देवघर राज्य स्तरीय खादी ग्रामोद्योग 2026 प्रदर्शन बिक्री कार्यक्रम का सातवां दिन।
देवघर: झारखंड राज्य स्तरीय खादी प्रर्दशनी सह बिक्री कार्यक्रम'' का आज सातवां दिन है। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के वोकल फॉर लोकल को चरितार्थ करते हुए देवघर की जनता द्वारा खादी एवं ग्रामोद्योगी स्‍वदेशी उत्‍पादों की जमकर खरीददारी की जा रही है। प्रधानमंत्री के स्‍वदेशी के संकल्‍प को सार्थक करने की दिशा में सकारात्‍मक पहल करते हुए  मनोज कुमार, अध्‍यक्ष, खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC), सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम मंत्रालय (भारत सरकार) के कुशल नेतृत्‍व में लगाई यह प्रदर्शनी सह बिक्री खादी एवं ग्रामोद्योगी उत्‍पादों की रिकार्ड बिक्री को पार करेगी। ''खादी एवं ग्रामोद्योगी उत्‍पादों की राज्‍य स्‍तरीय खादी प्रदर्शनी में रिकार्ड बिक्री। विशेष आकर्षण :- सभी आयु वर्ग के नगरवासियों का अभूतपूर्व आगमन I विभिन्न स्टॉलों पर जमकर खादी वस्त्रों और ग्रामोद्योगी वस्तुओं की, की गई खरीदारी I झारखण्‍ड राज्‍य के खादी की स्‍टॉलों पर लोकल खादी वस्‍त्र जैसे- सिल्क खादी, सूती खादी, मसलीन खादी तथा पोलीवस्‍त्र के अलावा पारंपरिक खादी के वस्‍त्र लोगों के लिए आकर्षण के केन्‍द्र। युवाओं को लुभा रही है- खादी के रेडीमेड कुर्ता-पाजामा, खादी बंडी, रेशमी खादी के सर्ट-पैंट आदि। सन 1957 से आयोग द्वारा वित्‍तपोषित खादी की संस्‍थाऍं जो देश की आजादी की परिचायक 'खादी' की विरासत को संजोए हुए हैं एवं खादी को आधुनिक परिवेश के अनुसार नये कलेवर में प्रस्तुत कर रही हैं। खादी की स्‍टॉलों पर उपलब्‍ध तसर -कटिया से निर्मित कुर्ते बंडी, शर्ट तथा तसर साड़ियों, कुर्ती, सलवार -सूट पीस लोगों की खास पसन्‍द I पश्चिम बंगाल की संस्‍थाओं के स्‍टॉलों पर पश्चिम बंगाल की पहचान कहे जाने वाले बारीक मलमल (मसलीन) विशेष आकर्षण का केन्‍द्र, जिसे प्राचीन काल में राजा-महाराजाओं द्वारा पहनने का प्रचलन था। पश्चिम बंगाल की खादी संस्‍थाओं के स्‍टॉलों पर बालूचरी साड़ियाँ, काथा साड़ियाँ, पश्चिम बंगाल की पारंपरिक सूती साड़ियाँ भी आकर्षण के मुख्य केन्द्र। सुस्वादपूर्ण आँवला के मुरब्बे, आँवला कैंडी एवं विभिन्न प्रकार के आचार, चटनी आदि के ग्रामोद्योगी उत्‍पाद भी धड़ले से मेले में बिक रहे। खादी वस्त्र बुनाई के सजीव प्रदर्शन हेतु स्थापित किया गया एक फ्रेम का लूम बच्‍चों एवं नई पीढ़ी के लिए कौतूहल का केन्‍द्र। यहां की जा रही पोली- कटिया थान की लाईव बुनाई, इस आधुनिक परिवेश में बच्‍चों को देखने एवं समझने के लायक। प्रदर्शनी स्थल पर देवघर के प्रतिभावान कलाकारों द्वारा प्रतिदिन प्रस्‍तुत किए जाने वाले सांस्‍कृतिक कार्यक्रम प्रस्‍तुत कर रहे स्‍वस्‍थ मनोरंजन के अवसर जो बच्‍चों एवं कलाप्रेमियों को कर रहे मंत्रमुग्‍ध। ऐसा प्रतीत होता है कि सम्पूर्ण देवघरवासी माननीय प्रधानमंत्री जी के "विकसित भारत" के संकल्प को साकार करने हेतु उक्त प्रदर्शनी में स्वदेश एवं दूर - दराज के गाँवों में निर्मित खादी एवं ग्रामोद्योग वस्तुओं की खरीदारी करके अपना योगदान देश के प्रति समर्पित कर रहें हैं I आयोजकों द्वारा अपील की भारी संख्‍या में पधारकर इस दुलर्भ अवसर का लाभ उठायें एवं अपनी छोटी-छोटी खरीददारी से देश की अर्थव्‍यवस्‍था में अपना सकारात्‍मक योगदान देकर एक सच्‍चे देशभक्‍त होने का गौरव प्राप्‍त करें
आजमगढ़:-बैंक में ताला लगाकर लंच करने से व्यापारियों में आक्रोश,बोले प्रबंधक नियमो के अनुसार लंच के समय किया जाता है बन्द
वी कुमार यदुवंशी
आजमगढ़। माहुल नगर के पवई रोड स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शाखा पर सोमवार दोपहर लंच के समय गेट पर ताला लटकता देख व्यापारियों में आक्रोश फैल गया। भाजपा नेता सुजीत जायसवाल आशु के नेतृत्व में व्यापारी बैंक के बाहर एकत्र हो गए और बैंक कर्मचारियों पर ग्राहकों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।
नगर पंचायत माहुल के पवई रोड पर स्थित इस बैंक शाखा से क्षेत्र के करीब 100 गांवों के किसान, व्यापारी और छात्र लेन-देन करते हैं। स्थानीय व्यापारियों के अनुसार यह नगर का प्रमुख व्यावसायिक बैंक है। आरोप है कि बैंक कर्मचारी दोपहर करीब दो बजे सुरक्षा कर्मी से बाहरी गेट पर ताला लगवा देते हैं और करीब आधे घंटे तक लंच करते हैं। इस दौरान बाहर खड़े ग्राहकों को गेट खुलने का इंतजार करना पड़ता है।
व्यापारियों का कहना है कि जब से शाखा में नए प्रबंधक ने कार्यभार संभाला है, तब से यह व्यवस्था शुरू हुई है। इससे ग्राहकों को असुविधा हो रही है और व्यापारियों में असुरक्षा की भावना भी बढ़ रही है।
इस संबंध में शाखा प्रबंधक Faizan Ahmad ने बताया कि बैंक के नियमों के अनुसार लंच के समय शाखा को बाहर से बंद कर कर्मचारी भोजन करते हैं। लंच समाप्त होने के बाद ग्राहकों को सामान्य रूप से बैंकिंग सेवाएं दी जाती हैं।
डिजिटल झारखंड की नई पहचान: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने किया NIC की विशेष 'कॉफी टेबल बुक' का लोकार्पण।

रांची: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने सोमवार को झारखंड विधानसभा स्थित अपने कक्ष में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के आला अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने झारखंड की डिजिटल विकास यात्रा को दर्शाने वाली एक विशेष "कॉफी टेबल बुक" का लोकार्पण किया।

डिजिटल नवाचारों का दस्तावेज:

लोकार्पण के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पारदर्शिता और सुशासन सुनिश्चित करने में तकनीक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। एनआईसी द्वारा तैयार की गई इस “कॉफी टेबल बुक” में झारखंड सरकार के साथ मिलकर संचालित की जा रही विभिन्न ई-गवर्नेंस परियोजनाओं, महत्वपूर्ण डिजिटल पहलों और राज्य में हुए तकनीकी नवाचारों का विस्तृत और डेटा-आधारित विवरण प्रस्तुत किया गया है।

प्रमुख अधिकारियों की रही मौजूदगी:

मुलाकात के दौरान राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के महानिदेशक श्री अभिषेक सिंह, उप-महानिदेशक श्री दीपक कुमार और वैज्ञानिक-‘एफ’ श्री ओमेश प्रसाद सिन्हा उपस्थित रहे। उन्होंने मुख्यमंत्री को भविष्य की योजनाओं और डिजिटल इंडिया मिशन के तहत राज्य में चल रहे प्रोजेक्ट्स के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस खास मौके पर राज्य के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार भी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ने एनआईसी की पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि ऐसी पुस्तकें न केवल सरकारी उपलब्धियों का दस्तावेज होती हैं, बल्कि आने वाले समय में डिजिटल सशक्तिकरण के लिए नए मार्ग भी प्रशस्त करती हैं।

डिजिटल झारखंड की झलक: सीएम हेमन्त सोरेन ने NIC की विशेष 'कॉफी टेबल बुक' का किया लोकार्पण।

रांची: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज झारखंड विधानसभा स्थित अपने कक्ष में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण मुलाकात की और राज्य की डिजिटल प्रगति को दर्शाने वाली एक विशेष पुस्तक का लोकार्पण किया।

कॉफी टेबल बुक का विमोचन:

इस शिष्टाचार मुलाकात के अवसर पर मुख्यमंत्री ने NIC द्वारा तैयार की गई “कॉफी टेबल बुक” का विमोचन किया। इस आकर्षक पुस्तक में झारखंड में NIC द्वारा संचालित विभिन्न ई-गवर्नेंस परियोजनाओं, डिजिटल पहलों और राज्य सरकार के साथ मिलकर किए गए तकनीकी नवाचारों का विस्तृत विवरण दिया गया है। मुख्यमंत्री ने सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से जन-कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने में NIC की भूमिका की सराहना की।

प्रमुख अधिकारियों की उपस्थिति:

मुलाकात के दौरान NIC के महानिदेशक श्री अभिषेक सिंह, उप-महानिदेशक श्री दीपक कुमार और वैज्ञानिक-‘एफ’ श्री ओमेश प्रसाद सिन्हा उपस्थित रहे। उन्होंने मुख्यमंत्री को भविष्य की डिजिटल रणनीतियों और तकनीकी सहयोग के बारे में भी जानकारी दी। लोकार्पण के इस खास मौके पर राज्य के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार भी मौजूद थे।

डिजिटल सशक्तिकरण पर जोर:

मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शी और त्वरित सुशासन के लिए तकनीक का उपयोग अनिवार्य है। राज्य सरकार हर नागरिक तक डिजिटल सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और NIC की यह नई पुस्तक इन प्रयासों को जनता के सामने लाने का एक बेहतर माध्यम साबित होगी।

सत्ता और विपक्ष का महामिलन: लोक भवन में आयोजित रात्रि भोज में राज्यपाल और मुख्यमंत्री सहित कई दिग्गज हुए शामिल।

रांची: षष्ठम झारखंड विधानसभा के पंचम (बजट) सत्र-2026 के सफल संचालन के उपलक्ष्य में लोक भवन में एक भव्य रात्रि भोज का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में सत्ता और विपक्ष के माननीय सदस्यों के सम्मान में एक मंच पर राज्य की प्रमुख हस्तियां एकत्रित हुईं।

इस गरिमामय संध्या में माननीय राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार और माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन मुख्य रूप से सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल का स्वागत किया और दोनों ने राज्य के विकास और सदन की कार्यवाही को लेकर सौहार्दपूर्ण वातावरण में चर्चा की।

एकजुटता का संदेश:

सदन की गहमागहमी और बजट सत्र की व्यस्तताओं के बीच, इस रात्रि भोज ने सभी माननीयों को एक अनौपचारिक वातावरण में मिलने का अवसर प्रदान किया। कार्यक्रम में राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य, विभिन्न दलों के विधायकगण और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारीगण भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

भोज के दौरान सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आपसी संवाद पर जोर रहा, जिससे यह संदेश गया कि वैचारिक मतभेदों के बावजूद राज्य के हित में सभी माननीय एक साथ खड़े हैं। कार्यक्रम का आयोजन पूरी गरिमा के साथ किया गया, जिसमें झारखंड की मेहमाननवाजी की झलक देखने को मिली।

सरहुल की तैयारियों में जुटा प्रशासन: उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा— "श्रद्धालुओं की सुविधा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता"।

रांची: प्रकृति पर्व सरहुल को शांतिपूर्ण, भव्य और अनुशासित तरीके से मनाने के लिए रांची जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। सोमवार को समाहरणालय में उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें केंद्रीय सरना समिति और विभिन्न आदिवासी संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाएं:

बैठक में निर्णय लिया गया कि नगर निगम प्रमुख सरना स्थलों और शोभायात्रा मार्गों पर साफ-सफाई और लाइटिंग की पुख्ता व्यवस्था करेगा। विशेष रूप से, शोभायात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को उनके घर तक पहुंचाने के लिए नगर निगम की ओर से निःशुल्क बस सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि प्रशासन और समितियों के बीच निरंतर संवाद के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया जाएगा।

सुरक्षा और नियमों का पालन:

वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री राकेश रंजन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों का आश्वासन दिया। वहीं, बिजली विभाग ने माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों का हवाला देते हुए समितियों से आग्रह किया कि शोभायात्रा के दौरान झंडों और झांकियों की ऊंचाई 6 मीटर से अधिक न रखें, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके। साथ ही ध्वनि प्रदूषण के नियमों का पालन करने के भी निर्देश दिए गए।

आदिवासी अस्मिता और "टीम रांची":

उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने मुख्यमंत्री की सकारात्मक सोच का जिक्र करते हुए कहा कि हम “टीम रांची” के रूप में काम करेंगे। उन्होंने पिछले वर्ष के “दुनिया की जतरा” कार्यक्रम का उदाहरण देते हुए कहा कि आदिवासी संस्कृति और अस्मिता को दुनिया के सामने लाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि आपसी सहयोग से सरहुल का पर्व पूरे उल्लास और गरिमा के साथ संपन्न होगा।

बैठक में ट्रैफिक प्रबंधन, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा और आपातकालीन सेवाओं को लेकर भी संबंधित विभागों को कड़े निर्देश दिए गए।

सामूहिक विवाह कार्यक्रम में पहुंचा पूर्व मंत्री जगदीश सोनकर का परिवार, वर वधू को दिया आशीर्वाद
जौनपुर। पूर्वांचल का प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां शीतला चौकियां धाम के पास स्थित मैदान में रविवार को माँ चौकियां सेवा जनकल्याण ट्रस्ट के बैनर तले भव्य सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। रविवार की सुबह साढ़े 11 बजे से शुरू हुए इस समारोह में कुल 18 नवदंपति जोड़ों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच एक-दूसरे के साथ वरमाला डालकर सात फेरे लिए और दाम्पत्य जीवन की शुरुआत की। इस अवसर पर माँ चौकियां जनकल्याण सेवा ट्रस्ट की ओर से नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थी के उपयोग में आने वाले तमाम उपहार भेंट किए गए।
उक्त कार्यक्रम में पहुंचे पूर्व मंत्री जगदीश सोनकर के बेटे मयंक सोनकर और बहू पारिजात सोनकर ने वर वधू को आशीर्वाद दिया। मयंक सोनकर ने कहाकी सामूहिक विवाह केवल एक आयोजन नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज की बदलती सोच और प्रगतिशीलता का प्रतीक है। आज का दिन आप सभी के लिए एक नई शुरुआत का प्रतीक है। विवाह केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं है, बल्कि दो परिवारों, दो संस्कृतियों और दो आत्माओं का संगम है। प्यार के साथ-साथ एक-दूसरे के प्रति सम्मान और अटूट विश्वास ही एक मजबूत रिश्ते की नींव है। एक-दूसरे की छोटी-छोटी खुशियों का ख्याल रखें। शादी के बाद अब आप दो अलग परिवार नहीं, बल्कि एक बड़ा परिवार हैं। जैसे आप अपने माता-पिता का सम्मान करते हैं, वैसे ही अपने जीवनसाथी के माता-पिता को भी वही स्थान और आदर दें। याद रखें, जिन घरों में बुजुर्गों का सम्मान होता है, वहाँ बरकत और शांति हमेशा बनी रहती है। अंत में, बस इतना ही कहूंगा कि एक-दूसरे का हाथ थामकर और परिवारों का आशीर्वाद लेकर आगे बढ़ें। आपका जीवन खुशियों और आपसी विश्वास से महकता रहे।
प्रयागराज मण्डल ने विन्ध्याचल चैत्र नवरात्रि मेला में यात्रियो की सुविधा के लिए किये इंतजाम।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।मण्डल ने दिनांक 19.03.2026 से 02.04.2026 तक चलने वाले विंध्याचल चैत्र नवरात्रि मेला में विंध्याचल स्टेशन पर यात्रियो की सुविधा के लिए रेल प्रशासन द्वारा तैयारियां की जा रही हैं।समय सारणी किराया सूची, प्रवेश निकास और आरक्षित व अनारक्षित टिकट काऊंटर के साइनेज रेलवे परिसर में उपयुक्त स्थानो पर लगाए जा रहे है इससे यात्रियों को संबन्धित जानकारी आसनी से उपलब्ध हो सकेगी। विंध्याचल स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए 3 अनारक्षित टिकट काउंटर 1 आरक्षित टिकट काउंटर 1 खोया पाया केन्द्र एवं 1 पूछताछ केन्द्र उपलब्ध है । यात्रियों को आसानी से टिकट उपलब्ध कराने के लिए टिकट काउंटर पर कार्य करने के लिए 12 अतिरिक्त स्टाफ उपलब्ध कराये जा रहे है और 12 टिकिट चेकिंग स्टाफ की ड्यूटी लगायी है।आरक्षण काउंटर को दोनों पालियों में संचालित किया जाएगा।विन्ध्याचल स्टेशन पर खानपान के लिए 4 कार्यरत स्टाल पहले से यात्रियों को अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।विन्ध्याचल स्टेशन पर 25 जोड़ी गाड़ियों नियमित रूप से रुकती हैं इसके अतिरिक्त श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 5 अतिरिक्त गाड़ियो को ठहराव दिया गया है।यात्रियों को अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के क्रम में अस्थाई तौर पर 3 वाटर पॉइंट अतिरिक्त 15 पुरुष शौचालय 15 महिला शौचालय एवं 10 स्नानघर अतिरिक्त उपलब्ध कराये जाएंगे।यात्रियों की सुविधा के लिए विंध्याचल स्टेशन पर सेंट जॉन एम्बुलेंस ब्रिगेड नागरिक सुरक्षा संगठन, भारत स्काउट एवं गाइड के स्वयंवसेवी यात्रियों को सहायता के लिए उपलब्ध रहेंगे।नवरात्रि मेला के दौरान विंध्याचल स्टेशन पर श्रद्धालुओं की सेवा के लिए पर्याप्त संख्या में रेलवे सुरक्षा बल एवं राजकीय रेलवे पुलिस स्टाफ सुरक्षा में तैनात रहेंगे।

डूडा ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के 368 लाभार्थियों को प्रथम किस्त स्थानांतरित की
फर्रुखाबाद l जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) द्वारा संचालित प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 की शुरुआत 01 सितम्बर 2024 से की गई है। यह योजना आगामी पाँच वर्षों (2029 तक) के लिए शहरी गरीब एवं मध्यम आय वर्ग के परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को आवास निर्माण के लिए ₹2,50,000 की अनुदान राशि प्रदान की जाती है।

यह राशि तीन किश्तों में दी जाती है, जिसमें प्रथम किश्त ₹1,00,000, द्वितीय किश्त ₹1,00,000 तथा तृतीय किश्त ₹50,000 नियमानुसार उपलब्ध कराई जाती है। 16 मार्च 2026 को मुख्यमंत्री द्वारा 90 हजार लाभार्थियों के खातों में सिंगल क्लिक के माध्यम से सीधे प्रथम किश्त की धनराशि हस्तांतरित की गई।प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के प्रथम चरण में जनपद के 11,514 लाभार्थियों को पक्का आवास उपलब्ध कराया जा चुका है। आज आयोजित कार्यक्रम में कलेक्ट्रेट सभागार में 100 लाभार्थियों को जनप्रतिनिधियों द्वारा स्वीकृति पत्र वितरित किए गए।

इस दौरान जनपद के 368 लाभार्थियों को प्रथम किश्त के रूप में कुल ₹3,68,00,000 की धनराशि निर्गत की गई, जिसकी सूचना लाभार्थियों के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर संदेश के माध्यम से प्राप्त हो रही है।इस दौरान मुख्यमंत्री कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी देखा गया। कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख रुप से जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी,  जिला पंचायत अध्यक्ष मोनिका यादव  विधायक अमृतपुर सुशील शाक्य जिला अधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी, जिला विकास अधिकारी श्याम कुमार तिवारी उप जिला अधिकारी गजराज सिंह यादव, (न्यायिक), परियोजना अधिकारी नितिन सक्सेना, सी०एल०टी०सी०, डूडा समस्त डूडा कर्मचारी
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत 16 मार्च 2026 को सिंगल क्लिक के माध्यम से प्रथम किश्त प्राप्त करने वाले लाभार्थियों में निकायवार
फर्रुखाबाद एक कमालगंज 39 खिमसेपुर 140 संकिसा 80 शमसाबाद 108 कुल 368 को वितरित किए गए l
उदयभान करवरिया की मौजूदगी में कंजासा का होली मिलन बना ऐतिहासिक।

फाल्गुन की रात में उमड़ा जनसैलाब कलाकारो का अभूतपूर्व जमावड़ा।

महाराज भवन कंजासा बना रंग-संगीत का रणक्षेत्र.देर रात तक गूंजती रही तालियां।

संजय द्विवेदी प्रयागराज। यमुनानगर क्षेत्र में फाल्गुन की मस्त हवा ढोलक की थाप और अबीर-गुलाल की उड़ती खुशबू के बीच घूरपुर थाना क्षेत्र के कंजासा गांव में इस बार ऐसा होली मिलन हुआ जिसने पूरे इलाके की धड़कन तेज कर दी।महराज भवन कंजासा में सजी यह संध्या किसी साधारण कार्यक्रम की तरह नहीं, बल्कि रंग रस और राग का ऐसा महायुद्ध बन गई जिसमें मंच पर कलाकार और मैदान में जनसैलाब आमने-सामने दिखाई दिया। देर रात तक तालियो की गड़गड़ाहट ऐसे गूंजती रही जैसे किसी विजय उत्सव का बिगुल बज रहा हो। कार्यक्रम में पूर्व बारा विधायक उदयभान करवरिया की मौजूदगी ने आयोजन को अलग ही ऊंचाई दे दी। उनके पहुंचते ही पंडाल में बैठी भीड़ खड़ी हो गई और स्वागत की आवाजें दूर तक सुनाई देने लगीं। उनके साथ पूर्व सांसद रीता बहुगुणा जोशी जसरा ब्लॉक प्रमुख पप्पू सिंह छतहरा समाजसेवी मुकेश द्विवेदी, सजावल द्विवेदी, राकेश द्विवेदी महराज परिवार के सदस्य पत्रकारगण और क्षेत्र के तमाम गणमान्य लोग मंच के सामने डटे रहे और पूरे कार्यक्रम का आनंद लेते रहे। जैसे-जैसे रात गहराती गई, वैसे-वैसे मंच का रंग और गाढ़ा होता गया।अंतरराष्ट्रीय भजन गायक मित्र बंधु ने ऐसा सुर छेड़ा कि भीड़ एकदम शांत होकर सुनती रही फिर गायक शानू भानु की आवाज ने माहौल को झकझोर दिया। गायिका मंजिता त्रिवेदी की प्रस्तुति पर तालियो की बारिश होने लगी और जब राधा-कृष्ण समूह नृत्य शुरू हुआ तो पूरा मैदान ब्रज की होली जैसा दिखाई देने लगा।इस आयोजन की कमान संभाले समाजसेवी मुकेश द्विवेदी और उनके सहयोगियों ने तैयारी में कोई कसर नहीं छोड़ी।सजावट से लेकर मंच व्यवस्था तक हर चीज ऐसी थी कि लोग बार-बार कहते सुनाई दिए कि कंजासा में इस बार का होली मिलन पहले के सभी कार्यक्रमों पर भारी पड़ गया।फाल्गुन की यह रात केवल एक समारोह नहीं रही बल्कि यह वह मौका बन गई जब गांव समाज और जनप्रतिनिधि एक ही मंच के सामने खड़े दिखे।रंग संगीत और भीड़ का ऐसा संगम बहुत कम देखने को मिलता है। कंजासा की यह होली मिलन संध्या अब इलाके में लंबे समय तक चर्चा का विषय बनी रहेगी।

देवघर राज्य स्तरीय खादी ग्रामोद्योग 2026 प्रदर्शन बिक्री कार्यक्रम का सातवां दिन।
देवघर: झारखंड राज्य स्तरीय खादी प्रर्दशनी सह बिक्री कार्यक्रम'' का आज सातवां दिन है। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के वोकल फॉर लोकल को चरितार्थ करते हुए देवघर की जनता द्वारा खादी एवं ग्रामोद्योगी स्‍वदेशी उत्‍पादों की जमकर खरीददारी की जा रही है। प्रधानमंत्री के स्‍वदेशी के संकल्‍प को सार्थक करने की दिशा में सकारात्‍मक पहल करते हुए  मनोज कुमार, अध्‍यक्ष, खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC), सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम मंत्रालय (भारत सरकार) के कुशल नेतृत्‍व में लगाई यह प्रदर्शनी सह बिक्री खादी एवं ग्रामोद्योगी उत्‍पादों की रिकार्ड बिक्री को पार करेगी। ''खादी एवं ग्रामोद्योगी उत्‍पादों की राज्‍य स्‍तरीय खादी प्रदर्शनी में रिकार्ड बिक्री। विशेष आकर्षण :- सभी आयु वर्ग के नगरवासियों का अभूतपूर्व आगमन I विभिन्न स्टॉलों पर जमकर खादी वस्त्रों और ग्रामोद्योगी वस्तुओं की, की गई खरीदारी I झारखण्‍ड राज्‍य के खादी की स्‍टॉलों पर लोकल खादी वस्‍त्र जैसे- सिल्क खादी, सूती खादी, मसलीन खादी तथा पोलीवस्‍त्र के अलावा पारंपरिक खादी के वस्‍त्र लोगों के लिए आकर्षण के केन्‍द्र। युवाओं को लुभा रही है- खादी के रेडीमेड कुर्ता-पाजामा, खादी बंडी, रेशमी खादी के सर्ट-पैंट आदि। सन 1957 से आयोग द्वारा वित्‍तपोषित खादी की संस्‍थाऍं जो देश की आजादी की परिचायक 'खादी' की विरासत को संजोए हुए हैं एवं खादी को आधुनिक परिवेश के अनुसार नये कलेवर में प्रस्तुत कर रही हैं। खादी की स्‍टॉलों पर उपलब्‍ध तसर -कटिया से निर्मित कुर्ते बंडी, शर्ट तथा तसर साड़ियों, कुर्ती, सलवार -सूट पीस लोगों की खास पसन्‍द I पश्चिम बंगाल की संस्‍थाओं के स्‍टॉलों पर पश्चिम बंगाल की पहचान कहे जाने वाले बारीक मलमल (मसलीन) विशेष आकर्षण का केन्‍द्र, जिसे प्राचीन काल में राजा-महाराजाओं द्वारा पहनने का प्रचलन था। पश्चिम बंगाल की खादी संस्‍थाओं के स्‍टॉलों पर बालूचरी साड़ियाँ, काथा साड़ियाँ, पश्चिम बंगाल की पारंपरिक सूती साड़ियाँ भी आकर्षण के मुख्य केन्द्र। सुस्वादपूर्ण आँवला के मुरब्बे, आँवला कैंडी एवं विभिन्न प्रकार के आचार, चटनी आदि के ग्रामोद्योगी उत्‍पाद भी धड़ले से मेले में बिक रहे। खादी वस्त्र बुनाई के सजीव प्रदर्शन हेतु स्थापित किया गया एक फ्रेम का लूम बच्‍चों एवं नई पीढ़ी के लिए कौतूहल का केन्‍द्र। यहां की जा रही पोली- कटिया थान की लाईव बुनाई, इस आधुनिक परिवेश में बच्‍चों को देखने एवं समझने के लायक। प्रदर्शनी स्थल पर देवघर के प्रतिभावान कलाकारों द्वारा प्रतिदिन प्रस्‍तुत किए जाने वाले सांस्‍कृतिक कार्यक्रम प्रस्‍तुत कर रहे स्‍वस्‍थ मनोरंजन के अवसर जो बच्‍चों एवं कलाप्रेमियों को कर रहे मंत्रमुग्‍ध। ऐसा प्रतीत होता है कि सम्पूर्ण देवघरवासी माननीय प्रधानमंत्री जी के "विकसित भारत" के संकल्प को साकार करने हेतु उक्त प्रदर्शनी में स्वदेश एवं दूर - दराज के गाँवों में निर्मित खादी एवं ग्रामोद्योग वस्तुओं की खरीदारी करके अपना योगदान देश के प्रति समर्पित कर रहें हैं I आयोजकों द्वारा अपील की भारी संख्‍या में पधारकर इस दुलर्भ अवसर का लाभ उठायें एवं अपनी छोटी-छोटी खरीददारी से देश की अर्थव्‍यवस्‍था में अपना सकारात्‍मक योगदान देकर एक सच्‍चे देशभक्‍त होने का गौरव प्राप्‍त करें
आजमगढ़:-बैंक में ताला लगाकर लंच करने से व्यापारियों में आक्रोश,बोले प्रबंधक नियमो के अनुसार लंच के समय किया जाता है बन्द
वी कुमार यदुवंशी
आजमगढ़। माहुल नगर के पवई रोड स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शाखा पर सोमवार दोपहर लंच के समय गेट पर ताला लटकता देख व्यापारियों में आक्रोश फैल गया। भाजपा नेता सुजीत जायसवाल आशु के नेतृत्व में व्यापारी बैंक के बाहर एकत्र हो गए और बैंक कर्मचारियों पर ग्राहकों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।
नगर पंचायत माहुल के पवई रोड पर स्थित इस बैंक शाखा से क्षेत्र के करीब 100 गांवों के किसान, व्यापारी और छात्र लेन-देन करते हैं। स्थानीय व्यापारियों के अनुसार यह नगर का प्रमुख व्यावसायिक बैंक है। आरोप है कि बैंक कर्मचारी दोपहर करीब दो बजे सुरक्षा कर्मी से बाहरी गेट पर ताला लगवा देते हैं और करीब आधे घंटे तक लंच करते हैं। इस दौरान बाहर खड़े ग्राहकों को गेट खुलने का इंतजार करना पड़ता है।
व्यापारियों का कहना है कि जब से शाखा में नए प्रबंधक ने कार्यभार संभाला है, तब से यह व्यवस्था शुरू हुई है। इससे ग्राहकों को असुविधा हो रही है और व्यापारियों में असुरक्षा की भावना भी बढ़ रही है।
इस संबंध में शाखा प्रबंधक Faizan Ahmad ने बताया कि बैंक के नियमों के अनुसार लंच के समय शाखा को बाहर से बंद कर कर्मचारी भोजन करते हैं। लंच समाप्त होने के बाद ग्राहकों को सामान्य रूप से बैंकिंग सेवाएं दी जाती हैं।
डिजिटल झारखंड की नई पहचान: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने किया NIC की विशेष 'कॉफी टेबल बुक' का लोकार्पण।

रांची: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने सोमवार को झारखंड विधानसभा स्थित अपने कक्ष में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के आला अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने झारखंड की डिजिटल विकास यात्रा को दर्शाने वाली एक विशेष "कॉफी टेबल बुक" का लोकार्पण किया।

डिजिटल नवाचारों का दस्तावेज:

लोकार्पण के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पारदर्शिता और सुशासन सुनिश्चित करने में तकनीक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। एनआईसी द्वारा तैयार की गई इस “कॉफी टेबल बुक” में झारखंड सरकार के साथ मिलकर संचालित की जा रही विभिन्न ई-गवर्नेंस परियोजनाओं, महत्वपूर्ण डिजिटल पहलों और राज्य में हुए तकनीकी नवाचारों का विस्तृत और डेटा-आधारित विवरण प्रस्तुत किया गया है।

प्रमुख अधिकारियों की रही मौजूदगी:

मुलाकात के दौरान राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के महानिदेशक श्री अभिषेक सिंह, उप-महानिदेशक श्री दीपक कुमार और वैज्ञानिक-‘एफ’ श्री ओमेश प्रसाद सिन्हा उपस्थित रहे। उन्होंने मुख्यमंत्री को भविष्य की योजनाओं और डिजिटल इंडिया मिशन के तहत राज्य में चल रहे प्रोजेक्ट्स के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस खास मौके पर राज्य के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार भी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ने एनआईसी की पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि ऐसी पुस्तकें न केवल सरकारी उपलब्धियों का दस्तावेज होती हैं, बल्कि आने वाले समय में डिजिटल सशक्तिकरण के लिए नए मार्ग भी प्रशस्त करती हैं।

डिजिटल झारखंड की झलक: सीएम हेमन्त सोरेन ने NIC की विशेष 'कॉफी टेबल बुक' का किया लोकार्पण।

रांची: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज झारखंड विधानसभा स्थित अपने कक्ष में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण मुलाकात की और राज्य की डिजिटल प्रगति को दर्शाने वाली एक विशेष पुस्तक का लोकार्पण किया।

कॉफी टेबल बुक का विमोचन:

इस शिष्टाचार मुलाकात के अवसर पर मुख्यमंत्री ने NIC द्वारा तैयार की गई “कॉफी टेबल बुक” का विमोचन किया। इस आकर्षक पुस्तक में झारखंड में NIC द्वारा संचालित विभिन्न ई-गवर्नेंस परियोजनाओं, डिजिटल पहलों और राज्य सरकार के साथ मिलकर किए गए तकनीकी नवाचारों का विस्तृत विवरण दिया गया है। मुख्यमंत्री ने सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से जन-कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने में NIC की भूमिका की सराहना की।

प्रमुख अधिकारियों की उपस्थिति:

मुलाकात के दौरान NIC के महानिदेशक श्री अभिषेक सिंह, उप-महानिदेशक श्री दीपक कुमार और वैज्ञानिक-‘एफ’ श्री ओमेश प्रसाद सिन्हा उपस्थित रहे। उन्होंने मुख्यमंत्री को भविष्य की डिजिटल रणनीतियों और तकनीकी सहयोग के बारे में भी जानकारी दी। लोकार्पण के इस खास मौके पर राज्य के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार भी मौजूद थे।

डिजिटल सशक्तिकरण पर जोर:

मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शी और त्वरित सुशासन के लिए तकनीक का उपयोग अनिवार्य है। राज्य सरकार हर नागरिक तक डिजिटल सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और NIC की यह नई पुस्तक इन प्रयासों को जनता के सामने लाने का एक बेहतर माध्यम साबित होगी।

सत्ता और विपक्ष का महामिलन: लोक भवन में आयोजित रात्रि भोज में राज्यपाल और मुख्यमंत्री सहित कई दिग्गज हुए शामिल।

रांची: षष्ठम झारखंड विधानसभा के पंचम (बजट) सत्र-2026 के सफल संचालन के उपलक्ष्य में लोक भवन में एक भव्य रात्रि भोज का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में सत्ता और विपक्ष के माननीय सदस्यों के सम्मान में एक मंच पर राज्य की प्रमुख हस्तियां एकत्रित हुईं।

इस गरिमामय संध्या में माननीय राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार और माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन मुख्य रूप से सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल का स्वागत किया और दोनों ने राज्य के विकास और सदन की कार्यवाही को लेकर सौहार्दपूर्ण वातावरण में चर्चा की।

एकजुटता का संदेश:

सदन की गहमागहमी और बजट सत्र की व्यस्तताओं के बीच, इस रात्रि भोज ने सभी माननीयों को एक अनौपचारिक वातावरण में मिलने का अवसर प्रदान किया। कार्यक्रम में राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य, विभिन्न दलों के विधायकगण और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारीगण भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

भोज के दौरान सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आपसी संवाद पर जोर रहा, जिससे यह संदेश गया कि वैचारिक मतभेदों के बावजूद राज्य के हित में सभी माननीय एक साथ खड़े हैं। कार्यक्रम का आयोजन पूरी गरिमा के साथ किया गया, जिसमें झारखंड की मेहमाननवाजी की झलक देखने को मिली।

सरहुल की तैयारियों में जुटा प्रशासन: उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा— "श्रद्धालुओं की सुविधा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता"।

रांची: प्रकृति पर्व सरहुल को शांतिपूर्ण, भव्य और अनुशासित तरीके से मनाने के लिए रांची जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। सोमवार को समाहरणालय में उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें केंद्रीय सरना समिति और विभिन्न आदिवासी संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाएं:

बैठक में निर्णय लिया गया कि नगर निगम प्रमुख सरना स्थलों और शोभायात्रा मार्गों पर साफ-सफाई और लाइटिंग की पुख्ता व्यवस्था करेगा। विशेष रूप से, शोभायात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को उनके घर तक पहुंचाने के लिए नगर निगम की ओर से निःशुल्क बस सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि प्रशासन और समितियों के बीच निरंतर संवाद के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया जाएगा।

सुरक्षा और नियमों का पालन:

वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री राकेश रंजन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों का आश्वासन दिया। वहीं, बिजली विभाग ने माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों का हवाला देते हुए समितियों से आग्रह किया कि शोभायात्रा के दौरान झंडों और झांकियों की ऊंचाई 6 मीटर से अधिक न रखें, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके। साथ ही ध्वनि प्रदूषण के नियमों का पालन करने के भी निर्देश दिए गए।

आदिवासी अस्मिता और "टीम रांची":

उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने मुख्यमंत्री की सकारात्मक सोच का जिक्र करते हुए कहा कि हम “टीम रांची” के रूप में काम करेंगे। उन्होंने पिछले वर्ष के “दुनिया की जतरा” कार्यक्रम का उदाहरण देते हुए कहा कि आदिवासी संस्कृति और अस्मिता को दुनिया के सामने लाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि आपसी सहयोग से सरहुल का पर्व पूरे उल्लास और गरिमा के साथ संपन्न होगा।

बैठक में ट्रैफिक प्रबंधन, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा और आपातकालीन सेवाओं को लेकर भी संबंधित विभागों को कड़े निर्देश दिए गए।

सामूहिक विवाह कार्यक्रम में पहुंचा पूर्व मंत्री जगदीश सोनकर का परिवार, वर वधू को दिया आशीर्वाद
जौनपुर। पूर्वांचल का प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां शीतला चौकियां धाम के पास स्थित मैदान में रविवार को माँ चौकियां सेवा जनकल्याण ट्रस्ट के बैनर तले भव्य सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। रविवार की सुबह साढ़े 11 बजे से शुरू हुए इस समारोह में कुल 18 नवदंपति जोड़ों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच एक-दूसरे के साथ वरमाला डालकर सात फेरे लिए और दाम्पत्य जीवन की शुरुआत की। इस अवसर पर माँ चौकियां जनकल्याण सेवा ट्रस्ट की ओर से नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थी के उपयोग में आने वाले तमाम उपहार भेंट किए गए।
उक्त कार्यक्रम में पहुंचे पूर्व मंत्री जगदीश सोनकर के बेटे मयंक सोनकर और बहू पारिजात सोनकर ने वर वधू को आशीर्वाद दिया। मयंक सोनकर ने कहाकी सामूहिक विवाह केवल एक आयोजन नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज की बदलती सोच और प्रगतिशीलता का प्रतीक है। आज का दिन आप सभी के लिए एक नई शुरुआत का प्रतीक है। विवाह केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं है, बल्कि दो परिवारों, दो संस्कृतियों और दो आत्माओं का संगम है। प्यार के साथ-साथ एक-दूसरे के प्रति सम्मान और अटूट विश्वास ही एक मजबूत रिश्ते की नींव है। एक-दूसरे की छोटी-छोटी खुशियों का ख्याल रखें। शादी के बाद अब आप दो अलग परिवार नहीं, बल्कि एक बड़ा परिवार हैं। जैसे आप अपने माता-पिता का सम्मान करते हैं, वैसे ही अपने जीवनसाथी के माता-पिता को भी वही स्थान और आदर दें। याद रखें, जिन घरों में बुजुर्गों का सम्मान होता है, वहाँ बरकत और शांति हमेशा बनी रहती है। अंत में, बस इतना ही कहूंगा कि एक-दूसरे का हाथ थामकर और परिवारों का आशीर्वाद लेकर आगे बढ़ें। आपका जीवन खुशियों और आपसी विश्वास से महकता रहे।
प्रयागराज मण्डल ने विन्ध्याचल चैत्र नवरात्रि मेला में यात्रियो की सुविधा के लिए किये इंतजाम।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।मण्डल ने दिनांक 19.03.2026 से 02.04.2026 तक चलने वाले विंध्याचल चैत्र नवरात्रि मेला में विंध्याचल स्टेशन पर यात्रियो की सुविधा के लिए रेल प्रशासन द्वारा तैयारियां की जा रही हैं।समय सारणी किराया सूची, प्रवेश निकास और आरक्षित व अनारक्षित टिकट काऊंटर के साइनेज रेलवे परिसर में उपयुक्त स्थानो पर लगाए जा रहे है इससे यात्रियों को संबन्धित जानकारी आसनी से उपलब्ध हो सकेगी। विंध्याचल स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए 3 अनारक्षित टिकट काउंटर 1 आरक्षित टिकट काउंटर 1 खोया पाया केन्द्र एवं 1 पूछताछ केन्द्र उपलब्ध है । यात्रियों को आसानी से टिकट उपलब्ध कराने के लिए टिकट काउंटर पर कार्य करने के लिए 12 अतिरिक्त स्टाफ उपलब्ध कराये जा रहे है और 12 टिकिट चेकिंग स्टाफ की ड्यूटी लगायी है।आरक्षण काउंटर को दोनों पालियों में संचालित किया जाएगा।विन्ध्याचल स्टेशन पर खानपान के लिए 4 कार्यरत स्टाल पहले से यात्रियों को अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।विन्ध्याचल स्टेशन पर 25 जोड़ी गाड़ियों नियमित रूप से रुकती हैं इसके अतिरिक्त श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 5 अतिरिक्त गाड़ियो को ठहराव दिया गया है।यात्रियों को अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के क्रम में अस्थाई तौर पर 3 वाटर पॉइंट अतिरिक्त 15 पुरुष शौचालय 15 महिला शौचालय एवं 10 स्नानघर अतिरिक्त उपलब्ध कराये जाएंगे।यात्रियों की सुविधा के लिए विंध्याचल स्टेशन पर सेंट जॉन एम्बुलेंस ब्रिगेड नागरिक सुरक्षा संगठन, भारत स्काउट एवं गाइड के स्वयंवसेवी यात्रियों को सहायता के लिए उपलब्ध रहेंगे।नवरात्रि मेला के दौरान विंध्याचल स्टेशन पर श्रद्धालुओं की सेवा के लिए पर्याप्त संख्या में रेलवे सुरक्षा बल एवं राजकीय रेलवे पुलिस स्टाफ सुरक्षा में तैनात रहेंगे।

डूडा ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के 368 लाभार्थियों को प्रथम किस्त स्थानांतरित की
फर्रुखाबाद l जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) द्वारा संचालित प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 की शुरुआत 01 सितम्बर 2024 से की गई है। यह योजना आगामी पाँच वर्षों (2029 तक) के लिए शहरी गरीब एवं मध्यम आय वर्ग के परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को आवास निर्माण के लिए ₹2,50,000 की अनुदान राशि प्रदान की जाती है।

यह राशि तीन किश्तों में दी जाती है, जिसमें प्रथम किश्त ₹1,00,000, द्वितीय किश्त ₹1,00,000 तथा तृतीय किश्त ₹50,000 नियमानुसार उपलब्ध कराई जाती है। 16 मार्च 2026 को मुख्यमंत्री द्वारा 90 हजार लाभार्थियों के खातों में सिंगल क्लिक के माध्यम से सीधे प्रथम किश्त की धनराशि हस्तांतरित की गई।प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के प्रथम चरण में जनपद के 11,514 लाभार्थियों को पक्का आवास उपलब्ध कराया जा चुका है। आज आयोजित कार्यक्रम में कलेक्ट्रेट सभागार में 100 लाभार्थियों को जनप्रतिनिधियों द्वारा स्वीकृति पत्र वितरित किए गए।

इस दौरान जनपद के 368 लाभार्थियों को प्रथम किश्त के रूप में कुल ₹3,68,00,000 की धनराशि निर्गत की गई, जिसकी सूचना लाभार्थियों के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर संदेश के माध्यम से प्राप्त हो रही है।इस दौरान मुख्यमंत्री कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी देखा गया। कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख रुप से जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी,  जिला पंचायत अध्यक्ष मोनिका यादव  विधायक अमृतपुर सुशील शाक्य जिला अधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी, जिला विकास अधिकारी श्याम कुमार तिवारी उप जिला अधिकारी गजराज सिंह यादव, (न्यायिक), परियोजना अधिकारी नितिन सक्सेना, सी०एल०टी०सी०, डूडा समस्त डूडा कर्मचारी
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत 16 मार्च 2026 को सिंगल क्लिक के माध्यम से प्रथम किश्त प्राप्त करने वाले लाभार्थियों में निकायवार
फर्रुखाबाद एक कमालगंज 39 खिमसेपुर 140 संकिसा 80 शमसाबाद 108 कुल 368 को वितरित किए गए l
उदयभान करवरिया की मौजूदगी में कंजासा का होली मिलन बना ऐतिहासिक।

फाल्गुन की रात में उमड़ा जनसैलाब कलाकारो का अभूतपूर्व जमावड़ा।

महाराज भवन कंजासा बना रंग-संगीत का रणक्षेत्र.देर रात तक गूंजती रही तालियां।

संजय द्विवेदी प्रयागराज। यमुनानगर क्षेत्र में फाल्गुन की मस्त हवा ढोलक की थाप और अबीर-गुलाल की उड़ती खुशबू के बीच घूरपुर थाना क्षेत्र के कंजासा गांव में इस बार ऐसा होली मिलन हुआ जिसने पूरे इलाके की धड़कन तेज कर दी।महराज भवन कंजासा में सजी यह संध्या किसी साधारण कार्यक्रम की तरह नहीं, बल्कि रंग रस और राग का ऐसा महायुद्ध बन गई जिसमें मंच पर कलाकार और मैदान में जनसैलाब आमने-सामने दिखाई दिया। देर रात तक तालियो की गड़गड़ाहट ऐसे गूंजती रही जैसे किसी विजय उत्सव का बिगुल बज रहा हो। कार्यक्रम में पूर्व बारा विधायक उदयभान करवरिया की मौजूदगी ने आयोजन को अलग ही ऊंचाई दे दी। उनके पहुंचते ही पंडाल में बैठी भीड़ खड़ी हो गई और स्वागत की आवाजें दूर तक सुनाई देने लगीं। उनके साथ पूर्व सांसद रीता बहुगुणा जोशी जसरा ब्लॉक प्रमुख पप्पू सिंह छतहरा समाजसेवी मुकेश द्विवेदी, सजावल द्विवेदी, राकेश द्विवेदी महराज परिवार के सदस्य पत्रकारगण और क्षेत्र के तमाम गणमान्य लोग मंच के सामने डटे रहे और पूरे कार्यक्रम का आनंद लेते रहे। जैसे-जैसे रात गहराती गई, वैसे-वैसे मंच का रंग और गाढ़ा होता गया।अंतरराष्ट्रीय भजन गायक मित्र बंधु ने ऐसा सुर छेड़ा कि भीड़ एकदम शांत होकर सुनती रही फिर गायक शानू भानु की आवाज ने माहौल को झकझोर दिया। गायिका मंजिता त्रिवेदी की प्रस्तुति पर तालियो की बारिश होने लगी और जब राधा-कृष्ण समूह नृत्य शुरू हुआ तो पूरा मैदान ब्रज की होली जैसा दिखाई देने लगा।इस आयोजन की कमान संभाले समाजसेवी मुकेश द्विवेदी और उनके सहयोगियों ने तैयारी में कोई कसर नहीं छोड़ी।सजावट से लेकर मंच व्यवस्था तक हर चीज ऐसी थी कि लोग बार-बार कहते सुनाई दिए कि कंजासा में इस बार का होली मिलन पहले के सभी कार्यक्रमों पर भारी पड़ गया।फाल्गुन की यह रात केवल एक समारोह नहीं रही बल्कि यह वह मौका बन गई जब गांव समाज और जनप्रतिनिधि एक ही मंच के सामने खड़े दिखे।रंग संगीत और भीड़ का ऐसा संगम बहुत कम देखने को मिलता है। कंजासा की यह होली मिलन संध्या अब इलाके में लंबे समय तक चर्चा का विषय बनी रहेगी।