Nutri Activania Expands Focus on Women’s Nutrition, from PCOS to Pregnancy and Breastfeeding

Nutri Activania, the Saket clinic founded in 2018 by Delhi-based dietician Avni Kaul, is strengthening its support for women’s health. Women’s health is a subject close to Avni Kaul’s heart, and as a hormone-focused nutritionist she now offers dedicated guidance for PCOS, endometriosis, PMS, fertility, perimenopause, menopause, pregnancy, postnatal recovery and lactation.

With PCOS increasingly common among Indian women, the clinic’s PCOS nutrition support focuses on meal structure, appetite, protein, fibre, energy and weight-related goals. Plans also take in sleep, stress, water intake and physical activity, all of which influence hormonal health. The guidance is designed to complement care from a woman’s gynaecologist or endocrinologist rather than replace diagnosis or treatment.

“Women often come to us after being handed a one-page diet sheet and told to lose weight,” said Avni Kaul, a dietician for PCOS in Delhi and Founder of Nutri Activania. “Hormones affect appetite, energy and mood, and PCOS, pregnancy and menopause each change what the body needs. A plan has to respect that, and it has to be something a busy woman can realistically follow. My goal is to give women the tools to take charge of their hormonal health through nutrition, rest, movement, self-care and a positive outlook.”

For women planning a family, the clinic offers pre-conception and fertility-related nutrition guidance, always alongside their doctor. For expectant and new mothers, its pre and postnatal nutrition programme covers dietary needs during pregnancy, postpartum recovery diets, breastfeeding and infant feeding, coordinated with the client’s obstetric and healthcare team. Avni Kaul is a Certified Lactation Counsellor (NHS, UK) with extensive training in maternal health and baby foods, and partners and family members are welcome to join sessions. Nutri Activania’s website also offers a free pregnancy weight gain calculator as a general starting-point tool.

Avni Kaul brings 12 years of practice, including her former role as a Dietician and Diabetes Educator in the Endocrinology Department at Max Hospital, where hormonal and metabolic conditions were central to daily care. She holds B.Sc. and M.Sc. qualifications in Food and Nutrition from the University of Delhi and was a Gold Medallist at Lady Irwin College.

Consultations are deliberately judgment-free, with every plan built around the woman’s routine, food preferences and emotional wellbeing. Support for thyroid management, which frequently overlaps with women’s hormonal concerns, and nutritional guidance for women prescribed GLP-1 agonist medications are also available, both in person and online.

About Nutri Activania

 Founded in 2018 by dietician Avni Kaul, Nutri Activania is a Saket, New Delhi nutrition clinic providing evidence-based, personalised nutrition for women’s hormonal health, pregnancy and lactation, weight management and lifestyle conditions, in person and online across India.

 

पीएम मोदी दिसंबर में जाएंगे कनाडा, प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने किया तारीखों का ऐलान

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11-12 दिसंबर को कनाडा का दौरा करेंगे। ओटावा में भारतीय उच्चायोग ने शुक्रवार को इसका ऐलान किया। बता दें कि अभी कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद भारत की यात्रा पर हैं। इसी बीच पीएम मोदी का कनाडा दौरा भी तय हो गया है। ये दौरा दोनों देशों के रिश्ते को लेकर अहम माना जा रहा है। दरअसल, 2023 में खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था। अब आपसी सहयोग बढ़ाने और रिश्तों को पटरी पर लाने की कोशिशों के बीच मोदी का यह दौरा काफी अहम माना जा रहा है।

पीएम मोदी और मार्क कार्नी के बीच फोन पर हुई बात

यह घोषणा प्रधानमंत्री मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच हुई टेलीफोन पर बातचीत के बाद की गई है। ओटावा स्थित भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11-12 दिसंबर, 2026 को कनाडा का दौरा करेंगे।' पोस्ट में आगे कहा गया है, 'प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के साथ हाल ही में हुई बातचीत में दोनों नेताओं ने संबंधों में सकारात्मक गति को आगे बढ़ाने और व्यापार, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, सुरक्षा और लोगों के बीच संबंधों में ठोस परिणाम प्राप्त करने की दिशा में काम करने पर सहमति व्यक्त की।'

क्यों अहम है पीएम मोदी का कनाडा यात्रा

भारत और कनाडा के बीच रिश्तों को बेहतर बनाने की कोशिशों के बीच यह दौरा अहम माना जा रहा है। भारत और कनाडा के रिश्तों में 2023 में खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद तनाव बढ़ गया था। तत्कालीन कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भारतीय एजेंटों की कथित भूमिका को लेकर आरोप लगाए थे, जिन्हें भारत ने खारिज किया था। दोनों देशों ने एक-दूसरे के छह-छह राजनयिकों को निष्कासित भी किया था। हालांकि, मार्क कार्नी के प्रधानमंत्री बनने के बाद रिश्तों में सुधार और व्यापारिक सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। दोनों देश इस साल के अंत तक व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में काम कर रहे हैं। उनका लक्ष्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर सालाना 70 अरब डॉलर तक पहुंचाना है।

*नशामुक्त झारखंड के लिए रोकथाम को जनआंदोलन बनाना होगा: सचिव उमाशंकर सिंह, एमडीआई में राज्यस्तरीय कार्यशाला आयोजित*

रांची:- श्री उमाशंकर सिंह , सचिव, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग सह महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग ने कहा कि नशे की चुनौती केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि युवाओं, परिवारों और समाज के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। हमारी सफलता गतिविधियों की संख्या से नहीं, बल्कि इस बात से मापी जानी चाहिए कि हम कितने लोगों को नशे से बचा सके और उनके जीवन में कितना सकारात्मक बदलाव ला सके।" उन्होंने कहा कि नशा रोकथाम को पंचायतों, शैक्षणिक संस्थानों, समुदायों और विभिन्न विभागों की साझा जिम्मेदारी बनाना होगा, ताकि इसे जमीनी स्तर पर प्रभावी जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा सके”।वे मंगलवार को एमडीआई बिल्डिंग प्रोजेक्ट भवन में आयोजित एक कार्यशाला को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे । उन्होंने नशा मुक्ति को केवल जागरूकता तक सीमित न रखकर रोकथाम, व्यवहार परिवर्तन और सामुदायिक नेतृत्व आधारित जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।

मंगलवार को एमडीआई बिल्डिंग प्रोजेक्ट भवन में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार झारखंड सरकार द्वारा नशीले पदार्थों की मांग में कमी (Drug Demand Reduction) एवं रोकथाम आधारित रणनीतियों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला “Reimagining Prevention and Drug Demand Reduction in India” का आयोजन किया गया था ।

निदेशक, सामाजिक कल्याण श्रीमती किरण कुमारी पासी ने कहा कि नशे की रोकथाम में परिवार और समुदाय की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। समय पर सही जानकारी, उचित मार्गदर्शन और सहयोग उपलब्ध कराकर हजारों युवाओं को नशे की चपेट में आने से बचाया जा सकता है। "नशे के खिलाफ लड़ाई की सबसे बड़ी ताकत हमारा समाज, परिवार और समुदाय हैं। यह केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों, सहिया, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, पंचायत प्रतिनिधियों और युवा संगठनों को नशा रोकथाम, प्रारंभिक पहचान, परामर्श एवं सामुदायिक जागरूकता के प्रमुख साझेदार के रूप में सशक्त बनाने पर बल दिया । उन्होंने स्वयं सहायता समूहों, सहिया, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, पंचायत प्रतिनिधियों और युवा संगठनों को नशा रोकथाम, प्रारंभिक पहचान, परामर्श एवं सामुदायिक जागरूकता के प्रमुख साझेदार के रूप में सशक्त बनाने पर बल दिया।

कार्यशाला में विभिन्न विभागों, development partners, एवं विशेषज्ञों ने साक्ष्य आधारित, result oriented और समुदाय केंद्रित नशा रोकथाम मॉडल पर चर्चा की। जिला, प्रखंड और ग्राम स्तर पर समन्वित कार्ययोजना विकसित करने तथा रोकथाम, परामर्श, उपचार, पुनर्वास और सामाजिक पुनर्समेकन को एकीकृत रूप से लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

कार्यशाला में पंचायती राज, नगर विकास, गृह विभाग के नारकोटिक्स प्रकोष्ठ, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, आई.सी.पीएस तथा जे.एस.एल.पी.एस सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर अपने विचार साझा किए। सभी प्रतिभागियों ने नशा मुक्ति के लिए सामाजिक समावेशन एवं विभागीय convergence को आवश्यक बताते हुए नशा मुक्त हेल्पलाइन 14446 तथा उपलब्ध परामर्श, उपचार एवं पुनर्वास सेवाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर बल दिया ।

कार्यशाला के अंत में झारखंड में नशीले पदार्थों की मांग में कमी लाने हेतु राज्य की प्रतिबद्धता के तहत एक कार्ययोजना तैयार की गई, जिसे सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय को प्रेषित किया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट से राहुल गांधी को बड़ी राहत, निचली अदालत की कार्यवाही पर लगाई रोक, जानें पूरा मामला

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राहुल गांधी चुनाव आयोग पर लगातार सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांग रहे हैं। इस बीच उन्हें सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ ट्रायल पर रोक लगा दी है। ये मामला महाराष्ट्र की एक ट्रायल कोर्ट से जुड़ा है।

यह मामला राहुल गांधी के उस कथित बयान से जुड़ा है जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के लिए कथित अपमानजनक टिप्पणी की थी। इस टिप्पणी को लेकर बीजेपी के एक कार्यकर्ता ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। मामला निचली अदालत तक पहुंचा और राहुल गांधी को समन जारी किया गया। अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ट्रायल कोर्ट में आगे की कार्यवाही फिलहाल नहीं होगी। हालांकि यह राहत अभी अंतरिम है। मामले में अंतिम फैसला आना बाकी है।

चार सप्ताह में मांगा जवाब

मंगलवार को जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की पीठ ने राहुल गांधी की याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने इस मामले में महाराष्ट्र सरकार और शिकायतकर्ता महेश श्रीश्रीमल को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा। राहुल ने बॉम्बे हाई कोर्ट के 8 सितंबर के आदेश को चुनौती दी थी। हाई कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज करते हुए मानहानि केस रद्द करने से इनकार कर दिया था।

बॉम्बे हाईकोर्ट ने खारिज की थी याचिका

राहुल गांधी ने बॉम्बे हाईकोर्ट के आठ सितंबर 2026 के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने राहुल गांधी को 2019 में जारी समन रद्द करने से इनकार कर दिया था। यह समन मुंबई की गिरगांव मजिस्ट्रेट अदालत ने 28 अगस्त 2019 को शिकायत पर कार्रवाई करते हुए जारी किया था। हालांकि, हाईकोर्ट ने मजिस्ट्रेट को शिकायत पर सुनवाई छह सप्ताह तक टालने का अपना 2021 का आदेश जारी रखने को कहा था, जिससे राहुल गांधी सुप्रीम कोर्ट जा सकें।

पीएम मोदी पर लगाया था आरोप

याचिका श्रीमाल नाम के एक शख्स ने लगाई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि राहुल गांधी ने 20 सितंबर 2018 को राजस्थान में एक सार्वजनिक भाषण में पीएम मोदी की बदनामी की थी। दावा किया गया था कि राहुल गांधी के बयानों का मतलब बीजेपी के सभी सदस्यों और पीएम मोदी से जुड़े भारतीय नागरिकों पर सीधे आरोप लगाना था।

The Lyricist with an M.Sc.: How Mohkam Singh is Rewriting the Rules of Punjabi Pop

In an industry driven by basslines and viral dance challenges, it is easy to forget that every hit begins with a blank page and a sharp pen. Even rarer is finding that pen in the hands of an international corporate strategist. Meet Mohkam Singh—the UK-based lyricist proving that global management credentials and grassroots Punjabi rhythm are not mutually exclusive.

Born in Punjab in 1996 and an alumnus of Guru Nanak Dev University, Singh spent over five years managing corporate development at Gocool International before moving to Britain to earn his Master's in International Business Management. That corporate discipline now shapes his creative workflow: while many view songwriting as purely spontaneous, Singh approaches the craft with architectural precision, tailoring cadence, vernacular slang, and thematic hooks to the algorithmic realities of global streaming platforms.

His creative breakthrough arrived through a string of independent label hits that quickly caught fire across regional airwaves. Tracks like the 2023 singles "Dashboard" and "Overdose" established his ear for club-ready pacing, but it was 2024's "BP High" (sung by J Attri under B Music) that cemented his reputation, picking up major nominations at both the PTC Punjabi Music Awards and the BritAsia TV Music Awards. Rather than sticking to a single formula, Singh pivoted in 2025 to romantic folk-fusion with "Jhanjra" (sung by

Deepkamal for HA Records), earning critical nods at the Mirchi Music Awards Punjabi for its seamless blend of heritage imagery and modern banter.

By early 2026, Singh's cross-border versatility showed no signs of slowing, as his club anthem "Ghunt Ghunt" alongside Meet Bhuker and Preet Mohit racked up an honors nomination at the Global Punjabi Media & Music Honors. Dividing his time between boardrooms, international transit hubs, and studio soundboards, Mohkam Singh embodies the modern Punjabi polymath—grounded in cultural storytelling, built for a global audience.

द‍िल्‍ली के 57 मेट्रो स्‍टेशन आज रात 9 बजे से रहेंगे बंद, पुलिस के प्रस्ताव को डीएमआरसी की मंजूरी

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दिल्ली में 10 अक्तूबर को प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन से पहले 57 मेट्रो स्टेशन बंद करने का फ़ैसला लिया गया है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने शुक्रवार को इस संबंध में जानकारी दी। डीएमआरसी के मुताबिक़, 9 अक्तूबर, 2026 को रात 9 बजे से इन स्टेशनों को बंद कर दिया जाएगा। ये स्टेशन अगले आदेश तक बंद रहेंगे।

सुरक्षा कारणों से लिया गया फैसला

डीएमआरसी ने एक्स पर लिखा, "सुरक्षा कारणों से, इन मेट्रो स्टेशनों पर 9 अक्तूबर, 2026 को रात 09:00 बजे से एंट्री और एग्ज़िट के रास्ते बंद रहेंगे। यह रोक 10 अक्तूबर, 2026 को भी अगले आदेश तक जारी रहेगी। हालांकि, नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन को छोड़कर, सभी संबंधित मेट्रो स्टेशनों पर मेट्रो बदलने की सुविधा उपलब्ध रहेगी।" इसका मतलब है कि यात्री एक लाइन से दूसरी लाइन में बदल सकेंगे। लेकिन वे स्टेशन से बाहर नहीं निकल पाएंगे। साथ ही, इन स्टेशनों में प्रवेश भी नहीं कर पाएंगे।

10 घंटे तक दिल्ली और निज़ामुद्दीन स्टेशन बंद

इधर, भारतीय रेलवे ने शनिवार, 10 अक्टूबर को नई दिल्ली और हज़रत निज़ामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर आने और वहाँ से रवाना होने वाली सभी ट्रेनों को 10 घंटे के लिए रद्द कर दिया है। शनिवार सुबह चार बजे से दोपहर दो बजे तक नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और हज़रत निज़ामुद्दीन रेलवे स्टेशन से आने-जाने वाली सभी ट्रेन सेवाएं रद्द रहेंगी। विरोध प्रदर्शन के दौरान यात्रियों को होने वाली असुविधा कम करने के लिए यह फ़ैसला लिया गया है।

सीजेपी को नहीं मिली प्रदर्शन की अनुमति

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने दिल्ली के जंतर मंतर पर 10 अक्तूबर से आंदोलन की घोषणा की है। सीजेपी के इस आंदोलन का विपक्ष समर्थन कर रहा है लेकिन दिल्ली पुलिस ने इसकी इजाज़त नहीं दी है। शुक्रवार को दिल्ली पुलिस की जॉइंट सीपी नूपुर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर कहा, ''कॉकरोच जनता पार्टी के सह-संयोजक सौरव दास से हमें एक आवेदन मिला है। इस आवेदन पर विचार किया गया, लेकिन पाया गया कि प्रदर्शन की सूचना बहुत कम समय पहले दी गई थी, जबकि निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार, प्रस्तावित प्रदर्शन से 10 दिन पहले सूचना देना ज़रूरी है।'' नूपुर प्रसाद ने कहा, ''यह बताना भी ज़रूरी है कि इससे पहले जब सीजेपी को वहाँ विरोध प्रदर्शन की अनुमति दी गई थी, तब पार्टी ने क़ानूनी निर्देशों का पालन नहीं किया था और उस समय दिए गए अपने आश्वासनों का भी उल्लंघन किया था।''

नाना पाटेकर के निधन से फिल्म से लेकर राजनीति जगत में शोक की लहर, पीएम मोदी ने भी जताई संवेदना

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दिग्गज एक्टर नाना पाटेकर के निधन की खबर से शोक की लहर दौड़ गई है। 75 साल की उम्र में एक्टर ने दुनिया को अलविदा कह दिया। नाना पाटेकर गोवा के डोना पाउला स्थित अपने घर में बेहोश मिले थे। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पीएम मोदी ने संवेदना जताई

अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संवेदना जताई है। पीएम मोदी ने कहा,'नाना पाटेकर जी जैसी तीव्रता, अनोखापन और दमदार मौजूदगी बहुत कम अभिनेताओं में देखने को मिलती है। उन्होंने हर किरदार में अद्भुत विविधता और रचनात्मकता का परिचय दिया और हमें ऐसे पात्र दिए जिन्हें पीढ़ियों तक याद रखा जाएगा। उन्हें उनके बेबाक और स्पष्ट विचारों के लिए भी सराहा जाता था। वे अपनी बात कहने में कभी नहीं हिचकिचाते थे।

कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति- अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर शोक व्यक्त किया है। खुद के साथ नाना की तस्वीर शेयर करते हुए अमित शाह ने लिखा, 'भारतीय सिनेमा के महान अभिनेता नाना पाटेकर का निधन कला जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। पांच दशकों से अधिक समय तक, अपनी स्वाभाविक अभिनय शैली और दमदार संवाद अदायगी से उन्होंने दर्शकों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ी। चाहे गंभीर सामाजिक मुद्दे हों या हास्य-व्यंग्य, उन्होंने जिस भी किरदार को निभाया, उसमें जान डाल दी।'

नाना पाटेकर के निधन पर सीएम योगी ने जताया शोक

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर कर शोक जताया। उन्होंने लिखा- 'प्रख्यात अभिनेता, रंगमंच के सशक्त कलाकार एवं संवेदनशील समाजसेवी, ‘पद्म श्री’ नाना पाटेकर जी का निधन कला जगत की अपूरणीय क्षति है। उन्होंने अपने विलक्षण अभिनय से भारतीय सिनेमा को समृद्ध किया और अपने सामाजिक सरोकारों से समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को भी अभिव्यक्त किया। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान तथा शोकाकुल परिजनों एवं प्रशंसकों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति।'

अक्षय कुमार का भावुक पोस्ट

अक्षय कुमार ने नाना पाटेकर के निधन पर भावुक श्रद्धांजलि दी। उन्होंने एक्स पर उनकी एक तस्वीर के साथ लिखा- 'ये बहुत दुखद है कि अब नाना जी नहीं रहे। नाना उन दुर्लभ कलाकारों में थे, जिन्हें दर्शकों का ध्यान खींचने के लिए ज्यादा कुछ करने की जरूरत नहीं पड़ती थी। उनकी आवाज, अभिनय की गहराई और हर किरदार में दिखने वाली ईमानदारी उन्हें सबसे अलग बनाती थी। अक्षय ने बताया कि उन्हें नाना के साथ ‘वेलकम’ और हाल ही में ‘हाउसफुल 5’ में काम करने का मौका मिला। उन्होंने लिखा कि इन फिल्मों के सेट की कई यादें हमेशा उनके दिल के करीब रहेंगी।'

शेखर सुमन के शो पर आने वाले थे पाटेकर

नाना पाटेकर की मौत की खबर पर रिएक्शन देते हुए शेखर सुमन ने बातचीत में कहा- सुबह सुबह ये मनहूस खबर। मेरी तीन-चार दिनों से उनसे बात हो रही थी, वो मेरे शो में आना चाहते थे। मेरी परसों ही उनसे बात हुई, उन्‍होंने कहा कि वो अभी गोवा में शूट कर रहे हैं। शूट खत्‍म कर के आऊंगा तो तुम्‍हारे शो में आता हूं, वो बिल्कुल ठीक थे। तबीयत खराब जैसी कोई बात नहीं थी। वह पहले 1-2 अक्‍टूबर को ही आने वाले थे। लेकिन फिर उनका मैसेज आया कि शूट‍िंग खत्‍म कर के आऊंगा।

उत्तर प्रदेश के 75 हजार चौकीदार भाइयों की मांगें पूरी करे सरकार
*गोण्डा/श्रावस्ती।* उत्तर प्रदेश के करीब 75 हजार ग्राम चौकीदार अपनी जायज़ मांगों को लेकर लखनऊ के ईको गार्डन में धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांग है कि वर्तमान मानदेय को ₹2,500 से बढ़ाकर ₹24,400 प्रतिमाह किया जाए तथा उन्हें चतुर्थ श्रेणी के सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव मसूद आलम खान ने उत्तर प्रदेश सरकार से यह मांग करते हुए कहा है कि  चौकीदार भाइयों की मांगों पर तत्काल गंभीरता से विचार करते हुए उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए।

मैं प्रदेश के 75 हजार चौकीदार भाइयों को भरोसा दिलाता हूँ कि यदि वर्तमान सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती है, तो आगामी सरकार में समाजवादी पार्टी की ओर से उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का प्रयास किया जाएगा। माननीय अखिल…
[4:49 pm, 07/10/2026] +91 94154 15779: *सेवा संकल्प अभियान के तहत गोंडा में निकली सेवा ज्योति यात्रा*

*हजारों कार्यकर्ताओं ने हाथों में मशाल लेकर लिया विकसित भारत-2047 का संकल्प*

*गोण्डा, 07 अक्टूबर 2026* - देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत बुधवार को गोंडा मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम से ‘सेवा ज्योति यात्रा’ निकाली गई। यात्रा में जिले के जनप्रतिनिधियों, भाजपा पदाधिकारियों, हजारों कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय नागरिकों ने प्रतिभाग किया। अवध क्षेत्र के क्षेत्रीय महामंत्री एवं संगठन जिला प्रभारी राहुल रस्तोगी के नेतृत्व में जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं ने हाथों में सेवा ज्योति मशाल लेकर यात्रा निकाली। यात्रा मेडिकल कॉलेज परिसर में स्थापित महाराजा देवी बख्श सिंह की प्रतिमा के पास पहुंचकर संपन्न हुई। इस दौरान कार्यकर्ताओं द्वारा भारत माता की जय वन्देमातरम आदि के नारे लगाए गए। कार्यक्रम के दौरान भाजपा महिला कार्यकर्ताओं द्वारा मेडिकल कॉलेज परिसर में ‘विकसित भारत-2047’ की थीम पर आकर्षक रंगोली बनाई गई। उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं ने रंगोली का अवलोकन किया तथा वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।

इस अवसर पर आयोजित विकसित भारत संकल्प सभा में भाजपा विधायक गौरा प्रभात वर्मा, सदर विधायक प्रतीक भूषण सिंह, तरबगंज विधायक प्रेम नारायण पांडेय, मेहनौन विधायक विनय कुमार द्विवेदी, विधायक अजय कुमार सिंह, मनकापुर विधायक रमापति शास्त्री तथा कटरा बाजार विधायक श्री बावन सिंह ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के जनसेवा काल एवं विभिन्न क्षेत्रों में किए गए कार्यों का उल्लेख किया। यात्रा में कैसरगंज सांसद करण भूषण सिंह भी शामिल हुए। भाजपा जिलाध्यक्ष अकबाल बहादुर तिवारी ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से विकसित भारत-2047 के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया गया है। अभियान के तहत आगे गांव, वार्ड एवं विभिन्न मोहल्लों में भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।


यात्रा से पहले आडिटोरियम में उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों, भाजपा पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने एलईडी स्क्रीन के माध्यम से प्रधानमंत्री  के देश के नाम संबोधन को ध्यानपूर्वक सुना एवं देखा। प्रधानमंत्री ने अपने सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर देशवासियों के प्रति आभार व्यक्त किय एवं भारत को 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प दिलाया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने संबोधन को सुना तथा सेवा संकल्प अभियान के उद्देश्यों और विकसित भारत-2047 के संकल्प से जुड़ने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

कार्यक्रम में भाजपा जिला सह-मीडिया प्रभारी अविनाश जायसवाल, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष बीना राय, पिछड़ा वर्ग मोर्चा जिलाध्यक्ष प्रिंस चौरसिया, किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष विद्या भूषण द्विवेदी सहित पार्टी के विभिन्न पदाधिकारी एवं हजारों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
यासीन मलिक समेत 7 आरोपियों पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप तय करने का आदेश, पाकिस्तान से हुई टेरर फंडिंग

#chargestobeframedagainstyasinmalikandsixothersunderthepmla

जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी गतिविधियों के लिए सीमा पार से होने वाली अवैध फंडिंग के मामले में पटियाला हाउस स्थित विशेष एनआईए अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने अलगाववादी नेता यासीन मलिक समेत सात आरोपियों के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत आरोप तय करने का निर्देश दिया है।

पाकिस्तान से हवाला के जरिए फंडिंग का आरोप

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच के अनुसार, आरोपियों पर पाकिस्तानी प्रतिष्ठान से हवाला चैनलों के जरिए कथित तौर पर विदेशी फंड हासिल करने और उसका इस्तेमाल अलगाववादी गतिविधियों के लिए करने का आरोप है। अदालत ने मामले में 8,94,87,639 रुपये के कथित अपराध से अर्जित धन यानी ‘प्रोसीड्स ऑफ क्राइम’ का उल्लेख किया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि यह धन विभिन्न माध्यमों से आरोपियों तक पहुंचा, जिसके बाद इसे कथित तौर पर स्थानांतरित, छिपाया, अपने कब्जे में रखा और अलग-अलग गतिविधियों में इस्तेमाल किया गया।

यासीन मलिक समेत इन आरोपियों पर कसा शिकंजा

यासीन मलिक के अलावा जिन अन्य प्रमुख आरोपियों पर शिकंजा कसा गया है, उनमें कश्मीरी कारोबारी जहूर अहमद शाह वताली, इंजीनियर रशीद (अब्दुल रशीद शेख), शब्बीर अहमद शाह, नवल किशोर कपूर, मसरत आलम भट और ट्राइसन फार्म्स एंड कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड शामिल है। जांच एजेंसियों के अनुसार, इन आरोपियों पर पाकिस्तानी हुक्मरानों और खुफिया तंत्र से हवाला के गुप्त रास्तों के जरिए मोटी रकम हासिल करने का गंभीर आरोप है।

मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त सबूत

विशेष एनआईए जज प्रशांत शर्मा ने मामले में पेश किए गए दस्तावेजी और फोरेंसिक साक्ष्यों का संज्ञान लेते हुए यह आदेश जारी किया। कोर्ट ने माना कि आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की धाराओं में मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त आधार मौजूद हैं। मामले में आरोप स्वीकार या अस्वीकार करने के लिए आरोपियों की व्यक्तिगत उपस्थिति 30 सितंबर को होनी थी। हालांकि, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के कारण कुछ आरोपियों को अदालत में पेश नहीं किया जा सका। अब अदालत ने ED को निर्देश दिया है कि न्यायिक हिरासत में मौजूद आरोपियों से आरोपों से संबंधित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए जाएं। अब इस मामले की अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को होगी।

कौन है यासीन मलिक?

यासीन मलिक जम्मू और कश्मीर का एक प्रमुख अलगाववादी नेता है। यासीन मलिक वर्तमान में नई दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। वह प्रतिबंधित संगठन जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) का अध्यक्ष रह चुका है, जो 1980 के दशक के अंत और 1990 के दशक की शुरुआत में कश्मीर घाटी में सशस्त्र उग्रवाद का नेतृत्व करने वाला पहला संगठन था। मई 2022 में, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एक विशेष अदालत ने यासीन मलिक को आपराधिक साजिश, देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने और कश्मीर में आतंकवादी व अलगाववादी गतिविधियों के लिए धन जुटाने का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

कौन हैं वह भारतीय पायलट जिसकी पीएम मोदी ही नहीं नेतन्याहू तक ने की तारीफ, जानें कैसी बचाई सैकड़ों की जान

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फ्लाईदुबई विमान में अपनी जान की बाजी लगाकर सैकड़ों यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय मूल के पायलट स्मित मच्छार की बहादुरी की पूरी दुनिया कायल हो गई है। बुधवार को दुबई से तेल अवीव जा रहे फ्लाईदुबई के विमान को हाईजैक कर क्रैश करने की कोशिश की गई। आरोपी सह-पायलट ही था, लेकिन विमान के भारतीय पायलट स्मित मच्छार ने आरोपी की साजिश को नाकाम कर दिया। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू तक ने कैप्टन मच्छार की तारीफ की है।

कैप्टन स्मित मच्छार एक हीरो हैं-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट किया है। उन्होंने कैप्टन स्मित मच्छार की जमकर तारीफ की है। पीएम मोदी ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट करते हुए लिखा ''कैप्टन स्मित मच्छार एक हीरो हैं। बेहद खतरनाक हालात और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, उन्होंने दूसरों की जान बचाने के लिए जबरदस्त हिम्मत और अटूट संकल्प दिखाया। उनकी बहादुरी से सैकड़ों लोगों की जान बची और एक बड़ी त्रासदी टल गई। भारत को कैप्टन मच्छार पर गर्व है। हम उनके जल्द ठीक होने, नई ताकत पाने और अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।''

नेतन्याहू ने की कैप्टन मच्छार की तारीफ

अपनी जान दांव पर लगाकर भारतीय पायलट ने पूरे 180 यात्रियों की जान बचाई। फ्लाईदुबई की फ्लाइट को सुरक्षित लैंड कराने वाले पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की जमकर तारीफ की जा रही है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू तक ने कैप्टन मच्छार की तारीफ की है। नेतन्याहू ने उन्हें सच्चा हीरो बताया है। नेतन्याहू ने कहा, ''मैं इन नायकों को सलाम करता हूं, जिन्होंने असाधारण सूझबूझ और साहस का परिचय दिया। उन्होंने कई लोगों की जान बचाई। उन्होंने एक बड़ी त्रासदी को होने से रोक दिया। वह एक सच्चे नायक हैं।'' भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन आजार ने भी भारतीय पायलट की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कैप्टन स्मित मच्छार की सलामती की दुआ भी की है।

फ्लाइट में क्या हुआ था?

फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 ने बुधवार 30 सितम्बर को स्थानीय समयानुकार सुबह 6:49 बजे दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरी। शुरुआत में ढाई घंटे तक सब कुछ सामान्य था और विमान सऊदी अरब के ऊपर पश्चिम की ओर बढ़ रहा था। इसके बाद कॉकपिट में एक पायलट ने दूसरे को चाकू मारा और विमान को क्रैश कराने की कोशिश की। और विमान के सिस्टम को भी नुकसान पहुंचाने की कोशिश की।

हालांकि मुश्किल हालात में भी कैप्टन स्मित मच्छार ने चाकू के कई वार झेलने के बावजूद गजब की हिम्मत दिखाते हुए विमान के कॉकपिट का दरवाजा खोला। जिसके बाद विमान में सवार दो ऑफ ड्यूटी इस्राइली पायलट और अन्य यात्रियों ने हमलावर को काबू किया और 174 यात्रियों को ले जा रहे विमान को क्रैश होने से बचा लिया। इस घटना में कैप्टन मच्छार गंभीर रूप से घायल हुए हैं और उनका सऊदी अरब के ताबुक में एक अस्पताल में इलाज चल रहा है।

Nutri Activania Expands Focus on Women’s Nutrition, from PCOS to Pregnancy and Breastfeeding

Nutri Activania, the Saket clinic founded in 2018 by Delhi-based dietician Avni Kaul, is strengthening its support for women’s health. Women’s health is a subject close to Avni Kaul’s heart, and as a hormone-focused nutritionist she now offers dedicated guidance for PCOS, endometriosis, PMS, fertility, perimenopause, menopause, pregnancy, postnatal recovery and lactation.

With PCOS increasingly common among Indian women, the clinic’s PCOS nutrition support focuses on meal structure, appetite, protein, fibre, energy and weight-related goals. Plans also take in sleep, stress, water intake and physical activity, all of which influence hormonal health. The guidance is designed to complement care from a woman’s gynaecologist or endocrinologist rather than replace diagnosis or treatment.

“Women often come to us after being handed a one-page diet sheet and told to lose weight,” said Avni Kaul, a dietician for PCOS in Delhi and Founder of Nutri Activania. “Hormones affect appetite, energy and mood, and PCOS, pregnancy and menopause each change what the body needs. A plan has to respect that, and it has to be something a busy woman can realistically follow. My goal is to give women the tools to take charge of their hormonal health through nutrition, rest, movement, self-care and a positive outlook.”

For women planning a family, the clinic offers pre-conception and fertility-related nutrition guidance, always alongside their doctor. For expectant and new mothers, its pre and postnatal nutrition programme covers dietary needs during pregnancy, postpartum recovery diets, breastfeeding and infant feeding, coordinated with the client’s obstetric and healthcare team. Avni Kaul is a Certified Lactation Counsellor (NHS, UK) with extensive training in maternal health and baby foods, and partners and family members are welcome to join sessions. Nutri Activania’s website also offers a free pregnancy weight gain calculator as a general starting-point tool.

Avni Kaul brings 12 years of practice, including her former role as a Dietician and Diabetes Educator in the Endocrinology Department at Max Hospital, where hormonal and metabolic conditions were central to daily care. She holds B.Sc. and M.Sc. qualifications in Food and Nutrition from the University of Delhi and was a Gold Medallist at Lady Irwin College.

Consultations are deliberately judgment-free, with every plan built around the woman’s routine, food preferences and emotional wellbeing. Support for thyroid management, which frequently overlaps with women’s hormonal concerns, and nutritional guidance for women prescribed GLP-1 agonist medications are also available, both in person and online.

About Nutri Activania

 Founded in 2018 by dietician Avni Kaul, Nutri Activania is a Saket, New Delhi nutrition clinic providing evidence-based, personalised nutrition for women’s hormonal health, pregnancy and lactation, weight management and lifestyle conditions, in person and online across India.

 

पीएम मोदी दिसंबर में जाएंगे कनाडा, प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने किया तारीखों का ऐलान

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11-12 दिसंबर को कनाडा का दौरा करेंगे। ओटावा में भारतीय उच्चायोग ने शुक्रवार को इसका ऐलान किया। बता दें कि अभी कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद भारत की यात्रा पर हैं। इसी बीच पीएम मोदी का कनाडा दौरा भी तय हो गया है। ये दौरा दोनों देशों के रिश्ते को लेकर अहम माना जा रहा है। दरअसल, 2023 में खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था। अब आपसी सहयोग बढ़ाने और रिश्तों को पटरी पर लाने की कोशिशों के बीच मोदी का यह दौरा काफी अहम माना जा रहा है।

पीएम मोदी और मार्क कार्नी के बीच फोन पर हुई बात

यह घोषणा प्रधानमंत्री मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच हुई टेलीफोन पर बातचीत के बाद की गई है। ओटावा स्थित भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11-12 दिसंबर, 2026 को कनाडा का दौरा करेंगे।' पोस्ट में आगे कहा गया है, 'प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के साथ हाल ही में हुई बातचीत में दोनों नेताओं ने संबंधों में सकारात्मक गति को आगे बढ़ाने और व्यापार, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, सुरक्षा और लोगों के बीच संबंधों में ठोस परिणाम प्राप्त करने की दिशा में काम करने पर सहमति व्यक्त की।'

क्यों अहम है पीएम मोदी का कनाडा यात्रा

भारत और कनाडा के बीच रिश्तों को बेहतर बनाने की कोशिशों के बीच यह दौरा अहम माना जा रहा है। भारत और कनाडा के रिश्तों में 2023 में खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद तनाव बढ़ गया था। तत्कालीन कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भारतीय एजेंटों की कथित भूमिका को लेकर आरोप लगाए थे, जिन्हें भारत ने खारिज किया था। दोनों देशों ने एक-दूसरे के छह-छह राजनयिकों को निष्कासित भी किया था। हालांकि, मार्क कार्नी के प्रधानमंत्री बनने के बाद रिश्तों में सुधार और व्यापारिक सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। दोनों देश इस साल के अंत तक व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में काम कर रहे हैं। उनका लक्ष्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर सालाना 70 अरब डॉलर तक पहुंचाना है।

*नशामुक्त झारखंड के लिए रोकथाम को जनआंदोलन बनाना होगा: सचिव उमाशंकर सिंह, एमडीआई में राज्यस्तरीय कार्यशाला आयोजित*

रांची:- श्री उमाशंकर सिंह , सचिव, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग सह महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग ने कहा कि नशे की चुनौती केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि युवाओं, परिवारों और समाज के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। हमारी सफलता गतिविधियों की संख्या से नहीं, बल्कि इस बात से मापी जानी चाहिए कि हम कितने लोगों को नशे से बचा सके और उनके जीवन में कितना सकारात्मक बदलाव ला सके।" उन्होंने कहा कि नशा रोकथाम को पंचायतों, शैक्षणिक संस्थानों, समुदायों और विभिन्न विभागों की साझा जिम्मेदारी बनाना होगा, ताकि इसे जमीनी स्तर पर प्रभावी जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा सके”।वे मंगलवार को एमडीआई बिल्डिंग प्रोजेक्ट भवन में आयोजित एक कार्यशाला को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे । उन्होंने नशा मुक्ति को केवल जागरूकता तक सीमित न रखकर रोकथाम, व्यवहार परिवर्तन और सामुदायिक नेतृत्व आधारित जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।

मंगलवार को एमडीआई बिल्डिंग प्रोजेक्ट भवन में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार झारखंड सरकार द्वारा नशीले पदार्थों की मांग में कमी (Drug Demand Reduction) एवं रोकथाम आधारित रणनीतियों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला “Reimagining Prevention and Drug Demand Reduction in India” का आयोजन किया गया था ।

निदेशक, सामाजिक कल्याण श्रीमती किरण कुमारी पासी ने कहा कि नशे की रोकथाम में परिवार और समुदाय की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। समय पर सही जानकारी, उचित मार्गदर्शन और सहयोग उपलब्ध कराकर हजारों युवाओं को नशे की चपेट में आने से बचाया जा सकता है। "नशे के खिलाफ लड़ाई की सबसे बड़ी ताकत हमारा समाज, परिवार और समुदाय हैं। यह केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों, सहिया, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, पंचायत प्रतिनिधियों और युवा संगठनों को नशा रोकथाम, प्रारंभिक पहचान, परामर्श एवं सामुदायिक जागरूकता के प्रमुख साझेदार के रूप में सशक्त बनाने पर बल दिया । उन्होंने स्वयं सहायता समूहों, सहिया, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, पंचायत प्रतिनिधियों और युवा संगठनों को नशा रोकथाम, प्रारंभिक पहचान, परामर्श एवं सामुदायिक जागरूकता के प्रमुख साझेदार के रूप में सशक्त बनाने पर बल दिया।

कार्यशाला में विभिन्न विभागों, development partners, एवं विशेषज्ञों ने साक्ष्य आधारित, result oriented और समुदाय केंद्रित नशा रोकथाम मॉडल पर चर्चा की। जिला, प्रखंड और ग्राम स्तर पर समन्वित कार्ययोजना विकसित करने तथा रोकथाम, परामर्श, उपचार, पुनर्वास और सामाजिक पुनर्समेकन को एकीकृत रूप से लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

कार्यशाला में पंचायती राज, नगर विकास, गृह विभाग के नारकोटिक्स प्रकोष्ठ, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, आई.सी.पीएस तथा जे.एस.एल.पी.एस सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर अपने विचार साझा किए। सभी प्रतिभागियों ने नशा मुक्ति के लिए सामाजिक समावेशन एवं विभागीय convergence को आवश्यक बताते हुए नशा मुक्त हेल्पलाइन 14446 तथा उपलब्ध परामर्श, उपचार एवं पुनर्वास सेवाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर बल दिया ।

कार्यशाला के अंत में झारखंड में नशीले पदार्थों की मांग में कमी लाने हेतु राज्य की प्रतिबद्धता के तहत एक कार्ययोजना तैयार की गई, जिसे सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय को प्रेषित किया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट से राहुल गांधी को बड़ी राहत, निचली अदालत की कार्यवाही पर लगाई रोक, जानें पूरा मामला

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राहुल गांधी चुनाव आयोग पर लगातार सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांग रहे हैं। इस बीच उन्हें सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ ट्रायल पर रोक लगा दी है। ये मामला महाराष्ट्र की एक ट्रायल कोर्ट से जुड़ा है।

यह मामला राहुल गांधी के उस कथित बयान से जुड़ा है जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के लिए कथित अपमानजनक टिप्पणी की थी। इस टिप्पणी को लेकर बीजेपी के एक कार्यकर्ता ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। मामला निचली अदालत तक पहुंचा और राहुल गांधी को समन जारी किया गया। अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ट्रायल कोर्ट में आगे की कार्यवाही फिलहाल नहीं होगी। हालांकि यह राहत अभी अंतरिम है। मामले में अंतिम फैसला आना बाकी है।

चार सप्ताह में मांगा जवाब

मंगलवार को जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की पीठ ने राहुल गांधी की याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने इस मामले में महाराष्ट्र सरकार और शिकायतकर्ता महेश श्रीश्रीमल को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा। राहुल ने बॉम्बे हाई कोर्ट के 8 सितंबर के आदेश को चुनौती दी थी। हाई कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज करते हुए मानहानि केस रद्द करने से इनकार कर दिया था।

बॉम्बे हाईकोर्ट ने खारिज की थी याचिका

राहुल गांधी ने बॉम्बे हाईकोर्ट के आठ सितंबर 2026 के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने राहुल गांधी को 2019 में जारी समन रद्द करने से इनकार कर दिया था। यह समन मुंबई की गिरगांव मजिस्ट्रेट अदालत ने 28 अगस्त 2019 को शिकायत पर कार्रवाई करते हुए जारी किया था। हालांकि, हाईकोर्ट ने मजिस्ट्रेट को शिकायत पर सुनवाई छह सप्ताह तक टालने का अपना 2021 का आदेश जारी रखने को कहा था, जिससे राहुल गांधी सुप्रीम कोर्ट जा सकें।

पीएम मोदी पर लगाया था आरोप

याचिका श्रीमाल नाम के एक शख्स ने लगाई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि राहुल गांधी ने 20 सितंबर 2018 को राजस्थान में एक सार्वजनिक भाषण में पीएम मोदी की बदनामी की थी। दावा किया गया था कि राहुल गांधी के बयानों का मतलब बीजेपी के सभी सदस्यों और पीएम मोदी से जुड़े भारतीय नागरिकों पर सीधे आरोप लगाना था।

The Lyricist with an M.Sc.: How Mohkam Singh is Rewriting the Rules of Punjabi Pop

In an industry driven by basslines and viral dance challenges, it is easy to forget that every hit begins with a blank page and a sharp pen. Even rarer is finding that pen in the hands of an international corporate strategist. Meet Mohkam Singh—the UK-based lyricist proving that global management credentials and grassroots Punjabi rhythm are not mutually exclusive.

Born in Punjab in 1996 and an alumnus of Guru Nanak Dev University, Singh spent over five years managing corporate development at Gocool International before moving to Britain to earn his Master's in International Business Management. That corporate discipline now shapes his creative workflow: while many view songwriting as purely spontaneous, Singh approaches the craft with architectural precision, tailoring cadence, vernacular slang, and thematic hooks to the algorithmic realities of global streaming platforms.

His creative breakthrough arrived through a string of independent label hits that quickly caught fire across regional airwaves. Tracks like the 2023 singles "Dashboard" and "Overdose" established his ear for club-ready pacing, but it was 2024's "BP High" (sung by J Attri under B Music) that cemented his reputation, picking up major nominations at both the PTC Punjabi Music Awards and the BritAsia TV Music Awards. Rather than sticking to a single formula, Singh pivoted in 2025 to romantic folk-fusion with "Jhanjra" (sung by

Deepkamal for HA Records), earning critical nods at the Mirchi Music Awards Punjabi for its seamless blend of heritage imagery and modern banter.

By early 2026, Singh's cross-border versatility showed no signs of slowing, as his club anthem "Ghunt Ghunt" alongside Meet Bhuker and Preet Mohit racked up an honors nomination at the Global Punjabi Media & Music Honors. Dividing his time between boardrooms, international transit hubs, and studio soundboards, Mohkam Singh embodies the modern Punjabi polymath—grounded in cultural storytelling, built for a global audience.

द‍िल्‍ली के 57 मेट्रो स्‍टेशन आज रात 9 बजे से रहेंगे बंद, पुलिस के प्रस्ताव को डीएमआरसी की मंजूरी

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दिल्ली में 10 अक्तूबर को प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन से पहले 57 मेट्रो स्टेशन बंद करने का फ़ैसला लिया गया है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने शुक्रवार को इस संबंध में जानकारी दी। डीएमआरसी के मुताबिक़, 9 अक्तूबर, 2026 को रात 9 बजे से इन स्टेशनों को बंद कर दिया जाएगा। ये स्टेशन अगले आदेश तक बंद रहेंगे।

सुरक्षा कारणों से लिया गया फैसला

डीएमआरसी ने एक्स पर लिखा, "सुरक्षा कारणों से, इन मेट्रो स्टेशनों पर 9 अक्तूबर, 2026 को रात 09:00 बजे से एंट्री और एग्ज़िट के रास्ते बंद रहेंगे। यह रोक 10 अक्तूबर, 2026 को भी अगले आदेश तक जारी रहेगी। हालांकि, नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन को छोड़कर, सभी संबंधित मेट्रो स्टेशनों पर मेट्रो बदलने की सुविधा उपलब्ध रहेगी।" इसका मतलब है कि यात्री एक लाइन से दूसरी लाइन में बदल सकेंगे। लेकिन वे स्टेशन से बाहर नहीं निकल पाएंगे। साथ ही, इन स्टेशनों में प्रवेश भी नहीं कर पाएंगे।

10 घंटे तक दिल्ली और निज़ामुद्दीन स्टेशन बंद

इधर, भारतीय रेलवे ने शनिवार, 10 अक्टूबर को नई दिल्ली और हज़रत निज़ामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर आने और वहाँ से रवाना होने वाली सभी ट्रेनों को 10 घंटे के लिए रद्द कर दिया है। शनिवार सुबह चार बजे से दोपहर दो बजे तक नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और हज़रत निज़ामुद्दीन रेलवे स्टेशन से आने-जाने वाली सभी ट्रेन सेवाएं रद्द रहेंगी। विरोध प्रदर्शन के दौरान यात्रियों को होने वाली असुविधा कम करने के लिए यह फ़ैसला लिया गया है।

सीजेपी को नहीं मिली प्रदर्शन की अनुमति

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने दिल्ली के जंतर मंतर पर 10 अक्तूबर से आंदोलन की घोषणा की है। सीजेपी के इस आंदोलन का विपक्ष समर्थन कर रहा है लेकिन दिल्ली पुलिस ने इसकी इजाज़त नहीं दी है। शुक्रवार को दिल्ली पुलिस की जॉइंट सीपी नूपुर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर कहा, ''कॉकरोच जनता पार्टी के सह-संयोजक सौरव दास से हमें एक आवेदन मिला है। इस आवेदन पर विचार किया गया, लेकिन पाया गया कि प्रदर्शन की सूचना बहुत कम समय पहले दी गई थी, जबकि निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार, प्रस्तावित प्रदर्शन से 10 दिन पहले सूचना देना ज़रूरी है।'' नूपुर प्रसाद ने कहा, ''यह बताना भी ज़रूरी है कि इससे पहले जब सीजेपी को वहाँ विरोध प्रदर्शन की अनुमति दी गई थी, तब पार्टी ने क़ानूनी निर्देशों का पालन नहीं किया था और उस समय दिए गए अपने आश्वासनों का भी उल्लंघन किया था।''

नाना पाटेकर के निधन से फिल्म से लेकर राजनीति जगत में शोक की लहर, पीएम मोदी ने भी जताई संवेदना

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दिग्गज एक्टर नाना पाटेकर के निधन की खबर से शोक की लहर दौड़ गई है। 75 साल की उम्र में एक्टर ने दुनिया को अलविदा कह दिया। नाना पाटेकर गोवा के डोना पाउला स्थित अपने घर में बेहोश मिले थे। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पीएम मोदी ने संवेदना जताई

अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संवेदना जताई है। पीएम मोदी ने कहा,'नाना पाटेकर जी जैसी तीव्रता, अनोखापन और दमदार मौजूदगी बहुत कम अभिनेताओं में देखने को मिलती है। उन्होंने हर किरदार में अद्भुत विविधता और रचनात्मकता का परिचय दिया और हमें ऐसे पात्र दिए जिन्हें पीढ़ियों तक याद रखा जाएगा। उन्हें उनके बेबाक और स्पष्ट विचारों के लिए भी सराहा जाता था। वे अपनी बात कहने में कभी नहीं हिचकिचाते थे।

कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति- अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर शोक व्यक्त किया है। खुद के साथ नाना की तस्वीर शेयर करते हुए अमित शाह ने लिखा, 'भारतीय सिनेमा के महान अभिनेता नाना पाटेकर का निधन कला जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। पांच दशकों से अधिक समय तक, अपनी स्वाभाविक अभिनय शैली और दमदार संवाद अदायगी से उन्होंने दर्शकों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ी। चाहे गंभीर सामाजिक मुद्दे हों या हास्य-व्यंग्य, उन्होंने जिस भी किरदार को निभाया, उसमें जान डाल दी।'

नाना पाटेकर के निधन पर सीएम योगी ने जताया शोक

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर कर शोक जताया। उन्होंने लिखा- 'प्रख्यात अभिनेता, रंगमंच के सशक्त कलाकार एवं संवेदनशील समाजसेवी, ‘पद्म श्री’ नाना पाटेकर जी का निधन कला जगत की अपूरणीय क्षति है। उन्होंने अपने विलक्षण अभिनय से भारतीय सिनेमा को समृद्ध किया और अपने सामाजिक सरोकारों से समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को भी अभिव्यक्त किया। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान तथा शोकाकुल परिजनों एवं प्रशंसकों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति।'

अक्षय कुमार का भावुक पोस्ट

अक्षय कुमार ने नाना पाटेकर के निधन पर भावुक श्रद्धांजलि दी। उन्होंने एक्स पर उनकी एक तस्वीर के साथ लिखा- 'ये बहुत दुखद है कि अब नाना जी नहीं रहे। नाना उन दुर्लभ कलाकारों में थे, जिन्हें दर्शकों का ध्यान खींचने के लिए ज्यादा कुछ करने की जरूरत नहीं पड़ती थी। उनकी आवाज, अभिनय की गहराई और हर किरदार में दिखने वाली ईमानदारी उन्हें सबसे अलग बनाती थी। अक्षय ने बताया कि उन्हें नाना के साथ ‘वेलकम’ और हाल ही में ‘हाउसफुल 5’ में काम करने का मौका मिला। उन्होंने लिखा कि इन फिल्मों के सेट की कई यादें हमेशा उनके दिल के करीब रहेंगी।'

शेखर सुमन के शो पर आने वाले थे पाटेकर

नाना पाटेकर की मौत की खबर पर रिएक्शन देते हुए शेखर सुमन ने बातचीत में कहा- सुबह सुबह ये मनहूस खबर। मेरी तीन-चार दिनों से उनसे बात हो रही थी, वो मेरे शो में आना चाहते थे। मेरी परसों ही उनसे बात हुई, उन्‍होंने कहा कि वो अभी गोवा में शूट कर रहे हैं। शूट खत्‍म कर के आऊंगा तो तुम्‍हारे शो में आता हूं, वो बिल्कुल ठीक थे। तबीयत खराब जैसी कोई बात नहीं थी। वह पहले 1-2 अक्‍टूबर को ही आने वाले थे। लेकिन फिर उनका मैसेज आया कि शूट‍िंग खत्‍म कर के आऊंगा।

उत्तर प्रदेश के 75 हजार चौकीदार भाइयों की मांगें पूरी करे सरकार
*गोण्डा/श्रावस्ती।* उत्तर प्रदेश के करीब 75 हजार ग्राम चौकीदार अपनी जायज़ मांगों को लेकर लखनऊ के ईको गार्डन में धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांग है कि वर्तमान मानदेय को ₹2,500 से बढ़ाकर ₹24,400 प्रतिमाह किया जाए तथा उन्हें चतुर्थ श्रेणी के सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव मसूद आलम खान ने उत्तर प्रदेश सरकार से यह मांग करते हुए कहा है कि  चौकीदार भाइयों की मांगों पर तत्काल गंभीरता से विचार करते हुए उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए।

मैं प्रदेश के 75 हजार चौकीदार भाइयों को भरोसा दिलाता हूँ कि यदि वर्तमान सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती है, तो आगामी सरकार में समाजवादी पार्टी की ओर से उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का प्रयास किया जाएगा। माननीय अखिल…
[4:49 pm, 07/10/2026] +91 94154 15779: *सेवा संकल्प अभियान के तहत गोंडा में निकली सेवा ज्योति यात्रा*

*हजारों कार्यकर्ताओं ने हाथों में मशाल लेकर लिया विकसित भारत-2047 का संकल्प*

*गोण्डा, 07 अक्टूबर 2026* - देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत बुधवार को गोंडा मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम से ‘सेवा ज्योति यात्रा’ निकाली गई। यात्रा में जिले के जनप्रतिनिधियों, भाजपा पदाधिकारियों, हजारों कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय नागरिकों ने प्रतिभाग किया। अवध क्षेत्र के क्षेत्रीय महामंत्री एवं संगठन जिला प्रभारी राहुल रस्तोगी के नेतृत्व में जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं ने हाथों में सेवा ज्योति मशाल लेकर यात्रा निकाली। यात्रा मेडिकल कॉलेज परिसर में स्थापित महाराजा देवी बख्श सिंह की प्रतिमा के पास पहुंचकर संपन्न हुई। इस दौरान कार्यकर्ताओं द्वारा भारत माता की जय वन्देमातरम आदि के नारे लगाए गए। कार्यक्रम के दौरान भाजपा महिला कार्यकर्ताओं द्वारा मेडिकल कॉलेज परिसर में ‘विकसित भारत-2047’ की थीम पर आकर्षक रंगोली बनाई गई। उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं ने रंगोली का अवलोकन किया तथा वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।

इस अवसर पर आयोजित विकसित भारत संकल्प सभा में भाजपा विधायक गौरा प्रभात वर्मा, सदर विधायक प्रतीक भूषण सिंह, तरबगंज विधायक प्रेम नारायण पांडेय, मेहनौन विधायक विनय कुमार द्विवेदी, विधायक अजय कुमार सिंह, मनकापुर विधायक रमापति शास्त्री तथा कटरा बाजार विधायक श्री बावन सिंह ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के जनसेवा काल एवं विभिन्न क्षेत्रों में किए गए कार्यों का उल्लेख किया। यात्रा में कैसरगंज सांसद करण भूषण सिंह भी शामिल हुए। भाजपा जिलाध्यक्ष अकबाल बहादुर तिवारी ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से विकसित भारत-2047 के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया गया है। अभियान के तहत आगे गांव, वार्ड एवं विभिन्न मोहल्लों में भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।


यात्रा से पहले आडिटोरियम में उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों, भाजपा पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने एलईडी स्क्रीन के माध्यम से प्रधानमंत्री  के देश के नाम संबोधन को ध्यानपूर्वक सुना एवं देखा। प्रधानमंत्री ने अपने सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर देशवासियों के प्रति आभार व्यक्त किय एवं भारत को 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प दिलाया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने संबोधन को सुना तथा सेवा संकल्प अभियान के उद्देश्यों और विकसित भारत-2047 के संकल्प से जुड़ने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

कार्यक्रम में भाजपा जिला सह-मीडिया प्रभारी अविनाश जायसवाल, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष बीना राय, पिछड़ा वर्ग मोर्चा जिलाध्यक्ष प्रिंस चौरसिया, किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष विद्या भूषण द्विवेदी सहित पार्टी के विभिन्न पदाधिकारी एवं हजारों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
यासीन मलिक समेत 7 आरोपियों पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप तय करने का आदेश, पाकिस्तान से हुई टेरर फंडिंग

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जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी गतिविधियों के लिए सीमा पार से होने वाली अवैध फंडिंग के मामले में पटियाला हाउस स्थित विशेष एनआईए अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने अलगाववादी नेता यासीन मलिक समेत सात आरोपियों के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत आरोप तय करने का निर्देश दिया है।

पाकिस्तान से हवाला के जरिए फंडिंग का आरोप

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच के अनुसार, आरोपियों पर पाकिस्तानी प्रतिष्ठान से हवाला चैनलों के जरिए कथित तौर पर विदेशी फंड हासिल करने और उसका इस्तेमाल अलगाववादी गतिविधियों के लिए करने का आरोप है। अदालत ने मामले में 8,94,87,639 रुपये के कथित अपराध से अर्जित धन यानी ‘प्रोसीड्स ऑफ क्राइम’ का उल्लेख किया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि यह धन विभिन्न माध्यमों से आरोपियों तक पहुंचा, जिसके बाद इसे कथित तौर पर स्थानांतरित, छिपाया, अपने कब्जे में रखा और अलग-अलग गतिविधियों में इस्तेमाल किया गया।

यासीन मलिक समेत इन आरोपियों पर कसा शिकंजा

यासीन मलिक के अलावा जिन अन्य प्रमुख आरोपियों पर शिकंजा कसा गया है, उनमें कश्मीरी कारोबारी जहूर अहमद शाह वताली, इंजीनियर रशीद (अब्दुल रशीद शेख), शब्बीर अहमद शाह, नवल किशोर कपूर, मसरत आलम भट और ट्राइसन फार्म्स एंड कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड शामिल है। जांच एजेंसियों के अनुसार, इन आरोपियों पर पाकिस्तानी हुक्मरानों और खुफिया तंत्र से हवाला के गुप्त रास्तों के जरिए मोटी रकम हासिल करने का गंभीर आरोप है।

मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त सबूत

विशेष एनआईए जज प्रशांत शर्मा ने मामले में पेश किए गए दस्तावेजी और फोरेंसिक साक्ष्यों का संज्ञान लेते हुए यह आदेश जारी किया। कोर्ट ने माना कि आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की धाराओं में मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त आधार मौजूद हैं। मामले में आरोप स्वीकार या अस्वीकार करने के लिए आरोपियों की व्यक्तिगत उपस्थिति 30 सितंबर को होनी थी। हालांकि, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के कारण कुछ आरोपियों को अदालत में पेश नहीं किया जा सका। अब अदालत ने ED को निर्देश दिया है कि न्यायिक हिरासत में मौजूद आरोपियों से आरोपों से संबंधित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए जाएं। अब इस मामले की अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को होगी।

कौन है यासीन मलिक?

यासीन मलिक जम्मू और कश्मीर का एक प्रमुख अलगाववादी नेता है। यासीन मलिक वर्तमान में नई दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। वह प्रतिबंधित संगठन जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) का अध्यक्ष रह चुका है, जो 1980 के दशक के अंत और 1990 के दशक की शुरुआत में कश्मीर घाटी में सशस्त्र उग्रवाद का नेतृत्व करने वाला पहला संगठन था। मई 2022 में, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एक विशेष अदालत ने यासीन मलिक को आपराधिक साजिश, देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने और कश्मीर में आतंकवादी व अलगाववादी गतिविधियों के लिए धन जुटाने का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

कौन हैं वह भारतीय पायलट जिसकी पीएम मोदी ही नहीं नेतन्याहू तक ने की तारीफ, जानें कैसी बचाई सैकड़ों की जान

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फ्लाईदुबई विमान में अपनी जान की बाजी लगाकर सैकड़ों यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय मूल के पायलट स्मित मच्छार की बहादुरी की पूरी दुनिया कायल हो गई है। बुधवार को दुबई से तेल अवीव जा रहे फ्लाईदुबई के विमान को हाईजैक कर क्रैश करने की कोशिश की गई। आरोपी सह-पायलट ही था, लेकिन विमान के भारतीय पायलट स्मित मच्छार ने आरोपी की साजिश को नाकाम कर दिया। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू तक ने कैप्टन मच्छार की तारीफ की है।

कैप्टन स्मित मच्छार एक हीरो हैं-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट किया है। उन्होंने कैप्टन स्मित मच्छार की जमकर तारीफ की है। पीएम मोदी ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट करते हुए लिखा ''कैप्टन स्मित मच्छार एक हीरो हैं। बेहद खतरनाक हालात और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, उन्होंने दूसरों की जान बचाने के लिए जबरदस्त हिम्मत और अटूट संकल्प दिखाया। उनकी बहादुरी से सैकड़ों लोगों की जान बची और एक बड़ी त्रासदी टल गई। भारत को कैप्टन मच्छार पर गर्व है। हम उनके जल्द ठीक होने, नई ताकत पाने और अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।''

नेतन्याहू ने की कैप्टन मच्छार की तारीफ

अपनी जान दांव पर लगाकर भारतीय पायलट ने पूरे 180 यात्रियों की जान बचाई। फ्लाईदुबई की फ्लाइट को सुरक्षित लैंड कराने वाले पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की जमकर तारीफ की जा रही है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू तक ने कैप्टन मच्छार की तारीफ की है। नेतन्याहू ने उन्हें सच्चा हीरो बताया है। नेतन्याहू ने कहा, ''मैं इन नायकों को सलाम करता हूं, जिन्होंने असाधारण सूझबूझ और साहस का परिचय दिया। उन्होंने कई लोगों की जान बचाई। उन्होंने एक बड़ी त्रासदी को होने से रोक दिया। वह एक सच्चे नायक हैं।'' भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन आजार ने भी भारतीय पायलट की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कैप्टन स्मित मच्छार की सलामती की दुआ भी की है।

फ्लाइट में क्या हुआ था?

फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 ने बुधवार 30 सितम्बर को स्थानीय समयानुकार सुबह 6:49 बजे दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरी। शुरुआत में ढाई घंटे तक सब कुछ सामान्य था और विमान सऊदी अरब के ऊपर पश्चिम की ओर बढ़ रहा था। इसके बाद कॉकपिट में एक पायलट ने दूसरे को चाकू मारा और विमान को क्रैश कराने की कोशिश की। और विमान के सिस्टम को भी नुकसान पहुंचाने की कोशिश की।

हालांकि मुश्किल हालात में भी कैप्टन स्मित मच्छार ने चाकू के कई वार झेलने के बावजूद गजब की हिम्मत दिखाते हुए विमान के कॉकपिट का दरवाजा खोला। जिसके बाद विमान में सवार दो ऑफ ड्यूटी इस्राइली पायलट और अन्य यात्रियों ने हमलावर को काबू किया और 174 यात्रियों को ले जा रहे विमान को क्रैश होने से बचा लिया। इस घटना में कैप्टन मच्छार गंभीर रूप से घायल हुए हैं और उनका सऊदी अरब के ताबुक में एक अस्पताल में इलाज चल रहा है।