Soummodeep Dey Appointed National Coordinator of Janata Congress Party, Set to Lead Youth Mobilisation Drive

Jamshedpur/New Delhi: In a move that signals a fresh push for youth-driven politics, the Janata Congress Party (JCP) has elevated Soummodeep Dey, a Jamshedpur-based social worker and youth activist, to the position of National Coordinator. The appointment, confirmed by the party's central leadership, marks a significant step up from his earlier role as the party's National Youth Coordinator and places him at the heart of JCP's organisational expansion across the country.Dey's rise within the party has been steady. Barely months after taking charge of the youth wing under the "People First, Nation First, India First" banner, he has now been handed a broader mandate that goes beyond youth mobilisation to include strengthening the party's central committee structure. Party insiders say the decision reflects growing confidence in his ability to build grassroots networks and translate organisational directives into on-ground action.

"This is not just a position, it is a responsibility to build the organisation across the country and give the voice of the youth a new direction," Dey said following the announcement. He added that his immediate priorities would be organisational expansion, deeper youth participation, and highlighting issues that directly affect ordinary citizens.

A Background Rooted in Service

Dey's political journey did not begin with the Janata Congress Party. Hailing from Jamshedpur, Jharkhand, he first built a public profile through the Netaji Subhash Chandra Bose Seva Samiti, a community welfare organisation he founded that has been active in blood donation drives, cleanliness campaigns, disaster relief, and support for the underprivileged. The organisation's consistent work in the region earned Dey the Subhash Chandra Bose Icon Award 2025, a recognition of his contribution to social welfare and community development.

Before joining JCP, Dey was also associated with the National Students' Union of India, where he served as State Vice-Chairman of the Social Media Committee for Odisha. During his tenure, he was part of the coordination team for the Bharat Jodo Nyay Yatra in Odisha and held responsibilities within the University President NSUI campus committee, giving him early exposure to large-scale organisational coordination and student politics.

On the academic front, Dey holds a degree in Mechanical Engineering and an MBA specialising in Human Resources and Marketing, a combination that party colleagues say has shaped his structured approach to organisational planning.

Party's Push for Youth Leadership

The Janata Congress Party, which has been steadily expanding its footprint, has framed the appointment as part of a larger strategy to bring younger voices into decision-making roles ahead of upcoming state elections, including in Manipur and Goa. The party has also been vocal on regional and cross-border issues, recently expressing solidarity with flood and landslide-affected communities in Nepal, an initiative in which Dey featured prominently as the face of the party's outreach.

Party leadership, in its formal note of congratulations, said it appreciated Dey's trust, passion, and dedication toward youth and the nation, adding that his leadership was expected to help empower young people and position them at the forefront of nation-building efforts.

What Comes Next

With the appointment now official, attention turns to how quickly Dey can translate his organisational experience into visible results for JCP. His task list includes expanding the party's presence in states where it currently has limited structure, strengthening the central committee, and ensuring that youth engagement extends beyond social media messaging into active ground mobilisation.

For a party still building its national identity, the choice of a coordinator with a background in both grassroots social work and structured student politics appears deliberate. Whether this translates into electoral traction remains to be seen, but for now, the appointment has generated visible enthusiasm among party supporters and workers who see it as evidence of the party's willingness to invest in younger leadership.

Soummodeep Dey's appointment as National Coordinator adds a new chapter to a career that has moved from community service in Jamshedpur to student politics in Odisha and now to a national role within the Janata Congress Party's organisational framework.

For more information You can Visit on Instagram:

https://www.instagram.com/soummo_deep_dey?igsi=Z2FwaWlhbWNsems0

 

 

मेलोनी बनीं इटली की सबसे लंबे समय तक रहने वाली पीएम, पीएम मोदी ने दी बधाई

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इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने राजनीतिक में एक खास मुकाम हासिल किया है।मेलोनी ने देश के द्वितीय विश्व युद्ध के बाद के इतिहास में लगातार सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड बनाया है। प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को बधाई दी। पीएम मोदी ने उनके उज्ज्वल भविष्य और आगे की सफलता के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

पीएम मोदी ने दी सफलता के लिए शुभकामनाएं

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर पोस्ट में लिखा, ‘मेरी मित्र प्रधानमंत्री मेलोनी को इटली के युद्धोत्तर इतिहास की सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाली प्रधानमंत्री बनने पर हार्दिक बधाई। यह उपलब्धि उनके नेतृत्व में इटली की जनता के विश्वास और भरोसे को दर्शाती है।’ उन्होंने कहा, ‘उनकी दोस्ती ने भारत-इटली विशेष रणनीतिक साझेदारी को मजबूत बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। मैं दोनों देशों के लोगों के लिए समृद्ध भविष्य बनाने हेतु हमारे करीबी सहयोग को आगे बढ़ाने का इंतजार कर रहा हूं। आने वाले वर्षों में उनकी निरंतर सफलता के लिए मेरी शुभकामनाएं।’

जुलाई में पीएम मोदी ने रचा था इतिहास

इससे पहले जुलाई में मेलोनी ने भी प्रधानमंत्री मोदी को भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी थी। उन्होंने दोनों देशों के लोगों के लिए नए अवसर बनाने के लिए साथ काम करने की इच्छा भी जताई थी। उस समय सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्‍स’ पर मेलोनी ने लिखा था, ‘पीएम मोदी को बधाई, जो आज भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं। हाल के हफ्तों में रोम में उनसे फिर मुलाकात करना खुशी की बात रही। हमने मिलकर एक ऐसी विशेष रणनीतिक साझेदारी की शुरुआत की है, जो भविष्य को ध्यान में रखते हुए हमारे देशों और हमारे लोगों के लिए नए अवसर पैदा करेगी।’

मेलोनी की सरकार ने लगातार 1,413 दिन पूरे किए

जॉर्जिया मेलोनी ने 22 अक्टूबर 2022 को इटली की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में पद संभाला था। उनकी सरकार ने आज लगातार 1,413 दिन पूरे कर लिए हैं और बेनिटो मुसोलिनी की तानाशाही के बाद इटली गणराज्य के इतिहास में सबसे लंबे समय तक चलने वाली सरकार बन गई है। जॉर्जिया मेलोनी की पार्टी 'ब्रदर्स ऑफ इटली' इस मौके पर दक्षिणी इटली के बारी शहर में एक रैली कर रही है जिसमें हजारों समर्थकों के जुटे हैं। जॉर्जिया मेलोनी एड्रियाटिक सागर के नजारे वाले मंच से रैली को संबोधित करेंगी। इस रैली का नारा है 'सबसे स्थिर सरकार, एक मजबूत इटली'।

जनपद मऊ -: फोन खो जाए या चोरी हो जाए तो UPI, SIM और बैंक अकाउंट को तुरंत कैसे सुरक्षित करें? जानें 5 जरूरी कदम

फोन खो जाए या चोरी हो जाए तो तुरंत क्या करें?

आज के डिजिटल युग में स्मार्टफोन केवल कॉल और इंटरनेट चलाने का माध्यम नहीं है। हमारे फोन में UPI ऐप्स, मोबाइल बैंकिंग, ईमेल, सोशल मीडिया, OTP और निजी दस्तावेजों जैसी महत्वपूर्ण जानकारी मौजूद रहती है।

ऐसे में फोन खो जाने या चोरी हो जाने पर सबसे बड़ा खतरा केवल फोन के नुकसान का नहीं, बल्कि उससे जुड़े बैंक अकाउंट, UPI, SIM और ऑनलाइन अकाउंट के दुरुपयोग का भी होता है।

इसलिए फोन खोने के बाद घबराने के बजाय कुछ जरूरी कदम तुरंत और सही क्रम में उठाने चाहिए।

1. फोन को तुरंत Remote Lock करें

फोन खोने के बाद सबसे पहले किसी दूसरे मोबाइल या कंप्यूटर से अपने डिवाइस को Remote Lock करने का प्रयास करें।
Android और iPhone दोनों में डिवाइस को खोजने तथा लॉक करने की सुविधाएं उपलब्ध हैं। यदि फोन वापस मिलने की संभावना कम है और उसमें संवेदनशील व्यक्तिगत या वित्तीय जानकारी मौजूद है, तो उपलब्ध होने पर Remote Erase विकल्प का इस्तेमाल किया जा सकता है।
ध्यान रखें कि फोन को रिमोटली लॉक या erase करने के बाद भी अपने महत्वपूर्ण ऑनलाइन अकाउंट्स की सुरक्षा के लिए आगे के कदम जरूर उठाएं।

2. UPI और Mobile Banking को तुरंत सुरक्षित करें

फोन खोने के बाद UPI और मोबाइल बैंकिंग को प्राथमिकता से सुरक्षित करना चाहिए।
अपनी बैंक की आधिकारिक वेबसाइट, ऐप या आधिकारिक Customer Care के माध्यम से बैंक को फोन खोने की जानकारी दें। आवश्यकता पड़ने पर:
* Mobile Banking को अस्थायी रूप से ब्लॉक करवाएं।
* UPI सेवा या संबंधित UPI प्रोफाइल को सुरक्षित करवाएं।
* कार्ड/बैंकिंग credentials के दुरुपयोग की आशंका हो तो बैंक को तुरंत सूचित करें।
* अपने बैंक खाते के transactions पर नजर रखें।
* कोई अनजान transaction दिखाई दे तो तुरंत बैंक को रिपोर्ट करें।
महत्वपूर्ण: बैंक से संपर्क करने के लिए इंटरनेट पर मिले किसी अनजान नंबर पर कॉल न करें। केवल बैंक के आधिकारिक माध्यमों का उपयोग करें।

3. SIM Card को तुरंत Block करवाएं
फोन चोरी या गुम होने के बाद SIM को सुरक्षित करना बेहद जरूरी है, क्योंकि मोबाइल नंबर का इस्तेमाल OTP और account recovery जैसी सेवाओं में हो सकता है।
अपने Telecom Operator से संपर्क करके:
1. पुराने SIM को ब्लॉक करवाएं।
2. उसी नंबर का replacement/duplicate SIM प्राप्त करें।
3. SIM दोबारा सक्रिय होने के बाद अपने महत्वपूर्ण खातों की सुरक्षा सेटिंग्स जांचें।
यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यदि किसी व्यक्ति को आपका फोन और सक्रिय SIM दोनों मिल जाते हैं, तो वह आपके नंबर से जुड़े कुछ account-recovery या authentication प्रयास कर सकता है।

4. Email और Social Media के Password बदलें

फोन में लॉग-इन आपके Gmail/Email, सोशल मीडिया और अन्य महत्वपूर्ण अकाउंट्स हो सकते हैं।
किसी दूसरे सुरक्षित डिवाइस से:
* Primary Email का password बदलें।
* Recovery Email की सुरक्षा जांचें।
* सोशल मीडिया अकाउंट्स के password बदलें।
* Unknown या पुराने devices से logout करें।
* जहां संभव हो, Two-Factor Authentication (2FA) चालू करें।
* Account recovery options की समीक्षा करें।
सबसे पहले उस मुख्य Email Account को सुरक्षित करना समझदारी है, क्योंकि कई अन्य ऑनलाइन सेवाओं का password reset उसी Email के माध्यम से किया जा सकता है।

5. पुलिस शिकायत करें और CEIR से IMEI Block करें

यदि फोन चोरी हुआ है, तो स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज कराना महत्वपूर्ण है। फोन का IMEI Number भी सुरक्षित रखें। यह नंबर आमतौर पर फोन के बॉक्स, बिल या खरीद से जुड़े दस्तावेजों में मिल सकता है।
भारत में चोरी या खोए हुए मोबाइल डिवाइस के IMEI को ब्लॉक करने और संबंधित प्रक्रिया के लिए Central Equipment Identity Register (CEIR) का उपयोग किया जा सकता है।
CEIR के माध्यम से पात्र मामलों में खोए/चोरी हुए मोबाइल डिवाइस को नेटवर्क पर इस्तेमाल होने से रोकने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। पुलिस शिकायत और उपलब्ध दस्तावेजों को संभालकर रखना भी उपयोगी है।

किन गलतियों से बचना चाहिए?
फोन खोने के बाद कुछ लोग केवल SIM बंद करवाकर सुरक्षित समझ लेते हैं। लेकिन यह पर्याप्त नहीं हो सकता।
इन गलतियों से बचें:
* अनजान व्यक्ति को OTP न बताएं।
* बैंक PIN, UPI PIN या Password किसी के साथ साझा न करें।
* बैंक की समस्या बताकर आने वाले संदिग्ध कॉल/मैसेज पर भरोसा न करें।
* किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
* Fake Customer Care Number से सावधान रहें।
* फोन वापस मिलने के नाम पर Remote Lock हटाने या credentials देने की जल्दबाजी न करें।

फोन खोना केवल डिवाइस खोना नहीं है। आज स्मार्टफोन बैंकिंग, UPI, Email और कई डिजिटल सेवाओं की चाबी बन चुका है। इसलिए फोन गुम या चोरी होने पर जितनी जल्दी कार्रवाई की जाए, उतना ही संभावित वित्तीय और डिजिटल नुकसान कम किया जा सकता है।

साइबर क्राइम थाना
मऊ

कृपया केवल पढ़े नहीं ज्यादा से ज्यादा शेयर करे क्योकि बस जागरूक रहकर ही साइबर अपराध से बचा जा सकता है
राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष श्रीमती चारु चौधरी 3 सितंबर को करेंगी गोण्डा का भ्रमण

*छात्राओं से संवाद, महिला चिकित्सालय एवं वन स्टॉप सेंटर का करेंगी निरीक्षण*


*महिला जनसुनवाई में सुनेंगी समस्याएं, नवजात शिशुओं को वितरित करेंगी बेबी किट्स*


*गोण्डा, 02 सितम्बर 2026*  -  उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की मा0 उपाध्यक्ष( उप मंत्री स्तर प्राप्त) श्रीमती चारु चौधरी जी 03 सितंबर 2026, बृहस्पतिवार को जनपद गोण्डा के भ्रमण पर रहेंगी। भ्रमण के दौरान वह महिला सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कल्याण से संबंधित व्यवस्थाओं का जायजा लेंगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार श्रीमती चारु चौधरी प्रातः 09:45 बजे नारी ज्ञानस्थली डिग्री कॉलेज पहुंचकर छात्राओं से संवाद करेंगी और उनकी समस्याओं एवं सुझावों को सुनेंगी। इसके बाद 11:30 बजे जिला महिला चिकित्सालय का निरीक्षण करेंगी। इस दौरान चिकित्सालय…
[5:06 pm, 02/09/2026] +91 94154 15779: *थाना खरगूपुर पुलिस द्वारा बिना जानकारी के खाते में लोन कराकर धनराशि निकालने वाले अभियुक्त को हरियाणा से किया गया गिरफ्तार-*

*कार्यवाही-*
गोण्डा। थाना खरगूपुर पुलिस द्वारा थाना स्थानीय पर पंजीकृत मु0अ0सं0 255/2024 से संबंधित प्रकाश में आए आरोपी अभियुक्त रमीजुल हुसैन पुत्र मुबारक मियां की गिरफ्तारी हेतु पुलिस द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे थे। इसी क्रम में तकनीकी एवं मैनुअल साक्ष्यों के आधार पर थाना खरगूपुर पुलिस द्वारा अभियुक्त रमीजुल हुसैन को विस्ट्रो फूड सेन्टर, सेक्टर-40, जनपद हरियाणा से गिरफ्तार कर लिया गया।

*घटना का संक्षिप्त विवरण-*
वादी परमानन्द तिवारी पुत्र स्व0 राममणि तिवारी निवासी ग्राम कमडावां, थाना खरगूपुर जनपद गोण्डा द्वारा थाना खरगूपुर पर तहरीर दी गयी कि बिना जानकारी के उसके खाते में  लोन करके 6 लाख रूपये भेज दिए गये है। तथा बाद में कई बार में लोन की धनराशी निकाल ली गयी है। तथा उनके सैलरी के 21 हजार रूपये भी निकाल लिया गया है। तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया था।  प्रकरण की विवेचना के दौरान अभियुक्त रमीजुल हुसैन पुत्र मुबारक मियां का नाम प्रकाश में आया। पुलिस द्वारा अभियुक्त की तलाश की जा रही थी। इसी क्रम में तकनीकी/मैनुअल साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त रमीजुल हुसैन को विस्ट्रो फूड सेन्टर, सेक्टर 40 जिला हरियाणा से गिरफ्तार किया गया। प्रकरण में अग्रिम विधिक कार्यवाही प्रचलित है।
Om Sai Safeguard Services Strengthens Its Presence as a Trusted Provider of Security Services In Delhi

NEW DELHI — As businesses, residential communities, institutions, and commercial establishments increasingly prioritize professional protection, the demand for reliable Security Services In Delhi continues to grow. Om Sai Safeguard Services Pvt. Ltd., an established private security company with operations across multiple states, is strengthening its presence in the national capital by offering trained manpower and customized security solutions for diverse requirements.

Since its establishment in 2018, Om Sai Safeguard Services has steadily expanded its operations and developed experience across residential, commercial, industrial, and institutional security requirements. The company operates in Delhi as well as Maharashtra, Telangana, and Madhya Pradesh, enabling it to serve clients with security needs across different locations.

Delhi is one of India's busiest metropolitan regions, with a wide range of corporate offices, industrial facilities, educational institutions, hospitals, retail spaces, hotels, and residential societies. Every property has different security challenges, making professionally managed Security Services In Delhi increasingly important for organizations and property owners seeking reliable protection.

Om Sai Safeguard Services focuses on providing trained security personnel who can support day-to-day safety, access control, surveillance, patrolling, visitor management, and emergency response. The company's approach combines on-ground security personnel with modern monitoring solutions to create security arrangements suited to individual client requirements.

Comprehensive Security Solutions for Different Sectors

The company's services cover a broad range of industries and establishments. Its security solutions include corporate and office security, industrial security, bank security, hotel security, hospital security, event security, residential security, and lady security guard services.

For corporate offices and commercial establishments, professional security guards can help manage entry and exit points, monitor visitors, protect assets, and maintain order on the premises. Industrial and warehouse facilities often require additional attention to perimeter security, employee movement, and the protection of valuable equipment and materials.

Om Sai Safeguard Services also provides security arrangements for hotels, healthcare facilities, banks, shopping areas, and events. These sectors require personnel who can maintain vigilance while also interacting professionally with employees, visitors, customers, and guests.

Trained Personnel and Responsive Security Support

One of the key factors clients consider when choosing Security Services In Delhi is the quality and preparedness of security personnel. Om Sai Safeguard Services emphasizes trained manpower and disciplined security practices as part of its service approach.

The company also highlights its Quick Response Team and its focus on timely support when situations require immediate attention. A visible and alert security presence can play an important role in identifying unusual activity, managing incidents, and helping maintain a safer environment.

Along with physical guarding, the company supports CCTV monitoring and electronic surveillance as part of its wider security solutions. Combining technology with trained on-site personnel can help organizations maintain better visibility and respond efficiently to security concerns.

Flexible Security Arrangements for Businesses and Properties

Security requirements can vary significantly depending on the size and nature of a property. A residential society may require visitor management and regular patrolling, while a large commercial or industrial facility may need round-the-clock security coverage.

Om Sai Safeguard Services offers flexible security arrangements, including different shift options based on client requirements. This enables businesses, institutions, and property managers to plan security coverage according to their operational schedules and risk assessments.

The company's experience across multiple sectors allows it to develop customized arrangements rather than applying a one-size-fits-all approach. Whether the requirement is for a single location or multiple sites, professional planning and reliable staffing remain important parts of an effective security strategy.

Growing Presence Across Multiple States

While Om Sai Safeguard Services has a strong operational base in Maharashtra, its services extend to Delhi and other parts of India. The company maintains a Delhi branch in Palam and presents itself as a provider of professional security solutions for homes, businesses, and institutions across its service locations.

For organizations looking for Security Services In Delhi, factors such as trained personnel, service flexibility, operational experience, and the ability to understand site-specific requirements can make a meaningful difference. Om Sai Safeguard Services continues to focus on these areas as it expands its presence and serves clients across different sectors.

As security needs evolve alongside urban growth and changing business environments, the role of professional private security providers is becoming increasingly important. With a range of guarding and surveillance solutions, Om Sai Safeguard Services aims to support clients seeking dependable protection for people, property, and business operations.

For more information about Security Services In Delhi and other security solutions, visit Om Sai Safeguard Services in Delhi or contact the company at +91-7070020202.

SCO समिट में पीएम मोदी ने पुतिन-जिनपिंग से की मुलाकात, ग्रुप फोटो में शहबाज को किया नजरअंदाज

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किर्गिस्तान के बिश्केक के 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन की बैठक हो रही है। यहां पर चीन-रूस और भारत एक साथ एक मंच पर इकट्ठा हुए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शिखर सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत समूह के दूसरे नेताओं से गर्मजोशी से मुलाकात की और बात की। लेकिन उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की तरफ देखा तक नहीं।

बिश्केक में SCO नेताओं की ग्रुप फोटो के दौरान क्या हुआ?

ग्रुप फोटो के दौरान जो तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं उनमें प्रधानमंत्री मोदी को सबसे ज्यादा गर्मजोशी के साथ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ मिलते देखा गया है। ग्रुप फोटो से पहले का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें जब सभी राष्ट्र प्रमुख मंच पर इकट्ठा हो रहे थे, तो प्रधानमंत्री मोदी को देखकर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन रुक गए। दोनों ने प्रधानमंत्री मोदी से हाथ मिलाया। इस दौरान पुतिन और पीएम मोदी के बीच गर्मजोशी दिखाई दी। ग्रुप फोटो के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने शहबाज शरीफ की तरफ देखा तक नहीं। यहां एक बार फिर उनकी किरकिरी हुई। प्रधानमंत्री मोदी चीन के राष्ट्रपति जिनिपिंग के साथ बातचीत करते हुए वहां से बाहर की ओर चले गए।

पाकिस्तान ने अपनी पोस्ट से पीएम मोदी की फोटो हटाई

किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में चल रहे एससीओ शिखर सम्मेलन में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की खूब किरकिरी हुई। इसके बाद पाकिस्तान प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एससीओ ग्रुप फोटो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन समेत कई वैश्विक नेताओं की तस्वीरों को हटा दिया गया।

किर्गिस्तान के राष्ट्रपति के साथ पीएम मोदी की बैठक

इससे पहले PM मोदी ने SCO समिट के दौरान किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सादिर जापारोव के साथ बैठक की। बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने भारत-किर्गिस्तान के आपसी संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा की और दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के अपने संकल्प को दोहराया।

भारत की जीडीपी हुई 7.8% तो पीएम मोदी ने कांग्रेस को कोसा, जयराम रमेश ने भी पर साधा निशाना

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अप्रैल-जून तिमाही में देश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) दर उम्मीद से कहीं बेहतर 7.8 प्रतिशत दर्ज की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की 7.8 प्रतिशत आर्थिक विकास दर को लेकर देशवासियों को बधाई दी है। प्रधानमंत्री ने भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर निराशा का माहौल बनाने वाले आलोचकों पर तीखा तंज कसा है।

पीएम मोदी इस वक्त एससीओ शिखर सम्मेलन के लिए बिश्केक में हैं। पीएम मोदी ने वहां से इंस्टाग्राम पर एक नया वीडियो साझा करते हुए कहा कि यह उपलब्धि देश की सामूहिक शक्ति, संकल्प और मेहनत का नतीजा है। उन्होंने कहा कि जब पूरी दुनिया गंभीर आर्थिक अनिश्चितताओं और मंदी के दबाव से जूझ रही है, तब भारत की यह तेज रफ्तार देश के मजबूत बुनियादी ढांचे और अदम्य आर्थिक सामर्थ्य का जीता-जागता सबूत है। यह प्रदर्शन साबित करता है कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है।

पीएम मोदी ने देशवासियों को दी बधाई

पीएम मोदी ने इंस्टाग्राम और ‘एक्स’ पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा, “मेरे देशवासियों को बहुत-बहुत बधाई। 7.8% की विकास दर – पूरा देश खुशी से भरा हुआ है। मैं देश के लोगों को उनके संकल्प और मेहनती स्वभाव के लिए बधाई देता हूं; यह हमारी सामूहिक ताकत को दिखाता है। दुनिया संघर्षों में फंसी हुई है; हर तरफ से युद्ध की खबरें आ रही हैं और दुनिया संकटों से घिरी हुई है। सप्लाई चेन बुरी तरह बाधित हुई। इसके बावजूद भारत तेज गति से प्रगति कर रहा है।”

विपक्ष पर साधा निशाना

प्रधानमंत्री ने कहा कि “एक तरफ भारत तमाम वैश्विक चुनौतियों को पार करते हुए आगे बढ़ रहा है, वहीं देश के भीतर कुछ लोग निराशा और झूठ का माहौल बनाने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी चुनौतियों के बीच भारत ने 7.8 प्रतिशत की ग्रोथ हासिल की है। हमें इस गति को बनाए रखना होगा। हमें आगे बढ़ते रहना होगा, और इसके लिए ‘आत्मनिर्भर भारत’ बनना जरूरी है।”

जयराम रमेश ने जीडीपी के आंकड़ों पर केन्द्र को घेरा

वहीं, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने जीडीपी के आंकड़ों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा।जयराम रमेश ने कहा कि ये आंकड़े अर्थव्यवस्था में घरेलू और विदेशी, दोनों तरह के निजी निवेश को लेकर बेहद कमजोर धारणा को नहीं दर्शाते। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता भरोसा बेहद सुस्त है और नवंबर 2025 से लगातार गिरावट की ओर है। कांग्रेस नेता ने कहा कि घरेलू जरूरत की आवश्यक वस्तुओं की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं, जबकि शिक्षित बेरोजगारी चिंताजनक स्तर पर है।

लखनऊ में PM-SETU सम्मेलन में सुपीरियर ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज की प्रभावी सहभागिता
रमेश दूबे
कौशल विकास, औद्योगिक प्रशिक्षण और रोजगार सृजन को लेकर साझा की समूह की पहल

लखनऊ, 30 अगस्त 2026। राजधानी लखनऊ में आयोजित PM-SETU सम्मेलन में कौशल विकास, औद्योगिक प्रशिक्षण और उद्योगों की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप युवाओं को तैयार करने को लेकर महत्वपूर्ण विचार-विमर्श हुआ। सम्मेलन में देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राज्य मंत्री जयंत चौधरी सहित केंद्र सरकार, रक्षा क्षेत्र, उद्योग जगत और कौशल विकास से जुड़े अनेक वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।

इस अवसर पर Superior Group of Industries की ओर से समूह के प्रमोटर्स के प्रतिनिधि के रूप में CHRO, Corporate Affairs & Legal, डॉ. सुनील कुमार मिश्रा ने सम्मेलन में सहभागिता की और कौशल विकास तथा औद्योगिक प्रशिक्षण के क्षेत्र में समूह द्वारा किए जा रहे कार्यों एवं भविष्य की योजनाओं को साझा किया।

सम्मेलन के दौरान देशभर में PM-SETU योजना के विस्तार तथा ₹1,237 करोड़ से अधिक के नए निवेश से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई। PM-SETU योजना का उद्देश्य देश के Industrial Training Institutes (ITIs) को आधुनिक सुविधाओं, नई तकनीकों और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण व्यवस्था से सुसज्जित करना है, ताकि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण एवं रोजगारपरक कौशल प्रदान किया जा सके।

400 से अधिक युवाओं को औद्योगिक प्रशिक्षण

सम्मेलन में Superior Group of Industries ने बताया कि समूह ने अपने विभिन्न औद्योगिक इकाइयों में कौशल विकास और प्रशिक्षण को निरंतर बढ़ावा दिया है। समूह की विभिन्न इकाइयों में अब तक 400 से अधिक युवाओं को औद्योगिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है।

डॉ. सुनील कुमार मिश्रा ने कहा कि उद्योगों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षण देना आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उद्योग और प्रशिक्षण संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय से युवाओं को न केवल रोजगार के लिए तैयार किया जा सकता है, बल्कि उन्हें भविष्य की औद्योगिक एवं तकनीकी चुनौतियों के लिए भी सक्षम बनाया जा सकता है।

प्रमोटर्स के नेतृत्व में औद्योगिक विस्तार और निवेश

डॉ. सुनील कुमार मिश्रा ने Superior Group of Industries के प्रमोटर्स के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में किए जा रहे विभिन्न निवेश, औद्योगिक विस्तार तथा भविष्य की विकास योजनाओं की जानकारी भी साझा की।

उन्होंने बताया कि समूह लगातार अपनी औद्योगिक क्षमताओं को मजबूत करने, आधुनिक तकनीकों को अपनाने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में कार्य कर रहा है। समूह का प्रयास है कि औद्योगिक विकास के साथ-साथ युवाओं के कौशल विकास को भी प्राथमिकता दी जाए, जिससे उद्योग और समाज दोनों को दीर्घकालिक लाभ मिल सके।

Hub-Spoke मॉडल से मजबूत होगा औद्योगिक प्रशिक्षण

PM-SETU के अंतर्गत एक Hub ITI और चार Spoke ITIs वाले क्लस्टर मॉडल के माध्यम से आधुनिक प्रशिक्षण केंद्र विकसित किए जा रहे हैं। यह मॉडल उद्योगों की वास्तविक आवश्यकताओं और युवाओं के कौशल के बीच मौजूद अंतर को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

इस व्यवस्था के माध्यम से युवाओं को अत्याधुनिक तकनीकों, आधुनिक मशीनरी और उद्योग-उपयोगी कौशल का प्रशिक्षण मिलने के साथ बेहतर रोजगार अवसरों के द्वार खुलेंगे। इससे देश के औद्योगिक विकास के लिए आवश्यक कुशल मानव संसाधन तैयार करने में भी मदद मिलेगी।

Skill India और Atmanirbhar Bharat को मिलेगी मजबूती

सम्मेलन में यह संदेश प्रमुखता से सामने आया कि सरकार, उद्योग और कौशल विकास संस्थानों के बीच मजबूत साझेदारी ही भारत के युवा कार्यबल को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की आधारशिला है।

Superior Group of Industries ने PM-SETU जैसी पहल के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा कि निजी क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी से “Skill India” और “Atmanirbhar Bharat” के विजन को और अधिक मजबूती दी जा सकती है।

लखनऊ में आयोजित यह सम्मेलन कौशल विकास, औद्योगिक प्रशिक्षण, निवेश और रोजगार सृजन के बीच बेहतर तालमेल की दिशा में एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ। साथ ही, यह पहल भारत के युवाओं को भविष्य की औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप तैयार करने और राष्ट्र निर्माण में उद्योगों की भागीदारी को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है।
एक मंच पर दिखेंगे पीएम मोदी-पुतिन और जिनपिंग, SCO में मुलाकात, दुनियाभर की टिकी नजरें

#scosummit2026inkyrgyzstanpmmodixijinpingputinmeet

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को किर्गिस्तान पहुंचे किर्गिस्तान में मोदी वे शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे और कई द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। जिसमें भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग एक बार फिर एक साथ नजर आने वाले हैं। यह मुलाकात इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अगले महीने नई दिल्ली में प्रस्तावित BRICS शिखर सम्मेलन में भी तीनों नेता एक बार फिर साथ नजर आ सकते हैं।

मोदी-पुतिन की अहम मुलाकात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय यात्रा पर किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंचे हैं। यहां वह शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के 26वें शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। मोदी की पुतिन से द्विपक्षीय मुलाकात तय है। करीब 50 मिनट निर्धारित इस बैठक में भारत-रूस संबंधों के साथ-साथ कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। मोदी-पुतिन की बातचीत में ऊर्जा सहयोग प्रमुख मुद्दा हो सकता है। रूस भारत के लिए कच्चे तेल और उर्वरक का बड़ा आपूर्तिकर्ता बना हुआ है। ऐसे में दोनों नेता तेल और गैस की आपूर्ति, उर्वरकों की उपलब्धता और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग की समीक्षा कर सकते हैं। वैश्विक ऊर्जा बाजार में जारी अस्थिरता के बीच भारत के लिए रूसी ऊर्जा आपूर्ति अहम है।

पीएम मोदी और जिनपिंग की मुलाकात पर दुनिया की नजर

पीएम मोदी की इससे इतर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से द्विपक्षीय मुलाकात होने की संभावना है। बिश्केक में दुनिया की नजर मोदी की चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से होने वाली मुलाकात पर रहेगी। एससीओ के इतर यह बातचीत ऐसे समय हो रही है जब भारत-चीन संबंधों में संवाद की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने बीजिंग में सीमा विवाद, सीमा पर शांति और द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने पर चर्चा की। मोदी-जिनपिंग की मुलाकात इसलिए भी अहम है क्योंकि यह दिल्ली में सितंबर में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रस्तावित बड़ी मुलाकात से ठीक पहले होगी।

भारत के लिए क्यों अहम है?

मध्य एशिया तेल, गैस, यूरेनियम और अन्य अहम खनिजों का बड़ा भंडार है। भारत लंबे अर्से से मध्य एशिया के देशों के साथ अपने रिश्ते मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए मध्य एशिया के देशों के साथ सहयोग और व्यापार बढ़ाना चाहते हैं। इसके लिए वह नए व्यापार के साथ ही परिवहन मार्ग भी विकसित करने पर काम कर रहा है।

क्या है एसओसी ?

10 सदस्यों वाला शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) एशिया के देशों का एक क्षेत्रीय संगठन है। जो 25 साल पूरे होने का जश्न मना रहा है। चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान ने 2001 में एससीओ की स्थापना की थी। 2017 में भारत और पाकिस्तान एससीओ के पूर्ण सदस्य बने। इसके बाद 2023 में ईरान और 2024 में बेलारूस इसमें शामिल हुए। संगठन का मुख्य काम सुरक्षा, आतंकवाद, अलगाववाद, व्यापार, कनेक्टिविटी और आपसी सहयोग जैसे मुद्दों पर साथ काम करना है।

एक मंच पर दिखेंगे पीएम मोदी-पुतिन और जिनपिंग, SCO में मुलाकात, दुनियाभर की टिकी नजरें

#scosummit2026inkyrgyzstanpmmodixijinpingputinmeet

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को किर्गिस्तान पहुंचे किर्गिस्तान में मोदी वे शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे और कई द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। जिसमें भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग एक बार फिर एक साथ नजर आने वाले हैं। यह मुलाकात इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अगले महीने नई दिल्ली में प्रस्तावित BRICS शिखर सम्मेलन में भी तीनों नेता एक बार फिर साथ नजर आ सकते हैं।

मोदी-पुतिन की अहम मुलाकात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय यात्रा पर किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंचे हैं। यहां वह शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के 26वें शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। मोदी की पुतिन से द्विपक्षीय मुलाकात तय है। करीब 50 मिनट निर्धारित इस बैठक में भारत-रूस संबंधों के साथ-साथ कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। मोदी-पुतिन की बातचीत में ऊर्जा सहयोग प्रमुख मुद्दा हो सकता है। रूस भारत के लिए कच्चे तेल और उर्वरक का बड़ा आपूर्तिकर्ता बना हुआ है। ऐसे में दोनों नेता तेल और गैस की आपूर्ति, उर्वरकों की उपलब्धता और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग की समीक्षा कर सकते हैं। वैश्विक ऊर्जा बाजार में जारी अस्थिरता के बीच भारत के लिए रूसी ऊर्जा आपूर्ति अहम है।

पीएम मोदी और जिनपिंग की मुलाकात पर दुनिया की नजर

पीएम मोदी की इससे इतर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से द्विपक्षीय मुलाकात होने की संभावना है। बिश्केक में दुनिया की नजर मोदी की चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से होने वाली मुलाकात पर रहेगी। एससीओ के इतर यह बातचीत ऐसे समय हो रही है जब भारत-चीन संबंधों में संवाद की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने बीजिंग में सीमा विवाद, सीमा पर शांति और द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने पर चर्चा की। मोदी-जिनपिंग की मुलाकात इसलिए भी अहम है क्योंकि यह दिल्ली में सितंबर में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रस्तावित बड़ी मुलाकात से ठीक पहले होगी।

भारत के लिए क्यों अहम है?

मध्य एशिया तेल, गैस, यूरेनियम और अन्य अहम खनिजों का बड़ा भंडार है। भारत लंबे अर्से से मध्य एशिया के देशों के साथ अपने रिश्ते मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए मध्य एशिया के देशों के साथ सहयोग और व्यापार बढ़ाना चाहते हैं। इसके लिए वह नए व्यापार के साथ ही परिवहन मार्ग भी विकसित करने पर काम कर रहा है।

क्या है एसओसी ?

10 सदस्यों वाला शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) एशिया के देशों का एक क्षेत्रीय संगठन है। जो 25 साल पूरे होने का जश्न मना रहा है। चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान ने 2001 में एससीओ की स्थापना की थी। 2017 में भारत और पाकिस्तान एससीओ के पूर्ण सदस्य बने। इसके बाद 2023 में ईरान और 2024 में बेलारूस इसमें शामिल हुए। संगठन का मुख्य काम सुरक्षा, आतंकवाद, अलगाववाद, व्यापार, कनेक्टिविटी और आपसी सहयोग जैसे मुद्दों पर साथ काम करना है।

Soummodeep Dey Appointed National Coordinator of Janata Congress Party, Set to Lead Youth Mobilisation Drive

Jamshedpur/New Delhi: In a move that signals a fresh push for youth-driven politics, the Janata Congress Party (JCP) has elevated Soummodeep Dey, a Jamshedpur-based social worker and youth activist, to the position of National Coordinator. The appointment, confirmed by the party's central leadership, marks a significant step up from his earlier role as the party's National Youth Coordinator and places him at the heart of JCP's organisational expansion across the country.Dey's rise within the party has been steady. Barely months after taking charge of the youth wing under the "People First, Nation First, India First" banner, he has now been handed a broader mandate that goes beyond youth mobilisation to include strengthening the party's central committee structure. Party insiders say the decision reflects growing confidence in his ability to build grassroots networks and translate organisational directives into on-ground action.

"This is not just a position, it is a responsibility to build the organisation across the country and give the voice of the youth a new direction," Dey said following the announcement. He added that his immediate priorities would be organisational expansion, deeper youth participation, and highlighting issues that directly affect ordinary citizens.

A Background Rooted in Service

Dey's political journey did not begin with the Janata Congress Party. Hailing from Jamshedpur, Jharkhand, he first built a public profile through the Netaji Subhash Chandra Bose Seva Samiti, a community welfare organisation he founded that has been active in blood donation drives, cleanliness campaigns, disaster relief, and support for the underprivileged. The organisation's consistent work in the region earned Dey the Subhash Chandra Bose Icon Award 2025, a recognition of his contribution to social welfare and community development.

Before joining JCP, Dey was also associated with the National Students' Union of India, where he served as State Vice-Chairman of the Social Media Committee for Odisha. During his tenure, he was part of the coordination team for the Bharat Jodo Nyay Yatra in Odisha and held responsibilities within the University President NSUI campus committee, giving him early exposure to large-scale organisational coordination and student politics.

On the academic front, Dey holds a degree in Mechanical Engineering and an MBA specialising in Human Resources and Marketing, a combination that party colleagues say has shaped his structured approach to organisational planning.

Party's Push for Youth Leadership

The Janata Congress Party, which has been steadily expanding its footprint, has framed the appointment as part of a larger strategy to bring younger voices into decision-making roles ahead of upcoming state elections, including in Manipur and Goa. The party has also been vocal on regional and cross-border issues, recently expressing solidarity with flood and landslide-affected communities in Nepal, an initiative in which Dey featured prominently as the face of the party's outreach.

Party leadership, in its formal note of congratulations, said it appreciated Dey's trust, passion, and dedication toward youth and the nation, adding that his leadership was expected to help empower young people and position them at the forefront of nation-building efforts.

What Comes Next

With the appointment now official, attention turns to how quickly Dey can translate his organisational experience into visible results for JCP. His task list includes expanding the party's presence in states where it currently has limited structure, strengthening the central committee, and ensuring that youth engagement extends beyond social media messaging into active ground mobilisation.

For a party still building its national identity, the choice of a coordinator with a background in both grassroots social work and structured student politics appears deliberate. Whether this translates into electoral traction remains to be seen, but for now, the appointment has generated visible enthusiasm among party supporters and workers who see it as evidence of the party's willingness to invest in younger leadership.

Soummodeep Dey's appointment as National Coordinator adds a new chapter to a career that has moved from community service in Jamshedpur to student politics in Odisha and now to a national role within the Janata Congress Party's organisational framework.

For more information You can Visit on Instagram:

https://www.instagram.com/soummo_deep_dey?igsi=Z2FwaWlhbWNsems0

 

 

मेलोनी बनीं इटली की सबसे लंबे समय तक रहने वाली पीएम, पीएम मोदी ने दी बधाई

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इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने राजनीतिक में एक खास मुकाम हासिल किया है।मेलोनी ने देश के द्वितीय विश्व युद्ध के बाद के इतिहास में लगातार सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड बनाया है। प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को बधाई दी। पीएम मोदी ने उनके उज्ज्वल भविष्य और आगे की सफलता के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

पीएम मोदी ने दी सफलता के लिए शुभकामनाएं

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर पोस्ट में लिखा, ‘मेरी मित्र प्रधानमंत्री मेलोनी को इटली के युद्धोत्तर इतिहास की सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाली प्रधानमंत्री बनने पर हार्दिक बधाई। यह उपलब्धि उनके नेतृत्व में इटली की जनता के विश्वास और भरोसे को दर्शाती है।’ उन्होंने कहा, ‘उनकी दोस्ती ने भारत-इटली विशेष रणनीतिक साझेदारी को मजबूत बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। मैं दोनों देशों के लोगों के लिए समृद्ध भविष्य बनाने हेतु हमारे करीबी सहयोग को आगे बढ़ाने का इंतजार कर रहा हूं। आने वाले वर्षों में उनकी निरंतर सफलता के लिए मेरी शुभकामनाएं।’

जुलाई में पीएम मोदी ने रचा था इतिहास

इससे पहले जुलाई में मेलोनी ने भी प्रधानमंत्री मोदी को भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी थी। उन्होंने दोनों देशों के लोगों के लिए नए अवसर बनाने के लिए साथ काम करने की इच्छा भी जताई थी। उस समय सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्‍स’ पर मेलोनी ने लिखा था, ‘पीएम मोदी को बधाई, जो आज भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं। हाल के हफ्तों में रोम में उनसे फिर मुलाकात करना खुशी की बात रही। हमने मिलकर एक ऐसी विशेष रणनीतिक साझेदारी की शुरुआत की है, जो भविष्य को ध्यान में रखते हुए हमारे देशों और हमारे लोगों के लिए नए अवसर पैदा करेगी।’

मेलोनी की सरकार ने लगातार 1,413 दिन पूरे किए

जॉर्जिया मेलोनी ने 22 अक्टूबर 2022 को इटली की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में पद संभाला था। उनकी सरकार ने आज लगातार 1,413 दिन पूरे कर लिए हैं और बेनिटो मुसोलिनी की तानाशाही के बाद इटली गणराज्य के इतिहास में सबसे लंबे समय तक चलने वाली सरकार बन गई है। जॉर्जिया मेलोनी की पार्टी 'ब्रदर्स ऑफ इटली' इस मौके पर दक्षिणी इटली के बारी शहर में एक रैली कर रही है जिसमें हजारों समर्थकों के जुटे हैं। जॉर्जिया मेलोनी एड्रियाटिक सागर के नजारे वाले मंच से रैली को संबोधित करेंगी। इस रैली का नारा है 'सबसे स्थिर सरकार, एक मजबूत इटली'।

जनपद मऊ -: फोन खो जाए या चोरी हो जाए तो UPI, SIM और बैंक अकाउंट को तुरंत कैसे सुरक्षित करें? जानें 5 जरूरी कदम

फोन खो जाए या चोरी हो जाए तो तुरंत क्या करें?

आज के डिजिटल युग में स्मार्टफोन केवल कॉल और इंटरनेट चलाने का माध्यम नहीं है। हमारे फोन में UPI ऐप्स, मोबाइल बैंकिंग, ईमेल, सोशल मीडिया, OTP और निजी दस्तावेजों जैसी महत्वपूर्ण जानकारी मौजूद रहती है।

ऐसे में फोन खो जाने या चोरी हो जाने पर सबसे बड़ा खतरा केवल फोन के नुकसान का नहीं, बल्कि उससे जुड़े बैंक अकाउंट, UPI, SIM और ऑनलाइन अकाउंट के दुरुपयोग का भी होता है।

इसलिए फोन खोने के बाद घबराने के बजाय कुछ जरूरी कदम तुरंत और सही क्रम में उठाने चाहिए।

1. फोन को तुरंत Remote Lock करें

फोन खोने के बाद सबसे पहले किसी दूसरे मोबाइल या कंप्यूटर से अपने डिवाइस को Remote Lock करने का प्रयास करें।
Android और iPhone दोनों में डिवाइस को खोजने तथा लॉक करने की सुविधाएं उपलब्ध हैं। यदि फोन वापस मिलने की संभावना कम है और उसमें संवेदनशील व्यक्तिगत या वित्तीय जानकारी मौजूद है, तो उपलब्ध होने पर Remote Erase विकल्प का इस्तेमाल किया जा सकता है।
ध्यान रखें कि फोन को रिमोटली लॉक या erase करने के बाद भी अपने महत्वपूर्ण ऑनलाइन अकाउंट्स की सुरक्षा के लिए आगे के कदम जरूर उठाएं।

2. UPI और Mobile Banking को तुरंत सुरक्षित करें

फोन खोने के बाद UPI और मोबाइल बैंकिंग को प्राथमिकता से सुरक्षित करना चाहिए।
अपनी बैंक की आधिकारिक वेबसाइट, ऐप या आधिकारिक Customer Care के माध्यम से बैंक को फोन खोने की जानकारी दें। आवश्यकता पड़ने पर:
* Mobile Banking को अस्थायी रूप से ब्लॉक करवाएं।
* UPI सेवा या संबंधित UPI प्रोफाइल को सुरक्षित करवाएं।
* कार्ड/बैंकिंग credentials के दुरुपयोग की आशंका हो तो बैंक को तुरंत सूचित करें।
* अपने बैंक खाते के transactions पर नजर रखें।
* कोई अनजान transaction दिखाई दे तो तुरंत बैंक को रिपोर्ट करें।
महत्वपूर्ण: बैंक से संपर्क करने के लिए इंटरनेट पर मिले किसी अनजान नंबर पर कॉल न करें। केवल बैंक के आधिकारिक माध्यमों का उपयोग करें।

3. SIM Card को तुरंत Block करवाएं
फोन चोरी या गुम होने के बाद SIM को सुरक्षित करना बेहद जरूरी है, क्योंकि मोबाइल नंबर का इस्तेमाल OTP और account recovery जैसी सेवाओं में हो सकता है।
अपने Telecom Operator से संपर्क करके:
1. पुराने SIM को ब्लॉक करवाएं।
2. उसी नंबर का replacement/duplicate SIM प्राप्त करें।
3. SIM दोबारा सक्रिय होने के बाद अपने महत्वपूर्ण खातों की सुरक्षा सेटिंग्स जांचें।
यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यदि किसी व्यक्ति को आपका फोन और सक्रिय SIM दोनों मिल जाते हैं, तो वह आपके नंबर से जुड़े कुछ account-recovery या authentication प्रयास कर सकता है।

4. Email और Social Media के Password बदलें

फोन में लॉग-इन आपके Gmail/Email, सोशल मीडिया और अन्य महत्वपूर्ण अकाउंट्स हो सकते हैं।
किसी दूसरे सुरक्षित डिवाइस से:
* Primary Email का password बदलें।
* Recovery Email की सुरक्षा जांचें।
* सोशल मीडिया अकाउंट्स के password बदलें।
* Unknown या पुराने devices से logout करें।
* जहां संभव हो, Two-Factor Authentication (2FA) चालू करें।
* Account recovery options की समीक्षा करें।
सबसे पहले उस मुख्य Email Account को सुरक्षित करना समझदारी है, क्योंकि कई अन्य ऑनलाइन सेवाओं का password reset उसी Email के माध्यम से किया जा सकता है।

5. पुलिस शिकायत करें और CEIR से IMEI Block करें

यदि फोन चोरी हुआ है, तो स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज कराना महत्वपूर्ण है। फोन का IMEI Number भी सुरक्षित रखें। यह नंबर आमतौर पर फोन के बॉक्स, बिल या खरीद से जुड़े दस्तावेजों में मिल सकता है।
भारत में चोरी या खोए हुए मोबाइल डिवाइस के IMEI को ब्लॉक करने और संबंधित प्रक्रिया के लिए Central Equipment Identity Register (CEIR) का उपयोग किया जा सकता है।
CEIR के माध्यम से पात्र मामलों में खोए/चोरी हुए मोबाइल डिवाइस को नेटवर्क पर इस्तेमाल होने से रोकने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। पुलिस शिकायत और उपलब्ध दस्तावेजों को संभालकर रखना भी उपयोगी है।

किन गलतियों से बचना चाहिए?
फोन खोने के बाद कुछ लोग केवल SIM बंद करवाकर सुरक्षित समझ लेते हैं। लेकिन यह पर्याप्त नहीं हो सकता।
इन गलतियों से बचें:
* अनजान व्यक्ति को OTP न बताएं।
* बैंक PIN, UPI PIN या Password किसी के साथ साझा न करें।
* बैंक की समस्या बताकर आने वाले संदिग्ध कॉल/मैसेज पर भरोसा न करें।
* किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
* Fake Customer Care Number से सावधान रहें।
* फोन वापस मिलने के नाम पर Remote Lock हटाने या credentials देने की जल्दबाजी न करें।

फोन खोना केवल डिवाइस खोना नहीं है। आज स्मार्टफोन बैंकिंग, UPI, Email और कई डिजिटल सेवाओं की चाबी बन चुका है। इसलिए फोन गुम या चोरी होने पर जितनी जल्दी कार्रवाई की जाए, उतना ही संभावित वित्तीय और डिजिटल नुकसान कम किया जा सकता है।

साइबर क्राइम थाना
मऊ

कृपया केवल पढ़े नहीं ज्यादा से ज्यादा शेयर करे क्योकि बस जागरूक रहकर ही साइबर अपराध से बचा जा सकता है
राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष श्रीमती चारु चौधरी 3 सितंबर को करेंगी गोण्डा का भ्रमण

*छात्राओं से संवाद, महिला चिकित्सालय एवं वन स्टॉप सेंटर का करेंगी निरीक्षण*


*महिला जनसुनवाई में सुनेंगी समस्याएं, नवजात शिशुओं को वितरित करेंगी बेबी किट्स*


*गोण्डा, 02 सितम्बर 2026*  -  उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की मा0 उपाध्यक्ष( उप मंत्री स्तर प्राप्त) श्रीमती चारु चौधरी जी 03 सितंबर 2026, बृहस्पतिवार को जनपद गोण्डा के भ्रमण पर रहेंगी। भ्रमण के दौरान वह महिला सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कल्याण से संबंधित व्यवस्थाओं का जायजा लेंगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार श्रीमती चारु चौधरी प्रातः 09:45 बजे नारी ज्ञानस्थली डिग्री कॉलेज पहुंचकर छात्राओं से संवाद करेंगी और उनकी समस्याओं एवं सुझावों को सुनेंगी। इसके बाद 11:30 बजे जिला महिला चिकित्सालय का निरीक्षण करेंगी। इस दौरान चिकित्सालय…
[5:06 pm, 02/09/2026] +91 94154 15779: *थाना खरगूपुर पुलिस द्वारा बिना जानकारी के खाते में लोन कराकर धनराशि निकालने वाले अभियुक्त को हरियाणा से किया गया गिरफ्तार-*

*कार्यवाही-*
गोण्डा। थाना खरगूपुर पुलिस द्वारा थाना स्थानीय पर पंजीकृत मु0अ0सं0 255/2024 से संबंधित प्रकाश में आए आरोपी अभियुक्त रमीजुल हुसैन पुत्र मुबारक मियां की गिरफ्तारी हेतु पुलिस द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे थे। इसी क्रम में तकनीकी एवं मैनुअल साक्ष्यों के आधार पर थाना खरगूपुर पुलिस द्वारा अभियुक्त रमीजुल हुसैन को विस्ट्रो फूड सेन्टर, सेक्टर-40, जनपद हरियाणा से गिरफ्तार कर लिया गया।

*घटना का संक्षिप्त विवरण-*
वादी परमानन्द तिवारी पुत्र स्व0 राममणि तिवारी निवासी ग्राम कमडावां, थाना खरगूपुर जनपद गोण्डा द्वारा थाना खरगूपुर पर तहरीर दी गयी कि बिना जानकारी के उसके खाते में  लोन करके 6 लाख रूपये भेज दिए गये है। तथा बाद में कई बार में लोन की धनराशी निकाल ली गयी है। तथा उनके सैलरी के 21 हजार रूपये भी निकाल लिया गया है। तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया था।  प्रकरण की विवेचना के दौरान अभियुक्त रमीजुल हुसैन पुत्र मुबारक मियां का नाम प्रकाश में आया। पुलिस द्वारा अभियुक्त की तलाश की जा रही थी। इसी क्रम में तकनीकी/मैनुअल साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त रमीजुल हुसैन को विस्ट्रो फूड सेन्टर, सेक्टर 40 जिला हरियाणा से गिरफ्तार किया गया। प्रकरण में अग्रिम विधिक कार्यवाही प्रचलित है।
Om Sai Safeguard Services Strengthens Its Presence as a Trusted Provider of Security Services In Delhi

NEW DELHI — As businesses, residential communities, institutions, and commercial establishments increasingly prioritize professional protection, the demand for reliable Security Services In Delhi continues to grow. Om Sai Safeguard Services Pvt. Ltd., an established private security company with operations across multiple states, is strengthening its presence in the national capital by offering trained manpower and customized security solutions for diverse requirements.

Since its establishment in 2018, Om Sai Safeguard Services has steadily expanded its operations and developed experience across residential, commercial, industrial, and institutional security requirements. The company operates in Delhi as well as Maharashtra, Telangana, and Madhya Pradesh, enabling it to serve clients with security needs across different locations.

Delhi is one of India's busiest metropolitan regions, with a wide range of corporate offices, industrial facilities, educational institutions, hospitals, retail spaces, hotels, and residential societies. Every property has different security challenges, making professionally managed Security Services In Delhi increasingly important for organizations and property owners seeking reliable protection.

Om Sai Safeguard Services focuses on providing trained security personnel who can support day-to-day safety, access control, surveillance, patrolling, visitor management, and emergency response. The company's approach combines on-ground security personnel with modern monitoring solutions to create security arrangements suited to individual client requirements.

Comprehensive Security Solutions for Different Sectors

The company's services cover a broad range of industries and establishments. Its security solutions include corporate and office security, industrial security, bank security, hotel security, hospital security, event security, residential security, and lady security guard services.

For corporate offices and commercial establishments, professional security guards can help manage entry and exit points, monitor visitors, protect assets, and maintain order on the premises. Industrial and warehouse facilities often require additional attention to perimeter security, employee movement, and the protection of valuable equipment and materials.

Om Sai Safeguard Services also provides security arrangements for hotels, healthcare facilities, banks, shopping areas, and events. These sectors require personnel who can maintain vigilance while also interacting professionally with employees, visitors, customers, and guests.

Trained Personnel and Responsive Security Support

One of the key factors clients consider when choosing Security Services In Delhi is the quality and preparedness of security personnel. Om Sai Safeguard Services emphasizes trained manpower and disciplined security practices as part of its service approach.

The company also highlights its Quick Response Team and its focus on timely support when situations require immediate attention. A visible and alert security presence can play an important role in identifying unusual activity, managing incidents, and helping maintain a safer environment.

Along with physical guarding, the company supports CCTV monitoring and electronic surveillance as part of its wider security solutions. Combining technology with trained on-site personnel can help organizations maintain better visibility and respond efficiently to security concerns.

Flexible Security Arrangements for Businesses and Properties

Security requirements can vary significantly depending on the size and nature of a property. A residential society may require visitor management and regular patrolling, while a large commercial or industrial facility may need round-the-clock security coverage.

Om Sai Safeguard Services offers flexible security arrangements, including different shift options based on client requirements. This enables businesses, institutions, and property managers to plan security coverage according to their operational schedules and risk assessments.

The company's experience across multiple sectors allows it to develop customized arrangements rather than applying a one-size-fits-all approach. Whether the requirement is for a single location or multiple sites, professional planning and reliable staffing remain important parts of an effective security strategy.

Growing Presence Across Multiple States

While Om Sai Safeguard Services has a strong operational base in Maharashtra, its services extend to Delhi and other parts of India. The company maintains a Delhi branch in Palam and presents itself as a provider of professional security solutions for homes, businesses, and institutions across its service locations.

For organizations looking for Security Services In Delhi, factors such as trained personnel, service flexibility, operational experience, and the ability to understand site-specific requirements can make a meaningful difference. Om Sai Safeguard Services continues to focus on these areas as it expands its presence and serves clients across different sectors.

As security needs evolve alongside urban growth and changing business environments, the role of professional private security providers is becoming increasingly important. With a range of guarding and surveillance solutions, Om Sai Safeguard Services aims to support clients seeking dependable protection for people, property, and business operations.

For more information about Security Services In Delhi and other security solutions, visit Om Sai Safeguard Services in Delhi or contact the company at +91-7070020202.

SCO समिट में पीएम मोदी ने पुतिन-जिनपिंग से की मुलाकात, ग्रुप फोटो में शहबाज को किया नजरअंदाज

#pmmodiignoresshehbazsharifscobishkeksummitgroup_photo

किर्गिस्तान के बिश्केक के 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन की बैठक हो रही है। यहां पर चीन-रूस और भारत एक साथ एक मंच पर इकट्ठा हुए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शिखर सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत समूह के दूसरे नेताओं से गर्मजोशी से मुलाकात की और बात की। लेकिन उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की तरफ देखा तक नहीं।

बिश्केक में SCO नेताओं की ग्रुप फोटो के दौरान क्या हुआ?

ग्रुप फोटो के दौरान जो तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं उनमें प्रधानमंत्री मोदी को सबसे ज्यादा गर्मजोशी के साथ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ मिलते देखा गया है। ग्रुप फोटो से पहले का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें जब सभी राष्ट्र प्रमुख मंच पर इकट्ठा हो रहे थे, तो प्रधानमंत्री मोदी को देखकर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन रुक गए। दोनों ने प्रधानमंत्री मोदी से हाथ मिलाया। इस दौरान पुतिन और पीएम मोदी के बीच गर्मजोशी दिखाई दी। ग्रुप फोटो के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने शहबाज शरीफ की तरफ देखा तक नहीं। यहां एक बार फिर उनकी किरकिरी हुई। प्रधानमंत्री मोदी चीन के राष्ट्रपति जिनिपिंग के साथ बातचीत करते हुए वहां से बाहर की ओर चले गए।

पाकिस्तान ने अपनी पोस्ट से पीएम मोदी की फोटो हटाई

किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में चल रहे एससीओ शिखर सम्मेलन में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की खूब किरकिरी हुई। इसके बाद पाकिस्तान प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एससीओ ग्रुप फोटो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन समेत कई वैश्विक नेताओं की तस्वीरों को हटा दिया गया।

किर्गिस्तान के राष्ट्रपति के साथ पीएम मोदी की बैठक

इससे पहले PM मोदी ने SCO समिट के दौरान किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सादिर जापारोव के साथ बैठक की। बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने भारत-किर्गिस्तान के आपसी संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा की और दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के अपने संकल्प को दोहराया।

भारत की जीडीपी हुई 7.8% तो पीएम मोदी ने कांग्रेस को कोसा, जयराम रमेश ने भी पर साधा निशाना

#pmmodihailsindia7.8growthrateamidglobal_crises

अप्रैल-जून तिमाही में देश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) दर उम्मीद से कहीं बेहतर 7.8 प्रतिशत दर्ज की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की 7.8 प्रतिशत आर्थिक विकास दर को लेकर देशवासियों को बधाई दी है। प्रधानमंत्री ने भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर निराशा का माहौल बनाने वाले आलोचकों पर तीखा तंज कसा है।

पीएम मोदी इस वक्त एससीओ शिखर सम्मेलन के लिए बिश्केक में हैं। पीएम मोदी ने वहां से इंस्टाग्राम पर एक नया वीडियो साझा करते हुए कहा कि यह उपलब्धि देश की सामूहिक शक्ति, संकल्प और मेहनत का नतीजा है। उन्होंने कहा कि जब पूरी दुनिया गंभीर आर्थिक अनिश्चितताओं और मंदी के दबाव से जूझ रही है, तब भारत की यह तेज रफ्तार देश के मजबूत बुनियादी ढांचे और अदम्य आर्थिक सामर्थ्य का जीता-जागता सबूत है। यह प्रदर्शन साबित करता है कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है।

पीएम मोदी ने देशवासियों को दी बधाई

पीएम मोदी ने इंस्टाग्राम और ‘एक्स’ पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा, “मेरे देशवासियों को बहुत-बहुत बधाई। 7.8% की विकास दर – पूरा देश खुशी से भरा हुआ है। मैं देश के लोगों को उनके संकल्प और मेहनती स्वभाव के लिए बधाई देता हूं; यह हमारी सामूहिक ताकत को दिखाता है। दुनिया संघर्षों में फंसी हुई है; हर तरफ से युद्ध की खबरें आ रही हैं और दुनिया संकटों से घिरी हुई है। सप्लाई चेन बुरी तरह बाधित हुई। इसके बावजूद भारत तेज गति से प्रगति कर रहा है।”

विपक्ष पर साधा निशाना

प्रधानमंत्री ने कहा कि “एक तरफ भारत तमाम वैश्विक चुनौतियों को पार करते हुए आगे बढ़ रहा है, वहीं देश के भीतर कुछ लोग निराशा और झूठ का माहौल बनाने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी चुनौतियों के बीच भारत ने 7.8 प्रतिशत की ग्रोथ हासिल की है। हमें इस गति को बनाए रखना होगा। हमें आगे बढ़ते रहना होगा, और इसके लिए ‘आत्मनिर्भर भारत’ बनना जरूरी है।”

जयराम रमेश ने जीडीपी के आंकड़ों पर केन्द्र को घेरा

वहीं, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने जीडीपी के आंकड़ों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा।जयराम रमेश ने कहा कि ये आंकड़े अर्थव्यवस्था में घरेलू और विदेशी, दोनों तरह के निजी निवेश को लेकर बेहद कमजोर धारणा को नहीं दर्शाते। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता भरोसा बेहद सुस्त है और नवंबर 2025 से लगातार गिरावट की ओर है। कांग्रेस नेता ने कहा कि घरेलू जरूरत की आवश्यक वस्तुओं की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं, जबकि शिक्षित बेरोजगारी चिंताजनक स्तर पर है।

लखनऊ में PM-SETU सम्मेलन में सुपीरियर ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज की प्रभावी सहभागिता
रमेश दूबे
कौशल विकास, औद्योगिक प्रशिक्षण और रोजगार सृजन को लेकर साझा की समूह की पहल

लखनऊ, 30 अगस्त 2026। राजधानी लखनऊ में आयोजित PM-SETU सम्मेलन में कौशल विकास, औद्योगिक प्रशिक्षण और उद्योगों की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप युवाओं को तैयार करने को लेकर महत्वपूर्ण विचार-विमर्श हुआ। सम्मेलन में देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राज्य मंत्री जयंत चौधरी सहित केंद्र सरकार, रक्षा क्षेत्र, उद्योग जगत और कौशल विकास से जुड़े अनेक वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।

इस अवसर पर Superior Group of Industries की ओर से समूह के प्रमोटर्स के प्रतिनिधि के रूप में CHRO, Corporate Affairs & Legal, डॉ. सुनील कुमार मिश्रा ने सम्मेलन में सहभागिता की और कौशल विकास तथा औद्योगिक प्रशिक्षण के क्षेत्र में समूह द्वारा किए जा रहे कार्यों एवं भविष्य की योजनाओं को साझा किया।

सम्मेलन के दौरान देशभर में PM-SETU योजना के विस्तार तथा ₹1,237 करोड़ से अधिक के नए निवेश से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई। PM-SETU योजना का उद्देश्य देश के Industrial Training Institutes (ITIs) को आधुनिक सुविधाओं, नई तकनीकों और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण व्यवस्था से सुसज्जित करना है, ताकि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण एवं रोजगारपरक कौशल प्रदान किया जा सके।

400 से अधिक युवाओं को औद्योगिक प्रशिक्षण

सम्मेलन में Superior Group of Industries ने बताया कि समूह ने अपने विभिन्न औद्योगिक इकाइयों में कौशल विकास और प्रशिक्षण को निरंतर बढ़ावा दिया है। समूह की विभिन्न इकाइयों में अब तक 400 से अधिक युवाओं को औद्योगिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है।

डॉ. सुनील कुमार मिश्रा ने कहा कि उद्योगों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षण देना आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उद्योग और प्रशिक्षण संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय से युवाओं को न केवल रोजगार के लिए तैयार किया जा सकता है, बल्कि उन्हें भविष्य की औद्योगिक एवं तकनीकी चुनौतियों के लिए भी सक्षम बनाया जा सकता है।

प्रमोटर्स के नेतृत्व में औद्योगिक विस्तार और निवेश

डॉ. सुनील कुमार मिश्रा ने Superior Group of Industries के प्रमोटर्स के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में किए जा रहे विभिन्न निवेश, औद्योगिक विस्तार तथा भविष्य की विकास योजनाओं की जानकारी भी साझा की।

उन्होंने बताया कि समूह लगातार अपनी औद्योगिक क्षमताओं को मजबूत करने, आधुनिक तकनीकों को अपनाने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में कार्य कर रहा है। समूह का प्रयास है कि औद्योगिक विकास के साथ-साथ युवाओं के कौशल विकास को भी प्राथमिकता दी जाए, जिससे उद्योग और समाज दोनों को दीर्घकालिक लाभ मिल सके।

Hub-Spoke मॉडल से मजबूत होगा औद्योगिक प्रशिक्षण

PM-SETU के अंतर्गत एक Hub ITI और चार Spoke ITIs वाले क्लस्टर मॉडल के माध्यम से आधुनिक प्रशिक्षण केंद्र विकसित किए जा रहे हैं। यह मॉडल उद्योगों की वास्तविक आवश्यकताओं और युवाओं के कौशल के बीच मौजूद अंतर को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

इस व्यवस्था के माध्यम से युवाओं को अत्याधुनिक तकनीकों, आधुनिक मशीनरी और उद्योग-उपयोगी कौशल का प्रशिक्षण मिलने के साथ बेहतर रोजगार अवसरों के द्वार खुलेंगे। इससे देश के औद्योगिक विकास के लिए आवश्यक कुशल मानव संसाधन तैयार करने में भी मदद मिलेगी।

Skill India और Atmanirbhar Bharat को मिलेगी मजबूती

सम्मेलन में यह संदेश प्रमुखता से सामने आया कि सरकार, उद्योग और कौशल विकास संस्थानों के बीच मजबूत साझेदारी ही भारत के युवा कार्यबल को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की आधारशिला है।

Superior Group of Industries ने PM-SETU जैसी पहल के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा कि निजी क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी से “Skill India” और “Atmanirbhar Bharat” के विजन को और अधिक मजबूती दी जा सकती है।

लखनऊ में आयोजित यह सम्मेलन कौशल विकास, औद्योगिक प्रशिक्षण, निवेश और रोजगार सृजन के बीच बेहतर तालमेल की दिशा में एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ। साथ ही, यह पहल भारत के युवाओं को भविष्य की औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप तैयार करने और राष्ट्र निर्माण में उद्योगों की भागीदारी को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है।
एक मंच पर दिखेंगे पीएम मोदी-पुतिन और जिनपिंग, SCO में मुलाकात, दुनियाभर की टिकी नजरें

#scosummit2026inkyrgyzstanpmmodixijinpingputinmeet

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को किर्गिस्तान पहुंचे किर्गिस्तान में मोदी वे शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे और कई द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। जिसमें भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग एक बार फिर एक साथ नजर आने वाले हैं। यह मुलाकात इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अगले महीने नई दिल्ली में प्रस्तावित BRICS शिखर सम्मेलन में भी तीनों नेता एक बार फिर साथ नजर आ सकते हैं।

मोदी-पुतिन की अहम मुलाकात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय यात्रा पर किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंचे हैं। यहां वह शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के 26वें शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। मोदी की पुतिन से द्विपक्षीय मुलाकात तय है। करीब 50 मिनट निर्धारित इस बैठक में भारत-रूस संबंधों के साथ-साथ कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। मोदी-पुतिन की बातचीत में ऊर्जा सहयोग प्रमुख मुद्दा हो सकता है। रूस भारत के लिए कच्चे तेल और उर्वरक का बड़ा आपूर्तिकर्ता बना हुआ है। ऐसे में दोनों नेता तेल और गैस की आपूर्ति, उर्वरकों की उपलब्धता और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग की समीक्षा कर सकते हैं। वैश्विक ऊर्जा बाजार में जारी अस्थिरता के बीच भारत के लिए रूसी ऊर्जा आपूर्ति अहम है।

पीएम मोदी और जिनपिंग की मुलाकात पर दुनिया की नजर

पीएम मोदी की इससे इतर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से द्विपक्षीय मुलाकात होने की संभावना है। बिश्केक में दुनिया की नजर मोदी की चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से होने वाली मुलाकात पर रहेगी। एससीओ के इतर यह बातचीत ऐसे समय हो रही है जब भारत-चीन संबंधों में संवाद की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने बीजिंग में सीमा विवाद, सीमा पर शांति और द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने पर चर्चा की। मोदी-जिनपिंग की मुलाकात इसलिए भी अहम है क्योंकि यह दिल्ली में सितंबर में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रस्तावित बड़ी मुलाकात से ठीक पहले होगी।

भारत के लिए क्यों अहम है?

मध्य एशिया तेल, गैस, यूरेनियम और अन्य अहम खनिजों का बड़ा भंडार है। भारत लंबे अर्से से मध्य एशिया के देशों के साथ अपने रिश्ते मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए मध्य एशिया के देशों के साथ सहयोग और व्यापार बढ़ाना चाहते हैं। इसके लिए वह नए व्यापार के साथ ही परिवहन मार्ग भी विकसित करने पर काम कर रहा है।

क्या है एसओसी ?

10 सदस्यों वाला शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) एशिया के देशों का एक क्षेत्रीय संगठन है। जो 25 साल पूरे होने का जश्न मना रहा है। चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान ने 2001 में एससीओ की स्थापना की थी। 2017 में भारत और पाकिस्तान एससीओ के पूर्ण सदस्य बने। इसके बाद 2023 में ईरान और 2024 में बेलारूस इसमें शामिल हुए। संगठन का मुख्य काम सुरक्षा, आतंकवाद, अलगाववाद, व्यापार, कनेक्टिविटी और आपसी सहयोग जैसे मुद्दों पर साथ काम करना है।

एक मंच पर दिखेंगे पीएम मोदी-पुतिन और जिनपिंग, SCO में मुलाकात, दुनियाभर की टिकी नजरें

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को किर्गिस्तान पहुंचे किर्गिस्तान में मोदी वे शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे और कई द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। जिसमें भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग एक बार फिर एक साथ नजर आने वाले हैं। यह मुलाकात इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अगले महीने नई दिल्ली में प्रस्तावित BRICS शिखर सम्मेलन में भी तीनों नेता एक बार फिर साथ नजर आ सकते हैं।

मोदी-पुतिन की अहम मुलाकात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय यात्रा पर किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंचे हैं। यहां वह शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के 26वें शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। मोदी की पुतिन से द्विपक्षीय मुलाकात तय है। करीब 50 मिनट निर्धारित इस बैठक में भारत-रूस संबंधों के साथ-साथ कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। मोदी-पुतिन की बातचीत में ऊर्जा सहयोग प्रमुख मुद्दा हो सकता है। रूस भारत के लिए कच्चे तेल और उर्वरक का बड़ा आपूर्तिकर्ता बना हुआ है। ऐसे में दोनों नेता तेल और गैस की आपूर्ति, उर्वरकों की उपलब्धता और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग की समीक्षा कर सकते हैं। वैश्विक ऊर्जा बाजार में जारी अस्थिरता के बीच भारत के लिए रूसी ऊर्जा आपूर्ति अहम है।

पीएम मोदी और जिनपिंग की मुलाकात पर दुनिया की नजर

पीएम मोदी की इससे इतर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से द्विपक्षीय मुलाकात होने की संभावना है। बिश्केक में दुनिया की नजर मोदी की चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से होने वाली मुलाकात पर रहेगी। एससीओ के इतर यह बातचीत ऐसे समय हो रही है जब भारत-चीन संबंधों में संवाद की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने बीजिंग में सीमा विवाद, सीमा पर शांति और द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने पर चर्चा की। मोदी-जिनपिंग की मुलाकात इसलिए भी अहम है क्योंकि यह दिल्ली में सितंबर में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रस्तावित बड़ी मुलाकात से ठीक पहले होगी।

भारत के लिए क्यों अहम है?

मध्य एशिया तेल, गैस, यूरेनियम और अन्य अहम खनिजों का बड़ा भंडार है। भारत लंबे अर्से से मध्य एशिया के देशों के साथ अपने रिश्ते मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए मध्य एशिया के देशों के साथ सहयोग और व्यापार बढ़ाना चाहते हैं। इसके लिए वह नए व्यापार के साथ ही परिवहन मार्ग भी विकसित करने पर काम कर रहा है।

क्या है एसओसी ?

10 सदस्यों वाला शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) एशिया के देशों का एक क्षेत्रीय संगठन है। जो 25 साल पूरे होने का जश्न मना रहा है। चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान ने 2001 में एससीओ की स्थापना की थी। 2017 में भारत और पाकिस्तान एससीओ के पूर्ण सदस्य बने। इसके बाद 2023 में ईरान और 2024 में बेलारूस इसमें शामिल हुए। संगठन का मुख्य काम सुरक्षा, आतंकवाद, अलगाववाद, व्यापार, कनेक्टिविटी और आपसी सहयोग जैसे मुद्दों पर साथ काम करना है।