विदेशों से संचालित हो रहे कांग्रेस नेताओं के 'X' अकाउंट, बीजेपी नेता संबित पात्रा का चौंकाने वाला दावा

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एलन मस्क की सोशल मीडिया कंपनी एक्स ने हाल ही में अपने प्लेटफॉर्म पर एक नया फीचर लॉन्च किया है, जो किसी भी अकाउंट की लोकेशन, उपयोगकर्ता नाम बदलने की हिस्ट्री और ऐप डाउनलोड लोकेशन दिखाता है। इस फीचर ने भारत में राजनीतिक हलचल मचा दी है। दरअसल, भाजपा ने कांग्रेस पर विदेश से संचालित होने वाले खातों के जरिए भारत की छवि खराब करने का आरोप लगाया है।

कांग्रेस पर बीजेपी का गंभीर आरोप

संबित पात्रा ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस देश के बाहर बैठे लोगों के साथ मिलकर भारत के खिलाफ नैरेटिव बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि एक्स प्लेटफॉर्म के फीचर के आधार पर यह पता चला है कि कई कांग्रेस नेताओं और संगठनात्मक अकाउंट्स की लोकेशन भारत में नहीं, बल्कि विदेशों में दिखाई दे रही है। उनके मुताबिक पवन खेड़ा का अकाउंट अमेरिका में बेस्ड दिख रहा है, जबकि महाराष्ट्र कांग्रेस का अकाउंट आयरलैंड से जुड़ा हुआ था जिसे बाद में बदलकर भारत कर दिया गया। हिमाचल कांग्रेस का अकाउंट थाईलैंड से जुड़ा बताया गया।

पीएम मोदी और भारत के अपमान की कोशिश

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए संबित पात्रा ने कहा कि कांग्रेस, राहुल गांधी और वामपंथी दलों के जाने-माने चेहरों ने 2014 में बीजेपी के सत्ता में आने के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत का अपमान करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।

विदेश से भारत के खिलाफ एजेंडा चलाने का आरोप

संबित पात्रा ने दावा किया कि कई लेफ्ट और कांग्रेस समर्थक इन्फ्लुएंसर्स पाकिस्तान, बांग्लादेश और साउथ ईस्ट एशिया में बैठे हुए हैं और भारत के खिलाफ एजेंडा चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि 'कांग्रेस का काम देश को बांटना है और इसलिए विदेशों से मिलकर भारत के खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है

राहुल गांधी गलत नरेटिव सेट करने का आरोप

संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी देश में गलत नरेटिव सेट करने के लिए विदेशों में गलत बयानबाजी करते हैं। वे केवल जेन-Z से मिलकर देश के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश नहीं करते हैं बल्कि देश के खिलाफ माहौल सेट करते हैं। पात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि भारत में कुछ ऐसे नैरेटिव जो राहुल गांधी, कांग्रेस और लेफ्ट इकोसिस्टम के कहने पर सेट किए गए, ऐसे तीन नैरेटिव के उदाहरण मैं दूंगा। पहला - वोट चोरी का नैरेटिव सेट किया गया। दूसरा - ऑपरेशन सिंदूर में जो मोदी जी और भारत की सेना को एक तरह से दुर्बल दिखाने की कोशिश की गई, उसके पीछे भी पाकिस्तान, बांग्लादेश और पश्चिम एशिया में बैठे कुछ कांग्रेसी और उनके शुभचिंतकों के हैंडल हैं। तीसरा- संघ, संघ परिवार और मोदी जी पर व्यक्तिगत हमला करने का नैरेटिव भी विदेश से ही संचालित हुआ।

2014 के चुनाव में कांग्रेस के खिलाफ रची गई साजिश! पूर्व सांसद का सीआईए-मोसाद को लेकर चौंकाने वाला दावा

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद कुमार केतकर ने 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हार को लेकर बड़ा बयान दिया है। कुमार केतकर ने दावा का है कि सीआईए और मोसाद, जो अमेरिका और इजराइल की जासूसी एजेंसियां हैं, ने 2014 में हुए लोकसभा चुनावों में कांग्रेस की हार की साजिश रची थी।

कांग्रेस की हार सीआईए और मोसाद की साजिश!

मुंबई में संविधान दिवस के अवसर पर आयोजित कांग्रेस के एक कार्यक्रम में बुधवार को कांग्रेस नेता और राज्यसभा के पूर्व सदस्य कुमार केतकर ने एक चौंकाने वाला दावा किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस की भारी हार किसी सामान्य राजनीतिक परिवर्तन का परिणाम नहीं थी, बल्कि इसके पीछे अमेरिका की खुफिया एजेंसी सीआईए और इजराइल की मोसाद की कथित साजिश थी।

केतकर ने समझाया आंकड़ों का गणित

केतकर ने कहा कि दोनों एजेंसियों ने मिलकर यह सुनिश्चित किया था कि कांग्रेस का सीट संख्या 206 से आगे न बढ़े और पार्टी सत्ता से बाहर हो जाए। केतकर ने याद दिलाया कि 2004 में कांग्रेस ने 145 सीटें जीती थीं और 2009 में यह आंकड़ा बढ़कर 206 हो गया था। उन्होंने कहा कि अगर यही ट्रेंड जारी रहता तो 2014 में कांग्रेस को 250 से ज्यादा सीटें मिलनी चाहिए थीं और वह आराम से सत्ता में वापस आ जाती। लेकिन अचानक सीटें घटकर सिर्फ 44 रह गईं। यह सामान्य जनादेश नहीं था।

भारत के राजनीतिक परिदृश्य को प्रभावित करने की रणनीति

केतकर ने कहा कुछ अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने तय किया था कि किसी भी हाल में कांग्रेस को 206 सीटों से ज्यादा नहीं मिलने दी जाए। सीआईए और मोसाद ने डेटा इकट्ठा किया, रणनीति बनाई और ऐसा माहौल बनाया कि कांग्रेस सत्ता में न लौट सके। केतकर के मुताबिक, इन एजेंसियों को डर था कि यदि यूपीए दोबारा स्थिर सरकार बनाती, तो भारत की नीतियों पर उनका प्रभाव सीमित हो जाता और वे अपनी इच्छानुसार हस्तक्षेप नहीं कर पाते।

अपने अनुकूल सरकार बनाने की साजिश का आरोप

पूर्व पत्रकार रहे केतकर ने दावा किया कि इन विदेशी खुफिया एजेंसियों का उद्देश्य भारत में ऐसी सरकार तैयार करना था जो उनके लिए अनुकूल हो और उनकी नीतियों को आसानी से लागू कर सके। केतकर के मुताबिक, अगर कांग्रेस की स्थिर सरकार लौटती या गठबंधन सरकार मजबूत स्थिति में आती, तो विदेशी एजेंसियों के लिए भारत में हस्तक्षेप करना मुश्किल हो जाता है।

बिहार में बेदम हुई कांग्रेस, ओवैसी से भी पिछड़ी पार्टी

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बिहार की अपनी पुरानी राजनीतिक जमीन तलाश रही कांग्रेस को बहुत बड़ा झटका लगा है। रुझानों में एनडीए को 198, महागठबंधन को 39 और अन्य के खाते में 6 सीटें जाने के संकेत मिल रहे हैं। एनडीए के खाते में से नीतीश कुमार की जदयू के हिस्से में अपने दम पर 80 सीटें आती दिख रही हैं। 39 सीटों पर सिमटते दिख रहे महागठबंधन में कांग्रेस का हाल और भी बुरा है, वो महज 4 सीटों ही जीतती दिख रही है।

एआईएमआईएम से भी पीछे कांग्रेस

कांग्रेस की हालत रुझानों के मुताबिक तो ऐसी है कि राहुल गांधी जैसे कद्दावर नेता के वोट चोरी जैसे तमाम आरोपों के बावजूद पार्टी असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम से पीछे है। एआईएमआईएम को रुझानों में 5 सीटें मिलती दिख रही हैं।

पिछले चुनाव से भी खराब प्रदर्शन

बिहार के चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन पिछले विधानसभा चुनाव से भी खराब रहा। वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को महागठबंधन में 70 सीटें मिली थीं और वह 19 सीटें जीती थी। इस बार उसे 61 सीटें मिलीं जिनमें से वह 5 सीटें ही जीतती दिख रही है। यानी पिछले चुनाव के मुकाबले कांग्रेस आधी सीटें भी नहीं जीत सकी।

वोटर अधिकार यात्रा में दिखा आत्मविश्वास “फुस्स”

कांग्रेस का 2020 के चुनाव में प्रदर्शन बहुत निराशाजनक रहा था। इसे सुधारने और बिहार में नया जनाधार बनाने के लिए ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बिहार में विधानसभा चुनाव के ऐलान से पहले सितंबर में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) में कथित धांधली और 'वोट चोरी' के आरोपों को लेकर वोटर अधिकार यात्रा निकाली थी। इस यात्रा के दौरान राहुल गांधी में आत्मविश्वास झलकता रहा। तब प्रतीत हो रहा था कि कांग्रेस दशकों बाद बिहार की सत्ता में लौटने के लिए तैयार हो गई है। हालांकि जब महागठबंधन में सीटों के बंटवारे की बारी आई तो विपक्ष के इस गठबंधन के नेतृत्व और सीटों को लेकर जमकर रस्साकशी चली। इस भिड़ंत में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने अपना वर्चस्व बना लिया और कांग्रेस का उत्साह ठंडा पड़ता हुआ दिखा।

चुनाव की घोषणा के बाद बिहार से रहे गायब

चुनाव का ऐलान होने के बाद राहुल गांधी बिहार से गायब हो गए। जब उनका आंदोलन गति पकड़ चुका था, जनता में उसकी अच्छी प्रतिक्रिया हो रही थी, तब विरोध की आग को जलाए रखने के बजाय वे विदेश यात्रा पर चले गए। इसका सत्ता पक्ष ने ही नहीं कांग्रेस के सहयोगी आरजेडी ने भी फायदा उठाया।

Bihar Chunav Result: रूझानों में एनडीए को बहुमत, बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी

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बिहार विधानसभा के कुल 243 सीटों पर काउंटिंग जारी है। चुनाव के रुझान आने लगे हैं। चुनाव आयोग ने अपनी वेबसाइट results.eci.gov.in पर रूझान जारी कर दिया है। शुरुआती रुझान में एनडीए को भारी बढ़त दिख रही है। रुझान में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरती दिख रही है।

भाजपा सबसे आगे

चुनाव आयोग के आंकड़ों में भाजपा सबसे ज्यादा 84 सीटों पर आगे है जबकि जेडीयू 76 सीटों पर आगे है। राजद इतिहास का दूसरा सबसे बुरा प्रदर्शन करती दिख रही है। वह केवल 34 सीटों पर आगे है। लोजपा 22 सीटों पर आगे चल रही है।कांग्रेस का भी बुरा हाल है, वो मात्र 5 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है।

एनडीए ने पार किया बहुमत का आंकड़ा

बहुमत के लिए 243 सदस्यीय विधानसभा में 122 सीटें चाहिए। इस लिहाज से एनडीए ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। एनडीए को इस चुनाव में 190 के करीब सीटें मिलती दिख रही है।

किस पार्टी को कितनी बढ़त?

Party Won Leading Total

Bharatiya Janata Party - BJP 0 84 84

Janata Dal (United) - JD(U) 0 76 76

Rashtriya Janata Dal - RJD 0 34 34

Lok Janshakti Party (Ram Vilas) - LJPRV 0 22 22

Communist Party of India (Marxist-Leninist) (Liberation) - CPI(ML)(L) 0 7 7

Indian National Congress - INC 0 5 5

Hindustani Awam Morcha (Secular) - HAMS 0 5 5

Rashtriya Lok Morcha - RSHTLKM 0 3 3

All India Majlis-E-Ittehadul Muslimeen - AIMIM 0 3 3

Communist Party of India (Marxist) - CPI(M) 0 2 2

Vikassheel Insaan Party - VSIP 0 1 1

Bahujan Samaj Party - BSP 0 1 1

Total 0 243 243

बिहार में मतों की गिनती जारी, शुरुआती रुझानों में बीजेपी को बढ़त

#biharelectionresults_2025

बिहार विधानसभा चुनाव में दो चरण में मतदान के के बाद नई सरकार चुनने के लिए कुछ ही देर में वोटों की गिनती शुरू हो चुकी है। मतगणना के बाद यह तय हो जाएगा कि अगले पांच साल तक बिहार में सीएम की कुर्सी पर कौन बैठेगा।

रुझानों में बीजेपी आगे

चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक शुरूआती रुझानों में बीजेपी आगे चल रही है। चुनाव आयोग की साइट पर जारी आंकड़ों के मुताबिक बीजेपी 28 सीटों पर बढ़त बने हुए है। जेडीयू 20 सीटों पर आगे है। वहीं, आरजेडी 17 और कांग्रेस 3 सीटों पर आगे चल रही है।

कौन कितनी सीटों पर आगेः

Party Won Leading Total

Bharatiya Janata Party - BJP 0 28 28

Janata Dal (United) - JD(U) 0 20 20

Rashtriya Janata Dal - RJD 0 17 17

Lok Janshakti Party (Ram Vilas) - LJPRV 0 7 7

Indian National Congress - INC 0 3 3

Communist Party of India (Marxist-Leninist) (Liberation) - CPI(ML)(L) 0 1 1

The Plurals Party - TPLRSP 0 1 1

Hindustani Awam Morcha (Secular) - HAMS 0 1 1

Total 0 78 78

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई 100% पाकिस्तानी एजेंट…”, असम सीएम हिमंत बिस्वा सरमा का बड़ा आरोप

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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एक बार फिर कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई पर गंभीर आरोप लगाया है। सरमा ने शनिवार को कहा कि 'गौरव गोगोई सौ प्रतिशत पाकिस्तान का एजेंट है। उसे बाहरी शक्तियों द्वारा देश में प्लांट किया गया है। सरमा ने कहा, जिस दिन मैं सबूत दिखाऊंगा, हर कोई मान जाएगा कि वह सौ प्रतिशत पाकिस्तानी एजेंट हैं। बता दें कि सरमा गोगोई के उनकी ब्रिटिश पत्नी के माध्यम से पाकिस्तानी संबंधों का आरोप लगाते रहे हैं।

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सरमा ने गोगोई को चुनौती दी

मीडिया से बातचीत में सरमा ने कहा, गौरव गोगोई पाकिस्तानी एजेंट हैं। वह पूरी तरह से पाकिस्तानी एजेंट हैं। अगर उनमें हिम्मत है, तो मेरे खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करें। मेरे पास सबूत हैं — वह 100 प्रतिशत पाकिस्तानी एजेंट हैं। उन्हें हमारे देश में किसी विदेशी शक्ति द्वारा भेजा गया है। वह एक ‘प्लांटेड’ व्यक्ति हैं। मैं यह तथ्य के साथ कह रहा हूं। एक मुख्यमंत्री के रूप में मैं कह रहा हूं कि वह पूरी तरह पाकिस्तानी एजेंट हैं।

गोगोई की पत्नी पर भी लगा चुके हैं आरोप

असम सीएम ने इससे पहले आरोप लगाया था कि कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई की पत्नी भारत में रहते हुए पाकिस्तान स्थित एक एनजीओ से वेतन लेती हैं। उनकी पत्नी और बच्चे भारतीय नागरिक नहीं हैं। साथ ही गोगोई से सवाल किया था कि क्या आप 15 दिनों के लिए पाकिस्तान गए थे।

पीएम मोदी के बिहार दौरे से पहले कांग्रेस हमलावर, जयराम रमेश ने पूछे तीखे सवाल

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज बिहार दौरे पर हैं। समस्तीपुर और बेगूसराय में उनकी जनसभा है। पीएम मोदी पहले समस्तीपुर पहुंचे, वहां पर भारत रत्न और पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर को श्रद्धांजलि देने उनके गांव पहुंचे। उनको नमन किया। साथ ही इस बीच परिजनों से भी मिलें। इसके बाद पीएम जनसभा को संबोधित करेंगे। पीएम मोदी के साथ मंच पर सीएम नीतीश कुमार समेत एनडीए के सभी दिग्गज नेता रहेंगे।

पीएम के बिहार दौरे से पहले कांग्रेस का सवाल

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बिहार दौरे से पहले जोरदार हमला बोला है। कांग्रेस ने कहा कि उन्हें यह बताना चाहिए कि पिछड़ों, अति पिछड़ों, दलितों और आदिवासियों के लिए 65 प्रतिशत आरक्षण के प्रावधान को संविधान की नौवीं अनुसूची में क्यों नहीं डाला गया। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, 'प्रधानमंत्री आज कर्पूरी ठाकुर जी के गांव जा रहे हैं। उनके लिए तीन सीधे सवाल हैं।' उन्होंने कहा, 'कर्पूरी ठाकुर जी ने 1978 में पिछड़ों को 26 प्रतिशत आरक्षण देकर सामाजिक न्याय की ऐतिहासिक नींव रखी थी। क्या यह सही नहीं है कि आपकी पार्टी के वैचारिक पूर्वज जनसंघ और आरएसएस ने उनकी आरक्षण नीति का खुलकर विरोध किया था? क्या उस समय जनसंघ-आरएसएस ने सड़कों पर कर्पूरी ठाकुर जी के खिलाफ अपमानजनक और घृणा से भरे नारे नहीं लगाए थे? क्या उस दौर में जनसंघ-आरएसएस खेमे के प्रमुख नेताओं ने कर्पूरी ठाकुर सरकार को अस्थिर करने और गिराने में अहम भूमिका नहीं निभाई थी?'

ऐतिहासिक गलती के लिए अपने वैचारिक पूर्वजों की ओर से माफी मांगेंगे?

कांग्रेस नेता ने सवाल किया, क्या प्रधानमंत्री आज उस ऐतिहासिक गलती के लिए अपने वैचारिक पूर्वजों, जनसंघ और आरएसएस की ओर से माफ़ी मांगेंगे? रमेश ने कहा, ‘क्या आपने कांग्रेस पार्टी की जाति जनगणना की मांग को “अर्बन नक्सल एजेंडा” कहकर दलितों, पिछड़ों, अति-पिछड़ों और आदिवासियों के अधिकारों का अपमान नहीं किया? क्या आपकी सरकार ने संसद (20 जुलाई 2021) और उच्चतम न्यायालय (21 सितंबर 2021) में जाति जनगणना कराने से इनकार नहीं किया? बहुसंख्यक वंचित वर्गों के करोड़ों लोगों की इस वैध मांग को आपकी सरकार ने लंबे समय तक जानबूझकर नज़रअंदाज़ किया – क्या आप इससे इनकार करेंगे?’

बिहार के 65 प्रतिशत आरक्षण को सुरक्षा क्यों नहीं दी गई?

जयराम रमेश ने आगे यह सवाल भी किया, ‘आपने और आपके ‘ट्रबल इंजन’ सरकार ने बिहार के जातिगत सर्वे के बाद पिछड़ों, अति पिछड़ों, दलितों और आदिवासियों के आरक्षण को 65 प्रतिशत करने के विधानसभा प्रस्ताव को 9वीं अनुसूची में क्यों नहीं डाला?’ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को बताना चाहिए कि कांग्रेस सरकार ने 1994 में तमिलनाडु के 69 प्रतिशत आरक्षण को जैसे 9वीं अनुसूची में शामिल कर सुरक्षा दी थी, वैसे ही बिहार के 65 प्रतिशत आरक्षण को सुरक्षा क्यों नहीं दी गई?

ओवैसी ने इस चुनाव में किया कांग्रेस का समर्थन, जनता से की खास अपील

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एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन औवेसी ने तेलंगाना की राजनीति पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने तेलंगाना के जुबली हिल्स उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार नवीन यादव को समर्थन देने का ऐलान किया है। औवेसी ने साफ कहा कि एआईएमआईएम का कोई प्रत्याशी जुबली हिल्स से चुनाव नहीं लड़ेगा।

बीआरएस पर लगाया विकास ना करने का आरोप

ओवैसी ने कहा, जुबली हिल्स में उपचुनाव होने वाले हैं। रेवंत रेड्डी राज्य के मुख्यमंत्री हैं। इस उपचुनाव से न तो सरकार बनेगी और न ही सरकार बदलेगी। जुबली हिल्स की जनता ने बीआरएस के पूर्व विधायक को 10 साल दिए, लेकिन उन्होंने इसका कोई फायदा नहीं उठाया। जुबली हिल्स के किसी भी वार्ड में कोई विकास नहीं हुआ। वहां विकास के मुद्दे पर ही वोटिंग होनी चाहिए।

ओवैसी ने की कांग्रेस उम्मीदवार को वोट देने की अपील

एआईएमआईएम जुबली हिल्स से अपना उम्मीदवार नहीं उतार रही है। हम जुबली हिल्स की जनता से अपील करते हैं कि वे युवा नेता नवीन यादव (कांग्रेस उम्मीदवार) को वोट दें, ताकि वह जुबली हिल्स का विकास कर सकें। यह पार्टी का फैसला है। मौजूदा सरकार कम से कम 2.5 से 3 साल सत्ता में रहेगी और इस उपचुनाव से कुछ बदलने वाला नहीं है। 2028 में जब विधानसभा चुनाव होंगे तब आप देखेंगे कि एआईएमआईएम जुबली हिल्स में क्या करती है।

जुबली हिल्स सीट पर कांग्रेस ने नवीन यादव और बीआरएस ने मंगती सुनीता को उम्मीदवार बनाया है। मंगती सुनीता यहां के विधायक रहे मंगती गोपीनाथ की पत्नी हैं, जिनके निधन से यह सीट खाली हुई है। बीजेपी ने जुबली हिल्स से एल.दीपक रेड्डी को मैदान में उतारकर चुनाव को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश की है।

कांग्रेस ने पीएम मोदी को बताया “मौनी बाबा”, पर साधा निशाना, ट्रंप के रूस से तेल खरीद के दावे पर साधा निशाना

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत और रूस के बीच कच्चा तेल खरीदने संबंधी दावे को लेकर देश का सियासी पारा हाई है। कांग्रेस लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साध रही है। इस बीच कांग्रेस ने पीएम मोदी पर तंज कसते हुए उन्हें 'मौनी बाबा' बताया है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने पीएम मोदी पर कटाक्ष करते हुए एक्स पर एक पोस्ट किया है

क्या बोले जयराम रमेश?

जयराम रमेश ने शनिवार को 'एक्स' पर पोस्ट किया, 'राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बार फिर कहा है कि उनके 'अच्छे दोस्त' ने उन्हें आश्वासन दिया है कि भारत रूस से तेल के आयात में कटौती करेगा। लेकिन वह 'अच्छे दोस्त' उस वक्त अचानक 'मौनी बाबा' बन जाते हैं जब राष्ट्रपति ट्रंप कहते हैं कि उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर रुकवा दिया है और अब जब वह कहते हैं कि भारत रूस से तेल का आयात कम कर देगा।'

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा के बाद तंज

रमेश ने एक्स पर किए अपने पोस्ट में आगे लिखा कि अप्रैल से सितंबर 2025 के बीच भारत का चीन के साथ व्यापार घाटा 54.4 अरब डॉलर तक बढ़ गया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 49.6 अरब डॉलर था। उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने फिर दावा किया कि भारत अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा और वह तनाव घटा रहा है और पीछे हट रहा है। यह दूसरी बार है जब ट्रंप ने ऐसा बयान दिया है।

ट्रंप ने क्या दावा किया?

इससे पहले गुरूवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि नई दिल्ली रूसी कच्चे तेल की खरीद बंद कर देगा। रूस से कच्चे तेल के आयात को लेकर ट्रंप के पिछले दावे के बाद भारत सरकार ने कहा था कि वह बाजार की परिस्थितियों के अनुरूप ऊर्जा स्रोत के आधार को व्यापक और विविध बना रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ट्रंप के दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि अस्थिर ऊर्जा परिदृश्य में भारतीय उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना सरकार की निरंतर प्राथमिकता रही है।

बीजेपी सांसद का पूर्व पीएम राजीव गांधी पर बड़ा आरोप, बोले-राहुल गांधी के पिताजी स्वीडन की कंपनी के एजेंट थे

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भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने एक बार फिर कांग्रेस और राहुल गांधी पर बड़ा गंभीर आरोप लगाया है। निशिंकात दुबे ने राहुल गांधी को उनके पिता और पूर्व पीएम राजीव गांधी के नाम पर घेरा। बीजेपी सांसद ने दावा किया गया कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी एक स्वीडिश सैन्य कंपनी के एजेंट थे।

निशिकांत दुबे ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर राहुल गांधी पर उनके पिता का नाम लेकर जोरदार हमला बोला। दुबे ने सोशल मीडिया पर एक दस्तावेज शेयर किया। इसमें दावा किया गया कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी एक स्वीडिश सैन्य कंपनी के एजेंट थे। उन्होंने आगे कहा कि इसका मतलब है कि वह 1970 के दशक में दलाली में शामिल थे।

फाइटर जेट सौदे में राजीव गांधी की भूमिका पर उठाया था सवाल

यह पहला मौका नहीं है, जब निशिकांत ने राजीव गांधी को लेकर कोई बयान दिया है। इससे पहले जुलाई में भी दुबे ने विकीलीक्स की एक पुरानी रिपोर्ट के हवाले से राजीव और इंदिरा गांधी पर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि 1970 के दशक में एक फाइटर जेट सौदे में राजीव गांधी ने ‘बिचौलिये’ की भूमिका निभाई थी।

इंदिरा गांधी पर रक्षा सौदों में ज़्यादा हस्तक्षेप का आरोप

भाजपा नेता ने यह भी आरोप लगाया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने डिफेंस डील में 'हद से ज़्यादा दखलंदाज़ी' की थी। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा कि 2013 में विकीलीक्स ने चौंकाने वाले खुलासे किए थे। दुबे ने अपने पोस्ट में लिखा, "21 अक्टूबर 1975 को एक स्वीडिश डिप्लोमैट ने अमेरिकी सरकार को बताया कि साब-स्कैनिया कंपनी भारत को विगेन फाइटर जेट बेचना चाहती थी, और उस वक्त की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के पायलट बेटे राजीव गांधी बिचौलिये की तरह काम कर रहे थे।" उन्होंने यह भी कहा कि इंदिरा गांधी रक्षा सौदों में ज़्यादा हस्तक्षेप करती थीं।

विदेशों से संचालित हो रहे कांग्रेस नेताओं के 'X' अकाउंट, बीजेपी नेता संबित पात्रा का चौंकाने वाला दावा

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एलन मस्क की सोशल मीडिया कंपनी एक्स ने हाल ही में अपने प्लेटफॉर्म पर एक नया फीचर लॉन्च किया है, जो किसी भी अकाउंट की लोकेशन, उपयोगकर्ता नाम बदलने की हिस्ट्री और ऐप डाउनलोड लोकेशन दिखाता है। इस फीचर ने भारत में राजनीतिक हलचल मचा दी है। दरअसल, भाजपा ने कांग्रेस पर विदेश से संचालित होने वाले खातों के जरिए भारत की छवि खराब करने का आरोप लगाया है।

कांग्रेस पर बीजेपी का गंभीर आरोप

संबित पात्रा ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस देश के बाहर बैठे लोगों के साथ मिलकर भारत के खिलाफ नैरेटिव बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि एक्स प्लेटफॉर्म के फीचर के आधार पर यह पता चला है कि कई कांग्रेस नेताओं और संगठनात्मक अकाउंट्स की लोकेशन भारत में नहीं, बल्कि विदेशों में दिखाई दे रही है। उनके मुताबिक पवन खेड़ा का अकाउंट अमेरिका में बेस्ड दिख रहा है, जबकि महाराष्ट्र कांग्रेस का अकाउंट आयरलैंड से जुड़ा हुआ था जिसे बाद में बदलकर भारत कर दिया गया। हिमाचल कांग्रेस का अकाउंट थाईलैंड से जुड़ा बताया गया।

पीएम मोदी और भारत के अपमान की कोशिश

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए संबित पात्रा ने कहा कि कांग्रेस, राहुल गांधी और वामपंथी दलों के जाने-माने चेहरों ने 2014 में बीजेपी के सत्ता में आने के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत का अपमान करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।

विदेश से भारत के खिलाफ एजेंडा चलाने का आरोप

संबित पात्रा ने दावा किया कि कई लेफ्ट और कांग्रेस समर्थक इन्फ्लुएंसर्स पाकिस्तान, बांग्लादेश और साउथ ईस्ट एशिया में बैठे हुए हैं और भारत के खिलाफ एजेंडा चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि 'कांग्रेस का काम देश को बांटना है और इसलिए विदेशों से मिलकर भारत के खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है

राहुल गांधी गलत नरेटिव सेट करने का आरोप

संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी देश में गलत नरेटिव सेट करने के लिए विदेशों में गलत बयानबाजी करते हैं। वे केवल जेन-Z से मिलकर देश के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश नहीं करते हैं बल्कि देश के खिलाफ माहौल सेट करते हैं। पात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि भारत में कुछ ऐसे नैरेटिव जो राहुल गांधी, कांग्रेस और लेफ्ट इकोसिस्टम के कहने पर सेट किए गए, ऐसे तीन नैरेटिव के उदाहरण मैं दूंगा। पहला - वोट चोरी का नैरेटिव सेट किया गया। दूसरा - ऑपरेशन सिंदूर में जो मोदी जी और भारत की सेना को एक तरह से दुर्बल दिखाने की कोशिश की गई, उसके पीछे भी पाकिस्तान, बांग्लादेश और पश्चिम एशिया में बैठे कुछ कांग्रेसी और उनके शुभचिंतकों के हैंडल हैं। तीसरा- संघ, संघ परिवार और मोदी जी पर व्यक्तिगत हमला करने का नैरेटिव भी विदेश से ही संचालित हुआ।

2014 के चुनाव में कांग्रेस के खिलाफ रची गई साजिश! पूर्व सांसद का सीआईए-मोसाद को लेकर चौंकाने वाला दावा

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद कुमार केतकर ने 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हार को लेकर बड़ा बयान दिया है। कुमार केतकर ने दावा का है कि सीआईए और मोसाद, जो अमेरिका और इजराइल की जासूसी एजेंसियां हैं, ने 2014 में हुए लोकसभा चुनावों में कांग्रेस की हार की साजिश रची थी।

कांग्रेस की हार सीआईए और मोसाद की साजिश!

मुंबई में संविधान दिवस के अवसर पर आयोजित कांग्रेस के एक कार्यक्रम में बुधवार को कांग्रेस नेता और राज्यसभा के पूर्व सदस्य कुमार केतकर ने एक चौंकाने वाला दावा किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस की भारी हार किसी सामान्य राजनीतिक परिवर्तन का परिणाम नहीं थी, बल्कि इसके पीछे अमेरिका की खुफिया एजेंसी सीआईए और इजराइल की मोसाद की कथित साजिश थी।

केतकर ने समझाया आंकड़ों का गणित

केतकर ने कहा कि दोनों एजेंसियों ने मिलकर यह सुनिश्चित किया था कि कांग्रेस का सीट संख्या 206 से आगे न बढ़े और पार्टी सत्ता से बाहर हो जाए। केतकर ने याद दिलाया कि 2004 में कांग्रेस ने 145 सीटें जीती थीं और 2009 में यह आंकड़ा बढ़कर 206 हो गया था। उन्होंने कहा कि अगर यही ट्रेंड जारी रहता तो 2014 में कांग्रेस को 250 से ज्यादा सीटें मिलनी चाहिए थीं और वह आराम से सत्ता में वापस आ जाती। लेकिन अचानक सीटें घटकर सिर्फ 44 रह गईं। यह सामान्य जनादेश नहीं था।

भारत के राजनीतिक परिदृश्य को प्रभावित करने की रणनीति

केतकर ने कहा कुछ अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने तय किया था कि किसी भी हाल में कांग्रेस को 206 सीटों से ज्यादा नहीं मिलने दी जाए। सीआईए और मोसाद ने डेटा इकट्ठा किया, रणनीति बनाई और ऐसा माहौल बनाया कि कांग्रेस सत्ता में न लौट सके। केतकर के मुताबिक, इन एजेंसियों को डर था कि यदि यूपीए दोबारा स्थिर सरकार बनाती, तो भारत की नीतियों पर उनका प्रभाव सीमित हो जाता और वे अपनी इच्छानुसार हस्तक्षेप नहीं कर पाते।

अपने अनुकूल सरकार बनाने की साजिश का आरोप

पूर्व पत्रकार रहे केतकर ने दावा किया कि इन विदेशी खुफिया एजेंसियों का उद्देश्य भारत में ऐसी सरकार तैयार करना था जो उनके लिए अनुकूल हो और उनकी नीतियों को आसानी से लागू कर सके। केतकर के मुताबिक, अगर कांग्रेस की स्थिर सरकार लौटती या गठबंधन सरकार मजबूत स्थिति में आती, तो विदेशी एजेंसियों के लिए भारत में हस्तक्षेप करना मुश्किल हो जाता है।

बिहार में बेदम हुई कांग्रेस, ओवैसी से भी पिछड़ी पार्टी

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बिहार की अपनी पुरानी राजनीतिक जमीन तलाश रही कांग्रेस को बहुत बड़ा झटका लगा है। रुझानों में एनडीए को 198, महागठबंधन को 39 और अन्य के खाते में 6 सीटें जाने के संकेत मिल रहे हैं। एनडीए के खाते में से नीतीश कुमार की जदयू के हिस्से में अपने दम पर 80 सीटें आती दिख रही हैं। 39 सीटों पर सिमटते दिख रहे महागठबंधन में कांग्रेस का हाल और भी बुरा है, वो महज 4 सीटों ही जीतती दिख रही है।

एआईएमआईएम से भी पीछे कांग्रेस

कांग्रेस की हालत रुझानों के मुताबिक तो ऐसी है कि राहुल गांधी जैसे कद्दावर नेता के वोट चोरी जैसे तमाम आरोपों के बावजूद पार्टी असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम से पीछे है। एआईएमआईएम को रुझानों में 5 सीटें मिलती दिख रही हैं।

पिछले चुनाव से भी खराब प्रदर्शन

बिहार के चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन पिछले विधानसभा चुनाव से भी खराब रहा। वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को महागठबंधन में 70 सीटें मिली थीं और वह 19 सीटें जीती थी। इस बार उसे 61 सीटें मिलीं जिनमें से वह 5 सीटें ही जीतती दिख रही है। यानी पिछले चुनाव के मुकाबले कांग्रेस आधी सीटें भी नहीं जीत सकी।

वोटर अधिकार यात्रा में दिखा आत्मविश्वास “फुस्स”

कांग्रेस का 2020 के चुनाव में प्रदर्शन बहुत निराशाजनक रहा था। इसे सुधारने और बिहार में नया जनाधार बनाने के लिए ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बिहार में विधानसभा चुनाव के ऐलान से पहले सितंबर में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) में कथित धांधली और 'वोट चोरी' के आरोपों को लेकर वोटर अधिकार यात्रा निकाली थी। इस यात्रा के दौरान राहुल गांधी में आत्मविश्वास झलकता रहा। तब प्रतीत हो रहा था कि कांग्रेस दशकों बाद बिहार की सत्ता में लौटने के लिए तैयार हो गई है। हालांकि जब महागठबंधन में सीटों के बंटवारे की बारी आई तो विपक्ष के इस गठबंधन के नेतृत्व और सीटों को लेकर जमकर रस्साकशी चली। इस भिड़ंत में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने अपना वर्चस्व बना लिया और कांग्रेस का उत्साह ठंडा पड़ता हुआ दिखा।

चुनाव की घोषणा के बाद बिहार से रहे गायब

चुनाव का ऐलान होने के बाद राहुल गांधी बिहार से गायब हो गए। जब उनका आंदोलन गति पकड़ चुका था, जनता में उसकी अच्छी प्रतिक्रिया हो रही थी, तब विरोध की आग को जलाए रखने के बजाय वे विदेश यात्रा पर चले गए। इसका सत्ता पक्ष ने ही नहीं कांग्रेस के सहयोगी आरजेडी ने भी फायदा उठाया।

Bihar Chunav Result: रूझानों में एनडीए को बहुमत, बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी

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बिहार विधानसभा के कुल 243 सीटों पर काउंटिंग जारी है। चुनाव के रुझान आने लगे हैं। चुनाव आयोग ने अपनी वेबसाइट results.eci.gov.in पर रूझान जारी कर दिया है। शुरुआती रुझान में एनडीए को भारी बढ़त दिख रही है। रुझान में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरती दिख रही है।

भाजपा सबसे आगे

चुनाव आयोग के आंकड़ों में भाजपा सबसे ज्यादा 84 सीटों पर आगे है जबकि जेडीयू 76 सीटों पर आगे है। राजद इतिहास का दूसरा सबसे बुरा प्रदर्शन करती दिख रही है। वह केवल 34 सीटों पर आगे है। लोजपा 22 सीटों पर आगे चल रही है।कांग्रेस का भी बुरा हाल है, वो मात्र 5 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है।

एनडीए ने पार किया बहुमत का आंकड़ा

बहुमत के लिए 243 सदस्यीय विधानसभा में 122 सीटें चाहिए। इस लिहाज से एनडीए ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। एनडीए को इस चुनाव में 190 के करीब सीटें मिलती दिख रही है।

किस पार्टी को कितनी बढ़त?

Party Won Leading Total

Bharatiya Janata Party - BJP 0 84 84

Janata Dal (United) - JD(U) 0 76 76

Rashtriya Janata Dal - RJD 0 34 34

Lok Janshakti Party (Ram Vilas) - LJPRV 0 22 22

Communist Party of India (Marxist-Leninist) (Liberation) - CPI(ML)(L) 0 7 7

Indian National Congress - INC 0 5 5

Hindustani Awam Morcha (Secular) - HAMS 0 5 5

Rashtriya Lok Morcha - RSHTLKM 0 3 3

All India Majlis-E-Ittehadul Muslimeen - AIMIM 0 3 3

Communist Party of India (Marxist) - CPI(M) 0 2 2

Vikassheel Insaan Party - VSIP 0 1 1

Bahujan Samaj Party - BSP 0 1 1

Total 0 243 243

बिहार में मतों की गिनती जारी, शुरुआती रुझानों में बीजेपी को बढ़त

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बिहार विधानसभा चुनाव में दो चरण में मतदान के के बाद नई सरकार चुनने के लिए कुछ ही देर में वोटों की गिनती शुरू हो चुकी है। मतगणना के बाद यह तय हो जाएगा कि अगले पांच साल तक बिहार में सीएम की कुर्सी पर कौन बैठेगा।

रुझानों में बीजेपी आगे

चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक शुरूआती रुझानों में बीजेपी आगे चल रही है। चुनाव आयोग की साइट पर जारी आंकड़ों के मुताबिक बीजेपी 28 सीटों पर बढ़त बने हुए है। जेडीयू 20 सीटों पर आगे है। वहीं, आरजेडी 17 और कांग्रेस 3 सीटों पर आगे चल रही है।

कौन कितनी सीटों पर आगेः

Party Won Leading Total

Bharatiya Janata Party - BJP 0 28 28

Janata Dal (United) - JD(U) 0 20 20

Rashtriya Janata Dal - RJD 0 17 17

Lok Janshakti Party (Ram Vilas) - LJPRV 0 7 7

Indian National Congress - INC 0 3 3

Communist Party of India (Marxist-Leninist) (Liberation) - CPI(ML)(L) 0 1 1

The Plurals Party - TPLRSP 0 1 1

Hindustani Awam Morcha (Secular) - HAMS 0 1 1

Total 0 78 78

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई 100% पाकिस्तानी एजेंट…”, असम सीएम हिमंत बिस्वा सरमा का बड़ा आरोप

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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एक बार फिर कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई पर गंभीर आरोप लगाया है। सरमा ने शनिवार को कहा कि 'गौरव गोगोई सौ प्रतिशत पाकिस्तान का एजेंट है। उसे बाहरी शक्तियों द्वारा देश में प्लांट किया गया है। सरमा ने कहा, जिस दिन मैं सबूत दिखाऊंगा, हर कोई मान जाएगा कि वह सौ प्रतिशत पाकिस्तानी एजेंट हैं। बता दें कि सरमा गोगोई के उनकी ब्रिटिश पत्नी के माध्यम से पाकिस्तानी संबंधों का आरोप लगाते रहे हैं।

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सरमा ने गोगोई को चुनौती दी

मीडिया से बातचीत में सरमा ने कहा, गौरव गोगोई पाकिस्तानी एजेंट हैं। वह पूरी तरह से पाकिस्तानी एजेंट हैं। अगर उनमें हिम्मत है, तो मेरे खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करें। मेरे पास सबूत हैं — वह 100 प्रतिशत पाकिस्तानी एजेंट हैं। उन्हें हमारे देश में किसी विदेशी शक्ति द्वारा भेजा गया है। वह एक ‘प्लांटेड’ व्यक्ति हैं। मैं यह तथ्य के साथ कह रहा हूं। एक मुख्यमंत्री के रूप में मैं कह रहा हूं कि वह पूरी तरह पाकिस्तानी एजेंट हैं।

गोगोई की पत्नी पर भी लगा चुके हैं आरोप

असम सीएम ने इससे पहले आरोप लगाया था कि कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई की पत्नी भारत में रहते हुए पाकिस्तान स्थित एक एनजीओ से वेतन लेती हैं। उनकी पत्नी और बच्चे भारतीय नागरिक नहीं हैं। साथ ही गोगोई से सवाल किया था कि क्या आप 15 दिनों के लिए पाकिस्तान गए थे।

पीएम मोदी के बिहार दौरे से पहले कांग्रेस हमलावर, जयराम रमेश ने पूछे तीखे सवाल

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज बिहार दौरे पर हैं। समस्तीपुर और बेगूसराय में उनकी जनसभा है। पीएम मोदी पहले समस्तीपुर पहुंचे, वहां पर भारत रत्न और पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर को श्रद्धांजलि देने उनके गांव पहुंचे। उनको नमन किया। साथ ही इस बीच परिजनों से भी मिलें। इसके बाद पीएम जनसभा को संबोधित करेंगे। पीएम मोदी के साथ मंच पर सीएम नीतीश कुमार समेत एनडीए के सभी दिग्गज नेता रहेंगे।

पीएम के बिहार दौरे से पहले कांग्रेस का सवाल

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बिहार दौरे से पहले जोरदार हमला बोला है। कांग्रेस ने कहा कि उन्हें यह बताना चाहिए कि पिछड़ों, अति पिछड़ों, दलितों और आदिवासियों के लिए 65 प्रतिशत आरक्षण के प्रावधान को संविधान की नौवीं अनुसूची में क्यों नहीं डाला गया। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, 'प्रधानमंत्री आज कर्पूरी ठाकुर जी के गांव जा रहे हैं। उनके लिए तीन सीधे सवाल हैं।' उन्होंने कहा, 'कर्पूरी ठाकुर जी ने 1978 में पिछड़ों को 26 प्रतिशत आरक्षण देकर सामाजिक न्याय की ऐतिहासिक नींव रखी थी। क्या यह सही नहीं है कि आपकी पार्टी के वैचारिक पूर्वज जनसंघ और आरएसएस ने उनकी आरक्षण नीति का खुलकर विरोध किया था? क्या उस समय जनसंघ-आरएसएस ने सड़कों पर कर्पूरी ठाकुर जी के खिलाफ अपमानजनक और घृणा से भरे नारे नहीं लगाए थे? क्या उस दौर में जनसंघ-आरएसएस खेमे के प्रमुख नेताओं ने कर्पूरी ठाकुर सरकार को अस्थिर करने और गिराने में अहम भूमिका नहीं निभाई थी?'

ऐतिहासिक गलती के लिए अपने वैचारिक पूर्वजों की ओर से माफी मांगेंगे?

कांग्रेस नेता ने सवाल किया, क्या प्रधानमंत्री आज उस ऐतिहासिक गलती के लिए अपने वैचारिक पूर्वजों, जनसंघ और आरएसएस की ओर से माफ़ी मांगेंगे? रमेश ने कहा, ‘क्या आपने कांग्रेस पार्टी की जाति जनगणना की मांग को “अर्बन नक्सल एजेंडा” कहकर दलितों, पिछड़ों, अति-पिछड़ों और आदिवासियों के अधिकारों का अपमान नहीं किया? क्या आपकी सरकार ने संसद (20 जुलाई 2021) और उच्चतम न्यायालय (21 सितंबर 2021) में जाति जनगणना कराने से इनकार नहीं किया? बहुसंख्यक वंचित वर्गों के करोड़ों लोगों की इस वैध मांग को आपकी सरकार ने लंबे समय तक जानबूझकर नज़रअंदाज़ किया – क्या आप इससे इनकार करेंगे?’

बिहार के 65 प्रतिशत आरक्षण को सुरक्षा क्यों नहीं दी गई?

जयराम रमेश ने आगे यह सवाल भी किया, ‘आपने और आपके ‘ट्रबल इंजन’ सरकार ने बिहार के जातिगत सर्वे के बाद पिछड़ों, अति पिछड़ों, दलितों और आदिवासियों के आरक्षण को 65 प्रतिशत करने के विधानसभा प्रस्ताव को 9वीं अनुसूची में क्यों नहीं डाला?’ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को बताना चाहिए कि कांग्रेस सरकार ने 1994 में तमिलनाडु के 69 प्रतिशत आरक्षण को जैसे 9वीं अनुसूची में शामिल कर सुरक्षा दी थी, वैसे ही बिहार के 65 प्रतिशत आरक्षण को सुरक्षा क्यों नहीं दी गई?

ओवैसी ने इस चुनाव में किया कांग्रेस का समर्थन, जनता से की खास अपील

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एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन औवेसी ने तेलंगाना की राजनीति पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने तेलंगाना के जुबली हिल्स उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार नवीन यादव को समर्थन देने का ऐलान किया है। औवेसी ने साफ कहा कि एआईएमआईएम का कोई प्रत्याशी जुबली हिल्स से चुनाव नहीं लड़ेगा।

बीआरएस पर लगाया विकास ना करने का आरोप

ओवैसी ने कहा, जुबली हिल्स में उपचुनाव होने वाले हैं। रेवंत रेड्डी राज्य के मुख्यमंत्री हैं। इस उपचुनाव से न तो सरकार बनेगी और न ही सरकार बदलेगी। जुबली हिल्स की जनता ने बीआरएस के पूर्व विधायक को 10 साल दिए, लेकिन उन्होंने इसका कोई फायदा नहीं उठाया। जुबली हिल्स के किसी भी वार्ड में कोई विकास नहीं हुआ। वहां विकास के मुद्दे पर ही वोटिंग होनी चाहिए।

ओवैसी ने की कांग्रेस उम्मीदवार को वोट देने की अपील

एआईएमआईएम जुबली हिल्स से अपना उम्मीदवार नहीं उतार रही है। हम जुबली हिल्स की जनता से अपील करते हैं कि वे युवा नेता नवीन यादव (कांग्रेस उम्मीदवार) को वोट दें, ताकि वह जुबली हिल्स का विकास कर सकें। यह पार्टी का फैसला है। मौजूदा सरकार कम से कम 2.5 से 3 साल सत्ता में रहेगी और इस उपचुनाव से कुछ बदलने वाला नहीं है। 2028 में जब विधानसभा चुनाव होंगे तब आप देखेंगे कि एआईएमआईएम जुबली हिल्स में क्या करती है।

जुबली हिल्स सीट पर कांग्रेस ने नवीन यादव और बीआरएस ने मंगती सुनीता को उम्मीदवार बनाया है। मंगती सुनीता यहां के विधायक रहे मंगती गोपीनाथ की पत्नी हैं, जिनके निधन से यह सीट खाली हुई है। बीजेपी ने जुबली हिल्स से एल.दीपक रेड्डी को मैदान में उतारकर चुनाव को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश की है।

कांग्रेस ने पीएम मोदी को बताया “मौनी बाबा”, पर साधा निशाना, ट्रंप के रूस से तेल खरीद के दावे पर साधा निशाना

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत और रूस के बीच कच्चा तेल खरीदने संबंधी दावे को लेकर देश का सियासी पारा हाई है। कांग्रेस लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साध रही है। इस बीच कांग्रेस ने पीएम मोदी पर तंज कसते हुए उन्हें 'मौनी बाबा' बताया है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने पीएम मोदी पर कटाक्ष करते हुए एक्स पर एक पोस्ट किया है

क्या बोले जयराम रमेश?

जयराम रमेश ने शनिवार को 'एक्स' पर पोस्ट किया, 'राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बार फिर कहा है कि उनके 'अच्छे दोस्त' ने उन्हें आश्वासन दिया है कि भारत रूस से तेल के आयात में कटौती करेगा। लेकिन वह 'अच्छे दोस्त' उस वक्त अचानक 'मौनी बाबा' बन जाते हैं जब राष्ट्रपति ट्रंप कहते हैं कि उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर रुकवा दिया है और अब जब वह कहते हैं कि भारत रूस से तेल का आयात कम कर देगा।'

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा के बाद तंज

रमेश ने एक्स पर किए अपने पोस्ट में आगे लिखा कि अप्रैल से सितंबर 2025 के बीच भारत का चीन के साथ व्यापार घाटा 54.4 अरब डॉलर तक बढ़ गया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 49.6 अरब डॉलर था। उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने फिर दावा किया कि भारत अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा और वह तनाव घटा रहा है और पीछे हट रहा है। यह दूसरी बार है जब ट्रंप ने ऐसा बयान दिया है।

ट्रंप ने क्या दावा किया?

इससे पहले गुरूवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि नई दिल्ली रूसी कच्चे तेल की खरीद बंद कर देगा। रूस से कच्चे तेल के आयात को लेकर ट्रंप के पिछले दावे के बाद भारत सरकार ने कहा था कि वह बाजार की परिस्थितियों के अनुरूप ऊर्जा स्रोत के आधार को व्यापक और विविध बना रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ट्रंप के दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि अस्थिर ऊर्जा परिदृश्य में भारतीय उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना सरकार की निरंतर प्राथमिकता रही है।

बीजेपी सांसद का पूर्व पीएम राजीव गांधी पर बड़ा आरोप, बोले-राहुल गांधी के पिताजी स्वीडन की कंपनी के एजेंट थे

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भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने एक बार फिर कांग्रेस और राहुल गांधी पर बड़ा गंभीर आरोप लगाया है। निशिंकात दुबे ने राहुल गांधी को उनके पिता और पूर्व पीएम राजीव गांधी के नाम पर घेरा। बीजेपी सांसद ने दावा किया गया कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी एक स्वीडिश सैन्य कंपनी के एजेंट थे।

निशिकांत दुबे ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर राहुल गांधी पर उनके पिता का नाम लेकर जोरदार हमला बोला। दुबे ने सोशल मीडिया पर एक दस्तावेज शेयर किया। इसमें दावा किया गया कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी एक स्वीडिश सैन्य कंपनी के एजेंट थे। उन्होंने आगे कहा कि इसका मतलब है कि वह 1970 के दशक में दलाली में शामिल थे।

फाइटर जेट सौदे में राजीव गांधी की भूमिका पर उठाया था सवाल

यह पहला मौका नहीं है, जब निशिकांत ने राजीव गांधी को लेकर कोई बयान दिया है। इससे पहले जुलाई में भी दुबे ने विकीलीक्स की एक पुरानी रिपोर्ट के हवाले से राजीव और इंदिरा गांधी पर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि 1970 के दशक में एक फाइटर जेट सौदे में राजीव गांधी ने ‘बिचौलिये’ की भूमिका निभाई थी।

इंदिरा गांधी पर रक्षा सौदों में ज़्यादा हस्तक्षेप का आरोप

भाजपा नेता ने यह भी आरोप लगाया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने डिफेंस डील में 'हद से ज़्यादा दखलंदाज़ी' की थी। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा कि 2013 में विकीलीक्स ने चौंकाने वाले खुलासे किए थे। दुबे ने अपने पोस्ट में लिखा, "21 अक्टूबर 1975 को एक स्वीडिश डिप्लोमैट ने अमेरिकी सरकार को बताया कि साब-स्कैनिया कंपनी भारत को विगेन फाइटर जेट बेचना चाहती थी, और उस वक्त की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के पायलट बेटे राजीव गांधी बिचौलिये की तरह काम कर रहे थे।" उन्होंने यह भी कहा कि इंदिरा गांधी रक्षा सौदों में ज़्यादा हस्तक्षेप करती थीं।