हिंदू धर्म और हिंदुत्व पर ऐसा क्या बोले मणिशंकर अय्यर ? भड़की भाजपी का कांग्रेस पर हमला

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हिंदू धर्म और हिंदुत्व को लेकर सियासी विवाद खड़ा हो गया है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने रविवार को एक सार्वजनिक चर्चा के दौरान हिंदुत्व पर तीखी टिप्पणी करते हुए इसे ‘उन्माद की स्थिति में पहुंचा हुआ हिंदू धर्म’ करार दिया। इस बयान पर सत्ताधारी बीजेपी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

हिंदुत्व एक राजनीतिक विचारधारा- अय्यर

कोलकाता डिबेटिंग सर्कल में 'हिंदुत्व से हिंदू धर्म को बचाना चाहिए' विषय पर बहस हुई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अय्यर ने हिंदू धर्म और हिंदुत्व के बीच स्पष्ट अंतर बताते हुए कहा कि हिंदू धर्म एक आध्यात्मिक और दार्शनिक परंपरा है, जबकि हिंदुत्व एक राजनीतिक विचारधारा के रूप में सामने आया है।

हिंदू धर्म को संरक्षण की आवश्यकता नहीं

अय्यर ने दावा किया कि हिंदुत्व 1023 में अस्तित्व में आया। जबकि हिंदुत्व से पहले हजारों वर्षों तक हिंदू धर्म ने तमान संघर्षों और कठिनाइयों का सामना किया। फिर भी यह फलता-फूलता रहा। उसे हिंदुत्व के संरक्षण की आवश्यकता नहीं थी।

हिंदुत्व बहुसंख्यक हिंदुओं को डराता है-अय्यर

इस दौरान अय्यर ने कहा कि हिंदुत्व बहुसंख्यक हिंदुओं के भीतर डर का माहौल पैदा करता है। कि बीजेपी का कोई नेता एक अंधे, भूखे आदिवासी लड़की को इसलिए थप्पड़ मारे क्योंकि वह चर्च में क्रिसमस लंच में शामिल हुई थी। अय्यर ने यह भी कहा कि हिंदुत्व 80% हिंदुओं को 14% मुसलमानों से डरने को कहता है।

थरूर बोले- नेहरू की गलतियां स्वीकारना जरूरी, लेकिन हर समस्या के लिए दोषी ठहराना गलत

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कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने एक बार फिर ऐसा बयान दिया है, जिससे कांग्रेस के अंदर खलबली मच सकती है। थरूर ने कहा है कि वे भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को भारतीय लोकतंत्र का संस्थापक मानते हैं, लेकिन उनकी तारीफ आलोचना से खाली नहीं है। थरूर ने इस बात पर जोर दिया कि नेहरू की गलतियों को स्वीकार करना जरूरी है, लेकिन भारत की सभी समस्याओं के लिए उन्हें दोषी ठहराना ठीक नहीं है।

थरूर ने कहा- मैं नेहरू का गहरा प्रशंसक

कांग्रेस सांसद ने कहा कि मैं भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के विचारों और दृष्टिकोण की गहरी प्रशंसा करता हूं मैं उनके विचारों और सोच का बहुत सम्मान करता हूं, हालांकि मैं उनके सभी विश्वासों और नीतियों से 100% सहमत नहीं हो सकता। उन्होंने जो बहुत सी चीजें कीं, वे बहुत सराहनीय हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि नेहरू ने ही भारत में लोकतंत्र को मजबूती से स्थापित किया था।

मोदी सरकार लोकतंत्र विरोधी नहीं पर नेहरू विरोधी-थरूर

थरूर ने आगे कहा कि मैं यह नहीं कहूंगा कि वे (मोदी सरकार) लोकतंत्र विरोधी हैं, लेकिन वे निश्चित रूप से नेहरू विरोधी हैं। नेहरू को एक सुविधाजनक बलि का बकरा बना दिया गया है।

नेहरू को हर चीज के लिए जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते-थरूर

नेहरू की हर मान्यता और नीति का बिना आलोचना समर्थन नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि नेहरू की गलतियों को स्वीकार करना आवश्यक है, लेकिन हर चीज के लिए सिर्फ उन्हें जिम्मेदार ठहरा देना गलत है। उन्होंने कहा कि अपने कार्यकाल में नेहरू की ओर से लिए गए कुछ फैसले गलत हो सकते हैं, लेकिन हम उन्हें हर चीज के लिए जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते हैं।

1962 में हार के लिए नेहरू के फैसले कुछ हद तक जिम्मेदारर-थरूर

1962 के भारत-चीन युद्ध को याद करते हुए, थरूर ने कहा कि वर्तमान सरकार की नेहरू की आलोचना में कुछ सच्चाई हो सकती है। उन्होंने कहा, 'उदाहरण के लिए, 1962 में चीन के खिलाफ हार के लिए कुछ हद तक नेहरू के फैसलों को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।' उन्होंने आगे कहा, 'लेकिन वे अब जो करते हैं वह यह है कि किसी भी मुद्दे पर नेहरू को हर चीज के लिए दोषी ठहराते हैं।'

महाराष्ट्र में गजब का सियासी खेल! भाजपा ने कांग्रेस ने मिला लिया हाथ

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कहा जाता है राजनीति में कुछ भी असंभव नहीं है। महाराष्ट्र की सियासत में ऐसा ही कुछ देखा जा रहा है। कांग्रेस-मुक्त भारत का नारा लगाने वाली भाजपा ने ठाणे में अंबरनाथ नगर परिषद में सीधे कांग्रेस से हाथ मिला लिया है। कांग्रेस से गठबंधन कर भाजपा ने अंबरनाथ नगर परिषद में सत्ता हासिल कर ली।

भाजपा और कांग्रेस का दुर्लभ गठबंधन

हाल ही में हुए स्थानीय निकाय चुनावों के बाद अंबरनाथ नगर पालिका में भाजपा और कांग्रेस का एक दुर्लभ गठबंधन सामने आया है। इस गठबंधन ने राजनीतिक विश्लेषकों और पार्टी कार्यकर्ताओं को आश्चर्यचकित कर दिया है। भाजपा ने कांग्रेस और अजीत पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के पार्षदों के साथ मिलकर अंबरनाथ विकास अघाड़ी का गठन किया है और मुंबई क्षेत्र की एक नगर परिषद पर नियंत्रण हासिल कर लिया है। इस गठबंधन से शिवसेना सत्ता से बाहर हो गई है।

शिवसेना सत्ता से दूर रखने के लिए कांग्रेस का साथ

भाजपा-कांग्रेस के इस सियासी खेल ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को अंबरनाथ में हाशिए पर धकेल दिया है। चौंकाने वाली बात है कि भाजपा ने शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को अंबरनाथ नगर परिषद में सत्ता से दूर रखने के लिए कांग्रेस का समर्थन लिया है।

किसे कितनी सीटें मिलीं

चुनाव पिछले महीने हुए थे, जिसमें शिवसेना और बीजेपी, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर सहयोगी होने के बावजूद, अलग-अलग चुनाव लड़े थे। 60 सदस्यीय परिषद में, शिवसेना सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और उसने 27 सीटें जीतीं। लेकिन बहुमत से थोडा दूर रह गई। भाजपा को 14 सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस ने 12 सीटें जीतीं। अजीत पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी ने चार सीटें जीतीं और दो निर्दलीय उम्मीदवार भी निर्वाचित हुए।

"अंबरनाथ विकास अघाड़ी" का गठन

शिवसेना को नगर निगम अध्यक्ष पद के चुनाव में झटका लगा, जहां उसकी उम्मीदवार मनीषा वालेकर भाजपा उम्मीदवार तेजश्री करंजुले पाटिल से हार गईं। शिंदे सेना सोच रही थी की बीजेपी उनके साथ मिलकर नगर परिषद में सरकार बनाएगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बीजेपी ने शिंदे सेना के बजाय कांग्रेस से हाथ मिला लिया और नगर परिषद में सत्ता स्थापित कर ली। स्थानीय स्तर पर कांग्रेस के साथ मिलकर सत्ता स्थापित करना का फैसला लिया गया। इस गठबंधन को "अंबरनाथ विकास अघाड़ी" नाम दिया गया है।

ये है गठबंधन का गणित

अंबरनाथ में घोषित गठबंधन में 14 भाजपा पार्षद, भाजपा समर्थित नगर अध्यक्ष, 12 कांग्रेस पार्षद, चार एनसीपी (अजीत पवार गुट) पार्षद और एक निर्दलीय पार्षद शामिल हैं। गठबंधन की कुल संख्या 32 हो गई है, जो 60 सदस्यीय परिषद में बहुमत का आंकड़ा पार कर जाती है।

शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में रोष

भाजपा की ओर से मिले इस झटके के बाद शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में काफी रोष नजर आ रहा है। इस मामले पर शिवसेना (शिंदे गुट) के सांसद श्रीकांत शिंदे ने कहा कि अंबरनाथ में भाजपा और कांग्रेस का गठबंधन हुआ है, तो इसका जवाब भी उनके ही नेताओं को देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह फैसला शिवसेना का नहीं है और न ही इस पर शिवसेना को सफाई देने की जरूरत है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुरेश कलमाड़ी का निधन, 82 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

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पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुरेश कलमाड़ी का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वे 82 साल के थे और बीमारी के कारण उन्हें पुणे के दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके पार्थिव शरीर को दोपहर 2 बजे तक पुणे शहर के कलमाड़ी हाउस, एरंडवणे में रखा जाएगा। कलमाड़ी के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार आज दोपहर 3.30 बजे पुणे के वैकुंठ श्मशान भूमि, नवी पेठ में होगा।

1982 में राजनीतिक करियर की शुरूआत

राजनीति में आने से पहले 6 वर्षों से अधिक समय तक भारतीय वायु सेना में पायलट के रूप में सेवा की। वायु सेना से रिटायर होने के बाद, उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के साथ अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की। उनका राजनीतिक करियर 1982 से शुरू हुआ था। वह 1982 से 1996 तक तीन बार और फिर 1998 में राज्यसभा के मेंबर रहे।

1977 में इंडियन यूथ कांग्रेस के प्रेसिडेंट बने

कलमाडी को 1977 में इंडियन यूथ कांग्रेस और पुणे के प्रेसिडेंट बनाया गया। अगले ही साल यूथ कांग्रेस महाराष्ट्र के प्रेसिडेंट बन गए। यह पद उन्होंने 1978 से 1980 तक संभाला। 1980 में, महाराष्ट्र एथलेटिक्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट के तौर पर कलमाडी ने मॉस्को ओलंपिक्स में देश को रिप्रेजेंट करने के लिए मैराथन टीम के सिलेक्शन ट्रायल्स में हिस्सा लिया था। इसकी वजह से ही पुणे में इंटरनेशनल मैराथन की शुरुआत हुई थी। कलमाडी 1981-1986 तक इंडियन यूथ कांग्रेस (सोशलिस्ट) के प्रेसिडेंट बने रहे।

भारत के खेल प्रशासन में महत्वपूर्ण भूमिका

कलमाड़ी एक अनुभवी राजनीतिज्ञ और खेल प्रशासक थे, जिन्होंने भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया और कई वर्षों तक भारत के खेल प्रशासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों (कॉमनवेल्थ गेम्स ) में हुए भ्रष्टाचार मामले के चलते वे राष्ट्रीय स्तर पर जांच के दायरे में आए और खेलों के फंड के कथित दुरुपयोग के आरोप में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत उन पर मामला दर्ज किया गया। उन्हें अप्रैल 2011 में गिरफ्तार किया गया, जिसके बाद कांग्रेस ने उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया।

दिग्विजय सिंह के समर्थन में आए शशि थरूर, आरएसएस वाले बयान पर दो गुटों में बंटी कांग्रेस

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कांग्रेस के सीनियर नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने शनिवार को एक्स पर पीएम मोदी और लाल कृष्ण आडवाणी की एक पुरानी फोटो शेयर की थी, जिसमें नरेन्द्र मोदी जमीन पर बैठे दिखाई दे रहे हैं। इस फोटो को शेयर कर उन्होंने आरएसएस की संगठनात्मक शक्ति की तारीफ। साथ ही कांग्रेस को मजबूत करने की जरूरत वाला बयान दिया। दिग्विजय सिंह के इस बयान पर बवाल मच गया है।

दिग्विजय सिंह के बयान पर कांग्रेस नेताओं की राय बटी

कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह की ओर से आरएसएस और भाजपा की तारीफ किए जाने के मामले ने पार्टी के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। दिग्विजय सिंह ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा है कि वह संघ की विचारधारा के घोर विरोधी हैं। हालांकि, उनके इस बयान पर कांग्रेस में ही कई नेताओं की राय बंटी हुई नजर आ रही है।

पवन खेड़ा का दिग्विजय सिंह के बयान पर प्रहार

कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा ने रविवार को दिग्विजय सिंह के बयान पर तंज कसते हुए कहा कि संघ से सीखने को कुछ नहीं है। संघ पर तीखा प्रहार करते हुए खेड़ा ने आरएसएस की तुलना महात्मा गांधी की हत्या करने वाले हिंदुत्ववादी विचारक नाथूराम गोडसे से की। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि आरएसएस से सीखने को कुछ नहीं है। गोडसे के लिए कुख्यात संगठन गांधी द्वारा स्थापित संगठन को क्या सिखा सकता है?

दिग्विजय के समर्थन में शशि थरूर

वहीं दूसरी ओर दिग्विजय सिंह के आरएसएस की संगठनात्मक शक्ति की प्रशंसा करने पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि मैं भी चाहता हूं कि हमारा संगठन मजबूत हो। हमारे संगठन में अनुशासन होना चाहिए। दिग्विजय सिंह खुद इस बारे में बोल सकते हैं। इसके साथ ही शशि थरूर ने कहा, 'हमारी पार्टी का 140 साल का इतिहास है। हम इससे बहुत कुछ सीख सकते हैं। हम खुद से भी बहुत सी चीजें सीख सकते हैं। अनुशासन बहुत जरूरी चीज है।

केरल में चुनाव के चलते पीएम मोदी चर्च गए...”, कांग्रेस ने प्रधानमंत्री क्यों कसा तंज?

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25 दिसंबर को क्रिसमस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली के एक चर्च की प्रार्थना में पहुंचे। वहीं दूसरी तरफ, इस दौरान कुछ जगहों पर क्रिसमस सेलिब्रेशन के दौरान हंगामे की खबरें भी सामने आई। कांग्रेस ने देश में कुछ स्थानों पर क्रिसमस से जुड़े कार्यक्रमों में कथित तौर पर व्यवधान डालने की घटनाओं की हवाला देते हुए पीएम मोदी को घेरा है।

मोदी के चर्च जाने को लेकर उठाया सवाल

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चर्च जाने को लेकर सवाल उठाया है। कांग्रेस नेता ने कहा है कि केरल में विधानसभा चुनाव होने के कारण पीएम मोदी गुरुवार सुबह चर्च गए। इस दौरान पीएम मोदी खास प्रार्थना सभा में भी शामिल हुए। हालांकि, प्रधानमंत्री अपने गुंडों को नहीं रोक पा रहे हैं।

संघ के जहरीले बीजों से निकली खरपतवार-खेड़ा

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने वीडियो शेयर करते हुए एक्स पर एक पोस्ट किया। उन्होंने कहा कि 'राम नवमी और हनुमान जयंती पर ये लोग मस्जिदों के बाहर जा कर डीजे बजाते हैं, उकसाने वाले गाने बजाते हैं। क्रिसमस पर ये लोग चर्च के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ते हैं, सैंटाक्लॉस की टोपी खींचते हैं, तोड़फोड़ करते हैं। कौन हैं ये मूर्ख?' उन्होंने आरोप लगाया कि ये संघ की ओर से लगाए जहरीले बीजों से निकली खरपतवार है। यह गुंडे ना हिंदू धर्म के हो सकते हैं और ना ही भारतीय सभ्यता से इनका कोई नाता हो सकता है।'

दुनिया भर में भारत की बदनामी हो रही-खेड़ा

कांग्रेस नेता ने कहा कि इनकी हरकतों से दुनिया भर में भारत की बदनामी हो रही है। खेड़ा ने दावा किया कि प्रधानमंत्री सुबह-सुबह खुद गिरजाघर चले गए क्योंकि केरल में चुनाव है। लेकिन अपने गुंडो को नहीं रोक पा रहे हैं या रोकना नहीं चाहते हैं। उनका कहना था कि हम दुनिया से कहना चाहते हैं कि उपद्रव करने वालों को देखकर यह धारणाा मत बनाइए कि हिंदू ऐसे होते हैं या भारतवासी ऐसे होते हैं। ये लोग बहुत कम संख्या में हैं जो प्रधानमंत्री के गुंडे हैं। इनसे निपटना हम जानते हैं। केरल में अगले साल मार्च-अप्रैल में विधानसभा चुनाव संभावित है।

प्रियंका गांधी को प्रधानमंत्री बनाइए फिर देखिए..., कांग्रेस नेता इमरान मसूद के बयान से हलचल

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बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ हुई एक दिल दहला देने वाली घटना के बाद भारत की राजनीति में जबरदस्त उबाल है। बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की ईश निंदा के आरोप में भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या के बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इस मुद्दे ने सियासी बयानबाजी को भी तेज कर दिया है। सत्ता पक्ष बीजेपी ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को घेरते हुए आरोप लगाया कि वह गाजा पर तो खुलकर बोलती हैं, लेकिन बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों पर चुप रहती हैं। इस पर उत्तर प्रदेश स्थित सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने बड़ा बयान दिया है।

प्रियंका गांधी को प्रधानमंत्री बनाने की वकालत

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने बांग्लादेश मसले पर मीडिया से बात करते हुए प्रियंका गांधी को प्रधानमंत्री बनाने की वकालत की। उन्होंने कहा था, 'प्रियंका गांधी को प्रधानमंत्री बना दीजिए, इंदिरा गांधी जैसा जवाब मिलेगा।' उनका कहना था कि इंदिरा गांधी ने पाकिस्तान के दो टुकड़े किए थे और उसी परंपरा में प्रियंका गांधी भी भारत विरोधी ताकतों को करारा जवाब देने का माद्दा रखती हैं।

प्रियंका गांधी के हाथों में दीजिए, देश की कमान-मसूद

इमरान मसूद ने दावा किया कि प्रियंका गांधी के हाथ में अगर देश की कमान होती, तो बांग्लादेश को भारत विरोधी गतिविधियों का केंद्र बनने से रोका जा सकता था। उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी ऐसा इलाज करेंगी कि भारत के खिलाफ साजिश रचने वालों की हिम्मत नहीं होगी। उनके मुताबिक मौजूदा हालात बेहद चिंताजनक हैं, क्योंकि बांग्लादेश धीरे-धीरे भारत विरोधी अड्डे में तब्दील होता जा रहा है।

बीजेपी का कांग्रेस पर तीखा हमला

इमरान मसूद के प्रियंका गांधी को प्रधानमंत्री बनाने के बयान पर बीजेपी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। बीजेपी का कहना है कि यह बयान साफ तौर पर दिखाता है कि गांधी परिवार भी राहुल गांधी के नेतृत्व पर भरोसा नहीं करता। पूनावाला ने कहा, 'इमरान मसूद ने तो साफ-साफ कह दिया कि अब उनको राहुल गांधी पर कोई भरोसा नहीं बचा है। अब राहुल हटाओ, प्रियंका जी को लाओ। प्रियंका जी को प्रधानमंत्री बनाने में अब उनको काम करना है।' उन्होंने आगे कहा कि इस बात का समर्थन रॉबर्ट वाड्रा ने भी किया है। इसका मतलब जनमत तो राहुल गांधी से गया ही, उनके पास सहयोगियों का समर्थन भी नहीं है।

रॉबर्ट वाड्रा ने भी किया समर्थन

इमरान मसूद द्वारा प्रियंका गांधी वाड्रा को प्रधानमंत्री पद का संभावित उम्मीदवार बताए जाने पर उनके पति और कारोबारी रॉबर्ट वाड्रा ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सब की मांग होती है, सब कहते हैं कि प्रियंका को आना चाहिए। उन्होंने खुद के राजनीति में आने के सवाल पर कहा कि लोगों की ओर से ऐसी मांगें जरूर आती हैं, लेकिन फिलहाल सबसे जरूरी है कि असल मुद्दों पर ध्यान दिया जाए।

कांग्रेस के पूर्व मंत्री का चौंकाने वाला बयान, कहा-पार्टी अपनी जमीन खो दी, पीएम को लेकर कह दी बड़ी बात

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पू्र्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व कांग्रेस नेता अश्विनी कुमार ने चौंकाने वाला बयान दिया है। अश्विनी कुमार ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि कांग्रेस के बिना देश में एक असरदार विपक्ष की कल्पना नहीं की जा सकती है। लेकिन पार्टी ने देश में कहीं न कहीं अपनी जमीन खो दी है। उन्होंने कहा कि पार्टी के फिर से खड़ा करना एक बड़ी जिम्मेदारी है। इसके साथ ही अश्विनी कुमार ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि कोई भी प्रधानमंत्री सबकुछ गलत ही करता है

कांग्रेस को खुद को मजबूत करना एक राष्ट्रीय दायित्व- अश्विनी कुमार

कांग्रेस सरकार में कानून एवं न्याय मंत्री रहे अश्विनी कुमार ने शुक्रवार को अपनी किताब 'Guardians of the Republic' के विमोचन के दौरान कुमार स्वीकार किया कि कांग्रेस पार्टी के बिना कोई मज़बूत विपक्ष नहीं हो सकता है, लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अब पार्टी कहीं न कहीं अपनी पकड़ खो चुकी है।कुमार ने आगे कहा, कांग्रेस के लिए खुद को मजबूत करना अब एक राष्ट्रीय दायित्व बन गया है।

प्रधानमंत्री सब गलत नहीं कर रहे- अश्विनी कुमार

पूर्व कांग्रेस नेता ने कहा, आपको छोटे विचारों की नहीं बल्कि आत्मा की विशालता और दिल की उदारता की जरूरत है। यह नेतृत्व का गुण पूर्व पीएम मनमोहन सिंह और जवाहरलाल नेहरू में था। कुमार ने कहा, वो यह नहीं मानते हैं कि किसी भी प्रधानमंत्री के किए गए सभी कार्य गलत ही होते हैं। पूर्व मंत्री ने आगे कहा, यह धारणा कि यह सरकार सब कुछ गलत कर रही है या ये प्रधानमंत्री सब गलत कर रहे है, यह सही नहीं है।

कांग्रेस को दे दी नसीहत

कुमार ने कहा कि अगर ईवीएम गलत है तो आप घोषणा कर दें कि हम ईवीएम पर चुनाव नहीं लड़ेंगे या जहां सरकार बनी है वहां से इस्तीफा दें तब कांग्रेस का नरेटिव मज़बूत होगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कई संवैधानिक मुद्दे तो हैं लेकिन कांग्रेस उसको अच्छे तरीके से नहीं उठा पा रही है। कुमार ने कहा कि बिहार के नतीजे बता रहे हैं कि कांग्रेस ने ठीक से मुद्दे नहीं उठाए या तो ये सारे मुद्दे उठाने के लिए वक्त नहीं ठीक था। उन्होंने कहा या आप वो संदेश नहीं जनता को दे पाए।

अमेरिकी संसद में छाई मोदी-पुतिन की सेल्फी वाली फोटो, डेमोक्रेट सांसद बोलीं- ये तस्वीर हजार शब्दों के बराबर

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हाल ही में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दिल्ली के दौरे पर पहुंचे थे। इस दौरान रूसी राष्ट्रपति पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार में एक सेल्फी ली थी। दोनों नेताओं की सेल्फी वाली फोटो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। इस तस्वीर ने अमेरिकी संसद के हॉल के अंदर भी नई बहस छेड़ दी है। अब इस फोटो को दिखाकर अमेरिकी कांग्रेस के अंदर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को घेरा जा रहा हैष

मोदी-पुतिन की सेल्फी फोटो से ट्रंप को घेरा

अमेरिकी संसद में एक कांग्रेसी सांसद ने ही मोदी-पुतिन की सेल्फी फोटो लहराई है। अमेरिकी संसद में कांग्रेस वुमन सिडनी कामलेवगर डोव ने मोदी-पुतिन की सेल्फी वाला पोस्टर दिखाकर डोनाल्ड ट्रंप को कोसा। उन्होंने इस फोटो के जरिए अमेरिका की विदेश नीति की खूब आलोचना की है। सिडनी कामलेगर डोव ने इस तस्वीर को दिखाकर अमेरिका को चेताया है। उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन भारत को मॉस्को के करीब धकेल रहा है। उन्होंने साफ आरोप लगाया कि नई दिल्ली नहीं, अमेरिका ही भारत-यूएस पार्टनरशिप को कमजोर कर रहा है।

ट्रंप पर अमेरिका-भारत के रिश्ते को नुकसान पहुंचाने का आरोप

सांसद सिडनी कामलेगर-डोव ने कहा कि जिस तरह से पुतिन का स्वागत हुआ और पीएम मोदी के साथ उनकी गर्मजोशी दिखी, वो दिखाता है कि ट्रंप ने किस तरह का नुकसान अमेरिका-भारत के रिश्ते को पहुंचा दिया है।

ट्रंप-पुतिन की सेल्फी ट्रंप की नाकाम विदेश नीति का सबूत-डोव

डोव ने अपने बयान में कहा, नरेंद्र मोदी और व्लादिमीर पुतिन की साथ में आई तस्वीरें हमें बहुत कुछ दिखा रही हैं। डोनाल्ड ट्रंप को समझना चाहिए कि तस्वीरें झूठ नहीं बोलती हैं। ट्रंप-पुतिन की सेल्फी और गले मिलते हुए तस्वीरें ट्रंप की नाकाम विदेश नीति का सीधा सबूत हैं।

भारत पर टैरिफ गलत

विपक्षी पार्टी की नेता डोव ने डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के रूस से तेल खरीदने के लिए भारत पर टैरिफ लगाने के फैसले की भी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका का भारत पर टैरिफ लगाना बेवजह लगता है क्योंकि डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ बिजनेस डील के लिए पुतिन के सलाहकारों के साथ मिलकर यूक्रेन को बेच रहे हैं।

सांसद प्रमिला जयापल ने भी जताई चिंता

इस दौरान सांसद प्रमिला जयापल ने व्यापार और आव्रजन (इमिग्रेशन) नीतियों के कारण भारत-अमेरिका आर्थिक और लोगों के बीच संबंधों पर पड़ रहे असर को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि दोनों देशों में लगे टैरिफ कारोबार और उपभोक्ताओं को नुकसान पहुंचा रहे हैं। सांसद जयापल की यह टिप्पणी ट्रंप के हालिया बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने भारत से चावल के आयात पर नए टैरिफ लगाने की चेतावनी दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत अमेरिकी किसानों को नुकसान पहुंचाते हुए सस्ते चावल निर्यात कर रहा है। इस दौरान ट्रंप ने अमेरिकी कृषि उत्पादकों के लिए 12 अरब डॉलर की मदद पैकेज की घोषणा भी की।

कांग्रेस ने पीएम मोदी का चाय बेचते AI वीडियो किया पोस्ट, बीजेपी ने लगाई क्लास

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कांग्रेस ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चाय बेचते हुए एक AI जनरेटेड वीडियो पोस्ट किया है। इसमें पीएम को चायवाला दिखाया गया है। उनके हाथ में चाय की केतली है। दूसरे हाथ में ग्लास है। वीडियो में मोदी‌ को जोर-जोर से 'चाय बोलो, चाय-चाय चाहिए' बोलते दिखाया गया गया है। कांग्रेस ने ये वीडियो साझा कर बड़े विवाद को जन्म दे दिया है।

कांग्रेस नेता रागिनी नायक ने साझा किया वीडियो

कांग्रेस की नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता रागिनी नायक ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक एआई वीडियो साझा किया है। छह सेकंड के वीडियो में PM मोदी को वैश्विक मंच पर चायवाले के तौर पर दर्शाया गया है। उनके एक हाथ में चाय की केतली है और दूसरे हाथ में ग्लास हैं। उनके पीछे भारत सहित कई देशों के झंडे लगे हैं। इनमें भाजपा का भी झंडा है। रागिनी ने इस वीडियो के कैप्शन में लिखा, "अब ई कौन किया बे।"

भाजपा ने जताया कड़ा विरोध

यह वीडियो भले ही व्यंग्यात्मक शैली में बनाया गया हो, लेकिन भाजपा के लिए यह एक गंभीर राजनीतिक हमला माना जा रहा है। भाजपा ने इस पर कड़ा विरोध भी जताया है। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इसे शर्मनाक बताया। उन्होंने एक्स पर पोस्ट में लिखा, 'नामदार कांग्रेस ओबीसी समुदाय से आने वाले कामदार प्रधानमंत्री को बर्दाश्त नहीं कर सकती। जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी।

पीएम का उनकी मां के साथ AI वीडियो किया गया था पोस्ट

यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस ने पीएम मोदी को लेकर कोई विवादास्पद वीडियो साझा किया। इससे पहले बिहार चुनाव के दौरान कांग्रेस ने एक एआई वीडियो साझा किया था। वीडियो में दिखाया गया कि प्रधानमंत्री के सपने में उनकी मां आकर कहती हैं- अरे बेटा पहले तो तुमने मुझे नोटबंदी की लाइनों में खड़ा किया। मेरे पैर धोने की रील्स बनवाईं। अब बिहार में मेरे नाम पर राजनीति कर रहे हो। तुम मेरे अपमान के बैनर-पोस्टर छपवा रहे हो। तुम फिर बिहार में नौटंकी कर रहे हो। राजनीति के नाम पर कितना गिरोगे।

हिंदू धर्म और हिंदुत्व पर ऐसा क्या बोले मणिशंकर अय्यर ? भड़की भाजपी का कांग्रेस पर हमला

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हिंदू धर्म और हिंदुत्व को लेकर सियासी विवाद खड़ा हो गया है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने रविवार को एक सार्वजनिक चर्चा के दौरान हिंदुत्व पर तीखी टिप्पणी करते हुए इसे ‘उन्माद की स्थिति में पहुंचा हुआ हिंदू धर्म’ करार दिया। इस बयान पर सत्ताधारी बीजेपी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

हिंदुत्व एक राजनीतिक विचारधारा- अय्यर

कोलकाता डिबेटिंग सर्कल में 'हिंदुत्व से हिंदू धर्म को बचाना चाहिए' विषय पर बहस हुई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अय्यर ने हिंदू धर्म और हिंदुत्व के बीच स्पष्ट अंतर बताते हुए कहा कि हिंदू धर्म एक आध्यात्मिक और दार्शनिक परंपरा है, जबकि हिंदुत्व एक राजनीतिक विचारधारा के रूप में सामने आया है।

हिंदू धर्म को संरक्षण की आवश्यकता नहीं

अय्यर ने दावा किया कि हिंदुत्व 1023 में अस्तित्व में आया। जबकि हिंदुत्व से पहले हजारों वर्षों तक हिंदू धर्म ने तमान संघर्षों और कठिनाइयों का सामना किया। फिर भी यह फलता-फूलता रहा। उसे हिंदुत्व के संरक्षण की आवश्यकता नहीं थी।

हिंदुत्व बहुसंख्यक हिंदुओं को डराता है-अय्यर

इस दौरान अय्यर ने कहा कि हिंदुत्व बहुसंख्यक हिंदुओं के भीतर डर का माहौल पैदा करता है। कि बीजेपी का कोई नेता एक अंधे, भूखे आदिवासी लड़की को इसलिए थप्पड़ मारे क्योंकि वह चर्च में क्रिसमस लंच में शामिल हुई थी। अय्यर ने यह भी कहा कि हिंदुत्व 80% हिंदुओं को 14% मुसलमानों से डरने को कहता है।

थरूर बोले- नेहरू की गलतियां स्वीकारना जरूरी, लेकिन हर समस्या के लिए दोषी ठहराना गलत

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कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने एक बार फिर ऐसा बयान दिया है, जिससे कांग्रेस के अंदर खलबली मच सकती है। थरूर ने कहा है कि वे भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को भारतीय लोकतंत्र का संस्थापक मानते हैं, लेकिन उनकी तारीफ आलोचना से खाली नहीं है। थरूर ने इस बात पर जोर दिया कि नेहरू की गलतियों को स्वीकार करना जरूरी है, लेकिन भारत की सभी समस्याओं के लिए उन्हें दोषी ठहराना ठीक नहीं है।

थरूर ने कहा- मैं नेहरू का गहरा प्रशंसक

कांग्रेस सांसद ने कहा कि मैं भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के विचारों और दृष्टिकोण की गहरी प्रशंसा करता हूं मैं उनके विचारों और सोच का बहुत सम्मान करता हूं, हालांकि मैं उनके सभी विश्वासों और नीतियों से 100% सहमत नहीं हो सकता। उन्होंने जो बहुत सी चीजें कीं, वे बहुत सराहनीय हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि नेहरू ने ही भारत में लोकतंत्र को मजबूती से स्थापित किया था।

मोदी सरकार लोकतंत्र विरोधी नहीं पर नेहरू विरोधी-थरूर

थरूर ने आगे कहा कि मैं यह नहीं कहूंगा कि वे (मोदी सरकार) लोकतंत्र विरोधी हैं, लेकिन वे निश्चित रूप से नेहरू विरोधी हैं। नेहरू को एक सुविधाजनक बलि का बकरा बना दिया गया है।

नेहरू को हर चीज के लिए जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते-थरूर

नेहरू की हर मान्यता और नीति का बिना आलोचना समर्थन नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि नेहरू की गलतियों को स्वीकार करना आवश्यक है, लेकिन हर चीज के लिए सिर्फ उन्हें जिम्मेदार ठहरा देना गलत है। उन्होंने कहा कि अपने कार्यकाल में नेहरू की ओर से लिए गए कुछ फैसले गलत हो सकते हैं, लेकिन हम उन्हें हर चीज के लिए जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते हैं।

1962 में हार के लिए नेहरू के फैसले कुछ हद तक जिम्मेदारर-थरूर

1962 के भारत-चीन युद्ध को याद करते हुए, थरूर ने कहा कि वर्तमान सरकार की नेहरू की आलोचना में कुछ सच्चाई हो सकती है। उन्होंने कहा, 'उदाहरण के लिए, 1962 में चीन के खिलाफ हार के लिए कुछ हद तक नेहरू के फैसलों को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।' उन्होंने आगे कहा, 'लेकिन वे अब जो करते हैं वह यह है कि किसी भी मुद्दे पर नेहरू को हर चीज के लिए दोषी ठहराते हैं।'

महाराष्ट्र में गजब का सियासी खेल! भाजपा ने कांग्रेस ने मिला लिया हाथ

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कहा जाता है राजनीति में कुछ भी असंभव नहीं है। महाराष्ट्र की सियासत में ऐसा ही कुछ देखा जा रहा है। कांग्रेस-मुक्त भारत का नारा लगाने वाली भाजपा ने ठाणे में अंबरनाथ नगर परिषद में सीधे कांग्रेस से हाथ मिला लिया है। कांग्रेस से गठबंधन कर भाजपा ने अंबरनाथ नगर परिषद में सत्ता हासिल कर ली।

भाजपा और कांग्रेस का दुर्लभ गठबंधन

हाल ही में हुए स्थानीय निकाय चुनावों के बाद अंबरनाथ नगर पालिका में भाजपा और कांग्रेस का एक दुर्लभ गठबंधन सामने आया है। इस गठबंधन ने राजनीतिक विश्लेषकों और पार्टी कार्यकर्ताओं को आश्चर्यचकित कर दिया है। भाजपा ने कांग्रेस और अजीत पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के पार्षदों के साथ मिलकर अंबरनाथ विकास अघाड़ी का गठन किया है और मुंबई क्षेत्र की एक नगर परिषद पर नियंत्रण हासिल कर लिया है। इस गठबंधन से शिवसेना सत्ता से बाहर हो गई है।

शिवसेना सत्ता से दूर रखने के लिए कांग्रेस का साथ

भाजपा-कांग्रेस के इस सियासी खेल ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को अंबरनाथ में हाशिए पर धकेल दिया है। चौंकाने वाली बात है कि भाजपा ने शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को अंबरनाथ नगर परिषद में सत्ता से दूर रखने के लिए कांग्रेस का समर्थन लिया है।

किसे कितनी सीटें मिलीं

चुनाव पिछले महीने हुए थे, जिसमें शिवसेना और बीजेपी, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर सहयोगी होने के बावजूद, अलग-अलग चुनाव लड़े थे। 60 सदस्यीय परिषद में, शिवसेना सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और उसने 27 सीटें जीतीं। लेकिन बहुमत से थोडा दूर रह गई। भाजपा को 14 सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस ने 12 सीटें जीतीं। अजीत पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी ने चार सीटें जीतीं और दो निर्दलीय उम्मीदवार भी निर्वाचित हुए।

"अंबरनाथ विकास अघाड़ी" का गठन

शिवसेना को नगर निगम अध्यक्ष पद के चुनाव में झटका लगा, जहां उसकी उम्मीदवार मनीषा वालेकर भाजपा उम्मीदवार तेजश्री करंजुले पाटिल से हार गईं। शिंदे सेना सोच रही थी की बीजेपी उनके साथ मिलकर नगर परिषद में सरकार बनाएगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बीजेपी ने शिंदे सेना के बजाय कांग्रेस से हाथ मिला लिया और नगर परिषद में सत्ता स्थापित कर ली। स्थानीय स्तर पर कांग्रेस के साथ मिलकर सत्ता स्थापित करना का फैसला लिया गया। इस गठबंधन को "अंबरनाथ विकास अघाड़ी" नाम दिया गया है।

ये है गठबंधन का गणित

अंबरनाथ में घोषित गठबंधन में 14 भाजपा पार्षद, भाजपा समर्थित नगर अध्यक्ष, 12 कांग्रेस पार्षद, चार एनसीपी (अजीत पवार गुट) पार्षद और एक निर्दलीय पार्षद शामिल हैं। गठबंधन की कुल संख्या 32 हो गई है, जो 60 सदस्यीय परिषद में बहुमत का आंकड़ा पार कर जाती है।

शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में रोष

भाजपा की ओर से मिले इस झटके के बाद शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में काफी रोष नजर आ रहा है। इस मामले पर शिवसेना (शिंदे गुट) के सांसद श्रीकांत शिंदे ने कहा कि अंबरनाथ में भाजपा और कांग्रेस का गठबंधन हुआ है, तो इसका जवाब भी उनके ही नेताओं को देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह फैसला शिवसेना का नहीं है और न ही इस पर शिवसेना को सफाई देने की जरूरत है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुरेश कलमाड़ी का निधन, 82 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

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पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुरेश कलमाड़ी का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वे 82 साल के थे और बीमारी के कारण उन्हें पुणे के दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके पार्थिव शरीर को दोपहर 2 बजे तक पुणे शहर के कलमाड़ी हाउस, एरंडवणे में रखा जाएगा। कलमाड़ी के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार आज दोपहर 3.30 बजे पुणे के वैकुंठ श्मशान भूमि, नवी पेठ में होगा।

1982 में राजनीतिक करियर की शुरूआत

राजनीति में आने से पहले 6 वर्षों से अधिक समय तक भारतीय वायु सेना में पायलट के रूप में सेवा की। वायु सेना से रिटायर होने के बाद, उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के साथ अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की। उनका राजनीतिक करियर 1982 से शुरू हुआ था। वह 1982 से 1996 तक तीन बार और फिर 1998 में राज्यसभा के मेंबर रहे।

1977 में इंडियन यूथ कांग्रेस के प्रेसिडेंट बने

कलमाडी को 1977 में इंडियन यूथ कांग्रेस और पुणे के प्रेसिडेंट बनाया गया। अगले ही साल यूथ कांग्रेस महाराष्ट्र के प्रेसिडेंट बन गए। यह पद उन्होंने 1978 से 1980 तक संभाला। 1980 में, महाराष्ट्र एथलेटिक्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट के तौर पर कलमाडी ने मॉस्को ओलंपिक्स में देश को रिप्रेजेंट करने के लिए मैराथन टीम के सिलेक्शन ट्रायल्स में हिस्सा लिया था। इसकी वजह से ही पुणे में इंटरनेशनल मैराथन की शुरुआत हुई थी। कलमाडी 1981-1986 तक इंडियन यूथ कांग्रेस (सोशलिस्ट) के प्रेसिडेंट बने रहे।

भारत के खेल प्रशासन में महत्वपूर्ण भूमिका

कलमाड़ी एक अनुभवी राजनीतिज्ञ और खेल प्रशासक थे, जिन्होंने भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया और कई वर्षों तक भारत के खेल प्रशासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों (कॉमनवेल्थ गेम्स ) में हुए भ्रष्टाचार मामले के चलते वे राष्ट्रीय स्तर पर जांच के दायरे में आए और खेलों के फंड के कथित दुरुपयोग के आरोप में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत उन पर मामला दर्ज किया गया। उन्हें अप्रैल 2011 में गिरफ्तार किया गया, जिसके बाद कांग्रेस ने उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया।

दिग्विजय सिंह के समर्थन में आए शशि थरूर, आरएसएस वाले बयान पर दो गुटों में बंटी कांग्रेस

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कांग्रेस के सीनियर नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने शनिवार को एक्स पर पीएम मोदी और लाल कृष्ण आडवाणी की एक पुरानी फोटो शेयर की थी, जिसमें नरेन्द्र मोदी जमीन पर बैठे दिखाई दे रहे हैं। इस फोटो को शेयर कर उन्होंने आरएसएस की संगठनात्मक शक्ति की तारीफ। साथ ही कांग्रेस को मजबूत करने की जरूरत वाला बयान दिया। दिग्विजय सिंह के इस बयान पर बवाल मच गया है।

दिग्विजय सिंह के बयान पर कांग्रेस नेताओं की राय बटी

कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह की ओर से आरएसएस और भाजपा की तारीफ किए जाने के मामले ने पार्टी के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। दिग्विजय सिंह ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा है कि वह संघ की विचारधारा के घोर विरोधी हैं। हालांकि, उनके इस बयान पर कांग्रेस में ही कई नेताओं की राय बंटी हुई नजर आ रही है।

पवन खेड़ा का दिग्विजय सिंह के बयान पर प्रहार

कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा ने रविवार को दिग्विजय सिंह के बयान पर तंज कसते हुए कहा कि संघ से सीखने को कुछ नहीं है। संघ पर तीखा प्रहार करते हुए खेड़ा ने आरएसएस की तुलना महात्मा गांधी की हत्या करने वाले हिंदुत्ववादी विचारक नाथूराम गोडसे से की। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि आरएसएस से सीखने को कुछ नहीं है। गोडसे के लिए कुख्यात संगठन गांधी द्वारा स्थापित संगठन को क्या सिखा सकता है?

दिग्विजय के समर्थन में शशि थरूर

वहीं दूसरी ओर दिग्विजय सिंह के आरएसएस की संगठनात्मक शक्ति की प्रशंसा करने पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि मैं भी चाहता हूं कि हमारा संगठन मजबूत हो। हमारे संगठन में अनुशासन होना चाहिए। दिग्विजय सिंह खुद इस बारे में बोल सकते हैं। इसके साथ ही शशि थरूर ने कहा, 'हमारी पार्टी का 140 साल का इतिहास है। हम इससे बहुत कुछ सीख सकते हैं। हम खुद से भी बहुत सी चीजें सीख सकते हैं। अनुशासन बहुत जरूरी चीज है।

केरल में चुनाव के चलते पीएम मोदी चर्च गए...”, कांग्रेस ने प्रधानमंत्री क्यों कसा तंज?

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25 दिसंबर को क्रिसमस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली के एक चर्च की प्रार्थना में पहुंचे। वहीं दूसरी तरफ, इस दौरान कुछ जगहों पर क्रिसमस सेलिब्रेशन के दौरान हंगामे की खबरें भी सामने आई। कांग्रेस ने देश में कुछ स्थानों पर क्रिसमस से जुड़े कार्यक्रमों में कथित तौर पर व्यवधान डालने की घटनाओं की हवाला देते हुए पीएम मोदी को घेरा है।

मोदी के चर्च जाने को लेकर उठाया सवाल

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चर्च जाने को लेकर सवाल उठाया है। कांग्रेस नेता ने कहा है कि केरल में विधानसभा चुनाव होने के कारण पीएम मोदी गुरुवार सुबह चर्च गए। इस दौरान पीएम मोदी खास प्रार्थना सभा में भी शामिल हुए। हालांकि, प्रधानमंत्री अपने गुंडों को नहीं रोक पा रहे हैं।

संघ के जहरीले बीजों से निकली खरपतवार-खेड़ा

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने वीडियो शेयर करते हुए एक्स पर एक पोस्ट किया। उन्होंने कहा कि 'राम नवमी और हनुमान जयंती पर ये लोग मस्जिदों के बाहर जा कर डीजे बजाते हैं, उकसाने वाले गाने बजाते हैं। क्रिसमस पर ये लोग चर्च के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ते हैं, सैंटाक्लॉस की टोपी खींचते हैं, तोड़फोड़ करते हैं। कौन हैं ये मूर्ख?' उन्होंने आरोप लगाया कि ये संघ की ओर से लगाए जहरीले बीजों से निकली खरपतवार है। यह गुंडे ना हिंदू धर्म के हो सकते हैं और ना ही भारतीय सभ्यता से इनका कोई नाता हो सकता है।'

दुनिया भर में भारत की बदनामी हो रही-खेड़ा

कांग्रेस नेता ने कहा कि इनकी हरकतों से दुनिया भर में भारत की बदनामी हो रही है। खेड़ा ने दावा किया कि प्रधानमंत्री सुबह-सुबह खुद गिरजाघर चले गए क्योंकि केरल में चुनाव है। लेकिन अपने गुंडो को नहीं रोक पा रहे हैं या रोकना नहीं चाहते हैं। उनका कहना था कि हम दुनिया से कहना चाहते हैं कि उपद्रव करने वालों को देखकर यह धारणाा मत बनाइए कि हिंदू ऐसे होते हैं या भारतवासी ऐसे होते हैं। ये लोग बहुत कम संख्या में हैं जो प्रधानमंत्री के गुंडे हैं। इनसे निपटना हम जानते हैं। केरल में अगले साल मार्च-अप्रैल में विधानसभा चुनाव संभावित है।

प्रियंका गांधी को प्रधानमंत्री बनाइए फिर देखिए..., कांग्रेस नेता इमरान मसूद के बयान से हलचल

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बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ हुई एक दिल दहला देने वाली घटना के बाद भारत की राजनीति में जबरदस्त उबाल है। बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की ईश निंदा के आरोप में भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या के बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इस मुद्दे ने सियासी बयानबाजी को भी तेज कर दिया है। सत्ता पक्ष बीजेपी ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को घेरते हुए आरोप लगाया कि वह गाजा पर तो खुलकर बोलती हैं, लेकिन बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों पर चुप रहती हैं। इस पर उत्तर प्रदेश स्थित सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने बड़ा बयान दिया है।

प्रियंका गांधी को प्रधानमंत्री बनाने की वकालत

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने बांग्लादेश मसले पर मीडिया से बात करते हुए प्रियंका गांधी को प्रधानमंत्री बनाने की वकालत की। उन्होंने कहा था, 'प्रियंका गांधी को प्रधानमंत्री बना दीजिए, इंदिरा गांधी जैसा जवाब मिलेगा।' उनका कहना था कि इंदिरा गांधी ने पाकिस्तान के दो टुकड़े किए थे और उसी परंपरा में प्रियंका गांधी भी भारत विरोधी ताकतों को करारा जवाब देने का माद्दा रखती हैं।

प्रियंका गांधी के हाथों में दीजिए, देश की कमान-मसूद

इमरान मसूद ने दावा किया कि प्रियंका गांधी के हाथ में अगर देश की कमान होती, तो बांग्लादेश को भारत विरोधी गतिविधियों का केंद्र बनने से रोका जा सकता था। उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी ऐसा इलाज करेंगी कि भारत के खिलाफ साजिश रचने वालों की हिम्मत नहीं होगी। उनके मुताबिक मौजूदा हालात बेहद चिंताजनक हैं, क्योंकि बांग्लादेश धीरे-धीरे भारत विरोधी अड्डे में तब्दील होता जा रहा है।

बीजेपी का कांग्रेस पर तीखा हमला

इमरान मसूद के प्रियंका गांधी को प्रधानमंत्री बनाने के बयान पर बीजेपी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। बीजेपी का कहना है कि यह बयान साफ तौर पर दिखाता है कि गांधी परिवार भी राहुल गांधी के नेतृत्व पर भरोसा नहीं करता। पूनावाला ने कहा, 'इमरान मसूद ने तो साफ-साफ कह दिया कि अब उनको राहुल गांधी पर कोई भरोसा नहीं बचा है। अब राहुल हटाओ, प्रियंका जी को लाओ। प्रियंका जी को प्रधानमंत्री बनाने में अब उनको काम करना है।' उन्होंने आगे कहा कि इस बात का समर्थन रॉबर्ट वाड्रा ने भी किया है। इसका मतलब जनमत तो राहुल गांधी से गया ही, उनके पास सहयोगियों का समर्थन भी नहीं है।

रॉबर्ट वाड्रा ने भी किया समर्थन

इमरान मसूद द्वारा प्रियंका गांधी वाड्रा को प्रधानमंत्री पद का संभावित उम्मीदवार बताए जाने पर उनके पति और कारोबारी रॉबर्ट वाड्रा ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सब की मांग होती है, सब कहते हैं कि प्रियंका को आना चाहिए। उन्होंने खुद के राजनीति में आने के सवाल पर कहा कि लोगों की ओर से ऐसी मांगें जरूर आती हैं, लेकिन फिलहाल सबसे जरूरी है कि असल मुद्दों पर ध्यान दिया जाए।

कांग्रेस के पूर्व मंत्री का चौंकाने वाला बयान, कहा-पार्टी अपनी जमीन खो दी, पीएम को लेकर कह दी बड़ी बात

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पू्र्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व कांग्रेस नेता अश्विनी कुमार ने चौंकाने वाला बयान दिया है। अश्विनी कुमार ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि कांग्रेस के बिना देश में एक असरदार विपक्ष की कल्पना नहीं की जा सकती है। लेकिन पार्टी ने देश में कहीं न कहीं अपनी जमीन खो दी है। उन्होंने कहा कि पार्टी के फिर से खड़ा करना एक बड़ी जिम्मेदारी है। इसके साथ ही अश्विनी कुमार ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि कोई भी प्रधानमंत्री सबकुछ गलत ही करता है

कांग्रेस को खुद को मजबूत करना एक राष्ट्रीय दायित्व- अश्विनी कुमार

कांग्रेस सरकार में कानून एवं न्याय मंत्री रहे अश्विनी कुमार ने शुक्रवार को अपनी किताब 'Guardians of the Republic' के विमोचन के दौरान कुमार स्वीकार किया कि कांग्रेस पार्टी के बिना कोई मज़बूत विपक्ष नहीं हो सकता है, लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अब पार्टी कहीं न कहीं अपनी पकड़ खो चुकी है।कुमार ने आगे कहा, कांग्रेस के लिए खुद को मजबूत करना अब एक राष्ट्रीय दायित्व बन गया है।

प्रधानमंत्री सब गलत नहीं कर रहे- अश्विनी कुमार

पूर्व कांग्रेस नेता ने कहा, आपको छोटे विचारों की नहीं बल्कि आत्मा की विशालता और दिल की उदारता की जरूरत है। यह नेतृत्व का गुण पूर्व पीएम मनमोहन सिंह और जवाहरलाल नेहरू में था। कुमार ने कहा, वो यह नहीं मानते हैं कि किसी भी प्रधानमंत्री के किए गए सभी कार्य गलत ही होते हैं। पूर्व मंत्री ने आगे कहा, यह धारणा कि यह सरकार सब कुछ गलत कर रही है या ये प्रधानमंत्री सब गलत कर रहे है, यह सही नहीं है।

कांग्रेस को दे दी नसीहत

कुमार ने कहा कि अगर ईवीएम गलत है तो आप घोषणा कर दें कि हम ईवीएम पर चुनाव नहीं लड़ेंगे या जहां सरकार बनी है वहां से इस्तीफा दें तब कांग्रेस का नरेटिव मज़बूत होगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कई संवैधानिक मुद्दे तो हैं लेकिन कांग्रेस उसको अच्छे तरीके से नहीं उठा पा रही है। कुमार ने कहा कि बिहार के नतीजे बता रहे हैं कि कांग्रेस ने ठीक से मुद्दे नहीं उठाए या तो ये सारे मुद्दे उठाने के लिए वक्त नहीं ठीक था। उन्होंने कहा या आप वो संदेश नहीं जनता को दे पाए।

अमेरिकी संसद में छाई मोदी-पुतिन की सेल्फी वाली फोटो, डेमोक्रेट सांसद बोलीं- ये तस्वीर हजार शब्दों के बराबर

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हाल ही में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दिल्ली के दौरे पर पहुंचे थे। इस दौरान रूसी राष्ट्रपति पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार में एक सेल्फी ली थी। दोनों नेताओं की सेल्फी वाली फोटो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। इस तस्वीर ने अमेरिकी संसद के हॉल के अंदर भी नई बहस छेड़ दी है। अब इस फोटो को दिखाकर अमेरिकी कांग्रेस के अंदर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को घेरा जा रहा हैष

मोदी-पुतिन की सेल्फी फोटो से ट्रंप को घेरा

अमेरिकी संसद में एक कांग्रेसी सांसद ने ही मोदी-पुतिन की सेल्फी फोटो लहराई है। अमेरिकी संसद में कांग्रेस वुमन सिडनी कामलेवगर डोव ने मोदी-पुतिन की सेल्फी वाला पोस्टर दिखाकर डोनाल्ड ट्रंप को कोसा। उन्होंने इस फोटो के जरिए अमेरिका की विदेश नीति की खूब आलोचना की है। सिडनी कामलेगर डोव ने इस तस्वीर को दिखाकर अमेरिका को चेताया है। उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन भारत को मॉस्को के करीब धकेल रहा है। उन्होंने साफ आरोप लगाया कि नई दिल्ली नहीं, अमेरिका ही भारत-यूएस पार्टनरशिप को कमजोर कर रहा है।

ट्रंप पर अमेरिका-भारत के रिश्ते को नुकसान पहुंचाने का आरोप

सांसद सिडनी कामलेगर-डोव ने कहा कि जिस तरह से पुतिन का स्वागत हुआ और पीएम मोदी के साथ उनकी गर्मजोशी दिखी, वो दिखाता है कि ट्रंप ने किस तरह का नुकसान अमेरिका-भारत के रिश्ते को पहुंचा दिया है।

ट्रंप-पुतिन की सेल्फी ट्रंप की नाकाम विदेश नीति का सबूत-डोव

डोव ने अपने बयान में कहा, नरेंद्र मोदी और व्लादिमीर पुतिन की साथ में आई तस्वीरें हमें बहुत कुछ दिखा रही हैं। डोनाल्ड ट्रंप को समझना चाहिए कि तस्वीरें झूठ नहीं बोलती हैं। ट्रंप-पुतिन की सेल्फी और गले मिलते हुए तस्वीरें ट्रंप की नाकाम विदेश नीति का सीधा सबूत हैं।

भारत पर टैरिफ गलत

विपक्षी पार्टी की नेता डोव ने डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के रूस से तेल खरीदने के लिए भारत पर टैरिफ लगाने के फैसले की भी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका का भारत पर टैरिफ लगाना बेवजह लगता है क्योंकि डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ बिजनेस डील के लिए पुतिन के सलाहकारों के साथ मिलकर यूक्रेन को बेच रहे हैं।

सांसद प्रमिला जयापल ने भी जताई चिंता

इस दौरान सांसद प्रमिला जयापल ने व्यापार और आव्रजन (इमिग्रेशन) नीतियों के कारण भारत-अमेरिका आर्थिक और लोगों के बीच संबंधों पर पड़ रहे असर को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि दोनों देशों में लगे टैरिफ कारोबार और उपभोक्ताओं को नुकसान पहुंचा रहे हैं। सांसद जयापल की यह टिप्पणी ट्रंप के हालिया बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने भारत से चावल के आयात पर नए टैरिफ लगाने की चेतावनी दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत अमेरिकी किसानों को नुकसान पहुंचाते हुए सस्ते चावल निर्यात कर रहा है। इस दौरान ट्रंप ने अमेरिकी कृषि उत्पादकों के लिए 12 अरब डॉलर की मदद पैकेज की घोषणा भी की।

कांग्रेस ने पीएम मोदी का चाय बेचते AI वीडियो किया पोस्ट, बीजेपी ने लगाई क्लास

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कांग्रेस ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चाय बेचते हुए एक AI जनरेटेड वीडियो पोस्ट किया है। इसमें पीएम को चायवाला दिखाया गया है। उनके हाथ में चाय की केतली है। दूसरे हाथ में ग्लास है। वीडियो में मोदी‌ को जोर-जोर से 'चाय बोलो, चाय-चाय चाहिए' बोलते दिखाया गया गया है। कांग्रेस ने ये वीडियो साझा कर बड़े विवाद को जन्म दे दिया है।

कांग्रेस नेता रागिनी नायक ने साझा किया वीडियो

कांग्रेस की नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता रागिनी नायक ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक एआई वीडियो साझा किया है। छह सेकंड के वीडियो में PM मोदी को वैश्विक मंच पर चायवाले के तौर पर दर्शाया गया है। उनके एक हाथ में चाय की केतली है और दूसरे हाथ में ग्लास हैं। उनके पीछे भारत सहित कई देशों के झंडे लगे हैं। इनमें भाजपा का भी झंडा है। रागिनी ने इस वीडियो के कैप्शन में लिखा, "अब ई कौन किया बे।"

भाजपा ने जताया कड़ा विरोध

यह वीडियो भले ही व्यंग्यात्मक शैली में बनाया गया हो, लेकिन भाजपा के लिए यह एक गंभीर राजनीतिक हमला माना जा रहा है। भाजपा ने इस पर कड़ा विरोध भी जताया है। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इसे शर्मनाक बताया। उन्होंने एक्स पर पोस्ट में लिखा, 'नामदार कांग्रेस ओबीसी समुदाय से आने वाले कामदार प्रधानमंत्री को बर्दाश्त नहीं कर सकती। जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी।

पीएम का उनकी मां के साथ AI वीडियो किया गया था पोस्ट

यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस ने पीएम मोदी को लेकर कोई विवादास्पद वीडियो साझा किया। इससे पहले बिहार चुनाव के दौरान कांग्रेस ने एक एआई वीडियो साझा किया था। वीडियो में दिखाया गया कि प्रधानमंत्री के सपने में उनकी मां आकर कहती हैं- अरे बेटा पहले तो तुमने मुझे नोटबंदी की लाइनों में खड़ा किया। मेरे पैर धोने की रील्स बनवाईं। अब बिहार में मेरे नाम पर राजनीति कर रहे हो। तुम मेरे अपमान के बैनर-पोस्टर छपवा रहे हो। तुम फिर बिहार में नौटंकी कर रहे हो। राजनीति के नाम पर कितना गिरोगे।