खामेनेई की मौत के बाद IRGC का अब तक के सबसे बड़े हमले का ऐलान, केमिकल हथियार के इस्तेमाल की धमकी

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अमेरिकी औक इजरायली हमले में ईरान को अब तक का सबसे बड़ा झटका लगा है। हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत हो गई। ईरान की सरकारी मीडिया ने बताया कि खामेनेई की तेहरान स्थित उनके घर पर हुए हमले में मौत हो गई है। खामेनेई की मौत पर ईरान में 40 दिनों का शोक घोषित किया गया है। खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने बदला लेने की धमकी दी है। उसने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ केमिकल हथियार के इस्तेमाल की धमकी दी है।

ईरानी राष्ट्रपति ने खामेनेई की हत्या का जवाब देने की खाई कसम

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत का बदला लेने की कसम खाई है। पेजेश्कियन ने खामेनेई की हत्या को एक बड़ा जुर्म बताया है। राष्ट्रपति कार्यालय से जारी बयान में कहा गया है कि 'यह बड़ा जुर्म कभी भी बिना जवाब के नहीं रहेगा और इस्लामिक दुनिया और शिया मत के इतिहास में एक नया पन्ना खोलेगा। इस बड़े नेता का पवित्र खून एक तेज झरने की तरह बहेगा और अमेरिकी-जायोनी जुल्म और जुर्म को खत्म कर देगा।'

27 अमेरिकी बेसों पर ईरान का हमला

ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने अमेरिका और इस्राइल के हवाई हमलों के जवाब में पश्चिमी एशिया में 27 अमेरिकी बेसों और इस्राइल पर छठी लहर के हमलों की घोषणा की है। ईरानी स्टेट मीडिया के अनुसार, IRGC ने कहा कि इन हमलों में विस्तृत मिसाइल और ड्रोन हमले शामिल हैं। इसका लक्ष्य क्षेत्र में अमेरिकी और इस्राइली सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना है।

मध्य-पूर्व में कहां-कहां हैं अमेरिकी ठिकाने

मध्य-पूर्व में अमेरिका सेना के कई ठिकाने हैं। बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े का मुख्यालय है। यहां से अमेरिका खाड़ी और आसपास के समुद्रों में अभियानों की देखरेख करता है। क़तर की राजधानी दोहा के पास मौजूद अल उदैद एयरबेस, मध्य पूर्व में अमेरिकी सेंट्रल कमांड के एयर ऑपरेशंस का मुख्यालय है। ये मध्य पूर्व में सबसे बड़ा अमेरिकी हवाई अड्डा है और यहां अमेरिका के करीब 10 हजार सैनिकों की मौजूदगी है। संयुक्त अरब अमीरात में अल धफरा यूएस एयर बेस भी अमेरिकी वायु सेना के लिए एक अमेरिकी वायु सेना के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान है।

दुबई में अमेरिकी नौसेना का मुख्य बंदरगाह

दुबई में स्थित जेबेल अली बंदरगाह, अमेरिका का आधिकारिक सैन्य अड्डा नहीं है, लेकिन इस क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना का मुख्य बंदरगाह है। इसके अलावा अमेरिका इराक में ऐन अल असद हवाई अड्डे पर अपनी उपस्थिति बनाए रखता है। वहीं उत्तरी इराक में स्थित एरबिल हवाई अड्डा इस क्षेत्र में भी अमेरिका के लिए एक महत्वपूर्ण जगह है।

सऊदी अमेरिकी सेना के अभियानों के लिए अहम

जहां तक सऊदी अरब की बात है वहां करीब 2,300 से अधिक अमेरिकी सैनिक सऊदी सरकार के साथ मिलकर एयर एंड मिसाइल डिफेंस मुहैया करवाते हैं। प्रिंस सुल्तान हवाई अड्डा अमेरिकी सेना के अभियानों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान है। जॉर्डन में, मुवफ्फ़क अल साल्टी हवाई अड्डा लेवांत क्षेत्र में अभियानों के लिए अमेरिकी वायु सेना सेंट्रल के 332वें एयर एक्सपेंडरी विंग के लिए महत्वपूर्ण है।

अमेरिका-इजराइल हमलों में अली ख़ामेनेई की मौत, चुप नहीं बैठेगा ईरान

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तेहरान पर इजरायली हवाई हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर, अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए।उनके साथ परिवार के चार और सदस्यों की भी जान गई है। ईरानी मीडिया ने भी इस खबर को कंफर्म किया है। ख़ामेनेई की मौत के बाद 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा भी की गई है।

ईरान के सरकारी मीडिया ने की खामेनेई की मौत की पुष्टि

ईरान के सरकारी मीडिया ने रविवार सुबह इस बारे में जानकारी दी और उन्हें शहीद कहा। सरकारी ब्रॉडकास्टर IRIB ने कहा कि सुप्रीम लीडर शहीद हो गए हैं। ईरान की अर्धसरकारी न्यूज एजेंसी तस्नीम और फार्स ने भी मौत की खबर जारी की है। खामेनेई की मौत पर ईरान में 40 दिनों का शोक घोषित किया गया है। इसके कुछ घंटे पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर खामेनेई की मौत की घोषणा की थी।

तेहरान स्थित कंपाउंड में मारे गए खामेनेई

ईरान की सरकारी मीडिया ने बताया कि खामेनेई की तेहरान स्थित उनके घर पर हुए हमले में मौत हो गई है। फार्स न्यूज एजेंसी ने बताया कि खामेनेई जब अपने ऑफिस में ड्यूटी कर रहे थे, उसी समय उनकी हत्या कर दी गई। यह कंपाउंड तेहरान के बीच में यूनिवर्सिटी के पास है। खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने 40 दिनों के शोक की घोषणा की है।

ट्रंप ने खामेनेई की मौत को बताया ईरानियों के लिए इंसाफ

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट में लिखा, 'इतिहास के सबसे बुरे लोगों में से एक, खामेनेई मर गए हैं। यह सिर्फ ईरान के लोगों के लिए इंसाफ नहीं है, बल्कि सभी महान अमेरिकियों और दुनियाभर के कई देशों के उन लोगों के लिए भी है, जिनमें खामेनेई और उसके खून के प्यासे गुंडों ने मार डाला।' इसके पहले इजरायली अधिकारियों ने कहा था कि तेहरान में हुए हमले में खामेनेई की मौत हो गई है।

ईरान करेगा सबसे बड़ा हमला- IRGC

सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की हत्या के बाद इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने ईरान के इतिहास में सबसे खतरनाक हमला शुरू करने की घोषणा की है। IRGC ने कहा कि यह हमला बस कुछ पलों में शुरू होगा और इस इलाके में कब्जे वाले इलाके इलाकों और अमेरिकी आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा। इसके पहले ईरान ने पुष्टि की थी कि इजरायल और अमेरिकी हमले में सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई है।

साई कॉलेज में विज्ञान दिवस पर आयोजित हुई पोस्टर प्रदर्शनी

अम्बिकापुर- श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर में शनिवार को साईंस क्लब के तत्वावधान में विज्ञान दिवस मनाया गया। कैटलाइजिंग विकसित भारत थ्रू इंडियन नॉलेज सिस्टम इन साईंस विषय पर पोस्टर प्रदर्शनी आयोजित हुई जिसमें विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण, सौर ऊर्जा की जरूरत, कृत्रिम बुद्धि की दक्षता, मेक इन इंडिया, आर्थिक शक्ति के रूप में भारत, अंतरिक्ष में भारतीय क्षमता का प्रदर्शन, विज्ञान में प्राचीन भारतीय ज्ञान प्रणाली को कैनवास पर उकेरा। साईंस क्लब के प्रभारी दीपक तिवारी ने बताया कि विद्याथियों ने पोस्टर पर भारतीय ज्ञान परम्परा के इतिहास और विकास को दर्शाया है तो दूसरी ओर हरित ऊर्जा को 21 सदी की जरूरत बताया। संख्ययों की गणना हमारे मानवीय विकास की आधारशिला है। पोस्टर में संख्याओं के विकास और प्रक्रिया को दर्शाया गया है जो रोमांचक रहा। आधार कार्ड, वोटर कार्ड, पैन कार्ड हमारी पहचान से जुड़ा है जो हमारी मानवीय विकास की यात्रा है।


एजूकेशन फॉर ऑल, जस्टिस फॉल ऑल के साथ वसुधैव कुटुम्बकम् का उद्घोष नजर आया। प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया। प्रदर्शनी के दौरान डॉ. श्रीराम बघेल, विभा तिवारी, कंचन साहू, राहुल कुंडू, नीरज राजवाड़े आदि ने सहयोग किया।

प्रदर्शनी के दौरान आईक्यूएसी प्रभारी डॉ. शैलेष देवांगन, एनईपी प्रभारी डॉ. आर.एन. शर्मा, कम्प्यूटर एंड आईटी विभाग के अध्यक्ष डॉ. विवेक कुमार गुप्ता, लाइफ साईंस विभाग के अध्यक्ष अरविन्द तिवारी, शिक्षा विभाग के अध्यक्ष डॉ. दिनेश शाक्य और वाणिज्य एवं प्रबंध विभाग के अध्यक्ष राकेश कुमार सेन तथा सभी प्राध्यापक और विद्यार्थी उपस्थित रहे

उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन का बड़ा कदम

* युवाओं को ‘फ्यूचर-रेडी’ बनाने के लिए 6 संस्थाओं से MoU, तकनीकी और सॉफ्ट स्किल्स पर होगा विशेष फोकस
लखनऊ। युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसरों के लिए तैयार करने की दिशा में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने छह प्रतिष्ठित संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को तकनीकी दक्षता, सॉफ्ट स्किल्स, परफॉर्मिंग आर्ट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे आधुनिक कौशलों से सुसज्जित कर उन्हें ‘फ्यूचर-रेडी’ बनाना है।
मिशन निदेशक पुलकित खरे और संयुक्त निदेशक मयंक गंगवार की उपस्थिति में हुए इस समझौते के तहत प्रशिक्षण को केवल तकनीकी शिक्षा तक सीमित न रखकर संवाद कौशल, आत्मविश्वास, रचनात्मकता और डिजिटल दक्षता पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।
* कला और तकनीक का संगम
भारतेंदु नाट्य अकादमी के साथ साझेदारी से युवाओं को कला-आधारित रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। वहीं Oracle Corporation द्वारा विकसित ऑनलाइन कोर्स डिजिटल लर्निंग पार्टनर के रूप में उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
* क्षेत्रीय स्तर पर विशेष कार्यक्रम
प्रयागराज और वाराणसी मंडलों में ‘फाउंडेशनल एम्प्लॉयबिलिटी स्किल्स’ कार्यक्रम के तहत इंग्लिश स्पीकिंग, क्रिटिकल थिंकिंग और प्रॉब्लम सॉल्विंग पर जोर दिया जाएगा।
अयोध्या मंडल में The Apprentice Project के सहयोग से AI और मशीन लर्निंग आधारित तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इसके अतिरिक्त Raina Education Foundation सॉफ्ट स्किल्स, हार्ड स्किल्स और माइक्रो-इंटर्नशिप के माध्यम से शिक्षा और रोजगार के बीच की दूरी कम करने का कार्य करेगा।
Magic Bus India Foundation ‘ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स’ कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षकों को संवाद कौशल, व्यक्तित्व विकास और AI के मूल सिद्धांतों में दक्ष बनाएगा।
* युवाओं के सर्वांगीण विकास पर जोर
यह पहल तकनीकी ज्ञान के साथ व्यवहारिक और डिजिटल कौशल का समन्वय कर युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर प्रदान करने की दिशा में राज्य सरकार का एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रयास युवाओं को बदलते औद्योगिक परिदृश्य के अनुरूप सक्षम बनाने में सहायक सिद्ध होगा।
स्वास्थ्य हमारा मिशन है और सेवा हमारी परंपरा: डॉ. मनसुख मांडविया

  • कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) ने अपने 75वें स्थापना वर्ष समारोह की शुरुआत की

भोपाल। ​कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) ने देशभर के श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए सात दशकों से अधिक की समर्पित सेवा के उपलक्ष्य में अपने '75वें सेवा वर्ष' समारोह की शुरुआत की। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने इस कार्यक्रम में मुख्य भाषण दिया।

​इस अवसर पर सांसद (लोकसभा) एनके प्रेमचंद्रन, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की सचिव वंदना गुरनानी, ईपीएफओ के केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त रमेश कृष्णमूर्ति, अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) की निदेशक मिचिको मियामोटो और मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • विकास और सुधार की यात्रा:

सभा को संबोधित करते हुए डॉ. मनसुख मांडविया ने संस्थान की यात्रा को राष्ट्र सेवा और सुधार का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि 1952 में लगभग 1.2 लाख लाभार्थियों और एक औषधालय से शुरू हुआ ईएसआईसी (ESIC) आज 166 अस्पतालों, 17 मेडिकल कॉलेजों और लगभग 1,600 औषधालयों के विशाल नेटवर्क के माध्यम से 15 करोड़ से अधिक लाभार्थियों की सेवा कर रहा है।

  • स्वास्थ्य ही सेवा है:

डॉ. मांडविया ने जोर देकर कहा कि "स्वास्थ्य ही सेवा है और सेवा ही हमारा संस्कार है।" उन्होंने चिकित्सा पेशेवरों से अनुशासन बनाए रखने और लोगों के भरोसे का सम्मान करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ईएसआईसी के मानकों को एम्स (AIIMS) जैसे प्रमुख संस्थानों के बराबर होना चाहिए।

  • प्रमुख घोषणाएं और पहल:

​निशुल्क स्वास्थ्य जांच: श्रम संहिताओं के तहत 40 वर्ष से अधिक आयु के सभी श्रमिकों के लिए अनिवार्य और मुफ्त स्वास्थ्य जांच का प्रावधान किया गया है।

  • ​स्मारक सिक्का और पुस्तक: निगम की 75 वर्षों की यात्रा के प्रतीक के रूप में एक स्मारक सिक्का और कॉफी टेबल बुक जारी की गई।
  • स्वास्थ्य रथ: लाभार्थियों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए 'स्वास्थ्य रथ' पहल की शुरुआत की गई।
  • समझौता ज्ञापन (MoUs): ​ESIC और NHAआयुष्मान भारत - प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB PM-JAY) के साथ ईएसआई योजना के समन्वय के लिए।
  • ​ESIC और NABL: ईएसआईसी स्वास्थ्य सुविधाओं में गुणवत्ता आश्वासन और मान्यता (Accreditation) को बढ़ावा देने के लिए।
  • विशेष सेवा पखवाड़ा:

ईएसआईसी 24 फरवरी से 10 मार्च 2026 तक देश भर में 'विशेष सेवा पखवाड़ा' मनाएगा। इस दौरान जागरूकता शिविर, स्वच्छता अभियान, योग शिविर और लंबित दावों के त्वरित निपटान के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे।

श्रम सचिव वंदना गुरनानी ने कहा कि ईएसआईसी न केवल बीमारियों का इलाज कर रहा है, बल्कि गरीबी को रोकने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान दे रहा है। 75वां स्थापना दिवस ईएसआईसी की श्रमिक कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता और एक आधुनिक, संवेदनशील सामाजिक सुरक्षा संस्थान के रूप में इसके विकास को दोहराता है।

अचानक दिल्ली क्यों पहुंचे अमेरिकी सेक्रेट्री? ट्रंप को टैरिफ पर झटके के बाद पीयूष गोयल से हुई मुलाकात

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टैरिफ को लेकर भारत-अमेरिका के बीच लंबे समय तक खींचतान जारी है। इस बीच अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा डोनाल्ड ट्रंप के ग्लोबल टैरिफ को अमान्य घोषित कर दिया है। इन सबसे बीच अमेरिका के वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक भारत पहुंचे हैं। उन्होंने गुरुवार को अचानक दिल्ली का दौरा किया। लटनिक ने वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात की।

अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक और भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियों गोर ने आज केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात की। इस बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक तस्वीर भी साझा की। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को लेकर हुई चर्चा सकारात्मक रही।

कितनी अहम है ये मुलाकात?

ये बैठक भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर हुई है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 20 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम के तहत आपातकालीन शक्तियों का उपयोग करके ग्लोबल टैरिफ लगाने के ट्रंप के फैसले को रद्द कर दिया, जिससे ट्रंप प्रशासन को बड़ा झटका लगा है। ट्रंप ने 1974 के व्यापार अधिनियम की धारा 122 का हवाला देते हुए 10 फीसदी नया वैश्विक टैरिफ लगाया और 24 घंटे से भी कम समय में घोषणा की कि वे इसे बढ़ाकर 15 फीसदी करेंगे। हालांकि गुरुवार तक सभी व्यापारिक साझेदारों पर मौजूदा एमएफएन दरों के अलावा 10 फीसदी टैरिफ लागू है। यह टैरिफ 150 दिनों के लिए वैध है।

भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौता

अमेरिकी टैरिफ पर पिछले एक साल से मचे घमासान और व्यापारिक परिस्थियों में उतार-चढ़ाव के बावजूद दोनों देश एक अंतरिम ट्रेड डील को पूरा करने की कोशिश में लगे हैं। ट्रंप के टैरिफ टेंशन के कारण भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर बात बनती और बिगड़ती रही है। पिछले साल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर कुल 25 प्रतिशत का टैरिफ लगाने का फैसला किया, इसके बाद रूस से तेल खरीदने के कारण भारत पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया। इससे भारत पर लगने वाला टैरिफ 50 फीसदी पहुंच गया। इस साल फरवरी में भारत और अमेरिका के बीच बात बनी और ट्रंप ने डील पर सहमति व्यक्त करते हुए टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया। भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील का फ्रेमवर्क भी जारी हो चुका है और इसको अंतिम रूप देना बाकी है।

हमें गौरवान्वित करती है आपकी सफलता, लाइफ साईंस विभाग के विदाई समारोह में चमके विद्यार्थी

अम्बिकापुर- हम अपने विद्यार्थियों से हमेशा जुड़े रहते हैं और आपकी सफलता हमे गौरवान्वित करती है। यह बातें बुधवार को श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में लाइफ साईंस विभाग के विदाई समारोह के दौरान प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने कही। उन्होंने कहा कि आप अपनी सफलताओं से हमें अवगत कराइये जिस पर हम जश्न मनायें। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि आप उच्च शिक्षा में आयें। महाविद्यालय के स्नातक के कई पाठ्यक्रम संचालित हैं जो आपके कॅरिअर में सहायक होगा.


इससे पहले सभी प्राध्यापकों ने मां सरस्वती और श्री साई नाथ की तस्वीर पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सभी प्राध्यापकों का स्वागत पुष्प गुच्छ और बैच लगा कर किया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए लाइफ साईंस विभाग के अध्यक्ष अरविन्द तिवारी ने कहा कि यह अवसर आपके श्रेष्ठता साबित करने का है। स्नातत की शिक्षा यहां पूरी होने वाली है अब आगे आपका कॅरिअर शुरू होगा। शिक्षा और कॅरिअर दोनों में आप सफल हों। इस दौरान विद्यार्थियों में अनुषा सिंह, शमा प्रार्थना, दयानन्द ने कॉलेज के अनुभव साझा किये।

कार्यक्रम के दौरान आईक्यूएसी प्रभारी डॉ. शैलेष देवांगन, एनईपी प्रभारी डॉ. आरएन शर्मा, वाणिज्य एवं प्रबंध विभाग के अध्यक्ष राकेश कुमार सेन तथा सभी प्राध्यापक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

रसायन–उर्वरक स्थायी समिति में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने उठाए जनहित के अहम मुद्दे

नई दिल्ली/रायपुर- गुरुवार को नई दिल्ली संसद भवन में आयोजित रसायन और उर्वरक संबंधी स्थायी समिति की महत्वपूर्ण बैठक में सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने सक्रिय सहभागिता दर्ज कराते हुए जनहित से जुड़े विषयों पर प्रभावी हस्तक्षेप किया।

बैठक में रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अंतर्गत औषध विभाग तथा रसायन और पेट्रोरसायन विभाग की वर्ष 2026-27 की ‘अनुदानों की मांगों’ पर मंत्रालय के प्रतिनिधियों द्वारा मौखिक साक्ष्य प्रस्तुत किए गए।

इस अवसर पर श्री अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ समेत देशभर में दवाओं की उपलब्धता, जनऔषधि योजनाओं के सुदृढ़ क्रियान्वयन, फार्मास्यूटिकल उद्योग की वैश्विक प्रतिस्पर्धा, तथा किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक की समयबद्ध आपूर्ति जैसे मुद्दों को गंभीरता से उठाया।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि छत्तीसगढ़ समेत देश के विकास की आधारशिला सशक्त स्वास्थ्य व्यवस्था और सुदृढ़ कृषि तंत्र है। औषध निर्माण में आत्मनिर्भरता, अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा, तथा उर्वरक क्षेत्र में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करना समय की मांग है।

श्री अग्रवाल ने मंत्रालय के अधिकारियों से छत्तीसगढ़ सहित देश के दूरस्थ एवं आदिवासी क्षेत्रों में दवाओं और उर्वरकों की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु ठोस कार्ययोजना प्रस्तुत करने का आग्रह किया।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बैठक में अपने व्यापक अनुभव और दूरदर्शी सोच का परिचय देते हुए यह रेखांकित किया कि बजटीय प्रावधान केवल आंकड़ों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका प्रत्यक्ष लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने जनकल्याण को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि संसद की समितियां लोकतांत्रिक व्यवस्था की सशक्त कड़ी हैं, जहां गंभीर विमर्श के माध्यम से नीतियों को और अधिक प्रभावी बनाया जाता है।

उनकी सक्रियता और सजग नेतृत्व ने यह स्पष्ट कर दिया कि वे न केवल अपने संसदीय क्षेत्र, बल्कि पूरे राष्ट्र के हितों के प्रति समान रूप से प्रतिबद्ध हैं। जनहित, पारदर्शिता और विकास के प्रति उनका समर्पण एक बार फिर इस महत्वपूर्ण बैठक में परिलक्षित हुआ।

कनाडा में क्राइम से भारत का कोई लेना-देना नहीं”, भारत दौरे से पहले मार्क कार्नी के नरम पड़े सुर

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निमंत्रण पर कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी भारत आ रहे हैं। वो कल यानि शुक्रवार 27 फरवरी से 2 मार्च तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगेय़ यह प्रधानमंत्री कार्नी की भारत की पहली आधिकारिक यात्रा होगी। कर्नी ने भारत यात्रा से ठीक पहले बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कनाडा में होने वाले हिंसक अपराधों से भारत का कोई संबंध नहीं है। यह बयान ऐसे समय आया है जब आतंकी हरदीप सिंह निज्जर मामले को लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय तक कूटनीतिक तनाव बना रहा।

कनाडाई अधिकारियों ने स्पष्ट कहा है कि उनके देश में होने वाले हिंसक अपराधों से भारत का कोई लेना-देना नहीं है। कनाडाई अधिकारियों ने दो टूक कहा कि यदि उन्हें लगता कि भारत कनाडा की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय हस्तक्षेप कर रहा है, तो प्रधानमंत्री की यह यात्रा संभव नहीं होती। उन्होंने यह भी दोहराया कि कनाडा अपने आंतरिक मामलों में किसी भी विदेशी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं करता। यह बयान ऐसे समय आया है जब कार्नी हिंद-प्रशांत क्षेत्र के दौरे की शुरुआत भारत से कर रहे हैं।

खालिस्तानी आतंकी की हत्या को लेकर बिगड़े भारत-कनाडा के रिश्ते

कनाडा सरकार के इस कदम को दोनों देशों के रिश्तों को बेहतर करने के तौर पर देखा जा रहा है। जो जस्टिन ट्रूडो के कार्यकाल के अंतिम दिनों में बेहद खराब दौर में पहुंच गए थे। कनाडा में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या हुई थी। कनाडा की तत्कालीन ट्रूडो सरकार ने भारत पर निज्जर की हत्या कराने का आरोप लगाया और इसे संप्रभुता का उल्लंघन करार दिया था। हालांकि भारत सरकार ने कनाडा के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया और निज्जर की हत्या में संलिप्तता से इनकार किया। इस मामले को लेकर दोनों देशों के रिश्ते इतने बिगड़े की दोनों ने अपने कुछ राजनयिकों को वापस बुला लिया।

भारत-कनाडा के रिश्ते फिर पटरी पर

हालांकि, ट्रूडो सरकार के सत्ता से बाहर होने और मार्क कार्नी के सत्ता संभालने के बाद से भारत- कनाडा के रिश्तों में फिर से बेहतरी हो रही है। मार्क कार्नी भारत दौरे पर आ रहे हैं और इस दौरे का मकसद दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को फिर से मजबूत करना है। इसे कनाडा द्वारा व्यवहारिक विदेश नीति अपनाने के तौर पर भी देखा जा रहा है।

Abhi Arora Strengthens Way Ahead Marketing’s Position in D2C and Finance Marketing Sectors

Digital Commerce News | 2026

The convergence of entrepreneurship and performance marketing has given rise to a new breed of agency founders. Among them is Abhi Arora, who started his eCommerce journey in 2017 at just 20 years old and now leads Way Ahead Marketing.

After eight years of experience navigating Shopify ecosystems and digital ad platforms, Arora established his agency to help other founders avoid the costly trial-and-error phase he once experienced.

A 360° Growth Model

Way Ahead Marketing offers a comprehensive service model including:

Shopify store setup and technical optimization

Meta Ads campaign management

Google Ads scaling strategies

Store management consultation

Data-driven performance tracking

The firm’s 360-degree framework is designed to align infrastructure, traffic acquisition, and conversion optimization under one strategy.

Supporting D2C, Forex, and Finance Brands

The agency has consulted numerous D2C brands and startups, helping them establish operational clarity and profitable advertising systems. Several clients have reportedly scaled to multi-million-dollar revenues through structured Meta campaign execution.

Beyond retail, Way Ahead Marketing has worked with forex trading prop firms and finance companies, assisting them in reaching targeted audiences through precision digital advertising.

As digital competition continues to intensify in 2026, Arora’s operator-to-agency journey underscores a growing industry trend: founders with real business experience are increasingly shaping the future of performance marketing.

खामेनेई की मौत के बाद IRGC का अब तक के सबसे बड़े हमले का ऐलान, केमिकल हथियार के इस्तेमाल की धमकी

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अमेरिकी औक इजरायली हमले में ईरान को अब तक का सबसे बड़ा झटका लगा है। हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत हो गई। ईरान की सरकारी मीडिया ने बताया कि खामेनेई की तेहरान स्थित उनके घर पर हुए हमले में मौत हो गई है। खामेनेई की मौत पर ईरान में 40 दिनों का शोक घोषित किया गया है। खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने बदला लेने की धमकी दी है। उसने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ केमिकल हथियार के इस्तेमाल की धमकी दी है।

ईरानी राष्ट्रपति ने खामेनेई की हत्या का जवाब देने की खाई कसम

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत का बदला लेने की कसम खाई है। पेजेश्कियन ने खामेनेई की हत्या को एक बड़ा जुर्म बताया है। राष्ट्रपति कार्यालय से जारी बयान में कहा गया है कि 'यह बड़ा जुर्म कभी भी बिना जवाब के नहीं रहेगा और इस्लामिक दुनिया और शिया मत के इतिहास में एक नया पन्ना खोलेगा। इस बड़े नेता का पवित्र खून एक तेज झरने की तरह बहेगा और अमेरिकी-जायोनी जुल्म और जुर्म को खत्म कर देगा।'

27 अमेरिकी बेसों पर ईरान का हमला

ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने अमेरिका और इस्राइल के हवाई हमलों के जवाब में पश्चिमी एशिया में 27 अमेरिकी बेसों और इस्राइल पर छठी लहर के हमलों की घोषणा की है। ईरानी स्टेट मीडिया के अनुसार, IRGC ने कहा कि इन हमलों में विस्तृत मिसाइल और ड्रोन हमले शामिल हैं। इसका लक्ष्य क्षेत्र में अमेरिकी और इस्राइली सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना है।

मध्य-पूर्व में कहां-कहां हैं अमेरिकी ठिकाने

मध्य-पूर्व में अमेरिका सेना के कई ठिकाने हैं। बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े का मुख्यालय है। यहां से अमेरिका खाड़ी और आसपास के समुद्रों में अभियानों की देखरेख करता है। क़तर की राजधानी दोहा के पास मौजूद अल उदैद एयरबेस, मध्य पूर्व में अमेरिकी सेंट्रल कमांड के एयर ऑपरेशंस का मुख्यालय है। ये मध्य पूर्व में सबसे बड़ा अमेरिकी हवाई अड्डा है और यहां अमेरिका के करीब 10 हजार सैनिकों की मौजूदगी है। संयुक्त अरब अमीरात में अल धफरा यूएस एयर बेस भी अमेरिकी वायु सेना के लिए एक अमेरिकी वायु सेना के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान है।

दुबई में अमेरिकी नौसेना का मुख्य बंदरगाह

दुबई में स्थित जेबेल अली बंदरगाह, अमेरिका का आधिकारिक सैन्य अड्डा नहीं है, लेकिन इस क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना का मुख्य बंदरगाह है। इसके अलावा अमेरिका इराक में ऐन अल असद हवाई अड्डे पर अपनी उपस्थिति बनाए रखता है। वहीं उत्तरी इराक में स्थित एरबिल हवाई अड्डा इस क्षेत्र में भी अमेरिका के लिए एक महत्वपूर्ण जगह है।

सऊदी अमेरिकी सेना के अभियानों के लिए अहम

जहां तक सऊदी अरब की बात है वहां करीब 2,300 से अधिक अमेरिकी सैनिक सऊदी सरकार के साथ मिलकर एयर एंड मिसाइल डिफेंस मुहैया करवाते हैं। प्रिंस सुल्तान हवाई अड्डा अमेरिकी सेना के अभियानों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान है। जॉर्डन में, मुवफ्फ़क अल साल्टी हवाई अड्डा लेवांत क्षेत्र में अभियानों के लिए अमेरिकी वायु सेना सेंट्रल के 332वें एयर एक्सपेंडरी विंग के लिए महत्वपूर्ण है।

अमेरिका-इजराइल हमलों में अली ख़ामेनेई की मौत, चुप नहीं बैठेगा ईरान

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तेहरान पर इजरायली हवाई हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर, अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए।उनके साथ परिवार के चार और सदस्यों की भी जान गई है। ईरानी मीडिया ने भी इस खबर को कंफर्म किया है। ख़ामेनेई की मौत के बाद 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा भी की गई है।

ईरान के सरकारी मीडिया ने की खामेनेई की मौत की पुष्टि

ईरान के सरकारी मीडिया ने रविवार सुबह इस बारे में जानकारी दी और उन्हें शहीद कहा। सरकारी ब्रॉडकास्टर IRIB ने कहा कि सुप्रीम लीडर शहीद हो गए हैं। ईरान की अर्धसरकारी न्यूज एजेंसी तस्नीम और फार्स ने भी मौत की खबर जारी की है। खामेनेई की मौत पर ईरान में 40 दिनों का शोक घोषित किया गया है। इसके कुछ घंटे पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर खामेनेई की मौत की घोषणा की थी।

तेहरान स्थित कंपाउंड में मारे गए खामेनेई

ईरान की सरकारी मीडिया ने बताया कि खामेनेई की तेहरान स्थित उनके घर पर हुए हमले में मौत हो गई है। फार्स न्यूज एजेंसी ने बताया कि खामेनेई जब अपने ऑफिस में ड्यूटी कर रहे थे, उसी समय उनकी हत्या कर दी गई। यह कंपाउंड तेहरान के बीच में यूनिवर्सिटी के पास है। खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने 40 दिनों के शोक की घोषणा की है।

ट्रंप ने खामेनेई की मौत को बताया ईरानियों के लिए इंसाफ

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट में लिखा, 'इतिहास के सबसे बुरे लोगों में से एक, खामेनेई मर गए हैं। यह सिर्फ ईरान के लोगों के लिए इंसाफ नहीं है, बल्कि सभी महान अमेरिकियों और दुनियाभर के कई देशों के उन लोगों के लिए भी है, जिनमें खामेनेई और उसके खून के प्यासे गुंडों ने मार डाला।' इसके पहले इजरायली अधिकारियों ने कहा था कि तेहरान में हुए हमले में खामेनेई की मौत हो गई है।

ईरान करेगा सबसे बड़ा हमला- IRGC

सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की हत्या के बाद इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने ईरान के इतिहास में सबसे खतरनाक हमला शुरू करने की घोषणा की है। IRGC ने कहा कि यह हमला बस कुछ पलों में शुरू होगा और इस इलाके में कब्जे वाले इलाके इलाकों और अमेरिकी आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा। इसके पहले ईरान ने पुष्टि की थी कि इजरायल और अमेरिकी हमले में सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई है।

साई कॉलेज में विज्ञान दिवस पर आयोजित हुई पोस्टर प्रदर्शनी

अम्बिकापुर- श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर में शनिवार को साईंस क्लब के तत्वावधान में विज्ञान दिवस मनाया गया। कैटलाइजिंग विकसित भारत थ्रू इंडियन नॉलेज सिस्टम इन साईंस विषय पर पोस्टर प्रदर्शनी आयोजित हुई जिसमें विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण, सौर ऊर्जा की जरूरत, कृत्रिम बुद्धि की दक्षता, मेक इन इंडिया, आर्थिक शक्ति के रूप में भारत, अंतरिक्ष में भारतीय क्षमता का प्रदर्शन, विज्ञान में प्राचीन भारतीय ज्ञान प्रणाली को कैनवास पर उकेरा। साईंस क्लब के प्रभारी दीपक तिवारी ने बताया कि विद्याथियों ने पोस्टर पर भारतीय ज्ञान परम्परा के इतिहास और विकास को दर्शाया है तो दूसरी ओर हरित ऊर्जा को 21 सदी की जरूरत बताया। संख्ययों की गणना हमारे मानवीय विकास की आधारशिला है। पोस्टर में संख्याओं के विकास और प्रक्रिया को दर्शाया गया है जो रोमांचक रहा। आधार कार्ड, वोटर कार्ड, पैन कार्ड हमारी पहचान से जुड़ा है जो हमारी मानवीय विकास की यात्रा है।


एजूकेशन फॉर ऑल, जस्टिस फॉल ऑल के साथ वसुधैव कुटुम्बकम् का उद्घोष नजर आया। प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया। प्रदर्शनी के दौरान डॉ. श्रीराम बघेल, विभा तिवारी, कंचन साहू, राहुल कुंडू, नीरज राजवाड़े आदि ने सहयोग किया।

प्रदर्शनी के दौरान आईक्यूएसी प्रभारी डॉ. शैलेष देवांगन, एनईपी प्रभारी डॉ. आर.एन. शर्मा, कम्प्यूटर एंड आईटी विभाग के अध्यक्ष डॉ. विवेक कुमार गुप्ता, लाइफ साईंस विभाग के अध्यक्ष अरविन्द तिवारी, शिक्षा विभाग के अध्यक्ष डॉ. दिनेश शाक्य और वाणिज्य एवं प्रबंध विभाग के अध्यक्ष राकेश कुमार सेन तथा सभी प्राध्यापक और विद्यार्थी उपस्थित रहे

उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन का बड़ा कदम

* युवाओं को ‘फ्यूचर-रेडी’ बनाने के लिए 6 संस्थाओं से MoU, तकनीकी और सॉफ्ट स्किल्स पर होगा विशेष फोकस
लखनऊ। युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसरों के लिए तैयार करने की दिशा में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने छह प्रतिष्ठित संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को तकनीकी दक्षता, सॉफ्ट स्किल्स, परफॉर्मिंग आर्ट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे आधुनिक कौशलों से सुसज्जित कर उन्हें ‘फ्यूचर-रेडी’ बनाना है।
मिशन निदेशक पुलकित खरे और संयुक्त निदेशक मयंक गंगवार की उपस्थिति में हुए इस समझौते के तहत प्रशिक्षण को केवल तकनीकी शिक्षा तक सीमित न रखकर संवाद कौशल, आत्मविश्वास, रचनात्मकता और डिजिटल दक्षता पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।
* कला और तकनीक का संगम
भारतेंदु नाट्य अकादमी के साथ साझेदारी से युवाओं को कला-आधारित रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। वहीं Oracle Corporation द्वारा विकसित ऑनलाइन कोर्स डिजिटल लर्निंग पार्टनर के रूप में उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
* क्षेत्रीय स्तर पर विशेष कार्यक्रम
प्रयागराज और वाराणसी मंडलों में ‘फाउंडेशनल एम्प्लॉयबिलिटी स्किल्स’ कार्यक्रम के तहत इंग्लिश स्पीकिंग, क्रिटिकल थिंकिंग और प्रॉब्लम सॉल्विंग पर जोर दिया जाएगा।
अयोध्या मंडल में The Apprentice Project के सहयोग से AI और मशीन लर्निंग आधारित तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इसके अतिरिक्त Raina Education Foundation सॉफ्ट स्किल्स, हार्ड स्किल्स और माइक्रो-इंटर्नशिप के माध्यम से शिक्षा और रोजगार के बीच की दूरी कम करने का कार्य करेगा।
Magic Bus India Foundation ‘ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स’ कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षकों को संवाद कौशल, व्यक्तित्व विकास और AI के मूल सिद्धांतों में दक्ष बनाएगा।
* युवाओं के सर्वांगीण विकास पर जोर
यह पहल तकनीकी ज्ञान के साथ व्यवहारिक और डिजिटल कौशल का समन्वय कर युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर प्रदान करने की दिशा में राज्य सरकार का एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रयास युवाओं को बदलते औद्योगिक परिदृश्य के अनुरूप सक्षम बनाने में सहायक सिद्ध होगा।
स्वास्थ्य हमारा मिशन है और सेवा हमारी परंपरा: डॉ. मनसुख मांडविया

  • कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) ने अपने 75वें स्थापना वर्ष समारोह की शुरुआत की

भोपाल। ​कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) ने देशभर के श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए सात दशकों से अधिक की समर्पित सेवा के उपलक्ष्य में अपने '75वें सेवा वर्ष' समारोह की शुरुआत की। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने इस कार्यक्रम में मुख्य भाषण दिया।

​इस अवसर पर सांसद (लोकसभा) एनके प्रेमचंद्रन, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की सचिव वंदना गुरनानी, ईपीएफओ के केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त रमेश कृष्णमूर्ति, अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) की निदेशक मिचिको मियामोटो और मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • विकास और सुधार की यात्रा:

सभा को संबोधित करते हुए डॉ. मनसुख मांडविया ने संस्थान की यात्रा को राष्ट्र सेवा और सुधार का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि 1952 में लगभग 1.2 लाख लाभार्थियों और एक औषधालय से शुरू हुआ ईएसआईसी (ESIC) आज 166 अस्पतालों, 17 मेडिकल कॉलेजों और लगभग 1,600 औषधालयों के विशाल नेटवर्क के माध्यम से 15 करोड़ से अधिक लाभार्थियों की सेवा कर रहा है।

  • स्वास्थ्य ही सेवा है:

डॉ. मांडविया ने जोर देकर कहा कि "स्वास्थ्य ही सेवा है और सेवा ही हमारा संस्कार है।" उन्होंने चिकित्सा पेशेवरों से अनुशासन बनाए रखने और लोगों के भरोसे का सम्मान करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ईएसआईसी के मानकों को एम्स (AIIMS) जैसे प्रमुख संस्थानों के बराबर होना चाहिए।

  • प्रमुख घोषणाएं और पहल:

​निशुल्क स्वास्थ्य जांच: श्रम संहिताओं के तहत 40 वर्ष से अधिक आयु के सभी श्रमिकों के लिए अनिवार्य और मुफ्त स्वास्थ्य जांच का प्रावधान किया गया है।

  • ​स्मारक सिक्का और पुस्तक: निगम की 75 वर्षों की यात्रा के प्रतीक के रूप में एक स्मारक सिक्का और कॉफी टेबल बुक जारी की गई।
  • स्वास्थ्य रथ: लाभार्थियों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए 'स्वास्थ्य रथ' पहल की शुरुआत की गई।
  • समझौता ज्ञापन (MoUs): ​ESIC और NHAआयुष्मान भारत - प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB PM-JAY) के साथ ईएसआई योजना के समन्वय के लिए।
  • ​ESIC और NABL: ईएसआईसी स्वास्थ्य सुविधाओं में गुणवत्ता आश्वासन और मान्यता (Accreditation) को बढ़ावा देने के लिए।
  • विशेष सेवा पखवाड़ा:

ईएसआईसी 24 फरवरी से 10 मार्च 2026 तक देश भर में 'विशेष सेवा पखवाड़ा' मनाएगा। इस दौरान जागरूकता शिविर, स्वच्छता अभियान, योग शिविर और लंबित दावों के त्वरित निपटान के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे।

श्रम सचिव वंदना गुरनानी ने कहा कि ईएसआईसी न केवल बीमारियों का इलाज कर रहा है, बल्कि गरीबी को रोकने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान दे रहा है। 75वां स्थापना दिवस ईएसआईसी की श्रमिक कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता और एक आधुनिक, संवेदनशील सामाजिक सुरक्षा संस्थान के रूप में इसके विकास को दोहराता है।

अचानक दिल्ली क्यों पहुंचे अमेरिकी सेक्रेट्री? ट्रंप को टैरिफ पर झटके के बाद पीयूष गोयल से हुई मुलाकात

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टैरिफ को लेकर भारत-अमेरिका के बीच लंबे समय तक खींचतान जारी है। इस बीच अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा डोनाल्ड ट्रंप के ग्लोबल टैरिफ को अमान्य घोषित कर दिया है। इन सबसे बीच अमेरिका के वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक भारत पहुंचे हैं। उन्होंने गुरुवार को अचानक दिल्ली का दौरा किया। लटनिक ने वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात की।

अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक और भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियों गोर ने आज केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात की। इस बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक तस्वीर भी साझा की। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को लेकर हुई चर्चा सकारात्मक रही।

कितनी अहम है ये मुलाकात?

ये बैठक भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर हुई है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 20 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम के तहत आपातकालीन शक्तियों का उपयोग करके ग्लोबल टैरिफ लगाने के ट्रंप के फैसले को रद्द कर दिया, जिससे ट्रंप प्रशासन को बड़ा झटका लगा है। ट्रंप ने 1974 के व्यापार अधिनियम की धारा 122 का हवाला देते हुए 10 फीसदी नया वैश्विक टैरिफ लगाया और 24 घंटे से भी कम समय में घोषणा की कि वे इसे बढ़ाकर 15 फीसदी करेंगे। हालांकि गुरुवार तक सभी व्यापारिक साझेदारों पर मौजूदा एमएफएन दरों के अलावा 10 फीसदी टैरिफ लागू है। यह टैरिफ 150 दिनों के लिए वैध है।

भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौता

अमेरिकी टैरिफ पर पिछले एक साल से मचे घमासान और व्यापारिक परिस्थियों में उतार-चढ़ाव के बावजूद दोनों देश एक अंतरिम ट्रेड डील को पूरा करने की कोशिश में लगे हैं। ट्रंप के टैरिफ टेंशन के कारण भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर बात बनती और बिगड़ती रही है। पिछले साल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर कुल 25 प्रतिशत का टैरिफ लगाने का फैसला किया, इसके बाद रूस से तेल खरीदने के कारण भारत पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया। इससे भारत पर लगने वाला टैरिफ 50 फीसदी पहुंच गया। इस साल फरवरी में भारत और अमेरिका के बीच बात बनी और ट्रंप ने डील पर सहमति व्यक्त करते हुए टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया। भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील का फ्रेमवर्क भी जारी हो चुका है और इसको अंतिम रूप देना बाकी है।

हमें गौरवान्वित करती है आपकी सफलता, लाइफ साईंस विभाग के विदाई समारोह में चमके विद्यार्थी

अम्बिकापुर- हम अपने विद्यार्थियों से हमेशा जुड़े रहते हैं और आपकी सफलता हमे गौरवान्वित करती है। यह बातें बुधवार को श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में लाइफ साईंस विभाग के विदाई समारोह के दौरान प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने कही। उन्होंने कहा कि आप अपनी सफलताओं से हमें अवगत कराइये जिस पर हम जश्न मनायें। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि आप उच्च शिक्षा में आयें। महाविद्यालय के स्नातक के कई पाठ्यक्रम संचालित हैं जो आपके कॅरिअर में सहायक होगा.


इससे पहले सभी प्राध्यापकों ने मां सरस्वती और श्री साई नाथ की तस्वीर पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सभी प्राध्यापकों का स्वागत पुष्प गुच्छ और बैच लगा कर किया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए लाइफ साईंस विभाग के अध्यक्ष अरविन्द तिवारी ने कहा कि यह अवसर आपके श्रेष्ठता साबित करने का है। स्नातत की शिक्षा यहां पूरी होने वाली है अब आगे आपका कॅरिअर शुरू होगा। शिक्षा और कॅरिअर दोनों में आप सफल हों। इस दौरान विद्यार्थियों में अनुषा सिंह, शमा प्रार्थना, दयानन्द ने कॉलेज के अनुभव साझा किये।

कार्यक्रम के दौरान आईक्यूएसी प्रभारी डॉ. शैलेष देवांगन, एनईपी प्रभारी डॉ. आरएन शर्मा, वाणिज्य एवं प्रबंध विभाग के अध्यक्ष राकेश कुमार सेन तथा सभी प्राध्यापक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

रसायन–उर्वरक स्थायी समिति में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने उठाए जनहित के अहम मुद्दे

नई दिल्ली/रायपुर- गुरुवार को नई दिल्ली संसद भवन में आयोजित रसायन और उर्वरक संबंधी स्थायी समिति की महत्वपूर्ण बैठक में सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने सक्रिय सहभागिता दर्ज कराते हुए जनहित से जुड़े विषयों पर प्रभावी हस्तक्षेप किया।

बैठक में रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अंतर्गत औषध विभाग तथा रसायन और पेट्रोरसायन विभाग की वर्ष 2026-27 की ‘अनुदानों की मांगों’ पर मंत्रालय के प्रतिनिधियों द्वारा मौखिक साक्ष्य प्रस्तुत किए गए।

इस अवसर पर श्री अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ समेत देशभर में दवाओं की उपलब्धता, जनऔषधि योजनाओं के सुदृढ़ क्रियान्वयन, फार्मास्यूटिकल उद्योग की वैश्विक प्रतिस्पर्धा, तथा किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक की समयबद्ध आपूर्ति जैसे मुद्दों को गंभीरता से उठाया।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि छत्तीसगढ़ समेत देश के विकास की आधारशिला सशक्त स्वास्थ्य व्यवस्था और सुदृढ़ कृषि तंत्र है। औषध निर्माण में आत्मनिर्भरता, अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा, तथा उर्वरक क्षेत्र में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करना समय की मांग है।

श्री अग्रवाल ने मंत्रालय के अधिकारियों से छत्तीसगढ़ सहित देश के दूरस्थ एवं आदिवासी क्षेत्रों में दवाओं और उर्वरकों की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु ठोस कार्ययोजना प्रस्तुत करने का आग्रह किया।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बैठक में अपने व्यापक अनुभव और दूरदर्शी सोच का परिचय देते हुए यह रेखांकित किया कि बजटीय प्रावधान केवल आंकड़ों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका प्रत्यक्ष लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने जनकल्याण को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि संसद की समितियां लोकतांत्रिक व्यवस्था की सशक्त कड़ी हैं, जहां गंभीर विमर्श के माध्यम से नीतियों को और अधिक प्रभावी बनाया जाता है।

उनकी सक्रियता और सजग नेतृत्व ने यह स्पष्ट कर दिया कि वे न केवल अपने संसदीय क्षेत्र, बल्कि पूरे राष्ट्र के हितों के प्रति समान रूप से प्रतिबद्ध हैं। जनहित, पारदर्शिता और विकास के प्रति उनका समर्पण एक बार फिर इस महत्वपूर्ण बैठक में परिलक्षित हुआ।

कनाडा में क्राइम से भारत का कोई लेना-देना नहीं”, भारत दौरे से पहले मार्क कार्नी के नरम पड़े सुर

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निमंत्रण पर कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी भारत आ रहे हैं। वो कल यानि शुक्रवार 27 फरवरी से 2 मार्च तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगेय़ यह प्रधानमंत्री कार्नी की भारत की पहली आधिकारिक यात्रा होगी। कर्नी ने भारत यात्रा से ठीक पहले बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कनाडा में होने वाले हिंसक अपराधों से भारत का कोई संबंध नहीं है। यह बयान ऐसे समय आया है जब आतंकी हरदीप सिंह निज्जर मामले को लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय तक कूटनीतिक तनाव बना रहा।

कनाडाई अधिकारियों ने स्पष्ट कहा है कि उनके देश में होने वाले हिंसक अपराधों से भारत का कोई लेना-देना नहीं है। कनाडाई अधिकारियों ने दो टूक कहा कि यदि उन्हें लगता कि भारत कनाडा की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय हस्तक्षेप कर रहा है, तो प्रधानमंत्री की यह यात्रा संभव नहीं होती। उन्होंने यह भी दोहराया कि कनाडा अपने आंतरिक मामलों में किसी भी विदेशी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं करता। यह बयान ऐसे समय आया है जब कार्नी हिंद-प्रशांत क्षेत्र के दौरे की शुरुआत भारत से कर रहे हैं।

खालिस्तानी आतंकी की हत्या को लेकर बिगड़े भारत-कनाडा के रिश्ते

कनाडा सरकार के इस कदम को दोनों देशों के रिश्तों को बेहतर करने के तौर पर देखा जा रहा है। जो जस्टिन ट्रूडो के कार्यकाल के अंतिम दिनों में बेहद खराब दौर में पहुंच गए थे। कनाडा में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या हुई थी। कनाडा की तत्कालीन ट्रूडो सरकार ने भारत पर निज्जर की हत्या कराने का आरोप लगाया और इसे संप्रभुता का उल्लंघन करार दिया था। हालांकि भारत सरकार ने कनाडा के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया और निज्जर की हत्या में संलिप्तता से इनकार किया। इस मामले को लेकर दोनों देशों के रिश्ते इतने बिगड़े की दोनों ने अपने कुछ राजनयिकों को वापस बुला लिया।

भारत-कनाडा के रिश्ते फिर पटरी पर

हालांकि, ट्रूडो सरकार के सत्ता से बाहर होने और मार्क कार्नी के सत्ता संभालने के बाद से भारत- कनाडा के रिश्तों में फिर से बेहतरी हो रही है। मार्क कार्नी भारत दौरे पर आ रहे हैं और इस दौरे का मकसद दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को फिर से मजबूत करना है। इसे कनाडा द्वारा व्यवहारिक विदेश नीति अपनाने के तौर पर भी देखा जा रहा है।

Abhi Arora Strengthens Way Ahead Marketing’s Position in D2C and Finance Marketing Sectors

Digital Commerce News | 2026

The convergence of entrepreneurship and performance marketing has given rise to a new breed of agency founders. Among them is Abhi Arora, who started his eCommerce journey in 2017 at just 20 years old and now leads Way Ahead Marketing.

After eight years of experience navigating Shopify ecosystems and digital ad platforms, Arora established his agency to help other founders avoid the costly trial-and-error phase he once experienced.

A 360° Growth Model

Way Ahead Marketing offers a comprehensive service model including:

Shopify store setup and technical optimization

Meta Ads campaign management

Google Ads scaling strategies

Store management consultation

Data-driven performance tracking

The firm’s 360-degree framework is designed to align infrastructure, traffic acquisition, and conversion optimization under one strategy.

Supporting D2C, Forex, and Finance Brands

The agency has consulted numerous D2C brands and startups, helping them establish operational clarity and profitable advertising systems. Several clients have reportedly scaled to multi-million-dollar revenues through structured Meta campaign execution.

Beyond retail, Way Ahead Marketing has worked with forex trading prop firms and finance companies, assisting them in reaching targeted audiences through precision digital advertising.

As digital competition continues to intensify in 2026, Arora’s operator-to-agency journey underscores a growing industry trend: founders with real business experience are increasingly shaping the future of performance marketing.