पीवीयूएनएल ने हासिल की 1600 मेगावाट क्षमता की ऐतिहासिक उपलब्धि; एनटीपीसी समूह की कुल स्थापित क्षमता 90 गीगावाट के पार

पीवीयूएनएल, जो कि एनटीपीसी एवं झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) का संयुक्त उपक्रम है, ने 11 मई 2026 को पतरातु सुपर थर्मल पावर परियोजना की यूनिट-2 (800 मेगावाट) के सफल ट्रायल ऑपरेशन के साथ एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। इसके साथ ही पीवीयूएनएल की कुल स्थापित क्षमता बढ़कर 1600 मेगावाट हो गई है। इसी उपलब्धि के साथ एनटीपीसी समूह की कुल स्थापित क्षमता भी 90 गीगावाट के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर गई है।

इस अवसर पर पीवीयूएनएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी Ashok Kumar Sehgal ने कहा कि यूनिट-2 के चालू होने के साथ पीवीयूएनएल झारखंड के ऊर्जा परिदृश्य में एक परिवर्तनकारी परियोजना के रूप में उभरा है। परियोजना से उत्पादित 85 प्रतिशत बिजली झारखंड राज्य को आवंटित की गई है, जिससे राज्य की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिलेगी तथा वर्तमान एवं भविष्य के औद्योगिक और आर्थिक विकास को नई गति प्राप्त होगी।

उन्होंने बताया कि इससे पूर्व यूनिट-1 का वाणिज्यिक संचालन (COD) 05 नवंबर 2025 को घोषित किया गया था तथा यूनिट-2 ने मार्च 2026 में पूर्ण भार क्षमता हासिल कर ली थी। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान पीवीयूएनएल द्वारा 2,062.90 मिलियन यूनिट (MU) विद्युत उत्पादन किया गया। वहीं परियोजना की यूनिट-3 का कार्य भी तेज गति से प्रगति पर है और इसे वित्तीय वर्ष 2026-27 में चालू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

उन्नत अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल (USC) तकनीक, एयर कूल्ड कंडेंसर (ACC) तथा 100 प्रतिशत ड्राई ऐश सिस्टम पर आधारित यह परियोजना सतत एवं पर्यावरण अनुकूल तापीय ऊर्जा उत्पादन का भविष्य प्रस्तुत करती है। पीवीयूएनएल कौशल विकास एवं क्षमता निर्माण के माध्यम से भविष्य के लिए तैयार कार्यबल तैयार करने की दिशा में भी निरंतर कार्य कर रहा है।

श्री ए.के. सहगल ने आगे कहा कि पीवीयूएनएल एवं एनटीपीसी राष्ट्र के ऊर्जा क्षेत्र की प्रगति में योगदान देते हुए विश्वसनीय एवं सतत विद्युत आपूर्ति हेतु प्रतिबद्ध हैं तथा वर्तमान एवं भावी परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूरा करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए एनटीपीसी, जेबीवीएनएल, झारखंड सरकार, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA), विद्युत मंत्रालय (MoP), भेल (BHEL), सहयोगी संस्थाओं, श्रमिकों एवं सभी हितधारकों के निरंतर सहयोग एवं समर्थन के प्रति आभार व्यक्त किया।

आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, डॉग लवर्स की याचिका की खारिज, नहीं बदला अपना पुराना आदेश

#supremecourtdecisiononstreetdogsrefusestochangeitsprevious_order

सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्‍तों पर अपने पूर्व के फैसलों को बदलने की मांग को खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के बढ़ते खतरे और उनसे जुड़ी सार्वजनिक सुरक्षा चिंताओं को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए अपने 25 नवंबर के आदेश में बदलाव करने से साफ इनकार कर दिया है। कोर्ट ने साफ कहा कि वह जमीनी सच्चाइयों से आंखें बंद नहीं की जा सकती। अदालत ने सार्वजनिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि सरकारों की जिम्मेदारी है कि नागरिकों को भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराया जाए।

नसबंदी के बाद पुरानी जगहों पर छोड़ने का निर्देश देने से इनकार

स्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ ने सुनवाई की। अदालत ने शैक्षणिक संस्थानों, बस स्टैंडों, रेलवे स्टेशनों, खेल परिसरों, अस्पतालों आदि जगहों से आवारा कुत्तों को हटाने के अपने पूर्व के निर्देशों को बदलने से इनकार कर दिया और कुत्तों को नसबंदी के बाद वापस पुरानी जगहों पर छोड़ने का निर्देश देने से इनकार कर दिया।

कुत्तों के काटने की घटना लगातार जारी

जस्टिस विक्रम नाथ की पीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा, कुत्तों के काटने की घटना लगातार जारी है और यह दिखाता है कि संबंधित अथॉरिटी की लापरवाही है। डॉग बाइट की समस्या चिंता में डालने वाली है। राजस्थान के गंगानगर, सीकर, उदयपुर और भीलवाड़ा से हमें चौंकाने वाले आंकड़े मिले हैं। तमिलनाडु समेत दूसरे राज्यों से भी ऐसे ही आंकड़े सामने आए हैं। दिल्ली के IGI एयरपोर्ट में भी जनवरी से अब तक 31 डॉग बाइट की घटनाएं हुई हैं। विदेशी पर्यटकों को भी कुत्तों ने काटा है। देश भर में रैबीज से मौत की कई घटनाएं हुई हैं।

राइट टू लाइफ को लेकर राज्य सरकारों पर सख्त

शीर्ष अदालत ने कहा, "Animal Birth Control" नियमों को सही तरीके से लागू करने में गंभीर लापरवाही हुई है, जिसकी वजह से समस्या बढ़ी। राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों का यह दायित्व है कि लोगों के जीवन की रक्षा करें। राइट टू लाइफ की रक्षा करना राज्य और यूटी की जिम्मेदारी है।सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि यदि राज्य सरकारों और स्थानीय निकायों ने समय रहते दूरदर्शिता के साथ काम किया होता, तो आज स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस मुद्दे पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।

गाइडलाइंस का कड़ाई से पालन करने का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को Animal Birth Control (ABC) गाइडलाइंस का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। अदालत ने चेतावनी दी कि यदि निर्देशों का पालन नहीं किया गया तो संबंधित राज्यों के खिलाफ अवमानना कार्यवाही शुरू की जा सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए प्रभावी, व्यवस्थित और वैज्ञानिक कदम उठाना बेहद जरूरी है। अदालत ने निर्देश दिया कि देश के हर जिले में कम से कम एक ABC सेंटर स्थापित किया जाए, जहां प्रशिक्षित पशु चिकित्सकों और आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित हो। अदालत ने माना कि मौजूदा व्यवस्था कई स्थानों पर बेहद कमजोर है और इसका सीधा असर आम नागरिकों की सुरक्षा पर पड़ रहा है।

पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान को सत्ता से हटाने में अमेरिका का हाथ? सामने आ गई सीक्रेट फाइल

#pakistanexpmimrankhanousterusinvolvementleakedcablereveals

इमरान खान को सत्ता से हटाने को लेकर विदेशी साजिश वाले आरोप फिर से चर्चा में हैं। पाकिस्तान की राजनीति में सालों से चर्चा में रहा एक खुफिया मैसेज यानी “साइफर” अब फिर सुर्खियों में है। अब इस कथित सीक्रेट दस्तावेज की तस्वीरें सामने आई हैं। इससे पता चला है कि इमरान खान के वो दावे सौ फीसदी सही थे जिसमें उन्होंने साइफर का हवाला देते हुए अमेरिका पर अपनी सरकार को गिराने का आरोप लगाया था।

इमरान खान के अविश्वास प्रस्ताव में हारने से ठीक पहले हुई थी बैठक

'ड्रॉप साइट' नाम की वेबसाइट ने 'साइफर' नाम का सीक्रेट डॉक्यूमेंट लीक किया है। यह वही सीक्रेट राजनयिक दस्तावेज है, जिसे लेकर पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान लगातार विदेशी साजिश का आरोप लगाते रहे थे। इस दस्तावेज को 'केबल I-0678' के रूप में पहचाना गया है। इसमें पाकिस्तान के तत्कालीन वाशिंगटन स्थित राजदूत और अमेरिकी विदेश विभाग के वरिष्ठ अधिकारी डोनाल्ड लू के बीच हुई एक बैठक का ब्योरा दर्ज है। यह बैठक अप्रैल 2022 में इमरान खान के अविश्वास प्रस्ताव में हारने से ठीक पहले हुई थी।

इमरान खान के जाने के बाद शहबाज बने पाक पीएम

दस्तावेज में कहा गया कि सत्ता परिवर्तन होने पर अमेरिका और यूरोप के साथ पाकिस्तान के रिश्तों में सुधार संभव होगा। इसमें संकेत दिया गया कि इमरान खान के पद पर बने रहने की स्थिति में पाकिस्तान को कूटनीतिक अलगाव का सामना करना पड़ सकता है। जो बाइडेन उस वक्त अमेरिका के राष्ट्रपति हुआ करते थे। इमरान खान के जाने के बाद शहबाज शरीफ देश के प्रधानमंत्री बने थे।

पाकिस्तान और अमेरिका से संबंध सुधारे

ड्रॉप साइट ने दस्तावेजों के हवाले से बताया है कि इमरान खान की सरकार गिरने के बाद पिछले पांच सालों में अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों को एक नया रूप दिया गया और वॉशिंगटन और इस्लामाबाद को आपसी शक-शुबहे के माहौल से निकालकर एक-दूसरे के करीब ला दिया।

इमरान खान बार-बार किया था ये दावा

इमरान खान ने अपनी सत्ता जाने से पहले और संसद में सरकार गिरने के बाद बार-बार यह दावा किया था कि अमेरिका ने उनकी स्वतंत्र विदेश नीति और रूस और चीन के खिलाफ उसके साथ पूरी तरह से न जुड़ने के कारण उन्हें सत्ता से हटाने के लिए पर्दे के पीछे से काम किया। इमरान खान ने पाकिस्तान की वंशवादी राजनीतिक पार्टियों जैसे पाकिस्तान मुस्लिम लीग-N और पाकिस्तान पीपल्स पार्टी पर भी आरोप लगाया कि वे उनकी सरकार को गिराने के लिए विदेशी ताकतों के साथ मिलकर काम कर रही थीं।

इमरान खान सरकार और अमेरिका के बीच तनाव के कारण

रिपोर्ट के मुताबिक, इमरान खान सरकार और अमेरिका के बीच तनाव कई मुद्दों पर बढ़ाः-

1. अफगानिस्तान मुद्दा: अमेरिका चाहता था कि पाकिस्तान अपनी जमीन ड्रोन ऑपरेशन के लिए दे, लेकिन इमरान खान ने साफ इनकार कर दिया था।

2. रूस यात्रा: फरवरी 2022 में इमरान खान रूस पहुंचे और उसी दिन यूक्रेन पर हमला शुरू हुआ। इस मुलाकात ने अमेरिका को नाराज कर दिया। दस्तावेज में यह भी कहा गया कि रूस यात्रा ने दोनों देशों के रिश्तों में ‘दरार’ डाल दी थी।

3. यूएन वोटिंग: पाकिस्तान ने रूस के खिलाफ प्रस्ताव पर वोटिंग से दूरी बनाई, जिससे पश्चिमी देशों की नाराजगी और बढ़ गई।

11th Annual Day of CD Foundation Brings Diplomacy, Tourism, Wellness & Global Collaboration Together in Delhi

New Delhi, 12 May 2026:New Delhi witnessed a unique coming together of diplomacy, culture, hospitality, entrepreneurship, wellness, and international engagement as CD Foundation celebrated its 11th Annual Day – Coffee Morning with Multiple Countries at Taj Surajkund Resort & Spa, Delhi NCR.

The gathering brought together diplomats, foreign dignitaries, tourism stakeholders, healthcare experts, hospitality leaders, academia, entrepreneurs, media, and institutional representatives for meaningful conversations around global collaboration, cultural diplomacy, tourism ecosystems, and people-to-people engagement.

Over the last 11 years, CD Foundation has steadily built a strong international presence through more than 100 initiatives across 45+ countries in collaboration with embassies, universities, hospitality groups, healthcare institutions, tourism stakeholders, and international organisations.

This year’s edition was curated around the theme:

“Tourism, Hospitality & Global Engagement: New Pathways for International Collaboration”

and reflected the organisation’s growing focus on relationship-driven international engagement through culture, wellness, tourism, entrepreneurship, and dialogue.

One of the most significant highlights of the morning was the launch of:

GOLDEN YEARS GLOBAL

“Ageing with Dignity – Travel, Wellness & Culture”

a new initiative by CD Foundation focused on premium elderly wellness, assisted luxury travel, cultural experiences, and meaningful global engagement for senior generations.

The initiative was unveiled by Mrs. Sumita Das, Dr. Prasun Chatterjee, and Mr. Kazem Samandari, Executive Chairman & Co-Founder of L’Opéra India, with the launch emerging as one of the most appreciated moments of the event.

Speaking during the programme, Dr. Prasun Chatterjee, Apollo Hospitals and WHO Advisory Member, highlighted the increasing global importance of conversations around longevity, wellbeing, emotional health, and quality of life for senior generations.

The programme also featured a Special Address by H.E. Mr. Wang Xinming, Minister Counsellor (Culture), Embassy of the People’s Republic of China, who appreciated CD Foundation’s efforts towards international cultural engagement and expressed interest in future Indo-cultural collaborations and people-to-people exchange initiatives.

A strong emphasis was also placed on youth engagement, entrepreneurship, and academic collaboration. Prof. Kumar Ashutosh from DCEE, University of Delhi, spoke about the importance of stronger partnerships between educational institutions, tourism ecosystems, entrepreneurship platforms, and international stakeholders to create meaningful opportunities for future generations.

Guests were hosted with a specially curated hospitality experience by Taj Surajkund Resort & Spa, Delhi NCR, whose elegant ambience and elaborate gourmet spread added significantly to the experience of the morning.

Commenting on the occasion, Mr. Ramneet Singh, Hotel Manager, Taj Surajkund Resort & Spa, Delhi NCR, said:

“It has been a privilege to host such a distinguished international gathering. The presence of diplomats and global delegates added tremendous prestige and visibility to the occasion.”

Reflecting on the organisation’s journey, Ms. Charu Das, Founder & Director, CD Foundation, said:

“For us, this platform has always been about creating meaningful international relationships and bringing together diplomacy, culture, tourism, wellness, entrepreneurship, and human connection under one shared vision.”

The event was organised by CD Foundation and Entrepreneur’s Club World & Us in partnership with Taj Surajkund Resort & Spa, Delhi NCR, with academic collaboration from DCEE, University of Delhi. Supporting partners included Drillcon Infrastructure Pvt. Ltd. and Perfume Point.

LinkedIn: https://linkedin.com/company/cdfoundationofficial

अमेरिका ने ISIS के दूसरे सबसे बड़े आतंकी अबू-बिलाल अल-मिनुकी को मारा, डोनाल्ड ट्रंप ने दी जानकारी

#donaldtrumpusmilitarynigeriaoperationisiscommanderabubilalalminukikilled

अमेरिकी सेना ने नाइजीरिया में आईएसआईएस के दूसरे सबसे बड़े वैश्विक कमांडर अबू-बिलाल अल-मिनुकी का खात्मा कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को खुद इसकी जानकारी दी। ट्रंप ने शुक्रवार (स्थानीय समय) को घोषणा की है कि अमेरिका ने नाइजीरिया में एक ऑपरेशन चलाया था जिसमें अल-मिनुकी मारा गया।

अमेरिकी-नाइजीरियाई सेनाओं के ज्वाइंट ऑपरेशन

डोनाल्ड ट्रंप ने लिखा है "आज रात मेरे निर्देश पर बहादुर अमेरिकी सेना और नाइजीरियाई सेना ने दुनिया के सबसे सक्रिय आतंकवादी को युद्ध के मैदान से खत्म करने के लिए एक बहुत ही बारीकी से प्लान किए गए और बेहद मुश्किल मिशन को बिना किसी गलती के अंजाम दिया।"

दुनिया भर में ISIS का दूसरे नंबर का था कमांडर

ट्रंप ने आगे लिखा "अबू-बिलाल अल-मिनुकी, जो दुनिया भर में ISIS का दूसरे नंबर का कमांडर था, उसे लगा कि वह अफ्रीका में छिप सकता है, लेकिन उसे जरा भी अंदाजा नहीं था कि हमारे पास ऐसे सूत्र थे जो हमें पल-पल की खबर दे रहे थे कि वह क्या कर रहा है।"

नाइजीरिया सरकार का जताया आभार

डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा कि "अब आईएसआईएस का यह नेता अफ्रीका के लोगों को डराने या अमेरिकियों पर हमले की योजना बनाने में मदद नहीं कर सकेगा। उसके मारे जाने के बाद ISIS की वैश्विक गतिविधियां काफी कमजोर हो गई हैं। इस ऑपरेशन में साझेदारी के लिए नाइजीरिया सरकार का धन्यवाद।"

कौन था अबू-बिलाल अल-मिनुकी?

अबू-बिलाल अल-मिनुकी को अबू बक्र इब्न मुहम्मद इब्न अली अल-मैनुकी के नाम से भी जाना जाता था। वह अफ्रीका के साहेल क्षेत्र में ISIS की गतिविधियों से जुड़ा एक वरिष्ठ नेता था। वह इस्लामिक दुनिया बनाना चाहता था। अमेरिकी रिकॉर्ड्स के मुताबिक, वह ISIS के जनरल डायरेक्टरेट ऑफ प्रोविन्सेज से जुड़ा था और उसके कई नाम थे। जैसे अबू बिलाल अल-मिनुकी, अबुबकर मैनोक और अबोर मैनोक। अमेरिका के विदेश विभाग ने 2023 में उसे आधिकारिक तौर पर ISIS का वरिष्ठ नेता घोषित किया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, साहेल क्षेत्र में ISIS से जुड़ी गतिविधियों में उसकी बड़ी भूमिका थी और संगठन की अंतरराष्ट्रीय संरचना में उसे एक महत्वपूर्ण व्यक्ति माना जाता था।

प्रथम चरण से पहले संचालित स्व गणना अभियान में मीडिया कर्मियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और सूचीवद्ध कराया

फर्रुखाबाद l जनगणना-2027 के प्रथम चरण से पूर्व संचालित स्व-गणना अभियान के अंतर्गत जनपद के समस्त मीडिया कर्मियों हेतु एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉक्टर अंकुर लाठर के निर्देश पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम का संचालन जिला सूचना अधिकारी के नेतृत्व में किया गया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित समस्त मीडिया प्रतिनिधियों को जनगणना-2027 के अंतर्गत संचालित स्व-गणना प्रक्रिया के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई। अवगत कराया गया कि भारत सरकार द्वारा जनगणना-2027 के प्रथम चरण से पूर्व स्व-गणना अभियान 07 से 21 मई 2026 तक संचालित किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत नागरिक स्वयं ऑनलाइन माध्यम से अपनी जनगणना संबंधी जानकारी दर्ज कर सकते हैं।
इस मौके पर उपस्थित मीडिया कर्मियों को स्व-गणना पोर्टल
https://se.census.gov.in/⁠�
पर ऑनलाइन स्व-गणना की प्रक्रिया का प्रदर्शन करते हुए स्व-गणना कराई गई। अधिकारियों द्वारा पोर्टल पर उपलब्ध सुविधाओं, आवश्यक दस्तावेजों तथा स्व-गणना की चरणबद्ध प्रक्रिया की जानकारी भी साझा की गई।
जिला सूचना एवं सम्पर्क अधिकारी द्वारा मीडिया प्रतिनिधियों से अपेक्षा की गई कि वे जनसामान्य को स्व-गणना के प्रति जागरूक करते हुए अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ने में सहयोग प्रदान करें, ताकि जनगणना प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाया जा सके।
कार्यक्रम में उपस्थित मीडिया कर्मियों ने स्व-गणना अभियान की सराहना करते हुए इसे जनसहभागिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
रांची में 17 मई को JPSC बैकलॉग परीक्षा, 64 केंद्रों के 200 मीटर दायरे में धारा-163 लागू

रांची, 15 मई 2026: झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा (बैकलॉग) प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा-2025 के शांतिपूर्ण व कदाचार मुक्त संचालन के लिए जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है।

अनुमंडल दंडाधिकारी, सदर रांची श्री कुमार रजत ने B.N.S.S. की धारा-163 के तहत 17 मई 2026 को रांची के सभी 64 परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर की परिधि में निषेधाज्ञा लागू कर दी है। यह आदेश सुबह 7 बजे से रात 8 बजे तक प्रभावी रहेगा।

इन 5 चीजों पर रहेगा प्रतिबंध

1. पांच या अधिक व्यक्तियों का एक जगह जमा होना। सरकारी ड्यूटी और शवयात्रा को छूट।

2. लाउडस्पीकर या किसी भी ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग।

3. बंदूक, रिवाल्वर, बम, बारूद जैसे अस्त्र-शस्त्र ले जाना।

4. लाठी-डंडा, तीर-धनुष, गड़ासा-भाला जैसे हरवे हथियार ले जाना।

5. किसी भी तरह की बैठक या आमसभा का आयोजन।

पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को इन प्रतिबंधों से छूट दी गई है।

क्यों लगाया गया प्रतिबंध?

उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री एवं अपर जिला दंडाधिकारी विधि-व्यवस्था श्री राजेश्वर नाथ आलोक ने परीक्षा के लिए दंडाधिकारियों के साथ भारी पुलिस बल तैनात किया है। प्रशासन को आशंका है कि असामाजिक तत्व परीक्षा केंद्रों पर भीड़ लगाकर विधि-व्यवस्था भंग करने की कोशिश कर सकते हैं। इसी को रोकने के लिए निषेधाज्ञा जारी की गई है।

64 केंद्रों पर होगी परीक्षा

परीक्षा रांची के प्रमुख स्कूल-कॉलेजों में होगी। इसमें ST. Xavier's College, DAV Nandraj Modern School, St. Joseph Girls High School, Carmel Girls High School, St. Aloysius High School, Firayalal Public School, DAV Gandhinagar, Vivekananda Vidya Mandir Dhurwa सहित 64 केंद्र शामिल हैं।

प्रशासन ने परीक्षार्थियों व अभिभावकों से अपील की है कि केंद्रों पर अनावश्यक भीड़ न लगाएं और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने में सहयोग करें। आदेश का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

_

Grow your business online with smart SEO strategies and targeted keywords.

SEO (Search Engine Optimization) helps your business rank higher on Google, increase website traffic, and generate more customers organically.

✅ Higher Google Ranking

✅ More Website Visitors

✅ Better Brand Visibility

✅ Increase Leads & Sales

✅ Long-Term Business Growth

Grow your business online with smart SEO strategies and targeted keywords.

आजमगढ़:-15 से 22 मई तक लगेंगे ‘वाणिज्यिक मेगा कैम्प’, बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं का होगा समाधान

वी कुमार यदुवंशी
आजमगढ़। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के निर्देश पर जनपद के फूलपुर विद्युत वितरण खण्डों में 15, 16, 18, 19, 20, 21 एवं 22 मई 2026 को ‘वाणिज्यिक मेगा कैम्प’ आयोजित किए जाएंगे। अधीक्षण अभियन्ता गौरव तिवारी द्वारा जारी निर्देश के अनुसार यह कैम्प विद्युत वितरण खण्ड फूलपुर, सठियांव एवं कप्तानगंज सहित अन्य क्षेत्रों में लगाए जाएंगे। अधिशासी अभियंता फूलपुर हरीश प्रजापति व उपखंड अधिकारी फूलपुर भूप सिंह और अभियंता देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मेगा कैम्प के दौरान उपभोक्ता अपने बिजली बिल जमा कर सकेंगे, बिल संशोधन करा सकेंगे, नए विद्युत संयोजन प्राप्त कर सकेंगे, लोड वृद्धि, मीटर परिवर्तन तथा अन्य वाणिज्यिक समस्याओं का मौके पर समाधान कराया जाएगा। कैम्प का संचालन संबंधित अधिशासी अभियन्ता (वितरण) के नेतृत्व में किया जाएगा।
विभाग द्वारा कैम्प स्थलों के चयन के साथ व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए लाउडस्पीकर, सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों का उपयोग किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक उपभोक्ता योजना का लाभ उठा सकें।

हजारीबाग: पेलावल पुलिस ने 169 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ तीन धंधेबाजों को किया गिरफ्तार

हजारीबाग पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। जिले के पेलावल ओ.पी. क्षेत्र के पबरा गांव में छापेमारी कर पुलिस ने 169 ग्राम अवैध ब्राउन शुगर बरामद की है। इस मामले में पुलिस ने दो युवकों और एक महिला सप्लायर समेत कुल तीन आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई पुलिस अधीक्षक को 14 मई 2026 की सुबह गुप्त सूचना मिली थी कि पबरा गांव में अवैध ब्राउन शुगर की खरीद-बिक्री की जा रही है। सूचना के सत्यापन और कार्रवाई के लिए अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) अमित कुमार के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया।

जंगल से हुई गिरफ्तारी छापामारी दल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पबरा गांव के बोंगा रोड स्थित जंगल में दबिश दी। वहां से पुलिस ने अविनाश कुमार (ग्राम पबरा) और संदीप कुमार उर्फ निक्की (ग्राम हदारी, ईचाक) को 169 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ पकड़ा। पूछताछ में खुलासा हुआ कि उन्हें नशे की यह खेप किरण कुमारी उर्फ काजल कुमार (पति दीपक कुमार मेहता) द्वारा सप्लाई की गई थी, जिसके बाद पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया।

जप्त सामग्री और आपराधिक इतिहास पुलिस ने आरोपियों के पास से 169 ग्राम ब्राउन शुगर के अलावा 2 मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी संदीप कुमार उर्फ निक्की का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ ईचाक थाना में पहले से ही एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) के तहत दो मामले (कांड संख्या 164/2025 और 31/2026) दर्ज हैं।

पुलिस टीम में शामिल अधिकारी इस सफल अभियान में एएसपी अमित कुमार, सदर एसडीपीओ अमित आनंद (IPS), पेलावल ओ.पी. प्रभारी वेद प्रकाश पाण्डेय, ईचाक थाना प्रभारी गौतम कुमार और लोहसिंघना थाना प्रभारी निशांत केरकेट्टा समेत सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। पुलिस ने कटकमसांड़ी (पेलावल) थाना में कांड संख्या 70/2026 दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

पीवीयूएनएल ने हासिल की 1600 मेगावाट क्षमता की ऐतिहासिक उपलब्धि; एनटीपीसी समूह की कुल स्थापित क्षमता 90 गीगावाट के पार

पीवीयूएनएल, जो कि एनटीपीसी एवं झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) का संयुक्त उपक्रम है, ने 11 मई 2026 को पतरातु सुपर थर्मल पावर परियोजना की यूनिट-2 (800 मेगावाट) के सफल ट्रायल ऑपरेशन के साथ एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। इसके साथ ही पीवीयूएनएल की कुल स्थापित क्षमता बढ़कर 1600 मेगावाट हो गई है। इसी उपलब्धि के साथ एनटीपीसी समूह की कुल स्थापित क्षमता भी 90 गीगावाट के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर गई है।

इस अवसर पर पीवीयूएनएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी Ashok Kumar Sehgal ने कहा कि यूनिट-2 के चालू होने के साथ पीवीयूएनएल झारखंड के ऊर्जा परिदृश्य में एक परिवर्तनकारी परियोजना के रूप में उभरा है। परियोजना से उत्पादित 85 प्रतिशत बिजली झारखंड राज्य को आवंटित की गई है, जिससे राज्य की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिलेगी तथा वर्तमान एवं भविष्य के औद्योगिक और आर्थिक विकास को नई गति प्राप्त होगी।

उन्होंने बताया कि इससे पूर्व यूनिट-1 का वाणिज्यिक संचालन (COD) 05 नवंबर 2025 को घोषित किया गया था तथा यूनिट-2 ने मार्च 2026 में पूर्ण भार क्षमता हासिल कर ली थी। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान पीवीयूएनएल द्वारा 2,062.90 मिलियन यूनिट (MU) विद्युत उत्पादन किया गया। वहीं परियोजना की यूनिट-3 का कार्य भी तेज गति से प्रगति पर है और इसे वित्तीय वर्ष 2026-27 में चालू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

उन्नत अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल (USC) तकनीक, एयर कूल्ड कंडेंसर (ACC) तथा 100 प्रतिशत ड्राई ऐश सिस्टम पर आधारित यह परियोजना सतत एवं पर्यावरण अनुकूल तापीय ऊर्जा उत्पादन का भविष्य प्रस्तुत करती है। पीवीयूएनएल कौशल विकास एवं क्षमता निर्माण के माध्यम से भविष्य के लिए तैयार कार्यबल तैयार करने की दिशा में भी निरंतर कार्य कर रहा है।

श्री ए.के. सहगल ने आगे कहा कि पीवीयूएनएल एवं एनटीपीसी राष्ट्र के ऊर्जा क्षेत्र की प्रगति में योगदान देते हुए विश्वसनीय एवं सतत विद्युत आपूर्ति हेतु प्रतिबद्ध हैं तथा वर्तमान एवं भावी परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूरा करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए एनटीपीसी, जेबीवीएनएल, झारखंड सरकार, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA), विद्युत मंत्रालय (MoP), भेल (BHEL), सहयोगी संस्थाओं, श्रमिकों एवं सभी हितधारकों के निरंतर सहयोग एवं समर्थन के प्रति आभार व्यक्त किया।

आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, डॉग लवर्स की याचिका की खारिज, नहीं बदला अपना पुराना आदेश

#supremecourtdecisiononstreetdogsrefusestochangeitsprevious_order

सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्‍तों पर अपने पूर्व के फैसलों को बदलने की मांग को खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के बढ़ते खतरे और उनसे जुड़ी सार्वजनिक सुरक्षा चिंताओं को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए अपने 25 नवंबर के आदेश में बदलाव करने से साफ इनकार कर दिया है। कोर्ट ने साफ कहा कि वह जमीनी सच्चाइयों से आंखें बंद नहीं की जा सकती। अदालत ने सार्वजनिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि सरकारों की जिम्मेदारी है कि नागरिकों को भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराया जाए।

नसबंदी के बाद पुरानी जगहों पर छोड़ने का निर्देश देने से इनकार

स्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ ने सुनवाई की। अदालत ने शैक्षणिक संस्थानों, बस स्टैंडों, रेलवे स्टेशनों, खेल परिसरों, अस्पतालों आदि जगहों से आवारा कुत्तों को हटाने के अपने पूर्व के निर्देशों को बदलने से इनकार कर दिया और कुत्तों को नसबंदी के बाद वापस पुरानी जगहों पर छोड़ने का निर्देश देने से इनकार कर दिया।

कुत्तों के काटने की घटना लगातार जारी

जस्टिस विक्रम नाथ की पीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा, कुत्तों के काटने की घटना लगातार जारी है और यह दिखाता है कि संबंधित अथॉरिटी की लापरवाही है। डॉग बाइट की समस्या चिंता में डालने वाली है। राजस्थान के गंगानगर, सीकर, उदयपुर और भीलवाड़ा से हमें चौंकाने वाले आंकड़े मिले हैं। तमिलनाडु समेत दूसरे राज्यों से भी ऐसे ही आंकड़े सामने आए हैं। दिल्ली के IGI एयरपोर्ट में भी जनवरी से अब तक 31 डॉग बाइट की घटनाएं हुई हैं। विदेशी पर्यटकों को भी कुत्तों ने काटा है। देश भर में रैबीज से मौत की कई घटनाएं हुई हैं।

राइट टू लाइफ को लेकर राज्य सरकारों पर सख्त

शीर्ष अदालत ने कहा, "Animal Birth Control" नियमों को सही तरीके से लागू करने में गंभीर लापरवाही हुई है, जिसकी वजह से समस्या बढ़ी। राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों का यह दायित्व है कि लोगों के जीवन की रक्षा करें। राइट टू लाइफ की रक्षा करना राज्य और यूटी की जिम्मेदारी है।सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि यदि राज्य सरकारों और स्थानीय निकायों ने समय रहते दूरदर्शिता के साथ काम किया होता, तो आज स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस मुद्दे पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।

गाइडलाइंस का कड़ाई से पालन करने का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को Animal Birth Control (ABC) गाइडलाइंस का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। अदालत ने चेतावनी दी कि यदि निर्देशों का पालन नहीं किया गया तो संबंधित राज्यों के खिलाफ अवमानना कार्यवाही शुरू की जा सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए प्रभावी, व्यवस्थित और वैज्ञानिक कदम उठाना बेहद जरूरी है। अदालत ने निर्देश दिया कि देश के हर जिले में कम से कम एक ABC सेंटर स्थापित किया जाए, जहां प्रशिक्षित पशु चिकित्सकों और आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित हो। अदालत ने माना कि मौजूदा व्यवस्था कई स्थानों पर बेहद कमजोर है और इसका सीधा असर आम नागरिकों की सुरक्षा पर पड़ रहा है।

पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान को सत्ता से हटाने में अमेरिका का हाथ? सामने आ गई सीक्रेट फाइल

#pakistanexpmimrankhanousterusinvolvementleakedcablereveals

इमरान खान को सत्ता से हटाने को लेकर विदेशी साजिश वाले आरोप फिर से चर्चा में हैं। पाकिस्तान की राजनीति में सालों से चर्चा में रहा एक खुफिया मैसेज यानी “साइफर” अब फिर सुर्खियों में है। अब इस कथित सीक्रेट दस्तावेज की तस्वीरें सामने आई हैं। इससे पता चला है कि इमरान खान के वो दावे सौ फीसदी सही थे जिसमें उन्होंने साइफर का हवाला देते हुए अमेरिका पर अपनी सरकार को गिराने का आरोप लगाया था।

इमरान खान के अविश्वास प्रस्ताव में हारने से ठीक पहले हुई थी बैठक

'ड्रॉप साइट' नाम की वेबसाइट ने 'साइफर' नाम का सीक्रेट डॉक्यूमेंट लीक किया है। यह वही सीक्रेट राजनयिक दस्तावेज है, जिसे लेकर पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान लगातार विदेशी साजिश का आरोप लगाते रहे थे। इस दस्तावेज को 'केबल I-0678' के रूप में पहचाना गया है। इसमें पाकिस्तान के तत्कालीन वाशिंगटन स्थित राजदूत और अमेरिकी विदेश विभाग के वरिष्ठ अधिकारी डोनाल्ड लू के बीच हुई एक बैठक का ब्योरा दर्ज है। यह बैठक अप्रैल 2022 में इमरान खान के अविश्वास प्रस्ताव में हारने से ठीक पहले हुई थी।

इमरान खान के जाने के बाद शहबाज बने पाक पीएम

दस्तावेज में कहा गया कि सत्ता परिवर्तन होने पर अमेरिका और यूरोप के साथ पाकिस्तान के रिश्तों में सुधार संभव होगा। इसमें संकेत दिया गया कि इमरान खान के पद पर बने रहने की स्थिति में पाकिस्तान को कूटनीतिक अलगाव का सामना करना पड़ सकता है। जो बाइडेन उस वक्त अमेरिका के राष्ट्रपति हुआ करते थे। इमरान खान के जाने के बाद शहबाज शरीफ देश के प्रधानमंत्री बने थे।

पाकिस्तान और अमेरिका से संबंध सुधारे

ड्रॉप साइट ने दस्तावेजों के हवाले से बताया है कि इमरान खान की सरकार गिरने के बाद पिछले पांच सालों में अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों को एक नया रूप दिया गया और वॉशिंगटन और इस्लामाबाद को आपसी शक-शुबहे के माहौल से निकालकर एक-दूसरे के करीब ला दिया।

इमरान खान बार-बार किया था ये दावा

इमरान खान ने अपनी सत्ता जाने से पहले और संसद में सरकार गिरने के बाद बार-बार यह दावा किया था कि अमेरिका ने उनकी स्वतंत्र विदेश नीति और रूस और चीन के खिलाफ उसके साथ पूरी तरह से न जुड़ने के कारण उन्हें सत्ता से हटाने के लिए पर्दे के पीछे से काम किया। इमरान खान ने पाकिस्तान की वंशवादी राजनीतिक पार्टियों जैसे पाकिस्तान मुस्लिम लीग-N और पाकिस्तान पीपल्स पार्टी पर भी आरोप लगाया कि वे उनकी सरकार को गिराने के लिए विदेशी ताकतों के साथ मिलकर काम कर रही थीं।

इमरान खान सरकार और अमेरिका के बीच तनाव के कारण

रिपोर्ट के मुताबिक, इमरान खान सरकार और अमेरिका के बीच तनाव कई मुद्दों पर बढ़ाः-

1. अफगानिस्तान मुद्दा: अमेरिका चाहता था कि पाकिस्तान अपनी जमीन ड्रोन ऑपरेशन के लिए दे, लेकिन इमरान खान ने साफ इनकार कर दिया था।

2. रूस यात्रा: फरवरी 2022 में इमरान खान रूस पहुंचे और उसी दिन यूक्रेन पर हमला शुरू हुआ। इस मुलाकात ने अमेरिका को नाराज कर दिया। दस्तावेज में यह भी कहा गया कि रूस यात्रा ने दोनों देशों के रिश्तों में ‘दरार’ डाल दी थी।

3. यूएन वोटिंग: पाकिस्तान ने रूस के खिलाफ प्रस्ताव पर वोटिंग से दूरी बनाई, जिससे पश्चिमी देशों की नाराजगी और बढ़ गई।

11th Annual Day of CD Foundation Brings Diplomacy, Tourism, Wellness & Global Collaboration Together in Delhi

New Delhi, 12 May 2026:New Delhi witnessed a unique coming together of diplomacy, culture, hospitality, entrepreneurship, wellness, and international engagement as CD Foundation celebrated its 11th Annual Day – Coffee Morning with Multiple Countries at Taj Surajkund Resort & Spa, Delhi NCR.

The gathering brought together diplomats, foreign dignitaries, tourism stakeholders, healthcare experts, hospitality leaders, academia, entrepreneurs, media, and institutional representatives for meaningful conversations around global collaboration, cultural diplomacy, tourism ecosystems, and people-to-people engagement.

Over the last 11 years, CD Foundation has steadily built a strong international presence through more than 100 initiatives across 45+ countries in collaboration with embassies, universities, hospitality groups, healthcare institutions, tourism stakeholders, and international organisations.

This year’s edition was curated around the theme:

“Tourism, Hospitality & Global Engagement: New Pathways for International Collaboration”

and reflected the organisation’s growing focus on relationship-driven international engagement through culture, wellness, tourism, entrepreneurship, and dialogue.

One of the most significant highlights of the morning was the launch of:

GOLDEN YEARS GLOBAL

“Ageing with Dignity – Travel, Wellness & Culture”

a new initiative by CD Foundation focused on premium elderly wellness, assisted luxury travel, cultural experiences, and meaningful global engagement for senior generations.

The initiative was unveiled by Mrs. Sumita Das, Dr. Prasun Chatterjee, and Mr. Kazem Samandari, Executive Chairman & Co-Founder of L’Opéra India, with the launch emerging as one of the most appreciated moments of the event.

Speaking during the programme, Dr. Prasun Chatterjee, Apollo Hospitals and WHO Advisory Member, highlighted the increasing global importance of conversations around longevity, wellbeing, emotional health, and quality of life for senior generations.

The programme also featured a Special Address by H.E. Mr. Wang Xinming, Minister Counsellor (Culture), Embassy of the People’s Republic of China, who appreciated CD Foundation’s efforts towards international cultural engagement and expressed interest in future Indo-cultural collaborations and people-to-people exchange initiatives.

A strong emphasis was also placed on youth engagement, entrepreneurship, and academic collaboration. Prof. Kumar Ashutosh from DCEE, University of Delhi, spoke about the importance of stronger partnerships between educational institutions, tourism ecosystems, entrepreneurship platforms, and international stakeholders to create meaningful opportunities for future generations.

Guests were hosted with a specially curated hospitality experience by Taj Surajkund Resort & Spa, Delhi NCR, whose elegant ambience and elaborate gourmet spread added significantly to the experience of the morning.

Commenting on the occasion, Mr. Ramneet Singh, Hotel Manager, Taj Surajkund Resort & Spa, Delhi NCR, said:

“It has been a privilege to host such a distinguished international gathering. The presence of diplomats and global delegates added tremendous prestige and visibility to the occasion.”

Reflecting on the organisation’s journey, Ms. Charu Das, Founder & Director, CD Foundation, said:

“For us, this platform has always been about creating meaningful international relationships and bringing together diplomacy, culture, tourism, wellness, entrepreneurship, and human connection under one shared vision.”

The event was organised by CD Foundation and Entrepreneur’s Club World & Us in partnership with Taj Surajkund Resort & Spa, Delhi NCR, with academic collaboration from DCEE, University of Delhi. Supporting partners included Drillcon Infrastructure Pvt. Ltd. and Perfume Point.

LinkedIn: https://linkedin.com/company/cdfoundationofficial

अमेरिका ने ISIS के दूसरे सबसे बड़े आतंकी अबू-बिलाल अल-मिनुकी को मारा, डोनाल्ड ट्रंप ने दी जानकारी

#donaldtrumpusmilitarynigeriaoperationisiscommanderabubilalalminukikilled

अमेरिकी सेना ने नाइजीरिया में आईएसआईएस के दूसरे सबसे बड़े वैश्विक कमांडर अबू-बिलाल अल-मिनुकी का खात्मा कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को खुद इसकी जानकारी दी। ट्रंप ने शुक्रवार (स्थानीय समय) को घोषणा की है कि अमेरिका ने नाइजीरिया में एक ऑपरेशन चलाया था जिसमें अल-मिनुकी मारा गया।

अमेरिकी-नाइजीरियाई सेनाओं के ज्वाइंट ऑपरेशन

डोनाल्ड ट्रंप ने लिखा है "आज रात मेरे निर्देश पर बहादुर अमेरिकी सेना और नाइजीरियाई सेना ने दुनिया के सबसे सक्रिय आतंकवादी को युद्ध के मैदान से खत्म करने के लिए एक बहुत ही बारीकी से प्लान किए गए और बेहद मुश्किल मिशन को बिना किसी गलती के अंजाम दिया।"

दुनिया भर में ISIS का दूसरे नंबर का था कमांडर

ट्रंप ने आगे लिखा "अबू-बिलाल अल-मिनुकी, जो दुनिया भर में ISIS का दूसरे नंबर का कमांडर था, उसे लगा कि वह अफ्रीका में छिप सकता है, लेकिन उसे जरा भी अंदाजा नहीं था कि हमारे पास ऐसे सूत्र थे जो हमें पल-पल की खबर दे रहे थे कि वह क्या कर रहा है।"

नाइजीरिया सरकार का जताया आभार

डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा कि "अब आईएसआईएस का यह नेता अफ्रीका के लोगों को डराने या अमेरिकियों पर हमले की योजना बनाने में मदद नहीं कर सकेगा। उसके मारे जाने के बाद ISIS की वैश्विक गतिविधियां काफी कमजोर हो गई हैं। इस ऑपरेशन में साझेदारी के लिए नाइजीरिया सरकार का धन्यवाद।"

कौन था अबू-बिलाल अल-मिनुकी?

अबू-बिलाल अल-मिनुकी को अबू बक्र इब्न मुहम्मद इब्न अली अल-मैनुकी के नाम से भी जाना जाता था। वह अफ्रीका के साहेल क्षेत्र में ISIS की गतिविधियों से जुड़ा एक वरिष्ठ नेता था। वह इस्लामिक दुनिया बनाना चाहता था। अमेरिकी रिकॉर्ड्स के मुताबिक, वह ISIS के जनरल डायरेक्टरेट ऑफ प्रोविन्सेज से जुड़ा था और उसके कई नाम थे। जैसे अबू बिलाल अल-मिनुकी, अबुबकर मैनोक और अबोर मैनोक। अमेरिका के विदेश विभाग ने 2023 में उसे आधिकारिक तौर पर ISIS का वरिष्ठ नेता घोषित किया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, साहेल क्षेत्र में ISIS से जुड़ी गतिविधियों में उसकी बड़ी भूमिका थी और संगठन की अंतरराष्ट्रीय संरचना में उसे एक महत्वपूर्ण व्यक्ति माना जाता था।

प्रथम चरण से पहले संचालित स्व गणना अभियान में मीडिया कर्मियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और सूचीवद्ध कराया

फर्रुखाबाद l जनगणना-2027 के प्रथम चरण से पूर्व संचालित स्व-गणना अभियान के अंतर्गत जनपद के समस्त मीडिया कर्मियों हेतु एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉक्टर अंकुर लाठर के निर्देश पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम का संचालन जिला सूचना अधिकारी के नेतृत्व में किया गया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित समस्त मीडिया प्रतिनिधियों को जनगणना-2027 के अंतर्गत संचालित स्व-गणना प्रक्रिया के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई। अवगत कराया गया कि भारत सरकार द्वारा जनगणना-2027 के प्रथम चरण से पूर्व स्व-गणना अभियान 07 से 21 मई 2026 तक संचालित किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत नागरिक स्वयं ऑनलाइन माध्यम से अपनी जनगणना संबंधी जानकारी दर्ज कर सकते हैं।
इस मौके पर उपस्थित मीडिया कर्मियों को स्व-गणना पोर्टल
https://se.census.gov.in/⁠�
पर ऑनलाइन स्व-गणना की प्रक्रिया का प्रदर्शन करते हुए स्व-गणना कराई गई। अधिकारियों द्वारा पोर्टल पर उपलब्ध सुविधाओं, आवश्यक दस्तावेजों तथा स्व-गणना की चरणबद्ध प्रक्रिया की जानकारी भी साझा की गई।
जिला सूचना एवं सम्पर्क अधिकारी द्वारा मीडिया प्रतिनिधियों से अपेक्षा की गई कि वे जनसामान्य को स्व-गणना के प्रति जागरूक करते हुए अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ने में सहयोग प्रदान करें, ताकि जनगणना प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाया जा सके।
कार्यक्रम में उपस्थित मीडिया कर्मियों ने स्व-गणना अभियान की सराहना करते हुए इसे जनसहभागिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
रांची में 17 मई को JPSC बैकलॉग परीक्षा, 64 केंद्रों के 200 मीटर दायरे में धारा-163 लागू

रांची, 15 मई 2026: झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा (बैकलॉग) प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा-2025 के शांतिपूर्ण व कदाचार मुक्त संचालन के लिए जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है।

अनुमंडल दंडाधिकारी, सदर रांची श्री कुमार रजत ने B.N.S.S. की धारा-163 के तहत 17 मई 2026 को रांची के सभी 64 परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर की परिधि में निषेधाज्ञा लागू कर दी है। यह आदेश सुबह 7 बजे से रात 8 बजे तक प्रभावी रहेगा।

इन 5 चीजों पर रहेगा प्रतिबंध

1. पांच या अधिक व्यक्तियों का एक जगह जमा होना। सरकारी ड्यूटी और शवयात्रा को छूट।

2. लाउडस्पीकर या किसी भी ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग।

3. बंदूक, रिवाल्वर, बम, बारूद जैसे अस्त्र-शस्त्र ले जाना।

4. लाठी-डंडा, तीर-धनुष, गड़ासा-भाला जैसे हरवे हथियार ले जाना।

5. किसी भी तरह की बैठक या आमसभा का आयोजन।

पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को इन प्रतिबंधों से छूट दी गई है।

क्यों लगाया गया प्रतिबंध?

उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री एवं अपर जिला दंडाधिकारी विधि-व्यवस्था श्री राजेश्वर नाथ आलोक ने परीक्षा के लिए दंडाधिकारियों के साथ भारी पुलिस बल तैनात किया है। प्रशासन को आशंका है कि असामाजिक तत्व परीक्षा केंद्रों पर भीड़ लगाकर विधि-व्यवस्था भंग करने की कोशिश कर सकते हैं। इसी को रोकने के लिए निषेधाज्ञा जारी की गई है।

64 केंद्रों पर होगी परीक्षा

परीक्षा रांची के प्रमुख स्कूल-कॉलेजों में होगी। इसमें ST. Xavier's College, DAV Nandraj Modern School, St. Joseph Girls High School, Carmel Girls High School, St. Aloysius High School, Firayalal Public School, DAV Gandhinagar, Vivekananda Vidya Mandir Dhurwa सहित 64 केंद्र शामिल हैं।

प्रशासन ने परीक्षार्थियों व अभिभावकों से अपील की है कि केंद्रों पर अनावश्यक भीड़ न लगाएं और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने में सहयोग करें। आदेश का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

_

Grow your business online with smart SEO strategies and targeted keywords.

SEO (Search Engine Optimization) helps your business rank higher on Google, increase website traffic, and generate more customers organically.

✅ Higher Google Ranking

✅ More Website Visitors

✅ Better Brand Visibility

✅ Increase Leads & Sales

✅ Long-Term Business Growth

Grow your business online with smart SEO strategies and targeted keywords.

आजमगढ़:-15 से 22 मई तक लगेंगे ‘वाणिज्यिक मेगा कैम्प’, बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं का होगा समाधान

वी कुमार यदुवंशी
आजमगढ़। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के निर्देश पर जनपद के फूलपुर विद्युत वितरण खण्डों में 15, 16, 18, 19, 20, 21 एवं 22 मई 2026 को ‘वाणिज्यिक मेगा कैम्प’ आयोजित किए जाएंगे। अधीक्षण अभियन्ता गौरव तिवारी द्वारा जारी निर्देश के अनुसार यह कैम्प विद्युत वितरण खण्ड फूलपुर, सठियांव एवं कप्तानगंज सहित अन्य क्षेत्रों में लगाए जाएंगे। अधिशासी अभियंता फूलपुर हरीश प्रजापति व उपखंड अधिकारी फूलपुर भूप सिंह और अभियंता देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मेगा कैम्प के दौरान उपभोक्ता अपने बिजली बिल जमा कर सकेंगे, बिल संशोधन करा सकेंगे, नए विद्युत संयोजन प्राप्त कर सकेंगे, लोड वृद्धि, मीटर परिवर्तन तथा अन्य वाणिज्यिक समस्याओं का मौके पर समाधान कराया जाएगा। कैम्प का संचालन संबंधित अधिशासी अभियन्ता (वितरण) के नेतृत्व में किया जाएगा।
विभाग द्वारा कैम्प स्थलों के चयन के साथ व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए लाउडस्पीकर, सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों का उपयोग किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक उपभोक्ता योजना का लाभ उठा सकें।

हजारीबाग: पेलावल पुलिस ने 169 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ तीन धंधेबाजों को किया गिरफ्तार

हजारीबाग पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। जिले के पेलावल ओ.पी. क्षेत्र के पबरा गांव में छापेमारी कर पुलिस ने 169 ग्राम अवैध ब्राउन शुगर बरामद की है। इस मामले में पुलिस ने दो युवकों और एक महिला सप्लायर समेत कुल तीन आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई पुलिस अधीक्षक को 14 मई 2026 की सुबह गुप्त सूचना मिली थी कि पबरा गांव में अवैध ब्राउन शुगर की खरीद-बिक्री की जा रही है। सूचना के सत्यापन और कार्रवाई के लिए अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) अमित कुमार के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया।

जंगल से हुई गिरफ्तारी छापामारी दल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पबरा गांव के बोंगा रोड स्थित जंगल में दबिश दी। वहां से पुलिस ने अविनाश कुमार (ग्राम पबरा) और संदीप कुमार उर्फ निक्की (ग्राम हदारी, ईचाक) को 169 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ पकड़ा। पूछताछ में खुलासा हुआ कि उन्हें नशे की यह खेप किरण कुमारी उर्फ काजल कुमार (पति दीपक कुमार मेहता) द्वारा सप्लाई की गई थी, जिसके बाद पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया।

जप्त सामग्री और आपराधिक इतिहास पुलिस ने आरोपियों के पास से 169 ग्राम ब्राउन शुगर के अलावा 2 मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी संदीप कुमार उर्फ निक्की का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ ईचाक थाना में पहले से ही एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) के तहत दो मामले (कांड संख्या 164/2025 और 31/2026) दर्ज हैं।

पुलिस टीम में शामिल अधिकारी इस सफल अभियान में एएसपी अमित कुमार, सदर एसडीपीओ अमित आनंद (IPS), पेलावल ओ.पी. प्रभारी वेद प्रकाश पाण्डेय, ईचाक थाना प्रभारी गौतम कुमार और लोहसिंघना थाना प्रभारी निशांत केरकेट्टा समेत सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। पुलिस ने कटकमसांड़ी (पेलावल) थाना में कांड संख्या 70/2026 दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।