जंग जारी रही, तो गंभीर दुष्परिणाम तय', मिडिल ईस्ट जंग पर राज्यसभा में बोले पीएम मोदी

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प्रधानमंत्री मोदी ने आज पश्चिम एशिया संकट को लेकर राज्यसभा में जानकारी दी। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर राज्यसभा में बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हालात भारत के लिए भी चिंताजनक हैं और व्यापार के रास्ते प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि हमें सावधान, सतर्क और तैयार रहना है।

भारत के लिए भी चिंताजनक स्थिति-पीएम मोदी

पीएम मोदी पश्चिम एशिया संकट पर राज्यसभा में बोलते हुए कहा कि इस युद्ध ने पूरी दुनिया में गंभीर ऊर्जा संकट पैदा कर दिया है। भारत के लिए भी यह एक चिंताजनक स्थिति है। व्यापारिक रास्ते प्रभावित हुए हैं इसलिए सप्लाई प्रभावित हुई है। लगभग एक करोड़ भारतीय खाड़ी देशों में रहते और काम करते हैं, और उनके जीवन और आजीविका की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी भारत के लिए एक प्रमुख चिंता का विषय है।

3,75,000 से ज्यादा भारतीय सुरक्षित भारत लौटे- पीएम मोदी

राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'संकट की इस स्थिति में दुनिया भर में भारतीयों की सुरक्षा हमारे लिए सबसे जरूरी है। अब तक 3,75,000 से ज़्यादा भारतीय सुरक्षित भारत लौट आए हैं। अकेले ईरान से 1000 से ज्यादा भारतीय लौटे हैं, इनमें से 700 से ज़्यादा मेडिकल स्टूडेंट हैं। संकट की इस घड़ी में, हमारी सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है। सभी देशों ने वहां भारतीयों की सुरक्षा का भरोसा दिया है। हालांकि, यह दुख की बात है कि हमलों में कुछ भारतीयों की मौत हो गई और कुछ दूसरे घायल हो गए। प्रभावित परिवारों को हर जरूरी मदद दी जा रही है।'

जंग जारी रही तो होंगे गंभीर दुष्परिणाम- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने संवाद का रास्ता सुझाया है। युद्ध से जिस तरह की परिस्थितियां बनी हैं, अगर यह जंग जारी रही तो गंभीर दुष्परिणाम होंगे। हम रणनीति के साथ काम कर रहे हैं कि भारत पर इसके कम से कम दुष्परिणाम हों। पश्चिम एशिया में जंग की वजह से जितना नुकसान हो चुका है, उससे रिकवर करने में भी दुनिया को काफी समय लगेगा।

राज्यों की भूमिका भी इस संकट में अहम-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, यह राज्यों का सदन है और यह संकट आने वाले समय में हमारी बड़ी परीक्षा लेने वाला है। राज्यों की भूमिका भी इस संकट में अहम होने वाली है। पीएम गरीब कल्याण योजना का लाभ गरीबों को समय पर मिलता रहे, यह प्रयास करना होगा। राज्यों को प्रवासी मजदूरों की समस्याओं पर भी ध्यान देना होगा। कालाबाजारी, जमाखोरी की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए। जरूरी चीजों की सप्लाई सुनिश्चित करना राज्यों की प्राथमिकता होनी चाहिए।

हमें तेजी से रिफॉर्म करने होंगे-पीएम मोदी

संकट चाहे कितना भी बड़ा हो, भारत की तेज ग्रोथ बनाए रखना हम सभी का दायित्व है। हमें तेजी से रिफॉर्म करने होंगे। ये टीम इंडिया की भी बड़ी परीक्षा है। कोविड काल में हमने नया मॉडल सामने रखा था। हमें उसी भावना के साथ आगे भी काम करना होगा। सभी राज्य सरकारों और केंद्र के प्रयासों से देश इस गंभीर संकट का प्रभावी तरीके से सामना कर पाएगा।

Empowering the Next Generation: Why Global Mentorship Matters for Women in MediaTech

The MediaTech sector is witnessing a transformation, and mentorship is at its heart.The Rise Mentoring Programme—headquartered in the UK with a global presence across North America, India, APAC, and the Middle East—is at the forefront of this shift. Jaswinder ‘Jassi’ Arora, founder of RVJ Media Tech LLP, recently highlighted the impact of this global initiative after completing the 2025 programme.

"The mentorship journey is about more than just skills; it's about building resilience and a global mindset," says Jassi. Her recent appearance on the Rise panel at the Amazon Gurgaon office showcased how mentorship from industry giants like AWS and Sony empowers women to take ownership of their professional trajectories. Having navigated diverse roles in media across West Bengal and the Northeast, Jassi is now paying it forward, encouraging women to break self-limitations. Her story proves that when global infrastructure meets individual ambition, the potential for women in technology is limitless.

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मिडिल ईस्ट संकट पर लोकसभा में बोले पीएम मोदी, कहा-सरकार के पास ऊर्जा के पर्याप्त भंडार

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पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को लोकसभा में भारत की स्थिति की जानकारी दी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया की हालत चिंताजनक है और दुनिया की अर्थव्यवस्था पर इसका असर पड़ा है।लोकसभा में प्रधानमंत्री ने देश को भरोसा दिलाया कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की सप्लाई सुचारू बनी रहेगी। सरकार हर संभव प्रयास कर रही है कि जनता को इन जरूरी ईंधनों की कोई कमी न हो।

पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था पर बहुत ही विपरित असर-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा में कहा कि इस समय पश्चिमी एशिया की हालत चिंताजनक है। बीते 2-3 हफ्तों में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने और हरदीप पुरी ने इस विषय पर संसद को जरूरी जानकारी दी है। अब इस संकट को 3 सप्ताह से ज्यादा हो रहा है। इसका पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था पर, लोगों के जीवन पर बहुत ही विपरित असर हो रहा है। इसलिए पूरी दुनिया इस संकट के जल्द से जल्द समाधान के लिए सभी पक्षों से आग्रह भी कर रही है।

भारत के सामने भी अप्रत्याशित चुनौतियां-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, भारत के सामने भी इस युद्ध ने अप्रत्याशित चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। ये चुनौतियां आर्थिक भी हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ी हैं और मानवीय भी हैं। युद्धरत और युद्ध से प्रभावित देशों के साथ भारत के व्यापक व्यापारिक रिश्ते हैं। जिस क्षेत्र में ये युद्ध हो रहा है, वह दुनिया के दूसरे देशों के साथ हमारे व्यापार का भी एक महत्वपूर्ण रास्ता है। विशेष रूप से कच्चे तेल और गैस की हमारी जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा यही क्षेत्र पूरा करता है।

गैस सप्लाई में भी कोई कमी नहीं आने दी जाएगी-पीएम मोदी

लोकसभा में पश्चिम एशिया संकट पर अपने बयान में प्रधानमंत्री ने कहा कि देश 60 प्रतिशत एलपीजी का आयात करता है, लेकिन हमने यह सुनिश्चित किया है कि पेट्रोल-डीजल की सप्लाई पूरे देश में बिना किसी रुकावट के जारी रहे। गैस की सप्लाई में भी कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। पीएम मोदी ने बताया कि पिछले एक दशक में भारत की ऊर्जा आयात की विविधता काफी बढ़ी है। पहले भारत सिर्फ 27 देशों से कच्चा तेल आयात करता था, आज यह संख्या बढ़कर 41 देशों हो गई है। सरकार अलग-अलग सप्लायर्स के साथ निरंतर संपर्क में है और जहां से भी संभव हो, वहां से तेल, गैस और फर्टिलाइजर का आयात किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व (SPR) 53 लाख टन से अधिक है और इसे बढ़ाकर 65 लाख टन करने का काम तेजी से चल रहा है। तेल कंपनियों के अपने रिजर्व अलग से हैं. हम हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।

3 लाख 75 हजार से अधिक भारतीय सुरक्षित भारत लौटे

पीएम मोदी ने बताया कि भारत के करीब 1 करोड़ लोग खाड़ी देशों में रहते हैं। वहां समुद्री जहाजों पर बहुत से भारतीय काम करते हैं। जब से ये युद्ध शुरू हुआ है, तब से भारतीय लोगों को मदद दी जा रही है। मैंने भी दो राष्ट्राध्यक्षों से इसके बारे में बात की है। दुर्भाग्य से इस युद्ध की वजह से कुछ लोगों की मौत है और कुछ लोग घायल हैं। विदेशों में हमारे जितने भी मिशन हैं। वह हमारे नागरिकों की मदद कर रहे हैं। विदेश में फंसें हमारे लोगों की मदद के लिए भारत में 24 घंटे हेल्पलाइन जारी की गई है। अब तक 3 लाख 75 हजार से अधिक भारतीय सुरक्षित भारत लौट चुके हैं। ईरान से 1000 से अधिक छात्र लौटे हैं। इसमें से अधिकतक मेडिकल के छात्र हैं।

पश्चिम एशिया संकट पर भारत सरकार की नजर, पीएम मोदी आज लोकसभा में देंगे भाषण

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पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष दिन-ब-दिन और भयावह होता जा रहा है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान-यूएस जंग के बीच भारत की चिंता भी बढ़ती जा रही है। इसी अहम मुद्दे पर आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा में बयान दे सकते हैं। जहां वह मौजूदा हालात, भारत की ऊर्जा सुरक्षा, वैश्विक बाजार पर असर और क्षेत्र में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सरकार का रुख साफ करे सकते हैं।

इन मुद्दों पर बोल सकते हैं पीएम मोदी

सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संबोधन में मौजूदा वैश्विक हालात, भारत की स्ट्रैटेजी और अपनी सरकार के रुख को स्पष्ट कर सकते हैं। इससे पहले भी सरकार ने इशारा किया था कि मिडिल संकट को लेकर सतर्क है और हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। बीते रविवार को पीएम मोदी के साथ मंत्रियों की हुई हाई लेवल बैठक में इस बात पर चर्चा की गई।

जंग से पैदा हुए हालात की समीक्षा

ईरान की इजरायल और अमेरिका के खिलाफ जारी जंग से पैदा हुए हालात पर पीएम मोदी ने रविवार शाम सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति के साथ उच्च स्तरीय बैठक की थी। इस बैठक पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष की समीक्षा करने और प्रस्तावित राहत उपायों पर चर्चा की गई। इस दौरान कैबिनेट सचिव ने वैश्विक स्थिति और अब तक उठाए गए और भारत सरकार के सभी संबंधित मंत्रालयों/विभागों की तरफ किए जा रहे उपायों पर एक खास प्रेजेंटेशन दिया।

जंग के प्रभाव और उससे निपटने के उपायों पर चर्चा

कृषि, उर्वरक, खाद्य सुरक्षा, पेट्रोलियम, बिजली, एमएसएमई, निर्यातक, शिपिंग, व्यापार, वित्त, आपूर्ति श्रृंखला और सभी प्रभावित क्षेत्रों जैसे विभिन्न क्षेत्रों पर पड़ने वाले अपेक्षित प्रभाव और उससे निपटने के लिए उठाए गए उपायों पर चर्चा की गई। देश के समग्र वृहद-आर्थिक परिदृश्य और आगे उठाए जाने वाले उपायों पर भी चर्चा की गई। विषय में लगातार उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए खाद के वैकल्पिक स्रोतों पर भी चर्चा की गई। यह भी तय किया गया कि सभी पावर प्लांट में कोयले के स्टॉक की पर्याप्त सप्लाई से भारत में बिजली की कोई कमी नहीं होगी।

पीएम एफएमई योजना में उत्तर प्रदेश देश में अव्वल

* 7340 प्रस्ताव स्वीकृत, 2000 करोड़ से अधिक टर्म लोन; सूक्ष्म खाद्य उद्योगों को नई गति

लखनऊ। उत्तर प्रदेश ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन (PMFME) योजना के क्रियान्वयन में देशभर में पहला स्थान हासिल किया है। केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को नई ऊर्जा मिली है और राज्य तेजी से आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
योजना के प्रभावी संचालन के तहत प्रदेश में विभिन्न बैंकों द्वारा 2000 करोड़ रुपये से अधिक का टर्म लोन स्वीकृत किया जा चुका है, जो उद्योग स्थापना के प्रति बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 7340 प्रस्तावों की स्वीकृति के साथ उत्तर प्रदेश देश में शीर्ष स्थान पर है। इस दौरान 98 प्रतिशत का स्ट्राइक रेट दर्ज किया गया, जो राष्ट्रीय स्तर पर एक उत्कृष्ट उपलब्धि है।
योजना के अंतर्गत औसत स्वीकृति समय 100 दिन, औसत टर्म लोन 10 लाख रुपये तथा प्रति इकाई औसत अनुदान 4 लाख रुपये निर्धारित किया गया है। उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक जनपद में जनपदीय रिसोर्स पर्सन (डीआरपी) की तैनाती की गई है, जिन्हें प्रत्येक इकाई की स्थापना में सहयोग हेतु 20 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 267.25 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं, जो योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाता है। राष्ट्रीय स्तर पर तुलना करें तो 7293 प्रस्तावों के साथ बिहार दूसरे और 5695 प्रस्तावों के साथ महाराष्ट्र तीसरे स्थान पर हैं।
उल्लेखनीय है कि पीएम एफएमई योजना के अंतर्गत असंगठित खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के उन्नयन के लिए परियोजना लागत का 35 प्रतिशत (अधिकतम 10 लाख रुपये तक) क्रेडिट लिंक्ड अनुदान दिया जाता है। स्वयं सहायता समूहों, एफपीओ एवं सहकारिताओं को कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए अधिकतम 3 करोड़ रुपये तक अनुदान की व्यवस्था है। इसके अलावा, समूहों के प्रति सदस्य को 40,000 रुपये कार्यशील पूंजी तथा उत्पादों की ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग के लिए 50 प्रतिशत तक सहायता प्रदान की जाती है।
अब तक योजना के तहत 24,197 से अधिक इकाइयों को अनुदान की स्वीकृति दी जा चुकी है, जिससे राज्य में रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिली है।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रदेश सरकार सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को सशक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस योजना के माध्यम से खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में आत्मनिर्भरता, मूल्य संवर्धन एवं रोजगार के अवसरों को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों तक पारदर्शिता के साथ समयबद्ध रूप से पहुंचाया जाए।
भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 में यूपी की दमदार प्रस्तुति, ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा प्रदेश: ए के शर्मा

लखनऊ। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 में भाग लेते हुए उत्तर प्रदेश की ऊर्जा क्षेत्र में उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया। यह समिट यशोभूमि, नई दिल्ली में भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय द्वारा आयोजित किया गया।
अपने संबोधन में मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ऊर्जा प्रबंधन के क्षेत्र में तेजी से देश का अग्रणी राज्य बनता जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार सस्ती, सतत और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उच्च मानकों पर कार्य कर रही है।
मंत्री ने जानकारी दी कि बीते वर्ष गर्मी के दौरान प्रदेश ने देश की सर्वाधिक पीक डिमांड को सफलतापूर्वक पूरा किया और इस वर्ष उससे भी अधिक मांग को पूरा करने की तैयारी की गई है। बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए पिछले एक वर्ष में करीब 4000 मेगावाट अतिरिक्त क्षमता जोड़ी गई है, जबकि इस वर्ष 5000 मेगावाट से अधिक नई क्षमता स्थापित करने की दिशा में कार्य जारी है।
सौर ऊर्जा के क्षेत्र में प्रदेश की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि PM Surya Ghar Yojana के तहत उत्तर प्रदेश प्रतिदिन सोलर इंस्टॉलेशन में देश में प्रथम स्थान पर है। साथ ही, यूटिलिटी स्केल सोलर पार्क, पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट (PSP) और बैटरी स्टोरेज सिस्टम पर तेजी से काम किया जा रहा है।
ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर पर बोलते हुए मंत्री ने बताया कि Green Energy Corridor Phase II में उत्तर प्रदेश ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है और Green Energy Corridor Phase III को शीघ्र स्वीकृति देने का अनुरोध किया गया है।
उन्होंने कहा कि राज्य के पावर प्लांट्स को अब तक के उच्चतम पीएलएफ (85%) पर संचालित किया जा रहा है और वितरण हानियों (AT&C Losses) में उल्लेखनीय कमी आई है। प्रदेश में लगभग 20% उपभोक्ताओं के यहां प्री-पेड स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिला है।
इस अवसर पर केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर, अपर मुख्य सचिव (ऊर्जा) नरेन्द्र भूषण, चेयरमैन आशीष गोयल  एवं प्रबंध निदेशक पंकज कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रत्येक उपभोक्ता को सस्ती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराना है, जिसके लिए ऊर्जा क्षेत्र में निरंतर सुधार, नवाचार और निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
मिडिल ईल्ट में जंग के बीच पीएम मोदी की 'डिप्लोमेसी', 5 देशों के नेताओं से की बात

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पश्चिम एशिया में छिड़ी जंग और तेज होती जा रही है। युद्ध में अब ऊर्जा ठिकानों पर हमले हो रहे हैं, जिससे पूरी दुनिया में तेल और गैस की कीमतों में इजाफा होने का डर पैदा हो गया है। पश्चिम एशिया की बदलती स्थिति के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कतर, फ्रांस,जॉर्डन,ओमान और मलयेशिया के नेताओं से फोन पर बात की। प्रधानमंत्री ने ईरान युद्ध में ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाए जाने की निंदा की। 

पीएम मोदी ने संवाद और कूटनीति पर जोर दिया

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने कूटनीतिक स्तर पर सक्रियता तेज कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार 19 मार्च 2026 को कतर, फ्रांस, जॉर्डन, ओमान और मलेशिया के नेताओं से अलग-अलग फोन पर बातचीत कर क्षेत्र की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की और तनाव कम करने के लिए संवाद और कूटनीति पर जोर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने इन सभी वार्ताओं में एनर्जी इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा की और कहा कि ऐसे हमले न केवल क्षेत्रीय स्थिरता को प्रभावित करते हैं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर भी गंभीर असर डाल सकते हैं। उन्होंने खास तौर पर होर्मुज स्‍ट्रेट में सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया, जो अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा परिवहन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है।

शांति और स्थिरता के लिए समन्वय को जारी रखने की अपील

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से फोन पर हुई बातचीत की जानकारी एक्स हैंडल पर दी। पीएम मोदी ने लिखा " मैंने अपने प्रिय मित्र, राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से पश्चिम एशिया की स्थिति और तनाव कम करने की तत्काल आवश्यकता के साथ-साथ संवाद और कूटनीति की ओर लौटने के बारे में बात की। हम इस क्षेत्र और उससे परे शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए अपने घनिष्ठ समन्वय को जारी रखने के लिए तत्पर हैं।"

कतर में ऊर्जा के बुनियादी ढांचों पर हमलों की कड़ी निंदा

कतर के अमीर तमीम बिन हमद अल थानी के साथ हुई बातचीत में पीएम मोदी ने कहा कि "भारत, कतर के साथ है और क्षेत्र में ऊर्जा के बुनियादी ढांचों पर हमलों की कड़ी निंदा करता है। पीएम मोदी ने कतर के अमीर को कतर में रहने वाले भारतीय समुदाय की देखभाल और समर्थन के लिए आभार जताया और क्षेत्र में शांति और स्थिरता की कामना की।" पीएम मोदी ने कतर के शासक को ईद की अग्रिम शुभकामनाएं भी दीं। 

ऊर्जा अवसंरचना पर हमले निंदनीय-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "मैंने फोन पर अपने भाई, जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला द्वितीय को ईद की शुभकामनाएं दीं। हमने पश्चिम एशिया में बिगड़ती स्थिति पर चिंता व्यक्त की और क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता की शीघ्र बहाली के लिए संवाद और कूटनीति की आवश्यकता पर बल दिया। पश्चिम एशिया में ऊर्जा अवसंरचना पर हमले निंदनीय हैं और इनसे अनावश्यक तनाव बढ़ सकता है। भारत और जॉर्डन माल और ऊर्जा के निर्बाध पारगमन के लिए प्रतिबद्ध हैं। क्षेत्र में फंसे भारतीयों की सुरक्षित वापसी में जॉर्डन के प्रयासों की हम तहे दिल से सराहना करते हैं।"

पीएम मोदी ने मलेशिया के प्रधानमंत्री से भी की बात

मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से बातचीत के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स हैंडल पर लिखा "मैंने अपने मित्र, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से बात की और आगामी ईद-उल-फितर के अवसर पर उन्हें और मलेशिया की जनता को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। हमने पश्चिम एशिया की बेहद चिंताजनक स्थिति पर भी चर्चा की और संवाद एवं कूटनीति के माध्यम से तनाव कम करने और शांति एवं स्थिरता की शीघ्र बहाली के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता को दोहराया।"

ओमान को लेकर क्या बोले पीएम मोदी?

प्रधानमंत्री ने ओमान की संप्रभुता व क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन की भारत द्वारा की गई निंदा को दोहराया और भारतीय नागरिकों सहित हजारों लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा, "भारत और ओमान होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षित और निर्बाध नौवहन के लिए प्रतिबद्ध हैं।"

ईरान-इजराइल के बीच संघर्ष भीषण होता जा रहा

बता दें, ईरान पर यूएस-इजरायल के संयुक्त हमले से शुरू हुआ संघर्ष दिन पर दिन भीषण होता जा रहा है। इसका असर वैश्विक बाजार और अर्थव्यवस्था पर गंभीर रूप में देखने को मिल सकता है। इन सबके बीच भारत अपनी सीक्रेट डिप्लोमेसी से ताजा हालात के दुष्प्रभाव को देश के लिए कम असरदार करने की सफल कोशिशों में लगा है।

मोहब्बत हमारे साथ, शादी मोदी साहब के साथ...देवगौड़ा के रिटायरमेंट पर ऐसा क्यों बोले खरगे?

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संसद के उच्च सदन राज्यसभा से बुधवार को कई सांसद रिटायर हो गए। उनकी विदाई के दौरान राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि विदाई का जिक्र आते ही मन भारी हो जाता है और समझ नहीं आता कि बात कहां से शुरू करें। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में काम करने वाला व्यक्ति कभी रिटायर नहीं होता, न ही टायर्ड होता है।

राज्यसभा में सांसदों की विदाई के दौरान विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने मजाकिया अंदाज से सबको लोटपोट कर दिया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा और केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले पर ऐसी बातें कही कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए।

पीएम मोदी के चेहरे पर भी दिखी मुस्कान

सदन को संबोधित करते हुए खरगे ने देवेगौड़ा का जिक्र किया। खड़गे ने पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवगौड़ा का जिक्र करते हुए हल्के-फुल्के अंदाज़ में कहा, 'मैं देवेगौड़ा को 54 वर्षों से जानता हूं। उनके साथ ही मैंने काम किया, लेकिन क्या हुआ मुझें मालूम नहीं। उन्होंने प्रेम हमारे साथ किया, मोहब्बत हमारे साथ किया और शादी मोदी साहब के साथ कर ली। ये जल्दी ही हुआ कैसे हुआ मुझे मालूम नहीं।' उनके इस भाषण पर सदन में हल्की मुस्कान देखने को मिली। पीएम मोदी भी इस दौरान हंसते नजर आए।

कई सहयोगियों को किया याद

खड़गे ने कहा कि रामदास अट्ठावले अपनी खास शैली के लिए जाने जाते हैं और उनकी कविताएं अक्सर प्रधानमंत्री मोदी पर ही केंद्रित होती हैं। उन्होंने अपने सहयोगी शक्ति सिंह गोहिल और नीरज डांगी की भी भावुक होकर प्रशंसा की। खड़गे ने कहा, 'ज्वलंत मुद्दों पर उन्होंने पूरी तैयारी के साथ अपनी बात रखी। उनके जाने से सदन में एक खालीपन महसूस होगा।'

सदन चलाने को लेकर क्या बोले कांग्रेस नेता

इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि सदन ज्यादा से ज्यादा चलना चाहिए। सभी सांसदों की बातों को सुना जाना चाहिए। मिलकर काम करना चाहिए, ये बड़ी ताकत है। जनता के मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए। रिटायर होने वाले कुछ साथी फिर वापस आएंगे कुछ नहीं आएंगे। पब्लिक लाइफ में रहने वाले सदस्य कभी रिटायर और टायर्ड नहीं होते।

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Metal Forming Expo & India Fastener Show to bring together 650+ exhibitors and 50,000+ buyers in Pune under India Production Technology Week.

Future Market Events will host six specialised trade shows showcasing advancements in metal forming, machine tools & cutting, welding technology, fasteners, lubricants, and AI-driven digital manufacturing, aligned with the vision of strengthening India’s manufacturing ecosystem.The events will be held from 9–11 April 2026 at the Pune International Exhibition and Convention Centre (PIECC), Moshi, Pune.

As global supply chains recalibrate and India emerges as an increasingly important manufacturing hub, industry platforms that go beyond product display to demonstrate capability and enable partnerships are gaining relevance. India Production Technology Week (IPTW) aims to serve as one such platform for the country’s manufacturing ecosystem.

With over 650 exhibitors, MFE & IFS 2026 will showcase a wide spectrum of production technologies including CNC and machine tools, robotics and automation, sheet metal fabrication, metal forming, metrology and quality control, welding and stamping solutions, additive manufacturing and 3D printing, fasteners and fixing technologies, as well as software solutions for digital manufacturing.

A key feature of the event will be its emphasis on live technology demonstrations. Machinery and production systems will operate across the exhibition floor, enabling visitors to witness technologies in action and evaluate their real-world applications.

Beyond the exhibition floor, the exhibition features a powerful two-day conference programme on 9th and 10th April, bringing together the sharpest minds from India's engineering and manufacturing sectors, leaders who are actively shaping the industry's future at the intersection of human ingenuity and technology. Sessions will extend these conversations directly onto the exhibition floor through structured buyer–seller meetings and live industry networking interactions.

Anuj Mathur, Managing Director, Future Market Events, said, “India Production Technology Week brings the Indian manufacturing industry together to shape its future. By convening technology providers, manufacturers, and industry stakeholders on one platform, we aim to foster meaningful dialogue, collaboration, and innovation. In April 2026, that conversation will take place in Pune.”

Alongside the exhibition, conferences and seminars will bring together industry leaders, technologists and policymakers to discuss themes such as the adoption of Industry 4.0 technologies, the role of automation in the MSME sector, and the development of resilient manufacturing supply chains. Open House sessions scheduled across the three days will extend discussions onto the exhibition floor through buyer–seller meetings and industry networking interactions.

India Production Technology Week is endorsed and supported by more than 4.0 industry associations, reflecting broad institutional participation from across the manufacturing ecosystem. Supporting organisations include the Automotive Research Association of India (ARAI), Society of Automotive Engineers India, SME Chamber of India, Deccan Chamber of Commerce, Industries and Agriculture, and All India Association of Industries, among others.

Representing geographies, sectors and enterprise sizes from large OEMs to micro enterprises the coalition highlights industry interest in building a home-grown platform for production technologies. Government bodies and relevant ministries are also being engaged to encourage dialogue between policy and industry at IPTW 2026.

The host city Pune is one of India’s leading engineering and manufacturing hubs, home to automotive manufacturers, precision component suppliers, defence manufacturers and a large base of MSMEs. The Pune International Exhibition and Convention Centre, Moshi, provides the infrastructure required to host an event of this scale.

Industry's Leading Names at Metal Forming Expo & India Fastener Show 2026

The exhibition brings together an impressive roster of exhibitors — from global technology leaders to India's most innovative manufacturers — across every segment of production technology. Key participants include: Antiphon, Pro-Arc Welding & Cutting Systems, Hindustan Hydraulics Pvt Ltd, Laser Technologies, Fledon, WELDOR CNC Machines Limited, Energy Mission, Infused Systems, Mtech Laser, Rajesh Global, James, Hitech Mehta, CADCAM, STPL, Proteck Machinery Pvt Ltd, Atandra Energy, Suresh Indu Laser, Purvaj, GMT Solutions Samsung, KR Machinery, Sahajanand Laser Technology Limited, Karna International, Alliance Automation Systems Pvt. Ltd., Geekay Wires Limited, Tanishq Precision Fasteners LLP, Mita Fasteners Pvt Ltd, Landmark Crafts Limited, Right-Fit Fasteners Pvt Ltd., AVT Fasteners, SSG Automotive Components Private Limited, Mohindra Fasteners Limited, Fastwell Products Private Limited, Sensovision Systems Pvt Ltd, Swastik Industrial Works, Admas Surface Finisher, Corundum Coating Innovations Private Limited, Fischer Measurement Technologies (India) Pvt Ltd, Motson Fasteners, Vision Embesoft Solution, Tightwell Forgings Limited, Sunshine Fasteners Pvt Ltd, Anusham Industries, and Varad Automation & Robotics Pvt Ltd — among many more...

Media Contact: M. Chugh, +91 8287478281, your visitor pass today: fmereg.com/mfe26/visreg

जंग जारी रही, तो गंभीर दुष्परिणाम तय', मिडिल ईस्ट जंग पर राज्यसभा में बोले पीएम मोदी

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प्रधानमंत्री मोदी ने आज पश्चिम एशिया संकट को लेकर राज्यसभा में जानकारी दी। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर राज्यसभा में बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हालात भारत के लिए भी चिंताजनक हैं और व्यापार के रास्ते प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि हमें सावधान, सतर्क और तैयार रहना है।

भारत के लिए भी चिंताजनक स्थिति-पीएम मोदी

पीएम मोदी पश्चिम एशिया संकट पर राज्यसभा में बोलते हुए कहा कि इस युद्ध ने पूरी दुनिया में गंभीर ऊर्जा संकट पैदा कर दिया है। भारत के लिए भी यह एक चिंताजनक स्थिति है। व्यापारिक रास्ते प्रभावित हुए हैं इसलिए सप्लाई प्रभावित हुई है। लगभग एक करोड़ भारतीय खाड़ी देशों में रहते और काम करते हैं, और उनके जीवन और आजीविका की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी भारत के लिए एक प्रमुख चिंता का विषय है।

3,75,000 से ज्यादा भारतीय सुरक्षित भारत लौटे- पीएम मोदी

राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'संकट की इस स्थिति में दुनिया भर में भारतीयों की सुरक्षा हमारे लिए सबसे जरूरी है। अब तक 3,75,000 से ज़्यादा भारतीय सुरक्षित भारत लौट आए हैं। अकेले ईरान से 1000 से ज्यादा भारतीय लौटे हैं, इनमें से 700 से ज़्यादा मेडिकल स्टूडेंट हैं। संकट की इस घड़ी में, हमारी सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है। सभी देशों ने वहां भारतीयों की सुरक्षा का भरोसा दिया है। हालांकि, यह दुख की बात है कि हमलों में कुछ भारतीयों की मौत हो गई और कुछ दूसरे घायल हो गए। प्रभावित परिवारों को हर जरूरी मदद दी जा रही है।'

जंग जारी रही तो होंगे गंभीर दुष्परिणाम- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने संवाद का रास्ता सुझाया है। युद्ध से जिस तरह की परिस्थितियां बनी हैं, अगर यह जंग जारी रही तो गंभीर दुष्परिणाम होंगे। हम रणनीति के साथ काम कर रहे हैं कि भारत पर इसके कम से कम दुष्परिणाम हों। पश्चिम एशिया में जंग की वजह से जितना नुकसान हो चुका है, उससे रिकवर करने में भी दुनिया को काफी समय लगेगा।

राज्यों की भूमिका भी इस संकट में अहम-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, यह राज्यों का सदन है और यह संकट आने वाले समय में हमारी बड़ी परीक्षा लेने वाला है। राज्यों की भूमिका भी इस संकट में अहम होने वाली है। पीएम गरीब कल्याण योजना का लाभ गरीबों को समय पर मिलता रहे, यह प्रयास करना होगा। राज्यों को प्रवासी मजदूरों की समस्याओं पर भी ध्यान देना होगा। कालाबाजारी, जमाखोरी की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए। जरूरी चीजों की सप्लाई सुनिश्चित करना राज्यों की प्राथमिकता होनी चाहिए।

हमें तेजी से रिफॉर्म करने होंगे-पीएम मोदी

संकट चाहे कितना भी बड़ा हो, भारत की तेज ग्रोथ बनाए रखना हम सभी का दायित्व है। हमें तेजी से रिफॉर्म करने होंगे। ये टीम इंडिया की भी बड़ी परीक्षा है। कोविड काल में हमने नया मॉडल सामने रखा था। हमें उसी भावना के साथ आगे भी काम करना होगा। सभी राज्य सरकारों और केंद्र के प्रयासों से देश इस गंभीर संकट का प्रभावी तरीके से सामना कर पाएगा।

Empowering the Next Generation: Why Global Mentorship Matters for Women in MediaTech

The MediaTech sector is witnessing a transformation, and mentorship is at its heart.The Rise Mentoring Programme—headquartered in the UK with a global presence across North America, India, APAC, and the Middle East—is at the forefront of this shift. Jaswinder ‘Jassi’ Arora, founder of RVJ Media Tech LLP, recently highlighted the impact of this global initiative after completing the 2025 programme.

"The mentorship journey is about more than just skills; it's about building resilience and a global mindset," says Jassi. Her recent appearance on the Rise panel at the Amazon Gurgaon office showcased how mentorship from industry giants like AWS and Sony empowers women to take ownership of their professional trajectories. Having navigated diverse roles in media across West Bengal and the Northeast, Jassi is now paying it forward, encouraging women to break self-limitations. Her story proves that when global infrastructure meets individual ambition, the potential for women in technology is limitless.

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मिडिल ईस्ट संकट पर लोकसभा में बोले पीएम मोदी, कहा-सरकार के पास ऊर्जा के पर्याप्त भंडार

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पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को लोकसभा में भारत की स्थिति की जानकारी दी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया की हालत चिंताजनक है और दुनिया की अर्थव्यवस्था पर इसका असर पड़ा है।लोकसभा में प्रधानमंत्री ने देश को भरोसा दिलाया कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की सप्लाई सुचारू बनी रहेगी। सरकार हर संभव प्रयास कर रही है कि जनता को इन जरूरी ईंधनों की कोई कमी न हो।

पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था पर बहुत ही विपरित असर-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा में कहा कि इस समय पश्चिमी एशिया की हालत चिंताजनक है। बीते 2-3 हफ्तों में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने और हरदीप पुरी ने इस विषय पर संसद को जरूरी जानकारी दी है। अब इस संकट को 3 सप्ताह से ज्यादा हो रहा है। इसका पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था पर, लोगों के जीवन पर बहुत ही विपरित असर हो रहा है। इसलिए पूरी दुनिया इस संकट के जल्द से जल्द समाधान के लिए सभी पक्षों से आग्रह भी कर रही है।

भारत के सामने भी अप्रत्याशित चुनौतियां-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, भारत के सामने भी इस युद्ध ने अप्रत्याशित चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। ये चुनौतियां आर्थिक भी हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ी हैं और मानवीय भी हैं। युद्धरत और युद्ध से प्रभावित देशों के साथ भारत के व्यापक व्यापारिक रिश्ते हैं। जिस क्षेत्र में ये युद्ध हो रहा है, वह दुनिया के दूसरे देशों के साथ हमारे व्यापार का भी एक महत्वपूर्ण रास्ता है। विशेष रूप से कच्चे तेल और गैस की हमारी जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा यही क्षेत्र पूरा करता है।

गैस सप्लाई में भी कोई कमी नहीं आने दी जाएगी-पीएम मोदी

लोकसभा में पश्चिम एशिया संकट पर अपने बयान में प्रधानमंत्री ने कहा कि देश 60 प्रतिशत एलपीजी का आयात करता है, लेकिन हमने यह सुनिश्चित किया है कि पेट्रोल-डीजल की सप्लाई पूरे देश में बिना किसी रुकावट के जारी रहे। गैस की सप्लाई में भी कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। पीएम मोदी ने बताया कि पिछले एक दशक में भारत की ऊर्जा आयात की विविधता काफी बढ़ी है। पहले भारत सिर्फ 27 देशों से कच्चा तेल आयात करता था, आज यह संख्या बढ़कर 41 देशों हो गई है। सरकार अलग-अलग सप्लायर्स के साथ निरंतर संपर्क में है और जहां से भी संभव हो, वहां से तेल, गैस और फर्टिलाइजर का आयात किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व (SPR) 53 लाख टन से अधिक है और इसे बढ़ाकर 65 लाख टन करने का काम तेजी से चल रहा है। तेल कंपनियों के अपने रिजर्व अलग से हैं. हम हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।

3 लाख 75 हजार से अधिक भारतीय सुरक्षित भारत लौटे

पीएम मोदी ने बताया कि भारत के करीब 1 करोड़ लोग खाड़ी देशों में रहते हैं। वहां समुद्री जहाजों पर बहुत से भारतीय काम करते हैं। जब से ये युद्ध शुरू हुआ है, तब से भारतीय लोगों को मदद दी जा रही है। मैंने भी दो राष्ट्राध्यक्षों से इसके बारे में बात की है। दुर्भाग्य से इस युद्ध की वजह से कुछ लोगों की मौत है और कुछ लोग घायल हैं। विदेशों में हमारे जितने भी मिशन हैं। वह हमारे नागरिकों की मदद कर रहे हैं। विदेश में फंसें हमारे लोगों की मदद के लिए भारत में 24 घंटे हेल्पलाइन जारी की गई है। अब तक 3 लाख 75 हजार से अधिक भारतीय सुरक्षित भारत लौट चुके हैं। ईरान से 1000 से अधिक छात्र लौटे हैं। इसमें से अधिकतक मेडिकल के छात्र हैं।

पश्चिम एशिया संकट पर भारत सरकार की नजर, पीएम मोदी आज लोकसभा में देंगे भाषण

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पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष दिन-ब-दिन और भयावह होता जा रहा है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान-यूएस जंग के बीच भारत की चिंता भी बढ़ती जा रही है। इसी अहम मुद्दे पर आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा में बयान दे सकते हैं। जहां वह मौजूदा हालात, भारत की ऊर्जा सुरक्षा, वैश्विक बाजार पर असर और क्षेत्र में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सरकार का रुख साफ करे सकते हैं।

इन मुद्दों पर बोल सकते हैं पीएम मोदी

सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संबोधन में मौजूदा वैश्विक हालात, भारत की स्ट्रैटेजी और अपनी सरकार के रुख को स्पष्ट कर सकते हैं। इससे पहले भी सरकार ने इशारा किया था कि मिडिल संकट को लेकर सतर्क है और हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। बीते रविवार को पीएम मोदी के साथ मंत्रियों की हुई हाई लेवल बैठक में इस बात पर चर्चा की गई।

जंग से पैदा हुए हालात की समीक्षा

ईरान की इजरायल और अमेरिका के खिलाफ जारी जंग से पैदा हुए हालात पर पीएम मोदी ने रविवार शाम सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति के साथ उच्च स्तरीय बैठक की थी। इस बैठक पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष की समीक्षा करने और प्रस्तावित राहत उपायों पर चर्चा की गई। इस दौरान कैबिनेट सचिव ने वैश्विक स्थिति और अब तक उठाए गए और भारत सरकार के सभी संबंधित मंत्रालयों/विभागों की तरफ किए जा रहे उपायों पर एक खास प्रेजेंटेशन दिया।

जंग के प्रभाव और उससे निपटने के उपायों पर चर्चा

कृषि, उर्वरक, खाद्य सुरक्षा, पेट्रोलियम, बिजली, एमएसएमई, निर्यातक, शिपिंग, व्यापार, वित्त, आपूर्ति श्रृंखला और सभी प्रभावित क्षेत्रों जैसे विभिन्न क्षेत्रों पर पड़ने वाले अपेक्षित प्रभाव और उससे निपटने के लिए उठाए गए उपायों पर चर्चा की गई। देश के समग्र वृहद-आर्थिक परिदृश्य और आगे उठाए जाने वाले उपायों पर भी चर्चा की गई। विषय में लगातार उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए खाद के वैकल्पिक स्रोतों पर भी चर्चा की गई। यह भी तय किया गया कि सभी पावर प्लांट में कोयले के स्टॉक की पर्याप्त सप्लाई से भारत में बिजली की कोई कमी नहीं होगी।

पीएम एफएमई योजना में उत्तर प्रदेश देश में अव्वल

* 7340 प्रस्ताव स्वीकृत, 2000 करोड़ से अधिक टर्म लोन; सूक्ष्म खाद्य उद्योगों को नई गति

लखनऊ। उत्तर प्रदेश ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन (PMFME) योजना के क्रियान्वयन में देशभर में पहला स्थान हासिल किया है। केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को नई ऊर्जा मिली है और राज्य तेजी से आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
योजना के प्रभावी संचालन के तहत प्रदेश में विभिन्न बैंकों द्वारा 2000 करोड़ रुपये से अधिक का टर्म लोन स्वीकृत किया जा चुका है, जो उद्योग स्थापना के प्रति बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 7340 प्रस्तावों की स्वीकृति के साथ उत्तर प्रदेश देश में शीर्ष स्थान पर है। इस दौरान 98 प्रतिशत का स्ट्राइक रेट दर्ज किया गया, जो राष्ट्रीय स्तर पर एक उत्कृष्ट उपलब्धि है।
योजना के अंतर्गत औसत स्वीकृति समय 100 दिन, औसत टर्म लोन 10 लाख रुपये तथा प्रति इकाई औसत अनुदान 4 लाख रुपये निर्धारित किया गया है। उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक जनपद में जनपदीय रिसोर्स पर्सन (डीआरपी) की तैनाती की गई है, जिन्हें प्रत्येक इकाई की स्थापना में सहयोग हेतु 20 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 267.25 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं, जो योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाता है। राष्ट्रीय स्तर पर तुलना करें तो 7293 प्रस्तावों के साथ बिहार दूसरे और 5695 प्रस्तावों के साथ महाराष्ट्र तीसरे स्थान पर हैं।
उल्लेखनीय है कि पीएम एफएमई योजना के अंतर्गत असंगठित खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के उन्नयन के लिए परियोजना लागत का 35 प्रतिशत (अधिकतम 10 लाख रुपये तक) क्रेडिट लिंक्ड अनुदान दिया जाता है। स्वयं सहायता समूहों, एफपीओ एवं सहकारिताओं को कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए अधिकतम 3 करोड़ रुपये तक अनुदान की व्यवस्था है। इसके अलावा, समूहों के प्रति सदस्य को 40,000 रुपये कार्यशील पूंजी तथा उत्पादों की ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग के लिए 50 प्रतिशत तक सहायता प्रदान की जाती है।
अब तक योजना के तहत 24,197 से अधिक इकाइयों को अनुदान की स्वीकृति दी जा चुकी है, जिससे राज्य में रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिली है।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रदेश सरकार सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को सशक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस योजना के माध्यम से खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में आत्मनिर्भरता, मूल्य संवर्धन एवं रोजगार के अवसरों को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों तक पारदर्शिता के साथ समयबद्ध रूप से पहुंचाया जाए।
भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 में यूपी की दमदार प्रस्तुति, ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा प्रदेश: ए के शर्मा

लखनऊ। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 में भाग लेते हुए उत्तर प्रदेश की ऊर्जा क्षेत्र में उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया। यह समिट यशोभूमि, नई दिल्ली में भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय द्वारा आयोजित किया गया।
अपने संबोधन में मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ऊर्जा प्रबंधन के क्षेत्र में तेजी से देश का अग्रणी राज्य बनता जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार सस्ती, सतत और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उच्च मानकों पर कार्य कर रही है।
मंत्री ने जानकारी दी कि बीते वर्ष गर्मी के दौरान प्रदेश ने देश की सर्वाधिक पीक डिमांड को सफलतापूर्वक पूरा किया और इस वर्ष उससे भी अधिक मांग को पूरा करने की तैयारी की गई है। बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए पिछले एक वर्ष में करीब 4000 मेगावाट अतिरिक्त क्षमता जोड़ी गई है, जबकि इस वर्ष 5000 मेगावाट से अधिक नई क्षमता स्थापित करने की दिशा में कार्य जारी है।
सौर ऊर्जा के क्षेत्र में प्रदेश की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि PM Surya Ghar Yojana के तहत उत्तर प्रदेश प्रतिदिन सोलर इंस्टॉलेशन में देश में प्रथम स्थान पर है। साथ ही, यूटिलिटी स्केल सोलर पार्क, पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट (PSP) और बैटरी स्टोरेज सिस्टम पर तेजी से काम किया जा रहा है।
ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर पर बोलते हुए मंत्री ने बताया कि Green Energy Corridor Phase II में उत्तर प्रदेश ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है और Green Energy Corridor Phase III को शीघ्र स्वीकृति देने का अनुरोध किया गया है।
उन्होंने कहा कि राज्य के पावर प्लांट्स को अब तक के उच्चतम पीएलएफ (85%) पर संचालित किया जा रहा है और वितरण हानियों (AT&C Losses) में उल्लेखनीय कमी आई है। प्रदेश में लगभग 20% उपभोक्ताओं के यहां प्री-पेड स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिला है।
इस अवसर पर केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर, अपर मुख्य सचिव (ऊर्जा) नरेन्द्र भूषण, चेयरमैन आशीष गोयल  एवं प्रबंध निदेशक पंकज कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रत्येक उपभोक्ता को सस्ती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराना है, जिसके लिए ऊर्जा क्षेत्र में निरंतर सुधार, नवाचार और निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
मिडिल ईल्ट में जंग के बीच पीएम मोदी की 'डिप्लोमेसी', 5 देशों के नेताओं से की बात

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पश्चिम एशिया में छिड़ी जंग और तेज होती जा रही है। युद्ध में अब ऊर्जा ठिकानों पर हमले हो रहे हैं, जिससे पूरी दुनिया में तेल और गैस की कीमतों में इजाफा होने का डर पैदा हो गया है। पश्चिम एशिया की बदलती स्थिति के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कतर, फ्रांस,जॉर्डन,ओमान और मलयेशिया के नेताओं से फोन पर बात की। प्रधानमंत्री ने ईरान युद्ध में ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाए जाने की निंदा की। 

पीएम मोदी ने संवाद और कूटनीति पर जोर दिया

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने कूटनीतिक स्तर पर सक्रियता तेज कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार 19 मार्च 2026 को कतर, फ्रांस, जॉर्डन, ओमान और मलेशिया के नेताओं से अलग-अलग फोन पर बातचीत कर क्षेत्र की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की और तनाव कम करने के लिए संवाद और कूटनीति पर जोर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने इन सभी वार्ताओं में एनर्जी इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा की और कहा कि ऐसे हमले न केवल क्षेत्रीय स्थिरता को प्रभावित करते हैं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर भी गंभीर असर डाल सकते हैं। उन्होंने खास तौर पर होर्मुज स्‍ट्रेट में सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया, जो अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा परिवहन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है।

शांति और स्थिरता के लिए समन्वय को जारी रखने की अपील

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से फोन पर हुई बातचीत की जानकारी एक्स हैंडल पर दी। पीएम मोदी ने लिखा " मैंने अपने प्रिय मित्र, राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से पश्चिम एशिया की स्थिति और तनाव कम करने की तत्काल आवश्यकता के साथ-साथ संवाद और कूटनीति की ओर लौटने के बारे में बात की। हम इस क्षेत्र और उससे परे शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए अपने घनिष्ठ समन्वय को जारी रखने के लिए तत्पर हैं।"

कतर में ऊर्जा के बुनियादी ढांचों पर हमलों की कड़ी निंदा

कतर के अमीर तमीम बिन हमद अल थानी के साथ हुई बातचीत में पीएम मोदी ने कहा कि "भारत, कतर के साथ है और क्षेत्र में ऊर्जा के बुनियादी ढांचों पर हमलों की कड़ी निंदा करता है। पीएम मोदी ने कतर के अमीर को कतर में रहने वाले भारतीय समुदाय की देखभाल और समर्थन के लिए आभार जताया और क्षेत्र में शांति और स्थिरता की कामना की।" पीएम मोदी ने कतर के शासक को ईद की अग्रिम शुभकामनाएं भी दीं। 

ऊर्जा अवसंरचना पर हमले निंदनीय-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "मैंने फोन पर अपने भाई, जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला द्वितीय को ईद की शुभकामनाएं दीं। हमने पश्चिम एशिया में बिगड़ती स्थिति पर चिंता व्यक्त की और क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता की शीघ्र बहाली के लिए संवाद और कूटनीति की आवश्यकता पर बल दिया। पश्चिम एशिया में ऊर्जा अवसंरचना पर हमले निंदनीय हैं और इनसे अनावश्यक तनाव बढ़ सकता है। भारत और जॉर्डन माल और ऊर्जा के निर्बाध पारगमन के लिए प्रतिबद्ध हैं। क्षेत्र में फंसे भारतीयों की सुरक्षित वापसी में जॉर्डन के प्रयासों की हम तहे दिल से सराहना करते हैं।"

पीएम मोदी ने मलेशिया के प्रधानमंत्री से भी की बात

मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से बातचीत के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स हैंडल पर लिखा "मैंने अपने मित्र, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से बात की और आगामी ईद-उल-फितर के अवसर पर उन्हें और मलेशिया की जनता को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। हमने पश्चिम एशिया की बेहद चिंताजनक स्थिति पर भी चर्चा की और संवाद एवं कूटनीति के माध्यम से तनाव कम करने और शांति एवं स्थिरता की शीघ्र बहाली के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता को दोहराया।"

ओमान को लेकर क्या बोले पीएम मोदी?

प्रधानमंत्री ने ओमान की संप्रभुता व क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन की भारत द्वारा की गई निंदा को दोहराया और भारतीय नागरिकों सहित हजारों लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा, "भारत और ओमान होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षित और निर्बाध नौवहन के लिए प्रतिबद्ध हैं।"

ईरान-इजराइल के बीच संघर्ष भीषण होता जा रहा

बता दें, ईरान पर यूएस-इजरायल के संयुक्त हमले से शुरू हुआ संघर्ष दिन पर दिन भीषण होता जा रहा है। इसका असर वैश्विक बाजार और अर्थव्यवस्था पर गंभीर रूप में देखने को मिल सकता है। इन सबके बीच भारत अपनी सीक्रेट डिप्लोमेसी से ताजा हालात के दुष्प्रभाव को देश के लिए कम असरदार करने की सफल कोशिशों में लगा है।

मोहब्बत हमारे साथ, शादी मोदी साहब के साथ...देवगौड़ा के रिटायरमेंट पर ऐसा क्यों बोले खरगे?

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संसद के उच्च सदन राज्यसभा से बुधवार को कई सांसद रिटायर हो गए। उनकी विदाई के दौरान राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि विदाई का जिक्र आते ही मन भारी हो जाता है और समझ नहीं आता कि बात कहां से शुरू करें। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में काम करने वाला व्यक्ति कभी रिटायर नहीं होता, न ही टायर्ड होता है।

राज्यसभा में सांसदों की विदाई के दौरान विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने मजाकिया अंदाज से सबको लोटपोट कर दिया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा और केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले पर ऐसी बातें कही कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए।

पीएम मोदी के चेहरे पर भी दिखी मुस्कान

सदन को संबोधित करते हुए खरगे ने देवेगौड़ा का जिक्र किया। खड़गे ने पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवगौड़ा का जिक्र करते हुए हल्के-फुल्के अंदाज़ में कहा, 'मैं देवेगौड़ा को 54 वर्षों से जानता हूं। उनके साथ ही मैंने काम किया, लेकिन क्या हुआ मुझें मालूम नहीं। उन्होंने प्रेम हमारे साथ किया, मोहब्बत हमारे साथ किया और शादी मोदी साहब के साथ कर ली। ये जल्दी ही हुआ कैसे हुआ मुझे मालूम नहीं।' उनके इस भाषण पर सदन में हल्की मुस्कान देखने को मिली। पीएम मोदी भी इस दौरान हंसते नजर आए।

कई सहयोगियों को किया याद

खड़गे ने कहा कि रामदास अट्ठावले अपनी खास शैली के लिए जाने जाते हैं और उनकी कविताएं अक्सर प्रधानमंत्री मोदी पर ही केंद्रित होती हैं। उन्होंने अपने सहयोगी शक्ति सिंह गोहिल और नीरज डांगी की भी भावुक होकर प्रशंसा की। खड़गे ने कहा, 'ज्वलंत मुद्दों पर उन्होंने पूरी तैयारी के साथ अपनी बात रखी। उनके जाने से सदन में एक खालीपन महसूस होगा।'

सदन चलाने को लेकर क्या बोले कांग्रेस नेता

इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि सदन ज्यादा से ज्यादा चलना चाहिए। सभी सांसदों की बातों को सुना जाना चाहिए। मिलकर काम करना चाहिए, ये बड़ी ताकत है। जनता के मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए। रिटायर होने वाले कुछ साथी फिर वापस आएंगे कुछ नहीं आएंगे। पब्लिक लाइफ में रहने वाले सदस्य कभी रिटायर और टायर्ड नहीं होते।

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Metal Forming Expo & India Fastener Show to bring together 650+ exhibitors and 50,000+ buyers in Pune under India Production Technology Week.

Future Market Events will host six specialised trade shows showcasing advancements in metal forming, machine tools & cutting, welding technology, fasteners, lubricants, and AI-driven digital manufacturing, aligned with the vision of strengthening India’s manufacturing ecosystem.The events will be held from 9–11 April 2026 at the Pune International Exhibition and Convention Centre (PIECC), Moshi, Pune.

As global supply chains recalibrate and India emerges as an increasingly important manufacturing hub, industry platforms that go beyond product display to demonstrate capability and enable partnerships are gaining relevance. India Production Technology Week (IPTW) aims to serve as one such platform for the country’s manufacturing ecosystem.

With over 650 exhibitors, MFE & IFS 2026 will showcase a wide spectrum of production technologies including CNC and machine tools, robotics and automation, sheet metal fabrication, metal forming, metrology and quality control, welding and stamping solutions, additive manufacturing and 3D printing, fasteners and fixing technologies, as well as software solutions for digital manufacturing.

A key feature of the event will be its emphasis on live technology demonstrations. Machinery and production systems will operate across the exhibition floor, enabling visitors to witness technologies in action and evaluate their real-world applications.

Beyond the exhibition floor, the exhibition features a powerful two-day conference programme on 9th and 10th April, bringing together the sharpest minds from India's engineering and manufacturing sectors, leaders who are actively shaping the industry's future at the intersection of human ingenuity and technology. Sessions will extend these conversations directly onto the exhibition floor through structured buyer–seller meetings and live industry networking interactions.

Anuj Mathur, Managing Director, Future Market Events, said, “India Production Technology Week brings the Indian manufacturing industry together to shape its future. By convening technology providers, manufacturers, and industry stakeholders on one platform, we aim to foster meaningful dialogue, collaboration, and innovation. In April 2026, that conversation will take place in Pune.”

Alongside the exhibition, conferences and seminars will bring together industry leaders, technologists and policymakers to discuss themes such as the adoption of Industry 4.0 technologies, the role of automation in the MSME sector, and the development of resilient manufacturing supply chains. Open House sessions scheduled across the three days will extend discussions onto the exhibition floor through buyer–seller meetings and industry networking interactions.

India Production Technology Week is endorsed and supported by more than 4.0 industry associations, reflecting broad institutional participation from across the manufacturing ecosystem. Supporting organisations include the Automotive Research Association of India (ARAI), Society of Automotive Engineers India, SME Chamber of India, Deccan Chamber of Commerce, Industries and Agriculture, and All India Association of Industries, among others.

Representing geographies, sectors and enterprise sizes from large OEMs to micro enterprises the coalition highlights industry interest in building a home-grown platform for production technologies. Government bodies and relevant ministries are also being engaged to encourage dialogue between policy and industry at IPTW 2026.

The host city Pune is one of India’s leading engineering and manufacturing hubs, home to automotive manufacturers, precision component suppliers, defence manufacturers and a large base of MSMEs. The Pune International Exhibition and Convention Centre, Moshi, provides the infrastructure required to host an event of this scale.

Industry's Leading Names at Metal Forming Expo & India Fastener Show 2026

The exhibition brings together an impressive roster of exhibitors — from global technology leaders to India's most innovative manufacturers — across every segment of production technology. Key participants include: Antiphon, Pro-Arc Welding & Cutting Systems, Hindustan Hydraulics Pvt Ltd, Laser Technologies, Fledon, WELDOR CNC Machines Limited, Energy Mission, Infused Systems, Mtech Laser, Rajesh Global, James, Hitech Mehta, CADCAM, STPL, Proteck Machinery Pvt Ltd, Atandra Energy, Suresh Indu Laser, Purvaj, GMT Solutions Samsung, KR Machinery, Sahajanand Laser Technology Limited, Karna International, Alliance Automation Systems Pvt. Ltd., Geekay Wires Limited, Tanishq Precision Fasteners LLP, Mita Fasteners Pvt Ltd, Landmark Crafts Limited, Right-Fit Fasteners Pvt Ltd., AVT Fasteners, SSG Automotive Components Private Limited, Mohindra Fasteners Limited, Fastwell Products Private Limited, Sensovision Systems Pvt Ltd, Swastik Industrial Works, Admas Surface Finisher, Corundum Coating Innovations Private Limited, Fischer Measurement Technologies (India) Pvt Ltd, Motson Fasteners, Vision Embesoft Solution, Tightwell Forgings Limited, Sunshine Fasteners Pvt Ltd, Anusham Industries, and Varad Automation & Robotics Pvt Ltd — among many more...

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