लगने जा रहा है 05 मई को साल का पहला चंद्रग्रहण, गुस्सा किया तो 15 दिन तक पड़ सकता है भारी, पढ़िए, इस दौरान क्या करें और क्या न करें

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साल का पहला चंद्र ग्रहण 05 मई यानी शुक्रवार को लगने जा रहा है। यह एक उप छाया चंद्र ग्रहण होगा , इसलिए यह भारत में दृश्यामान नहीं होगा। लेकिन फिर भी इसका असर देश और दुनिया पर देखने को मिलेगा। चंद्र ग्रहण तब लगता है जब सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी आ जाती है। इस बार चंद्र ग्रहण तुला राशि में लगने जा रहा है। नामित चंद्र ग्रहण बेहद खास रहने वाला है क्योंकि यह ग्रहण 139 साल बाद बुद्ध पूर्णिमा पर लगने जा रहा है। धार्मिक नजरिए से ग्रहण की घटना को बहुत ही अशुभ माना जाता है। 

05 मई को पड़ने वाला चंद्र ग्रहण एक उप छाया चंद्र ग्रहण होगा जो भारत में दिखाई नहीं देगा। इसलिए इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। लेकिन यह चंद्र ग्रहण यूरोप , मध्य एशिया , ऑस्ट्रेलिया , अफ्रीका , अटलांटिक , हिंद महासागर और अंटार्कटिका जैसी जगहों पर दिखाई देगा। भारतीय समयानुसार 05 मई को लगने वाला चंद्र ग्रहण संबंधित देशों में रात 08 बजकर 44 मिनट से लेकर मध्य रात्रि करीब 01 बजकर 02 मिनट तक रहेगा।

 

ज्योतिषाचार्य ने बताया 

चंद्र ग्रहण तब होता है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा संरेखित होते हैं इसलिए पृथ्वी दोनों के बीच आ जाती है और चंद्रमा कुछ समय के लिए पृथ्वी की छाया में चला जाता है।

चंद्र ग्रहण में गर्भवती महिलाएं रखें निम्न बातों का ध्यान

1. चंद्रग्रहण के समय गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए।

2. ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को खाना पकाने या खाने से बचना चाहिए।

3. गर्भवती महिलाओं को भूलकर भी चाकू - कैंची या किसी भी धारदार चीज का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

चंद्र ग्रहण के दौरान क्या न करें

1. चंद्र ग्रहण के दौरान क्रोध न करें। क्रोध करने से अगले 15 दिन आपके लिए खतरनाक हो सकते हैं।

2. चंद्र ग्रहण के दौरान भोजन ग्रहण न करें। साथ ही पूजा - पाठ करना भी वर्जित माना जाता है।

3. चंद्र ग्रहण के दौरान किसी भी सुनसान जगह या श्मशान भूमि के पास नहीं जाना चाहिए। इस दौरान नकारात्मक शक्तियां काफी ज्यादा हावी रहती हैं।

4. चंद्र ग्रहण के दौरान व्यक्ति को किसी भी नए काम की शुरुआत नहीं करनी चाहिए। माना जाता है कि ग्रहण के दौरान नकारात्मक ऊर्जा अधिक रहती है।

5. ग्रहण की अवधि में पति - पत्‍नी को अवांछित हरकतों से बचना चाहिए। ऐसा करने से घर की सुख - शांति में खलल पैदा हो सकता है।

चंद्र ग्रहण के दौरान क्या करें।

1. चंद्र ग्रहण के दौरान सिर्फ भगवान के मंत्रों का जप करना चाहिए जो कि दस गुना फलदायी माना जाता है।

2. चंद्र ग्रहण के बाद शुद्ध जल से स्नान करके गरीबों को दान देना चाहिए।

3. चंद्र ग्रहण के बाद पूरे घर को शुद्ध करना चाहिए। ऐसा करने से घर की सभी नकारात्मक शक्तियां दूर हो जाती है।

4. ग्रहण के समय गायों को घास , पक्षियों को अन्न और जरूरत मंदों को वस्त्र दान देने से अनेक गुना पुण्य प्राप्त होता है।

 

सर्विदित है कि यह चंद्र ग्रहण रात 08 बजकर 44 मिनट से लेकर मध्य रात्रि करीब 01 बजकर 02 मिनट तक रहेगा। इस चंद्र ग्रहण की अवधि लगभग 04 घंटे 15 मिनट की होगी। साथ ही यह चंद्र ग्रहण तुला राशि में लगने जा रहा है। यहां चंद्रमा केतु की युति बन रही है। इस स्थिति में चंद्रमा की पहली दृष्टि मेष राशि पर होगी। इसलिए इस चंद्र ग्रहण से मेष और तुला राशि वालों को सावधान रहना होगा।

केंद्र सरकार की बड़ी कार्रवाई, जम्मू-कश्मीर में आतंकी समूहों के मददगार 14 मैसेंजर ऐप को किया बैन

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डेस्क: केंद्र की मोदी सरकार आतंकी समूहों की कमर तोड़ने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है। इसी बीच केंद्र सरकार ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए जम्मू-कश्मीर में आतंकी समूहों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे 14 मैसेंजर मोबाइल एप्लिकेशन को ब्लॉक कर दिया है। इन ऐप्स का प्रयोग पाकिस्तान से निर्देश प्राप्त करने के लिए किया जाता था। सरकार ने यह कदम रक्षा बलों, खुफिया सूचनाओं और जांच एजेंसियों की सिफारिश पर उठाया है।

सूत्रों के मुताबिक, जिन एप्लिकेशन को सरकार ने ब्लॉक किया है। उन ऐप्स में क्रिपवाइजर, एनिग्मा, सेफस्विस, विकरमे, मीडियाफायर, ब्रायर, बीचैट, नैंडबॉक्स, कॉनियन, आईएमओ, एलिमेंट, सेकेंड लाइन, जांगी, थ्रीमा आदि शामिल हैं। सूत्रों का कहना है कि एजेंसियों ने पाया कि इन ऐप्स के जरिए घाटी में आतंकवादी अपने समर्थकों और ऑम ग्राउंड वर्कर्स के साथ बातचीत करने के लिए कर रहे थे। सरकार ने यह भी पाया कि ब्लॉक किए गए ऐप्स का भारत में कोई प्रतिनिधि नहीं है।

भारत में नहीं है इन ऐप्स का कोई ऑफिस

भारतीय कानून के मुताबिक, जानकारी मांगने के लिए उनसे संपर्क नहीं किया जा सकता था। एजेंसियों ने कई मौकों पर ऐप मैनेजमेंट से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन भारत में संपर्क करने के लिए कोई इनका ऑफिस नहीं था। इन ऐप्स को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69ए के तहत ब्लॉक किया गया है।

सूत्रों ने आगे कहा, इनमें से अधिकतर ऐप्स को यूजर्स को गुमनामी प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया था और इनके फीचर्स की वजह से एजेंसियों को इन यूजर्स तक पहुंचने में दिक्कत हो रही थी। एजेंसियों के माध्यम से गृह मंत्रालय ने पाया था कि ये मोबाइल ऐप आतंकवादियों और उनके सहयोगियों को आतंकी गतिविधियों में शामिल होने में मदद करते थे।

सरकार पहले भी कर चुकी है इस तरह की कार्रवाई

मोबाइल एप्लिकेशन पर केंद्र सरकार की कार्रवाई कोई नई बात नहीं है, क्योंकि सरकार ने इससे पहले भी देश की सुरक्षा को देखते हुए सैकड़ों ऐप्स के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई की है। पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने लगभग 250 चीनी ऐप्स पर भारत की संप्रभुता और अखंडता, भारत की रक्षा, राज्य की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के प्रतिकूल होने का हवाला देते हुए प्रतिबंध लगाया है। इन ऐप्स में टिकटॉक, शेयरिट, वीचैट, हेलो, लाइक, यूसी न्यूज, बिगो लाइव, यूसी ब्राउजर, जेंडर, कैंस्कैनर जैसे लोकप्रिय एप्लिकेशन, पबजी मोबाइल और गरेना फ्री फायर जैसे लोकप्रिय मोबाइल गेम शामिल हैं।

सीएम भूपेंद्र पटेल के बेटे को ब्रेन स्ट्रोक के इलाज के लिए मुंबई किया गया एयरलिफ्ट


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डेस्क: गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के बेटे अनुज पटेल को ब्रेन स्ट्रोक के इलाज के लिए मुंबई एयरलिफ्ट किया गया है। बता दें कि इससे पहले रविवार को सीएम भूपेंद्र के बेटे की अहमदाबाद के एक अस्पताल में ब्रेन स्ट्रोक की सर्जरी की गई थी, जिसके बाद उनकी हालत स्थिर बताई जा रही थी। लेकिन आज बेहतर इलाज के लिए अनुज पटेल को एयरलिफ्ट करके मुंबई ले जाया गया है। बता दें कि अनुज गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल के इकलौते बेटे हैं। बताया जा रहा है कि 37 साल के अनुज पटेल का मुंबई के हिंदुजा अस्पताल में ब्रेन स्ट्रोक का आगे का इलाज होगा।

अहमदाबाद में हुई ब्रेन स्ट्रोक की सर्जरी

बता दें कि रविवार को अस्पताल ने स्वास्थ्य बुलेटिन में कहा था,‘‘मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के बेटे अनुज पटेल को ब्रेन स्ट्रोक होने के बाद दोपहर 2 बजकर 45 मिनट पर के.डी. अस्पताल में भर्ती कराया गया और उनकी सर्जरी की गई।’’ अस्पताल ने हेल्थ बुलेटिन में उनकी हालत स्थिर बताई और विशेषज्ञ चिकित्सकों की एक टीम की निगरानी में रखा था। जानकारी मिली है कि मुंबई के हिंदुजा अस्पताल के डॉक्टरों ने अहमदाबाद के अस्पताल में भर्ती अनुज के कुछ मेडिकल टेस्ट करवाए थे, जिसके बाद उन्हें मुंबई में भर्ती करवाने की सलाह दी थी। सीएम भूपेंद्र के इकलौते बेटे बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन का काम करतके हैं।

मैसूर में रोड शो के दौरान PM मोदी की गाड़ी के सामने फेंका गया मोबाइल फोन, जांच में जुटी पुलिस

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कर्नाटक में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में बड़ी चूक सामने आई है. मैसूर में रोड शो के दौरान पीएम मोदी की गाड़ी के सामने एक मोबाइल फेंका गया. पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि मोबाइल जानबूझकर किसी ने फेंका है या फूल फेंकते समय यह घटना हुई है.

हालांकि मोबाइल फेंके जाने के बाद स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) के जवानों ने तुरंत उस मोबाइल को पीएम की गाड़ी से दूर कर दिया. बाद में जांच के दौरान सामने आया कि बीजेपी समर्थक द्वारा ही गलती से फोन फेंका गया था. पुलिस ने इसकी पुष्टि की है.

इससे पहले भी कर्नाटक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में सेंध लगाई जा चुकी है. 25 मार्च को एक चुनावी कार्यक्रम के दौरान एक शख्स ने पीएम मोदी की तरफ दौड़ लगा दी थी. यह घटना दावणगेरे में हुई थी.

 

एक शख्स को पीएम की तरफ दौड़ लगाने की कोशिश करते वक्त पकड़ा गया था. मौके पर पुलिसबल मुस्तैद थी. जैसे ही उस शख्स ने भागने की कोशिश की तो पुलिस ने बीच रास्ते में पकड़ लिया था.

ये पूरी घटना दावणगेरे की थी. यहां पीएम मोदी का रोड शो निकाला जा रहा था. सड़क के दोनों तरफ भीड़ जुटी थी और नारेबाजी चल रही थी. इसी बीच, शख्स ने भागकर पीएम तक पहुंचने की कोशिश की थी. पीएम की गाड़ी के पास ये शख्स पहुंच गया था.

बताया गया कि ये शख्स काफिले में घुसने की कोशिश कर रहा था. पीएम के इतने करीब पहुंच जाना गंभीर सवाल माना जा रहा है. बीते तीन महीने के अंदर तीसरी बार पीएम की सुरक्षा में गड़बड़ी से हड़कंप मच गया.

हुबली में पीएम के करीब पहुंच गया था बच्चा

इससे पहले जनवरी में कर्नाटक के हुबली में पीएम मोदी का रोड शो था, तब एक बच्चा पीएम के करीब आ गया था. ये बच्चा छठी क्लास में पढ़ता था और पीएम मोदी को माला पहनाना चाहता था. 

पीएम मोदी का रोड शो जब हुबली से गुजर रहा था उस वक्त वे कार से बाहर थे और लोगों का अभिवादन करते हुए जा रहे थे. तभी सड़क किनारे खड़ा बच्चा अचानक सभी सुरक्षा इंतजामों को धता बताते हुए पीएम मोदी के लगभग करीब पहुंच गया था. 

बच्चे के हाथ में फूलों की माला थी और वह कथित तौर पर पीएम मोदी को माला पहनाना चाहता था. हालांकि पीएम मोदी के साथ चल रहे एसपीजी के जवानों ने तत्काल बच्चे के हाथ से फूलों की माला ले ली थी और बच्चे को वापस भेज दिया था. इस घटना को पीएम की सुरक्षा में चूक माना गया, लेकिन कर्नाटक पुलिस ने इसे सुरक्षा चूक नहीं बताया था. बच्चे का नाम कुणाल धोंगडी है.

पीएम मोदी पर प्रियंका गांधी का तंज, कहा-मेरे भाई राहुल से सीखें, वो देश के लिए गाली क्या, गोली खाने को भी तैयार

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कर्नाटक विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान बयानों की बौछार जारी है। प्रचार के बीच “जहरीले सांप” से लेकर “विषकन्या” तक की एंट्री हो चुकी है।इस बीच शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हुमनाबाद की एक रैली में कहा कि कांग्रेस के लोग मुझे अब तक 91 बार गाली दे चुके हैं। पीएम मोदी के इस बयान पर अब कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने पलटवार किया है। प्रियंका ने पीओम मोदी को अपने भाई और पूर्व कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से ससीखने की सलाह दी है।

प्रियंका गांधी ने आज राज्य के जामखंडी में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि मैं पहली बार ऐसे प्रधानमंत्री को देख रही हूं, जो जनता के सामने रोता है। वह लिस्ट बना रहे हैं कि उनको कितनी बार गालियां दी गईं। 

प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा- मोदी जी को मेरे भाई से सीखना चाहिए। मेरा भाई कहता है कि मैं देश के लिए गाली क्या, गोली भी खाने को तैयार हूं। पीएम लिस्ट बनवाते हैं कि उन्हें 91 बार गालियां दी गईं। इन लोगों ने मेरे परिवार को जितनी गालियां दी, इसकी लिस्ट बनवाएं तो पूरी किताब छपवानी पड़ेगी।

प्रियंका ने कहा- किसी ने प्रधानमंत्री जी के ऑफिस में बैठकर एक लिस्ट बनाई है। वो लिस्ट जनता या किसानों की समस्याओं की नहीं है। इस लिस्ट में ये जानकारी है कि मोदी जी को किसने और कितनी बार गाली दी है। प्रियंका ने कहा कि मोदी जी को दी गई गालियां एक पेज में आ रही हैं। अगर मेरे परिवार को इन लोगों ने जो गालियां दी हैं, उनकी लिस्ट बनाएं तो किताब पर किताब छपवा लेंगे।

दरअसल, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने चुनावी सभा के दौरान पीएम मोदी को 'जहरीला सांप' कह दिया था। हालांकि, बाद उन्होंने सफाई देते हुए कहा था कि उनका मतलब पीएम मोदी नहीं, बल्कि भाजपा और आरएसएस की विचारधारा से था। इसे लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने शनिवार को कहा था कि अब तक कांग्रेस पार्टी और उसके नेताओं ने उन्हें 91 बार तरह-तरह की गालियां दी हैं।

मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में चीतों के लिए जगह की कमी, डब्ल्यूआईआई के पूर्व अधिकारी का दावा

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मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में अफ्रीका से लाए गए चीतों के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। ये दावा किया है भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई) के पूर्व डीन यादवेंद्रदेव विक्रम सिंह झाला ने।उन्होंने एक महीने से भी कम समय में दो चीतों की मौत के बाद ये दावा किया है।

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, डब्ल्यूआईआई के पूर्व डीन यादवेंद्रदेव विक्रमसिंह झाला ने कहा है, “कूनो नेशनल पार्क में इन जानवरों के लिए अपर्याप्त जगह है। हालांकि कूनों में बड़े परिदृश्य के अनुकूल होने पर चीते यहां पनप सकते हैं। जिसमें कृषि भाग, वन्य आवास और एरिया के भीतर रहने वाले अन्य जानवर शामिल हैं।” उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि मेटापॉपुलेशन के रूप में प्रबंधित कई आबादी को स्थापित करना महत्वपूर्ण है, जहां जानवरों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जाता है।

उन्होंने कहा कि पार्क 748 वर्ग किलोमीटर के एरिया में फैला हुआ है, जिसमें से 487 वर्ग किलोमीटर का बफर जोन है। वहीं, विशेषज्ञों कहना है कि एक चीते को करीब घूमने फिरने के लिए तकरीबन 100 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र की जरूरत पड़ती है।

बता दें कि, अफ्रीका के नामीबिया से लाए गए चीतों के पहले जत्थे में शाशा के किडनी फेल होने के बाद पिछले रविवार को दक्षिण अफ्रीका से लाए गए 6 साल के चीते की मौत हो गई थी। जिसका नाम उदय था। डॉक्टरों के अनुसार, उदय की पोस्टरिपोर्ट में उसके मरने का कारण दिल का दौरा पड़ना था।

तो क्या अब उपराज्यपाल पर फिर भड़केंगे CM केजरीवाल ? LG ने मांग लिया है बंगले पर खर्च हुए 45 करोड़ का हिसाब!

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 दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) वीके सक्सेना और सीएम अरविंद केजरीवाल के बीच फिर से नया घमासान शुरू हो सकता है। दरअसल, LG ने केजरीवाल के आवास के रेनोवेशन में हुई कथित घोर अनियमितताओं से संबंधित मीडिया रिपोर्ट्स का संज्ञान लेकर मुख्य सचिव से 15 दिन में रिपोर्ट देने के लिए कहा है। जिसके बाद माना जा रहा है कि, केजरीवाल एक बार फिर LG के खिलाफ मोर्चा खोल सकते हैं और आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता, LG को निशाना बना सकते हैं।  

रिपोर्ट के अनुसार, LG दफ्तर की तरफ जारी किए गए बयान में कहा गया है कि LG ने सीएम अरविंद केजरीवाल के आवास के रेनोवेशन में कथित घोर अनियमितताओं से संबंधित मीडिया रिपोर्टों का संज्ञान लेकर मामले की संवेदनशीलता के मद्देनज़र मुख्य सचिव से मामले से जुड़े तमाम रिकॉर्ड को फ़ौरन सुरक्षित करने और सुरक्षात्मक हिरासत में लेने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही, रिकॉर्ड्स की जांच के बाद 15 दिनों के अंदर इस मामले पर एक तथ्यात्मक रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। बता दें कि, भाजपा दावा कर रही है कि दिल्ली के सिविल लाइंस इलाके स्थित सीएम केजरीवाल के सरकारी बंगले के रेनोवेशन पर लगभग 45 करोड़ रुपये लगाए गए हैं। इसमें करोड़ों रुपये के पर्दे, कालीन, विदेशी संगमरमर और टीवी तक लगाए हैं। भाजपा ने नैतिकता के आधार पर केजरीवाल के त्यागपत्र की मांग की थी।

भाजपा के आरोपों पर पलटवार करते हुए 'AAP' के नेता राघव चड्ढा ने कहा था कि CM हाउस 75-80 साल पहले 1942 में बनाया गया था। दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग (PWD) ने ऑडिट के बाद इसके रेनोवेशन की अनुशंसा की थी। वहीं, AAP नेता के दावे के उलट PWD के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा था यह रेनोवेशन नहीं था, बल्कि पुराने ढांचे के स्थान पर एक नए ढांचे का निर्माण किया गया है। वहां उनका कैंप ऑफिस भी मौजूद है। इसमें लगभग 44 करोड़ रुपये खर्च हुए है, यहाँ ध्यान देने वाली बात यह है कि पुराने ढांचे को नए के साथ बदला गया है।

क्या है पूरा मामला?

सूत्रों से पता चलता है कि 43.70 करोड़ रुपये की स्वीकृत राशि के मुकाबले कुल 44.78 करोड़ रुपये सिविल लाइंस में छह-फ्लैगस्टाफ रोड पर केजरीवाल के सरकारी बंगले के ''अतिरिक्त निर्माण या रेनोवेशन'' पर खर्च किए गए। दस्तावेजों से पता चलता है कि रकम नौ सितंबर, 2020 से जून, 2022 के बीच 5 किस्तों में खर्च की गई। दरअसल, 10 करोड़ से अधिक की रकम का खर्च दिखाने के लिए टेंडर जारी करना पड़ता है, इसलिए दिल्ली सरकार ने 5 किश्तों में 10 करोड़ से कम की राशि निकाली और बिना टेंडर निकाले ही सीएम आवास का रेनोवेशन करवा दिया। दरअसल, नियम के अनुसार, सरकारी कार्य के लिए यदि 10 करोड़ रुपए से अधिक की रकम की आवशयकता होती है, उससे संबंधित फाइल वरिष्ठ अधिकारियों के पास जाती हैं। जिसके बाद टेंडर निकालकर काम करवाया जाता है, जो सबसे कम बोली लगाता है, उसे टेंडर मिल जाता है। इसी को देखते हुए सीएम केजरीवाल के घर को सँवारने के लिए 10 करोड़ रुपए से कम रकम 5 बार आवंटित की गई। जिससे फाइल को अधिकारियों को भेजने की आवश्यता ही नहीं पड़ी। ऐसे में इस मामले में भ्रष्टाचार की भी गुंजाइश है।

सीएम पिनाराई विजयन ने 'द केरल स्टोरी' को बताया नफरत फैलाने वाली फिल्म, संघ परिवार को लिया आड़े हाथे

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फिल्म 'द केरल स्टोरी' ट्रेलर लीजिल होते ही विवादों में घिर गई है। ये फिल्म केरल में 32 हज़ार लड़कियों के गायब होने की घटना पर बनी है। इस फिल्म के ट्रेलर में दावा किया गया है कि राज्य में 32 हजार महिलाओं को जबरन इस्लाम धर्म कबूल कराया गया और फिर उनको आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट में शामिल कराया गया।फिल्म को लेकर केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन भड़क गए हैं। उन्होंने कहा कि यह संघ परिवार द्वारा राज्य में चुनावी राजनीति में लाभ प्राप्त करने के लिए बनाई जा रही है।

बीजेपी और आरएसएस पर सादा निशाना

सीएम पिनाराई विजयन ने कहा कि यह फिल्म जानबूझकर सांप्रदायिक ध्रुवीकरण और नफरत फैलाने के उद्देशय से बनाई गई है। यह फिल्म एक फर्जी कहानी पर आधारित है, जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की झूठ की फैक्ट्री का प्रोडक्ट है। फिल्म के ट्रेलर से ही पता चल जाता है कि यह आरएसएस का प्रचार कर रही है। आरएसएस फर्जी कहानियों और फिल्मों के जरिए विभाजन की राजनीति कर रहा है। सीएम पिनाराई विजयन ने कहा, सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के उद्देश्य से और केरल के खिलाफ नफरत फैलाने के उद्देश्य से जानबूझकर बनाई गई हिंदी फिल्म द केरल स्टोरी के ट्रेलर से यह संकेत मिलता है कि यह फिल्म धर्मनिरपेक्षता की धरती केरल में खुद को धार्मिक उग्रवाद के केंद्र के रूप में स्थापित करने वाले संघ परिवार के प्रचार को फैलाने की कोशिश कर रही है।सीएम ने आरोप लगाया कि फिल्म को भारतीय जनता पार्टी के वैचारिक समर्थक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का समर्थन प्राप्त है। 

आरएसएस बिना किसी फैक्ट और सबूत के झूठ फैला रही

मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कहा कि लव जिहाद जैसे मुद्दों को अदालतों, जांच एजेंसियों और यहां तक कि केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा खारिज कर दिया गया है। सीएम और माकपा नेता विजयन ने कहा कि आरएसएस बिना किसी फैक्ट और सबूत के इस तरह के मिथक फैला रहा है। विजयन ने कहा कि पहली नज़र में हिंदी फिल्म का ट्रेलर सांप्रदायिक ध्रुवीकरण पैदा करने और राज्य के खिलाफ नफरत फैलाने के कथित उद्देश्य से 'जानबूझकर निर्मित प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद, दुनिया के सामने राज्य को अपमानित करने के लिए फिल्म के मुख्य आधार के रूप में केरल को दिखाया गया है। 

बता दें कि द केरल स्टोरी का निर्माण और निर्देशन विपुल अमृतलाल शाह ने किया है। फिल्म में अदा शर्मा की मुख्य भूमिका है। अदा शर्मा फिल्म में फातिमा बा की भूमिका निभा रही है जो हिंदू मलयाली नर्स है और केरल की 32000 गुमशुदा महिलाओं में से एक है, जिन्हें आईएसआईएस ने भर्ती कर रखा है।

*कर्नाटक विधानसभा चुनावः कोलार में बोले पीएम मोदी- कांग्रेस-जेडीएस टीम बनके चाहे जितना खेलें, जनता उन्हें क्लीन बोल्ड करने जा रही है*

#pmmodikolarrallycongressandjdsareclean_bowled

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कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए नेता बयानों के जरिए एक तरफ वोटर्स को रिझाने की कोशिश कर रहे हैं तो दूसरी तरफ एक दूसरे पर निशाना साध रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने कर्नाटक दौरे के दूसरे दिन कोलार में चुनावी जनसभा में कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला।पीएम मोदी ने कोलार में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि कर्नाटक का ये चुनाव सिर्फ आने वाले 5 सालों के लिए एमएलए, मंत्री या मुख्यमंत्री बनाने का नहीं है। ये चुनाव आने वाले 25 सालों में विकसित भारत के रोडमैप की नींव को सशक्त करने का है। अस्थिर सरकार इस तरह के बड़े वीजन पर कभी काम नहीं कर सकती।

कांग्रेस को बताया विकास की प्रक्रिया में सबसे बड़ी बाधा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘आज के जमावड़े से कांग्रेस और जेडीएस की नींद उड़ जाएगी। दोनों पक्ष विकास की प्रक्रिया में सबसे बड़ी बाधा हैं। भले ही वे टीम बनाकर खेलें। जनता ने उन्हें क्लीन बोल्ड कर दिया है। हमें कर्नाटक के लोगों को कांग्रेस और जेडीएस की भ्रष्ट सरकार के शिकंजे से बचाना है।

कांग्रेस की चिढ़ की वजह बताई

प्रधानमंत्री ने कोलार में कहा कि कांग्रेस की चिढ़ उनसे सिर्फ इसलिए है क्योंकि वो भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं। वे धमकी और गाली देते हैं। इस चुनाव में कांग्रेस के पास टॉपिक जहरीला सांप है, वे उनकी तुलना सांप से कर रहे हैं लेकिन उन्हें उम्मीद है कि 10 मई को कर्नाटक की जनता उन्हें मतों के जरिए जवाब दे देगी।

कांग्रेस और 85 फीसद कमीशन का जिक्र

पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस की कहानी तो 85 फीसद कमीशन लेने की रही है। लोगों को उनमें भरोसा नहीं, एक प्रधानमंत्री कहा करते थे कि 1 रुपए में से सिर्फ 15 पैसे ही जमीन पर पहुंचता है। कांग्रेस ने तो हमेशा से तुष्टीकरण की राजनीति करती रही है। लेकिन बीजेपी हर किसी की संतुष्टि की बात करती है। कांग्रेस ने किसानों के लिए कुछ नहीं किया। उन्होंने उनसे वादे किए लेकिन उन्हें कुछ नहीं दिया। यह बीजेपी ही थी जिसने उन्हें (किसानों को) उनके खातों में 2.5 लाख करोड़ रुपये दिए। उन्होंने हमेशा गरीबों की उपेक्षा की। हम किसानों के विकास के लिए लगातार काम कर रहे हैं।

‘अधूरी गारंटियां’ कांग्रेस का रिकॉर्ड है-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने एक बार फिर अपने ‘झूठे गारंटियों का पुलिंदा’ सामने लाया है। कांग्रेस का इतिहास रहा है कि वह जनता से किया कोई भी वादा पूरा नहीं करती। ‘अधूरी गारंटियां’ उनका रिकॉर्ड है। उन्होंने कर्नाटक की जनता से झूठे वादे किए, उनको धोखा दिया। भाजपा की सरकार ने उनके कई वादों को पूरा किया।

*मई में लू की चपेट में आ सकता है पूर्वी भारत, इन राज्यों में भारी बारिश होने के आसार, मौसम विभाग का पूर्वानुमान*

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पूर्वी भारत के कई हिस्सों में मई में तापमान सामान्य से अधिक रहने और कुछ दिन लू चलने का पूर्वानुमान हैबिहार, झारखंड और ओडिशा समेत पूर्वी भारत के कई हिस्सों में मई में तापमान सामान्य से अधिक रहने और कुछ दिन लू चलने का पूर्वानुमान है। मौसम विज्ञान विभाग ने यह जानकारी दी। वहीं, कुछ जगहों पर भारी बारिश के भी आसार जताए गए हैं।

इन राज्यों में सामान्य से अधिक बारिश के आसार

आईएमडी ने मई के लिए तापमान और बारिश संबंधी मासिक पूर्वानुमान किया है। आईएमडी ने तापमान और बारिश संबंधी मासिक पूर्वानुमान के तहत बताया कि मई में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों सहित देश के पश्चिमोत्तर और पश्चिम-मध्य हिस्सों में सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश होने के आसार हैं। इसके अलावा, पूर्वोत्तर क्षेत्र, केरल, आंध्र प्रदेश और दक्षिण कर्नाटक के कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान है। आईएमडी के अनुसार, मई में 61.4 मिलीमीटर की लंबी अवधि के औसत (एलएपी) की 91-109 प्रतिशत बारिश होने के अनुमान है। 

गर्म हवाएं चलने का अनुमान

विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि मई में बिहार, झारखंड, ओडिशा, गांगेय पश्चिम बंगाल, पूर्वी उत्तर प्रदेश, तटीय आंध्र प्रदेश और उत्तरी छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों तथा पूर्वी मध्य प्रदेश, तेलंगाना और तटीय गुजरात के अधिकतर हिस्सों में सामान्य से अधिक गर्म हवाएं चलने का अनुमान है।

अल नीनो का प्रभाव रहने की संभावना

उन्होंने कहा कि मई में भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में मौजूद तटस्थ अल नीनो का प्रभाव रहने की संभावना है और मौसम संबंधी अधिकतर मॉडल मई से मानसून के दौरान क्षेत्र के गर्म होने का संकेत दे रहे हैं।ऐसा बताया जाता है कि अल नीनो या भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर के गर्म होने का भारत में मानसूनी बारिश पर प्रभाव पड़ता है। इसके अलावा, हिंद महासागर में समुद्र की सतह (जिसे हिंद महासागर द्विध्रुव (आईओडी) भी कहते हैं) के तापमान जैसे अन्य कारक भी मौसम को प्रभावित करने के लिए जाने जाते हैं।