Nirmal Enterprises Completes 16 Years of Trusted

Home Appliance Repair Services in Pune & PCMCPune, India: Modern homes depend on appliances that make everyday life easier, from

refrigerators and washing machines to kitchen chimneys and dishwashers. When these

essential appliances stop working, homeowners need a repair service they can trust. For the

last 16 years, Nirmal Enterprises has been helping families across Pune and

Pimpri-Chinchwad (PCMC) with professional home appliance repair, installation, and

maintenance services delivered directly at customers' doorsteps.

With a customer-focused approach and experienced technicians, Nirmal Enterprises has

established itself as a reliable service provider for a wide range of kitchen and household

appliances. The company believes that appliance servicing should be simple, transparent,

and hassle-free, ensuring customers receive quality repairs without unnecessary delays.

Doorstep Appliance Repair with Transparent Pricing

One of the biggest reasons behind the company's growing customer base is its convenient

doorstep service model. Customers simply contact the service team, explain the issue, and a

certified technician is assigned based on location.

After inspecting the appliance, the technician provides a detailed quotation before starting

any repair work. This transparent pricing system allows customers to understand the repair

cost in advance, helping them make informed decisions without worrying about hidden

charges.

Complete Solutions for Home & Kitchen Appliances

Over the years, Nirmal Enterprises has expanded its expertise to service multiple home

appliances from leading brands. The company offers repair, installation, and maintenance

services for:

● Kitchen Chimneys

● Built-in Hobs

● Gas Cooktops

● Cooking Ranges

● Dishwashers

● Refrigerators

● Washing Machines

● Built-in Ovens

● Built-in Microwaves

● Air Conditioners

Whether it's a cooling issue in a refrigerator, a dishwasher malfunction, or a chimney that

requires deep servicing, the company provides practical solutions designed to restore

appliances quickly and efficiently. Genuine Spare Parts and Certified Technicians

Quality repairs depend on both technical expertise and reliable replacement parts. According

to the company, every repair is carried out by trained professionals using genuine spare

parts wherever required.

This approach helps improve appliance performance while reducing the chances of recurring

issues. Customers also receive a service warranty, giving them additional confidence in the

repair process.

Preventive Maintenance for Long-Term Performance

Apart from emergency repairs, Nirmal Enterprises encourages homeowners to invest in

regular appliance maintenance. Preventive servicing helps improve efficiency, reduce

unexpected breakdowns, and extend the overall lifespan of appliances.

This is particularly beneficial for premium built-in kitchen appliances, which often require

specialized maintenance to ensure smooth performance over the years.

Customer Satisfaction Remains the Priority

Customer reviews consistently highlight prompt service, transparent pricing, professional

technicians, and timely repairs. Many homeowners appreciate the company's same-day

service availability and clear communication throughout the repair process.

Several long-term customers have also chosen annual maintenance services, allowing them

to keep multiple appliances in excellent working condition throughout the year.

Sharing Knowledge Beyond Repairs

In addition to providing repair services, Nirmal Enterprises regularly publishes helpful blogs

for homeowners. These articles cover practical maintenance tips, appliance care guides,

chimney cleaning methods, and recommendations that help customers maximize appliance

performance between professional service visits.

By educating customers, the company aims to reduce unnecessary breakdowns while

helping homeowners make better decisions about appliance maintenance.

Serving Pune and PCMC for 16 Years

Based in Kothrud, Nirmal Enterprises serves customers throughout Pune and

Pimpri-Chinchwad with seven-day service availability. As the demand for modern kitchen

appliances and premium built-in solutions continues to grow, the company remains

committed to delivering dependable repair services backed by experience, transparency,

and customer satisfaction.

With 16 years of industry experience, Nirmal Enterprises continues to strengthen its

reputation as one of Pune's trusted names in home appliance repair and maintenance. For more information visit: https://nirmal-enterprises.com/

झारखंड बनेगा देश का अग्रणी एआई राज्य: 5 साल में ₹1,150 करोड़ के निवेश के साथ सरकार ने जारी किया रोडमैप

नई दिल्ली, 09 जुलाई: नई दिल्ली के होटल ताज पैलेस में आयोजित दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन-2026 के दौरान झारखंड सरकार ने राज्य के डिजिटल परिवर्तन को गति देने तथा झारखंड को सार्वजनिक प्रशासन आधारित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के उद्देश्य से एक व्यापक रोडमैप प्रस्तुत किया।

राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत इस विजन का उद्देश्य शासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग एवं नागरिक सेवाओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करते हुए पारदर्शी, त्वरित, जवाबदेह एवं डेटा आधारित निर्णय प्रणाली विकसित करना है, ताकि आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण, प्रभावी एवं सुलभ सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

इस अवसर पर राज्य सरकार ने प्रस्तावित झारखंड कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) नीति 2026-2031 की रूपरेखा भी प्रस्तुत की। इस नीति के माध्यम से शासन, स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा, खनन, पर्यावरण संरक्षण तथा आपदा प्रबंधन सहित विभिन्न क्षेत्रों में एआई आधारित समाधान विकसित किए जाएंगे। साथ ही डेटा गोपनीयता, साइबर सुरक्षा, पारदर्शिता एवं जिम्मेदार तकनीकी उपयोग को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

सुशासन को और अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाने के लिए सरकार ने मुख्यमंत्री डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (CM-DIP) स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। यह एआई आधारित निर्णय सहायता प्रणाली विभिन्न सरकारी योजनाओं, आधारभूत संरचना परियोजनाओं तथा विभागीय कार्यों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित करेगी। इसके साथ ही बहुभाषी डिजिटल प्लेटफॉर्म, व्हाट्सएप आधारित नागरिक सेवाएं, डिजिटल शिकायत निवारण प्रणाली तथा पंचायत स्तर तक डिजिटल सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने की योजना भी प्रस्तुत की गई।

परामर्श बैठक में तीन प्रमुख एआई आधारित पहलों—मुख्यमंत्री डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (CM-DIP), हेल्थ एंड न्यूट्रिशन विजिलेंस सिस्टम (HNVS) तथा क्रिटिकल मिनरल्स एडमिनिस्ट्रेशन सिस्टम (CMAS)—पर विशेष बल दिया गया। इन पहलों के माध्यम से शासन, स्वास्थ्य सेवाओं एवं खनिज प्रशासन को आधुनिक डेटा विश्लेषण तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता के माध्यम से और अधिक सशक्त एवं प्रभावी बनाया जाएगा।

इस अवसर पर राज्य सरकार ने दीर्घकालिक डिजिटल विकास की दिशा में स्टेट एआई मिशन, झारखंड एआई क्लाउड, एआई इनोवेशन हब, एआई पार्क, एआई इनोवेशन जोन, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तथा एक समेकित स्टार्टअप एवं स्किलिंग इकोसिस्टम विकसित करने की भी घोषणा की। इन पहलों के माध्यम से अनुसंधान, नवाचार, उद्यमिता तथा उद्योग-अकादमिक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।

इस व्यापक डिजिटल परिवर्तन को गति देने के लिए राज्य सरकार ने आगामी पांच वर्षों में ₹1,150 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव रखा है। यह निवेश एआई अवसंरचना के विकास, डिजिटल क्षमताओं के विस्तार, नवाचार को प्रोत्साहन तथा विभिन्न विभागों में एआई के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने पर केंद्रित होगा।

बैठक में रांची में प्रस्तावित 100.97 एकड़ के आईटी पार्क की भी जानकारी साझा की गई, जिसे ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC), आईटी कंपनियों, स्टार्टअप्स एवं नवाचार आधारित उद्योगों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। विजन-2050 के अंतर्गत राज्य सरकार का लक्ष्य ₹10,000 करोड़ से अधिक निवेश आकर्षित करना, 50 से अधिक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करना, 1,000 से अधिक एआई स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना तथा एक लाख से अधिक एआई आधारित रोजगार के अवसर सृजित करना है।

रोडमैप में एआई शिक्षा, उन्नत कौशल विकास, शैक्षणिक संस्थानों के साथ साझेदारी तथा सरकारी अधिकारियों एवं युवाओं के क्षमता निर्माण पर भी विशेष बल दिया गया है, ताकि राज्य में भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष मानव संसाधन तैयार किया जा सके।

इस अवसर पर प्रौद्योगिकी कंपनियों, स्टार्टअप्स, शैक्षणिक संस्थानों, निवेशकों एवं उद्योग जगत से झारखंड के साथ साझेदारी करते हुए एआई आधारित सुशासन, डिजिटल अवसंरचना, नवाचार कार्यक्रमों तथा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के विकास में सहयोग प्रदान करने की अपेक्षा की गई ।

विजन-2050 के माध्यम से झारखंड को निवेश के लिए आकर्षक, तकनीक आधारित एवं भविष्य उन्मुख डिजिटल अर्थव्यवस्था के रूप में विकसित करने की रणनीति प्रस्तुत की गई है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, नवाचार, प्रभावी नीतिगत सुधार एवं रणनीतिक साझेदारियों के माध्यम से नागरिक केंद्रित सुशासन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाते हुए झारखंड को डिजिटल गवर्नेंस एवं प्रौद्योगिकी आधारित विकास के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

कोटक महिंद्रा बैंक के चेयरमैन व शाखा प्रबंधक की गिरफ्तारी के आदेश

राजस्व परिषद की बड़ी पहल: अब प्रमाणित स्कैन कॉपी से होगी न्यायिक कार्यवाही, मूल अभिलेख रहेंगे सुरक्षित
-  डिजिटल व्यवस्था से न्यायिक प्रक्रिया होगी तेज, पारदर्शी और समयबद्ध; विशेष परिस्थितियों में ही तलब होंगे मूल अभिलेख


लखनऊ। उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद ने न्यायिक प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, दक्ष और समयबद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब राजस्व परिषद के न्यायालयों में विचाराधीन मामलों में सामान्यतः मूल अभिलेखों के स्थान पर अधीनस्थ न्यायालयों द्वारा उपलब्ध कराई गई प्रमाणित पूर्ण स्कैन प्रति (Certified Complete Scanned Copy) के आधार पर ही न्यायिक कार्यवाही की जाएगी। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य मूल अभिलेखों का सुरक्षित संरक्षण सुनिश्चित करने के साथ-साथ न्यायिक प्रक्रिया को आधुनिक तकनीक से जोड़ना है।
राजस्व परिषद की अध्यक्ष श्रीमती अर्चना अग्रवाल के निर्देश पर यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। नई प्रणाली लागू होने से मूल अभिलेखों को बार-बार एक स्थान से दूसरे स्थान भेजने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, जिससे उनके क्षतिग्रस्त होने, गुम होने अथवा समय पर उपलब्ध न हो पाने जैसी समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।
नई व्यवस्था के तहत अधीनस्थ न्यायालयों को वाद से संबंधित प्रत्येक दस्तावेज, परिशिष्ट, मानचित्र, नोटशीट, आदेश पत्रक तथा अन्य सभी संलग्न अभिलेखों की क्रमवार एवं स्पष्ट स्कैन प्रति उपलब्ध करानी होगी। प्रत्येक स्कैन प्रति के साथ संबंधित राजस्व रिकॉर्ड कीपर (RRK) द्वारा विधिवत प्रमाणित प्रमाण-पत्र संलग्न करना भी अनिवार्य होगा।
राजस्व परिषद ने स्पष्ट किया है कि केवल विशेष परिस्थितियों में, जब न्यायालय लिखित कारण दर्ज करते हुए मूल अभिलेख प्रस्तुत करने का निर्देश देगा, तभी मूल पत्रावली मंगाई जाएगी। अन्य सभी मामलों में प्रमाणित स्कैन प्रतियों के आधार पर ही सुनवाई और अन्य न्यायिक कार्यवाही संपन्न होगी।
व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए यह भी प्रावधान किया गया है कि यदि किसी स्तर पर अपूर्ण, अस्पष्ट या अप्रमाणित स्कैन प्रति भेजी जाती है तो संबंधित राजस्व रिकॉर्ड कीपर (RRK) को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार मानते हुए उसके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
राजस्व परिषद ने सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नई व्यवस्था से तत्काल अवगत कराते हुए इसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। साथ ही, न्यायालयों द्वारा मांगी गई प्रमाणित स्कैन प्रतियां निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
राजस्व परिषद का मानना है कि यह पहल डिजिटल अभिलेख प्रबंधन प्रणाली को मजबूत करने, मूल अभिलेखों के दीर्घकालिक संरक्षण तथा न्यायिक कार्यप्रणाली को आधुनिक तकनीक के अनुरूप बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। भविष्य में CCMS पोर्टल के माध्यम से पूरी प्रक्रिया को पूर्णतः ऑनलाइन संचालित करने की भी तैयारी की जा रही है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया और अधिक सरल, पारदर्शी तथा प्रभावी बन सकेगी।
राजस्व परिषद की बड़ी पहल: अब प्रमाणित स्कैन कॉपी से होगी न्यायिक कार्यवाही, मूल अभिलेख रहेंगे सुरक्षित
-  डिजिटल व्यवस्था से न्यायिक प्रक्रिया होगी तेज, पारदर्शी और समयबद्ध; विशेष परिस्थितियों में ही तलब होंगे मूल अभिलेख


लखनऊ। उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद ने न्यायिक प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, दक्ष और समयबद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब राजस्व परिषद के न्यायालयों में विचाराधीन मामलों में सामान्यतः मूल अभिलेखों के स्थान पर अधीनस्थ न्यायालयों द्वारा उपलब्ध कराई गई प्रमाणित पूर्ण स्कैन प्रति (Certified Complete Scanned Copy) के आधार पर ही न्यायिक कार्यवाही की जाएगी। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य मूल अभिलेखों का सुरक्षित संरक्षण सुनिश्चित करने के साथ-साथ न्यायिक प्रक्रिया को आधुनिक तकनीक से जोड़ना है।
राजस्व परिषद की अध्यक्ष श्रीमती अर्चना अग्रवाल के निर्देश पर यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। नई प्रणाली लागू होने से मूल अभिलेखों को बार-बार एक स्थान से दूसरे स्थान भेजने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, जिससे उनके क्षतिग्रस्त होने, गुम होने अथवा समय पर उपलब्ध न हो पाने जैसी समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।
नई व्यवस्था के तहत अधीनस्थ न्यायालयों को वाद से संबंधित प्रत्येक दस्तावेज, परिशिष्ट, मानचित्र, नोटशीट, आदेश पत्रक तथा अन्य सभी संलग्न अभिलेखों की क्रमवार एवं स्पष्ट स्कैन प्रति उपलब्ध करानी होगी। प्रत्येक स्कैन प्रति के साथ संबंधित राजस्व रिकॉर्ड कीपर (RRK) द्वारा विधिवत प्रमाणित प्रमाण-पत्र संलग्न करना भी अनिवार्य होगा।
राजस्व परिषद ने स्पष्ट किया है कि केवल विशेष परिस्थितियों में, जब न्यायालय लिखित कारण दर्ज करते हुए मूल अभिलेख प्रस्तुत करने का निर्देश देगा, तभी मूल पत्रावली मंगाई जाएगी। अन्य सभी मामलों में प्रमाणित स्कैन प्रतियों के आधार पर ही सुनवाई और अन्य न्यायिक कार्यवाही संपन्न होगी।
व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए यह भी प्रावधान किया गया है कि यदि किसी स्तर पर अपूर्ण, अस्पष्ट या अप्रमाणित स्कैन प्रति भेजी जाती है तो संबंधित राजस्व रिकॉर्ड कीपर (RRK) को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार मानते हुए उसके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
राजस्व परिषद ने सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नई व्यवस्था से तत्काल अवगत कराते हुए इसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। साथ ही, न्यायालयों द्वारा मांगी गई प्रमाणित स्कैन प्रतियां निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
राजस्व परिषद का मानना है कि यह पहल डिजिटल अभिलेख प्रबंधन प्रणाली को मजबूत करने, मूल अभिलेखों के दीर्घकालिक संरक्षण तथा न्यायिक कार्यप्रणाली को आधुनिक तकनीक के अनुरूप बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। भविष्य में CCMS पोर्टल के माध्यम से पूरी प्रक्रिया को पूर्णतः ऑनलाइन संचालित करने की भी तैयारी की जा रही है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया और अधिक सरल, पारदर्शी तथा प्रभावी बन सकेगी।
Buying a Plot in Bellari: Best Plot Projects in Bellari

Why Invest in a Plot in Bellari?

Bellari (Ballari) is rapidly emerging as one of Karnataka’s promising real estate destinations. With growing infrastructure, improved connectivity, industrial development, educational institutions, and increasing demand for residential properties, investing in a plot in Bellari offers excellent long-term appreciation potential.

Among the premium plotted development projects in Bellari, Bluejay Anandavana and Amruth Atharva stand out as popular choices for homebuyers and investors seeking secure, well-planned township living.

Bluejay Anandavana Township Project

Bluejay Anandavana is a thoughtfully planned township designed to provide a balanced lifestyle with modern amenities and green surroundings. The project focuses on community living, open spaces, and future-ready infrastructure.

Key Highlights

  • Clubhouse with snooker club, gym, meditation lawn & other
  • Wide internal roads
  • Landscaped gardens and parks
  • Gated community security
  • Football & Cricket Field With Galley
  • Underground utilities
  • Investment-friendly location
  • Peaceful residential environment
  • Banquet Hall

Suitable For

  • Families planning to build a dream home
  • Long-term investors
  • NRIs looking for property in Bellari
  • First-time plot buyers

Amruth Atharva Township Project

Amruth Atharva is another premium plotted development in Bellari offering modern infrastructure and a township lifestyle. The project is designed to provide convenience, connectivity, and future growth opportunities.

Key Highlights

  • Wide roads and drainage system
  • Green spaces and community areas
  • Excellent connectivity to major city locations
  • Water and electricity provisions
  • Secure gated environment
  • High appreciation potential

Suitable For

  • Residential construction
  • Future investment
  • Rental housing development
  • Retirement planning

Advantages of Buying a Township Plot in Bellari

1. Better Infrastructure

Township projects offer planned roads, drainage systems, street lighting, water supply, and electricity connections, making them superior to standalone plots.

2. Higher Appreciation Potential

Well-developed townships often experience faster property value appreciation due to organized development and increasing demand.

3. Secure Environment

Most township projects feature gated entry, security personnel, and controlled access, ensuring safety for residents.

4. Community Living

Parks, walking tracks, clubhouses, and recreational facilities promote a healthy and social lifestyle.

5. Clear Documentation

Reputed township developers generally provide legally compliant projects with transparent documentation and approvals.

6. Better Resale Value

Plots in branded township projects often command higher resale demand compared to isolated plots.

Disadvantages of Buying a Township Plot

1. Higher Initial Cost

Township plots may be priced higher than independent plots because of infrastructure and amenities.

2. Maintenance Charges

Residents may need to pay periodic maintenance fees for common facilities and security.

3. Construction Guidelines

Some township projects impose building regulations regarding design, setbacks, and construction timelines.

4. Limited Customization

Community standards may restrict certain modifications compared to independent land ownership.

Bluejay Anandavana vs Amruth Atharva: Which Should You Choose?

Both projects offer excellent opportunities for plot investment in Bellari. Your decision should depend on:

  • Budget
  • Preferred location
  • Infrastructure requirements
  • Future appreciation expectations
  • Residential or investment purpose
  • Available amenities

If your priority is a premium township lifestyle with modern infrastructure, both projects deserve serious consideration. Site visits, document verification, and future development assessment should be conducted before making a final investment decision.

Conclusion

Investing in a plot in Bellari is a smart decision for buyers seeking long-term growth and secure land ownership. Projects like Bluejay Anandavana and Amruth Atharva offer the advantages of organized township living, better infrastructure, and promising appreciation potential.

Whether you’re planning to build your dream home or looking for a high-growth real estate investment, a township plot in Bellari can provide both lifestyle benefits and financial returns.

For more details visit website: www.ycoordinate.com

For site visit : https://ycoordinate.com/landing/anandavana-meta-v1/

✆+918548858687

नया जन सुविधा केंद्र जहाँ दूध की रखवाली करेगी बिल्लियां


जौनपुर। जौनपुर कलेक्ट्रेट में बुधवार को डीएम सैमुअल पॉल एन. और एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने सुबह 8 से रात 10 बजे तक चलने वाले ‘जन सुविधा केन्द्र’ का ढोल पीटकर शुभारंभ कर दिया। दावा बड़ा है - शिकायत दर्ज होते ही व्हाट्सएप से लेखपाल-कानूनगो को अलर्ट, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई, रोस्टरवार कर्मचारी, पुलिस की डबल शिफ्ट। डीएम ने लापरवाह अफसरों का ‘काला चिट्ठा’ बनाने की धमकी भी दे डाली। पर सवाल खून जमा देने वाला है - क्या यह भी ‘ढाक के तीन पात’ साबित होगा? जनसुनवाई पोर्टल, CM हेल्पलाइन, PMO-PG, थाना-तहसील दिवस - हर ‘समाधान’ का मंच पहले भी बना।

नतीजा? पोर्टल पर ‘निस्तारित’ का ठप्पा और जमीन पर पीड़ित की लाश सड़ती रही। असली कोढ़ है ‘आरोपी ही जांच अधिकारी’ का नंगा खेल। जनता दर्शन में CM योगी के हाथ में दिया पत्र हो या PMO की गुहार - हर फरियाद घूमकर उसी थाने, तहसील, ब्लॉक में दफन हो जाती है, जहां अत्याचारी धनबली मठाधीशों का साम्राज्य है। जांच उसी भ्रष्ट CO, SDM, दरोगा, लेखपाल, BDO, BSA के हवाले, जिस पर रिश्वत और गुंडागर्दी के आरोप हैं। वह फर्जी रिपोर्ट ठोंकता है, उल्टा पीड़ित को झूठे केस में फंसा देता है, या ‘कागजी निस्तारण’ का ढोंग रच देता है।

इसके पीछे वही ‘इच्छाधारी मठाधीश’ हैं जो हर सरकार में पाला बदलकर सत्ता की मलाई चाटते हैं। सरकार किसी की हो, इनका दबदबा अमर है। स्थानीय दलाल जनप्रतिनिधियों को घूस खिलाकर हर फाइल खरीद ली जाती है। भ्रष्टाचार का रेट-कार्ड खुला है - गरीब का खून चूसना और सरकारी खजाना लूटना। नीचे सिपाही से ऊपर मंत्री तक हर टेबल का प्रतिशत फिक्स है। रात 10 बजे तक शिकायत लेने से क्या होगा, जब सुबह 10 बजे वही भेड़िया फाइल दबा देगा? मुख्यमंत्री जी, आप जनता दर्शन में सिर झुकाकर फरियाद सुनते हो, पर अगली सुबह वही पत्र उसी कसाई के पास पहुंच जाता है।

जब तक ‘क्रॉस-डिस्ट्रिक्ट जांच’ अनिवार्य नहीं होगी, आरोपी अफसर को लात मारकर बाहर नहीं फेंका जाएगा, वीडियो रिकॉर्डिंग और पब्लिक ट्रैकिंग नहीं होगी - तब तक नया जन सुविधा केन्द्र भी पुराने पोर्टलों की तरह कागजी शेर ही रहेगा। पहले थाना-तहसील ब्लॉक का कोढ़ काटो, वरना ‘रामराज्य’ का ढोल पीटना बंद करो।
बैंक राज्य स्तर के निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति हेतु तत्परता से कार्य करें : जिलाधिकारी*
*समेकित ऋण योजना जमा अनुपात सहित अन्य सरकारी योजनाओं में बैंकों की असंतोषजनक कार्यशैली से शासन को अवगत कराएं


*बैंकों में लंबित आवेदनों के लिए टोल फ्री नंबर 14441 पर करें शिकायत

आरसेटी सलाहकार समिति, जिला स्तरीय पुनरीक्षण एवं सलाहकार समिति की बैठक संपन्न


फर्रुखाबाद l  "जिला स्तरीय आरसेटी सलाहकार समिति तथा जिला स्तरीय पुनरीक्षण एवं सलाहकार समिति" की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ अंकुर लाठर की अध्यक्षता में आयोजित की गई।बैठक में जिलाधिकारी ने उपस्थित बैंकों के जिला समन्वयकों को निर्देश दिए कि जनपद में कार्यरत सभी बैंक राज्य स्तर के निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति हेतु तत्परता से कार्य करें, जिससे आमजनमानस को सरकार द्वारा संचालित लोक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि समेकित ऋण योजना जमा अनुपात में जिन बैंकों एवं उनकी शाखों की प्रगति संतोषजनक नहीं है, उन बैंकों की दोषपूर्ण कार्यशैली से शासन को पत्राचार के माध्यम से अवगत कराएं। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को अधिक से अधिक ऋण स्वीकृत कर प्रगति आख्या पोर्टल पर अद्यतन करें। आरसेटी द्वारा आयोजित प्रशिक्षणों का विभिन्न माध्यमों से व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार कराएं। आरसेटी द्वारा वर्तमान समय तक जनपद में जो भी प्रशिक्षण प्रदान किए गए हैं उनका सत्यापन कराकर विवरण उपलब्ध कराएं।
बैठक में अग्रणी जिला बैंक प्रबंधक ने बैंकों में राज्य स्तर से संचालित विभिन्न योजनाओं की अब तक की प्रगति की जानकारी प्रदान करते हुए कहा कि जनपद स्तर पर संचालित विभिन्न बैंकों में समेकित ऋण जमानुपात 55.67 प्रतिशत है तथा बैंक ऑफ़ बड़ौदा, केनरा बैंक, इंडियन बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक एवं इंडियन ओवरसीज बैंकों ऋण जमानुपात प्रगति ठीक नहीं है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री जन धन योजना के अंतर्गत जनपद में कुल 814147 खाते सक्रिय है, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना में अब तक 13682 लाभार्थियों को 23339.3 लाख के ऋण वितरित किए गए हैं।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत 1389 लाभार्थियों को आच्छादित किया गया है। प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वनिधि योजना के तहत प्रथम ऋण योजना में 585, द्वितीय ऋण योजना में 236 एवं तृतीय ऋण योजना में 169 लाभार्थियों को लाभान्वित किया जा चुका है। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत 670935, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में 211050 एवं अटल पेंशन योजना में 104699 लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत 1829 आवेदन पत्र क्रेडिट लिंकेज के सापेक्ष बैंकों द्वारा 1508 प्रकरण स्वीकृत कर ऋण वितरित किए जा चुके हैं। सरकार द्वारा प्रायोजित ऋण योजनाओं में मुख्यमंत्री सूक्ष्म उन्नयन योजना के तहत 159, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत 93, एक जनपद एक उत्पाद योजना के तहत 33 लाभार्थियों को ऋण वितरित किए गए हैं।
आरसेटी सलाहकार समिति की बैठक में संबंधित अधिकारी ने बताया कि आरसेटी द्वारा जनपद में अब तक 330 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं, जिनमें 9126 लाभार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। बैठक में उपस्थित आरबीआई के प्रतिनिधि ने बैंक स्तर पर लंबित आवेदनों के निराकरण हेतु सुझाव प्रदान करते हुए कहा कि यदि कोई बैंक पात्र लाभार्थियों के आवेदन निराकरण में अनावश्यक रूप से बाधा उत्पन्न करता है, तो संबंधित आवेदक आरबीआई द्वारा जारी *टोल फ्री नंबर 14441 एवं आरबीआई की वेबसाइट तथा WWW.CMS.RBI.org.in* पर शिकायत दर्ज करा सकता हैं।समीक्षा बैठक के दौरान उपायुक्त जिला ग्राम विकास अभिकरण कपिल कुमार, उपायुक्त स्वतः रोजगार सुषमा, उपनिदेशक कृषि अरविंद मिश्रा, उपायुक्त उद्योग सोनल जिंदल सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
हेमन्त सोरेन ने हूल विद्रोह के महानायक अमर वीर शहीद सिदो-कान्हू को दी श्रद्धांजलि।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन एवं विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन आज हूल दिवस के अवसर पर मोरहाबादी, रांची स्थित सिदो-कान्हू उद्यान पहुंचकर हूल विद्रोह के महानायक अमर वीर शहीद सिदो-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

तुलसीपुर में 'मौत के क्लीनिक' पर स्वास्थ्य विभाग का हथौड़ा, नारायण क्लीनिक सील, झोलाछाप संचालक पर FIR!
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद जागा महकमा; बिना MBBS और सर्जन के चल रहा था 'जच्चा-बच्चा' की जान से खिलवाड़ का खेल

तुलसीपुर (बलरामपुर), 26 जून 2026
स्वास्थ्य व्यवस्था के नाम पर मासूम मरीजों की जिंदगी से जुआ खेलने वाले सिंडिकेट के खिलाफ जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। तुलसीपुर क्षेत्र में बिना किसी रजिस्ट्रेशन और बिना वैध डिग्री के धड़ल्ले से संचालित हो रहे 'नारायण क्लीनिक' को आज स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में पूरी तरह सील कर दिया। इस ताबड़तोड़ एक्शन से इलाके के झोलाछाप डॉक्टरों और अवैध अस्पताल संचालकों में हड़कंप मच गया है।
सोशल मीडिया पर खुलासे के बाद हरकत में आया विभाग
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर नारायण क्लीनिक के काले कारनामों और वहाँ हो रहे गलत इलाज का समाचार तेजी से वायरल हो रहा था। वायरल वीडियो और पोस्ट्स में यह गंभीर आरोप लगाए गए थे कि इस क्लीनिक में बिना किसी विशेषज्ञ MBBS डॉक्टर या सर्जन के, अनुभव विहीन लोग मरीजों को गुमराह कर उनका इलाज कर रहे हैं। इतना ही नहीं, यह भी बात सामने आई थी कि ऐसे अप्रशिक्षित लोगों के हाथों इलाज होने के कारण कई बार 'जच्चा-बच्चा' (गर्भवती महिलाओं और नवजातों) की जान पर बन आती है और मौत के मामले भी सामने आते हैं।
नोडल अधिकारी की संयुक्त टीम ने मारा छापा
सोशल मीडिया पर मामला गरमाने के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) ने इसका कड़ा संज्ञान लिया। सीएमओ के निर्देश पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं नोडल अधिकारी डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में एक संयुक्त जांच टीम का गठन किया गया। आज जब यह टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँची, तो क्लीनिक के भीतर हड़कंप मच गया। जांच में संचालक क्लीनिक के रजिस्ट्रेशन या अपनी मेडिकल डिग्री से जुड़ा एक भी कागज दिखाने में पूरी तरह नाकाम रहा।
सिफारिशें धरी की धरी रहीं, दर्ज हुआ मुकदमा
सूत्रों के मुताबिक, कार्रवाई को रुकवाने के लिए क्लीनिक संचालक ने रसूखदारों से फोन करवाकर तमाम प्रकार की सिफारिशें लगवाने की कोशिश की। लेकिन स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सख्त रुख अपनाते हुए क्लीनिक पर सरकारी ताला जड़ दिया। इसके साथ ही जनता की जान खतरे में डालने के आरोप में तुलसीपुर थाने में आरोपी संचालक के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज करा दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग की दोटूक चेतावनी:
"जनपद में किसी भी झोलाछाप या बिना डिग्री वाले व्यक्ति को क्लीनिक चलाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। जो भी नियमों का उल्लंघन करेगा, उसका ठिकाना जेल होगा। नारायण क्लीनिक को सील कर संचालक पर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।"
दलाली का आरोप लगाने वालों को करारा जवाब
नारायण क्लीनिक पर हुई इस सीलिंग ने उन तत्वों के मुंह पर भी तमाचा जड़ा है, जो अपनी कमियों को छुपाने के लिए सच उजागर करने वालों को ही 'दलाल' बताने लगते हैं। इस कार्रवाई ने साबित कर दिया है कि जब बिना कागजों के दुकान चलेगी और मरीजों को गुमराह किया जाएगा, तो कानून का डंडा इसी तरह बरसेगा।
Nirmal Enterprises Completes 16 Years of Trusted

Home Appliance Repair Services in Pune & PCMCPune, India: Modern homes depend on appliances that make everyday life easier, from

refrigerators and washing machines to kitchen chimneys and dishwashers. When these

essential appliances stop working, homeowners need a repair service they can trust. For the

last 16 years, Nirmal Enterprises has been helping families across Pune and

Pimpri-Chinchwad (PCMC) with professional home appliance repair, installation, and

maintenance services delivered directly at customers' doorsteps.

With a customer-focused approach and experienced technicians, Nirmal Enterprises has

established itself as a reliable service provider for a wide range of kitchen and household

appliances. The company believes that appliance servicing should be simple, transparent,

and hassle-free, ensuring customers receive quality repairs without unnecessary delays.

Doorstep Appliance Repair with Transparent Pricing

One of the biggest reasons behind the company's growing customer base is its convenient

doorstep service model. Customers simply contact the service team, explain the issue, and a

certified technician is assigned based on location.

After inspecting the appliance, the technician provides a detailed quotation before starting

any repair work. This transparent pricing system allows customers to understand the repair

cost in advance, helping them make informed decisions without worrying about hidden

charges.

Complete Solutions for Home & Kitchen Appliances

Over the years, Nirmal Enterprises has expanded its expertise to service multiple home

appliances from leading brands. The company offers repair, installation, and maintenance

services for:

● Kitchen Chimneys

● Built-in Hobs

● Gas Cooktops

● Cooking Ranges

● Dishwashers

● Refrigerators

● Washing Machines

● Built-in Ovens

● Built-in Microwaves

● Air Conditioners

Whether it's a cooling issue in a refrigerator, a dishwasher malfunction, or a chimney that

requires deep servicing, the company provides practical solutions designed to restore

appliances quickly and efficiently. Genuine Spare Parts and Certified Technicians

Quality repairs depend on both technical expertise and reliable replacement parts. According

to the company, every repair is carried out by trained professionals using genuine spare

parts wherever required.

This approach helps improve appliance performance while reducing the chances of recurring

issues. Customers also receive a service warranty, giving them additional confidence in the

repair process.

Preventive Maintenance for Long-Term Performance

Apart from emergency repairs, Nirmal Enterprises encourages homeowners to invest in

regular appliance maintenance. Preventive servicing helps improve efficiency, reduce

unexpected breakdowns, and extend the overall lifespan of appliances.

This is particularly beneficial for premium built-in kitchen appliances, which often require

specialized maintenance to ensure smooth performance over the years.

Customer Satisfaction Remains the Priority

Customer reviews consistently highlight prompt service, transparent pricing, professional

technicians, and timely repairs. Many homeowners appreciate the company's same-day

service availability and clear communication throughout the repair process.

Several long-term customers have also chosen annual maintenance services, allowing them

to keep multiple appliances in excellent working condition throughout the year.

Sharing Knowledge Beyond Repairs

In addition to providing repair services, Nirmal Enterprises regularly publishes helpful blogs

for homeowners. These articles cover practical maintenance tips, appliance care guides,

chimney cleaning methods, and recommendations that help customers maximize appliance

performance between professional service visits.

By educating customers, the company aims to reduce unnecessary breakdowns while

helping homeowners make better decisions about appliance maintenance.

Serving Pune and PCMC for 16 Years

Based in Kothrud, Nirmal Enterprises serves customers throughout Pune and

Pimpri-Chinchwad with seven-day service availability. As the demand for modern kitchen

appliances and premium built-in solutions continues to grow, the company remains

committed to delivering dependable repair services backed by experience, transparency,

and customer satisfaction.

With 16 years of industry experience, Nirmal Enterprises continues to strengthen its

reputation as one of Pune's trusted names in home appliance repair and maintenance. For more information visit: https://nirmal-enterprises.com/

झारखंड बनेगा देश का अग्रणी एआई राज्य: 5 साल में ₹1,150 करोड़ के निवेश के साथ सरकार ने जारी किया रोडमैप

नई दिल्ली, 09 जुलाई: नई दिल्ली के होटल ताज पैलेस में आयोजित दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन-2026 के दौरान झारखंड सरकार ने राज्य के डिजिटल परिवर्तन को गति देने तथा झारखंड को सार्वजनिक प्रशासन आधारित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के उद्देश्य से एक व्यापक रोडमैप प्रस्तुत किया।

राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत इस विजन का उद्देश्य शासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग एवं नागरिक सेवाओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करते हुए पारदर्शी, त्वरित, जवाबदेह एवं डेटा आधारित निर्णय प्रणाली विकसित करना है, ताकि आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण, प्रभावी एवं सुलभ सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

इस अवसर पर राज्य सरकार ने प्रस्तावित झारखंड कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) नीति 2026-2031 की रूपरेखा भी प्रस्तुत की। इस नीति के माध्यम से शासन, स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा, खनन, पर्यावरण संरक्षण तथा आपदा प्रबंधन सहित विभिन्न क्षेत्रों में एआई आधारित समाधान विकसित किए जाएंगे। साथ ही डेटा गोपनीयता, साइबर सुरक्षा, पारदर्शिता एवं जिम्मेदार तकनीकी उपयोग को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

सुशासन को और अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाने के लिए सरकार ने मुख्यमंत्री डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (CM-DIP) स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। यह एआई आधारित निर्णय सहायता प्रणाली विभिन्न सरकारी योजनाओं, आधारभूत संरचना परियोजनाओं तथा विभागीय कार्यों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित करेगी। इसके साथ ही बहुभाषी डिजिटल प्लेटफॉर्म, व्हाट्सएप आधारित नागरिक सेवाएं, डिजिटल शिकायत निवारण प्रणाली तथा पंचायत स्तर तक डिजिटल सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने की योजना भी प्रस्तुत की गई।

परामर्श बैठक में तीन प्रमुख एआई आधारित पहलों—मुख्यमंत्री डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (CM-DIP), हेल्थ एंड न्यूट्रिशन विजिलेंस सिस्टम (HNVS) तथा क्रिटिकल मिनरल्स एडमिनिस्ट्रेशन सिस्टम (CMAS)—पर विशेष बल दिया गया। इन पहलों के माध्यम से शासन, स्वास्थ्य सेवाओं एवं खनिज प्रशासन को आधुनिक डेटा विश्लेषण तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता के माध्यम से और अधिक सशक्त एवं प्रभावी बनाया जाएगा।

इस अवसर पर राज्य सरकार ने दीर्घकालिक डिजिटल विकास की दिशा में स्टेट एआई मिशन, झारखंड एआई क्लाउड, एआई इनोवेशन हब, एआई पार्क, एआई इनोवेशन जोन, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तथा एक समेकित स्टार्टअप एवं स्किलिंग इकोसिस्टम विकसित करने की भी घोषणा की। इन पहलों के माध्यम से अनुसंधान, नवाचार, उद्यमिता तथा उद्योग-अकादमिक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।

इस व्यापक डिजिटल परिवर्तन को गति देने के लिए राज्य सरकार ने आगामी पांच वर्षों में ₹1,150 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव रखा है। यह निवेश एआई अवसंरचना के विकास, डिजिटल क्षमताओं के विस्तार, नवाचार को प्रोत्साहन तथा विभिन्न विभागों में एआई के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने पर केंद्रित होगा।

बैठक में रांची में प्रस्तावित 100.97 एकड़ के आईटी पार्क की भी जानकारी साझा की गई, जिसे ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC), आईटी कंपनियों, स्टार्टअप्स एवं नवाचार आधारित उद्योगों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। विजन-2050 के अंतर्गत राज्य सरकार का लक्ष्य ₹10,000 करोड़ से अधिक निवेश आकर्षित करना, 50 से अधिक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करना, 1,000 से अधिक एआई स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना तथा एक लाख से अधिक एआई आधारित रोजगार के अवसर सृजित करना है।

रोडमैप में एआई शिक्षा, उन्नत कौशल विकास, शैक्षणिक संस्थानों के साथ साझेदारी तथा सरकारी अधिकारियों एवं युवाओं के क्षमता निर्माण पर भी विशेष बल दिया गया है, ताकि राज्य में भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष मानव संसाधन तैयार किया जा सके।

इस अवसर पर प्रौद्योगिकी कंपनियों, स्टार्टअप्स, शैक्षणिक संस्थानों, निवेशकों एवं उद्योग जगत से झारखंड के साथ साझेदारी करते हुए एआई आधारित सुशासन, डिजिटल अवसंरचना, नवाचार कार्यक्रमों तथा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के विकास में सहयोग प्रदान करने की अपेक्षा की गई ।

विजन-2050 के माध्यम से झारखंड को निवेश के लिए आकर्षक, तकनीक आधारित एवं भविष्य उन्मुख डिजिटल अर्थव्यवस्था के रूप में विकसित करने की रणनीति प्रस्तुत की गई है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, नवाचार, प्रभावी नीतिगत सुधार एवं रणनीतिक साझेदारियों के माध्यम से नागरिक केंद्रित सुशासन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाते हुए झारखंड को डिजिटल गवर्नेंस एवं प्रौद्योगिकी आधारित विकास के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

कोटक महिंद्रा बैंक के चेयरमैन व शाखा प्रबंधक की गिरफ्तारी के आदेश

राजस्व परिषद की बड़ी पहल: अब प्रमाणित स्कैन कॉपी से होगी न्यायिक कार्यवाही, मूल अभिलेख रहेंगे सुरक्षित
-  डिजिटल व्यवस्था से न्यायिक प्रक्रिया होगी तेज, पारदर्शी और समयबद्ध; विशेष परिस्थितियों में ही तलब होंगे मूल अभिलेख


लखनऊ। उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद ने न्यायिक प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, दक्ष और समयबद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब राजस्व परिषद के न्यायालयों में विचाराधीन मामलों में सामान्यतः मूल अभिलेखों के स्थान पर अधीनस्थ न्यायालयों द्वारा उपलब्ध कराई गई प्रमाणित पूर्ण स्कैन प्रति (Certified Complete Scanned Copy) के आधार पर ही न्यायिक कार्यवाही की जाएगी। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य मूल अभिलेखों का सुरक्षित संरक्षण सुनिश्चित करने के साथ-साथ न्यायिक प्रक्रिया को आधुनिक तकनीक से जोड़ना है।
राजस्व परिषद की अध्यक्ष श्रीमती अर्चना अग्रवाल के निर्देश पर यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। नई प्रणाली लागू होने से मूल अभिलेखों को बार-बार एक स्थान से दूसरे स्थान भेजने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, जिससे उनके क्षतिग्रस्त होने, गुम होने अथवा समय पर उपलब्ध न हो पाने जैसी समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।
नई व्यवस्था के तहत अधीनस्थ न्यायालयों को वाद से संबंधित प्रत्येक दस्तावेज, परिशिष्ट, मानचित्र, नोटशीट, आदेश पत्रक तथा अन्य सभी संलग्न अभिलेखों की क्रमवार एवं स्पष्ट स्कैन प्रति उपलब्ध करानी होगी। प्रत्येक स्कैन प्रति के साथ संबंधित राजस्व रिकॉर्ड कीपर (RRK) द्वारा विधिवत प्रमाणित प्रमाण-पत्र संलग्न करना भी अनिवार्य होगा।
राजस्व परिषद ने स्पष्ट किया है कि केवल विशेष परिस्थितियों में, जब न्यायालय लिखित कारण दर्ज करते हुए मूल अभिलेख प्रस्तुत करने का निर्देश देगा, तभी मूल पत्रावली मंगाई जाएगी। अन्य सभी मामलों में प्रमाणित स्कैन प्रतियों के आधार पर ही सुनवाई और अन्य न्यायिक कार्यवाही संपन्न होगी।
व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए यह भी प्रावधान किया गया है कि यदि किसी स्तर पर अपूर्ण, अस्पष्ट या अप्रमाणित स्कैन प्रति भेजी जाती है तो संबंधित राजस्व रिकॉर्ड कीपर (RRK) को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार मानते हुए उसके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
राजस्व परिषद ने सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नई व्यवस्था से तत्काल अवगत कराते हुए इसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। साथ ही, न्यायालयों द्वारा मांगी गई प्रमाणित स्कैन प्रतियां निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
राजस्व परिषद का मानना है कि यह पहल डिजिटल अभिलेख प्रबंधन प्रणाली को मजबूत करने, मूल अभिलेखों के दीर्घकालिक संरक्षण तथा न्यायिक कार्यप्रणाली को आधुनिक तकनीक के अनुरूप बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। भविष्य में CCMS पोर्टल के माध्यम से पूरी प्रक्रिया को पूर्णतः ऑनलाइन संचालित करने की भी तैयारी की जा रही है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया और अधिक सरल, पारदर्शी तथा प्रभावी बन सकेगी।
राजस्व परिषद की बड़ी पहल: अब प्रमाणित स्कैन कॉपी से होगी न्यायिक कार्यवाही, मूल अभिलेख रहेंगे सुरक्षित
-  डिजिटल व्यवस्था से न्यायिक प्रक्रिया होगी तेज, पारदर्शी और समयबद्ध; विशेष परिस्थितियों में ही तलब होंगे मूल अभिलेख


लखनऊ। उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद ने न्यायिक प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, दक्ष और समयबद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब राजस्व परिषद के न्यायालयों में विचाराधीन मामलों में सामान्यतः मूल अभिलेखों के स्थान पर अधीनस्थ न्यायालयों द्वारा उपलब्ध कराई गई प्रमाणित पूर्ण स्कैन प्रति (Certified Complete Scanned Copy) के आधार पर ही न्यायिक कार्यवाही की जाएगी। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य मूल अभिलेखों का सुरक्षित संरक्षण सुनिश्चित करने के साथ-साथ न्यायिक प्रक्रिया को आधुनिक तकनीक से जोड़ना है।
राजस्व परिषद की अध्यक्ष श्रीमती अर्चना अग्रवाल के निर्देश पर यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। नई प्रणाली लागू होने से मूल अभिलेखों को बार-बार एक स्थान से दूसरे स्थान भेजने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, जिससे उनके क्षतिग्रस्त होने, गुम होने अथवा समय पर उपलब्ध न हो पाने जैसी समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।
नई व्यवस्था के तहत अधीनस्थ न्यायालयों को वाद से संबंधित प्रत्येक दस्तावेज, परिशिष्ट, मानचित्र, नोटशीट, आदेश पत्रक तथा अन्य सभी संलग्न अभिलेखों की क्रमवार एवं स्पष्ट स्कैन प्रति उपलब्ध करानी होगी। प्रत्येक स्कैन प्रति के साथ संबंधित राजस्व रिकॉर्ड कीपर (RRK) द्वारा विधिवत प्रमाणित प्रमाण-पत्र संलग्न करना भी अनिवार्य होगा।
राजस्व परिषद ने स्पष्ट किया है कि केवल विशेष परिस्थितियों में, जब न्यायालय लिखित कारण दर्ज करते हुए मूल अभिलेख प्रस्तुत करने का निर्देश देगा, तभी मूल पत्रावली मंगाई जाएगी। अन्य सभी मामलों में प्रमाणित स्कैन प्रतियों के आधार पर ही सुनवाई और अन्य न्यायिक कार्यवाही संपन्न होगी।
व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए यह भी प्रावधान किया गया है कि यदि किसी स्तर पर अपूर्ण, अस्पष्ट या अप्रमाणित स्कैन प्रति भेजी जाती है तो संबंधित राजस्व रिकॉर्ड कीपर (RRK) को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार मानते हुए उसके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
राजस्व परिषद ने सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नई व्यवस्था से तत्काल अवगत कराते हुए इसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। साथ ही, न्यायालयों द्वारा मांगी गई प्रमाणित स्कैन प्रतियां निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
राजस्व परिषद का मानना है कि यह पहल डिजिटल अभिलेख प्रबंधन प्रणाली को मजबूत करने, मूल अभिलेखों के दीर्घकालिक संरक्षण तथा न्यायिक कार्यप्रणाली को आधुनिक तकनीक के अनुरूप बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। भविष्य में CCMS पोर्टल के माध्यम से पूरी प्रक्रिया को पूर्णतः ऑनलाइन संचालित करने की भी तैयारी की जा रही है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया और अधिक सरल, पारदर्शी तथा प्रभावी बन सकेगी।
Buying a Plot in Bellari: Best Plot Projects in Bellari

Why Invest in a Plot in Bellari?

Bellari (Ballari) is rapidly emerging as one of Karnataka’s promising real estate destinations. With growing infrastructure, improved connectivity, industrial development, educational institutions, and increasing demand for residential properties, investing in a plot in Bellari offers excellent long-term appreciation potential.

Among the premium plotted development projects in Bellari, Bluejay Anandavana and Amruth Atharva stand out as popular choices for homebuyers and investors seeking secure, well-planned township living.

Bluejay Anandavana Township Project

Bluejay Anandavana is a thoughtfully planned township designed to provide a balanced lifestyle with modern amenities and green surroundings. The project focuses on community living, open spaces, and future-ready infrastructure.

Key Highlights

  • Clubhouse with snooker club, gym, meditation lawn & other
  • Wide internal roads
  • Landscaped gardens and parks
  • Gated community security
  • Football & Cricket Field With Galley
  • Underground utilities
  • Investment-friendly location
  • Peaceful residential environment
  • Banquet Hall

Suitable For

  • Families planning to build a dream home
  • Long-term investors
  • NRIs looking for property in Bellari
  • First-time plot buyers

Amruth Atharva Township Project

Amruth Atharva is another premium plotted development in Bellari offering modern infrastructure and a township lifestyle. The project is designed to provide convenience, connectivity, and future growth opportunities.

Key Highlights

  • Wide roads and drainage system
  • Green spaces and community areas
  • Excellent connectivity to major city locations
  • Water and electricity provisions
  • Secure gated environment
  • High appreciation potential

Suitable For

  • Residential construction
  • Future investment
  • Rental housing development
  • Retirement planning

Advantages of Buying a Township Plot in Bellari

1. Better Infrastructure

Township projects offer planned roads, drainage systems, street lighting, water supply, and electricity connections, making them superior to standalone plots.

2. Higher Appreciation Potential

Well-developed townships often experience faster property value appreciation due to organized development and increasing demand.

3. Secure Environment

Most township projects feature gated entry, security personnel, and controlled access, ensuring safety for residents.

4. Community Living

Parks, walking tracks, clubhouses, and recreational facilities promote a healthy and social lifestyle.

5. Clear Documentation

Reputed township developers generally provide legally compliant projects with transparent documentation and approvals.

6. Better Resale Value

Plots in branded township projects often command higher resale demand compared to isolated plots.

Disadvantages of Buying a Township Plot

1. Higher Initial Cost

Township plots may be priced higher than independent plots because of infrastructure and amenities.

2. Maintenance Charges

Residents may need to pay periodic maintenance fees for common facilities and security.

3. Construction Guidelines

Some township projects impose building regulations regarding design, setbacks, and construction timelines.

4. Limited Customization

Community standards may restrict certain modifications compared to independent land ownership.

Bluejay Anandavana vs Amruth Atharva: Which Should You Choose?

Both projects offer excellent opportunities for plot investment in Bellari. Your decision should depend on:

  • Budget
  • Preferred location
  • Infrastructure requirements
  • Future appreciation expectations
  • Residential or investment purpose
  • Available amenities

If your priority is a premium township lifestyle with modern infrastructure, both projects deserve serious consideration. Site visits, document verification, and future development assessment should be conducted before making a final investment decision.

Conclusion

Investing in a plot in Bellari is a smart decision for buyers seeking long-term growth and secure land ownership. Projects like Bluejay Anandavana and Amruth Atharva offer the advantages of organized township living, better infrastructure, and promising appreciation potential.

Whether you’re planning to build your dream home or looking for a high-growth real estate investment, a township plot in Bellari can provide both lifestyle benefits and financial returns.

For more details visit website: www.ycoordinate.com

For site visit : https://ycoordinate.com/landing/anandavana-meta-v1/

✆+918548858687

नया जन सुविधा केंद्र जहाँ दूध की रखवाली करेगी बिल्लियां


जौनपुर। जौनपुर कलेक्ट्रेट में बुधवार को डीएम सैमुअल पॉल एन. और एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने सुबह 8 से रात 10 बजे तक चलने वाले ‘जन सुविधा केन्द्र’ का ढोल पीटकर शुभारंभ कर दिया। दावा बड़ा है - शिकायत दर्ज होते ही व्हाट्सएप से लेखपाल-कानूनगो को अलर्ट, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई, रोस्टरवार कर्मचारी, पुलिस की डबल शिफ्ट। डीएम ने लापरवाह अफसरों का ‘काला चिट्ठा’ बनाने की धमकी भी दे डाली। पर सवाल खून जमा देने वाला है - क्या यह भी ‘ढाक के तीन पात’ साबित होगा? जनसुनवाई पोर्टल, CM हेल्पलाइन, PMO-PG, थाना-तहसील दिवस - हर ‘समाधान’ का मंच पहले भी बना।

नतीजा? पोर्टल पर ‘निस्तारित’ का ठप्पा और जमीन पर पीड़ित की लाश सड़ती रही। असली कोढ़ है ‘आरोपी ही जांच अधिकारी’ का नंगा खेल। जनता दर्शन में CM योगी के हाथ में दिया पत्र हो या PMO की गुहार - हर फरियाद घूमकर उसी थाने, तहसील, ब्लॉक में दफन हो जाती है, जहां अत्याचारी धनबली मठाधीशों का साम्राज्य है। जांच उसी भ्रष्ट CO, SDM, दरोगा, लेखपाल, BDO, BSA के हवाले, जिस पर रिश्वत और गुंडागर्दी के आरोप हैं। वह फर्जी रिपोर्ट ठोंकता है, उल्टा पीड़ित को झूठे केस में फंसा देता है, या ‘कागजी निस्तारण’ का ढोंग रच देता है।

इसके पीछे वही ‘इच्छाधारी मठाधीश’ हैं जो हर सरकार में पाला बदलकर सत्ता की मलाई चाटते हैं। सरकार किसी की हो, इनका दबदबा अमर है। स्थानीय दलाल जनप्रतिनिधियों को घूस खिलाकर हर फाइल खरीद ली जाती है। भ्रष्टाचार का रेट-कार्ड खुला है - गरीब का खून चूसना और सरकारी खजाना लूटना। नीचे सिपाही से ऊपर मंत्री तक हर टेबल का प्रतिशत फिक्स है। रात 10 बजे तक शिकायत लेने से क्या होगा, जब सुबह 10 बजे वही भेड़िया फाइल दबा देगा? मुख्यमंत्री जी, आप जनता दर्शन में सिर झुकाकर फरियाद सुनते हो, पर अगली सुबह वही पत्र उसी कसाई के पास पहुंच जाता है।

जब तक ‘क्रॉस-डिस्ट्रिक्ट जांच’ अनिवार्य नहीं होगी, आरोपी अफसर को लात मारकर बाहर नहीं फेंका जाएगा, वीडियो रिकॉर्डिंग और पब्लिक ट्रैकिंग नहीं होगी - तब तक नया जन सुविधा केन्द्र भी पुराने पोर्टलों की तरह कागजी शेर ही रहेगा। पहले थाना-तहसील ब्लॉक का कोढ़ काटो, वरना ‘रामराज्य’ का ढोल पीटना बंद करो।
बैंक राज्य स्तर के निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति हेतु तत्परता से कार्य करें : जिलाधिकारी*
*समेकित ऋण योजना जमा अनुपात सहित अन्य सरकारी योजनाओं में बैंकों की असंतोषजनक कार्यशैली से शासन को अवगत कराएं


*बैंकों में लंबित आवेदनों के लिए टोल फ्री नंबर 14441 पर करें शिकायत

आरसेटी सलाहकार समिति, जिला स्तरीय पुनरीक्षण एवं सलाहकार समिति की बैठक संपन्न


फर्रुखाबाद l  "जिला स्तरीय आरसेटी सलाहकार समिति तथा जिला स्तरीय पुनरीक्षण एवं सलाहकार समिति" की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ अंकुर लाठर की अध्यक्षता में आयोजित की गई।बैठक में जिलाधिकारी ने उपस्थित बैंकों के जिला समन्वयकों को निर्देश दिए कि जनपद में कार्यरत सभी बैंक राज्य स्तर के निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति हेतु तत्परता से कार्य करें, जिससे आमजनमानस को सरकार द्वारा संचालित लोक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि समेकित ऋण योजना जमा अनुपात में जिन बैंकों एवं उनकी शाखों की प्रगति संतोषजनक नहीं है, उन बैंकों की दोषपूर्ण कार्यशैली से शासन को पत्राचार के माध्यम से अवगत कराएं। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को अधिक से अधिक ऋण स्वीकृत कर प्रगति आख्या पोर्टल पर अद्यतन करें। आरसेटी द्वारा आयोजित प्रशिक्षणों का विभिन्न माध्यमों से व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार कराएं। आरसेटी द्वारा वर्तमान समय तक जनपद में जो भी प्रशिक्षण प्रदान किए गए हैं उनका सत्यापन कराकर विवरण उपलब्ध कराएं।
बैठक में अग्रणी जिला बैंक प्रबंधक ने बैंकों में राज्य स्तर से संचालित विभिन्न योजनाओं की अब तक की प्रगति की जानकारी प्रदान करते हुए कहा कि जनपद स्तर पर संचालित विभिन्न बैंकों में समेकित ऋण जमानुपात 55.67 प्रतिशत है तथा बैंक ऑफ़ बड़ौदा, केनरा बैंक, इंडियन बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक एवं इंडियन ओवरसीज बैंकों ऋण जमानुपात प्रगति ठीक नहीं है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री जन धन योजना के अंतर्गत जनपद में कुल 814147 खाते सक्रिय है, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना में अब तक 13682 लाभार्थियों को 23339.3 लाख के ऋण वितरित किए गए हैं।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत 1389 लाभार्थियों को आच्छादित किया गया है। प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वनिधि योजना के तहत प्रथम ऋण योजना में 585, द्वितीय ऋण योजना में 236 एवं तृतीय ऋण योजना में 169 लाभार्थियों को लाभान्वित किया जा चुका है। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत 670935, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में 211050 एवं अटल पेंशन योजना में 104699 लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत 1829 आवेदन पत्र क्रेडिट लिंकेज के सापेक्ष बैंकों द्वारा 1508 प्रकरण स्वीकृत कर ऋण वितरित किए जा चुके हैं। सरकार द्वारा प्रायोजित ऋण योजनाओं में मुख्यमंत्री सूक्ष्म उन्नयन योजना के तहत 159, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत 93, एक जनपद एक उत्पाद योजना के तहत 33 लाभार्थियों को ऋण वितरित किए गए हैं।
आरसेटी सलाहकार समिति की बैठक में संबंधित अधिकारी ने बताया कि आरसेटी द्वारा जनपद में अब तक 330 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं, जिनमें 9126 लाभार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। बैठक में उपस्थित आरबीआई के प्रतिनिधि ने बैंक स्तर पर लंबित आवेदनों के निराकरण हेतु सुझाव प्रदान करते हुए कहा कि यदि कोई बैंक पात्र लाभार्थियों के आवेदन निराकरण में अनावश्यक रूप से बाधा उत्पन्न करता है, तो संबंधित आवेदक आरबीआई द्वारा जारी *टोल फ्री नंबर 14441 एवं आरबीआई की वेबसाइट तथा WWW.CMS.RBI.org.in* पर शिकायत दर्ज करा सकता हैं।समीक्षा बैठक के दौरान उपायुक्त जिला ग्राम विकास अभिकरण कपिल कुमार, उपायुक्त स्वतः रोजगार सुषमा, उपनिदेशक कृषि अरविंद मिश्रा, उपायुक्त उद्योग सोनल जिंदल सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
हेमन्त सोरेन ने हूल विद्रोह के महानायक अमर वीर शहीद सिदो-कान्हू को दी श्रद्धांजलि।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन एवं विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन आज हूल दिवस के अवसर पर मोरहाबादी, रांची स्थित सिदो-कान्हू उद्यान पहुंचकर हूल विद्रोह के महानायक अमर वीर शहीद सिदो-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

तुलसीपुर में 'मौत के क्लीनिक' पर स्वास्थ्य विभाग का हथौड़ा, नारायण क्लीनिक सील, झोलाछाप संचालक पर FIR!
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद जागा महकमा; बिना MBBS और सर्जन के चल रहा था 'जच्चा-बच्चा' की जान से खिलवाड़ का खेल

तुलसीपुर (बलरामपुर), 26 जून 2026
स्वास्थ्य व्यवस्था के नाम पर मासूम मरीजों की जिंदगी से जुआ खेलने वाले सिंडिकेट के खिलाफ जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। तुलसीपुर क्षेत्र में बिना किसी रजिस्ट्रेशन और बिना वैध डिग्री के धड़ल्ले से संचालित हो रहे 'नारायण क्लीनिक' को आज स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में पूरी तरह सील कर दिया। इस ताबड़तोड़ एक्शन से इलाके के झोलाछाप डॉक्टरों और अवैध अस्पताल संचालकों में हड़कंप मच गया है।
सोशल मीडिया पर खुलासे के बाद हरकत में आया विभाग
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर नारायण क्लीनिक के काले कारनामों और वहाँ हो रहे गलत इलाज का समाचार तेजी से वायरल हो रहा था। वायरल वीडियो और पोस्ट्स में यह गंभीर आरोप लगाए गए थे कि इस क्लीनिक में बिना किसी विशेषज्ञ MBBS डॉक्टर या सर्जन के, अनुभव विहीन लोग मरीजों को गुमराह कर उनका इलाज कर रहे हैं। इतना ही नहीं, यह भी बात सामने आई थी कि ऐसे अप्रशिक्षित लोगों के हाथों इलाज होने के कारण कई बार 'जच्चा-बच्चा' (गर्भवती महिलाओं और नवजातों) की जान पर बन आती है और मौत के मामले भी सामने आते हैं।
नोडल अधिकारी की संयुक्त टीम ने मारा छापा
सोशल मीडिया पर मामला गरमाने के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) ने इसका कड़ा संज्ञान लिया। सीएमओ के निर्देश पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं नोडल अधिकारी डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में एक संयुक्त जांच टीम का गठन किया गया। आज जब यह टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँची, तो क्लीनिक के भीतर हड़कंप मच गया। जांच में संचालक क्लीनिक के रजिस्ट्रेशन या अपनी मेडिकल डिग्री से जुड़ा एक भी कागज दिखाने में पूरी तरह नाकाम रहा।
सिफारिशें धरी की धरी रहीं, दर्ज हुआ मुकदमा
सूत्रों के मुताबिक, कार्रवाई को रुकवाने के लिए क्लीनिक संचालक ने रसूखदारों से फोन करवाकर तमाम प्रकार की सिफारिशें लगवाने की कोशिश की। लेकिन स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सख्त रुख अपनाते हुए क्लीनिक पर सरकारी ताला जड़ दिया। इसके साथ ही जनता की जान खतरे में डालने के आरोप में तुलसीपुर थाने में आरोपी संचालक के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज करा दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग की दोटूक चेतावनी:
"जनपद में किसी भी झोलाछाप या बिना डिग्री वाले व्यक्ति को क्लीनिक चलाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। जो भी नियमों का उल्लंघन करेगा, उसका ठिकाना जेल होगा। नारायण क्लीनिक को सील कर संचालक पर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।"
दलाली का आरोप लगाने वालों को करारा जवाब
नारायण क्लीनिक पर हुई इस सीलिंग ने उन तत्वों के मुंह पर भी तमाचा जड़ा है, जो अपनी कमियों को छुपाने के लिए सच उजागर करने वालों को ही 'दलाल' बताने लगते हैं। इस कार्रवाई ने साबित कर दिया है कि जब बिना कागजों के दुकान चलेगी और मरीजों को गुमराह किया जाएगा, तो कानून का डंडा इसी तरह बरसेगा।