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Apr 22 2024, 18:52

मोदी के खिलाफ चुनाव आयोग पहुंची कांग्रेस, कुल 17 शिकायतें दर्ज कराई, जानें पूरा मामला

#congress_asks_election_commission_to_take_action_against_pm_narendra_modi 

लोकसभा चुनाव 2024 के दूसरे चरण की वोटिंग के पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के एक बयान पर सियासी बवाल खड़ा हो गया है।राजस्थान में दिए गए पीएम मोदी के बयान 'कांग्रेस सत्ता में आई तो लोगों की संपत्ति मुसलमानों में बांट देगी' पर कांग्रेस बिफरी हुई है। इसको लेकर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव आयोग से शिकायत की है। पार्टी ने आयोग से कार्रवाई करने का आग्रह किया है। कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग से कहा कि प्रधानमंत्री का बयान विभाजनकारी और दुर्भावनापूर्ण है, जिससे चुनाव आचार संहिता का स्पष्ट उल्लंघन हुआ है।

पीएम मोदी के बयान के विरोध में कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी, सलमान खुर्शीद और गुरदीप सप्पल चुनाव आयोग से मिले और 17 शिकायतें दर्ज कराई।इस मामले में अभिषेक मनु सिंघवी ने बताया कि हमने चुनाव आयोग के सामने 17 शिकायतें दर्ज कराई हैं। उन्होंने आचार संहिता का उल्लंघन किया है। वो कांग्रेस को घोषणापत्र को लेकर झूठ फैला रहे हैं। उनके बयान पर चुनाव आयोग को सख्त एक्शन लेना चाहिए।

अभिषेक मनु सिंघवी ने कह कि मैं इसे भद्दा मानता हूं। एक समुदाय का नाम के साथ विवरण है। ये स्पष्ट रूप से कहा गया कि ये समुदाय उस संसाधन को हड़प लेगा। अब देश की संविधानिक स्मिता का प्रश्नचिह्न है।कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के मुताबिक, सत्तारूढ़ दल की जो आपने तस्वीर लगाई है, वह सिर्फ धर्म की बात करता है। हम धर्म की बात सिर्फ घर में करते हैं और उसे लेकर वोट नहीं मांगने जाते हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को पीएम के बयान पर कार्रवाई करनी चाहिए। आप चुनाव की नई तारीख निकालें। इस चुनाव को सख्त करने की मांग की है।

बताते चलें कि रविवार को पीएम मोदी राजस्थान के बांसवाड़ा में थे। यहां वो चुनावी सभा संबोधित कर रहे थे। इसमें उन्होंने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला था। इसी कड़ी में उन्होंने पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के एक बयान का जिक्र भी किया। पीएम मोदी ने दावा किया कि सिंह ने कहा था कि देश की संपत्ति पर पहला हक मुसलमानों का है। इस बयान के जरिए ही पीएम ने कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा, अगर कांग्रेस सत्ता में आई तो लोगों की संपत्ति मुसलमानों में बांट देगी। ये शहरी-नक्सली मानसिकता माताओं-बहनों के मंगलसूत्र भी नहीं छोड़ेगी।

నిజంనిప్పులాంటిది

Apr 14 2024, 08:08

Congress: మంత్రి పొన్నం ప్రభాకర్ నేడు దీక్ష

కరీంనగర్: పదేళ్ల విభజన హామీల అమలు నిర్లక్ష్యంపై మంత్రి పొన్నం ప్రభాకర్ (Minister Ponnam Prabhakar) ఆదివారం దీక్ష (Initiation) చేయనున్నారు. కేంద్ర ప్రభుత్వ నిర్లక్ష్యంపై కరీంనగర్ డీసీసీ కార్యాలయంలో పొన్నం దీక్ష చేయనున్నారు..

మరో ఆరు రోజుల్లో పార్లమెంట్‌ (Parliament) ఎన్నికల నోటిఫికేషన్‌ (Election Notification) జారీ అయి నామినేషన్ల ఘట్టం ప్రారంభం కానుండగా జిల్లాలో రాజకీయ వేడి రాజుకుంటున్నది. రెండు రోజులుగా కాంగ్రెస్‌ వర్సెస్‌ బీజేపీ (Congress vs BJP)గా మాటల తూటాలు పేలుతున్నాయి. రాష్ట్ర మంత్రి పొన్నం ప్రభాకర్‌, ఎంపీ బండి సంజయ్‌కుమార్‌ (Bandi Sanjay Kumar) ఒకరిపై ఒకరు విమర్శనాస్త్రాలు సంధించుకుంటున్నారు.

బీజేపీ ప్రభుత్వం ఏర్పడి పది సంవత్సరాలు పూర్తిచేసుకున్నా విభజన హామీలను విస్మరించిందని, దానికి నిరసనగా ఈరోజు కరీంనగర్‌ డీసీసీ కార్యాలయంలో దీక్ష చేపడతానని పొన్నం ప్రభాకర్‌ ప్రకటించారు. ఈ నేపథ్యంలో బీజేపీ కూడా ఆయనకు దీటుగా సమాధానం చెప్పేందుకు సిద్ధం కావడం రాజకీయ కలకలాన్ని సృష్టిస్తున్నది.

పరస్పర ఆరోపణలు..

విభజన హామీలను విస్మరించిన బీజేపీ ఏ ముఖం పెట్టుకొని ఓట్లు అడుగుతుందని, ఓట్లు అడిగే నైతిక హక్కు ఆ పార్టీకి లేదని పొన్నం ప్రభాకర్‌ విమర్శిస్తున్నారు. గడిచిన పదేళ్లలో ప్రధానమంత్రి నరేంద్రమోదీ రాష్ట్రానికి ఏమి చేశారో చెప్పాలని, అధికారంలోకి వచ్చిన తర్వాత ప్రభుత్వ రంగ సంస్థలను అమ్ముకున్నారని ఆయన విమర్శించారు.

రాముడి ఫొటోలు, అక్షింతలు ఇంటింటికి పంపడం మినహా ప్రతి ఇంటికి ఏమి చేశారో చెప్పాలని, బీజేపీకి చేతనైతే రాముడి బొమ్మతో కాకుండా మోదీ బొమ్మతో ఓట్లు అడగాలని పొన్నం సవాల్‌ విసిరారు. కేంద్ర మంత్రి కిషన్‌రెడ్డి, బండి సంజయ్‌కుమార్‌ తమతమ నియోజకవర్గాల్లో ఏమి చేశారో ప్రజలకు చెప్పాలని ఆయన డిమాండ్‌ చేశారు..

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Apr 10 2024, 16:47

कच्चाथीवु द्वीप को लेकर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह का पलटवार, पूछा-क्या वहां कोई रहता भी है?

#kachchatheevuislandsayscongressleaderdigvijayasingh 

इस बार लोकसभा चुनाव में कच्चातिवु द्वीप बड़ा मुद्दा बनता नजर आ रहा है, खासकर तमिलनाडु में। लोकसभा चुनाव से पहले तमिलनाडू और श्रीलंका के बीच मौजूद कच्चातिवु द्वीप को लेकर देशभर में राजनीतिक बहस जारी है। विवाद तब शुरू हुआ जब आरटीआई से मिले जवाब में सामने आया कि 1974 में तत्कालीन इंदिरा गांधी सरकार ने इस द्वीप को श्रीलंका को सौंप दिया था। बीजेपी इसे जोर-शोर से उठा रही है। इस बीच कांग्रेस के दिग्गज नेता राजगढ़ से कांग्रेस के लोकसभा उम्मीदवार दिग्विजय सिंह ने इस मसले पर पलटवार किया है। उन्होंने पूछा है कि, "क्या उस द्वीप पर कोई रहता है? 

लोकसभा चुनाव के लिए हो रहे प्रचार के दौरान भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक नए मुद्दे को उठाकर कांग्रेस को कठघरे में खड़ा कर रहे हैं। कच्चातिवु द्वीप को लेकर प्रधानमंत्री मोदी के बयान पर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने भोपाल में पलटवार किया। उन्होंने पूछा, उस द्वीप पर कोई रहता है क्या? मैं पूछना चाहता हूं। दरअसल, पिछले कई दिनों से पीएम मोदी इस मसले को सार्वजनिक मंचों पर उठा रहे हैं। 

पीएम मोदी लगातार बोल रहे हमला

इससे पहले बुधवार को तमिलनाडु के वेल्लोर में पीएम मोदी ने एक रैली के दौरान कहा कि कांग्रेस और डीएमके पार्टी के एक पाखंड की चर्चा आज पूरा देश कर रहा है। कांग्रेस ने अपनी सरकार के दौरान कई दशक पहले कच्चातिवु द्वीप श्रीलंका को दे दिया। किस कैबिनेट में ये निर्णय हुआ? किसके फायदे के लिए ये फैसला हुआ? इस पर कांग्रेस की बोलती बंद है। उन्होंने आगे कहा, बीते वर्षों में उस द्वीप के पास जाने पर तमिलनाडु के हजारों मछुआरे गिरफ्तार हुए हैं। उनकी नौकाएं गिरफ्तार कर ली गई हैं।

पीएम मोदी ने कहा, गिरफ्तारी पर कांग्रेस और डीएमके झूठी हमदर्दी दिखाते हैं, लेकिन ये लोग तमिलनाडु के लोगों को ये सच नहीं बताते हैं कि कच्चातिवु द्वीप इन लोगों ने स्वयं श्रीलंका को दे दिया और तमिलनाडु की जनता को अंधेरे में रखा।एनडीए सरकार ऐसे मछुआरों को निरंतर रिहा कराकर वापस ला रही है। इतना ही नहीं 5 मछुआरों को श्रीलंका ने फांसी की सजा दे दी थी। वह उनको भी जिंदा वापस लेकर आए हैं। डीएमके और कांग्रेस सिर्फ मछुआरों के नहीं बल्कि देश के भी गुनहगार हैं।

क्या है श्रीलंका का पक्ष

इससे पहले कच्चातिवु द्वीप को लेकर श्रीलंका ने भी अपनी बात रखी है।राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे के मंत्रिमंडल में शामिल मंत्री जीवन थोंडामन ने साफ कहा कि कच्चातिवू द्वीप श्रीलंकाई नियंत्रण रेखा के भीतर आता है। उन्होंने कहा, श्रीलंका के साथ नरेंद्र मोदी की विदेश नीति सजीव और स्वस्थ है। अभी तक भारत की ओर से कच्चातिवु द्वीप को लौटाने के लिए कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी गई है। अगर ऐसी कोई मांग होती है, तो विदेश मंत्रालय उसका जवाब देगा।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एक अन्य श्रीलंकाई मंत्री ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर कहा कि नई सरकार की इच्छा के अनुसार राष्ट्रीय सीमाओं को नहीं बदला जा सकता है। उन्होंने कहा कि एक बार सीमा तय हो जाने के बाद, केवल सरकार बदलने के कारण कोई भी बदलाव की मांग नहीं कर सकता।

कहां स्थित है यह द्वीप?

कच्चातिवु द्वीप श्रीलंका में नेदुनथीवु और भारत में रामेश्वरम के बीच स्थित है। यह 285 एकड़ का एक निर्जन स्थान है। अपने सबसे चौड़े बिंदु पर इसकी लंबाई 1.6 किमी से ज्यादा नहीं है। यह भारतीय तट से लगभग 33 किमी दूर, रामेश्वरम के उत्तर-पूर्व में स्थित है। श्रीलंका के जाफना से यह लगभग 62 किमी दूर है। पारंपरिक रूप से दोनों पक्षों के मछुआरे इसका इस्तेमाल करते रहे हैं। कच्चातिवु द्वीप तमिलनाडु के मछुआरों के लिए सांस्कृतिक रूप से अहम है। इसे श्रीलंका को सौंपने के खिलाफ तमिलनाडु में कई आंदोलन हुए हैं।

द्वीप का इतिहास क्या है?

14वीं शताब्दी के ज्वालामुखी विस्फोट के बाद यह द्वीप बना। मध्ययुगीन काल में, इस पर श्रीलंका के जाफना साम्राज्य का नियंत्रण था। 17वीं शताब्दी में, नियंत्रण रामनाद जमींदारी के हाथ में चला गया, जो रामनाथपुरम से लगभग 55 किमी उत्तर-पश्चिम में स्थित है। ब्रिटिश राज के दौरान यह मद्रास प्रेसीडेंसी का हिस्सा बन गया। लेकिन 1921 में भारत और श्रीलंका दोनों ने मछली पकड़ने की सीमा निर्धारित करने के लिए द्वीप पर दावा किया। यह विवाद 1974 तक नहीं सुलझा था।

अब क्या है समझौता?

1974 में, इंदिरा गांधी ने भारत-श्रीलंका के बीच समुद्री सीमा को हमेशा के लिए सुलझाने का प्रयास किया। इस समझौते के एक हिस्से के रूप में इंदिरा गांधी ने कच्चातिवु को श्रीलंका को सौंप दिया। उस समय, उन्होंने सोचा कि इस द्वीप का कोई रणनीतिक महत्व नहीं है और इस भारत का दावा खत्म करने से श्रीलंका के साथ संबंध और गहरे हो जाएंगे। समझौते के मुताबिक, भारतीय मछुआरों को अभी भी इस द्वीप तक जाने की इजाजत थी। 1976 में भारत में इमरजेंसी की अवधि के दौरान एक और समझौता हुआ। इसमें किसी भी देश को दूसरे के विशेष आर्थिक क्षेत्र में मछली पकड़ने से रोक दिया गया।

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Apr 08 2024, 11:16

अमेठी-रायबरेली में उम्मीदवारों को लेकर ऊहापोह की स्थिति में कांग्रेस, जानें कब तक होगा ऐलान

#congress_decision_candidates_amethi_and_raebareli_seats_next_week

देश का माहौल पूरी तरह से चुनावमय हो गया है। लोकसभा चुनाव को लेकर 19 अप्रैल को पहले चरण के लिए मतदान होना है। इससे पहले पार्टियां अपने-अपने उम्मीदवारों का ऐलान करने में जुटी है। देशभर में यूं तो कई हॉट सीटें है, जिनपर जनता की खास नजर होती है। इन्हीं सीटों में से दो महत्वपूर्ण सीटें हैं, अमेठी और रायबरेली। अमेठी और रायबरेली कांग्रेस की पारिवारिक सीट रही है। ये दोनों वे सीटें हैं, जिनपर उम्मीदवारी को लेकर चुनाव से पहले से ही चर्चा हो रही है। हालंकि, कांग्रेस अभी तक यूपी की अमेठी और रायबरेली जैसी अहम सीटों पर उम्मीदवारों का नाम फाइनल नहीं कर पाई है। अटकलें हैं कि अगले सप्ताह कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति इन सीटों पर बड़ा फैसला ले सकती है। फिलहाल, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है।

अमेठी और रायबरेली कांग्रेस की पारिवारिक सीट रही है। जिसके बाद अब दोनों सीटों पर उम्मीदवारों के नाम को लेकर चर्चा चल रही है, लेकिन ऐलान किसी भी नाम का नहीं हो सकता है। अमेठी और रायबरेली सीट पर गांधी परिवार के सदस्यों के चुनाव लड़ने को लेकर सियासी अटकलों-चर्चाओं का दौर जारी है। उत्तर प्रदेश की इन दो महत्वपूर्ण सीटों की उम्मीदवारी पर जारी यह सस्पेंस लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान तक जारी रहने के पुख्ता संकेत हैं। खबर है कि, 26 अप्रैल को वायनाड में वोटिंग के बाद इन दोनों सीटों से गांधी परिवार की उम्मीदवारी का सस्पेंस खत्म होने की संभावना है।

पार्टी सूत्र ने अमेठी व रायबरेली में गांधी परिवार के सदस्यों के चुनाव लड़ने के बारे में किसी तरह की परोक्ष या प्रत्यक्ष टिप्पणी नहीं कि मगर चर्चा से मिले संकेतों के हिसाब से अमेठी और रायबरेली से राहुल तथा प्रियंका के चुनाव लड़ने के पुख्ता इरादे हैं। कांग्रेस सूत्रों ने साफ किया है कि अभी तक राहुल गांधी के अमेठी और प्रियंका गांधी के रायबरेली से चुनाव लड़ने पर न तो हां हुआ है और ना ही न हुआ है. यानी अमेठी से राहुल गांधी और रायबरेली से प्रियंका गांधी के चुनाव लड़ने की संभावना अभी बनी हुई है।

बता दें कि अमेठी और रायबरेली में पांचवें चरण में 20 मई को मतदान होगा। इन दोनों सीटों पर नामांकन की प्रक्रिया 26 अप्रैल से शुरू होगी। यूपी में कांग्रेस के हिस्से में 17 लोकसभा की सीटें हैं, जिनमें से 14 लोकसभा सीटों पर उम्मीदवार का ऐलान कर दिया गया है। सिर्फ रायबरेली, अमेठी और प्रयागराज पर उम्मीदवार तय करना बाकी है।

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Apr 05 2024, 12:37

लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस का घोषणापत्र जारी, 5 न्याय और 25 गारंटियों पर फोकस, आरक्षण पर 50% का कैप हटाने का वादा

#lok_sabha_election_2024_congress_party_manifesto

लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने शुक्रवार को अपना घोषणापत्र जारी कर दिया है।कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र को न्याय पत्र नाम दिया है। इस घोषणा पत्र को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने जारी किया। घोषणापत्र ‘पांच न्याय और 25 गारंटी’ पर आधारित है। यह पांच न्याय 'हिस्सेदारी न्याय', 'किसान न्याय', 'नारी न्याय', 'श्रमिक न्याय' और 'युवा न्याय' हैं। अपने मेनिफेस्टो में कांग्रेस ने कई तरह की गारंटियां शामिल की हैं. इसमें युवाओं, महिलाओं, किसानों और मजदूरों पर खास फोकस किया गया है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि हमारा घोषणापत्र गरीबों को समर्पित है। उन्होंने कहा, 'हमारा यह घोषणापत्र देश के राजनीतिक इतिहास में न्याय के दस्तवेज के रूप में याद किया जाएगा। राहुल गांधी के नेतृत्व में चलाई गई 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' इसी पर केंद्रित थी। यात्रा के दौरान पांच स्तंभों- युवा न्याय, किसान न्याय, नारी न्याय, श्रमिक न्याय और हिस्सेदारी न्याय की घोषणा की गई। इन पांच स्तंभों में से 25 गारंटी निकलती हैं और हर 25 गारंटी में किसी न किसी को लाभ मिलता है।'

पार्टी के घोषणापत्र में 5 न्याय और 25 गारंटियां शामिल हैं। घोषणापत्र पांच न्याय – ‘हिस्सेदारी न्याय’, ‘किसान न्याय’, ‘नारी न्याय’, ‘श्रमिक न्याय’ और ‘युवा न्याय’- पर आधारित है। पार्टी ने ‘युवा न्याय’ के तहत जिन पांच गारंटी की बात की है उनमें 30 लाख सरकारी नौकरियां देने और युवाओं को एक साल के लिए प्रशिक्षुता कार्यक्रम के तहत एक लाख रुपये देने का वादा शामिल है। कांग्रेस ने ‘हिस्सेदारी न्याय’ के तहत जाति जनगणना कराने और आरक्षण की 50 प्रतिशत की सीमा खत्म करने की ‘गारंटी’ दी है। पार्टी ने ‘किसान न्याय’ के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को कानूनी दर्जा, कर्ज माफी आयोग के गठन तथा जीएसटी मुक्त खेती का वादा किया है। कांग्रेस ने ‘श्रमिक न्याय’ के तहत किसानों के लिए स्वामीनाथन फॉर्मूले के साथ एमएसपी का कानूनी गारंटी, श्रमिकों के लिए 25 लाख का हेल्थ कवर, मुफ्त इलाज, अस्पताल, डॉक्टर,दवा, टेस्ट, सर्जरी की घोषणा की गई है। घोषणापत्र में जिसके पास जमीन नहीं है, उसे जमीन देने का वादा किया गया है। न्यूनतम मजूदरी 400 रुपये प्रतिदिन सुनिश्चित करने और शहरी रोजगार गारंटी का वादा किया है। साथ ही ‘नारी न्याय’ के अंतर्गत ‘महालक्ष्मी’ गारंटी के तहत गरीब परिवारों की महिलाओं को एक-एक लाख रुपये प्रति वर्ष देने समेत कई वादे किए हैं।

पार्टी ने कहा है कि, अगर वह सत्ता में आती है, तो पार्टी ‘जातियों और उप-जातियों और उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थितियों की पहचान करने के लिए” देशव्यापी जाति जनगणना कराएगी। कांग्रेस ने कहा कि आंकड़ों के आधार पर वह उन जातियों के लिए एजेंडे को मजबूत करेगी, जिन्हें सकारात्मक कार्रवाई की जरूरत है। कांग्रेस जाति जनगणना करवाएगी, आरक्षण पर 50 फीसदी कैप हटाएगी।

पार्टी को उम्मीद है कि उनकी ऐतिहासिक गारंटियां लोगों की तकदीर बदल देंगी।

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Apr 05 2024, 12:37

*लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस का घोषणापत्र जारी, 5 न्याय और 25 गारंटियों पर फोकस, आरक्षण पर 50% का कैप हटाने का वादा*
#lok_sabha_election_2024_congress_party_manifesto लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने शुक्रवार को अपना घोषणापत्र जारी कर दिया है।कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र को न्याय पत्र नाम दिया है। इस घोषणा पत्र को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने जारी किया। घोषणापत्र ‘पांच न्याय और 25 गारंटी’ पर आधारित है। यह पांच न्याय 'हिस्सेदारी न्याय', 'किसान न्याय', 'नारी न्याय', 'श्रमिक न्याय' और 'युवा न्याय' हैं। अपने मेनिफेस्टो में कांग्रेस ने कई तरह की गारंटियां शामिल की हैं. इसमें युवाओं, महिलाओं, किसानों और मजदूरों पर खास फोकस किया गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि हमारा घोषणापत्र गरीबों को समर्पित है। उन्होंने कहा, 'हमारा यह घोषणापत्र देश के राजनीतिक इतिहास में न्याय के दस्तवेज के रूप में याद किया जाएगा। राहुल गांधी के नेतृत्व में चलाई गई 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' इसी पर केंद्रित थी। यात्रा के दौरान पांच स्तंभों- युवा न्याय, किसान न्याय, नारी न्याय, श्रमिक न्याय और हिस्सेदारी न्याय की घोषणा की गई। इन पांच स्तंभों में से 25 गारंटी निकलती हैं और हर 25 गारंटी में किसी न किसी को लाभ मिलता है।' पार्टी के घोषणापत्र में 5 न्याय और 25 गारंटियां शामिल हैं। घोषणापत्र पांच न्याय – ‘हिस्सेदारी न्याय’, ‘किसान न्याय’, ‘नारी न्याय’, ‘श्रमिक न्याय’ और ‘युवा न्याय’- पर आधारित है। पार्टी ने ‘युवा न्याय’ के तहत जिन पांच गारंटी की बात की है उनमें 30 लाख सरकारी नौकरियां देने और युवाओं को एक साल के लिए प्रशिक्षुता कार्यक्रम के तहत एक लाख रुपये देने का वादा शामिल है। कांग्रेस ने ‘हिस्सेदारी न्याय’ के तहत जाति जनगणना कराने और आरक्षण की 50 प्रतिशत की सीमा खत्म करने की ‘गारंटी’ दी है। पार्टी ने ‘किसान न्याय’ के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को कानूनी दर्जा, कर्ज माफी आयोग के गठन तथा जीएसटी मुक्त खेती का वादा किया है। कांग्रेस ने ‘श्रमिक न्याय’ के तहत किसानों के लिए स्वामीनाथन फॉर्मूले के साथ एमएसपी का कानूनी गारंटी, श्रमिकों के लिए 25 लाख का हेल्थ कवर, मुफ्त इलाज, अस्पताल, डॉक्टर,दवा, टेस्ट, सर्जरी की घोषणा की गई है। घोषणापत्र में जिसके पास जमीन नहीं है, उसे जमीन देने का वादा किया गया है। न्यूनतम मजूदरी 400 रुपये प्रतिदिन सुनिश्चित करने और शहरी रोजगार गारंटी का वादा किया है। साथ ही ‘नारी न्याय’ के अंतर्गत ‘महालक्ष्मी’ गारंटी के तहत गरीब परिवारों की महिलाओं को एक-एक लाख रुपये प्रति वर्ष देने समेत कई वादे किए हैं। पार्टी ने कहा है कि, अगर वह सत्ता में आती है, तो पार्टी ‘जातियों और उप-जातियों और उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थितियों की पहचान करने के लिए” देशव्यापी जाति जनगणना कराएगी। कांग्रेस ने कहा कि आंकड़ों के आधार पर वह उन जातियों के लिए एजेंडे को मजबूत करेगी, जिन्हें सकारात्मक कार्रवाई की जरूरत है। कांग्रेस जाति जनगणना करवाएगी, आरक्षण पर 50 फीसदी कैप हटाएगी। पार्टी को उम्मीद है कि उनकी ऐतिहासिक गारंटियां लोगों की तकदीर बदल देंगी।

India

Apr 04 2024, 10:48

*झटकों से उबर नहीं पा रही कांग्रेस, अब गौरव वल्लभ ने दिया पार्टी से इस्तीफा, बोले-सनातन विरोधी नारे नहीं लगा सकता*
#congress_veteran_gaurav_vallabh_resigns_from_party
लोकसभा चुनाव की तैयारियां पूरे जोर-शोर से चल रही है। हालांकि, इस बीच कांग्रेस किसी डूबते हुए नाव की तरह दिख रही है। जिसपर सवार एक-एक कर उससे उतरते जा रहे हैं। कांग्रेस को एक-एक कर लगातार बड़े झटके लग रहे हैं। पार्टी के बड़े चेहरे ही हाथ को झटक रहे हैं। कांग्रेस का हाथ छोड़ने वालों में एक और नाम जुड़ गया है। कांग्रेस के तेज तर्रार प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।गौरव वल्लभ ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है।गौरव वल्लभ ने पार्टी से इस्तीफा देते हुए कहा कि वो सनातन विरोधी नारे नहीं लगा सकते। ऐसे में पार्टी में बना रहना मुश्किल है। *’मैं सहज महसूस नहीं कर पा रहा’* गौरव वल्लभ ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को अपना त्यागपत्र भेज दिया है। खरगे को भेजे इस्तीफे की फोटो शेयर पोस्ट कर लिखा -'कांग्रेस पार्टी आज जिस प्रकार से दिशाहीन होकर आगे बढ़ रही है, उसमें मैं ख़ुद को सहज महसूस नहीं कर पा रहा। मैं ना तो सनातन विरोधी नारे लगा सकता हूं और ना ही सुबह-शाम देश के वेल्थ क्रिएटर्स को गाली दे सकता। इसलिए मैं कांग्रेस पार्टी के सभी पदों व प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफ़ा दे रहा हूं।' *‘सच को छुपाना भी अपराध, मैं भागी नहीं बनना चाहता’* उन्होंने खरगे को भेजे इस्तीफा लेटर में लिखा कि भावुक हूं और मन व्यथित है। काफी कुछ कहना चाहता हूं, लिखना चाहता हूं और बताना चाहता हूं। लेकिन मेरे संस्कार ऐसा कुछ भी कहने से मना करते हैं। फिर भी मैं आज अपनी बातों को आपके समक्ष रख रहा हूं, क्योंकि मुझे लगता है कि सच को छुपाना भी अपराध है। ऐसे में मैं अपराध का भागी नहीं बनना चाहता। *‘कांग्रेस पार्टी में युवाओं और आइडिया का कद्र नहीं‘* गौरव वल्लभ ने कहा-‘जब मैंने कांग्रेस पार्टी ज्वाइन किया, तब मेरा मानना था कि कांग्रेस देश की सबसे पुरानी पार्टी है, जहां पर युवा, बौद्धिक लोगों की, उनके आइडिया की कद्र होती है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में महसूस हुआ कि पार्टी का मौजूदा स्वरूप नए आइडिया वाले युवाओं के साथ खुद को एडजस्ट नहीं कर पाती। पार्टी का ग्राउंड लेवल कनेक्ट पूरी तरह से टूट चुका है, जो नए भारत की आकांक्षा को बिल्कुल भी नहीं समझ पा रही है, जिसके कारण न तो पार्टी में आ पा रही है और ना ही मजबूत विपक्ष की भूमिका ही निभा पा रही हैं। इससे मेरे जैसे कार्यकर्ता हतोत्साहित होता है। *‘बड़े नेताओं और जमीनी कार्यकर्ताओं से बढ़ी दूरी’* गौरव वल्लभ ने कहा, ‘कांग्रेस का ग्राउंड लेवल कनेक्ट पूरी तरह से टूट चुका है। बड़े नेताओं और जमीनी कार्यकर्ताओं के बीच की दूरी पाटना बेहद कठिन है। उन्होंने अयोध्या में भगवान राम के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस के कदम को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा, श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा में कांग्रेस के स्टैंड से क्षुब्ध हूं। मैं जन्म से हिंदू और कर्म से शिक्षक हूं। पार्टी के इस स्टैंड ने मुझे हमेशा असहज किया है। पार्टी और गठबंधन के कई लोग सनातन विरोधी बोलते हैं और पार्टी का चुप रहना उसे मौन स्वीकृति देने जैसा है।

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Apr 04 2024, 10:21

संजय निरूपम पर कांग्रेस का एक्शन, 6 साल के लिए पार्टी से निकाला, जानें अब क्या हो सकता है अगला कदम*
#sanjay_nirupam_removed_from_congress_expelled_by_party_for_6_years कांग्रेस ने महाराष्ट्र के वरिष्ठ नेता संजय निरुपम को छह साल तक के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण कार्रवाई की गई है। पिछले काफी दिनों से वह लगातार पार्टी विरोधी बयानबाजी भी कर रहे थे। जिसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष ने निरुपम को छह साल तक के लिए पार्टी से निष्कासित किया है। संजय निरुपम मुंबई पश्चिम की सीट पर उद्धव ठाकरे की ओर से अमोल कीर्तिकार को टिकट दिए जाने के बाद से संजय कांग्रेस पर भड़के हुए थे और लगातार पार्टी के विरोध में बयानबाजी कर रहे थे। इसके अलावा वह अमोल पर भी लगातार निशाना साध रहे थे। इसके बाद से ही माना जा रहा था कि या तो निरुपम कांग्रेस को छोड़ सकते हैं या फिर कांग्रेस उन पर कोई कार्रवाई कर सकती है। बुधवार दोपहर कांग्रेस ने स्टार प्रचारकों की सूची से निरुपम को बाहर कर इसके संकेत भी दिए थे। कांग्रेस से निष्कासित नेता संजय निरुपम ने पार्टी की कार्रवाई को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'ऐसा लगता है कि पार्टी ने कल रात मेरा इस्तीफा पत्र मिलने के तुरंत बाद मेरा निष्कासन जारी करने का फैसला किया। इतनी तत्परता देखकर अच्छा लगा। बस यह जानकारी साझा कर रहा हूं। मैं आज सुबह 11.30 से दोपहर 12 बजे के बीच एक विस्तृत बयान दूंगा। *निरूपम ने बायो और कवर फोटो बदला* कांग्रेस से निष्कासित किए जाने के बाद संजय निरुपम ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर अपना बायो बदलकर कर अपनी कवर फोटो भी हटा दी है। इसके अलावा निरुपम ने नई प्रोफाइल पिक भी अपलोड कर दी है। अभी तक संजय निरुपम अपनी कवर फोटो और प्रोफाइल पिक में राहुल गांधी के साथ नजर आ रहे थे। संजय निरुपम ने पहले अपने प्रोफाइल में खुद को ‘ए कांग्रेस मैन’ लिखा था और अब उन्होंने यह भी हटा लिया है। *निरुपम का अगला कदम क्या होगा?* अब जब पार्टी ने निरूपम को निकाल दिया है तब सवाल खड़ा हो है कि संजय निरुपम का अगला कदम क्या होगा? संजय निरुपम शिवसेना छोड़कर कांग्रेस में आए थे। मुंबई नार्थ वेस्ट से लड़ने के इच्छुक संजय निरुपम के पास काफी सीमित विकल्प है। उनके बीजेपी में जाने की आसार बेहद कदम है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि संजय निरुपम मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना में शामिल हो सकते हैं। ऐसे में अगर वे शिवसेना में प्रवेश लेते हैं तो इसे घरवापसी के तौर पर पेश कर सकेंगे। अगर संजय निरुपम की शिवसेना से डील फिक्स होती है तो फिर मुंबई नार्थ वेस्ट सीट से उद्धव ठाकरे गुट ग्रुप के कैंडिडेट अमोल कीर्तिकर के सामने उतर सकते हैं। शिवसेना काफी समय से इस सीट के मजबूत कैंडिडेट की खोजबीन में जुटी हुई थी। ऐसे में अगर निरुपम पर दांव ठीक बैठता है तो नार्थ वेस्ट सीट पर निरुपम बना कीर्तिकर की लड़ाई संभव है, हालांकि इसमें एक पेच यह है कि मुख्यमंत्री शिंदे पहले से अपने 13 सांसदों को एडजस्ट नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में वह अगर निरुपम को पार्टी में लेते हैं तो विरोध बढ़ सकता है।

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Apr 03 2024, 16:18

राजस्थान की बीजेपी प्रत्याशी ज्योति मिर्धा के बयान पर मचा बवाल, जानें क्या कहा कि गरमा गई दिल्ली तक की सियासत

#jyotimirdhastatementonchanginginconstitutioncongresstargets

राजस्थान के नागौर से बीजेपी उम्मीदवार ज्योति मिर्धा का भाषण सुर्खियां बटोर रहा है। भाजपा प्रत्याशी डॉ ज्योति मिर्धा के एक बयान ने सियासी पारा गरमा गया है। दरअसल, डॉ मिर्धा ने अपने चुनाव प्रचार अभियान के दौरान एक सभा में दिए भाषण में संविधान बदलने का ज़िक्र किया, जिसके बाद से वे विरोधियों के निशाने पर आ गई हैं। इस बयान को लेकर कांग्रेस बीजेपी पर हमलावर है। दरअसल, विपक्ष लगातार ये दावा कर रहा है कि अगर इस बार केंद्र में एनडीए की सरकार बनी तो देश के लोकतंत्र और संविधान को खतरा है। विपक्ष के इन दावों के बीच राजस्थान के नागौर से बीजेपी उम्मीदवार ज्योति मिर्धा के बयान ने राजस्थान से लेकर दिल्ली तक का तापमान बढ़ाने का काम किया है।

ज्योति मिर्धा के संविधान बदलने वाले बयान पर कांग्रेस लगातार मोदी सरकार पर हमलावर है। कांग्रेस ने कहा कि अनंत कुमार हेगड़े के बाद बीजेपी के एक और उम्मीदवार ने संविधान बदलने की बात की है। इन दोनों नेताओं के बयान से ये साफ है कि बीजेपी और प्रधानमंत्री मोदी संविधान और लोकतंत्र से नफरत करते हैं।

बीजेपी का लक्ष्य संविधान को बदलना है-थरूर

संविधान में बदलाव को लेकर भाजपा प्रत्याशी डॉ ज्योति मिर्धा के बयान पर कांग्रेस नेता शशि थरूर ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'जब अनंत हेगड़े ने संविधान बदलने का राग छेड़ा था, तब भाजपा ने जल्दबाजी में इसे रफा-दफा कर उन्हें उम्मीदवारी से बाहर कर दिया था। अब एक और भाजपा उम्मीदवार कह रही हैं कि भाजपा का लक्ष्य संविधान बदलना है। सच सामने लाने के लिए भाजपा और कितने उम्मीदवारों से मुंह मोड़ेगी?'

ज्योति मिर्धा ने क्या कहा

सांसद शशि थरूर ने ज्योति मिर्धा के वीडियो से जुड़े एक पोस्ट को सोशल मीडिया पर साझा करके ‘एक्स’ पर फिर से पोस्ट किया। इसमें ज्योति मिर्धा यह कहती सुनी जा सकती हैं कि संवैधानिक बदलाव के लिए लोकसभा और राज्यसभा में प्रचंड बहुमत होना चाहिए।

थरूर के बयान पर मिर्धा का पलटवा

वहीं, शशि थरूर वार पर ज्योति मिर्धा ने पलटवार करते हुए लिखा, भाजपा का उद्देश्य राष्ट्रीय और सार्वजनिक हित की सेवा करना है। अगर उन उद्देश्यों के लिए संविधान में संशोधन की आवश्यकता पड़े तो ऐसा होगा। हाल ही में पिछले साल सितंबर में महिला आरक्षण विधेयक के लिए संविधान में संशोधन किया गया। 1950 से पिछले साल तक संविधान में 106 संशोधन हुए हैं। इस ऐतिहासिक संशोधन के कारण महिलाओं के संसद में 33 फीसदी आरक्षण का सपना साकार हो पाया।

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Apr 01 2024, 15:51

कांग्रेस को बड़ी राहत, आयकर विभाग डिमांड नोटिस पर लोकसभा चुनाव तक नहीं करेगा कोई कार्रवाई

#income_tax_department_gives_relief_to_congress 

कांग्रेस को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कांग्रेस के खिलाफ इनकम टैक्स नोटिस के मामले में इनकम टैक्स विभाग कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करेगा। आयकर विभाग ने सुप्रीम कोर्ट में बयान दिया है कि वह लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस पार्टी से करोड़ों रुपये की वसूली के लिए कोई कठोर कदम नहीं उठाएगा। इनकम टैक्स विभाग के खिलाफ कांग्रेस पार्टी की ओर से दाखिल याचिका पर सोमवार को सुनवाई हुई। इस दौरान सभी पक्षों के वकीलों ने अपनी-अपनी दलीलें पेश कीं। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद शीर्ष अदालत ने इनकम टैक्स विभाग को जून के महीने में अपना जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। 24 जुलाई को मामले की अगली सुनवाई होगी।

आयकर विभाग के नोटिस के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। इस याचिका पर सुनवाई के दौरान जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ के सामने आयकर विभाग की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता पेश हुए। सुनवाई के दौरान इनकम टैक्स ने कहा हमने 1700 करोड़ का नोटिस भेजा है। इनकम टैक्स ने कोर्ट को भरोसा दिया की अभी चुनाव का समय चल रहा है। लिहाजा हम इन पैसों की रिकवरी को लेकर कोई कार्रवाई नहीं करेंगे। वहीं, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा की मामले की सुनवाई जून महीने में की जाए। तब तक कोई करवाई नहीं होगी।

आयकर विभाग ने रविवार को कांग्रेस पार्टी को नया नोटिस भेजा था, जिसमें 1745 करोड़ रुपये के टैक्स के भुगतान की मांग की गई थी। इसके साथ ही आयकर विभाग कांग्रेस पार्टी को कुल 3567 करोड़ रुपये की रिकवरी का नोटिस भेज चुका है। ताजा नोटिस 2014-15 (663 करोड़ रुपये) और 2015-16 (करीब 664 करोड़ रुपये), 2016-17 (करीब 417 करोड़ रुपये) से संबंधित है। कांग्रेस का आरोप है कि अधिकारियों ने राजनीतिक दलों को मिलने वाली कर छूट खत्म कर दी है और पार्टी पर टैक्स लगा दिया है। कांग्रेस नेताओं से जब्त की गई डायरियों में जो तीसरे पक्ष की एंट्रियां हैं, उनके लिए भी कांग्रेस पर टैक्स लगा दिया गया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि कर अधिकारियों ने पिछले वर्षों से संबंधित टैक्स डिमांड के लिए पार्टी के खातों से 135 करोड़ रुपये पहले ही निकाल लिए हैं। इसे लेकर कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।

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Apr 22 2024, 18:52

मोदी के खिलाफ चुनाव आयोग पहुंची कांग्रेस, कुल 17 शिकायतें दर्ज कराई, जानें पूरा मामला

#congress_asks_election_commission_to_take_action_against_pm_narendra_modi 

लोकसभा चुनाव 2024 के दूसरे चरण की वोटिंग के पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के एक बयान पर सियासी बवाल खड़ा हो गया है।राजस्थान में दिए गए पीएम मोदी के बयान 'कांग्रेस सत्ता में आई तो लोगों की संपत्ति मुसलमानों में बांट देगी' पर कांग्रेस बिफरी हुई है। इसको लेकर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव आयोग से शिकायत की है। पार्टी ने आयोग से कार्रवाई करने का आग्रह किया है। कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग से कहा कि प्रधानमंत्री का बयान विभाजनकारी और दुर्भावनापूर्ण है, जिससे चुनाव आचार संहिता का स्पष्ट उल्लंघन हुआ है।

पीएम मोदी के बयान के विरोध में कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी, सलमान खुर्शीद और गुरदीप सप्पल चुनाव आयोग से मिले और 17 शिकायतें दर्ज कराई।इस मामले में अभिषेक मनु सिंघवी ने बताया कि हमने चुनाव आयोग के सामने 17 शिकायतें दर्ज कराई हैं। उन्होंने आचार संहिता का उल्लंघन किया है। वो कांग्रेस को घोषणापत्र को लेकर झूठ फैला रहे हैं। उनके बयान पर चुनाव आयोग को सख्त एक्शन लेना चाहिए।

अभिषेक मनु सिंघवी ने कह कि मैं इसे भद्दा मानता हूं। एक समुदाय का नाम के साथ विवरण है। ये स्पष्ट रूप से कहा गया कि ये समुदाय उस संसाधन को हड़प लेगा। अब देश की संविधानिक स्मिता का प्रश्नचिह्न है।कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के मुताबिक, सत्तारूढ़ दल की जो आपने तस्वीर लगाई है, वह सिर्फ धर्म की बात करता है। हम धर्म की बात सिर्फ घर में करते हैं और उसे लेकर वोट नहीं मांगने जाते हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को पीएम के बयान पर कार्रवाई करनी चाहिए। आप चुनाव की नई तारीख निकालें। इस चुनाव को सख्त करने की मांग की है।

बताते चलें कि रविवार को पीएम मोदी राजस्थान के बांसवाड़ा में थे। यहां वो चुनावी सभा संबोधित कर रहे थे। इसमें उन्होंने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला था। इसी कड़ी में उन्होंने पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के एक बयान का जिक्र भी किया। पीएम मोदी ने दावा किया कि सिंह ने कहा था कि देश की संपत्ति पर पहला हक मुसलमानों का है। इस बयान के जरिए ही पीएम ने कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा, अगर कांग्रेस सत्ता में आई तो लोगों की संपत्ति मुसलमानों में बांट देगी। ये शहरी-नक्सली मानसिकता माताओं-बहनों के मंगलसूत्र भी नहीं छोड़ेगी।

నిజంనిప్పులాంటిది

Apr 14 2024, 08:08

Congress: మంత్రి పొన్నం ప్రభాకర్ నేడు దీక్ష

కరీంనగర్: పదేళ్ల విభజన హామీల అమలు నిర్లక్ష్యంపై మంత్రి పొన్నం ప్రభాకర్ (Minister Ponnam Prabhakar) ఆదివారం దీక్ష (Initiation) చేయనున్నారు. కేంద్ర ప్రభుత్వ నిర్లక్ష్యంపై కరీంనగర్ డీసీసీ కార్యాలయంలో పొన్నం దీక్ష చేయనున్నారు..

మరో ఆరు రోజుల్లో పార్లమెంట్‌ (Parliament) ఎన్నికల నోటిఫికేషన్‌ (Election Notification) జారీ అయి నామినేషన్ల ఘట్టం ప్రారంభం కానుండగా జిల్లాలో రాజకీయ వేడి రాజుకుంటున్నది. రెండు రోజులుగా కాంగ్రెస్‌ వర్సెస్‌ బీజేపీ (Congress vs BJP)గా మాటల తూటాలు పేలుతున్నాయి. రాష్ట్ర మంత్రి పొన్నం ప్రభాకర్‌, ఎంపీ బండి సంజయ్‌కుమార్‌ (Bandi Sanjay Kumar) ఒకరిపై ఒకరు విమర్శనాస్త్రాలు సంధించుకుంటున్నారు.

బీజేపీ ప్రభుత్వం ఏర్పడి పది సంవత్సరాలు పూర్తిచేసుకున్నా విభజన హామీలను విస్మరించిందని, దానికి నిరసనగా ఈరోజు కరీంనగర్‌ డీసీసీ కార్యాలయంలో దీక్ష చేపడతానని పొన్నం ప్రభాకర్‌ ప్రకటించారు. ఈ నేపథ్యంలో బీజేపీ కూడా ఆయనకు దీటుగా సమాధానం చెప్పేందుకు సిద్ధం కావడం రాజకీయ కలకలాన్ని సృష్టిస్తున్నది.

పరస్పర ఆరోపణలు..

విభజన హామీలను విస్మరించిన బీజేపీ ఏ ముఖం పెట్టుకొని ఓట్లు అడుగుతుందని, ఓట్లు అడిగే నైతిక హక్కు ఆ పార్టీకి లేదని పొన్నం ప్రభాకర్‌ విమర్శిస్తున్నారు. గడిచిన పదేళ్లలో ప్రధానమంత్రి నరేంద్రమోదీ రాష్ట్రానికి ఏమి చేశారో చెప్పాలని, అధికారంలోకి వచ్చిన తర్వాత ప్రభుత్వ రంగ సంస్థలను అమ్ముకున్నారని ఆయన విమర్శించారు.

రాముడి ఫొటోలు, అక్షింతలు ఇంటింటికి పంపడం మినహా ప్రతి ఇంటికి ఏమి చేశారో చెప్పాలని, బీజేపీకి చేతనైతే రాముడి బొమ్మతో కాకుండా మోదీ బొమ్మతో ఓట్లు అడగాలని పొన్నం సవాల్‌ విసిరారు. కేంద్ర మంత్రి కిషన్‌రెడ్డి, బండి సంజయ్‌కుమార్‌ తమతమ నియోజకవర్గాల్లో ఏమి చేశారో ప్రజలకు చెప్పాలని ఆయన డిమాండ్‌ చేశారు..