महिला आयोग की सदस्य में जनसुनवाई के दौरान सुनी समस्याएं
फर्रुखाबाद l  उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग सदस्य सुनीता सैनी ने विकास भवन सभागार में महिला जनसुनवाई का आयोजन किया गया, जनसुनवाई में 10 महिलाओं द्वारा अपने-अपने समस्याओं का प्रार्थना पत्रों के माध्यम से सदस्य के समक्ष प्रस्तुत किया गया ,जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों को  सदस्य द्वारा  संबंधित विभाग के अधिकारियों को जल्द से जल्द निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं  सदस्या द्वारा वि0 खंड कमालगंज के महरूपुर बीजल में जागरूकता चौपाल की गई और आंगनबाड़ी केन्द्र का निरीक्षण किया एवं  जिला जेल का निरीक्षण किया गया व साफ़ सफाई के निर्देश भी दिए गए। जनसुनवाई कार्यक्रम में
जिला प्रोबेशन अधिकारी,जिला बाल विकास परियोजना अधिकारी,बेसिक शिक्षा अधिकारी, समाज कल्याण अधिकारी, महिला थाना अध्यक्ष,परियोजना निदेशक,चाइल्ड हेल्पलाइन, HEW, वन स्टाप सेंटर, दत्तक ग्रहण के कार्मिक,व अन्य विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे ।
प्राकृतिक खेती कार्यशाला एवं मेला का प्रभारी मंत्री ने किया
फर्रुखाबाद lकेन्द्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर जनपद स्तरीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी एवं प्राकृतिक खेती कार्यशाला-मेला का आयोजन
केन्द्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जनपद स्तरीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी एवं प्राकृतिक खेती कार्यशाला-मेला का आयोजन आज मधुवन रिसोर्ट, कमालगंज रोड पर सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह उपस्थित रहे l कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने की।
कार्यक्रम का शुभारंभ मंत्री जयवीर सिंह एवं जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर द्वारा सर्वप्रथम फीता काटकर सूचना विभाग की ओर से केन्द्र एवं प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन कर किया गया। इसके उपरांत उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए विभिन्न योजनाओं के प्रचार-प्रसार संबंधी जानकारी प्राप्त की। इसके बाद कृषि, उद्यान, पशुपालन एवं अन्य विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन एवं किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि शासन की योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र किसानों तक प्रभावी ढंग से पहुँचाया जाए।
इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, विधायक अमृतपुर सुशील शाक्य, भाजपा जिलाध्यक्ष फतेहचन्द्र वर्मा, जिला विकास अधिकारी एस.के. तिवारी, उप कृषि निदेशक अरविन्द मोहन मिश्र, जिला कृषि अधिकारी शैलेन्द्र कुमार वर्मा, कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में कृषक उपस्थित रहे।
उप कृषि निदेशक ने किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री कुसुम, कृषि यंत्रीकरण, प्राकृतिक खेती एवं जैविक खेती सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि किसान अपनी भूमि के एक हिस्से पर प्राकृतिक खेती प्रारम्भ कर रसायनमुक्त एवं गुणवत्तापूर्ण उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं।
मुख्य अतिथि मंत्री जयवीर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि हरित क्रांति ने देश को खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाया, किन्तु रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक प्रयोग से भूमि की उर्वरा शक्ति एवं मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। उन्होंने किसानों से गोबर, गौमूत्र, हरी खाद एवं अन्य प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित खेती अपनाकर स्वस्थ समाज और समृद्ध कृषि व्यवस्था के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने कहा कि प्राकृतिक एवं जैविक खेती से किसानों को बेहतर बाजार, भूमि की उर्वरता में वृद्धि, पर्यावरण संरक्षण तथा स्वास्थ्य संबंधी लाभ प्राप्त होते हैं। उन्होंने किसानों से भविष्य की पीढ़ियों के हित में प्राकृतिक खेती को अपनाने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री एवं जिलाधिकारी द्वारा 8 कृषकों को बीज मिनीकिट, 5 कृषकों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड तथा प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने हेतु 5 कृषकों को नैपसेक स्प्रेयर वितरित किए गए। लाभार्थी किसानों ने शासन की योजनाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इन पहलों को कृषि क्षेत्र के लिए उपयोगी बताया।
समापन के दौरान जिलाधिकारी ने उपस्थित कृषकों से विभागीय स्टालों का भ्रमण कर नवीन तकनीकों एवं योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने तथा शासन द्वारा संचालित कृषि एवं किसान कल्याणकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती एवं आधुनिक कृषि तकनीकों के समन्वय से किसान अपनी आय बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
त्रिभाषा सूत्र राष्ट्रीय एकता का सशक्त माध्यम : प्रो. योगेन्द्र प्रताप सिंह

भाषाओं के संरक्षण में जनभागीदारी आवश्यक : प्रोफेसर सत्यकाम


प्रयागराज, 19 जून। केंद्र सरकार के 12 साल बेमिसाल कार्यक्रमों के अंतर्गत उत्तर प्रदेश राजर्षि टण्डन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज में आयोजित व्याख्यानमाला के छठे दिन शुक्रवार को भारत की बहुभाषिकता एवं त्रिभाषा सूत्र विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता गोविन्द बल्लभ पंत सामाजिक विज्ञान संस्थान, प्रयागराज के निदेशक  प्रोफेसर योगेन्द्र प्रताप सिंह ने भारत की भाषाई विविधता की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक परंपरा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भाषा किसी व्यक्ति की नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक चेतना की अभिव्यक्ति है। भाषा संवाद का माध्यम होने के साथ-साथ सभ्यता, संस्कृति और सामाजिक स्मृतियों की संवाहक भी है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की अनुशंसाओं के अनुरूप भारतीय भाषाओं के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु भारतीय भाषा समिति का गठन किया गया है। विश्व में लगभग 6800 से 7000 भाषाएँ बोली जाती हैं और भाषा का निर्माण समाज द्वारा होता है। प्रोफेसर सिंह ने कहा कि भारत की बहुभाषिक परम्परा उसकी सांस्कृतिक अखण्डता का प्रतीक है। प्राचीन काल में चारधाम यात्राएँ भाषाई संवाद और सांस्कृतिक एकात्मता का माध्यम थीं। भाषाओं के बीच संवाद उन्हें लोकतांत्रिक बनाता है। रामायण के लगभग 250 भाषायी स्वरूप इसका उत्कृष्ट उदाहरण हैं।
उन्होंने कोठारी आयोग (1968) द्वारा प्रतिपादित त्रिभाषा सूत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि मातृभाषा, संपर्क भाषा तथा अन्य भारतीय भाषा का अध्ययन राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करता है। उन्होंने कहा कि व्यवहार में लोकतांत्रिकता, भाषा में लोकतांत्रिकता के माध्यम से ही संभव है तथा भाषा के माध्यम से ही अतुल्य भारत की अवधारणा साकार हो सकती है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मुक्त  विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि प्रत्येक हिंदीभाषी को कम से कम एक दक्षिण भारतीय भाषा अवश्य सीखनी चाहिए। हिंदी को जन-जन तक पहुँचाने के लिए उसकी भगिनी भाषाओं के प्रति सम्मान तथा उन्हें सीखने की प्रवृत्ति विकसित करनी होगी। उन्होंने कहा कि भाषा केवल सरकार का नहीं, अपितु आमजन का विषय है। भाषा का संरक्षण और संवर्धन जनभागीदारी से ही संभव है।
जनसंपर्क अधिकारी डॉ प्रभात चन्द्र मिश्र ने बताया कि कार्यक्रम के प्रारंभ में नोडल अधिकारी प्रोफेसर संजय सिंह ने अतिथियों का वाचिक स्वागत एवं विषय प्रवर्तन किया। संचालन डॉ. सुनील कुमार ने तथा प्रोफेसर आनंदानंद त्रिपाठी ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, अधिकारी, कर्मचारी, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
जिले के 52 गांवों से 35 किमी गुजरेगा विंध्य एक्सप्रेस-वे, डीपीआर का काम शुरू


नितेश श्रीवास्तव


भदोही। बहुप्रतीक्षित विंध्य एक्सप्रेस-वे विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) का काम शुरू हो गया है। 333 किमी का यह एक्सप्रेस-वे भदोही के 52 गांवों से होकर गुजरेगा। जिले में इसकी लंबाई करीब 35 किलोमीटर होगी। यह एक्सप्रेस-वे सिक्स लेन का होगा, जिसे आठ लेन तक बढ़ाया जा सकेगा। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने प्रशासन से तहसीलवार गांवों और भूमि संबंधी रिपोर्ट मांगी है। विंध्य एक्सप्रेसवे प्रयागराज जिले से होकर भदोही और मिर्जापुर होते हुए सोनभद्र तक जाएगा। इससे जिले में कनेक्टिविटी और बेहतर हो सकेगी।
वर्ष 2020 में प्रयागराज-वाराणसी सिक्सलेन, 2025 में भदोही-मछलीशहर हाईवे के बाद अब अब प्रदेश सरकार ने विंध्य एक्सप्रेस की स्वीकृति दी है। इसके लिए डीपीआर का काम शुरू कर दिया गया है। एक्सप्रेस-वे के सर्वे के बाद मिट्टी की जांच आदि पूरी हो चुकी है। यह एक्सप्रेस-वे प्रयागराज के सोरांव तहसील के जुड़ापुर दांदू गांव से शुरू होगा। उसके बाद भदोही, मिर्जापुर, चंदौली, सोनभद्र से होकर छत्तीसगढ़ की सीमा तक जाएगा।


विंध्य एक्सप्रेस - वे के लिए डीपीआर का काम यूपीडा को ही करना है। इसके लिए प्रभावित गांवों और जमीन संबंधों जानकारी मांगी गई है। जिसके लिए सर्वे कराया जा रहा है। 15 दिनों में रिपोर्ट सौंपने की तैयारी है। 

शैलेश कुमार डीएम भदोही
पांच हजार शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का बनेगा हेल्थ कार्ड
*पांच लाख रुपए तक मुफ्त इलाज की मिलेगी सुविधा, पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू*

नितेश श्रीवास्तव


भदोही। मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का लाभ जिले के पांच हजार शिक्षकों, शिक्षामित्रों व अनुदेशकों और उनके परिजनों को मिलेगा। इसके तहत हर पांच लाख रुपये तक निशुल्क उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। योजना के क्रियान्वयन के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पॉयलट प्रोजेक्ट के तहत 60 शिक्षकों का कार्ड बन चुका है।
जिले में 885 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें चार हजार शिक्षक, 700 शिक्षामित्र और 400 अनुदेशक तैनात हैं। सूबे के मुख्यमंत्री ने शिक्षक दिवस के दिन शिक्षकों, शिक्षामित्र और अनुदेशकों को पांच लाख कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा की थी। अब उसको अमली जामा पहनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। शुरूआत में 60 शिक्षकों का कार्ड बनाया गया। अब सभी का कार्ड बनाने के लिए पंजीकरण शुरू किया गया है। इससे शिक्षक, शिक्षामित्र और अनुदेशक अपने परिवार का पांच लाख तक निशुल्क उपचार करा सकेंगे। शिक्षक नेता अरुण पांडेय और मनोज उपाध्याय ने कहा कि यह योजना उनके लिए बड़ी राहत लेकर आई है। गंभीर बीमारी की स्थिति में इलाज पर होने वाले भारी खर्च से अब काफी हद तक सहूलियत मिलेगी। साथ ही परिवार के सदस्यों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त हो सकेंगी।



बीएसए शिवम पांडेय ने बताया कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना क पॉयलट प्रोजेक्ट के तहत 60 शिक्षकों का कार्ड बन चुका है। साथ ही परिषदीय विद्यालयों में तैनात शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
दो सौ गांवों में तैयार होंगे बाग-बगीचे
*आंखों को सुकून देगी हरियाली*


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही । प्रभागीय वनाधिकारी विवेक कुमार ने बताया कि जिले मे कुल 546 ग्राम पंचायत हैं। इनमें दो सौ गांव में वन विभाग द्वारा सघन वन तैयार किया जाएगा। पौधा रोपित करने के साथ ही नियमित निगरानी संग सिंचाई की जाएगी। जिन स्थानों पर पौधा सूखेगा वहां पुन: पौधा रोपित होगा। इस मुहिम में वन विभाग के साथ ही एनजीओ एवं अन्य संस्थाओं द्वारा पौधों का संरक्षण किया जाएगा। तीन वर्ष में हर एक गांव में वन तैयार होगा।
हरियाली बढ़ाने की दिशा में वन विभाग ने नई मुहिम शुरू कर दी है। निरंतर हो रही वृक्षों की कटाई से पर्यावरण प्रभावित हो रहा था। ऐसे में दो सौ गांव में बाग-बगीचा तैयार करने की तैयारी शुरू हो गई है। वन विभाग जिले के दो सौ गांव में सघन वन स्थापित करेगा। पौधरोपण के लिए विभागीय स्तर से पौधरोपण होने वाले गांवों को चिन्हित किया जा रहा है। इसके बाद बड़ी संख्या में पौधे रोपित करने के साथ ही नियमित संरक्षण किया जाएगा। डीएफओ विवेक कुमार ने बताया कि विभाग की ओर से एक ही जगह पर 300 से 1000 पौधे रोपित किए जाएंगे। गांव की बंजर और जीएस की जमीनों को इस अभियान के माध्यम से उपयोग में लाया जाएगा। एक दशक पहले तक हर गांव में बाग बगीचा होते थे, लेकिन आधुनिकता की अंधी दौड़ के बीच लोगों ने तेजी से पेड़ों की कटाई की। जिससे गांवों में बाग-बगीचे कम होते चले गए। स्थिति यह है कि अब गांवों में जाने के बाद किसी पेड़ की छांव मिलना मुश्किल होता है। ऐसे में वन विभाग अब नए सिरे से गांवों में बगीचे स्थापित करेगा। विभाग तीन साल में जिले के 546 ग्राम पंचायत में पौधा लगाएगा और मॉनीटरिंग भी करेगा। जो भी पौधे रोपित किए जाते हैं। उसमें 75 से 80 फीसदी पौधे जिंदा रहते हैं।
350 बेरोजगार युवाओं को मिला रोजगार, 46 कंपनियों ने मेले में किया प्रतिभाग
फर्रुखाबाद l औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान परिसर में बृहद रोजगार मेला का आयोजन किया गया इस मेल में मेला में विभिन्न प्रांतो की 40 कंपनी के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग़ किया है उनका 2500 बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य है लेकिन परिसर में युवाओं की संख्या कम होने के कारण फिर भी 350 बेरोजगार युवकों को विभिन्न कंपनियों में काम करने का मौका मिल गया है । आईटीआई के प्रधानाचार्य का कहना है कि रोजगार मेला कई बार आयोजित किया जा चुका है और सैकड़ो युवाओं को रोजगार का अवसर भी प्रदान किया गया है उन्होंने कहा कि कंपनी शुरुआती दौर में अप्रेंटिस के रूप में कार्य कराती है प्रशिक्षित होने के बाद उन्हें उनके कार्य के अनुसार उनकी सैलरी में भी बढ़ोतरी की जाती है।
सपा कार्यालय के बाहर लगा राजनीतिक पोस्टर, 2027 में अखिलेश की वापसी का दावा
-  हनुमान जी की पूजा करते दिखाए गए अखिलेश यादव, पोस्टर में योगी सरकार पर साधा गया निशाना

लखनऊ। राजधानी लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय के बाहर शुक्रवार को एक राजनीतिक पोस्टर चर्चा का विषय बन गया। पोस्टर में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की सत्ता में वापसी का दावा किया गया है।
पोस्टर में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को हनुमान जी की पूजा-अर्चना करते हुए दर्शाया गया है। साथ ही पोस्टर में लिखा गया है, "मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम हुए नाराज, अब न आएंगे योगी महाराज।" इसके अलावा भाजपा पर निशाना साधते हुए पोस्टर में "महापापियों का खुला भेद, भाजपाइयों से सच्चे सनातनियों को है खेद" जैसे संदेश भी लिखे गए हैं।
बताया जा रहा है कि पोस्टर में सपा विधायक पंकज मलिक तथा पार्टी कार्यकर्ता सोमिल सिंह श्रीनेत्र की तस्वीरें भी लगाई गई हैं। पोस्टर लगने के बाद राजनीतिक गलियारों में इसकी चर्चा तेज हो गई है और इसे आगामी विधानसभा चुनावों से पहले सियासी संदेश के रूप में देखा जा रहा है। विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच बढ़ती राजनीतिक बयानबाजी के बीच यह पोस्टर राजधानी में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
एचपीवी टीकाकरण का अभियान चलाकर 14 से 15 वर्ष तक की किशोरियों का टीकाकरण किया गया

कमलेश मेहरोत्रा, लहरपुर (सीतापुर)। सर्वाइकल कैंसर  एचपीवी से किशोरियों के बचाव के लिए स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत आने वाले 32 सत्र केंद्रों पर एचपीवी टीकाकरण का अभियान चलाकर 14 से 15 वर्ष तक की किशोरियों का टीकाकरण किया गया। शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षक डॉक्टर अरविंद वाजपेई के नेतृत्व में क्षेत्र के 32 सत्र स्थलों पर अभियान चला कर 82 किशोरियों का टीकाकरण किया गया। इस मौके पर उन्होंने बताया कि यह सरकार की एक महत्व जो की पूरी तरह निशुल्क है उन्होंने बताया कि 14 वर्ष की किशोरियों को दो डोज व 15 वर्ष की किशोरियों को तीन डोज  लगाएं जाते हैं इस टीकाकरण से सर्वाइकल कैंसर का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।
भोजपुरी फिल्म ‘जननायक’ की शूटिंग विधि विधान पूजा अर्चना कर किया गया शुभारंभ

कमलेश मेहरोत्रा लहरपुर (सीतापुर) भोजपुरी फिल्म ‘जननायक’ की शूटिंग विधि विधान पूजा अर्चना कर किया गया शुभारंभ। इस मौके पर भारी संख्या में लोग शूटिंग देखने के लिए जमा हुए। शुक्रवार को सत्यदेव फिल्म प्रोडक्शन के बैनर तले बनने वाली भोजपुरी फिल्म "जननायक" की शूटिंग का भव्य शुभारंभ विघ्नहर्ता भगवान  गणेश की पूजा अर्चना कर किया गया।

फिल्म के नायक भोजपुरी फिल्म अभिनेता संग्राम सिंह पटेल ने बताया कि  फिल्म का उद्देश्य जनता की असली ताकत और उसके संघर्ष को पर्दे पर दिखाना है, फिल्म के निर्माता रवि शंकर सिंह और निर्देशक सचिन यादव हैं और संगीत साजन मिश्रा देंगे। फिल्म में मुख्य भूमिकाओं में संग्राम सिंह पटेल, रवीना राय, केहना सिंह, विनीत विशाल, रजनीश पाठक, प्रकाश जैस, संजय वर्मा, नीलम पांडेय, जसवंत कुमार, रुपेश मिश्रा, सत्या शुक्ला, जय यादव, मोनिका मिश्रा, रवि वर्मा, संजीत वर्मा, इरफान पिंडारी और डॉ. राम सिंह चौधरी आदि थे।फिल्म अभिनेता संग्राम सिंह पटेल ने बताया कि, फिल्म जननायक की शूटिंग लहरपुर व इसके आस पास   विभिन्न स्थानों पर की जाएगी और स्थानीय कलाकारों को भी कार्य करने का मौका दिया जाएगा।
महिला आयोग की सदस्य में जनसुनवाई के दौरान सुनी समस्याएं
फर्रुखाबाद l  उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग सदस्य सुनीता सैनी ने विकास भवन सभागार में महिला जनसुनवाई का आयोजन किया गया, जनसुनवाई में 10 महिलाओं द्वारा अपने-अपने समस्याओं का प्रार्थना पत्रों के माध्यम से सदस्य के समक्ष प्रस्तुत किया गया ,जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों को  सदस्य द्वारा  संबंधित विभाग के अधिकारियों को जल्द से जल्द निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं  सदस्या द्वारा वि0 खंड कमालगंज के महरूपुर बीजल में जागरूकता चौपाल की गई और आंगनबाड़ी केन्द्र का निरीक्षण किया एवं  जिला जेल का निरीक्षण किया गया व साफ़ सफाई के निर्देश भी दिए गए। जनसुनवाई कार्यक्रम में
जिला प्रोबेशन अधिकारी,जिला बाल विकास परियोजना अधिकारी,बेसिक शिक्षा अधिकारी, समाज कल्याण अधिकारी, महिला थाना अध्यक्ष,परियोजना निदेशक,चाइल्ड हेल्पलाइन, HEW, वन स्टाप सेंटर, दत्तक ग्रहण के कार्मिक,व अन्य विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे ।
प्राकृतिक खेती कार्यशाला एवं मेला का प्रभारी मंत्री ने किया
फर्रुखाबाद lकेन्द्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर जनपद स्तरीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी एवं प्राकृतिक खेती कार्यशाला-मेला का आयोजन
केन्द्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जनपद स्तरीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी एवं प्राकृतिक खेती कार्यशाला-मेला का आयोजन आज मधुवन रिसोर्ट, कमालगंज रोड पर सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह उपस्थित रहे l कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने की।
कार्यक्रम का शुभारंभ मंत्री जयवीर सिंह एवं जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर द्वारा सर्वप्रथम फीता काटकर सूचना विभाग की ओर से केन्द्र एवं प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन कर किया गया। इसके उपरांत उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए विभिन्न योजनाओं के प्रचार-प्रसार संबंधी जानकारी प्राप्त की। इसके बाद कृषि, उद्यान, पशुपालन एवं अन्य विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन एवं किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि शासन की योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र किसानों तक प्रभावी ढंग से पहुँचाया जाए।
इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, विधायक अमृतपुर सुशील शाक्य, भाजपा जिलाध्यक्ष फतेहचन्द्र वर्मा, जिला विकास अधिकारी एस.के. तिवारी, उप कृषि निदेशक अरविन्द मोहन मिश्र, जिला कृषि अधिकारी शैलेन्द्र कुमार वर्मा, कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में कृषक उपस्थित रहे।
उप कृषि निदेशक ने किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री कुसुम, कृषि यंत्रीकरण, प्राकृतिक खेती एवं जैविक खेती सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि किसान अपनी भूमि के एक हिस्से पर प्राकृतिक खेती प्रारम्भ कर रसायनमुक्त एवं गुणवत्तापूर्ण उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं।
मुख्य अतिथि मंत्री जयवीर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि हरित क्रांति ने देश को खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाया, किन्तु रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक प्रयोग से भूमि की उर्वरा शक्ति एवं मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। उन्होंने किसानों से गोबर, गौमूत्र, हरी खाद एवं अन्य प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित खेती अपनाकर स्वस्थ समाज और समृद्ध कृषि व्यवस्था के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने कहा कि प्राकृतिक एवं जैविक खेती से किसानों को बेहतर बाजार, भूमि की उर्वरता में वृद्धि, पर्यावरण संरक्षण तथा स्वास्थ्य संबंधी लाभ प्राप्त होते हैं। उन्होंने किसानों से भविष्य की पीढ़ियों के हित में प्राकृतिक खेती को अपनाने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री एवं जिलाधिकारी द्वारा 8 कृषकों को बीज मिनीकिट, 5 कृषकों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड तथा प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने हेतु 5 कृषकों को नैपसेक स्प्रेयर वितरित किए गए। लाभार्थी किसानों ने शासन की योजनाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इन पहलों को कृषि क्षेत्र के लिए उपयोगी बताया।
समापन के दौरान जिलाधिकारी ने उपस्थित कृषकों से विभागीय स्टालों का भ्रमण कर नवीन तकनीकों एवं योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने तथा शासन द्वारा संचालित कृषि एवं किसान कल्याणकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती एवं आधुनिक कृषि तकनीकों के समन्वय से किसान अपनी आय बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
त्रिभाषा सूत्र राष्ट्रीय एकता का सशक्त माध्यम : प्रो. योगेन्द्र प्रताप सिंह

भाषाओं के संरक्षण में जनभागीदारी आवश्यक : प्रोफेसर सत्यकाम


प्रयागराज, 19 जून। केंद्र सरकार के 12 साल बेमिसाल कार्यक्रमों के अंतर्गत उत्तर प्रदेश राजर्षि टण्डन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज में आयोजित व्याख्यानमाला के छठे दिन शुक्रवार को भारत की बहुभाषिकता एवं त्रिभाषा सूत्र विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता गोविन्द बल्लभ पंत सामाजिक विज्ञान संस्थान, प्रयागराज के निदेशक  प्रोफेसर योगेन्द्र प्रताप सिंह ने भारत की भाषाई विविधता की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक परंपरा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भाषा किसी व्यक्ति की नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक चेतना की अभिव्यक्ति है। भाषा संवाद का माध्यम होने के साथ-साथ सभ्यता, संस्कृति और सामाजिक स्मृतियों की संवाहक भी है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की अनुशंसाओं के अनुरूप भारतीय भाषाओं के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु भारतीय भाषा समिति का गठन किया गया है। विश्व में लगभग 6800 से 7000 भाषाएँ बोली जाती हैं और भाषा का निर्माण समाज द्वारा होता है। प्रोफेसर सिंह ने कहा कि भारत की बहुभाषिक परम्परा उसकी सांस्कृतिक अखण्डता का प्रतीक है। प्राचीन काल में चारधाम यात्राएँ भाषाई संवाद और सांस्कृतिक एकात्मता का माध्यम थीं। भाषाओं के बीच संवाद उन्हें लोकतांत्रिक बनाता है। रामायण के लगभग 250 भाषायी स्वरूप इसका उत्कृष्ट उदाहरण हैं।
उन्होंने कोठारी आयोग (1968) द्वारा प्रतिपादित त्रिभाषा सूत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि मातृभाषा, संपर्क भाषा तथा अन्य भारतीय भाषा का अध्ययन राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करता है। उन्होंने कहा कि व्यवहार में लोकतांत्रिकता, भाषा में लोकतांत्रिकता के माध्यम से ही संभव है तथा भाषा के माध्यम से ही अतुल्य भारत की अवधारणा साकार हो सकती है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मुक्त  विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि प्रत्येक हिंदीभाषी को कम से कम एक दक्षिण भारतीय भाषा अवश्य सीखनी चाहिए। हिंदी को जन-जन तक पहुँचाने के लिए उसकी भगिनी भाषाओं के प्रति सम्मान तथा उन्हें सीखने की प्रवृत्ति विकसित करनी होगी। उन्होंने कहा कि भाषा केवल सरकार का नहीं, अपितु आमजन का विषय है। भाषा का संरक्षण और संवर्धन जनभागीदारी से ही संभव है।
जनसंपर्क अधिकारी डॉ प्रभात चन्द्र मिश्र ने बताया कि कार्यक्रम के प्रारंभ में नोडल अधिकारी प्रोफेसर संजय सिंह ने अतिथियों का वाचिक स्वागत एवं विषय प्रवर्तन किया। संचालन डॉ. सुनील कुमार ने तथा प्रोफेसर आनंदानंद त्रिपाठी ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, अधिकारी, कर्मचारी, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
जिले के 52 गांवों से 35 किमी गुजरेगा विंध्य एक्सप्रेस-वे, डीपीआर का काम शुरू


नितेश श्रीवास्तव


भदोही। बहुप्रतीक्षित विंध्य एक्सप्रेस-वे विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) का काम शुरू हो गया है। 333 किमी का यह एक्सप्रेस-वे भदोही के 52 गांवों से होकर गुजरेगा। जिले में इसकी लंबाई करीब 35 किलोमीटर होगी। यह एक्सप्रेस-वे सिक्स लेन का होगा, जिसे आठ लेन तक बढ़ाया जा सकेगा। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने प्रशासन से तहसीलवार गांवों और भूमि संबंधी रिपोर्ट मांगी है। विंध्य एक्सप्रेसवे प्रयागराज जिले से होकर भदोही और मिर्जापुर होते हुए सोनभद्र तक जाएगा। इससे जिले में कनेक्टिविटी और बेहतर हो सकेगी।
वर्ष 2020 में प्रयागराज-वाराणसी सिक्सलेन, 2025 में भदोही-मछलीशहर हाईवे के बाद अब अब प्रदेश सरकार ने विंध्य एक्सप्रेस की स्वीकृति दी है। इसके लिए डीपीआर का काम शुरू कर दिया गया है। एक्सप्रेस-वे के सर्वे के बाद मिट्टी की जांच आदि पूरी हो चुकी है। यह एक्सप्रेस-वे प्रयागराज के सोरांव तहसील के जुड़ापुर दांदू गांव से शुरू होगा। उसके बाद भदोही, मिर्जापुर, चंदौली, सोनभद्र से होकर छत्तीसगढ़ की सीमा तक जाएगा।


विंध्य एक्सप्रेस - वे के लिए डीपीआर का काम यूपीडा को ही करना है। इसके लिए प्रभावित गांवों और जमीन संबंधों जानकारी मांगी गई है। जिसके लिए सर्वे कराया जा रहा है। 15 दिनों में रिपोर्ट सौंपने की तैयारी है। 

शैलेश कुमार डीएम भदोही
पांच हजार शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का बनेगा हेल्थ कार्ड
*पांच लाख रुपए तक मुफ्त इलाज की मिलेगी सुविधा, पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू*

नितेश श्रीवास्तव


भदोही। मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का लाभ जिले के पांच हजार शिक्षकों, शिक्षामित्रों व अनुदेशकों और उनके परिजनों को मिलेगा। इसके तहत हर पांच लाख रुपये तक निशुल्क उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। योजना के क्रियान्वयन के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पॉयलट प्रोजेक्ट के तहत 60 शिक्षकों का कार्ड बन चुका है।
जिले में 885 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें चार हजार शिक्षक, 700 शिक्षामित्र और 400 अनुदेशक तैनात हैं। सूबे के मुख्यमंत्री ने शिक्षक दिवस के दिन शिक्षकों, शिक्षामित्र और अनुदेशकों को पांच लाख कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा की थी। अब उसको अमली जामा पहनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। शुरूआत में 60 शिक्षकों का कार्ड बनाया गया। अब सभी का कार्ड बनाने के लिए पंजीकरण शुरू किया गया है। इससे शिक्षक, शिक्षामित्र और अनुदेशक अपने परिवार का पांच लाख तक निशुल्क उपचार करा सकेंगे। शिक्षक नेता अरुण पांडेय और मनोज उपाध्याय ने कहा कि यह योजना उनके लिए बड़ी राहत लेकर आई है। गंभीर बीमारी की स्थिति में इलाज पर होने वाले भारी खर्च से अब काफी हद तक सहूलियत मिलेगी। साथ ही परिवार के सदस्यों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त हो सकेंगी।



बीएसए शिवम पांडेय ने बताया कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना क पॉयलट प्रोजेक्ट के तहत 60 शिक्षकों का कार्ड बन चुका है। साथ ही परिषदीय विद्यालयों में तैनात शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
दो सौ गांवों में तैयार होंगे बाग-बगीचे
*आंखों को सुकून देगी हरियाली*


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही । प्रभागीय वनाधिकारी विवेक कुमार ने बताया कि जिले मे कुल 546 ग्राम पंचायत हैं। इनमें दो सौ गांव में वन विभाग द्वारा सघन वन तैयार किया जाएगा। पौधा रोपित करने के साथ ही नियमित निगरानी संग सिंचाई की जाएगी। जिन स्थानों पर पौधा सूखेगा वहां पुन: पौधा रोपित होगा। इस मुहिम में वन विभाग के साथ ही एनजीओ एवं अन्य संस्थाओं द्वारा पौधों का संरक्षण किया जाएगा। तीन वर्ष में हर एक गांव में वन तैयार होगा।
हरियाली बढ़ाने की दिशा में वन विभाग ने नई मुहिम शुरू कर दी है। निरंतर हो रही वृक्षों की कटाई से पर्यावरण प्रभावित हो रहा था। ऐसे में दो सौ गांव में बाग-बगीचा तैयार करने की तैयारी शुरू हो गई है। वन विभाग जिले के दो सौ गांव में सघन वन स्थापित करेगा। पौधरोपण के लिए विभागीय स्तर से पौधरोपण होने वाले गांवों को चिन्हित किया जा रहा है। इसके बाद बड़ी संख्या में पौधे रोपित करने के साथ ही नियमित संरक्षण किया जाएगा। डीएफओ विवेक कुमार ने बताया कि विभाग की ओर से एक ही जगह पर 300 से 1000 पौधे रोपित किए जाएंगे। गांव की बंजर और जीएस की जमीनों को इस अभियान के माध्यम से उपयोग में लाया जाएगा। एक दशक पहले तक हर गांव में बाग बगीचा होते थे, लेकिन आधुनिकता की अंधी दौड़ के बीच लोगों ने तेजी से पेड़ों की कटाई की। जिससे गांवों में बाग-बगीचे कम होते चले गए। स्थिति यह है कि अब गांवों में जाने के बाद किसी पेड़ की छांव मिलना मुश्किल होता है। ऐसे में वन विभाग अब नए सिरे से गांवों में बगीचे स्थापित करेगा। विभाग तीन साल में जिले के 546 ग्राम पंचायत में पौधा लगाएगा और मॉनीटरिंग भी करेगा। जो भी पौधे रोपित किए जाते हैं। उसमें 75 से 80 फीसदी पौधे जिंदा रहते हैं।
350 बेरोजगार युवाओं को मिला रोजगार, 46 कंपनियों ने मेले में किया प्रतिभाग
फर्रुखाबाद l औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान परिसर में बृहद रोजगार मेला का आयोजन किया गया इस मेल में मेला में विभिन्न प्रांतो की 40 कंपनी के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग़ किया है उनका 2500 बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य है लेकिन परिसर में युवाओं की संख्या कम होने के कारण फिर भी 350 बेरोजगार युवकों को विभिन्न कंपनियों में काम करने का मौका मिल गया है । आईटीआई के प्रधानाचार्य का कहना है कि रोजगार मेला कई बार आयोजित किया जा चुका है और सैकड़ो युवाओं को रोजगार का अवसर भी प्रदान किया गया है उन्होंने कहा कि कंपनी शुरुआती दौर में अप्रेंटिस के रूप में कार्य कराती है प्रशिक्षित होने के बाद उन्हें उनके कार्य के अनुसार उनकी सैलरी में भी बढ़ोतरी की जाती है।
सपा कार्यालय के बाहर लगा राजनीतिक पोस्टर, 2027 में अखिलेश की वापसी का दावा
-  हनुमान जी की पूजा करते दिखाए गए अखिलेश यादव, पोस्टर में योगी सरकार पर साधा गया निशाना

लखनऊ। राजधानी लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय के बाहर शुक्रवार को एक राजनीतिक पोस्टर चर्चा का विषय बन गया। पोस्टर में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की सत्ता में वापसी का दावा किया गया है।
पोस्टर में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को हनुमान जी की पूजा-अर्चना करते हुए दर्शाया गया है। साथ ही पोस्टर में लिखा गया है, "मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम हुए नाराज, अब न आएंगे योगी महाराज।" इसके अलावा भाजपा पर निशाना साधते हुए पोस्टर में "महापापियों का खुला भेद, भाजपाइयों से सच्चे सनातनियों को है खेद" जैसे संदेश भी लिखे गए हैं।
बताया जा रहा है कि पोस्टर में सपा विधायक पंकज मलिक तथा पार्टी कार्यकर्ता सोमिल सिंह श्रीनेत्र की तस्वीरें भी लगाई गई हैं। पोस्टर लगने के बाद राजनीतिक गलियारों में इसकी चर्चा तेज हो गई है और इसे आगामी विधानसभा चुनावों से पहले सियासी संदेश के रूप में देखा जा रहा है। विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच बढ़ती राजनीतिक बयानबाजी के बीच यह पोस्टर राजधानी में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
एचपीवी टीकाकरण का अभियान चलाकर 14 से 15 वर्ष तक की किशोरियों का टीकाकरण किया गया

कमलेश मेहरोत्रा, लहरपुर (सीतापुर)। सर्वाइकल कैंसर  एचपीवी से किशोरियों के बचाव के लिए स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत आने वाले 32 सत्र केंद्रों पर एचपीवी टीकाकरण का अभियान चलाकर 14 से 15 वर्ष तक की किशोरियों का टीकाकरण किया गया। शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षक डॉक्टर अरविंद वाजपेई के नेतृत्व में क्षेत्र के 32 सत्र स्थलों पर अभियान चला कर 82 किशोरियों का टीकाकरण किया गया। इस मौके पर उन्होंने बताया कि यह सरकार की एक महत्व जो की पूरी तरह निशुल्क है उन्होंने बताया कि 14 वर्ष की किशोरियों को दो डोज व 15 वर्ष की किशोरियों को तीन डोज  लगाएं जाते हैं इस टीकाकरण से सर्वाइकल कैंसर का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।
भोजपुरी फिल्म ‘जननायक’ की शूटिंग विधि विधान पूजा अर्चना कर किया गया शुभारंभ

कमलेश मेहरोत्रा लहरपुर (सीतापुर) भोजपुरी फिल्म ‘जननायक’ की शूटिंग विधि विधान पूजा अर्चना कर किया गया शुभारंभ। इस मौके पर भारी संख्या में लोग शूटिंग देखने के लिए जमा हुए। शुक्रवार को सत्यदेव फिल्म प्रोडक्शन के बैनर तले बनने वाली भोजपुरी फिल्म "जननायक" की शूटिंग का भव्य शुभारंभ विघ्नहर्ता भगवान  गणेश की पूजा अर्चना कर किया गया।

फिल्म के नायक भोजपुरी फिल्म अभिनेता संग्राम सिंह पटेल ने बताया कि  फिल्म का उद्देश्य जनता की असली ताकत और उसके संघर्ष को पर्दे पर दिखाना है, फिल्म के निर्माता रवि शंकर सिंह और निर्देशक सचिन यादव हैं और संगीत साजन मिश्रा देंगे। फिल्म में मुख्य भूमिकाओं में संग्राम सिंह पटेल, रवीना राय, केहना सिंह, विनीत विशाल, रजनीश पाठक, प्रकाश जैस, संजय वर्मा, नीलम पांडेय, जसवंत कुमार, रुपेश मिश्रा, सत्या शुक्ला, जय यादव, मोनिका मिश्रा, रवि वर्मा, संजीत वर्मा, इरफान पिंडारी और डॉ. राम सिंह चौधरी आदि थे।फिल्म अभिनेता संग्राम सिंह पटेल ने बताया कि, फिल्म जननायक की शूटिंग लहरपुर व इसके आस पास   विभिन्न स्थानों पर की जाएगी और स्थानीय कलाकारों को भी कार्य करने का मौका दिया जाएगा।