सोशल मीडिया पर लग रहे सभी आरोप निराधार :  राम शंकर यादव
अयोध्या। राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामले में राम मंदिर व्यवस्था से जुड़े राम शंकर यादव टिन्नू ने सोशल मीडिया पर अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज कर सभी आरोप निराधार बताया । उन्होंने एक वीडियो जारी कर बताया कि मैंने कोई चोरी नहीं की है, मैं बचपन से ही राम मंदिर आंदोलन से जुड़ा हुन, मेरी आय मेरे अन्य व्यवसाय से है । उन्होंने कहा कि मुझे बदनाम करने की साजिश है और मेरी छवि को गंदा किया जा रहा है।
नटवां में लहूलुहान मिली महिला की हुई पहचान, दिल्ली से बिहार जाते समय हुई थी लापता
मीरजापुर। उत्तर प्रदेश के मीरजापुर में कटरा कोतवाली क्षेत्र के नटवां में सड़क किनारे गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिली अज्ञात महिला की पहचान हो गई है। महिला दिल्ली के अशोक विहार क्षेत्र निवासी शीला (पत्नी संजय कुमार) है। पहचान होने के बाद पुलिस ने परिजनों को सूचना दे दी है। परिजन मीरजापुर के लिए रवाना हो चुके हैं।

पुलिस जांच में अब तक सामने आया है कि महिला के साथ दुष्कर्म की घटना नहीं हुई है। आशंका जताई जा रही है कि उसके साथ मारपीट कर लूटपाट की गई और विरोध करने पर हमलावरों ने उसका गला रेतकर हत्या का प्रयास किया। इसके बाद उसे नटवां क्षेत्र में लाकर फेंक दिया गया।

शीला 14 जून को दिल्ली स्थित अपने ससुराल से मायके पूर्णिया (बिहार) जाने के लिए ट्रेन से रवाना हुई थी। वह प्रयागराज तक पहुंची, लेकिन इसके बाद संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई। 15 जून को नटवां में सड़क किनारे वह लहूलुहान हालत में मिली। उसके गले पर धारदार हथियार से हमला किया गया था और शरीर पर पहने गए आभूषण भी गायब थे।

सूचना पर पहुंची पुलिस ने महिला को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया था। हालत गंभीर होने पर उसे बीएचयू ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया, जहां उसका ऑपरेशन किया गया। स्वास्थ्य में सुधार होने पर उसने लिखकर अपना नाम और पता बताया, जिसके आधार पर पुलिस ने उसकी पहचान सुनिश्चित की।

अपर पुलिस अधीक्षक नितेश सिंह ने बताया कि महिला की पहचान हो चुकी है। परिजन को सूचना देकर बुलाया गया है तथा घटना में शामिल आरोपितों की तलाश के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है।
शादी की जिद में ट्रिपल मर्डर का खुलासा, मुख्य आरोपित हिमांशु मुठभेड़ में घायल, भाई-दोस्त समेत ग्राम प्रधान गिरफ्तार
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में मेजा थाना क्षेत्र के कुकरकटवा गांव में हुए तिहरे हत्याकांड का पुलिस ने महज नौ घंटे के भीतर खुलासा करते हुए मुख्य आरोपित हिमांशु यादव और उसके सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जांच में सामने आया है कि प्रेम प्रसंग और शादी को लेकर चल रहे विवाद के चलते आरोपित ने अपनी प्रेमिका के परिवार के तीन लोगों की हत्या कर दी थी।

उल्लेखनीय है कि मंगलवार की सुबह मेजा थाना क्षेत्र के कुकुर कटवा गांव निवासी श्यामलाल गुप्ता(60) पुत्र स्वर्गीय गुलजार और उसकी भयाहू इंद्रावती (51) पत्नी दूधनाथ गुप्ता एवं अमरावती (50) पत्नी नेब्बूलाल का शव घर के बाहर रक्तरंजित पाया गया। सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने तीनों शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने इस संबंध में मृतिका के दामाद लोकपति की तहरीर पर नामजद मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई। पुलिस महेज नौ घंटे के भीतर खुलासा करते हुए आरोपित हिमांशु यादव एवं उसके दोस्त को गिरफतार किया। पूछताछ में खुला हत्या का राज

पुलिस के अनुसार हिमांशु यादव अपनी प्रेमिका नेहा से शादी करना चाहता था, लेकिन युवती के परिजन इस रिश्ते के खिलाफ थे। इसी रंजिश में हिमांशु ने अपने साथी गौतम के साथ मिलकर लोहे की रॉड से हमला कर युवती के परिवार के तीन लोगों की निर्मम हत्या कर दी। वारदात के बाद दोनों आरोपित फरार हो गए थे और कोर्ट में आत्मसमर्पण की तैयारी कर रहे थे, लेकिन उससे पहले ही एसओजी यमुनानगर जोन और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने उन्हें दबोच लिया।

जांच में यह भी सामने आया कि हिमांशु और नेहा के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध थे। दोनों कुछ माह पहले घर छोड़कर चले गए थे, हालांकि बाद में परिवार और समाज के लोगों के हस्तक्षेप से मामला शांत हो गया था। इसके बाद युवती को उसके मामा के घर भेज दिया गया था, जबकि हिमांशु फरवरी में छत्तीसगढ़ से वापस मेजा लौट आया था।

मामले में पहले से ही तनाव की स्थिति को देखते हुए युवती के परिजनों ने आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत भी दर्ज कराई थी। शिकायत पर प्रभावी कार्रवाई न होने के आरोप में पुलिस आयुक्त जोगेंद्र सिंह द्वारा उपनिरीक्षक रामविलास सिंह को पूर्व में निलंबित किया जा चुका है।

पुलिस उपायुक्त यमुनानगर विवेक चन्द्र यादव ने बताया कि आरोपितों की तलाश के दौरान पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें मुख्य आरोपित हिमांशु यादव के पैर में गोली लगी। घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। उन्होंने बताया कि इस मामले में हिमांशु यादव के भाई, उसके एक दोस्त तथा एक ग्राम प्रधान को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और हत्या में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी के प्रयास जारी हैं।

डीसीपी ने बताया कि पुलिस कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) समेत अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि हत्याकांड की साजिश में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं। कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

उधर, घटना के बाद मृतकों के परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई तथा फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमे की सुनवाई की मांग की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी साक्ष्य जुटाकर आरोपितों के खिलाफ मजबूत और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मोहर्रम पर सख्त निर्देश: शक्ति प्रदर्शन नहीं, मातम का अवसर; नीट अभ्यर्थियों को बस किराये में 50% छूट
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आगामी मोहर्रम को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मोहर्रम मातम और श्रद्धा का पर्व है, शक्ति प्रदर्शन का मंच नहीं। इसलिए जुलूसों में किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र प्रदर्शन, नई परंपराओं की शुरुआत, उग्र गतिविधियों तथा कानफोड़ू डीजे और ढोल-ताशों के अनियंत्रित उपयोग को किसी भी स्थिति में अनुमति नहीं दी जाएगी।

मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश की कानून-व्यवस्था, आगामी त्योहारों, राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान प्रदेश में शांति, सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

शांति समितियों से संवाद बढ़ाने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि मोहर्रम के आयोजन से पहले शांति समिति की बैठकें आयोजित की जाएं और धर्मगुरुओं, ताजिया समितियों तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों से लगातार संवाद बनाए रखा जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाह, भड़काऊ गतिविधि या विवाद की आशंका को पहले ही समाप्त करने के लिए प्रशासन सक्रिय भूमिका निभाए।उन्होंने कहा कि सभी जिलों में संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए तथा पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।

अस्त्र-शस्त्र प्रदर्शन और नई परंपरा पर रोक

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि मोहर्रम के जुलूसों में किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है और किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार सभी धर्मों और समुदायों की आस्था का सम्मान करती है, लेकिन किसी भी जिले में नई परंपरा शुरू करने की अनुमति नहीं होगी। पूर्व से चली आ रही परंपराओं और निर्धारित मार्गों के अनुसार ही आयोजन किए जाएं।

डीजे और ध्वनि प्रदूषण पर रहेगा नियंत्रण

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मोहर्रम के दौरान कानफोड़ू डीजे, अत्यधिक ध्वनि वाले साउंड सिस्टम और ढोल-ताशों के अनियंत्रित उपयोग पर प्रभावी नियंत्रण रखा जाए। ध्वनि प्रदूषण से संबंधित सभी मानकों का सख्ती से पालन कराया जाए ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों के नाम पर नियमों की अनदेखी किसी भी हाल में स्वीकार नहीं की जाएगी।

ताजियों की ऊंचाई को लेकर विशेष सतर्कता

मुख्यमंत्री ने सुरक्षा कारणों से ताजियों की ऊंचाई को लेकर भी विशेष निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि ताजियों की ऊंचाई निर्धारित मानकों के अनुरूप रखी जाए तथा 10 से 12 फीट से अधिक ऊंची ताजियों को अनुमति न दी जाए।उन्होंने कहा कि कई बार ऊंची ताजियां विद्युत लाइनों और अन्य अवरोधों के कारण दुर्घटनाओं का कारण बनती हैं। इसलिए संबंधित विभाग पहले से समन्वय स्थापित कर सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करें।

शरारती तत्वों और अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी नजर

मुख्यमंत्री ने पुलिस और प्रशासन को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान अफवाह, भ्रामक सूचना या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली पोस्ट प्रसारित करने वालों के खिलाफ तत्काल और कठोर कार्रवाई की जाए।उन्होंने कहा कि प्रदेश में शांति व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

नीट परीक्षा में शामिल होंगे साढ़े तीन लाख से अधिक अभ्यर्थी

बैठक में मुख्यमंत्री ने 21 जून को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) की तैयारियों की भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 59 जनपदों में आयोजित होने वाली इस परीक्षा में लगभग साढ़े तीन लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे।उन्होंने कहा कि परीक्षा का निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित संचालन सुनिश्चित करना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी जिलों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र सक्रिय रखा जाए।

नीट अभ्यर्थियों को रोडवेज बसों में 50 प्रतिशत किराया छूट

परीक्षार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि नीट परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) की बसों में प्रवेश पत्र दिखाने पर किराये में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।सरकार के इस फैसले से आर्थिक रूप से कमजोर और दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले हजारों छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी।

जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए ठहरने की व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि दूसरे जनपदों में परीक्षा देने पहुंचने वाले ऐसे अभ्यर्थियों की पहचान की जाए जिनके पास ठहरने की व्यवस्था नहीं है। ऐसे विद्यार्थियों के लिए स्थानीय स्तर पर अस्थायी आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

परीक्षा की शुचिता बनाए रखने पर जोर

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा, सीसीटीवी निगरानी, प्रवेश व्यवस्था और अन्य सभी प्रबंध पूरी पारदर्शिता के साथ किए जाएं।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रश्नपत्र, परीक्षा प्रक्रिया या परीक्षा से संबंधित किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने वालों पर तत्काल कार्रवाई की जाए ताकि विद्यार्थियों का विश्वास बना रहे।

कानून-व्यवस्था और परीक्षा दोनों पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य मोहर्रम, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस और नीट जैसी महत्वपूर्ण गतिविधियों को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसहयोग, संवेदनशीलता और सतर्कता के साथ कार्य करते हुए प्रदेश में कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
पुलिस मुठभेड़ मे एक बदमाश हुआ घायल



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पुलिस मुठभेड़ में एक अभियुक्त घायलावस्था में गिरफ्तार, लूटी गई अपाचे मोटरसाइकिल व अवैध असलहा बरामद* *घटना का विवरण-* दिनांक 17.05.2026 को रात्रि लगभग 21:00 बजे *ग्राम रिठिया* के पास *03 अज्ञात बदमाशों* द्वारा वादी *भंजय सिंह* की मोटरसाइकिल रोककर उनकी *अपाचे मोटरसाइकिल एवं मोबाइल फोन* लूट लिया गया था। प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना अतरौलिया पर *मु0अ0सं0- 227/2026, धारा 309(4) बीएनएस* के तहत अभियोग पंजीकृत कर विवेचना प्रारंभ की गई थी। *पुलिस मुठभेड़ एवं गिरफ्तारी-* दिनांक *17 जून 2026* की रात्रि में थाना अतरौलिया पुलिस द्वारा अपराधियों की गिरफ्तारी हेतु सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि लूट की घटना में शामिल अभियुक्त लूटी गई मोटरसाइकिल के साथ *मदियापार की ओर से बहरादेव मंदिर* की तरफ जा रहा है। सूचना पर पुलिस टीम द्वारा *खदेरूपट्टी* के पास घेराबंदी की गई। पुलिस को देखकर अभियुक्त ने भागने का प्रयास करते हुए पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। आत्मरक्षार्थ पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में *एक बदमाश घायल* हो गया। घायल अभियुक्त की पहचान *रवि मिश्रा पुत्र अनिल मिश्रा निवासी केदरुपुर, थाना राजेसुल्तानपुर, जनपद अंबेडकरनगर, उम्र 22 वर्ष* के रूप में हुई। मुठभेड़ के दौरान अभियुक्त के *दाहिने पैर में घुटने के नीचे* गोली लगी, जिसे तत्काल उपचार हेतु सीएचसी अतरौलिया भेजा गया। *पंजीकृत अभियोग का विवरणः-* 01. मु0अ0सं0-230/2026, धारा 109(1) बीएनएस एवं 3/25/27 आयुध अधिनियम थाना अतरौलिया जनपद आजमगढ़ । *गिरफ्तार अभियुक्त का विवरणः-* 01. रवि मिश्रा पुत्र अनिल मिश्रा निवासी केदरुपुर, थाना राजेसुल्तानपुर, जनपद अंबेडकरनगर, उम्र 22 वर्ष *बरामदगी-* अभियुक्त के कब्जे से बरामद किया गया — 01 अपाचे मोटरसाइकिल (लूट की घटना से संबंधित) 01 अवैध तमंचा .315 बोर 02 अदद जिन्दा कारतूस 01 अदद खोखा कारतूस *पूछताछ में खुलासा-* पूछताछ के दौरान अभियुक्त ने स्वीकार किया कि उसने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर दिनांक 18.05.2026 को रिठिया क्षेत्र में वादी की मोटरसाइकिल एवं मोबाइल फोन लूटने की घटना को अंजाम दिया था। घटना में शामिल अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीमों द्वारा प्रयास जारी हैं। *अभियुक्त का आपराधिक इतिहास-* 01. मु0अ0सं0-162/25, धारा 115(2),352,351(3) बीएनएस थाना राजेसुल्तानपुर जनपद अंबेडकरनगर । 02. मु0अ0सं0- 227/2026, धारा 309(4) बीएनएस थाना अतरौलिया जनपद आजमगढ़ । 03. मु0अ0सं0-230/2026, धारा 109(1) बीएनएस एवं 3/25/27 आयुध अधिनियम थाना अतरौलिया जनपद आजमगढ़ । *गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम-* 1. थानाध्यक्ष देवेन्द्र नाथ दूबे थाना अतरौलिया जनपद आजमगढ 2. उ0नि0 विश्राम गुप्ता थाना अतरौलिया जनपद आजमगढ 3. उ0नि0 अभिषेक यादव थाना अतरौलिया जनपद आजमगढ 4. उ0नि0 सुरेन्द्र कुमार थाना अतरौलिया जनपद आजमगढ 5. का0 मनीष यादव थाना अतरौलिया जनपद आजमगढ 6. का0 रणवीर वर्मा थाना अतरौलिया जनपद आजमगढ 7. रि0का0 अमन तिवारी थाना अतरौलिया जनपद आजमगढ 8. रि0का0 महेश पटेल थाना अतरौलिया जनपद आजमगढ 9. रि0का0 अमित गिरी थाना अतरौलिया जनपद आजमगढ
दुबहा चौकी में युवकों की पिटाई का वीडियो वायरल, तीन पुलिसकर्मी लाइन हाजिर
*एसपी ने दिए विभागीय जांच के आदेश, सीओ करनैलगंज करेंगे जांच

गोंडा।कौड़िया थाना क्षेत्र की दुबहा पुलिस चौकी में दो युवकों की लाठी से पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रारंभिक जांच के आधार पर तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, 26 सेकंड के वायरल वीडियो में दुबहा चौकी परिसर के भीतर दो युवकों के साथ मारपीट का दृश्य है। आरोप है कि सिपाही अमन और अभिमन्यु ने रमेश नामक युवक को होमगार्ड अनुरोध तिवारी से पकड़वाकर लाठियों से पीटा। इसके बाद महेश नामक दूसरे युवक को भी उठाकर उसके साथ मारपीट की गई। वीडियो में कुछ पुलिसकर्मी पिटाई के दौरान टिप्पणी करते हुए भी सुनाई दे रहे हैं।मामला तूल पकड़ने पर पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने मंगलवार देर शाम मामले का संज्ञान लिया। उन्होंने तत्काल सिपाही अमन, सिपाही अभिमन्यु और सिपाही दिग्विजय को लाइन हाजिर करने का आदेश दिया। पूरे प्रकरण की जांच क्षेत्राधिकारी करनैलगंज अभिषेक को सौंपी गई है।

*सीओ बोले - कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं

इस संबंध में सीओ करनैलगंज अभिषेक ने बताया कि वायरल वीडियो की प्रारंभिक जांच में प्रथम दृष्टया तीनों पुलिसकर्मी दोषी पाए गए हैं। इसी आधार पर उन्हें लाइन हाजिर कर विभागीय जांच बैठा दी गई है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी पुलिसकर्मी को कानून अपने हाथ में लेने या किसी व्यक्ति के साथ मारपीट करने की अनुमति नहीं है।

*चौकी प्रभारी पर अभी कार्रवाई नहीं

हालांकि, वायरल वीडियो में मौजूद चौकी प्रभारी गोलू तिवारी और युवकों को गांव से चौकी तक लाने वाले सिपाही नीरज सिंह के खिलाफ फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है। जांच रिपोर्ट में यदि कोई अन्य पुलिसकर्मी भी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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परिषदीय व मान्यता प्राप्त विद्यालयों में ग्रीष्मकालीन अवकाश 20 मई से 24 जून तक; 25 जून से विद्यालय खुलेंगे
संजीव सिंह बलिया!, 16 जून 2026 — उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद् के नियंत्रणाधीन परिषदीय विद्यालयों तथा मान्यता प्राप्त विद्यालयों के लिए ग्रीष्मकालीन अवकाश का ताजा आदेश जारी किया गया है। बीएसए मनीष कुमार सिंह ने बताया कि वर्ष 2026 में इन विद्यालयों में ग्रीष्मकालीन अवकाश 20 मई से 24 जून तक रहेगा। 25 जून, 2026 से सभी विद्यालय नियमित पठन-पाठन के लिए खुले जाएंगे। बीएसए ने कहा कि अवकाश समाप्ति से पहले विद्यालयों में आवश्यक तैयारियों को सुनिश्चित किया जाए। 25 जून को पठन-पाठन आरंभ करने से पहले विद्यालयों में लेसन प्लान तैयार करना, मिड-डे मील की व्यवस्था दुरुस्त करना, पाठ्य-पुस्तकें व्यवस्थित करना तथा विद्यालय शिक्षा समिति की भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु समुदाय के साथ बैठकें करना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त बाल-वाटिका की व्यवस्था, विद्यालय परिसर, रसोई और शौचालय की सफाई, खेल सामग्री की उपलब्धता, स्मार्ट क्लास/आईसीटी लैब का क्रियाशील रखरखाव, बिजली कनेक्शन चालू रखना तथा पेयजल की आपूर्ति आदि कार्य पूर्ण किए जाने हैं। बीएसए ने निर्देश दिए हैं कि उक्त तैयारियों को अमल में लाने के लिए प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी 22, 23 तथा 24 जून, 2026 को सभी शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी विद्यालयों में उपस्थित रहकर ये कार्य संपादित कराएँ। ताकि 25 जून को छात्र-छात्राओं के विद्यालय आगमन पर निर्बाध रूप से पढ़ाई शुरू हो सके। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक वर्ष 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर विद्यालयों में शिक्षक व छात्र-छात्राओं द्वारा सामूहिक योगाभ्यास सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया गया
अब न्याय किससे मांगा जाए : पुलिस ने ही रच डाली युवती की बदनामी की कहानी...?

सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर से मिलकर रची साजिश, तोड़े नियम

भोपाल। एक झूठी और कपोल कल्पित कहानी को सच के करीब लाने के लिए एक साजिश रच दी गई। एक बुजुर्ग NRI और पुलिस की मिलीभगत से रची गई साजिश में तीसरा एंगल सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर को बनाया गया। नियम, कायदे, गवाह, सुबूत को इंसाफ की दुहाई देने वाली पुलिस ने इस त्रिकोण से एक शिक्षित लड़की को बदनाम करने की योजना को अंजाम दे दिया। 

मामला राजधानी भोपाल के कोलार थाने का बताया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि बुजुर्ग NRI डॉ. नरेश शर्मा अपने सगे भांजे की साजिशों और दोगलेपन से आहत थे। अपनी पारिवारिक खींचतान का कोई ठोस निराकरण पाने के लिए उन्होंने कोलार थाने में शिकायत दर्ज कराई। सूत्रों का कहना है कि इस बीच बुजुर्गियत और NRI की हैसियत देखते हुए कई बातें तय हुईं थीं।

दोगले के साथ दोस्तों पर भी वार

सूत्रों का कहना है कि NRI डॉ. नरेश शर्मा ने अपने भांजे एडवोकेट नीतीश त्रिपाठी को सबक सिखाने और अपने बीच के मतभेद को निपटाने के लिए उनके साथियों को भी घेरे में ले लिया गया। थाना कोलार में की गई शिकायत में उन्होंने एडवोकेट नीतीश त्रिपाठी की जूनियर और इंटर्न रही एडवोकेट प्रगति श्रीवास्तव को भी सहयोगी आरोपी बना दिया। जबकि प्रगति इस मामले की इतनी दोषी थी कि वह निशीथ त्रिपाठी को एक वकील और सीनियर के रूप में जानती थी और इस नाते निशीथ के NRI मामा की उनके विभिन्न कामों में मदद किया करती थी।

फिर बनी यह कहानी

सूत्रों का कहना है कि पुलिस ने इस मामले को अधिक पुख्ता बनाने के लिए प्रगति श्रीवास्तव पर ही कई झूठे और मनगढंत आरोप लगा दिए। इसको तूल देने के लिए उसके साथ मीडिया तो नहीं आ पाया, लेकिन एक सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर को आधार बना लिया। इस सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर ने भी संविधान, कानून, प्रचलित व्यवस्था और नियमों से बाहर जाकर मनगढ़ंत पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल कर दी। इस दौरान उन्होंने प्रगति के फोटो और विडियो को भी सार्वजनिक कर उन्हें सामाजिक बदनामी में धकेल दिया। सूत्रों का कहना है कि इस सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर की धमकी यह है कि वह भविष्य में इस तरह की पोस्ट से प्रगति की और बदनामी कर सकता है।

- अब मामले में शिकायत 

सूत्रों का कहना है कि प्रगति श्रीवास्तव इस मामले को साइबर थाने की शरण में पहुंची है। नियम और मीडिया संविधान के विपरीत सोशल मीडिया खबर में उनके फोटो इस्तेमाल करने पर उन्होंने ऐतराज उठाया है। आगे चलकर वे इस सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर के खिलाफ मानहानि का मामला भी दर्ज करने वाली हैं।

राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण में नए खुलासों से बढ़ी जांच की रफ्तार

-  कथित सोना बरामदगी, संदिग्ध यात्राएं और करोड़ों की संपत्तियां जांच के घेरे में; एसआईटी ने अयोध्या पहुंचकर शुरू की गहन पड़ताल

अयोध्या। राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े कथित महाघोटाले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए और चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने सोमवार को अयोध्या पहुंचकर जांच का मोर्चा संभाल लिया। एसआईटी ने अपने पहले ही दिन करीब छह घंटे तक मंदिर परिसर और उससे जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर पड़ताल की तथा ट्रस्ट से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ की।
जांच एजेंसियों के अनुसार अब तक गिरफ्तार किए गए पांच प्रमुख संदिग्धों से लगभग दो करोड़ रुपये नकद, एक लग्जरी वाहन और तीन आईफोन बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसी बीच दो नए पहलुओं ने जांच को और अधिक संवेदनशील बना दिया है—पहला कथित "सोना बरामदगी" और दूसरा संदिग्ध यात्रा नेटवर्क।
जांच के केंद्र में आए प्रमुख नामों में ट्रस्ट से जुड़े बताए जा रहे रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार उनके पैतृक आवास पर हाल ही में की गई छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में सोना बरामद किया गया। हालांकि बरामद सोने की मात्रा और मूल्य को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन जांच एजेंसियां इसकी वास्तविक कीमत और स्रोत का पता लगाने में जुटी हैं।
सूत्रों का दावा है कि कभी साधारण जीवन जीने वाले टिन्नू यादव के नाम या उनसे जुड़े लोगों के माध्यम से अयोध्या और लखनऊ समेत विभिन्न स्थानों पर करोड़ों रुपये की चल-अचल संपत्तियों का नेटवर्क खड़ा किया गया। जांच एजेंसियां इन संपत्तियों के दस्तावेजों की भी पड़ताल कर रही हैं।
बताया जा रहा है कि 13 जून को स्वर्गद्वार क्षेत्र स्थित उनके पैतृक घर पर सुरक्षा और जांच से जुड़े अधिकारियों की संयुक्त टीम ने छापा मारा था। इसके अलावा अयोध्या अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निकट स्थित एक छात्रावास परिसर को भी जांच एजेंसियों ने अपने रडार पर लिया है। संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में वहां भी विस्तृत फोरेंसिक जांच कराई जा सकती है।
इसी क्रम में सोमेश आनंद नामक व्यक्ति की गतिविधियां भी जांच एजेंसियों के संज्ञान में आई हैं। जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, पिछले एक वर्ष में उसने देश के विभिन्न राज्यों, विशेषकर दक्षिण भारत की कई यात्राएं कीं। सुरक्षा एजेंसियां उसके यात्रा रिकॉर्ड, बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन की बारीकी से जांच कर रही हैं।
सूत्रों का दावा है कि सोमेश आनंद अक्सर भारी सामान के साथ ट्रेन से यात्रा करता था और वापसी में हवाई मार्ग का उपयोग करता था। हालांकि जांच एजेंसियों ने अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन उसकी गतिविधियों को संदिग्ध मानते हुए गहन पड़ताल जारी है।
जांच की आंच अब केडी तिवारी तक भी पहुंच गई है, जिनके पास मंदिर में प्राप्त होने वाले आभूषणों की कस्टडी और अभिलेखीकरण से जुड़ी जिम्मेदारियां होने की बात कही जा रही है। उनके आवास पर भी हाल में जांच टीम द्वारा छानबीन की गई। सूत्रों के अनुसार हाल में खरीदी गई लगभग डेढ़ करोड़ रुपये मूल्य की एक भूमि भी जांच के दायरे में है।
हालांकि केडी तिवारी ने अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि उनकी जिम्मेदारी केवल आभूषणों को तौलकर रसीद जारी करने और उन्हें आगे संबंधित अधिकारियों को सौंपने तक सीमित थी। उन्होंने कहा कि इसके बाद की प्रक्रिया से उनका कोई संबंध नहीं था।
इस बीच जांच के दौरान मंदिर परिसर से जुड़ा एक पुराना मामला भी फिर चर्चा में आ गया है। सूत्रों के अनुसार लगभग दो वर्ष पूर्व सावन झूला मेले के दौरान उपयोग किए जाने वाले चार स्वर्ण मुकुट कुछ समय के लिए गायब पाए गए थे। बाद में ये मुकुट मंदिर परिसर के भीतर ही बरामद किए गए थे। हालांकि उस समय इस मामले को सार्वजनिक स्तर पर अधिक तूल नहीं दिया गया था, लेकिन वर्तमान जांच में इस प्रकरण से जुड़े दस्तावेज और परिस्थितियां भी खंगाली जा रही हैं।
जांच एजेंसियों का मानना है कि यदि दानपात्रों में जमा होने वाले आभूषणों और कीमती धातुओं के अभिलेखीकरण में कोई खामी रही है, तो उसी का लाभ उठाकर बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की गई हो सकती हैं। इसी बिंदु को वर्तमान जांच का महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है।
एसआईटी अब वित्तीय रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल ट्रेल, बैंक खातों, संपत्तियों और कथित संदिग्ध नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। आने वाले दिनों में कई और लोगों से पूछताछ तथा नए खुलासों की संभावना जताई जा रही है।
फिलहाल पूरे मामले पर प्रदेशभर की निगाहें टिकी हैं और जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी और दोषियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया पर लग रहे सभी आरोप निराधार :  राम शंकर यादव
अयोध्या। राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामले में राम मंदिर व्यवस्था से जुड़े राम शंकर यादव टिन्नू ने सोशल मीडिया पर अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज कर सभी आरोप निराधार बताया । उन्होंने एक वीडियो जारी कर बताया कि मैंने कोई चोरी नहीं की है, मैं बचपन से ही राम मंदिर आंदोलन से जुड़ा हुन, मेरी आय मेरे अन्य व्यवसाय से है । उन्होंने कहा कि मुझे बदनाम करने की साजिश है और मेरी छवि को गंदा किया जा रहा है।
नटवां में लहूलुहान मिली महिला की हुई पहचान, दिल्ली से बिहार जाते समय हुई थी लापता
मीरजापुर। उत्तर प्रदेश के मीरजापुर में कटरा कोतवाली क्षेत्र के नटवां में सड़क किनारे गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिली अज्ञात महिला की पहचान हो गई है। महिला दिल्ली के अशोक विहार क्षेत्र निवासी शीला (पत्नी संजय कुमार) है। पहचान होने के बाद पुलिस ने परिजनों को सूचना दे दी है। परिजन मीरजापुर के लिए रवाना हो चुके हैं।

पुलिस जांच में अब तक सामने आया है कि महिला के साथ दुष्कर्म की घटना नहीं हुई है। आशंका जताई जा रही है कि उसके साथ मारपीट कर लूटपाट की गई और विरोध करने पर हमलावरों ने उसका गला रेतकर हत्या का प्रयास किया। इसके बाद उसे नटवां क्षेत्र में लाकर फेंक दिया गया।

शीला 14 जून को दिल्ली स्थित अपने ससुराल से मायके पूर्णिया (बिहार) जाने के लिए ट्रेन से रवाना हुई थी। वह प्रयागराज तक पहुंची, लेकिन इसके बाद संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई। 15 जून को नटवां में सड़क किनारे वह लहूलुहान हालत में मिली। उसके गले पर धारदार हथियार से हमला किया गया था और शरीर पर पहने गए आभूषण भी गायब थे।

सूचना पर पहुंची पुलिस ने महिला को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया था। हालत गंभीर होने पर उसे बीएचयू ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया, जहां उसका ऑपरेशन किया गया। स्वास्थ्य में सुधार होने पर उसने लिखकर अपना नाम और पता बताया, जिसके आधार पर पुलिस ने उसकी पहचान सुनिश्चित की।

अपर पुलिस अधीक्षक नितेश सिंह ने बताया कि महिला की पहचान हो चुकी है। परिजन को सूचना देकर बुलाया गया है तथा घटना में शामिल आरोपितों की तलाश के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है।
शादी की जिद में ट्रिपल मर्डर का खुलासा, मुख्य आरोपित हिमांशु मुठभेड़ में घायल, भाई-दोस्त समेत ग्राम प्रधान गिरफ्तार
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में मेजा थाना क्षेत्र के कुकरकटवा गांव में हुए तिहरे हत्याकांड का पुलिस ने महज नौ घंटे के भीतर खुलासा करते हुए मुख्य आरोपित हिमांशु यादव और उसके सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जांच में सामने आया है कि प्रेम प्रसंग और शादी को लेकर चल रहे विवाद के चलते आरोपित ने अपनी प्रेमिका के परिवार के तीन लोगों की हत्या कर दी थी।

उल्लेखनीय है कि मंगलवार की सुबह मेजा थाना क्षेत्र के कुकुर कटवा गांव निवासी श्यामलाल गुप्ता(60) पुत्र स्वर्गीय गुलजार और उसकी भयाहू इंद्रावती (51) पत्नी दूधनाथ गुप्ता एवं अमरावती (50) पत्नी नेब्बूलाल का शव घर के बाहर रक्तरंजित पाया गया। सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने तीनों शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने इस संबंध में मृतिका के दामाद लोकपति की तहरीर पर नामजद मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई। पुलिस महेज नौ घंटे के भीतर खुलासा करते हुए आरोपित हिमांशु यादव एवं उसके दोस्त को गिरफतार किया। पूछताछ में खुला हत्या का राज

पुलिस के अनुसार हिमांशु यादव अपनी प्रेमिका नेहा से शादी करना चाहता था, लेकिन युवती के परिजन इस रिश्ते के खिलाफ थे। इसी रंजिश में हिमांशु ने अपने साथी गौतम के साथ मिलकर लोहे की रॉड से हमला कर युवती के परिवार के तीन लोगों की निर्मम हत्या कर दी। वारदात के बाद दोनों आरोपित फरार हो गए थे और कोर्ट में आत्मसमर्पण की तैयारी कर रहे थे, लेकिन उससे पहले ही एसओजी यमुनानगर जोन और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने उन्हें दबोच लिया।

जांच में यह भी सामने आया कि हिमांशु और नेहा के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध थे। दोनों कुछ माह पहले घर छोड़कर चले गए थे, हालांकि बाद में परिवार और समाज के लोगों के हस्तक्षेप से मामला शांत हो गया था। इसके बाद युवती को उसके मामा के घर भेज दिया गया था, जबकि हिमांशु फरवरी में छत्तीसगढ़ से वापस मेजा लौट आया था।

मामले में पहले से ही तनाव की स्थिति को देखते हुए युवती के परिजनों ने आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत भी दर्ज कराई थी। शिकायत पर प्रभावी कार्रवाई न होने के आरोप में पुलिस आयुक्त जोगेंद्र सिंह द्वारा उपनिरीक्षक रामविलास सिंह को पूर्व में निलंबित किया जा चुका है।

पुलिस उपायुक्त यमुनानगर विवेक चन्द्र यादव ने बताया कि आरोपितों की तलाश के दौरान पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें मुख्य आरोपित हिमांशु यादव के पैर में गोली लगी। घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। उन्होंने बताया कि इस मामले में हिमांशु यादव के भाई, उसके एक दोस्त तथा एक ग्राम प्रधान को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और हत्या में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी के प्रयास जारी हैं।

डीसीपी ने बताया कि पुलिस कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) समेत अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि हत्याकांड की साजिश में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं। कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

उधर, घटना के बाद मृतकों के परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई तथा फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमे की सुनवाई की मांग की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी साक्ष्य जुटाकर आरोपितों के खिलाफ मजबूत और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मोहर्रम पर सख्त निर्देश: शक्ति प्रदर्शन नहीं, मातम का अवसर; नीट अभ्यर्थियों को बस किराये में 50% छूट
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आगामी मोहर्रम को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मोहर्रम मातम और श्रद्धा का पर्व है, शक्ति प्रदर्शन का मंच नहीं। इसलिए जुलूसों में किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र प्रदर्शन, नई परंपराओं की शुरुआत, उग्र गतिविधियों तथा कानफोड़ू डीजे और ढोल-ताशों के अनियंत्रित उपयोग को किसी भी स्थिति में अनुमति नहीं दी जाएगी।

मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश की कानून-व्यवस्था, आगामी त्योहारों, राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान प्रदेश में शांति, सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

शांति समितियों से संवाद बढ़ाने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि मोहर्रम के आयोजन से पहले शांति समिति की बैठकें आयोजित की जाएं और धर्मगुरुओं, ताजिया समितियों तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों से लगातार संवाद बनाए रखा जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाह, भड़काऊ गतिविधि या विवाद की आशंका को पहले ही समाप्त करने के लिए प्रशासन सक्रिय भूमिका निभाए।उन्होंने कहा कि सभी जिलों में संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए तथा पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।

अस्त्र-शस्त्र प्रदर्शन और नई परंपरा पर रोक

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि मोहर्रम के जुलूसों में किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है और किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार सभी धर्मों और समुदायों की आस्था का सम्मान करती है, लेकिन किसी भी जिले में नई परंपरा शुरू करने की अनुमति नहीं होगी। पूर्व से चली आ रही परंपराओं और निर्धारित मार्गों के अनुसार ही आयोजन किए जाएं।

डीजे और ध्वनि प्रदूषण पर रहेगा नियंत्रण

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मोहर्रम के दौरान कानफोड़ू डीजे, अत्यधिक ध्वनि वाले साउंड सिस्टम और ढोल-ताशों के अनियंत्रित उपयोग पर प्रभावी नियंत्रण रखा जाए। ध्वनि प्रदूषण से संबंधित सभी मानकों का सख्ती से पालन कराया जाए ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों के नाम पर नियमों की अनदेखी किसी भी हाल में स्वीकार नहीं की जाएगी।

ताजियों की ऊंचाई को लेकर विशेष सतर्कता

मुख्यमंत्री ने सुरक्षा कारणों से ताजियों की ऊंचाई को लेकर भी विशेष निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि ताजियों की ऊंचाई निर्धारित मानकों के अनुरूप रखी जाए तथा 10 से 12 फीट से अधिक ऊंची ताजियों को अनुमति न दी जाए।उन्होंने कहा कि कई बार ऊंची ताजियां विद्युत लाइनों और अन्य अवरोधों के कारण दुर्घटनाओं का कारण बनती हैं। इसलिए संबंधित विभाग पहले से समन्वय स्थापित कर सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करें।

शरारती तत्वों और अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी नजर

मुख्यमंत्री ने पुलिस और प्रशासन को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान अफवाह, भ्रामक सूचना या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली पोस्ट प्रसारित करने वालों के खिलाफ तत्काल और कठोर कार्रवाई की जाए।उन्होंने कहा कि प्रदेश में शांति व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

नीट परीक्षा में शामिल होंगे साढ़े तीन लाख से अधिक अभ्यर्थी

बैठक में मुख्यमंत्री ने 21 जून को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) की तैयारियों की भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 59 जनपदों में आयोजित होने वाली इस परीक्षा में लगभग साढ़े तीन लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे।उन्होंने कहा कि परीक्षा का निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित संचालन सुनिश्चित करना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी जिलों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र सक्रिय रखा जाए।

नीट अभ्यर्थियों को रोडवेज बसों में 50 प्रतिशत किराया छूट

परीक्षार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि नीट परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) की बसों में प्रवेश पत्र दिखाने पर किराये में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।सरकार के इस फैसले से आर्थिक रूप से कमजोर और दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले हजारों छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी।

जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए ठहरने की व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि दूसरे जनपदों में परीक्षा देने पहुंचने वाले ऐसे अभ्यर्थियों की पहचान की जाए जिनके पास ठहरने की व्यवस्था नहीं है। ऐसे विद्यार्थियों के लिए स्थानीय स्तर पर अस्थायी आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

परीक्षा की शुचिता बनाए रखने पर जोर

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा, सीसीटीवी निगरानी, प्रवेश व्यवस्था और अन्य सभी प्रबंध पूरी पारदर्शिता के साथ किए जाएं।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रश्नपत्र, परीक्षा प्रक्रिया या परीक्षा से संबंधित किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने वालों पर तत्काल कार्रवाई की जाए ताकि विद्यार्थियों का विश्वास बना रहे।

कानून-व्यवस्था और परीक्षा दोनों पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य मोहर्रम, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस और नीट जैसी महत्वपूर्ण गतिविधियों को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसहयोग, संवेदनशीलता और सतर्कता के साथ कार्य करते हुए प्रदेश में कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
पुलिस मुठभेड़ मे एक बदमाश हुआ घायल



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पुलिस मुठभेड़ में एक अभियुक्त घायलावस्था में गिरफ्तार, लूटी गई अपाचे मोटरसाइकिल व अवैध असलहा बरामद* *घटना का विवरण-* दिनांक 17.05.2026 को रात्रि लगभग 21:00 बजे *ग्राम रिठिया* के पास *03 अज्ञात बदमाशों* द्वारा वादी *भंजय सिंह* की मोटरसाइकिल रोककर उनकी *अपाचे मोटरसाइकिल एवं मोबाइल फोन* लूट लिया गया था। प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना अतरौलिया पर *मु0अ0सं0- 227/2026, धारा 309(4) बीएनएस* के तहत अभियोग पंजीकृत कर विवेचना प्रारंभ की गई थी। *पुलिस मुठभेड़ एवं गिरफ्तारी-* दिनांक *17 जून 2026* की रात्रि में थाना अतरौलिया पुलिस द्वारा अपराधियों की गिरफ्तारी हेतु सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि लूट की घटना में शामिल अभियुक्त लूटी गई मोटरसाइकिल के साथ *मदियापार की ओर से बहरादेव मंदिर* की तरफ जा रहा है। सूचना पर पुलिस टीम द्वारा *खदेरूपट्टी* के पास घेराबंदी की गई। पुलिस को देखकर अभियुक्त ने भागने का प्रयास करते हुए पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। आत्मरक्षार्थ पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में *एक बदमाश घायल* हो गया। घायल अभियुक्त की पहचान *रवि मिश्रा पुत्र अनिल मिश्रा निवासी केदरुपुर, थाना राजेसुल्तानपुर, जनपद अंबेडकरनगर, उम्र 22 वर्ष* के रूप में हुई। मुठभेड़ के दौरान अभियुक्त के *दाहिने पैर में घुटने के नीचे* गोली लगी, जिसे तत्काल उपचार हेतु सीएचसी अतरौलिया भेजा गया। *पंजीकृत अभियोग का विवरणः-* 01. मु0अ0सं0-230/2026, धारा 109(1) बीएनएस एवं 3/25/27 आयुध अधिनियम थाना अतरौलिया जनपद आजमगढ़ । *गिरफ्तार अभियुक्त का विवरणः-* 01. रवि मिश्रा पुत्र अनिल मिश्रा निवासी केदरुपुर, थाना राजेसुल्तानपुर, जनपद अंबेडकरनगर, उम्र 22 वर्ष *बरामदगी-* अभियुक्त के कब्जे से बरामद किया गया — 01 अपाचे मोटरसाइकिल (लूट की घटना से संबंधित) 01 अवैध तमंचा .315 बोर 02 अदद जिन्दा कारतूस 01 अदद खोखा कारतूस *पूछताछ में खुलासा-* पूछताछ के दौरान अभियुक्त ने स्वीकार किया कि उसने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर दिनांक 18.05.2026 को रिठिया क्षेत्र में वादी की मोटरसाइकिल एवं मोबाइल फोन लूटने की घटना को अंजाम दिया था। घटना में शामिल अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीमों द्वारा प्रयास जारी हैं। *अभियुक्त का आपराधिक इतिहास-* 01. मु0अ0सं0-162/25, धारा 115(2),352,351(3) बीएनएस थाना राजेसुल्तानपुर जनपद अंबेडकरनगर । 02. मु0अ0सं0- 227/2026, धारा 309(4) बीएनएस थाना अतरौलिया जनपद आजमगढ़ । 03. मु0अ0सं0-230/2026, धारा 109(1) बीएनएस एवं 3/25/27 आयुध अधिनियम थाना अतरौलिया जनपद आजमगढ़ । *गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम-* 1. थानाध्यक्ष देवेन्द्र नाथ दूबे थाना अतरौलिया जनपद आजमगढ 2. उ0नि0 विश्राम गुप्ता थाना अतरौलिया जनपद आजमगढ 3. उ0नि0 अभिषेक यादव थाना अतरौलिया जनपद आजमगढ 4. उ0नि0 सुरेन्द्र कुमार थाना अतरौलिया जनपद आजमगढ 5. का0 मनीष यादव थाना अतरौलिया जनपद आजमगढ 6. का0 रणवीर वर्मा थाना अतरौलिया जनपद आजमगढ 7. रि0का0 अमन तिवारी थाना अतरौलिया जनपद आजमगढ 8. रि0का0 महेश पटेल थाना अतरौलिया जनपद आजमगढ 9. रि0का0 अमित गिरी थाना अतरौलिया जनपद आजमगढ
दुबहा चौकी में युवकों की पिटाई का वीडियो वायरल, तीन पुलिसकर्मी लाइन हाजिर
*एसपी ने दिए विभागीय जांच के आदेश, सीओ करनैलगंज करेंगे जांच

गोंडा।कौड़िया थाना क्षेत्र की दुबहा पुलिस चौकी में दो युवकों की लाठी से पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रारंभिक जांच के आधार पर तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, 26 सेकंड के वायरल वीडियो में दुबहा चौकी परिसर के भीतर दो युवकों के साथ मारपीट का दृश्य है। आरोप है कि सिपाही अमन और अभिमन्यु ने रमेश नामक युवक को होमगार्ड अनुरोध तिवारी से पकड़वाकर लाठियों से पीटा। इसके बाद महेश नामक दूसरे युवक को भी उठाकर उसके साथ मारपीट की गई। वीडियो में कुछ पुलिसकर्मी पिटाई के दौरान टिप्पणी करते हुए भी सुनाई दे रहे हैं।मामला तूल पकड़ने पर पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने मंगलवार देर शाम मामले का संज्ञान लिया। उन्होंने तत्काल सिपाही अमन, सिपाही अभिमन्यु और सिपाही दिग्विजय को लाइन हाजिर करने का आदेश दिया। पूरे प्रकरण की जांच क्षेत्राधिकारी करनैलगंज अभिषेक को सौंपी गई है।

*सीओ बोले - कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं

इस संबंध में सीओ करनैलगंज अभिषेक ने बताया कि वायरल वीडियो की प्रारंभिक जांच में प्रथम दृष्टया तीनों पुलिसकर्मी दोषी पाए गए हैं। इसी आधार पर उन्हें लाइन हाजिर कर विभागीय जांच बैठा दी गई है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी पुलिसकर्मी को कानून अपने हाथ में लेने या किसी व्यक्ति के साथ मारपीट करने की अनुमति नहीं है।

*चौकी प्रभारी पर अभी कार्रवाई नहीं

हालांकि, वायरल वीडियो में मौजूद चौकी प्रभारी गोलू तिवारी और युवकों को गांव से चौकी तक लाने वाले सिपाही नीरज सिंह के खिलाफ फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है। जांच रिपोर्ट में यदि कोई अन्य पुलिसकर्मी भी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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परिषदीय व मान्यता प्राप्त विद्यालयों में ग्रीष्मकालीन अवकाश 20 मई से 24 जून तक; 25 जून से विद्यालय खुलेंगे
संजीव सिंह बलिया!, 16 जून 2026 — उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद् के नियंत्रणाधीन परिषदीय विद्यालयों तथा मान्यता प्राप्त विद्यालयों के लिए ग्रीष्मकालीन अवकाश का ताजा आदेश जारी किया गया है। बीएसए मनीष कुमार सिंह ने बताया कि वर्ष 2026 में इन विद्यालयों में ग्रीष्मकालीन अवकाश 20 मई से 24 जून तक रहेगा। 25 जून, 2026 से सभी विद्यालय नियमित पठन-पाठन के लिए खुले जाएंगे। बीएसए ने कहा कि अवकाश समाप्ति से पहले विद्यालयों में आवश्यक तैयारियों को सुनिश्चित किया जाए। 25 जून को पठन-पाठन आरंभ करने से पहले विद्यालयों में लेसन प्लान तैयार करना, मिड-डे मील की व्यवस्था दुरुस्त करना, पाठ्य-पुस्तकें व्यवस्थित करना तथा विद्यालय शिक्षा समिति की भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु समुदाय के साथ बैठकें करना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त बाल-वाटिका की व्यवस्था, विद्यालय परिसर, रसोई और शौचालय की सफाई, खेल सामग्री की उपलब्धता, स्मार्ट क्लास/आईसीटी लैब का क्रियाशील रखरखाव, बिजली कनेक्शन चालू रखना तथा पेयजल की आपूर्ति आदि कार्य पूर्ण किए जाने हैं। बीएसए ने निर्देश दिए हैं कि उक्त तैयारियों को अमल में लाने के लिए प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी 22, 23 तथा 24 जून, 2026 को सभी शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी विद्यालयों में उपस्थित रहकर ये कार्य संपादित कराएँ। ताकि 25 जून को छात्र-छात्राओं के विद्यालय आगमन पर निर्बाध रूप से पढ़ाई शुरू हो सके। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक वर्ष 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर विद्यालयों में शिक्षक व छात्र-छात्राओं द्वारा सामूहिक योगाभ्यास सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया गया
अब न्याय किससे मांगा जाए : पुलिस ने ही रच डाली युवती की बदनामी की कहानी...?

सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर से मिलकर रची साजिश, तोड़े नियम

भोपाल। एक झूठी और कपोल कल्पित कहानी को सच के करीब लाने के लिए एक साजिश रच दी गई। एक बुजुर्ग NRI और पुलिस की मिलीभगत से रची गई साजिश में तीसरा एंगल सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर को बनाया गया। नियम, कायदे, गवाह, सुबूत को इंसाफ की दुहाई देने वाली पुलिस ने इस त्रिकोण से एक शिक्षित लड़की को बदनाम करने की योजना को अंजाम दे दिया। 

मामला राजधानी भोपाल के कोलार थाने का बताया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि बुजुर्ग NRI डॉ. नरेश शर्मा अपने सगे भांजे की साजिशों और दोगलेपन से आहत थे। अपनी पारिवारिक खींचतान का कोई ठोस निराकरण पाने के लिए उन्होंने कोलार थाने में शिकायत दर्ज कराई। सूत्रों का कहना है कि इस बीच बुजुर्गियत और NRI की हैसियत देखते हुए कई बातें तय हुईं थीं।

दोगले के साथ दोस्तों पर भी वार

सूत्रों का कहना है कि NRI डॉ. नरेश शर्मा ने अपने भांजे एडवोकेट नीतीश त्रिपाठी को सबक सिखाने और अपने बीच के मतभेद को निपटाने के लिए उनके साथियों को भी घेरे में ले लिया गया। थाना कोलार में की गई शिकायत में उन्होंने एडवोकेट नीतीश त्रिपाठी की जूनियर और इंटर्न रही एडवोकेट प्रगति श्रीवास्तव को भी सहयोगी आरोपी बना दिया। जबकि प्रगति इस मामले की इतनी दोषी थी कि वह निशीथ त्रिपाठी को एक वकील और सीनियर के रूप में जानती थी और इस नाते निशीथ के NRI मामा की उनके विभिन्न कामों में मदद किया करती थी।

फिर बनी यह कहानी

सूत्रों का कहना है कि पुलिस ने इस मामले को अधिक पुख्ता बनाने के लिए प्रगति श्रीवास्तव पर ही कई झूठे और मनगढंत आरोप लगा दिए। इसको तूल देने के लिए उसके साथ मीडिया तो नहीं आ पाया, लेकिन एक सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर को आधार बना लिया। इस सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर ने भी संविधान, कानून, प्रचलित व्यवस्था और नियमों से बाहर जाकर मनगढ़ंत पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल कर दी। इस दौरान उन्होंने प्रगति के फोटो और विडियो को भी सार्वजनिक कर उन्हें सामाजिक बदनामी में धकेल दिया। सूत्रों का कहना है कि इस सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर की धमकी यह है कि वह भविष्य में इस तरह की पोस्ट से प्रगति की और बदनामी कर सकता है।

- अब मामले में शिकायत 

सूत्रों का कहना है कि प्रगति श्रीवास्तव इस मामले को साइबर थाने की शरण में पहुंची है। नियम और मीडिया संविधान के विपरीत सोशल मीडिया खबर में उनके फोटो इस्तेमाल करने पर उन्होंने ऐतराज उठाया है। आगे चलकर वे इस सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर के खिलाफ मानहानि का मामला भी दर्ज करने वाली हैं।

राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण में नए खुलासों से बढ़ी जांच की रफ्तार

-  कथित सोना बरामदगी, संदिग्ध यात्राएं और करोड़ों की संपत्तियां जांच के घेरे में; एसआईटी ने अयोध्या पहुंचकर शुरू की गहन पड़ताल

अयोध्या। राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े कथित महाघोटाले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए और चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने सोमवार को अयोध्या पहुंचकर जांच का मोर्चा संभाल लिया। एसआईटी ने अपने पहले ही दिन करीब छह घंटे तक मंदिर परिसर और उससे जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर पड़ताल की तथा ट्रस्ट से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ की।
जांच एजेंसियों के अनुसार अब तक गिरफ्तार किए गए पांच प्रमुख संदिग्धों से लगभग दो करोड़ रुपये नकद, एक लग्जरी वाहन और तीन आईफोन बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसी बीच दो नए पहलुओं ने जांच को और अधिक संवेदनशील बना दिया है—पहला कथित "सोना बरामदगी" और दूसरा संदिग्ध यात्रा नेटवर्क।
जांच के केंद्र में आए प्रमुख नामों में ट्रस्ट से जुड़े बताए जा रहे रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार उनके पैतृक आवास पर हाल ही में की गई छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में सोना बरामद किया गया। हालांकि बरामद सोने की मात्रा और मूल्य को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन जांच एजेंसियां इसकी वास्तविक कीमत और स्रोत का पता लगाने में जुटी हैं।
सूत्रों का दावा है कि कभी साधारण जीवन जीने वाले टिन्नू यादव के नाम या उनसे जुड़े लोगों के माध्यम से अयोध्या और लखनऊ समेत विभिन्न स्थानों पर करोड़ों रुपये की चल-अचल संपत्तियों का नेटवर्क खड़ा किया गया। जांच एजेंसियां इन संपत्तियों के दस्तावेजों की भी पड़ताल कर रही हैं।
बताया जा रहा है कि 13 जून को स्वर्गद्वार क्षेत्र स्थित उनके पैतृक घर पर सुरक्षा और जांच से जुड़े अधिकारियों की संयुक्त टीम ने छापा मारा था। इसके अलावा अयोध्या अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निकट स्थित एक छात्रावास परिसर को भी जांच एजेंसियों ने अपने रडार पर लिया है। संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में वहां भी विस्तृत फोरेंसिक जांच कराई जा सकती है।
इसी क्रम में सोमेश आनंद नामक व्यक्ति की गतिविधियां भी जांच एजेंसियों के संज्ञान में आई हैं। जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, पिछले एक वर्ष में उसने देश के विभिन्न राज्यों, विशेषकर दक्षिण भारत की कई यात्राएं कीं। सुरक्षा एजेंसियां उसके यात्रा रिकॉर्ड, बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन की बारीकी से जांच कर रही हैं।
सूत्रों का दावा है कि सोमेश आनंद अक्सर भारी सामान के साथ ट्रेन से यात्रा करता था और वापसी में हवाई मार्ग का उपयोग करता था। हालांकि जांच एजेंसियों ने अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन उसकी गतिविधियों को संदिग्ध मानते हुए गहन पड़ताल जारी है।
जांच की आंच अब केडी तिवारी तक भी पहुंच गई है, जिनके पास मंदिर में प्राप्त होने वाले आभूषणों की कस्टडी और अभिलेखीकरण से जुड़ी जिम्मेदारियां होने की बात कही जा रही है। उनके आवास पर भी हाल में जांच टीम द्वारा छानबीन की गई। सूत्रों के अनुसार हाल में खरीदी गई लगभग डेढ़ करोड़ रुपये मूल्य की एक भूमि भी जांच के दायरे में है।
हालांकि केडी तिवारी ने अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि उनकी जिम्मेदारी केवल आभूषणों को तौलकर रसीद जारी करने और उन्हें आगे संबंधित अधिकारियों को सौंपने तक सीमित थी। उन्होंने कहा कि इसके बाद की प्रक्रिया से उनका कोई संबंध नहीं था।
इस बीच जांच के दौरान मंदिर परिसर से जुड़ा एक पुराना मामला भी फिर चर्चा में आ गया है। सूत्रों के अनुसार लगभग दो वर्ष पूर्व सावन झूला मेले के दौरान उपयोग किए जाने वाले चार स्वर्ण मुकुट कुछ समय के लिए गायब पाए गए थे। बाद में ये मुकुट मंदिर परिसर के भीतर ही बरामद किए गए थे। हालांकि उस समय इस मामले को सार्वजनिक स्तर पर अधिक तूल नहीं दिया गया था, लेकिन वर्तमान जांच में इस प्रकरण से जुड़े दस्तावेज और परिस्थितियां भी खंगाली जा रही हैं।
जांच एजेंसियों का मानना है कि यदि दानपात्रों में जमा होने वाले आभूषणों और कीमती धातुओं के अभिलेखीकरण में कोई खामी रही है, तो उसी का लाभ उठाकर बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की गई हो सकती हैं। इसी बिंदु को वर्तमान जांच का महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है।
एसआईटी अब वित्तीय रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल ट्रेल, बैंक खातों, संपत्तियों और कथित संदिग्ध नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। आने वाले दिनों में कई और लोगों से पूछताछ तथा नए खुलासों की संभावना जताई जा रही है।
फिलहाल पूरे मामले पर प्रदेशभर की निगाहें टिकी हैं और जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी और दोषियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।