विश्व पर्यावरण दिवस-2026 के अवसर पर ‘‘एक पेड़ माँ के नाम’’ अभियान के अंतर्गत जनपद में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का हुआ आयोजन।
जनपद प्रभारी मंत्री जी द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वृक्षारोपण कर कार्यक्रम का किया गया शुभारम्भ।
सुलतानपुर,विश्व पर्यावरण दिवस-2026 के अवसर पर राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार),खेल एवं युवा कल्याण विभाग उ०प्र०/ जनपद प्रभारी मंत्री गिरीश चन्द्र यादव की अध्यक्षता में ‘‘एक पेड़ माँ के नाम’’अभियान के अंतर्गत खुर्शीद क्लब परिसर,सुलतानपुर में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधिगण,प्रशासनिक अधिकारी व नागरिकों की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही। कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल,प्रतिनिधि विधायक लम्भुआ पंकज पटेल,जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह,पुलिस अधीक्षक चारू निगम,मुख्य विकास अधिकारी विनय कुमार सिंह,बार एसोसिएशन अध्यक्ष दिनेश कुमार दुबे सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। जिलाधिकारी द्वारा मा0 प्रभारी मंत्री जी का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। तत्पश्चात मा0 जनपद प्रभारी मंत्री जी द्वारा बेल का पौधा रोपित कर ‘‘एक पेड़ माँ के नाम’’ अभियान का शुभारम्भ किया गया। कार्यक्रम के दौरान अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों द्वारा आंवला,पीपल,सीता अशोक, बरगद,महोगनी सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया। वृक्षारोपण के उपरांत आयोजित हस्ताक्षर अभियान में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं नागरिकों ने पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण को जनआंदोलन बनाने का संकल्प लेते हुए हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने जनपद प्रभारी मंत्री को चंदन का पौधा एवं विरासत वृक्ष का स्मृति चिन्ह स्वरूप भेंट किया। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा भाजपा जिलाध्यक्ष को चंदन का पौधा एवं विरासत वृक्ष चित्र स्मृति चिन्ह स्वरूप भेंट किया गया। वहीं प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी वन प्रभाग ने जिलाधिकारी,पुलिस अधीक्षक तथा मुख्य विकास अधिकारी को विरासत वृक्ष का चित्र स्मृति चिन्ह के रूप में प्रदान किया।
भाजपा जिलाध्यक्ष ने प्रभारी मंत्री का स्वागत करते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिकाधिक वृक्ष लगाने तथा जन- सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने ‘‘एक पेड़ माँ के नाम’’ अभियान को सरकार की महत्वपूर्ण पर्यावरणीय पहल बताते हुए इसे जनआंदोलन बनाने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।
जनपद प्रभारी मंत्री जी ने जनसामान्य को सम्बोधित करते हुये कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पूरे उत्तर प्रदेश में 5 करोड़ पौधे रोपित किए जा रहे हैं, जबकि जनपद में 5 लाख 94 हजार पौधरोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने जनसामान्य से अपील की कि प्रत्येक परिवार कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसके संरक्षण का भी संकल्प ले। उन्होंने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं हैं,बल्कि मानव जीवन के आधार हैं। पीपल,बरगद, नीम एवं अन्य फलदार तथा उपयोगी वृक्ष हमारी संस्कृति,स्वास्थ्य एवं पर्यावरण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। ऐसे पौधों का अधिकाधिक रोपण कर भावी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण का निर्माण किया जा सकता है।

प्रभारी मंत्री ने केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं उपलब्धियों की जानकारी भी उपस्थित जनसमुदाय को प्रदान की तथा पर्यावरण संरक्षण को जनसहभागिता से जोड़ने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी वन प्रभाग ने जनसामान्य से वृक्षारोपण अभियान में सक्रिय सहभागिता की अपील करते हुए बताया कि जनपद में ग्राम्य विकास, पंचायती राज, कृषि, उद्यान, नगर विकास एवं अन्य विभागों के सहयोग से व्यापक स्तर पर पौधरोपण कराया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि निर्धारित लक्ष्य को शत-प्रतिशत प्राप्त किया जाएगा तथा पौधों के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी वन प्रभाग ने सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के समापन की घोषणा की।

‘‘एक पेड़ माँ के नाम’’ अभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का यह संदेश जन-जन तक पहुँचाने तथा वृक्षारोपण को सामाजिक दायित्व के रूप में अपनाने की प्रेरणा प्रदान की गई।
ग्लोबल स्कूल ऑफ इंडिया में 'विश्व पर्यावरण दिवस' पर ऑनलाइन सत्र: लॉन्च हुआ 'ग्रीन विजन 2027', जुटे IIT और पर्यावरण क्षेत्र के दिग्गज

ग्रीष्मावकाश होने के कारण 'ग्लोबल स्कूल ऑफ इंडिया' द्वारा 'विश्व पर्यावरण दिवस 2026' पर एक विशेष ऑनलाइन सत्र का आयोजन किया गया। इस वर्ष की थीम 'जलवायु परिवर्तन - धरती के संकेतों का जवाब' पर केंद्रित रही। कार्यक्रम का शुभारंभ स्कूल परिसर में निदेशक डॉ. एस. खालिद, चेयरपर्सन डॉ. निखत परवीन एवं प्राचार्या श्रीमती चाँदनी त्रिगुणायत द्वारा वृक्षारोपण से किया गया।

गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति

सत्र में शिक्षा और पर्यावरण क्षेत्र के जाने-माने विशेषज्ञ शामिल हुए:

- मुख्य अतिथि: प्रो. प्रमोद पाठक, IIT(ISM)

- विशिष्ट अतिथि: प्रो. (डॉ.) दिनकर कुमार दीक्षित, प्राचार्य, बी.एड. कॉलेज, पुरुलिया

- चेयरपर्सन: डॉ. निखत परवीन

- मैनेजर: डॉ. ममता सिन्हा

- डायरेक्टर: डॉ. एस. खालिद

- प्रिंसिपल: श्रीमती चांदनी त्रिगुणायत

कार्यक्रम की मुख्य झलकियां

उद्घाटन संबोधन

चेयरपर्सन डॉ. निखत परवीन ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण अब विकल्प नहीं, अनिवार्यता है। डायरेक्टर डॉ. एस. खालिद ने स्कूल की ग्रीन इनिशिएटिव्स की जानकारी दी। 'Clean Campus-Green Campus' के साथ ही उन्होंने बच्चों से 'Clean Home-Green Home' पर अमल करने का आह्वान किया।

मुख्य अतिथि का वक्तव्य

प्रो. प्रमोद पाठक ने जलवायु परिवर्तन के खतरों पर प्रकाश डाला और युवाओं से 'क्लाइमेट एक्शन' में आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने जोर दिया कि बच्चों को 'Change Agent' के रूप में तैयार किया जाए। उन्होंने Reduce, Reuse और Recycle का महत्वपूर्ण फॉर्मूला भी साझा किया।

विशेषज्ञ व्याख्यान

प्रो. (डॉ.) दिनकर कुमार दीक्षित ने पर्यावरण अध्ययन को पाठ्यक्रम से जोड़ते हुए कहा, "छात्र ही पर्यावरण के सबसे बड़े दूत बन सकते हैं। NSS के माध्यम से हमने हजारों छात्रों को पर्यावरण से जोड़ा है। हर स्कूल को अपना 'ईको-क्लब' बनाना चाहिए।" साथ ही उन्होंने Activity Based Teaching Method के द्वारा बच्चों को पर्यावरण संरक्षण के टिप्स देने की सलाह दी।

प्रिंसिपल का संदेश

प्रिंसिपल चांदनी त्रिगुणायत ने स्कूल का 'ग्रीन विजन 2027' लॉन्च किया, जिसके तहत 500 पेड़ लगाना, सोलर एनर्जी को बढ़ावा देना और परिसर को जीरो वेस्ट बनाना शामिल है।

डायरेक्टर डॉ. एस. खालिद ने अपने वक्तव्य में कहा, "आज का यह सत्र सिर्फ कार्यक्रम नहीं, एक आंदोलन की शुरुआत है।"

कार्यक्रम को सफल बनाने में वरीय शिक्षक श्री अरविंद कुमार रजक, श्री राकेश अरोरा,ताहिर अंसारी तथा IT हेड इंजी. काशिफ खान की सराहनीय भूमिका रही।

देवघर-में मनरेगा कर्मचारी हड़ताल को लेकर मुख्यमंत्री से गुहार लगाया संवाद और समाधान की दिशा में आगे बढ़े सरकार, मनरेगा कर्मियों की पीड़ा को समझे
देवघर: झारखंड राज्य के मनरेगा कर्मी पिछले लगभग तीन महीनों से अपनी लंबित एवं न्यायोचित मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल, विपक्षी विचारधारा अथवा बाहरी प्रभाव का परिणाम नहीं है, बल्कि उन हजारों मनरेगा कर्मियों की वास्तविक पीड़ा और वर्षों की उपेक्षा का परिणाम है, जिन्होंने लगभग दो दशकों से ग्रामीण विकास एवं मनरेगा योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हाल के दिनों में कुछ ऐसे वक्तव्य सामने आए हैं जिनमें मनरेगा कर्मियों के आंदोलन को अनुचित बताने तथा आंदोलनरत कर्मियों की मंशा पर प्रश्नचिह्न लगाने का प्रयास किया गया है। हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि यह आंदोलन किसी सरकार के विरोध का आंदोलन नहीं है, बल्कि सम्मानजनक सेवा शर्तों, सामाजिक सुरक्षा और न्यायपूर्ण व्यवस्था की मांग का आंदोलन है। हमारा सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि एक ही मनरेगा व्यवस्था में कार्यरत कर्मियों के बीच इतना बड़ा अंतर क्यों है? एक ओर राज्य मनरेगा कोषांग में कार्यरत कर्मियों को ग्रेड-पे की सुविधा प्राप्त है, वहीं दूसरी ओर क्षेत्रीय स्तर पर कार्यरत हजारों मनरेगा कर्मी आज भी मात्र 12000 रुपये प्रतिमाह मानदेय पर पूर्णकालिक सेवाएं देने को विवश हैं। एक ही परिवार के दो सदस्यों के साथ इस प्रकार का व्यवहार स्वाभाविक रूप से असंतोष और पीड़ा को जन्म देता है। हम सरकार और विभागीय अधिकारियों को अपना अभिभावक मानते हैं। इसलिए हमारी अपेक्षा टकराव नहीं, बल्कि संवेदनशीलता और न्याय की है। यदि सरकार को योजनाओं के प्रभावित होने की चिंता है तो उसे उन मनरेगा कर्मियों की भी चिंता करनी चाहिए जिनके परिवार लगातार आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। यह भी विचारणीय है कि क्या वर्तमान समय में 12000 रुपये प्रतिमाह पर किसी परिवार का सम्मानजनक जीवन-यापन संभव है? यह भी एक कटु सत्य है कि वर्षों की सेवा के दौरान 156 मनरेगा कर्मियों का निधन हो चुका है। उनके परिवार आज भी आर्थिक और सामाजिक असुरक्षा का सामना कर रहे हैं। यदि मनरेगा कर्मी राज्य के विकास के सहभागी हैं, तो उनके परिवारों की सुरक्षा और सम्मान भी राज्य की जिम्मेदारी होनी चाहिए। हम यह भी कहना चाहते हैं कि आंदोलन की वर्तमान स्थिति के लिए केवल कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा। अतीत में कई बार मनरेगा कर्मियों के आंदोलनों के दौरान सरकार एवं कर्मचारी प्रतिनिधियों के बीच लिखित समझौते हुए, मांगों पर सहमति बनी और आश्वासन दिए गए, लेकिन दुर्भाग्यवश उन समझौतों का पूर्ण क्रियान्वयन आज तक नहीं हो सका। यही कारण है कि कर्मचारियों के बीच विश्वास का संकट उत्पन्न हुआ है। जब बार-बार लिखित सहमति के बावजूद मांगें लंबित रह जाती हैं, तो स्वाभाविक रूप से कर्मचारियों का भरोसा कमजोर होता है। फिर भी हम संवाद के मार्ग में विश्वास रखते हैं। हम माननीय ग्रामीण विकास मंत्री महोदया, विभागीय सचिव एवं आयुक्त महोदय से विनम्र अपील करते हैं कि वे मनरेगा कर्मियों की पीड़ा को संवेदनशीलता के साथ समझें और आंदोलन को केवल प्रशासनिक दृष्टिकोण से देखने के बजाय मानवीय दृष्टिकोण से भी विचार करें। हम मंत्री महोदया से विशेष आग्रह करते हैं कि वे स्वयं पहल कर कर्मचारी प्रतिनिधियों के साथ सार्थक एवं परिणामोन्मुखी संवाद सुनिश्चित करें, ताकि वर्षों से लंबित समस्याओं का स्थायी समाधान निकल सके। यदि सरकार और कर्मचारी पक्ष आपसी विश्वास के साथ बातचीत करें तो समाधान का मार्ग अवश्य प्रशस्त होगा। हम पुनः स्पष्ट करना चाहते हैं कि मनरेगा कर्मी सरकार से संघर्ष नहीं, समाधान चाहते हैं; टकराव नहीं संवाद चाहते हैं; विशेषाधिकार नहीं, बल्कि सम्मानजनक जीवन, सामाजिक सुरक्षा और न्यायपूर्ण सेवा व्यवस्था चाहते हैं। मनरेगा को मजबूत बनाने के लिए मनरेगा कर्मियों को मजबूत बनाना आवश्यक है। यही राज्यहित, जनहित और ग्रामीण विकास के हित में भी होगा। झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ
पुलिस भर्ती परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा, निष्पक्ष एवं सकुशल आयोजन के लिए जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने दिए आवश्यक निर्देश

फर्रुखाबाद l उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा-2026 को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष, पारदर्शी एवं सकुशल ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर एवं पुलिस अधीक्षक आरती सिंह की संयुक्त अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में 08, 09 एवं 10 जून 2026 को जनपद के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होने वाली परीक्षा की तैयारियों का विस्तृत परीक्षण किया गया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने कहा कि परीक्षा की शुचिता एवं पारदर्शिता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि परीक्षा से संबंधित प्रत्येक व्यवस्था समयबद्ध एवं त्रुटिरहित ढंग से सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट परीक्षा दिवस पर प्रातः 07 बजे ट्रेजरी में अनिवार्य रूप से उपस्थित होकर परीक्षा सामग्री प्राप्त करेंगे तथा निर्धारित समय पर अपने-अपने परीक्षा केंद्रों पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी, जो परीक्षा अवधि के दौरान निरंतर निगरानी बनाए रखेंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा केंद्रों के भीतर मोबाइल फोन, स्मार्टफोन, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, स्मार्टवॉच, स्मार्टबैंड, ब्लूटूथ डिवाइस, कागज के टुकड़े, पर्स, प्लास्टिक पाउच, सनग्लासेस एवं हैंडबैग सहित किसी भी प्रकार की प्रतिबंधित सामग्री ले जाना पूर्णतः वर्जित रहेगा। केवल प्रवेश पत्र, मूल फोटोयुक्त पहचान पत्र तथा नीले अथवा काले रंग का पेन लेकर ही अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति प्रदान की जाएगी।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में स्थित फोटोकॉपी की दुकानें, साइबर कैफे एवं इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की दुकानें परीक्षा अवधि के दौरान बंद रखी जाएं। साथ ही प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर सीसीटीवी कैमरों से युक्त कंट्रोल रूम एवं स्ट्रॉन्ग रूम स्थापित किए जाएं, जिनकी सतत निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।
अभ्यर्थियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी परीक्षा केंद्रों के बाहर क्लॉक रूम की व्यवस्था की जाए, जहां अभ्यर्थी अपनी निजी वस्तुएं सुरक्षित रूप से जमा कर सकें। इसके अतिरिक्त पेयजल, शौचालय, प्रतीक्षालय एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं के संबंध में स्पष्ट संकेतक (साइन एज) लगाए जाएं ताकि अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने सेक्टर एवं स्टेटिक मजिस्ट्रेटों को निर्देशित किया कि परीक्षा प्रारंभ होने से पूर्व सभी कक्षों, शौचालयों तथा परिसर का गहन निरीक्षण कर लें। साथ ही केंद्र व्यवस्थापक एवं सहायक केंद्र व्यवस्थापक से नो-रिलेशन प्रमाणपत्र प्राप्त किया जाए तथा परीक्षा ड्यूटी में लगाए गए समस्त शिक्षकों एवं कर्मचारियों की अद्यतन सूची मोबाइल नंबर सहित उपलब्ध कराई जाए।
बैठक में बताया गया कि जनपद में कुल 19 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। प्रत्येक पाली में 6,720 अभ्यर्थी परीक्षा में सम्मिलित होंगे। परीक्षा कुल छह पालियों में आयोजित की जाएगी, जिसमें कुल 40,320 अभ्यर्थी प्रतिभाग करेंगे। सभी केंद्रों पर सुरक्षा, निगरानी एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाए रखने हेतु व्यापक तैयारियां की गई हैं।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक परीक्षा कक्ष में दीवार घड़ी अनिवार्य रूप से स्थापित की जाए। सभी परीक्षा केंद्रों पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ-साथ स्वच्छता व्यवस्था को भी उच्च स्तर पर बनाए रखा जाए। उन्होंने परिवहन विभाग एवं रोडवेज अधिकारियों को निर्देशित किया कि अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए रोडवेज बस अड्डे पर हेल्प डेस्क स्थापित की जाए तथा किसी भी वाहन द्वारा निर्धारित किराये से अधिक वसूली न की जाए।
पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने कहा कि परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है। सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा तथा संवेदनशील बिंदुओं पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि परीक्षा प्रारंभ होने से पूर्व रिहर्सल का आयोजन किया जाए ताकि सभी व्यवस्थाओं का परीक्षण कर संभावित कमियों को समय रहते दूर किया जा सके।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि परीक्षा की गोपनीयता एवं निष्पक्षता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। सभी अधिकारी एवं कर्मचारी पूरी सतर्कता, अनुशासन एवं जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों को उपलब्ध कराएं।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), अपर पुलिस अधीक्षक, समस्त उपजिलाधिकारी, संबंधित विभागों के अधिकारी, केंद्र व्यवस्थापक एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
जनपद प्रशासन एवं पुलिस विभाग द्वारा समन्वित प्रयासों के माध्यम से उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा-2026 को पूर्ण पारदर्शिता, सुरक्षा एवं निष्पक्षता के साथ सफलतापूर्वक संपन्न कराने की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
पुलिस लाइन में पुलिस अधीक्षक ने किया वृक्षारोपण

फर्रुखाबाद l विश्व पर्यावरण दिवस पर पुलिस अधीक्षक आरती सिंह द्वारा पुलिस कार्यालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर उपस्थित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने तथा लगाए गए पौधों के संरक्षण हेतु प्रेरित किया गया। पौधे पृथ्वी की अमूल्य धरोहर हैं, जो पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ भावी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करते हैं।
**"हरित फतेहगढ़, स्वच्छ फतेहगढ़"** के संकल्प के साथ जनपद पुलिस पर्यावरण संरक्षण हेतु अपनी प्रतिबद्धता दोहराती है l
देवघर-विश्व पर्यावरण दिवस समारोह मदर टच स्कूल के द्वारा नंदन पहाड़ स्थित ऑक्सीजन पार्क में वृक्षारोपण कर मनाया गया।
देवघर: विश्व पर्यावरण दिवस समारोह मदर्स टच स्कूल द्वारा 5 जून 2026 को नंदन पहाड़ ऑक्सीजन पार्क में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण अभियान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बच्चों, अभिभावकों एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों द्वारा पौधारोपण किया गया तथा उन्हें पर्यावरण संरक्षण और वृक्षों के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से प्लास्टिक के कम उपयोग एवं स्वच्छ पर्यावरण का संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों द्वारा हरित, स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण के निर्माण का संकल्प लेकर किया गया। डॉ rupashree ने बताया कि बच्चों में शुरुआती दिनों में ही प्रकृति से जुड़ा रहने से उनकी संवेदना प्राकृतिक होती जायेगी. पूजा प्रिया अनन्या का सहयोग सराहनीय रहा। मदर्स टच स्कूल
विश्व पर्यावरण दिवस पर बेनीगंज में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित
विश्व पर्यावरण दिवस पर बेनीगंज में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित
अविवाहित युवक ने दो बच्चों की मां से रचाया ब्याह, फेसबुक से बढ़ी थी दोनों की दोस्ती*
 
मीरजापुर। राजगढ़ थाना क्षेत्र के एक गांव में फेसबुक पर हुई दोस्ती प्यार में बदल गई और युवक ने दो बच्चों की मां से मंदिर में शादी कर बाकायदा ली। शादी के बाद दोनों बच्चों समेत महिला को अपने घर ले गया। यह शादी इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। बताया जा रहा है कि राजगढ़ थाना क्षेत्र के कुड़ी गांव निवासी अविवाहित प्रदीप 24 पुत्र हरिदास बिंद का पड़ोस के जनपद सोनभद्र की एक महिला जो दो बच्चों की मां बताई गई है से फेसबुक पर प्यार हो गया था। दोनों एक वर्ष से फेसबुक के माध्यम से अपने प्यार को परवान चढ़ाते हुए आ रहे थे। अंततः दो बच्चों की मां महिला ने समाज की सभी बंदिशो को नकारते हुए कुड़ी गांव आकर अपने प्रेमी प्रदीप से गांव स्थित मंदिर में विवाह रचा लिया है। विवाह के बाद प्रदीप ने महिला और उसके बच्चों को लेकर अपने घर आ गया है वहीं इस शादी की इलाके में खूब चर्चा है।
आकस्मिक निरीक्षण में चिकित्साधिकारी अनुपस्थित, कारण बताओ नोटिस जारी: CDO ने राजकीय होम्योपैथिक अस्पताल सराय राजपूतानी का किया निरीक्षण*


नितेश श्रीवास्तव


भदोही। मुख्य विकास अधिकारी (CDO) बाल गोविंद शुक्ला ने राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय, सराय राजपूतानी का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान चिकित्सालय में तैनात चिकित्साधिकारी डॉ. अरुण कुमार सिंह अनुपस्थित पाए गए, जिसके बाद उनके खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। यह निरीक्षण जिलाधिकारी शैलेष कुमार के निर्देश पर किया गया।

CDO ने अस्पताल परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था का भी जायजा लिया। उन्होंने कर्मचारियों को नियमित सफाई और स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों को स्वच्छ और बेहतर वातावरण मिल सके।

ओपीडी रजिस्टर के सत्यापन में पाया गया कि 04 जून 2026 को कुल 84 मरीजों का उपचार किया गया था, जिनमें 35 नए और 49 पुराने मरीज शामिल थे। मुख्य विकास अधिकारी ने अभिलेखों का गहन परीक्षण करते हुए मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

निरीक्षण के दौरान फार्मासिस्ट संतोष कुमार पटेल को भी कार्य के प्रति अधिक जिम्मेदारी और तत्परता बरतने की कड़ी हिदायत दी गई। CDO ने चेतावनी दी कि कार्यशैली में सुधार न होने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और समयबद्धता के साथ करने के निर्देश दिए, ताकि आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
भारत विकास परिषद ने मनाया विश्व पर्यावरण दिवस, किया वृक्षारोपण
उपेन्द्र कुमार पांडेय


आजमगढ़: भारत विकास परिषद शाखा आजमगढ़ द्वारा भोलाघाट पर विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संगठन के सदस्यों ने पर्यावरण सुरक्षा और संरक्षण का संकल्प लेते हुए लोगों को जागरूक किया।

इस मौके पर प्रांतीय जिला समन्वयक बद्री प्रसाद गुप्त और प्रांतीय सहसंयोजक सीताराम पांडे ने लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक रहने और प्रकृति के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की अपील की। शाखा अध्यक्ष डॉ. देवेश दूबे ने पेड़-पौधों को जीवन का आधार बताते हुए प्रकृति के सम्मान की बात कही, वहीं डॉ. नेहा दूबे ने प्लास्टिक के बहिष्कार और जल-बिजली संरक्षण पर जोर दिया।

पर्यावरण गतिविधि संयोजक गोविंद दूबे के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन कौशल कुमार राय ने किया। इस अवसर पर संगठन द्वारा लोगों को पौधे भी वितरित किए गए। कार्यक्रम में पंकज पाठक, डॉ. आर.पी. पांडे, दीपशिखा पांडे, पवन अग्रवाल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
विश्व पर्यावरण दिवस-2026 के अवसर पर ‘‘एक पेड़ माँ के नाम’’ अभियान के अंतर्गत जनपद में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का हुआ आयोजन।
जनपद प्रभारी मंत्री जी द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वृक्षारोपण कर कार्यक्रम का किया गया शुभारम्भ।
सुलतानपुर,विश्व पर्यावरण दिवस-2026 के अवसर पर राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार),खेल एवं युवा कल्याण विभाग उ०प्र०/ जनपद प्रभारी मंत्री गिरीश चन्द्र यादव की अध्यक्षता में ‘‘एक पेड़ माँ के नाम’’अभियान के अंतर्गत खुर्शीद क्लब परिसर,सुलतानपुर में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधिगण,प्रशासनिक अधिकारी व नागरिकों की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही। कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल,प्रतिनिधि विधायक लम्भुआ पंकज पटेल,जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह,पुलिस अधीक्षक चारू निगम,मुख्य विकास अधिकारी विनय कुमार सिंह,बार एसोसिएशन अध्यक्ष दिनेश कुमार दुबे सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। जिलाधिकारी द्वारा मा0 प्रभारी मंत्री जी का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। तत्पश्चात मा0 जनपद प्रभारी मंत्री जी द्वारा बेल का पौधा रोपित कर ‘‘एक पेड़ माँ के नाम’’ अभियान का शुभारम्भ किया गया। कार्यक्रम के दौरान अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों द्वारा आंवला,पीपल,सीता अशोक, बरगद,महोगनी सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया। वृक्षारोपण के उपरांत आयोजित हस्ताक्षर अभियान में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं नागरिकों ने पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण को जनआंदोलन बनाने का संकल्प लेते हुए हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने जनपद प्रभारी मंत्री को चंदन का पौधा एवं विरासत वृक्ष का स्मृति चिन्ह स्वरूप भेंट किया। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा भाजपा जिलाध्यक्ष को चंदन का पौधा एवं विरासत वृक्ष चित्र स्मृति चिन्ह स्वरूप भेंट किया गया। वहीं प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी वन प्रभाग ने जिलाधिकारी,पुलिस अधीक्षक तथा मुख्य विकास अधिकारी को विरासत वृक्ष का चित्र स्मृति चिन्ह के रूप में प्रदान किया।
भाजपा जिलाध्यक्ष ने प्रभारी मंत्री का स्वागत करते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिकाधिक वृक्ष लगाने तथा जन- सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने ‘‘एक पेड़ माँ के नाम’’ अभियान को सरकार की महत्वपूर्ण पर्यावरणीय पहल बताते हुए इसे जनआंदोलन बनाने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।
जनपद प्रभारी मंत्री जी ने जनसामान्य को सम्बोधित करते हुये कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पूरे उत्तर प्रदेश में 5 करोड़ पौधे रोपित किए जा रहे हैं, जबकि जनपद में 5 लाख 94 हजार पौधरोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने जनसामान्य से अपील की कि प्रत्येक परिवार कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसके संरक्षण का भी संकल्प ले। उन्होंने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं हैं,बल्कि मानव जीवन के आधार हैं। पीपल,बरगद, नीम एवं अन्य फलदार तथा उपयोगी वृक्ष हमारी संस्कृति,स्वास्थ्य एवं पर्यावरण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। ऐसे पौधों का अधिकाधिक रोपण कर भावी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण का निर्माण किया जा सकता है।

प्रभारी मंत्री ने केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं उपलब्धियों की जानकारी भी उपस्थित जनसमुदाय को प्रदान की तथा पर्यावरण संरक्षण को जनसहभागिता से जोड़ने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी वन प्रभाग ने जनसामान्य से वृक्षारोपण अभियान में सक्रिय सहभागिता की अपील करते हुए बताया कि जनपद में ग्राम्य विकास, पंचायती राज, कृषि, उद्यान, नगर विकास एवं अन्य विभागों के सहयोग से व्यापक स्तर पर पौधरोपण कराया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि निर्धारित लक्ष्य को शत-प्रतिशत प्राप्त किया जाएगा तथा पौधों के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी वन प्रभाग ने सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के समापन की घोषणा की।

‘‘एक पेड़ माँ के नाम’’ अभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का यह संदेश जन-जन तक पहुँचाने तथा वृक्षारोपण को सामाजिक दायित्व के रूप में अपनाने की प्रेरणा प्रदान की गई।
ग्लोबल स्कूल ऑफ इंडिया में 'विश्व पर्यावरण दिवस' पर ऑनलाइन सत्र: लॉन्च हुआ 'ग्रीन विजन 2027', जुटे IIT और पर्यावरण क्षेत्र के दिग्गज

ग्रीष्मावकाश होने के कारण 'ग्लोबल स्कूल ऑफ इंडिया' द्वारा 'विश्व पर्यावरण दिवस 2026' पर एक विशेष ऑनलाइन सत्र का आयोजन किया गया। इस वर्ष की थीम 'जलवायु परिवर्तन - धरती के संकेतों का जवाब' पर केंद्रित रही। कार्यक्रम का शुभारंभ स्कूल परिसर में निदेशक डॉ. एस. खालिद, चेयरपर्सन डॉ. निखत परवीन एवं प्राचार्या श्रीमती चाँदनी त्रिगुणायत द्वारा वृक्षारोपण से किया गया।

गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति

सत्र में शिक्षा और पर्यावरण क्षेत्र के जाने-माने विशेषज्ञ शामिल हुए:

- मुख्य अतिथि: प्रो. प्रमोद पाठक, IIT(ISM)

- विशिष्ट अतिथि: प्रो. (डॉ.) दिनकर कुमार दीक्षित, प्राचार्य, बी.एड. कॉलेज, पुरुलिया

- चेयरपर्सन: डॉ. निखत परवीन

- मैनेजर: डॉ. ममता सिन्हा

- डायरेक्टर: डॉ. एस. खालिद

- प्रिंसिपल: श्रीमती चांदनी त्रिगुणायत

कार्यक्रम की मुख्य झलकियां

उद्घाटन संबोधन

चेयरपर्सन डॉ. निखत परवीन ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण अब विकल्प नहीं, अनिवार्यता है। डायरेक्टर डॉ. एस. खालिद ने स्कूल की ग्रीन इनिशिएटिव्स की जानकारी दी। 'Clean Campus-Green Campus' के साथ ही उन्होंने बच्चों से 'Clean Home-Green Home' पर अमल करने का आह्वान किया।

मुख्य अतिथि का वक्तव्य

प्रो. प्रमोद पाठक ने जलवायु परिवर्तन के खतरों पर प्रकाश डाला और युवाओं से 'क्लाइमेट एक्शन' में आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने जोर दिया कि बच्चों को 'Change Agent' के रूप में तैयार किया जाए। उन्होंने Reduce, Reuse और Recycle का महत्वपूर्ण फॉर्मूला भी साझा किया।

विशेषज्ञ व्याख्यान

प्रो. (डॉ.) दिनकर कुमार दीक्षित ने पर्यावरण अध्ययन को पाठ्यक्रम से जोड़ते हुए कहा, "छात्र ही पर्यावरण के सबसे बड़े दूत बन सकते हैं। NSS के माध्यम से हमने हजारों छात्रों को पर्यावरण से जोड़ा है। हर स्कूल को अपना 'ईको-क्लब' बनाना चाहिए।" साथ ही उन्होंने Activity Based Teaching Method के द्वारा बच्चों को पर्यावरण संरक्षण के टिप्स देने की सलाह दी।

प्रिंसिपल का संदेश

प्रिंसिपल चांदनी त्रिगुणायत ने स्कूल का 'ग्रीन विजन 2027' लॉन्च किया, जिसके तहत 500 पेड़ लगाना, सोलर एनर्जी को बढ़ावा देना और परिसर को जीरो वेस्ट बनाना शामिल है।

डायरेक्टर डॉ. एस. खालिद ने अपने वक्तव्य में कहा, "आज का यह सत्र सिर्फ कार्यक्रम नहीं, एक आंदोलन की शुरुआत है।"

कार्यक्रम को सफल बनाने में वरीय शिक्षक श्री अरविंद कुमार रजक, श्री राकेश अरोरा,ताहिर अंसारी तथा IT हेड इंजी. काशिफ खान की सराहनीय भूमिका रही।

देवघर-में मनरेगा कर्मचारी हड़ताल को लेकर मुख्यमंत्री से गुहार लगाया संवाद और समाधान की दिशा में आगे बढ़े सरकार, मनरेगा कर्मियों की पीड़ा को समझे
देवघर: झारखंड राज्य के मनरेगा कर्मी पिछले लगभग तीन महीनों से अपनी लंबित एवं न्यायोचित मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल, विपक्षी विचारधारा अथवा बाहरी प्रभाव का परिणाम नहीं है, बल्कि उन हजारों मनरेगा कर्मियों की वास्तविक पीड़ा और वर्षों की उपेक्षा का परिणाम है, जिन्होंने लगभग दो दशकों से ग्रामीण विकास एवं मनरेगा योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हाल के दिनों में कुछ ऐसे वक्तव्य सामने आए हैं जिनमें मनरेगा कर्मियों के आंदोलन को अनुचित बताने तथा आंदोलनरत कर्मियों की मंशा पर प्रश्नचिह्न लगाने का प्रयास किया गया है। हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि यह आंदोलन किसी सरकार के विरोध का आंदोलन नहीं है, बल्कि सम्मानजनक सेवा शर्तों, सामाजिक सुरक्षा और न्यायपूर्ण व्यवस्था की मांग का आंदोलन है। हमारा सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि एक ही मनरेगा व्यवस्था में कार्यरत कर्मियों के बीच इतना बड़ा अंतर क्यों है? एक ओर राज्य मनरेगा कोषांग में कार्यरत कर्मियों को ग्रेड-पे की सुविधा प्राप्त है, वहीं दूसरी ओर क्षेत्रीय स्तर पर कार्यरत हजारों मनरेगा कर्मी आज भी मात्र 12000 रुपये प्रतिमाह मानदेय पर पूर्णकालिक सेवाएं देने को विवश हैं। एक ही परिवार के दो सदस्यों के साथ इस प्रकार का व्यवहार स्वाभाविक रूप से असंतोष और पीड़ा को जन्म देता है। हम सरकार और विभागीय अधिकारियों को अपना अभिभावक मानते हैं। इसलिए हमारी अपेक्षा टकराव नहीं, बल्कि संवेदनशीलता और न्याय की है। यदि सरकार को योजनाओं के प्रभावित होने की चिंता है तो उसे उन मनरेगा कर्मियों की भी चिंता करनी चाहिए जिनके परिवार लगातार आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। यह भी विचारणीय है कि क्या वर्तमान समय में 12000 रुपये प्रतिमाह पर किसी परिवार का सम्मानजनक जीवन-यापन संभव है? यह भी एक कटु सत्य है कि वर्षों की सेवा के दौरान 156 मनरेगा कर्मियों का निधन हो चुका है। उनके परिवार आज भी आर्थिक और सामाजिक असुरक्षा का सामना कर रहे हैं। यदि मनरेगा कर्मी राज्य के विकास के सहभागी हैं, तो उनके परिवारों की सुरक्षा और सम्मान भी राज्य की जिम्मेदारी होनी चाहिए। हम यह भी कहना चाहते हैं कि आंदोलन की वर्तमान स्थिति के लिए केवल कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा। अतीत में कई बार मनरेगा कर्मियों के आंदोलनों के दौरान सरकार एवं कर्मचारी प्रतिनिधियों के बीच लिखित समझौते हुए, मांगों पर सहमति बनी और आश्वासन दिए गए, लेकिन दुर्भाग्यवश उन समझौतों का पूर्ण क्रियान्वयन आज तक नहीं हो सका। यही कारण है कि कर्मचारियों के बीच विश्वास का संकट उत्पन्न हुआ है। जब बार-बार लिखित सहमति के बावजूद मांगें लंबित रह जाती हैं, तो स्वाभाविक रूप से कर्मचारियों का भरोसा कमजोर होता है। फिर भी हम संवाद के मार्ग में विश्वास रखते हैं। हम माननीय ग्रामीण विकास मंत्री महोदया, विभागीय सचिव एवं आयुक्त महोदय से विनम्र अपील करते हैं कि वे मनरेगा कर्मियों की पीड़ा को संवेदनशीलता के साथ समझें और आंदोलन को केवल प्रशासनिक दृष्टिकोण से देखने के बजाय मानवीय दृष्टिकोण से भी विचार करें। हम मंत्री महोदया से विशेष आग्रह करते हैं कि वे स्वयं पहल कर कर्मचारी प्रतिनिधियों के साथ सार्थक एवं परिणामोन्मुखी संवाद सुनिश्चित करें, ताकि वर्षों से लंबित समस्याओं का स्थायी समाधान निकल सके। यदि सरकार और कर्मचारी पक्ष आपसी विश्वास के साथ बातचीत करें तो समाधान का मार्ग अवश्य प्रशस्त होगा। हम पुनः स्पष्ट करना चाहते हैं कि मनरेगा कर्मी सरकार से संघर्ष नहीं, समाधान चाहते हैं; टकराव नहीं संवाद चाहते हैं; विशेषाधिकार नहीं, बल्कि सम्मानजनक जीवन, सामाजिक सुरक्षा और न्यायपूर्ण सेवा व्यवस्था चाहते हैं। मनरेगा को मजबूत बनाने के लिए मनरेगा कर्मियों को मजबूत बनाना आवश्यक है। यही राज्यहित, जनहित और ग्रामीण विकास के हित में भी होगा। झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ
पुलिस भर्ती परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा, निष्पक्ष एवं सकुशल आयोजन के लिए जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने दिए आवश्यक निर्देश

फर्रुखाबाद l उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा-2026 को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष, पारदर्शी एवं सकुशल ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर एवं पुलिस अधीक्षक आरती सिंह की संयुक्त अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में 08, 09 एवं 10 जून 2026 को जनपद के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होने वाली परीक्षा की तैयारियों का विस्तृत परीक्षण किया गया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने कहा कि परीक्षा की शुचिता एवं पारदर्शिता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि परीक्षा से संबंधित प्रत्येक व्यवस्था समयबद्ध एवं त्रुटिरहित ढंग से सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट परीक्षा दिवस पर प्रातः 07 बजे ट्रेजरी में अनिवार्य रूप से उपस्थित होकर परीक्षा सामग्री प्राप्त करेंगे तथा निर्धारित समय पर अपने-अपने परीक्षा केंद्रों पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी, जो परीक्षा अवधि के दौरान निरंतर निगरानी बनाए रखेंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा केंद्रों के भीतर मोबाइल फोन, स्मार्टफोन, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, स्मार्टवॉच, स्मार्टबैंड, ब्लूटूथ डिवाइस, कागज के टुकड़े, पर्स, प्लास्टिक पाउच, सनग्लासेस एवं हैंडबैग सहित किसी भी प्रकार की प्रतिबंधित सामग्री ले जाना पूर्णतः वर्जित रहेगा। केवल प्रवेश पत्र, मूल फोटोयुक्त पहचान पत्र तथा नीले अथवा काले रंग का पेन लेकर ही अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति प्रदान की जाएगी।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में स्थित फोटोकॉपी की दुकानें, साइबर कैफे एवं इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की दुकानें परीक्षा अवधि के दौरान बंद रखी जाएं। साथ ही प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर सीसीटीवी कैमरों से युक्त कंट्रोल रूम एवं स्ट्रॉन्ग रूम स्थापित किए जाएं, जिनकी सतत निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।
अभ्यर्थियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी परीक्षा केंद्रों के बाहर क्लॉक रूम की व्यवस्था की जाए, जहां अभ्यर्थी अपनी निजी वस्तुएं सुरक्षित रूप से जमा कर सकें। इसके अतिरिक्त पेयजल, शौचालय, प्रतीक्षालय एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं के संबंध में स्पष्ट संकेतक (साइन एज) लगाए जाएं ताकि अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने सेक्टर एवं स्टेटिक मजिस्ट्रेटों को निर्देशित किया कि परीक्षा प्रारंभ होने से पूर्व सभी कक्षों, शौचालयों तथा परिसर का गहन निरीक्षण कर लें। साथ ही केंद्र व्यवस्थापक एवं सहायक केंद्र व्यवस्थापक से नो-रिलेशन प्रमाणपत्र प्राप्त किया जाए तथा परीक्षा ड्यूटी में लगाए गए समस्त शिक्षकों एवं कर्मचारियों की अद्यतन सूची मोबाइल नंबर सहित उपलब्ध कराई जाए।
बैठक में बताया गया कि जनपद में कुल 19 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। प्रत्येक पाली में 6,720 अभ्यर्थी परीक्षा में सम्मिलित होंगे। परीक्षा कुल छह पालियों में आयोजित की जाएगी, जिसमें कुल 40,320 अभ्यर्थी प्रतिभाग करेंगे। सभी केंद्रों पर सुरक्षा, निगरानी एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाए रखने हेतु व्यापक तैयारियां की गई हैं।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक परीक्षा कक्ष में दीवार घड़ी अनिवार्य रूप से स्थापित की जाए। सभी परीक्षा केंद्रों पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ-साथ स्वच्छता व्यवस्था को भी उच्च स्तर पर बनाए रखा जाए। उन्होंने परिवहन विभाग एवं रोडवेज अधिकारियों को निर्देशित किया कि अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए रोडवेज बस अड्डे पर हेल्प डेस्क स्थापित की जाए तथा किसी भी वाहन द्वारा निर्धारित किराये से अधिक वसूली न की जाए।
पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने कहा कि परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है। सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा तथा संवेदनशील बिंदुओं पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि परीक्षा प्रारंभ होने से पूर्व रिहर्सल का आयोजन किया जाए ताकि सभी व्यवस्थाओं का परीक्षण कर संभावित कमियों को समय रहते दूर किया जा सके।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि परीक्षा की गोपनीयता एवं निष्पक्षता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। सभी अधिकारी एवं कर्मचारी पूरी सतर्कता, अनुशासन एवं जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों को उपलब्ध कराएं।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), अपर पुलिस अधीक्षक, समस्त उपजिलाधिकारी, संबंधित विभागों के अधिकारी, केंद्र व्यवस्थापक एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
जनपद प्रशासन एवं पुलिस विभाग द्वारा समन्वित प्रयासों के माध्यम से उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा-2026 को पूर्ण पारदर्शिता, सुरक्षा एवं निष्पक्षता के साथ सफलतापूर्वक संपन्न कराने की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
पुलिस लाइन में पुलिस अधीक्षक ने किया वृक्षारोपण

फर्रुखाबाद l विश्व पर्यावरण दिवस पर पुलिस अधीक्षक आरती सिंह द्वारा पुलिस कार्यालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर उपस्थित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने तथा लगाए गए पौधों के संरक्षण हेतु प्रेरित किया गया। पौधे पृथ्वी की अमूल्य धरोहर हैं, जो पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ भावी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करते हैं।
**"हरित फतेहगढ़, स्वच्छ फतेहगढ़"** के संकल्प के साथ जनपद पुलिस पर्यावरण संरक्षण हेतु अपनी प्रतिबद्धता दोहराती है l
देवघर-विश्व पर्यावरण दिवस समारोह मदर टच स्कूल के द्वारा नंदन पहाड़ स्थित ऑक्सीजन पार्क में वृक्षारोपण कर मनाया गया।
देवघर: विश्व पर्यावरण दिवस समारोह मदर्स टच स्कूल द्वारा 5 जून 2026 को नंदन पहाड़ ऑक्सीजन पार्क में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण अभियान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बच्चों, अभिभावकों एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों द्वारा पौधारोपण किया गया तथा उन्हें पर्यावरण संरक्षण और वृक्षों के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से प्लास्टिक के कम उपयोग एवं स्वच्छ पर्यावरण का संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों द्वारा हरित, स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण के निर्माण का संकल्प लेकर किया गया। डॉ rupashree ने बताया कि बच्चों में शुरुआती दिनों में ही प्रकृति से जुड़ा रहने से उनकी संवेदना प्राकृतिक होती जायेगी. पूजा प्रिया अनन्या का सहयोग सराहनीय रहा। मदर्स टच स्कूल
विश्व पर्यावरण दिवस पर बेनीगंज में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित
विश्व पर्यावरण दिवस पर बेनीगंज में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित
अविवाहित युवक ने दो बच्चों की मां से रचाया ब्याह, फेसबुक से बढ़ी थी दोनों की दोस्ती*
 
मीरजापुर। राजगढ़ थाना क्षेत्र के एक गांव में फेसबुक पर हुई दोस्ती प्यार में बदल गई और युवक ने दो बच्चों की मां से मंदिर में शादी कर बाकायदा ली। शादी के बाद दोनों बच्चों समेत महिला को अपने घर ले गया। यह शादी इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। बताया जा रहा है कि राजगढ़ थाना क्षेत्र के कुड़ी गांव निवासी अविवाहित प्रदीप 24 पुत्र हरिदास बिंद का पड़ोस के जनपद सोनभद्र की एक महिला जो दो बच्चों की मां बताई गई है से फेसबुक पर प्यार हो गया था। दोनों एक वर्ष से फेसबुक के माध्यम से अपने प्यार को परवान चढ़ाते हुए आ रहे थे। अंततः दो बच्चों की मां महिला ने समाज की सभी बंदिशो को नकारते हुए कुड़ी गांव आकर अपने प्रेमी प्रदीप से गांव स्थित मंदिर में विवाह रचा लिया है। विवाह के बाद प्रदीप ने महिला और उसके बच्चों को लेकर अपने घर आ गया है वहीं इस शादी की इलाके में खूब चर्चा है।
आकस्मिक निरीक्षण में चिकित्साधिकारी अनुपस्थित, कारण बताओ नोटिस जारी: CDO ने राजकीय होम्योपैथिक अस्पताल सराय राजपूतानी का किया निरीक्षण*


नितेश श्रीवास्तव


भदोही। मुख्य विकास अधिकारी (CDO) बाल गोविंद शुक्ला ने राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय, सराय राजपूतानी का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान चिकित्सालय में तैनात चिकित्साधिकारी डॉ. अरुण कुमार सिंह अनुपस्थित पाए गए, जिसके बाद उनके खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। यह निरीक्षण जिलाधिकारी शैलेष कुमार के निर्देश पर किया गया।

CDO ने अस्पताल परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था का भी जायजा लिया। उन्होंने कर्मचारियों को नियमित सफाई और स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों को स्वच्छ और बेहतर वातावरण मिल सके।

ओपीडी रजिस्टर के सत्यापन में पाया गया कि 04 जून 2026 को कुल 84 मरीजों का उपचार किया गया था, जिनमें 35 नए और 49 पुराने मरीज शामिल थे। मुख्य विकास अधिकारी ने अभिलेखों का गहन परीक्षण करते हुए मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

निरीक्षण के दौरान फार्मासिस्ट संतोष कुमार पटेल को भी कार्य के प्रति अधिक जिम्मेदारी और तत्परता बरतने की कड़ी हिदायत दी गई। CDO ने चेतावनी दी कि कार्यशैली में सुधार न होने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और समयबद्धता के साथ करने के निर्देश दिए, ताकि आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
भारत विकास परिषद ने मनाया विश्व पर्यावरण दिवस, किया वृक्षारोपण
उपेन्द्र कुमार पांडेय


आजमगढ़: भारत विकास परिषद शाखा आजमगढ़ द्वारा भोलाघाट पर विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संगठन के सदस्यों ने पर्यावरण सुरक्षा और संरक्षण का संकल्प लेते हुए लोगों को जागरूक किया।

इस मौके पर प्रांतीय जिला समन्वयक बद्री प्रसाद गुप्त और प्रांतीय सहसंयोजक सीताराम पांडे ने लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक रहने और प्रकृति के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की अपील की। शाखा अध्यक्ष डॉ. देवेश दूबे ने पेड़-पौधों को जीवन का आधार बताते हुए प्रकृति के सम्मान की बात कही, वहीं डॉ. नेहा दूबे ने प्लास्टिक के बहिष्कार और जल-बिजली संरक्षण पर जोर दिया।

पर्यावरण गतिविधि संयोजक गोविंद दूबे के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन कौशल कुमार राय ने किया। इस अवसर पर संगठन द्वारा लोगों को पौधे भी वितरित किए गए। कार्यक्रम में पंकज पाठक, डॉ. आर.पी. पांडे, दीपशिखा पांडे, पवन अग्रवाल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।