्वोपरि है।
राँची में जनगणना 2027 की तैयारी शुरू: 16 मई से घर-घर होगी मकानों की गिनती

राँची जिला अंतर्गत भारत जनगणना 2027 के प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना की तैयारी में उपायुक्त-सह-प्रधान जिला जनगणना पदाधिकारी, राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देशानुसार आज दिनांक 27.04.2026 से चार्ज स्तर पर प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हो गया है।

सभी प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को व्यावहारिक उदाहरणों, CMMS वेब पोर्टल तथा मोबाइल ऐप के माध्यम से मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना से संबंधित समस्त प्रक्रियाओं का विस्तृत प्रशिक्षण दिया जा रहा है

यह प्रशिक्षण दिनांक 09.05.2026 तक चलेगा।राँची जिले के कुल 19 चार्जों में आयोजित इस प्रशिक्षण में चार्ज स्तर के फील्ड ट्रेनरों द्वारा सभी प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को व्यावहारिक उदाहरणों, CMMS वेब पोर्टल तथा मोबाइल ऐप के माध्यम से मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना से संबंधित समस्त प्रक्रियाओं का विस्तृत प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण में स्व-जनगणना (Self Enumeration) की प्रक्रिया, जनगणना 2027 के विभिन्न चरणों, कार्यप्रणाली, डिजिटल उपकरणों के उपयोग तथा CMMS वेब पोर्टल पर डेटा प्रबंधन के महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर विशेष जोर दिया जा रहा है।प्रशिक्षण कार्यक्रम की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए राँची जिले के सभी प्रखंडों के चार्ज/नोडल पदाधिकारी अपने-अपने चार्ज में उपस्थित रहकर निगरानी कर रहे हैं।

मुख्य तिथियाँ:प्रशिक्षण अवधि: 27 अप्रैल 2026 से 09 मई 2026 तक

स्व-जनगणना (Self Enumeration) विकल्प: 01 मई 2026 से 15 मई 2026 तक

मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना: 16 मई 2026 से 14 जून 2026 तक

सभी प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों से अपेक्षा है कि वे प्रशिक्षण को गंभीरता से लें और मैदान में उतरकर उच्च गुणवत्ता वाला कार्य सुनिश्चित करें

जिला प्रशासन का प्रयास है कि जनगणना 2027 का यह प्रथम चरण पूर्णतः डिजिटल, पारदर्शी, सटीक और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। प्रशिक्षित प्रगणक एवं पर्यवेक्षक क्षेत्र में जाकर प्रत्येक मकान का सूचीकरण करेंगे तथा आवासीय विवरण एकत्रित करेंगे। उपायुक्त-सह-प्रधान जिला जनगणना पदाधिकारी, राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि जनगणना एक राष्ट्रीय महत्व का कार्य है। राँची जिला इसे पूरी निष्ठा और प्रोफेशनलिज्म के साथ संपन्न करेगा। सभी प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों से अपेक्षा है कि वे प्रशिक्षण को गंभीरता से लें और मैदान में उतरकर उच्च गुणवत्ता वाला कार्य सुनिश्चित करें।

जनगणना संबंधी किसी भी जानकारी, सहायता या स्व-जनगणना पोर्टल के उपयोग के लिए नागरिक CMMS वेब पोर्टल एवं संबंधित मोबाइल ऐप का उपयोग कर सकते हैं

जनगणना संबंधी किसी भी जानकारी, सहायता या स्व-जनगणना पोर्टल के उपयोग के लिए नागरिक CMMS वेब पोर्टल एवं संबंधित मोबाइल ऐप का उपयोग कर सकते हैं। जिला जनगणना कार्यालय, राँची द्वारा इस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।

जिला स्तर के वरीय पदाधिकारियों द्वारा प्रशिक्षण की गुणता पर विशेष ध्यान रखी जा रही है। साथ ही इसका निरीक्षण भी किया जा रहा है।

वाराणसी में विकास कार्यों को दें रफ्तार, गुणवत्ता से न हो समझौता: मंत्री एके शर्मा
* बरसात से पहले नाला सफाई पूरी करें, ट्रिपिंग पर जताई नाराजगी; कम लोड उपभोक्ताओं को बिजली कटौती से राहत

लखनऊ/वाराणसी नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने वाराणसी दौरे के दौरान सर्किट हाउस में नगर विकास एवं ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर शहर के विकास कार्यों में तेजी लाने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंत्री ने आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए नालों की सफाई और जलनिकासी व्यवस्था समय से दुरुस्त करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि बारिश में जलभराव की समस्या किसी भी हाल में नहीं होनी चाहिए। इसके लिए नगर निगम और जलकल विभाग को समन्वय के साथ कार्य करने को कहा गया।

* सौंदर्यीकरण और अतिक्रमण हटाने पर जोर
सड़क एवं शहरी सौंदर्यीकरण कार्यों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने सड़कों के किनारे इंटरलॉकिंग कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही शहर में अतिक्रमण हटाने के लिए सख्त अभियान चलाने पर जोर दिया, ताकि यातायात और नागरिक सुविधाएं बेहतर हो सकें।

* CM ग्रिड और वैश्विक नगरोदय योजना से बदलेगा बनारस
मंत्री श्री शर्मा ने सीएम ग्रिड योजना एवं वैश्विक नगरोदय योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से वाराणसी को आधुनिक, व्यवस्थित और सुंदर शहर के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का असर जमीन पर साफ दिखाई देना चाहिए।

* बिजली ट्रिपिंग पर सख्त नाराजगी
ऊर्जा विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री ने ट्रिपिंग की समस्या पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि वाराणसी के किसी भी क्षेत्र में ट्रिपिंग स्वीकार्य नहीं है और निर्बाध विद्युत आपूर्ति हर हाल में सुनिश्चित की जाए।
साथ ही अंडरग्राउंड केबलिंग कार्य में तेजी लाने और बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए योजनाबद्ध ढंग से कार्य करने के निर्देश दिए।

* उपभोक्ताओं को बड़ी राहत:
बैठक में मंत्री ने उपभोक्ता हित में कई अहम फैसले लिए—

* 1 किलोवाट तक के उपभोक्ताओं का कनेक्शन एक माह तक नेगेटिव बैलेंस पर नहीं कटेगा।
* 2 किलोवाट तक के उपभोक्ताओं को ₹200 तक राहत मिलेगी।
* कनेक्शन काटने से पहले 5 चरणों में SMS अलर्ट भेजना अनिवार्य होगा।
* रविवार और अन्य सार्वजनिक अवकाशों पर नेगेटिव बैलेंस होने पर भी कनेक्शन नहीं काटा जाएगा

* अधिकारियों को दिए निर्देश
मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि वाराणसी धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण शहर है, इसलिए यहां की सभी व्यवस्थाएं उच्च स्तर की होनी चाहिए। सभी कार्य समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे किए जाएं, ताकि आम जनता को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
बैठक में मेयर अशोक तिवारी, एमडी पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम शंभू कुमार, नगर विकास विभाग के अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
तुलसीपुर CHC में 50 लाख का बड़ा घोटाला: भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा कर्मचारियों का मानदेय, अधिकारियों पर मिलीभगत के आरोप
प्रशासनिक सिंडिकेट के 'बंदरबांट' से केंद्र की महत्वपूर्ण योजनाएं प्रभावित, मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने दिए जांच के आदेश

तुलसीपुर (बलरामपुर)।सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) तुलसीपुर एक बार फिर विवादों के घेरे में है। स्वास्थ्य विभाग के भीतर मची 'सरकारी लूट' का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ लगभग 50 लाख रुपये के सरकारी फंड के गबन का आरोप लगा है। मुख्यमंत्री की 'जीरो टॉलरेंस' नीति को चुनौती देते हुए विभाग के ही कुछ अधिकारियों पर कर्मचारियों के हक का पैसा डकारने के गंभीर आरोप लगे हैं।
पसीना बहाया कर्मियों ने, मलाई खा गए अधिकारी!
शिकायत के अनुसार, जन आरोग्य समिति, CHO एक्टिविटी, ANM TBI और आशा TBI जैसे महत्वपूर्ण मदों का भुगतान लंबे समय से लटका हुआ है। इतना ही नहीं, वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के मोबाइल रिचार्ज और MDA (मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) के भुगतान में भी भारी हेराफेरी की बात सामने आई है। जमीनी स्तर पर काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मी आज अपने ही पैसे के लिए दर-दर भटक रहे हैं।
इन अधिकारियों पर उठी उंगली
भ्रष्टाचार के इस कथित सिंडिकेट में पूर्व अधीक्षक डॉ. विकल्प मिश्रा, डॉ. सौम्या नायक, BPM प्रियंका गुप्ता और ACMO डॉ. बी.पी. सिंह का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। आरोप है कि इन अधिकारियों की मिलीभगत से ही बजट को ठिकाने लगाया गया है, जिससे न केवल कर्मचारियों का मनोबल टूटा है बल्कि सरकार के स्वास्थ्य मिशन भी बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।
प्रशासनिक रुख: जांच के घेरे में आरोपी
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. मुकेश रस्तोगी ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा, "मामले की गहन जांच कराई जा रही है। जो भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसकी विस्तृत रिपोर्ट स्वास्थ्य निदेशालय और शासन को भी भेजी जा रही है।" वहीं, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष श्रीवास्तव ने आश्वस्त किया कि जांच निष्पक्ष होगी और किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता पाए जाने पर दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
जनता और कर्मियों की मांग
क्षेत्र की जनता और पीड़ित स्वास्थ्य कर्मियों ने माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक से इस मामले में हस्तक्षेप की अपील की है। उनकी मांग है कि:
आरोपी अधिकारियों की आय से अधिक संपत्ति की जांच हो।
भुगतान में देरी के जिम्मेदार लोगों पर तत्काल एफआईआर दर्ज हो।
गरीब कर्मियों का बकाया मानदेय अविलंब जारी किया जाए।
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True Bio Wash Redefines Laundry Care in India with Eco-Friendly, Skin-Safe Detergents

India — In a market dominated by chemical-heavy laundry products, True Bio Wash is emerging as a refreshing alternative for modern Indian households seeking safer, more sustainable cleaning solutions. With a strong focus on eco-conscious living, the brand is committed to delivering detergents that are gentle on skin, effective on stains, and responsible toward the environment.Founded by Swapnil Ghosh (CEO) and Shourjya Ghosh (CMO), True Bio Wash is more than just a detergent brand — it represents a shift in how consumers think about everyday essentials. The founders set out with a clear vision: to create a product that balances performance with safety, without compromising on sustainability.

Swapnil Ghosh, formerly an ML Engineer at Samsung, made a bold transition from the corporate world to entrepreneurship. Leveraging his technical background, he played a key role in developing an innovative detergent formulation designed for efficiency and environmental compatibility. His co-founder, Shourjya Ghosh, brings valuable business experience, having successfully managed and scaled a family-run enterprise. Together, their combined expertise in technology and business strategy has laid the foundation for a brand that prioritizes both innovation and responsibility.

At its core, True Bio Wash addresses a growing concern among consumers — the hidden impact of conventional detergents. Many traditional products contain harsh chemicals, synthetic fragrances, and irritants that can lead to skin problems, fabric damage, and environmental pollution. True Bio Wash takes a different approach by offering a hypoallergenic formulation that minimizes the risk of allergies and irritation, making it suitable even for babies and individuals with sensitive skin.

Despite its gentle composition, the detergent does not compromise on cleaning performance. Designed to tackle tough stains effectively, True Bio Wash ensures clothes remain fresh, clean, and long-lasting. This balance between mildness and strength is what sets the brand apart in a competitive market.

One of the standout features of True Bio Wash is its use of attar-based natural fragrances. Unlike conventional detergents that rely on strong artificial perfumes, the brand offers a subtle, refreshing scent that enhances the laundry experience without overwhelming the senses. The result is clothing that smells clean and natural, rather than artificially perfumed.

Understanding the diverse needs of Indian households, True Bio Wash offers both liquid and powder detergent options. Liquid variants are ideal for modern washing machines and quick dissolution, while powder formats cater to traditional washing methods and cost-effective usage. This versatility ensures that consumers can choose a product that best fits their lifestyle without sacrificing quality.

Beyond personal benefits, the brand emphasizes the broader environmental impact of laundry choices. Chemical detergents often leave behind residues that enter water systems, contributing to pollution and harming aquatic life. By opting for eco-friendly alternatives like True Bio Wash, consumers can take a small yet meaningful step toward reducing their ecological footprint.

Manufactured in-house in Kolkata, True Bio Wash proudly supports local production and contributes to the growing ecosystem of homegrown, sustainable Indian brands. The company maintains strict quality standards while staying true to its mission of creating environmentally responsible products.

As awareness around health and sustainability continues to grow, True Bio Wash is positioning itself as a trusted choice for conscious consumers. The brand’s commitment to transparency, safety, and effectiveness resonates with families looking for better alternatives in their daily routines.

“Laundry is something we all do regularly, but rarely question,” said a company spokesperson. “With True Bio Wash, we want to change that mindset by offering a product that people can trust — not just for cleaning clothes, but for protecting their health and the environment.”

True Bio Wash encourages consumers to rethink their everyday choices and consider the long-term impact of the products they use. By switching to eco-friendly detergents, households can contribute to a healthier lifestyle and a cleaner planet — without making drastic changes to their routine.

About True Bio Wash

True Bio Wash is an eco-friendly detergent brand based in Kolkata, India, dedicated to providing safe, effective, and sustainable laundry solutions. With a focus on hypoallergenic formulations and natural ingredients, the company aims to redefine how households approach everyday cleaning.

For more information visit :- https://www.truebiowash.com

सम्राट चौधरी बने बिहार के नए मुख्यमंत्री, राज्य में पहली बार बीजेपी की अपनी सरकार

#cmsamratchaudhary_oath

बिहार के सियासत में सम्राट युग की शुरुआत हो चुकी है। राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने लोकभवन में भाजपा नेता सम्राट चौधरी को 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई। सम्राट चौधरी के साथ-साथ जेडीयू कोटे से विजय चौधरी और विजेंद्र प्रसाद यादव ने भी मंत्री पद की शपथ ली।

नीतीश की विरासत को आगे बढ़ाएंगे सम्राट

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी नीतीश कुमार की विरासत को आगे बढ़ाने की बात कही है। नए मुख्यमंत्री ने भी कहा है कि हम नीतीश कुमार जी द्वारा शुरू की गई योजनाओं को आगे बढ़ाएंगे। इसलिए कहीं कोई कन्फ्यूजन नहीं है

नई सरकार नीतीश कुमार के रास्ते पर ही चलेगी

डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी ने कहा कि मैं नीतीश कुमार जी के प्रति आभार व्यक्त करता हूं। यह जिम्मेदारी मिलना उनका मुझ पर विश्वास का परिणाम है। बिहार की नई सरकार नीतीश कुमार जी द्वारा दिखाए गए मार्ग पर काम करेगी। उनका काम करने का तरीका अद्भुत था, और हम उसी रास्ते पर चल रहे हैं।

शपथ ग्रहण में कई प्रमुख नेता रहे मौजूद

शपथ ग्रहण के मौके पर कई प्रमुख नेता मौजूद रहे, जिनमें बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, राज्यसभा सदस्य नीतीश कुमार, केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह (उर्फ ललन सिंह), केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, आरएलएम के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा और एलजेपी के सांसद अरुण भारती शामिल थे।

बिहार में आज से 'सम्राट युग' का आगाज, मुख्यमंत्री पद की लेंगे शपथ

#cmsamratchaudharyoathceremony

बिहार में आज से नए सियासी युग की शुरूआत होने वाली है। नई सरकार का गठन होना है। इसके लिए आज सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री की शपथ लेंगे। लोकभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल सैयद अता हसनैन सीएम सम्राट चौधरी के साथ जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के वरिष्ठ नेता बिजेंद्र प्रसाद यादव और विजय कुमार चौधरी को डिप्टी सीएम पद की शपथ दिलाएंगे।

आज सुबह 10:50 बजे होगा शपथ ग्रहण समारोह

बिहार के नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह आज सुबह 10:50 बजे आयोजित किया जाएगा। लोकभवन में आयोजित होने वाले इस सादे समारोह में राज्यपाल सैयद अता हसनैन, सम्राट चौधरी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। उनके साथ दो डिप्टी सीएम विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह की सारी तैयारियां पूरी कर ली गई है।

जेडीयू कोटे से बनेंगे दो उपमुख्यमंत्री

इस शपथ ग्रहण के साथ ही बिहार में सत्ता का समीकरण पूरी तरह बदल जाएगा। बीजेपी के नेतृत्व में बनने वाली यह नई सरकार राज्य की राजनीति में नए संतुलन और रणनीति का संकेत दे रही है। बिहार की नई सरकार के गठन में शक्ति संतुलन बनाए रखने के लिए जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) कोटे से दो अनुभवी नेताओं को उपमुख्यमंत्री बनाया जा रहा है। कोर कमेटी की बैठक के बाद बिजेंद्र प्रसाद यादव और विजय कुमार चौधरी के नामों पर अंतिम सहमति बनी।

डिप्टी सीएम की रेस से निशांत ने खुद को किया बाहर

जेडीयू में डिप्टी सीएम के चेहरे को लेकर चल रही अटकलों के बीच निशांत कुमार ने खुद को इस रेस से अलग कर लिया है। उन्होंने संगठन को प्राथमिकता देने की बात कही है और फिलहाल वे पूरे बिहार में घूमकर पार्टी को मजबूत करने पर ध्यान देंगे। साथ ही वे सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रहेंगे।

पूरी तरह डिजिटल होगी जनगणना 2027; मोबाइल ऐप और पोर्टल के जरिए डेटा संग्रहण के लिए रांची में मास्टर ट्रेनर्स तैयार

उपायुक्त-सह-प्रधान जिला जनगणना पदाधिकारी, राँची की अध्यक्षता में जनगणना 2027 के प्रथम चरण के सफल संचालन के लिए फील्ड ट्रेनर्स (Field Trainers) का विस्तृत प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है।

द्वितीय बैच का तीन दिवसीय प्रशिक्षण आज दिनांक 13 अप्रैल 2026 से CMMS पोर्टल एवं मोबाइल एप के माध्यम से डिजिटल प्रशिक्षण के रूप में आयोजित किया जा रहा है। राँची जिले में कुल 70 फील्ड ट्रेनर्स को दो बैचों में विभाजित किया गया है, जिसमें प्रत्येक बैच में 35 फील्ड ट्रेनर्स शामिल हैं।

द्वितीय बैच (35 फील्ड ट्रेनर्स) का प्रशिक्षण दिनांक 13, 15 एवं 16 अप्रैल 2026 को समाहरणालय के बी ब्लॉक, कमरा संख्या 505 में जिला स्तर के मास्टर ट्रेनर्स द्वारा दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण में जनगणना कार्य निदेशालय, झारखण्ड, राँची के मार्गदर्शन में श्री रविशंकर मिश्रा एवं श्री संजीव कुमार द्वारा CMMS Portal एवं Mobile App के उपयोग, मकान सूचीकरण, मकानों की गणना, डिजिटल डेटा संग्रहण तथा हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन (HLO) संबंधी विस्तृत जानकारी प्रदान की जा रही है।

संबद्ध क्षेत्र (द्वितीय बैच):

- नगर पंचायत बुण्डू

- चान्हो

- रातु

- खलारी

- ओरमांझी

- नामकुम

- ईटकी

- अनगड़ा

प्रशिक्षित फील्ड ट्रेनर्स आगे अपने-अपने चार्ज क्षेत्रों में प्रगणकों (Enumerators) एवं सुपरवाइजर्स को प्रशिक्षण देंगे, जिससे जनगणना 2027 के प्रथम चरण को पूर्णतः डिजिटल, सटीक एवं समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।

जनगणना 2027* भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण जन-कल्याणकारी योजना है, जो देश की विकास योजनाओं एवं नीति निर्धारण के लिए आधारभूत आंकड़े उपलब्ध कराएगी।

प्रशिक्षण के प्रथम दिन चार्ज पदाधिकारी प्रशिक्षण में उपस्थित रहे।

इस दौरान श्री सुदर्शन मुर्मू, अपर समाहर्त्ता (नक्सल) सह- नोडल पदाधिकारी, श्री शेषनाथ बैठा, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी-सह-उप जिला जनगणना पदाधिकारी, राँची उपस्थित थे।