16 वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 के अवसर पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम में राज्य निर्वाचन आयुक्त ने किया संबोधित

रांची। राज्य निर्वाचन आयुक्त, झारखंड श्रीमती अलका तिवारी ने राज्य वासियों को 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।उन्होंने कहा कि आज ही के दिन 25 जनवरी 1950 को भारत निर्वाचन आयोग की स्थापना हुई थी। भारत निर्वाचन आयोग के स्थापना दिवस के अवसर पर वर्ष 2011 से इस दिन को प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय मतदाता दिवस के रूप में मनाया जाता है। प्रतिवर्ष आज के दिन सभी मतदान केन्द्रों पर आयोजित होने वाले मतदाता दिवस कार्यक्रम के माध्यम से मतदाताओं को उनके मताधिकार के प्रति जागरूक किया जाता है। श्रीमती अलका तिवारी रविवार को आर्यभट्ट सभागार रांची में आयोजित राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 के अवसर पर संबोधित कर रहीं थी।

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राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि इस वर्ष भारत निर्वाचन आयोग ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस का थीम "My India My Vote" तथा Tagline, "Indian Citizen at the Heart of Indian Democracy" जारी किया है। लोकतंत्र का आधार है मतदाता, लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदाता को जानकार और सतर्क होने की जरूरत है। निर्वाचन से जुड़े हरेक संस्था अपने मतदाताओं को एक समान अवसर प्रदान करने के लिए हरेक उपाय सुनिश्चित करती है। मतदाता बिना किसी भय, प्रलोभन के तथा जाति, धर्म, भाषा, समुदाय आदि से उपर उठकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके, उतरोत्तर लोकतंत्र और सशक्त हो सके, भारत निर्वाचन आयोग का यही अभीष्ट है। इस अभीष्ट को प्राप्त करने हेतु आयोग विभिन्न नवाचार एवं तकनीकों का उपयोग कर रहा है।

श्रीमती अलका तिवारी ने कहा कि मतदाता पंजीकरण एवं मतदाता जागरूकता एक महत्वपूर्ण एवं सतत् प्रक्रिया है। सभी पात्र भारतीय नागरिक, जो मतदाता बनने की अर्हता रखते है, उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज करने के लिए चार अर्हता तिथियाँ , 1 जनवरी, 1 अप्रैल, 1 जुलाई एवं 1 अक्टूबर निर्धारित की गई है। इन तिथियों में 18 वर्ष पूरी करने वाले योग्य व्यक्तियों का मतदाता सूची में सरलता के साथ नाम जोड़ा जा सकता है। मतदाता सूची में निबंधन की प्रक्रिया हो या किसी भी निर्वाचन के दौरान मतदान करने की प्रक्रिया, हरेक मतदाता चाहे वह महिला, पुरुष, दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक, पी०वी०टी०जी०, थर्ड जेंडर, हो को उसके अनुरूप वांछित सुविधा उपलब्ध कराने हेतु निर्वाचन आयोग सदैव सचेष्ट रहा है। मतदाता जागरूकता हेतु राज्य में 2886 Electoral Literacy Club (ELC) एवं प्रत्येक मतदान केन्द्र पर चुनाव पाठशाला की स्थापना की गई है। मतदाता सूची के अद्यतनीकरण में 966 वोटर अवेयरनेस फोरम अपनी भूमिका निभा रहे हैं।

राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि 18 वर्ष पूरी कर चुके योग्य व्यक्तियों का नाम मतदाता सूची में सम्मिलित करने हेतु चुनाव आयोग के Website पर लॉग इन अथवा संबंधित मतदान केन्द्र के बी०एल०ओ० या वोटर हेल्पलाईन ऐप के माध्यम से मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराएं तथा विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र का हिस्सा होने का गर्व महसूस करें।

इस अवसर पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री के रवि कुमार ने कहा कि लोकतंत्र में मताधिकार का प्रयोग करने हेतु मतदाता सूची में नाम होना जरूरी है। हरेक पात्र भारतीय नागरिक, जो अठारह वर्ष की आयू पूरी कर चुके हैं, मतदाता सूची में अपना नाम जोड़ सकते हैं।

मतदाता को अपने मतदाता सूची या वोटर कार्ड से संबंधित किसी भी जानकारी आसानी से बी०एल०ओ० से मिल सकती है, और बी०एल०ओ० की सूचनाएं सी०ई०ओ० के वेबसाईट पर उपलब्ध है। भारत निर्वाचन आयोग का लक्ष्य है कि हरेक मतदाता अपने बी०एल०ओ० से परिचित रहें। इसलिए निर्वाचन आयोग ने Book a Call की सुविधा उपलब्ध कराई है। आप अपने बी०एल०ओ० को आसानी से कॉल कर सकते हैं, जो 48 घंटो के अंदर मतदाता सूची से संबंधित किसी भी जानकारी को उपलब्ध कराने के लिए आपसे सम्पर्क करेंगे।

उन्होंने कहा कि झारखण्ड राज्य में मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण का Pre-Revision Period चल रहा है। इस दौरान राज्य के वर्तमान मतदाता सूची में निबंधित 72 प्रतिशत मतदाताओं का मैपिंग का कार्य बी०एल०ओ० एप के माध्यम से पूरा किया जा चुका है।

श्री के रवि कुमार ने कहा कि गहन पुनरीक्षण के दौरान बी०एल०ओ० घर-घर जाएंगे और एक स्टीकर चिपकाएंगे। इस स्टीकर पर बी०एल०ओ० का मोबाईल नंबर के साथ-साथ मतदाता का मकान संख्या या मकान का नोशनल नंबर अंकित रहेगा।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि यह वर्ष एक विशेष उपलब्धि का वर्ष है। भारत निर्वाचन आयोग को International Idea (International Institute for Democracy and Electoral Assistance) की अध्यक्षता करने का सुअवसर प्राप्त हुआ है। भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने विगत तीन दिसम्बर 2025 को एक वर्ष के कार्यकाल के लिए विश्व के इस लोकतांत्रिक मंच के अध्यक्ष का प्रभार ग्रहण किया है। साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर झारखण्ड के पाकुड़ जिले को Best Election District Award के लिए चयनित किया गया है। यह हम सबों के लिए गौरव का विषय है।

श्री के रवि कुमार ने सभी मतदाताओं से अपील की कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए एक समग्र एवं त्रुटिरहित मतदाता सूची के निर्माण के लिए अपनी सहभागिता अवश्य निभाएं।

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इस अवसर पर मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार द्वारा राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 के अवसर पर राष्ट्र को दिए गए संदेश को दिखाया गया। जिला निर्वाचन पदाधिकारी श्री मंजूनाथ भजंत्री द्वारा समापन भाषण एवं संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुबोध कुमार द्वारा मतदाता शपथ का पाठ कराया गया।

इस अवसर पर वरिष्ठ मतदाता के रूप में श्रीमती समदुलारी देवी, श्रीमती गीता मित्रा, श्री एनीमुल्लाह , युवा मतदाता के रूप में श्री अर्चित कुमार गोयल, श्री सौरभ कुमार, सुश्री अनुष्का गुप्ता, सुश्री नेहा कुमारी श्री करण कुमार साहू, ट्रान्सजेन्डर मतदाता के रूप में, नगमा रानी, गुड्डू सिंह को सम्मानित किए गए।

इस अवसर पर 2025 वर्ष में उत्कृष्ट कार्यों के लिए श्री चन्दन कुमार, जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त, पश्चिमी सिंहभूम, श्री हेमन्त सती, जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह- उपायुक्त, साहेबगंज, श्री सुबोध कुमार, संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सह संयुक्त सचिव, श्री रंथु महतो, उप निर्वाचन पदाधिकारी, गिरिडीह, श्री सुशील कुमार राय, उप निर्वाचन पदाधिकारी, गढ़वा, श्री सुनील चन्द्रा, निर्वाची पदाधिकारी, 45-घाटशिला (अ०ज०जा०) विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, श्री रवि कुमार, निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, 15-देवघर (अ०जा०) विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, श्री सुनील कुमार सिंह, अवर निर्वाचन पदाधिकारी, मुख्यालय, श्री चन्दन कुमार, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी का कार्यालय, झारखण्ड, श्री आशुतोष रंजन, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी का कार्यालय, झारखण्ड को सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय से ट्रेनिंग नोडल पदाधिकारी श्री देव दास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी श्री धीरज ठाकुर, उप निर्वाचन पदाधिकारी, रांची श्री विवेक कुमार सुमन, पी डब्लू डी आइकॉन झारखंड श्रीमती गोपिका आनन्द, एनएसएस के कैडेट, प्रतिभागियों के परिवारजन युवा, वरिष्ठ, दिव्यांग, ट्रांसजेंडर मतदाता उपस्थित थे।

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नितिन नवीन आज भाजपा अध्यक्ष पद के लिए करेंगे नामांकन, निर्विरोध चुने जाने की पूरी संभावना

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भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव के लिए आज से नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो रही है। सोमवार 19 जनवरी को पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल करेंगे। नवीन के निर्विरोध सबसे कम उम्र के अध्यक्ष बनने की संभावना है।

सभी राज्यों से मांगे गए प्रस्ताव

नितिन नवीन के नामांकन में सभी राज्यों से एक-एक प्रस्ताव मंगाया गया है। राज्यों के अलावा नितिन नवीन के प्रस्तावक के रूप में बीजेपी संसदीय दल की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, नितिन गडकरी, राजनाथ सिंह सरीखे पार्टी के प्रमुख नेता भी होंगे।

निर्विरोध चुने जाने की संभावना

पार्टी सूत्रों ने बताया कि भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन के पार्टी के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में निर्विरोध चुने जाने की संभावना है, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह सहित पार्टी नेतृत्व इस पद के लिए उनकी उम्मीदवारी का समर्थन कर रहा है।

दो बजे से चार बजे तक होगा नामांकन

भाजपा के राष्ट्रीय निर्वाचन अधिकारी के. लक्ष्मण द्वारा घोषित चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, इस पद के लिए नामांकन सोमवार को अपराह्न दो बजे से चार बजे तक दाखिल किए जाएंगे। चुनाव की प्रक्रिया बीजेपी मुख्यालय में पूरी कराई जाएगी। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगले दिन नए पार्टी अध्यक्ष के नाम की घोषणा की जाएगी।

कल होगा नाम का औपचारिक ऐलान

20 जनवरी को औपचारिक रूप से नितिन नवीन की अध्यक्ष के रूप में घोषणा कर दी जाएगी। 20 जनवरी को इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह समेत सभी वरिष्ठ नेता, सभी बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश संगठन महामंत्री, प्रदेश प्रभारी और राष्ट्रीय पदाधिकारी शामिल होंगे।

भाजपा में कैसे होता है राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव पार्टी की राष्ट्रीय परिषद और राज्य परिषदों के प्रतिनिधियों से मिलकर बने निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है। इस प्रक्रिया की देखरेख पार्टी के राष्ट्रीय निर्वाचन अधिकारी द्वारा की जाती है। भाजपा के संविधान के अनुसार, किसी राज्य के निर्वाचक मंडल के कोई भी 20 सदस्य संयुक्त रूप से राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए ऐसे व्यक्ति का नाम प्रस्तावित कर सकते हैं, जो चार कार्यकाल तक सक्रिय सदस्य रहा हो और जिसकी सदस्यता के पंद्रह वर्ष पूरे हो चुके हों। पार्टी संविधान के मुताबिक ऐसा संयुक्त प्रस्ताव कम से कम पांच राज्यों से आना चाहिए जहां राष्ट्रीय परिषद के लिए चुनाव संपन्न हो चुके हैं।

महाराष्ट्र में गजब का सियासी खेल! भाजपा ने कांग्रेस ने मिला लिया हाथ

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कहा जाता है राजनीति में कुछ भी असंभव नहीं है। महाराष्ट्र की सियासत में ऐसा ही कुछ देखा जा रहा है। कांग्रेस-मुक्त भारत का नारा लगाने वाली भाजपा ने ठाणे में अंबरनाथ नगर परिषद में सीधे कांग्रेस से हाथ मिला लिया है। कांग्रेस से गठबंधन कर भाजपा ने अंबरनाथ नगर परिषद में सत्ता हासिल कर ली।

भाजपा और कांग्रेस का दुर्लभ गठबंधन

हाल ही में हुए स्थानीय निकाय चुनावों के बाद अंबरनाथ नगर पालिका में भाजपा और कांग्रेस का एक दुर्लभ गठबंधन सामने आया है। इस गठबंधन ने राजनीतिक विश्लेषकों और पार्टी कार्यकर्ताओं को आश्चर्यचकित कर दिया है। भाजपा ने कांग्रेस और अजीत पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के पार्षदों के साथ मिलकर अंबरनाथ विकास अघाड़ी का गठन किया है और मुंबई क्षेत्र की एक नगर परिषद पर नियंत्रण हासिल कर लिया है। इस गठबंधन से शिवसेना सत्ता से बाहर हो गई है।

शिवसेना सत्ता से दूर रखने के लिए कांग्रेस का साथ

भाजपा-कांग्रेस के इस सियासी खेल ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को अंबरनाथ में हाशिए पर धकेल दिया है। चौंकाने वाली बात है कि भाजपा ने शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को अंबरनाथ नगर परिषद में सत्ता से दूर रखने के लिए कांग्रेस का समर्थन लिया है।

किसे कितनी सीटें मिलीं

चुनाव पिछले महीने हुए थे, जिसमें शिवसेना और बीजेपी, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर सहयोगी होने के बावजूद, अलग-अलग चुनाव लड़े थे। 60 सदस्यीय परिषद में, शिवसेना सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और उसने 27 सीटें जीतीं। लेकिन बहुमत से थोडा दूर रह गई। भाजपा को 14 सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस ने 12 सीटें जीतीं। अजीत पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी ने चार सीटें जीतीं और दो निर्दलीय उम्मीदवार भी निर्वाचित हुए।

"अंबरनाथ विकास अघाड़ी" का गठन

शिवसेना को नगर निगम अध्यक्ष पद के चुनाव में झटका लगा, जहां उसकी उम्मीदवार मनीषा वालेकर भाजपा उम्मीदवार तेजश्री करंजुले पाटिल से हार गईं। शिंदे सेना सोच रही थी की बीजेपी उनके साथ मिलकर नगर परिषद में सरकार बनाएगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बीजेपी ने शिंदे सेना के बजाय कांग्रेस से हाथ मिला लिया और नगर परिषद में सत्ता स्थापित कर ली। स्थानीय स्तर पर कांग्रेस के साथ मिलकर सत्ता स्थापित करना का फैसला लिया गया। इस गठबंधन को "अंबरनाथ विकास अघाड़ी" नाम दिया गया है।

ये है गठबंधन का गणित

अंबरनाथ में घोषित गठबंधन में 14 भाजपा पार्षद, भाजपा समर्थित नगर अध्यक्ष, 12 कांग्रेस पार्षद, चार एनसीपी (अजीत पवार गुट) पार्षद और एक निर्दलीय पार्षद शामिल हैं। गठबंधन की कुल संख्या 32 हो गई है, जो 60 सदस्यीय परिषद में बहुमत का आंकड़ा पार कर जाती है।

शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में रोष

भाजपा की ओर से मिले इस झटके के बाद शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में काफी रोष नजर आ रहा है। इस मामले पर शिवसेना (शिंदे गुट) के सांसद श्रीकांत शिंदे ने कहा कि अंबरनाथ में भाजपा और कांग्रेस का गठबंधन हुआ है, तो इसका जवाब भी उनके ही नेताओं को देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह फैसला शिवसेना का नहीं है और न ही इस पर शिवसेना को सफाई देने की जरूरत है।

कर्नाटक में कांग्रेस सरकार की सर्वे ने राहुल को दिखाया आईना, बीजेपी को भी मिल गया मौका

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कर्नाटक सरकार की एक एजेंसी की स्टडी में दावा किया गया है कि राज्य के 91% लोग मानते हैं कि भारत में चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से कराए जाते हैं और ईवीएम सटीक नतीजे देती हैं। यह रिपोर्ट कर्नाटक मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन अथॉरिटी ने प्रकाशित की है। यह सर्वे ऐसे समय आया है, जब कांग्रेस सांसद राहुल गांधी भाजपा पर कई राज्यों में ‘वोट चोरी’ का लगातार आरोप लगा रहे हैं। वे कर्नाटक के कलबुर्गी में भी वोट चोरी का दावा कर चुके हैं।

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कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार ने ईवीएम पर एक सर्वे पब्लिश कराया है। इस सर्वे में पता चला कि अधिकतर नागरिकों का मानना है कि भारत में चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष होते हैं, जबकि ईवीएम यानी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों पर लोगों का भरोसा बढ़ा है। सर्वे में करीब 91 फीसदी लोगों ने ईवीएम पर अपना भरोसा दिखाया है।

सर्वे में क्या ?

डेक्कन हेराल्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह सर्वे मुख्य चुनाव अधिकारी वी. अंबुकुमार ने करवाया था। इसमें बेंगलुरु, बेलगावी, कालाबुरागी और मैसूरु के प्रशासनिक डिवीजनों में 102 विधानसभा क्षेत्रों के 5100 लोगों को शामिल किया गया था। योजना, कार्यक्रम निगरानी और सांख्यिकी विभाग के तहत कर्नाटक निगरानी और मूल्यांकन प्राधिकरण द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट में पता चला कि सभी डिवीजनों में 91.31 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि भारत में चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से कराए जाते हैं, जिनमें से 6.76 प्रतिशत ने तटस्थ राय व्यक्त की।

अब राहुल गांधी का “वोट चोरी” के नरेटिव का क्या?

कर्नाटक सरकार के सर्वे के नतीजे कांग्रेस और राहुल गांधी के खिलाफ हैं। कारण कि राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा के खिलाफ खिलाफ वोट चोरी कैंपेन की शुरुआत की थी। राहुल गांधी ने दावा किया था कि ईवीएम से वोट चोरी होती है और बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाने चाहिए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कर्नाटक में कांग्रेस सरकार ने ईवीएम पर कथित भरोसे की कमीके कारण स्थानीय निकाय चुनावों के लिए बैलेट पेपर वापस लाने का फैसला किया है।

बीजेपी ने बोला हमला

इधर, कर्नाटक सरकार द्वारा सर्वे को प्रकाशित करने के बाद बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सर्वे रिपोर्ट रिपोर्ट का हवाला देते हुए शुक्रवार दावा किया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता को हर बार चुनाव हारने के बाद ईवीएम या चुनाव आयोग को दोष देने पर 'हकीकत का सामना' करना पड़ता है। पूनावाला ने कहा कि राहुल गांधी चुनाव हारने के बाद ईवीएम और चुनाव आयोग को दोष देते हैं।

20 साल बाद साथ आए ठाकरे ब्रदर्स, बीएमसी चुनाव से पहले एमएनएस-शिव सेना में गठबंधन

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महाराष्ट्र की राजनीति में आज का दिन ऐतिहासिक है। महाराष्ट्र की सियासत में ठाकरे बंधुओं ने एक बड़ा फैसला लेकर सबको चौंका दिया है। 20 साल बाद उद्धव-राज ठाकरे एक साथ चुनाव लड़ने जा रहे हैं। ठाकरे भाईयों ने मुंबई के वरली स्थित होटल ब्लू में शिवसेना यूबीटी और मनसे के गठबंधन का आधिकारिक ऐलान किया।

शिवसेना (यूबीटी) और मनसे मिलकर बीएमसी चुनाव लड़ेंगे। बुधवार को दोनों भाईयों ने संयुक्त प्रेस वार्ता करके इसका एलान किया। घोषणा से पहले उद्धव ठाकरे और एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे ने अपने परिवारों के साथ शिवाजी पार्क में बालासाहेब ठाकरे के स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की।

दोनों भाईयों ने एक ही माइक से की बात

प्रेस कांफ्रेंस में दोनों भाईयों ने एक ही माइक से अपनी बात रखी। उद्धव ठाकरे जहां बीजेपी पर हमलावर रहे तो वहीं राज ठाकरे ने साफ कर दिया कि अगल मेयर मराठी होगा और हमारा होगा। उद्धव ठाकरे ने यह तक कह दिया कि दिल्ली में बैठे लोग महाराष्ट्र से मुंबई को तोड़ने की साजिश कर रहे हैं। हम उन्हें खत्म कर देंगे।

नासिक चुनाव के लिए भी साथ आए ठाकरे ब्रदर्स

राज ठाकरे ने मंच से कहा, ‘मैं अब ऑफिशियली अपने अलायंस की घोषणा कर रहा हूं। यह अलायंस नासिक म्युनिसिपैलिटी चुनाव के लिए भी है। आज हमारी मीटिंग के बाद हम दूसरे कॉर्पोरेशन्स के लिए भी घोषणा करेंगे। मुंबई का मेयर एक महाराष्ट्रियन होगा और वह हमारी पार्टी से होगा।

सीट बंटवारे पर क्या बोले ठाकरे ब्रदर्स

दोनों भाईयों ने शिवसेना यूबीटी-महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के गठबंधन का ऐलान कर दिया है लेकिन मुंबई की 227 सीटों पर कौन कितनी पर लड़ेगा? इसका ऐलान नहीं किया। राज ठाकरे ने यह कह दिया की सीटों की संख्या मायने नहीं रखती है।

चुनाव टालने के लिए यूनुस ने कराई उस्मान हादी की हत्या' छात्र नेता के भाई का गंभीर आरोप

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बांग्लादेश में इंकबाल मंच के प्रवक्ता और छात्र नेता उस्मान हादी की हत्या को लेकर बवाल जारी है। इस बीच बांग्लादेश की कमाल संभाल रहे अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस सवालों के घेरे में हैं। अब उस्मान हादी के भाई शरीफ उमर हादी ने मोहम्मद यूनुस पर गंभीर आरोप लगाया है। हादी के भाई शरीफ उमर हादी ने मोहम्मद यूनुस को हत्या का आरोपी बताते हुए कहा है कि सरकार ने आगामी राष्ट्रीय चुनाव को पटरी से उतारने के लिए हत्या की साजिश रची।

चुनावी माहौल को अस्थिर करने के लिए हत्या का आरोप

बांग्लादेश में युवा नेता और इंकलाब मंच के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद देशभर में भड़के विरोध प्रदर्शनों के बीच अब उनके परिवार ने अंतरिम सरकार पर सीधा और गंभीर आरोप लगाया है। हादी के उमर हादी ने खुलकर कहा है कि उनके भाई की हत्या आगामी चुनाव रद्द कराने की साजिश का हिस्सा है। उन्होंने दावा किया कि सत्ता में बैठे लोगों के एक गुट ने जानबूझकर इस हत्या को अंजाम दिया, ताकि चुनावी माहौल को अस्थिर किया जा सके और राजनीतिक फायदा उठाया जा सके।

साजिश रचकर हत्या को अंजाम देने का आरोप

ढाका के शाहबाग इलाके में राष्ट्रीय संग्रहालय के सामने आयोजित शहीदी शपथ कार्यक्रम में बोलते हुए उमर हादी ने सरकार पर तीखा हमला बोला। बांग्लादेशी अखबार द डेली स्टार के अनुसार, उन्होंने कहा यह आप ही हैं जिन्होंने उस्मान हादी को मरवाया और अब उसी मुद्दे को लेकर चुनाव बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के भीतर मौजूद एक खास गुट ने साजिश रचकर इस हत्या को अंजाम दिया।

न्याय नहीं दे सकते तो सत्ता छोड़ दीजिए- उमर हादी

उमर हादी ने बेहद तीखे शब्दों में कहा, ‘अगर आप न्याय नहीं दे सकते, तो सत्ता छोड़ दीजिए। आपने उस्मान हादी को मार डाला और अब उसी की लाश दिखाकर चुनाव टालना चाहते हैं।’ उन्होंने साफ कहा कि अगर उनके भाई को न्याय नहीं मिला, तो मौजूदा सत्ता को भी देश छोड़ना पड़ेगा. यह बयान भीड़ में मौजूद लोगों के गुस्से और अविश्वास की भावना को साफ दिखाता है।

आम चुनाव में उम्मीदवार थे उस्मान हादी

बता दें कि उस्मान हादी आगामी 12 फरवरी को होने वाले आम चुनाव में उम्मीदवार थे। उमर हादी का यह भी आरोप है कि उनके भाई की हत्या इसलिए की गई, क्योंकि उन्होंने किसी भी एजेंसी या विदेशी आकाओं के आगे झुकने से इनकार कर दिया था।

केरल निकाय चुनाव परिणाम: तिरुवनंतपुरम में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत, जानें पीएम मोदी ने क्या कहा?

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केरल की राजनीति में शनिवार को एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले एनडीए ने पहली बार तिरुवनंतपुरम नगर निगम में शानदार जीत दर्ज की। इस जीत के साथ ही भाजपा ने सीपीआई(एम) के नेतृत्व वाले एलडीएफ के 45 साल पुराने किले को ध्वस्त कर दिया है।

भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए तिरुवनंतपुरम नगर निगम में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरा है, जिसने 101 वार्डों में से 50 पर जीत हासिल की है। इस परिणाम के साथ ही एलडीएफ का 45 साल का शासन समाप्त हो गया है और सत्तारूढ़ गठबंधन को केवल 29 वार्डों में ही जीत मिली है।

पीएम मोदी बोले-केरल की राजनीति का निर्णायक मोड़

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तिरुवनंतपुरम नगर निगम में भाजपा-एनडीए को मिले जनादेश पर खुशी जताई है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर इसे केरल की राजनीति का निर्णायक मोड़ बताया।

केरल के लोगों का दिल से आभार-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने लिखा, केरल के उन सभी लोगों का मैं दिल से आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने राज्य में हुए स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा और एनडीए उम्मीदवारों को समर्थन दिया। केरल की जनता अब यूडीएफ और एलडीएफ दोनों से ऊब चुकी है। उन्हें भरोसा है कि सुशासन देने और सभी के लिए अवसरों से भरा विकसित केरल बनाने का काम केवल एनडीए ही कर सकता है।

पीएम मोदी ने जताया कार्यकर्ताओं का आभार

पीएम मोदी ने हैशटैग ‘विकसित तिरुवनंतपुरम’ के साथ कहा, 'हमारी पार्टी इस जीवंत शहर के विकास और लोगों के जीवन की सुगमता को बढ़ावा देने के लिए काम करेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता पार्टी की ताकत हैं और सभी को उन पर गर्व है। उन्होंने कहा, भाजपा के सभी मेहनती कार्यकर्ताओं का मैं आभारी हूं, जिन्होंने तिरुवनंतपुरम नगर निगम में शानदार परिणाम सुनिश्चित करने के लिए लोगों के बीच जाकर काम किया।”

विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा को संजीवनी

यह जीत इसलिए भी मायने रखती है क्योंकि वामपंथी दलों का इस निगम पर पिछले साढ़े चार दशकों से एकछत्र राज था। राजधानी में मिली यह कामयाबी आगामी विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा के लिए संजीवनी का काम करेगी। आंकड़ों पर नजर डालें तो 2010 में भाजपा के पास यहां सिर्फ 6 पार्षद थे। 2015 में यह संख्या बढ़कर 35 हो गई थी, हालांकि 2020 में यह थोड़ी घटकर 34 रह गई थी, लेकिन तब भी पार्टी मुख्य विपक्षी दल बनी रही। इस बार 50 सीटें जीतकर पार्टी ने स्पष्ट बहुमत के करीब पहुंचकर अपनी ताकत का लोहा मनवाया है।

2014 के चुनाव में कांग्रेस के खिलाफ रची गई साजिश! पूर्व सांसद का सीआईए-मोसाद को लेकर चौंकाने वाला दावा

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद कुमार केतकर ने 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हार को लेकर बड़ा बयान दिया है। कुमार केतकर ने दावा का है कि सीआईए और मोसाद, जो अमेरिका और इजराइल की जासूसी एजेंसियां हैं, ने 2014 में हुए लोकसभा चुनावों में कांग्रेस की हार की साजिश रची थी।

कांग्रेस की हार सीआईए और मोसाद की साजिश!

मुंबई में संविधान दिवस के अवसर पर आयोजित कांग्रेस के एक कार्यक्रम में बुधवार को कांग्रेस नेता और राज्यसभा के पूर्व सदस्य कुमार केतकर ने एक चौंकाने वाला दावा किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस की भारी हार किसी सामान्य राजनीतिक परिवर्तन का परिणाम नहीं थी, बल्कि इसके पीछे अमेरिका की खुफिया एजेंसी सीआईए और इजराइल की मोसाद की कथित साजिश थी।

केतकर ने समझाया आंकड़ों का गणित

केतकर ने कहा कि दोनों एजेंसियों ने मिलकर यह सुनिश्चित किया था कि कांग्रेस का सीट संख्या 206 से आगे न बढ़े और पार्टी सत्ता से बाहर हो जाए। केतकर ने याद दिलाया कि 2004 में कांग्रेस ने 145 सीटें जीती थीं और 2009 में यह आंकड़ा बढ़कर 206 हो गया था। उन्होंने कहा कि अगर यही ट्रेंड जारी रहता तो 2014 में कांग्रेस को 250 से ज्यादा सीटें मिलनी चाहिए थीं और वह आराम से सत्ता में वापस आ जाती। लेकिन अचानक सीटें घटकर सिर्फ 44 रह गईं। यह सामान्य जनादेश नहीं था।

भारत के राजनीतिक परिदृश्य को प्रभावित करने की रणनीति

केतकर ने कहा कुछ अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने तय किया था कि किसी भी हाल में कांग्रेस को 206 सीटों से ज्यादा नहीं मिलने दी जाए। सीआईए और मोसाद ने डेटा इकट्ठा किया, रणनीति बनाई और ऐसा माहौल बनाया कि कांग्रेस सत्ता में न लौट सके। केतकर के मुताबिक, इन एजेंसियों को डर था कि यदि यूपीए दोबारा स्थिर सरकार बनाती, तो भारत की नीतियों पर उनका प्रभाव सीमित हो जाता और वे अपनी इच्छानुसार हस्तक्षेप नहीं कर पाते।

अपने अनुकूल सरकार बनाने की साजिश का आरोप

पूर्व पत्रकार रहे केतकर ने दावा किया कि इन विदेशी खुफिया एजेंसियों का उद्देश्य भारत में ऐसी सरकार तैयार करना था जो उनके लिए अनुकूल हो और उनकी नीतियों को आसानी से लागू कर सके। केतकर के मुताबिक, अगर कांग्रेस की स्थिर सरकार लौटती या गठबंधन सरकार मजबूत स्थिति में आती, तो विदेशी एजेंसियों के लिए भारत में हस्तक्षेप करना मुश्किल हो जाता है।

एसआईआर पर सुप्रीम कोर्ट का विपक्ष को झटका, कहा- चुनाव आयोग के अधिकारों को चुनौती नहीं दी जा सकती

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सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की वैधता पर बहस शुरू हुई। देश के 12 राज्यों में चल रहे एसआईआर पर विपक्ष को तगड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट से साफ कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उसके पास ऐसा करने का पूरा संवैधानिक और कानूनी अधिकार है। शीर्ष अदालत ने इस प्रक्रिया को रोकने से साफ इनकार कर दिया और कहा कि अगर इसमें कोई अनियमितता सामने आई तो वह तुरंत सुधार के आदेश देगा।

सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं लंबित हैं, जिनमें एसआईआर की वैधता को चुनौती दी गई है। सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को एसआईआर के खिलाफ दायर तमिलनाडु, बंगाल और केरल की याचिका पर सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने बुधवार को पहले केरल का मुद्दा उठा, जहां स्थानीय निकाय चुनाव होने के आधार पर फिलहाल एसआइआर टालने की मांग की गई है। कोर्ट ने इस मामले में चुनाव आयोग को जवाब दाखिल करने का निर्देश देते हुए दो दिसंबर की तारीख तय कर दी। फिर तमिलनाडु का मुद्दा उठा, जहां कई याचिकाओं के जरिये एसआइआर को चुनौती दी गई है। इस पर और बंगाल के मामले में भी आयोग को जवाब देने का निर्देश देते हुए नौ दिसंबर की तारीख तय की गई।

याचिकाकर्ताओं की ओर से बहस की शुरुआत करते हुए कपिल सिब्बल ने चुनाव आयोग द्वारा मतदाताओं पर नागरिकता साबित करने की जिम्मेदारी डालने पर सवाल उठाया। उन्होंने दलील दी कि देश में लाखों-करोड़ों लोग निरक्षर हैं जो फॉर्म नहीं भर सकते। उनका कहना था कि मतदाता गणना फॉर्म भरवाना ही अपने आप में लोगों को सूची से बाहर करने का हथियार बन गया है। सिब्बल ने कोर्ट से सवाल किया कि मतदाता को गणना फॉर्म भरने के लिए क्यों कहा जा रहा है? चुनाव आयोग को यह तय करने का अधिकार किसने दिया कि कोई व्यक्ति भारतीय नागरिक है या नहीं? आधार कार्ड में जन्म तिथि और निवास स्थान दर्ज है। 18 साल से ऊपर कोई व्यक्ति अगर स्व-घोषणा कर दे कि वह भारतीय नागरिक है तो उसे मतदाता सूची में शामिल करने के लिए यही काफी होना चाहिए।

“मतदाता सूची को शुद्ध-अपडेट रखना आयोग का संवैधानिक दायित्व”

इस पर सीजेआई सूर्याकांत ने कहा कि आपने दिल्ली में चुनाव लड़ा है, वहां बहुत लोग वोट डालने नहीं आते. लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में चुनाव त्योहार की तरह मनाया जाता है। वहां हर व्यक्ति को पता होता है कि गांव का निवासी कौन है और कौन नहीं। वहां अधिकतम मतदान होता है और लोग अपने वोट को लेकर बहुत सजग रहते हैं। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि मतदाता सूची को शुद्ध और अपडेट रखना चुनाव आयोग का संवैधानिक दायित्व है और इसके लिए वह जरूरी कदम उठा सकता है।

“एसआईआर को लेकर कोई ठोस शिकायत नहीं”

बेंच ने स्पष्ट किया कि एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर कोई ठोस शिकायत अभी तक सामने नहीं आई है, इसलिए इसे रोकने का कोई आधार नहीं बनता। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने चुनाव आयोग से कहा कि अगर कोई वास्तविक शिकायत या अनियमितता सामने आती है तो वह तुरंत हस्तक्षेप करेगा और सुधार के आदेश देगा।

मोकामा से जीते बाहुबली अनंत सिंह, RJD की वीणा देवी को 29 हजार वोटों से दी मात

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मोकामा से अनंत सिंह ने जीत दर्ज कर ली। बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाली मोकामा की विधानसभा सीट पर एक बार फिर से अनंत सिंह का परचम लहराया है। वह पहले राउंड से ही लगातार बढ़त बनाए हुए थे। उनके खिलाफ लड़ रही सूरजभान सिंह की पत्नी और आरजेडी प्रत्याशी वीणा देवी को हार का सामना करना पड़ा।

वीणा देवी को 29710 मतों के अंतर से हराया

जेडीयू के बाहुबली उम्मीदवार अनंत कुमार सिंह को कुल 81,692 वोट मिले। उन्होंने नजदीकी प्रतिद्वंद्वी आरजेडी की प्रत्याशी वीणा देवी को 29710 मतों के अंतर से हरा दिया। उनकी मुख्य प्रतिद्वंद्वी आरजेडी की वीना देवी को 51,982 वोट मिले। जन सुराज पार्टी के प्रियदर्शी पीयूष को 11,231 वोट मिले।

मोकामा में जश्न का माहौल

मोकामा में जश्न की कुछ तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। जिसमें उनके आवास पर हलवाई खाना बनाने में लगे हुए हैं। काउंटिंग शुरू होने के बाद से ही आवास पर ढोल नगाड़े बजने शुरू हो गए थे। जीत के साथ ही अब उनको इंतजार है तो केवल अपने नेता की, जो फिलहाल बेऊर जेल में बंद हैं

मतदान से ठीक पहले हुए थे गिरफ़्तार

बता दें कि मोकामा सीट जेडीयू के उम्मीदवार अनंत सिंह को मतदान से ठीक पहले गिरफ़्तार किए जाने की वजह से सीट चर्चा में है। मोकामा से जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के समर्थक दुलारचंद यादव की हत्या के मामले में अनंत सिंह मुख्य आरोपी हैं। चुनाव प्रचार के दौरान ही दुलारचंद यादव की हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि हत्या में अनंत सिंह स्वयं शामिल थे। इस हत्याकांड को लेकर अनंत सिंह और जेडीयू सहित एनडीए पर विपक्षी दलों ने जमकर हमले किए थे। अनंत सिंह को गिरफ्तार भी किया गया था।

मोकामा में अनंत कुमार सिंह का दबदबा

मोकामा विधानसभा क्षेत्र में 58 साल के अनंत सिंह और उनके परिवार का पिछले 35 साल से दबदबा है। सन 2000 के बिहार के विधानसभा चुनाव में सूरजभान सिंह ने अनंत सिंह के बड़े भाई दिलीप सिंह को मोकामा सीट पर हराया था। सूरजभान सिंह की पहले दिलीप सिंह से दोस्ती थी। लेकिन सन 2000 के बाद उनके संबंधों में बदलाव आ गया। अनंत कुमार सिंह के भाई दिलीप सिंह राबड़ी देवी की सरकार में मंत्री भी रहे थे। दिलीप सिंह साल मोकामा सीट पर सन 1990 और 1995 में जीते थे। इसके बाद सन 2005 से अनंत सिंह इस क्षेत्र से जीत रहे हैं। अनंत सिंह जेडीयू से पहले आरजेडी में रहे, निर्दलीय भी चुनाव लड़ा लेकिन वे कभी हारे नहीं।

16 वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 के अवसर पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम में राज्य निर्वाचन आयुक्त ने किया संबोधित

रांची। राज्य निर्वाचन आयुक्त, झारखंड श्रीमती अलका तिवारी ने राज्य वासियों को 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।उन्होंने कहा कि आज ही के दिन 25 जनवरी 1950 को भारत निर्वाचन आयोग की स्थापना हुई थी। भारत निर्वाचन आयोग के स्थापना दिवस के अवसर पर वर्ष 2011 से इस दिन को प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय मतदाता दिवस के रूप में मनाया जाता है। प्रतिवर्ष आज के दिन सभी मतदान केन्द्रों पर आयोजित होने वाले मतदाता दिवस कार्यक्रम के माध्यम से मतदाताओं को उनके मताधिकार के प्रति जागरूक किया जाता है। श्रीमती अलका तिवारी रविवार को आर्यभट्ट सभागार रांची में आयोजित राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 के अवसर पर संबोधित कर रहीं थी।

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राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि इस वर्ष भारत निर्वाचन आयोग ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस का थीम "My India My Vote" तथा Tagline, "Indian Citizen at the Heart of Indian Democracy" जारी किया है। लोकतंत्र का आधार है मतदाता, लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदाता को जानकार और सतर्क होने की जरूरत है। निर्वाचन से जुड़े हरेक संस्था अपने मतदाताओं को एक समान अवसर प्रदान करने के लिए हरेक उपाय सुनिश्चित करती है। मतदाता बिना किसी भय, प्रलोभन के तथा जाति, धर्म, भाषा, समुदाय आदि से उपर उठकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके, उतरोत्तर लोकतंत्र और सशक्त हो सके, भारत निर्वाचन आयोग का यही अभीष्ट है। इस अभीष्ट को प्राप्त करने हेतु आयोग विभिन्न नवाचार एवं तकनीकों का उपयोग कर रहा है।

श्रीमती अलका तिवारी ने कहा कि मतदाता पंजीकरण एवं मतदाता जागरूकता एक महत्वपूर्ण एवं सतत् प्रक्रिया है। सभी पात्र भारतीय नागरिक, जो मतदाता बनने की अर्हता रखते है, उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज करने के लिए चार अर्हता तिथियाँ , 1 जनवरी, 1 अप्रैल, 1 जुलाई एवं 1 अक्टूबर निर्धारित की गई है। इन तिथियों में 18 वर्ष पूरी करने वाले योग्य व्यक्तियों का मतदाता सूची में सरलता के साथ नाम जोड़ा जा सकता है। मतदाता सूची में निबंधन की प्रक्रिया हो या किसी भी निर्वाचन के दौरान मतदान करने की प्रक्रिया, हरेक मतदाता चाहे वह महिला, पुरुष, दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक, पी०वी०टी०जी०, थर्ड जेंडर, हो को उसके अनुरूप वांछित सुविधा उपलब्ध कराने हेतु निर्वाचन आयोग सदैव सचेष्ट रहा है। मतदाता जागरूकता हेतु राज्य में 2886 Electoral Literacy Club (ELC) एवं प्रत्येक मतदान केन्द्र पर चुनाव पाठशाला की स्थापना की गई है। मतदाता सूची के अद्यतनीकरण में 966 वोटर अवेयरनेस फोरम अपनी भूमिका निभा रहे हैं।

राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि 18 वर्ष पूरी कर चुके योग्य व्यक्तियों का नाम मतदाता सूची में सम्मिलित करने हेतु चुनाव आयोग के Website पर लॉग इन अथवा संबंधित मतदान केन्द्र के बी०एल०ओ० या वोटर हेल्पलाईन ऐप के माध्यम से मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराएं तथा विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र का हिस्सा होने का गर्व महसूस करें।

इस अवसर पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री के रवि कुमार ने कहा कि लोकतंत्र में मताधिकार का प्रयोग करने हेतु मतदाता सूची में नाम होना जरूरी है। हरेक पात्र भारतीय नागरिक, जो अठारह वर्ष की आयू पूरी कर चुके हैं, मतदाता सूची में अपना नाम जोड़ सकते हैं।

मतदाता को अपने मतदाता सूची या वोटर कार्ड से संबंधित किसी भी जानकारी आसानी से बी०एल०ओ० से मिल सकती है, और बी०एल०ओ० की सूचनाएं सी०ई०ओ० के वेबसाईट पर उपलब्ध है। भारत निर्वाचन आयोग का लक्ष्य है कि हरेक मतदाता अपने बी०एल०ओ० से परिचित रहें। इसलिए निर्वाचन आयोग ने Book a Call की सुविधा उपलब्ध कराई है। आप अपने बी०एल०ओ० को आसानी से कॉल कर सकते हैं, जो 48 घंटो के अंदर मतदाता सूची से संबंधित किसी भी जानकारी को उपलब्ध कराने के लिए आपसे सम्पर्क करेंगे।

उन्होंने कहा कि झारखण्ड राज्य में मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण का Pre-Revision Period चल रहा है। इस दौरान राज्य के वर्तमान मतदाता सूची में निबंधित 72 प्रतिशत मतदाताओं का मैपिंग का कार्य बी०एल०ओ० एप के माध्यम से पूरा किया जा चुका है।

श्री के रवि कुमार ने कहा कि गहन पुनरीक्षण के दौरान बी०एल०ओ० घर-घर जाएंगे और एक स्टीकर चिपकाएंगे। इस स्टीकर पर बी०एल०ओ० का मोबाईल नंबर के साथ-साथ मतदाता का मकान संख्या या मकान का नोशनल नंबर अंकित रहेगा।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि यह वर्ष एक विशेष उपलब्धि का वर्ष है। भारत निर्वाचन आयोग को International Idea (International Institute for Democracy and Electoral Assistance) की अध्यक्षता करने का सुअवसर प्राप्त हुआ है। भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने विगत तीन दिसम्बर 2025 को एक वर्ष के कार्यकाल के लिए विश्व के इस लोकतांत्रिक मंच के अध्यक्ष का प्रभार ग्रहण किया है। साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर झारखण्ड के पाकुड़ जिले को Best Election District Award के लिए चयनित किया गया है। यह हम सबों के लिए गौरव का विषय है।

श्री के रवि कुमार ने सभी मतदाताओं से अपील की कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए एक समग्र एवं त्रुटिरहित मतदाता सूची के निर्माण के लिए अपनी सहभागिता अवश्य निभाएं।

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इस अवसर पर मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार द्वारा राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 के अवसर पर राष्ट्र को दिए गए संदेश को दिखाया गया। जिला निर्वाचन पदाधिकारी श्री मंजूनाथ भजंत्री द्वारा समापन भाषण एवं संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुबोध कुमार द्वारा मतदाता शपथ का पाठ कराया गया।

इस अवसर पर वरिष्ठ मतदाता के रूप में श्रीमती समदुलारी देवी, श्रीमती गीता मित्रा, श्री एनीमुल्लाह , युवा मतदाता के रूप में श्री अर्चित कुमार गोयल, श्री सौरभ कुमार, सुश्री अनुष्का गुप्ता, सुश्री नेहा कुमारी श्री करण कुमार साहू, ट्रान्सजेन्डर मतदाता के रूप में, नगमा रानी, गुड्डू सिंह को सम्मानित किए गए।

इस अवसर पर 2025 वर्ष में उत्कृष्ट कार्यों के लिए श्री चन्दन कुमार, जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त, पश्चिमी सिंहभूम, श्री हेमन्त सती, जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह- उपायुक्त, साहेबगंज, श्री सुबोध कुमार, संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सह संयुक्त सचिव, श्री रंथु महतो, उप निर्वाचन पदाधिकारी, गिरिडीह, श्री सुशील कुमार राय, उप निर्वाचन पदाधिकारी, गढ़वा, श्री सुनील चन्द्रा, निर्वाची पदाधिकारी, 45-घाटशिला (अ०ज०जा०) विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, श्री रवि कुमार, निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, 15-देवघर (अ०जा०) विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, श्री सुनील कुमार सिंह, अवर निर्वाचन पदाधिकारी, मुख्यालय, श्री चन्दन कुमार, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी का कार्यालय, झारखण्ड, श्री आशुतोष रंजन, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी का कार्यालय, झारखण्ड को सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय से ट्रेनिंग नोडल पदाधिकारी श्री देव दास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी श्री धीरज ठाकुर, उप निर्वाचन पदाधिकारी, रांची श्री विवेक कुमार सुमन, पी डब्लू डी आइकॉन झारखंड श्रीमती गोपिका आनन्द, एनएसएस के कैडेट, प्रतिभागियों के परिवारजन युवा, वरिष्ठ, दिव्यांग, ट्रांसजेंडर मतदाता उपस्थित थे।

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नितिन नवीन आज भाजपा अध्यक्ष पद के लिए करेंगे नामांकन, निर्विरोध चुने जाने की पूरी संभावना

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भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव के लिए आज से नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो रही है। सोमवार 19 जनवरी को पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल करेंगे। नवीन के निर्विरोध सबसे कम उम्र के अध्यक्ष बनने की संभावना है।

सभी राज्यों से मांगे गए प्रस्ताव

नितिन नवीन के नामांकन में सभी राज्यों से एक-एक प्रस्ताव मंगाया गया है। राज्यों के अलावा नितिन नवीन के प्रस्तावक के रूप में बीजेपी संसदीय दल की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, नितिन गडकरी, राजनाथ सिंह सरीखे पार्टी के प्रमुख नेता भी होंगे।

निर्विरोध चुने जाने की संभावना

पार्टी सूत्रों ने बताया कि भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन के पार्टी के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में निर्विरोध चुने जाने की संभावना है, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह सहित पार्टी नेतृत्व इस पद के लिए उनकी उम्मीदवारी का समर्थन कर रहा है।

दो बजे से चार बजे तक होगा नामांकन

भाजपा के राष्ट्रीय निर्वाचन अधिकारी के. लक्ष्मण द्वारा घोषित चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, इस पद के लिए नामांकन सोमवार को अपराह्न दो बजे से चार बजे तक दाखिल किए जाएंगे। चुनाव की प्रक्रिया बीजेपी मुख्यालय में पूरी कराई जाएगी। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगले दिन नए पार्टी अध्यक्ष के नाम की घोषणा की जाएगी।

कल होगा नाम का औपचारिक ऐलान

20 जनवरी को औपचारिक रूप से नितिन नवीन की अध्यक्ष के रूप में घोषणा कर दी जाएगी। 20 जनवरी को इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह समेत सभी वरिष्ठ नेता, सभी बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश संगठन महामंत्री, प्रदेश प्रभारी और राष्ट्रीय पदाधिकारी शामिल होंगे।

भाजपा में कैसे होता है राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव पार्टी की राष्ट्रीय परिषद और राज्य परिषदों के प्रतिनिधियों से मिलकर बने निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है। इस प्रक्रिया की देखरेख पार्टी के राष्ट्रीय निर्वाचन अधिकारी द्वारा की जाती है। भाजपा के संविधान के अनुसार, किसी राज्य के निर्वाचक मंडल के कोई भी 20 सदस्य संयुक्त रूप से राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए ऐसे व्यक्ति का नाम प्रस्तावित कर सकते हैं, जो चार कार्यकाल तक सक्रिय सदस्य रहा हो और जिसकी सदस्यता के पंद्रह वर्ष पूरे हो चुके हों। पार्टी संविधान के मुताबिक ऐसा संयुक्त प्रस्ताव कम से कम पांच राज्यों से आना चाहिए जहां राष्ट्रीय परिषद के लिए चुनाव संपन्न हो चुके हैं।

महाराष्ट्र में गजब का सियासी खेल! भाजपा ने कांग्रेस ने मिला लिया हाथ

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कहा जाता है राजनीति में कुछ भी असंभव नहीं है। महाराष्ट्र की सियासत में ऐसा ही कुछ देखा जा रहा है। कांग्रेस-मुक्त भारत का नारा लगाने वाली भाजपा ने ठाणे में अंबरनाथ नगर परिषद में सीधे कांग्रेस से हाथ मिला लिया है। कांग्रेस से गठबंधन कर भाजपा ने अंबरनाथ नगर परिषद में सत्ता हासिल कर ली।

भाजपा और कांग्रेस का दुर्लभ गठबंधन

हाल ही में हुए स्थानीय निकाय चुनावों के बाद अंबरनाथ नगर पालिका में भाजपा और कांग्रेस का एक दुर्लभ गठबंधन सामने आया है। इस गठबंधन ने राजनीतिक विश्लेषकों और पार्टी कार्यकर्ताओं को आश्चर्यचकित कर दिया है। भाजपा ने कांग्रेस और अजीत पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के पार्षदों के साथ मिलकर अंबरनाथ विकास अघाड़ी का गठन किया है और मुंबई क्षेत्र की एक नगर परिषद पर नियंत्रण हासिल कर लिया है। इस गठबंधन से शिवसेना सत्ता से बाहर हो गई है।

शिवसेना सत्ता से दूर रखने के लिए कांग्रेस का साथ

भाजपा-कांग्रेस के इस सियासी खेल ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को अंबरनाथ में हाशिए पर धकेल दिया है। चौंकाने वाली बात है कि भाजपा ने शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को अंबरनाथ नगर परिषद में सत्ता से दूर रखने के लिए कांग्रेस का समर्थन लिया है।

किसे कितनी सीटें मिलीं

चुनाव पिछले महीने हुए थे, जिसमें शिवसेना और बीजेपी, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर सहयोगी होने के बावजूद, अलग-अलग चुनाव लड़े थे। 60 सदस्यीय परिषद में, शिवसेना सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और उसने 27 सीटें जीतीं। लेकिन बहुमत से थोडा दूर रह गई। भाजपा को 14 सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस ने 12 सीटें जीतीं। अजीत पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी ने चार सीटें जीतीं और दो निर्दलीय उम्मीदवार भी निर्वाचित हुए।

"अंबरनाथ विकास अघाड़ी" का गठन

शिवसेना को नगर निगम अध्यक्ष पद के चुनाव में झटका लगा, जहां उसकी उम्मीदवार मनीषा वालेकर भाजपा उम्मीदवार तेजश्री करंजुले पाटिल से हार गईं। शिंदे सेना सोच रही थी की बीजेपी उनके साथ मिलकर नगर परिषद में सरकार बनाएगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बीजेपी ने शिंदे सेना के बजाय कांग्रेस से हाथ मिला लिया और नगर परिषद में सत्ता स्थापित कर ली। स्थानीय स्तर पर कांग्रेस के साथ मिलकर सत्ता स्थापित करना का फैसला लिया गया। इस गठबंधन को "अंबरनाथ विकास अघाड़ी" नाम दिया गया है।

ये है गठबंधन का गणित

अंबरनाथ में घोषित गठबंधन में 14 भाजपा पार्षद, भाजपा समर्थित नगर अध्यक्ष, 12 कांग्रेस पार्षद, चार एनसीपी (अजीत पवार गुट) पार्षद और एक निर्दलीय पार्षद शामिल हैं। गठबंधन की कुल संख्या 32 हो गई है, जो 60 सदस्यीय परिषद में बहुमत का आंकड़ा पार कर जाती है।

शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में रोष

भाजपा की ओर से मिले इस झटके के बाद शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में काफी रोष नजर आ रहा है। इस मामले पर शिवसेना (शिंदे गुट) के सांसद श्रीकांत शिंदे ने कहा कि अंबरनाथ में भाजपा और कांग्रेस का गठबंधन हुआ है, तो इसका जवाब भी उनके ही नेताओं को देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह फैसला शिवसेना का नहीं है और न ही इस पर शिवसेना को सफाई देने की जरूरत है।

कर्नाटक में कांग्रेस सरकार की सर्वे ने राहुल को दिखाया आईना, बीजेपी को भी मिल गया मौका

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कर्नाटक सरकार की एक एजेंसी की स्टडी में दावा किया गया है कि राज्य के 91% लोग मानते हैं कि भारत में चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से कराए जाते हैं और ईवीएम सटीक नतीजे देती हैं। यह रिपोर्ट कर्नाटक मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन अथॉरिटी ने प्रकाशित की है। यह सर्वे ऐसे समय आया है, जब कांग्रेस सांसद राहुल गांधी भाजपा पर कई राज्यों में ‘वोट चोरी’ का लगातार आरोप लगा रहे हैं। वे कर्नाटक के कलबुर्गी में भी वोट चोरी का दावा कर चुके हैं।

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कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार ने ईवीएम पर एक सर्वे पब्लिश कराया है। इस सर्वे में पता चला कि अधिकतर नागरिकों का मानना है कि भारत में चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष होते हैं, जबकि ईवीएम यानी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों पर लोगों का भरोसा बढ़ा है। सर्वे में करीब 91 फीसदी लोगों ने ईवीएम पर अपना भरोसा दिखाया है।

सर्वे में क्या ?

डेक्कन हेराल्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह सर्वे मुख्य चुनाव अधिकारी वी. अंबुकुमार ने करवाया था। इसमें बेंगलुरु, बेलगावी, कालाबुरागी और मैसूरु के प्रशासनिक डिवीजनों में 102 विधानसभा क्षेत्रों के 5100 लोगों को शामिल किया गया था। योजना, कार्यक्रम निगरानी और सांख्यिकी विभाग के तहत कर्नाटक निगरानी और मूल्यांकन प्राधिकरण द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट में पता चला कि सभी डिवीजनों में 91.31 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि भारत में चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से कराए जाते हैं, जिनमें से 6.76 प्रतिशत ने तटस्थ राय व्यक्त की।

अब राहुल गांधी का “वोट चोरी” के नरेटिव का क्या?

कर्नाटक सरकार के सर्वे के नतीजे कांग्रेस और राहुल गांधी के खिलाफ हैं। कारण कि राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा के खिलाफ खिलाफ वोट चोरी कैंपेन की शुरुआत की थी। राहुल गांधी ने दावा किया था कि ईवीएम से वोट चोरी होती है और बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाने चाहिए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कर्नाटक में कांग्रेस सरकार ने ईवीएम पर कथित भरोसे की कमीके कारण स्थानीय निकाय चुनावों के लिए बैलेट पेपर वापस लाने का फैसला किया है।

बीजेपी ने बोला हमला

इधर, कर्नाटक सरकार द्वारा सर्वे को प्रकाशित करने के बाद बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सर्वे रिपोर्ट रिपोर्ट का हवाला देते हुए शुक्रवार दावा किया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता को हर बार चुनाव हारने के बाद ईवीएम या चुनाव आयोग को दोष देने पर 'हकीकत का सामना' करना पड़ता है। पूनावाला ने कहा कि राहुल गांधी चुनाव हारने के बाद ईवीएम और चुनाव आयोग को दोष देते हैं।

20 साल बाद साथ आए ठाकरे ब्रदर्स, बीएमसी चुनाव से पहले एमएनएस-शिव सेना में गठबंधन

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महाराष्ट्र की राजनीति में आज का दिन ऐतिहासिक है। महाराष्ट्र की सियासत में ठाकरे बंधुओं ने एक बड़ा फैसला लेकर सबको चौंका दिया है। 20 साल बाद उद्धव-राज ठाकरे एक साथ चुनाव लड़ने जा रहे हैं। ठाकरे भाईयों ने मुंबई के वरली स्थित होटल ब्लू में शिवसेना यूबीटी और मनसे के गठबंधन का आधिकारिक ऐलान किया।

शिवसेना (यूबीटी) और मनसे मिलकर बीएमसी चुनाव लड़ेंगे। बुधवार को दोनों भाईयों ने संयुक्त प्रेस वार्ता करके इसका एलान किया। घोषणा से पहले उद्धव ठाकरे और एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे ने अपने परिवारों के साथ शिवाजी पार्क में बालासाहेब ठाकरे के स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की।

दोनों भाईयों ने एक ही माइक से की बात

प्रेस कांफ्रेंस में दोनों भाईयों ने एक ही माइक से अपनी बात रखी। उद्धव ठाकरे जहां बीजेपी पर हमलावर रहे तो वहीं राज ठाकरे ने साफ कर दिया कि अगल मेयर मराठी होगा और हमारा होगा। उद्धव ठाकरे ने यह तक कह दिया कि दिल्ली में बैठे लोग महाराष्ट्र से मुंबई को तोड़ने की साजिश कर रहे हैं। हम उन्हें खत्म कर देंगे।

नासिक चुनाव के लिए भी साथ आए ठाकरे ब्रदर्स

राज ठाकरे ने मंच से कहा, ‘मैं अब ऑफिशियली अपने अलायंस की घोषणा कर रहा हूं। यह अलायंस नासिक म्युनिसिपैलिटी चुनाव के लिए भी है। आज हमारी मीटिंग के बाद हम दूसरे कॉर्पोरेशन्स के लिए भी घोषणा करेंगे। मुंबई का मेयर एक महाराष्ट्रियन होगा और वह हमारी पार्टी से होगा।

सीट बंटवारे पर क्या बोले ठाकरे ब्रदर्स

दोनों भाईयों ने शिवसेना यूबीटी-महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के गठबंधन का ऐलान कर दिया है लेकिन मुंबई की 227 सीटों पर कौन कितनी पर लड़ेगा? इसका ऐलान नहीं किया। राज ठाकरे ने यह कह दिया की सीटों की संख्या मायने नहीं रखती है।

चुनाव टालने के लिए यूनुस ने कराई उस्मान हादी की हत्या' छात्र नेता के भाई का गंभीर आरोप

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बांग्लादेश में इंकबाल मंच के प्रवक्ता और छात्र नेता उस्मान हादी की हत्या को लेकर बवाल जारी है। इस बीच बांग्लादेश की कमाल संभाल रहे अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस सवालों के घेरे में हैं। अब उस्मान हादी के भाई शरीफ उमर हादी ने मोहम्मद यूनुस पर गंभीर आरोप लगाया है। हादी के भाई शरीफ उमर हादी ने मोहम्मद यूनुस को हत्या का आरोपी बताते हुए कहा है कि सरकार ने आगामी राष्ट्रीय चुनाव को पटरी से उतारने के लिए हत्या की साजिश रची।

चुनावी माहौल को अस्थिर करने के लिए हत्या का आरोप

बांग्लादेश में युवा नेता और इंकलाब मंच के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद देशभर में भड़के विरोध प्रदर्शनों के बीच अब उनके परिवार ने अंतरिम सरकार पर सीधा और गंभीर आरोप लगाया है। हादी के उमर हादी ने खुलकर कहा है कि उनके भाई की हत्या आगामी चुनाव रद्द कराने की साजिश का हिस्सा है। उन्होंने दावा किया कि सत्ता में बैठे लोगों के एक गुट ने जानबूझकर इस हत्या को अंजाम दिया, ताकि चुनावी माहौल को अस्थिर किया जा सके और राजनीतिक फायदा उठाया जा सके।

साजिश रचकर हत्या को अंजाम देने का आरोप

ढाका के शाहबाग इलाके में राष्ट्रीय संग्रहालय के सामने आयोजित शहीदी शपथ कार्यक्रम में बोलते हुए उमर हादी ने सरकार पर तीखा हमला बोला। बांग्लादेशी अखबार द डेली स्टार के अनुसार, उन्होंने कहा यह आप ही हैं जिन्होंने उस्मान हादी को मरवाया और अब उसी मुद्दे को लेकर चुनाव बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के भीतर मौजूद एक खास गुट ने साजिश रचकर इस हत्या को अंजाम दिया।

न्याय नहीं दे सकते तो सत्ता छोड़ दीजिए- उमर हादी

उमर हादी ने बेहद तीखे शब्दों में कहा, ‘अगर आप न्याय नहीं दे सकते, तो सत्ता छोड़ दीजिए। आपने उस्मान हादी को मार डाला और अब उसी की लाश दिखाकर चुनाव टालना चाहते हैं।’ उन्होंने साफ कहा कि अगर उनके भाई को न्याय नहीं मिला, तो मौजूदा सत्ता को भी देश छोड़ना पड़ेगा. यह बयान भीड़ में मौजूद लोगों के गुस्से और अविश्वास की भावना को साफ दिखाता है।

आम चुनाव में उम्मीदवार थे उस्मान हादी

बता दें कि उस्मान हादी आगामी 12 फरवरी को होने वाले आम चुनाव में उम्मीदवार थे। उमर हादी का यह भी आरोप है कि उनके भाई की हत्या इसलिए की गई, क्योंकि उन्होंने किसी भी एजेंसी या विदेशी आकाओं के आगे झुकने से इनकार कर दिया था।

केरल निकाय चुनाव परिणाम: तिरुवनंतपुरम में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत, जानें पीएम मोदी ने क्या कहा?

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केरल की राजनीति में शनिवार को एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले एनडीए ने पहली बार तिरुवनंतपुरम नगर निगम में शानदार जीत दर्ज की। इस जीत के साथ ही भाजपा ने सीपीआई(एम) के नेतृत्व वाले एलडीएफ के 45 साल पुराने किले को ध्वस्त कर दिया है।

भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए तिरुवनंतपुरम नगर निगम में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरा है, जिसने 101 वार्डों में से 50 पर जीत हासिल की है। इस परिणाम के साथ ही एलडीएफ का 45 साल का शासन समाप्त हो गया है और सत्तारूढ़ गठबंधन को केवल 29 वार्डों में ही जीत मिली है।

पीएम मोदी बोले-केरल की राजनीति का निर्णायक मोड़

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तिरुवनंतपुरम नगर निगम में भाजपा-एनडीए को मिले जनादेश पर खुशी जताई है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर इसे केरल की राजनीति का निर्णायक मोड़ बताया।

केरल के लोगों का दिल से आभार-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने लिखा, केरल के उन सभी लोगों का मैं दिल से आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने राज्य में हुए स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा और एनडीए उम्मीदवारों को समर्थन दिया। केरल की जनता अब यूडीएफ और एलडीएफ दोनों से ऊब चुकी है। उन्हें भरोसा है कि सुशासन देने और सभी के लिए अवसरों से भरा विकसित केरल बनाने का काम केवल एनडीए ही कर सकता है।

पीएम मोदी ने जताया कार्यकर्ताओं का आभार

पीएम मोदी ने हैशटैग ‘विकसित तिरुवनंतपुरम’ के साथ कहा, 'हमारी पार्टी इस जीवंत शहर के विकास और लोगों के जीवन की सुगमता को बढ़ावा देने के लिए काम करेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता पार्टी की ताकत हैं और सभी को उन पर गर्व है। उन्होंने कहा, भाजपा के सभी मेहनती कार्यकर्ताओं का मैं आभारी हूं, जिन्होंने तिरुवनंतपुरम नगर निगम में शानदार परिणाम सुनिश्चित करने के लिए लोगों के बीच जाकर काम किया।”

विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा को संजीवनी

यह जीत इसलिए भी मायने रखती है क्योंकि वामपंथी दलों का इस निगम पर पिछले साढ़े चार दशकों से एकछत्र राज था। राजधानी में मिली यह कामयाबी आगामी विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा के लिए संजीवनी का काम करेगी। आंकड़ों पर नजर डालें तो 2010 में भाजपा के पास यहां सिर्फ 6 पार्षद थे। 2015 में यह संख्या बढ़कर 35 हो गई थी, हालांकि 2020 में यह थोड़ी घटकर 34 रह गई थी, लेकिन तब भी पार्टी मुख्य विपक्षी दल बनी रही। इस बार 50 सीटें जीतकर पार्टी ने स्पष्ट बहुमत के करीब पहुंचकर अपनी ताकत का लोहा मनवाया है।

2014 के चुनाव में कांग्रेस के खिलाफ रची गई साजिश! पूर्व सांसद का सीआईए-मोसाद को लेकर चौंकाने वाला दावा

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद कुमार केतकर ने 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हार को लेकर बड़ा बयान दिया है। कुमार केतकर ने दावा का है कि सीआईए और मोसाद, जो अमेरिका और इजराइल की जासूसी एजेंसियां हैं, ने 2014 में हुए लोकसभा चुनावों में कांग्रेस की हार की साजिश रची थी।

कांग्रेस की हार सीआईए और मोसाद की साजिश!

मुंबई में संविधान दिवस के अवसर पर आयोजित कांग्रेस के एक कार्यक्रम में बुधवार को कांग्रेस नेता और राज्यसभा के पूर्व सदस्य कुमार केतकर ने एक चौंकाने वाला दावा किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस की भारी हार किसी सामान्य राजनीतिक परिवर्तन का परिणाम नहीं थी, बल्कि इसके पीछे अमेरिका की खुफिया एजेंसी सीआईए और इजराइल की मोसाद की कथित साजिश थी।

केतकर ने समझाया आंकड़ों का गणित

केतकर ने कहा कि दोनों एजेंसियों ने मिलकर यह सुनिश्चित किया था कि कांग्रेस का सीट संख्या 206 से आगे न बढ़े और पार्टी सत्ता से बाहर हो जाए। केतकर ने याद दिलाया कि 2004 में कांग्रेस ने 145 सीटें जीती थीं और 2009 में यह आंकड़ा बढ़कर 206 हो गया था। उन्होंने कहा कि अगर यही ट्रेंड जारी रहता तो 2014 में कांग्रेस को 250 से ज्यादा सीटें मिलनी चाहिए थीं और वह आराम से सत्ता में वापस आ जाती। लेकिन अचानक सीटें घटकर सिर्फ 44 रह गईं। यह सामान्य जनादेश नहीं था।

भारत के राजनीतिक परिदृश्य को प्रभावित करने की रणनीति

केतकर ने कहा कुछ अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने तय किया था कि किसी भी हाल में कांग्रेस को 206 सीटों से ज्यादा नहीं मिलने दी जाए। सीआईए और मोसाद ने डेटा इकट्ठा किया, रणनीति बनाई और ऐसा माहौल बनाया कि कांग्रेस सत्ता में न लौट सके। केतकर के मुताबिक, इन एजेंसियों को डर था कि यदि यूपीए दोबारा स्थिर सरकार बनाती, तो भारत की नीतियों पर उनका प्रभाव सीमित हो जाता और वे अपनी इच्छानुसार हस्तक्षेप नहीं कर पाते।

अपने अनुकूल सरकार बनाने की साजिश का आरोप

पूर्व पत्रकार रहे केतकर ने दावा किया कि इन विदेशी खुफिया एजेंसियों का उद्देश्य भारत में ऐसी सरकार तैयार करना था जो उनके लिए अनुकूल हो और उनकी नीतियों को आसानी से लागू कर सके। केतकर के मुताबिक, अगर कांग्रेस की स्थिर सरकार लौटती या गठबंधन सरकार मजबूत स्थिति में आती, तो विदेशी एजेंसियों के लिए भारत में हस्तक्षेप करना मुश्किल हो जाता है।

एसआईआर पर सुप्रीम कोर्ट का विपक्ष को झटका, कहा- चुनाव आयोग के अधिकारों को चुनौती नहीं दी जा सकती

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सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की वैधता पर बहस शुरू हुई। देश के 12 राज्यों में चल रहे एसआईआर पर विपक्ष को तगड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट से साफ कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उसके पास ऐसा करने का पूरा संवैधानिक और कानूनी अधिकार है। शीर्ष अदालत ने इस प्रक्रिया को रोकने से साफ इनकार कर दिया और कहा कि अगर इसमें कोई अनियमितता सामने आई तो वह तुरंत सुधार के आदेश देगा।

सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं लंबित हैं, जिनमें एसआईआर की वैधता को चुनौती दी गई है। सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को एसआईआर के खिलाफ दायर तमिलनाडु, बंगाल और केरल की याचिका पर सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने बुधवार को पहले केरल का मुद्दा उठा, जहां स्थानीय निकाय चुनाव होने के आधार पर फिलहाल एसआइआर टालने की मांग की गई है। कोर्ट ने इस मामले में चुनाव आयोग को जवाब दाखिल करने का निर्देश देते हुए दो दिसंबर की तारीख तय कर दी। फिर तमिलनाडु का मुद्दा उठा, जहां कई याचिकाओं के जरिये एसआइआर को चुनौती दी गई है। इस पर और बंगाल के मामले में भी आयोग को जवाब देने का निर्देश देते हुए नौ दिसंबर की तारीख तय की गई।

याचिकाकर्ताओं की ओर से बहस की शुरुआत करते हुए कपिल सिब्बल ने चुनाव आयोग द्वारा मतदाताओं पर नागरिकता साबित करने की जिम्मेदारी डालने पर सवाल उठाया। उन्होंने दलील दी कि देश में लाखों-करोड़ों लोग निरक्षर हैं जो फॉर्म नहीं भर सकते। उनका कहना था कि मतदाता गणना फॉर्म भरवाना ही अपने आप में लोगों को सूची से बाहर करने का हथियार बन गया है। सिब्बल ने कोर्ट से सवाल किया कि मतदाता को गणना फॉर्म भरने के लिए क्यों कहा जा रहा है? चुनाव आयोग को यह तय करने का अधिकार किसने दिया कि कोई व्यक्ति भारतीय नागरिक है या नहीं? आधार कार्ड में जन्म तिथि और निवास स्थान दर्ज है। 18 साल से ऊपर कोई व्यक्ति अगर स्व-घोषणा कर दे कि वह भारतीय नागरिक है तो उसे मतदाता सूची में शामिल करने के लिए यही काफी होना चाहिए।

“मतदाता सूची को शुद्ध-अपडेट रखना आयोग का संवैधानिक दायित्व”

इस पर सीजेआई सूर्याकांत ने कहा कि आपने दिल्ली में चुनाव लड़ा है, वहां बहुत लोग वोट डालने नहीं आते. लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में चुनाव त्योहार की तरह मनाया जाता है। वहां हर व्यक्ति को पता होता है कि गांव का निवासी कौन है और कौन नहीं। वहां अधिकतम मतदान होता है और लोग अपने वोट को लेकर बहुत सजग रहते हैं। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि मतदाता सूची को शुद्ध और अपडेट रखना चुनाव आयोग का संवैधानिक दायित्व है और इसके लिए वह जरूरी कदम उठा सकता है।

“एसआईआर को लेकर कोई ठोस शिकायत नहीं”

बेंच ने स्पष्ट किया कि एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर कोई ठोस शिकायत अभी तक सामने नहीं आई है, इसलिए इसे रोकने का कोई आधार नहीं बनता। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने चुनाव आयोग से कहा कि अगर कोई वास्तविक शिकायत या अनियमितता सामने आती है तो वह तुरंत हस्तक्षेप करेगा और सुधार के आदेश देगा।

मोकामा से जीते बाहुबली अनंत सिंह, RJD की वीणा देवी को 29 हजार वोटों से दी मात

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मोकामा से अनंत सिंह ने जीत दर्ज कर ली। बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाली मोकामा की विधानसभा सीट पर एक बार फिर से अनंत सिंह का परचम लहराया है। वह पहले राउंड से ही लगातार बढ़त बनाए हुए थे। उनके खिलाफ लड़ रही सूरजभान सिंह की पत्नी और आरजेडी प्रत्याशी वीणा देवी को हार का सामना करना पड़ा।

वीणा देवी को 29710 मतों के अंतर से हराया

जेडीयू के बाहुबली उम्मीदवार अनंत कुमार सिंह को कुल 81,692 वोट मिले। उन्होंने नजदीकी प्रतिद्वंद्वी आरजेडी की प्रत्याशी वीणा देवी को 29710 मतों के अंतर से हरा दिया। उनकी मुख्य प्रतिद्वंद्वी आरजेडी की वीना देवी को 51,982 वोट मिले। जन सुराज पार्टी के प्रियदर्शी पीयूष को 11,231 वोट मिले।

मोकामा में जश्न का माहौल

मोकामा में जश्न की कुछ तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। जिसमें उनके आवास पर हलवाई खाना बनाने में लगे हुए हैं। काउंटिंग शुरू होने के बाद से ही आवास पर ढोल नगाड़े बजने शुरू हो गए थे। जीत के साथ ही अब उनको इंतजार है तो केवल अपने नेता की, जो फिलहाल बेऊर जेल में बंद हैं

मतदान से ठीक पहले हुए थे गिरफ़्तार

बता दें कि मोकामा सीट जेडीयू के उम्मीदवार अनंत सिंह को मतदान से ठीक पहले गिरफ़्तार किए जाने की वजह से सीट चर्चा में है। मोकामा से जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के समर्थक दुलारचंद यादव की हत्या के मामले में अनंत सिंह मुख्य आरोपी हैं। चुनाव प्रचार के दौरान ही दुलारचंद यादव की हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि हत्या में अनंत सिंह स्वयं शामिल थे। इस हत्याकांड को लेकर अनंत सिंह और जेडीयू सहित एनडीए पर विपक्षी दलों ने जमकर हमले किए थे। अनंत सिंह को गिरफ्तार भी किया गया था।

मोकामा में अनंत कुमार सिंह का दबदबा

मोकामा विधानसभा क्षेत्र में 58 साल के अनंत सिंह और उनके परिवार का पिछले 35 साल से दबदबा है। सन 2000 के बिहार के विधानसभा चुनाव में सूरजभान सिंह ने अनंत सिंह के बड़े भाई दिलीप सिंह को मोकामा सीट पर हराया था। सूरजभान सिंह की पहले दिलीप सिंह से दोस्ती थी। लेकिन सन 2000 के बाद उनके संबंधों में बदलाव आ गया। अनंत कुमार सिंह के भाई दिलीप सिंह राबड़ी देवी की सरकार में मंत्री भी रहे थे। दिलीप सिंह साल मोकामा सीट पर सन 1990 और 1995 में जीते थे। इसके बाद सन 2005 से अनंत सिंह इस क्षेत्र से जीत रहे हैं। अनंत सिंह जेडीयू से पहले आरजेडी में रहे, निर्दलीय भी चुनाव लड़ा लेकिन वे कभी हारे नहीं।