वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से मुख्य सचिव ने की विकास योजनाओं की समीक्षा
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हाजीपुरं जिले में चल रही विकास योजनाओं व विकास कार्यों को जल्द पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया । मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्य सचिव ने योजनाओं की समीक्षा की गई ।समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने पंचायत सरकार भवन के निर्माण जल्दी पूर्ण कराने का निर्देश दिया. साथ ही जिले में जन्म और मृत्यु के पंजीकरण के लक्ष्य के विरुद्ध 100% उपलब्धि हासिल करने का निर्देश दिया. समीक्षा के दौरान कृषि टास्क फोर्स की बैठक नियमित रूप से कराने तथा लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को हर घर नल का जल योजना का कार्य समय पर पूरा कराने का निर्देश दिया गया.
वहीं पंचायती राज से हस्तांतरित योजनाओं को भी चालू कराने का निर्देश दिया गया। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की समीक्षा के क्रम में पाया गया कि वैशाली जिला 86 प्रतिशत उपलब्धि के साथ शीर्ष पर है, जबकि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमइजीपी) की स्वीकृति में बहुत पीछे है. मुख्य सचिव ने इसमें तेजी लाने की जरूरत पर जोर दिया.
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, जो कि भारत सरकार के एमएसएमई मंत्रालय द्वारा देश में रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए शुरू की गई एक क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी योजना हैं। इस योजना के तहत, लाभार्थियों को परियोजना लागत का 15% से 35% तक की सब्सिडी मिलती हैं।इस योजना के जरिए, ग्रामीण और शहरी इलाकों में पारंपरिक कारीगरों और युवाओं को रोजगार के अवसर मिलते हैं।
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना में 17 से अधिक शिल्पकार और पारंपरिक कामगार शामिल हैं।इस योजना के तहत विश्वकर्मा समुदाय के ट्रेनिंग और आर्थिक सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इसकी शुरुआत पिछले वर्ष 17 सितंबर को हुई थी।
जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम (RBD), 1969 के अधिनियम के साथ अनिवार्य हैं। इसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार पर हैं।इसमें जीवन के लगभग हर क्षेत्र जैसे कि शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश, मतदाता सूची में नाम, केंद्र और राज्य सरकारी नौकरियों में नियुक्ति, ड्राइविंग लाइसेंस तथा पासपोर्ट जारी करने इत्यादि के लिए जन्म प्रमाण-पत्र को अनिवार्य दस्तावेज बनाने का प्रस्ताव किया गया है।
पंचायत सरकार भवन
पंचायत के कार्यो का सफल क्रियान्वयन के लिए कार्यालय भवन का होना आवश्यक हैं। इसके लिए बिहार सरकार द्वारा प्रत्येक पंचायत के दो मंजिला पंचायत सरकार भवन का निर्माण किया जाना हैं।उन्होंने वैशाली जिले में टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए लालगंज गुरुद्वारा, नेपाली छावनी परि मंदिर, गांधी आश्रम, शारदा सदन पुस्तकालय, वैशाली गढ़, वैशाली चौमुखी महादेव, अभिषेक पुष्करणी, पातालेश्वर मंदिर, कोनहारा घाट, चेचर, बरैला झील, गंगा-गंडक के संगम आदि स्थानों को पर्यटनस्थल के रूप में योजना तैयार करने का निर्देश संबंधित पदाधिकारियों को दिया. इस दौरान जिले के सभी कार्यपालक अभियंता, जिला योजना पदाधिकारी, जिला सूचना विज्ञान प्रौद्योगिकी पदाधिकारी आदि उपस्थित थे.


हाजीपुरं जिले में चल रही विकास योजनाओं व विकास कार्यों को जल्द पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया । मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्य सचिव ने योजनाओं की समीक्षा की गई ।समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने पंचायत सरकार भवन के निर्माण जल्दी पूर्ण कराने का निर्देश दिया. साथ ही जिले में जन्म और मृत्यु के पंजीकरण के लक्ष्य के विरुद्ध 100% उपलब्धि हासिल करने का निर्देश दिया. समीक्षा के दौरान कृषि टास्क फोर्स की बैठक नियमित रूप से कराने तथा लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को हर घर नल का जल योजना का कार्य समय पर पूरा कराने का निर्देश दिया गया.
उन्होंने वैशाली जिले में टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए लालगंज गुरुद्वारा, नेपाली छावनी परि मंदिर, गांधी आश्रम, शारदा सदन पुस्तकालय, वैशाली गढ़, वैशाली चौमुखी महादेव, अभिषेक पुष्करणी, पातालेश्वर मंदिर, कोनहारा घाट, चेचर, बरैला झील, गंगा-गंडक के संगम आदि स्थानों को पर्यटनस्थल के रूप में योजना तैयार करने का निर्देश संबंधित पदाधिकारियों को दिया. इस दौरान जिले के सभी कार्यपालक अभियंता, जिला योजना पदाधिकारी, जिला सूचना विज्ञान प्रौद्योगिकी पदाधिकारी आदि उपस्थित थे.




हाजीपुर : जिले में गंगा नदी के तटवर्ती तीन प्रखंडों में आयी बाढ़ के कारण खरीफ फसल को हुई क्षति को देखते हुए सरकार ने बाढ़ पीड़ित किसानों को अनुदान देने की घोषणा की है. इसके लिए विभागीय स्तर पर फसल क्षति का आंकलन किए जाने के बाद कृषि विभाग ने किसानों से ऑनलाइन आवेदन मंगा रही है. जिला कृषि कार्यालय से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार हाजीपुर प्रखंड के एक पंचायत, राधोपुर प्रखंड के सभी 20 पंचायत तथा महनार के चार पंचायत बाढ़ प्रभावित घोषित किया गया है. इन प्रखंडों से 14 अक्टूबर तक कुल 1365 किसानों ने फसल क्षति अनुदान के लिए आवेदन दिया है. हालांकि आवेदन के लिए जिला कृषि कार्यालय से अंतिम तिथि की घोषणा नहीं की गयी है. विभाग द्वारा तीनों प्रखंडों में कुल 4008.12 हेक्टेयर भूमि पर बाढ़ के कारण फसल नुकसान होने का आंकड़ा सामने आया है. सरकारी आंकड़े के अनुसार बाढ़ के कारण किसानों को सात करोड़ 10 लाख 75 हजार 40 रुपये की क्षति का अनुमान लगाया गया है.
विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला 2024 के आयोजन को लेकर दूसरी बैठक भी हो चुकी है.
कृषि में युवाओं की भागीदारी विषय पर लालगंज में आयोजित सेमिनार के दूसरे दिन सहकारिता बैंक का एटीएम कार्ड जारी किया गया। कार्यक्रम में सहकारिता मंत्री डॉ प्रेम कुमार शामिल हुए। सहकारिता, वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ प्रेम कुमार ने कहा कि राज्य के सभी जिलों में सहकारिता बैंक खोला जा रहा है, जिससे किसानों का काम काफी आसान होगा. कृषि में युवाओं की भागीदारी के कार्यक्रम को लेकर मंत्री ने कहा कि इस तरह का कार्यक्रम गांव में पहली बार आयोजित हो रहा हैं। इसके लिए ममता महिला किसान क्लब को हर संभव मदद का भरोसा दिया। मंत्री ने ममता महिला किसान के गठन और कृषि में युवाओं की भागीदारी पर अंतरराष्ट्रीय सेमिनार के लिए जागृति कला केंद्र के सचिव व राष्ट्रीय कृषि शिक्षा विशेषज्ञ अभय नाथ सिंह को बधाई। अंतरराष्ट्रीय सेमिनार कार्यक्रम में आनलाइन माध्यम से बोस्टन, यूएसए से डॉ अभिमन्यु ठाकुर, हांगकांग से डॉ ईशा गौरव, पीट्सबर्ग से डॉ मणि शेखर, प्रयागराज से डॉ अनुज कुमार मिश्रा, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर से डॉ रंजना कुमारी आदि ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए लालगंज विधायक संजय कुमार सिंह ने कृषि और सहकारिता दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं।और कृषि हमारी आत्मा हैं। कार्यक्रम के संयोजक अभय नाथ सिंह ने कहा कि सेमिनार में कई वैज्ञानिक भी शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि 20 सालों से अपने संसाधनों से गांव में कार्यक्रम किया जा रहा हैं। किसानों के सम्मान और कृषि को रोजगारपरक बनाना कार्यक्रम का उद्देश्य हैं। इस अवसर पर केंद्रीय रेशम बोर्ड, असाम के वैज्ञानिक डॉ धर्मेंद्र कुमार जिज्ञासु, जिला सहकारिता पदाधिकारी श्यामानंद ठाकुर, प्रबंध निदेशक, अमृता ओझा, रंजन प्रसाद, उपाध्यक्ष राजीव कुमार सिंह, अमृतपुर पैक्स अध्यक्ष अखिलेश कुमार, लालगंज आत्मा के अध्यक्ष जितेंद्र कुमार सिंह उपस्थित थे.
पटना : राज्य सरकार छठ महापर्व के लिये विशेष टूर पैकेज तैयार कर रही है. बिहार आने वाले पर्यटकों को पूरे बिहार का टूर करवाया जायेगा और उन्हें छठ की महत्ता महसूस करायी 'जायेगी. यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है. यदि बात केवल विदेशी पर्यटकों की करें, तो पिछले साल 5.46 लाख विदेशी पर्यटक आए थे और इस वर्ष जुलाई तक 2.67 लाख आ चुके हैं. ऐसे में विभाग की जवाबदेही भी बढ़ गयी है कि उन्हें बेहतर सुविधा दें.
Oct 16 2024, 15:00
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