वोट बहिष्कार की बाते सुनते ही चांडिल एसडीओ पहुंची स्व० करण महतो के घर, परिजनों से कहा मिलेगा न्याय, मतदान करें
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सरायकेला : चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के रसुनिया पंचायत के रावताड़ा समेत दर्जनों गांवों के ग्रामीणों ने लोकसभा चुनाव में *वोट बहिष्कार* करने का ऐलान कर दिया था। वहीं, पत्र लिखकर चुनाव आयोग को भेजा था, आज चांडिल एसडीओ शुभ्रा रानी रावताड़ा गांव पहुंची और ग्रामीणों ओर परिजनों से मुलाकात की, ओर आश्वासन भी दिया जल्द न्याय अवश्य मिलेगा देर हे परंतु न्याय जरूर मिलेगा । आपको बता दू कि विगत 5 मार्च 2024 की रात रावताड़ा निवासी 19 वर्षीय करण महतो की संदिग्ध मौत होने के बाद उसके परिजनों तथा ग्रामीणों में पुलिस के खिलाफ आक्रोश है। परिजनों का आरोप है कि स्व० करण महतो की हत्या हुआ हे , लेकिन दोषियों के प्रति अबतक कोई कार्रवाई नहीं किया गया, इसलिए उन्होंने वोट बहिष्कार करने का मन बना लिया ,आज तक घटना स्थल से मिले खून का रिपोर्ट जिला पुलिस द्वारा उपलब्ध नहीं कराया गया।जिसके कारण ड्रा० ओर प्रशासन के प्रति परिजन नाराजगी जताई। बुधवार को एसडीओ शुभ्रा रानी ने स्व० करण महतो के परिजनों से मुलाकात की तथा मतदान करने की अपील की उन्होंने कहा कि मताधिकार को व्यर्थ नहीं जाने दें, इसका उपयोग जरूर करें एसडीओ ने कहा कि स्व० करण महतो के परिवार के साथ अन्याय नहीं होने देंगे उन्हें जरूर न्याय मिलेगा उन्होंने कहा कि इस संबंध में उपायुक्त को जानकारी दिया जायेगा।
इंडी गठबंधन द्वारा की गई झामुमो के वरिष्ठ नेताओं का की उपेक्षा : सुखराम हेंब्रम


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सरायकेला : झारखंड आंदोलनकारी झामुमो के वरिष्ठ नेता सुखराम हेंब्रम ने कहा कि रांची लोकसभा के इंडी गठबंधन प्रत्याशी, कांग्रेस एवं झारखंड मुक्ति मोर्चा द्वारा झारखंड मुक्ति मोर्चा वरिष्ठ नेता व समर्पित कार्यकर्ताओं का उपेक्षा किया जा रहा है।

 जिसका नतीजा है मंगलवार को चांडिल के गांगूडीह फुटबॉल मैदान में चुनावी जनसभा में भीड़ का कम होना। उन्होंने कहा कि यदि इंडी गठबंधन प्रत्याशी यशस्विनी सहाय का चुनाव नतीजा खराब होगा तो उसका जिम्मेदार इंडी गठबंधन का होगा। 

उन्होंने कहा कि ईचागढ़ विधानसभा सभा के हजारों कार्यकर्ताओं ने 50 वर्षो से झामुमो पार्टी को खून पसीना से सींचकर एक पौधा के रूप से बड़ा वृक्ष का रूप दिया है। उन कार्यकर्ताओं को कांग्रेस और झामुमो के केंद्रीय समिति ने दरकिनार कर दिया है। जिसका नतीजा यह है कि ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र में इंडी गठबंधन प्रत्याशी यशस्विनी सहाय के पक्ष में आशा के अनुसार समर्थन नहीं मिल पा रहा है।

देवी छिन्नमस्ता जयंती आज जाने पौराणिक कथा और महत्व

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सरायकेला : हिन्दू धर्म में देवी छिन्नमस्ता तांत्रिक विद्याओं की साधना की देवी मानी जाती हैं। उनका नाम सामने आते हैं, एक शीश (सिर) विहीन देवी का दिव्य स्वरुप आंखों के सामने आ जाता है। उनके एक हाथ में उनका अपना ही कटा हुआ शीश है और दूसरे हाथ में खड्ग धारण की हुई हैं। इनको देवी पार्वती का एक रौद्र रूप माना जाता है। वे दस महाविद्याओं की देवियों में एक प्रतिष्ठित शक्ति हैं। इनका एक नाम ‘प्रचण्ड चण्डिका’ भी है।

छिन्नमस्ता जयंती कब है?

हिन्दू पंचांग के अनुसार, देवी छिन्नमस्ता की जयंती प्रत्येक वर्ष वैशाख महीने में शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। साल 2024 में यह तिथि 22 मई दिन मंगलवार को पड़ रही है। इस तिथि को देवी छिन्नमस्ता के भक्त और तंत्र-मंत्र के साधक उनकी विशेष पूजा और अनुष्ठान करते हैं।

छिन्नमस्ता पूजन का महत्व

छिन्नमस्ता देवी दस महाविद्याओं में छठवीं देवी हैं। देवी छिन्नमस्ता की आराधना तांत्रिक सिद्धियों और विशेष मनोकामनाओं के पूर्ति के लिए किया जाता है। मान्यता के मुताबिक वे सभी प्रकार की चिंताओं का अंत करती हैं। इसलिए वे चिंतपूर्णी देवी भी कहलाती हैं। कोर्ट-कचहरी के मुकदमों से छुटकारा, सरकार में ऊंची पद और प्रतिष्ठा, बिजनेस में प्रसार और मुनाफा, रोग मुक्ति और उत्तम स्वास्थ्य पाने के लिए इनकी पूजा और साधना विशेष तौर पर की जाती है। मान्यता है कि तांत्रिक अनुष्ठानों और विधि-विधान से की गई पूजा से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

देवी छिन्नमस्ता की पौराणिक कथा

पौराणिक कथाओं के अनुसार, देवी छिन्नमस्ता मां पार्वती के एक उग्र और भीषण रौद्र रूप है। कहते हैं, एक बार देवी पार्वती अपनी दो सहचरियों के साथ काफी देर से स्नान कर रही थी। इस बीच उनकी दोनों सहचरियों को बहुत जोर से भूख लगी, तो उन्होंने पार्वतीजी भोजन मांगा। नहाने और जल क्रीड़ा की धुन में देवी पार्वती ने इस पर ध्यान नहीं दिया। सहचरियां भूख से व्याकुल हो उठीं, तो उन्होंने पार्वतीजी से कहा कि मां तो अपने बच्चों का पेट भरने के लिए रक्त तक पिला देती है। लेकिन आप हमारी भूख शांत करने कुछ भी नहीं कर रही हैं।

इसलिए मनाई जाती है छिन्नमस्ता जयंती

यह बात सुनकर देवी पावती ने क्रोध में आकर खड्ग से अपना शीश (सिर) धड़ से अलग कर दिया। इससे रक्त की तीन धाराएं निकली। देवी पार्वती ने दो धाराओं से दोनों सहचरियों की भूख मिटाई किया और तीसरी धारा से खुद को तृप्त किया। देवी पार्वती के भीषण रूप में भी कल्याण होने से छिन्नमस्ता जयंती मनाई जाती है।

स्वीप कार्यक्रम के तहत इचागढ़ प्रखंड में मतदाता जागरूकता अभियान चलाया गया...
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सरायकेला : लोकतंत्र का महापर्व लोकसभा आम निर्वाचन 2024 के निमित्त स्वीप कार्यक्रम के तहत विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में आज इचागढ़ प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत मतदाता जागरूकता अभियान एवं शपथ ग्रहण अभियान चलाया गया, जिससे मतदाताओं को जागरूक किया जा सकें। इस अवसर पर लोकसभा चुनाव में शत-प्रतिशत मतदान सुनिश्चित करने के लिए मतदाता जागरूकता कार्यक्रम स्वीप के तहत लोगों को जागरूक किया गया। मौके पर सभी को लोकतांत्रिक देश का जिम्मेदार नागरिक होने के नाते अपने मत का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। इसके अलावा मतदान के महत्व तथा निर्वाचन प्रणाली के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही 1950 वोटर हेल्पलाइन नंबर के बारे में जागरूकता बढ़ाने और सभी को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि उनका नाम वोटर लिस्ट में दर्ज हो।उन्हें शपथ दिलाई गई कि वे लोकतंत्र के इस महापर्व में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। साथ ही अपने घरों व आस पड़ोस के लोगों को मतदान के लिए जागरूक करने का हर संभव प्रयास करेंगे। साथ ही उन्हें अपने स्तर पर मतदाताओं को जागरूक करने लिए अपनी सकारात्मक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया गया।
स्वीप के तहत JSLPS के महिला समूह की दीदियों के द्वारा चलाया गया जागरूकता अभियान
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सरायकेला : लोकसभा चुनाव 2024 के मद्देनज़र जागरूकता अभियान के उद्देश्य Sveep के तहत विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसी के निमित्त आज JSLPS के महिला समूह की दीदियों के द्वारा 08 रांची लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र अंतर्गत ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र के चांडिल प्रखंड के खूंटी पंचायत में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन कर ग्रामीणों को मतदान के प्रति प्रेरित किया गया। साथ ही ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र में निर्धारित मतदान तिथि 25 मई 2024 पर बढ़-चढ़ कर भाग लेने तथा अपने आस-पास के लोगो को भी प्रेरित करने का अपील किया गया।
सरायकेला : विभिन्न कोषांगों के वरीय/नोडल पदाधिकारियों के साथ की उपायुक्त नें की बैठक

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सरायकेला : लोकसभा आम निर्वाचन-2024 के तैयारीयों के निमित्त जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री रवि शंकर शुक्ला ने आज समाहरणालय सभागार में विभिन्न कोषांगों के वरीय/नोडल पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक कोषांगों द्वारा की गयी तैयारी की समीक्षा की गयी। इस दौरान उपायुक्त नें सभी कोषांग के नोडल पदाधिकारियों को सभी तैयारियां समय पूर्ण करने का निर्देश देते हुए कहा कि चुनाव की तैयारी में किसी तरह की लापरवाही उचित नहीं है।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने 08- रांची लोकसभा संसदीय क्षेत्र अंतर्गत 50-ईचागढ़ विधानसभा के सभी सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी से मतदाता पर्ची वितरण, मतदान केन्द्रो पर उपलब्ध मूलभूत सुविधाएं, पोलिंग पार्टी के आवागमन हेतु रूट-चार्ट, पोलिंग पार्टी तथा पुलिस बल तथा वाहन टैगिंग आदि की जानकारी लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस दौरान उपायुक्त ने SVEEP के तहत जागरूकता उद्देश्य से विभिन्न माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने, विभिन्न मतदान केंद्र पर जाने वाले पोलिंग पार्टी, सुरक्षा बल में महिला एवं पुरुष के लिए अलग-अलग कमरों, शौचालय, बाथरूद आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करने, सभी CAPF सेंटर्स पर भी पानी टेंकर समेत अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाए सुनिश्चित करने, मतदान केन्द्रो पर महिला/पुरुष एवं PWD के लिए अलग-अलग लाइन की व्यवस्था, दिव्यांग एवं बुजुर्ग मतदाताओं के मतदान केंद्र पर आवागमन हेतू वाहनों की टैगिंग, सहायक उपकरणो तथा वॉलिंटियर्स की उपलब्धता सुनिश्चित करने, डिस्पैच सेंटर से निकलने वाले सभी पोलिंग पार्टी के मतदान केंद्र पहुंचने तक की जानकारी सुनिश्चित करने तथा अनुमंडल एवं प्रखंड स्तर पर नियंत्रण कक्ष बनाने के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान उपायुक्त नें FST/SST दल की संख्या बढ़ाने, नियमित निगरानी रखने, तथा अंतराजिए सीमाओं पर स्थित विभिन्न चेक नाका पर सभी वाहनों का सघनता से जाँच करने, चेक नाका पर वरीय पदाधिकारी के द्वारा औचक निरिक्षण करने तथा आदर्श आचार-सहिंता के उलंघन पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश सम्बन्धित पदाधिकारी को दिए। 

अन्य कोषांगों के कार्यों की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने कहा कि 25 मई को मतदान होना है,ऐसी स्थिति में निर्वाचन से जुड़े सभी तरह के कार्य समय पर सुनिश्चित करें। निष्पक्ष व भयमुक्त वातावरण में चुनाव संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन कटिबद्ध है।

मौक़े पर नगर प्रशासक आदित्यपुर श्री आलोक कुमार दुबे, उप विकास आयुक्त श्री प्रभात कुमार बरतियार , निदेशक DRDA, निदेशक ITDA, अपर उपायुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी चांडिल, उप निर्वाचन पदाधिकारी तथा विभिन्न कोषांग के वरीय एवं नोडल पदाधिकारी एवं सम्बन्धित क्षेत्र के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचलधिकारी उपस्थित रहें।

आदित्यपुर थाना क्षेत्र के आर डी रबर कंपनी गेट के समीप मजदूरों आज धरना का दूसरा जहा,मांग को लेकर मज़दूर अड़े हुए है
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सरायकेला : जिला के आदित्यपुर थाना क्षेत्र के आर डी रबर कंपनी गेट के समीप मजदूरों की मांग को लेकर धरना का दूसरा दिन जहा कंपनी में काम करने वाले मजदूर कंपनी प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है और को देनेअपनी मांग को लेकर अनिश्चित कालीन धरने पर बैठे हुए है ।




अनिश्चित कालीन धरना का दूसरा दिन जहा 270 मजदूर कंपनी प्रबंधन के खिलाफ ओर अपनी मांगों जो कंपनी के द्वारा मजदूरों का पीएफ का पैसा कई ऐसे मजदूर जो कंपनी में रिटायर्ड मजदूरों की रिटायर्ड सेटलमेंट के साथ जिन मजदूरों की मौत काम के दौरान हुई तो। उन मजदूरों का सेलेटमेंट का पैसे को लेकर धरने पर बैठे मजदूरों की आवाज कोल्हान मजदूर यूनियन ने उठाई और कहा है कि इस कंपनी में ऐसे केमिकल का यूज होता है जो मजदूरों के लिए घातक साबित हो रही है करीब 25 मजदुर जो वर्षों पहले रिटायर हो गए है । उनका फूल फाइनल सेटलमेंट नहीं मिला है कार्य करने के दौरान दुर्घटना होने पर मुआवजा याई एस आई द्वारा पेंशन व्यवस्था लागु नहीं करवाई जाती है कार्य स्थल की प्रकृति कार्य करने के अनुकूल नहीं है कार्य स्थल पर स्वास्थ्य एवं सुरक्षा का घोर अवहेलना किया जाता है । वेज रेविशन की प्रक्रिया करीब 14 महीनों से लंबित है ठेका मजदूरों को कॉन्ट्रैक्ट लेबर एक्ट के अंतर्गत मिलने वाली तमाम सुविधाओं यथा न्यूनतम मजदूरी, पीएफ ईएसआई कई वर्षों से लबित है प्रदुषण नियंत्रण के नियमों की घोर अनदेखी हो रही है, कामगारों के साथ साथ आस पास बस्तियों में रहने वाले लोगो के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है कंपनी प्रबंधन के द्वारा मजदूरों के साथ दुर्व्यवहार करना वही कंपनी से रिटायर्ड मजदूर जो जीवित है और नही है उनका भी सेलेटमेंट नही किया गया है जिसको लेकर धरने पर बैठे है और मांग पूरी नही होती तबक़त कोल्हान मजदूर यूनियन इन मजदूरों का साथ देगी ।
यशस्विनी सहाय ने कहा- झारखंड के वीर माटी के निवासी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से डरने वाले नहीं हैं
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सरायकेला : पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पत्नी कल्पना सोरेन चांडिल अनुमंडल स्थित गांगुडीह फुटबॉल मैदान में इंडिया गठबंधन प्रत्याशी यशस्विनी सहाय के चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड के वीर माटी के निवासी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से डरने वाले नहीं हैं। नरेंद्र मोदी ने झारखंड के आदिवासी बेटा हेमंत सोरेन को जेल भेज कर आदिवासी विरोधी होने का प्रमाण दिया। अंग्रेजों से जब पूरा हिंदुस्तान डरता था तब झारखंड के वीर सपूत बाबा तिलका मांझी, सिद्धू, कान्हु, चांद, भैरव, फूलो, झानो आदि ने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ संग्राम किया था। उन्होंने कहा कि झारखंड के जनता के आशिर्वाद से 2019 में हेमंत सोरेन राज्य का मुख्यमंत्री बने। राज्य को विकास के ऊंचाई पर ले गए। कोरोना संकट काल में अन्य राज्यों में काम करने वाले मजदूरों को हवाई जहाज से झारखंड लेकर आया। हेमंत सोरेन सरकार ने राज्य के माता बहनों के लिए सर्वजन पेंशन योजना का उम्र सीमा 60 से घटाकर 50 वर्ष कर दिया, आबुआ आवास के तहत तीन कमरे व रसोई घर दिया, विद्यार्थियों को विदेशों में पढ़ने के लिए मारांग गोमके स्कॉलरशिप, सी एम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, हरा राशन कार्ड, अबुआ आवास, सर्वजन पेंशन योजना आदि बड़े बड़े योजनाएं हेमंत सोरेन सरकार ने शुरू किया। उन्होंने कहा कि भाजपा कहती है कि 2024 में केंद्र में सरकार बनी तो संविधान को बदल देगी। जिसके तहत सबसे पहले आरक्षण को समाप्त करेगी। जबकि भारत के आदिवासी, पिछड़े, गरीबों के उत्थान के लिए आरक्षण का प्रावधान है। उसे ही भाजपा बदलना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने झारखंड के खाते का जितना पैसा था भाजपा शासित राज्यों को दे दिया। भाजपा को झारखंड के जनता का चिंता नहीं है, यहां के लोग भूख से मरे केंद्र सरकार को मतलब नहीं है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने झारखंड के 11 लाख हरा राशन कार्ड को बंद कर दिया, हेमंत सोरेन 20 लाख लोगों को हरा राशन कार्ड दिया। हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार से एक लाख 35 हजार करोड़ रूपए मांगा जो झारखंड का अपना पैसा है। केंद्र सरकार का झारखंड के वन संपदा, खनिज संपद जैसे बहुमूल्य खजाना को लूटने के लिए गिद्ध दृष्टि है लेकिन यहां के विकास के लिए कोई योजना नहीं है। केंद्र सरकार ने झारखंड के साथ हमेशा सौतेला व्यवहार किया। हक की बात करने पर केंद्र सरकार ने साजिश के तहत हेमंत सोरेन को जेल में डालने का काम किया। कल्पना सोरेन ने रांची लोकसभा के इंडी गठबंधन प्रत्याशी यशस्विनी सहाय के पक्ष मतदान करने का अपील किया। पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने देश को बेचने का काम कर रहे हैं। देश की परंपरा को विखंडित किया जा रहा है। झारखंड के विगत भाजपा के सरकार ने चांडिल डैम का विकास करने नहीं दिया। इंडी गठबंधन प्रत्याशी यशस्विनी सहाय ने कहा कि भाजपा संविधान को बदलना चाहती है और संविधान की रक्षा करना कांग्रेस पार्टी चाहती है। झारखंड में 18 साल भाजपा का सरकार रही है। भाजपा ने झारखंड में बेरोजगारी को चरम सीमा तक पहुंचा दिया है। चांडिल डैम की समस्या समाधान करने के लिए कभी गंभीर नहीं रहा। केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनी तो हर महिलाओं को तुरंत एक लाख रुपए दी जायेगी और नारी सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएं चलाई जायेगी। सभा का संचालन देबू चटर्जी ने किया। इस अवसर पर विधायक सविता महतो, चारूचांद किस्कू, गुरूचरण किस्कू, एल बी सिंह, जिप सदस्य पिंकी लायक, सुधीर किस्कू, डा शुभेंदु महतो, पप्पु वर्मा, बुद्धेश्वर मार्डी, माधव सिंह मानकी, पप्पु मिश्रा, सुकुमार गोराई, सुबीर कुइरी, राजु चौधरी, उपेंद्र गिरी आदि उपस्थित थे।
रांची लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से इस बार देवेंद्र नाथ महतो रचेंगे नया इतिहास,जेबीकेएसएस की चुनाव प्रचार तेज:सुनील कुमार महतो

                                            

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सरायकेला :- टाईगर जयराम महतो की क्रान्तिकारी आंदोलन , झारखंड नव निर्माण की संकल्प ओर रोजगार,स्थानीय नीति, नियम कानून ,भ्रटाचार पर रोक,हक अधिकार, झारखण्डी भाषा संस्कृति की रक्षा, पहचान ओर राज्य की सर्वांगीण विकास के लिए ईचागढ़ विधान सभा क्षेत्र के गांवों गांवों में लगातार तुफानी दौरा कर चुनावी प्रचार प्रसार के साथ जनजागरण अभियान चलाते हुए जेएलकेएम / जेबीकेएसएस समर्थित उम्मीदवार आंदोलोंन कारी यूवा प्रत्याशी श्री देवेन्द्र नाथ महतो झारखण्डी की हक अधिकार कि लडाई ओर झारखंड राज्य में टाइगर जयराम महतो की क्रान्तिकारी आंदोलन की मुख्य उद्देश्य को झारखण्ड की आम जनता तक पहुंचाने की संकल्प के साथ राज्य मे कानून व्यवस्था की सुधार,

 स्थानीय ,नियोजन ,उद्योग नीति को लागू करना, भ्रष्टाचार पर रोक लगाना ओर राज्य की दिशा और दशा की परिवर्तन के साथ सर्वांगीण विकास के लिए जुझारू कर्मठ शिक्षित युवा आंदोलनकारी ईमानदार प्रत्याशी श्री देवेंद्र नाथ महतो के समर्थन के साथ भारी मतों से जीत सुनिश्चित के लिए गांवों में डोर टू डोर तूफानी जन जागरण प्रचार प्रसार करते हुऐ।

                

श्री सुनील कुमार महतो, झारखंड आंदोलनकारी,सक्रिय सदस्य सह जिप उपाध्यक्ष प्रतिनिधि के नेतृत्व में सभी JBKSS/JLKM के सक्रिय कार्यकर्ता के साथ रोज ईचागढ़ विधान सभा क्षेत्र के चारो प्रखंड में ग्रामीण क्षेत्रों के मतदाताओं के साथ बैठक तथा डोर टू डोर तुफानी चुनाव प्रचार प्रसार किया जा रहा है।

 झारखंड के आदिवासी मूलवासी बहुत दिनों से शोषित पीड़ित जनता इसबार किसी अन्य पार्टियो के झूठे वादा और प्रलोभन मै नही आकर एक मात्र हेलमेंट छाप पर बटन दबाकर राज्य की दिशा और दशा परिवर्तन के लिए ईचागढ़ विधानसभा के साथ रांची लोकसभा में एक नया इतिहास बनाने का संकल्प लिए है। 

चुनाव प्रचार प्रसार में मुख्य रूप से राजेश रंजन महतो,ईश्वर चंद्र कुमार, देव कुमार,बाबू सिंह मुंडा, अबनी मंडल, बादल चंद्र महतो, गंगाधर महतो, मंटू महतो,प्रमेस्वर महतो,परिक्षित महतो, पिताम्वर महतो,राजेश महतो, पुलकेस महतो, केशव महतो,अजीत अनूप महतो, महतो, आदि उपस्थित रहते हैं।

सरायकेला :दलमा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी की सच्चाई : दलमा सेंचुरी से गजराज का पलायन, ईचागढ़ में लिया आश्रय, जानें वजह ।
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सरायकेला : चांडिल अनुमंडल क्षेत्र दलमा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी पर्यटकों से गुलजार रहता है. पांच बर्ष से गजराज परियोजना के नाम से प्रसिद्ध वन्य प्राणी आश्रयणी में चर्चा का विषय बने रहते हैं. दूर दराज से पर्यटक यहां घुमने आते हैं. लेकिन इस बार भ्रमण करने आये पर्यटकों में नाराजगी देखी गई. पश्चिम बंगाल, ओडिशा समेत दूसरे राज्यों से आये पर्यटकों को जंगल सफारी के दौरान गजराज का झूंड नहीं दिखा. इससे पर्यटकों में नाराजगी है वन विभाग के पदाधिकारियों का दावा है कि यहां 2023 की जनगणना के दौरान यहां 72 गजराज थे. लेकिन जंगल में आग लगना, पेड़ की कटाई, जल श्रोतों के सुख जाने की वजह से हाथी पलायन कर गये हैं. इस बात का संकेत मिलता है. उनका कहना है कि पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और झारखंड के कोने-कोने से गजराजों का झुंड यहां पहुंचता है. और पिर पलायन कर जाता है. आंधी तुफान और बेमौसम बरसात की वजह से जंगली हाथियों का झुंड दलमा सेंचुरी में नहीं ठहरते हैं. सरायकेला खरसावां जिला के चांडिल दलमा वन्य प्राणी आश्रयणी में प्रत्येक बर्ष जंगल में आग लगना, शिकार होना, पेड़ काटना और विभिन्न जलस्रोत सुख जाने के कारण यहां से गजराज पलायन करते हैं. चांडिल, नीमडीह, कुकडु, ईचागढ़ में कई जगहों पर गजराज का झुंड देखने को मिलेगा. दलमा सेंचुरी छोड़कर बारहो महीने हाथियों का झुंड इन प्रखंडों में डेरा डाले रहता है. जंगल छोटा होने की वजह से हाथियों का झुंड गांवों की ओर पलायन कर जाता है. खेतों में फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं.
घरों को क्षतिग्रस्त कर घरों में रखे अनाज को निवाला बनाते हैं. प्रतिदिन एक दूसरे गांव में तबाही मचाना हाथियों के झुंड का रोजमर्रा बन गया है. इससे लोग दहशत में हैं. आपको बता दें केन्द्र सरकार और राज्य सरकार प्रति वर्ष करोड़ों रुपये पर्यावरण विभाग को जंगल और जंगली जीव जंतु की संरक्षण के लिये देती है. विभाग की अनदेखी के कारण आज जंगल खतरे में हे, लोग राम भरोसे जिंदगी जी रहे हैं. पर्यटकों को गजराज का झुंडा देखने के लिये चांडिल डेम जलाश्य के गुंडा-लावा आना पड़ता है. यहां बेबी एलीफैंट भी देखने को मिल जाता है. जलशाय में गज का झुंड जल क्रीड़ा करते देखा जाता है. 20 मई की शाम दक्षिण पूर्वी रेलवे मुरी डिविजन के गुंडा बिहार रेलवे स्टेशन आसपास 18/20 की जंगली हाथी झुंड जिसमे दो बेबी हाथी रेलवे ट्रेक पार करते हुए देखा गया. कुछ दिन पूर्व रेलवे ट्रेक पार करने के दौरान एक ट्रास्कर हाथी की ट्रेन से काट कर मौत हो गई थी. कल भी बड़ी दुर्घटना होने से बाल बाल बच गया. हाथियों का झुंड भोजन की तलाश में भटकते हुए गांव पहुंच था. चांडिल वन क्षेत्र के कई जगहों पर हाथियों का झुंड डेरा डाले हुए है. दलमा गज परियोजना के सेंचुरी में अब गज पलायन कर रहे हैं. आज जंगल और जंगली जीव जंतु खतरे में हें. सरायकेला से विजय की रिपोर्ट..