Bangkok, Thailand:Prof. Dr. Prakash Divakaran, Vice-Chancellor of Himalayan University, has been conferred with the Prestigious Indo–Thai Educational Excellence Award in recognition of his iconic leadership and remarkable contribution to higher education.

The award was presented by Asst. Prof. Dr. Thanapon Sarunburana, Vice-Chancellor of Rajapark University, during a distinguished academic gathering in Bangkok. The ceremony brought together leading academicians, administrators, and international delegates from India and Thailand.

The event commenced with a Welcome Address by Dr. J. P. Bhosale, Patron, GRCF, Savitribai Phule Pune University. The Presidential Address was delivered by Prof. Dr. Gowri Ramesh, Registrar of The Tamil Nadu Dr. Ambedkar Law University. Prof. Dr. Prakash Divakaran graced the occasion as Chief Guest and delivered the Inaugural Address.

Among the distinguished dignitaries present were Dr. R. Thippa Reddy, Chairman & Director, Dr. Ambedkar Global Law Institute; Assoc. Prof. Dr. Chaiwat Phuakkhong; Asst. Prof. Dr. Arun Chainit; Dr. Jidapa Thavarit; Dr. Gireesh Kumar J; Dr. Shibu Dharmarajan; Dr. Seema Vijay Medhe; and Ms. Ashsagan Ashghari, Chairman, Phoenix Global Gold Co. Ltd., Bangkok.

The formal Vote of Thanks was proposed by Dr. Cholaraja Mudimannan, Assistant Professor of Law (Senior Scale), University of Delhi.

The award highlights Prof. Dr. Divakaran’s visionary leadership in promoting academic excellence, research innovation, and international collaboration. Under his stewardship, Himalayan University has expanded its global academic partnerships and strengthened its commitment to quality higher education.

The Indo–Thai Educational Excellence Award marks a significant milestone for Himalayan University and reflects the growing academic cooperation between India and Thailand.

क्या है “पैक्स सिलिका” जिसमें आज शामिल होगा भारत, यूएस के साथ एक और डील

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भारत और अमेरिका व्‍यापार समझौते को जल्द ही अंतिम रूप दिया जाने वाला है। ट्रेड डील पर अंतिम साइन से ठीक पहले अमेरिका के टॉप लेवल के अधिकारी भारत पहुंच रहे हैं। अमेरिकी आर्थिक मामलों के अंडर सेक्रेटरी जैकब हेलबर्ग भारत दौरे पर आ रहे हैं। यह दौरा सिर्फ कूटनीतिक औपचारिकता नहीं माना जा रहा बल्कि वैश्विक टेक्नोलॉजी और सप्लाई-चेन की नई राजनीति की ओर इशारा है।

दरअसल, भारत आज औपचारिक रूप से अमेरिका की अगुवाई वाली पहल 'पैक्स सिलिका' में शामिल होने जा रहा है। यह पहल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और सप्लाई चेन (आपूर्ति श्रृंखला) सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बनाई गई है। यह घोषणा दिल्ली में चल रहे ग्लोबल एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान की गई है।

पिछले महीने हुई थी गठबंधन में शामिल होने का घोषणा

अमेरिका ने दिसंबर 2025 में पैक्स सिलिका की शुरूआत की थी। पैक्स सिलिका सम्मेलन 12 दिसंबर को वाशिंगटन में हुआ था, जहां साझेदार देशों ने पैक्स सिलिका घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए थे। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने पिछले महीने नई दिल्ली को रणनीतिक गठबंधन में शामिल होने के लिए आमंत्रित करने की घोषणा की।

घोषणा पर किन देशों ने किया हस्ताक्षर?

इस घोषणा पर हस्ताक्षर करने वाले देशों में ऑस्ट्रेलिया, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन, यूएई, सिंगापुर, इस्राइल, कतर और ग्रीस शामिल हैं। जबकि कनाडा, यूरोपीय संघ, नीदरलैंड्स और ताइवान जैसे देश इसमें भागीदार के रूप में जुड़े हैं।

चीन पर निर्भरता कम करने की रणनीति

कहा जा रहा है कि यह गठबंधन चीन के तकनीकी प्रभुत्व को कम करने के लिए बनाया गया है। ग्लोबल सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन में चीन की बड़ी भूमिका रही है। अब अमेरिका अपने सहयोगियों के साथ नया आर्थिक गठबंधन खड़ा कर रहा है। यह पहल अमेरिका की इंडो-पैसिफिक रणनीति और टेक्नोलॉजी-आधारित साझेदारी मॉडल का हिस्सा मानी जा रही है।

विश्व मानवविज्ञान दिवस पर जनजातीय अध्ययन की प्रासंगिकता पर विशेष व्याख्यान का हुआ आयोजन

रायपुर- पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय की मानवविज्ञान अध्ययनशाला में विश्व मानवविज्ञान दिवस के अवसर पर “जनजातीय अध्ययन एवं इसका मानवशास्त्रीय प्रासंगिकता और मूलभूत परिप्रेक्ष्य” विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डाॅ. टी. के. वैष्णव ने अपने व्याख्यान में कहा कि मानवविज्ञान जनजातीय समुदायों के समग्र अध्ययन के लिए प्रशासनिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। उन्होंने बताया कि मानवशास्त्री जनजातीय समाज के बीच रहकर उनके जीवन के विविध पहलुओं का अनुभवजन्य अध्ययन करते हैं, जिससे उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं और अपेक्षाओं को समझने के साथ-साथ पारंपरिक ज्ञान, औषधीय ज्ञान और पारिस्थितिकीय ज्ञान जैसी महत्वपूर्ण विरासत सामने आती है। उन्होंने यह भी कहा कि जनजातियों को अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल या अपवर्जित करने, नाम संबंधी त्रुटियों के सुधार तथा नृजातीय स्थिति के सत्यापन जैसे प्रशासनिक निर्णयों में मानवविज्ञान की अहम भूमिका रहती है, लेकिन वर्तमान समय में प्रशासनिक क्षेत्रों में इस विषय की अनदेखी चिंता का विषय है।

कार्यक्रम के संयोजक एवं विभागाध्यक्ष प्रो. जितेन्द्र कुमार प्रेमी ने स्वागत उद्बोधन में विश्व मानवविज्ञान दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए वर्ष 2026 की थीम “सेलिब्रेट, इंगेज एवं इंस्पायर” की व्याख्या की। उन्होंने कहा कि इस वर्ष विश्वभर के मानववैज्ञानिक सांस्कृतिक विविधता और मानव ज्ञान को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाने के लिए प्रयासरत रहेंगे। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज विश्व में एक संस्कृति द्वारा दूसरी संस्कृति को कमतर आँकने की प्रवृत्ति बढ़ रही है, जिससे सामाजिक और सांस्कृतिक असंतुलन उत्पन्न हो रहा है। उन्होंने पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण और प्रसार की आवश्यकता पर भी बल दिया। विशिष्ट अतिथि डॉ. आई. सी. अग्रवाल ने जनजातीय अध्ययन में जनगणना आँकड़ों की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ब्रिटिश काल से लेकर आज तक जनजातीय विकास और समस्याओं के समाधान में जनगणना के आँकड़ों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसलिए जनजातीय अध्ययन में इन आँकड़ों का उपयोग अनिवार्य रूप से किया जाना चाहिए।

विभाग के वरिष्ठ प्राध्यापक डाॅ. अशोक प्रधान ने अपने उद्बोधन में कहा कि मानवविज्ञान विषय जनजातीय विकास और प्रशासन के लिए अत्यंत उपयोगी रहा है, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में प्रशासनिक स्तर पर इसके महत्व को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि आँकड़ों और तथ्यों को राजनीतिक सुविधा के अनुसार प्रस्तुत करने की प्रवृत्ति अकादमिक और प्रशासनिक दोनों ही दृष्टि से चिंताजनक है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डाॅ. अरुण कुमार ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में मानवविज्ञान दिवस की आवश्यकता, उद्देश्य और महत्व पर विस्तार से विचार रखते हुए कहा कि मानवविज्ञान जैसे उपयोगी विषय के प्रति समाज में जागरूकता का अभाव मानव प्रगति के साथ-साथ विश्व शांति के लिए भी बाधक है। उन्होंने सांस्कृतिक सापेक्षवाद के सिद्धांत पर जोर देते हुए कहा कि कोई भी संस्कृति अपने आप में न तो उच्च होती है और न निम्न, बल्कि प्रत्येक संस्कृति अपने परिवेश में पूर्ण होती है। इसलिए किसी भी समुदाय की संस्कृति को उसके अपने दृष्टिकोण से समझना आवश्यक है। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शोधार्थियों और संकाय सदस्यों की सक्रिय सहभागिता रही तथा जनजातीय अध्ययन के समसामयिक मुद्दों पर सार्थक चर्चा हुई।

आजमगढ़ : शमसाबाद महुआरा में हुआ मां देवरती शिक्षण संस्थान का शिलान्यास,असहायों की शिक्षा से ही सर्वांगीण विकास : राज मनि यादव
सिद्धेश्वर पाण्डेय
   व्यूरो चीफ
आजमगढ़। फूलपुर तहसील क्षेत्र के  महुवारा शमसाबाद गांव में मां देवरती शिक्षण संस्थान के निर्माण कार्य का शुभारंभ विधिवत शिलान्यास एवं भूमिपूजन के साथ बुधवार को  किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य लोगों एवं ग्रामीणों की उपस्थिति रही। संस्थान के संस्थापक रामजस यादव ने वैदिक विधि-विधान के साथ भूमि पूजन कर विद्यालय भवन निर्माण की आधारशिला रखी।
इस अवसर पर संस्थान के प्रबंधक और रॉयल ओसियन ग्रुप के सी एम डी राजमनि यादव ने अपने संबोधन में कहा कि मां देवरती शिक्षण संस्थान की स्थापना का उद्देश्य क्षेत्र के असहाय, गरीब एवं वंचित बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि महुवारा एवं आसपास का इलाका शैक्षिक दृष्टि से अभी भी पिछड़ा हुआ है, जहां संसाधनों की कमी के कारण अनेक बच्चे उच्च शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में यह संस्थान शिक्षा की ज्योति जलाकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य करेगा।
राज मनि यादव ने कहा, “हमने अपने जीवन में गरीबी और अभाव को बहुत करीब से देखा है। इसलिए हमारा संकल्प है कि क्षेत्र का कोई भी बच्चा केवल आर्थिक तंगी के कारण शिक्षा से वंचित न रहे।” उन्होंने बताया कि विद्यालय में आधुनिक शिक्षा व्यवस्था, अनुशासन और संस्कारों पर विशेष बल दिया जाएगा, ताकि छात्र-छात्राएं सर्वांगीण विकास की ओर अग्रसर हो सकें।
भूमिपूजन कार्यक्रम पंडित रमाशंकर दुबे द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराया गया। पूरे वातावरण में धार्मिक और उत्साहपूर्ण माहौल बना रहा। इस दौरान महाप्रधान विजय बहादुर सिंह, संतोष कुमार सिंह, पारस नाथ यादव, ओमकार यादव, रणजीत यादव, विंद्रा प्रसाद, श्रवण शुक्ला, राज किशोर यादव, रागिनी ,सत्यम,अजीम अली,रामरूप,शेष नाथ यादव सहित अनेक ग्रामीण व क्षेत्रीय गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में प्रबंधक राजमनि यादव ने सभी आगंतुकों, ग्रामीणों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सहयोग से ही यह संस्थान क्षेत्र में शिक्षा का नया अध्याय लिखेगा। ग्रामीणों ने भी संस्थान की स्थापना पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

राहुल गांधी देश की सुरक्षा के लिए सबसे खतरनाक', किरेन रिजिजू का नेता प्रतिपक्ष पर बड़ा हमला

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केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। रिजिजू ने राहुल गांधी पर ‘भारत विरोधी ताकतों’ से संबंध रखने का आरोप लगाते हुए कहा कि राहुल गांधी देश की सुरक्षा के लिए ‘सबसे खतरनाक व्यक्ति’ बन चुके हैं।

राहुल का व्यवहार काफी बचकाना-रिजिजु

केंद्रीय मंत्री का आरोप है कि राहुल का व्यवहार काफी बचकाना है। लोकसभा नेता प्रतिपक्ष के पद पर बैठे किसी व्यक्ति के लिए इस तरह की हरकत काफी निंदनीय है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का नेता एक बड़ा चेहरा होता है। सदन के बाहर जाना, लोगों को देशद्रोही कहना, नाटकीय धरना देना और एक अनपब्लिश्ड किताब से सरकार को बेवजह घेरना, दिखाता है कि राहुल किस तरह व्यवहार करते हैं। उनका व्यहार बच्चों जैसा होता है। हमने भारत के इतिहास में ऐसा LoP कभी नहीं देखा था।

भारत विरोधी ताकतों से जुड़े होने का आरोप

किरेन रिजिजू ने समाचार एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में आरोप लगाया कि राहुल गांधी देश और विदेश में नक्सलियों, अतिवादियों, वैचारिक समूहों और जॉर्ज सोरोस जैसे लोगों से मुलाकात करते रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘राहुल गांधी भारत की सुरक्षा के लिए सबसे खतरनाक व्यक्ति बन गए हैं, क्योंकि वे भारत विरोधी ताकतों के साथ जुड़ते हैं।

संसद में सिर्फ हंगामा करती है कांग्रेस-रिजिजू

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने आगे कहा कि सरकार पर आरोप लगाती है कि हम उन्हें संसद में बोलने नहीं देते हैं। विपक्ष के ये आरोप पूरी तरह से गलत हैं। सरकार कांग्रेस को हर बात बोलने का मौका देती है, लेकिन मुद्दों पर बोलने की बजाए वो हंगामा शुरू कर देते हैं। नारों के साथ बैनर लहराने लगते हैं। उन्होंने कहा कि कागज फेंकना, नारेबाजी करना और बैनर दिखाना ज्यादातर कांग्रेस का तरीका है। यह विपक्ष की गंभीरता को दर्शाता है।

जबरदस्ती पीएम के खिलाफ बयानबाजी का आरोप

रिजिजू ने राहुल गांधी के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दिए बयानों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राहुल के समर्थक इन बातों को गंभीरता से नहीं लेते क्योंकि वे बिना सच और आधार के बोलते हैं। अगर कोई दस्तावेज है या पीएम किसी से मिले हैं, तो सबूत पेश करें। बिना आधार के पीएम का नाम जोड़ना निराशा और हताशा पैदा करता है। उन्होंने कहा, "वे जबरदस्ती प्रधानमंत्री का नाम घसीटते हैं, बिना किसी आधार के। इससे देश में निराशा फैलती है।"

Top 10 AI SEO Services for Smarter Search Optimization

Today search engines are getting smarter day by day. They understand user intent better and rank content accordingly. Businesses now need AI-powered SEO services to stay competitive. These AI SEO services use machine learning and data-driven strategies to improve rankings, traffic, and overall search performance.10 Best AI SEO Services

In this blog, we will look at the top 10 AI SEO services companies that help businesses grow in search results. Let’s explore how AI SEO works and why companies are choosing it over traditional SEO.

What Are AI SEO Services and How Do They Work?

AI SEO services use artificial intelligence to improve website ranking, keyword research, content optimization, and technical SEO. These services analyze large amounts of data and find useful patterns. For example, they can suggest better keywords, optimize content automatically, and fix website errors.

Leading AI SEO Services You Should Know About

HikeMyTraffic

HikeMyTraffic is a trusted AI SEO company. They provide AI-based keyword research, content optimization, and technical SEO services.

They focus on data-driven strategies and help businesses improve their organic traffic.

Intero Digital

Intero Digital offers AI-powered SEO solutions including analytics, automation, and performance tracking.

Koreva

Koreva provides affordable AI-based SEO services for startups and small businesses.

Webbo

Webbo is known for content marketing and AI-driven optimization strategies.

WebGidCreatives

WebGidCreatives focuses on AI-based digital marketing and SEO growth strategies.

Rank Digital

Ignite Visibility

Victorious

Trakda Solutions

Digi Art Designs

Why Top Businesses Are Switching to HikeMyTraffic for AI SEO Services

Faster Data Analysis

AI tools quickly analyze large volumes of data and provide insights.

Better Content Planning

AI helps create content strategies based on search intent and trends.

Improved Technical Accuracy

AI tools detect website errors and suggest improvements automatically.

Continuous Performance Tracking

AI monitors rankings and traffic regularly for better optimization.

How AI SEO Services Improve Website Rankings

Smart keyword targeting

Content optimization using AI

Technical SEO automation

Real-time performance tracking

Better competitor analysis

Conclusion

Smart optimization is no longer optional. Businesses that adopt AI SEO services gain better visibility, improved traffic, and long-term growth. Companies like HikeMyTraffic and other AI-driven agencies are helping brands succeed in modern search environments.

छत्तीसगढ़ को मिलेगी विश्वस्तरीय रेल कनेक्टिविटी, रायपुर–दिल्ली स्लीपर वंदे भारत सहित कई नई ट्रेनों का प्रस्ताव: सांसद बृजमोहन अग्रवाल

रायपुर- वरिष्ठ भाजपा नेता और रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मंगलवार को रायपुर डीआरएम (DRM) कार्यालय में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के उच्च अधिकारियों और साथी सांसदों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में श्री अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ रेलवे को सर्वाधिक राजस्व देने वाले राज्यों में से एक है, अतः यहाँ के नागरिकों को आधुनिक और समयबद्ध रेल सुविधाएं मिलना उनका अधिकार है।

वंदे भारत एक्सप्रेस और नई ट्रेनों का प्रस्ताव

सांसद श्री अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ के यात्रियों की सुविधा के लिए तीन नई वंदे भारत ट्रेनों समेत कई प्रमुख रेल सेवाओं की मांग रखी जिसमें रायपुर–नई दिल्ली वंदे भारत (स्लीपर): छत्तीसगढ़ से राजधानी दिल्ली के लिए स्लीपर कोच वाली वंदे भारत चलाने का प्रस्ताव बोर्ड को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए वे स्वयं रेल मंत्री से चर्चा करेंगे।

बिलासपुर–रायपुर–पुरी वंदे भारत: धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से इस मार्ग पर वंदे भारत की आवश्यकता जताई।

 रायपुर–जबलपुर वंदे भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच कनेक्टिविटी सुधारने हेतु।

 अन्य सेवाएँ: दुर्ग-अंबिकापुर नई ट्रेन, बिलासपुर-गोवा सीधी ट्रेन, और बिलासपुर-नाथद्वारा के बीच सीधी ट्रेन चलाने के भी निर्देश दिए।

ट्रेनों का विस्तार और ठहराव

जनता की मांग को देखते हुए श्री अग्रवाल ने निम्नलिखित ट्रेनों के विस्तार और समय परिवर्तन पर जोर दिया जिसमें

- विशाखापट्टनम-दुर्ग वंदे भारत के समय में परिवर्तन की मांग।

- समता एक्सप्रेस का हरिद्वार तक विस्तार और जम्मूतवी एक्सप्रेस को अमृतसर होकर चलाने का सुझाव दिया।

- भगत की कोठी और दल्लीराजहरा-दुर्ग ट्रेन को प्रतिदिन संचालित करने के निर्देश।

- मुंबई-नागपुर और नागपुर-पुणे ट्रेनों का बिलासपुर तक विस्तार करने की मांग।

- भाटापारा में सभी एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित करने को कहा।

अमृत भारत स्टेशन और अधोसंरचना विकास

रायपुर और दुर्ग स्टेशनों के 'अमृत भारत स्टेशन' योजना के तहत हो रहे विकास कार्यों की धीमी प्रगति पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने लेटलतीफी और ड्राइंग-डिजाइन अप्रूवल में देरी को लेकर अधिकारियों को फटकार लगाई और कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही:

- सरोना, मंदिर हसौद और WRS स्टेशनों को भविष्य के जंक्शन के रूप में विकसित किया जाएगा।

- रायपुर मंडी गेट, कचना और जोरा में प्रस्तावित अंडरपास की ऊंचाई और चौड़ाई को बढ़ाने के निर्देश।


- सरोना, भिलाई, हथबंद, निपनिया स्टेशन में चल रहे निर्माण कार्यों को अप्रैल से जून तक हर हाल में पूरा करने की समय सीमा तय की गई।

बस्तर और जनसुविधाओं पर विशेष जोर

बस्तर अंचल की उपेक्षा पर नाराजगी जताते हुए श्री अग्रवाल ने कहा कि रेलवे केवल लाभ का जरिया नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम है। उन्होंने जगदलपुर-दुर्ग रेल लाइन को पुनः शुरू करने और बस्तर में भूमि देने वाले प्रभावितों को नौकरी या रोजगार देने के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया।

अन्य महत्वपूर्ण निर्णय

- स्वास्थ्य सेवा: रायपुर, दुर्ग, भिलाई, बिलासपुर और राजनांदगांव स्टेशनों पर एम्बुलेंस सेवा और डॉक्टरों की तैनाती के निर्देश।

- गढ़ कलेवा: सभी स्टेशनों पर महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से छत्तीसगढ़ी खान-पान केंद्र 'गढ़ कलेवा' खोले जाएंगे।

- सुरक्षा व सुविधा: बड़े स्टेशनों पर पोस्ट ऑफिस के माध्यम से टिकट सुविधा और ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीनों की संख्या बढ़ाई जाएगी।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा, "रैक की कमी या व्यावसायिक घाटे का बहाना बनाकर छत्तीसगढ़ की जनता को सुविधाओं से वंचित नहीं किया जा सकता। रेलवे सभी प्रस्ताव बोर्ड को भेजे, जरूरत पड़ने पर मैं स्वयं रेल मंत्री से बात कर ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करवाऊंगा।"

बैठक में सांसद भोजराज नाग, सांसद महेश कश्यप, सांसद रूपकुमारी चौधरी समेत प्रतिनिधि DRM तरुण प्रकाश और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

आजमगढ़:-विजय बहादुर यादव चौथी बार बने रमाकांत यादव के  विधायक प्रतिनिधि

वी कुमार यदुवंशी

आजमगढ़।  विजय बहादुर यादव को एक बार फिर बड़ी जिम्मेदारी मिली है। दीदारगंज विधानसभा क्षेत्र के हरूनपुर ग्राम निवासी सपा के तेजतर्रार व जनप्रिय युवा नेता विजय बहादुर यादव को रमाकांत यादव ने चौथी बार अपना विधायक प्रतिनिधि मनोनीत किया है। श्री यादव वर्तमान में फूलपुर–पवई विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। चौथी बार विधायक प्रतिनिधि बनाए जाने की सूचना मिलते ही समर्थकों और शुभचिंतकों में उत्साह की लहर दौड़ गई। हरूनपुर स्थित उनके आवास पर पहुंचकर कार्यकर्ताओं ने माल्यार्पण कर उनका स्वागत किया तथा उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए बधाई दी।
इस अवसर पर अमर सिंह चौहान उर्फ डब्बू, सुबास प्रजापति, विक्रांत सिंह, अरविंद यादव, डॉ. ज्ञान चंद यादव, ज्ञान चंद प्रजापति, अवनीश सिंह, नवीन सिंह, सनी यादव, प्रेम चंद चौहान, राजा बाबू यादव, डॉ. विजेंद्र सिंह, प्रभात सिंह, बनारसी यादव, सुनील कुमार यादव सहित कई कार्यकर्ता एवं समर्थक मौजूद रहे।
विजय बहादुर यादव ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे क्षेत्र की जनता की समस्याओं के समाधान और विकास कार्यों को गति देने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करते हैं।



Sacred School of Business Sets a New Benchmark for Career-Linked Management Education in India

Noida, India – February 2026 As India’s job market continues to evolve toward skill-based hiring and performance-driven roles, Sacred School of Business (SSB) is emerging as a strong example of how professional education can directly translate into employment and long-term career growth. With its flagship Post Graduate Program (PGP) in Sales & Marketing, the institution is redefining how young professionals transition from learning environments into corporate leadership pathways.

Founded in 2019, Sacred School of Business was established with a clear purpose: to close the gap between academic qualifications and real-world employability. The institution was built on the belief that education should not end with a certificate, but with a sustainable career. This philosophy has guided the design of its programs, faculty engagement, industry partnerships, and placement structure.

At the heart of SSB’s success is its six-month PGP in Sales & Marketing, a program designed to make learners job-ready through a blend of classroom learning and real corporate exposure. The program begins with structured training in sales execution, marketing strategy, business communication, and corporate professionalism, followed by a transition into full-time, paid roles with partner companies. This integrated model allows students to earn while they learn, apply concepts in live business settings, and build professional credibility from the early stages of their careers.

Unlike traditional postgraduate programs that defer employability to the end of the academic cycle, SSB embeds placement preparation throughout the learning journey. Students receive continuous guidance in interview readiness, resume positioning, and professional negotiation, ensuring that they are prepared not only to secure roles but to perform and grow within them. Alumni from recent batches are now working across healthcare, FMCG, banking and insurance, IT sales, education, logistics, real estate, automobile, and e-commerce sectors, holding roles in sales leadership, operations, business development, and account management.

Leadership has played a critical role in shaping this outcome-driven model. Founder and CEO Sanjeev Singh has consistently emphasized the importance of aligning education with real hiring needs, focusing on confidence, execution, and professional discipline. Supporting this vision is the institution’s business leadership, including Sudhanshu Shekhar, whose background in sales strategy, planning, and market execution has strengthened industry engagement and employer alignment. Together, the leadership team has positioned Sacred School of Business as a performance-focused institution rather than a theory-led academic center.

Institutional credibility further strengthens this positioning. Sacred School of Business operates as an IIM Bodh Gaya–incubated and government-funded initiative, providing a strong foundation for quality assurance, curriculum relevance, and long-term scalability. This backing has enabled the institute to prioritize outcomes, employer trust, and learner success over short-term enrollment-driven goals.

From its headquarters in Noida, Sacred School of Business continues to expand its corporate partnerships and placement network, responding to the growing demand for professionals who can contribute from day one. As India’s education ecosystem increasingly shifts toward accountability, skill validation, and employment outcomes, SSB’s model offers a practical alternative to conventional management education.

With a clear mission, strong leadership, and a flagship program built around real careers rather than academic abstraction, Sacred School of Business is steadily positioning itself as a trusted platform for developing the next generation of sales and marketing professionals in India.

For more information, visit :- https://www.sacredschoolofbusiness.com/

आजमगढ़:-पीएमश्री कंपोजिट विद्यालय पुष्पनगर में धूम धाम से मनाया गया वार्षिकोत्सव
वी कुमार यदुवंशी
आजमगढ़। शिक्षा क्षेत्र फूलपुर के पुष्पनगर स्थित पी एम श्री कम्पोजिट विद्यालय पुष्पनगर का वार्षिकोत्सव एवं अभिभावक संगोष्ठी सोमवार को छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि तहसीलदार मार्टीनगंज अंजू यादव तथा डायट प्रवक्ता अरविंद कुमार मौर्य ने संयुक्त रूप से मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने विद्यालय के कंप्यूटर कक्ष, वाचनालय एवं प्रधानाध्यापक कक्ष का अवलोकन भी किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा विज्ञापन प्रदर्शनी आयोजित की गई, जिसे अभिभावकों एवं अतिथियों ने सराहा। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में सरस्वती वंदना, स्वागत गीत, ‘राम सियाराम’, ‘रामा-रामा रटते-रटते’, ‘हम हैं अम्बेडकरनगर के बच्चे’, ‘राधा गोरी-गोरी’, ‘मटकिया धई-धई’, कौव्वाली, बसंत गीत तथा ‘सोशल मीडिया’ विषयक नाटक प्रमुख रहे।
विशिष्ट अतिथि खंड शिक्षा अधिकारी फूलपुर राजीव कुमार यादव ने छात्र-छात्राओं एवं अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों को मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से दूर रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिक मोबाइल प्रयोग से बच्चों में चिड़चिड़ापन, आंखों की समस्या एवं भूलने की आदत जैसी दिक्कतें उत्पन्न हो सकती हैं, इसलिए अभिभावक बच्चों की नियमित निगरानी करें।
प्रधानाध्यापक द्वारा मुख्य एवं विशिष्ट अतिथियों को माल्यार्पण, अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में प्रतिभाग करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी प्रधानाध्यापक श्याम सेवक चौहान ने की। संचालन जितेंद्र कुमार मिश्र, नवीन कुमार यादव एवं विकास मिश्र ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर विद्यालय परिवार, अभिभावकगण एवं क्षेत्रीय गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

Bangkok, Thailand:Prof. Dr. Prakash Divakaran, Vice-Chancellor of Himalayan University, has been conferred with the Prestigious Indo–Thai Educational Excellence Award in recognition of his iconic leadership and remarkable contribution to higher education.

The award was presented by Asst. Prof. Dr. Thanapon Sarunburana, Vice-Chancellor of Rajapark University, during a distinguished academic gathering in Bangkok. The ceremony brought together leading academicians, administrators, and international delegates from India and Thailand.

The event commenced with a Welcome Address by Dr. J. P. Bhosale, Patron, GRCF, Savitribai Phule Pune University. The Presidential Address was delivered by Prof. Dr. Gowri Ramesh, Registrar of The Tamil Nadu Dr. Ambedkar Law University. Prof. Dr. Prakash Divakaran graced the occasion as Chief Guest and delivered the Inaugural Address.

Among the distinguished dignitaries present were Dr. R. Thippa Reddy, Chairman & Director, Dr. Ambedkar Global Law Institute; Assoc. Prof. Dr. Chaiwat Phuakkhong; Asst. Prof. Dr. Arun Chainit; Dr. Jidapa Thavarit; Dr. Gireesh Kumar J; Dr. Shibu Dharmarajan; Dr. Seema Vijay Medhe; and Ms. Ashsagan Ashghari, Chairman, Phoenix Global Gold Co. Ltd., Bangkok.

The formal Vote of Thanks was proposed by Dr. Cholaraja Mudimannan, Assistant Professor of Law (Senior Scale), University of Delhi.

The award highlights Prof. Dr. Divakaran’s visionary leadership in promoting academic excellence, research innovation, and international collaboration. Under his stewardship, Himalayan University has expanded its global academic partnerships and strengthened its commitment to quality higher education.

The Indo–Thai Educational Excellence Award marks a significant milestone for Himalayan University and reflects the growing academic cooperation between India and Thailand.

क्या है “पैक्स सिलिका” जिसमें आज शामिल होगा भारत, यूएस के साथ एक और डील

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भारत और अमेरिका व्‍यापार समझौते को जल्द ही अंतिम रूप दिया जाने वाला है। ट्रेड डील पर अंतिम साइन से ठीक पहले अमेरिका के टॉप लेवल के अधिकारी भारत पहुंच रहे हैं। अमेरिकी आर्थिक मामलों के अंडर सेक्रेटरी जैकब हेलबर्ग भारत दौरे पर आ रहे हैं। यह दौरा सिर्फ कूटनीतिक औपचारिकता नहीं माना जा रहा बल्कि वैश्विक टेक्नोलॉजी और सप्लाई-चेन की नई राजनीति की ओर इशारा है।

दरअसल, भारत आज औपचारिक रूप से अमेरिका की अगुवाई वाली पहल 'पैक्स सिलिका' में शामिल होने जा रहा है। यह पहल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और सप्लाई चेन (आपूर्ति श्रृंखला) सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बनाई गई है। यह घोषणा दिल्ली में चल रहे ग्लोबल एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान की गई है।

पिछले महीने हुई थी गठबंधन में शामिल होने का घोषणा

अमेरिका ने दिसंबर 2025 में पैक्स सिलिका की शुरूआत की थी। पैक्स सिलिका सम्मेलन 12 दिसंबर को वाशिंगटन में हुआ था, जहां साझेदार देशों ने पैक्स सिलिका घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए थे। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने पिछले महीने नई दिल्ली को रणनीतिक गठबंधन में शामिल होने के लिए आमंत्रित करने की घोषणा की।

घोषणा पर किन देशों ने किया हस्ताक्षर?

इस घोषणा पर हस्ताक्षर करने वाले देशों में ऑस्ट्रेलिया, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन, यूएई, सिंगापुर, इस्राइल, कतर और ग्रीस शामिल हैं। जबकि कनाडा, यूरोपीय संघ, नीदरलैंड्स और ताइवान जैसे देश इसमें भागीदार के रूप में जुड़े हैं।

चीन पर निर्भरता कम करने की रणनीति

कहा जा रहा है कि यह गठबंधन चीन के तकनीकी प्रभुत्व को कम करने के लिए बनाया गया है। ग्लोबल सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन में चीन की बड़ी भूमिका रही है। अब अमेरिका अपने सहयोगियों के साथ नया आर्थिक गठबंधन खड़ा कर रहा है। यह पहल अमेरिका की इंडो-पैसिफिक रणनीति और टेक्नोलॉजी-आधारित साझेदारी मॉडल का हिस्सा मानी जा रही है।

विश्व मानवविज्ञान दिवस पर जनजातीय अध्ययन की प्रासंगिकता पर विशेष व्याख्यान का हुआ आयोजन

रायपुर- पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय की मानवविज्ञान अध्ययनशाला में विश्व मानवविज्ञान दिवस के अवसर पर “जनजातीय अध्ययन एवं इसका मानवशास्त्रीय प्रासंगिकता और मूलभूत परिप्रेक्ष्य” विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डाॅ. टी. के. वैष्णव ने अपने व्याख्यान में कहा कि मानवविज्ञान जनजातीय समुदायों के समग्र अध्ययन के लिए प्रशासनिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। उन्होंने बताया कि मानवशास्त्री जनजातीय समाज के बीच रहकर उनके जीवन के विविध पहलुओं का अनुभवजन्य अध्ययन करते हैं, जिससे उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं और अपेक्षाओं को समझने के साथ-साथ पारंपरिक ज्ञान, औषधीय ज्ञान और पारिस्थितिकीय ज्ञान जैसी महत्वपूर्ण विरासत सामने आती है। उन्होंने यह भी कहा कि जनजातियों को अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल या अपवर्जित करने, नाम संबंधी त्रुटियों के सुधार तथा नृजातीय स्थिति के सत्यापन जैसे प्रशासनिक निर्णयों में मानवविज्ञान की अहम भूमिका रहती है, लेकिन वर्तमान समय में प्रशासनिक क्षेत्रों में इस विषय की अनदेखी चिंता का विषय है।

कार्यक्रम के संयोजक एवं विभागाध्यक्ष प्रो. जितेन्द्र कुमार प्रेमी ने स्वागत उद्बोधन में विश्व मानवविज्ञान दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए वर्ष 2026 की थीम “सेलिब्रेट, इंगेज एवं इंस्पायर” की व्याख्या की। उन्होंने कहा कि इस वर्ष विश्वभर के मानववैज्ञानिक सांस्कृतिक विविधता और मानव ज्ञान को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाने के लिए प्रयासरत रहेंगे। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज विश्व में एक संस्कृति द्वारा दूसरी संस्कृति को कमतर आँकने की प्रवृत्ति बढ़ रही है, जिससे सामाजिक और सांस्कृतिक असंतुलन उत्पन्न हो रहा है। उन्होंने पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण और प्रसार की आवश्यकता पर भी बल दिया। विशिष्ट अतिथि डॉ. आई. सी. अग्रवाल ने जनजातीय अध्ययन में जनगणना आँकड़ों की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ब्रिटिश काल से लेकर आज तक जनजातीय विकास और समस्याओं के समाधान में जनगणना के आँकड़ों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसलिए जनजातीय अध्ययन में इन आँकड़ों का उपयोग अनिवार्य रूप से किया जाना चाहिए।

विभाग के वरिष्ठ प्राध्यापक डाॅ. अशोक प्रधान ने अपने उद्बोधन में कहा कि मानवविज्ञान विषय जनजातीय विकास और प्रशासन के लिए अत्यंत उपयोगी रहा है, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में प्रशासनिक स्तर पर इसके महत्व को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि आँकड़ों और तथ्यों को राजनीतिक सुविधा के अनुसार प्रस्तुत करने की प्रवृत्ति अकादमिक और प्रशासनिक दोनों ही दृष्टि से चिंताजनक है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डाॅ. अरुण कुमार ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में मानवविज्ञान दिवस की आवश्यकता, उद्देश्य और महत्व पर विस्तार से विचार रखते हुए कहा कि मानवविज्ञान जैसे उपयोगी विषय के प्रति समाज में जागरूकता का अभाव मानव प्रगति के साथ-साथ विश्व शांति के लिए भी बाधक है। उन्होंने सांस्कृतिक सापेक्षवाद के सिद्धांत पर जोर देते हुए कहा कि कोई भी संस्कृति अपने आप में न तो उच्च होती है और न निम्न, बल्कि प्रत्येक संस्कृति अपने परिवेश में पूर्ण होती है। इसलिए किसी भी समुदाय की संस्कृति को उसके अपने दृष्टिकोण से समझना आवश्यक है। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शोधार्थियों और संकाय सदस्यों की सक्रिय सहभागिता रही तथा जनजातीय अध्ययन के समसामयिक मुद्दों पर सार्थक चर्चा हुई।

आजमगढ़ : शमसाबाद महुआरा में हुआ मां देवरती शिक्षण संस्थान का शिलान्यास,असहायों की शिक्षा से ही सर्वांगीण विकास : राज मनि यादव
सिद्धेश्वर पाण्डेय
   व्यूरो चीफ
आजमगढ़। फूलपुर तहसील क्षेत्र के  महुवारा शमसाबाद गांव में मां देवरती शिक्षण संस्थान के निर्माण कार्य का शुभारंभ विधिवत शिलान्यास एवं भूमिपूजन के साथ बुधवार को  किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य लोगों एवं ग्रामीणों की उपस्थिति रही। संस्थान के संस्थापक रामजस यादव ने वैदिक विधि-विधान के साथ भूमि पूजन कर विद्यालय भवन निर्माण की आधारशिला रखी।
इस अवसर पर संस्थान के प्रबंधक और रॉयल ओसियन ग्रुप के सी एम डी राजमनि यादव ने अपने संबोधन में कहा कि मां देवरती शिक्षण संस्थान की स्थापना का उद्देश्य क्षेत्र के असहाय, गरीब एवं वंचित बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि महुवारा एवं आसपास का इलाका शैक्षिक दृष्टि से अभी भी पिछड़ा हुआ है, जहां संसाधनों की कमी के कारण अनेक बच्चे उच्च शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में यह संस्थान शिक्षा की ज्योति जलाकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य करेगा।
राज मनि यादव ने कहा, “हमने अपने जीवन में गरीबी और अभाव को बहुत करीब से देखा है। इसलिए हमारा संकल्प है कि क्षेत्र का कोई भी बच्चा केवल आर्थिक तंगी के कारण शिक्षा से वंचित न रहे।” उन्होंने बताया कि विद्यालय में आधुनिक शिक्षा व्यवस्था, अनुशासन और संस्कारों पर विशेष बल दिया जाएगा, ताकि छात्र-छात्राएं सर्वांगीण विकास की ओर अग्रसर हो सकें।
भूमिपूजन कार्यक्रम पंडित रमाशंकर दुबे द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराया गया। पूरे वातावरण में धार्मिक और उत्साहपूर्ण माहौल बना रहा। इस दौरान महाप्रधान विजय बहादुर सिंह, संतोष कुमार सिंह, पारस नाथ यादव, ओमकार यादव, रणजीत यादव, विंद्रा प्रसाद, श्रवण शुक्ला, राज किशोर यादव, रागिनी ,सत्यम,अजीम अली,रामरूप,शेष नाथ यादव सहित अनेक ग्रामीण व क्षेत्रीय गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में प्रबंधक राजमनि यादव ने सभी आगंतुकों, ग्रामीणों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सहयोग से ही यह संस्थान क्षेत्र में शिक्षा का नया अध्याय लिखेगा। ग्रामीणों ने भी संस्थान की स्थापना पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

राहुल गांधी देश की सुरक्षा के लिए सबसे खतरनाक', किरेन रिजिजू का नेता प्रतिपक्ष पर बड़ा हमला

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केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। रिजिजू ने राहुल गांधी पर ‘भारत विरोधी ताकतों’ से संबंध रखने का आरोप लगाते हुए कहा कि राहुल गांधी देश की सुरक्षा के लिए ‘सबसे खतरनाक व्यक्ति’ बन चुके हैं।

राहुल का व्यवहार काफी बचकाना-रिजिजु

केंद्रीय मंत्री का आरोप है कि राहुल का व्यवहार काफी बचकाना है। लोकसभा नेता प्रतिपक्ष के पद पर बैठे किसी व्यक्ति के लिए इस तरह की हरकत काफी निंदनीय है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का नेता एक बड़ा चेहरा होता है। सदन के बाहर जाना, लोगों को देशद्रोही कहना, नाटकीय धरना देना और एक अनपब्लिश्ड किताब से सरकार को बेवजह घेरना, दिखाता है कि राहुल किस तरह व्यवहार करते हैं। उनका व्यहार बच्चों जैसा होता है। हमने भारत के इतिहास में ऐसा LoP कभी नहीं देखा था।

भारत विरोधी ताकतों से जुड़े होने का आरोप

किरेन रिजिजू ने समाचार एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में आरोप लगाया कि राहुल गांधी देश और विदेश में नक्सलियों, अतिवादियों, वैचारिक समूहों और जॉर्ज सोरोस जैसे लोगों से मुलाकात करते रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘राहुल गांधी भारत की सुरक्षा के लिए सबसे खतरनाक व्यक्ति बन गए हैं, क्योंकि वे भारत विरोधी ताकतों के साथ जुड़ते हैं।

संसद में सिर्फ हंगामा करती है कांग्रेस-रिजिजू

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने आगे कहा कि सरकार पर आरोप लगाती है कि हम उन्हें संसद में बोलने नहीं देते हैं। विपक्ष के ये आरोप पूरी तरह से गलत हैं। सरकार कांग्रेस को हर बात बोलने का मौका देती है, लेकिन मुद्दों पर बोलने की बजाए वो हंगामा शुरू कर देते हैं। नारों के साथ बैनर लहराने लगते हैं। उन्होंने कहा कि कागज फेंकना, नारेबाजी करना और बैनर दिखाना ज्यादातर कांग्रेस का तरीका है। यह विपक्ष की गंभीरता को दर्शाता है।

जबरदस्ती पीएम के खिलाफ बयानबाजी का आरोप

रिजिजू ने राहुल गांधी के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दिए बयानों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राहुल के समर्थक इन बातों को गंभीरता से नहीं लेते क्योंकि वे बिना सच और आधार के बोलते हैं। अगर कोई दस्तावेज है या पीएम किसी से मिले हैं, तो सबूत पेश करें। बिना आधार के पीएम का नाम जोड़ना निराशा और हताशा पैदा करता है। उन्होंने कहा, "वे जबरदस्ती प्रधानमंत्री का नाम घसीटते हैं, बिना किसी आधार के। इससे देश में निराशा फैलती है।"

Top 10 AI SEO Services for Smarter Search Optimization

Today search engines are getting smarter day by day. They understand user intent better and rank content accordingly. Businesses now need AI-powered SEO services to stay competitive. These AI SEO services use machine learning and data-driven strategies to improve rankings, traffic, and overall search performance.10 Best AI SEO Services

In this blog, we will look at the top 10 AI SEO services companies that help businesses grow in search results. Let’s explore how AI SEO works and why companies are choosing it over traditional SEO.

What Are AI SEO Services and How Do They Work?

AI SEO services use artificial intelligence to improve website ranking, keyword research, content optimization, and technical SEO. These services analyze large amounts of data and find useful patterns. For example, they can suggest better keywords, optimize content automatically, and fix website errors.

Leading AI SEO Services You Should Know About

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HikeMyTraffic is a trusted AI SEO company. They provide AI-based keyword research, content optimization, and technical SEO services.

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Intero Digital offers AI-powered SEO solutions including analytics, automation, and performance tracking.

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Koreva provides affordable AI-based SEO services for startups and small businesses.

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Webbo is known for content marketing and AI-driven optimization strategies.

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Why Top Businesses Are Switching to HikeMyTraffic for AI SEO Services

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AI monitors rankings and traffic regularly for better optimization.

How AI SEO Services Improve Website Rankings

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Real-time performance tracking

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Conclusion

Smart optimization is no longer optional. Businesses that adopt AI SEO services gain better visibility, improved traffic, and long-term growth. Companies like HikeMyTraffic and other AI-driven agencies are helping brands succeed in modern search environments.

छत्तीसगढ़ को मिलेगी विश्वस्तरीय रेल कनेक्टिविटी, रायपुर–दिल्ली स्लीपर वंदे भारत सहित कई नई ट्रेनों का प्रस्ताव: सांसद बृजमोहन अग्रवाल

रायपुर- वरिष्ठ भाजपा नेता और रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मंगलवार को रायपुर डीआरएम (DRM) कार्यालय में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के उच्च अधिकारियों और साथी सांसदों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में श्री अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ रेलवे को सर्वाधिक राजस्व देने वाले राज्यों में से एक है, अतः यहाँ के नागरिकों को आधुनिक और समयबद्ध रेल सुविधाएं मिलना उनका अधिकार है।

वंदे भारत एक्सप्रेस और नई ट्रेनों का प्रस्ताव

सांसद श्री अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ के यात्रियों की सुविधा के लिए तीन नई वंदे भारत ट्रेनों समेत कई प्रमुख रेल सेवाओं की मांग रखी जिसमें रायपुर–नई दिल्ली वंदे भारत (स्लीपर): छत्तीसगढ़ से राजधानी दिल्ली के लिए स्लीपर कोच वाली वंदे भारत चलाने का प्रस्ताव बोर्ड को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए वे स्वयं रेल मंत्री से चर्चा करेंगे।

बिलासपुर–रायपुर–पुरी वंदे भारत: धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से इस मार्ग पर वंदे भारत की आवश्यकता जताई।

 रायपुर–जबलपुर वंदे भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच कनेक्टिविटी सुधारने हेतु।

 अन्य सेवाएँ: दुर्ग-अंबिकापुर नई ट्रेन, बिलासपुर-गोवा सीधी ट्रेन, और बिलासपुर-नाथद्वारा के बीच सीधी ट्रेन चलाने के भी निर्देश दिए।

ट्रेनों का विस्तार और ठहराव

जनता की मांग को देखते हुए श्री अग्रवाल ने निम्नलिखित ट्रेनों के विस्तार और समय परिवर्तन पर जोर दिया जिसमें

- विशाखापट्टनम-दुर्ग वंदे भारत के समय में परिवर्तन की मांग।

- समता एक्सप्रेस का हरिद्वार तक विस्तार और जम्मूतवी एक्सप्रेस को अमृतसर होकर चलाने का सुझाव दिया।

- भगत की कोठी और दल्लीराजहरा-दुर्ग ट्रेन को प्रतिदिन संचालित करने के निर्देश।

- मुंबई-नागपुर और नागपुर-पुणे ट्रेनों का बिलासपुर तक विस्तार करने की मांग।

- भाटापारा में सभी एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित करने को कहा।

अमृत भारत स्टेशन और अधोसंरचना विकास

रायपुर और दुर्ग स्टेशनों के 'अमृत भारत स्टेशन' योजना के तहत हो रहे विकास कार्यों की धीमी प्रगति पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने लेटलतीफी और ड्राइंग-डिजाइन अप्रूवल में देरी को लेकर अधिकारियों को फटकार लगाई और कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही:

- सरोना, मंदिर हसौद और WRS स्टेशनों को भविष्य के जंक्शन के रूप में विकसित किया जाएगा।

- रायपुर मंडी गेट, कचना और जोरा में प्रस्तावित अंडरपास की ऊंचाई और चौड़ाई को बढ़ाने के निर्देश।


- सरोना, भिलाई, हथबंद, निपनिया स्टेशन में चल रहे निर्माण कार्यों को अप्रैल से जून तक हर हाल में पूरा करने की समय सीमा तय की गई।

बस्तर और जनसुविधाओं पर विशेष जोर

बस्तर अंचल की उपेक्षा पर नाराजगी जताते हुए श्री अग्रवाल ने कहा कि रेलवे केवल लाभ का जरिया नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम है। उन्होंने जगदलपुर-दुर्ग रेल लाइन को पुनः शुरू करने और बस्तर में भूमि देने वाले प्रभावितों को नौकरी या रोजगार देने के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया।

अन्य महत्वपूर्ण निर्णय

- स्वास्थ्य सेवा: रायपुर, दुर्ग, भिलाई, बिलासपुर और राजनांदगांव स्टेशनों पर एम्बुलेंस सेवा और डॉक्टरों की तैनाती के निर्देश।

- गढ़ कलेवा: सभी स्टेशनों पर महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से छत्तीसगढ़ी खान-पान केंद्र 'गढ़ कलेवा' खोले जाएंगे।

- सुरक्षा व सुविधा: बड़े स्टेशनों पर पोस्ट ऑफिस के माध्यम से टिकट सुविधा और ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीनों की संख्या बढ़ाई जाएगी।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा, "रैक की कमी या व्यावसायिक घाटे का बहाना बनाकर छत्तीसगढ़ की जनता को सुविधाओं से वंचित नहीं किया जा सकता। रेलवे सभी प्रस्ताव बोर्ड को भेजे, जरूरत पड़ने पर मैं स्वयं रेल मंत्री से बात कर ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करवाऊंगा।"

बैठक में सांसद भोजराज नाग, सांसद महेश कश्यप, सांसद रूपकुमारी चौधरी समेत प्रतिनिधि DRM तरुण प्रकाश और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

आजमगढ़:-विजय बहादुर यादव चौथी बार बने रमाकांत यादव के  विधायक प्रतिनिधि

वी कुमार यदुवंशी

आजमगढ़।  विजय बहादुर यादव को एक बार फिर बड़ी जिम्मेदारी मिली है। दीदारगंज विधानसभा क्षेत्र के हरूनपुर ग्राम निवासी सपा के तेजतर्रार व जनप्रिय युवा नेता विजय बहादुर यादव को रमाकांत यादव ने चौथी बार अपना विधायक प्रतिनिधि मनोनीत किया है। श्री यादव वर्तमान में फूलपुर–पवई विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। चौथी बार विधायक प्रतिनिधि बनाए जाने की सूचना मिलते ही समर्थकों और शुभचिंतकों में उत्साह की लहर दौड़ गई। हरूनपुर स्थित उनके आवास पर पहुंचकर कार्यकर्ताओं ने माल्यार्पण कर उनका स्वागत किया तथा उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए बधाई दी।
इस अवसर पर अमर सिंह चौहान उर्फ डब्बू, सुबास प्रजापति, विक्रांत सिंह, अरविंद यादव, डॉ. ज्ञान चंद यादव, ज्ञान चंद प्रजापति, अवनीश सिंह, नवीन सिंह, सनी यादव, प्रेम चंद चौहान, राजा बाबू यादव, डॉ. विजेंद्र सिंह, प्रभात सिंह, बनारसी यादव, सुनील कुमार यादव सहित कई कार्यकर्ता एवं समर्थक मौजूद रहे।
विजय बहादुर यादव ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे क्षेत्र की जनता की समस्याओं के समाधान और विकास कार्यों को गति देने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करते हैं।



Sacred School of Business Sets a New Benchmark for Career-Linked Management Education in India

Noida, India – February 2026 As India’s job market continues to evolve toward skill-based hiring and performance-driven roles, Sacred School of Business (SSB) is emerging as a strong example of how professional education can directly translate into employment and long-term career growth. With its flagship Post Graduate Program (PGP) in Sales & Marketing, the institution is redefining how young professionals transition from learning environments into corporate leadership pathways.

Founded in 2019, Sacred School of Business was established with a clear purpose: to close the gap between academic qualifications and real-world employability. The institution was built on the belief that education should not end with a certificate, but with a sustainable career. This philosophy has guided the design of its programs, faculty engagement, industry partnerships, and placement structure.

At the heart of SSB’s success is its six-month PGP in Sales & Marketing, a program designed to make learners job-ready through a blend of classroom learning and real corporate exposure. The program begins with structured training in sales execution, marketing strategy, business communication, and corporate professionalism, followed by a transition into full-time, paid roles with partner companies. This integrated model allows students to earn while they learn, apply concepts in live business settings, and build professional credibility from the early stages of their careers.

Unlike traditional postgraduate programs that defer employability to the end of the academic cycle, SSB embeds placement preparation throughout the learning journey. Students receive continuous guidance in interview readiness, resume positioning, and professional negotiation, ensuring that they are prepared not only to secure roles but to perform and grow within them. Alumni from recent batches are now working across healthcare, FMCG, banking and insurance, IT sales, education, logistics, real estate, automobile, and e-commerce sectors, holding roles in sales leadership, operations, business development, and account management.

Leadership has played a critical role in shaping this outcome-driven model. Founder and CEO Sanjeev Singh has consistently emphasized the importance of aligning education with real hiring needs, focusing on confidence, execution, and professional discipline. Supporting this vision is the institution’s business leadership, including Sudhanshu Shekhar, whose background in sales strategy, planning, and market execution has strengthened industry engagement and employer alignment. Together, the leadership team has positioned Sacred School of Business as a performance-focused institution rather than a theory-led academic center.

Institutional credibility further strengthens this positioning. Sacred School of Business operates as an IIM Bodh Gaya–incubated and government-funded initiative, providing a strong foundation for quality assurance, curriculum relevance, and long-term scalability. This backing has enabled the institute to prioritize outcomes, employer trust, and learner success over short-term enrollment-driven goals.

From its headquarters in Noida, Sacred School of Business continues to expand its corporate partnerships and placement network, responding to the growing demand for professionals who can contribute from day one. As India’s education ecosystem increasingly shifts toward accountability, skill validation, and employment outcomes, SSB’s model offers a practical alternative to conventional management education.

With a clear mission, strong leadership, and a flagship program built around real careers rather than academic abstraction, Sacred School of Business is steadily positioning itself as a trusted platform for developing the next generation of sales and marketing professionals in India.

For more information, visit :- https://www.sacredschoolofbusiness.com/

आजमगढ़:-पीएमश्री कंपोजिट विद्यालय पुष्पनगर में धूम धाम से मनाया गया वार्षिकोत्सव
वी कुमार यदुवंशी
आजमगढ़। शिक्षा क्षेत्र फूलपुर के पुष्पनगर स्थित पी एम श्री कम्पोजिट विद्यालय पुष्पनगर का वार्षिकोत्सव एवं अभिभावक संगोष्ठी सोमवार को छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि तहसीलदार मार्टीनगंज अंजू यादव तथा डायट प्रवक्ता अरविंद कुमार मौर्य ने संयुक्त रूप से मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने विद्यालय के कंप्यूटर कक्ष, वाचनालय एवं प्रधानाध्यापक कक्ष का अवलोकन भी किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा विज्ञापन प्रदर्शनी आयोजित की गई, जिसे अभिभावकों एवं अतिथियों ने सराहा। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में सरस्वती वंदना, स्वागत गीत, ‘राम सियाराम’, ‘रामा-रामा रटते-रटते’, ‘हम हैं अम्बेडकरनगर के बच्चे’, ‘राधा गोरी-गोरी’, ‘मटकिया धई-धई’, कौव्वाली, बसंत गीत तथा ‘सोशल मीडिया’ विषयक नाटक प्रमुख रहे।
विशिष्ट अतिथि खंड शिक्षा अधिकारी फूलपुर राजीव कुमार यादव ने छात्र-छात्राओं एवं अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों को मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से दूर रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिक मोबाइल प्रयोग से बच्चों में चिड़चिड़ापन, आंखों की समस्या एवं भूलने की आदत जैसी दिक्कतें उत्पन्न हो सकती हैं, इसलिए अभिभावक बच्चों की नियमित निगरानी करें।
प्रधानाध्यापक द्वारा मुख्य एवं विशिष्ट अतिथियों को माल्यार्पण, अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में प्रतिभाग करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी प्रधानाध्यापक श्याम सेवक चौहान ने की। संचालन जितेंद्र कुमार मिश्र, नवीन कुमार यादव एवं विकास मिश्र ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर विद्यालय परिवार, अभिभावकगण एवं क्षेत्रीय गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।