टीजीटी परीक्षा में 4.34 लाख अभ्यर्थी शामिल, दूसरे दिन भी नकलविहीन और पारदर्शी रहा आयोजन

* एआई निगरानी में सम्पन्न हुई परीक्षा, वाराणसी में फर्जी परीक्षार्थी गिरफ्तार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) भर्ती परीक्षा का दूसरा दिन भी प्रदेशभर में शांतिपूर्ण, पारदर्शी एवं नकलविहीन वातावरण में सम्पन्न हुआ। आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि परीक्षा के सफल संचालन के लिए एआई आधारित निगरानी व्यवस्था, बायोमेट्रिक सत्यापन और बहुस्तरीय सुरक्षा तंत्र का प्रभावी उपयोग किया गया।
विज्ञापन संख्या 01/2022 के अंतर्गत 15 विषयों की लिखित परीक्षा 36 जनपदों में आयोजित की गई। गुरुवार को प्रथम पाली में 504 परीक्षा केन्द्रों पर अंग्रेजी, गृह विज्ञान, जीव विज्ञान और संगीत वादन विषयों की परीक्षा हुई, जबकि द्वितीय पाली में 471 केन्द्रों पर संस्कृत, वाणिज्य और कला विषय की परीक्षा सम्पन्न कराई गई।
आयोग मुख्यालय में स्थापित एआई इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड रूम से सभी परीक्षा केन्द्रों की लगातार निगरानी की गई। सघन जांच एवं सत्यापन के दौरान वाराणसी में एक फर्जी परीक्षार्थी दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा देते हुए पकड़ा गया। उसे तत्काल पुलिस के हवाले कर दिया गया और उसके विरुद्ध विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
आंकड़ों के अनुसार 03 जून को आयोजित परीक्षा में 2,21,489 अभ्यर्थी शामिल हुए थे, जबकि 04 जून को 2,12,975 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। इस प्रकार दोनों दिनों में कुल 4,34,464 अभ्यर्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए, जो पंजीकृत अभ्यर्थियों का 50.02 प्रतिशत है।
03 जून को महिला अभ्यर्थियों की उपस्थिति 45.41 प्रतिशत तथा पुरुष अभ्यर्थियों की 52.42 प्रतिशत रही। वहीं 04 जून को महिला अभ्यर्थियों की उपस्थिति बढ़कर 49.16 प्रतिशत और पुरुष अभ्यर्थियों की 52.17 प्रतिशत दर्ज की गई।
डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि आयोग निष्पक्ष, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण चयन प्रक्रिया के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आधुनिक तकनीक के प्रयोग से परीक्षा की शुचिता सुनिश्चित हुई है। उन्होंने जिला प्रशासन, पुलिस, केन्द्र व्यवस्थापकों तथा आयोग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया और सभी अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं दीं।
नवनियुक्त प्रभारी मंत्री सतीश चन्द्र शर्मा का जनपद में भव्य स्वागत
*बलरामपुर।* उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जनपद बलरामपुर का नया प्रभारी मंत्री नियुक्त किए जाने के बाद,खाद्य एवं रसद राज्य मंत्री सतीश चंद्र शर्मा के प्रथम आगमन पर जिले में उनका जोरदार और भव्य स्वागत किया गया। प्रभारी मंत्री के स्वागत के लिए भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारियों,स्थानीय जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं का हुजूम उमड़ पड़ा।

फूल-मालाओं और नारों से गूँजा स्वागत स्थल

जनपद की सीमा में प्रवेश करते ही कार्यकर्ताओं ने गगनभेदी नारों और ढोल-नगाड़ों के साथ माननीय मंत्री जी का गर्मजोशी से अभिनंदन किया। उपस्थित नेताओं ने उन्हें पुष्पगुच्छ,अंगवस्त्र और भव्य माला पहनाकर जनपद आगमन पर बधाई दी और उनके नेतृत्व में जिले के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद जताई।

*प्रमुख जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी रहे मौजूद*
इस गरिमामयी स्वागत समारोह में जिले के प्रमुख राजनेता और संगठन के पदाधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे,जिनमें शामिल हैं:
* *रवि मिश्र* (जिला अध्यक्ष)
* *डॉ.आरती तिवारी* (जिला पंचायत अध्यक्ष)
* *पल्टूराम* (सदर विधायक)
* *कैलाश नाथ शुक्ल* (विधायक)
* *राम प्रताप वर्मा* (विधायक)
* *डॉ. धीरेन्द्र प्रताप सिंह धीरू* (चेयरमैन)
### *संगठन के कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह*
मंत्री जी के स्वागत में संगठन के वरिष्ठ नेताओं और युवा कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस मौके पर मुख्य रूप से उपस्थित रहे:
> रवि वर्मा,प्रिंस वर्मा,प्रदीप सिंह,अनूप चन्द्र वर्मा,जिला उपाध्यक्ष आद्या सिंह 'पिंकी',संजय शुक्ल,जिला महामंत्री डॉ.अजय सिंह 'पिंकू',महेन्द्र पाण्डेय,डीपी सिंह बैंस और रामकृपाल शुक्ल।

विकास कार्यों को मिलेगी नई रफ्तार*
उपस्थित कार्यकर्ताओं और जनता को संबोधित करते हुए नवनियुक्त प्रभारी मंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने सभी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जिले के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना और बलरामपुर का चौमुखी विकास करना ही उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भरोसा जताया कि नए प्रभारी मंत्री के अनुभव का लाभ सीधे तौर पर जनपद की जनता और विकास कार्यों को मिलेगा।
2027 में भाजपा को हराओ, सपा को जिताकर अखिलेश को  प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाओ  विश्वकर्मा

फर्रुखाबाद l समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता एवं पूर्व मंत्री राम आसरे विश्वकर्मा ने भाजपा सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि बेरोजगारी चरम सीमा पर पहुंच गई है । भ्रष्टाचार  बढ़ता ही जा रहा है । आए दिन अत्याचार और उत्पीड़न हो रहा है इसलिए इन सबका एक ही तरीका है कि अब आप भारतीय जनता पार्टी सरकार को हटाने का काम करें, उन्होंने कहा कि 2027 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को हराओ और समाजवादी पार्टी को जिताकर के अखिलेश यादव को प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने का काम करें।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत यूपी में विश्व पर्यावरण दिवस पर लगेंगे 5 करोड़ पौधे


कुकरैल वन क्षेत्र से मुख्यमंत्री योगी करेंगे महाअभियान का शुभारंभ, जनसहभागिता से पर्यावरण दिवस बनेगा उत्सव


लखनऊ। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को उत्तर प्रदेश में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत एक ही दिन में 5 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर चलाए जा रहे इस महाअभियान का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ के कुकरैल वन क्षेत्र से करेंगे। इसके साथ ही प्रदेशभर में व्यापक जनभागीदारी के साथ पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वन विभाग द्वारा इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। सरकार ने सभी 18 मंडलों और विभिन्न विभागों के लिए पौधरोपण लक्ष्य निर्धारित कर दिए हैं, ताकि अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा सके।

कुकरैल वन क्षेत्र में मुख्यमंत्री स्वयं पौधरोपण कर अभियान का शुभारंभ करेंगे। यहां 200 से अधिक पौधे लगाए जाएंगे। कार्यक्रम में वन मंत्री अरुण सक्सेना, प्रभारी मंत्री, प्रमुख सचिव, विभागाध्यक्ष तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।

इसके बाद प्रदेश के सभी 17 नगर निगमों, 825 विकास खंडों, 762 नगर निकायों और ग्राम पंचायतों में दिनभर पौधरोपण कार्यक्रम चलेंगे। वन विभाग के समन्वय में ग्राम्य विकास, पंचायती राज, कृषि, उद्यान और नगर विकास विभाग संयुक्त रूप से अभियान को सफल बनाएंगे। अमृत सरोवरों, तालाबों, नदियों, नहरों, एक्सप्रेसवे और सड़कों के किनारे बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया जाएगा। विद्यालयों, महाविद्यालयों, स्वयं सहायता समूहों और सामाजिक संगठनों की भी इसमें सक्रिय भागीदारी रहेगी।

प्रदेश में सर्वाधिक 62.77 लाख पौधे लखनऊ मंडल में लगाए जाएंगे। इसके अलावा बरेली मंडल में 32.21 लाख, प्रयागराज में 32.17 लाख, कानपुर में 31.83 लाख, झांसी में 31.67 लाख, चित्रकूट में 31.29 लाख तथा अयोध्या मंडल में 30.41 लाख पौधरोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

विभागवार लक्ष्य की बात करें तो ग्राम्य विकास विभाग को 3 करोड़ पौधे लगाने की जिम्मेदारी दी गई है। कृषि विभाग 75 लाख, वन विभाग 50 लाख, उद्यान विभाग 50 लाख, पंचायती राज विभाग 20 लाख तथा नगर विकास विभाग 5 लाख पौधे लगाएगा। इस प्रकार विभिन्न विभागों के सहयोग से कुल 5 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य पूरा किया जाएगा।

 मंडलवार- लक्ष्य :-

मेरठ- 19,06,000

सहारनपुर- 14,86,000

आगरा- 24,67,000

अलीगढ़- 18,97,000

मुरादाबाद- 27,60,000

बरेली- 32,21,000

प्रयागराज- 32,17,000

वाराणसी- 24,83,000

मीरजापुर- 28,63,000

गोरखपुर- 24,75,000

बस्ती- 16,01,000

आजमगढ़- 18,93,000

लखनऊ- 62,77,000

अयोध्या- 30,41,000

देवीपाटन- 29,34,000

कानपुर- 31,83,000

झांसी- 31,67,000

चित्रकूट- 31,29,000

विशेष परिस्थितियों में ही होंगे अंतर्जनपदीय तबादले, नई नीति जारी
* जनगणना और शिक्षा व्यवस्था में संतुलन बनाते हुए लिया गया निर्णय : संदीप सिंह

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन कार्यरत शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं के अंतर्जनपदीय स्थानांतरण के लिए शैक्षिक सत्र 2026-27 की नई नीति जारी कर दी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस वर्ष जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यों और विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए केवल विशेष एवं मानवीय परिस्थितियों में ही स्थानांतरण की अनुमति दी जाएगी।
बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के साथ-साथ विद्यार्थियों की शिक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार प्रदेश में जनगणना 2026-27 का कार्य संचालित किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में शिक्षक एवं शिक्षिकाएं महत्वपूर्ण दायित्व निभा रहे हैं।
नई स्थानांतरण नीति के अनुसार शिक्षक अथवा शिक्षिका स्वयं, उनके पति या पत्नी अथवा अविवाहित पुत्र-पुत्री के दिव्यांग होने की स्थिति में अंतर्जनपदीय स्थानांतरण के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके अलावा शिक्षक या उनके अविवाहित पुत्र-पुत्री के कैंसर से पीड़ित होने अथवा डायलिसिस पर होने की स्थिति में भी आवेदन पर विचार किया जाएगा।
सरकार ने शिक्षक दम्पतियों को भी राहत दी है। यदि पति-पत्नी दोनों बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में कार्यरत हैं, तो छात्र-शिक्षक अनुपात एवं विद्यालयों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए उनके स्थानांतरण पर विचार किया जाएगा। इससे पारिवारिक जीवन और शैक्षिक जरूरतों के बीच बेहतर संतुलन स्थापित करने में सहायता मिलेगी।
नीति में यह भी प्रावधान किया गया है कि किसी अत्यंत विषम और मानवीय परिस्थिति में मुख्यमंत्री के अनुमोदन के उपरांत स्थानांतरण पर विचार किया जा सकेगा।राज्यमंत्री संदीप सिंह ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता शिक्षकों के हितों की रक्षा करते हुए शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता बनाए रखना है, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई किसी भी स्तर पर प्रभावित न हो।
मोदी सरकार के 12 वर्ष विकास, सुशासन और जनकल्याण के स्वर्णिम अध्याय : भूपेन्द्र चौधरी
* 5 से 21 जून तक चलेगा ‘सेवा, सुशासन, संस्कार एवं सम्मान’ अभियान, विकास योजनाओं को घर-घर पहुंचाने पर जोर

आगरा/लखनऊ। प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री तथा आगरा के प्रभारी मंत्री भूपेन्द्र सिंह चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष सेवा, सुशासन और जनकल्याण के स्वर्णिम अध्याय के रूप में इतिहास में दर्ज हुए हैं। इन वर्षों में गरीब, किसान, महिला, युवा और वंचित वर्ग के जीवन स्तर को बेहतर बनाने वाली अनेक ऐतिहासिक योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू किया गया है।
आगरा के नवीन सर्किट हाउस सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक एवं मीडिया संवाद कार्यक्रम में उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 5 जून से 21 जून तक पूरे प्रदेश में “सेवा, सुशासन, संस्कार एवं सम्मान” अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों, विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए व्यापक जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि संगठन और प्रशासन के समन्वित प्रयासों से यह सुनिश्चित किया जाए कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। जनप्रतिनिधि, अधिकारी और कार्यकर्ता जनसंपर्क के माध्यम से लोगों को योजनाओं से जोड़ने और उनकी समस्याओं के समाधान में सक्रिय भूमिका निभाएं।
प्रभारी मंत्री ने बताया कि 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत व्यापक वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसके साथ ही स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जनजागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।
8 से 14 जून तक जनसंपर्क एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा। इसी दौरान “सरकार आपके द्वार” अभियान के तहत जनसमस्या समाधान शिविर लगाए जाएंगे। 11 से 14 जून तक मीडिया संवाद कार्यक्रमों के जरिए सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाया जाएगा।
14 से 16 जून तक जनकल्याण शिविर और स्वास्थ्य मेलों का आयोजन किया जाएगा, जहां आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, पीएम स्वनिधि और अटल पेंशन योजना सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ पात्र लोगों को उपलब्ध कराया जाएगा। 16 और 17 जून को विकसित भारत संकल्प सम्मेलन आयोजित कर शिक्षाविदों, चिकित्सकों, उद्यमियों और समाज के प्रबुद्ध वर्ग के साथ संवाद स्थापित किया जाएगा।
17 से 20 जून तक विकास प्रदर्शनियों के माध्यम से प्रदेश में आधारभूत संरचना, औद्योगिक निवेश, सांस्कृतिक विरासत, कानून-व्यवस्था और जनकल्याणकारी योजनाओं की उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा। वहीं 18 और 19 जून को प्राकृतिक खेती एवं कृषि नवाचारों पर विशेष कार्यशालाएं आयोजित कर किसानों को आधुनिक और टिकाऊ खेती के प्रति जागरूक किया जाएगा।
भूपेन्द्र चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वृक्षारोपण लक्ष्य से अधिक पौधरोपण, मलिन बस्तियों में विशेष स्वच्छता अभियान, जनचौपालों का आयोजन तथा योजनाओं की शत-प्रतिशत संतृप्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने विश्वास जताया कि यह अभियान जनभागीदारी को सशक्त बनाने और विकास की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बनेगा। बैठक में केंद्रीय मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल, सांसद राजकुमार चाहर, विधायकगण, जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
पर्यटन को सांस्कृतिक पुनर्जागरण और रोजगार से जोड़ें : मुख्यमंत्री योगी
* नैमिषारण्य, विंध्याचल, शिवाजी संग्रहालय और नौसेना शौर्य परियोजनाओं की समीक्षा, पर्यटन को नई पहचान देने पर जोर

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उत्तर प्रदेश केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना, आध्यात्मिक परंपरा और ज्ञान विरासत का प्रतिनिधि प्रदेश है। पर्यटन विकास को केवल आधारभूत ढांचे तक सीमित न रखकर उसे सांस्कृतिक पुनर्जागरण, स्थानीय अर्थव्यवस्था, रोजगार सृजन और वैश्विक पहचान से जोड़ा जाना चाहिए।
गुरुवार को पर्यटन विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की सांस्कृतिक अर्थव्यवस्था को गति देने में पर्यटन की महत्वपूर्ण भूमिका है। पर्यटन के विस्तार से स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प, पारंपरिक कला, खानपान और सेवा क्षेत्र को भी नए अवसर प्राप्त होंगे।

बैठक में भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण से जुड़े “ज्ञान भारतम् मिशन” की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने प्राचीन पांडुलिपियों को देश की अमूल्य धरोहर बताया। उन्होंने कहा कि इनका संरक्षण और डिजिटलीकरण आने वाली पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। अधिकारियों ने बताया कि अब तक 13.70 लाख से अधिक पांडुलिपियों का सर्वेक्षण, डिजिटलीकरण और संरक्षण किया जा चुका है।
पर्यटन नीति-2022 में प्रस्तावित संशोधनों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने निवेश, नवाचार और अनुभव आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने पर बल दिया। बैठक में नीम करोली बाबा सर्किट, बुंदेलखंड फोर्ट सर्किट, ‘परंपरा’ विरासत अनुभव केंद्र, कृषि पर्यटन और वाइनयार्ड पर्यटन जैसी नई अवधारणाओं पर भी विचार किया गया।
मुख्यमंत्री ने लखनऊ में नव विकसित ‘नौसेना शौर्य वाटिका’ और निर्माणाधीन आईएनएस गोमती शौर्य संग्रहालय की समीक्षा करते हुए कहा कि यह परियोजना राष्ट्रभक्ति, सैन्य गौरव और भारत की समुद्री विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बनेगी। संग्रहालय में भारतीय नौसेना के इतिहास, नौसैनिक अभियानों और समुद्री शक्ति को आधुनिक तकनीक एवं इंटरैक्टिव प्रदर्शनों के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा।
आगरा में निर्माणाधीन छत्रपति शिवाजी महाराज संग्रहालय की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रनायकों की प्रेरक गाथाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना राष्ट्रीय दायित्व है। संग्रहालय में शिवाजी महाराज के जीवन, स्वराज्य स्थापना, आगरा प्रवास, सैन्य नेतृत्व और सुशासन के आदर्शों को आधुनिक तकनीक के जरिए प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने मराठा साम्राज्य और उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक संबंधों, अहिल्याबाई होल्कर के योगदान तथा स्वतंत्रता संग्राम के नायकों को भी प्रमुखता देने के निर्देश दिए।

नैमिषारण्य के समग्र विकास की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने इसे वैदिक ज्ञान परंपरा और आध्यात्मिक साधना का जीवंत केंद्र बताते हुए विकास कार्यों में आस्था, पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक सुविधाओं के संतुलन पर जोर दिया। मास्टर प्लान के तहत वेद विज्ञान केंद्र, वैदिक थीम पार्क, राजघाट रिवरफ्रंट, नैमिष हाट, तीर्थयात्री आवास और इंटरप्रिटेशन सेंटर सहित अनेक परियोजनाएं विकसित की जाएंगी।
मिर्जापुर-विंध्याचल क्षेत्र के लिए तैयार किए जा रहे इंटीग्रेटेड मास्टर प्लान की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मां विंध्यवासिनी धाम देश के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है और इसकी विकास योजना भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर बनाई जानी चाहिए। उन्होंने श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के अनुरूप सुविधाओं के विस्तार तथा शक्तिपीठों से जुड़ी पौराणिक कथाओं के आकर्षक प्रस्तुतीकरण के निर्देश दिए।
बैठक में चित्रकूट स्थित प्राचीन सोमनाथ मंदिर के संरक्षण एवं संवर्धन कार्यों की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण हमारी साझा जिम्मेदारी है। संरक्षण कार्यों में मूल स्वरूप और ऐतिहासिक प्रामाणिकता को अक्षुण्ण रखते हुए आवश्यक सुविधाओं का विकास किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने सभी परियोजनाओं को मिशन मोड में आगे बढ़ाने के निर्देश देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र बनाने की दिशा में ठोस और दीर्घकालिक प्रयास किए जाएं।
राष्ट्रीय लाल साहित्य साधना मंच कार्यकारिणी का किया गया गठन
लखनऊ । साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था राष्ट्रीय लाल साहित्य साधना मंच ग्वालियर मध्य प्रदेश के तत्वावधान में उत्तर प्रदेश इकाई की मिटिंग रखी गई जिसमें उत्तर प्रदेश कार्यकारिणी का गठन किया गया। संस्था के राष्ट्रीय मिडिया सचिव विनय शर्मा दीप मुंबई ने बताया कि संस्थापक अध्यक्ष डॉ प्रमोद पल्लवित ने आनलाइन मिटिंग आयोजित किया जिसमें उत्तर प्रदेश इकाई का गठन करके संस्था का विस्तार किया जिससे साहित्य की दशा दिशा और मुखरित होगी।संस्थापक अध्यक्ष डॉ प्रमोद पल्लवित ने विस्तार करते हुए धुरेन्द्र स्वरूप बिसारिया लखनऊ को संरक्षक मनोनीत किया उसी कड़ी में मार्गदर्शक मधु प्रधान कानपुर,‌ प्रदेश अध्यक्ष डाॅ. विभा प्रकाश लखनऊ,प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. प्रमिला पांडे कानपुर,प्रदेश महासचिव आरती तिवारी लखनऊ, कोषाध्यक्ष श्याम प्रकाश श्रीवास्तव लखनऊ, संगठन सचिव प्रज्ञा श्रीवास्तव वाराणसी, प्रचार सचिव डॉ रेणु श्रीवास्तव बरेली, सांस्कृतिक सचिव आभा श्रीवास्तव लखीमपुर खीरी के साथ सदस्य के रुप में विभा चेतना गोरखपुर उत्तर प्रदेश,डाॅ.क्षमा श्रीवास्तव लखनऊ उत्तर प्रदेश को नियुक्त करके औपचारिक जिम्मेदारी सौंपी।उत्तर प्रदेश इकाई अध्यक्ष डॉ विभा प्रकाश ने संस्थापक का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मैं अपनी जिम्मेदारी का वहन बड़ी ईमानदारी से करुंगा।
समाजवादी नेता पूनम सरोज ने जरूरतमंदों को वितरित किए छाते
रितेश मिश्रा
बेनीगंज (हरदोई)। भीषण गर्मी और तेज धूप से राहत दिलाने के उद्देश्य से विधानसभा 160 बालामऊ क्षेत्र के अंतर्गत नगर बेनीगंज के प्रताप नगर चौराहा, कोथावां में समाजवादी नेता श्रीमती पूनम सरोज द्वारा पटरी दुकानदारों, ठेला संचालकों एवं अन्य जरूरतमंद लोगों को छाते वितरित किए गए।
इस अवसर पर पूनम सरोज ने कहा कि समाज के कमजोर एवं मेहनतकश वर्ग की सहायता करना उनकी प्राथमिकता है। गर्मी के मौसम में धूप से बचाव के लिए छाता एक आवश्यक वस्तु है, जिससे दैनिक कार्य करने वाले लोगों को काफी राहत मिलेगी।
कार्यक्रम में कोथावां ब्लॉक अध्यक्ष रामचंद्र यादव, बेनीगंज नगर अध्यक्ष समीउल्लाह अंसारी, बालामऊ नगर अध्यक्ष मोहम्मद वारिस, आलोक गुप्ता तथा अनमोल सिंह यादव सहित कई कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
छाता पाकर लाभार्थियों ने पूनम सरोज का आभार व्यक्त किया और इस जनसेवा कार्य की सराहना की।
जिलाधिकारी ने जन सुनवाई मे सुनी 79 शिकायतें
रितेश मिश्रा
हरदोई आज कलेक्ट्रेट में जन सुनवाई के दौरान जिलाधिकारी अनुनय झा ने आमजन की समस्याओं को सुना। जन सुनवाई मे आज कुल 79 शिकायते प्राप्त हुई, जिसके त्वरित निस्तारण के निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक शिकायत का निस्तारण समयबद्व और गुणवत्तापूर्ण पूर्ण हो। जनसुनवाई मे प्राप्त कुछ शिकायतों का जिलाधिकारी ने मौके पर ही समाधान किया। जनसुनवाई मे अपर जिलाधिकारी न्यायिक प्रफुल्ल कुमार त्रिपाठी, अतिरिक्त मजिस्टेट अरूणिमा श्रीवास्तव प्रभारी सूचना अधिकारी दिव्या निगम व अन्य सम्बन्धित विभाग के अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहें
टीजीटी परीक्षा में 4.34 लाख अभ्यर्थी शामिल, दूसरे दिन भी नकलविहीन और पारदर्शी रहा आयोजन

* एआई निगरानी में सम्पन्न हुई परीक्षा, वाराणसी में फर्जी परीक्षार्थी गिरफ्तार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) भर्ती परीक्षा का दूसरा दिन भी प्रदेशभर में शांतिपूर्ण, पारदर्शी एवं नकलविहीन वातावरण में सम्पन्न हुआ। आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि परीक्षा के सफल संचालन के लिए एआई आधारित निगरानी व्यवस्था, बायोमेट्रिक सत्यापन और बहुस्तरीय सुरक्षा तंत्र का प्रभावी उपयोग किया गया।
विज्ञापन संख्या 01/2022 के अंतर्गत 15 विषयों की लिखित परीक्षा 36 जनपदों में आयोजित की गई। गुरुवार को प्रथम पाली में 504 परीक्षा केन्द्रों पर अंग्रेजी, गृह विज्ञान, जीव विज्ञान और संगीत वादन विषयों की परीक्षा हुई, जबकि द्वितीय पाली में 471 केन्द्रों पर संस्कृत, वाणिज्य और कला विषय की परीक्षा सम्पन्न कराई गई।
आयोग मुख्यालय में स्थापित एआई इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड रूम से सभी परीक्षा केन्द्रों की लगातार निगरानी की गई। सघन जांच एवं सत्यापन के दौरान वाराणसी में एक फर्जी परीक्षार्थी दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा देते हुए पकड़ा गया। उसे तत्काल पुलिस के हवाले कर दिया गया और उसके विरुद्ध विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
आंकड़ों के अनुसार 03 जून को आयोजित परीक्षा में 2,21,489 अभ्यर्थी शामिल हुए थे, जबकि 04 जून को 2,12,975 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। इस प्रकार दोनों दिनों में कुल 4,34,464 अभ्यर्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए, जो पंजीकृत अभ्यर्थियों का 50.02 प्रतिशत है।
03 जून को महिला अभ्यर्थियों की उपस्थिति 45.41 प्रतिशत तथा पुरुष अभ्यर्थियों की 52.42 प्रतिशत रही। वहीं 04 जून को महिला अभ्यर्थियों की उपस्थिति बढ़कर 49.16 प्रतिशत और पुरुष अभ्यर्थियों की 52.17 प्रतिशत दर्ज की गई।
डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि आयोग निष्पक्ष, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण चयन प्रक्रिया के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आधुनिक तकनीक के प्रयोग से परीक्षा की शुचिता सुनिश्चित हुई है। उन्होंने जिला प्रशासन, पुलिस, केन्द्र व्यवस्थापकों तथा आयोग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया और सभी अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं दीं।
नवनियुक्त प्रभारी मंत्री सतीश चन्द्र शर्मा का जनपद में भव्य स्वागत
*बलरामपुर।* उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जनपद बलरामपुर का नया प्रभारी मंत्री नियुक्त किए जाने के बाद,खाद्य एवं रसद राज्य मंत्री सतीश चंद्र शर्मा के प्रथम आगमन पर जिले में उनका जोरदार और भव्य स्वागत किया गया। प्रभारी मंत्री के स्वागत के लिए भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारियों,स्थानीय जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं का हुजूम उमड़ पड़ा।

फूल-मालाओं और नारों से गूँजा स्वागत स्थल

जनपद की सीमा में प्रवेश करते ही कार्यकर्ताओं ने गगनभेदी नारों और ढोल-नगाड़ों के साथ माननीय मंत्री जी का गर्मजोशी से अभिनंदन किया। उपस्थित नेताओं ने उन्हें पुष्पगुच्छ,अंगवस्त्र और भव्य माला पहनाकर जनपद आगमन पर बधाई दी और उनके नेतृत्व में जिले के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद जताई।

*प्रमुख जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी रहे मौजूद*
इस गरिमामयी स्वागत समारोह में जिले के प्रमुख राजनेता और संगठन के पदाधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे,जिनमें शामिल हैं:
* *रवि मिश्र* (जिला अध्यक्ष)
* *डॉ.आरती तिवारी* (जिला पंचायत अध्यक्ष)
* *पल्टूराम* (सदर विधायक)
* *कैलाश नाथ शुक्ल* (विधायक)
* *राम प्रताप वर्मा* (विधायक)
* *डॉ. धीरेन्द्र प्रताप सिंह धीरू* (चेयरमैन)
### *संगठन के कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह*
मंत्री जी के स्वागत में संगठन के वरिष्ठ नेताओं और युवा कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस मौके पर मुख्य रूप से उपस्थित रहे:
> रवि वर्मा,प्रिंस वर्मा,प्रदीप सिंह,अनूप चन्द्र वर्मा,जिला उपाध्यक्ष आद्या सिंह 'पिंकी',संजय शुक्ल,जिला महामंत्री डॉ.अजय सिंह 'पिंकू',महेन्द्र पाण्डेय,डीपी सिंह बैंस और रामकृपाल शुक्ल।

विकास कार्यों को मिलेगी नई रफ्तार*
उपस्थित कार्यकर्ताओं और जनता को संबोधित करते हुए नवनियुक्त प्रभारी मंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने सभी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जिले के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना और बलरामपुर का चौमुखी विकास करना ही उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भरोसा जताया कि नए प्रभारी मंत्री के अनुभव का लाभ सीधे तौर पर जनपद की जनता और विकास कार्यों को मिलेगा।
2027 में भाजपा को हराओ, सपा को जिताकर अखिलेश को  प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाओ  विश्वकर्मा

फर्रुखाबाद l समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता एवं पूर्व मंत्री राम आसरे विश्वकर्मा ने भाजपा सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि बेरोजगारी चरम सीमा पर पहुंच गई है । भ्रष्टाचार  बढ़ता ही जा रहा है । आए दिन अत्याचार और उत्पीड़न हो रहा है इसलिए इन सबका एक ही तरीका है कि अब आप भारतीय जनता पार्टी सरकार को हटाने का काम करें, उन्होंने कहा कि 2027 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को हराओ और समाजवादी पार्टी को जिताकर के अखिलेश यादव को प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने का काम करें।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत यूपी में विश्व पर्यावरण दिवस पर लगेंगे 5 करोड़ पौधे


कुकरैल वन क्षेत्र से मुख्यमंत्री योगी करेंगे महाअभियान का शुभारंभ, जनसहभागिता से पर्यावरण दिवस बनेगा उत्सव


लखनऊ। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को उत्तर प्रदेश में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत एक ही दिन में 5 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर चलाए जा रहे इस महाअभियान का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ के कुकरैल वन क्षेत्र से करेंगे। इसके साथ ही प्रदेशभर में व्यापक जनभागीदारी के साथ पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वन विभाग द्वारा इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। सरकार ने सभी 18 मंडलों और विभिन्न विभागों के लिए पौधरोपण लक्ष्य निर्धारित कर दिए हैं, ताकि अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा सके।

कुकरैल वन क्षेत्र में मुख्यमंत्री स्वयं पौधरोपण कर अभियान का शुभारंभ करेंगे। यहां 200 से अधिक पौधे लगाए जाएंगे। कार्यक्रम में वन मंत्री अरुण सक्सेना, प्रभारी मंत्री, प्रमुख सचिव, विभागाध्यक्ष तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।

इसके बाद प्रदेश के सभी 17 नगर निगमों, 825 विकास खंडों, 762 नगर निकायों और ग्राम पंचायतों में दिनभर पौधरोपण कार्यक्रम चलेंगे। वन विभाग के समन्वय में ग्राम्य विकास, पंचायती राज, कृषि, उद्यान और नगर विकास विभाग संयुक्त रूप से अभियान को सफल बनाएंगे। अमृत सरोवरों, तालाबों, नदियों, नहरों, एक्सप्रेसवे और सड़कों के किनारे बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया जाएगा। विद्यालयों, महाविद्यालयों, स्वयं सहायता समूहों और सामाजिक संगठनों की भी इसमें सक्रिय भागीदारी रहेगी।

प्रदेश में सर्वाधिक 62.77 लाख पौधे लखनऊ मंडल में लगाए जाएंगे। इसके अलावा बरेली मंडल में 32.21 लाख, प्रयागराज में 32.17 लाख, कानपुर में 31.83 लाख, झांसी में 31.67 लाख, चित्रकूट में 31.29 लाख तथा अयोध्या मंडल में 30.41 लाख पौधरोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

विभागवार लक्ष्य की बात करें तो ग्राम्य विकास विभाग को 3 करोड़ पौधे लगाने की जिम्मेदारी दी गई है। कृषि विभाग 75 लाख, वन विभाग 50 लाख, उद्यान विभाग 50 लाख, पंचायती राज विभाग 20 लाख तथा नगर विकास विभाग 5 लाख पौधे लगाएगा। इस प्रकार विभिन्न विभागों के सहयोग से कुल 5 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य पूरा किया जाएगा।

 मंडलवार- लक्ष्य :-

मेरठ- 19,06,000

सहारनपुर- 14,86,000

आगरा- 24,67,000

अलीगढ़- 18,97,000

मुरादाबाद- 27,60,000

बरेली- 32,21,000

प्रयागराज- 32,17,000

वाराणसी- 24,83,000

मीरजापुर- 28,63,000

गोरखपुर- 24,75,000

बस्ती- 16,01,000

आजमगढ़- 18,93,000

लखनऊ- 62,77,000

अयोध्या- 30,41,000

देवीपाटन- 29,34,000

कानपुर- 31,83,000

झांसी- 31,67,000

चित्रकूट- 31,29,000

विशेष परिस्थितियों में ही होंगे अंतर्जनपदीय तबादले, नई नीति जारी
* जनगणना और शिक्षा व्यवस्था में संतुलन बनाते हुए लिया गया निर्णय : संदीप सिंह

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन कार्यरत शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं के अंतर्जनपदीय स्थानांतरण के लिए शैक्षिक सत्र 2026-27 की नई नीति जारी कर दी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस वर्ष जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यों और विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए केवल विशेष एवं मानवीय परिस्थितियों में ही स्थानांतरण की अनुमति दी जाएगी।
बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के साथ-साथ विद्यार्थियों की शिक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार प्रदेश में जनगणना 2026-27 का कार्य संचालित किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में शिक्षक एवं शिक्षिकाएं महत्वपूर्ण दायित्व निभा रहे हैं।
नई स्थानांतरण नीति के अनुसार शिक्षक अथवा शिक्षिका स्वयं, उनके पति या पत्नी अथवा अविवाहित पुत्र-पुत्री के दिव्यांग होने की स्थिति में अंतर्जनपदीय स्थानांतरण के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके अलावा शिक्षक या उनके अविवाहित पुत्र-पुत्री के कैंसर से पीड़ित होने अथवा डायलिसिस पर होने की स्थिति में भी आवेदन पर विचार किया जाएगा।
सरकार ने शिक्षक दम्पतियों को भी राहत दी है। यदि पति-पत्नी दोनों बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में कार्यरत हैं, तो छात्र-शिक्षक अनुपात एवं विद्यालयों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए उनके स्थानांतरण पर विचार किया जाएगा। इससे पारिवारिक जीवन और शैक्षिक जरूरतों के बीच बेहतर संतुलन स्थापित करने में सहायता मिलेगी।
नीति में यह भी प्रावधान किया गया है कि किसी अत्यंत विषम और मानवीय परिस्थिति में मुख्यमंत्री के अनुमोदन के उपरांत स्थानांतरण पर विचार किया जा सकेगा।राज्यमंत्री संदीप सिंह ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता शिक्षकों के हितों की रक्षा करते हुए शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता बनाए रखना है, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई किसी भी स्तर पर प्रभावित न हो।
मोदी सरकार के 12 वर्ष विकास, सुशासन और जनकल्याण के स्वर्णिम अध्याय : भूपेन्द्र चौधरी
* 5 से 21 जून तक चलेगा ‘सेवा, सुशासन, संस्कार एवं सम्मान’ अभियान, विकास योजनाओं को घर-घर पहुंचाने पर जोर

आगरा/लखनऊ। प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री तथा आगरा के प्रभारी मंत्री भूपेन्द्र सिंह चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष सेवा, सुशासन और जनकल्याण के स्वर्णिम अध्याय के रूप में इतिहास में दर्ज हुए हैं। इन वर्षों में गरीब, किसान, महिला, युवा और वंचित वर्ग के जीवन स्तर को बेहतर बनाने वाली अनेक ऐतिहासिक योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू किया गया है।
आगरा के नवीन सर्किट हाउस सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक एवं मीडिया संवाद कार्यक्रम में उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 5 जून से 21 जून तक पूरे प्रदेश में “सेवा, सुशासन, संस्कार एवं सम्मान” अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों, विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए व्यापक जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि संगठन और प्रशासन के समन्वित प्रयासों से यह सुनिश्चित किया जाए कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। जनप्रतिनिधि, अधिकारी और कार्यकर्ता जनसंपर्क के माध्यम से लोगों को योजनाओं से जोड़ने और उनकी समस्याओं के समाधान में सक्रिय भूमिका निभाएं।
प्रभारी मंत्री ने बताया कि 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत व्यापक वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसके साथ ही स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जनजागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।
8 से 14 जून तक जनसंपर्क एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा। इसी दौरान “सरकार आपके द्वार” अभियान के तहत जनसमस्या समाधान शिविर लगाए जाएंगे। 11 से 14 जून तक मीडिया संवाद कार्यक्रमों के जरिए सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाया जाएगा।
14 से 16 जून तक जनकल्याण शिविर और स्वास्थ्य मेलों का आयोजन किया जाएगा, जहां आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, पीएम स्वनिधि और अटल पेंशन योजना सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ पात्र लोगों को उपलब्ध कराया जाएगा। 16 और 17 जून को विकसित भारत संकल्प सम्मेलन आयोजित कर शिक्षाविदों, चिकित्सकों, उद्यमियों और समाज के प्रबुद्ध वर्ग के साथ संवाद स्थापित किया जाएगा।
17 से 20 जून तक विकास प्रदर्शनियों के माध्यम से प्रदेश में आधारभूत संरचना, औद्योगिक निवेश, सांस्कृतिक विरासत, कानून-व्यवस्था और जनकल्याणकारी योजनाओं की उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा। वहीं 18 और 19 जून को प्राकृतिक खेती एवं कृषि नवाचारों पर विशेष कार्यशालाएं आयोजित कर किसानों को आधुनिक और टिकाऊ खेती के प्रति जागरूक किया जाएगा।
भूपेन्द्र चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वृक्षारोपण लक्ष्य से अधिक पौधरोपण, मलिन बस्तियों में विशेष स्वच्छता अभियान, जनचौपालों का आयोजन तथा योजनाओं की शत-प्रतिशत संतृप्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने विश्वास जताया कि यह अभियान जनभागीदारी को सशक्त बनाने और विकास की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बनेगा। बैठक में केंद्रीय मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल, सांसद राजकुमार चाहर, विधायकगण, जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
पर्यटन को सांस्कृतिक पुनर्जागरण और रोजगार से जोड़ें : मुख्यमंत्री योगी
* नैमिषारण्य, विंध्याचल, शिवाजी संग्रहालय और नौसेना शौर्य परियोजनाओं की समीक्षा, पर्यटन को नई पहचान देने पर जोर

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उत्तर प्रदेश केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना, आध्यात्मिक परंपरा और ज्ञान विरासत का प्रतिनिधि प्रदेश है। पर्यटन विकास को केवल आधारभूत ढांचे तक सीमित न रखकर उसे सांस्कृतिक पुनर्जागरण, स्थानीय अर्थव्यवस्था, रोजगार सृजन और वैश्विक पहचान से जोड़ा जाना चाहिए।
गुरुवार को पर्यटन विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की सांस्कृतिक अर्थव्यवस्था को गति देने में पर्यटन की महत्वपूर्ण भूमिका है। पर्यटन के विस्तार से स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प, पारंपरिक कला, खानपान और सेवा क्षेत्र को भी नए अवसर प्राप्त होंगे।

बैठक में भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण से जुड़े “ज्ञान भारतम् मिशन” की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने प्राचीन पांडुलिपियों को देश की अमूल्य धरोहर बताया। उन्होंने कहा कि इनका संरक्षण और डिजिटलीकरण आने वाली पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। अधिकारियों ने बताया कि अब तक 13.70 लाख से अधिक पांडुलिपियों का सर्वेक्षण, डिजिटलीकरण और संरक्षण किया जा चुका है।
पर्यटन नीति-2022 में प्रस्तावित संशोधनों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने निवेश, नवाचार और अनुभव आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने पर बल दिया। बैठक में नीम करोली बाबा सर्किट, बुंदेलखंड फोर्ट सर्किट, ‘परंपरा’ विरासत अनुभव केंद्र, कृषि पर्यटन और वाइनयार्ड पर्यटन जैसी नई अवधारणाओं पर भी विचार किया गया।
मुख्यमंत्री ने लखनऊ में नव विकसित ‘नौसेना शौर्य वाटिका’ और निर्माणाधीन आईएनएस गोमती शौर्य संग्रहालय की समीक्षा करते हुए कहा कि यह परियोजना राष्ट्रभक्ति, सैन्य गौरव और भारत की समुद्री विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बनेगी। संग्रहालय में भारतीय नौसेना के इतिहास, नौसैनिक अभियानों और समुद्री शक्ति को आधुनिक तकनीक एवं इंटरैक्टिव प्रदर्शनों के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा।
आगरा में निर्माणाधीन छत्रपति शिवाजी महाराज संग्रहालय की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रनायकों की प्रेरक गाथाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना राष्ट्रीय दायित्व है। संग्रहालय में शिवाजी महाराज के जीवन, स्वराज्य स्थापना, आगरा प्रवास, सैन्य नेतृत्व और सुशासन के आदर्शों को आधुनिक तकनीक के जरिए प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने मराठा साम्राज्य और उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक संबंधों, अहिल्याबाई होल्कर के योगदान तथा स्वतंत्रता संग्राम के नायकों को भी प्रमुखता देने के निर्देश दिए।

नैमिषारण्य के समग्र विकास की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने इसे वैदिक ज्ञान परंपरा और आध्यात्मिक साधना का जीवंत केंद्र बताते हुए विकास कार्यों में आस्था, पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक सुविधाओं के संतुलन पर जोर दिया। मास्टर प्लान के तहत वेद विज्ञान केंद्र, वैदिक थीम पार्क, राजघाट रिवरफ्रंट, नैमिष हाट, तीर्थयात्री आवास और इंटरप्रिटेशन सेंटर सहित अनेक परियोजनाएं विकसित की जाएंगी।
मिर्जापुर-विंध्याचल क्षेत्र के लिए तैयार किए जा रहे इंटीग्रेटेड मास्टर प्लान की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मां विंध्यवासिनी धाम देश के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है और इसकी विकास योजना भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर बनाई जानी चाहिए। उन्होंने श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के अनुरूप सुविधाओं के विस्तार तथा शक्तिपीठों से जुड़ी पौराणिक कथाओं के आकर्षक प्रस्तुतीकरण के निर्देश दिए।
बैठक में चित्रकूट स्थित प्राचीन सोमनाथ मंदिर के संरक्षण एवं संवर्धन कार्यों की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण हमारी साझा जिम्मेदारी है। संरक्षण कार्यों में मूल स्वरूप और ऐतिहासिक प्रामाणिकता को अक्षुण्ण रखते हुए आवश्यक सुविधाओं का विकास किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने सभी परियोजनाओं को मिशन मोड में आगे बढ़ाने के निर्देश देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र बनाने की दिशा में ठोस और दीर्घकालिक प्रयास किए जाएं।
राष्ट्रीय लाल साहित्य साधना मंच कार्यकारिणी का किया गया गठन
लखनऊ । साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था राष्ट्रीय लाल साहित्य साधना मंच ग्वालियर मध्य प्रदेश के तत्वावधान में उत्तर प्रदेश इकाई की मिटिंग रखी गई जिसमें उत्तर प्रदेश कार्यकारिणी का गठन किया गया। संस्था के राष्ट्रीय मिडिया सचिव विनय शर्मा दीप मुंबई ने बताया कि संस्थापक अध्यक्ष डॉ प्रमोद पल्लवित ने आनलाइन मिटिंग आयोजित किया जिसमें उत्तर प्रदेश इकाई का गठन करके संस्था का विस्तार किया जिससे साहित्य की दशा दिशा और मुखरित होगी।संस्थापक अध्यक्ष डॉ प्रमोद पल्लवित ने विस्तार करते हुए धुरेन्द्र स्वरूप बिसारिया लखनऊ को संरक्षक मनोनीत किया उसी कड़ी में मार्गदर्शक मधु प्रधान कानपुर,‌ प्रदेश अध्यक्ष डाॅ. विभा प्रकाश लखनऊ,प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. प्रमिला पांडे कानपुर,प्रदेश महासचिव आरती तिवारी लखनऊ, कोषाध्यक्ष श्याम प्रकाश श्रीवास्तव लखनऊ, संगठन सचिव प्रज्ञा श्रीवास्तव वाराणसी, प्रचार सचिव डॉ रेणु श्रीवास्तव बरेली, सांस्कृतिक सचिव आभा श्रीवास्तव लखीमपुर खीरी के साथ सदस्य के रुप में विभा चेतना गोरखपुर उत्तर प्रदेश,डाॅ.क्षमा श्रीवास्तव लखनऊ उत्तर प्रदेश को नियुक्त करके औपचारिक जिम्मेदारी सौंपी।उत्तर प्रदेश इकाई अध्यक्ष डॉ विभा प्रकाश ने संस्थापक का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मैं अपनी जिम्मेदारी का वहन बड़ी ईमानदारी से करुंगा।
समाजवादी नेता पूनम सरोज ने जरूरतमंदों को वितरित किए छाते
रितेश मिश्रा
बेनीगंज (हरदोई)। भीषण गर्मी और तेज धूप से राहत दिलाने के उद्देश्य से विधानसभा 160 बालामऊ क्षेत्र के अंतर्गत नगर बेनीगंज के प्रताप नगर चौराहा, कोथावां में समाजवादी नेता श्रीमती पूनम सरोज द्वारा पटरी दुकानदारों, ठेला संचालकों एवं अन्य जरूरतमंद लोगों को छाते वितरित किए गए।
इस अवसर पर पूनम सरोज ने कहा कि समाज के कमजोर एवं मेहनतकश वर्ग की सहायता करना उनकी प्राथमिकता है। गर्मी के मौसम में धूप से बचाव के लिए छाता एक आवश्यक वस्तु है, जिससे दैनिक कार्य करने वाले लोगों को काफी राहत मिलेगी।
कार्यक्रम में कोथावां ब्लॉक अध्यक्ष रामचंद्र यादव, बेनीगंज नगर अध्यक्ष समीउल्लाह अंसारी, बालामऊ नगर अध्यक्ष मोहम्मद वारिस, आलोक गुप्ता तथा अनमोल सिंह यादव सहित कई कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
छाता पाकर लाभार्थियों ने पूनम सरोज का आभार व्यक्त किया और इस जनसेवा कार्य की सराहना की।
जिलाधिकारी ने जन सुनवाई मे सुनी 79 शिकायतें
रितेश मिश्रा
हरदोई आज कलेक्ट्रेट में जन सुनवाई के दौरान जिलाधिकारी अनुनय झा ने आमजन की समस्याओं को सुना। जन सुनवाई मे आज कुल 79 शिकायते प्राप्त हुई, जिसके त्वरित निस्तारण के निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक शिकायत का निस्तारण समयबद्व और गुणवत्तापूर्ण पूर्ण हो। जनसुनवाई मे प्राप्त कुछ शिकायतों का जिलाधिकारी ने मौके पर ही समाधान किया। जनसुनवाई मे अपर जिलाधिकारी न्यायिक प्रफुल्ल कुमार त्रिपाठी, अतिरिक्त मजिस्टेट अरूणिमा श्रीवास्तव प्रभारी सूचना अधिकारी दिव्या निगम व अन्य सम्बन्धित विभाग के अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहें