मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने 333 शिक्षकों व पर्यवेक्षिकाओं को सौंपे नियुक्ति पत्र, कहा- अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं योजनाएं


यह अवसर न केवल नव नियुक्त अभ्यर्थियों के लिए गौरव का क्षण है, बल्कि राज्य के समग्र और समावेशी विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। राज्य सरकार समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुँचाने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। राज्य का एक बड़ा हिस्सा आदिवासी, दलित और पिछड़ा वर्ग बाहुल्य है, जो कई कारणों से विकास की गति में पीछे छूट गया था। नवनियुक्त कर्मी गाँव-गाँव और घर-घर जाकर सरकार के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करें। यह सिर्फ एक नौकरी नहीं है, बल्कि आपके माध्यम से सरकार गाँव-गाँव, घर-घर और हर व्यक्ति तक पहुँचना चाहती है।

खासकर महिलाओं और बच्चों तक, जिन्हें हमें आने वाले भविष्य के लिए तैयार करना है। सीमित दायरे में जीवन जीने वाले इन लोगों को बदलते परिवेश के अनुरूप आगे बढ़ाना, उनका सशक्तिकरण करना, यह बड़ी चुनौती आपके कंधों पर होगी। उक्त बातें मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कही। वे आज झारखंड मंत्रालय में आयोजित नव नियुक्त इंटर एवं स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्यों का नियुक्ति-पत्र वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे।

नियुक्ति पत्र वितरण समारोह सभागार उत्साह, उमंग एवं गौरवपूर्ण माहौल से सराबोर रहा। मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले सभी अभ्यर्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह केवल नौकरी नहीं बल्कि समाज और राज्य के विकास की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण की आधारशिला होते हैं, वहीं महिला पर्यवेक्षकाएं समाज में महिलाओं एवं बच्चों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को पारदर्शी एवं निष्पक्ष तरीके से रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने, विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने तथा महिला एवं बाल विकास योजना को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लगातार नियुक्तियां की जा रही है।

पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया एवं शिक्षा व्यवस्था का हो रहा सुदृढ़ीकरण

मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां देश के विभिन्न हिस्सों में पेपर लीक जैसी घटनाओं से नियुक्तियाँ बाधित हो रही हैं, वहीं झारखंड सरकार ने पिछले चार महीनों में शिक्षा विभाग में 9,000 से अधिक और विगत दो वर्षों में 16 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार प्रदान किया है, जबकि पूर्व के कार्यकाल में सरकारी, अनुबंध एवं निजी संस्थानों में करीब दो लाख से अधिक नियुक्तियां की गईं है। वर्ष 2024 में वर्तमान सरकार के गठन के बाद से मानव संसाधन को सशक्त करने के लिए विभिन्न विभागों में लगातार नियुक्तियाँ की गई हैं, और यह प्रक्रिया आगे भी निरंतर जारी रहेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी- कभी ऐसा भी होता है कि कुछ शिक्षक सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में जाने से कतराते हैं। ऐसी सोच के साथ समग्र विकास संभव नहीं है। यदि हम अपनी जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से कंधों पर लें, तभी बदलाव आएगा। मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय जैसी पहल इसीलिए की गई है, ताकि वर्षों से हमारी शिक्षा व्यवस्था पर लगे कलंक को मिटाया जा सके और बच्चों को बेहतर भविष्य दिया जा सके।

मंईयाँ सम्मान योजना का मिल रहा लाभ, बेटियां बन रही कलेक्टर

मुख्यमंत्री ने कहा कि आधी आबादी को मुख्यधारा में शामिल किए बिना राज्य का सर्वांगीण विकास संभव नहीं है। वर्तमान में राज्य की लगभग 60 लाख महिलाओं को झारखण्ड मुख्यमंत्री मंईयाँ सम्मान योजना के अंतर्गत प्रति माह वित्तीय सहायता प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा हो सकता है कि इस योजना का पाँच से दस प्रतिशत लोग गलत तरीक़े से लाभ ले रहें हों, लेकिन ऐसे लोगों को रोकने के लिए 90 प्रतिशत लोगों को प्रभावित नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें यह देखकर प्रसन्नता होती है कि इस योजना का लाभ लेने वाली बेटियाँ आज कलेक्टर जैसे पदों तक पहुँच रही हैं। महिलाओं को मुख्यधारा में लाने का कार्य भी निरंतर हो रहा है। अब वह समय बीत चुका है जब महिलाओं को चारदीवारी के भीतर सीमित रखा जाता था। आज उन्हें आगे आना है और समाज को भी उन्हें आगे बढ़ाने का संकल्प लेना है।

दुर्गम क्षेत्रों के बच्चों को तराशना महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने नवनियुक्त अभ्यर्थियों से कहा कि आपको दुर्गम क्षेत्रों में जाना होगा और ऐसे बच्चों के साथ काम करना होगा, जिनकी परिस्थितियाँ चुनौतीपूर्ण होंगी। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि बच्चे आपके हाथों में कच्ची मिट्टी की तरह होंगे। उन्हें तराशने, आकार देने और उनके भविष्य को संवारने की पूरी जिम्मेदारी आपके पास होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के भीतर कुपोषण जैसी समस्या और उसके निराकरण संबंधी चुनौतियां हैं। इन समस्याओं से राज्य को मुक्त कराना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी हैं। आप सभी युवा हैं, ऊर्जा से भरपूर हैं, और आपके पास समय तथा अवसर भी हैं।

पूरी निष्ठा, समर्पण और संकल्प के साथ यदि अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे, तो न केवल आपका भविष्य उज्ज्वल होगा, बल्कि आपका परिवार, समाज और पूरा झारखंड मजबूत होगा। जिस प्रकार की खुशी आपको और आपके परिवार को इस नियुक्ति से मिली है, वैसी ही खुशी पूरे झारखंड को मिले—यही मेरी कामना है। आप सभी को उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ।

इस अवसर पर राज्य के वित्त मंत्री श्री राधा कृष्ण किशोर, श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग के मंत्री श्री संजय प्रसाद यादव, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव श्री उमा शंकर सिंह, निदेशक प्राथमिक शिक्षा श्री मनोज कुमार रंजन सहित अन्य वरीय पदाधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में नवनियुक्त अभ्यर्थी एवं उनके परिजन उपस्थित थे।

जैन देरासर में उमड़ा श्रद्धा और वैराग्य का सैलाब, मुमुक्षु महेंद्रभाई शाह का भावपूर्ण बहुमान

मुंबई। श्री चंद्रप्रभ स्वामी जैन देरासर में आयोजित एक भव्य आध्यात्मिक एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति और वैराग्य के अनुपम वातावरण के बीच संपन्न हुआ। यह पावन आयोजन पूज्य आचार्य श्री लब्धीचंद्र सूरीश्वरजी महाराज के मंगलमय आशीर्वाद तथा मुनिराज श्री सर्वेशचंद्र सागरजी महाराज एवं मुनिराज श्री मंत्रेश सागरजी महाराज की पावन निश्रा में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का सबसे भावुक और प्रेरणादायी क्षण तब उपस्थित हुआ, जब 81 वर्ष की आयु में दीक्षा अंगीकार करने जा रहे भावी दीक्षार्थी महेंद्रभाई मोहनलाल शाह का श्री जैन धार्मिक शिक्षण संघ के उपाध्यक्ष-ट्रस्टी संजय जीवनलाल शाह एवं संघ के सदस्यों द्वारा भावपूर्ण बहुमान किया गया। इस अवसर पर पूरे सभागार में श्रद्धा, सम्मान और वैराग्य की भावनाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला। उपस्थित श्रद्धालुओं ने भाव-विभोर होकर उनके त्यागमय एवं धर्मनिष्ठ जीवन को नमन किया। अपने संबोधन में संजय जीवनलाल शाह ने कहा कि महेंद्रभाई शाह का त्याग, धर्म के प्रति अटूट आस्था और संयममय जीवन समाज के लिए प्रेरणा का उज्ज्वल उदाहरण है। उन्होंने कहा कि आज के भौतिकवादी युग में 81 वर्ष की आयु में सांसारिक मोह-माया का त्याग कर आत्मकल्याण के मार्ग पर अग्रसर होना अत्यंत दुर्लभ, अनुकरणीय और प्रेरणादायी है। मुंबई में अपनी दीक्षा की पवित्र तैयारी कर रहे मुमुक्षु महेंद्रभाई शाह अपनी सरलता, विनम्रता और गहन धार्मिक निष्ठा से सभी के हृदय को स्पर्श कर रहे हैं। उनका जीवन यह संदेश देता है कि सच्ची साधना, वैराग्य और आत्मजागृति के लिए आयु कभी बाधा नहीं बनती। इस अवसर पर संस्था के संस्थापक अध्यक्ष जवाहर मोतीलाल शाह, उपाध्यक्ष संजयभाई जीवनलाल शाह, ट्रस्टी अशोक नरसिंह चरला, महिला विभाग की उपाध्यक्ष अल्पाबेन संजयभाई शाह सहित जयेशभाई, लब्धीशिल्पाबेन, विलास शाह एवं अनेक गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। गुरु भगवंतों के आशीर्वचन, धर्ममय वातावरण और भावी दीक्षार्थी के बहुमान ने पूरे आयोजन को अत्यंत भावुक, प्रेरणादायी और अविस्मरणीय बना दिया।
जैन देरासर में उमड़ा श्रद्धा और वैराग्य का सैलाब, मुमुक्षु महेंद्रभाई शाह का भावपूर्ण बहुमान

मुंबई। श्री चंद्रप्रभ स्वामी जैन देरासर में आयोजित एक भव्य आध्यात्मिक एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति और वैराग्य के अनुपम वातावरण के बीच संपन्न हुआ। यह पावन आयोजन पूज्य आचार्य श्री लब्धीचंद्र सूरीश्वरजी महाराज के मंगलमय आशीर्वाद तथा मुनिराज श्री सर्वेशचंद्र सागरजी महाराज एवं मुनिराज श्री मंत्रेश सागरजी महाराज की पावन निश्रा में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का सबसे भावुक और प्रेरणादायी क्षण तब उपस्थित हुआ, जब 81 वर्ष की आयु में दीक्षा अंगीकार करने जा रहे भावी दीक्षार्थी महेंद्रभाई मोहनलाल शाह का श्री जैन धार्मिक शिक्षण संघ के उपाध्यक्ष-ट्रस्टी संजय जीवनलाल शाह एवं संघ के सदस्यों द्वारा भावपूर्ण बहुमान किया गया। इस अवसर पर पूरे सभागार में श्रद्धा, सम्मान और वैराग्य की भावनाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला। उपस्थित श्रद्धालुओं ने भाव-विभोर होकर उनके त्यागमय एवं धर्मनिष्ठ जीवन को नमन किया। अपने संबोधन में संजय जीवनलाल शाह ने कहा कि महेंद्रभाई शाह का त्याग, धर्म के प्रति अटूट आस्था और संयममय जीवन समाज के लिए प्रेरणा का उज्ज्वल उदाहरण है। उन्होंने कहा कि आज के भौतिकवादी युग में 81 वर्ष की आयु में सांसारिक मोह-माया का त्याग कर आत्मकल्याण के मार्ग पर अग्रसर होना अत्यंत दुर्लभ, अनुकरणीय और प्रेरणादायी है। मुंबई में अपनी दीक्षा की पवित्र तैयारी कर रहे मुमुक्षु महेंद्रभाई शाह अपनी सरलता, विनम्रता और गहन धार्मिक निष्ठा से सभी के हृदय को स्पर्श कर रहे हैं। उनका जीवन यह संदेश देता है कि सच्ची साधना, वैराग्य और आत्मजागृति के लिए आयु कभी बाधा नहीं बनती। इस अवसर पर संस्था के संस्थापक अध्यक्ष जवाहर मोतीलाल शाह, उपाध्यक्ष संजयभाई जीवनलाल शाह, ट्रस्टी अशोक नरसिंह चरला, महिला विभाग की उपाध्यक्ष अल्पाबेन संजयभाई शाह सहित जयेशभाई, लब्धीशिल्पाबेन, विलास शाह एवं अनेक गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। गुरु भगवंतों के आशीर्वचन, धर्ममय वातावरण और भावी दीक्षार्थी के बहुमान ने पूरे आयोजन को अत्यंत भावुक, प्रेरणादायी और अविस्मरणीय बना दिया।
बाइक की टक्कर से महिला की मौत


अमृतपुर फर्रुखाबाद 18 मई। थाना क्षेत्र के बांसी अड्डा के पास स्थित एचपी पेट्रोल पंप के सामने मुख्य मार्ग पर एक तेज रफ्तार बाइक सवार ने बुजुर्ग महिला को जोरदार टक्कर मार दी जिसमें महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। जिसकी पहचान मुजहा निवासी लज्जावती पत्नी सुरेंद्र के रूप में हुई। मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ लग गई। सूचना मिलने पर अमृतपुर थाना पुलिस भी  पहुंची और घायल महिला को एंबुलेंस के माध्यम से इलाज हेतु राजेपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।जहां पर उसकी गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल लोहिया रेफर कर दिया गया। जहा जांच के बाद डॉक्टर द्वारा  महिला को मृत घोषित  कर दिया गय।महिला की मौत की सूचना परिजनों को मिलते ही  कोहराम मच गया। घर में मौजूद महिलाएं चीखने और चिल्लाने लगी। परिजनों ने बताया है कि महिला अमृतपुर स्थित सरकारी अस्पताल से दवा लेने के लिए गई थी। मृतका का एक लड़का विनोद है जिसकी उम्र 32 वर्ष है जो खेती-बाड़ी कर अपने परिवार का पालन पोषण करता है। एक लड़की है जिसका नाम मीना है जिसकी शादी हो चुकी है। मृतका के पति सुरेंद्र की भी लगभग 2 वर्ष पहले मौत हो चुकी है.वही अमृतपुर थाना प्रभारी इंद्रजीत सिंह ने बताया है कि बाइक को कब्जे में ले लिया गया है और उपनिरीक्षक खूबेलाल को पोस्टमार्टम की कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है। आगे अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
देवघर-कैलाश फाइटर और बादशाह XI ने दर्ज की धमाकेदार जीत, उज्ज्वल और हेमंत यादव बने जीत के हीरो।
देवघर: 18 मई स्थानीय के.के.एन. स्टेडियम में खेली जा रही स्वर्गीय बर्धन खवाड़े ट्रॉफी के सातवें दिन दो बेहद रोमांचक मुकाबले खेले गए। आज के मैचों में बल्लेबाजों का पूरी तरह से दबदबा रहा। पहले मुकाबले में कैलाश फाइटर ने राजा कैटरिंग XI को 5 विकेट से मात दी, जबकि दूसरे मुकाबले में बादशाह XI ने पीवीआर पैंथर्स (PVR Panthers) को 8 विकेट से करारी शिकस्त दी। मैच 1 उज्ज्वल कुमार की कप्तानी पारी से जीती कैलाश फाइटर दिन के पहले मुकाबले में राजा कैटरिंग XI ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। निर्धारित 10 ओवरों में राजा कैटरिंग XI ने 8 विकेट खोकर 123 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। टीम की ओर से अभिषेक ने सर्वाधिक 44 रनों (19 गेंद, 2 चौके, 4 छक्के) की आतिशी पारी खेली। उनके अलावा सिंह सागर ने 33 और मनीष रंजन ने 22 रनों का योगदान दिया। कैलाश फाइटर की तरफ से धारदार गेंदबाजी करते हुए बिट्टू दुबे और रवि यादव ने 2-2 विकेट चटकाए। 124 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी कैलाश फाइटर की शुरुआत खराब रही और टीम ने जल्द ही अपने शुरुआती विकेट गंवा दिए। लेकिन कप्तान उज्जल कुमार ने एक छोर संभाले रखा और महज 29 गेंदों में 9 चौकों और 3 गगनचुंबी छक्कों की मदद से 64 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली। सुमित कुमार (27 रन) और यश कुमार मिश्रा (20 रन) के उपयोगी योगदान की बदौलत कैलाश फाइटर ने 10वें ओवर में 5 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया और 5 विकेट से जीत दर्ज की। मैच 2 हेमंत यादव के तूफान में उड़े पीवीआर पैंथर्स, बादशाह XI की आसान जीत दूसरे मुकाबले में पीवीआर पैंथर्स (PVR Panthers) ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 10 ओवरों में 8 विकेट के नुकसान पर 114 रन बनाए। पीवीआर पैंथर्स की ओर से प्रभात ने अकेले मोर्चा संभालते हुए मात्र 21 गेंदों में 7 छक्कों और 1 चौके की मदद से 55 रनों की नाबाद और विस्फोटक पारी खेली। प्रभाकर पांडेय ने भी 22 रनों का योगदान दिया। बादशाह XI की तरफ से संजय कुमार और प्रभात ने किफायती गेंदबाजी करते हुए सफलताएं हासिल कीं। 115 रनों के छोटे लक्ष्य के सामने बादशाह XI के बल्लेबाजों ने मैदान पर कोहराम मचा दिया। सलामी बल्लेबाज प्रतीक ने 30 रनों की सधी हुई पारी खेली, जिसके बाद हेमंत यादव का तूफान देखने को मिला। हेमंत ने मैदान के चारों ओर शॉट्स खेलते हुए मात्र 23 गेंदों पर 300 के स्ट्राइक रेट से 69 रनों की नाबाद पारी खेली, जिसमें 3 चौके और 8 गगनचुंबी छक्के शामिल थे। अंत में सीनियर वर्मा ने भी मात्र 4 गेंदों में 17 रन कूट दिए। बादशाह XI ने केवल 8.2 ओवरों में ही 2 विकेट खोकर 117 रन बना लिए और मुकाबला 8 विकेट से अपने नाम कर लिया। अंतिम मैच में जॉय सारवां ने मां मनसा को हराया । मैच के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी को आयोजन समिति के सचिव आशीष झा और उपाध्यक्ष नवीन शर्मा ने सम्मानित किया।।इस दौरान आयोजन समिति के कार्यकारी सचिव नीरज झा,धीरज कुमार मौजूद थे ।  टूर्नामेंट का मुख्य आकर्षण: आज के दोनों ही मैचों में हाई-स्कोरिंग चेज़ देखने को मिले, जिसने स्टेडियम में मौजूद दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। टूर्नामेंट के अगले दौर के मुकाबले कल इसी मैदान पर खेले जाएंगे।
संगम नगरी में अगले पांच दिनों तक लू का अलर्ट, 47 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है पारा


विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, इन दिनों संगम नगरी भीषण गर्मी, उमस और सूर्य की तल्ख किरणों से तप रही है। रविवार की सुबह से ही गर्मी तेज थी, दोपहर में तो सूर्य की आग उगलती किरणों ने शहरवासियों को बेहाल कर दिया। आलम यह था कि लोग घरों में ही दुबके रहे। जो बाहर निकले भी वे शरीर को पूरी तरह से कपड़ों से ढंके रहे। बाजार और सड़कों पर आवाजाही नाममात्र की रही।

लू व भीषण गर्मी से अभी राहत नहीं
शनिवार को भी दिनभर उमस रही। अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस रहा। शाम को आर्द्रता घटकर 29 प्रतिशत रह गई। वहीं आज 17 मई को न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस व अधिकतम तापमान 44-45 डिग्री सेल्सिसय के आसपास है। मौसम विभाग के अनुसार अगले पांच दिनों तक भीषण गर्मी और लू का वर्चस्व रहेगा। पारा लगातार 45 से 47 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंचने की आशंका है। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर में घर से बाहर न निकलने का सुझाव दिया है।

18 मई से तापमान और बढ़ने की संभावना
रविवार को अधिकतम तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। सोमवार यानी 18 मई से पारा और बढ़ने की संभावना है। यह 47 डिग्री सेल्सियस या इससे ऊपर भी जा सकता है। 22 मई तक लगातार गर्म हवा चलने की चेतावनी जारी की गई है। रात में भी पारा 29 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

दोपहर 12 से शाम चार बजे तक बाहर न निकलें
Prayagraj Heatwave Alert चिकित्सकों ने लोगों को अधिक से अधिक पानी पीने, ओआरएस और तरल पदार्थ लेने की सलाह दी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक बिना जरूरत घर से बाहर न जाएं। हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें।

क्या कहते हैं मौसम विज्ञानी?
Prayagraj Heatwave Alert इलाहाबाद विश्वविद्यालय के वायुमंडलीय एवं समुद्र अध्ययन केंद्र के प्रमुख प्रो. शैलेंद्र राय का कहना है कि पश्चिमी और उत्तर पश्चिमी गर्म हवा के प्रभाव के कारण पूरे उत्तर प्रदेश में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। प्रयागराज व आसपास का क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं है।
एसआरएन अस्पताल में डॉक्टर मरीजों को कब देखेंगे...किसी को पता नहीं, प्रयागराज में मंडल का सबसे बड़ा हॉस्पिटल का यह हाल
मंडल का सबसे बड़ा सरकारी एसआरएन अस्पताल के चिकित्सक और स्टाफ भी खूब हैं। अस्पताल प्रशासन के तो कुछ कहने ही नहीं। इस हफ्ते में अलग-अलग दिनों में चार एडीएम इस अस्पताल का निरीक्षण कर चुके हैं। रोज ही कमियां और गड़बड़ियां मिलीं मगर अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी।



विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। चिकित्सक समय से अस्पताल नहीं पहुंचते
शनिवार को भी एडीएम आपूर्ति विजय शर्मा ने एसीएम के साथ निरीक्षण किया। वहां पर ड्यूटी डिस्प्ले चार्ट क्रियाशील नहीं था। वार्डों एवं ओपीडी में डाॅक्टरों के रोस्टर अनुसार बैठने का चार्ट दीवारों पर लगाया गया है, लेकिन समय दर्शित नहीं किया गया है। चिकित्सक किस समय मरीजों को देखेंगे, इसकी जानकारी किसी को नहीं। स्पष्ट है कि चिकित्सक समय से अस्पताल नहीं पहुंचते।

एडीएम आपूर्ति ने अस्पताल का निरीक्षण किया
डीएम मनीष कुमार वर्मा के निर्देश पर एडीएम आपूर्ति शनिवार की सुबह 9.50 बजे अस्पताल के नए भवन में पहुंचे। वार्डाे, पीएमएसएसआइ ओपीडी, ट्रामा सेंटर, गैस्ट्रोलाजी, कार्डियोलाजी, सेंटर पैथोलाजी, ब्लडबैंक, कैश काउंटर, औषधि वितरण, रजिस्ट्रेशन काउंटर को देखा। इसेक बाद पुरानी बिल्डिंग स्थित अल्ट्रासाउंड, एमआरआइ कक्ष पर कार्यरत डाॅक्टरों व स्टाफ की उपस्थिति तथा ड्यूटी डिस्प्ले का निरीक्षण किया गया।

दवा की उपलब्धता को लेकर जताई नाराजगी
उन्होंने कार्डियोलाजी, सेंट्रल पैथोलाजी ब्लडबैंक, कैश काउंटर, औषधि वितरण, रजिस्ट्रेशन काउंटर पर मरीजों व तीमारदारों से पूछताछ की। भर्ती मरीजों से भी वार्ता की और स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। शीतल पेयजल की बेहतर व्यवस्था कराने की एडीएम ने जोर दिया। यह भी अवगत कराया गया कि चिकित्सालय में इमरजेंसी की स्थिति में कुछ दवाएं स्टाक में अनुपलब्ध होने के कारण बाहर से मंगाई जाती हैं। इस पर एडीएम ने नाराजगी जताई। निर्देश दिए कि आवश्यक दवाएं स्टाक में होनी ही चाहिए।

डाॅक्टर-स्टाफ की पार्किंग को जोन, तीमारदार परेशान
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि अस्पताल में वाहन इधर-उधर खड़े थे। कर्मचारियों ने बताया कि अस्पताल के डाॅक्टर-स्टाफ की पार्किंग के लिए तीन जोन बने हैं। तीमारदारों एवं बाहरी वाहनों के पार्किंग की समस्या बनी रहती है। चिकित्सालय में उपलब्ध सुरक्षाबल, चिकित्सालय प्रशासन एवं चौकी की पुलिस को इस पर ध्यान देना चाहिए।
कक्षा 12   सीबीएसई बोर्ड परीक्षा के मेधावी छात्र-छात्राओं को किया गया सम्मानित

कमलेश मेहरोत्रा लहरपुर (सीतापुर)। स्थानीय शिक्षण संस्थान एराइज इंडिया पब्लिक स्कूल में  कक्षा 12   सीबीएसई बोर्ड परीक्षा के मेधावी छात्र-छात्राओं को किया गया सम्मानित। सोमवार को कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष विद्यालय के निदेशक डॉक्टर हर्ष पुरी व एवं श्रीमती आदिति टंडन के द्वारा पुष्पार्चन व दीप प्रज्वलित कर  किया गया। इस मौके पर विद्यालय के निदेशक डॉक्टर हर्ष पुरी ने सभी मेधावी छात्र-छात्राओं  का उत्साह वर्धन किया और उनके द्वारा परीक्षा में  उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर बधाई दी उन्होंने कहा कि सफलता उन्हीं के कदम चूमती है, जो मेहनत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ते हैं।

इस मौके पर डॉ हर्षपुरी आदिति टंडन व प्रधानाचार्या श्रीमती कमल शर्मा ने इंटरमीडिएट की विद्यालय टॉपर आयुषी मनार– 95%, सृष्टि वर्मा– 91%, इंशा वली 90.5% व शिवा भार्गव– 90.5% को मेडल व उपहार देकर सम्मानित किया उन्होंने इस मौके पर अभिभावकों को भी सम्मानित किया और कहा कि हर सफलता एक नई शुरुआत होती है और हमारे विद्यार्थी निरंतर सफलता की नई कहानी लिख रहे हैं। विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमति कमल शर्मा ने सभी विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उपलब्धि निरंतर उत्कृष्ट शिक्षा एवं अनुशासन का प्रतीक है,विद्यालय परिवार सभी अभिभावकों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का हृदय से आभार व्यक्त करता है, जिनके निरंतर सहयोग, समर्पण और विश्वास से यह सफलता प्राप्त  हो सकी। इस मौके पर प्रमुख रूप से छात्र-छात्राएं विद्यालय परिवार व अभिभावक उपस्थित थे।
उपायुक्त ने बाल सुधार गृह (संप्रेक्षण गृह) का किया औचक निरीक्षण

उपायुक्त हेमन्त सती ने आज 18 मई को बाल सुधार गृह (संप्रेक्षण गृह) का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, बच्चों की देखरेख एवं उपलब्ध सुविधाओं का गहन जायजा लिया।

निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की क्रियाशीलता की जांच की तथा उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने बाल कैदियों से मुलाकात एवं संवाद कर उनका हालचाल जाना।

उपायुक्त ने रसोईघर का निरीक्षण कर बच्चों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता की जांच की तथा साफ-सफाई एवं पोषण मानकों का विशेष ध्यान रखने का निर्देश दिया। इसके साथ ही बच्चों के छात्रावास का निरीक्षण कर व्यवस्था का आकलन किया और बच्चों को नियमित पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने पुस्तकालय का भी अवलोकन किया। मौके पर उपस्थित काउंसलर को निर्देश दिया कि बच्चों को नियमित रूप से पढ़ाई कराएं तथा हिंदी भाषा में महापुरुषों की प्रेरणादायक कहानियों की पुस्तकें उपलब्ध कराकर उन्हें पढ़ने हेतु प्रोत्साहित करें। उन्होंने विशेष रूप से कक्षा दसवीं के बाल कैदियों को प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण होने के लिए कड़ी मेहनत करने का सुझाव दिया।

उपायुक्त ने बताया कि वर्तमान में बाल सुधार गृह में कुल 68 बच्चे आवासित हैं। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था के लिए प्रतिनियुक्त जिला पुलिस बल को सख्त निर्देश दिया कि संप्रेक्षण गृह अधीक्षक की अनुमति के बिना किसी भी परिस्थिति में अवकाश पर न जाएं।

उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि बच्चों के समुचित विकास, शिक्षा एवं सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।

हजारीबाग झील क्षेत्र में यातायात एवं भीड़ नियंत्रण को लेकर उपायुक्त का निरीक्षण

उपायुक्त हेमन्त सती ने आज 18 मई को हजारीबाग झील के निकट प्रतिदिन लगने वाली भीड़-भाड़ एवं यातायात व्यवस्था का निरीक्षण किया। इस दौरान नगर आयुक्त श्री ओम प्रकाश गुप्ता भी उपस्थित थे।

निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने पाया कि झील क्षेत्र में आने वाले आगंतुकों द्वारा यत्र-तत्र वाहनों की पार्किंग किए जाने से विशेषकर शाम के समय अत्यधिक जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इस पर संज्ञान लेते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को झील के समीप उपलब्ध खाली स्थान को विकसित कर व्यवस्थित पार्किंग जोन के रूप में उपयोग में लाने का निर्देश दिया, ताकि यातायात व्यवस्था को सुगम बनाया जा सके।

इसके अतिरिक्त उपायुक्त ने झील के समीप सड़क किनारे अनियमित रूप से लगने वाली मछली दुकानों को चिन्हित कर उन्हें निर्धारित फेंसिंग क्षेत्र के भीतर स्थानांतरित करने का निर्देश दिया, जिससे सड़क किनारे अव्यवस्था एवं जाम की समस्या को कम किया जा सके।

उपायुक्त ने कहा कि हजारीबाग झील क्षेत्र शहर का प्रमुख स्थल है,अतः यहां सुव्यवस्थित यातायात एवं साफ-सुथरा वातावरण सुनिश्चित होना चाहिए,उन्होंने नगर निगम को निर्देशित किया कि आवश्यक कार्रवाई शीघ्र पूर्ण करते हुए आमजन को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने 333 शिक्षकों व पर्यवेक्षिकाओं को सौंपे नियुक्ति पत्र, कहा- अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं योजनाएं


यह अवसर न केवल नव नियुक्त अभ्यर्थियों के लिए गौरव का क्षण है, बल्कि राज्य के समग्र और समावेशी विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। राज्य सरकार समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुँचाने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। राज्य का एक बड़ा हिस्सा आदिवासी, दलित और पिछड़ा वर्ग बाहुल्य है, जो कई कारणों से विकास की गति में पीछे छूट गया था। नवनियुक्त कर्मी गाँव-गाँव और घर-घर जाकर सरकार के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करें। यह सिर्फ एक नौकरी नहीं है, बल्कि आपके माध्यम से सरकार गाँव-गाँव, घर-घर और हर व्यक्ति तक पहुँचना चाहती है।

खासकर महिलाओं और बच्चों तक, जिन्हें हमें आने वाले भविष्य के लिए तैयार करना है। सीमित दायरे में जीवन जीने वाले इन लोगों को बदलते परिवेश के अनुरूप आगे बढ़ाना, उनका सशक्तिकरण करना, यह बड़ी चुनौती आपके कंधों पर होगी। उक्त बातें मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कही। वे आज झारखंड मंत्रालय में आयोजित नव नियुक्त इंटर एवं स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्यों का नियुक्ति-पत्र वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे।

नियुक्ति पत्र वितरण समारोह सभागार उत्साह, उमंग एवं गौरवपूर्ण माहौल से सराबोर रहा। मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले सभी अभ्यर्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह केवल नौकरी नहीं बल्कि समाज और राज्य के विकास की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण की आधारशिला होते हैं, वहीं महिला पर्यवेक्षकाएं समाज में महिलाओं एवं बच्चों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को पारदर्शी एवं निष्पक्ष तरीके से रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने, विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने तथा महिला एवं बाल विकास योजना को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लगातार नियुक्तियां की जा रही है।

पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया एवं शिक्षा व्यवस्था का हो रहा सुदृढ़ीकरण

मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां देश के विभिन्न हिस्सों में पेपर लीक जैसी घटनाओं से नियुक्तियाँ बाधित हो रही हैं, वहीं झारखंड सरकार ने पिछले चार महीनों में शिक्षा विभाग में 9,000 से अधिक और विगत दो वर्षों में 16 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार प्रदान किया है, जबकि पूर्व के कार्यकाल में सरकारी, अनुबंध एवं निजी संस्थानों में करीब दो लाख से अधिक नियुक्तियां की गईं है। वर्ष 2024 में वर्तमान सरकार के गठन के बाद से मानव संसाधन को सशक्त करने के लिए विभिन्न विभागों में लगातार नियुक्तियाँ की गई हैं, और यह प्रक्रिया आगे भी निरंतर जारी रहेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी- कभी ऐसा भी होता है कि कुछ शिक्षक सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में जाने से कतराते हैं। ऐसी सोच के साथ समग्र विकास संभव नहीं है। यदि हम अपनी जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से कंधों पर लें, तभी बदलाव आएगा। मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय जैसी पहल इसीलिए की गई है, ताकि वर्षों से हमारी शिक्षा व्यवस्था पर लगे कलंक को मिटाया जा सके और बच्चों को बेहतर भविष्य दिया जा सके।

मंईयाँ सम्मान योजना का मिल रहा लाभ, बेटियां बन रही कलेक्टर

मुख्यमंत्री ने कहा कि आधी आबादी को मुख्यधारा में शामिल किए बिना राज्य का सर्वांगीण विकास संभव नहीं है। वर्तमान में राज्य की लगभग 60 लाख महिलाओं को झारखण्ड मुख्यमंत्री मंईयाँ सम्मान योजना के अंतर्गत प्रति माह वित्तीय सहायता प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा हो सकता है कि इस योजना का पाँच से दस प्रतिशत लोग गलत तरीक़े से लाभ ले रहें हों, लेकिन ऐसे लोगों को रोकने के लिए 90 प्रतिशत लोगों को प्रभावित नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें यह देखकर प्रसन्नता होती है कि इस योजना का लाभ लेने वाली बेटियाँ आज कलेक्टर जैसे पदों तक पहुँच रही हैं। महिलाओं को मुख्यधारा में लाने का कार्य भी निरंतर हो रहा है। अब वह समय बीत चुका है जब महिलाओं को चारदीवारी के भीतर सीमित रखा जाता था। आज उन्हें आगे आना है और समाज को भी उन्हें आगे बढ़ाने का संकल्प लेना है।

दुर्गम क्षेत्रों के बच्चों को तराशना महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने नवनियुक्त अभ्यर्थियों से कहा कि आपको दुर्गम क्षेत्रों में जाना होगा और ऐसे बच्चों के साथ काम करना होगा, जिनकी परिस्थितियाँ चुनौतीपूर्ण होंगी। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि बच्चे आपके हाथों में कच्ची मिट्टी की तरह होंगे। उन्हें तराशने, आकार देने और उनके भविष्य को संवारने की पूरी जिम्मेदारी आपके पास होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के भीतर कुपोषण जैसी समस्या और उसके निराकरण संबंधी चुनौतियां हैं। इन समस्याओं से राज्य को मुक्त कराना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी हैं। आप सभी युवा हैं, ऊर्जा से भरपूर हैं, और आपके पास समय तथा अवसर भी हैं।

पूरी निष्ठा, समर्पण और संकल्प के साथ यदि अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे, तो न केवल आपका भविष्य उज्ज्वल होगा, बल्कि आपका परिवार, समाज और पूरा झारखंड मजबूत होगा। जिस प्रकार की खुशी आपको और आपके परिवार को इस नियुक्ति से मिली है, वैसी ही खुशी पूरे झारखंड को मिले—यही मेरी कामना है। आप सभी को उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ।

इस अवसर पर राज्य के वित्त मंत्री श्री राधा कृष्ण किशोर, श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग के मंत्री श्री संजय प्रसाद यादव, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव श्री उमा शंकर सिंह, निदेशक प्राथमिक शिक्षा श्री मनोज कुमार रंजन सहित अन्य वरीय पदाधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में नवनियुक्त अभ्यर्थी एवं उनके परिजन उपस्थित थे।

जैन देरासर में उमड़ा श्रद्धा और वैराग्य का सैलाब, मुमुक्षु महेंद्रभाई शाह का भावपूर्ण बहुमान

मुंबई। श्री चंद्रप्रभ स्वामी जैन देरासर में आयोजित एक भव्य आध्यात्मिक एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति और वैराग्य के अनुपम वातावरण के बीच संपन्न हुआ। यह पावन आयोजन पूज्य आचार्य श्री लब्धीचंद्र सूरीश्वरजी महाराज के मंगलमय आशीर्वाद तथा मुनिराज श्री सर्वेशचंद्र सागरजी महाराज एवं मुनिराज श्री मंत्रेश सागरजी महाराज की पावन निश्रा में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का सबसे भावुक और प्रेरणादायी क्षण तब उपस्थित हुआ, जब 81 वर्ष की आयु में दीक्षा अंगीकार करने जा रहे भावी दीक्षार्थी महेंद्रभाई मोहनलाल शाह का श्री जैन धार्मिक शिक्षण संघ के उपाध्यक्ष-ट्रस्टी संजय जीवनलाल शाह एवं संघ के सदस्यों द्वारा भावपूर्ण बहुमान किया गया। इस अवसर पर पूरे सभागार में श्रद्धा, सम्मान और वैराग्य की भावनाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला। उपस्थित श्रद्धालुओं ने भाव-विभोर होकर उनके त्यागमय एवं धर्मनिष्ठ जीवन को नमन किया। अपने संबोधन में संजय जीवनलाल शाह ने कहा कि महेंद्रभाई शाह का त्याग, धर्म के प्रति अटूट आस्था और संयममय जीवन समाज के लिए प्रेरणा का उज्ज्वल उदाहरण है। उन्होंने कहा कि आज के भौतिकवादी युग में 81 वर्ष की आयु में सांसारिक मोह-माया का त्याग कर आत्मकल्याण के मार्ग पर अग्रसर होना अत्यंत दुर्लभ, अनुकरणीय और प्रेरणादायी है। मुंबई में अपनी दीक्षा की पवित्र तैयारी कर रहे मुमुक्षु महेंद्रभाई शाह अपनी सरलता, विनम्रता और गहन धार्मिक निष्ठा से सभी के हृदय को स्पर्श कर रहे हैं। उनका जीवन यह संदेश देता है कि सच्ची साधना, वैराग्य और आत्मजागृति के लिए आयु कभी बाधा नहीं बनती। इस अवसर पर संस्था के संस्थापक अध्यक्ष जवाहर मोतीलाल शाह, उपाध्यक्ष संजयभाई जीवनलाल शाह, ट्रस्टी अशोक नरसिंह चरला, महिला विभाग की उपाध्यक्ष अल्पाबेन संजयभाई शाह सहित जयेशभाई, लब्धीशिल्पाबेन, विलास शाह एवं अनेक गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। गुरु भगवंतों के आशीर्वचन, धर्ममय वातावरण और भावी दीक्षार्थी के बहुमान ने पूरे आयोजन को अत्यंत भावुक, प्रेरणादायी और अविस्मरणीय बना दिया।
जैन देरासर में उमड़ा श्रद्धा और वैराग्य का सैलाब, मुमुक्षु महेंद्रभाई शाह का भावपूर्ण बहुमान

मुंबई। श्री चंद्रप्रभ स्वामी जैन देरासर में आयोजित एक भव्य आध्यात्मिक एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति और वैराग्य के अनुपम वातावरण के बीच संपन्न हुआ। यह पावन आयोजन पूज्य आचार्य श्री लब्धीचंद्र सूरीश्वरजी महाराज के मंगलमय आशीर्वाद तथा मुनिराज श्री सर्वेशचंद्र सागरजी महाराज एवं मुनिराज श्री मंत्रेश सागरजी महाराज की पावन निश्रा में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का सबसे भावुक और प्रेरणादायी क्षण तब उपस्थित हुआ, जब 81 वर्ष की आयु में दीक्षा अंगीकार करने जा रहे भावी दीक्षार्थी महेंद्रभाई मोहनलाल शाह का श्री जैन धार्मिक शिक्षण संघ के उपाध्यक्ष-ट्रस्टी संजय जीवनलाल शाह एवं संघ के सदस्यों द्वारा भावपूर्ण बहुमान किया गया। इस अवसर पर पूरे सभागार में श्रद्धा, सम्मान और वैराग्य की भावनाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला। उपस्थित श्रद्धालुओं ने भाव-विभोर होकर उनके त्यागमय एवं धर्मनिष्ठ जीवन को नमन किया। अपने संबोधन में संजय जीवनलाल शाह ने कहा कि महेंद्रभाई शाह का त्याग, धर्म के प्रति अटूट आस्था और संयममय जीवन समाज के लिए प्रेरणा का उज्ज्वल उदाहरण है। उन्होंने कहा कि आज के भौतिकवादी युग में 81 वर्ष की आयु में सांसारिक मोह-माया का त्याग कर आत्मकल्याण के मार्ग पर अग्रसर होना अत्यंत दुर्लभ, अनुकरणीय और प्रेरणादायी है। मुंबई में अपनी दीक्षा की पवित्र तैयारी कर रहे मुमुक्षु महेंद्रभाई शाह अपनी सरलता, विनम्रता और गहन धार्मिक निष्ठा से सभी के हृदय को स्पर्श कर रहे हैं। उनका जीवन यह संदेश देता है कि सच्ची साधना, वैराग्य और आत्मजागृति के लिए आयु कभी बाधा नहीं बनती। इस अवसर पर संस्था के संस्थापक अध्यक्ष जवाहर मोतीलाल शाह, उपाध्यक्ष संजयभाई जीवनलाल शाह, ट्रस्टी अशोक नरसिंह चरला, महिला विभाग की उपाध्यक्ष अल्पाबेन संजयभाई शाह सहित जयेशभाई, लब्धीशिल्पाबेन, विलास शाह एवं अनेक गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। गुरु भगवंतों के आशीर्वचन, धर्ममय वातावरण और भावी दीक्षार्थी के बहुमान ने पूरे आयोजन को अत्यंत भावुक, प्रेरणादायी और अविस्मरणीय बना दिया।
बाइक की टक्कर से महिला की मौत


अमृतपुर फर्रुखाबाद 18 मई। थाना क्षेत्र के बांसी अड्डा के पास स्थित एचपी पेट्रोल पंप के सामने मुख्य मार्ग पर एक तेज रफ्तार बाइक सवार ने बुजुर्ग महिला को जोरदार टक्कर मार दी जिसमें महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। जिसकी पहचान मुजहा निवासी लज्जावती पत्नी सुरेंद्र के रूप में हुई। मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ लग गई। सूचना मिलने पर अमृतपुर थाना पुलिस भी  पहुंची और घायल महिला को एंबुलेंस के माध्यम से इलाज हेतु राजेपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।जहां पर उसकी गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल लोहिया रेफर कर दिया गया। जहा जांच के बाद डॉक्टर द्वारा  महिला को मृत घोषित  कर दिया गय।महिला की मौत की सूचना परिजनों को मिलते ही  कोहराम मच गया। घर में मौजूद महिलाएं चीखने और चिल्लाने लगी। परिजनों ने बताया है कि महिला अमृतपुर स्थित सरकारी अस्पताल से दवा लेने के लिए गई थी। मृतका का एक लड़का विनोद है जिसकी उम्र 32 वर्ष है जो खेती-बाड़ी कर अपने परिवार का पालन पोषण करता है। एक लड़की है जिसका नाम मीना है जिसकी शादी हो चुकी है। मृतका के पति सुरेंद्र की भी लगभग 2 वर्ष पहले मौत हो चुकी है.वही अमृतपुर थाना प्रभारी इंद्रजीत सिंह ने बताया है कि बाइक को कब्जे में ले लिया गया है और उपनिरीक्षक खूबेलाल को पोस्टमार्टम की कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है। आगे अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
देवघर-कैलाश फाइटर और बादशाह XI ने दर्ज की धमाकेदार जीत, उज्ज्वल और हेमंत यादव बने जीत के हीरो।
देवघर: 18 मई स्थानीय के.के.एन. स्टेडियम में खेली जा रही स्वर्गीय बर्धन खवाड़े ट्रॉफी के सातवें दिन दो बेहद रोमांचक मुकाबले खेले गए। आज के मैचों में बल्लेबाजों का पूरी तरह से दबदबा रहा। पहले मुकाबले में कैलाश फाइटर ने राजा कैटरिंग XI को 5 विकेट से मात दी, जबकि दूसरे मुकाबले में बादशाह XI ने पीवीआर पैंथर्स (PVR Panthers) को 8 विकेट से करारी शिकस्त दी। मैच 1 उज्ज्वल कुमार की कप्तानी पारी से जीती कैलाश फाइटर दिन के पहले मुकाबले में राजा कैटरिंग XI ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। निर्धारित 10 ओवरों में राजा कैटरिंग XI ने 8 विकेट खोकर 123 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। टीम की ओर से अभिषेक ने सर्वाधिक 44 रनों (19 गेंद, 2 चौके, 4 छक्के) की आतिशी पारी खेली। उनके अलावा सिंह सागर ने 33 और मनीष रंजन ने 22 रनों का योगदान दिया। कैलाश फाइटर की तरफ से धारदार गेंदबाजी करते हुए बिट्टू दुबे और रवि यादव ने 2-2 विकेट चटकाए। 124 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी कैलाश फाइटर की शुरुआत खराब रही और टीम ने जल्द ही अपने शुरुआती विकेट गंवा दिए। लेकिन कप्तान उज्जल कुमार ने एक छोर संभाले रखा और महज 29 गेंदों में 9 चौकों और 3 गगनचुंबी छक्कों की मदद से 64 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली। सुमित कुमार (27 रन) और यश कुमार मिश्रा (20 रन) के उपयोगी योगदान की बदौलत कैलाश फाइटर ने 10वें ओवर में 5 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया और 5 विकेट से जीत दर्ज की। मैच 2 हेमंत यादव के तूफान में उड़े पीवीआर पैंथर्स, बादशाह XI की आसान जीत दूसरे मुकाबले में पीवीआर पैंथर्स (PVR Panthers) ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 10 ओवरों में 8 विकेट के नुकसान पर 114 रन बनाए। पीवीआर पैंथर्स की ओर से प्रभात ने अकेले मोर्चा संभालते हुए मात्र 21 गेंदों में 7 छक्कों और 1 चौके की मदद से 55 रनों की नाबाद और विस्फोटक पारी खेली। प्रभाकर पांडेय ने भी 22 रनों का योगदान दिया। बादशाह XI की तरफ से संजय कुमार और प्रभात ने किफायती गेंदबाजी करते हुए सफलताएं हासिल कीं। 115 रनों के छोटे लक्ष्य के सामने बादशाह XI के बल्लेबाजों ने मैदान पर कोहराम मचा दिया। सलामी बल्लेबाज प्रतीक ने 30 रनों की सधी हुई पारी खेली, जिसके बाद हेमंत यादव का तूफान देखने को मिला। हेमंत ने मैदान के चारों ओर शॉट्स खेलते हुए मात्र 23 गेंदों पर 300 के स्ट्राइक रेट से 69 रनों की नाबाद पारी खेली, जिसमें 3 चौके और 8 गगनचुंबी छक्के शामिल थे। अंत में सीनियर वर्मा ने भी मात्र 4 गेंदों में 17 रन कूट दिए। बादशाह XI ने केवल 8.2 ओवरों में ही 2 विकेट खोकर 117 रन बना लिए और मुकाबला 8 विकेट से अपने नाम कर लिया। अंतिम मैच में जॉय सारवां ने मां मनसा को हराया । मैच के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी को आयोजन समिति के सचिव आशीष झा और उपाध्यक्ष नवीन शर्मा ने सम्मानित किया।।इस दौरान आयोजन समिति के कार्यकारी सचिव नीरज झा,धीरज कुमार मौजूद थे ।  टूर्नामेंट का मुख्य आकर्षण: आज के दोनों ही मैचों में हाई-स्कोरिंग चेज़ देखने को मिले, जिसने स्टेडियम में मौजूद दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। टूर्नामेंट के अगले दौर के मुकाबले कल इसी मैदान पर खेले जाएंगे।
संगम नगरी में अगले पांच दिनों तक लू का अलर्ट, 47 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है पारा


विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, इन दिनों संगम नगरी भीषण गर्मी, उमस और सूर्य की तल्ख किरणों से तप रही है। रविवार की सुबह से ही गर्मी तेज थी, दोपहर में तो सूर्य की आग उगलती किरणों ने शहरवासियों को बेहाल कर दिया। आलम यह था कि लोग घरों में ही दुबके रहे। जो बाहर निकले भी वे शरीर को पूरी तरह से कपड़ों से ढंके रहे। बाजार और सड़कों पर आवाजाही नाममात्र की रही।

लू व भीषण गर्मी से अभी राहत नहीं
शनिवार को भी दिनभर उमस रही। अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस रहा। शाम को आर्द्रता घटकर 29 प्रतिशत रह गई। वहीं आज 17 मई को न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस व अधिकतम तापमान 44-45 डिग्री सेल्सिसय के आसपास है। मौसम विभाग के अनुसार अगले पांच दिनों तक भीषण गर्मी और लू का वर्चस्व रहेगा। पारा लगातार 45 से 47 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंचने की आशंका है। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर में घर से बाहर न निकलने का सुझाव दिया है।

18 मई से तापमान और बढ़ने की संभावना
रविवार को अधिकतम तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। सोमवार यानी 18 मई से पारा और बढ़ने की संभावना है। यह 47 डिग्री सेल्सियस या इससे ऊपर भी जा सकता है। 22 मई तक लगातार गर्म हवा चलने की चेतावनी जारी की गई है। रात में भी पारा 29 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

दोपहर 12 से शाम चार बजे तक बाहर न निकलें
Prayagraj Heatwave Alert चिकित्सकों ने लोगों को अधिक से अधिक पानी पीने, ओआरएस और तरल पदार्थ लेने की सलाह दी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक बिना जरूरत घर से बाहर न जाएं। हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें।

क्या कहते हैं मौसम विज्ञानी?
Prayagraj Heatwave Alert इलाहाबाद विश्वविद्यालय के वायुमंडलीय एवं समुद्र अध्ययन केंद्र के प्रमुख प्रो. शैलेंद्र राय का कहना है कि पश्चिमी और उत्तर पश्चिमी गर्म हवा के प्रभाव के कारण पूरे उत्तर प्रदेश में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। प्रयागराज व आसपास का क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं है।
एसआरएन अस्पताल में डॉक्टर मरीजों को कब देखेंगे...किसी को पता नहीं, प्रयागराज में मंडल का सबसे बड़ा हॉस्पिटल का यह हाल
मंडल का सबसे बड़ा सरकारी एसआरएन अस्पताल के चिकित्सक और स्टाफ भी खूब हैं। अस्पताल प्रशासन के तो कुछ कहने ही नहीं। इस हफ्ते में अलग-अलग दिनों में चार एडीएम इस अस्पताल का निरीक्षण कर चुके हैं। रोज ही कमियां और गड़बड़ियां मिलीं मगर अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी।



विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। चिकित्सक समय से अस्पताल नहीं पहुंचते
शनिवार को भी एडीएम आपूर्ति विजय शर्मा ने एसीएम के साथ निरीक्षण किया। वहां पर ड्यूटी डिस्प्ले चार्ट क्रियाशील नहीं था। वार्डों एवं ओपीडी में डाॅक्टरों के रोस्टर अनुसार बैठने का चार्ट दीवारों पर लगाया गया है, लेकिन समय दर्शित नहीं किया गया है। चिकित्सक किस समय मरीजों को देखेंगे, इसकी जानकारी किसी को नहीं। स्पष्ट है कि चिकित्सक समय से अस्पताल नहीं पहुंचते।

एडीएम आपूर्ति ने अस्पताल का निरीक्षण किया
डीएम मनीष कुमार वर्मा के निर्देश पर एडीएम आपूर्ति शनिवार की सुबह 9.50 बजे अस्पताल के नए भवन में पहुंचे। वार्डाे, पीएमएसएसआइ ओपीडी, ट्रामा सेंटर, गैस्ट्रोलाजी, कार्डियोलाजी, सेंटर पैथोलाजी, ब्लडबैंक, कैश काउंटर, औषधि वितरण, रजिस्ट्रेशन काउंटर को देखा। इसेक बाद पुरानी बिल्डिंग स्थित अल्ट्रासाउंड, एमआरआइ कक्ष पर कार्यरत डाॅक्टरों व स्टाफ की उपस्थिति तथा ड्यूटी डिस्प्ले का निरीक्षण किया गया।

दवा की उपलब्धता को लेकर जताई नाराजगी
उन्होंने कार्डियोलाजी, सेंट्रल पैथोलाजी ब्लडबैंक, कैश काउंटर, औषधि वितरण, रजिस्ट्रेशन काउंटर पर मरीजों व तीमारदारों से पूछताछ की। भर्ती मरीजों से भी वार्ता की और स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। शीतल पेयजल की बेहतर व्यवस्था कराने की एडीएम ने जोर दिया। यह भी अवगत कराया गया कि चिकित्सालय में इमरजेंसी की स्थिति में कुछ दवाएं स्टाक में अनुपलब्ध होने के कारण बाहर से मंगाई जाती हैं। इस पर एडीएम ने नाराजगी जताई। निर्देश दिए कि आवश्यक दवाएं स्टाक में होनी ही चाहिए।

डाॅक्टर-स्टाफ की पार्किंग को जोन, तीमारदार परेशान
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि अस्पताल में वाहन इधर-उधर खड़े थे। कर्मचारियों ने बताया कि अस्पताल के डाॅक्टर-स्टाफ की पार्किंग के लिए तीन जोन बने हैं। तीमारदारों एवं बाहरी वाहनों के पार्किंग की समस्या बनी रहती है। चिकित्सालय में उपलब्ध सुरक्षाबल, चिकित्सालय प्रशासन एवं चौकी की पुलिस को इस पर ध्यान देना चाहिए।
कक्षा 12   सीबीएसई बोर्ड परीक्षा के मेधावी छात्र-छात्राओं को किया गया सम्मानित

कमलेश मेहरोत्रा लहरपुर (सीतापुर)। स्थानीय शिक्षण संस्थान एराइज इंडिया पब्लिक स्कूल में  कक्षा 12   सीबीएसई बोर्ड परीक्षा के मेधावी छात्र-छात्राओं को किया गया सम्मानित। सोमवार को कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष विद्यालय के निदेशक डॉक्टर हर्ष पुरी व एवं श्रीमती आदिति टंडन के द्वारा पुष्पार्चन व दीप प्रज्वलित कर  किया गया। इस मौके पर विद्यालय के निदेशक डॉक्टर हर्ष पुरी ने सभी मेधावी छात्र-छात्राओं  का उत्साह वर्धन किया और उनके द्वारा परीक्षा में  उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर बधाई दी उन्होंने कहा कि सफलता उन्हीं के कदम चूमती है, जो मेहनत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ते हैं।

इस मौके पर डॉ हर्षपुरी आदिति टंडन व प्रधानाचार्या श्रीमती कमल शर्मा ने इंटरमीडिएट की विद्यालय टॉपर आयुषी मनार– 95%, सृष्टि वर्मा– 91%, इंशा वली 90.5% व शिवा भार्गव– 90.5% को मेडल व उपहार देकर सम्मानित किया उन्होंने इस मौके पर अभिभावकों को भी सम्मानित किया और कहा कि हर सफलता एक नई शुरुआत होती है और हमारे विद्यार्थी निरंतर सफलता की नई कहानी लिख रहे हैं। विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमति कमल शर्मा ने सभी विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उपलब्धि निरंतर उत्कृष्ट शिक्षा एवं अनुशासन का प्रतीक है,विद्यालय परिवार सभी अभिभावकों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का हृदय से आभार व्यक्त करता है, जिनके निरंतर सहयोग, समर्पण और विश्वास से यह सफलता प्राप्त  हो सकी। इस मौके पर प्रमुख रूप से छात्र-छात्राएं विद्यालय परिवार व अभिभावक उपस्थित थे।
उपायुक्त ने बाल सुधार गृह (संप्रेक्षण गृह) का किया औचक निरीक्षण

उपायुक्त हेमन्त सती ने आज 18 मई को बाल सुधार गृह (संप्रेक्षण गृह) का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, बच्चों की देखरेख एवं उपलब्ध सुविधाओं का गहन जायजा लिया।

निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की क्रियाशीलता की जांच की तथा उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने बाल कैदियों से मुलाकात एवं संवाद कर उनका हालचाल जाना।

उपायुक्त ने रसोईघर का निरीक्षण कर बच्चों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता की जांच की तथा साफ-सफाई एवं पोषण मानकों का विशेष ध्यान रखने का निर्देश दिया। इसके साथ ही बच्चों के छात्रावास का निरीक्षण कर व्यवस्था का आकलन किया और बच्चों को नियमित पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने पुस्तकालय का भी अवलोकन किया। मौके पर उपस्थित काउंसलर को निर्देश दिया कि बच्चों को नियमित रूप से पढ़ाई कराएं तथा हिंदी भाषा में महापुरुषों की प्रेरणादायक कहानियों की पुस्तकें उपलब्ध कराकर उन्हें पढ़ने हेतु प्रोत्साहित करें। उन्होंने विशेष रूप से कक्षा दसवीं के बाल कैदियों को प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण होने के लिए कड़ी मेहनत करने का सुझाव दिया।

उपायुक्त ने बताया कि वर्तमान में बाल सुधार गृह में कुल 68 बच्चे आवासित हैं। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था के लिए प्रतिनियुक्त जिला पुलिस बल को सख्त निर्देश दिया कि संप्रेक्षण गृह अधीक्षक की अनुमति के बिना किसी भी परिस्थिति में अवकाश पर न जाएं।

उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि बच्चों के समुचित विकास, शिक्षा एवं सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।

हजारीबाग झील क्षेत्र में यातायात एवं भीड़ नियंत्रण को लेकर उपायुक्त का निरीक्षण

उपायुक्त हेमन्त सती ने आज 18 मई को हजारीबाग झील के निकट प्रतिदिन लगने वाली भीड़-भाड़ एवं यातायात व्यवस्था का निरीक्षण किया। इस दौरान नगर आयुक्त श्री ओम प्रकाश गुप्ता भी उपस्थित थे।

निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने पाया कि झील क्षेत्र में आने वाले आगंतुकों द्वारा यत्र-तत्र वाहनों की पार्किंग किए जाने से विशेषकर शाम के समय अत्यधिक जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इस पर संज्ञान लेते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को झील के समीप उपलब्ध खाली स्थान को विकसित कर व्यवस्थित पार्किंग जोन के रूप में उपयोग में लाने का निर्देश दिया, ताकि यातायात व्यवस्था को सुगम बनाया जा सके।

इसके अतिरिक्त उपायुक्त ने झील के समीप सड़क किनारे अनियमित रूप से लगने वाली मछली दुकानों को चिन्हित कर उन्हें निर्धारित फेंसिंग क्षेत्र के भीतर स्थानांतरित करने का निर्देश दिया, जिससे सड़क किनारे अव्यवस्था एवं जाम की समस्या को कम किया जा सके।

उपायुक्त ने कहा कि हजारीबाग झील क्षेत्र शहर का प्रमुख स्थल है,अतः यहां सुव्यवस्थित यातायात एवं साफ-सुथरा वातावरण सुनिश्चित होना चाहिए,उन्होंने नगर निगम को निर्देशित किया कि आवश्यक कार्रवाई शीघ्र पूर्ण करते हुए आमजन को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जाए।