कोटक महिंद्रा बैंक के चेयरमैन व शाखा प्रबंधक की गिरफ्तारी के आदेश

राजस्व परिषद की बड़ी पहल: अब प्रमाणित स्कैन कॉपी से होगी न्यायिक कार्यवाही, मूल अभिलेख रहेंगे सुरक्षित
-  डिजिटल व्यवस्था से न्यायिक प्रक्रिया होगी तेज, पारदर्शी और समयबद्ध; विशेष परिस्थितियों में ही तलब होंगे मूल अभिलेख


लखनऊ। उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद ने न्यायिक प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, दक्ष और समयबद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब राजस्व परिषद के न्यायालयों में विचाराधीन मामलों में सामान्यतः मूल अभिलेखों के स्थान पर अधीनस्थ न्यायालयों द्वारा उपलब्ध कराई गई प्रमाणित पूर्ण स्कैन प्रति (Certified Complete Scanned Copy) के आधार पर ही न्यायिक कार्यवाही की जाएगी। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य मूल अभिलेखों का सुरक्षित संरक्षण सुनिश्चित करने के साथ-साथ न्यायिक प्रक्रिया को आधुनिक तकनीक से जोड़ना है।
राजस्व परिषद की अध्यक्ष श्रीमती अर्चना अग्रवाल के निर्देश पर यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। नई प्रणाली लागू होने से मूल अभिलेखों को बार-बार एक स्थान से दूसरे स्थान भेजने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, जिससे उनके क्षतिग्रस्त होने, गुम होने अथवा समय पर उपलब्ध न हो पाने जैसी समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।
नई व्यवस्था के तहत अधीनस्थ न्यायालयों को वाद से संबंधित प्रत्येक दस्तावेज, परिशिष्ट, मानचित्र, नोटशीट, आदेश पत्रक तथा अन्य सभी संलग्न अभिलेखों की क्रमवार एवं स्पष्ट स्कैन प्रति उपलब्ध करानी होगी। प्रत्येक स्कैन प्रति के साथ संबंधित राजस्व रिकॉर्ड कीपर (RRK) द्वारा विधिवत प्रमाणित प्रमाण-पत्र संलग्न करना भी अनिवार्य होगा।
राजस्व परिषद ने स्पष्ट किया है कि केवल विशेष परिस्थितियों में, जब न्यायालय लिखित कारण दर्ज करते हुए मूल अभिलेख प्रस्तुत करने का निर्देश देगा, तभी मूल पत्रावली मंगाई जाएगी। अन्य सभी मामलों में प्रमाणित स्कैन प्रतियों के आधार पर ही सुनवाई और अन्य न्यायिक कार्यवाही संपन्न होगी।
व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए यह भी प्रावधान किया गया है कि यदि किसी स्तर पर अपूर्ण, अस्पष्ट या अप्रमाणित स्कैन प्रति भेजी जाती है तो संबंधित राजस्व रिकॉर्ड कीपर (RRK) को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार मानते हुए उसके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
राजस्व परिषद ने सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नई व्यवस्था से तत्काल अवगत कराते हुए इसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। साथ ही, न्यायालयों द्वारा मांगी गई प्रमाणित स्कैन प्रतियां निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
राजस्व परिषद का मानना है कि यह पहल डिजिटल अभिलेख प्रबंधन प्रणाली को मजबूत करने, मूल अभिलेखों के दीर्घकालिक संरक्षण तथा न्यायिक कार्यप्रणाली को आधुनिक तकनीक के अनुरूप बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। भविष्य में CCMS पोर्टल के माध्यम से पूरी प्रक्रिया को पूर्णतः ऑनलाइन संचालित करने की भी तैयारी की जा रही है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया और अधिक सरल, पारदर्शी तथा प्रभावी बन सकेगी।
राजस्व परिषद की बड़ी पहल: अब प्रमाणित स्कैन कॉपी से होगी न्यायिक कार्यवाही, मूल अभिलेख रहेंगे सुरक्षित
-  डिजिटल व्यवस्था से न्यायिक प्रक्रिया होगी तेज, पारदर्शी और समयबद्ध; विशेष परिस्थितियों में ही तलब होंगे मूल अभिलेख


लखनऊ। उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद ने न्यायिक प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, दक्ष और समयबद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब राजस्व परिषद के न्यायालयों में विचाराधीन मामलों में सामान्यतः मूल अभिलेखों के स्थान पर अधीनस्थ न्यायालयों द्वारा उपलब्ध कराई गई प्रमाणित पूर्ण स्कैन प्रति (Certified Complete Scanned Copy) के आधार पर ही न्यायिक कार्यवाही की जाएगी। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य मूल अभिलेखों का सुरक्षित संरक्षण सुनिश्चित करने के साथ-साथ न्यायिक प्रक्रिया को आधुनिक तकनीक से जोड़ना है।
राजस्व परिषद की अध्यक्ष श्रीमती अर्चना अग्रवाल के निर्देश पर यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। नई प्रणाली लागू होने से मूल अभिलेखों को बार-बार एक स्थान से दूसरे स्थान भेजने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, जिससे उनके क्षतिग्रस्त होने, गुम होने अथवा समय पर उपलब्ध न हो पाने जैसी समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।
नई व्यवस्था के तहत अधीनस्थ न्यायालयों को वाद से संबंधित प्रत्येक दस्तावेज, परिशिष्ट, मानचित्र, नोटशीट, आदेश पत्रक तथा अन्य सभी संलग्न अभिलेखों की क्रमवार एवं स्पष्ट स्कैन प्रति उपलब्ध करानी होगी। प्रत्येक स्कैन प्रति के साथ संबंधित राजस्व रिकॉर्ड कीपर (RRK) द्वारा विधिवत प्रमाणित प्रमाण-पत्र संलग्न करना भी अनिवार्य होगा।
राजस्व परिषद ने स्पष्ट किया है कि केवल विशेष परिस्थितियों में, जब न्यायालय लिखित कारण दर्ज करते हुए मूल अभिलेख प्रस्तुत करने का निर्देश देगा, तभी मूल पत्रावली मंगाई जाएगी। अन्य सभी मामलों में प्रमाणित स्कैन प्रतियों के आधार पर ही सुनवाई और अन्य न्यायिक कार्यवाही संपन्न होगी।
व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए यह भी प्रावधान किया गया है कि यदि किसी स्तर पर अपूर्ण, अस्पष्ट या अप्रमाणित स्कैन प्रति भेजी जाती है तो संबंधित राजस्व रिकॉर्ड कीपर (RRK) को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार मानते हुए उसके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
राजस्व परिषद ने सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नई व्यवस्था से तत्काल अवगत कराते हुए इसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। साथ ही, न्यायालयों द्वारा मांगी गई प्रमाणित स्कैन प्रतियां निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
राजस्व परिषद का मानना है कि यह पहल डिजिटल अभिलेख प्रबंधन प्रणाली को मजबूत करने, मूल अभिलेखों के दीर्घकालिक संरक्षण तथा न्यायिक कार्यप्रणाली को आधुनिक तकनीक के अनुरूप बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। भविष्य में CCMS पोर्टल के माध्यम से पूरी प्रक्रिया को पूर्णतः ऑनलाइन संचालित करने की भी तैयारी की जा रही है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया और अधिक सरल, पारदर्शी तथा प्रभावी बन सकेगी।
Buying a Plot in Bellari: Best Plot Projects in Bellari

Why Invest in a Plot in Bellari?

Bellari (Ballari) is rapidly emerging as one of Karnataka’s promising real estate destinations. With growing infrastructure, improved connectivity, industrial development, educational institutions, and increasing demand for residential properties, investing in a plot in Bellari offers excellent long-term appreciation potential.

Among the premium plotted development projects in Bellari, Bluejay Anandavana and Amruth Atharva stand out as popular choices for homebuyers and investors seeking secure, well-planned township living.

Bluejay Anandavana Township Project

Bluejay Anandavana is a thoughtfully planned township designed to provide a balanced lifestyle with modern amenities and green surroundings. The project focuses on community living, open spaces, and future-ready infrastructure.

Key Highlights

  • Clubhouse with snooker club, gym, meditation lawn & other
  • Wide internal roads
  • Landscaped gardens and parks
  • Gated community security
  • Football & Cricket Field With Galley
  • Underground utilities
  • Investment-friendly location
  • Peaceful residential environment
  • Banquet Hall

Suitable For

  • Families planning to build a dream home
  • Long-term investors
  • NRIs looking for property in Bellari
  • First-time plot buyers

Amruth Atharva Township Project

Amruth Atharva is another premium plotted development in Bellari offering modern infrastructure and a township lifestyle. The project is designed to provide convenience, connectivity, and future growth opportunities.

Key Highlights

  • Wide roads and drainage system
  • Green spaces and community areas
  • Excellent connectivity to major city locations
  • Water and electricity provisions
  • Secure gated environment
  • High appreciation potential

Suitable For

  • Residential construction
  • Future investment
  • Rental housing development
  • Retirement planning

Advantages of Buying a Township Plot in Bellari

1. Better Infrastructure

Township projects offer planned roads, drainage systems, street lighting, water supply, and electricity connections, making them superior to standalone plots.

2. Higher Appreciation Potential

Well-developed townships often experience faster property value appreciation due to organized development and increasing demand.

3. Secure Environment

Most township projects feature gated entry, security personnel, and controlled access, ensuring safety for residents.

4. Community Living

Parks, walking tracks, clubhouses, and recreational facilities promote a healthy and social lifestyle.

5. Clear Documentation

Reputed township developers generally provide legally compliant projects with transparent documentation and approvals.

6. Better Resale Value

Plots in branded township projects often command higher resale demand compared to isolated plots.

Disadvantages of Buying a Township Plot

1. Higher Initial Cost

Township plots may be priced higher than independent plots because of infrastructure and amenities.

2. Maintenance Charges

Residents may need to pay periodic maintenance fees for common facilities and security.

3. Construction Guidelines

Some township projects impose building regulations regarding design, setbacks, and construction timelines.

4. Limited Customization

Community standards may restrict certain modifications compared to independent land ownership.

Bluejay Anandavana vs Amruth Atharva: Which Should You Choose?

Both projects offer excellent opportunities for plot investment in Bellari. Your decision should depend on:

  • Budget
  • Preferred location
  • Infrastructure requirements
  • Future appreciation expectations
  • Residential or investment purpose
  • Available amenities

If your priority is a premium township lifestyle with modern infrastructure, both projects deserve serious consideration. Site visits, document verification, and future development assessment should be conducted before making a final investment decision.

Conclusion

Investing in a plot in Bellari is a smart decision for buyers seeking long-term growth and secure land ownership. Projects like Bluejay Anandavana and Amruth Atharva offer the advantages of organized township living, better infrastructure, and promising appreciation potential.

Whether you’re planning to build your dream home or looking for a high-growth real estate investment, a township plot in Bellari can provide both lifestyle benefits and financial returns.

For more details visit website: www.ycoordinate.com

For site visit : https://ycoordinate.com/landing/anandavana-meta-v1/

✆+918548858687

नया जन सुविधा केंद्र जहाँ दूध की रखवाली करेगी बिल्लियां


जौनपुर। जौनपुर कलेक्ट्रेट में बुधवार को डीएम सैमुअल पॉल एन. और एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने सुबह 8 से रात 10 बजे तक चलने वाले ‘जन सुविधा केन्द्र’ का ढोल पीटकर शुभारंभ कर दिया। दावा बड़ा है - शिकायत दर्ज होते ही व्हाट्सएप से लेखपाल-कानूनगो को अलर्ट, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई, रोस्टरवार कर्मचारी, पुलिस की डबल शिफ्ट। डीएम ने लापरवाह अफसरों का ‘काला चिट्ठा’ बनाने की धमकी भी दे डाली। पर सवाल खून जमा देने वाला है - क्या यह भी ‘ढाक के तीन पात’ साबित होगा? जनसुनवाई पोर्टल, CM हेल्पलाइन, PMO-PG, थाना-तहसील दिवस - हर ‘समाधान’ का मंच पहले भी बना।

नतीजा? पोर्टल पर ‘निस्तारित’ का ठप्पा और जमीन पर पीड़ित की लाश सड़ती रही। असली कोढ़ है ‘आरोपी ही जांच अधिकारी’ का नंगा खेल। जनता दर्शन में CM योगी के हाथ में दिया पत्र हो या PMO की गुहार - हर फरियाद घूमकर उसी थाने, तहसील, ब्लॉक में दफन हो जाती है, जहां अत्याचारी धनबली मठाधीशों का साम्राज्य है। जांच उसी भ्रष्ट CO, SDM, दरोगा, लेखपाल, BDO, BSA के हवाले, जिस पर रिश्वत और गुंडागर्दी के आरोप हैं। वह फर्जी रिपोर्ट ठोंकता है, उल्टा पीड़ित को झूठे केस में फंसा देता है, या ‘कागजी निस्तारण’ का ढोंग रच देता है।

इसके पीछे वही ‘इच्छाधारी मठाधीश’ हैं जो हर सरकार में पाला बदलकर सत्ता की मलाई चाटते हैं। सरकार किसी की हो, इनका दबदबा अमर है। स्थानीय दलाल जनप्रतिनिधियों को घूस खिलाकर हर फाइल खरीद ली जाती है। भ्रष्टाचार का रेट-कार्ड खुला है - गरीब का खून चूसना और सरकारी खजाना लूटना। नीचे सिपाही से ऊपर मंत्री तक हर टेबल का प्रतिशत फिक्स है। रात 10 बजे तक शिकायत लेने से क्या होगा, जब सुबह 10 बजे वही भेड़िया फाइल दबा देगा? मुख्यमंत्री जी, आप जनता दर्शन में सिर झुकाकर फरियाद सुनते हो, पर अगली सुबह वही पत्र उसी कसाई के पास पहुंच जाता है।

जब तक ‘क्रॉस-डिस्ट्रिक्ट जांच’ अनिवार्य नहीं होगी, आरोपी अफसर को लात मारकर बाहर नहीं फेंका जाएगा, वीडियो रिकॉर्डिंग और पब्लिक ट्रैकिंग नहीं होगी - तब तक नया जन सुविधा केन्द्र भी पुराने पोर्टलों की तरह कागजी शेर ही रहेगा। पहले थाना-तहसील ब्लॉक का कोढ़ काटो, वरना ‘रामराज्य’ का ढोल पीटना बंद करो।
बैंक राज्य स्तर के निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति हेतु तत्परता से कार्य करें : जिलाधिकारी*
*समेकित ऋण योजना जमा अनुपात सहित अन्य सरकारी योजनाओं में बैंकों की असंतोषजनक कार्यशैली से शासन को अवगत कराएं


*बैंकों में लंबित आवेदनों के लिए टोल फ्री नंबर 14441 पर करें शिकायत

आरसेटी सलाहकार समिति, जिला स्तरीय पुनरीक्षण एवं सलाहकार समिति की बैठक संपन्न


फर्रुखाबाद l  "जिला स्तरीय आरसेटी सलाहकार समिति तथा जिला स्तरीय पुनरीक्षण एवं सलाहकार समिति" की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ अंकुर लाठर की अध्यक्षता में आयोजित की गई।बैठक में जिलाधिकारी ने उपस्थित बैंकों के जिला समन्वयकों को निर्देश दिए कि जनपद में कार्यरत सभी बैंक राज्य स्तर के निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति हेतु तत्परता से कार्य करें, जिससे आमजनमानस को सरकार द्वारा संचालित लोक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि समेकित ऋण योजना जमा अनुपात में जिन बैंकों एवं उनकी शाखों की प्रगति संतोषजनक नहीं है, उन बैंकों की दोषपूर्ण कार्यशैली से शासन को पत्राचार के माध्यम से अवगत कराएं। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को अधिक से अधिक ऋण स्वीकृत कर प्रगति आख्या पोर्टल पर अद्यतन करें। आरसेटी द्वारा आयोजित प्रशिक्षणों का विभिन्न माध्यमों से व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार कराएं। आरसेटी द्वारा वर्तमान समय तक जनपद में जो भी प्रशिक्षण प्रदान किए गए हैं उनका सत्यापन कराकर विवरण उपलब्ध कराएं।
बैठक में अग्रणी जिला बैंक प्रबंधक ने बैंकों में राज्य स्तर से संचालित विभिन्न योजनाओं की अब तक की प्रगति की जानकारी प्रदान करते हुए कहा कि जनपद स्तर पर संचालित विभिन्न बैंकों में समेकित ऋण जमानुपात 55.67 प्रतिशत है तथा बैंक ऑफ़ बड़ौदा, केनरा बैंक, इंडियन बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक एवं इंडियन ओवरसीज बैंकों ऋण जमानुपात प्रगति ठीक नहीं है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री जन धन योजना के अंतर्गत जनपद में कुल 814147 खाते सक्रिय है, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना में अब तक 13682 लाभार्थियों को 23339.3 लाख के ऋण वितरित किए गए हैं।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत 1389 लाभार्थियों को आच्छादित किया गया है। प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वनिधि योजना के तहत प्रथम ऋण योजना में 585, द्वितीय ऋण योजना में 236 एवं तृतीय ऋण योजना में 169 लाभार्थियों को लाभान्वित किया जा चुका है। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत 670935, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में 211050 एवं अटल पेंशन योजना में 104699 लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत 1829 आवेदन पत्र क्रेडिट लिंकेज के सापेक्ष बैंकों द्वारा 1508 प्रकरण स्वीकृत कर ऋण वितरित किए जा चुके हैं। सरकार द्वारा प्रायोजित ऋण योजनाओं में मुख्यमंत्री सूक्ष्म उन्नयन योजना के तहत 159, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत 93, एक जनपद एक उत्पाद योजना के तहत 33 लाभार्थियों को ऋण वितरित किए गए हैं।
आरसेटी सलाहकार समिति की बैठक में संबंधित अधिकारी ने बताया कि आरसेटी द्वारा जनपद में अब तक 330 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं, जिनमें 9126 लाभार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। बैठक में उपस्थित आरबीआई के प्रतिनिधि ने बैंक स्तर पर लंबित आवेदनों के निराकरण हेतु सुझाव प्रदान करते हुए कहा कि यदि कोई बैंक पात्र लाभार्थियों के आवेदन निराकरण में अनावश्यक रूप से बाधा उत्पन्न करता है, तो संबंधित आवेदक आरबीआई द्वारा जारी *टोल फ्री नंबर 14441 एवं आरबीआई की वेबसाइट तथा WWW.CMS.RBI.org.in* पर शिकायत दर्ज करा सकता हैं।समीक्षा बैठक के दौरान उपायुक्त जिला ग्राम विकास अभिकरण कपिल कुमार, उपायुक्त स्वतः रोजगार सुषमा, उपनिदेशक कृषि अरविंद मिश्रा, उपायुक्त उद्योग सोनल जिंदल सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
हेमन्त सोरेन ने हूल विद्रोह के महानायक अमर वीर शहीद सिदो-कान्हू को दी श्रद्धांजलि।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन एवं विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन आज हूल दिवस के अवसर पर मोरहाबादी, रांची स्थित सिदो-कान्हू उद्यान पहुंचकर हूल विद्रोह के महानायक अमर वीर शहीद सिदो-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

तुलसीपुर में 'मौत के क्लीनिक' पर स्वास्थ्य विभाग का हथौड़ा, नारायण क्लीनिक सील, झोलाछाप संचालक पर FIR!
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद जागा महकमा; बिना MBBS और सर्जन के चल रहा था 'जच्चा-बच्चा' की जान से खिलवाड़ का खेल

तुलसीपुर (बलरामपुर), 26 जून 2026
स्वास्थ्य व्यवस्था के नाम पर मासूम मरीजों की जिंदगी से जुआ खेलने वाले सिंडिकेट के खिलाफ जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। तुलसीपुर क्षेत्र में बिना किसी रजिस्ट्रेशन और बिना वैध डिग्री के धड़ल्ले से संचालित हो रहे 'नारायण क्लीनिक' को आज स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में पूरी तरह सील कर दिया। इस ताबड़तोड़ एक्शन से इलाके के झोलाछाप डॉक्टरों और अवैध अस्पताल संचालकों में हड़कंप मच गया है।
सोशल मीडिया पर खुलासे के बाद हरकत में आया विभाग
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर नारायण क्लीनिक के काले कारनामों और वहाँ हो रहे गलत इलाज का समाचार तेजी से वायरल हो रहा था। वायरल वीडियो और पोस्ट्स में यह गंभीर आरोप लगाए गए थे कि इस क्लीनिक में बिना किसी विशेषज्ञ MBBS डॉक्टर या सर्जन के, अनुभव विहीन लोग मरीजों को गुमराह कर उनका इलाज कर रहे हैं। इतना ही नहीं, यह भी बात सामने आई थी कि ऐसे अप्रशिक्षित लोगों के हाथों इलाज होने के कारण कई बार 'जच्चा-बच्चा' (गर्भवती महिलाओं और नवजातों) की जान पर बन आती है और मौत के मामले भी सामने आते हैं।
नोडल अधिकारी की संयुक्त टीम ने मारा छापा
सोशल मीडिया पर मामला गरमाने के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) ने इसका कड़ा संज्ञान लिया। सीएमओ के निर्देश पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं नोडल अधिकारी डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में एक संयुक्त जांच टीम का गठन किया गया। आज जब यह टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँची, तो क्लीनिक के भीतर हड़कंप मच गया। जांच में संचालक क्लीनिक के रजिस्ट्रेशन या अपनी मेडिकल डिग्री से जुड़ा एक भी कागज दिखाने में पूरी तरह नाकाम रहा।
सिफारिशें धरी की धरी रहीं, दर्ज हुआ मुकदमा
सूत्रों के मुताबिक, कार्रवाई को रुकवाने के लिए क्लीनिक संचालक ने रसूखदारों से फोन करवाकर तमाम प्रकार की सिफारिशें लगवाने की कोशिश की। लेकिन स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सख्त रुख अपनाते हुए क्लीनिक पर सरकारी ताला जड़ दिया। इसके साथ ही जनता की जान खतरे में डालने के आरोप में तुलसीपुर थाने में आरोपी संचालक के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज करा दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग की दोटूक चेतावनी:
"जनपद में किसी भी झोलाछाप या बिना डिग्री वाले व्यक्ति को क्लीनिक चलाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। जो भी नियमों का उल्लंघन करेगा, उसका ठिकाना जेल होगा। नारायण क्लीनिक को सील कर संचालक पर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।"
दलाली का आरोप लगाने वालों को करारा जवाब
नारायण क्लीनिक पर हुई इस सीलिंग ने उन तत्वों के मुंह पर भी तमाचा जड़ा है, जो अपनी कमियों को छुपाने के लिए सच उजागर करने वालों को ही 'दलाल' बताने लगते हैं। इस कार्रवाई ने साबित कर दिया है कि जब बिना कागजों के दुकान चलेगी और मरीजों को गुमराह किया जाएगा, तो कानून का डंडा इसी तरह बरसेगा।
नीति आयोग बैठक: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने रखा झारखंड को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने का रोडमैप

नई दिल्ली : नीति आयोग की 11वीं बैठक में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने राज्य के समग्र विकास पर बल दिया। उसकी विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की और केंद्र से सहयोग की अपेक्षा की। समग्र विकास की विचारधारा को रखते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा तभी सार्थक होगी, जब उसे मानव पूंजी से जोड़ा जाए।

उन्होंने झारखण्ड को केवल खनिज निकालने वाले राज्य के रूप में देखने की परंपरा से अलग विकास की यात्रा में साझेदार बनाने पर बल दिया। अपनी बातों को विस्तार से रखते हुए कहा कि राज्य के संसाधनों का राज्य में ही वैल्यू एडिशन हो, उससे जुड़ा मैनुफैक्चरिंग हो और राज्य की मानव पूंजी का उसमें उपयोग हो। उन्होंने केंद्र सरकार से क्रिटिकल मिनरल्स आधारित उद्योग विकसित करने के साथ साथ नॉलेज, रिसर्च और इनोवेशन के केंद्र विकसित करने में अपेक्षित सहयोग मांगा।

टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रीन-एनर्जी,लॉजिस्टिक्स और एग्रो- फ़ूड प्रोसेसिंग के बड़े निवेश को झारखंड में बढ़ावा देने की वकालत की। उन्होंने कहा कि माइनिंग और मिनरल्स क्षेत्र में एआई -बेस्ड मिनरल एक्सप्लोरेशन और सस्टेनेबल माइनिंग प्रैक्टिसेज को बढ़ावा देने और झारखंड को उद्योग एवं रोजगार का नया केंद्र बनाने की दिशा में प्रयास जारी है। केंद्र सरकार के सहयोग और मार्गदर्शन के हम आकांक्षी हैं। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल को विकास का मूल आधार बताया।‘विकसित भारत के लक्ष्य के साथ राज्य को नई दिशा देने की बात कही।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य में 38 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों में से 15 हजार के पास भवन नहीं है। इसके बावजूद पोषण अभियान और SAAMAR से कुपोषण में सुधार हुआ है। बच्चों को प्रतिदिन अंडा उपलब्ध कराया जा रहा है। 5000 नए आंगनबाड़ी भवन राज्य सरकार अपने संसाधनों से बना रही है।

शिक्षा क्षेत्र में पहल

माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस से अब IIT और मेडिकल में बच्चों का चयन होने लगा है । राज्य सरकार 5000 उत्कृष्ट विद्यालय बनाने के लक्ष्य पर काम कर रही है। उन्होंने पीएम श्री और केंद्रीय विद्यालयों की संख्या बढ़ाने की मांग रखी। झारखंड में NCERT का क्षेत्रीय केंद्र स्थापित करने का आग्रह भी किया गया।

कौशल विकास और रोजगार

मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने राज्य की विकास योजनाओं का खाका रखते हुए कहा कि राज्य हर साल 1 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार से जोड़ रहा है। सारथी योजना के तहत 6.76 लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है। AI, EV, ड्रोन और सोलर जैसे क्षेत्रों में युवाओं को तैयार किया जा रहा है। 53 हजार महिलाओं को आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया गया है।

स्वास्थ्य सेवाएं

उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को पंचायत स्तर तक पहुंचाने पर जोर दिया। श्री हेमंत सोरेन ने बताया कि राज्य में 1276 दवा दुकानें ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित हो रही हैं। मेडिकल कॉलेजों में UG और PG सीट बढ़ाने का प्रस्ताव लंबित है। AI आधारित डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल बनाने की योजना पर भी काम चल रहा है।

खेल क्षेत्र में उपलब्धि

श्री सोरेन ने कहा कि झारखंड के खिलाड़ी हॉकी, फुटबॉल और एथलेटिक्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। राज्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने झारखंड में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की मांग की। खेल संघों में सुधार और पारदर्शिता की जरूरत पर भी उन्होंने जोर दिया।

कृषि एवं पोषण

नीति आयोग की शासी परिषद की 11 वीं बैठक में श्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य में 10 लाख से अधिक पोषण वाटिकाएं विकसित की गई हैं।

1.5 लाख एकड़ में फलदार पौधरोपण किया गया है।

झारखंड का आम अब अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच रहा है। उन्होंने कृषि को कुपोषण से लड़ने के प्रभावी साधन के रूप में प्रस्तुत किया।

डिजिटल गवर्नेंस और डेटा

राज्य AI आधारित CM डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म विकसित कर रहा है। इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर पर भी काम जारी है। डेटा शेयरिंग को समयबद्ध बनाने का आग्रह केंद्र से किया गया। DBT में पारदर्शिता और डिजिटल धोखाधड़ी रोकने पर जोर दिया गया।

केंद्र से प्रमुख मांगें

जल जीवन मिशन की शेष 6000 करोड़ राशि जल्द जारी करने की मांग की गई।

कोयला कंपनियों पर 1.36 लाख करोड़ के बकाया भुगतान की बात उठाई गई।

DMFT के मानकों में संशोधन की आवश्यकता जताई गई।

भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को सरल बनाने का आग्रह किया गया।

स्कूली शिक्षा से संबंधित विभिन्न निधियों और योजनाओं को एकीकृत किया करने पर बल दिया गया

PPP मोड में 6 नए मेडिकल कॉलेजों में से 4 को स्वीकृति मिल चुकी है — शेष 2 की स्वीकृति भी शीघ्र प्रदान की जाए

झारखण्ड को राष्ट्रीय, एशियाई और अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं तथा खेल महाकुंभों की मेजबानी का अवसर दिया जाए

झारखण्ड के 7 जिले DVC Command Area के अंतर्गत हैं और 12-13 जिले CCL, ECL एवं अन्य केंद्रीय उपक्रमों के उच्च Command Area में आते हैं। इन क्षेत्रों में सामाजिक आधारभूत संरचना निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण और भूमि स्वामित्व संबंधी अनुमति प्रक्रियाओं में राज्य सरकार को आवश्यक छूट और सरलीकरण प्रदान किया जाए

NEET पुनर्परीक्षा 21 जून: रांची के 21 केंद्रों के 200 मीटर दायरे में धारा-163 लागू


महानिदेशक, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी, नई दिल्ली द्वारा प्राप्त सूचनानुसार दिनांक-21.06.2026 को Re-examination of NEET (UG)-2026 परीक्षा एक पाली में राँची के 21 उप केन्द्रों पर आयोजित किया जाना है। परीक्षा के कदाचार मुक्त संचालनार्थ एवं विधि-व्यवस्था संधारणार्थ हेतु उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी, राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री एवं अपर जिला दण्डाधिकारी, विधि-व्यवस्था, राँची के आदेश द्वारा पुलिस बल एवं पुलिस पदाधिकारी के साथ दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गई है। फिर भी ऐसी आशंका है कि परीक्षा केन्द्रों पर असामाजिक तत्वों के द्वारा भीड़ लगाकर विधि-व्यवस्था भंग करने की चेष्टा कर सकते हैं।

जिसको लेकर श्री कुमार रजत, अनुमंडल दंडाधिकारी, सदर, राँची द्वारा बि०एन०एस०एस० की धारा-163 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए इन परीक्षा केन्द्रों के 200 मीटर की परिधि में निम्नलिखित निषेधाज्ञा जारी किया गया :-

(1) पाँच या पाँच से अधिक व्यक्तियों का एक जगह जमा होना (सरकारी कार्य में लगे

पदाधिकारियों / कर्मचारियों तथा सरकारी कार्यक्रम एवं शवयात्रा को छोड़कर)।

(2) किसी प्रकार का ध्वनि विस्तारक यंत्र का व्यवहार करना।

(3 ) किसी प्रकार का अस्त्र-शस्त्र, जैसे-बंदुक, राईफल, रिवाल्वर, बम, बारूद आदि लेकर चलना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों / कर्मचारियों को छोड़कर)।

(4) किसी प्रकार का हरवे हथियार जैसे लाठी-डंडा, तीर-धनुष, गड़ासा-भाला आदि लेकर चलना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों / कर्मचारियों को छोड़कर)

(5) किसी प्रकार की बैठक या आमसभा का आयोजन करना।

यह निषेधाज्ञा दिनांक-21.06.2026 के अपराह्नः- 12.00 बजे से अपराह्न-08.00 बजे तक प्रभावी रहेगा।

परीक्षा केन्द्र का नामः-

(1) Marwari College (Boys), Lake Road Near Swami Vivekanand Sarovar (Bara Talab),

Hindpiri, Ranchi.

(2) St. Jhon's High School, Karbala Tank Road, Ranchi.

(3) Doranda College, Opp. Sri Krishna Park Near A.G More Doranda Ranchi.

(4) Nirmala College, Near St. Xavier's School Doranda, PO-Doranda, Ranchi.

(5) P.M. Shri Kendriya Vidyalaya Hinoo, Near AG More Doranda, Ranchi.

(6) P.M. Shri Kendriya Vidyalaya CRPF Dhurwa Ranchin CRPF CAMP, Tiril, Ashram

Dhurwa, Near New Vidhan Sabha.

(7) Kendriya Vidyalaya HEC, Ranchi, Kendriya Vidalaya No.-1, HEC Sector-2, Dhurwa, Ranchi.

(8) Gossner college, Centre B, N.M. Horo Marg, Ranchi.

(9) Gossner college, Centre A, N.M. Horo Marg, Ranchi.

(10) P.M. Shri Kendriya Vidyalaya, Namkum, Ranchim, Army Area Namkum, Ranchi.

(11) Army Public School, Dipatoli, Army Public School Dipatoli CANTT., PO-Booty Ranchi,

Opposite Jimkhana kalab Hotwar Ranchi.

(12) CM Sole Girls, Bariatu, Oppoiste H.D.C Bank, Bariatu, Ranchi.

(13) St. Aloysius High School, Dr. Camil Bulke Path, Purulia Roadn Ranchi.

(14) St. Annne's Girls High School, Dr. Camil Bulke Path, Purulia Road Near IOB, Ranchi.

(15) PM Shri Kendriya Vidyalaya Dipatoli, VIA Tatisilway, Po-Sugnu, Ranchi.

(16) Marwari +2 High School, Ranchi, Upper Bazar, Pustak Path, Ranchi.

(17) GOVT +2 High School, Kanke, Semartoli, Kanke Near CIP, Kanke Ranchi.

(18) CM School of Excellence, Kanke, Ranchi, Near B.I.T More, Mesra, Ranchi.

(19) ASTVS District CM School of Excellence, ASTVS District CM School of Excellence, Near Saheed, Chowk Ranchi.

(20) Anita Girl High School Kanke, Oppoite to agriculture College gate, Kanke

(21) Ursuline Convent Girls High School, Urusuline Convent Girls High School, Dr. Camil Bulke Path Near Xiss, Ranchi

कोटक महिंद्रा बैंक के चेयरमैन व शाखा प्रबंधक की गिरफ्तारी के आदेश

राजस्व परिषद की बड़ी पहल: अब प्रमाणित स्कैन कॉपी से होगी न्यायिक कार्यवाही, मूल अभिलेख रहेंगे सुरक्षित
-  डिजिटल व्यवस्था से न्यायिक प्रक्रिया होगी तेज, पारदर्शी और समयबद्ध; विशेष परिस्थितियों में ही तलब होंगे मूल अभिलेख


लखनऊ। उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद ने न्यायिक प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, दक्ष और समयबद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब राजस्व परिषद के न्यायालयों में विचाराधीन मामलों में सामान्यतः मूल अभिलेखों के स्थान पर अधीनस्थ न्यायालयों द्वारा उपलब्ध कराई गई प्रमाणित पूर्ण स्कैन प्रति (Certified Complete Scanned Copy) के आधार पर ही न्यायिक कार्यवाही की जाएगी। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य मूल अभिलेखों का सुरक्षित संरक्षण सुनिश्चित करने के साथ-साथ न्यायिक प्रक्रिया को आधुनिक तकनीक से जोड़ना है।
राजस्व परिषद की अध्यक्ष श्रीमती अर्चना अग्रवाल के निर्देश पर यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। नई प्रणाली लागू होने से मूल अभिलेखों को बार-बार एक स्थान से दूसरे स्थान भेजने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, जिससे उनके क्षतिग्रस्त होने, गुम होने अथवा समय पर उपलब्ध न हो पाने जैसी समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।
नई व्यवस्था के तहत अधीनस्थ न्यायालयों को वाद से संबंधित प्रत्येक दस्तावेज, परिशिष्ट, मानचित्र, नोटशीट, आदेश पत्रक तथा अन्य सभी संलग्न अभिलेखों की क्रमवार एवं स्पष्ट स्कैन प्रति उपलब्ध करानी होगी। प्रत्येक स्कैन प्रति के साथ संबंधित राजस्व रिकॉर्ड कीपर (RRK) द्वारा विधिवत प्रमाणित प्रमाण-पत्र संलग्न करना भी अनिवार्य होगा।
राजस्व परिषद ने स्पष्ट किया है कि केवल विशेष परिस्थितियों में, जब न्यायालय लिखित कारण दर्ज करते हुए मूल अभिलेख प्रस्तुत करने का निर्देश देगा, तभी मूल पत्रावली मंगाई जाएगी। अन्य सभी मामलों में प्रमाणित स्कैन प्रतियों के आधार पर ही सुनवाई और अन्य न्यायिक कार्यवाही संपन्न होगी।
व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए यह भी प्रावधान किया गया है कि यदि किसी स्तर पर अपूर्ण, अस्पष्ट या अप्रमाणित स्कैन प्रति भेजी जाती है तो संबंधित राजस्व रिकॉर्ड कीपर (RRK) को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार मानते हुए उसके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
राजस्व परिषद ने सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नई व्यवस्था से तत्काल अवगत कराते हुए इसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। साथ ही, न्यायालयों द्वारा मांगी गई प्रमाणित स्कैन प्रतियां निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
राजस्व परिषद का मानना है कि यह पहल डिजिटल अभिलेख प्रबंधन प्रणाली को मजबूत करने, मूल अभिलेखों के दीर्घकालिक संरक्षण तथा न्यायिक कार्यप्रणाली को आधुनिक तकनीक के अनुरूप बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। भविष्य में CCMS पोर्टल के माध्यम से पूरी प्रक्रिया को पूर्णतः ऑनलाइन संचालित करने की भी तैयारी की जा रही है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया और अधिक सरल, पारदर्शी तथा प्रभावी बन सकेगी।
राजस्व परिषद की बड़ी पहल: अब प्रमाणित स्कैन कॉपी से होगी न्यायिक कार्यवाही, मूल अभिलेख रहेंगे सुरक्षित
-  डिजिटल व्यवस्था से न्यायिक प्रक्रिया होगी तेज, पारदर्शी और समयबद्ध; विशेष परिस्थितियों में ही तलब होंगे मूल अभिलेख


लखनऊ। उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद ने न्यायिक प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, दक्ष और समयबद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब राजस्व परिषद के न्यायालयों में विचाराधीन मामलों में सामान्यतः मूल अभिलेखों के स्थान पर अधीनस्थ न्यायालयों द्वारा उपलब्ध कराई गई प्रमाणित पूर्ण स्कैन प्रति (Certified Complete Scanned Copy) के आधार पर ही न्यायिक कार्यवाही की जाएगी। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य मूल अभिलेखों का सुरक्षित संरक्षण सुनिश्चित करने के साथ-साथ न्यायिक प्रक्रिया को आधुनिक तकनीक से जोड़ना है।
राजस्व परिषद की अध्यक्ष श्रीमती अर्चना अग्रवाल के निर्देश पर यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। नई प्रणाली लागू होने से मूल अभिलेखों को बार-बार एक स्थान से दूसरे स्थान भेजने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, जिससे उनके क्षतिग्रस्त होने, गुम होने अथवा समय पर उपलब्ध न हो पाने जैसी समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।
नई व्यवस्था के तहत अधीनस्थ न्यायालयों को वाद से संबंधित प्रत्येक दस्तावेज, परिशिष्ट, मानचित्र, नोटशीट, आदेश पत्रक तथा अन्य सभी संलग्न अभिलेखों की क्रमवार एवं स्पष्ट स्कैन प्रति उपलब्ध करानी होगी। प्रत्येक स्कैन प्रति के साथ संबंधित राजस्व रिकॉर्ड कीपर (RRK) द्वारा विधिवत प्रमाणित प्रमाण-पत्र संलग्न करना भी अनिवार्य होगा।
राजस्व परिषद ने स्पष्ट किया है कि केवल विशेष परिस्थितियों में, जब न्यायालय लिखित कारण दर्ज करते हुए मूल अभिलेख प्रस्तुत करने का निर्देश देगा, तभी मूल पत्रावली मंगाई जाएगी। अन्य सभी मामलों में प्रमाणित स्कैन प्रतियों के आधार पर ही सुनवाई और अन्य न्यायिक कार्यवाही संपन्न होगी।
व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए यह भी प्रावधान किया गया है कि यदि किसी स्तर पर अपूर्ण, अस्पष्ट या अप्रमाणित स्कैन प्रति भेजी जाती है तो संबंधित राजस्व रिकॉर्ड कीपर (RRK) को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार मानते हुए उसके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
राजस्व परिषद ने सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नई व्यवस्था से तत्काल अवगत कराते हुए इसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। साथ ही, न्यायालयों द्वारा मांगी गई प्रमाणित स्कैन प्रतियां निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
राजस्व परिषद का मानना है कि यह पहल डिजिटल अभिलेख प्रबंधन प्रणाली को मजबूत करने, मूल अभिलेखों के दीर्घकालिक संरक्षण तथा न्यायिक कार्यप्रणाली को आधुनिक तकनीक के अनुरूप बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। भविष्य में CCMS पोर्टल के माध्यम से पूरी प्रक्रिया को पूर्णतः ऑनलाइन संचालित करने की भी तैयारी की जा रही है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया और अधिक सरल, पारदर्शी तथा प्रभावी बन सकेगी।
Buying a Plot in Bellari: Best Plot Projects in Bellari

Why Invest in a Plot in Bellari?

Bellari (Ballari) is rapidly emerging as one of Karnataka’s promising real estate destinations. With growing infrastructure, improved connectivity, industrial development, educational institutions, and increasing demand for residential properties, investing in a plot in Bellari offers excellent long-term appreciation potential.

Among the premium plotted development projects in Bellari, Bluejay Anandavana and Amruth Atharva stand out as popular choices for homebuyers and investors seeking secure, well-planned township living.

Bluejay Anandavana Township Project

Bluejay Anandavana is a thoughtfully planned township designed to provide a balanced lifestyle with modern amenities and green surroundings. The project focuses on community living, open spaces, and future-ready infrastructure.

Key Highlights

  • Clubhouse with snooker club, gym, meditation lawn & other
  • Wide internal roads
  • Landscaped gardens and parks
  • Gated community security
  • Football & Cricket Field With Galley
  • Underground utilities
  • Investment-friendly location
  • Peaceful residential environment
  • Banquet Hall

Suitable For

  • Families planning to build a dream home
  • Long-term investors
  • NRIs looking for property in Bellari
  • First-time plot buyers

Amruth Atharva Township Project

Amruth Atharva is another premium plotted development in Bellari offering modern infrastructure and a township lifestyle. The project is designed to provide convenience, connectivity, and future growth opportunities.

Key Highlights

  • Wide roads and drainage system
  • Green spaces and community areas
  • Excellent connectivity to major city locations
  • Water and electricity provisions
  • Secure gated environment
  • High appreciation potential

Suitable For

  • Residential construction
  • Future investment
  • Rental housing development
  • Retirement planning

Advantages of Buying a Township Plot in Bellari

1. Better Infrastructure

Township projects offer planned roads, drainage systems, street lighting, water supply, and electricity connections, making them superior to standalone plots.

2. Higher Appreciation Potential

Well-developed townships often experience faster property value appreciation due to organized development and increasing demand.

3. Secure Environment

Most township projects feature gated entry, security personnel, and controlled access, ensuring safety for residents.

4. Community Living

Parks, walking tracks, clubhouses, and recreational facilities promote a healthy and social lifestyle.

5. Clear Documentation

Reputed township developers generally provide legally compliant projects with transparent documentation and approvals.

6. Better Resale Value

Plots in branded township projects often command higher resale demand compared to isolated plots.

Disadvantages of Buying a Township Plot

1. Higher Initial Cost

Township plots may be priced higher than independent plots because of infrastructure and amenities.

2. Maintenance Charges

Residents may need to pay periodic maintenance fees for common facilities and security.

3. Construction Guidelines

Some township projects impose building regulations regarding design, setbacks, and construction timelines.

4. Limited Customization

Community standards may restrict certain modifications compared to independent land ownership.

Bluejay Anandavana vs Amruth Atharva: Which Should You Choose?

Both projects offer excellent opportunities for plot investment in Bellari. Your decision should depend on:

  • Budget
  • Preferred location
  • Infrastructure requirements
  • Future appreciation expectations
  • Residential or investment purpose
  • Available amenities

If your priority is a premium township lifestyle with modern infrastructure, both projects deserve serious consideration. Site visits, document verification, and future development assessment should be conducted before making a final investment decision.

Conclusion

Investing in a plot in Bellari is a smart decision for buyers seeking long-term growth and secure land ownership. Projects like Bluejay Anandavana and Amruth Atharva offer the advantages of organized township living, better infrastructure, and promising appreciation potential.

Whether you’re planning to build your dream home or looking for a high-growth real estate investment, a township plot in Bellari can provide both lifestyle benefits and financial returns.

For more details visit website: www.ycoordinate.com

For site visit : https://ycoordinate.com/landing/anandavana-meta-v1/

✆+918548858687

नया जन सुविधा केंद्र जहाँ दूध की रखवाली करेगी बिल्लियां


जौनपुर। जौनपुर कलेक्ट्रेट में बुधवार को डीएम सैमुअल पॉल एन. और एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने सुबह 8 से रात 10 बजे तक चलने वाले ‘जन सुविधा केन्द्र’ का ढोल पीटकर शुभारंभ कर दिया। दावा बड़ा है - शिकायत दर्ज होते ही व्हाट्सएप से लेखपाल-कानूनगो को अलर्ट, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई, रोस्टरवार कर्मचारी, पुलिस की डबल शिफ्ट। डीएम ने लापरवाह अफसरों का ‘काला चिट्ठा’ बनाने की धमकी भी दे डाली। पर सवाल खून जमा देने वाला है - क्या यह भी ‘ढाक के तीन पात’ साबित होगा? जनसुनवाई पोर्टल, CM हेल्पलाइन, PMO-PG, थाना-तहसील दिवस - हर ‘समाधान’ का मंच पहले भी बना।

नतीजा? पोर्टल पर ‘निस्तारित’ का ठप्पा और जमीन पर पीड़ित की लाश सड़ती रही। असली कोढ़ है ‘आरोपी ही जांच अधिकारी’ का नंगा खेल। जनता दर्शन में CM योगी के हाथ में दिया पत्र हो या PMO की गुहार - हर फरियाद घूमकर उसी थाने, तहसील, ब्लॉक में दफन हो जाती है, जहां अत्याचारी धनबली मठाधीशों का साम्राज्य है। जांच उसी भ्रष्ट CO, SDM, दरोगा, लेखपाल, BDO, BSA के हवाले, जिस पर रिश्वत और गुंडागर्दी के आरोप हैं। वह फर्जी रिपोर्ट ठोंकता है, उल्टा पीड़ित को झूठे केस में फंसा देता है, या ‘कागजी निस्तारण’ का ढोंग रच देता है।

इसके पीछे वही ‘इच्छाधारी मठाधीश’ हैं जो हर सरकार में पाला बदलकर सत्ता की मलाई चाटते हैं। सरकार किसी की हो, इनका दबदबा अमर है। स्थानीय दलाल जनप्रतिनिधियों को घूस खिलाकर हर फाइल खरीद ली जाती है। भ्रष्टाचार का रेट-कार्ड खुला है - गरीब का खून चूसना और सरकारी खजाना लूटना। नीचे सिपाही से ऊपर मंत्री तक हर टेबल का प्रतिशत फिक्स है। रात 10 बजे तक शिकायत लेने से क्या होगा, जब सुबह 10 बजे वही भेड़िया फाइल दबा देगा? मुख्यमंत्री जी, आप जनता दर्शन में सिर झुकाकर फरियाद सुनते हो, पर अगली सुबह वही पत्र उसी कसाई के पास पहुंच जाता है।

जब तक ‘क्रॉस-डिस्ट्रिक्ट जांच’ अनिवार्य नहीं होगी, आरोपी अफसर को लात मारकर बाहर नहीं फेंका जाएगा, वीडियो रिकॉर्डिंग और पब्लिक ट्रैकिंग नहीं होगी - तब तक नया जन सुविधा केन्द्र भी पुराने पोर्टलों की तरह कागजी शेर ही रहेगा। पहले थाना-तहसील ब्लॉक का कोढ़ काटो, वरना ‘रामराज्य’ का ढोल पीटना बंद करो।
बैंक राज्य स्तर के निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति हेतु तत्परता से कार्य करें : जिलाधिकारी*
*समेकित ऋण योजना जमा अनुपात सहित अन्य सरकारी योजनाओं में बैंकों की असंतोषजनक कार्यशैली से शासन को अवगत कराएं


*बैंकों में लंबित आवेदनों के लिए टोल फ्री नंबर 14441 पर करें शिकायत

आरसेटी सलाहकार समिति, जिला स्तरीय पुनरीक्षण एवं सलाहकार समिति की बैठक संपन्न


फर्रुखाबाद l  "जिला स्तरीय आरसेटी सलाहकार समिति तथा जिला स्तरीय पुनरीक्षण एवं सलाहकार समिति" की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ अंकुर लाठर की अध्यक्षता में आयोजित की गई।बैठक में जिलाधिकारी ने उपस्थित बैंकों के जिला समन्वयकों को निर्देश दिए कि जनपद में कार्यरत सभी बैंक राज्य स्तर के निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति हेतु तत्परता से कार्य करें, जिससे आमजनमानस को सरकार द्वारा संचालित लोक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि समेकित ऋण योजना जमा अनुपात में जिन बैंकों एवं उनकी शाखों की प्रगति संतोषजनक नहीं है, उन बैंकों की दोषपूर्ण कार्यशैली से शासन को पत्राचार के माध्यम से अवगत कराएं। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को अधिक से अधिक ऋण स्वीकृत कर प्रगति आख्या पोर्टल पर अद्यतन करें। आरसेटी द्वारा आयोजित प्रशिक्षणों का विभिन्न माध्यमों से व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार कराएं। आरसेटी द्वारा वर्तमान समय तक जनपद में जो भी प्रशिक्षण प्रदान किए गए हैं उनका सत्यापन कराकर विवरण उपलब्ध कराएं।
बैठक में अग्रणी जिला बैंक प्रबंधक ने बैंकों में राज्य स्तर से संचालित विभिन्न योजनाओं की अब तक की प्रगति की जानकारी प्रदान करते हुए कहा कि जनपद स्तर पर संचालित विभिन्न बैंकों में समेकित ऋण जमानुपात 55.67 प्रतिशत है तथा बैंक ऑफ़ बड़ौदा, केनरा बैंक, इंडियन बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक एवं इंडियन ओवरसीज बैंकों ऋण जमानुपात प्रगति ठीक नहीं है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री जन धन योजना के अंतर्गत जनपद में कुल 814147 खाते सक्रिय है, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना में अब तक 13682 लाभार्थियों को 23339.3 लाख के ऋण वितरित किए गए हैं।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत 1389 लाभार्थियों को आच्छादित किया गया है। प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वनिधि योजना के तहत प्रथम ऋण योजना में 585, द्वितीय ऋण योजना में 236 एवं तृतीय ऋण योजना में 169 लाभार्थियों को लाभान्वित किया जा चुका है। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत 670935, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में 211050 एवं अटल पेंशन योजना में 104699 लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत 1829 आवेदन पत्र क्रेडिट लिंकेज के सापेक्ष बैंकों द्वारा 1508 प्रकरण स्वीकृत कर ऋण वितरित किए जा चुके हैं। सरकार द्वारा प्रायोजित ऋण योजनाओं में मुख्यमंत्री सूक्ष्म उन्नयन योजना के तहत 159, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत 93, एक जनपद एक उत्पाद योजना के तहत 33 लाभार्थियों को ऋण वितरित किए गए हैं।
आरसेटी सलाहकार समिति की बैठक में संबंधित अधिकारी ने बताया कि आरसेटी द्वारा जनपद में अब तक 330 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं, जिनमें 9126 लाभार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। बैठक में उपस्थित आरबीआई के प्रतिनिधि ने बैंक स्तर पर लंबित आवेदनों के निराकरण हेतु सुझाव प्रदान करते हुए कहा कि यदि कोई बैंक पात्र लाभार्थियों के आवेदन निराकरण में अनावश्यक रूप से बाधा उत्पन्न करता है, तो संबंधित आवेदक आरबीआई द्वारा जारी *टोल फ्री नंबर 14441 एवं आरबीआई की वेबसाइट तथा WWW.CMS.RBI.org.in* पर शिकायत दर्ज करा सकता हैं।समीक्षा बैठक के दौरान उपायुक्त जिला ग्राम विकास अभिकरण कपिल कुमार, उपायुक्त स्वतः रोजगार सुषमा, उपनिदेशक कृषि अरविंद मिश्रा, उपायुक्त उद्योग सोनल जिंदल सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
हेमन्त सोरेन ने हूल विद्रोह के महानायक अमर वीर शहीद सिदो-कान्हू को दी श्रद्धांजलि।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन एवं विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन आज हूल दिवस के अवसर पर मोरहाबादी, रांची स्थित सिदो-कान्हू उद्यान पहुंचकर हूल विद्रोह के महानायक अमर वीर शहीद सिदो-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

तुलसीपुर में 'मौत के क्लीनिक' पर स्वास्थ्य विभाग का हथौड़ा, नारायण क्लीनिक सील, झोलाछाप संचालक पर FIR!
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद जागा महकमा; बिना MBBS और सर्जन के चल रहा था 'जच्चा-बच्चा' की जान से खिलवाड़ का खेल

तुलसीपुर (बलरामपुर), 26 जून 2026
स्वास्थ्य व्यवस्था के नाम पर मासूम मरीजों की जिंदगी से जुआ खेलने वाले सिंडिकेट के खिलाफ जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। तुलसीपुर क्षेत्र में बिना किसी रजिस्ट्रेशन और बिना वैध डिग्री के धड़ल्ले से संचालित हो रहे 'नारायण क्लीनिक' को आज स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में पूरी तरह सील कर दिया। इस ताबड़तोड़ एक्शन से इलाके के झोलाछाप डॉक्टरों और अवैध अस्पताल संचालकों में हड़कंप मच गया है।
सोशल मीडिया पर खुलासे के बाद हरकत में आया विभाग
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर नारायण क्लीनिक के काले कारनामों और वहाँ हो रहे गलत इलाज का समाचार तेजी से वायरल हो रहा था। वायरल वीडियो और पोस्ट्स में यह गंभीर आरोप लगाए गए थे कि इस क्लीनिक में बिना किसी विशेषज्ञ MBBS डॉक्टर या सर्जन के, अनुभव विहीन लोग मरीजों को गुमराह कर उनका इलाज कर रहे हैं। इतना ही नहीं, यह भी बात सामने आई थी कि ऐसे अप्रशिक्षित लोगों के हाथों इलाज होने के कारण कई बार 'जच्चा-बच्चा' (गर्भवती महिलाओं और नवजातों) की जान पर बन आती है और मौत के मामले भी सामने आते हैं।
नोडल अधिकारी की संयुक्त टीम ने मारा छापा
सोशल मीडिया पर मामला गरमाने के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) ने इसका कड़ा संज्ञान लिया। सीएमओ के निर्देश पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं नोडल अधिकारी डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में एक संयुक्त जांच टीम का गठन किया गया। आज जब यह टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँची, तो क्लीनिक के भीतर हड़कंप मच गया। जांच में संचालक क्लीनिक के रजिस्ट्रेशन या अपनी मेडिकल डिग्री से जुड़ा एक भी कागज दिखाने में पूरी तरह नाकाम रहा।
सिफारिशें धरी की धरी रहीं, दर्ज हुआ मुकदमा
सूत्रों के मुताबिक, कार्रवाई को रुकवाने के लिए क्लीनिक संचालक ने रसूखदारों से फोन करवाकर तमाम प्रकार की सिफारिशें लगवाने की कोशिश की। लेकिन स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सख्त रुख अपनाते हुए क्लीनिक पर सरकारी ताला जड़ दिया। इसके साथ ही जनता की जान खतरे में डालने के आरोप में तुलसीपुर थाने में आरोपी संचालक के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज करा दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग की दोटूक चेतावनी:
"जनपद में किसी भी झोलाछाप या बिना डिग्री वाले व्यक्ति को क्लीनिक चलाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। जो भी नियमों का उल्लंघन करेगा, उसका ठिकाना जेल होगा। नारायण क्लीनिक को सील कर संचालक पर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।"
दलाली का आरोप लगाने वालों को करारा जवाब
नारायण क्लीनिक पर हुई इस सीलिंग ने उन तत्वों के मुंह पर भी तमाचा जड़ा है, जो अपनी कमियों को छुपाने के लिए सच उजागर करने वालों को ही 'दलाल' बताने लगते हैं। इस कार्रवाई ने साबित कर दिया है कि जब बिना कागजों के दुकान चलेगी और मरीजों को गुमराह किया जाएगा, तो कानून का डंडा इसी तरह बरसेगा।
नीति आयोग बैठक: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने रखा झारखंड को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने का रोडमैप

नई दिल्ली : नीति आयोग की 11वीं बैठक में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने राज्य के समग्र विकास पर बल दिया। उसकी विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की और केंद्र से सहयोग की अपेक्षा की। समग्र विकास की विचारधारा को रखते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा तभी सार्थक होगी, जब उसे मानव पूंजी से जोड़ा जाए।

उन्होंने झारखण्ड को केवल खनिज निकालने वाले राज्य के रूप में देखने की परंपरा से अलग विकास की यात्रा में साझेदार बनाने पर बल दिया। अपनी बातों को विस्तार से रखते हुए कहा कि राज्य के संसाधनों का राज्य में ही वैल्यू एडिशन हो, उससे जुड़ा मैनुफैक्चरिंग हो और राज्य की मानव पूंजी का उसमें उपयोग हो। उन्होंने केंद्र सरकार से क्रिटिकल मिनरल्स आधारित उद्योग विकसित करने के साथ साथ नॉलेज, रिसर्च और इनोवेशन के केंद्र विकसित करने में अपेक्षित सहयोग मांगा।

टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रीन-एनर्जी,लॉजिस्टिक्स और एग्रो- फ़ूड प्रोसेसिंग के बड़े निवेश को झारखंड में बढ़ावा देने की वकालत की। उन्होंने कहा कि माइनिंग और मिनरल्स क्षेत्र में एआई -बेस्ड मिनरल एक्सप्लोरेशन और सस्टेनेबल माइनिंग प्रैक्टिसेज को बढ़ावा देने और झारखंड को उद्योग एवं रोजगार का नया केंद्र बनाने की दिशा में प्रयास जारी है। केंद्र सरकार के सहयोग और मार्गदर्शन के हम आकांक्षी हैं। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल को विकास का मूल आधार बताया।‘विकसित भारत के लक्ष्य के साथ राज्य को नई दिशा देने की बात कही।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य में 38 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों में से 15 हजार के पास भवन नहीं है। इसके बावजूद पोषण अभियान और SAAMAR से कुपोषण में सुधार हुआ है। बच्चों को प्रतिदिन अंडा उपलब्ध कराया जा रहा है। 5000 नए आंगनबाड़ी भवन राज्य सरकार अपने संसाधनों से बना रही है।

शिक्षा क्षेत्र में पहल

माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस से अब IIT और मेडिकल में बच्चों का चयन होने लगा है । राज्य सरकार 5000 उत्कृष्ट विद्यालय बनाने के लक्ष्य पर काम कर रही है। उन्होंने पीएम श्री और केंद्रीय विद्यालयों की संख्या बढ़ाने की मांग रखी। झारखंड में NCERT का क्षेत्रीय केंद्र स्थापित करने का आग्रह भी किया गया।

कौशल विकास और रोजगार

मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने राज्य की विकास योजनाओं का खाका रखते हुए कहा कि राज्य हर साल 1 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार से जोड़ रहा है। सारथी योजना के तहत 6.76 लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है। AI, EV, ड्रोन और सोलर जैसे क्षेत्रों में युवाओं को तैयार किया जा रहा है। 53 हजार महिलाओं को आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया गया है।

स्वास्थ्य सेवाएं

उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को पंचायत स्तर तक पहुंचाने पर जोर दिया। श्री हेमंत सोरेन ने बताया कि राज्य में 1276 दवा दुकानें ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित हो रही हैं। मेडिकल कॉलेजों में UG और PG सीट बढ़ाने का प्रस्ताव लंबित है। AI आधारित डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल बनाने की योजना पर भी काम चल रहा है।

खेल क्षेत्र में उपलब्धि

श्री सोरेन ने कहा कि झारखंड के खिलाड़ी हॉकी, फुटबॉल और एथलेटिक्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। राज्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने झारखंड में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की मांग की। खेल संघों में सुधार और पारदर्शिता की जरूरत पर भी उन्होंने जोर दिया।

कृषि एवं पोषण

नीति आयोग की शासी परिषद की 11 वीं बैठक में श्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य में 10 लाख से अधिक पोषण वाटिकाएं विकसित की गई हैं।

1.5 लाख एकड़ में फलदार पौधरोपण किया गया है।

झारखंड का आम अब अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच रहा है। उन्होंने कृषि को कुपोषण से लड़ने के प्रभावी साधन के रूप में प्रस्तुत किया।

डिजिटल गवर्नेंस और डेटा

राज्य AI आधारित CM डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म विकसित कर रहा है। इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर पर भी काम जारी है। डेटा शेयरिंग को समयबद्ध बनाने का आग्रह केंद्र से किया गया। DBT में पारदर्शिता और डिजिटल धोखाधड़ी रोकने पर जोर दिया गया।

केंद्र से प्रमुख मांगें

जल जीवन मिशन की शेष 6000 करोड़ राशि जल्द जारी करने की मांग की गई।

कोयला कंपनियों पर 1.36 लाख करोड़ के बकाया भुगतान की बात उठाई गई।

DMFT के मानकों में संशोधन की आवश्यकता जताई गई।

भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को सरल बनाने का आग्रह किया गया।

स्कूली शिक्षा से संबंधित विभिन्न निधियों और योजनाओं को एकीकृत किया करने पर बल दिया गया

PPP मोड में 6 नए मेडिकल कॉलेजों में से 4 को स्वीकृति मिल चुकी है — शेष 2 की स्वीकृति भी शीघ्र प्रदान की जाए

झारखण्ड को राष्ट्रीय, एशियाई और अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं तथा खेल महाकुंभों की मेजबानी का अवसर दिया जाए

झारखण्ड के 7 जिले DVC Command Area के अंतर्गत हैं और 12-13 जिले CCL, ECL एवं अन्य केंद्रीय उपक्रमों के उच्च Command Area में आते हैं। इन क्षेत्रों में सामाजिक आधारभूत संरचना निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण और भूमि स्वामित्व संबंधी अनुमति प्रक्रियाओं में राज्य सरकार को आवश्यक छूट और सरलीकरण प्रदान किया जाए

NEET पुनर्परीक्षा 21 जून: रांची के 21 केंद्रों के 200 मीटर दायरे में धारा-163 लागू


महानिदेशक, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी, नई दिल्ली द्वारा प्राप्त सूचनानुसार दिनांक-21.06.2026 को Re-examination of NEET (UG)-2026 परीक्षा एक पाली में राँची के 21 उप केन्द्रों पर आयोजित किया जाना है। परीक्षा के कदाचार मुक्त संचालनार्थ एवं विधि-व्यवस्था संधारणार्थ हेतु उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी, राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री एवं अपर जिला दण्डाधिकारी, विधि-व्यवस्था, राँची के आदेश द्वारा पुलिस बल एवं पुलिस पदाधिकारी के साथ दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गई है। फिर भी ऐसी आशंका है कि परीक्षा केन्द्रों पर असामाजिक तत्वों के द्वारा भीड़ लगाकर विधि-व्यवस्था भंग करने की चेष्टा कर सकते हैं।

जिसको लेकर श्री कुमार रजत, अनुमंडल दंडाधिकारी, सदर, राँची द्वारा बि०एन०एस०एस० की धारा-163 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए इन परीक्षा केन्द्रों के 200 मीटर की परिधि में निम्नलिखित निषेधाज्ञा जारी किया गया :-

(1) पाँच या पाँच से अधिक व्यक्तियों का एक जगह जमा होना (सरकारी कार्य में लगे

पदाधिकारियों / कर्मचारियों तथा सरकारी कार्यक्रम एवं शवयात्रा को छोड़कर)।

(2) किसी प्रकार का ध्वनि विस्तारक यंत्र का व्यवहार करना।

(3 ) किसी प्रकार का अस्त्र-शस्त्र, जैसे-बंदुक, राईफल, रिवाल्वर, बम, बारूद आदि लेकर चलना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों / कर्मचारियों को छोड़कर)।

(4) किसी प्रकार का हरवे हथियार जैसे लाठी-डंडा, तीर-धनुष, गड़ासा-भाला आदि लेकर चलना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों / कर्मचारियों को छोड़कर)

(5) किसी प्रकार की बैठक या आमसभा का आयोजन करना।

यह निषेधाज्ञा दिनांक-21.06.2026 के अपराह्नः- 12.00 बजे से अपराह्न-08.00 बजे तक प्रभावी रहेगा।

परीक्षा केन्द्र का नामः-

(1) Marwari College (Boys), Lake Road Near Swami Vivekanand Sarovar (Bara Talab),

Hindpiri, Ranchi.

(2) St. Jhon's High School, Karbala Tank Road, Ranchi.

(3) Doranda College, Opp. Sri Krishna Park Near A.G More Doranda Ranchi.

(4) Nirmala College, Near St. Xavier's School Doranda, PO-Doranda, Ranchi.

(5) P.M. Shri Kendriya Vidyalaya Hinoo, Near AG More Doranda, Ranchi.

(6) P.M. Shri Kendriya Vidyalaya CRPF Dhurwa Ranchin CRPF CAMP, Tiril, Ashram

Dhurwa, Near New Vidhan Sabha.

(7) Kendriya Vidyalaya HEC, Ranchi, Kendriya Vidalaya No.-1, HEC Sector-2, Dhurwa, Ranchi.

(8) Gossner college, Centre B, N.M. Horo Marg, Ranchi.

(9) Gossner college, Centre A, N.M. Horo Marg, Ranchi.

(10) P.M. Shri Kendriya Vidyalaya, Namkum, Ranchim, Army Area Namkum, Ranchi.

(11) Army Public School, Dipatoli, Army Public School Dipatoli CANTT., PO-Booty Ranchi,

Opposite Jimkhana kalab Hotwar Ranchi.

(12) CM Sole Girls, Bariatu, Oppoiste H.D.C Bank, Bariatu, Ranchi.

(13) St. Aloysius High School, Dr. Camil Bulke Path, Purulia Roadn Ranchi.

(14) St. Annne's Girls High School, Dr. Camil Bulke Path, Purulia Road Near IOB, Ranchi.

(15) PM Shri Kendriya Vidyalaya Dipatoli, VIA Tatisilway, Po-Sugnu, Ranchi.

(16) Marwari +2 High School, Ranchi, Upper Bazar, Pustak Path, Ranchi.

(17) GOVT +2 High School, Kanke, Semartoli, Kanke Near CIP, Kanke Ranchi.

(18) CM School of Excellence, Kanke, Ranchi, Near B.I.T More, Mesra, Ranchi.

(19) ASTVS District CM School of Excellence, ASTVS District CM School of Excellence, Near Saheed, Chowk Ranchi.

(20) Anita Girl High School Kanke, Oppoite to agriculture College gate, Kanke

(21) Ursuline Convent Girls High School, Urusuline Convent Girls High School, Dr. Camil Bulke Path Near Xiss, Ranchi