दो पहलवानों ने दर्ज कराया अपना बयान,बंद कमरे में हुई पूछताछ
*अपने चार्जशीट वाले बयान पर कायम रहे पहलवान

गोंडा।महिला पहलवानों के कथित यौन शोषण मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई जारी है।कोर्ट द्वारा पांच नोटिस जारी किए जाने के बाद दो प्रमुख पहलवानों ने बंद कमरे में अपने बयान दर्ज कराए हैं।दोनों पहलवानों ने कोर्ट में कोई नया बयान नहीं दिया।उन्होंने पुष्टि की कि वे दिल्ली पुलिस की जांच के दौरान दाखिल आरोप पत्र में दिए गए अपने पूर्व के बयानों पर कायम हैं।उन्होंने कोर्ट को बताया कि उन्हें कोई नया बयान नहीं देना है।बयान दर्ज होने के बाद पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के वकील ने दोनों पहलवानों के बयानों पर कई सवाल उठाए।हालांकि, पहलवानों की तरफ से कोर्ट रूम में कोई ठोस जवाब नहीं दिया गया।मामले की अगली सुनवाई पर पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह के वकील इन दोनों पहलवानों के बयान पर कोर्ट में जिरह करेंगे।बृजभूषण शरण सिंह पहले ही कोर्ट में खह चुके हैं कि दिल्ली पुलिस ने गलत तरीके से जांच कर आरोप पत्र दाखिल किया है।इस मामले में अभी दो और मुख्य पहलवानों को कोर्ट में बयान दर्ज कराने हैं,जिन्हें नोटिस भेज कर बुलाया जायेगा।राउज एवेन्यू कोर्ट में इस मामले की सुनवाई तेजी से चल रही है।वहीं,दूसरी तरफ 21 अप्रैल को दिल्ली हाईकोर्ट में भी पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह की याचिका पर सुनवाई होनी है।बृजभूषण शरण सिंह ने निचली अदालत राउज एवेन्यू कोर्ट में चल रही सुनवाई पर रोक लगाने और आरोप पत्र रद्द करने की मांग किया है।
संपत्ति विवरण न देने पर रायबरेली में 42 डॉक्टरों का वेतन रोका, स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप
रायबरेली। रायबरेली जनपद में संपत्ति विवरण प्रस्तुत न करने पर स्वास्थ्य विभाग के 42 डॉक्टरों का जनवरी माह का वेतन स्थगित कर दिया गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) के आदेश के बाद यह कार्रवाई की गई, जिससे विभाग में हड़कंप मच गया है।

जानकारी के अनुसार, शासन के निर्देश पर सभी चिकित्सकों को 31 जनवरी तक अपनी चल-अचल संपत्तियों का विवरण मानव संपदा पोर्टल पर अपडेट करना था। निर्धारित समय सीमा के भीतर विवरण उपलब्ध न कराने पर संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

वेतन रोके जाने वालों में डिप्टी सीएमओ डॉ. अशोक कुमार, डॉ. कफील अहमद, डॉ. सपना, डॉ. शिखा श्रीवास्तव समेत कुल 42 चिकित्सक शामिल हैं। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, जब तक संबंधित अधिकारी व चिकित्सक पोर्टल पर अपनी संपत्ति का ब्यौरा अपडेट नहीं करेंगे, तब तक उनका वेतन जारी नहीं किया जाएगा।

सीएमओ के इस सख्त कदम के बाद स्वास्थ्य विभाग में खलबली मची हुई है और संबंधित चिकित्सक जल्द से जल्द आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने में जुट गए हैं।
मनपा सीबीएसई स्कूल के विद्यार्थियों ने मंच पर साकार किया महाराष्ट्र की लोकसंस्कृति
मुंबई। बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन स्कूल, मुंबई पब्लिक स्कूल, M. G. क्रॉस रोड नंबर 1, CBSE, कांदिवली के वार्षिक समारोह का शानदार आयोजन 9 फरवरी, 2026 को प्रबोधनकर ठाकरे थिएटर में बड़े जोश के साथ हुआ। प्रोग्राम का कॉन्सेप्ट “महाराष्ट्र की लोककथा” है और स्टूडेंट्स ने महाराष्ट्र की समृद्ध लोक संस्कृति को असरदार तरीके से पेश किया।
यह प्रोग्राम स्टूडेंट्स और पेरेंट्स के लिए गर्व की बात थी क्योंकि म्युनिसिपल CBSE स्कूल के स्टूडेंट्स को पहली बार इतने बड़े और शानदार स्टेज पर अपनी कला दिखाने का मौका मिला। यह थिएटर शिक्षण विभाग की उपायुक्त डॉ. प्राची जांभेकर की इजाज़त से फ्री में उपलब्ध कराया गया था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षणाधिकारी सुजाता खरे ने की। अपने प्रेसिडेंशियल भाषण में, उन्होंने म्युनिसिपैलिटी के स्कूलों में होने वाली अलग-अलग एजुकेशनल एक्टिविटीज़ के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर ममता राव डिप्टी एजुकेशनल ऑफिसर स्कूल SRSC/CBSC सेल, दीपिका पाटिल डिप्टी एजुकेशनल ऑफिसर (वेस्ट सबअर्बन) और अशफाक अहमद शाह एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर (R/साउथ डिवीज़न) मौजूद थे। स्टूडेंट्स ने फोक डांस, लेज़िम, ड्रामा एक्सपेरिमेंट और अलग-अलग कल्चरल परफॉर्मेंस से दर्शकों का दिल जीत लिया। प्रोग्राम को वहां मौजूद पेरेंट्स से तुरंत रिस्पॉन्स मिला। प्रधानाध्यापक संदीपन घुले के मार्गदर्शन और टीचर्स और स्टाफ की कड़ी मेहनत से प्रोग्राम सफल रहा। इस मौके पर, आइडियल टीचर अवॉर्ड सुशील कोडलिंगे को दिया गया, जबकि एक्सीलेंट स्टूडेंट अवॉर्ड छठी कक्षा के छात्र देवांश नितिन बेलोसे को दिया गया। कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ शिक्षक मयूर तंगड़ी ने समस्त लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ का पांचवां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया अहरौला
अहरौला । उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ का पांचवां स्थापना दिवस 08 फरवरी 2026 को जिला संयोजक ज़किया परवीन के नेतृत्व में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में शिक्षिकाओं ने केक काटकर और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर जिला संयोजक ज़किया परवीन ने कहा कि पांच वर्ष पूर्व संगठन की संस्थापिका एवं प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती सुलोचना मौर्य ने जिस उद्देश्य के साथ महिला शिक्षक संघ की नींव रखी थी, आज वह एक मजबूत और व्यापक स्वरूप ले चुका है। उन्होंने कहा कि यह संगठन शिक्षिकाओं के संघर्ष, समर्पण और एकजुटता का प्रतीक है। प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती सुलोचना मौर्य के कुशल नेतृत्व में महिला शिक्षक संघ ने यह सिद्ध किया है कि जब महिलाएं संगठित होती हैं तो बड़े से बड़ा परिवर्तन संभव है। स्थापना दिवस के अवसर पर आजमगढ़ जिला एवं ब्लॉक कार्यकारिणी की पदाधिकारियों ने यह संकल्प लिया कि संगठन के मूल उद्देश्यों को आगे बढ़ाते हुए शिक्षिकाओं को सशक्त बनाया जाएगा और उनके अधिकारों व सम्मान की रक्षा के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे। कार्यक्रम में प्रज्ञा राय (मंडल अध्यक्ष), ज़किया परवीन (जिला संयोजक), रीना सिंह (जिला सह-संयोजक), वंदना राय, निधि राय, प्रीति गुप्ता, कामुदी सुमी, रेखा चौरसिया सहित महिला शिक्षक संघ की अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहीं। अंत में स्थापना दिवस की अनंत शुभकामनाओं के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
पूर्व आईपीएस मणिलाल पाटीदार को हाईकोर्ट से अंतरिम राहत, आपराधिक कार्रवाई पर रोक

प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूर्व आईपीएस अधिकारी मणिलाल पाटीदार के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत के इस आदेश के बाद फिलहाल उनके विरुद्ध जारी आपराधिक प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी।

मामले की स्थिति

मणिलाल पाटीदार ने अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक कार्रवाई को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। याचिका पर सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें अंतरिम राहत प्रदान करते हुए संबंधित आपराधिक कार्रवाई पर स्थगन आदेश पारित किया।

कोर्ट का रुख

हाईकोर्ट ने प्रथम दृष्टया मामले के तथ्यों और याचिका में उठाए गए कानूनी बिंदुओं को देखते हुए यह आदेश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह राहत अंतरिम प्रकृति की है और मामले की विस्तृत सुनवाई अभी शेष है।

कानूनी स्थिति

अदालत के आदेश के बाद पुलिस या अन्य जांच एजेंसियां इस मामले में फिलहाल कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं कर सकेंगी। अगली सुनवाई में कोर्ट मामले के गुण-दोष पर विस्तार से विचार करेगा।

विश्लेषण

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, आपराधिक कार्रवाई पर रोक का अर्थ आरोपी को क्लीन चिट मिलना नहीं होता। यह केवल संकेत देता है कि अदालत को प्रथम दृष्टया मामले में कुछ कानूनी प्रश्न विचारणीय लगे हैं। अंतिम निर्णय पूर्ण सुनवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होगा।

* सोलर प्रोजेक्ट रिश्वत मामला खत्म, IAS अभिषेक प्रकाश को भी बड़ी राहत

नौकरशाही को झकझोर देने वाले सोलर प्रोजेक्ट रिश्वत मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आईएएस अधिकारी अभिषेक प्रकाश से जुड़े आपराधिक प्रकरण को निरस्त कर दिया है। कोर्ट ने पाया कि मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act) के तहत कोई अपराध बनता ही नहीं है।

अदालत ने 15 मई 2025 को दाखिल की गई चार्जशीट को रद्द कर दिया, साथ ही 17 मई को जारी तलबी आदेश को भी निरस्त कर दिया। यह मामला सोलर मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट से जुड़ा था, जिसमें कमीशन मांगने के आरोप लगाए गए थे।

मामले की पृष्ठभूमि

इस प्रकरण में 20 मार्च 2025 को एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायत के आधार पर एसटीएफ ने जांच कर कार्रवाई की थी। हालांकि, सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता ने स्वयं अदालत में स्वीकार किया कि मुख्यमंत्री से की गई शिकायत गलतफहमी में दर्ज हुई थी।

कोर्ट की टिप्पणी

अदालत ने कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोप प्रमाणित नहीं होते और BNS तथा PC Act के तहत अपराध का गठन नहीं होता। इसी आधार पर पूरे आपराधिक प्रकरण को समाप्त कर दिया गया।

आगे की स्थिति

मामला खत्म होने के बाद आईएएस अभिषेक प्रकाश की बहाली की संभावना प्रबल मानी जा रही है। इस फैसले को प्रदेश की नौकरशाही में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।

जन गण मन से पहले बजेगा वंदे मातरम्, 3 मिनट 10 सेकेंड के राष्ट्रगीत के दौरान खड़े होना जरूरी

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केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ‘वंदे मातरम्’ को लेकर नया प्रोटोकॉल जारी किया है। इसके तहत राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के छह अंतरों वाला 3 मिनट 10 सेकंड का पूरा संस्करण कई आधिकारिक अवसरों पर बजाया या गाया जाना अब अनिवार्य होगा। मंत्रालय ने स्पष्ट आदेश जारी किया है कि यदि राष्ट्रगान और जन गण मन को एक साथ गाया जाता है या बजाया जाता है तो वंदे मातरम पहले बजाया जाएगा। साथ ही इस दौरान श्रोताओं को सावधान मुद्रा में खड़ा रहना होगा।

राष्ट्रगान से पहले बजेगा राष्ट्रगीत

गृह मंत्रालय के आदेश के अनुसार, अब तिरंगा फहराने, राष्ट्रपति के कार्यक्रमों में समेत सरकारी कार्यक्रमों, सरकारी स्कूलों के आयोजनों या अन्य औपचारिक आयोजनों में ‘वंदे मातरम’ बजाया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान को एक साथ गाया या बजाया जाता है, तो वंदे मातरम पहले बजेगा, और इस दौरान गाने या सुनने वालों को सावधान मुद्रा में खड़ा रहना होगा। ताकि सम्मान और राष्ट्रीय भावना का स्पष्ट संदेश मिले।

वंदे मातरम का पूरा छह पैराग्राफ बजाना अनिवार्य

28 जनवरी को गृह मंत्रालय के द्वारा जारी किए गए 10 पन्नों के आदेश यह अनिवार्य किया गया है कि तिरंगा फहराने, राष्ट्रपति के कार्यक्रमों में आगमन, राष्ट्र के नाम उनके भाषणों और संबोधनों से पहले और बाद में, साथ ही राज्यपाल के भाषणों से पहले और बाद में समेत कई आधिकारिक अवसरों पर वंदे मातरम का छह छंदों वाला 3 मिनट और 10 सेकंड का संस्करण बजाया या गाया जाए।

सिनेमा हॉल में लागू नहीं होंगे नए नियम

गृह मंत्रालय द्वारा सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, मंत्रालयों और संवैधानिक निकायों को जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि राष्ट्रगान का आधिकारिक संस्करण गाया या बजाया जाता है तो श्रोताओं को सावधान मुद्रा में खड़ा होना चाहिए। हालांकि जब किसी समाचार या वीडियो के दौरान राष्ट्रगान फिल्म के रूप में बजाया जाता है तो श्रोताओं से खड़े होने की अपेक्षा नहीं की जाती है। क्योंकि खड़े होने से फिल्म का प्रदर्शन बाधित होगा और राष्ट्रगान की गरिमा बढ़ाने के बजाय अव्यवस्था और भ्रम की स्थित उत्पन्न होगी।

बंकिम चंद्र चटर्जी की रचना है राष्ट्रगीत वंदे मातरम

भारत के राष्ट्रगीत वंदे मातरम को बंकिम चंद्र चटर्जी ने 7 नवंबर 1875 को अक्षय नवमी के पावन अवसर पर लिखा था। यह 1882 में पहली बार उनकी पत्रिका बंगदर्शन में उनके उपन्यास आनंदमठ के हिस्से के रूप में छपा था। 1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में रवींद्रनाथ टैगोर ने मंच पर वंदे मातरम गाया। यह पहला मौका था जब यह गीत सार्वजनिक रूप से राष्ट्रीय स्तर पर गाया गया।

प्रदेश के इतिहास का सबसे बड़ा बजट होगा पेश: डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बजट 2026 को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश के इतिहास का आंकड़ों के लिहाज से सबसे बड़ा बजट पेश होने जा रहा है। यह बजट राज्य के समग्र विकास को नई गति देगा और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर विशेष फोकस करेगा।
ब्रजेश पाठक ने कहा कि पानी, बिजली, सड़क, स्कूल और अस्पताल जैसे बुनियादी ढांचे को सशक्त बनाने के लिए बजट में ठोस प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार का यह बजट आम जनता की मूलभूत जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट महिलाओं, युवाओं, किसानों और गरीबों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि बजट में किए गए प्रावधान प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।
ब्रजेश पाठक ने आगे कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को आगे बढ़ाने वाला होगा और उत्तर प्रदेश को देश की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में निर्णायक कदम साबित होगा।
पुलिस थानों के सीसीटीवी बार-बार खराब होने पर हाईकोर्ट सख्त, मुख्य सचिव को व्यक्तिगत जांच के निर्देश
प्रयागराज/ लखनऊ। इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने उत्तर प्रदेश के पुलिस स्टेशनों में लगे सीसीटीवी कैमरों में लगातार सामने आ रही खराबियों को गंभीरता से लेते हुए राज्य के मुख्य सचिव को इसकी व्यक्तिगत रूप से जांच करने का निर्देश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस तरह की लापरवाही को “बार-बार का संयोग” मानकर टाला नहीं जा सकता।
न्यायमूर्ति अब्दुल मोईन और न्यायमूर्ति बबीता रानी की खंडपीठ ने सीसीटीवी कैमरों की विफलता पर यूपी पुलिस की आलोचना करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में शीर्ष पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। अदालत ने टिप्पणी की कि अब समय आ गया है कि जवाबदेही भी “गुरुत्वाकर्षण के नियम” का पालन करे, अर्थात यह ऊपर से नीचे की ओर प्रवाहित हो, न कि इसके विपरीत, जहां केवल कांस्टेबल, हेड कांस्टेबल, सब-इंस्पेक्टर या इंस्पेक्टर को बलि का बकरा बनाया जाता है।
उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में यह भी निर्देश दिया कि मुख्य सचिव द्वारा की जाने वाली जांच के दौरान जिले में तैनात उच्चतम पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने के लिए आवश्यक दिशानिर्देशों पर भी विचार किया जाए। अदालत ने संकेत दिया कि जवाबदेही तय किए बिना ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना संभव नहीं होगा।
बजट पेश करने से पहले वित्त मंत्री ने की पूजा-अर्चना, आज सदन में रखा जाएगा अहम प्रस्ताव,बुंदेलखंड को मिल सकता है बड़ा पैकेज
लखनऊ। वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करने से पहले वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने अपने आराध्य का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया। उन्होंने प्रदेश की उन्नति, आर्थिक प्रगति और नागरिकों के सुख-समृद्धि की कामना की। उत्तर प्रदेश सरकार आज विधानसभा में अपना वार्षिक बजट प्रस्तुत करने जा रही है। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यह सरकार का अंतिम पूर्ण बजट होगा, इसलिए इसे नीतिगत दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।सूत्रों के अनुसार बजट में क्षेत्रीय संतुलित विकास को प्रमुखता दी जा सकती है। खासतौर पर पूर्वांचल और बुंदेलखंड के लिए विशेष प्रावधान संभावित हैं। इन दोनों क्षेत्रों के विकास के लिए लगभग 1900 करोड़ रुपये की अतिरिक्त निधि प्रस्तावित बताई जा रही है, जिससे 37 पिछड़े जिलों में आधारभूत ढांचे और विकास कार्यों को गति मिलेगी। सरकार का कहना है कि बजट में कृषि, रोजगार, बुनियादी ढांचा और सामाजिक कल्याण योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले और विकास की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।
भदोही में आधी रात पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़:5 हजार का इनामी संदीप यादव घायल, दो साथी भी गिरफ्तार

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जनपद के कोइरौना थाना क्षेत्र में मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सन्नाटे को चीरते हुए गोलियों की तड़तड़ाहट सुनाई दी। भेलसी रोड पर पुलिस और बदमाशों के बीच हुई सीधी मुठभेड़ में अंतरजनपदीय गिरोह का कुख्यात अपराधी और 5 हजार का इनामी संदीप यादव पुलिस की गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस ने मौके से उसके दो अन्य साथियों को भी दबोच लिया है, जिसमें एक नाबालिग भी शामिल है।

क्या है पूरा मामला

घटना 11 फरवरी 2026 की रात करीब 12:35 बजे की है। कोइरौना पुलिस की टीम क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। तभी मुखबिर से एक पक्की सूचना मिली कि कुछ अपराधी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में भेलसी रोड की तरफ आ रहे हैं।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने टीवीएस एजेंसी पैग़हा के पीछे घेराबंदी कर दी। कुछ ही देर में एक यामाहा बाइक (UP 70 CM 4051) पर सवार तीन संदिग्ध आते दिखाई दिए। पुलिस ने जब टॉर्च की रोशनी मारकर उन्हें रुकने का इशारा किया, तो बदमाशों ने बाइक मोड़कर भागने की कोशिश की। खुद को घिरता देख बाइक पर पीछे बैठे बदमाश ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायर झोंक दिया।
जवाबी कार्रवाई में 'ढेर' हुआ इनामी

बदमाशों की फायरिंग के जवाब में पुलिस टीम ने भी अदम्य साहस का परिचय देते हुए आत्मरक्षार्थ गोली चलाई। पुलिस की एक गोली मुख्य आरोपी संदीप यादव (उम्र 23 वर्ष, निवासी बिलारी, हंडिया, प्रयागराज) के दाएं पैर में घुटने के नीचे लगी, जिससे वह चीखते हुए वहीं गिर पड़ा और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
मौके का फायदा उठाकर भागने की कोशिश कर रहे उसके साथी जय प्रकाश यादव (22 वर्ष) और एक 17 वर्षीय बाल अपचारी को भी पुलिस ने दौड़कर पकड़ लिया।
दो पहलवानों ने दर्ज कराया अपना बयान,बंद कमरे में हुई पूछताछ
*अपने चार्जशीट वाले बयान पर कायम रहे पहलवान

गोंडा।महिला पहलवानों के कथित यौन शोषण मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई जारी है।कोर्ट द्वारा पांच नोटिस जारी किए जाने के बाद दो प्रमुख पहलवानों ने बंद कमरे में अपने बयान दर्ज कराए हैं।दोनों पहलवानों ने कोर्ट में कोई नया बयान नहीं दिया।उन्होंने पुष्टि की कि वे दिल्ली पुलिस की जांच के दौरान दाखिल आरोप पत्र में दिए गए अपने पूर्व के बयानों पर कायम हैं।उन्होंने कोर्ट को बताया कि उन्हें कोई नया बयान नहीं देना है।बयान दर्ज होने के बाद पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के वकील ने दोनों पहलवानों के बयानों पर कई सवाल उठाए।हालांकि, पहलवानों की तरफ से कोर्ट रूम में कोई ठोस जवाब नहीं दिया गया।मामले की अगली सुनवाई पर पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह के वकील इन दोनों पहलवानों के बयान पर कोर्ट में जिरह करेंगे।बृजभूषण शरण सिंह पहले ही कोर्ट में खह चुके हैं कि दिल्ली पुलिस ने गलत तरीके से जांच कर आरोप पत्र दाखिल किया है।इस मामले में अभी दो और मुख्य पहलवानों को कोर्ट में बयान दर्ज कराने हैं,जिन्हें नोटिस भेज कर बुलाया जायेगा।राउज एवेन्यू कोर्ट में इस मामले की सुनवाई तेजी से चल रही है।वहीं,दूसरी तरफ 21 अप्रैल को दिल्ली हाईकोर्ट में भी पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह की याचिका पर सुनवाई होनी है।बृजभूषण शरण सिंह ने निचली अदालत राउज एवेन्यू कोर्ट में चल रही सुनवाई पर रोक लगाने और आरोप पत्र रद्द करने की मांग किया है।
संपत्ति विवरण न देने पर रायबरेली में 42 डॉक्टरों का वेतन रोका, स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप
रायबरेली। रायबरेली जनपद में संपत्ति विवरण प्रस्तुत न करने पर स्वास्थ्य विभाग के 42 डॉक्टरों का जनवरी माह का वेतन स्थगित कर दिया गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) के आदेश के बाद यह कार्रवाई की गई, जिससे विभाग में हड़कंप मच गया है।

जानकारी के अनुसार, शासन के निर्देश पर सभी चिकित्सकों को 31 जनवरी तक अपनी चल-अचल संपत्तियों का विवरण मानव संपदा पोर्टल पर अपडेट करना था। निर्धारित समय सीमा के भीतर विवरण उपलब्ध न कराने पर संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

वेतन रोके जाने वालों में डिप्टी सीएमओ डॉ. अशोक कुमार, डॉ. कफील अहमद, डॉ. सपना, डॉ. शिखा श्रीवास्तव समेत कुल 42 चिकित्सक शामिल हैं। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, जब तक संबंधित अधिकारी व चिकित्सक पोर्टल पर अपनी संपत्ति का ब्यौरा अपडेट नहीं करेंगे, तब तक उनका वेतन जारी नहीं किया जाएगा।

सीएमओ के इस सख्त कदम के बाद स्वास्थ्य विभाग में खलबली मची हुई है और संबंधित चिकित्सक जल्द से जल्द आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने में जुट गए हैं।
मनपा सीबीएसई स्कूल के विद्यार्थियों ने मंच पर साकार किया महाराष्ट्र की लोकसंस्कृति
मुंबई। बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन स्कूल, मुंबई पब्लिक स्कूल, M. G. क्रॉस रोड नंबर 1, CBSE, कांदिवली के वार्षिक समारोह का शानदार आयोजन 9 फरवरी, 2026 को प्रबोधनकर ठाकरे थिएटर में बड़े जोश के साथ हुआ। प्रोग्राम का कॉन्सेप्ट “महाराष्ट्र की लोककथा” है और स्टूडेंट्स ने महाराष्ट्र की समृद्ध लोक संस्कृति को असरदार तरीके से पेश किया।
यह प्रोग्राम स्टूडेंट्स और पेरेंट्स के लिए गर्व की बात थी क्योंकि म्युनिसिपल CBSE स्कूल के स्टूडेंट्स को पहली बार इतने बड़े और शानदार स्टेज पर अपनी कला दिखाने का मौका मिला। यह थिएटर शिक्षण विभाग की उपायुक्त डॉ. प्राची जांभेकर की इजाज़त से फ्री में उपलब्ध कराया गया था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षणाधिकारी सुजाता खरे ने की। अपने प्रेसिडेंशियल भाषण में, उन्होंने म्युनिसिपैलिटी के स्कूलों में होने वाली अलग-अलग एजुकेशनल एक्टिविटीज़ के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर ममता राव डिप्टी एजुकेशनल ऑफिसर स्कूल SRSC/CBSC सेल, दीपिका पाटिल डिप्टी एजुकेशनल ऑफिसर (वेस्ट सबअर्बन) और अशफाक अहमद शाह एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर (R/साउथ डिवीज़न) मौजूद थे। स्टूडेंट्स ने फोक डांस, लेज़िम, ड्रामा एक्सपेरिमेंट और अलग-अलग कल्चरल परफॉर्मेंस से दर्शकों का दिल जीत लिया। प्रोग्राम को वहां मौजूद पेरेंट्स से तुरंत रिस्पॉन्स मिला। प्रधानाध्यापक संदीपन घुले के मार्गदर्शन और टीचर्स और स्टाफ की कड़ी मेहनत से प्रोग्राम सफल रहा। इस मौके पर, आइडियल टीचर अवॉर्ड सुशील कोडलिंगे को दिया गया, जबकि एक्सीलेंट स्टूडेंट अवॉर्ड छठी कक्षा के छात्र देवांश नितिन बेलोसे को दिया गया। कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ शिक्षक मयूर तंगड़ी ने समस्त लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ का पांचवां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया अहरौला
अहरौला । उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ का पांचवां स्थापना दिवस 08 फरवरी 2026 को जिला संयोजक ज़किया परवीन के नेतृत्व में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में शिक्षिकाओं ने केक काटकर और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर जिला संयोजक ज़किया परवीन ने कहा कि पांच वर्ष पूर्व संगठन की संस्थापिका एवं प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती सुलोचना मौर्य ने जिस उद्देश्य के साथ महिला शिक्षक संघ की नींव रखी थी, आज वह एक मजबूत और व्यापक स्वरूप ले चुका है। उन्होंने कहा कि यह संगठन शिक्षिकाओं के संघर्ष, समर्पण और एकजुटता का प्रतीक है। प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती सुलोचना मौर्य के कुशल नेतृत्व में महिला शिक्षक संघ ने यह सिद्ध किया है कि जब महिलाएं संगठित होती हैं तो बड़े से बड़ा परिवर्तन संभव है। स्थापना दिवस के अवसर पर आजमगढ़ जिला एवं ब्लॉक कार्यकारिणी की पदाधिकारियों ने यह संकल्प लिया कि संगठन के मूल उद्देश्यों को आगे बढ़ाते हुए शिक्षिकाओं को सशक्त बनाया जाएगा और उनके अधिकारों व सम्मान की रक्षा के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे। कार्यक्रम में प्रज्ञा राय (मंडल अध्यक्ष), ज़किया परवीन (जिला संयोजक), रीना सिंह (जिला सह-संयोजक), वंदना राय, निधि राय, प्रीति गुप्ता, कामुदी सुमी, रेखा चौरसिया सहित महिला शिक्षक संघ की अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहीं। अंत में स्थापना दिवस की अनंत शुभकामनाओं के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
पूर्व आईपीएस मणिलाल पाटीदार को हाईकोर्ट से अंतरिम राहत, आपराधिक कार्रवाई पर रोक

प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूर्व आईपीएस अधिकारी मणिलाल पाटीदार के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत के इस आदेश के बाद फिलहाल उनके विरुद्ध जारी आपराधिक प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी।

मामले की स्थिति

मणिलाल पाटीदार ने अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक कार्रवाई को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। याचिका पर सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें अंतरिम राहत प्रदान करते हुए संबंधित आपराधिक कार्रवाई पर स्थगन आदेश पारित किया।

कोर्ट का रुख

हाईकोर्ट ने प्रथम दृष्टया मामले के तथ्यों और याचिका में उठाए गए कानूनी बिंदुओं को देखते हुए यह आदेश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह राहत अंतरिम प्रकृति की है और मामले की विस्तृत सुनवाई अभी शेष है।

कानूनी स्थिति

अदालत के आदेश के बाद पुलिस या अन्य जांच एजेंसियां इस मामले में फिलहाल कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं कर सकेंगी। अगली सुनवाई में कोर्ट मामले के गुण-दोष पर विस्तार से विचार करेगा।

विश्लेषण

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, आपराधिक कार्रवाई पर रोक का अर्थ आरोपी को क्लीन चिट मिलना नहीं होता। यह केवल संकेत देता है कि अदालत को प्रथम दृष्टया मामले में कुछ कानूनी प्रश्न विचारणीय लगे हैं। अंतिम निर्णय पूर्ण सुनवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होगा।

* सोलर प्रोजेक्ट रिश्वत मामला खत्म, IAS अभिषेक प्रकाश को भी बड़ी राहत

नौकरशाही को झकझोर देने वाले सोलर प्रोजेक्ट रिश्वत मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आईएएस अधिकारी अभिषेक प्रकाश से जुड़े आपराधिक प्रकरण को निरस्त कर दिया है। कोर्ट ने पाया कि मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act) के तहत कोई अपराध बनता ही नहीं है।

अदालत ने 15 मई 2025 को दाखिल की गई चार्जशीट को रद्द कर दिया, साथ ही 17 मई को जारी तलबी आदेश को भी निरस्त कर दिया। यह मामला सोलर मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट से जुड़ा था, जिसमें कमीशन मांगने के आरोप लगाए गए थे।

मामले की पृष्ठभूमि

इस प्रकरण में 20 मार्च 2025 को एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायत के आधार पर एसटीएफ ने जांच कर कार्रवाई की थी। हालांकि, सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता ने स्वयं अदालत में स्वीकार किया कि मुख्यमंत्री से की गई शिकायत गलतफहमी में दर्ज हुई थी।

कोर्ट की टिप्पणी

अदालत ने कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोप प्रमाणित नहीं होते और BNS तथा PC Act के तहत अपराध का गठन नहीं होता। इसी आधार पर पूरे आपराधिक प्रकरण को समाप्त कर दिया गया।

आगे की स्थिति

मामला खत्म होने के बाद आईएएस अभिषेक प्रकाश की बहाली की संभावना प्रबल मानी जा रही है। इस फैसले को प्रदेश की नौकरशाही में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।

जन गण मन से पहले बजेगा वंदे मातरम्, 3 मिनट 10 सेकेंड के राष्ट्रगीत के दौरान खड़े होना जरूरी

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केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ‘वंदे मातरम्’ को लेकर नया प्रोटोकॉल जारी किया है। इसके तहत राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के छह अंतरों वाला 3 मिनट 10 सेकंड का पूरा संस्करण कई आधिकारिक अवसरों पर बजाया या गाया जाना अब अनिवार्य होगा। मंत्रालय ने स्पष्ट आदेश जारी किया है कि यदि राष्ट्रगान और जन गण मन को एक साथ गाया जाता है या बजाया जाता है तो वंदे मातरम पहले बजाया जाएगा। साथ ही इस दौरान श्रोताओं को सावधान मुद्रा में खड़ा रहना होगा।

राष्ट्रगान से पहले बजेगा राष्ट्रगीत

गृह मंत्रालय के आदेश के अनुसार, अब तिरंगा फहराने, राष्ट्रपति के कार्यक्रमों में समेत सरकारी कार्यक्रमों, सरकारी स्कूलों के आयोजनों या अन्य औपचारिक आयोजनों में ‘वंदे मातरम’ बजाया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान को एक साथ गाया या बजाया जाता है, तो वंदे मातरम पहले बजेगा, और इस दौरान गाने या सुनने वालों को सावधान मुद्रा में खड़ा रहना होगा। ताकि सम्मान और राष्ट्रीय भावना का स्पष्ट संदेश मिले।

वंदे मातरम का पूरा छह पैराग्राफ बजाना अनिवार्य

28 जनवरी को गृह मंत्रालय के द्वारा जारी किए गए 10 पन्नों के आदेश यह अनिवार्य किया गया है कि तिरंगा फहराने, राष्ट्रपति के कार्यक्रमों में आगमन, राष्ट्र के नाम उनके भाषणों और संबोधनों से पहले और बाद में, साथ ही राज्यपाल के भाषणों से पहले और बाद में समेत कई आधिकारिक अवसरों पर वंदे मातरम का छह छंदों वाला 3 मिनट और 10 सेकंड का संस्करण बजाया या गाया जाए।

सिनेमा हॉल में लागू नहीं होंगे नए नियम

गृह मंत्रालय द्वारा सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, मंत्रालयों और संवैधानिक निकायों को जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि राष्ट्रगान का आधिकारिक संस्करण गाया या बजाया जाता है तो श्रोताओं को सावधान मुद्रा में खड़ा होना चाहिए। हालांकि जब किसी समाचार या वीडियो के दौरान राष्ट्रगान फिल्म के रूप में बजाया जाता है तो श्रोताओं से खड़े होने की अपेक्षा नहीं की जाती है। क्योंकि खड़े होने से फिल्म का प्रदर्शन बाधित होगा और राष्ट्रगान की गरिमा बढ़ाने के बजाय अव्यवस्था और भ्रम की स्थित उत्पन्न होगी।

बंकिम चंद्र चटर्जी की रचना है राष्ट्रगीत वंदे मातरम

भारत के राष्ट्रगीत वंदे मातरम को बंकिम चंद्र चटर्जी ने 7 नवंबर 1875 को अक्षय नवमी के पावन अवसर पर लिखा था। यह 1882 में पहली बार उनकी पत्रिका बंगदर्शन में उनके उपन्यास आनंदमठ के हिस्से के रूप में छपा था। 1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में रवींद्रनाथ टैगोर ने मंच पर वंदे मातरम गाया। यह पहला मौका था जब यह गीत सार्वजनिक रूप से राष्ट्रीय स्तर पर गाया गया।

प्रदेश के इतिहास का सबसे बड़ा बजट होगा पेश: डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बजट 2026 को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश के इतिहास का आंकड़ों के लिहाज से सबसे बड़ा बजट पेश होने जा रहा है। यह बजट राज्य के समग्र विकास को नई गति देगा और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर विशेष फोकस करेगा।
ब्रजेश पाठक ने कहा कि पानी, बिजली, सड़क, स्कूल और अस्पताल जैसे बुनियादी ढांचे को सशक्त बनाने के लिए बजट में ठोस प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार का यह बजट आम जनता की मूलभूत जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट महिलाओं, युवाओं, किसानों और गरीबों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि बजट में किए गए प्रावधान प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।
ब्रजेश पाठक ने आगे कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को आगे बढ़ाने वाला होगा और उत्तर प्रदेश को देश की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में निर्णायक कदम साबित होगा।
पुलिस थानों के सीसीटीवी बार-बार खराब होने पर हाईकोर्ट सख्त, मुख्य सचिव को व्यक्तिगत जांच के निर्देश
प्रयागराज/ लखनऊ। इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने उत्तर प्रदेश के पुलिस स्टेशनों में लगे सीसीटीवी कैमरों में लगातार सामने आ रही खराबियों को गंभीरता से लेते हुए राज्य के मुख्य सचिव को इसकी व्यक्तिगत रूप से जांच करने का निर्देश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस तरह की लापरवाही को “बार-बार का संयोग” मानकर टाला नहीं जा सकता।
न्यायमूर्ति अब्दुल मोईन और न्यायमूर्ति बबीता रानी की खंडपीठ ने सीसीटीवी कैमरों की विफलता पर यूपी पुलिस की आलोचना करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में शीर्ष पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। अदालत ने टिप्पणी की कि अब समय आ गया है कि जवाबदेही भी “गुरुत्वाकर्षण के नियम” का पालन करे, अर्थात यह ऊपर से नीचे की ओर प्रवाहित हो, न कि इसके विपरीत, जहां केवल कांस्टेबल, हेड कांस्टेबल, सब-इंस्पेक्टर या इंस्पेक्टर को बलि का बकरा बनाया जाता है।
उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में यह भी निर्देश दिया कि मुख्य सचिव द्वारा की जाने वाली जांच के दौरान जिले में तैनात उच्चतम पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने के लिए आवश्यक दिशानिर्देशों पर भी विचार किया जाए। अदालत ने संकेत दिया कि जवाबदेही तय किए बिना ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना संभव नहीं होगा।
बजट पेश करने से पहले वित्त मंत्री ने की पूजा-अर्चना, आज सदन में रखा जाएगा अहम प्रस्ताव,बुंदेलखंड को मिल सकता है बड़ा पैकेज
लखनऊ। वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करने से पहले वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने अपने आराध्य का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया। उन्होंने प्रदेश की उन्नति, आर्थिक प्रगति और नागरिकों के सुख-समृद्धि की कामना की। उत्तर प्रदेश सरकार आज विधानसभा में अपना वार्षिक बजट प्रस्तुत करने जा रही है। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यह सरकार का अंतिम पूर्ण बजट होगा, इसलिए इसे नीतिगत दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।सूत्रों के अनुसार बजट में क्षेत्रीय संतुलित विकास को प्रमुखता दी जा सकती है। खासतौर पर पूर्वांचल और बुंदेलखंड के लिए विशेष प्रावधान संभावित हैं। इन दोनों क्षेत्रों के विकास के लिए लगभग 1900 करोड़ रुपये की अतिरिक्त निधि प्रस्तावित बताई जा रही है, जिससे 37 पिछड़े जिलों में आधारभूत ढांचे और विकास कार्यों को गति मिलेगी। सरकार का कहना है कि बजट में कृषि, रोजगार, बुनियादी ढांचा और सामाजिक कल्याण योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले और विकास की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।
भदोही में आधी रात पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़:5 हजार का इनामी संदीप यादव घायल, दो साथी भी गिरफ्तार

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जनपद के कोइरौना थाना क्षेत्र में मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सन्नाटे को चीरते हुए गोलियों की तड़तड़ाहट सुनाई दी। भेलसी रोड पर पुलिस और बदमाशों के बीच हुई सीधी मुठभेड़ में अंतरजनपदीय गिरोह का कुख्यात अपराधी और 5 हजार का इनामी संदीप यादव पुलिस की गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस ने मौके से उसके दो अन्य साथियों को भी दबोच लिया है, जिसमें एक नाबालिग भी शामिल है।

क्या है पूरा मामला

घटना 11 फरवरी 2026 की रात करीब 12:35 बजे की है। कोइरौना पुलिस की टीम क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। तभी मुखबिर से एक पक्की सूचना मिली कि कुछ अपराधी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में भेलसी रोड की तरफ आ रहे हैं।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने टीवीएस एजेंसी पैग़हा के पीछे घेराबंदी कर दी। कुछ ही देर में एक यामाहा बाइक (UP 70 CM 4051) पर सवार तीन संदिग्ध आते दिखाई दिए। पुलिस ने जब टॉर्च की रोशनी मारकर उन्हें रुकने का इशारा किया, तो बदमाशों ने बाइक मोड़कर भागने की कोशिश की। खुद को घिरता देख बाइक पर पीछे बैठे बदमाश ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायर झोंक दिया।
जवाबी कार्रवाई में 'ढेर' हुआ इनामी

बदमाशों की फायरिंग के जवाब में पुलिस टीम ने भी अदम्य साहस का परिचय देते हुए आत्मरक्षार्थ गोली चलाई। पुलिस की एक गोली मुख्य आरोपी संदीप यादव (उम्र 23 वर्ष, निवासी बिलारी, हंडिया, प्रयागराज) के दाएं पैर में घुटने के नीचे लगी, जिससे वह चीखते हुए वहीं गिर पड़ा और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
मौके का फायदा उठाकर भागने की कोशिश कर रहे उसके साथी जय प्रकाश यादव (22 वर्ष) और एक 17 वर्षीय बाल अपचारी को भी पुलिस ने दौड़कर पकड़ लिया।