Homeo Doctor in Hyderabad for Sunstroke – Safe & Natural Recovery Support

Looking for a homeo doctor in Hyderabad for sunstroke treatment? Spiritual Homeopathy offers gentle, natural care for heat exhaustion and dehydration.

Sunstroke During Hyderabad Summers

Sunstroke is a heat-induced condition that commonly appears during extreme summer temperatures. In Hyderabad, where heat levels rise significantly, many people experience dehydration, fatigue, and sudden weakness due to prolonged sun exposure.

In such cases, consulting a homeo doctor in Hyderabad becomes important because timely care helps the body recover in a natural and balanced way. A skilled homeo doctor in Hyderabad focuses on supporting the body’s internal healing process instead of just controlling symptoms.

What Happens During Sunstroke?

When the body is exposed to excessive heat for long hours, it loses its ability to maintain normal temperature. This leads to heat stress, which can quickly develop into sunstroke if not managed properly.

People working outdoors, travelers, and those exposed to direct sunlight are at higher risk. Many patients prefer visiting a homeo doctor in Hyderabad at early signs of discomfort to avoid worsening of the condition.

Key Symptoms to Watch

Sunstroke symptoms can appear suddenly and may become severe if ignored. Common signs include:

  • Extreme tiredness and weakness
  • High body temperature
  • Headache and dizziness
  • Dry mouth and dehydration
  • Nausea or vomiting
  • Muscle cramps
  • Confusion or irritability
  • Fast heartbeat

When these symptoms appear, seeking help from a homeo doctor in Hyderabad can support faster and safer recovery.

Why Sunstroke Happens

Several everyday factors can trigger sunstroke, such as:

  • Long exposure to sunlight
  • Not drinking enough fluids
  • Heavy physical activity in hot weather
  • Poor ventilation in surroundings
  • Lack of rest during peak heat hours

Because Hyderabad experiences intense summers, many people rely on a homeo doctor in Hyderabad for both prevention and recovery support.

Homeopathy Support for Sunstroke

Homeopathy focuses on helping the body restore its natural balance. A qualified homeo doctor in Hyderabad carefully understands the patient’s symptoms, heat sensitivity, and physical condition before planning care.

The approach generally supports:

  • Natural recovery from heat stress
  • Improved hydration balance
  • Relief from fatigue and weakness
  • Better energy restoration
  • Overall body stabilization

This makes treatment under a homeo doctor in Hyderabad gentle and suitable for all age groups.

Advantages of Choosing Homeopathy

Patients often prefer a homeo doctor in Hyderabad because:

  • It offers gentle and natural care
  • Treatment is personalized for each patient
  • It supports long-term wellness
  • It avoids harsh interventions
  • It focuses on complete body balance

About Spiritual Homeopathy

Spiritual Homeopathy is known for providing holistic and patient-centered care in Hyderabad. People searching for a trusted homeo doctor in Hyderabad choose Spiritual Homeopathy for its careful diagnosis and natural healing approach.

The clinic focuses on understanding each patient’s condition deeply and offering supportive care that promotes long-term health improvement.

Simple Prevention Tips

Along with treatment, prevention is equally important:

  • Drink plenty of water regularly
  • Avoid direct sun during peak hours
  • Wear light, breathable clothing
  • Take breaks in cool or shaded areas
  • Maintain a healthy summer diet

Following these tips along with guidance from a homeo doctor in Hyderabad can significantly reduce the risk of sunstroke.

Conclusion

Sunstroke is a serious but preventable condition, especially during Hyderabad’s hot summers. Early attention and proper care make a big difference in recovery. Consulting a homeo doctor in Hyderabad ensures natural, safe, and supportive healing.

Spiritual Homeopathy provides trusted care for sunstroke and other heat-related health concerns with a holistic approach.

Call Now: 9069176176.

#spiritualhomeo  #bestdoctors  #sunstroke

मीरा भायंदर महानगरपालिका के सभागृह नेता बने एड. रवि व्यास
भायंदर। भारतीय जनता पार्टी ने पूर्व जिलाध्यक्ष तथा मीरा भायंदर विधानसभा चुनाव के प्रमुख रहे एडवोकेट रवि व्यास को मीरा भायंदर महानगरपालिका में सभागृह नेता (Leader of house) की बड़ी जिम्मेदारी दी है। सभागृह नेता महानगरपालिका में सरकार का मुख्य चेहरा होता है, जो प्रशासनिक कार्यों को गति देने और पार्षदों की भूमिका को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए जिम्मेदार होता है। महानगरपालिका में सभागृह नेता सदन का संचालन और नीति निर्धारण करने के साथ-साथ सत्ता पक्ष का नेतृत्व करता है। पार्टी के सभी पार्षदों के बीच समन्वय और एकता बनाए रखने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी का भी निर्वहन करता है। शहर के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेता है। सदन में सत्ता पक्ष का नेतृत्व करता है। एड.रवि व्यास को सभागृह नेता बनाए जाने पर पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में खुशी देखी जा रही है। मीरा भायंदर की आम जनता ने भी उन्हें सभागृह नेता बनाए जाने का स्वागत किया है। एड व्यास ने दी गई जिम्मेदारी के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, भाजपा अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण तथा विधायक नरेंद्र मेहता के प्रति आभार जताते हुए कहा कि वे दी गई जिम्मेदारी का निर्वहन पूरे मनोयोग और समर्पित भावना के साथ करेंगे।
देवघर-महान रोटेरियन स्व. अभय श्रॉफ को संगीत समारोह में भावभीनी श्रद्धांजलि।
देवघर: के शिल्पग्राम ऑडिटोरियम में संस्कृती वाटिका एवं रोटरी क्लब ऑफ देवघर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “गुरु असित मुखर्जी मेमोरियल सिंगिंग ग्रैंड फिनाले सीजन-2” के दौरान महान समाजसेवी एवं रोटरी क्लब ऑफ देवघर के स्तंभ स्वर्गीय रोटेरियन अभय श्रॉफ को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। यह भव्य संगीत समारोह केवल प्रतिभाओं का मंच नहीं बना, बल्कि देवघर की एक महान विभूति को याद करने और उनके अतुलनीय योगदान को नमन करने का भावुक अवसर भी बना। कार्यक्रम में उपस्थित रोटेरियंस, समाजसेवियों, कलाकारों एवं नागरिकों ने स्व. अभय श्रॉफ को याद करते हुए उन्हें सेवा, समर्पण और मानवता का प्रतीक बताया। कार्यक्रम के दौरान संस्कृती वाटिका, देवघर के निदेशक बिस्वजीत दास ने अत्यंत भावुक अंदाज में प्रसिद्ध गीत “ना चिट्ठी ना संदेश” प्रस्तुत किया। गीत की मार्मिक प्रस्तुति ने पूरे सभागार को भावुक कर दिया और उपस्थित लोगों की आंखें नम हो गईं। इसके उपरांत सभी लोगों ने खड़े होकर एक मिनट का मौन रख स्व. रोटेरियन अभय श्रॉफ को श्रद्धांजलि अर्पित की। पूरा वातावरण श्रद्धा, सम्मान और भावनाओं से भर गया। इस अवसर पर रोटरी परिवार की ओर से चार्टर प्रेसिडेंट रोटेरियन गोविंद प्रसाद डालमिया, रोटेरियन डॉ. सुनील कुमार सिन्हा, रोटेरियन विजय मुंद्रा, रोटेरियन सुरेंद्र सिंघानिया, रोटेरियन डॉ. संजय भगत, रोटेरियन आनंद साह, रोटेरियन प्रमोद चौचरिया, क्लब सचिव रोटेरियन नितेश बठवाल, एवं वर्तमान अध्यक्ष रोटेरियन पीयूष जायसवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे। रोटेरियन पीयूष जायसवाल ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि “स्व. रोटेरियन अभय श्रॉफ केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि रोटरी क्लब ऑफ देवघर की आत्मा थे। उनका जीवन सेवा, समर्पण, अनुशासन और मानवता का जीवंत उदाहरण था। उन्होंने जिस निष्ठा और प्रेम से रोटरी को आगे बढ़ाया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा। देवघर समाज और रोटरी परिवार उनके योगदान को कभी नहीं भूल पाएगा।” 15 सितंबर 1946 को देवघर में जन्मे स्व. अभय श्रॉफ ने अपना पूरा जीवन देवघर और यहां की जनता की सेवा में समर्पित कर दिया। वे वर्ष 1981 में रोटरी क्लब ऑफ देवघर के संस्थापक सदस्यों में से एक थे और लगातार 44 वर्षों तक रोटरी से जुड़े रहे। इस दौरान उन्होंने दो बार क्लब अध्यक्ष के रूप में नेतृत्व किया और रोटरी के विभिन्न सामाजिक कार्यों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। विशेष रूप से वार्षिक रोटरी मेले के सफल आयोजन में उनका योगदान अविस्मरणीय रहा। कई अवसरों पर उन्होंने अकेले अपने नेतृत्व और मेहनत से पूरे आयोजन को सफल बनाया। उनके व्यक्तित्व में सरलता, विनम्रता, प्रेम और सेवा भावना का अद्भुत संगम था। वे किसी के प्रति दुर्भावना नहीं रखते थे और सदैव समाजहित में कार्य करते रहे। वे एक सफल व्यवसायी होने के साथ-साथ पुस्तकों, ज्ञान और अध्यात्म के प्रति गहरी रुचि रखते थे। उनके घर की निजी लाइब्रेरी उनकी अध्ययनशील प्रवृत्ति का प्रमाण थी। वे एक प्रभावशाली वक्ता भी थे, जिनकी वाणी में स्पष्टता, संवेदनशीलता और प्रेरणा झलकती थी। स्व. अभय श्रॉफ को बागवानी से विशेष प्रेम था। देवघर में आयोजित वार्षिक पुष्प प्रदर्शनी में वे लगातार कई पुरस्कार जीतते रहे। उनका जीवन सेवा, संस्कार और समाज के प्रति समर्पण की मिसाल था। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने कहा कि स्व. अभय श्रॉफ केवल एक रोटेरियन नहीं, बल्कि अपने आप में एक संस्था थे, जिनकी प्रेरणा आने वाली पीढ़ियों को सदैव मार्गदर्शन देती रहेगी। इस अवसर पर आयोजित “गुरु असित मुखर्जी मेमोरियल सिंगिंग ग्रैंड फिनाले 2026” भी अत्यंत भव्य एवं सफल रहा। झारखंड, बिहार एवं पश्चिम बंगाल से 1200 से अधिक प्रतिभागियों ने ऑडिशन दिया था, जिनमें से चयनित जूनियर एवं सीनियर वर्ग के प्रतिभागियों ने फाइनल में शानदार प्रस्तुति दी। संस्कृती वाटिका के मुख्य स्तंभ बिस्वजीत दास (सहायक प्राध्यापक, DIPSER कॉलेज) एवं तृषा दास (नृत्य शिक्षिका, देवसंग स्कूल) को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। पिछले 15 वर्षों से दोनों संगीत एवं वाद्ययंत्र की शिक्षा देकर देवघर की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। कार्यक्रम में अनाथालय के बच्चों की प्रस्तुति ने सभी को भावुक कर दिया। वहीं इंडियन आइडल सीजन-2 के फाइनलिस्ट एवं प्रसिद्ध गायक आद्रिज घोष मुख्य निर्णायक के रूप में उपस्थित रहे और प्रतिभागियों की सराहना की। *प्रतियोगिता के विजेता इस प्रकार रहे:* जूनियर वर्ग: प्रथम – Md. Rehan Shaikh द्वितीय – Shreayanshu Karmakar तृतीय – Kanishk Kr. Suman सीनियर वर्ग: प्रथम – Nitin Kumar द्वितीय – Shashwat तृतीय – Shobhit Sharma विशेष पुरस्कार: Best Performer – Md. Rehan Shaikh Sri Sushil Kumar Das Memorial Award – Chandan Kumar पूरा कार्यक्रम स्व. अभय श्रॉफ की यादों, उनके आदर्शों और समाज सेवा के प्रति उनके समर्पण को समर्पित रहा। ईश्वर उनकी पुण्य आत्मा को शांति प्रदान करें।
spiritualhomeopathy

Spiritual Homeopathy offers gentle, holistic care focused on treating the root cause of health concerns. With expert doctors and personalized treatment plans, the clinic supports long-term wellness. Serving patients across KPHB, Dilsukhnagar, Chandanagar, and Nallagandla, it is trusted for safe and effective healing.

#spiritualhomeo

लखनऊ ग्रीन कॉरिडोर पर सजेगा ‘तेजस’, शहर को मिलेगी नई पहचान

15 फीट लंबा एयरक्राफ्ट मॉडल बनेगा आकर्षण का केंद्र, ‘तेजस चौराहा’ के रूप में विकसित होगी रोटरी

लखनऊ। राजधानी लखनऊ की खूबसूरती में जल्द ही एक नया आयाम जुड़ने जा रहा है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) द्वारा नव निर्मित ग्रीन कॉरिडोर पर स्वदेशी लड़ाकू विमान HAL Tejas का आकर्षक मॉडल स्थापित किया जाएगा, जो शहर में सैन्य शक्ति और आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक बनेगा।

एलडीए के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि यह पहल रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के मार्गदर्शन में की जा रही है। उनकी अनुशंसा पर Hindustan Aeronautics Limited द्वारा ‘तेजस’ का मॉडल बेंगलुरु से मंगाया गया है। वर्तमान में इसे जनेश्वर मिश्र पार्क में सुरक्षित रखा गया है। उन्होंने बताया कि समतामूलक चौराहे के पास ग्रीन कॉरिडोर के प्रवेश द्वार पर इस मॉडल को स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही इस रोटरी को ‘तेजस चौराहा’ नाम दिया जाएगा, जो आने वाले समय में शहर का प्रमुख आकर्षण बनेगा।

15 दिन में होगा स्थापना कार्य पूरा

एलडीए उपाध्यक्ष के अनुसार, मॉडल की स्थापना के लिए स्थल पर फाउंडेशन और सौंदर्यीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है। लगभग 15 दिनों के भीतर यह कार्य पूर्ण कर मॉडल को पार्क से ग्रीन कॉरिडोर की रोटरी पर स्थापित कर दिया जाएगा।

आकर्षक और वास्तविक आकार का मॉडल

यह मॉडल 15 फीट लंबा और लगभग 9.5 फीट चौड़ा होगा, जिसका वजन करीब 200 किलोग्राम है। इसे वास्तविक तेजस विमान की तरह डिजाइन किया गया है, जिससे यह देखने में बिल्कुल असली जैसा प्रतीत होगा। यह पहल न केवल लखनऊ की सुंदरता को बढ़ाएगी, बल्कि युवाओं को भारतीय वायुसेना और देश की रक्षा शक्ति के प्रति प्रेरित भी करेगी।

बृजभूषण के शोषण की मैं भी विक्टिम”, विनेश फोगाट ने लगाया गंभीर आरोप, जारी किया भावुक वीडियो

#vineshphogatsbigrevelationiwasharassedbybrijbhushan

भारतीय कुश्ती में एख बार फिर बड़ा विवाद सामने आया है। ओलिंपियन विनेश फोगाट ने भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर एक बार फिर गंभीर आरोप लगाए हैं। विनेश पोगाट ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा है कि वह भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाली छह महिला पहलवानों में से एक हैं।

पिछले डेढ़ साल से मैट से दूर थी-विनेश

विनेश ने सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो शेयर करते हुए कहा, 'जैसा की सभी को पता है कि पिछले डेढ़ साल से मैं रेस्लिंग मैट से काफी दूर थी। लेकिन अब कुछ महीनों से मैं रेस्लिंग की तैयारियां कर रह रही हूं। बड़ी मेहनत और ईमानदारी से मेहनत कर रही हूं। जैसे मैंने पहले देश के लिए मेडल जीते, परमात्मा के आशीर्वाद से, आप सबके सहयोग से फिर से रेस्लिंग मैट पर जाऊं और देश के लिए ढेर सारे मेडल जीतूं और देश के तिरंगे का मान बनाए रखूं।'

मैं भी बृजभूषण के शोषण पीड़ित-विनेश

विनेश ने आगे कहा कि, 'मुझे नहीं लगता कि मैं अपना 100% दे पाऊंगी। एक लड़की के लिए ये काफी मुश्किल होगा।' उन्होंने कहा, आज कुछ मजबूरियों के चलते मैं कहना चाहती हूं कि बृजभूषण शरण के खिलाफ कंप्लेंट करने वाले उन 6 विक्टिम में मैं भी शामिल हूं। मेरी गवाही भी कोर्ट में चल रही है।'

पहचान उजागर करने की वजह बताई

विनेश फोगाट ने कहा कि 'वह पहले इस मामले में अपनी पहचान सामने नहीं लाना चाहती थीं, क्योंकि मामला अभी अदालत में लंबित है।' उन्होंने कहा, 'सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन कहती है कि किसी भी पीड़िता की पहचान उजागर नहीं की जानी चाहिए, क्योंकि यह उसकी गरिमा और सम्मान से जुड़ा मामला है। लेकिन आज कुछ परिस्थितियों के कारण मैं आप सबको कुछ बताना चाहती हूं।' विनेश फोगाट ने खुलासा किया कि उनकी पहचान उजागर करने की सबसे बड़ी वजह WFI का गोंडा, उत्तर प्रदेश में रैंकिंग टूर्नामेंट और ट्रायल कराने का फैसला है। दरअसल, गोंडा में 'सीनियर ओपन रैंकिंग कुश्ती टूर्नामेंट' होने जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रतियोगिता बृजभूषण शरण सिंह के निजी कॉलेज में कराई जा रही है, जिससे निष्पक्ष मुकाबले की उम्मीद करना मुश्किल है।

सरकार और खेल मंत्रालय पर भी साधा निशाना

विनेश ने कहा, कौन रेफरी, किसके मैच में जाएगा। कौन रेफरी कितने पॉइंट देगा, कौन मैच चेयरमैन कहां पर बैठेगा, किसको जितवाना है, किसको हरवाना है। ये सब बृजभूषण और उसके लोगों द्वारा कंट्रोल किया जाएगा। सरकार और हमारा खेल मंत्रालय मूक दर्शक बनकर इस चीज को देख रहा है। कोई खिलाड़ियों की मदद के लिए आगे नहीं आ रहा, मानो बृजभूषण को फ्री हैंड दिया हुआ है कि तुम जो मर्जी करो। चाहे तुम महिला पहलवानों के साथ कुछ करो या तुम कुश्ती जगत के साथ कुछ भी करो। हम तुम्हारे साथ में खड़े हैं।

3 साल पहले बृजभूषण पर लगाया था यौन उत्पीड़न का आरोप

बता दें कि करीब 3 साल पहले विनेश ने बृजभूषण पर महिला खिलाड़ियों के यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। 18 जनवरी 2023 को रेसलर विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना देकर बृजभूषण पर महिला रेसलर्स के साथ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। विनेश फोगाट ने रोते हुए कहा था- बृजभूषण शरण सिंह और कोच नेशनल कैंप में महिला रेसलर्स का यौन उत्पीड़न करते हैं। इसे लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर महिला पहलवानों ने बृजभूषण के खिलाफ धरना भी दिया था

RXO and the Rise of the Truth Economy: A New Foundation for the Digital Age

In an era defined by artificial intelligence and exponential data creation, a new paradigm is beginning to take shape—one that places truth at the center of the digital economy. At the forefront of this shift is RXO, a protocol that is not merely building infrastructure, but advancing what it calls a Truth Economy.

The premise behind RXO is both simple and profound: while data has become abundant, verified truth remains scarce. As machines increasingly generate content at scale, the ability to distinguish authenticity from synthesis is rapidly eroding. RXO identifies this not as a marginal issue, but as a systemic failure—one that demands a new architectural response.

This is where the concept of the Truth Economy becomes critical.

Under this model, RXO transforms human verification into a measurable and incentivized activity. Instead of treating truth as an abstract ideal, RXO positions it as an economic asset—something that can be validated, recorded, and rewarded. In the Truth Economy, accuracy is no longer passive; it becomes productive.

At the center of RXO is Torobekova Aizhamal Torobekovna, whose vision reflects a clear departure from conventional Web3 thinking. Rather than building within existing categories, she has focused on a more foundational question: how can trust be sustained in a world increasingly dominated by artificial systems?

“Information is no longer the problem—authenticity is,” she explains. “RXO exists to ensure that truth remains verifiable, even at scale.”

Through its token model, RXO aligns economic incentives with informational integrity. Organizations that require verified data—particularly in artificial intelligence—use RXO tokens to access the network. At the same time, participants contribute to the Truth Economy by validating information and are rewarded for accuracy.

This creates a direct relationship between demand for truth and supply of human verification.

The implications are significant. In AI development, RXO acts as a grounding layer, enabling systems to integrate high-quality, human-verified input. Without such mechanisms, AI risks becoming increasingly detached from real-world context. Within the Truth Economy, RXO ensures that machine intelligence remains anchored to human judgment.

Equally important is the upcoming RXO blockchain, designed specifically for what the platform defines as cognitive settlement. Unlike traditional networks that process financial transactions, the RXO blockchain records verification itself—creating an immutable ledger of truth.

This transforms RXO from a protocol into infrastructure.

“The future of digital systems will depend on verification,” Torobekovna notes. “The Truth Economy is not optional—it is inevitable.”

Participation within RXO reflects this shift. Individuals are no longer passive consumers of information; they become active contributors to the Truth Economy, earning through verification, staking, and network growth. In doing so, RXO redefines human judgment as a valuable digital resource.

As the digital landscape continues to evolve, RXO stands at the intersection of artificial intelligence and decentralized systems, advancing a model where truth is not assumed, but systematically proven.

In the emerging Truth Economy, RXO is not just a participant—it is the foundation. For more details you can visit https://www.rxoworld.org/

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हमें गौरवान्वित करती है आपकी सफलता, विदाई समारोह में वरिष्ठों के साथ खिले चेहरे

अम्बिकापुर- आपके लिए जीवन में अवसर बहुत हैं, बस समय पर सही निर्णय लेना होगा। यह बातें शनिवार को श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में फिजीकल साईंस एम.एससी के विद्यार्थियों के विदाई समारोह के दौरान प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने कही। उन्होंने कहा कि आपकी सफलता हमें गौरान्वित करती है। आप अपनी सफलता से अपने महाविद्यालय परिवार को अवगत करायें जिस पर हम सभी जश्न मनायें।

डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि स्नातकोत्तर की उपाधि के बाद और शोध कार्य के साथ कैट, गेट की परीक्षाओं में जा सकते हैं। गणित, तर्कशक्ति और अंग्रेजी की दक्षता से आपको बैंकिंक, एसएसएसी में नियमित सफलता मिलेगी। इससे पहले सभी विभागाध्यक्ष और विद्यार्थियों ने मां सरस्वती और श्री साई नाथ की तस्वीर पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सभी का स्वागत बैच लगा कर तथा पुष्प गुच्छ प्रदान कर किया गया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए फिजीकल साईंस विभाग के अध्यक्ष डॉ. शैलेष देवांगन ने कहा कि आपकी उपलब्धियां, आपकी मेरिट के साथ दिखती हैं। डॉ. देवांगन ने कहा कि एम.एससी के विद्यार्थियों को गेट की भी परीक्षा में शामिल होना चाहिए। इससे उनके लिए और अवसर बनते हैं। उन्होंने सभी विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि स्वयं पर विश्वास रखिये आपकी मेहनत अवश्य सफलता दिलायेगी।

इस अवसर पर शमन खान, अरविन्द, दीप्ति, प्रीतम पटेल आदि ने महाविद्यालय में बिताये रोमांचक पलों की यादें साझा किया। विद्यार्थियों ने केक काट कर खुशियों का इजहार किया और रंगारंग प्रस्तुतियों से सभी को सराबोर कर दिया।

कार्यक्रम के दौरान एनईपी प्रभारी डॉ. आर.एन. शर्मा, लाईफ साईंस विभाग के अध्यक्ष अरविन्द तिवारी, कम्प्यूटर एंड आईटी विभाग के अध्यक्ष विवेक कुमार गुप्ता, शिक्षा विभाग के अध्यक्ष डॉ. दिनेश शाक्य, वाणिज्य एवं प्रबंध विभाग के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार सेन तथा सभी विद्यार्थी और प्राध्यापक उपस्थित रहे।

‘जनगणना 2027’ पूरी तरह डिजिटल: हर घर पहुंचेगी टीम, डेटा रहेगा पूरी तरह गोपनीय- शीतल वर्मा

* 7 से 21 मई तक स्व-गणना का विकल्प, 22 मई से शुरू होगा घर-घर सर्वे
* प्रदेश में 5.25 लाख से अधिक कर्मियों की तैनाती, टोल-फ्री 1855 जारी

लखनऊ, प्रतिनिधि।
जनगणना कार्य निदेशालय, उत्तर प्रदेश की निदेशक एवं मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी श्रीमती शीतल वर्मा ने शनिवार को लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता में ‘जनगणना 2027’ की तैयारियों और प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना में एकत्र की गई प्रत्येक व्यक्तिगत जानकारी पूर्णतः गोपनीय रहेगी और इसका उपयोग किसी भी जांच या साक्ष्य के रूप में नहीं किया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में जनगणना दो चरणों में संपन्न होगी। पहला चरण ‘मकान सूचीकरण एवं आवास गणना’ 22 मई से 20 जून 2026 तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण ‘जनसंख्या गणना’ फरवरी 2027 में होगा। इससे पहले 7 मई से 21 मई तक स्व-गणना (Self Enumeration) का विकल्प उपलब्ध रहेगा, जिसमें नागरिक स्वयं ऑनलाइन पोर्टल (se.census.gov.in) पर अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।
श्रीमती वर्मा ने बताया कि यह पहली बार होगा जब जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से कराई जाएगी। स्व-गणना के बाद प्राप्त SE ID को घर आने वाले प्रगणक को दिखाना होगा, जिसकी पुष्टि के बाद ही प्रक्रिया पूर्ण मानी जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि स्व-गणना वैकल्पिक है, लेकिन प्रगणक हर घर तक पहुंचकर जानकारी अवश्य एकत्र करेंगे।
प्रदेश में इस विशाल कार्य के लिए 5.25 लाख से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इसमें मंडल, जिला और नगर स्तर के अधिकारियों के साथ-साथ लगभग 5 लाख प्रगणक और पर्यवेक्षक शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि जनगणना का कार्य ‘जनगणना अधिनियम 1948’ और ‘जनगणना नियमावली 1990’ के तहत किया जाएगा, जिसमें डेटा की गोपनीयता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। यह जानकारी टैक्स, पुलिस या अन्य किसी भी जांच एजेंसी के साथ साझा नहीं की जा सकती।
राज्य में यह अभियान 75 जिलों, 783 नगरीय निकायों, 350 तहसीलों और 1.04 लाख ग्रामों में चलाया जाएगा। इसके लिए करीब 3.90 लाख मकान सूचीकरण ब्लॉक बनाए गए हैं, जहां प्रगणक घर-घर जाकर सर्वे करेंगे।
जनगणना से संबंधित जानकारी के लिए टोल-फ्री नंबर 1855 भी जारी किया गया है।
श्रीमती वर्मा ने मीडिया और आम जनता से अपील की कि वे जनगणना को जनभागीदारी का अभियान बनाएं और सही जानकारी देकर विकास योजनाओं के निर्माण में सहयोग करें।
Homeo Doctor in Hyderabad for Sunstroke – Safe & Natural Recovery Support

Looking for a homeo doctor in Hyderabad for sunstroke treatment? Spiritual Homeopathy offers gentle, natural care for heat exhaustion and dehydration.

Sunstroke During Hyderabad Summers

Sunstroke is a heat-induced condition that commonly appears during extreme summer temperatures. In Hyderabad, where heat levels rise significantly, many people experience dehydration, fatigue, and sudden weakness due to prolonged sun exposure.

In such cases, consulting a homeo doctor in Hyderabad becomes important because timely care helps the body recover in a natural and balanced way. A skilled homeo doctor in Hyderabad focuses on supporting the body’s internal healing process instead of just controlling symptoms.

What Happens During Sunstroke?

When the body is exposed to excessive heat for long hours, it loses its ability to maintain normal temperature. This leads to heat stress, which can quickly develop into sunstroke if not managed properly.

People working outdoors, travelers, and those exposed to direct sunlight are at higher risk. Many patients prefer visiting a homeo doctor in Hyderabad at early signs of discomfort to avoid worsening of the condition.

Key Symptoms to Watch

Sunstroke symptoms can appear suddenly and may become severe if ignored. Common signs include:

  • Extreme tiredness and weakness
  • High body temperature
  • Headache and dizziness
  • Dry mouth and dehydration
  • Nausea or vomiting
  • Muscle cramps
  • Confusion or irritability
  • Fast heartbeat

When these symptoms appear, seeking help from a homeo doctor in Hyderabad can support faster and safer recovery.

Why Sunstroke Happens

Several everyday factors can trigger sunstroke, such as:

  • Long exposure to sunlight
  • Not drinking enough fluids
  • Heavy physical activity in hot weather
  • Poor ventilation in surroundings
  • Lack of rest during peak heat hours

Because Hyderabad experiences intense summers, many people rely on a homeo doctor in Hyderabad for both prevention and recovery support.

Homeopathy Support for Sunstroke

Homeopathy focuses on helping the body restore its natural balance. A qualified homeo doctor in Hyderabad carefully understands the patient’s symptoms, heat sensitivity, and physical condition before planning care.

The approach generally supports:

  • Natural recovery from heat stress
  • Improved hydration balance
  • Relief from fatigue and weakness
  • Better energy restoration
  • Overall body stabilization

This makes treatment under a homeo doctor in Hyderabad gentle and suitable for all age groups.

Advantages of Choosing Homeopathy

Patients often prefer a homeo doctor in Hyderabad because:

  • It offers gentle and natural care
  • Treatment is personalized for each patient
  • It supports long-term wellness
  • It avoids harsh interventions
  • It focuses on complete body balance

About Spiritual Homeopathy

Spiritual Homeopathy is known for providing holistic and patient-centered care in Hyderabad. People searching for a trusted homeo doctor in Hyderabad choose Spiritual Homeopathy for its careful diagnosis and natural healing approach.

The clinic focuses on understanding each patient’s condition deeply and offering supportive care that promotes long-term health improvement.

Simple Prevention Tips

Along with treatment, prevention is equally important:

  • Drink plenty of water regularly
  • Avoid direct sun during peak hours
  • Wear light, breathable clothing
  • Take breaks in cool or shaded areas
  • Maintain a healthy summer diet

Following these tips along with guidance from a homeo doctor in Hyderabad can significantly reduce the risk of sunstroke.

Conclusion

Sunstroke is a serious but preventable condition, especially during Hyderabad’s hot summers. Early attention and proper care make a big difference in recovery. Consulting a homeo doctor in Hyderabad ensures natural, safe, and supportive healing.

Spiritual Homeopathy provides trusted care for sunstroke and other heat-related health concerns with a holistic approach.

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मीरा भायंदर महानगरपालिका के सभागृह नेता बने एड. रवि व्यास
भायंदर। भारतीय जनता पार्टी ने पूर्व जिलाध्यक्ष तथा मीरा भायंदर विधानसभा चुनाव के प्रमुख रहे एडवोकेट रवि व्यास को मीरा भायंदर महानगरपालिका में सभागृह नेता (Leader of house) की बड़ी जिम्मेदारी दी है। सभागृह नेता महानगरपालिका में सरकार का मुख्य चेहरा होता है, जो प्रशासनिक कार्यों को गति देने और पार्षदों की भूमिका को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए जिम्मेदार होता है। महानगरपालिका में सभागृह नेता सदन का संचालन और नीति निर्धारण करने के साथ-साथ सत्ता पक्ष का नेतृत्व करता है। पार्टी के सभी पार्षदों के बीच समन्वय और एकता बनाए रखने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी का भी निर्वहन करता है। शहर के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेता है। सदन में सत्ता पक्ष का नेतृत्व करता है। एड.रवि व्यास को सभागृह नेता बनाए जाने पर पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में खुशी देखी जा रही है। मीरा भायंदर की आम जनता ने भी उन्हें सभागृह नेता बनाए जाने का स्वागत किया है। एड व्यास ने दी गई जिम्मेदारी के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, भाजपा अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण तथा विधायक नरेंद्र मेहता के प्रति आभार जताते हुए कहा कि वे दी गई जिम्मेदारी का निर्वहन पूरे मनोयोग और समर्पित भावना के साथ करेंगे।
देवघर-महान रोटेरियन स्व. अभय श्रॉफ को संगीत समारोह में भावभीनी श्रद्धांजलि।
देवघर: के शिल्पग्राम ऑडिटोरियम में संस्कृती वाटिका एवं रोटरी क्लब ऑफ देवघर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “गुरु असित मुखर्जी मेमोरियल सिंगिंग ग्रैंड फिनाले सीजन-2” के दौरान महान समाजसेवी एवं रोटरी क्लब ऑफ देवघर के स्तंभ स्वर्गीय रोटेरियन अभय श्रॉफ को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। यह भव्य संगीत समारोह केवल प्रतिभाओं का मंच नहीं बना, बल्कि देवघर की एक महान विभूति को याद करने और उनके अतुलनीय योगदान को नमन करने का भावुक अवसर भी बना। कार्यक्रम में उपस्थित रोटेरियंस, समाजसेवियों, कलाकारों एवं नागरिकों ने स्व. अभय श्रॉफ को याद करते हुए उन्हें सेवा, समर्पण और मानवता का प्रतीक बताया। कार्यक्रम के दौरान संस्कृती वाटिका, देवघर के निदेशक बिस्वजीत दास ने अत्यंत भावुक अंदाज में प्रसिद्ध गीत “ना चिट्ठी ना संदेश” प्रस्तुत किया। गीत की मार्मिक प्रस्तुति ने पूरे सभागार को भावुक कर दिया और उपस्थित लोगों की आंखें नम हो गईं। इसके उपरांत सभी लोगों ने खड़े होकर एक मिनट का मौन रख स्व. रोटेरियन अभय श्रॉफ को श्रद्धांजलि अर्पित की। पूरा वातावरण श्रद्धा, सम्मान और भावनाओं से भर गया। इस अवसर पर रोटरी परिवार की ओर से चार्टर प्रेसिडेंट रोटेरियन गोविंद प्रसाद डालमिया, रोटेरियन डॉ. सुनील कुमार सिन्हा, रोटेरियन विजय मुंद्रा, रोटेरियन सुरेंद्र सिंघानिया, रोटेरियन डॉ. संजय भगत, रोटेरियन आनंद साह, रोटेरियन प्रमोद चौचरिया, क्लब सचिव रोटेरियन नितेश बठवाल, एवं वर्तमान अध्यक्ष रोटेरियन पीयूष जायसवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे। रोटेरियन पीयूष जायसवाल ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि “स्व. रोटेरियन अभय श्रॉफ केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि रोटरी क्लब ऑफ देवघर की आत्मा थे। उनका जीवन सेवा, समर्पण, अनुशासन और मानवता का जीवंत उदाहरण था। उन्होंने जिस निष्ठा और प्रेम से रोटरी को आगे बढ़ाया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा। देवघर समाज और रोटरी परिवार उनके योगदान को कभी नहीं भूल पाएगा।” 15 सितंबर 1946 को देवघर में जन्मे स्व. अभय श्रॉफ ने अपना पूरा जीवन देवघर और यहां की जनता की सेवा में समर्पित कर दिया। वे वर्ष 1981 में रोटरी क्लब ऑफ देवघर के संस्थापक सदस्यों में से एक थे और लगातार 44 वर्षों तक रोटरी से जुड़े रहे। इस दौरान उन्होंने दो बार क्लब अध्यक्ष के रूप में नेतृत्व किया और रोटरी के विभिन्न सामाजिक कार्यों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। विशेष रूप से वार्षिक रोटरी मेले के सफल आयोजन में उनका योगदान अविस्मरणीय रहा। कई अवसरों पर उन्होंने अकेले अपने नेतृत्व और मेहनत से पूरे आयोजन को सफल बनाया। उनके व्यक्तित्व में सरलता, विनम्रता, प्रेम और सेवा भावना का अद्भुत संगम था। वे किसी के प्रति दुर्भावना नहीं रखते थे और सदैव समाजहित में कार्य करते रहे। वे एक सफल व्यवसायी होने के साथ-साथ पुस्तकों, ज्ञान और अध्यात्म के प्रति गहरी रुचि रखते थे। उनके घर की निजी लाइब्रेरी उनकी अध्ययनशील प्रवृत्ति का प्रमाण थी। वे एक प्रभावशाली वक्ता भी थे, जिनकी वाणी में स्पष्टता, संवेदनशीलता और प्रेरणा झलकती थी। स्व. अभय श्रॉफ को बागवानी से विशेष प्रेम था। देवघर में आयोजित वार्षिक पुष्प प्रदर्शनी में वे लगातार कई पुरस्कार जीतते रहे। उनका जीवन सेवा, संस्कार और समाज के प्रति समर्पण की मिसाल था। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने कहा कि स्व. अभय श्रॉफ केवल एक रोटेरियन नहीं, बल्कि अपने आप में एक संस्था थे, जिनकी प्रेरणा आने वाली पीढ़ियों को सदैव मार्गदर्शन देती रहेगी। इस अवसर पर आयोजित “गुरु असित मुखर्जी मेमोरियल सिंगिंग ग्रैंड फिनाले 2026” भी अत्यंत भव्य एवं सफल रहा। झारखंड, बिहार एवं पश्चिम बंगाल से 1200 से अधिक प्रतिभागियों ने ऑडिशन दिया था, जिनमें से चयनित जूनियर एवं सीनियर वर्ग के प्रतिभागियों ने फाइनल में शानदार प्रस्तुति दी। संस्कृती वाटिका के मुख्य स्तंभ बिस्वजीत दास (सहायक प्राध्यापक, DIPSER कॉलेज) एवं तृषा दास (नृत्य शिक्षिका, देवसंग स्कूल) को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। पिछले 15 वर्षों से दोनों संगीत एवं वाद्ययंत्र की शिक्षा देकर देवघर की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। कार्यक्रम में अनाथालय के बच्चों की प्रस्तुति ने सभी को भावुक कर दिया। वहीं इंडियन आइडल सीजन-2 के फाइनलिस्ट एवं प्रसिद्ध गायक आद्रिज घोष मुख्य निर्णायक के रूप में उपस्थित रहे और प्रतिभागियों की सराहना की। *प्रतियोगिता के विजेता इस प्रकार रहे:* जूनियर वर्ग: प्रथम – Md. Rehan Shaikh द्वितीय – Shreayanshu Karmakar तृतीय – Kanishk Kr. Suman सीनियर वर्ग: प्रथम – Nitin Kumar द्वितीय – Shashwat तृतीय – Shobhit Sharma विशेष पुरस्कार: Best Performer – Md. Rehan Shaikh Sri Sushil Kumar Das Memorial Award – Chandan Kumar पूरा कार्यक्रम स्व. अभय श्रॉफ की यादों, उनके आदर्शों और समाज सेवा के प्रति उनके समर्पण को समर्पित रहा। ईश्वर उनकी पुण्य आत्मा को शांति प्रदान करें।
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Spiritual Homeopathy offers gentle, holistic care focused on treating the root cause of health concerns. With expert doctors and personalized treatment plans, the clinic supports long-term wellness. Serving patients across KPHB, Dilsukhnagar, Chandanagar, and Nallagandla, it is trusted for safe and effective healing.

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लखनऊ ग्रीन कॉरिडोर पर सजेगा ‘तेजस’, शहर को मिलेगी नई पहचान

15 फीट लंबा एयरक्राफ्ट मॉडल बनेगा आकर्षण का केंद्र, ‘तेजस चौराहा’ के रूप में विकसित होगी रोटरी

लखनऊ। राजधानी लखनऊ की खूबसूरती में जल्द ही एक नया आयाम जुड़ने जा रहा है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) द्वारा नव निर्मित ग्रीन कॉरिडोर पर स्वदेशी लड़ाकू विमान HAL Tejas का आकर्षक मॉडल स्थापित किया जाएगा, जो शहर में सैन्य शक्ति और आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक बनेगा।

एलडीए के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि यह पहल रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के मार्गदर्शन में की जा रही है। उनकी अनुशंसा पर Hindustan Aeronautics Limited द्वारा ‘तेजस’ का मॉडल बेंगलुरु से मंगाया गया है। वर्तमान में इसे जनेश्वर मिश्र पार्क में सुरक्षित रखा गया है। उन्होंने बताया कि समतामूलक चौराहे के पास ग्रीन कॉरिडोर के प्रवेश द्वार पर इस मॉडल को स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही इस रोटरी को ‘तेजस चौराहा’ नाम दिया जाएगा, जो आने वाले समय में शहर का प्रमुख आकर्षण बनेगा।

15 दिन में होगा स्थापना कार्य पूरा

एलडीए उपाध्यक्ष के अनुसार, मॉडल की स्थापना के लिए स्थल पर फाउंडेशन और सौंदर्यीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है। लगभग 15 दिनों के भीतर यह कार्य पूर्ण कर मॉडल को पार्क से ग्रीन कॉरिडोर की रोटरी पर स्थापित कर दिया जाएगा।

आकर्षक और वास्तविक आकार का मॉडल

यह मॉडल 15 फीट लंबा और लगभग 9.5 फीट चौड़ा होगा, जिसका वजन करीब 200 किलोग्राम है। इसे वास्तविक तेजस विमान की तरह डिजाइन किया गया है, जिससे यह देखने में बिल्कुल असली जैसा प्रतीत होगा। यह पहल न केवल लखनऊ की सुंदरता को बढ़ाएगी, बल्कि युवाओं को भारतीय वायुसेना और देश की रक्षा शक्ति के प्रति प्रेरित भी करेगी।

बृजभूषण के शोषण की मैं भी विक्टिम”, विनेश फोगाट ने लगाया गंभीर आरोप, जारी किया भावुक वीडियो

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भारतीय कुश्ती में एख बार फिर बड़ा विवाद सामने आया है। ओलिंपियन विनेश फोगाट ने भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर एक बार फिर गंभीर आरोप लगाए हैं। विनेश पोगाट ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा है कि वह भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाली छह महिला पहलवानों में से एक हैं।

पिछले डेढ़ साल से मैट से दूर थी-विनेश

विनेश ने सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो शेयर करते हुए कहा, 'जैसा की सभी को पता है कि पिछले डेढ़ साल से मैं रेस्लिंग मैट से काफी दूर थी। लेकिन अब कुछ महीनों से मैं रेस्लिंग की तैयारियां कर रह रही हूं। बड़ी मेहनत और ईमानदारी से मेहनत कर रही हूं। जैसे मैंने पहले देश के लिए मेडल जीते, परमात्मा के आशीर्वाद से, आप सबके सहयोग से फिर से रेस्लिंग मैट पर जाऊं और देश के लिए ढेर सारे मेडल जीतूं और देश के तिरंगे का मान बनाए रखूं।'

मैं भी बृजभूषण के शोषण पीड़ित-विनेश

विनेश ने आगे कहा कि, 'मुझे नहीं लगता कि मैं अपना 100% दे पाऊंगी। एक लड़की के लिए ये काफी मुश्किल होगा।' उन्होंने कहा, आज कुछ मजबूरियों के चलते मैं कहना चाहती हूं कि बृजभूषण शरण के खिलाफ कंप्लेंट करने वाले उन 6 विक्टिम में मैं भी शामिल हूं। मेरी गवाही भी कोर्ट में चल रही है।'

पहचान उजागर करने की वजह बताई

विनेश फोगाट ने कहा कि 'वह पहले इस मामले में अपनी पहचान सामने नहीं लाना चाहती थीं, क्योंकि मामला अभी अदालत में लंबित है।' उन्होंने कहा, 'सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन कहती है कि किसी भी पीड़िता की पहचान उजागर नहीं की जानी चाहिए, क्योंकि यह उसकी गरिमा और सम्मान से जुड़ा मामला है। लेकिन आज कुछ परिस्थितियों के कारण मैं आप सबको कुछ बताना चाहती हूं।' विनेश फोगाट ने खुलासा किया कि उनकी पहचान उजागर करने की सबसे बड़ी वजह WFI का गोंडा, उत्तर प्रदेश में रैंकिंग टूर्नामेंट और ट्रायल कराने का फैसला है। दरअसल, गोंडा में 'सीनियर ओपन रैंकिंग कुश्ती टूर्नामेंट' होने जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रतियोगिता बृजभूषण शरण सिंह के निजी कॉलेज में कराई जा रही है, जिससे निष्पक्ष मुकाबले की उम्मीद करना मुश्किल है।

सरकार और खेल मंत्रालय पर भी साधा निशाना

विनेश ने कहा, कौन रेफरी, किसके मैच में जाएगा। कौन रेफरी कितने पॉइंट देगा, कौन मैच चेयरमैन कहां पर बैठेगा, किसको जितवाना है, किसको हरवाना है। ये सब बृजभूषण और उसके लोगों द्वारा कंट्रोल किया जाएगा। सरकार और हमारा खेल मंत्रालय मूक दर्शक बनकर इस चीज को देख रहा है। कोई खिलाड़ियों की मदद के लिए आगे नहीं आ रहा, मानो बृजभूषण को फ्री हैंड दिया हुआ है कि तुम जो मर्जी करो। चाहे तुम महिला पहलवानों के साथ कुछ करो या तुम कुश्ती जगत के साथ कुछ भी करो। हम तुम्हारे साथ में खड़े हैं।

3 साल पहले बृजभूषण पर लगाया था यौन उत्पीड़न का आरोप

बता दें कि करीब 3 साल पहले विनेश ने बृजभूषण पर महिला खिलाड़ियों के यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। 18 जनवरी 2023 को रेसलर विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना देकर बृजभूषण पर महिला रेसलर्स के साथ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। विनेश फोगाट ने रोते हुए कहा था- बृजभूषण शरण सिंह और कोच नेशनल कैंप में महिला रेसलर्स का यौन उत्पीड़न करते हैं। इसे लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर महिला पहलवानों ने बृजभूषण के खिलाफ धरना भी दिया था

RXO and the Rise of the Truth Economy: A New Foundation for the Digital Age

In an era defined by artificial intelligence and exponential data creation, a new paradigm is beginning to take shape—one that places truth at the center of the digital economy. At the forefront of this shift is RXO, a protocol that is not merely building infrastructure, but advancing what it calls a Truth Economy.

The premise behind RXO is both simple and profound: while data has become abundant, verified truth remains scarce. As machines increasingly generate content at scale, the ability to distinguish authenticity from synthesis is rapidly eroding. RXO identifies this not as a marginal issue, but as a systemic failure—one that demands a new architectural response.

This is where the concept of the Truth Economy becomes critical.

Under this model, RXO transforms human verification into a measurable and incentivized activity. Instead of treating truth as an abstract ideal, RXO positions it as an economic asset—something that can be validated, recorded, and rewarded. In the Truth Economy, accuracy is no longer passive; it becomes productive.

At the center of RXO is Torobekova Aizhamal Torobekovna, whose vision reflects a clear departure from conventional Web3 thinking. Rather than building within existing categories, she has focused on a more foundational question: how can trust be sustained in a world increasingly dominated by artificial systems?

“Information is no longer the problem—authenticity is,” she explains. “RXO exists to ensure that truth remains verifiable, even at scale.”

Through its token model, RXO aligns economic incentives with informational integrity. Organizations that require verified data—particularly in artificial intelligence—use RXO tokens to access the network. At the same time, participants contribute to the Truth Economy by validating information and are rewarded for accuracy.

This creates a direct relationship between demand for truth and supply of human verification.

The implications are significant. In AI development, RXO acts as a grounding layer, enabling systems to integrate high-quality, human-verified input. Without such mechanisms, AI risks becoming increasingly detached from real-world context. Within the Truth Economy, RXO ensures that machine intelligence remains anchored to human judgment.

Equally important is the upcoming RXO blockchain, designed specifically for what the platform defines as cognitive settlement. Unlike traditional networks that process financial transactions, the RXO blockchain records verification itself—creating an immutable ledger of truth.

This transforms RXO from a protocol into infrastructure.

“The future of digital systems will depend on verification,” Torobekovna notes. “The Truth Economy is not optional—it is inevitable.”

Participation within RXO reflects this shift. Individuals are no longer passive consumers of information; they become active contributors to the Truth Economy, earning through verification, staking, and network growth. In doing so, RXO redefines human judgment as a valuable digital resource.

As the digital landscape continues to evolve, RXO stands at the intersection of artificial intelligence and decentralized systems, advancing a model where truth is not assumed, but systematically proven.

In the emerging Truth Economy, RXO is not just a participant—it is the foundation. For more details you can visit https://www.rxoworld.org/

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हमें गौरवान्वित करती है आपकी सफलता, विदाई समारोह में वरिष्ठों के साथ खिले चेहरे

अम्बिकापुर- आपके लिए जीवन में अवसर बहुत हैं, बस समय पर सही निर्णय लेना होगा। यह बातें शनिवार को श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में फिजीकल साईंस एम.एससी के विद्यार्थियों के विदाई समारोह के दौरान प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने कही। उन्होंने कहा कि आपकी सफलता हमें गौरान्वित करती है। आप अपनी सफलता से अपने महाविद्यालय परिवार को अवगत करायें जिस पर हम सभी जश्न मनायें।

डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि स्नातकोत्तर की उपाधि के बाद और शोध कार्य के साथ कैट, गेट की परीक्षाओं में जा सकते हैं। गणित, तर्कशक्ति और अंग्रेजी की दक्षता से आपको बैंकिंक, एसएसएसी में नियमित सफलता मिलेगी। इससे पहले सभी विभागाध्यक्ष और विद्यार्थियों ने मां सरस्वती और श्री साई नाथ की तस्वीर पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सभी का स्वागत बैच लगा कर तथा पुष्प गुच्छ प्रदान कर किया गया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए फिजीकल साईंस विभाग के अध्यक्ष डॉ. शैलेष देवांगन ने कहा कि आपकी उपलब्धियां, आपकी मेरिट के साथ दिखती हैं। डॉ. देवांगन ने कहा कि एम.एससी के विद्यार्थियों को गेट की भी परीक्षा में शामिल होना चाहिए। इससे उनके लिए और अवसर बनते हैं। उन्होंने सभी विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि स्वयं पर विश्वास रखिये आपकी मेहनत अवश्य सफलता दिलायेगी।

इस अवसर पर शमन खान, अरविन्द, दीप्ति, प्रीतम पटेल आदि ने महाविद्यालय में बिताये रोमांचक पलों की यादें साझा किया। विद्यार्थियों ने केक काट कर खुशियों का इजहार किया और रंगारंग प्रस्तुतियों से सभी को सराबोर कर दिया।

कार्यक्रम के दौरान एनईपी प्रभारी डॉ. आर.एन. शर्मा, लाईफ साईंस विभाग के अध्यक्ष अरविन्द तिवारी, कम्प्यूटर एंड आईटी विभाग के अध्यक्ष विवेक कुमार गुप्ता, शिक्षा विभाग के अध्यक्ष डॉ. दिनेश शाक्य, वाणिज्य एवं प्रबंध विभाग के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार सेन तथा सभी विद्यार्थी और प्राध्यापक उपस्थित रहे।

‘जनगणना 2027’ पूरी तरह डिजिटल: हर घर पहुंचेगी टीम, डेटा रहेगा पूरी तरह गोपनीय- शीतल वर्मा

* 7 से 21 मई तक स्व-गणना का विकल्प, 22 मई से शुरू होगा घर-घर सर्वे
* प्रदेश में 5.25 लाख से अधिक कर्मियों की तैनाती, टोल-फ्री 1855 जारी

लखनऊ, प्रतिनिधि।
जनगणना कार्य निदेशालय, उत्तर प्रदेश की निदेशक एवं मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी श्रीमती शीतल वर्मा ने शनिवार को लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता में ‘जनगणना 2027’ की तैयारियों और प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना में एकत्र की गई प्रत्येक व्यक्तिगत जानकारी पूर्णतः गोपनीय रहेगी और इसका उपयोग किसी भी जांच या साक्ष्य के रूप में नहीं किया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में जनगणना दो चरणों में संपन्न होगी। पहला चरण ‘मकान सूचीकरण एवं आवास गणना’ 22 मई से 20 जून 2026 तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण ‘जनसंख्या गणना’ फरवरी 2027 में होगा। इससे पहले 7 मई से 21 मई तक स्व-गणना (Self Enumeration) का विकल्प उपलब्ध रहेगा, जिसमें नागरिक स्वयं ऑनलाइन पोर्टल (se.census.gov.in) पर अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।
श्रीमती वर्मा ने बताया कि यह पहली बार होगा जब जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से कराई जाएगी। स्व-गणना के बाद प्राप्त SE ID को घर आने वाले प्रगणक को दिखाना होगा, जिसकी पुष्टि के बाद ही प्रक्रिया पूर्ण मानी जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि स्व-गणना वैकल्पिक है, लेकिन प्रगणक हर घर तक पहुंचकर जानकारी अवश्य एकत्र करेंगे।
प्रदेश में इस विशाल कार्य के लिए 5.25 लाख से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इसमें मंडल, जिला और नगर स्तर के अधिकारियों के साथ-साथ लगभग 5 लाख प्रगणक और पर्यवेक्षक शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि जनगणना का कार्य ‘जनगणना अधिनियम 1948’ और ‘जनगणना नियमावली 1990’ के तहत किया जाएगा, जिसमें डेटा की गोपनीयता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। यह जानकारी टैक्स, पुलिस या अन्य किसी भी जांच एजेंसी के साथ साझा नहीं की जा सकती।
राज्य में यह अभियान 75 जिलों, 783 नगरीय निकायों, 350 तहसीलों और 1.04 लाख ग्रामों में चलाया जाएगा। इसके लिए करीब 3.90 लाख मकान सूचीकरण ब्लॉक बनाए गए हैं, जहां प्रगणक घर-घर जाकर सर्वे करेंगे।
जनगणना से संबंधित जानकारी के लिए टोल-फ्री नंबर 1855 भी जारी किया गया है।
श्रीमती वर्मा ने मीडिया और आम जनता से अपील की कि वे जनगणना को जनभागीदारी का अभियान बनाएं और सही जानकारी देकर विकास योजनाओं के निर्माण में सहयोग करें।