राँची: UPSC अभियंत्रण सेवा परीक्षा को लेकर निषेधाज्ञा लागू; परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में प्रतिबंध

राँची, 06 फरवरी 2026: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), नई दिल्ली द्वारा आयोजित अभियंत्रण सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा-2026 के शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त संचालन के लिए राँची जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। आगामी 08 फरवरी 2026 को होने वाली इस परीक्षा के लिए शहर के 03 परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

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धारा-163 (BNSS) के तहत निषेधाज्ञा

विधि-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी प्रकार की भीड़भाड़ को रोकने के लिए अनुमंडल दंडाधिकारी, सदर, राँची ने परीक्षा केंद्रों की 200 मीटर की परिधि में निषेधाज्ञा जारी की है। यह आदेश 08 फरवरी 2026 के प्रातः 06:30 बजे से अपराह्न 07:00 बजे तक प्रभावी रहेगा।

निषेधाज्ञा के दौरान मुख्य प्रतिबंध:

भीड़ पर रोक: पाँच या उससे अधिक व्यक्तियों के एक जगह जमा होने पर प्रतिबंध रहेगा (सरकारी कार्य और शवयात्रा को छोड़कर)।

हथियारों पर पाबंदी: किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र (बंदूक, राइफल, बम, आदि) या हरवे-हथियार (लाठी, डंडा, भाला, आदि) लेकर चलने की मनाही है।

ध्वनि विस्तारक यंत्र: परीक्षा केंद्रों के पास लाउडस्पीकर या किसी भी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्र का प्रयोग वर्जित है।

सभा आयोजित करना: किसी भी प्रकार की बैठक या आमसभा का आयोजन करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

प्रशासनिक सतर्कता

परीक्षा के सफल आयोजन हेतु उपायुक्त और वरीय पुलिस अधीक्षक के संयुक्तादेश पर दंडाधिकारियों और पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति कर दी गई है। प्रशासन ने असामाजिक तत्वों द्वारा विधि-व्यवस्था भंग किए जाने की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया है।

भारतीय स्टेट बैंक राजगढ़ का पासबुक मशीन खराब उपभोक्ताओं को हो रही परेशानी


राजगढ़ मीरजापुर / विकासखंड राजगढ़ क्षेत्र के भारतीय स्टेट बैंक की शाखा राजगढ़ में खुली हुई है। पासबुक मशीन की छपाई ना होने से उपभोक्ताओं में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पैसों का लेनदेन का हिसाब भी नहीं मालूम चल पा रहा है क्योंकि महीनो से पासबुक मशीन खराब पड़ी हुई है। इसको बनवाने के लिए बैंक मैनेजर कोई रुचि नहीं ले रहे हैं। उपभोक्ता भी पैसों का लेनदेन कर रहे हैं लेकिन पासबुक की छपाई नहीं हो पा रही है। उपभोक्ताओं को सही जानकारी नहीं दी जा रही है। बैंक में कई बार महीनो से चक्कर लगाया गया।पासबुक की छपाई के लिए लेकिन अभी तक एक हफ्ते 15 दिन में मशीन बन जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हो सका। मशीन जस की तस पड़ी हुई है बैंक से पैसों की निकासी हो रही है लेकिन मशीन से छपाई नहीं हो पा रही है बैंक मैनेजर उपभोक्ताओं से कहते हैं ग्राहक सेवा केंद्र स्टेट बैंक की शाखा में जाएं वहां से पासबुक छपाई करवा सकते हैं। स्टेट बैंक की में ब्रांच होने के नाते जब यहां की व्यवस्था ऐसी है तो बाहर की क्या होगी। इस संबंध में जब स्टेट बैंक राजगढ़ के बैंक मैनेजर जितेंद्र कुमार जायसवाल से बात हुई उन्होंने कहा कि 15 दिन बाद मशीन सही हो जाएगा। अगर ज्यादा जरूरी है तो स्टेट बैंक की ग्राहक सेवा केंद्र जाकर वहां से छपाई करवा सकते हैं।
संदिग्ध परिस्थितियों में युवती ने फांसी लगाकर दी जान

मीरजापुर।ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र के मड़वा धनावल गांव में गुरुवार की देर रात कच्चे मकान के भीतर संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर युवती ने आत्महत्या कर लिया। मड़वा धनावल गांव निवासी संतोष प्रसाद केशरी की 20 वर्षीया पुत्री रागिनी केशरी रात में मां संगीता देवी और छोटे भाई अंकित के साथ खाना खाने के बाद अपने कमरे में सोने चली गई। शुक्रवार सुबह काफी देर तक कमरे का दरवाजा नही खुलने पर भाई अंकित केशरी ने बहन को दरवाजा खोलने के लिए आवाज लगाई। भीतर से कोई प्रतिक्रिया नही होने पर भाई ने खपरैल के मकान की छत से कमरे में देखा तो बहन बड़ेर में दुपट्टे से लटकी हुई थी।बहन को फंदे से लटकता देख भाई के होश उड़ गए।घटना की जानकारी मां को दी। मां की चीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे अगल बगल के लोगो ने किसी तरह दरवाजे को खोलकर भीतर गए। ग्रामीणों ने युवती को फंदे से नीचे उतारा लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पिता संतोष प्रसाद परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मैहर दर्शन पूजन करने गए थे।मृतका के भाई की सूचना पर पहुंचे कार्यवाहक थानाध्यक्ष विनोद कुमार सिंह एस आई मूलचंद वर्मा ने घटना की जांच पड़ताल की। पुलिस की सूचना पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने भी घटना की जांच की। कार्यवाहक थानाध्यक्ष विनोद कुमार सिंह ने बताया कि मड़वा धनावल गांव में युवती ने संदिग्ध परिस्थितियों में कच्चे मकान के भीतर बड़ेर में दुपट्टे से फांसी लगाकर जान दे दी है।घटना की जांच कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
अयोध्या स्टेट की जमीन हड़पने के लिए बताया वक्फ और मदरसे की जमीन
*राजा के फर्जी पत्र से स्टेट के पैरोकार को बताया गलत

गोंडा।जिले के खरगूपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित अयोध्या स्टेट की जमीन को हड़पने की साजिश का मामला सामने आया है।इस मामले में फर्जी दस्तावेजों और पत्रों का इस्तेमाल कर अधिकारियों को गुमराह करने का प्रयास किया गया है।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने पूरे प्रकरण के विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।प्राप्त जानकारी के अनुसार, रमेश पंडित नामक व्यक्ति ने राजा अयोध्या स्टेट विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा के फर्जी लेटर पैड पर उनके अधिकृत पैरोकार नदीम को गलत बताते हुए एक फर्जी पत्र तैयार किया।यह पत्र अयोध्या स्टेट के राजा विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा के नाम से बनाया गया था,जिसका उपयोग अधिकारियों को गुमराह करने के लिए किया गया।रमेश पंडित खुद को अयोध्या स्टेट का पैरोकार बताकर लगातार स्टेट की जमीन हड़पने की कोशिश कर रहा था।इसकी जानकारी मिलने पर अयोध्या स्टेट के मुख्तार कैलाश नाथ मिश्रा ने अपने पैरोकार नदीम के साथ मिलकर जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र सौंपा और पूरे मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग किया।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने शिकायत का संज्ञान लेते हुए पूरे मामले में जांच के आदेश दिए हैं।मुख्तार कैलाश नाथ मिश्रा ने आरोप लगाया है कि उनके पैरोकार नदीम ने 12 जनवरी को एक प्रार्थना पत्र दिया था,जिसमें बताया गया था कि कुछ लोग खरगूपुर स्थित अयोध्या रियासत की जमीन पर कब्जा कर फर्जी तरीके से मांस मछली बेंच रहे हैं।जिसके बाद अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर जांच कर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए थे।नदीम ने 21 जनवरी को दोबारा आवेदन दिया,जिसके बाद अधिकारियों ने जमीन खाली कराने का आदेश दिया।हालांकि जमीन हड़पने की नीयत से मोहम्मद नसीम,मोबीन और मुजीब खान ने रमेश पंडित के माध्यम से मदरसा फुरकानिया के नाम से फर्जी वक्फ कागज नायब तहसीलदार को दिए।पैरोकार नदीम द्वारा इन कागजों की जांच कराने पर पता चला कि रियासत के रिकॉर्ड में न तो कोई बैनामा है और न तो कोई लेनदेन दर्ज है,जिससे यह स्पष्ट हुआ कि रियासत की भूमि को हड़पने के उद्देश्य से कूट रचित दस्तावेज तैयार किया गया था।इन लोगों ने फर्जी पत्र नायब तहसीलदार व लेखपाल को भी सौंपा था।अयोध्या स्टेट के मुख्तार कैलाश नाथ मिश्रा द्वारा यह भी कहा गया कि मेरे द्वारा ऐसा कोई प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया है,मेरा फर्जी हस्ताक्षर बना कर जमीन को हड़पने की नियत से तैयार किया गया है,ऐसे में इन लोगों के खिलाफ कठोर की जाए।कैलाश नाथ मिश्रा ने खरगूपुर की जितनी भी बाजार है,वह अयोध्या स्टेट की है और अब मेरे ही पैरोकार को गलत बताकर कोई रमेश पंडित नाम के व्यक्ति द्वारा कूटरचित अभिलेख देकर अधिकारियों को गुमराह किया गया है।उसके खिलाफ कार्रवाई को लेकर हमलोगों ने शिकायती पत्र दिया है और उस पर पुलिस अधीक्षक ने जांच के आदेश दिए हैं।
जनरल नरवणे की किताब में क्या लिखा? छपने से पहले ही गरमा गई सियासत

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क्या पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद (एमएम) नरवणे की किताब को सरकार प्रकाशित नहीं होने दे रही है? एमएम नरवणे की अप्रकाशित आत्मकथा ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ को लेकर देश का सियासी पारा हाई है। 

जनरल नरवणे की ऑटोबायोग्राफी 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' भले अभी रिलीज नहीं हुई, लेकिन इसने सरकार, विपक्ष, पब्लिक, लेखक-प्रकाशक जैसे फोर स्टार्स ऑफ पॉलिटिक्स को जन्म दे दिया है। भारतीय सेना के पूर्व प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की ऑटोबायोग्राफी के हवाले से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अपनी बात रखना चाहते हैं। लेकिन, सरकार की दलील है कि किसी किताब के हवाले से कुछ नहीं कहा जाना चाहिए। 

रक्षा मंत्रालय ने एक साल से अधिक समय से रिव्यू के लिए रखा

दरअसल, बीते दिनों सरकार ने संसद में दावा किया कि राहुल गांधी लोकसभा में नरवणे की अप्रकाशित किताब से अंश नहीं पढ़ सकते हैं, क्योंकि किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई है। लेकिन सरकार ने यह नहीं बताया कि रक्षा मंत्रालय की अपनी प्रशासनिक शाखा ने किताब को एक साल से अधिक समय से रिव्यू के तहत रखा हुआ है, जिससे प्रकाशन रुका हुआ है।

क्या सरकार प्रकाशित नहीं होने दे रही किताब?

राहुल गांधी ने लोकसभा में सोमवार को कहा था, "इस पत्रिका में नरवणे जी ने कहा है कि यह उनका संस्मरण है। जो सरकार प्रकाशित नहीं होने दे रही है। मैं इसमें से सिर्फ़ पांच लाइन पढ़ना चाहता हूं।"

राहुल ने पूछा- क्या लिखा जिससे घबरा रहे?

राहुल गांधी ने सत्ता पक्ष की ओर इशारा करते हुए कहा, "यह कहते हैं कि आतंकवाद से लड़ते हैं, लेकिन ये एक उद्धरण से डरते हैं। इसमें क्या लिखा है जिससे वो घबरा रहे हैं और मैं बोल नहीं पा रहा हूं। अगर ये डर नहीं रहे हैं तो मुझे पढ़ने की इजाज़त दें।"

जनवरी 2024 में ही आनी थी किताब

बता दें कि दिसंबर 2023 में ही पेंगुइन ने जनरल नरवणे की 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' का ऐलान किया था। तब इसका प्री-ऑर्डर भी लिया जा रहा था। किताब जनवरी 2024 में ही आनी थी, लेकिन इसकी रिलीज रोक दी गई। कहा गया कि रक्षा मंत्रालय से मंजूरी नहीं मिली है। रक्षा मंत्रालय भी नहीं बता रहा है कि पूर्व सेना प्रमुख की इस किताब को क्लियरेंस कब मिलेगी और मिलेगी या नहीं।

किताब में क्या?

इंडियन एक्सप्रेस की एक में दावा किया गया है, यह किताब 2020 में चीन के साथ पूर्वी लद्दाख़ में हुए सैन्य विवाद के बारे में बताती है। इसमें गलवान घाटी की झड़प और अग्निपथ योजना का भी ज़िक्र है। इस किताब में 31 अगस्त 2020 की रात को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से हुई बातचीत का ज़िक्र है। एक्सप्रेस की रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि दिसंबर 2023 में, न्यूज़ एजेंसी पीटीआई ने जनरल नरवणे की किताब से कुछ हिस्से छापे थे। इसमें भी 31 अगस्त की शाम की घटना का विस्तार से जिक्र था। इस घटना के बारे में अब कारवां मैगज़ीन में भी एक आर्टिकल छपा है।

राँची नगर निगम: 'आधी आबादी' का पूरा दम; 33% से 50% आरक्षण और फर्श से अर्श तक का सफर

राँची नगर निगम के गठन के बाद से अब तक हुए तीन चुनावों (2008, 2013, और 2018) के आंकड़े गवाही देते हैं कि राजधानी की शहरी राजनीति में महिलाओं का कद लगातार बढ़ा है। महिलाओं ने न केवल आरक्षित सीटों पर जीत दर्ज की, बल्कि अनारक्षित सीटों पर भी पुरुष प्रत्याशियों को 'धूल चटाकर' अपनी जगह बनाई।

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चुनावी दर चुनावी: बढ़ता महिलाओं का कुनबा

नगर निगम के चुनावों में महिला पार्षदों की संख्या में हुई वृद्धि को नीचे दिए गए टेबल से समझा जा सकता है:

चुनाव वर्ष विजयी महिला पार्षदों की संख्या आरक्षण का प्रतिशत मुख्य उपलब्धि

2008 15 33% राज्य का पहला निगम चुनाव, पहली महिला मेयर (रमा खलखो)

2013 27 33% पार्षदों की संख्या लगभग दोगुनी हुई

2018 32 50% अब तक की सर्वाधिक भागीदारी, आशा लकड़ा दूसरी बार मेयर

मेयर पद: 15 वर्षों से महिलाओं का 'अभेद्य किला'

राँची नगर निगम में मेयर का पद शुरुआत से ही महिला शक्ति का केंद्र रहा है।

2008: रमा खलखो राँची की पहली महिला मेयर बनकर इतिहास के पन्नों में दर्ज हुईं।

2013 और 2018: आशा लकड़ा ने लगातार दो बार जीत हासिल की। विशेषकर 2018 में, जब उन्होंने कड़े मुकाबले में कई दिग्गज पुरुष उम्मीदवारों को शिकस्त दी, जो यह साबित करता है कि मतदाता अब जेंडर से ऊपर उठकर 'काम और विकास' के नाम पर महिला नेतृत्व को चुन रहे हैं।

आरक्षण का बदलता स्वरूप: 33% से 50% की छलांग

शहरी लोकतंत्र को सशक्त करने के लिए झारखंड सरकार ने 2018 के चुनावों में ऐतिहासिक बदलाव किया।

शुरुआती दौर: 2008 और 2013 में संविधान के 74वें संशोधन के तहत एक-तिहाई (33%) सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित थीं।

ऐतिहासिक मोड़: 2018 में आरक्षण को बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया।

अनारक्षित सीटों पर कब्जा: महिलाओं की बढ़ती ताकत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने न केवल अपनी आरक्षित 50% सीटों को जीता, बल्कि अनारक्षित (General) सीटों पर भी पुरुषों को हराकर अपनी पैठ बनाई।

विशेषज्ञों की राय: चुनौती और संकेत

विशेषज्ञ मानते हैं कि संख्या बढ़ना लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत है, लेकिन असली चुनौती 'निर्णय प्रक्रिया' (Decision Making) में है।

"संख्यात्मक बढ़त के बाद अब गुणात्मक सुधार की जरूरत है। महिलाओं को बोर्ड की बैठकों और नीति निर्धारण में अपनी स्वतंत्र भूमिका और मुखर करनी होगी।"

निष्कर्ष

राँची नगर निगम के ये आंकड़े बताते हैं कि यहाँ का शहरी मतदाता अब अधिक जागरूक है। महिलाओं की यह बढ़ती मौजूदगी स्थानीय मुद्दों जैसे— पानी, सफाई, और स्ट्रीट लाइट— पर उनकी पकड़ को मजबूत कर रही है।

पतरातू: स्पर्श ई-वॉइस ने बढ़ाया मदद का हाथ; SSC GD के जरूरतमंद छात्रों के बीच बांटी गई निःशुल्क पाठ्य सामग्री

पतरातू: स्थानीय वंचित युवाओं को रोजगार की मुख्यधारा से जोड़ने और उनके सपनों को पंख देने के उद्देश्य से 'स्पर्श ई-वॉइस' द्वारा संचालित निःशुल्क SSC GD कोचिंग सेंटर में अध्ययन सामग्री वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पीवीयूएनएल (PVUNL) कर्मियों एवं उनके परिजनों की इस पंजीकृत संस्था ने आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों की शिक्षा में आने वाली बाधाओं को दूर करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है।

स्वर्णरेखा समिति की अध्यक्षा ने दिया सफलता का मूल मंत्र

गुरुवार को आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में स्वर्णरेखा समिति की अध्यक्षा श्रीमती रेनू सहगल उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने हाथों से छात्रों के बीच किताबों और अन्य पठन-सामग्री का वितरण किया। छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा:

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"लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एकाग्रता सबसे जरूरी है। अपने उद्देश्य को केंद्र बिंदु मानकर कड़ी मेहनत करें, सफलता अवश्य कदम चूमेगी।"

संसाधनों के अभाव को दूर कर रही 'स्पर्श' की पहल

कार्यक्रम के दौरान संस्थान की सचिव नम्रता रघुवंशी और कार्यकारी सदस्य दिव्या गंगवार भी उपस्थित रहीं। अध्ययन सामग्री पाकर छात्रों के चेहरे खिल उठे। छात्रों ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि संसाधनों की कमी के कारण जो पढ़ाई अधूरी लग रही थी, वह अब पीवीयूएनएल के कर्मचारियों और एक्सटर्नल फैकल्टी के सहयोग से पूरी हो रही है। छात्रों ने इस नि:स्वार्थ सेवा के लिए ‘पीवीयूऐनएल और स्पर्श ई-वॉइस' का आभार जताया।

स्पर्श ई-वॉइस: एक परिचय

यह संस्था पीवीयूएनएल कर्मियों और उनके परिवारों द्वारा संचालित है, जो सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत स्थानीय युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे SSC GD) के लिए तैयार करने हेतु निःशुल्क कोचिंग और मार्गदर्शन प्रदान करती है।

महिला से मारपीट कर दहेज की मांग, महिला मेरठ अस्पताल में भर्ती
आशीष कुमार मुजफ्फरनगर:  उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के मौहल्ला कुंगर पटटी सुजडू थाना खालापार जिला मुजफ्फरनगर की रहने वाली है। प्रार्थीया के पिता की मृत्यु हो चुकी है। प्रार्थीया की शादी दिनांक 05.12.2023 को साहिल पुत्र रियाज निवासी जहाँगीर पटटी सुजडू, शेख वाला तालाब के पास थाना खालांपार जिला मुजफ्फरनगर के साथ मुस्लिम रीति रिवाज के अनुसार सम्पन्न हुई थी। शादी में प्रार्थीया की माता व भाईयो व अन्य परिजनो द्वारा करीब 90 लाख रूपये खर्च करते हुए ग्रहस्थी का सभी सामान दिया था जिसमें नगद 50 लाख रूपये दिये थे। जिसमें से 23 लाख रूपये एक बार व 27 लाख, रूपये एक बार नगद दिये थे लेकिन शादी के बाद से ही प्रार्थीया के ससुराल वाले पति साहिल पुत्र रियाज, ससुर रियाज पुत्र सईद हसन उर्फ सीदा, सास शहजान पत्नी रियाज, जेठ शोएब व देवर अरसलान पुत्रगण रियाज, जेठानी अफसा पत्नी शोएब, ननद अफसा पुत्री रियाज, दादस कुबरा बेगम पत्नी सईद हसन उर्फ सीदा निवासीगण जहाँगीर पटटी सुजडू थाना खालापार व ननदोई राहुल पुत्र गौरा निवासी अम्बा विहार थाना खालापार मुजफ्फरनगर व फुफ सास महमूना पत्नी फरमान व फुफ ससुर फरमान पुत्र नामालूम निवासीगण सुजडू थाना खालापार मुजफ्फरनगर दिये गये सामान से खुश नहीं थे और अतिरिक्त दहेज के रूप में प्रार्थीया से 50 लाख रूपये व एक हजार गज प्लाट की मांग करते थे ना देने पर प्रार्थीया का शारीरिक व मानसिक उत्पीडन करते थे। अब से करीब 6 माह पहले दहेज न मिलने के कारण प्रार्थीया की हत्या करने के उददेश्य से प्रार्थीया की सास शहनाज व ननद अफसा व दादस कुबरा बेगम ने प्रार्थीया को जान से मारने की नियत से दूध में जहर मिलाकर पिला दिया जिससे प्रार्थीया बेहोश हो गयी और गाँव में डाक्टर को दिखाकर बामुश्किल बची। लेकिन अपने सुखी जीवन की खातिर इन लोगो के जुल्मो सितम सहती रही। लेकिन इन लोगो की दहेज की मांग व अत्याचार बढ़ते रहे। प्रार्थीया ने अपने परिवार वालो से 16 लाख रूपये लेकर अतिरिक्त दहेज के रूप में अपने पति व ससुर को दिये लेकिन कुछ दिन ठीक रखने के बाद पुनः इन लोगो की 50 लाख रूपये व प्लांट की मांग दोहराने लगे। अब से करीब साढे चार माह पहले प्रार्थीया अपनी ससुराल अपने कमरे में अकेली थी प्रार्थीया के ससुर रियाज ने प्रार्थीया के अकेलीपन का नाजायज फायदा उठाते हुए प्रार्थीया के साथ प्रार्थीया की इच्छा के विरूद्ध बलात्कार / बुरा काम किया। प्रार्थीया ने ये बात अपने पति व सास को बतायी तो ये कहने लगे कि अगर तूने दहेज की मांग पूरी नहीं की तो तूझे ये सहना पडेगा और अगर तूने शिकायत की तो हम तेरी हत्या कमशः
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कर देगे। प्रार्थीया का जेठ शोएब व देवर अरसलान इस कृत्य के बाद प्रार्थीया पर बी नजर रखते थे और प्रार्थीया के साथ जब भी प्रार्थीया अकेली रहती अश्लील हरकते व करीब चार माह पहले एक अपराधिक षडयन्त्र के तहत उपरोक्त सभी लोगो ने प्रार्थीया छेडछाड करते थे। प्रार्थीया उपरोक्त लोगो के कृत्य से और जुल्मों सितम से अब से को अपनी छोटी पुत्री के साथ मारपीट कर सिर्फ पहने कपडो में घर से निकाल दिया और कहा कि अगर दहेज की मांग 50 लाख रूपये व एक हजार गज का प्लाट तुम्हारे परिवार वालो ने नहीं दिया तो हम तुझे तेरे मायके में ही सडा देगे और हम साहिल की दूसरी शादी कर लेंगे। उपरोक्त लोगो के मानसिक टार्चर से प्रार्थीया मानसिक रूप से परेशान है और अपने मायके में रह रही है। प्रार्थीया के भाई व परिजनो द्वारा कई बार मेरी ससुराल वालो से खुशामंद की गयी और मौजिज लोगो से कहलवाया तो प्रार्थीया की ससुराली वाले अपने किये की माफी मांगने लगे और कहने लगे कि हम तुम्हे 56: दिन में ले आये।

आज अपने घर मायके में थी तभी प्रार्थीया का पति साहिल, ससुर रियाज, जेठ शोएब, देवर असलान व फुफ ससुर फरमान अपराधिक षडयन्त के तहत प्रार्थीया के मायके में आये और प्रार्थीया व प्रार्थीया के परिजनो द्वारा उपरोक्त लोगो की आव भगत की लेकिन इन लोगो ने पुनः अपनी दहेज की मांग शुरू कर दी और मॉ बहन की गंदी गंदी गालियां देने लगे और तभी जान से मारने की नियत से फरमान ने हाथ में लिये धारदार हथियार से वार किया व साहिल व रियाज ने प्रार्थीया को जान से मारने की नियत से रस्सी से प्रार्थीया का गला घोट दिया व अन्य ने लाठी डण्डो व धारदार हथियारों व बेल्ट तथा लोहे की रोड व लात घूसो से प्रार्थीया के साथ मारपीट की। शोरगुल की आवाज सुनकर आलिम पुत्र वहीद व प्रार्थीया का भाई आमिर रजा आदि काफी लोग आ गये जिन्होने घटना देखी ये लोग मौका मिलने पर जान से मारने की धमकी देकर गये। प्रार्थीया की हालत गम्भीर बनी हुई है प्रार्थीया का मेडिकल कराया जाकर प्रार्थीयां की रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्यवाही करें ।
सीमा सिंह ने अनोखे ढंग से मनाया वैलेंटाइन डे, उपहार देकर जीता कारीगरों का दिल
मुंबई । फरवरी प्रेम का महीना है। वैलेंटाइन डे मनाने और प्रेम को याद करने का समय, जो हमारे जीवन में प्रेम के महत्व को दर्शाता है। अक्सर हम प्रेम और दुःख के बीच के गहरे संबंध को नहीं समझ पाते। देश की प्रख्यात समाजसेवी सीमा सिंह ने खार पश्चिम के 14वां रोड स्थित अपनी शॉप सीमा सिंह कलेक्शन में वैलेंटाइन डे को बहुत अनोखे ढंग से मनाया। फैशन की दुनिया में उन्होंने डेनिम कलेक्शन को लांच किया , जिसका नाम उन्होंने डेनिम अफेयर रखा।

इस कलेक्शन के अंतर्गत उन्होंने आधुनिक कपड़ों को भी नए तरीके से प्रस्तुत किया। इस अवसर पर उन्होंने जो साड़ी पहन रखी थी, उसमें भी एक अलग तरीके की झलक साफ नजर आ रही थी। सबसे खास बात यह रही कि सीमा सिंह ने कपड़ा सिलनेवाले कारीगरों और डिजाइनिंग करने वाली टीम को न सिर्फ उपहार देकर उनके चेहरों पर मुस्कान लाई अपितु उनके साथ इस त्यौहार को भी सेलिब्रेट किया।

सीमा सिंह ने उनके कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें प्रोत्साहित किया और उनके समर्पित कार्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अथक परिश्रम कर नित नवीन कपड़ों को प्रस्तुत करने वाले कारीगरों को सम्मान और प्यार दिया जाना आवश्यक है। इस अवसर पर उपस्थित फिल्म अभिनेता अर्जुन कपूर ने उनके ड्रेस कलेक्शन की सराहना करते हुए कहा कि सीमा सिंह नई सोच और नए सपनों के साथ फैशन कपड़ों को प्रस्तुत करती हैं। सीमा सिंह ने उन्हें अपने फैशन डिजाइन शोरूम में बनाए जा रहे कलेक्शन कपड़ों का एक डिजाइन बुक भेंट किया। ज्ञातव्य है कि सीमा सिंह अपनी आय का एक बड़ा भाग समाज सेवा के क्षेत्र में खर्च करती हैं। खासकर बच्चों के लिए उनके द्वारा किए गए कार्यक्रमों की हमेशा सराहना की जाती रही है।
परीक्षा पे चर्चा आज, पीएम मोदी छात्रों से करेंगे संवाद, देख सकेंगे लाइव

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विद्यार्थियों को परीक्षा के तनाव से बाहर निकालने और उन्हें सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने वाला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लोकप्रिय कार्यक्रम ‘परीक्षा पे चर्चा’ का आयोजन आज होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को परीक्षा पे चर्चा करेंगे।

कार्यक्रम कहां और कितने बजे होगा?

‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ का आयोजन आज यानी 6 फरवरी को सुबह 10 बजे से होगा। इसकी स्क्रीनिंग संसद के बालयोगी ऑडिटोरियम में होगी, जहां करीब 250 छात्र मौजूद रहेंगे।

परीक्षा पे चर्चा को लाइव कहां देख सकते हैं?

इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण प्रधानमंत्री के यूट्यूब चैनल, दूरदर्शन (डीडी) और शिक्षा मंत्रालय के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किया जाएगा. आप अपनी सुविधानुसार इसे कहीं भी देख सकते हैं।

रजिस्ट्रेशन का बना नया रिकॉर्ड

इस साल कार्यक्रम ने अपनी लोकप्रियता के पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस बार 4.5 करोड़ से अधिक छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, जो पिछले साल के 3.53 करोड़ के ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड’ से कहीं ज्यादा है।

'एग्जाम वॉरियर्स' अभियान का हिस्सा

परीक्षा पे चर्चा केंद्र सरकार की एग्जाम वॉरियर्स पहल से जुड़ा हुआ है, जिसका उद्देश्य छात्रों को परीक्षा के दौरान होने वाली चिंता और दबाव से बाहर निकालना है। फरवरी के मध्य से सीबीएसई सहित विभिन्न बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं और अप्रैल में जेईई मेन जैसी प्रतियोगी परीक्षाएं भी आयोजित होंगी। ऐसे समय में यह संवाद छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ाने में मददगार माना जाता है।

राँची: UPSC अभियंत्रण सेवा परीक्षा को लेकर निषेधाज्ञा लागू; परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में प्रतिबंध

राँची, 06 फरवरी 2026: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), नई दिल्ली द्वारा आयोजित अभियंत्रण सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा-2026 के शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त संचालन के लिए राँची जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। आगामी 08 फरवरी 2026 को होने वाली इस परीक्षा के लिए शहर के 03 परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

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धारा-163 (BNSS) के तहत निषेधाज्ञा

विधि-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी प्रकार की भीड़भाड़ को रोकने के लिए अनुमंडल दंडाधिकारी, सदर, राँची ने परीक्षा केंद्रों की 200 मीटर की परिधि में निषेधाज्ञा जारी की है। यह आदेश 08 फरवरी 2026 के प्रातः 06:30 बजे से अपराह्न 07:00 बजे तक प्रभावी रहेगा।

निषेधाज्ञा के दौरान मुख्य प्रतिबंध:

भीड़ पर रोक: पाँच या उससे अधिक व्यक्तियों के एक जगह जमा होने पर प्रतिबंध रहेगा (सरकारी कार्य और शवयात्रा को छोड़कर)।

हथियारों पर पाबंदी: किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र (बंदूक, राइफल, बम, आदि) या हरवे-हथियार (लाठी, डंडा, भाला, आदि) लेकर चलने की मनाही है।

ध्वनि विस्तारक यंत्र: परीक्षा केंद्रों के पास लाउडस्पीकर या किसी भी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्र का प्रयोग वर्जित है।

सभा आयोजित करना: किसी भी प्रकार की बैठक या आमसभा का आयोजन करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

प्रशासनिक सतर्कता

परीक्षा के सफल आयोजन हेतु उपायुक्त और वरीय पुलिस अधीक्षक के संयुक्तादेश पर दंडाधिकारियों और पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति कर दी गई है। प्रशासन ने असामाजिक तत्वों द्वारा विधि-व्यवस्था भंग किए जाने की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया है।

भारतीय स्टेट बैंक राजगढ़ का पासबुक मशीन खराब उपभोक्ताओं को हो रही परेशानी


राजगढ़ मीरजापुर / विकासखंड राजगढ़ क्षेत्र के भारतीय स्टेट बैंक की शाखा राजगढ़ में खुली हुई है। पासबुक मशीन की छपाई ना होने से उपभोक्ताओं में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पैसों का लेनदेन का हिसाब भी नहीं मालूम चल पा रहा है क्योंकि महीनो से पासबुक मशीन खराब पड़ी हुई है। इसको बनवाने के लिए बैंक मैनेजर कोई रुचि नहीं ले रहे हैं। उपभोक्ता भी पैसों का लेनदेन कर रहे हैं लेकिन पासबुक की छपाई नहीं हो पा रही है। उपभोक्ताओं को सही जानकारी नहीं दी जा रही है। बैंक में कई बार महीनो से चक्कर लगाया गया।पासबुक की छपाई के लिए लेकिन अभी तक एक हफ्ते 15 दिन में मशीन बन जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हो सका। मशीन जस की तस पड़ी हुई है बैंक से पैसों की निकासी हो रही है लेकिन मशीन से छपाई नहीं हो पा रही है बैंक मैनेजर उपभोक्ताओं से कहते हैं ग्राहक सेवा केंद्र स्टेट बैंक की शाखा में जाएं वहां से पासबुक छपाई करवा सकते हैं। स्टेट बैंक की में ब्रांच होने के नाते जब यहां की व्यवस्था ऐसी है तो बाहर की क्या होगी। इस संबंध में जब स्टेट बैंक राजगढ़ के बैंक मैनेजर जितेंद्र कुमार जायसवाल से बात हुई उन्होंने कहा कि 15 दिन बाद मशीन सही हो जाएगा। अगर ज्यादा जरूरी है तो स्टेट बैंक की ग्राहक सेवा केंद्र जाकर वहां से छपाई करवा सकते हैं।
संदिग्ध परिस्थितियों में युवती ने फांसी लगाकर दी जान

मीरजापुर।ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र के मड़वा धनावल गांव में गुरुवार की देर रात कच्चे मकान के भीतर संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर युवती ने आत्महत्या कर लिया। मड़वा धनावल गांव निवासी संतोष प्रसाद केशरी की 20 वर्षीया पुत्री रागिनी केशरी रात में मां संगीता देवी और छोटे भाई अंकित के साथ खाना खाने के बाद अपने कमरे में सोने चली गई। शुक्रवार सुबह काफी देर तक कमरे का दरवाजा नही खुलने पर भाई अंकित केशरी ने बहन को दरवाजा खोलने के लिए आवाज लगाई। भीतर से कोई प्रतिक्रिया नही होने पर भाई ने खपरैल के मकान की छत से कमरे में देखा तो बहन बड़ेर में दुपट्टे से लटकी हुई थी।बहन को फंदे से लटकता देख भाई के होश उड़ गए।घटना की जानकारी मां को दी। मां की चीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे अगल बगल के लोगो ने किसी तरह दरवाजे को खोलकर भीतर गए। ग्रामीणों ने युवती को फंदे से नीचे उतारा लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पिता संतोष प्रसाद परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मैहर दर्शन पूजन करने गए थे।मृतका के भाई की सूचना पर पहुंचे कार्यवाहक थानाध्यक्ष विनोद कुमार सिंह एस आई मूलचंद वर्मा ने घटना की जांच पड़ताल की। पुलिस की सूचना पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने भी घटना की जांच की। कार्यवाहक थानाध्यक्ष विनोद कुमार सिंह ने बताया कि मड़वा धनावल गांव में युवती ने संदिग्ध परिस्थितियों में कच्चे मकान के भीतर बड़ेर में दुपट्टे से फांसी लगाकर जान दे दी है।घटना की जांच कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
अयोध्या स्टेट की जमीन हड़पने के लिए बताया वक्फ और मदरसे की जमीन
*राजा के फर्जी पत्र से स्टेट के पैरोकार को बताया गलत

गोंडा।जिले के खरगूपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित अयोध्या स्टेट की जमीन को हड़पने की साजिश का मामला सामने आया है।इस मामले में फर्जी दस्तावेजों और पत्रों का इस्तेमाल कर अधिकारियों को गुमराह करने का प्रयास किया गया है।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने पूरे प्रकरण के विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।प्राप्त जानकारी के अनुसार, रमेश पंडित नामक व्यक्ति ने राजा अयोध्या स्टेट विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा के फर्जी लेटर पैड पर उनके अधिकृत पैरोकार नदीम को गलत बताते हुए एक फर्जी पत्र तैयार किया।यह पत्र अयोध्या स्टेट के राजा विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा के नाम से बनाया गया था,जिसका उपयोग अधिकारियों को गुमराह करने के लिए किया गया।रमेश पंडित खुद को अयोध्या स्टेट का पैरोकार बताकर लगातार स्टेट की जमीन हड़पने की कोशिश कर रहा था।इसकी जानकारी मिलने पर अयोध्या स्टेट के मुख्तार कैलाश नाथ मिश्रा ने अपने पैरोकार नदीम के साथ मिलकर जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र सौंपा और पूरे मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग किया।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने शिकायत का संज्ञान लेते हुए पूरे मामले में जांच के आदेश दिए हैं।मुख्तार कैलाश नाथ मिश्रा ने आरोप लगाया है कि उनके पैरोकार नदीम ने 12 जनवरी को एक प्रार्थना पत्र दिया था,जिसमें बताया गया था कि कुछ लोग खरगूपुर स्थित अयोध्या रियासत की जमीन पर कब्जा कर फर्जी तरीके से मांस मछली बेंच रहे हैं।जिसके बाद अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर जांच कर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए थे।नदीम ने 21 जनवरी को दोबारा आवेदन दिया,जिसके बाद अधिकारियों ने जमीन खाली कराने का आदेश दिया।हालांकि जमीन हड़पने की नीयत से मोहम्मद नसीम,मोबीन और मुजीब खान ने रमेश पंडित के माध्यम से मदरसा फुरकानिया के नाम से फर्जी वक्फ कागज नायब तहसीलदार को दिए।पैरोकार नदीम द्वारा इन कागजों की जांच कराने पर पता चला कि रियासत के रिकॉर्ड में न तो कोई बैनामा है और न तो कोई लेनदेन दर्ज है,जिससे यह स्पष्ट हुआ कि रियासत की भूमि को हड़पने के उद्देश्य से कूट रचित दस्तावेज तैयार किया गया था।इन लोगों ने फर्जी पत्र नायब तहसीलदार व लेखपाल को भी सौंपा था।अयोध्या स्टेट के मुख्तार कैलाश नाथ मिश्रा द्वारा यह भी कहा गया कि मेरे द्वारा ऐसा कोई प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया है,मेरा फर्जी हस्ताक्षर बना कर जमीन को हड़पने की नियत से तैयार किया गया है,ऐसे में इन लोगों के खिलाफ कठोर की जाए।कैलाश नाथ मिश्रा ने खरगूपुर की जितनी भी बाजार है,वह अयोध्या स्टेट की है और अब मेरे ही पैरोकार को गलत बताकर कोई रमेश पंडित नाम के व्यक्ति द्वारा कूटरचित अभिलेख देकर अधिकारियों को गुमराह किया गया है।उसके खिलाफ कार्रवाई को लेकर हमलोगों ने शिकायती पत्र दिया है और उस पर पुलिस अधीक्षक ने जांच के आदेश दिए हैं।
जनरल नरवणे की किताब में क्या लिखा? छपने से पहले ही गरमा गई सियासत

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क्या पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद (एमएम) नरवणे की किताब को सरकार प्रकाशित नहीं होने दे रही है? एमएम नरवणे की अप्रकाशित आत्मकथा ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ को लेकर देश का सियासी पारा हाई है। 

जनरल नरवणे की ऑटोबायोग्राफी 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' भले अभी रिलीज नहीं हुई, लेकिन इसने सरकार, विपक्ष, पब्लिक, लेखक-प्रकाशक जैसे फोर स्टार्स ऑफ पॉलिटिक्स को जन्म दे दिया है। भारतीय सेना के पूर्व प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की ऑटोबायोग्राफी के हवाले से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अपनी बात रखना चाहते हैं। लेकिन, सरकार की दलील है कि किसी किताब के हवाले से कुछ नहीं कहा जाना चाहिए। 

रक्षा मंत्रालय ने एक साल से अधिक समय से रिव्यू के लिए रखा

दरअसल, बीते दिनों सरकार ने संसद में दावा किया कि राहुल गांधी लोकसभा में नरवणे की अप्रकाशित किताब से अंश नहीं पढ़ सकते हैं, क्योंकि किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई है। लेकिन सरकार ने यह नहीं बताया कि रक्षा मंत्रालय की अपनी प्रशासनिक शाखा ने किताब को एक साल से अधिक समय से रिव्यू के तहत रखा हुआ है, जिससे प्रकाशन रुका हुआ है।

क्या सरकार प्रकाशित नहीं होने दे रही किताब?

राहुल गांधी ने लोकसभा में सोमवार को कहा था, "इस पत्रिका में नरवणे जी ने कहा है कि यह उनका संस्मरण है। जो सरकार प्रकाशित नहीं होने दे रही है। मैं इसमें से सिर्फ़ पांच लाइन पढ़ना चाहता हूं।"

राहुल ने पूछा- क्या लिखा जिससे घबरा रहे?

राहुल गांधी ने सत्ता पक्ष की ओर इशारा करते हुए कहा, "यह कहते हैं कि आतंकवाद से लड़ते हैं, लेकिन ये एक उद्धरण से डरते हैं। इसमें क्या लिखा है जिससे वो घबरा रहे हैं और मैं बोल नहीं पा रहा हूं। अगर ये डर नहीं रहे हैं तो मुझे पढ़ने की इजाज़त दें।"

जनवरी 2024 में ही आनी थी किताब

बता दें कि दिसंबर 2023 में ही पेंगुइन ने जनरल नरवणे की 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' का ऐलान किया था। तब इसका प्री-ऑर्डर भी लिया जा रहा था। किताब जनवरी 2024 में ही आनी थी, लेकिन इसकी रिलीज रोक दी गई। कहा गया कि रक्षा मंत्रालय से मंजूरी नहीं मिली है। रक्षा मंत्रालय भी नहीं बता रहा है कि पूर्व सेना प्रमुख की इस किताब को क्लियरेंस कब मिलेगी और मिलेगी या नहीं।

किताब में क्या?

इंडियन एक्सप्रेस की एक में दावा किया गया है, यह किताब 2020 में चीन के साथ पूर्वी लद्दाख़ में हुए सैन्य विवाद के बारे में बताती है। इसमें गलवान घाटी की झड़प और अग्निपथ योजना का भी ज़िक्र है। इस किताब में 31 अगस्त 2020 की रात को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से हुई बातचीत का ज़िक्र है। एक्सप्रेस की रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि दिसंबर 2023 में, न्यूज़ एजेंसी पीटीआई ने जनरल नरवणे की किताब से कुछ हिस्से छापे थे। इसमें भी 31 अगस्त की शाम की घटना का विस्तार से जिक्र था। इस घटना के बारे में अब कारवां मैगज़ीन में भी एक आर्टिकल छपा है।

राँची नगर निगम: 'आधी आबादी' का पूरा दम; 33% से 50% आरक्षण और फर्श से अर्श तक का सफर

राँची नगर निगम के गठन के बाद से अब तक हुए तीन चुनावों (2008, 2013, और 2018) के आंकड़े गवाही देते हैं कि राजधानी की शहरी राजनीति में महिलाओं का कद लगातार बढ़ा है। महिलाओं ने न केवल आरक्षित सीटों पर जीत दर्ज की, बल्कि अनारक्षित सीटों पर भी पुरुष प्रत्याशियों को 'धूल चटाकर' अपनी जगह बनाई।

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चुनावी दर चुनावी: बढ़ता महिलाओं का कुनबा

नगर निगम के चुनावों में महिला पार्षदों की संख्या में हुई वृद्धि को नीचे दिए गए टेबल से समझा जा सकता है:

चुनाव वर्ष विजयी महिला पार्षदों की संख्या आरक्षण का प्रतिशत मुख्य उपलब्धि

2008 15 33% राज्य का पहला निगम चुनाव, पहली महिला मेयर (रमा खलखो)

2013 27 33% पार्षदों की संख्या लगभग दोगुनी हुई

2018 32 50% अब तक की सर्वाधिक भागीदारी, आशा लकड़ा दूसरी बार मेयर

मेयर पद: 15 वर्षों से महिलाओं का 'अभेद्य किला'

राँची नगर निगम में मेयर का पद शुरुआत से ही महिला शक्ति का केंद्र रहा है।

2008: रमा खलखो राँची की पहली महिला मेयर बनकर इतिहास के पन्नों में दर्ज हुईं।

2013 और 2018: आशा लकड़ा ने लगातार दो बार जीत हासिल की। विशेषकर 2018 में, जब उन्होंने कड़े मुकाबले में कई दिग्गज पुरुष उम्मीदवारों को शिकस्त दी, जो यह साबित करता है कि मतदाता अब जेंडर से ऊपर उठकर 'काम और विकास' के नाम पर महिला नेतृत्व को चुन रहे हैं।

आरक्षण का बदलता स्वरूप: 33% से 50% की छलांग

शहरी लोकतंत्र को सशक्त करने के लिए झारखंड सरकार ने 2018 के चुनावों में ऐतिहासिक बदलाव किया।

शुरुआती दौर: 2008 और 2013 में संविधान के 74वें संशोधन के तहत एक-तिहाई (33%) सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित थीं।

ऐतिहासिक मोड़: 2018 में आरक्षण को बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया।

अनारक्षित सीटों पर कब्जा: महिलाओं की बढ़ती ताकत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने न केवल अपनी आरक्षित 50% सीटों को जीता, बल्कि अनारक्षित (General) सीटों पर भी पुरुषों को हराकर अपनी पैठ बनाई।

विशेषज्ञों की राय: चुनौती और संकेत

विशेषज्ञ मानते हैं कि संख्या बढ़ना लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत है, लेकिन असली चुनौती 'निर्णय प्रक्रिया' (Decision Making) में है।

"संख्यात्मक बढ़त के बाद अब गुणात्मक सुधार की जरूरत है। महिलाओं को बोर्ड की बैठकों और नीति निर्धारण में अपनी स्वतंत्र भूमिका और मुखर करनी होगी।"

निष्कर्ष

राँची नगर निगम के ये आंकड़े बताते हैं कि यहाँ का शहरी मतदाता अब अधिक जागरूक है। महिलाओं की यह बढ़ती मौजूदगी स्थानीय मुद्दों जैसे— पानी, सफाई, और स्ट्रीट लाइट— पर उनकी पकड़ को मजबूत कर रही है।

पतरातू: स्पर्श ई-वॉइस ने बढ़ाया मदद का हाथ; SSC GD के जरूरतमंद छात्रों के बीच बांटी गई निःशुल्क पाठ्य सामग्री

पतरातू: स्थानीय वंचित युवाओं को रोजगार की मुख्यधारा से जोड़ने और उनके सपनों को पंख देने के उद्देश्य से 'स्पर्श ई-वॉइस' द्वारा संचालित निःशुल्क SSC GD कोचिंग सेंटर में अध्ययन सामग्री वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पीवीयूएनएल (PVUNL) कर्मियों एवं उनके परिजनों की इस पंजीकृत संस्था ने आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों की शिक्षा में आने वाली बाधाओं को दूर करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है।

स्वर्णरेखा समिति की अध्यक्षा ने दिया सफलता का मूल मंत्र

गुरुवार को आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में स्वर्णरेखा समिति की अध्यक्षा श्रीमती रेनू सहगल उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने हाथों से छात्रों के बीच किताबों और अन्य पठन-सामग्री का वितरण किया। छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा:

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"लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एकाग्रता सबसे जरूरी है। अपने उद्देश्य को केंद्र बिंदु मानकर कड़ी मेहनत करें, सफलता अवश्य कदम चूमेगी।"

संसाधनों के अभाव को दूर कर रही 'स्पर्श' की पहल

कार्यक्रम के दौरान संस्थान की सचिव नम्रता रघुवंशी और कार्यकारी सदस्य दिव्या गंगवार भी उपस्थित रहीं। अध्ययन सामग्री पाकर छात्रों के चेहरे खिल उठे। छात्रों ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि संसाधनों की कमी के कारण जो पढ़ाई अधूरी लग रही थी, वह अब पीवीयूएनएल के कर्मचारियों और एक्सटर्नल फैकल्टी के सहयोग से पूरी हो रही है। छात्रों ने इस नि:स्वार्थ सेवा के लिए ‘पीवीयूऐनएल और स्पर्श ई-वॉइस' का आभार जताया।

स्पर्श ई-वॉइस: एक परिचय

यह संस्था पीवीयूएनएल कर्मियों और उनके परिवारों द्वारा संचालित है, जो सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत स्थानीय युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे SSC GD) के लिए तैयार करने हेतु निःशुल्क कोचिंग और मार्गदर्शन प्रदान करती है।

महिला से मारपीट कर दहेज की मांग, महिला मेरठ अस्पताल में भर्ती
आशीष कुमार मुजफ्फरनगर:  उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के मौहल्ला कुंगर पटटी सुजडू थाना खालापार जिला मुजफ्फरनगर की रहने वाली है। प्रार्थीया के पिता की मृत्यु हो चुकी है। प्रार्थीया की शादी दिनांक 05.12.2023 को साहिल पुत्र रियाज निवासी जहाँगीर पटटी सुजडू, शेख वाला तालाब के पास थाना खालांपार जिला मुजफ्फरनगर के साथ मुस्लिम रीति रिवाज के अनुसार सम्पन्न हुई थी। शादी में प्रार्थीया की माता व भाईयो व अन्य परिजनो द्वारा करीब 90 लाख रूपये खर्च करते हुए ग्रहस्थी का सभी सामान दिया था जिसमें नगद 50 लाख रूपये दिये थे। जिसमें से 23 लाख रूपये एक बार व 27 लाख, रूपये एक बार नगद दिये थे लेकिन शादी के बाद से ही प्रार्थीया के ससुराल वाले पति साहिल पुत्र रियाज, ससुर रियाज पुत्र सईद हसन उर्फ सीदा, सास शहजान पत्नी रियाज, जेठ शोएब व देवर अरसलान पुत्रगण रियाज, जेठानी अफसा पत्नी शोएब, ननद अफसा पुत्री रियाज, दादस कुबरा बेगम पत्नी सईद हसन उर्फ सीदा निवासीगण जहाँगीर पटटी सुजडू थाना खालापार व ननदोई राहुल पुत्र गौरा निवासी अम्बा विहार थाना खालापार मुजफ्फरनगर व फुफ सास महमूना पत्नी फरमान व फुफ ससुर फरमान पुत्र नामालूम निवासीगण सुजडू थाना खालापार मुजफ्फरनगर दिये गये सामान से खुश नहीं थे और अतिरिक्त दहेज के रूप में प्रार्थीया से 50 लाख रूपये व एक हजार गज प्लाट की मांग करते थे ना देने पर प्रार्थीया का शारीरिक व मानसिक उत्पीडन करते थे। अब से करीब 6 माह पहले दहेज न मिलने के कारण प्रार्थीया की हत्या करने के उददेश्य से प्रार्थीया की सास शहनाज व ननद अफसा व दादस कुबरा बेगम ने प्रार्थीया को जान से मारने की नियत से दूध में जहर मिलाकर पिला दिया जिससे प्रार्थीया बेहोश हो गयी और गाँव में डाक्टर को दिखाकर बामुश्किल बची। लेकिन अपने सुखी जीवन की खातिर इन लोगो के जुल्मो सितम सहती रही। लेकिन इन लोगो की दहेज की मांग व अत्याचार बढ़ते रहे। प्रार्थीया ने अपने परिवार वालो से 16 लाख रूपये लेकर अतिरिक्त दहेज के रूप में अपने पति व ससुर को दिये लेकिन कुछ दिन ठीक रखने के बाद पुनः इन लोगो की 50 लाख रूपये व प्लांट की मांग दोहराने लगे। अब से करीब साढे चार माह पहले प्रार्थीया अपनी ससुराल अपने कमरे में अकेली थी प्रार्थीया के ससुर रियाज ने प्रार्थीया के अकेलीपन का नाजायज फायदा उठाते हुए प्रार्थीया के साथ प्रार्थीया की इच्छा के विरूद्ध बलात्कार / बुरा काम किया। प्रार्थीया ने ये बात अपने पति व सास को बतायी तो ये कहने लगे कि अगर तूने दहेज की मांग पूरी नहीं की तो तूझे ये सहना पडेगा और अगर तूने शिकायत की तो हम तेरी हत्या कमशः
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कर देगे। प्रार्थीया का जेठ शोएब व देवर अरसलान इस कृत्य के बाद प्रार्थीया पर बी नजर रखते थे और प्रार्थीया के साथ जब भी प्रार्थीया अकेली रहती अश्लील हरकते व करीब चार माह पहले एक अपराधिक षडयन्त्र के तहत उपरोक्त सभी लोगो ने प्रार्थीया छेडछाड करते थे। प्रार्थीया उपरोक्त लोगो के कृत्य से और जुल्मों सितम से अब से को अपनी छोटी पुत्री के साथ मारपीट कर सिर्फ पहने कपडो में घर से निकाल दिया और कहा कि अगर दहेज की मांग 50 लाख रूपये व एक हजार गज का प्लाट तुम्हारे परिवार वालो ने नहीं दिया तो हम तुझे तेरे मायके में ही सडा देगे और हम साहिल की दूसरी शादी कर लेंगे। उपरोक्त लोगो के मानसिक टार्चर से प्रार्थीया मानसिक रूप से परेशान है और अपने मायके में रह रही है। प्रार्थीया के भाई व परिजनो द्वारा कई बार मेरी ससुराल वालो से खुशामंद की गयी और मौजिज लोगो से कहलवाया तो प्रार्थीया की ससुराली वाले अपने किये की माफी मांगने लगे और कहने लगे कि हम तुम्हे 56: दिन में ले आये।

आज अपने घर मायके में थी तभी प्रार्थीया का पति साहिल, ससुर रियाज, जेठ शोएब, देवर असलान व फुफ ससुर फरमान अपराधिक षडयन्त के तहत प्रार्थीया के मायके में आये और प्रार्थीया व प्रार्थीया के परिजनो द्वारा उपरोक्त लोगो की आव भगत की लेकिन इन लोगो ने पुनः अपनी दहेज की मांग शुरू कर दी और मॉ बहन की गंदी गंदी गालियां देने लगे और तभी जान से मारने की नियत से फरमान ने हाथ में लिये धारदार हथियार से वार किया व साहिल व रियाज ने प्रार्थीया को जान से मारने की नियत से रस्सी से प्रार्थीया का गला घोट दिया व अन्य ने लाठी डण्डो व धारदार हथियारों व बेल्ट तथा लोहे की रोड व लात घूसो से प्रार्थीया के साथ मारपीट की। शोरगुल की आवाज सुनकर आलिम पुत्र वहीद व प्रार्थीया का भाई आमिर रजा आदि काफी लोग आ गये जिन्होने घटना देखी ये लोग मौका मिलने पर जान से मारने की धमकी देकर गये। प्रार्थीया की हालत गम्भीर बनी हुई है प्रार्थीया का मेडिकल कराया जाकर प्रार्थीयां की रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्यवाही करें ।
सीमा सिंह ने अनोखे ढंग से मनाया वैलेंटाइन डे, उपहार देकर जीता कारीगरों का दिल
मुंबई । फरवरी प्रेम का महीना है। वैलेंटाइन डे मनाने और प्रेम को याद करने का समय, जो हमारे जीवन में प्रेम के महत्व को दर्शाता है। अक्सर हम प्रेम और दुःख के बीच के गहरे संबंध को नहीं समझ पाते। देश की प्रख्यात समाजसेवी सीमा सिंह ने खार पश्चिम के 14वां रोड स्थित अपनी शॉप सीमा सिंह कलेक्शन में वैलेंटाइन डे को बहुत अनोखे ढंग से मनाया। फैशन की दुनिया में उन्होंने डेनिम कलेक्शन को लांच किया , जिसका नाम उन्होंने डेनिम अफेयर रखा।

इस कलेक्शन के अंतर्गत उन्होंने आधुनिक कपड़ों को भी नए तरीके से प्रस्तुत किया। इस अवसर पर उन्होंने जो साड़ी पहन रखी थी, उसमें भी एक अलग तरीके की झलक साफ नजर आ रही थी। सबसे खास बात यह रही कि सीमा सिंह ने कपड़ा सिलनेवाले कारीगरों और डिजाइनिंग करने वाली टीम को न सिर्फ उपहार देकर उनके चेहरों पर मुस्कान लाई अपितु उनके साथ इस त्यौहार को भी सेलिब्रेट किया।

सीमा सिंह ने उनके कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें प्रोत्साहित किया और उनके समर्पित कार्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अथक परिश्रम कर नित नवीन कपड़ों को प्रस्तुत करने वाले कारीगरों को सम्मान और प्यार दिया जाना आवश्यक है। इस अवसर पर उपस्थित फिल्म अभिनेता अर्जुन कपूर ने उनके ड्रेस कलेक्शन की सराहना करते हुए कहा कि सीमा सिंह नई सोच और नए सपनों के साथ फैशन कपड़ों को प्रस्तुत करती हैं। सीमा सिंह ने उन्हें अपने फैशन डिजाइन शोरूम में बनाए जा रहे कलेक्शन कपड़ों का एक डिजाइन बुक भेंट किया। ज्ञातव्य है कि सीमा सिंह अपनी आय का एक बड़ा भाग समाज सेवा के क्षेत्र में खर्च करती हैं। खासकर बच्चों के लिए उनके द्वारा किए गए कार्यक्रमों की हमेशा सराहना की जाती रही है।
परीक्षा पे चर्चा आज, पीएम मोदी छात्रों से करेंगे संवाद, देख सकेंगे लाइव

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विद्यार्थियों को परीक्षा के तनाव से बाहर निकालने और उन्हें सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने वाला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लोकप्रिय कार्यक्रम ‘परीक्षा पे चर्चा’ का आयोजन आज होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को परीक्षा पे चर्चा करेंगे।

कार्यक्रम कहां और कितने बजे होगा?

‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ का आयोजन आज यानी 6 फरवरी को सुबह 10 बजे से होगा। इसकी स्क्रीनिंग संसद के बालयोगी ऑडिटोरियम में होगी, जहां करीब 250 छात्र मौजूद रहेंगे।

परीक्षा पे चर्चा को लाइव कहां देख सकते हैं?

इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण प्रधानमंत्री के यूट्यूब चैनल, दूरदर्शन (डीडी) और शिक्षा मंत्रालय के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किया जाएगा. आप अपनी सुविधानुसार इसे कहीं भी देख सकते हैं।

रजिस्ट्रेशन का बना नया रिकॉर्ड

इस साल कार्यक्रम ने अपनी लोकप्रियता के पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस बार 4.5 करोड़ से अधिक छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, जो पिछले साल के 3.53 करोड़ के ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड’ से कहीं ज्यादा है।

'एग्जाम वॉरियर्स' अभियान का हिस्सा

परीक्षा पे चर्चा केंद्र सरकार की एग्जाम वॉरियर्स पहल से जुड़ा हुआ है, जिसका उद्देश्य छात्रों को परीक्षा के दौरान होने वाली चिंता और दबाव से बाहर निकालना है। फरवरी के मध्य से सीबीएसई सहित विभिन्न बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं और अप्रैल में जेईई मेन जैसी प्रतियोगी परीक्षाएं भी आयोजित होंगी। ऐसे समय में यह संवाद छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ाने में मददगार माना जाता है।