झारखंड के मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के काफिले में होगी अब स्कोडा सुपर्ब जानिये कितनी है कीमतें

रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के पास अब नई गाड़ियां होगी। जानकारी के मुताबिक मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री के सुरक्षा काफिले में नई गाड़ियों को शामिल करने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में पदवर्ग समिति द्वारा की गई अनुशंसा को मंजूरी मिल गई है।

मुख्य सचिव की नई सवारी – स्कोडा सुपर्ब

जानकारी के मुताबिक झारखंड की मुख्य सचिव अब नई स्कोडा सुपर्ब की सवारी करेंगी। यह प्रीमियम सेडान आधुनिक सुविधाओं से लैस है और इसकी कीमत करीब 62.67 लाख रुपये बताई जा रही है।इसके अलावा, मुख्य सचिव के काफिले में दो नई महिंद्रा बोलेरो टॉप मॉडल को भी शामिल किया जाएगा। इन दोनों गाड़ियों की कुल कीमत लगभग 12.50 लाख रुपये प्रति गाड़ी होगी। इन वाहनों का उपयोग प्रशासनिक कार्यों के लिए किया जाएगा ताकि सरकारी अधिकारियों की आवाजाही को सुगम बनाया जा सके।

पदवर्ग समिति की सिफारिशें

इन गाड़ियों की खरीद का प्रस्ताव पदवर्ग समिति द्वारा दिया गया था, जिसकी अध्यक्षता स्वयं मुख्य सचिव करती हैं। इस समिति में वित्त सचिव, कार्मिक सचिव, विकास आयुक्त और योजना विकास सचिव भी शामिल हैं। समिति ने इन नई गाड़ियों की अनुशंसा सरकारी प्रशासन को अधिक कुशल बनाने के उद्देश्य से की है।

सीएम की सुरक्षा में शामिल होगी टोयोटा कैमरी

मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए उनके काफिले में नई टोयोटा कैमरी को शामिल करने का निर्णय लिया गया है। यह गाड़ी सुरक्षा के लिहाज से बेहतरीन मानी जाती है और इसकी कीमत करीब 54.61 लाख रुपये बताई जा रही है। सरकार की योजना के अनुसार, सुरक्षा काफिले में पुरानी गाड़ियों को हटाकर आधुनिक और सुरक्षित वाहनों को शामिल किया जाएगा।

पुरानी गाड़ियों की नीलामी

सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि जो भी वाहन रद्दीकरण के योग्य माने जाएंगे, उन्हें नीलामी प्रक्रिया के तहत बेचा जाएगा और उससे प्राप्त धन कोषागार में जमा किया जाएगा। नीलामी की प्रक्रिया जेम (GeM) पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। यदि कोई वाहन जेम पोर्टल पर सूचीबद्ध नहीं होता है, तो झारखंड प्रोक्योरमेंट ऑफ गुड्स एंड सर्विस मैनुअल के तहत वित्त विभाग द्वारा खरीद प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा।

मंत्रिमंडल सचिवालय के लिए टोयोटा वेलफायर

इसके अतिरिक्त, झारखंड सरकार ने टोयोटा वेलफायर वाहन की खरीद की भी अनुशंसा की है। यह एक प्रीमियम एमपीवी है, जिसकी कीमत करीब 1.38 करोड़ रुपये से शुरू होती है। इस वाहन को मंत्रिमंडल सचिवालय के लिए खरीदा जाएगा ताकि महत्वपूर्ण सरकारी कार्यों को अधिक सुचारु रूप से संचालित किया जा सके।

सरकार का उद्देश्य

झारखंड सरकार द्वारा इन वाहनों की खरीद का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों को तेज, प्रभावी और सुरक्षित बनाना है। नई गाड़ियों की खरीद से सरकारी अधिकारियों और सुरक्षा दलों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और उनकी आवाजाही अधिक सुगम होगी। साथ ही, पुराने वाहनों की नीलामी से सरकारी खजाने को भी लाभ होगा।

सरकार का यह कदम राज्य में बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था और आधुनिक सुरक्षा उपायों की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

सराइकेला खरसावां पुलिस की बड़ी उपलब्धि,नक्सली संगठन के नाम पर लेवी वसूलने वाले पांच अपराधी गिरफ्तार,एसपी मुकेश लुणायत ने दी जानकारी

जमशेदपुर : नक्सली संगठन के नाम पर लेवी मांगने के मामले में एसआईटी ने पांच कुख्यात अपराधी को हथियार के साथ गिरफ्तार किया है. सभी प. सिंहभूम जिले के रहनेवाले हैं। इनकी गिरफ्तारी आमदा ओपी के खरसावां थाना क्षेत्र में रेलवे साइट पर कर्मियों से मारपीट करने व पिस्तौल का भय दिखा लेवी मांगने पर हुई. रविवार को एसपी मुकेश लुणायत ने अपने कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस कर मामले की जानकारी दी.

एसपी ने बताया कि 24 मार्च की रात आमदा रेलवे साइट पर 6-7 अज्ञात लोग पिस्तौल के साथ पहुंचे थे। उन्होंने लेवी के लिए पिस्तौल का भय दिखाते हुए डंडे से साइट पर सो रहे कर्मियों के साथ मारपीट की थी। बंद लिफाफा में पश्चिम सब जोनल कमेटी कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नाम के लेटर पेड पर संगठन के लिए लेवी मांगी थी, जिसकी शिकायत थाना में की गयी थी। इसी मामले में गिरफ्तारी हुई है.

एसपी ने बताया कि शिकायत के बाद अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सरायकेला के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गयी थी। एसआईटी ने जांच के बाद घटना में संलिप्त 5 कुख्यात को गिरफ्तार किया। अभियुक्तों के पास से धमकी देने के लिए प्रयुक्त मोबाइल फोन,पश्चिम सब जोनल कमेटी कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नाम लेटर हेड पर्चा,एक देसी कट्टा,एक गोली व एक बाइक को बरामद किया गया है। कांड में गिरफ्तार अभियुक्तों का पूर्व का आपराधिक इतिहास रहा है। पूर्व में हत्या,रंगदारी, मारपीट,आर्म्स एक्ट,सीएलए एक्ट जैसे गंभीर अपराध में जेल जा चुके हैं.

इस छापामारी दल में समीर सवैया,अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी,सरायकेला,गौरव कुमार,थाना प्रभारी,खरसावां थाना,रमन कुमार विश्वकर्मा,ओपीप्रभारी,आमदा अविनाश कुमार,थाना प्रभारी, तिरुलडीह,रामरेखा पासवान,सरायकेला थाना.

 गिरफ्तार हुए अपराधियों के नाम

अविनाश हांसदा उर्फ जितेन हांसदा (45 वर्ष),ग्राम चिटपील, पो. जरजरा, थाना- टोकलो जिला- प. सिंहभूम, धर्मेंद्र लागुरी उर्फ कलुवा डॉन उर्फ शत्रु उर्फ डीके भइया उर्फ तमरिया (41 वर्ष) ग्राम- द्वारफारम, पो-केरा, थाना-टोकलो, जिला-प. सिंहभूम, सुभाष दोराई उर्फ समाधान, गांव- लांडूपदा, पो+थाना- कराईकेला, जिला- प. सिंहभूम, अविनाश कुमार सिंहदेव उर्फ अंशु सिंहदेव गांव- केरा, थाना- चक्रधरपुर जिला- प. सिंहभूम - राजकुमार जोंको, गांव धतकीडीह थाना- कराईकेला, जिला- प. सिंहभूम है.

इनके पास सें बरामदगी

1. एक देशी कट्टा और एक गोली

2. धमकी देने के लिए प्रयुक्त मोबाइल फोन

3. धमकी देने के लिए प्रयुक्त प. सिंहभूम सब जोनल कमेटी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नाम लेटर हेड पर्चा

4. मोबाइल फोन-06

5. बाइक-01

6. धमकी देने के लिए प्रयुक्त सिम (दांत से दबाया हुआ)

झारखंड सहित देशभर के मुस्लिम समुदाय के लोगों नें की ईद की नमाज़ अता,इस अवसर पर मौलाना नें कहा ईद और इस्लाम देता है मोहब्बत का पैगाम

रांची :रमजान के 30 रोजे के बाद सोमवार को देशभर में मुस्लिम समुदाय के लोग ईद धूमधाम से मना रहे हैं. इस कड़ी में रांची में भी ईद की धूम दिखी. सुबह के समय नए-नए कपड़े पहनकर बच्चे, बुजुर्ग और युवाओं ने अपने-अपने घरों के पास के ईदगाहों और मस्जिदों में सामूहिक रूप से ईद की नमाज अता की. 

नमाजियों की सुविधा के लिए अलग-अलग ईदगाहों और मस्जिदों में "ईद की नमाज" का समय अलग-अलग निर्धारित किया गया था.

ईद और इस्लाम मोहब्बत का पैगाम देता है:-मौलाना असगर मिस्बाही

ईद की नमाज के बाद मौलाना असगर मिस्बाही ने अपने संदेश में कहा कि ईद और इस्लाम मोहब्बत का पैगाम देता है. इस्लाम इंसान से इंसान के बीच मोहब्बत का पैगाम देता है. उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान में विभिन्न धर्मों के लोग प्रेम और भाईचारे से रहते हैं. मजहब की आजादी ही यहां की खूबसूरती है. कुछ लोग इस खूबसूरती को खत्म करना चाहते हैं. ऐसे में मुल्क की हिफाजत की जिम्मेवारी हमारी है.

मौलाना असगर मिस्बाही ने कहा कि जो लोग नफरत फैलाना चाहते हैं उनके मंसूबों को हमें प्रेम और भाईचारे से नाकाम करना है. उन्होंने कहा कि इंसानियत ही सबसे बड़ा धर्म है. जो उनका फर्ज है वह अहले सियासत जानें..."मेरा पैगाम ए मोहब्बत है जहां तक पहुंचे."

 त्योहार ईद-उल-फितर को लेकर मुस्लिम समुदाय में खासा उत्साह

इस्लाम धर्मावलंबियों के सबसे बड़े त्योहार ईद-उल-फितर को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है. ईद की नमाज के बाद लोगों ने एक दूसरे को ईद की शुभकामनाएं दी. कई लोग ऐसे हैं जो अपने परिवार के साथ ईद मनाने के लिए दूसरे राज्य या शहर से रांची पहुंचे हैं. ईद के अवसर पर सभी के घरों में सेवईयां, खट्टा-मीठा चाट, दही बड़ा, मोती पुलाव सहित कई खास व्यंजन बनाए गए हैं.

वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक को की वापसी की मांग

इस दौरान मौलाना असगर मिस्बाही ने कहा कि ईद के मौके पर वह केंद्र की सरकार से आग्रह करते हैं कि वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक को वापस ले ले. ईद की नमाज के दौरान कुछ लोगों ने पीएम मोदी से वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक वापस लेने का बैनर लिए हुए भी नजर आए. जिसमें ईद की सौगात के रूप में संशोधन विधेयक वापस लेने की अपील की गई थी.

झारखंड में आज सें सरहुल पर्व धूमधाम से शुरू, जानिए इस पर्व की महत्व और परम्परा


आदिवासियों के महापर्व सरहुल की शुरुआत सोमवार (31 मार्च) से हो रही है. आदिवासियों के पाहन के अनुसार पहले दिन सरना समुदाय के लोग उपवास पर रहेंगे. इसी दिन मछली और केकड़ा भी पकड़ा जायेगा.

 युवा तालाब, पोखर, चुआं या आसपास के जलस्रोतों के पास जाकर मछली और केकड़ा पकड़ेंगे. घर के मुखिया शाम को पुरखों का स्मरण करेंगे और उन्हें पकवान और तपावन आदि अर्पित करेंगे. शाम में जल रखाई पूजा होगी. इसके लिए पाहन दो नये घड़ों में तालाब या नदी से पानी लाकर साफ-सुथरा किये गये सरना स्थल पर लाकर रखेंगे.

दी जाती है 5 मुर्गे-मुर्गियों की बलि?

इस पूजा के दौरान 5 मुर्गे-मर्गियों की बलि दी जायेगी. इनमें सफेद मुर्गे की बलि सृष्टिकर्ता के नाम पर दी जायेगी. लाल मुर्गे की बलि हातू बोंगा (ग्राम देवता) के नाम पर, जल देवता (इकिर बोंगा) के नाम पर माला मुर्गी, पूर्वजों के नाम पर लुपुंग या रंगली मुर्गी और बुरी आत्माओं को शांत कराने के लिए काली मुर्गी की बलि दी जायेगी.

 

मछली और केकड़ा पकड़ने की परंपरा

आदिवासी समाज का मानना है कि मछली और केकड़ा ही पृथ्वी के पूर्वज हैं. समुद्र के नीचे पड़ी मिट्टी को ऊपर लाकर ही पृथ्वी बनी. इसका पहला प्रयास मछली और केकड़े ने ही किया था. सरहुल का पहला दिन इन्हीं को समर्पित होता है. पकड़े गये केकड़े को रसोई घर में ऊपर टांग दिया जाता है. कुछ महीने बाद इनके चूर्ण को खेतों में इस मनोकामना के साथ छींट दिया जाता है कि जैसे केकड़े की कई भुजाएं होती हैं, उसी तरह खेतों में फसलों की भरपूर बालियां हों.

धनबाद के कतरास में सड़क हादसे में एक युवक की मौत दो लोग घायल

झारखंड के धनबाद जिले के कतरास में सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गयी, जबकि दो लोग घायल हो गए हैं. सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया. 

हादसे के बाद पुलिस ने कार और बाइक को जब्त कर लिया है. तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार को रौंद दिया. इससे सड़क हादसा हुआ है.

तेज गति से आ रही थी कार

कतरास-फुलारीटांड़ रोड के भटमुड़ना ढलान के पास तेज रफ्तार स्विफ्ट डिजायर ने बाइक सवार को रौंद दिया. इससे बाइक पर सवार बेहराकुदर के दुनियालाल सिंह (40 वर्ष) नामक युवक की मौत हो गयी, जबकि बेहराकुदर के ही बाइक सवार कुंदन सिंह और कार सवार आयुष यादव गंभीर रूप से घायल हो गए. सड़क हादसे की सूचना मिलने पर कतरास पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और बाइक एवं स्विफ्ट डिजायर को जब्त कर लिया.

हादसे के बाद जुटे लोग

सड़क हादसे के बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुट गयी. स्विफ्ट डिजायर आकाशकिनारी के स्वर्गीय मनोज यादव की बतायी जा रही है. लोगों ने बताया कि स्विफ्ट डिजायर काफी तेज गति से छाताबाद की तरफ से भटमुड़ना की ओर जा रही थी. इसी दौरान कार ने बाइक सवार को रौंद दिया.

धनबाद डीसी का जनता दरबार : बुजुर्ग महिला की गुहार,बेटा-बहू और बेटी की प्रताड़ना से बचा लीजिये डीसी मैडम,

धनबाद :उपायुक्त माधवी मिश्रा ने शुक्रवार को अपने कार्यालय में जनता दरबार का आयोजन कर जिले के विभिन्न क्षेत्र से आए लोगों की फरियाद सुनी. जनता दरबार में बैंक मोड़ शांति भवन से आई महिला ने उपायुक्त को बताया कि पूरे रेजिडेंशियल कंपलेक्स के गराजो को गोदाम बना दिया गया है. जिस कारण वहां के निवासियों की गाड़ियां कॉमन पैसेज में पार्क की जाती है. निवासियों को हर दिन संकरे रास्ते से होकर आना-जाना पड़ता है.

 गराज में बने गोदाम में दिन-रात मालवाहक वाहनों का आना-जाना लगा रहता है. इसके कारण रेजिडेंशियल कंपलेक्स के निवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. 

उपायुक्त ने मामले पर त्वरित संज्ञान लेकर नगर निगम को जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया.

 वहीं एक बुजुर्ग दंपति ने बेटा-बहू की प्रताड़ना से बचाने की गुहार लगाई. दंपति ने उपायुक्त को बताया कि पहले वे अपने बेटा और बहू के साथ अपनी पैतृक संपत्ति में रहते थे. विगत ढाई साल से बेटा-बहू ने विभिन्न तरह से प्रताड़ित कर उन्हें घर से निकाल दिया है. जिसके बाद वे अपनी बेटी के साथ रहते है. दंपति ने उपायुक्त से इस समस्या का निराकरण करने की गुहार लगाई है. जनता दरबार में एक वृद्ध महिला ने अपनी बेटी पर विगत 3-4 साल से मारपीट करने और घर छोड़ने के एवज में डेढ़ लाख रुपए मांगने की शिकायत उपायुक्त से की. 

महिला ने बताया कि बेटी हर दिन उनके साथ लड़ाई- झगड़ा और मारपीट करती है. जब बेटा बीच बचाव करने आता है, तो उसे भी मारती है. उन्होंने उपायुक्त को बताया कि बेटी ने घर में पानी की टंकी और पाइपलाइन लगाने में राशि खर्च की है, जब बेटी को घर से निकलने के लिए कहती है तो वह इस एवज में डेढ़ लाख रुपए की मांग करती है. इसके अलावा जनता दरबार में स्वीकृति के बाद भी अबुआ आवास का निर्माण नहीं करने देने, जमीन पर जबरन कब्जा करने, पंडुकी मिडिल स्कूल में बाउंड्री वॉल बनाने, निजी जमीन को रिश्तेदारों द्वारा नहीं बेचने देने, दबंगों द्वारा रैयती जमीन पर कब्जा करने सहित अन्य शिकायत प्राप्त हुई. जनता दरबार में सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा नियाज अहमद भी मौजूद थे.

झारखंड प्रदेश के कांग्रेस प्रभारी के. राजू मिले सीएम हेमंत सोरेन से, किया प्रदेश के विभिन्न समस्यायों पर चर्चा, समाधान पर दिया जोर


झा. डेस्क

झारखंड प्रदेश के कांग्रेस प्रभारी के. राजू झारखंड में हैं. आज रविवार को उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने झारखंड में चल रही विभिन्न विकास योजनाओं, जनहित से जुड़े मुद्दों एवं वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य के मद्देनर प्रासंगिक विषयों पर विचार विमर्श किया. 

इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश और कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव मौजूद थे. पिछले दिनों संगठन सृजन-2025 अभियान के तहत मंथन के चौथे दिन उन्होंने विभिन्न नागरिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की थी.

विस्थापन, जमीन और पलायन के समाधान पर चर्चा

झारखंड कांग्रेस प्रभारी के राजू ने संगठन सृजन-2025 अभियान के तहत मंथन कार्यक्रम में शनिवार को कहा कि जनता के मुद्दों पर कांग्रेस का हमेशा फोकस रहता है. उन्होंने झारखंड आने के बाद महसूस किया कि हर जिले में विस्थापन, जमीन और पलायन की समस्या है. पुनर्वास संबंधी कानून 2013 में कांग्रेस द्वारा लाया गया था. झारखंड में कांग्रेस को इन समस्याओं के समाधान की दिशा में पहल करनी होगी. अगर जनता की समस्याओं का समाधान नहीं होता है, तो किस आधार पर वे जनता के समक्ष जाकर अपने पक्ष में मतदान करने के लिए कहेंगे.

जनमुद्दों पर बैठक जरूरी

के राजू ने मंथन कार्यक्रम में कहा था कि जनमुद्दों पर हर माह प्रदेश कांग्रेस बैठक आयोजित कर समस्याओं और मुद्दों पर चर्चा कर उसका निदान कराने की पहल करे. जनमुद्दों के समाधान के लिए किस तरह मैकेनिज्म तैयार करना है, यह उन्हें अच्छी तरह मालूम है. प्रदेश कांग्रेस का प्रदर्शन इससे आंका जाएगा कि कितनी समस्याओं को चिह्नित कर उनका समाधान किया गया. झारखंड में कांग्रेस गठबंधन सरकार में है. इसके बावजूद जनमुद्दों को लेकर संघर्ष के लिए तत्पर रहना होगा. एसटी-एससी, ओबीसी अल्पसंख्यक समुदाय की समस्याओं को चिह्नित करें और उसके समाधान का रास्ता निकालें.

जमशेदपुर में यूपी के कुख्यात अपराधी और मुख़्तार अंसारी गैंग के शूटर अनुज कनौजिया को यूपी पुलिस और झारखंड पुलिस नें मुठभेड़ में मार गिराया




झा. डेस्क

 जमशेदपुर में यूपी के कुख्यात अपराधी और मुख़्तार अंसारी गैंग के शूटर अनुज कनौजिया को यूपी पुलिस और झारखंड पुलिस नें मुठभेड़ में मार गिराया.घटना शनिवार की है.

इस मुठभेड़ में यूपी के एक डीएसपी घायल भी हो गए. जिन्हे जमशेदपुर के टीएमएच में भर्ती कराया गया.

इस कारबाई को यूपी एसटीएफ और झारखंड एसटीएस की टीम ने सयुंक्त रूप सें अंजाम दिया.

 

उत्तर प्रदेश के मुख्तार अंसारी गैंग के शूटर अनुज पर हत्या, लूट, रंगदारी और गैंगस्टर एक्ट समेत कुल 23 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं. वह लगातार फरार चल रहा था. यूपी डीजीपी के आदेश के बाद मऊ पुलिस ने इसकी गिरफ्तारी के लिए कई टीमों का गठन किया था. यूपी एसटीएफ और झारखंड एटीएस की संयुक्त कार्रवाई में चले ऑपरेशन में यूपी एसटीएफ के डीएसपी को बांयें हाथ में कंधे से नीचे गोली लगी है. उन्हें इलाज के लिए टीएमएच में भर्ती कराया गया है. घटना के बाद पुलिस ने पूरे एरिया को पुलिस ने सील कर दिया है. आसपास सर्च अभियान चलाया गया.

घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, यूपी पुलिस को पिछले एक माह से यह जानकारी मिल रही थी कि अपराधी अनुज कनौजिया जमशेदपुर में है. पुलिस को उसका अंतिम लोकेशन गोविंदपुर के जनता मार्केट के पास अमलता सिटी के भूमिहार सदन में मिला था. पुलिस ने तीन दिनों तक वहां पूरी रेकी की. शनिवार की शाम को जब यूपी व झारखंड पुलिस ने घेराबंदी की, तो अनुज ने फायरिंग कर दी.

पुलिस ने उसे बाहर निकलने के लिए चेतावनी दी. यूपी पुलिस ने पहले एनाउंसमेंट कर सरेंडर करने के लिए कहा. इस पर उसने घर की खिड़की से नाइन एमएम की दो पिस्टल से दोनों हाथों से पुलिस पर एक के बाद एक 12-15 राउंड फायरिंग की. इस घटना में यूपी (गाजीपुर एसटीएफ) पुलिस के डीएसपी धर्मेश कुमार साही को हाथ में गोली लगी. इसके बाद पुलिस की जवाबी फायरिंग में अनुज को मार गिराया गया. घटना के बाद एसएसपी किशोर कौशल समेत अन्य पुलिस पदाधिकारी वहां पहुंचे. घटनास्थल पर किसी को जाने दिया जा रहा है.

पुलिस-प्रशासन के लिए बना हुआ था चुनौती

अनुज कनौजिया, माफिया मुख्तार अंसारी का बेहद विश्वासपात्र रहा और उसके सहारे हत्या, लूट और अवैध वसूली जैसे संगीन अपराधों को अंजाम दिया है. कई राज्यों में अपना नेटवर्क फैला चुका यह अपराधी पुलिस और प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ था. पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी. उस पर पुलिस ने 2.5 लाख का इनाम घोषित कर रखा था. मुख्तार अंसारी गैंग का कुख्यात शूटर अनुज कनौजिया आखिरकार पुलिस मुठभेड़ में ढेर हो गया. उत्तर प्रदेश एसटीएफ (गोरखपुर यूनिट) और झारखंड पुलिस की संयुक्त टीम ने उसे जमशेदपुर में घेर लिया, जिसके बाद दोनों ओर से भारी गोलीबारी हुई. मुठभेड़ में अनुज कनौजिया को पुलिस ने मार गिराया.

राजधानी रांची में सआदत हसन मंटो के प्रसिद्ध नाटक ‘टोबा टेक सिंह’ का मंचन, कलाकारों की जीवंत भूमिका नें दर्शकों को किया मंत्र मुग्ध


झा. डेस्क

सआदत हसन मंटो के प्रसिद्ध कहानी ‘टोबा टेक सिंह’ पर आधारित नाटक का रांची के यूनियन क्लब में मंचन किया गया. इसमें इप्टा के कई कलाकारों ने अपनी दमदार भूमिका से नाटक को जीवंत कर दिया. ये नाटक देश विभाजन के बाद लाहौर के पागलखाने में बंद मानसिक रोगियों पर केंद्रित है. कार्यक्रम की शुरुआत बच्चों के नृत्य से की गयी. इस मौके पर पेंटिंग प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया. शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहादत दिवस 23 मार्च को ‘सरफरोश’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. इसमें पेंटिंग प्रतियोगिता आयोजित की गयी थी.

व्यंग्यात्मक लघु कथा पर आधारित देश के विभाजन के बाद की हैएक पागल खाना की कहानी

सआदत हसन मंटो लिखित प्रसिद्ध नाटक ‘टोबा टेक सिंह’ का निर्देशन भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) रांची जिला सचिव सुमेधा मल्लिक ने किया. यह नाटक एक है जो देश विभाजन के बाद लाहौर के पागलखाने में बंद मानसिक रोगियों की कहानी है, जो ऐसे बेतुके विभाजन पर व्यंग्य करती है. भारत और पाकिस्तान के विभाजन के बाद लाहौर के पागलखाने में बंद मानसिक रोगियों की अदला-बदली पर केंद्रित है. कहानी का मुख्य पात्र बिशन सिंह है, जो टोबा टेक सिंह नामक शहर से है और वह पागलखाने में बंद है. भारत और पाकिस्तान की सरकारों ने पागलखाने में बंद मानसिक रोगियों की अदला-बदली करने का फैसला किया, जिसमें बिशन सिंह को भी भारत भेजा जाना था. बिशन सिंह को जब पता चलता है कि उसका शहर टोबा टेक सिंह अब पाकिस्तान में है तो वह जाने से इनकार कर देता है और चिल्लाता है कि ‘टोबा टेक सिंह’ कहां है? भारत में या पाकिस्तान में? मानसिक रोगियों के दिमाग में किस तरह से कौतूहल मचा हुआ था उसे रंगमंच पर उतारने का काम लेखक सआदत हसन मंटो ने किया है.

इन कलाक़ारों नें अपनी जीवंत अभिनय सें किया लोगों को किया प्रभावित

‘टोबा टेक सिंह’ नाटक में डॉक्टर की भूमिका में सुमेधा मलिक, फौजी की भूमिका में प्रशांत, वकील के रोल में पीयूष, प्रोफेसर अंजलि, चना वाला सौरभ, नर्तकी ऐश्वर्या, कवयित्री आस्था, चपरासी रोशन, फजल की भूमिका में विहान शाश्वत और मुलाकाती की भूमिका एगनेटिश ने अदा की.

मौके पर ये थे उपस्थित

इस मौके पर भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) झारखंड के पूर्व कार्य अध्यक्ष श्यामल मलिक, प्रदीप तरफदार, विनय भूषण, श्यामल चक्रवर्ती सोंटा, अधिवक्ता कलाम रशिदी, अजय सिंह, प्रवीण कर्मकार, परवेज कुरैशी सहित एकता के कई कलाकार और पदाधिकारी उपस्थित थे.

म्यांमार की तरह क्या झारखंड में भी भूकंप कर सकता है प्रभावित, जानिये विशेषज्ञों की राय..?

म्यांमार में आए 7.7 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप के कारण एक हजार से अधिक लोगों की मौत हो गई है। इतनी बड़ी क्षति के कारण भूंकप जोन में रहने वाले लोग परेशान हैं। और पूरी दुनिया भयभीत है.यदि हम लौहनगरी जमशेदपुर की बात करें तो यह भूकंप के जोन दो में है और पूरी तरह सुरक्षित है।

इन शहरों में भूकंप आने की संभावना कम

विशेषज्ञों के अनुसार जोन दो में वह क्षेत्र है जहां भूकंप आने की संभावना कम है। यदि भूकंप आ भी गया तो जान-माल के नुकसान होने की संभावना नहीं के बराबर रहती है।

जमशेदपुर, बैंगलोर, हैदराबाद, विशाखापटनम, नागपुर, रायपुर, ग्वालियर, जयपुर, तिरुचिरापल्ली, मदुरै आदि शहर इस जोन में आते हैं। जमशेदपुर में 20 से अधिक भवन है, जिनको शेषमीक लोड डिजाइन करके बनाया गया है।

झारखंड का पूरा क्षेत्र स्टेबल लैंड क्षेत्र में

अगर जानकार की बात माने तो 

कोल्हान विश्वविद्यालय चाईबासा, भूगोल विभाग की एचओडी डॉ. सुनीता कुमारी ने बताया कि कोल्हान व झारखंड का पूरा क्षेत्र स्टेबल लैंड क्षेत्र में आता है। साथ ही सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा झारखंड के कुछ भाग को जोन दो व कुछ भाग को जोन तीन में रखा गया है, जहां कोई नुकसान की संभावना नहीं होती है।

जिसे भूगोल में गुंडवाना लैंड में गिना जाता है। यहां कभी भूकंप आता है भी तो नुकसान की संभावना काफी कम होती है। स्थिर लैंड होने की वजह से पूरा झारखंड भूकंप से सुरक्षित माना जाता है।

इस तरह आता है भूकंप

कोल्हान विश्वविद्यालय चाईबासा, भूगोल विभाग की एचओडी डॉ. सुनीता कुमारी कहती हैं कि हमारी धरती कई सारे टैक्टानिक प्लेटों से बनी है, जिसके नीचे खौलता लावा है।

इसी लावे पर ये टैक्टानिक प्लेट तैरते हैं। तैरते-तैरते ये प्लेट आपस में टकरा जाते हैं और अगर ये टक्कर तेज हुई तो प्लेट टूट जाते हैं या उनमें कुछ बदलाव होता है।

ऐसे में नीचे लावे की तरफ जो एनर्जी बन रही है, उसे बाहर आने का रास्ता मिलने लगता है और ऊर्जा ऊपर की ओर आने लगती है। इस जटिल प्रक्रिया का परिणाम भूकंप आता है।

विभिन्न रिएक्टर स्केल पर भूकंप की स्थिति 2.0 की तीव्रता से कम वाले भूकंपीय झटके, इंसान को महसूस ही नहीं होते।

2.0 से 2.9 तक के झटके, आम तौर पर यह भी महसूस नहीं होते।

3.0 से 3.9 तक के झटके, अक्सर महसूस नहीं होते, लेकिन कभी नुकसान कर देते हैं।

4.0 से 4.9 तक के झटके, थरथराहट महसूस होती है और कई बार नुकसान पहुंचाता है।

5.0 से 5.9 तक के झटके,कमजोर मकानों को नुकसान पहुंचाता है।

6.0 से 6.9 तक के झटके, 160 किलोमीटर के दायरे में काफी घातक साबित हो सकता है।

7.0 से 7.9 तक के झटके, एक बड़े क्षेत्र में भारी तबाही मचा सकता है।

8.0 से 8.9 तक के झटके, सैकड़ों किलोमीटर के क्षेत्र में भीषण तबाही मचा सकता है।

9.0 से 9.9 तक के झटके, हजारों किलोमीटर के क्षेत्र में तबाही मचा सकता है।

जमशेदपुर भूकंप के सुरक्षित जोन में है। इसके बावजूद जमशेदपुर में वैसे ऊंची इमारतें जो 100 फीट से ऊंची बन रही है, सभी में भूकंप रोधी डिजाइन बनाकर ही नक्शा पास होता है। वैसे भवन मालिकों को शेषमीक लोड डिजाइन का नक्शा पास कराना पड़ता है। 

जमशेदपुर में इस तरह के लगभग 20 भवन हैं, जो शेषमीक लोड डिजाइन से नक्शा पास कराकर भवन बनाया है या बन रहा है।