राँची उपायुक्त का कड़ा रुख: लापरवाही पर अधिकारियों को फटकार, 48 घंटे में शोकॉज के निर्देश

राँची समाहरणालय में आयोजित जनता दरबार में उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने जन समस्याओं की सुनवाई की। इस दौरान कार्यों में शिथिलता और लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए गए।

जनता दरबार के मुख्य फैसले और सख्त कार्रवाई

उपायुक्त ने विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए निम्नलिखित निर्देश जारी किए:

नगड़ी अंचल पर गिरी गाज: एक ही प्लॉट पर म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) को लेकर विरोधाभासी निर्णय लेने पर संबंधित कर्मचारी को 48 घंटे के भीतर शोकॉज और आरोप पत्र गठित करने का आदेश दिया गया। साथ ही, म्यूटेशन आवेदन लंबित रखने पर CO, CI और कर्मचारी तीनों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।

धोखाधड़ी करने वाले शिक्षक पर कार्रवाई: मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति के नाम पर फर्जी खाता खोलकर संपत्ति हड़पने के आरोपी एक सरकारी शिक्षक के वेतन पर रोक लगाने और जांच के निर्देश दिए गए हैं।

शिक्षा विभाग को निर्देश: एक प्रतिष्ठित स्कूल द्वारा छात्र को रिपोर्ट कार्ड के बजाय टीसी (TC) थमाने के मामले में जिला शिक्षा पदाधिकारी को छात्र का भविष्य सुनिश्चित करने और स्कूल पर कार्रवाई का निर्देश दिया गया।

बुजुर्गों और महिलाओं को राहत: आधार सीडिंग की समस्या के कारण रुकी हुई पेंशन का समाधान करने के लिए बैंक को निर्देश दिए गए। साथ ही 'मंईयां सम्मान योजना' के वंचित लाभुकों की समस्याओं के निस्तारण हेतु सामाजिक सुरक्षा विभाग को सक्रिय किया गया।

सोशल मीडिया और समाचार के लिए बेहतरीन हेडलाइंस (Headings)

यहाँ कुछ प्रभावशाली हेडलाइंस दी गई हैं जो आप अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स या न्यूज़ बुलेटिन के लिए उपयोग कर सकते हैं:

सख्त और प्रशासनिक (Administrative Focus)

डीसी राँची का एक्शन मोड: नगड़ी अंचल के लापरवाह कर्मियों पर 48 घंटे में गिरेगी गाज!

म्यूटेशन में खेल करने वालों की खैर नहीं, उपायुक्त ने CO और CI से मांगा स्पष्टीकरण।

जनता दरबार में बरसीं गाज: लापरवाही पर अधिकारियों को शोकॉज, आरोपी शिक्षक का वेतन रोका।

जनता से जुड़ी और राहत वाली (Public Focus)

राँची जनता दरबार: अबुआ साथी व्हाट्सएप और डीसी की चौखट पर मिला शिकायतों का तुरंत समाधान।

स्कूल की मनमानी और पेंशन की समस्या? डीसी मंजूनाथ भजन्त्री ने मौके पर ही दिए समाधान के आदेश।

भोलाराम को मिलेगी पेंशन, छात्रा को अनुकंपा का भरोसा—राँची डीसी ने सुनीं जनता की फरियाद।

शॉर्ट और क्रिस्पी (Short & Catchy)

राँची अपडेट: लापरवाह अफसरों पर डीसी का हंटर!

दाखिल-खारिज में देरी? राँची उपायुक्त ने लगाई अधिकारियों की क्लास।

डीसी राँची का आदेश: काम में कोताही बर्दाश्त नहीं, तुरंत होगा एक्शन।

मुंबई में अत्याधुनिक नेत्र चिकित्सा सेवा की नई शुरुआत
मुंबई। चेंबूर (पूर्व) में तेजस नेत्रालय का शुभारंभ वरिष्ठ आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली के करकमलों द्वारा संपन्न हुआ। यह नेत्रालय डॉ. नम्रता काब्रा (MBBS, MS, FIOF–USA, FAICO–Cornea) के नेतृत्व में प्रारंभ किया गया है। उन्हें 20 वर्षों से अधिक का अनुभव है तथा उन्होंने 20,000 से अधिक सफल नेत्र शल्यक्रियाएँ की हैं। उनकी विशेषज्ञता और मरीज-केंद्रित दृष्टिकोण इस केंद्र की विशेष पहचान है। तेजस नेत्रालय का उद्देश्य अत्याधुनिक तकनीक, नैतिक मूल्यों और संवेदनशील सेवा भाव के साथ समाज को उन्नत, सुलभ और किफायती नेत्र चिकित्सा सेवाएँ प्रदान करना है।उद्घाटन समारोह में उपस्थित मान्यवरों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि नेत्र चिकित्सा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं की आज विशेष आवश्यकता है। तेजस नेत्रालय समर्पण, उत्कृष्टता और विश्वास के साथ व्यापक एवं मरीज-केंद्रित नेत्र सेवाएँ प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
एस जयशंकर ने ईरान, यूएई और कतर से की बात, पश्चिम एशिया के हालात पर हुई चर्चा

#sjaishankarspoketoqataruaeirandiscussedmiddleeastsituation

अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के चलते पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने रविवार शाम को कतर और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के अपने समकक्षों के साथ टेलीफोन पर बातचीत की और क्षेत्र के बिगड़ते सुरक्षा हालातों पर चर्चा की। कतर और यूएई के नेताओं से बात करने के तुरंत बाद, भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची का फोन आया। 

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जसीम अल थानी से पश्चिम एशिया संघर्ष और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर उसके असर को लेकर रविवार को चर्चा की। विदेश मंत्री ने संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान से भी फोन पर बातचीत की।

युद्ध और तनाव पर पर चर्चा

विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस बातचीत की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री के साथ क्षेत्र में चल रहे युद्ध और तनाव पर विचार साझा किए गए। इसके बाद जयशंकर ने यूएई के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान से संपर्क किया। उन्होंने पश्चिम एशिया की उभरती स्थिति पर विस्तार से चर्चा की।

ईरान के विदेश मंत्री का आया फोन

इसी कड़ी में ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरघची ने भी डॉ. जयशंकर को फोन किया। भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया पर यह बताया है कि उनके पास ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची का फोन आया। दोनों नेताओं ने वेस्ट एशिया में चल रही टेंशन को लेकर लंबी बातचीत की।

ट्रंप की चेतावनी के बीच बढ़ी हलचल

ईरान के विदेश मंत्री, कतर के प्रधानमंत्री और संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्री से जयशंकर की फोन पर बातचीत ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को दी गई हालिया चेतावनी के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि होर्मुज स्ट्रेट को नौवहन के लिए फिर से नहीं खोला गया तो ईरान के बिजली संयंत्रों और पुलों को नष्ट कर दिया जाएगा।

जहानाबाद के कनौदी में ईस्टर पर्व पर उमड़ी आस्था, प्रार्थना सभा में दिखी सामाजिक एकता
जहानाबाद के कनौदी स्थित गुड न्यूज़ प्रार्थना सभा में Easter का पर्व श्रद्धा, उल्लास और गहरी आस्था के साथ मनाया गया। इस अवसर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हुए और Jesus Christ को याद करते हुए विशेष प्रार्थना की। प्रार्थना सभा के दौरान पूरे परिसर में भक्ति, शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का वातावरण देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने परंपरानुसार अंगूर का जूस और ब्रेड ग्रहण कर प्रभु यीशु के बलिदान और उनके पुनर्जीवन (रिज़रेक्शन) को स्मरण किया। आयोजकों ने बताया कि यह परंपरा सदियों पुरानी है, जिसे आज भी पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ निभाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यीशु मसीह को मानवता के कल्याण और प्रेम का संदेश देने के कारण क्रूस पर चढ़ाया गया था। लेकिन उनकी मृत्यु के तीसरे दिन वे पुनर्जीवित हुए, जिसे ईस्टर के रूप में मनाया जाता है। यह दिन बुराई पर अच्छाई, निराशा पर आशा और मृत्यु पर जीवन की जीत का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि पुनर्जीवन के बाद यीशु 40 दिनों तक अपने अनुयायियों के बीच रहे और उन्हें प्रेम, क्षमा और सेवा का संदेश देकर स्वर्ग चले गए। इस अवसर पर पास्टर कमलेश कुमार ने कहा कि यह प्रार्थना स्थल सभी धर्मों और वर्गों के लोगों के लिए खुला है। उन्होंने कहा, “यहां कोई भेदभाव नहीं है, हर व्यक्ति अपनी आस्था के अनुसार ईश्वर से प्रार्थना कर सकता है। हमारा उद्देश्य समाज में शांति, प्रेम और भाईचारा स्थापित करना है।” उन्होंने आगे कहा कि प्रार्थना के दौरान कई लोग भावुक हो जाते हैं और उनकी आंखों से आंसू निकल आते हैं। यह आंसू मन की शुद्धता, आत्मिक शांति और ईश्वर के प्रति गहरे विश्वास का प्रतीक होते हैं। कार्यक्रम में शामिल श्रद्धालुओं ने बताया कि ईस्टर का पर्व उन्हें जीवन में सकारात्मकता, क्षमा और एक-दूसरे के प्रति प्रेम का संदेश देता है। कुल मिलाकर, यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता, सद्भाव और मानवीय मूल्यों की एक सशक्त मिसाल भी प्रस्तुत करता नजर आया।
जहानाबाद के कनौदी में ईस्टर पर्व पर उमड़ी आस्था, प्रार्थना सभा में दिखी सामाजिक एकता
जहानाबाद के कनौदी स्थित गुड न्यूज़ प्रार्थना सभा में Easter का पर्व श्रद्धा, उल्लास और गहरी आस्था के साथ मनाया गया। इस अवसर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हुए और Jesus Christ को याद करते हुए विशेष प्रार्थना की। प्रार्थना सभा के दौरान पूरे परिसर में भक्ति, शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का वातावरण देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने परंपरानुसार अंगूर का जूस और ब्रेड ग्रहण कर प्रभु यीशु के बलिदान और उनके पुनर्जीवन (रिज़रेक्शन) को स्मरण किया। आयोजकों ने बताया कि यह परंपरा सदियों पुरानी है, जिसे आज भी पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ निभाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यीशु मसीह को मानवता के कल्याण और प्रेम का संदेश देने के कारण क्रूस पर चढ़ाया गया था। लेकिन उनकी मृत्यु के तीसरे दिन वे पुनर्जीवित हुए, जिसे ईस्टर के रूप में मनाया जाता है। यह दिन बुराई पर अच्छाई, निराशा पर आशा और मृत्यु पर जीवन की जीत का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि पुनर्जीवन के बाद यीशु 40 दिनों तक अपने अनुयायियों के बीच रहे और उन्हें प्रेम, क्षमा और सेवा का संदेश देकर स्वर्ग चले गए। इस अवसर पर पास्टर कमलेश कुमार ने कहा कि यह प्रार्थना स्थल सभी धर्मों और वर्गों के लोगों के लिए खुला है। उन्होंने कहा, “यहां कोई भेदभाव नहीं है, हर व्यक्ति अपनी आस्था के अनुसार ईश्वर से प्रार्थना कर सकता है। हमारा उद्देश्य समाज में शांति, प्रेम और भाईचारा स्थापित करना है।” उन्होंने आगे कहा कि प्रार्थना के दौरान कई लोग भावुक हो जाते हैं और उनकी आंखों से आंसू निकल आते हैं। यह आंसू मन की शुद्धता, आत्मिक शांति और ईश्वर के प्रति गहरे विश्वास का प्रतीक होते हैं। कार्यक्रम में शामिल श्रद्धालुओं ने बताया कि ईस्टर का पर्व उन्हें जीवन में सकारात्मकता, क्षमा और एक-दूसरे के प्रति प्रेम का संदेश देता है। कुल मिलाकर, यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता, सद्भाव और मानवीय मूल्यों की एक सशक्त मिसाल भी प्रस्तुत करता नजर आया।
साइट फॉर ऑल कॉन्क्लेव 2026” में जुटे देशभर के नेत्र-विशेषज्ञ


ग्रामीण भारत में नेत्र-चिकित्सा की पहुँच बढ़ाने पर मंथन गरीबों के लिए निःशुल्क रीडिंग चश्मा वितरण हेतु Restoring Vision, USA के साथ एमओयू अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल, मस्तीचक स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस परिसर में रविवार को “साइट फॉर ऑल कॉन्क्लेव 2026” का आयोजन किया गया। इस राष्ट्रीय स्तर के कॉन्क्लेव का आयोजन अखंड ज्योति इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिटी ऑप्थैल्मोलॉजी (AJICO) द्वारा किया गया। इसमें देश के विभिन्न भागों से आए नेत्र-विशेषज्ञ, नेत्र-अस्पतालों के प्रमुख विशेषज्ञों ने भाग लिया। इसमें 30 से अधिक नेत्र संस्थानों के 300 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हुए। इस कॉन्क्लेव का विषय था- “कम्युनिटी केयर ऐज़ मार्केट इंटेलिजेंस: एन्हैंसिंग पेशेंट एक्विज़िशन इन आई केयर सिस्टम”। इस कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य यह समझना था कि ग्रामीण और वंचित समुदायों में नेत्र-स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता कैसे बढ़ाई जाए, लोगों में समय पर इलाज कराने की प्रवृत्ति कैसे विकसित की जाए और उन्हें सुलभ, गुणवत्तापूर्ण एवं किफायती नेत्र-चिकित्सा सेवाओं से बेहतर ढंग से कैसे जोड़ा जाए। कार्यक्रम में एम्स नई दिल्ली, शंकर नेत्रालय, अरविंद आई केयर सिस्टम, संकरा आई फाउंडेशन इंडिया, सीतापुर आई हॉस्पिटल तथा अन्य अनेक अग्रणी नेत्र-संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल थे। इनमें कॉन्क्लेव में उपस्थित प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों में डॉ. राजवर्धन आज़ाद- चेयरमैन, क्लिनिकल एंड रिसर्च एडवाइजरी बोर्ड, अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल, प्रो. जी.वी.एस. मूर्ति- प्रेसिडेंट, PRASHO Foundation; श्री थुल्सीराज रविल्ला- डायरेक्टर-ऑपरेशंस, अरविंद आई केयर सिस्टम एवं एडवाइज़र-LAICO; डॉ. पार्थ बिस्वास- इमीडिएट पास्ट प्रेसिडेंट, AIOS; कर्नल डॉ. मधु भदौरिया- डायरेक्टर एवं चीफ मेडिकल ऑफिसर, सीतापुर आई हॉस्पिटल; डॉ. कौशिक मुरली- प्रेसिडेंट मेडिकल एडमिनिस्ट्रेशन, क्वालिटी एवं एजुकेशन, संकरा आई फाउंडेशन इंडिया; डॉ. प्रवीण वशिष्ठ- प्रोफेसर एवं ऑफिसर-इन-चार्ज, कम्युनिटी ऑप्थैल्मोलॉजी, डॉ. आर.पी. सेंटर, एम्स; डॉ. आर.आर. सुधीर- हेड, प्रिवेंटिव ऑप्थैल्मोलॉजी, शंकर नेत्रालय समेत कई शामिल रहे। Restoring Vision, USA के साथ हुआ एमओयू इस अवसर पर Restoring Vision, USA और और अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गये। अखंड ज्योति की ओर से मेडिकल डायरेक्टर डॉ. अजीत पोद्दार और Restoring Vision, USA की ओर से सीईओ इयान राॅजर्स के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। एमओयू के तहत बिहार के गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क रीडिंग चश्मों का वितरण करने में सहयोग दिया जाएगा। यह पहल विशेष रूप से उन लोगों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होगी जो उम्र बढ़ने के साथ निकट दृष्टि संबंधी समस्या से जूझते हैं, लेकिन आर्थिक या भौगोलिक कारणों से समय पर चश्मा नहीं प्राप्त कर पाते। यह समझौता बिहार में रिफ्रैक्टिव एरर और निकट दृष्टि समस्या से पीड़ित गरीब जनता के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। समुदाय में जाकर जागरूकता और काम करने की जरूरत कॉन्क्लेव में विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि नेत्र-सेवा प्रणाली को केवल अस्पताल तक सीमित नहीं रखा जा सकता। यदि लोगों को समय पर उपचार दिलाना है तो अस्पतालों और संस्थानों को समुदाय के बीच जाकर काम करना होगा, जागरूकता फैलानी होगी, लोगों की झिझक और डर कम करना होगा और उन्हें यह समझाना होगा कि समय पर जाँच और उपचार से अंधत्व एवं दृष्टिबाधा की गंभीरता को काफी हद तक कम किया जा सकता है। विशेषज्ञों ने इस बात पर भी जोर दिया कि रोगी जागरूकता और हेल्थ सीकिंग बिहेवियर को बढ़ाना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है, विशेषकर ग्रामीण बिहार जैसे क्षेत्रों में, जहाँ बड़ी संख्या में लोग केवल जानकारी के अभाव, दूरी, डर, या आर्थिक आशंका के कारण समय पर अस्पताल तक नहीं पहुँच पाते।
बीजेपी ने तमिलनाडु में अन्नामलाई को क्यों नहीं उतारा? खुद दिया जवाब

#annamalainotcontestingtnelectionsfocuseson_campaign

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने अपनी लिस्ट जारी कर दी है। बीजेपी ओर से जारी 27 उम्मीदवारों की लिस्ट में कद्दावर नेता के. अन्नामलाई का नाम नहीं है। के. अन्नामलाई राज्य में बीजेपी के सबसे बड़े चेहरे हैं। ऐसे में चर्चा हो रही है कि क्या बीजेपी ने अन्नामलाई को साइडलाइन कर दिया है। इन चर्चाओं पर अन्नामलाई ने खुद विराम लगाया है।

अन्नामलाई बोले-उनका टिकट काटा नहीं गया

अन्नामलाई ने कहा कि उन्होंने खुद ही चुनाव न लड़ने का फैसला किया था, उनका टिकट काटा नहीं गया। चेन्नई हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बात करते हुए अन्नामलाई ने भाजपा नेतृत्व का आभार जताया कि उन्होंने उनके फैसले का सम्मान किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने पहले ही पार्टी आलाकमान को लिखित रूप में सूचित कर दिया था कि वे किसी भी निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव नहीं लड़ेंगे, बल्कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के लिए प्रचार अभियान में जुटेंगे।

पूरी तरह से पार्टी के प्रचार पर करेंगे फोकस

अन्नामलाई ने साफ तौर पर कहा है कि वह चुनावी मैदान में नहीं उतरेंगे और पूरी तरह से पार्टी के प्रचार पर फोकस करेंगे। अन्नामलाई ने कहा कि अगर वह चाहते, तो तमिलनाडु की किसी भी सीट से चुनाव लड़ सकते थे, लेकिन उन्होंने संगठन को मजबूत करने और उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार करने का रास्ता चुना। अन्नामलाई ने कहा कि वह न तो उम्मीदवारों की सूची में थे और न ही चुनाव लड़ने की दौड़ में।

पुडुचेरी-केरल और तमिलनाडु में प्रचार की मिली जिम्मेदारी

तमिलनाडु भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि पार्टी ने उन्हें 7 अप्रैल तक पुडुचेरी और केरल में, और उसके बाद 23 अप्रैल तक तमिलनाडु में प्रचार की जिम्मेदारी दी है। अन्नामलाई ने कहा- ‘एक कार्यकर्ता के तौर पर, मेरी भूमिका पूरे राज्य में एनडीए प्रत्याशियों के लिए प्रचार करना है और मैं इसे पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाऊंगा।’ अन्नामलाई ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने अपने फैसले की जानकारी पहले ही केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, बीजेपी महासचिव बीएल संतोष और पार्टी नेतृत्व को दे दी थी।

कोर कमेटी की बैठक में शामिल

भाजपा ने अन्नामलाई को आज राज्य कोर कमेटी की बंद कमरे में होने वाली बैठक में शामिल होने के लिए बुलाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली बैठक में आगामी चुनावी रणनीति पर चर्चा की जाएगी।

24 घंटे में ईरान ने अमेरिकी खेमे में मचाई खलबली, दो लड़ाकू विमान-हेलीकॉप्टर को बनाया निशाना

#irandownsusfighterjetsblackhawksattackedin_escalation

ईरान और अमेरिका-इजरायल युद्ध में हर दिन हमले तेज हो रहे हैं। ईरान के साथ करीब पांच सप्ताह से चल रहे संघर्ष के बीच अमेरिका को बड़ा झटका लगा है। एक ही दिन में ईरान द्वारा दो अमेरिकी लड़ाकू विमानों के गिराए जाने की घटना ने पश्चिम एशिया में संकट को और गहरा दिया है।

अमेरिका ने पिछले 24 घंटे में अपन दो फाइटर जेट और दो हेलीकॉप्टर खो दिए हैं। जबकि उसके एफ-15 लड़ाकू विमान का पायलट अभी भी लापता है। ईरान के अंदर उसकी तलाश में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं।

ईरान ने खुजेस्तान में F-15E स्ट्राइक ईगल को मार गिराया

शुक्रवार को ईरान ने एक अमेरिकी F-15E स्ट्राइक ईगल को निशाना बनाया। ईरान ने अपने खुजेस्तान प्रांत F-15E स्ट्राइक ईगल को मार गिराया। इस घटना में विमान के दो चालक दल सदस्यों में से एक को बचा लिया गया है, जबकि दूसरा अब भी लापता है। चालक की तलाश के लिए ईरान ने इनाम की घोषणा की है।

कुवैत के ऊपर अमेरिकी A-10 को बनाया निशाना

एक दूसरी घटना में ईरान ने कुवैत के ऊपर उड़ान भर रहे अमेरिकी A-10 वारथॉग अटैक एयरक्राफ्ट को निशाना बनाया। ईरान ने अमेरिका के दो A-10 वॉरथॉग विमानों पर हमला किया था जिनमें से एक विमान समंदर में जा गिरा। इस विमान के पायलट को भी बचा लिया गया है। दूसरा विमान एक इंजन के सहारे बेस पर लौटने में कामयाब रहा।

बचाव मिशन पर भी हमला

F-15E लड़ाकू विमान के लापता पायलट का पता लगाने के प्रयास बेहद खतरनाक साबित हुए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक खोज और बचाव मिशन के लिए ईरानी क्षेत्र में घुसे दो अमेरिकी ब्लैकहॉक हेलीकॉप्टरों पर भी गोलाबारी हुई। हालांकि वे ईरानी हवाई क्षेत्र से सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे। इस मिशन में एक पायलट को रेस्क्यू कर लिया गया था। आशंका जताई गई है कि ये दो हेलीकॉप्टर भी क्षतिग्रस्त हुए हैं।

Holistic Medicine Conference 2026 में शामिल होंगे रायपुर के डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी

रायपुर- छत्तीसगढ़ के प्रख्यात होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक अहम अवसर मिला है। उन्हें लंदन में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित Holistic Medicine Conference 2026 में विशेष आमंत्रित प्रतिनिधि के रूप में आमंत्रण प्राप्त हुआ है।

यह सम्मेलन 10 अप्रैल को लंदन के Houses of Parliament तथा 13 अप्रैल को University of Oxford में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में विभिन्न देशों के नीति-निर्माता, सांसद, चिकित्सक और स्वास्थ्य विशेषज्ञ शामिल होकर समग्र चिकित्सा पद्धतियों पर मंथन करेंगे। इस दौरान देश के जाने-माने होम्योपैथी विशेषज्ञ डॉ. नीतीश दूबे सहित कई प्रमुख हस्तियां भी मौजूद रहेंगी।

संघर्ष से सफलता तक का सफर

डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी ने अपने करियर की शुरुआत एक छोटे से क्लिनिक से की थी और आज वे अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच चुके हैं। अपनी मेहनत और समर्पण के बल पर उन्होंने होम्योपैथी को समाज में नई पहचान दिलाई और हजारों मरीजों का सफल उपचार कर लोगों का भरोसा जीता।

कोरोना काल में निभाई अहम भूमिका

कोविड-19 महामारी के दौरान जब स्वास्थ्य सेवाएं दबाव में थीं, उस समय डॉ. त्रिवेदी ने निरंतर मरीजों की सेवा की। उन्होंने होम्योपैथी के माध्यम से लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिसकी समाज में व्यापक सराहना हुई।

वैश्विक मंच पर रखेंगे भारत का दृष्टिकोण

इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में डॉ. त्रिवेदी होम्योपैथी की उपयोगिता, प्रभाव और भारत में इसके महत्व को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करेंगे। उनकी यह उपलब्धि न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और देश के लिए गर्व का विषय है।

प्रदेश के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि

डॉ. त्रिवेदी की सफलता यह साबित करती है कि छोटे शहरों से निकलकर भी वैश्विक पहचान बनाई जा सकती है। उनकी यह उपलब्धि युवाओं और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही

भारत की समुद्री ताकत में इजाफा, सबमरीन अरिदमन और INS तारागिरी नेवी में शामिल

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भारत अपनी समुद्री ताकत में लगातार इजाफा करने की कोशिश में जुटा है। आज जब दुनिया में तनाव बढ़ रहा है तब भारत ने दिखा दिया है कि वह सिर्फ जमीन या आसमान से ही नहीं, बल्कि समुद्र की गहराई से भी जवाब देने में सक्षम है। भारत की समुद्री सुरक्षा को अभेद्य बनाने की दिशा में शुक्रवार को एक नया अध्याय जुड़ गया है।

भारत की समुद्री ताकत कई गुना बढ़ी

विशाखापत्तनम में आज दो बड़ी ताकतें एक साथ भारतीय नौसेना में शामिल हुईं परमाणु पनडुब्बी आईएनएस अरिदमन और स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस तारागिरी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विशाखापट्टनम स्थित नेवल डॉकयार्ड में स्वदेशी अत्याधुनिक स्टील्थ फ्रिगेट तारागिरी और आईएनएस अरिदमन को नौसेना में शामिल कराया। एक समंदर की गहराई में छिपकर दुश्मन को तबाह करने की क्षमता रखती है, तो दूसरी सतह पर तेज रफ्तार और आधुनिक हथियारों के साथ हर खतरे से निपटने को तैयार है। इन दोनों की तैनाती से भारत की समुद्री ताकत कई गुना बढ़ गई है और अब दुश्मन के लिए हर दिशा से खतरा तय माना जा रहा है।

क्या हैं INS अरिदमन की खूबियां

-INS अरिदमन अरिहंत-श्रेणी की तीसरी SSBN पनडुब्बी है, जिसे भारत के उन्नत प्रौद्योगिकी वेसेल (ATV) प्रोजेक्ट के तहत विकसित किया गया है।

-यह पनडुब्बी समुद्र से परमाणु हमले की क्षमता प्रदान करती है, जो भारत की ‘पहले इस्तेमाल नहीं’ (No-First-Use) नीति के तहत प्रहार क्षमता को मजबूत बनाती है।

-यह 90% से अधिक स्वदेशी तकनीक से निर्मित है, जिसमें इसका परमाणु रिएक्टर भी शामिल है। इसे विशाखापट्टनम स्थित शिप बिल्डिंग सेंटर ने विकसित किया है।

- अरिदमन की सबसे बड़ी खासियत इसकी मारक क्षमता है। इसमें 8 वर्टिकल लॉन्च ट्यूब हैं, जो लंबी दूरी की K-4 मिसाइल या अधिक संख्या में K-15 मिसाइल ले जा सकती हैं। यह पनडुब्बी समुद्र की गहराई में छिपकर किसी भी समय जवाबी परमाणु हमला करने की क्षमता रखती है, इसे ‘सेकंड स्ट्राइक कैपेबिलिटी’ कहा जाता है।

तारागिरी में क्या है खास

-‘प्रोजेक्ट 17A’ के तहत चौथे प्लेटफॉर्म के रूप में तारागिरी 6,670 टन का युद्धपोत है, जिसे मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड, मुंबई द्वारा बनाया गया है, जो उन्नत डिजाइन और इंजीनियरिंग उत्कृष्टता को प्रदर्शित करता है।

-इस युद्धपोत की बनावट अधिक स्लिम है, जिससे इसका रडार पर दिखाई देने वाला आकार बहुत कम हो जाता है और यह जटिल समुद्री परिस्थितियों में अधिक सुरक्षित रहने में सक्षम है।

-यह पोत 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री से निर्मित है और भारत के घरेलू रक्षा तंत्र की परिपक्वता को दर्शाता है, जिसमें 200 से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) शामिल हैं और हजारों लोगों को रोजगार मिलता है।

-तारागिरी में संयुक्त डीजल या गैस प्रणोदन प्रणाली लगी है, जो इसे उच्च गति और लंबी दूरी तक संचालन की क्षमता प्रदान करती है।

-यह युद्धपोत अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों से लैस है, जिनमें सुपरसोनिक सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें, मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें और विशेष पनडुब्बी रोधी युद्ध प्रणाली शामिल हैं। इन सभी को आधुनिक युद्ध प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से जोड़ा गया है, जिससे उभरते खतरों का तेजी और सटीकता से सामना किया जा सकता है।

-युद्धक भूमिका के अलावा तारागिरी को मानवीय सहायता और आपदा राहत कार्यों के लिए भी डिजाइन किया गया है, जिससे शांति और संघर्ष दोनों स्थितियों में इसकी उपयोगिता बढ़ जाती है।

राँची उपायुक्त का कड़ा रुख: लापरवाही पर अधिकारियों को फटकार, 48 घंटे में शोकॉज के निर्देश

राँची समाहरणालय में आयोजित जनता दरबार में उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने जन समस्याओं की सुनवाई की। इस दौरान कार्यों में शिथिलता और लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए गए।

जनता दरबार के मुख्य फैसले और सख्त कार्रवाई

उपायुक्त ने विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए निम्नलिखित निर्देश जारी किए:

नगड़ी अंचल पर गिरी गाज: एक ही प्लॉट पर म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) को लेकर विरोधाभासी निर्णय लेने पर संबंधित कर्मचारी को 48 घंटे के भीतर शोकॉज और आरोप पत्र गठित करने का आदेश दिया गया। साथ ही, म्यूटेशन आवेदन लंबित रखने पर CO, CI और कर्मचारी तीनों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।

धोखाधड़ी करने वाले शिक्षक पर कार्रवाई: मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति के नाम पर फर्जी खाता खोलकर संपत्ति हड़पने के आरोपी एक सरकारी शिक्षक के वेतन पर रोक लगाने और जांच के निर्देश दिए गए हैं।

शिक्षा विभाग को निर्देश: एक प्रतिष्ठित स्कूल द्वारा छात्र को रिपोर्ट कार्ड के बजाय टीसी (TC) थमाने के मामले में जिला शिक्षा पदाधिकारी को छात्र का भविष्य सुनिश्चित करने और स्कूल पर कार्रवाई का निर्देश दिया गया।

बुजुर्गों और महिलाओं को राहत: आधार सीडिंग की समस्या के कारण रुकी हुई पेंशन का समाधान करने के लिए बैंक को निर्देश दिए गए। साथ ही 'मंईयां सम्मान योजना' के वंचित लाभुकों की समस्याओं के निस्तारण हेतु सामाजिक सुरक्षा विभाग को सक्रिय किया गया।

सोशल मीडिया और समाचार के लिए बेहतरीन हेडलाइंस (Headings)

यहाँ कुछ प्रभावशाली हेडलाइंस दी गई हैं जो आप अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स या न्यूज़ बुलेटिन के लिए उपयोग कर सकते हैं:

सख्त और प्रशासनिक (Administrative Focus)

डीसी राँची का एक्शन मोड: नगड़ी अंचल के लापरवाह कर्मियों पर 48 घंटे में गिरेगी गाज!

म्यूटेशन में खेल करने वालों की खैर नहीं, उपायुक्त ने CO और CI से मांगा स्पष्टीकरण।

जनता दरबार में बरसीं गाज: लापरवाही पर अधिकारियों को शोकॉज, आरोपी शिक्षक का वेतन रोका।

जनता से जुड़ी और राहत वाली (Public Focus)

राँची जनता दरबार: अबुआ साथी व्हाट्सएप और डीसी की चौखट पर मिला शिकायतों का तुरंत समाधान।

स्कूल की मनमानी और पेंशन की समस्या? डीसी मंजूनाथ भजन्त्री ने मौके पर ही दिए समाधान के आदेश।

भोलाराम को मिलेगी पेंशन, छात्रा को अनुकंपा का भरोसा—राँची डीसी ने सुनीं जनता की फरियाद।

शॉर्ट और क्रिस्पी (Short & Catchy)

राँची अपडेट: लापरवाह अफसरों पर डीसी का हंटर!

दाखिल-खारिज में देरी? राँची उपायुक्त ने लगाई अधिकारियों की क्लास।

डीसी राँची का आदेश: काम में कोताही बर्दाश्त नहीं, तुरंत होगा एक्शन।

मुंबई में अत्याधुनिक नेत्र चिकित्सा सेवा की नई शुरुआत
मुंबई। चेंबूर (पूर्व) में तेजस नेत्रालय का शुभारंभ वरिष्ठ आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली के करकमलों द्वारा संपन्न हुआ। यह नेत्रालय डॉ. नम्रता काब्रा (MBBS, MS, FIOF–USA, FAICO–Cornea) के नेतृत्व में प्रारंभ किया गया है। उन्हें 20 वर्षों से अधिक का अनुभव है तथा उन्होंने 20,000 से अधिक सफल नेत्र शल्यक्रियाएँ की हैं। उनकी विशेषज्ञता और मरीज-केंद्रित दृष्टिकोण इस केंद्र की विशेष पहचान है। तेजस नेत्रालय का उद्देश्य अत्याधुनिक तकनीक, नैतिक मूल्यों और संवेदनशील सेवा भाव के साथ समाज को उन्नत, सुलभ और किफायती नेत्र चिकित्सा सेवाएँ प्रदान करना है।उद्घाटन समारोह में उपस्थित मान्यवरों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि नेत्र चिकित्सा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं की आज विशेष आवश्यकता है। तेजस नेत्रालय समर्पण, उत्कृष्टता और विश्वास के साथ व्यापक एवं मरीज-केंद्रित नेत्र सेवाएँ प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
एस जयशंकर ने ईरान, यूएई और कतर से की बात, पश्चिम एशिया के हालात पर हुई चर्चा

#sjaishankarspoketoqataruaeirandiscussedmiddleeastsituation

अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के चलते पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने रविवार शाम को कतर और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के अपने समकक्षों के साथ टेलीफोन पर बातचीत की और क्षेत्र के बिगड़ते सुरक्षा हालातों पर चर्चा की। कतर और यूएई के नेताओं से बात करने के तुरंत बाद, भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची का फोन आया। 

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जसीम अल थानी से पश्चिम एशिया संघर्ष और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर उसके असर को लेकर रविवार को चर्चा की। विदेश मंत्री ने संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान से भी फोन पर बातचीत की।

युद्ध और तनाव पर पर चर्चा

विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस बातचीत की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री के साथ क्षेत्र में चल रहे युद्ध और तनाव पर विचार साझा किए गए। इसके बाद जयशंकर ने यूएई के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान से संपर्क किया। उन्होंने पश्चिम एशिया की उभरती स्थिति पर विस्तार से चर्चा की।

ईरान के विदेश मंत्री का आया फोन

इसी कड़ी में ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरघची ने भी डॉ. जयशंकर को फोन किया। भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया पर यह बताया है कि उनके पास ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची का फोन आया। दोनों नेताओं ने वेस्ट एशिया में चल रही टेंशन को लेकर लंबी बातचीत की।

ट्रंप की चेतावनी के बीच बढ़ी हलचल

ईरान के विदेश मंत्री, कतर के प्रधानमंत्री और संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्री से जयशंकर की फोन पर बातचीत ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को दी गई हालिया चेतावनी के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि होर्मुज स्ट्रेट को नौवहन के लिए फिर से नहीं खोला गया तो ईरान के बिजली संयंत्रों और पुलों को नष्ट कर दिया जाएगा।

जहानाबाद के कनौदी में ईस्टर पर्व पर उमड़ी आस्था, प्रार्थना सभा में दिखी सामाजिक एकता
जहानाबाद के कनौदी स्थित गुड न्यूज़ प्रार्थना सभा में Easter का पर्व श्रद्धा, उल्लास और गहरी आस्था के साथ मनाया गया। इस अवसर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हुए और Jesus Christ को याद करते हुए विशेष प्रार्थना की। प्रार्थना सभा के दौरान पूरे परिसर में भक्ति, शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का वातावरण देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने परंपरानुसार अंगूर का जूस और ब्रेड ग्रहण कर प्रभु यीशु के बलिदान और उनके पुनर्जीवन (रिज़रेक्शन) को स्मरण किया। आयोजकों ने बताया कि यह परंपरा सदियों पुरानी है, जिसे आज भी पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ निभाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यीशु मसीह को मानवता के कल्याण और प्रेम का संदेश देने के कारण क्रूस पर चढ़ाया गया था। लेकिन उनकी मृत्यु के तीसरे दिन वे पुनर्जीवित हुए, जिसे ईस्टर के रूप में मनाया जाता है। यह दिन बुराई पर अच्छाई, निराशा पर आशा और मृत्यु पर जीवन की जीत का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि पुनर्जीवन के बाद यीशु 40 दिनों तक अपने अनुयायियों के बीच रहे और उन्हें प्रेम, क्षमा और सेवा का संदेश देकर स्वर्ग चले गए। इस अवसर पर पास्टर कमलेश कुमार ने कहा कि यह प्रार्थना स्थल सभी धर्मों और वर्गों के लोगों के लिए खुला है। उन्होंने कहा, “यहां कोई भेदभाव नहीं है, हर व्यक्ति अपनी आस्था के अनुसार ईश्वर से प्रार्थना कर सकता है। हमारा उद्देश्य समाज में शांति, प्रेम और भाईचारा स्थापित करना है।” उन्होंने आगे कहा कि प्रार्थना के दौरान कई लोग भावुक हो जाते हैं और उनकी आंखों से आंसू निकल आते हैं। यह आंसू मन की शुद्धता, आत्मिक शांति और ईश्वर के प्रति गहरे विश्वास का प्रतीक होते हैं। कार्यक्रम में शामिल श्रद्धालुओं ने बताया कि ईस्टर का पर्व उन्हें जीवन में सकारात्मकता, क्षमा और एक-दूसरे के प्रति प्रेम का संदेश देता है। कुल मिलाकर, यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता, सद्भाव और मानवीय मूल्यों की एक सशक्त मिसाल भी प्रस्तुत करता नजर आया।
जहानाबाद के कनौदी में ईस्टर पर्व पर उमड़ी आस्था, प्रार्थना सभा में दिखी सामाजिक एकता
जहानाबाद के कनौदी स्थित गुड न्यूज़ प्रार्थना सभा में Easter का पर्व श्रद्धा, उल्लास और गहरी आस्था के साथ मनाया गया। इस अवसर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हुए और Jesus Christ को याद करते हुए विशेष प्रार्थना की। प्रार्थना सभा के दौरान पूरे परिसर में भक्ति, शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का वातावरण देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने परंपरानुसार अंगूर का जूस और ब्रेड ग्रहण कर प्रभु यीशु के बलिदान और उनके पुनर्जीवन (रिज़रेक्शन) को स्मरण किया। आयोजकों ने बताया कि यह परंपरा सदियों पुरानी है, जिसे आज भी पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ निभाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यीशु मसीह को मानवता के कल्याण और प्रेम का संदेश देने के कारण क्रूस पर चढ़ाया गया था। लेकिन उनकी मृत्यु के तीसरे दिन वे पुनर्जीवित हुए, जिसे ईस्टर के रूप में मनाया जाता है। यह दिन बुराई पर अच्छाई, निराशा पर आशा और मृत्यु पर जीवन की जीत का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि पुनर्जीवन के बाद यीशु 40 दिनों तक अपने अनुयायियों के बीच रहे और उन्हें प्रेम, क्षमा और सेवा का संदेश देकर स्वर्ग चले गए। इस अवसर पर पास्टर कमलेश कुमार ने कहा कि यह प्रार्थना स्थल सभी धर्मों और वर्गों के लोगों के लिए खुला है। उन्होंने कहा, “यहां कोई भेदभाव नहीं है, हर व्यक्ति अपनी आस्था के अनुसार ईश्वर से प्रार्थना कर सकता है। हमारा उद्देश्य समाज में शांति, प्रेम और भाईचारा स्थापित करना है।” उन्होंने आगे कहा कि प्रार्थना के दौरान कई लोग भावुक हो जाते हैं और उनकी आंखों से आंसू निकल आते हैं। यह आंसू मन की शुद्धता, आत्मिक शांति और ईश्वर के प्रति गहरे विश्वास का प्रतीक होते हैं। कार्यक्रम में शामिल श्रद्धालुओं ने बताया कि ईस्टर का पर्व उन्हें जीवन में सकारात्मकता, क्षमा और एक-दूसरे के प्रति प्रेम का संदेश देता है। कुल मिलाकर, यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता, सद्भाव और मानवीय मूल्यों की एक सशक्त मिसाल भी प्रस्तुत करता नजर आया।
साइट फॉर ऑल कॉन्क्लेव 2026” में जुटे देशभर के नेत्र-विशेषज्ञ


ग्रामीण भारत में नेत्र-चिकित्सा की पहुँच बढ़ाने पर मंथन गरीबों के लिए निःशुल्क रीडिंग चश्मा वितरण हेतु Restoring Vision, USA के साथ एमओयू अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल, मस्तीचक स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस परिसर में रविवार को “साइट फॉर ऑल कॉन्क्लेव 2026” का आयोजन किया गया। इस राष्ट्रीय स्तर के कॉन्क्लेव का आयोजन अखंड ज्योति इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिटी ऑप्थैल्मोलॉजी (AJICO) द्वारा किया गया। इसमें देश के विभिन्न भागों से आए नेत्र-विशेषज्ञ, नेत्र-अस्पतालों के प्रमुख विशेषज्ञों ने भाग लिया। इसमें 30 से अधिक नेत्र संस्थानों के 300 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हुए। इस कॉन्क्लेव का विषय था- “कम्युनिटी केयर ऐज़ मार्केट इंटेलिजेंस: एन्हैंसिंग पेशेंट एक्विज़िशन इन आई केयर सिस्टम”। इस कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य यह समझना था कि ग्रामीण और वंचित समुदायों में नेत्र-स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता कैसे बढ़ाई जाए, लोगों में समय पर इलाज कराने की प्रवृत्ति कैसे विकसित की जाए और उन्हें सुलभ, गुणवत्तापूर्ण एवं किफायती नेत्र-चिकित्सा सेवाओं से बेहतर ढंग से कैसे जोड़ा जाए। कार्यक्रम में एम्स नई दिल्ली, शंकर नेत्रालय, अरविंद आई केयर सिस्टम, संकरा आई फाउंडेशन इंडिया, सीतापुर आई हॉस्पिटल तथा अन्य अनेक अग्रणी नेत्र-संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल थे। इनमें कॉन्क्लेव में उपस्थित प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों में डॉ. राजवर्धन आज़ाद- चेयरमैन, क्लिनिकल एंड रिसर्च एडवाइजरी बोर्ड, अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल, प्रो. जी.वी.एस. मूर्ति- प्रेसिडेंट, PRASHO Foundation; श्री थुल्सीराज रविल्ला- डायरेक्टर-ऑपरेशंस, अरविंद आई केयर सिस्टम एवं एडवाइज़र-LAICO; डॉ. पार्थ बिस्वास- इमीडिएट पास्ट प्रेसिडेंट, AIOS; कर्नल डॉ. मधु भदौरिया- डायरेक्टर एवं चीफ मेडिकल ऑफिसर, सीतापुर आई हॉस्पिटल; डॉ. कौशिक मुरली- प्रेसिडेंट मेडिकल एडमिनिस्ट्रेशन, क्वालिटी एवं एजुकेशन, संकरा आई फाउंडेशन इंडिया; डॉ. प्रवीण वशिष्ठ- प्रोफेसर एवं ऑफिसर-इन-चार्ज, कम्युनिटी ऑप्थैल्मोलॉजी, डॉ. आर.पी. सेंटर, एम्स; डॉ. आर.आर. सुधीर- हेड, प्रिवेंटिव ऑप्थैल्मोलॉजी, शंकर नेत्रालय समेत कई शामिल रहे। Restoring Vision, USA के साथ हुआ एमओयू इस अवसर पर Restoring Vision, USA और और अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गये। अखंड ज्योति की ओर से मेडिकल डायरेक्टर डॉ. अजीत पोद्दार और Restoring Vision, USA की ओर से सीईओ इयान राॅजर्स के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। एमओयू के तहत बिहार के गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क रीडिंग चश्मों का वितरण करने में सहयोग दिया जाएगा। यह पहल विशेष रूप से उन लोगों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होगी जो उम्र बढ़ने के साथ निकट दृष्टि संबंधी समस्या से जूझते हैं, लेकिन आर्थिक या भौगोलिक कारणों से समय पर चश्मा नहीं प्राप्त कर पाते। यह समझौता बिहार में रिफ्रैक्टिव एरर और निकट दृष्टि समस्या से पीड़ित गरीब जनता के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। समुदाय में जाकर जागरूकता और काम करने की जरूरत कॉन्क्लेव में विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि नेत्र-सेवा प्रणाली को केवल अस्पताल तक सीमित नहीं रखा जा सकता। यदि लोगों को समय पर उपचार दिलाना है तो अस्पतालों और संस्थानों को समुदाय के बीच जाकर काम करना होगा, जागरूकता फैलानी होगी, लोगों की झिझक और डर कम करना होगा और उन्हें यह समझाना होगा कि समय पर जाँच और उपचार से अंधत्व एवं दृष्टिबाधा की गंभीरता को काफी हद तक कम किया जा सकता है। विशेषज्ञों ने इस बात पर भी जोर दिया कि रोगी जागरूकता और हेल्थ सीकिंग बिहेवियर को बढ़ाना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है, विशेषकर ग्रामीण बिहार जैसे क्षेत्रों में, जहाँ बड़ी संख्या में लोग केवल जानकारी के अभाव, दूरी, डर, या आर्थिक आशंका के कारण समय पर अस्पताल तक नहीं पहुँच पाते।
बीजेपी ने तमिलनाडु में अन्नामलाई को क्यों नहीं उतारा? खुद दिया जवाब

#annamalainotcontestingtnelectionsfocuseson_campaign

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने अपनी लिस्ट जारी कर दी है। बीजेपी ओर से जारी 27 उम्मीदवारों की लिस्ट में कद्दावर नेता के. अन्नामलाई का नाम नहीं है। के. अन्नामलाई राज्य में बीजेपी के सबसे बड़े चेहरे हैं। ऐसे में चर्चा हो रही है कि क्या बीजेपी ने अन्नामलाई को साइडलाइन कर दिया है। इन चर्चाओं पर अन्नामलाई ने खुद विराम लगाया है।

अन्नामलाई बोले-उनका टिकट काटा नहीं गया

अन्नामलाई ने कहा कि उन्होंने खुद ही चुनाव न लड़ने का फैसला किया था, उनका टिकट काटा नहीं गया। चेन्नई हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बात करते हुए अन्नामलाई ने भाजपा नेतृत्व का आभार जताया कि उन्होंने उनके फैसले का सम्मान किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने पहले ही पार्टी आलाकमान को लिखित रूप में सूचित कर दिया था कि वे किसी भी निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव नहीं लड़ेंगे, बल्कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के लिए प्रचार अभियान में जुटेंगे।

पूरी तरह से पार्टी के प्रचार पर करेंगे फोकस

अन्नामलाई ने साफ तौर पर कहा है कि वह चुनावी मैदान में नहीं उतरेंगे और पूरी तरह से पार्टी के प्रचार पर फोकस करेंगे। अन्नामलाई ने कहा कि अगर वह चाहते, तो तमिलनाडु की किसी भी सीट से चुनाव लड़ सकते थे, लेकिन उन्होंने संगठन को मजबूत करने और उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार करने का रास्ता चुना। अन्नामलाई ने कहा कि वह न तो उम्मीदवारों की सूची में थे और न ही चुनाव लड़ने की दौड़ में।

पुडुचेरी-केरल और तमिलनाडु में प्रचार की मिली जिम्मेदारी

तमिलनाडु भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि पार्टी ने उन्हें 7 अप्रैल तक पुडुचेरी और केरल में, और उसके बाद 23 अप्रैल तक तमिलनाडु में प्रचार की जिम्मेदारी दी है। अन्नामलाई ने कहा- ‘एक कार्यकर्ता के तौर पर, मेरी भूमिका पूरे राज्य में एनडीए प्रत्याशियों के लिए प्रचार करना है और मैं इसे पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाऊंगा।’ अन्नामलाई ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने अपने फैसले की जानकारी पहले ही केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, बीजेपी महासचिव बीएल संतोष और पार्टी नेतृत्व को दे दी थी।

कोर कमेटी की बैठक में शामिल

भाजपा ने अन्नामलाई को आज राज्य कोर कमेटी की बंद कमरे में होने वाली बैठक में शामिल होने के लिए बुलाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली बैठक में आगामी चुनावी रणनीति पर चर्चा की जाएगी।

24 घंटे में ईरान ने अमेरिकी खेमे में मचाई खलबली, दो लड़ाकू विमान-हेलीकॉप्टर को बनाया निशाना

#irandownsusfighterjetsblackhawksattackedin_escalation

ईरान और अमेरिका-इजरायल युद्ध में हर दिन हमले तेज हो रहे हैं। ईरान के साथ करीब पांच सप्ताह से चल रहे संघर्ष के बीच अमेरिका को बड़ा झटका लगा है। एक ही दिन में ईरान द्वारा दो अमेरिकी लड़ाकू विमानों के गिराए जाने की घटना ने पश्चिम एशिया में संकट को और गहरा दिया है।

अमेरिका ने पिछले 24 घंटे में अपन दो फाइटर जेट और दो हेलीकॉप्टर खो दिए हैं। जबकि उसके एफ-15 लड़ाकू विमान का पायलट अभी भी लापता है। ईरान के अंदर उसकी तलाश में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं।

ईरान ने खुजेस्तान में F-15E स्ट्राइक ईगल को मार गिराया

शुक्रवार को ईरान ने एक अमेरिकी F-15E स्ट्राइक ईगल को निशाना बनाया। ईरान ने अपने खुजेस्तान प्रांत F-15E स्ट्राइक ईगल को मार गिराया। इस घटना में विमान के दो चालक दल सदस्यों में से एक को बचा लिया गया है, जबकि दूसरा अब भी लापता है। चालक की तलाश के लिए ईरान ने इनाम की घोषणा की है।

कुवैत के ऊपर अमेरिकी A-10 को बनाया निशाना

एक दूसरी घटना में ईरान ने कुवैत के ऊपर उड़ान भर रहे अमेरिकी A-10 वारथॉग अटैक एयरक्राफ्ट को निशाना बनाया। ईरान ने अमेरिका के दो A-10 वॉरथॉग विमानों पर हमला किया था जिनमें से एक विमान समंदर में जा गिरा। इस विमान के पायलट को भी बचा लिया गया है। दूसरा विमान एक इंजन के सहारे बेस पर लौटने में कामयाब रहा।

बचाव मिशन पर भी हमला

F-15E लड़ाकू विमान के लापता पायलट का पता लगाने के प्रयास बेहद खतरनाक साबित हुए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक खोज और बचाव मिशन के लिए ईरानी क्षेत्र में घुसे दो अमेरिकी ब्लैकहॉक हेलीकॉप्टरों पर भी गोलाबारी हुई। हालांकि वे ईरानी हवाई क्षेत्र से सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे। इस मिशन में एक पायलट को रेस्क्यू कर लिया गया था। आशंका जताई गई है कि ये दो हेलीकॉप्टर भी क्षतिग्रस्त हुए हैं।

Holistic Medicine Conference 2026 में शामिल होंगे रायपुर के डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी

रायपुर- छत्तीसगढ़ के प्रख्यात होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक अहम अवसर मिला है। उन्हें लंदन में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित Holistic Medicine Conference 2026 में विशेष आमंत्रित प्रतिनिधि के रूप में आमंत्रण प्राप्त हुआ है।

यह सम्मेलन 10 अप्रैल को लंदन के Houses of Parliament तथा 13 अप्रैल को University of Oxford में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में विभिन्न देशों के नीति-निर्माता, सांसद, चिकित्सक और स्वास्थ्य विशेषज्ञ शामिल होकर समग्र चिकित्सा पद्धतियों पर मंथन करेंगे। इस दौरान देश के जाने-माने होम्योपैथी विशेषज्ञ डॉ. नीतीश दूबे सहित कई प्रमुख हस्तियां भी मौजूद रहेंगी।

संघर्ष से सफलता तक का सफर

डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी ने अपने करियर की शुरुआत एक छोटे से क्लिनिक से की थी और आज वे अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच चुके हैं। अपनी मेहनत और समर्पण के बल पर उन्होंने होम्योपैथी को समाज में नई पहचान दिलाई और हजारों मरीजों का सफल उपचार कर लोगों का भरोसा जीता।

कोरोना काल में निभाई अहम भूमिका

कोविड-19 महामारी के दौरान जब स्वास्थ्य सेवाएं दबाव में थीं, उस समय डॉ. त्रिवेदी ने निरंतर मरीजों की सेवा की। उन्होंने होम्योपैथी के माध्यम से लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिसकी समाज में व्यापक सराहना हुई।

वैश्विक मंच पर रखेंगे भारत का दृष्टिकोण

इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में डॉ. त्रिवेदी होम्योपैथी की उपयोगिता, प्रभाव और भारत में इसके महत्व को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करेंगे। उनकी यह उपलब्धि न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और देश के लिए गर्व का विषय है।

प्रदेश के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि

डॉ. त्रिवेदी की सफलता यह साबित करती है कि छोटे शहरों से निकलकर भी वैश्विक पहचान बनाई जा सकती है। उनकी यह उपलब्धि युवाओं और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही

भारत की समुद्री ताकत में इजाफा, सबमरीन अरिदमन और INS तारागिरी नेवी में शामिल

#indianuclearsubmarinearidhamanandinstaragiricommissionednavy

भारत अपनी समुद्री ताकत में लगातार इजाफा करने की कोशिश में जुटा है। आज जब दुनिया में तनाव बढ़ रहा है तब भारत ने दिखा दिया है कि वह सिर्फ जमीन या आसमान से ही नहीं, बल्कि समुद्र की गहराई से भी जवाब देने में सक्षम है। भारत की समुद्री सुरक्षा को अभेद्य बनाने की दिशा में शुक्रवार को एक नया अध्याय जुड़ गया है।

भारत की समुद्री ताकत कई गुना बढ़ी

विशाखापत्तनम में आज दो बड़ी ताकतें एक साथ भारतीय नौसेना में शामिल हुईं परमाणु पनडुब्बी आईएनएस अरिदमन और स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस तारागिरी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विशाखापट्टनम स्थित नेवल डॉकयार्ड में स्वदेशी अत्याधुनिक स्टील्थ फ्रिगेट तारागिरी और आईएनएस अरिदमन को नौसेना में शामिल कराया। एक समंदर की गहराई में छिपकर दुश्मन को तबाह करने की क्षमता रखती है, तो दूसरी सतह पर तेज रफ्तार और आधुनिक हथियारों के साथ हर खतरे से निपटने को तैयार है। इन दोनों की तैनाती से भारत की समुद्री ताकत कई गुना बढ़ गई है और अब दुश्मन के लिए हर दिशा से खतरा तय माना जा रहा है।

क्या हैं INS अरिदमन की खूबियां

-INS अरिदमन अरिहंत-श्रेणी की तीसरी SSBN पनडुब्बी है, जिसे भारत के उन्नत प्रौद्योगिकी वेसेल (ATV) प्रोजेक्ट के तहत विकसित किया गया है।

-यह पनडुब्बी समुद्र से परमाणु हमले की क्षमता प्रदान करती है, जो भारत की ‘पहले इस्तेमाल नहीं’ (No-First-Use) नीति के तहत प्रहार क्षमता को मजबूत बनाती है।

-यह 90% से अधिक स्वदेशी तकनीक से निर्मित है, जिसमें इसका परमाणु रिएक्टर भी शामिल है। इसे विशाखापट्टनम स्थित शिप बिल्डिंग सेंटर ने विकसित किया है।

- अरिदमन की सबसे बड़ी खासियत इसकी मारक क्षमता है। इसमें 8 वर्टिकल लॉन्च ट्यूब हैं, जो लंबी दूरी की K-4 मिसाइल या अधिक संख्या में K-15 मिसाइल ले जा सकती हैं। यह पनडुब्बी समुद्र की गहराई में छिपकर किसी भी समय जवाबी परमाणु हमला करने की क्षमता रखती है, इसे ‘सेकंड स्ट्राइक कैपेबिलिटी’ कहा जाता है।

तारागिरी में क्या है खास

-‘प्रोजेक्ट 17A’ के तहत चौथे प्लेटफॉर्म के रूप में तारागिरी 6,670 टन का युद्धपोत है, जिसे मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड, मुंबई द्वारा बनाया गया है, जो उन्नत डिजाइन और इंजीनियरिंग उत्कृष्टता को प्रदर्शित करता है।

-इस युद्धपोत की बनावट अधिक स्लिम है, जिससे इसका रडार पर दिखाई देने वाला आकार बहुत कम हो जाता है और यह जटिल समुद्री परिस्थितियों में अधिक सुरक्षित रहने में सक्षम है।

-यह पोत 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री से निर्मित है और भारत के घरेलू रक्षा तंत्र की परिपक्वता को दर्शाता है, जिसमें 200 से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) शामिल हैं और हजारों लोगों को रोजगार मिलता है।

-तारागिरी में संयुक्त डीजल या गैस प्रणोदन प्रणाली लगी है, जो इसे उच्च गति और लंबी दूरी तक संचालन की क्षमता प्रदान करती है।

-यह युद्धपोत अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों से लैस है, जिनमें सुपरसोनिक सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें, मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें और विशेष पनडुब्बी रोधी युद्ध प्रणाली शामिल हैं। इन सभी को आधुनिक युद्ध प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से जोड़ा गया है, जिससे उभरते खतरों का तेजी और सटीकता से सामना किया जा सकता है।

-युद्धक भूमिका के अलावा तारागिरी को मानवीय सहायता और आपदा राहत कार्यों के लिए भी डिजाइन किया गया है, जिससे शांति और संघर्ष दोनों स्थितियों में इसकी उपयोगिता बढ़ जाती है।