मौसम का यू-टर्न! 15 राज्यों में आंधी-तूफान की चेतावनी, IMD ने जारी किया अलर्ट
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मार्च का महीना आमतौर पर हल्के और सुहाने मौसम के लिए जाना जाता है, लेकिन इस बार तस्वीर पूरी तरह बदली नजर आ रही है। महीने की शुरुआत में तेज गर्मी का अहसास हुआ, वहीं अब अचानक मौसम ने करवट ले ली है। देश के कई हिस्सों में काले बादल, तेज हवाएं, बारिश और ओलावृष्टि ने हालात बदल दिए हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने आने वाले दिनों के लिए कई राज्यों में बारिश, आंधी, बिजली और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया है।
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पश्चिमी विक्षोभ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर
मौसम विभाग (IMD) ने अगले 4 से 5 दिनों को बेहद अहम बताते हुए 15 राज्यों में आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, यह बदलाव किसी सामान्य बारिश का नतीजा नहीं है। इसके पीछे एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन का संयुक्त असर है। इसी कारण उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत तक एक साथ मौसम बिगड़ा हुआ है। वातावरण में नमी बढ़ने से बादल तेजी से बन रहे हैं और अचानक मौसम बदल रहा है। कई इलाकों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है, जबकि कुछ जगहों पर यह रफ्तार 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
दिल्ली-एनसीआर में बादलों का डेरा
दिल्ली-एनसीआर एक बार फिर बादलों से घिर गया। नोएडा समेत दिल्ली-एनसीआर कई इलाकों में बूंदाबांदी हो रही है। जिससे सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम गई। सुबह सुबह मौसम सुहावना हो गया है। दिल्ली एनसीआर में आज भी बारिश होने का पूर्वानुमान भारत मौसम विभाग की ओर से जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, 23 मार्च को बादल छाए रहेंगे और दोपहर बाद गरज-चमक के साथ हल्की बारिश के आसार है। सोमवार को दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में मौसम बदल जाएगा। ऐसे में उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलेंगी, जिनकी गति 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे के आसपास रह सकती है। यही नहीं, दिन आसमान बादलों से घिरा रहेगा। सुबह से दोपहर के बीच गरज चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है। बदलते मौसम के चलते लोगों को दिन में गर्मी और शाम के समय हल्की ठंडक का एहसास हो सकता है।
बिहार में चेतावनी
बिहार में 24 मार्च से 28 मार्च के बीच बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की गई है। जिन जिलों में अलर्ट है, उनमें पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सिवान, गोपालगंज, सारण, भोजपुर, बक्सर, रोहतास, औरंगाबाद, गया और नवादा शामिल है। राजधानी पटना में आज (सोमवार) को अधिकतम तापमान 29°C और न्यूनतम तापमान 20°C रहने वाला है।
उत्तर प्रदेश में अलर्ट
उत्तर प्रदेश में मौसम का असर सबसे ज्यादा व्यापक है। कई जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई है। 60 किमी प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चल सकती हैं। पूर्वांचल और तराई इलाकों जैसे गोरखपुर, देवरिया, आजमगढ़, मऊ, बलिया और बस्ती में बिजली गिरने और भारी बारिश का खतरा है। लखनऊ, कानपुर, आगरा और मेरठ जैसे शहरों में भी मौसम अस्थिर बना रहेगा।
पहाड़ी राज्यों में खतरा
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में मौसम ज्यादा गंभीर बना हुआ है। तेज बारिश और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और भूस्खलन और हिमस्खलन का खतरा है। शिमला, कुल्लू, कांगड़ा और चमोली जैसे क्षेत्रों में हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं।
पूर्वोत्तर भारत में कैसा रहेगा मौसम
भारत के पूर्वोत्तर राज्यों की बात करें तो मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश के साथ तेज हवाओं के चलने की संभावना है। इसके असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में कुछ जगहों पर झमाधम बारिश हो सकती है। पूर्वी भारत के पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी मौसम ज्यादा सक्रिय रहने वाला है। यहां तेज बारिश के साथ 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है।




मुजफ्फरनगर। संयुक्त पत्रकार महासभा के राष्ट्रीय कार्यालय पर 22 मार्च को एक भव्य, गरिमामय और यादगार ईद मिलन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरताज अहमद ने किया, जिसमें जिले भर से बड़ी संख्या में पत्रकारों, पदाधिकारियों एवं गणमान्य अतिथियों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति रही।
श्री नारायणी सेवा संस्थान व श्री नारायणी नरी चेतना केंद्र द्वारा आयोजित
फर्रुखाबाद l जिला गंगा समिति के तत्वाधान में आयोजित किया जा रहे गंगा स्वच्छता पखवाड़ा कार्यक्रम के अंतर्गत आज विश्व जल दिवस के अवसर पर गंगा ग्राम धीमपुरा में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया ।जिला परियोजना अधिकारी निहारिका पटेल के निर्देशन में कई युवाओं ने प्रतिभाग किया।उन्होंने कहा कि जल हमारे जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि जल ही जीवन है। प्रायः देखा गया है कि घर के कार्यों में हम प्रतिदिन जल का उपयोग करते हैं एवं अज्ञानता वश जल को व्यर्थ कर देते हैं। यदि प्रत्येक मनुष्य चाहे तो जल की उपयोगिता को कम करके जल का संरक्षण कर सकते है। हम सभी जानते हैं कि हमारे पर्यावरण में जल का स्तर प्रत्येक दिन गिरता ही जा रहा है जो चिंता का विषय है।लोग अनजाने में बिना उपयोग के ही कई लीटर पानी प्रतिदिन बर्बाद कर देते हैं जिसे हमारी धरती का जल कम होता जा रहा है एवं शुद्ध जल समाप्त हो रहा है। यह बहुत चिंता का विषय है।अतः हम सभी को मिलकर यह शपथ लेनी चाहिए कि हम सभी जल की उपयोगिता को समझे एवं एक-एक बूंद बचाने का प्रयास करें। हम स्वयं भी जल का जितना हो सके कम प्रयोग करें एवं अन्य लोगों को भी इसके लिए जागरूक करें। कई जगह पर देखा गया है कि घरों में नल लगे हैं परंतु उन नलों को बंद करने के लिए कोई संसाधन नहीं है उनमें से जल ऐसे ही बहता रहता हैं और शुद्ध जल बहकर नाली में जाता है। यदि समय रहते हम सभी ने जल को बचाने के लिए प्रयास नहीं किया तो हमारी आने वाली पीढ़ी को जल के लिए बहुत समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। जैसे कि कई देशों और कई जिलों में करना पड़ रहा है। लोगों को जल लेने के लिए कई किलोमीटर दूर चलना पड़ता है।महिलाओं को पैदल चलकर पानी लाना पड़ता है। अतः सभी को इसके लिए समय रहते प्रयास करना चाहिए। इस अवसर पर जल कलश में सभी ने अपने-अपने माध्यम से बचाए हुए जल को एकत्रित किया एवं यह संदेश दिया कि यदि प्रत्येक मनुष्य प्रतिदिन थोड़ा-थोड़ा जल भी बचाएगा तो बहुत बड़ी मात्रा में जल का संरक्षण हो सकेगा। इसके आंतरिक स्वच्छता के लिए सभी को जागरूक किया गया।इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों को पर्यावरण से संबंधित पंपलेट पोस्टर भी वितरित किए गए। कार्यक्रम में प्रशिक्षक रोहित दीक्षित, गंगा योद्धा पल्लवी, अश्मित एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।



36 min ago
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