Dr. Anjanaa Bakshi Global Expert in Holistic Healing, Energy Therapy, and Emotional Wellness.

Are you seeking a trusted guide to help you achieve emotional balance, mental clarity, and spiritual growth? Look no further than Dr. Anjanaa Bakshi, an internationally recognized clinical psychotherapist, mental and emotional health specialist, and holistic healer. With over 30 years of experience in transforming lives through alternative therapies and energy healing, Dr. Bakshi has empowered thousands of people worldwide to overcome emotional struggles and unlock their true potential.

About Dr. Anjanaa Bakshi -A Leader in Alternative Healing & Mental Wellness

Since 1993, Dr. Bakshi has been a beacon of hope for individuals facing emotional trauma, anxiety, stress, relationship conflicts, and psychosomatic disorders. As a Reiki Grand Master, clinical hypnotherapist, and expert in past life regression, she blends ancient wisdom with modern psychotherapy techniques to facilitate deep healing and self-discovery. Her compassionate and intuitive approach has brought relief and transformation to professionals, couples, children, and international clients seeking remote energy healing and emotional therapy.

Personal Experience of Dr. Anjanaa Bakshi

In 2006, my mother suffered paralysis due to high blood pressure, and in 2010, I too faced the same setback. Through continuous Reiki healing, both of us recovered completely, with even medical reports confirming my recovery. After these life-changing experiences, I realized that Reiki was not just a healing practice, but a divine gift that transformed pain into strength and despair into hope. From that moment onward, I devoted myself completely to this powerful form of healing. It became my life's motto to spread the light of Reiki and help others overcome their struggles, just as I did. Every person I guide today is a reminder of the journey that began with my mother's recovery and my own healing. What started as a need during a crisis has now become my soul's purpose to dedicate my life to holistic healing and empower others to experience the same transformation.

What Makes Dr. Anjanaa Bakshi Unique?

30+ years of healing expertise

Internationally recognized as a mental and emotional health specialist

Online consultations for clients globally

Highly personalized and holistic therapeutic approach

Mastery in deep healing cleansing, past life therapy, trauma recovery, childhood trauma healing, inner child therapy, and aura reading

Thousands of client success stories from all walks of life.

Comprehensive Services for Personal Transformation

1. Energy & Spiritual Healing

Deep Healing Cleansing (Karuna, Theta, Crystal, Magnified)

Chakra Balancing & Aura Reading

Distance Healing & Energy Clearing

Past Life Regression & Karmic Healing

2. Emotional & Mental Health Therapy

Clinical Hypnotherapy & Trauma Healing

Inner Child Therapy & Emotional Detox

Anxiety, Stress, Grief, and Depression Support

Relationship, Couple, and Family Counseling

Childhood Trauma Recovery

Deep Cleansing Therapies & Energy Rebalancing

3. Life Coaching & Purpose Alignment

Confidence Building & Career Healing

Financial Block Removal

Spiritual Guidance, Tarot Readings, and Manifestation Coaching

Life Path Clarity & Empowerment Workshops

Therapist Training Programs

Why Choose Dr. Anjanaa Bakshi for Holistic Healing?

Over three decades of experience in alternative healing and psychotherapy

Global recognition for excellence in holistic therapy

Award-winning collaborations with wellness centers, educational institutions, and corporate wellness programs

A commitment to helping clients overcome fear, heal emotional wounds, and unlock inner peace and spiritual clarity

Who Benefits from Dr. Bakshi's Healing?

People from every background -including professionals, students, couples, children, and spiritual seekers find comfort and transformation with Dr. Bakshi's therapies. Whether you are seeking relief from stress, anxiety, trauma, or embarking on a spiritual awakening, her guidance offers proven results.

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Contact: +91 88260 03961, Website: www.anjanaabakshi.com

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सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज बी सुदर्शन रेड्डी होंगे इंडिया गठबंधन के उपराष्ट्रपति उम्मीदवार, खरगे ने की घोषणा

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उपराष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष ने भी उम्मीदवार की घोषणा कर दी है। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस बी सुदर्शन रेड्डी उपराष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष के उम्मीदवार होंगे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इनके नाम का एलान किया। इससे पहले विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' के नेताओं ने उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के नाम पर फैसला लेने और उसकी घोषणा करने के लिए 10 राजाजी मार्ग पर बैठक की थी। बैठक के बाद विपक्ष ने उनके नाम का एलान किया। रेड्डी 21 अगस्त को नामांकन करेंगे। पूर्व न्यायाधीश जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी का मुकाबला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन से होगा।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, उपराष्ट्रपति पद का यह चुनाव एक वैचारिक लड़ाई है और सभी विपक्षी दल इस पर सहमत हैं और यही कारण है कि हमने बी सुदर्शन रेड्डी को संयुक्त उम्मीदवार के रूप में नामित किया है। खरगे ने कहा कि बी सुदर्शन रेड्डी भारत के सबसे प्रतिष्ठित और प्रगतिशील न्यायविदों में से एक हैं। उनका एक लंबा और प्रतिष्ठित कानूनी करियर रहा है। वे आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, गौहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में काम कर चुके हैं। वे सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय के एक निरंतर और साहसी समर्थक रहे हैं। वे एक गरीब हितैषी व्यक्ति हैं। यदि आप उनके कई फैसले पढ़ेंगे, तो आपको पता चलेगा कि उन्होंने कैसे गरीबों का पक्ष लिया और संविधान व मौलिक अधिकारों की रक्षा की।

कौन हैं जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी?

जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी का जन्म 8 जुलाई, 1946 को अकुला मायलाराम गांव, पूर्व इब्राहिमपट्टनम तालुका, रंगारेड्डी (आंध्र प्रदेश) में हुआ था। उनका नाता वर्तमान में कंदुकुर राजस्व मंडल के तहत आने वाले गांव के एक कृषक परिवार से रहा। उन्होंने हैदराबाद में पढ़ाई की और 1971 में उस्मानिया विश्वविद्यालय, हैदराबाद से कानून की डिग्री प्राप्त की।

1988 में सुप्रीम कोर्ट में सरकारी वकील

बी. सुदर्शन रेड्डी 1971 को में हैदराबाद में आंध्र प्रदेश बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में रजिस्टर्ड हुए थे। उन्होंने आंध्र प्रदेश उच्च हाई कोर्ट में रिट और सिविल मामलों में प्रैक्टिस की है। उन्होंने 1988-90 के दौरान सुप्रीम कोर्ट में सरकारी वकील के रूप में काम किया। उन्होंने 1990 के दौरान 6 महीने की अवधि के लिए केंद्र सरकार के अतिरिक्त स्थायी वकील के रूप में भी काम किया।

एनडीए ने सीपी राधाकृष्णन को बनाया उम्मीदवार

वहीं, एनडीए की तरफ से महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। वो तमिलनाडु से आते हैं और आरएसएस से पुराना नाता रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी खरगे सहित विपक्षी नेताओं से संपर्क कर सर्वसम्मति से निर्णय लेने के लिए समर्थन मांगा था।

9 सितंबर को होना है उपराष्ट्रपति पद का चुनाव

यह पूरा घटनाक्रम 9 सितंबर को होने वाले उपराष्ट्रपति पद के चुनाव को लेकर हो रहा है, जो पिछले महीने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए जगदीप धनखड़ के पद से इस्तीफा देने के बाद जरूरी हो गया था। नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 21 अगस्त है।

कौन हैं त‍िरुच‍ि श‍िवा, हो सकते हैं इंडिया अलायंस के उपराष्‍ट्रपत‍ि कैंड‍िडेट, एनडीए के सीपी राधाकृष्णन से होगा मुकाबला

#dmk_mp_tiruchi_siva_maybe_india_alliance_vice_presidential_candidate

एनडीए ने उपराष्ट्रपति पद के लिए महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को उम्मीदवार बनाया है। एनडीए के बाद विपक्ष भी उपराष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार की जल्द ही घोषणा कर सकता है। विपक्षी ब्लॉक तमिलनाडु के राज्‍यसभा सांसद तिरुची शिवा को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बना सकता है। सूत्रों के अनुसार, साउथ इंडिया की सियासत को देखते हुए विपक्ष यह फैसला ले सकता है। रुचि शिवा भी तमिलनाडु के हैं। जहां के सीपी राधाकृष्णन को एनडीए ने अपना उम्मीदवार घोषित किया है। अगर ऐसा होता है तो यह पक्की बात है कि देश के अगले उपराष्ट्रपति दक्षिण भारत से होंगे।

डीएमके का महत्‍वपूर्ण रणनीत‍िकार

विपक्ष से उपराष्ट्रपति पद के लिए राज्यसभा सांसद तिरुचि एन शिवा के नाम की चर्चा चल रही है। विपक्ष के कई दलों की इस नाम पर सहमति भी बन गई है, लेकिन अभी नाम की घोषणा नहीं की गई है। राज्‍यसभा सांसद तिरुची शिवा डीएमके के सीनियर लीडर हैं। उन्‍हें डीएमके का महत्‍वपूर्ण रणनीत‍िकार माना जाता है। संसद में पार्टी की रीत‍ि नीत‍ि वही तय करते हैं। वह लंबे समय से राज्य और केंद्र दोनों स्तर पर पार्टी के रणनीतिक चेहरा रहे हैं। केंद्र और राज्य स्तर पर कई महत्वपूर्ण समितियों और विषयों में भूमिका निभाई है। विशेष रूप से सोशल जस्‍ट‍िस, फेडरल स्‍ट्रक्‍चर और स्‍टेट राइट्स इश्यू पर उन्‍होंने बहुत काम क‍िया है।

तिरुचि एन. शिवा का सियासी सफर

तिरुचि इस पार्टी से 1996, 2002, 2007,2014 और 2020 में लोकसभा के सदस्य भी रहे हैं। वे एक वक्ता और लेखक भी हैं। तिरुचि छात्र राजनीति के दौरान 1976 में आपातकाल के दौरान जेल भी गए थे। करीब 1 साल जेल में रहने के बाद वो रिहा हुए थे। इसके बाद वे डीएमके जिला छात्र शाखा के संगठन कर्ता के रूप में कार्य करने लगे। 1982 और 1992 के बीच तिरुचि डीएमके युवा शाखा के उप सचिव के रूप में कार्य किया है। इसके बाद 1992 से 2007 के बीच सचिव के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाई। तिरुचि डीएमके के प्रचार सचिव और उप महासचिव भी रहे हैं।

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिहाज से भी जरूरी

तमिलनाडु में अगले साल विधानसभा चुनाव है। एनडीए द्वारा सीपी राधाकृष्णन का नाम आगे बढ़ाने के पीछे भी इस चुनाव को बड़ा कारण बताया जा रहा है। भाजपा सीपी राधाकृष्णन को तमिलनाडु के विधानसभा चुनाव में भुनाएगा। ऐसे में विपक्षी खेमा भी तमिलनाडु के वरीय नेता पर अपना दांव लगा सकती है।

सीपी राधाकृष्णन को ही NDA ने क्यों बनाया उपराष्ट्रपति उम्मीदवार, विपक्ष के सामने साबित होगा मास्टरस्ट्रोक ?

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बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए ने उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए सीपी राधाकृष्णन को अपना उम्मीदवार घोषित किया है. वे फिलहाल महाराष्ट्र के राज्यपाल है। रविवार को NDA की बैठक में उनके नाम पर मुहर लगी। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में हुई बैठक के बाद इसकी आधिकारिक घोषणा की। राधाकृष्णन चार दशक से अधिक समय से राजनीति और सामाजिक जीवन में सक्रिय रहे हैं और उन्हें तमिलनाडु की राजनीति का सम्मानित चेहरा माना जाता है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की राजनीति के सधे हुए खिलाड़ी माने जाते हैं। मोदी की खासियत यह है कि वे चुनावी मुकाबले को सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं मानते। राधाकृष्णन का नाम घोषित कर वे एक तीर से तीन निशाना साधा है। एनडीए ने राधाकृष्णन का नाम घोषित कर उद्धव ठाकरे और तमिलनाडु के मुख्‍यमंत्री एमके स्‍टाल‍िन को अपने पाले में कर ही लिया है। साथ ही राहुल गांधी के सामने आगे भी विकल्प नहीं छोड़ने का काम किया है।

उद्धव ठाकरे के ल‍िए मुश्क‍िल भरा फैसला

दरअसल, एनडीए की ओर से उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन फिलहाल महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं। ऐसे में उद्धव ठाकरे के ल‍िए मुश्क‍िल ये है क‍ि अगर वे राधाकृष्णन को समर्थन नहीं देते हैं, तो यह सीधा मैसेज जाएगा कि उन्होंने अपने ही राज्यपाल के खिलाफ जाकर वोट किया।

द्रमुक के सामने धर्मसंकट जैसी स्थिति

वहीं, सीपी राधाकृष्णन तमिलनाडु के हैं। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन भी असमंजस में हैं। अब स्टालिन अगर उन्हें समर्थन देते हैं तो डीएमके के वोटरों में सवाल उठेगा कि आखिर स्टालिन ने एक आरएसएस विचारधारा वाले नेता का समर्थन क्यों किया. और अगर विरोध करते हैं, तो यह आरोप लगेगा कि उन्होंने तमिलनाडु के सपूत को ही नकार दिया. यानी स्टालिन के लिए भी यह चुनाव ‘हां’ या ‘ना’ दोनों में फंसा हुआ है।

भाजपा की एक सोची-समझी रणनीति

साफ है महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की ओर से उपराष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार घोषित किया जाना भाजपा की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। इसमें जटिल चुनावी गणित और गहरी क्षेत्रीय रणनीति समाहित है। सीपी राधाकृष्णन के नाम का एलान सिर्फ व्यक्तिगत रूप से उनकी वफादारी का इनाम नहीं है, बल्कि यह तमिलनाडु और दक्षिणी राज्यों में अपनी पैठ बढ़ाने के लिए भाजपा के नए प्रयास का संकेत है। यहां भाजपा को अपनी पकड़ बनाने के लिए संघर्ष करना पड़ा है।

पहले भी विपक्ष के खेमे में लग चुकी सेंध

पहले भी जब यूपीए ने राष्ट्रपति पद के लिए प्रतिभा पाटिल को अपना उम्मीदवार बनाया था, तब शिवसेना ने एनडीए का हिस्सा होने के बावजूद उनका समर्थन किया था, क्योंकि वह महाराष्ट्र से थीं। इसी तरह जब यूपीए ने प्रणब मुखर्जी को नामित किया, तो एनडीए में होने के बावजूद शिवसेना और जदयू दोनों ने अपना समर्थन दिया। ऐसे ही जब एनडीए ने रामनाथ कोविंद का नाम प्रस्तावित किया तो जदयू ने विपक्ष में होने के बावजूद उनका समर्थन किया, क्योंकि वे बिहार के राज्यपाल थे। उपराष्ट्रपति पद के लिए पिछले चुनाव में जब एनडीए ने जगदीप धनखड़ को चुना था, तो तृणमूल कांग्रेस ने मतदान से परहेज किया था।

Inside The Angaar Batch: India’s Most Vocally Interactive Coding Movement

Mathura, Uttar Pradesh | August 2025 — In a space dominated by polished apps, silent videos, and inaccessible content, one grassroots coding movement is doing the unthinkable: making students feel seen, heard, and capable — starting from a humble home in Mathura.

This is the story of The Angaar Batch, founded by Naman Sharma, and later joined by Divyanshu Khandelwal as co-founder. Together, they form India’s most firesome edtech duo — and they’ve built a platform that’s changing how thousands of students learn to code every night.

It All Started with a Game

Naman Sharma began coding at the age of 11, driven by a love for video games and creativity. But a single moment changed everything.

“One day, my friends looked at me and said, ‘Naman, tum to kar loge… par hum kaise karein?’” Naman recalls. “That hit me. I realized I was lucky to start early — but most people weren’t. And no one was showing them how.”

That one moment planted the seed for The Angaar Batch — a platform not for toppers, but for students who felt they’d missed the bus.

Later, Divyanshu Khandelwal, founder of his own edtech community Reprogrammers, joined the mission. Himself a struggling student with no formal edge, Divyanshu had only two passions: teaching and coding.

Their stories were different — but their pain was the same. And their purpose, aligned.

What Makes The Angaar Batch So Different?

In an industry flooded with passive learning, The Angaar Batch is one of the only platforms in India where students speak, interact, and learn live — every single night.

Here’s what sets it apart:

Daily 9PM vocally interactive classes Beginner-first, confidence-first approach Real-time doubt solving and speaking practice Courses in Python, MERN, DSA, AI, and more Taught by real working professionals from the tech industry Investor pitching for top-performing students

The platform has empowered thousands of learners from Tier 2 & 3 colleges — especially those who were scared to ask questions in class or felt “too behind” to start.

“We built what we wished we had as students,” says Divyanshu. “A space where no one feels stupid for not knowing something.”

Their flagship experience, FLAMES ’25 (Facilitating Learning in AI and MERN Environments) has already helped students build real-world apps, AI tools, and full-stack portfolios — many starting with zero tech background.

From Two Strugglers to a National Movement

Naman and Divyanshu didn’t come from IITs. They didn’t have elite mentors or big VC funding. They had one thing: the fire to teach what no one else was teaching — with heart.

Every night, they show up live. Every class is raw and real. Every voice matters.

And now, from a city known for its temples and culture, they’re building one of India’s most grassroots, student-loved learning revolutions.

“We’re not here to build coders,” says Naman. “We’re here to build belief — in the students who never believed they could.”

Meet India’s Most Firesome EdTech Duo

Naman Sharma – Founder of The Angaar Batch. Started coding at 11. Built the platform from a place of privilege and pain — a coder who never forgot the ones left behind.

Divyanshu Khandelwal – Co-founder, former solo founder of Reprogrammers. A student who once struggled silently, but found his power in teaching. Today, he’s the voice behind thousands of confident learners.

Together, they are igniting India’s next generation of coders — not from corporate boardrooms, but from the heart of Mathura.

What’s Next?

With a fast-growing community, unmatched consistency, and a vision rooted in inclusion, empathy, and truth, The Angaar Batch is poised to become India’s most human, honest, and high-impact tech learning platform.

And they’re just getting started.

Media Contact

Email: Website: www.theangaarbatch.in Instagram:

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और PM नरेंद्र मोदी ने शिबू सोरेन को दी श्रद्धांजलि, परिजनों से की मुलाकात

नई दिल्ली, 4 अगस्त 2025: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन पर आज देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल पहुंचकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री दोनों ने दिवंगत शिबू सोरेन के पार्थिव शरीर पर माल्यार्पण किया। इस दुखद घड़ी में उन्होंने मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन, विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन और अन्य परिजनों से भी मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि वे दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में संबल दें।

शिबू सोरेन का निधन झारखंड समेत पूरे देश के लिए एक बड़ी क्षति है, और उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए कई गणमान्य व्यक्ति पहुंच रहे हैं।

अरूण जेटली ने बंद कमरे में धमकाया…” आरोप लगाकर यूं घिरे राहुल गांधी, रोहन जेटली ने निकाली दावे की हवा

#didarunjaitleythreatenrahul_gandhi

लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के पूर्व राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष राहुल गांधी इन दिनों लगातार सुर्खियों में हैं। बिहार में वोटर लिस्‍ट के संशोधन (एसआईआर) हो या ऑपरेशन सिंदूर से लेकर डोनाल्ड ट्रंप के भारतीय अर्थव्यवस्था को मृत कहे जाने पर दी गई प्रतिक्रिया हो, राहुल गांधी के बयान अखबारों की हेडलाइन बनी हुई है। इस बीच राहुल गांधी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा के दिवंगत नेता अरुण जेटली पर धमकाने का आरोप लगाया है।

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शनिवार को सालाना लीगल कॉन्क्लेव-2025 में हिस्‍सा लिया। उन्‍होंने कहा, मुझे याद है जब मैं कृषि कानूनों के खिलाफ लड़ रहा था, तो अरुण जेटली को मुझे धमकाने के लिए भेजा गया था। उन्होंने मुझसे कहा था कि अगर आप सरकार का विरोध करते रहे और कृषि कानूनों के खिलाफ लड़ते रहे, तो हमें आपके खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ेगी। तब मैंने उनकी तरफ देखा और कहा कि मुझे नहीं लगता कि आपको पता है कि आप किससे बात कर रहे हैं।

अरूण जेटली के बेटे ने याद दिलाई तारीख

राहुल गांधी के आरोपों पर अरुण जेटली के बेटे रोहन जेटली ने प्रतिक्रिया दी है। रोहन जेटली ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि 'राहुल गांधी का दावा है कि कृषि कानूनों को लेकर मेरे पिता ने उन्हें धमकाया। मैं उन्हें याद दिला दूं कि मेरे पिता का देहांत 2019 में हुआ था। कृषि कानून 2020 में पेश किए गए थे। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि मेरे पिता के स्वभाव में किसी को भी धमकाना नहीं था। वह एक कट्टर लोकतांत्रिक व्यक्ति थे और हमेशा आम सहमति बनाने में विश्वास रखते थे। अगर कभी ऐसी स्थिति आती भी, जैसा कि राजनीति में अक्सर होता है, तो वह सभी के लिए एक पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान पर पहुंचने के लिए स्वतंत्र और खुली चर्चा का आह्वान करते थे। वह बस ऐसे ही थे और आज भी उनकी यही विरासत है। मैं राहुल गांधी की सराहना करूंगा कि अगर वे उन लोगों के बारे में बोलते समय सचेत रहें जो हमारे साथ नहीं हैं। उन्होंने मनोहर पर्रिकर जी के लिए भी कुछ ऐसा ही करने की कोशिश की, उनके अंतिम दिनों का राजनीतिकरण किया, वह भी बेहद ही घटिया था।'

Sri Chimmanlal Jewels Becomes the First to Launch Affordable Luxury 9KT Gold Jewellery in Hyderabad in 2023.

Hyderabad, India – July 2025: In a landmark moment for the jewellery industry in India, Sri Chimmanlal Jewels, under the visionary leadership of Founder Anupp Agarwal, proudly became the first brand to introduce certified 9KT gold jewellery in Hyderabad in 2023. This bold and forward-thinking move is revolutionising the concept of luxury by offering high-quality, hallmarked gold jewellery at truly accessible price points — making fine jewellery no longer just a privilege, but a possibility for all. Founded in 2009 by Anupp Agarwal, with a modest investment of just ₹1 lakh, Sri Chimmanlal Jewels began its journey in the heart of Abids, Hyderabad.

From its humble beginnings, Mr. Agarwal nurtured the brand with unwavering commitment to craftsmanship, trust, and customer satisfaction. Over the past decade, he has transformed the business into one of Hyderabad’s most trusted and innovative jewellery houses, blending tradition with cutting-edge design. The launch of the 9KT gold jewellery range in 2023 marked a turning point not only for the brand but for the broader jewellery market. Designed to meet the evolving needs of today’s customers, the collection features over 200+ new designs every month in each category, BIS-certified, lightweight designs that are readily available live on the counter — including rings, bangles, bracelets, earrings, and lockets. These pieces are tailored for daily wear, yet crafted with the elegance and precision of high-end jewellery.

Our mission was clear,” says Anupp Agarwal. “We wanted to create jewellery that didn’t just look beautiful but was practical, wearable, and within reach for everyone — whether it’s a college student, a young couple, or a working parent. 9KT gold allows us to deliver luxury with value, without compromise. Through this, I aim to make the jewellery business more transparent and affordable than ever before”. With prices starting as low as ₹3,000, Sri Chimmanlal Jewels’ 9KT collection redefines affordability in fine jewellery. This range is perfect for gifting, daily use, festive occasions, and even weddings, with customisation available to make every piece uniquely personal. The store also offers lifetime exchange and buyback on old gold, making every purchase a long-term investment.

Beyond the 9KT offering, the store showcases a diverse selection of certified jewellery in 14KT gold with zircon stones, ready stock, and custom order-based 18KT and 22KT gold collections adorned with diamonds, uncut stones, pearls, beads, as well as a wide range of precious and semi-precious gemstones. The product line spans from traditional styles like Nakshi, Pachi, and Temple jewellery to modern CAD-based designs, catering to customers of all ages, styles, and occasions.

Every piece is Hallmark certified and undergoes rigorous quality control. With in-house manufacturing and direct sourcing, the brand ensures that customers receive superior quality at competitive prices — a hallmark of the founder’s vision. A Global Vision Beyond Borders What started in one corner of Hyderabad is now looking at the world stage. Sri Chimmanlal Jewels, led by Anupp Agarwal’s global outlook, is actively exploring international business partnerships — from retailers and franchisees to resellers and even mining companies. The brand maintains a strong and engaging presence across digital platforms, including Facebook, Instagram www.instagram.com/srichimmanlaljewels, Google, Pinterest, and YouTube, ensuring constant connection with a rapidly growing customer base in India and beyond.

Sri Chimmanlal Jewels isn't just a jewellery store — it's a legacy in the making. From redefining affordable luxury to creating business opportunities globally, Anupp Agarwal’s journey is a shining example of entrepreneurship, innovation, and integrity. To experience a jewellery destination that celebrates both elegance and everyday wearability, visit the flagship store in Abids, Hyderabad or explore the full range online at www.srichimmanlaljewels.com. For partnerships and dealership inquiries, connect with the team and be part of a growing legacy rooted in trust, beauty, and timeless value.

विमान में मैकेनिकल समस्या नहीं थी..., रिपोर्ट के बाद उठे सवाल तो एअर इंडिया ने दिया जवाब

#what_did_air_india_ceo_say_on_aaib_preliminary_report 

गुजरात के अहमदाबाद में 12 जून को हुए प्लेन हादसे के पूरे एक महीने बाद शुरुआती रिपोर्ट सामने आई। इस हादसे की शुरुआती जांच रिपोर्ट पर एअर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन ने साफ किया है कि विमान में कोई मैकेनिकल या मेंटेनेंस की खराबी नहीं थी।उन्होंने कहा कि किसी भी नतीजे पर जल्दबाजी में पहुंचना ठीक नहीं है। बता दें कि विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि विमान के फ्यूल स्विच 'रन' से 'कटऑफ' अवस्था में चले गए थे, जिसकी वजह से विमान क्रैश हो गया और इस हादसे में 242 विमान यात्रियों समेत 270 लोगों की मौत हो गई।

शुरुआती रिपोर्ट सामने आने के बाद से ही पायलट के फिट होने को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे थे। इन्हीं सवालों के जवाब में एयर इंडिया के सीईओ का बयान सामने आया है। एयरलाइन के सीईओ कैम्पबेल विल्सन ने सोमवार को एक आंतरिक मेमो में कई बातें कहीं। उन्होंने कहा कि हादसे के एक महीने बाद जारी की गई रिपोर्ट के दौरान एक भी पल ऐसा नहीं बीता जब हमने उन यात्रियों, दोस्तों, सहकर्मियों और लोगों के बारे में न सोचा हो जो इस दुर्घटना में मारे गए या घायल हुए।

जांच अभी पूरी नहीं हुई

मेमो में विल्सन ने कहा, 'शुरुआती रिपोर्ट जारी होने के बाद हमें और दुनिया को यह पता चला कि असल में क्या हुआ था। इससे कुछ बातें साफ हुईं, लेकिन कुछ नए सवाल भी खड़े हो गए।' विल्सन ने आगे कहा, 'शुरुआती रिपोर्ट में किसी कारण का पता नहीं चला है और न ही कोई सिफारिश की गई है। इसलिए मैं सभी से आग्रह करता हूं कि वे जल्दबाजी में कोई निष्कर्ष न निकालें, क्योंकि जांच अभी पूरी नहीं हुई है।

एएआईबी की रिपोर्ट में क्या?

इससे पहले विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने शनिवार को एअर इंडिया के बोइंग 787-8 विमान दुर्घटना पर अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की थी। हादसे में 12 जून को 260 लोग मारे गए थे। अहमदाबाद से लंदन गैटविक जा रही AI 171 उड़ान भरने वाला यह विमान उड़ान भरने के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। एएआईबी की रिपोर्ट में कहा गया कि उड़ान संख्या एआई171 के दोनों इंजनों की ईंधन आपूर्ति एक सेकंड के अंतराल पर बंद हो गई, जिससे कॉकपिट में अफरा-तफरी मच गई और उड़ान भरने के तुरंत बाद विमान अपनी ऊंचाई खोने लगा। 15 पेज की रिपोर्ट में कहा गया कि कॉकपिट की वॉयस रिकॉर्डिंग में एक अज्ञात पायलट ने दूसरे से पूछा कि उसने ईंधन क्यों बंद कर दिया? इससे दूसरे पायलट ने इनकार कर दिया। इस बीच भारतीय वाणिज्यिक पायलट संघ (आईसीपीए) ने कहा कि पिछले महीने दुर्घटनाग्रस्त हुई एआई171 उड़ान के चालक दल ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपने प्रशिक्षण और जिम्मेदारियों के अनुसार काम किया। पायलटों को अनुमान के आधार पर बदनाम नहीं किया जाना चाहिए।

हमने पाकिस्तान में घुसकर 9 आतंकी ठिकाने तबाह किए, हमें कोई नुकसान नहीं हुआ’ ऑपरेशन सिंदूर पर बोले डोभाल

#indiadidnotsufferanylossduetooperationsindoorsaysnsaajit_doval

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए अजित डोभाल ने कहा कि भारत का ऑपरेशन बेहद ही सफल रहा। हमने पाकिस्तान में नौ ठिकानों को निशाना बनाया था। इसमें से एक भी नहीं चूका। उन्होंने ये भी कहा कि इस ऑपरेशन के दौरान भारत को किसी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ है। हमारे नुकसान की एक फोटो तक कहीं नहीं दिखी।

हमारे नुकसान की एक फोटो तक कहीं नहीं दिखी-डोभाल

आईआईटी मद्रास में आयोजित 62वें दीक्षांत समारोह में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल ने 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर विदेशी मीडिया की रिपोर्टिंग पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कई विदेशी समाचार एजेंसियों ने भारत को लेकर भ्रामक और तथ्यहीन जानकारी प्रकाशित की है। एनएसए डोभाल ने कहा कि विदेशी प्रेस ने कहा कि पाकिस्तान ने यह किया, वो किया... आप मुझे एक भी फोटो या सबूत दिखाइए जिसमें भारत में किसी इमारत को नुकसान हुआ हो, एक कांच तक टूटा हो... उन्होंने बातें लिख दीं और छाप दीं। हमारे नुकसान की एक फोटो तक कहीं नहीं दिखी। जबकि फोटो में पाकिस्तान के 13 एयरबेस की तबाही की तस्वीरें आप सबने देखी होंगी।

ऑपरेशन पूरा करने में लगे 23 मिनट

अजीत डोभाल ने आगे कहा, हर लक्ष्य पर सटीक प्रहार हुआ। हमला कहीं और नहीं हुआ। सिर्फ वहीं हुआ, जहां हमें पता था कि वहां कौन मौजूद है। पूरे ऑपरेशन को पूरा करने में केवल 23 मिनट लगे।

Dr. Anjanaa Bakshi Global Expert in Holistic Healing, Energy Therapy, and Emotional Wellness.

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About Dr. Anjanaa Bakshi -A Leader in Alternative Healing & Mental Wellness

Since 1993, Dr. Bakshi has been a beacon of hope for individuals facing emotional trauma, anxiety, stress, relationship conflicts, and psychosomatic disorders. As a Reiki Grand Master, clinical hypnotherapist, and expert in past life regression, she blends ancient wisdom with modern psychotherapy techniques to facilitate deep healing and self-discovery. Her compassionate and intuitive approach has brought relief and transformation to professionals, couples, children, and international clients seeking remote energy healing and emotional therapy.

Personal Experience of Dr. Anjanaa Bakshi

In 2006, my mother suffered paralysis due to high blood pressure, and in 2010, I too faced the same setback. Through continuous Reiki healing, both of us recovered completely, with even medical reports confirming my recovery. After these life-changing experiences, I realized that Reiki was not just a healing practice, but a divine gift that transformed pain into strength and despair into hope. From that moment onward, I devoted myself completely to this powerful form of healing. It became my life's motto to spread the light of Reiki and help others overcome their struggles, just as I did. Every person I guide today is a reminder of the journey that began with my mother's recovery and my own healing. What started as a need during a crisis has now become my soul's purpose to dedicate my life to holistic healing and empower others to experience the same transformation.

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सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज बी सुदर्शन रेड्डी होंगे इंडिया गठबंधन के उपराष्ट्रपति उम्मीदवार, खरगे ने की घोषणा

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उपराष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष ने भी उम्मीदवार की घोषणा कर दी है। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस बी सुदर्शन रेड्डी उपराष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष के उम्मीदवार होंगे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इनके नाम का एलान किया। इससे पहले विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' के नेताओं ने उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के नाम पर फैसला लेने और उसकी घोषणा करने के लिए 10 राजाजी मार्ग पर बैठक की थी। बैठक के बाद विपक्ष ने उनके नाम का एलान किया। रेड्डी 21 अगस्त को नामांकन करेंगे। पूर्व न्यायाधीश जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी का मुकाबला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन से होगा।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, उपराष्ट्रपति पद का यह चुनाव एक वैचारिक लड़ाई है और सभी विपक्षी दल इस पर सहमत हैं और यही कारण है कि हमने बी सुदर्शन रेड्डी को संयुक्त उम्मीदवार के रूप में नामित किया है। खरगे ने कहा कि बी सुदर्शन रेड्डी भारत के सबसे प्रतिष्ठित और प्रगतिशील न्यायविदों में से एक हैं। उनका एक लंबा और प्रतिष्ठित कानूनी करियर रहा है। वे आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, गौहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में काम कर चुके हैं। वे सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय के एक निरंतर और साहसी समर्थक रहे हैं। वे एक गरीब हितैषी व्यक्ति हैं। यदि आप उनके कई फैसले पढ़ेंगे, तो आपको पता चलेगा कि उन्होंने कैसे गरीबों का पक्ष लिया और संविधान व मौलिक अधिकारों की रक्षा की।

कौन हैं जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी?

जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी का जन्म 8 जुलाई, 1946 को अकुला मायलाराम गांव, पूर्व इब्राहिमपट्टनम तालुका, रंगारेड्डी (आंध्र प्रदेश) में हुआ था। उनका नाता वर्तमान में कंदुकुर राजस्व मंडल के तहत आने वाले गांव के एक कृषक परिवार से रहा। उन्होंने हैदराबाद में पढ़ाई की और 1971 में उस्मानिया विश्वविद्यालय, हैदराबाद से कानून की डिग्री प्राप्त की।

1988 में सुप्रीम कोर्ट में सरकारी वकील

बी. सुदर्शन रेड्डी 1971 को में हैदराबाद में आंध्र प्रदेश बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में रजिस्टर्ड हुए थे। उन्होंने आंध्र प्रदेश उच्च हाई कोर्ट में रिट और सिविल मामलों में प्रैक्टिस की है। उन्होंने 1988-90 के दौरान सुप्रीम कोर्ट में सरकारी वकील के रूप में काम किया। उन्होंने 1990 के दौरान 6 महीने की अवधि के लिए केंद्र सरकार के अतिरिक्त स्थायी वकील के रूप में भी काम किया।

एनडीए ने सीपी राधाकृष्णन को बनाया उम्मीदवार

वहीं, एनडीए की तरफ से महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। वो तमिलनाडु से आते हैं और आरएसएस से पुराना नाता रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी खरगे सहित विपक्षी नेताओं से संपर्क कर सर्वसम्मति से निर्णय लेने के लिए समर्थन मांगा था।

9 सितंबर को होना है उपराष्ट्रपति पद का चुनाव

यह पूरा घटनाक्रम 9 सितंबर को होने वाले उपराष्ट्रपति पद के चुनाव को लेकर हो रहा है, जो पिछले महीने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए जगदीप धनखड़ के पद से इस्तीफा देने के बाद जरूरी हो गया था। नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 21 अगस्त है।

कौन हैं त‍िरुच‍ि श‍िवा, हो सकते हैं इंडिया अलायंस के उपराष्‍ट्रपत‍ि कैंड‍िडेट, एनडीए के सीपी राधाकृष्णन से होगा मुकाबला

#dmk_mp_tiruchi_siva_maybe_india_alliance_vice_presidential_candidate

एनडीए ने उपराष्ट्रपति पद के लिए महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को उम्मीदवार बनाया है। एनडीए के बाद विपक्ष भी उपराष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार की जल्द ही घोषणा कर सकता है। विपक्षी ब्लॉक तमिलनाडु के राज्‍यसभा सांसद तिरुची शिवा को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बना सकता है। सूत्रों के अनुसार, साउथ इंडिया की सियासत को देखते हुए विपक्ष यह फैसला ले सकता है। रुचि शिवा भी तमिलनाडु के हैं। जहां के सीपी राधाकृष्णन को एनडीए ने अपना उम्मीदवार घोषित किया है। अगर ऐसा होता है तो यह पक्की बात है कि देश के अगले उपराष्ट्रपति दक्षिण भारत से होंगे।

डीएमके का महत्‍वपूर्ण रणनीत‍िकार

विपक्ष से उपराष्ट्रपति पद के लिए राज्यसभा सांसद तिरुचि एन शिवा के नाम की चर्चा चल रही है। विपक्ष के कई दलों की इस नाम पर सहमति भी बन गई है, लेकिन अभी नाम की घोषणा नहीं की गई है। राज्‍यसभा सांसद तिरुची शिवा डीएमके के सीनियर लीडर हैं। उन्‍हें डीएमके का महत्‍वपूर्ण रणनीत‍िकार माना जाता है। संसद में पार्टी की रीत‍ि नीत‍ि वही तय करते हैं। वह लंबे समय से राज्य और केंद्र दोनों स्तर पर पार्टी के रणनीतिक चेहरा रहे हैं। केंद्र और राज्य स्तर पर कई महत्वपूर्ण समितियों और विषयों में भूमिका निभाई है। विशेष रूप से सोशल जस्‍ट‍िस, फेडरल स्‍ट्रक्‍चर और स्‍टेट राइट्स इश्यू पर उन्‍होंने बहुत काम क‍िया है।

तिरुचि एन. शिवा का सियासी सफर

तिरुचि इस पार्टी से 1996, 2002, 2007,2014 और 2020 में लोकसभा के सदस्य भी रहे हैं। वे एक वक्ता और लेखक भी हैं। तिरुचि छात्र राजनीति के दौरान 1976 में आपातकाल के दौरान जेल भी गए थे। करीब 1 साल जेल में रहने के बाद वो रिहा हुए थे। इसके बाद वे डीएमके जिला छात्र शाखा के संगठन कर्ता के रूप में कार्य करने लगे। 1982 और 1992 के बीच तिरुचि डीएमके युवा शाखा के उप सचिव के रूप में कार्य किया है। इसके बाद 1992 से 2007 के बीच सचिव के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाई। तिरुचि डीएमके के प्रचार सचिव और उप महासचिव भी रहे हैं।

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिहाज से भी जरूरी

तमिलनाडु में अगले साल विधानसभा चुनाव है। एनडीए द्वारा सीपी राधाकृष्णन का नाम आगे बढ़ाने के पीछे भी इस चुनाव को बड़ा कारण बताया जा रहा है। भाजपा सीपी राधाकृष्णन को तमिलनाडु के विधानसभा चुनाव में भुनाएगा। ऐसे में विपक्षी खेमा भी तमिलनाडु के वरीय नेता पर अपना दांव लगा सकती है।

सीपी राधाकृष्णन को ही NDA ने क्यों बनाया उपराष्ट्रपति उम्मीदवार, विपक्ष के सामने साबित होगा मास्टरस्ट्रोक ?

#cpradhakrishnanndavicepresident_candidate

बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए ने उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए सीपी राधाकृष्णन को अपना उम्मीदवार घोषित किया है. वे फिलहाल महाराष्ट्र के राज्यपाल है। रविवार को NDA की बैठक में उनके नाम पर मुहर लगी। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में हुई बैठक के बाद इसकी आधिकारिक घोषणा की। राधाकृष्णन चार दशक से अधिक समय से राजनीति और सामाजिक जीवन में सक्रिय रहे हैं और उन्हें तमिलनाडु की राजनीति का सम्मानित चेहरा माना जाता है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की राजनीति के सधे हुए खिलाड़ी माने जाते हैं। मोदी की खासियत यह है कि वे चुनावी मुकाबले को सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं मानते। राधाकृष्णन का नाम घोषित कर वे एक तीर से तीन निशाना साधा है। एनडीए ने राधाकृष्णन का नाम घोषित कर उद्धव ठाकरे और तमिलनाडु के मुख्‍यमंत्री एमके स्‍टाल‍िन को अपने पाले में कर ही लिया है। साथ ही राहुल गांधी के सामने आगे भी विकल्प नहीं छोड़ने का काम किया है।

उद्धव ठाकरे के ल‍िए मुश्क‍िल भरा फैसला

दरअसल, एनडीए की ओर से उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन फिलहाल महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं। ऐसे में उद्धव ठाकरे के ल‍िए मुश्क‍िल ये है क‍ि अगर वे राधाकृष्णन को समर्थन नहीं देते हैं, तो यह सीधा मैसेज जाएगा कि उन्होंने अपने ही राज्यपाल के खिलाफ जाकर वोट किया।

द्रमुक के सामने धर्मसंकट जैसी स्थिति

वहीं, सीपी राधाकृष्णन तमिलनाडु के हैं। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन भी असमंजस में हैं। अब स्टालिन अगर उन्हें समर्थन देते हैं तो डीएमके के वोटरों में सवाल उठेगा कि आखिर स्टालिन ने एक आरएसएस विचारधारा वाले नेता का समर्थन क्यों किया. और अगर विरोध करते हैं, तो यह आरोप लगेगा कि उन्होंने तमिलनाडु के सपूत को ही नकार दिया. यानी स्टालिन के लिए भी यह चुनाव ‘हां’ या ‘ना’ दोनों में फंसा हुआ है।

भाजपा की एक सोची-समझी रणनीति

साफ है महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की ओर से उपराष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार घोषित किया जाना भाजपा की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। इसमें जटिल चुनावी गणित और गहरी क्षेत्रीय रणनीति समाहित है। सीपी राधाकृष्णन के नाम का एलान सिर्फ व्यक्तिगत रूप से उनकी वफादारी का इनाम नहीं है, बल्कि यह तमिलनाडु और दक्षिणी राज्यों में अपनी पैठ बढ़ाने के लिए भाजपा के नए प्रयास का संकेत है। यहां भाजपा को अपनी पकड़ बनाने के लिए संघर्ष करना पड़ा है।

पहले भी विपक्ष के खेमे में लग चुकी सेंध

पहले भी जब यूपीए ने राष्ट्रपति पद के लिए प्रतिभा पाटिल को अपना उम्मीदवार बनाया था, तब शिवसेना ने एनडीए का हिस्सा होने के बावजूद उनका समर्थन किया था, क्योंकि वह महाराष्ट्र से थीं। इसी तरह जब यूपीए ने प्रणब मुखर्जी को नामित किया, तो एनडीए में होने के बावजूद शिवसेना और जदयू दोनों ने अपना समर्थन दिया। ऐसे ही जब एनडीए ने रामनाथ कोविंद का नाम प्रस्तावित किया तो जदयू ने विपक्ष में होने के बावजूद उनका समर्थन किया, क्योंकि वे बिहार के राज्यपाल थे। उपराष्ट्रपति पद के लिए पिछले चुनाव में जब एनडीए ने जगदीप धनखड़ को चुना था, तो तृणमूल कांग्रेस ने मतदान से परहेज किया था।

Inside The Angaar Batch: India’s Most Vocally Interactive Coding Movement

Mathura, Uttar Pradesh | August 2025 — In a space dominated by polished apps, silent videos, and inaccessible content, one grassroots coding movement is doing the unthinkable: making students feel seen, heard, and capable — starting from a humble home in Mathura.

This is the story of The Angaar Batch, founded by Naman Sharma, and later joined by Divyanshu Khandelwal as co-founder. Together, they form India’s most firesome edtech duo — and they’ve built a platform that’s changing how thousands of students learn to code every night.

It All Started with a Game

Naman Sharma began coding at the age of 11, driven by a love for video games and creativity. But a single moment changed everything.

“One day, my friends looked at me and said, ‘Naman, tum to kar loge… par hum kaise karein?’” Naman recalls. “That hit me. I realized I was lucky to start early — but most people weren’t. And no one was showing them how.”

That one moment planted the seed for The Angaar Batch — a platform not for toppers, but for students who felt they’d missed the bus.

Later, Divyanshu Khandelwal, founder of his own edtech community Reprogrammers, joined the mission. Himself a struggling student with no formal edge, Divyanshu had only two passions: teaching and coding.

Their stories were different — but their pain was the same. And their purpose, aligned.

What Makes The Angaar Batch So Different?

In an industry flooded with passive learning, The Angaar Batch is one of the only platforms in India where students speak, interact, and learn live — every single night.

Here’s what sets it apart:

Daily 9PM vocally interactive classes Beginner-first, confidence-first approach Real-time doubt solving and speaking practice Courses in Python, MERN, DSA, AI, and more Taught by real working professionals from the tech industry Investor pitching for top-performing students

The platform has empowered thousands of learners from Tier 2 & 3 colleges — especially those who were scared to ask questions in class or felt “too behind” to start.

“We built what we wished we had as students,” says Divyanshu. “A space where no one feels stupid for not knowing something.”

Their flagship experience, FLAMES ’25 (Facilitating Learning in AI and MERN Environments) has already helped students build real-world apps, AI tools, and full-stack portfolios — many starting with zero tech background.

From Two Strugglers to a National Movement

Naman and Divyanshu didn’t come from IITs. They didn’t have elite mentors or big VC funding. They had one thing: the fire to teach what no one else was teaching — with heart.

Every night, they show up live. Every class is raw and real. Every voice matters.

And now, from a city known for its temples and culture, they’re building one of India’s most grassroots, student-loved learning revolutions.

“We’re not here to build coders,” says Naman. “We’re here to build belief — in the students who never believed they could.”

Meet India’s Most Firesome EdTech Duo

Naman Sharma – Founder of The Angaar Batch. Started coding at 11. Built the platform from a place of privilege and pain — a coder who never forgot the ones left behind.

Divyanshu Khandelwal – Co-founder, former solo founder of Reprogrammers. A student who once struggled silently, but found his power in teaching. Today, he’s the voice behind thousands of confident learners.

Together, they are igniting India’s next generation of coders — not from corporate boardrooms, but from the heart of Mathura.

What’s Next?

With a fast-growing community, unmatched consistency, and a vision rooted in inclusion, empathy, and truth, The Angaar Batch is poised to become India’s most human, honest, and high-impact tech learning platform.

And they’re just getting started.

Media Contact

Email: Website: www.theangaarbatch.in Instagram:

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और PM नरेंद्र मोदी ने शिबू सोरेन को दी श्रद्धांजलि, परिजनों से की मुलाकात

नई दिल्ली, 4 अगस्त 2025: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन पर आज देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल पहुंचकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री दोनों ने दिवंगत शिबू सोरेन के पार्थिव शरीर पर माल्यार्पण किया। इस दुखद घड़ी में उन्होंने मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन, विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन और अन्य परिजनों से भी मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि वे दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में संबल दें।

शिबू सोरेन का निधन झारखंड समेत पूरे देश के लिए एक बड़ी क्षति है, और उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए कई गणमान्य व्यक्ति पहुंच रहे हैं।

अरूण जेटली ने बंद कमरे में धमकाया…” आरोप लगाकर यूं घिरे राहुल गांधी, रोहन जेटली ने निकाली दावे की हवा

#didarunjaitleythreatenrahul_gandhi

लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के पूर्व राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष राहुल गांधी इन दिनों लगातार सुर्खियों में हैं। बिहार में वोटर लिस्‍ट के संशोधन (एसआईआर) हो या ऑपरेशन सिंदूर से लेकर डोनाल्ड ट्रंप के भारतीय अर्थव्यवस्था को मृत कहे जाने पर दी गई प्रतिक्रिया हो, राहुल गांधी के बयान अखबारों की हेडलाइन बनी हुई है। इस बीच राहुल गांधी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा के दिवंगत नेता अरुण जेटली पर धमकाने का आरोप लगाया है।

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शनिवार को सालाना लीगल कॉन्क्लेव-2025 में हिस्‍सा लिया। उन्‍होंने कहा, मुझे याद है जब मैं कृषि कानूनों के खिलाफ लड़ रहा था, तो अरुण जेटली को मुझे धमकाने के लिए भेजा गया था। उन्होंने मुझसे कहा था कि अगर आप सरकार का विरोध करते रहे और कृषि कानूनों के खिलाफ लड़ते रहे, तो हमें आपके खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ेगी। तब मैंने उनकी तरफ देखा और कहा कि मुझे नहीं लगता कि आपको पता है कि आप किससे बात कर रहे हैं।

अरूण जेटली के बेटे ने याद दिलाई तारीख

राहुल गांधी के आरोपों पर अरुण जेटली के बेटे रोहन जेटली ने प्रतिक्रिया दी है। रोहन जेटली ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि 'राहुल गांधी का दावा है कि कृषि कानूनों को लेकर मेरे पिता ने उन्हें धमकाया। मैं उन्हें याद दिला दूं कि मेरे पिता का देहांत 2019 में हुआ था। कृषि कानून 2020 में पेश किए गए थे। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि मेरे पिता के स्वभाव में किसी को भी धमकाना नहीं था। वह एक कट्टर लोकतांत्रिक व्यक्ति थे और हमेशा आम सहमति बनाने में विश्वास रखते थे। अगर कभी ऐसी स्थिति आती भी, जैसा कि राजनीति में अक्सर होता है, तो वह सभी के लिए एक पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान पर पहुंचने के लिए स्वतंत्र और खुली चर्चा का आह्वान करते थे। वह बस ऐसे ही थे और आज भी उनकी यही विरासत है। मैं राहुल गांधी की सराहना करूंगा कि अगर वे उन लोगों के बारे में बोलते समय सचेत रहें जो हमारे साथ नहीं हैं। उन्होंने मनोहर पर्रिकर जी के लिए भी कुछ ऐसा ही करने की कोशिश की, उनके अंतिम दिनों का राजनीतिकरण किया, वह भी बेहद ही घटिया था।'

Sri Chimmanlal Jewels Becomes the First to Launch Affordable Luxury 9KT Gold Jewellery in Hyderabad in 2023.

Hyderabad, India – July 2025: In a landmark moment for the jewellery industry in India, Sri Chimmanlal Jewels, under the visionary leadership of Founder Anupp Agarwal, proudly became the first brand to introduce certified 9KT gold jewellery in Hyderabad in 2023. This bold and forward-thinking move is revolutionising the concept of luxury by offering high-quality, hallmarked gold jewellery at truly accessible price points — making fine jewellery no longer just a privilege, but a possibility for all. Founded in 2009 by Anupp Agarwal, with a modest investment of just ₹1 lakh, Sri Chimmanlal Jewels began its journey in the heart of Abids, Hyderabad.

From its humble beginnings, Mr. Agarwal nurtured the brand with unwavering commitment to craftsmanship, trust, and customer satisfaction. Over the past decade, he has transformed the business into one of Hyderabad’s most trusted and innovative jewellery houses, blending tradition with cutting-edge design. The launch of the 9KT gold jewellery range in 2023 marked a turning point not only for the brand but for the broader jewellery market. Designed to meet the evolving needs of today’s customers, the collection features over 200+ new designs every month in each category, BIS-certified, lightweight designs that are readily available live on the counter — including rings, bangles, bracelets, earrings, and lockets. These pieces are tailored for daily wear, yet crafted with the elegance and precision of high-end jewellery.

Our mission was clear,” says Anupp Agarwal. “We wanted to create jewellery that didn’t just look beautiful but was practical, wearable, and within reach for everyone — whether it’s a college student, a young couple, or a working parent. 9KT gold allows us to deliver luxury with value, without compromise. Through this, I aim to make the jewellery business more transparent and affordable than ever before”. With prices starting as low as ₹3,000, Sri Chimmanlal Jewels’ 9KT collection redefines affordability in fine jewellery. This range is perfect for gifting, daily use, festive occasions, and even weddings, with customisation available to make every piece uniquely personal. The store also offers lifetime exchange and buyback on old gold, making every purchase a long-term investment.

Beyond the 9KT offering, the store showcases a diverse selection of certified jewellery in 14KT gold with zircon stones, ready stock, and custom order-based 18KT and 22KT gold collections adorned with diamonds, uncut stones, pearls, beads, as well as a wide range of precious and semi-precious gemstones. The product line spans from traditional styles like Nakshi, Pachi, and Temple jewellery to modern CAD-based designs, catering to customers of all ages, styles, and occasions.

Every piece is Hallmark certified and undergoes rigorous quality control. With in-house manufacturing and direct sourcing, the brand ensures that customers receive superior quality at competitive prices — a hallmark of the founder’s vision. A Global Vision Beyond Borders What started in one corner of Hyderabad is now looking at the world stage. Sri Chimmanlal Jewels, led by Anupp Agarwal’s global outlook, is actively exploring international business partnerships — from retailers and franchisees to resellers and even mining companies. The brand maintains a strong and engaging presence across digital platforms, including Facebook, Instagram www.instagram.com/srichimmanlaljewels, Google, Pinterest, and YouTube, ensuring constant connection with a rapidly growing customer base in India and beyond.

Sri Chimmanlal Jewels isn't just a jewellery store — it's a legacy in the making. From redefining affordable luxury to creating business opportunities globally, Anupp Agarwal’s journey is a shining example of entrepreneurship, innovation, and integrity. To experience a jewellery destination that celebrates both elegance and everyday wearability, visit the flagship store in Abids, Hyderabad or explore the full range online at www.srichimmanlaljewels.com. For partnerships and dealership inquiries, connect with the team and be part of a growing legacy rooted in trust, beauty, and timeless value.

विमान में मैकेनिकल समस्या नहीं थी..., रिपोर्ट के बाद उठे सवाल तो एअर इंडिया ने दिया जवाब

#what_did_air_india_ceo_say_on_aaib_preliminary_report 

गुजरात के अहमदाबाद में 12 जून को हुए प्लेन हादसे के पूरे एक महीने बाद शुरुआती रिपोर्ट सामने आई। इस हादसे की शुरुआती जांच रिपोर्ट पर एअर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन ने साफ किया है कि विमान में कोई मैकेनिकल या मेंटेनेंस की खराबी नहीं थी।उन्होंने कहा कि किसी भी नतीजे पर जल्दबाजी में पहुंचना ठीक नहीं है। बता दें कि विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि विमान के फ्यूल स्विच 'रन' से 'कटऑफ' अवस्था में चले गए थे, जिसकी वजह से विमान क्रैश हो गया और इस हादसे में 242 विमान यात्रियों समेत 270 लोगों की मौत हो गई।

शुरुआती रिपोर्ट सामने आने के बाद से ही पायलट के फिट होने को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे थे। इन्हीं सवालों के जवाब में एयर इंडिया के सीईओ का बयान सामने आया है। एयरलाइन के सीईओ कैम्पबेल विल्सन ने सोमवार को एक आंतरिक मेमो में कई बातें कहीं। उन्होंने कहा कि हादसे के एक महीने बाद जारी की गई रिपोर्ट के दौरान एक भी पल ऐसा नहीं बीता जब हमने उन यात्रियों, दोस्तों, सहकर्मियों और लोगों के बारे में न सोचा हो जो इस दुर्घटना में मारे गए या घायल हुए।

जांच अभी पूरी नहीं हुई

मेमो में विल्सन ने कहा, 'शुरुआती रिपोर्ट जारी होने के बाद हमें और दुनिया को यह पता चला कि असल में क्या हुआ था। इससे कुछ बातें साफ हुईं, लेकिन कुछ नए सवाल भी खड़े हो गए।' विल्सन ने आगे कहा, 'शुरुआती रिपोर्ट में किसी कारण का पता नहीं चला है और न ही कोई सिफारिश की गई है। इसलिए मैं सभी से आग्रह करता हूं कि वे जल्दबाजी में कोई निष्कर्ष न निकालें, क्योंकि जांच अभी पूरी नहीं हुई है।

एएआईबी की रिपोर्ट में क्या?

इससे पहले विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने शनिवार को एअर इंडिया के बोइंग 787-8 विमान दुर्घटना पर अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की थी। हादसे में 12 जून को 260 लोग मारे गए थे। अहमदाबाद से लंदन गैटविक जा रही AI 171 उड़ान भरने वाला यह विमान उड़ान भरने के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। एएआईबी की रिपोर्ट में कहा गया कि उड़ान संख्या एआई171 के दोनों इंजनों की ईंधन आपूर्ति एक सेकंड के अंतराल पर बंद हो गई, जिससे कॉकपिट में अफरा-तफरी मच गई और उड़ान भरने के तुरंत बाद विमान अपनी ऊंचाई खोने लगा। 15 पेज की रिपोर्ट में कहा गया कि कॉकपिट की वॉयस रिकॉर्डिंग में एक अज्ञात पायलट ने दूसरे से पूछा कि उसने ईंधन क्यों बंद कर दिया? इससे दूसरे पायलट ने इनकार कर दिया। इस बीच भारतीय वाणिज्यिक पायलट संघ (आईसीपीए) ने कहा कि पिछले महीने दुर्घटनाग्रस्त हुई एआई171 उड़ान के चालक दल ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपने प्रशिक्षण और जिम्मेदारियों के अनुसार काम किया। पायलटों को अनुमान के आधार पर बदनाम नहीं किया जाना चाहिए।

हमने पाकिस्तान में घुसकर 9 आतंकी ठिकाने तबाह किए, हमें कोई नुकसान नहीं हुआ’ ऑपरेशन सिंदूर पर बोले डोभाल

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राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए अजित डोभाल ने कहा कि भारत का ऑपरेशन बेहद ही सफल रहा। हमने पाकिस्तान में नौ ठिकानों को निशाना बनाया था। इसमें से एक भी नहीं चूका। उन्होंने ये भी कहा कि इस ऑपरेशन के दौरान भारत को किसी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ है। हमारे नुकसान की एक फोटो तक कहीं नहीं दिखी।

हमारे नुकसान की एक फोटो तक कहीं नहीं दिखी-डोभाल

आईआईटी मद्रास में आयोजित 62वें दीक्षांत समारोह में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल ने 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर विदेशी मीडिया की रिपोर्टिंग पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कई विदेशी समाचार एजेंसियों ने भारत को लेकर भ्रामक और तथ्यहीन जानकारी प्रकाशित की है। एनएसए डोभाल ने कहा कि विदेशी प्रेस ने कहा कि पाकिस्तान ने यह किया, वो किया... आप मुझे एक भी फोटो या सबूत दिखाइए जिसमें भारत में किसी इमारत को नुकसान हुआ हो, एक कांच तक टूटा हो... उन्होंने बातें लिख दीं और छाप दीं। हमारे नुकसान की एक फोटो तक कहीं नहीं दिखी। जबकि फोटो में पाकिस्तान के 13 एयरबेस की तबाही की तस्वीरें आप सबने देखी होंगी।

ऑपरेशन पूरा करने में लगे 23 मिनट

अजीत डोभाल ने आगे कहा, हर लक्ष्य पर सटीक प्रहार हुआ। हमला कहीं और नहीं हुआ। सिर्फ वहीं हुआ, जहां हमें पता था कि वहां कौन मौजूद है। पूरे ऑपरेशन को पूरा करने में केवल 23 मिनट लगे।