सुल्तानपुर के पर्यावरण पार्क में योग सप्ताह का हुआ शुभारम्भ।*
सुलतानपुर 15 जून/12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (21 जून 2026) के उपलक्ष्य में पर्यावरण पार्क, सीताकुण्ड में योग सप्ताह का शुभारम्भ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन नगर पालिका परिषद अध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल, भाजपा जिला उपाध्यक्ष डॉ. प्रीति प्रकाश तथा रेडक्रास सोसाइटी के चेयरमैन डॉ. डी.एस. मिश्र द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस-2026 की थीम- "Yoga for Healthy Ageing" निर्धारित की गई है। योग सप्ताह के शुभारम्भ अवसर पर जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी, सुनील दत्त तिवारी (मास्टर योगा ट्रेनर), संदीप तिवारी (योग प्रशिक्षक), गंगेश ओझा, पतंजलि योग संस्थान, आर्ट ऑफ लिविंग, आदर्श योग परिवार के प्रतिनिधिगण एवं अन्य कार्मिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उपस्थित जन सामान्य को दिनांक 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह में अधिक से अधिक संख्या में प्रतिभाग करने हेतु प्रेरित किया गया। साथ ही योग अभ्यास कार्यक्रम में सहभागिता के लिए निर्धारित पोर्टल https://mo.habit.yoga?red= uttarpradesh एवं समर्पित टोल-फ्री नम्बर 1800-315-7008 के माध्यम से पंजीकरण कराने तथा विभिन्न स्थानों पर योग अभ्यास कार्यक्रम संचालित करने का अनुरोध किया गया। योग सप्ताह के दौरान आयोजित योगाभ्यास कार्यक्रमों एवं परिवार के सदस्यों द्वारा किए गए योग अभ्यास से संबंधित छायाचित्र एवं वीडियो https://kavach.upyush.in मोबाइल एप पर अपलोड कर प्रतिभाग किया जा सकता है।
यूएस-ईरान समझौते का पीएम मोदी ने किया स्वागत, बोले-शांति और स्थिरता बहाली में मिलेगी मदद

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अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते का एलान हो गया है, जिससे पूरी दुनिया ने राहत की सांस ली है। अमेरिका-ईरान के बीच समझौते पर दुनियाभर से प्रतिक्रियाएं आई हैं। ब्रिटेन, फ़्रांस, जर्मनी और इटली के नेताओं की ओर से एक संयुक्त बयान जारी किया गया। वहीं संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, जापान, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड के नेताओं ने भी प्रतिक्रियाएं दीं है। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष को समाप्त करने के लिए घोषित शांति समझौते का स्वागत किया है।

अमेरिका-ईरान समझौते पर क्या बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए इस कदम की प्रशंसा की है। पीएम मोदी ने सोमवार को एक्स पर लिखा, "मैं पश्चिम एशिया में संघर्ष समाप्त करने को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच बनी सहमति का स्वागत करता हूं। इस संघर्ष के कारण दुनियाभर में गंभीर आर्थिक अड़चन पैदा हुई और कई देशों में लोगों की जान गई। भारत को उम्मीद है कि इस सहमति के लागू होने से क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने में मदद मिलेगी और नेविगेशन और व्यापार की आज़ादी सुनिश्चित होगी।" इसके अलावा उन्होंने उम्मीद जताई कि 'बाक़ी बचे मुद्दों पर भी' होने वाली बातचीत 'एक टिकाऊ और अंतिम समझौते' तक पहुंचेगी।

ट्रंप ने किया शांति समझौते का ऐलान

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को ट्रुथ पर पोस्ट कर ऐलान किया कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर सहमति बन चुकी है। स्विट्जरलैंड में दोनों देशों के बीच शांति समझौते पर साइन किए जाएंगे। इसमें अमेरिका से जेडी वेंस और ईरान से अराघची और गालिबफ शामिल होंगे। 60 दिनों के सीजफायर के दौरान समझौते पर दोनों देशों के बीच बातचीत होगी। इसमें ईरान पर लगे प्रतिबंधों, फ्रीज फंड को रिलीज करने से लेकर परमाणु कार्यक्रम जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। जब तक फाइनल समझौता लागू नहीं हो जाता, अस्थायी व्यवस्थाएं लागू रहेंगी।

ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौते का एलान, जानें पीस डील की अहम बातें

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फारस की खाड़ी में जंग खत्म करने को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच समझौता हो गया है। बातचीत की मध्यस्थता कर रहे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी। शुक्रवार 19 जून को स्विट्जरलैंड के जेनेवा में दोनों पक्षों की ओर से इस पीस डील पर औपचारिक हस्‍ताक्षर किया जाएगा।

ट्रंप ने शांति समझौते को लेकर क्या कहा?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी सरकार की ओर से समझौते की पुष्टि कर दी गई है। डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि "सभी को समझौते की बधाई देते हुए मैं होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी टोल के खोलने की पूरी मंजूरी देता हूं। साथ ही अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी को तुरंत हटाने का भी आदेश देता हूं।"

ईरान ने क्या कहा है

ईरान के उप-विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने सरकारी टेलीविजन पर समझौते की पुष्टि की है। गरीबाबादी ने कहा है कि डील हो गई है लेकिन शुक्रवार को हस्ताक्षर होने तक तेहरान इसे लागू करना शुरू नहीं करेगा। उन्होंने बताया कि यह समझौता तेहरान में कतर के प्रतिनिधि के साथ 14 घंटे से ज्यादा चली बातचीत के बाद हुआ है। पाकिस्तान के अलावा कतर एक और अहम मध्यस्थ है।

समझौते के बाद शहबाज शरीफ का पोस्ट

इस समझौते के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभाने वाले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक्स पर लिखा, "लंबी बातचीत के बाद, हमें यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता हो गया है। दोनों पक्षों ने लेबनान सहित सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई को तुरंत और स्थायी रूप से रोकने की घोषणा की है।"

US-ईरान शांति डील में क्या-क्या शामिल है?

1- लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध को तुरंत और हमेशा के लिए रोकना

2- अमेरिका ने वादा किया है कि वह ईरान के अंदरूनी मामलों में दखल नहीं देगा और इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान की संप्रभुता का सम्मान करेगा

3- दिनों के अंदर नौसैनिक नाकेबंदी को पूरी तरह से हटाया जाएगा

4- अमेरिका ने यह वादा किया है कि वह ईरान के आस-पास के इलाकों से अपनी सेना हटा लेगा

5- ईरान की 'व्यवस्थाओं' के तहत 30 दिनों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोला जाएगा

6- तेल, पेट्रोकेमिकल उत्पादों और उनसे जुड़े उत्पादों पर लगे प्रतिबंधों को हटाना और उनसे होने वाली कमाई तक ईरान की पूरी पहुंच सुनिश्चित की जाएगी

7- अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए ईरान के पुनर्निर्माण के वास्ते कम से कम 300 अरब डॉलर की योजनाएं पेश करना जरूरी होगा।

8- परमाणु मुद्दों और अमेरिका के प्राथमिक और माध्यमिक प्रतिबंधों, साथ ही UN सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों और IAEA बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के प्रस्तावों को पूरी तरह से हटाने के आधार पर अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए 60 दिनों की बातचीत।

9- NPT के तहत परमाणु हथियार न बनाने के अपने वादे को ईरान का फिर से दोहराना।

10- बातचीत के दौरान अमेरिका ने वादा किया है कि वह इस क्षेत्र में अपनी सेना नहीं बढ़ाएगा और कोई नया प्रतिबंध नहीं लगाएगा।

11- अंतिम बातचीत की 60 दिनों की अवधि के दौरान ईरान के फ्रीज किए गए 24 अरब डॉलर जारी किए जाएंगे। इस राशि का आधा हिस्सा बातचीत शुरू होने से पहले ही ईरान को उपलब्ध कराया जाएगा।

12- समझौते को लागू करने के लिए एक निगरानी तंत्र बनाया जाएगा।

13- अंतिम समझौते को UN सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव के माध्यम से मंजूरी दी जाएगी।

14- अंतिम बातचीत तब तक शुरू नहीं होगी जब तक ईरान के फ्रीज किए गए फंड का आधा हिस्सा जारी नहीं हो जाता ईरान पर तेल प्रतिबंध हटा नहीं दिए जाते और नौसैनिक नाकेबंदी खत्म नहीं हो जाती।अंतिम समझौता केवल संवर्धित यूरेनियम और संवर्धन, प्रतिबंधों से राहत और ईरान की अर्थव्यवस्था के पुनर्निर्माण के कार्यक्रम तक ही सीमित रहेगा। ईरान के मिसाइल कार्यक्रम और प्रतिरोध समूहोंको समर्थन देने के बारे में चर्चा को एजेंडे से पूरी तरह हटा दिया गया है।

पाटलिपुत्र स्टेशन पर अभ्यर्थियों का हंगामा, ट्रेन में देरी पर पथराव, कई पुलिसकर्मी घायल

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बिहार पुलिस मद्य निषेध विभाग की भर्ती परीक्षा देने जा रहे हजारों अभ्यर्थियों ने रविवार को पाटलिपुत्र स्टेशन पर जमकर बवाल काटा। इस दौरान आक्रोशित छात्रों ने रेलवे ट्रैक पर कूदकर ट्रेनों को रोक दिया, पथराव किया और एग्जाम स्पेशल ट्रेन में तोड़फोड़ भी की। ये लोग ट्रेनों की कमी और ट्रेन लेट पहुंचने से भड़क उठे।

स्टेशन पर तोड़फोड़ और पथराव

बताया जाता है कि ट्रेन के लगातार विलंब होने से नाराज हजारों अभ्यर्थी स्टेशन परिसर में प्रदर्शन करना शुरू कर दिए। परीक्षा केंद्र तक समय पर नहीं पहुंच पाने की आशंका से अभ्यर्थी आक्रोशित हो उठे। अभ्यर्थियों ने हंगामा के दौरान पथराव करने लगे। इस दौरान उनलोगों ने तोड़फोड़ भी की। देखते ही देखते स्टेशन के चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई और राजधानी समेत दर्जनों ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुई।

ट्रैक जाम कर ट्रेनों की आवाजाही रोकी

स्टेशन पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नाराज छात्रों ने रेलवे प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद 100 से अधिक छात्र ट्रैक पर बैठ गए और कई जगहों पर ट्रेनों की आवाजाही रोक दी। वहीं, ट्रैक जाम होने से लंबी दूरी की कई ट्रेनें बीच रास्ते में रुक गईं, जिससे यात्रियों को भारी समस्या का सामना करना पड़ा।

आईजी जितेंद्र राणा को आई मामूली चोट

पाटलिपुत्र स्टेशन पर हंगामे की सूचना मिलते ही कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी स्टेशन पहुंचे। मौके पर पटना डीएम डॉ त्यागराजन, आईजी जितेंद्र राणा, एसपी समेत कई आलाधिकारी मौजूद हैं। हंगामे के दौरान आईजी जितेंद्र राणा को हल्की चोट लगने की सूचना है। वहीं, रूपसपुर थाना प्रभारी भी मामूली रूप से घायल हुए हैं।

पुलिस ने किया आंसू गैस का इस्तेमाल

हालात को काबू में करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और तीन राउंड हवाई फायरिंग भी की। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्टेशन पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। इसके बाद छात्र धीरे-धीरे ट्रैक और स्टेशन परिसर से हटने लगे। पुलिस ने पूरे इलाके को अपने कब्जे में लेकर स्थिति को नियंत्रित कर लिया है।

कुछ असामाजिक तत्वों ने ट्रेन पर पत्थरबाजी की- डीएम

पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर हुई पत्थरबाजी की घटना पर DM डॉ त्यागराजन ने कहा, 'कुछ लोग ट्रेन की व्यवस्था जैसे मुद्दों को लेकर विरोध कर रहे थे। हालांकि स्पेशल ट्रेनों का इंतजाम किया गया था। स्टेशन पर पहले से दो स्पेशल ट्रेनें खड़ी थीं, लेकिन खबर है कि कुछ असामाजिक तत्व प्रदर्शनकारियों के बीच मिल गए और ट्रेन को रोकते हुए पत्थरबाजी शुरू कर दी। इसके बाद कम से कम बल का इस्तेमाल करके भीड़ को हटाया गया और शांति बहाल की गई।'

NEET पुनर्परीक्षा 21 जून: रांची के 21 केंद्रों के 200 मीटर दायरे में धारा-163 लागू


महानिदेशक, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी, नई दिल्ली द्वारा प्राप्त सूचनानुसार दिनांक-21.06.2026 को Re-examination of NEET (UG)-2026 परीक्षा एक पाली में राँची के 21 उप केन्द्रों पर आयोजित किया जाना है। परीक्षा के कदाचार मुक्त संचालनार्थ एवं विधि-व्यवस्था संधारणार्थ हेतु उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी, राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री एवं अपर जिला दण्डाधिकारी, विधि-व्यवस्था, राँची के आदेश द्वारा पुलिस बल एवं पुलिस पदाधिकारी के साथ दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गई है। फिर भी ऐसी आशंका है कि परीक्षा केन्द्रों पर असामाजिक तत्वों के द्वारा भीड़ लगाकर विधि-व्यवस्था भंग करने की चेष्टा कर सकते हैं।

जिसको लेकर श्री कुमार रजत, अनुमंडल दंडाधिकारी, सदर, राँची द्वारा बि०एन०एस०एस० की धारा-163 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए इन परीक्षा केन्द्रों के 200 मीटर की परिधि में निम्नलिखित निषेधाज्ञा जारी किया गया :-

(1) पाँच या पाँच से अधिक व्यक्तियों का एक जगह जमा होना (सरकारी कार्य में लगे

पदाधिकारियों / कर्मचारियों तथा सरकारी कार्यक्रम एवं शवयात्रा को छोड़कर)।

(2) किसी प्रकार का ध्वनि विस्तारक यंत्र का व्यवहार करना।

(3 ) किसी प्रकार का अस्त्र-शस्त्र, जैसे-बंदुक, राईफल, रिवाल्वर, बम, बारूद आदि लेकर चलना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों / कर्मचारियों को छोड़कर)।

(4) किसी प्रकार का हरवे हथियार जैसे लाठी-डंडा, तीर-धनुष, गड़ासा-भाला आदि लेकर चलना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों / कर्मचारियों को छोड़कर)

(5) किसी प्रकार की बैठक या आमसभा का आयोजन करना।

यह निषेधाज्ञा दिनांक-21.06.2026 के अपराह्नः- 12.00 बजे से अपराह्न-08.00 बजे तक प्रभावी रहेगा।

परीक्षा केन्द्र का नामः-

(1) Marwari College (Boys), Lake Road Near Swami Vivekanand Sarovar (Bara Talab),

Hindpiri, Ranchi.

(2) St. Jhon's High School, Karbala Tank Road, Ranchi.

(3) Doranda College, Opp. Sri Krishna Park Near A.G More Doranda Ranchi.

(4) Nirmala College, Near St. Xavier's School Doranda, PO-Doranda, Ranchi.

(5) P.M. Shri Kendriya Vidyalaya Hinoo, Near AG More Doranda, Ranchi.

(6) P.M. Shri Kendriya Vidyalaya CRPF Dhurwa Ranchin CRPF CAMP, Tiril, Ashram

Dhurwa, Near New Vidhan Sabha.

(7) Kendriya Vidyalaya HEC, Ranchi, Kendriya Vidalaya No.-1, HEC Sector-2, Dhurwa, Ranchi.

(8) Gossner college, Centre B, N.M. Horo Marg, Ranchi.

(9) Gossner college, Centre A, N.M. Horo Marg, Ranchi.

(10) P.M. Shri Kendriya Vidyalaya, Namkum, Ranchim, Army Area Namkum, Ranchi.

(11) Army Public School, Dipatoli, Army Public School Dipatoli CANTT., PO-Booty Ranchi,

Opposite Jimkhana kalab Hotwar Ranchi.

(12) CM Sole Girls, Bariatu, Oppoiste H.D.C Bank, Bariatu, Ranchi.

(13) St. Aloysius High School, Dr. Camil Bulke Path, Purulia Roadn Ranchi.

(14) St. Annne's Girls High School, Dr. Camil Bulke Path, Purulia Road Near IOB, Ranchi.

(15) PM Shri Kendriya Vidyalaya Dipatoli, VIA Tatisilway, Po-Sugnu, Ranchi.

(16) Marwari +2 High School, Ranchi, Upper Bazar, Pustak Path, Ranchi.

(17) GOVT +2 High School, Kanke, Semartoli, Kanke Near CIP, Kanke Ranchi.

(18) CM School of Excellence, Kanke, Ranchi, Near B.I.T More, Mesra, Ranchi.

(19) ASTVS District CM School of Excellence, ASTVS District CM School of Excellence, Near Saheed, Chowk Ranchi.

(20) Anita Girl High School Kanke, Oppoite to agriculture College gate, Kanke

(21) Ursuline Convent Girls High School, Urusuline Convent Girls High School, Dr. Camil Bulke Path Near Xiss, Ranchi

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जनगणना 2026 में OBC कॉलम जोड़ने की मांग, राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

जनगणना 2026 में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए अलग कॉलम जोड़ने की मांग को लेकर राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा, झारखंड प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड के महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार गुप्ता के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में मांग की गई कि राष्ट्रीय जनगणना 2026 के House Listing Schedule में अनुसूचित जाति (SC) एवं अनुसूचित जनजाति (ST) की तरह अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) का भी अलग कॉलम अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।

ज्ञापन में संविधान के अनुच्छेद 15(4), 16(4), 340 एवं 46 का उल्लेख करते हुए कहा गया कि देश की लगभग 52 प्रतिशत आबादी वाले ओबीसी समुदाय को “अन्य” श्रेणी में रखना सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की भावना के विपरीत है। प्रतिनिधिमंडल ने महामहिम राज्यपाल से अनुरोध किया कि इस मांग को अपनी सशक्त अनुशंसा के साथ महामहिम राष्ट्रपति महोदया एवं माननीय प्रधानमंत्री महोदय के समक्ष अग्रसारित किया जाए।

ज्ञापन पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए राज्यपाल महोदय ने इसे तत्काल राष्ट्रपति भवन एवं प्रधानमंत्री कार्यालय भेजने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग, नई दिल्ली में भी अपना पक्ष प्रभावी ढंग से रखने का सुझाव दिया।

राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा ने इसे वर्ष 1931 की जनगणना के बाद ओबीसी समुदाय से संबंधित आंकड़ों की कमी को दूर करने तथा सामाजिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। मोर्चा का मानना है कि जनगणना में ओबीसी वर्ग की स्पष्ट गणना से नीतिगत निर्णयों और कल्याणकारी योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

यह जानकारी राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा, हजारीबाग के प्रदेश सचिव सुरेश ठाकुर ने दी।

रेप पीड़िता के घर पहुंचे आजाद समाज पार्टी नेता, न्याय दिलाने का दिया भरोसा
संभल। उत्तर प्रदेश के संभल जिले के असमोली क्षेत्र में कथित दुष्कर्म पीड़िता के परिजनों से मिलने पहुंचे आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के वरिष्ठ नेता Mohammad Firoz Khan Hindustani ने परिवार को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर घटना पर दुख जताया और कानूनी लड़ाई में साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया।

मोहम्मद फिरोज खान हिंदुस्तानी ने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए उनकी पार्टी हर स्तर पर सहयोग करेगी। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर पार्टी की ओर से निःशुल्क कानूनी सहायता और अधिवक्ता भी उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि पीड़िता के परिवार को न्याय पाने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो।

उन्होंने घटना को गंभीर बताते हुए प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए और कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा दिलाई जाए, जिससे समाज में ऐसा अपराध करने वालों को स्पष्ट संदेश मिले।

आजाद समाज पार्टी नेता ने कहा कि किसी भी पीड़ित परिवार को न्याय के लिए अकेला नहीं छोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मामले में त्वरित कार्रवाई करने और पीड़िता के परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की।

गौरतलब है कि यह मामला संभल जिले के असमोली थाना क्षेत्र से जुड़ा बताया जा रहा है, जहां एक नाबालिग बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म की घटना सामने आई थी। मामले की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।
ग्लोबल स्कूल ऑफ इंडिया में 'विश्व पर्यावरण दिवस' पर ऑनलाइन सत्र: लॉन्च हुआ 'ग्रीन विजन 2027', जुटे IIT और पर्यावरण क्षेत्र के दिग्गज

ग्रीष्मावकाश होने के कारण 'ग्लोबल स्कूल ऑफ इंडिया' द्वारा 'विश्व पर्यावरण दिवस 2026' पर एक विशेष ऑनलाइन सत्र का आयोजन किया गया। इस वर्ष की थीम 'जलवायु परिवर्तन - धरती के संकेतों का जवाब' पर केंद्रित रही। कार्यक्रम का शुभारंभ स्कूल परिसर में निदेशक डॉ. एस. खालिद, चेयरपर्सन डॉ. निखत परवीन एवं प्राचार्या श्रीमती चाँदनी त्रिगुणायत द्वारा वृक्षारोपण से किया गया।

गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति

सत्र में शिक्षा और पर्यावरण क्षेत्र के जाने-माने विशेषज्ञ शामिल हुए:

- मुख्य अतिथि: प्रो. प्रमोद पाठक, IIT(ISM)

- विशिष्ट अतिथि: प्रो. (डॉ.) दिनकर कुमार दीक्षित, प्राचार्य, बी.एड. कॉलेज, पुरुलिया

- चेयरपर्सन: डॉ. निखत परवीन

- मैनेजर: डॉ. ममता सिन्हा

- डायरेक्टर: डॉ. एस. खालिद

- प्रिंसिपल: श्रीमती चांदनी त्रिगुणायत

कार्यक्रम की मुख्य झलकियां

उद्घाटन संबोधन

चेयरपर्सन डॉ. निखत परवीन ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण अब विकल्प नहीं, अनिवार्यता है। डायरेक्टर डॉ. एस. खालिद ने स्कूल की ग्रीन इनिशिएटिव्स की जानकारी दी। 'Clean Campus-Green Campus' के साथ ही उन्होंने बच्चों से 'Clean Home-Green Home' पर अमल करने का आह्वान किया।

मुख्य अतिथि का वक्तव्य

प्रो. प्रमोद पाठक ने जलवायु परिवर्तन के खतरों पर प्रकाश डाला और युवाओं से 'क्लाइमेट एक्शन' में आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने जोर दिया कि बच्चों को 'Change Agent' के रूप में तैयार किया जाए। उन्होंने Reduce, Reuse और Recycle का महत्वपूर्ण फॉर्मूला भी साझा किया।

विशेषज्ञ व्याख्यान

प्रो. (डॉ.) दिनकर कुमार दीक्षित ने पर्यावरण अध्ययन को पाठ्यक्रम से जोड़ते हुए कहा, "छात्र ही पर्यावरण के सबसे बड़े दूत बन सकते हैं। NSS के माध्यम से हमने हजारों छात्रों को पर्यावरण से जोड़ा है। हर स्कूल को अपना 'ईको-क्लब' बनाना चाहिए।" साथ ही उन्होंने Activity Based Teaching Method के द्वारा बच्चों को पर्यावरण संरक्षण के टिप्स देने की सलाह दी।

प्रिंसिपल का संदेश

प्रिंसिपल चांदनी त्रिगुणायत ने स्कूल का 'ग्रीन विजन 2027' लॉन्च किया, जिसके तहत 500 पेड़ लगाना, सोलर एनर्जी को बढ़ावा देना और परिसर को जीरो वेस्ट बनाना शामिल है।

डायरेक्टर डॉ. एस. खालिद ने अपने वक्तव्य में कहा, "आज का यह सत्र सिर्फ कार्यक्रम नहीं, एक आंदोलन की शुरुआत है।"

कार्यक्रम को सफल बनाने में वरीय शिक्षक श्री अरविंद कुमार रजक, श्री राकेश अरोरा,ताहिर अंसारी तथा IT हेड इंजी. काशिफ खान की सराहनीय भूमिका रही।

How Karma, Kundali and Living Spaces Are Connected – Insights by Vastu Vid Rahul Parse

Ancient Indian knowledge systems never viewed human life as isolated from nature, space, or cosmic energies. Astrology and Vastu Shastra were developed as interconnected sciences based upon Karma, Prarabdh (destined karmic results), planetary influences, and environmental energies. While modern science may use different terminology, the underlying principle remains similar — every action creates an energetic impact, and every environment influences human life.According to ancient philosophy, birth itself is not accidental. A soul takes birth under specific planetary alignments based upon accumulated karmas from previous lives. This planetary arrangement becomes the individual’s birth chart or Kundali, which acts like an energetic blueprint of life tendencies, strengths, challenges, health patterns, relationships, and psychological behavior.

Vastu Shastra, on the other hand, governs the external energy field in which a person lives or works. If Astrology represents the “inner cosmic design,” then Vastu represents the “outer environmental reflection” of that design.

One of the most fascinating observations made by experienced Vastu and Astrology practitioners is that defects repeatedly appear in those directions of a property that are connected with afflicted planetary energies in the Kundali. This creates a strong philosophical and practical connection between human consciousness and living space.

For example, in many cases where severe Pitru Dosha, afflicted Rahu, or karmic ancestral disturbances are observed in the horoscope, the South-West zone of the house or commercial property is often found imbalanced. This may appear as cuts, missing corners, heavy defects, underground water tanks, toilets, clutter, depression in level, cracks, or structural instability in that particular direction.

From a Vastu perspective, the South-West direction represents stability, ancestral energy, control, maturity, and karmic grounding. Scientifically, this can also be interpreted psychologically and environmentally. Disturbed spaces create disturbed emotional patterns. Continuous exposure to imbalance in important zones of a property can subconsciously influence decision-making, stress levels, emotional security, and family harmony.

Similarly, repeated defects in the North-East zone are frequently observed in individuals facing confusion, spiritual blockage, emotional instability, or poor clarity in life direction. Afflictions related to Jupiter, Moon, or Ketu often symbolically reflect through this zone. The East relates to growth and social opportunities, while the North governs financial movement and mental flow.

This does not necessarily mean that planets physically damage buildings. Rather, ancient sciences suggest resonance between human karmic energies and surrounding environments. Just as modern science acknowledges magnetic fields, frequencies, vibrations, and environmental psychology, ancient Vastu observed that spaces absorb and radiate subtle energetic influences over time.

Interestingly, today’s scientific disciplines are slowly moving toward similar understandings. Environmental psychology studies how spaces influence human emotions and behavior. Geopathic stress research studies the effect of underground disturbances on health and mental peace. Electromagnetic field studies analyze invisible energetic interactions within living environments. Quantum theories also suggest that observation, consciousness, and energy are deeply interconnected.

The digital era has further strengthened this research potential. Satellite mapping, digital compass systems, energy analysis applications, and astronomical software now allow precise correlation between property layouts and astrological patterns. Consultants can scientifically study directional imbalance, land energy, surrounding structures, and planetary influences with greater accuracy than ever before.

However, the true purpose of Astrology and Vastu should not be fear creation. These sciences were originally intended for awareness, balance, and corrective living. Every defect does not destroy life, and every good direction does not guarantee success. Human effort, discipline, ethics, and conscious action remain equally important.

Astrology reveals karmic tendencies. Vastu reflects environmental resonance. Science studies measurable patterns. Together, they form a deeper understanding of how human life interacts with both visible and invisible energies.

The future of these ancient sciences lies not in blind belief, but in responsible research, practical observation, and scientific interpretation. When understood correctly, Astrology and Vastu are not against science — they are complementary systems attempting to understand the same universal intelligence through different dimensions. For more information you can visit Instagram

 

 

सुल्तानपुर के पर्यावरण पार्क में योग सप्ताह का हुआ शुभारम्भ।*
सुलतानपुर 15 जून/12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (21 जून 2026) के उपलक्ष्य में पर्यावरण पार्क, सीताकुण्ड में योग सप्ताह का शुभारम्भ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन नगर पालिका परिषद अध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल, भाजपा जिला उपाध्यक्ष डॉ. प्रीति प्रकाश तथा रेडक्रास सोसाइटी के चेयरमैन डॉ. डी.एस. मिश्र द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस-2026 की थीम- "Yoga for Healthy Ageing" निर्धारित की गई है। योग सप्ताह के शुभारम्भ अवसर पर जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी, सुनील दत्त तिवारी (मास्टर योगा ट्रेनर), संदीप तिवारी (योग प्रशिक्षक), गंगेश ओझा, पतंजलि योग संस्थान, आर्ट ऑफ लिविंग, आदर्श योग परिवार के प्रतिनिधिगण एवं अन्य कार्मिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उपस्थित जन सामान्य को दिनांक 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह में अधिक से अधिक संख्या में प्रतिभाग करने हेतु प्रेरित किया गया। साथ ही योग अभ्यास कार्यक्रम में सहभागिता के लिए निर्धारित पोर्टल https://mo.habit.yoga?red= uttarpradesh एवं समर्पित टोल-फ्री नम्बर 1800-315-7008 के माध्यम से पंजीकरण कराने तथा विभिन्न स्थानों पर योग अभ्यास कार्यक्रम संचालित करने का अनुरोध किया गया। योग सप्ताह के दौरान आयोजित योगाभ्यास कार्यक्रमों एवं परिवार के सदस्यों द्वारा किए गए योग अभ्यास से संबंधित छायाचित्र एवं वीडियो https://kavach.upyush.in मोबाइल एप पर अपलोड कर प्रतिभाग किया जा सकता है।
यूएस-ईरान समझौते का पीएम मोदी ने किया स्वागत, बोले-शांति और स्थिरता बहाली में मिलेगी मदद

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अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते का एलान हो गया है, जिससे पूरी दुनिया ने राहत की सांस ली है। अमेरिका-ईरान के बीच समझौते पर दुनियाभर से प्रतिक्रियाएं आई हैं। ब्रिटेन, फ़्रांस, जर्मनी और इटली के नेताओं की ओर से एक संयुक्त बयान जारी किया गया। वहीं संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, जापान, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड के नेताओं ने भी प्रतिक्रियाएं दीं है। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष को समाप्त करने के लिए घोषित शांति समझौते का स्वागत किया है।

अमेरिका-ईरान समझौते पर क्या बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए इस कदम की प्रशंसा की है। पीएम मोदी ने सोमवार को एक्स पर लिखा, "मैं पश्चिम एशिया में संघर्ष समाप्त करने को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच बनी सहमति का स्वागत करता हूं। इस संघर्ष के कारण दुनियाभर में गंभीर आर्थिक अड़चन पैदा हुई और कई देशों में लोगों की जान गई। भारत को उम्मीद है कि इस सहमति के लागू होने से क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने में मदद मिलेगी और नेविगेशन और व्यापार की आज़ादी सुनिश्चित होगी।" इसके अलावा उन्होंने उम्मीद जताई कि 'बाक़ी बचे मुद्दों पर भी' होने वाली बातचीत 'एक टिकाऊ और अंतिम समझौते' तक पहुंचेगी।

ट्रंप ने किया शांति समझौते का ऐलान

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को ट्रुथ पर पोस्ट कर ऐलान किया कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर सहमति बन चुकी है। स्विट्जरलैंड में दोनों देशों के बीच शांति समझौते पर साइन किए जाएंगे। इसमें अमेरिका से जेडी वेंस और ईरान से अराघची और गालिबफ शामिल होंगे। 60 दिनों के सीजफायर के दौरान समझौते पर दोनों देशों के बीच बातचीत होगी। इसमें ईरान पर लगे प्रतिबंधों, फ्रीज फंड को रिलीज करने से लेकर परमाणु कार्यक्रम जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। जब तक फाइनल समझौता लागू नहीं हो जाता, अस्थायी व्यवस्थाएं लागू रहेंगी।

ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौते का एलान, जानें पीस डील की अहम बातें

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फारस की खाड़ी में जंग खत्म करने को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच समझौता हो गया है। बातचीत की मध्यस्थता कर रहे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी। शुक्रवार 19 जून को स्विट्जरलैंड के जेनेवा में दोनों पक्षों की ओर से इस पीस डील पर औपचारिक हस्‍ताक्षर किया जाएगा।

ट्रंप ने शांति समझौते को लेकर क्या कहा?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी सरकार की ओर से समझौते की पुष्टि कर दी गई है। डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि "सभी को समझौते की बधाई देते हुए मैं होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी टोल के खोलने की पूरी मंजूरी देता हूं। साथ ही अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी को तुरंत हटाने का भी आदेश देता हूं।"

ईरान ने क्या कहा है

ईरान के उप-विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने सरकारी टेलीविजन पर समझौते की पुष्टि की है। गरीबाबादी ने कहा है कि डील हो गई है लेकिन शुक्रवार को हस्ताक्षर होने तक तेहरान इसे लागू करना शुरू नहीं करेगा। उन्होंने बताया कि यह समझौता तेहरान में कतर के प्रतिनिधि के साथ 14 घंटे से ज्यादा चली बातचीत के बाद हुआ है। पाकिस्तान के अलावा कतर एक और अहम मध्यस्थ है।

समझौते के बाद शहबाज शरीफ का पोस्ट

इस समझौते के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभाने वाले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक्स पर लिखा, "लंबी बातचीत के बाद, हमें यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता हो गया है। दोनों पक्षों ने लेबनान सहित सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई को तुरंत और स्थायी रूप से रोकने की घोषणा की है।"

US-ईरान शांति डील में क्या-क्या शामिल है?

1- लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध को तुरंत और हमेशा के लिए रोकना

2- अमेरिका ने वादा किया है कि वह ईरान के अंदरूनी मामलों में दखल नहीं देगा और इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान की संप्रभुता का सम्मान करेगा

3- दिनों के अंदर नौसैनिक नाकेबंदी को पूरी तरह से हटाया जाएगा

4- अमेरिका ने यह वादा किया है कि वह ईरान के आस-पास के इलाकों से अपनी सेना हटा लेगा

5- ईरान की 'व्यवस्थाओं' के तहत 30 दिनों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोला जाएगा

6- तेल, पेट्रोकेमिकल उत्पादों और उनसे जुड़े उत्पादों पर लगे प्रतिबंधों को हटाना और उनसे होने वाली कमाई तक ईरान की पूरी पहुंच सुनिश्चित की जाएगी

7- अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए ईरान के पुनर्निर्माण के वास्ते कम से कम 300 अरब डॉलर की योजनाएं पेश करना जरूरी होगा।

8- परमाणु मुद्दों और अमेरिका के प्राथमिक और माध्यमिक प्रतिबंधों, साथ ही UN सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों और IAEA बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के प्रस्तावों को पूरी तरह से हटाने के आधार पर अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए 60 दिनों की बातचीत।

9- NPT के तहत परमाणु हथियार न बनाने के अपने वादे को ईरान का फिर से दोहराना।

10- बातचीत के दौरान अमेरिका ने वादा किया है कि वह इस क्षेत्र में अपनी सेना नहीं बढ़ाएगा और कोई नया प्रतिबंध नहीं लगाएगा।

11- अंतिम बातचीत की 60 दिनों की अवधि के दौरान ईरान के फ्रीज किए गए 24 अरब डॉलर जारी किए जाएंगे। इस राशि का आधा हिस्सा बातचीत शुरू होने से पहले ही ईरान को उपलब्ध कराया जाएगा।

12- समझौते को लागू करने के लिए एक निगरानी तंत्र बनाया जाएगा।

13- अंतिम समझौते को UN सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव के माध्यम से मंजूरी दी जाएगी।

14- अंतिम बातचीत तब तक शुरू नहीं होगी जब तक ईरान के फ्रीज किए गए फंड का आधा हिस्सा जारी नहीं हो जाता ईरान पर तेल प्रतिबंध हटा नहीं दिए जाते और नौसैनिक नाकेबंदी खत्म नहीं हो जाती।अंतिम समझौता केवल संवर्धित यूरेनियम और संवर्धन, प्रतिबंधों से राहत और ईरान की अर्थव्यवस्था के पुनर्निर्माण के कार्यक्रम तक ही सीमित रहेगा। ईरान के मिसाइल कार्यक्रम और प्रतिरोध समूहोंको समर्थन देने के बारे में चर्चा को एजेंडे से पूरी तरह हटा दिया गया है।

पाटलिपुत्र स्टेशन पर अभ्यर्थियों का हंगामा, ट्रेन में देरी पर पथराव, कई पुलिसकर्मी घायल

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बिहार पुलिस मद्य निषेध विभाग की भर्ती परीक्षा देने जा रहे हजारों अभ्यर्थियों ने रविवार को पाटलिपुत्र स्टेशन पर जमकर बवाल काटा। इस दौरान आक्रोशित छात्रों ने रेलवे ट्रैक पर कूदकर ट्रेनों को रोक दिया, पथराव किया और एग्जाम स्पेशल ट्रेन में तोड़फोड़ भी की। ये लोग ट्रेनों की कमी और ट्रेन लेट पहुंचने से भड़क उठे।

स्टेशन पर तोड़फोड़ और पथराव

बताया जाता है कि ट्रेन के लगातार विलंब होने से नाराज हजारों अभ्यर्थी स्टेशन परिसर में प्रदर्शन करना शुरू कर दिए। परीक्षा केंद्र तक समय पर नहीं पहुंच पाने की आशंका से अभ्यर्थी आक्रोशित हो उठे। अभ्यर्थियों ने हंगामा के दौरान पथराव करने लगे। इस दौरान उनलोगों ने तोड़फोड़ भी की। देखते ही देखते स्टेशन के चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई और राजधानी समेत दर्जनों ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुई।

ट्रैक जाम कर ट्रेनों की आवाजाही रोकी

स्टेशन पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नाराज छात्रों ने रेलवे प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद 100 से अधिक छात्र ट्रैक पर बैठ गए और कई जगहों पर ट्रेनों की आवाजाही रोक दी। वहीं, ट्रैक जाम होने से लंबी दूरी की कई ट्रेनें बीच रास्ते में रुक गईं, जिससे यात्रियों को भारी समस्या का सामना करना पड़ा।

आईजी जितेंद्र राणा को आई मामूली चोट

पाटलिपुत्र स्टेशन पर हंगामे की सूचना मिलते ही कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी स्टेशन पहुंचे। मौके पर पटना डीएम डॉ त्यागराजन, आईजी जितेंद्र राणा, एसपी समेत कई आलाधिकारी मौजूद हैं। हंगामे के दौरान आईजी जितेंद्र राणा को हल्की चोट लगने की सूचना है। वहीं, रूपसपुर थाना प्रभारी भी मामूली रूप से घायल हुए हैं।

पुलिस ने किया आंसू गैस का इस्तेमाल

हालात को काबू में करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और तीन राउंड हवाई फायरिंग भी की। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्टेशन पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। इसके बाद छात्र धीरे-धीरे ट्रैक और स्टेशन परिसर से हटने लगे। पुलिस ने पूरे इलाके को अपने कब्जे में लेकर स्थिति को नियंत्रित कर लिया है।

कुछ असामाजिक तत्वों ने ट्रेन पर पत्थरबाजी की- डीएम

पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर हुई पत्थरबाजी की घटना पर DM डॉ त्यागराजन ने कहा, 'कुछ लोग ट्रेन की व्यवस्था जैसे मुद्दों को लेकर विरोध कर रहे थे। हालांकि स्पेशल ट्रेनों का इंतजाम किया गया था। स्टेशन पर पहले से दो स्पेशल ट्रेनें खड़ी थीं, लेकिन खबर है कि कुछ असामाजिक तत्व प्रदर्शनकारियों के बीच मिल गए और ट्रेन को रोकते हुए पत्थरबाजी शुरू कर दी। इसके बाद कम से कम बल का इस्तेमाल करके भीड़ को हटाया गया और शांति बहाल की गई।'

NEET पुनर्परीक्षा 21 जून: रांची के 21 केंद्रों के 200 मीटर दायरे में धारा-163 लागू


महानिदेशक, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी, नई दिल्ली द्वारा प्राप्त सूचनानुसार दिनांक-21.06.2026 को Re-examination of NEET (UG)-2026 परीक्षा एक पाली में राँची के 21 उप केन्द्रों पर आयोजित किया जाना है। परीक्षा के कदाचार मुक्त संचालनार्थ एवं विधि-व्यवस्था संधारणार्थ हेतु उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी, राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री एवं अपर जिला दण्डाधिकारी, विधि-व्यवस्था, राँची के आदेश द्वारा पुलिस बल एवं पुलिस पदाधिकारी के साथ दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गई है। फिर भी ऐसी आशंका है कि परीक्षा केन्द्रों पर असामाजिक तत्वों के द्वारा भीड़ लगाकर विधि-व्यवस्था भंग करने की चेष्टा कर सकते हैं।

जिसको लेकर श्री कुमार रजत, अनुमंडल दंडाधिकारी, सदर, राँची द्वारा बि०एन०एस०एस० की धारा-163 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए इन परीक्षा केन्द्रों के 200 मीटर की परिधि में निम्नलिखित निषेधाज्ञा जारी किया गया :-

(1) पाँच या पाँच से अधिक व्यक्तियों का एक जगह जमा होना (सरकारी कार्य में लगे

पदाधिकारियों / कर्मचारियों तथा सरकारी कार्यक्रम एवं शवयात्रा को छोड़कर)।

(2) किसी प्रकार का ध्वनि विस्तारक यंत्र का व्यवहार करना।

(3 ) किसी प्रकार का अस्त्र-शस्त्र, जैसे-बंदुक, राईफल, रिवाल्वर, बम, बारूद आदि लेकर चलना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों / कर्मचारियों को छोड़कर)।

(4) किसी प्रकार का हरवे हथियार जैसे लाठी-डंडा, तीर-धनुष, गड़ासा-भाला आदि लेकर चलना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों / कर्मचारियों को छोड़कर)

(5) किसी प्रकार की बैठक या आमसभा का आयोजन करना।

यह निषेधाज्ञा दिनांक-21.06.2026 के अपराह्नः- 12.00 बजे से अपराह्न-08.00 बजे तक प्रभावी रहेगा।

परीक्षा केन्द्र का नामः-

(1) Marwari College (Boys), Lake Road Near Swami Vivekanand Sarovar (Bara Talab),

Hindpiri, Ranchi.

(2) St. Jhon's High School, Karbala Tank Road, Ranchi.

(3) Doranda College, Opp. Sri Krishna Park Near A.G More Doranda Ranchi.

(4) Nirmala College, Near St. Xavier's School Doranda, PO-Doranda, Ranchi.

(5) P.M. Shri Kendriya Vidyalaya Hinoo, Near AG More Doranda, Ranchi.

(6) P.M. Shri Kendriya Vidyalaya CRPF Dhurwa Ranchin CRPF CAMP, Tiril, Ashram

Dhurwa, Near New Vidhan Sabha.

(7) Kendriya Vidyalaya HEC, Ranchi, Kendriya Vidalaya No.-1, HEC Sector-2, Dhurwa, Ranchi.

(8) Gossner college, Centre B, N.M. Horo Marg, Ranchi.

(9) Gossner college, Centre A, N.M. Horo Marg, Ranchi.

(10) P.M. Shri Kendriya Vidyalaya, Namkum, Ranchim, Army Area Namkum, Ranchi.

(11) Army Public School, Dipatoli, Army Public School Dipatoli CANTT., PO-Booty Ranchi,

Opposite Jimkhana kalab Hotwar Ranchi.

(12) CM Sole Girls, Bariatu, Oppoiste H.D.C Bank, Bariatu, Ranchi.

(13) St. Aloysius High School, Dr. Camil Bulke Path, Purulia Roadn Ranchi.

(14) St. Annne's Girls High School, Dr. Camil Bulke Path, Purulia Road Near IOB, Ranchi.

(15) PM Shri Kendriya Vidyalaya Dipatoli, VIA Tatisilway, Po-Sugnu, Ranchi.

(16) Marwari +2 High School, Ranchi, Upper Bazar, Pustak Path, Ranchi.

(17) GOVT +2 High School, Kanke, Semartoli, Kanke Near CIP, Kanke Ranchi.

(18) CM School of Excellence, Kanke, Ranchi, Near B.I.T More, Mesra, Ranchi.

(19) ASTVS District CM School of Excellence, ASTVS District CM School of Excellence, Near Saheed, Chowk Ranchi.

(20) Anita Girl High School Kanke, Oppoite to agriculture College gate, Kanke

(21) Ursuline Convent Girls High School, Urusuline Convent Girls High School, Dr. Camil Bulke Path Near Xiss, Ranchi

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जनगणना 2026 में OBC कॉलम जोड़ने की मांग, राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

जनगणना 2026 में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए अलग कॉलम जोड़ने की मांग को लेकर राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा, झारखंड प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड के महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार गुप्ता के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में मांग की गई कि राष्ट्रीय जनगणना 2026 के House Listing Schedule में अनुसूचित जाति (SC) एवं अनुसूचित जनजाति (ST) की तरह अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) का भी अलग कॉलम अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।

ज्ञापन में संविधान के अनुच्छेद 15(4), 16(4), 340 एवं 46 का उल्लेख करते हुए कहा गया कि देश की लगभग 52 प्रतिशत आबादी वाले ओबीसी समुदाय को “अन्य” श्रेणी में रखना सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की भावना के विपरीत है। प्रतिनिधिमंडल ने महामहिम राज्यपाल से अनुरोध किया कि इस मांग को अपनी सशक्त अनुशंसा के साथ महामहिम राष्ट्रपति महोदया एवं माननीय प्रधानमंत्री महोदय के समक्ष अग्रसारित किया जाए।

ज्ञापन पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए राज्यपाल महोदय ने इसे तत्काल राष्ट्रपति भवन एवं प्रधानमंत्री कार्यालय भेजने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग, नई दिल्ली में भी अपना पक्ष प्रभावी ढंग से रखने का सुझाव दिया।

राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा ने इसे वर्ष 1931 की जनगणना के बाद ओबीसी समुदाय से संबंधित आंकड़ों की कमी को दूर करने तथा सामाजिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। मोर्चा का मानना है कि जनगणना में ओबीसी वर्ग की स्पष्ट गणना से नीतिगत निर्णयों और कल्याणकारी योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

यह जानकारी राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा, हजारीबाग के प्रदेश सचिव सुरेश ठाकुर ने दी।

रेप पीड़िता के घर पहुंचे आजाद समाज पार्टी नेता, न्याय दिलाने का दिया भरोसा
संभल। उत्तर प्रदेश के संभल जिले के असमोली क्षेत्र में कथित दुष्कर्म पीड़िता के परिजनों से मिलने पहुंचे आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के वरिष्ठ नेता Mohammad Firoz Khan Hindustani ने परिवार को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर घटना पर दुख जताया और कानूनी लड़ाई में साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया।

मोहम्मद फिरोज खान हिंदुस्तानी ने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए उनकी पार्टी हर स्तर पर सहयोग करेगी। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर पार्टी की ओर से निःशुल्क कानूनी सहायता और अधिवक्ता भी उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि पीड़िता के परिवार को न्याय पाने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो।

उन्होंने घटना को गंभीर बताते हुए प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए और कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा दिलाई जाए, जिससे समाज में ऐसा अपराध करने वालों को स्पष्ट संदेश मिले।

आजाद समाज पार्टी नेता ने कहा कि किसी भी पीड़ित परिवार को न्याय के लिए अकेला नहीं छोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मामले में त्वरित कार्रवाई करने और पीड़िता के परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की।

गौरतलब है कि यह मामला संभल जिले के असमोली थाना क्षेत्र से जुड़ा बताया जा रहा है, जहां एक नाबालिग बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म की घटना सामने आई थी। मामले की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।
ग्लोबल स्कूल ऑफ इंडिया में 'विश्व पर्यावरण दिवस' पर ऑनलाइन सत्र: लॉन्च हुआ 'ग्रीन विजन 2027', जुटे IIT और पर्यावरण क्षेत्र के दिग्गज

ग्रीष्मावकाश होने के कारण 'ग्लोबल स्कूल ऑफ इंडिया' द्वारा 'विश्व पर्यावरण दिवस 2026' पर एक विशेष ऑनलाइन सत्र का आयोजन किया गया। इस वर्ष की थीम 'जलवायु परिवर्तन - धरती के संकेतों का जवाब' पर केंद्रित रही। कार्यक्रम का शुभारंभ स्कूल परिसर में निदेशक डॉ. एस. खालिद, चेयरपर्सन डॉ. निखत परवीन एवं प्राचार्या श्रीमती चाँदनी त्रिगुणायत द्वारा वृक्षारोपण से किया गया।

गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति

सत्र में शिक्षा और पर्यावरण क्षेत्र के जाने-माने विशेषज्ञ शामिल हुए:

- मुख्य अतिथि: प्रो. प्रमोद पाठक, IIT(ISM)

- विशिष्ट अतिथि: प्रो. (डॉ.) दिनकर कुमार दीक्षित, प्राचार्य, बी.एड. कॉलेज, पुरुलिया

- चेयरपर्सन: डॉ. निखत परवीन

- मैनेजर: डॉ. ममता सिन्हा

- डायरेक्टर: डॉ. एस. खालिद

- प्रिंसिपल: श्रीमती चांदनी त्रिगुणायत

कार्यक्रम की मुख्य झलकियां

उद्घाटन संबोधन

चेयरपर्सन डॉ. निखत परवीन ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण अब विकल्प नहीं, अनिवार्यता है। डायरेक्टर डॉ. एस. खालिद ने स्कूल की ग्रीन इनिशिएटिव्स की जानकारी दी। 'Clean Campus-Green Campus' के साथ ही उन्होंने बच्चों से 'Clean Home-Green Home' पर अमल करने का आह्वान किया।

मुख्य अतिथि का वक्तव्य

प्रो. प्रमोद पाठक ने जलवायु परिवर्तन के खतरों पर प्रकाश डाला और युवाओं से 'क्लाइमेट एक्शन' में आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने जोर दिया कि बच्चों को 'Change Agent' के रूप में तैयार किया जाए। उन्होंने Reduce, Reuse और Recycle का महत्वपूर्ण फॉर्मूला भी साझा किया।

विशेषज्ञ व्याख्यान

प्रो. (डॉ.) दिनकर कुमार दीक्षित ने पर्यावरण अध्ययन को पाठ्यक्रम से जोड़ते हुए कहा, "छात्र ही पर्यावरण के सबसे बड़े दूत बन सकते हैं। NSS के माध्यम से हमने हजारों छात्रों को पर्यावरण से जोड़ा है। हर स्कूल को अपना 'ईको-क्लब' बनाना चाहिए।" साथ ही उन्होंने Activity Based Teaching Method के द्वारा बच्चों को पर्यावरण संरक्षण के टिप्स देने की सलाह दी।

प्रिंसिपल का संदेश

प्रिंसिपल चांदनी त्रिगुणायत ने स्कूल का 'ग्रीन विजन 2027' लॉन्च किया, जिसके तहत 500 पेड़ लगाना, सोलर एनर्जी को बढ़ावा देना और परिसर को जीरो वेस्ट बनाना शामिल है।

डायरेक्टर डॉ. एस. खालिद ने अपने वक्तव्य में कहा, "आज का यह सत्र सिर्फ कार्यक्रम नहीं, एक आंदोलन की शुरुआत है।"

कार्यक्रम को सफल बनाने में वरीय शिक्षक श्री अरविंद कुमार रजक, श्री राकेश अरोरा,ताहिर अंसारी तथा IT हेड इंजी. काशिफ खान की सराहनीय भूमिका रही।

How Karma, Kundali and Living Spaces Are Connected – Insights by Vastu Vid Rahul Parse

Ancient Indian knowledge systems never viewed human life as isolated from nature, space, or cosmic energies. Astrology and Vastu Shastra were developed as interconnected sciences based upon Karma, Prarabdh (destined karmic results), planetary influences, and environmental energies. While modern science may use different terminology, the underlying principle remains similar — every action creates an energetic impact, and every environment influences human life.According to ancient philosophy, birth itself is not accidental. A soul takes birth under specific planetary alignments based upon accumulated karmas from previous lives. This planetary arrangement becomes the individual’s birth chart or Kundali, which acts like an energetic blueprint of life tendencies, strengths, challenges, health patterns, relationships, and psychological behavior.

Vastu Shastra, on the other hand, governs the external energy field in which a person lives or works. If Astrology represents the “inner cosmic design,” then Vastu represents the “outer environmental reflection” of that design.

One of the most fascinating observations made by experienced Vastu and Astrology practitioners is that defects repeatedly appear in those directions of a property that are connected with afflicted planetary energies in the Kundali. This creates a strong philosophical and practical connection between human consciousness and living space.

For example, in many cases where severe Pitru Dosha, afflicted Rahu, or karmic ancestral disturbances are observed in the horoscope, the South-West zone of the house or commercial property is often found imbalanced. This may appear as cuts, missing corners, heavy defects, underground water tanks, toilets, clutter, depression in level, cracks, or structural instability in that particular direction.

From a Vastu perspective, the South-West direction represents stability, ancestral energy, control, maturity, and karmic grounding. Scientifically, this can also be interpreted psychologically and environmentally. Disturbed spaces create disturbed emotional patterns. Continuous exposure to imbalance in important zones of a property can subconsciously influence decision-making, stress levels, emotional security, and family harmony.

Similarly, repeated defects in the North-East zone are frequently observed in individuals facing confusion, spiritual blockage, emotional instability, or poor clarity in life direction. Afflictions related to Jupiter, Moon, or Ketu often symbolically reflect through this zone. The East relates to growth and social opportunities, while the North governs financial movement and mental flow.

This does not necessarily mean that planets physically damage buildings. Rather, ancient sciences suggest resonance between human karmic energies and surrounding environments. Just as modern science acknowledges magnetic fields, frequencies, vibrations, and environmental psychology, ancient Vastu observed that spaces absorb and radiate subtle energetic influences over time.

Interestingly, today’s scientific disciplines are slowly moving toward similar understandings. Environmental psychology studies how spaces influence human emotions and behavior. Geopathic stress research studies the effect of underground disturbances on health and mental peace. Electromagnetic field studies analyze invisible energetic interactions within living environments. Quantum theories also suggest that observation, consciousness, and energy are deeply interconnected.

The digital era has further strengthened this research potential. Satellite mapping, digital compass systems, energy analysis applications, and astronomical software now allow precise correlation between property layouts and astrological patterns. Consultants can scientifically study directional imbalance, land energy, surrounding structures, and planetary influences with greater accuracy than ever before.

However, the true purpose of Astrology and Vastu should not be fear creation. These sciences were originally intended for awareness, balance, and corrective living. Every defect does not destroy life, and every good direction does not guarantee success. Human effort, discipline, ethics, and conscious action remain equally important.

Astrology reveals karmic tendencies. Vastu reflects environmental resonance. Science studies measurable patterns. Together, they form a deeper understanding of how human life interacts with both visible and invisible energies.

The future of these ancient sciences lies not in blind belief, but in responsible research, practical observation, and scientific interpretation. When understood correctly, Astrology and Vastu are not against science — they are complementary systems attempting to understand the same universal intelligence through different dimensions. For more information you can visit Instagram