महाराणा प्रताप की हटाई गई प्रतिमा को लेकर आज क्षत्रिय समाज संगठन ने अपर पुलिस अधीक्षक व क्षेत्राधिकारी कादीपुर से मुलाक़ात कर रखी अपनी बात*
सुल्तानपुर जिले के कादीपुर में महाराणा प्रताप की हटाई गई प्रतिमा को लेकर आज क्षत्रिय समाज संगठन ने अपर पुलिस अधीक्षक व क्षेत्राधिकारी कादीपुर से मिल कर अपनी बात रखी। गौरतलब हो की दो दिन पूर्व जिला प्रशासन द्वारा मूर्ति को हटाकर अपने कब्जे में ले लिया था। अब क्षत्रिय समाज के लोगो द्वारा विरोध के बाद शासन को मूर्ति स्थापना के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। अब शासन की अनुमति से प्रतिमा स्थापित की जाएगी। दरअशल पूरा मामला यह कादीपुर मिल चौराहे से जुड़ा हुआ है,जहां महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर महाराणा प्रताप की मूर्ति स्थापित होनी थी।स्थापना को लेकर मूर्ति भी आ चुकी थी। परसों रात जब इसकी जानकारी जिला प्रशासन को लगी तो आनन फानन में प्रशासन द्वारा शांति व्यवस्था बनाए रखने के दृश्य से मूर्ति को कब्जे में ले लिया गया। जिसके बाद क्षत्रीय समाज संगठन ने कल जिलाधिकारी से मिलकर मूर्ति स्थापना किए जाने की बात की इसी क्रम में जिलाधिकारी द्वारा मूर्ति स्थापना के संस्तुति के लिए शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है। जिसके बाद आज क्षत्रिय समाज के संगठन ने अपर पुलिस अधीक्षक व क्षेत्रधिकारी कादीपुर से मुलाकात किया। जिसमे बताया गया प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। जब शासन से अनुमति मिलेगी तब ही  महाराणा प्रताप की मूर्ति स्थापित की जाएगी। वहीं महाराणा प्रताप जयंती 9 मई के अवसर पर जूनियर हाईस्कूल कादीपुर के मैदान पर कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। क्षत्रिय कल्याण परिषद समाज ने सर्वसमाज से मिलकर महाराणा प्रताप जयंती को भव्य रूप से मनाने की अपील की है।
राष्ट्रीय लोक अदालत 9 मई को सफल बनाने की तैयारियां तेज

फर्रुखाबाद। राष्ट्रीय लोक अदालत 9 मई 2026 के आयोजन को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई है। इस दौरान एडीआर भवन में बैंक ऋण से संबंधित मामलों की समीक्षा हेतु एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का आयोजन प्रभारी जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अभिनितम उपाध्याय के निर्देशन में किया गया, जिसकी अध्यक्षता अपर जिला जज एवं राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी संजय कुमार ने की। बैठक का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव बिंदिया भटनागर द्वारा किया गया। बैठक में बैंक ऋण अदायगी से जुड़े अधिक से अधिक मामलों को राष्ट्रीय लोक अदालत में चिन्हित कर निस्तारण हेतु संबंधित बैंक अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर सूची बनाकर लोक अदालत में प्रस्तुत किया जाए, जिससे आपसी सहमति से त्वरित समाधान
सुनिश्चित हो सके। अब तक विभिन्न बैंकों द्वारा कुल 1473 ऋण संबंधी मामलों को राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए चिन्हित किया जा चुका है, जो कि इस दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति मानी जा रही है। बैठक में बैंक ऑफ बड़ौदा के प्रबंधक । शैलेन्द्र प्रताप सिंह, लीड बैंक के प्रबंधक विवेक कुमार, पंजाब नेशनल बैंक के प्रबंधक सुनील कुमार यादव, एक्सिस बैंक के डिप्टी प्रबंधक गोविन्द सिंह, उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के प्रबंधक सतीश कुमार तथा इंडियन बैंक के प्रबंधक अनुराग सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन द्वारा उम्मीद जताई गई है कि राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से अधिक से अधिक मामलों का त्वरित एवं सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण किया जायेगा l
मंडी में आलू सड़ने से महामारी फैलने की संभावना, एसोसिएसन ने सचिव को सफ़ाई कराने का दिया ज्ञापन

फर्रुखाबाद l आलू मंडी सातनपुर परिसर में चारों तरफ सड़ा गला कटा आलू पड़ा हुआ है, इधर दो दिन लगातार हुई बारिश से गंदगी  फैली है उससे निकलने वाली बदबू से आढ़तियों और किसानों को सांस लेना मुश्किल हो रहा है आलू मंडी सातनपुर में सड़े आलूओं से सभी जगहों पर गंदगी के अंबार लगे हुए हैं जिसकी बदबू से आम जनों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है , अविलंब सफाई व्यवस्था नहीं हुई तो बीमारियों के फैलने की संभावना है, सफाई व्यवस्था को लेकर आढ़तियों किसानों ने मंडी प्रशासन से बुधवार को मांग की है । सफाई व्यवस्था को लेकर एसोसिएशन के अध्यक्ष अर्पित राजपूत ने मंडी सचिव से तुरन्त सफाई व्यवस्था सुचारू रूप से करवाने के कहा गया था l
भिवानी से प्रयागराज जाने वाली कालिंदी एक्सप्रेस का रूट ड्राइवर्जन से फर्रुखाबाद के लोगों की परेशानी बढ़ी ,दिल्ली जाने की हुई समस्या
जल्द निर्णय न हुआ तो होगा आंदोलन
फर्रुखाबाद l फर्रुखाबाद विकास मंच के जिला अध्यक्ष भईयन मिश्रा के नेतृत्व में काफी बड़ी संख्या में लोगों ने फर्रुखाबाद रेलवे स्टेशन जाकर स्टेशन अधीक्षक को ज्ञापन दिया ज्ञापन की प्रमुख मांग यह थी नई दिल्ली से फर्रुखाबाद होकर कानपुर की तरफ जाने वाली कालिंद्री एक्सप्रेस को मार्ग परबर्तन करके शिकोहाबाद इटावा होते हुए कानपुर किया जा रहा है जो की गलत है कालिंद्री एक्सप्रेस फर्रुखाबाद से पिछले 40 वर्षों से लगातार चल रही है और दिल्ली के लिए जाने वाली है एकमात्र ट्रेन है यदि इस ट्रेन का मार्ग परिवर्तन करके इसको हटाया गया तो फर्रुखाबाद वालों को बहुत परेशानियां होगी और लोगों को यात्रा करने में बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा स्टेशन अधीक्षक मनोज कुमार को ज्ञापन देकर उनको अवगत कराया गया कि किसी भी सूरत में कालिंद्री एक्सप्रेस का मार्ग परिवर्तन ना किया जाए इसको नई दिल्ली से फर्रुखाबाद तक चलाया जाए यदि संभव हो तो इसको कन्नौज होते हुए मंधना तक चलाया जाए क्योंकि मंडाना से लेकर अनवरगंज रेलवे स्टेशन तक एलिवेटेड ट्रैक तैयार होने के कारण इस रूट को बंद किया जा रहा है अब फर्रुखाबाद से ट्रेन केवल मंधाना तक जाएंगे तो यदि आवश्यक हो तो कालिंद्री एक्सप्रेस को मंधना तक जारी रखा जाए और नहीं तो पूर्व की भांति इस ट्रेन को फर्रुखाबाद से भिवानी तक ही चलाया जाए फर्रुखाबाद से ट्रेन को रेलवे डिपार्टमेंट हटाने की ना सोचे क्योंकि यह फर्रुखाबाद वालों के लिए लाइफलाइन भी है और दिल्ली के लिए मात्र एक ट्रेन है ज्ञापन देते समय फर्रुखाबाद विकासखंड के जिला अध्यक्ष भईयन मिश्रा ने स्टेशन अधीक्षक को बताया की बहुत जल्द रेलवे विभाग उच्च अधिकारियों से बात करके उनको जनता की भावनाओं से अवगत कराए की फर्रुखाबाद की जनता बहुत परेशान है और किसी भी सूरत में यह नहीं चाहती है कि इस ट्रेन का मार्ग परिवर्तन किया जाए जन भावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस ट्रेन को नई दिल्ली से फर्रुखाबाद के बीच चलाया जाए क्योंकि कानपुर से दिल्ली की दर्जनों ट्रेनें हैं वहां के लोगों को कालिंद्री एक्सप्रेस से ज्यादा आना-जाना भी नहीं होता है इस एक्सप्रेस से कन्नौज फर्रुखाबाद हरदोई मैनपुरी जनपदों के ही लोग यात्रा करते हैं और उन लोगों के लिए एक ट्रेन यही है यदि इसको बंद किया गया तो जबरदस्त आंदोलन किया जाएगा जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी रेलवे विभाग की होगी,स्टेशन अधीक्षक मनोज कुमार ने प्रतिनिधि मंडल को आश्वस्त किया कि मेरी पूरी कोशिश होगी की कालिंद्री एक्सप्रेस का मार्ग परिवर्तन ना किया जाए और इसको पूर्व की भांति नई दिल्ली से फर्रुखाबाद तक चलाया जाए उन्होंने उच्च अधिकारियों से बात करके जल्द से जल्द इसका निस्तारण करने का वचन दिया
अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद के जिला महामंत्री अंगद पांडे उर्फ कोमल पांडे ने कहा की रेलवे डिपार्टमेंट देखें की ट्रेन से सबसे अधिक जनपद फर्रुखाबाद के लोग यात्रा करते हैं और उनके लिए देश की राजधानी से जोड़ने वाली एकमात्र ट्रेन है हजारों व्यापारी प्रतिदिन नई दिल्ली जाता है और आता है इसलिए इस ट्रेन को फर्रुखाबाद से बंद किया जाना बहुत गलत है और इसके लिए हमको किसी स्तर पर भी आवाज उठानी होगी हम उठाएंगे । इस मौके पर प्रमुख लोगों में नीतीश दुबे उर्फ नीशू+पूर्व सभासद), उमेश जाटव ( सभासद), महेश अग्निहोत्री बाबू (पूर्व सभासद), नितिन गुप्ता अध्यक्ष व्यापार मंडल (पटरी दुकानदार संगठन) राजीव पाल, सनी बाथम, ओमनिवास पाठक, राजीव वर्मा, रजत वर्मा, आशू मिश्रा, आलोक मिश्रा भूरे, मलखान सिंह राजपूत, लकी गुप्ता, शिवांग बाजपेई, आशुतोष मिश्रा आदि उपस्थित रहे l
जैव चिकित्सा अवशिष्ट को लेकर निजी चिकित्सालयो का किया निरीक्षण, अस्पतालों को दिए गए दिशा निर्देश,एक अस्पताल सील

फर्रुखाबाद l जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन के संबंध में जिलाधिकारी द्वारा गठित जिला स्तरीय टीम के द्वारा आवास विकास एवं लकूला रोड  स्थित  चिकित्सालयों का निरीक्षण किया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी अविनेद्र कुमार के निर्देश पर टीम ने निरीक्षण किया जिसमें जिला गंगा समिति की जिला परियोजना अधिकारी निहारिका पटेल, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी दीपक कटारिया, प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड कानपुर से वैज्ञानिक सहायक श्री एस डी सिंह एवं लैब टेक्नीशियन  प्रसून पाल, पर्यावरण सहायक गुंजा जैन द्वारा विभिन्न स्तरों पर जांच की गई। निरीक्षण के दौरान लकूला  रोड स्थित गायत्री हॉस्पिटल को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अविनेंद्र कुमार ,डॉ शोभा सक्सेना, डॉक्टर श्वेता, डॉ आलोक सिंह के द्वारा सील किया गया। इनके अतिरिक्त द केयर हॉस्पिटल, जेपी हॉस्पिटल,भल्ला हॉस्पिटल,डॉक्टर आर सिंह हॉस्पिटल, सृष्टि गीत राज हॉस्पिटल एवं श्री साईं हॉस्पिटल में भी निरीक्षण किया गया। इस दौरान टीम के द्वारा सभी चिकित्सालयों को जैव चिकित्सा अवशिष्ट प्रबंधन से संबंधित उचित दिशा निर्देश दिए गए।इसके अतिरिक्त नियमानुसार कूड़ेदान की व्यवस्था‌‌,साफ सफाई की व्यवस्था, स्वच्छता कर्मियों की व्यवस्था,प्रदूषण कंट्रोल द्वारा जारी एन ओ सी की जांच कर सभी कार्य को नियमानुसार कराने के निर्देश दिए गए। सभी चिकित्सालय को दिशा निर्देश दिए गए की प्रतिदिन जैव चिकित्सा अपशिष्ट का निस्तारण किया जाए। जैव चिकित्सा अपशिष्ट को ले जाने वाली कंपनी विल वर्ल्ड के द्वारा सही तरह से लाक बुक भरी जाए एवं प्रतिदिन की स्थिति उसमें लिखी जाए।किसी प्रकार की कोई भी समस्या हो तो संबंधित उच्च स्तर को अवगत कराया जाए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि इस संबंध में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आने पर संबंधित के खिलाफ  कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह निरीक्षण आगे भी जारी रहेगा।
भारत-रूस सहयोग से यूपी के युवाओं को मिलेगा रोजगार, उच्चस्तरीय बैठक में बनी रणनीति
* रूस में 5 लाख से अधिक नौकरियों के अवसर, सेंट पीटर्सबर्ग आर्थिक फोरम में यूपी प्रतिनिधिमंडल होगा शामिल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के नए द्वार खोलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए भारत-रूस सहयोग के अंतर्गत एक उच्चस्तरीय बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश के कुशल युवाओं को वैधानिक और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत रूस में रोजगार उपलब्ध कराने पर सहमति बनी।
बैठक में श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर और मॉस्को सरकार के डिपार्टमेंट फॉर एक्सटर्नल इकोनॉमिक एंड इंटरनेशनल रिलेशंस के मंत्री Sergey Cheremin के बीच विस्तार से चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने भारत और रूस के पारंपरिक मैत्रीपूर्ण संबंधों को और मजबूत करने के साथ रोजगार सृजन के नए अवसरों पर विचार-विमर्श किया।
मॉस्को सरकार की ओर से बताया गया कि केवल मॉस्को में ही 5 लाख से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं, जबकि रूस के अन्य क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में कुशल कामगारों की आवश्यकता है। खासकर निर्माण कार्य, इलेक्ट्रीशियन, प्लम्बर और कारपेंटर जैसे तकनीकी क्षेत्रों में मांग अधिक है।
बैठक के दौरान सेंट पीटर्सबर्ग में आयोजित होने वाले आगामी आर्थिक फोरम में उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल को आमंत्रित किया गया, जिसे मंत्री अनिल राजभर ने स्वीकार कर लिया। इस फोरम में प्रदेश सरकार भविष्य की कार्ययोजना और सहयोग के नए आयामों पर चर्चा करेगी।
मंत्री अनिल राजभर ने यह भी स्पष्ट किया कि युवाओं में रूस जाकर सेना में शामिल किए जाने को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करना आवश्यक है। इस पर रूसी पक्ष ने आश्वासन दिया कि पूरी प्रक्रिया सुरक्षित, पारदर्शी और स्वैच्छिक होगी, तथा किसी प्रकार का जोखिम या दबाव युवाओं पर नहीं डाला जाएगा।
रूसी भाषा के महत्व पर जोर देते हुए बताया गया कि रोजगार के इच्छुक युवाओं के लिए भाषा ज्ञान आवश्यक होगा। इस पर प्रदेश सरकार ने आश्वस्त किया कि सेवायोजन विभाग के माध्यम से जल्द ही रूसी भाषा प्रशिक्षण भी शुरू किया जाएगा। वर्तमान में जापानी और जर्मन भाषा का प्रशिक्षण पहले से दिया जा रहा है।
बैठक में उत्तर प्रदेश शासन के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए, जिनमें प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन डॉ. शणमुगा सुंदरम, निदेशक नेहा प्रकाश सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
यह पहल न केवल उत्तर प्रदेश के युवाओं को वैश्विक रोजगार से जोड़ने में मददगार होगी, बल्कि भारत-रूस के बीच आर्थिक और श्रम सहयोग को भी नई मजबूती प्रदान करेगी।
दिल्ली में ट्रैफिक नियम तोड़ना अब पड़ेगा महंगा
* 45 दिन में चालान निपटाना अनिवार्य, नई डिजिटल व्यवस्था लागू

* पांच से ज्यादा उल्लंघन पर लाइसेंस निलंबन की तैयारी, वाहन सेवाएं भी हो सकती हैं प्रभावित

नई दिल्ली । राजधानी दिल्ली में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए अब बचना आसान नहीं होगा। दिल्ली सरकार एक नई डिजिटल और समयबद्ध चालान व्यवस्था लागू करने जा रही है, जिसके तहत तय समय सीमा में चालान का निपटारा अनिवार्य होगा। ऐसा न करने पर ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन से लेकर वाहन से जुड़ी सेवाओं पर रोक तक लग सकती है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि संशोधित केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के तहत इस प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य सड़क सुरक्षा को मजबूत करना और ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना है।
नई व्यवस्था के अनुसार, किसी भी चालान के निपटारे के लिए वाहन चालक को 45 दिनों का समय मिलेगा। इस दौरान वह जुर्माना भर सकता है या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से सबूतों के साथ आपत्ति दर्ज करा सकता है। निर्धारित समय में कोई कार्रवाई न करने पर चालान स्वतः स्वीकार माना जाएगा।
सरकार ने यह भी तय किया है कि एक वर्ष में पांच या उससे अधिक बार ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले चालकों को गंभीर श्रेणी में रखा जाएगा। ऐसे मामलों में ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित या अयोग्य घोषित किया जा सकता है।
नई प्रणाली के तहत चालान प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी। कैमरों और ऑटोमैटिक सिस्टम के जरिए ई-चालान जारी किए जाएंगे, वहीं पुलिस अधिकारी भी डिजिटल और कागजी दोनों माध्यमों से कार्रवाई कर सकेंगे।

महत्वपूर्ण समयसीमा:

* ऑनलाइन नोटिस: 3 दिनों के भीतर
* भौतिक नोटिस: 15 दिनों के भीतर
सभी चालानों का रिकॉर्ड ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध रहेगा और नोटिस एसएमएस व ईमेल के जरिए वाहन मालिक तक पहुंचाए जाएंगे। इसके लिए वाहन मालिकों को अपने मोबाइल नंबर और पते को अपडेट रखने की सलाह दी गई है।
समयसीमा के भीतर चालान का भुगतान न करने पर वाहन से जुड़ी कई सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं, जिनमें वाहन टैक्स भुगतान, ड्राइविंग लाइसेंस नवीनीकरण और वाहन पंजीकरण जैसी सेवाएं शामिल हैं। साथ ही वाहन को “Not To Be Transacted” श्रेणी में डाला जा सकता है और आवश्यकता पड़ने पर जब्ती की कार्रवाई भी की जा सकती है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस पहल का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि जिम्मेदार ड्राइविंग की संस्कृति विकसित करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह डिजिटल व्यवस्था ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाने और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने में सहायक सिद्ध होगी।
दिल्ली में हीटवेव की आहट, पारा 39°C तक पहुंचने के आसार; IMD ने जारी किया अलर्ट

* नमी के कारण बढ़ा “ह्यूमिड हीट” का असर, 7 मई से तेज होगी गर्मी

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में गर्मी ने अब रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी है और आने वाले दिनों में हालात और भी कठिन हो सकते हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 6 मई 2026 को अधिकतम तापमान करीब 35°C और न्यूनतम 21°C रहने का अनुमान है। दिन में आंशिक बादल और हल्की गरज-चमक के चलते मौसम में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
हालांकि फिलहाल हीटवेव की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन हवा में 50 से 70 प्रतिशत तक नमी के कारण “ह्यूमिड हीट” का असर लोगों को ज्यादा गर्मी महसूस करा रहा है। इससे शरीर पर गर्मी का दबाव बढ़ रहा है और असहजता महसूस हो रही है।
मौसम विभाग के अनुसार, 7 मई से तापमान में लगातार वृद्धि शुरू होगी। 8 मई तक आसमान साफ रहने के साथ पारा 36°C तक पहुंच सकता है, जबकि 9 और 10 मई को तापमान 38 से 39°C तक जाने की संभावना है। ऐसे में दिल्ली में हीटवेव जैसी स्थिति बनने के संकेत मिल रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि साफ आसमान और तेज धूप के कारण दिन के साथ-साथ रात में भी तापमान अधिक बना रहेगा, जिससे लोगों को राहत कम मिलेगी। 11 मई तक तापमान 39°C के आसपास बना रहने की संभावना है, जिससे प्री-हीटवेव जैसी स्थिति बन सकती है।
IMD ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खासकर दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच धूप में निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के व ढीले कपड़े पहनने की हिदायत दी गई है। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि बढ़ती गर्मी और नमी के कारण डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है।
जज अमन शर्मा आत्महत्या मामला: वकीलों के संगठन ने पत्नी पर लगाए आरोप, जांच की मांग
* दिल्ली में एडीजे की मौत पर उठे सवाल; मानसिक स्वास्थ्य और कार्यदबाव को लेकर भी बहस तेज

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में अतिरिक्त जिला न्यायाधीश अमन शर्मा की आत्महत्या के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। First Generation Lawyers Association ने आरोप लगाया है कि जज अपनी पत्नी और रिश्तेदारों के मानसिक उत्पीड़न से परेशान थे और इसी वजह से उन्होंने आत्महत्या जैसा कदम उठाया।
संगठन ने दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय को खुला पत्र लिखकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही जज की पत्नी स्वाति मलिक, जो स्वयं न्यायिक अधिकारी हैं, को जांच पूरी होने तक न्यायिक कार्य से दूर रखने की भी अपील की गई है।
परिवार के अनुसार, 2 मई को दक्षिण दिल्ली की एक पॉश कॉलोनी में 30 वर्षीय जज अमन शर्मा ने अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों का आरोप है कि घरेलू विवाद और पत्नी स्वाति मलिक तथा उनकी चचेरी बहन निधि मलिक (आईएएस अधिकारी) के हस्तक्षेप से पारिवारिक तनाव बढ़ गया था।
पुलिस ने इस मामले में स्वाति मलिक और निधि मलिक के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है। प्रारंभिक जांच में पति-पत्नी के बीच विवाद की पुष्टि हुई है और पुलिस सभी पक्षों से पूछताछ कर रही है।
वहीं, वकीलों के संगठन ने इस घटना को व्यापक परिप्रेक्ष्य में उठाते हुए कहा है कि न्यायिक अधिकारियों पर बढ़ता कार्यभार, निजी जीवन की चुनौतियां और सामाजिक अपेक्षाएं मिलकर गंभीर मानसिक तनाव पैदा करती हैं। संगठन ने न्यायिक अधिकारियों के लिए नियमित मानसिक स्वास्थ्य जांच, काउंसलिंग और मजबूत सपोर्ट सिस्टम विकसित करने की मांग की है।
यह मामला न्यायपालिका में कार्यरत अधिकारियों के मानसिक स्वास्थ्य और निजी जीवन से जुड़े मुद्दों पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना है।
हरिद्वार में सनसनीखेज खुलासा: ‘सत्संगी बाबा’ ने रची डॉक्टर की हत्या की साजिश


* लक्सर में फायरिंग कांड का पर्दाफाश, गुरु-चेला गिरफ्तार; दो बार कराया हमला, दोनों बार बचा डॉक्टर

हरिद्वार। जिले के लक्सर क्षेत्र में डॉक्टर पर हुए जानलेवा हमले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। इस मामले में कथित ‘सत्संगी बाबा’ और उसके शिष्य को गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया है कि निजी रंजिश के चलते डॉक्टर की हत्या की साजिश रची गई थी।
पुलिस के अनुसार, लक्सर निवासी डॉ. सुमित चौधरी पर 27 अप्रैल को उस समय हमला किया गया था, जब वह अपनी सास का इलाज कराकर लौट रहे थे। उनकी कार पर बाइक सवार बदमाशों ने चार राउंड फायरिंग की, लेकिन वह बाल-बाल बच गए। इससे पहले 14 अप्रैल को भी डॉक्टर और उनके साले पर फायरिंग की घटना हुई थी।
जांच के दौरान पुलिस ने पहले आरोपी शिष्य शुभम सैनी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि यह हमला उसने अपने गुरु के कहने पर किया था। इसके बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी बाबा मंगत दास उर्फ सागर को भी गिरफ्तार कर लिया, जो उत्तर प्रदेश के शामली जिले का रहने वाला है।
क्षेत्राधिकारी देवेंद्र सिंह नेगी के मुताबिक, आरोपी बाबा डॉक्टर और उसके साले से रंजिश रखता था। एक युवती के रिश्ते को लेकर विवाद हुआ था—बाबा उस युवती से शादी करना चाहता था, लेकिन डॉक्टर और उसके साले के कारण रिश्ता नहीं हो सका। इसी वजह से उसने डॉक्टर को रास्ते से हटाने की साजिश रची। योजना के तहत बाबा ने अपने शिष्य के साथ मिलकर दो बार फायरिंग करवाई, लेकिन दोनों बार डॉक्टर को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल पिस्टल भी बरामद की है।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच जारी है और पूछताछ के आधार पर अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
महाराणा प्रताप की हटाई गई प्रतिमा को लेकर आज क्षत्रिय समाज संगठन ने अपर पुलिस अधीक्षक व क्षेत्राधिकारी कादीपुर से मुलाक़ात कर रखी अपनी बात*
सुल्तानपुर जिले के कादीपुर में महाराणा प्रताप की हटाई गई प्रतिमा को लेकर आज क्षत्रिय समाज संगठन ने अपर पुलिस अधीक्षक व क्षेत्राधिकारी कादीपुर से मिल कर अपनी बात रखी। गौरतलब हो की दो दिन पूर्व जिला प्रशासन द्वारा मूर्ति को हटाकर अपने कब्जे में ले लिया था। अब क्षत्रिय समाज के लोगो द्वारा विरोध के बाद शासन को मूर्ति स्थापना के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। अब शासन की अनुमति से प्रतिमा स्थापित की जाएगी। दरअशल पूरा मामला यह कादीपुर मिल चौराहे से जुड़ा हुआ है,जहां महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर महाराणा प्रताप की मूर्ति स्थापित होनी थी।स्थापना को लेकर मूर्ति भी आ चुकी थी। परसों रात जब इसकी जानकारी जिला प्रशासन को लगी तो आनन फानन में प्रशासन द्वारा शांति व्यवस्था बनाए रखने के दृश्य से मूर्ति को कब्जे में ले लिया गया। जिसके बाद क्षत्रीय समाज संगठन ने कल जिलाधिकारी से मिलकर मूर्ति स्थापना किए जाने की बात की इसी क्रम में जिलाधिकारी द्वारा मूर्ति स्थापना के संस्तुति के लिए शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है। जिसके बाद आज क्षत्रिय समाज के संगठन ने अपर पुलिस अधीक्षक व क्षेत्रधिकारी कादीपुर से मुलाकात किया। जिसमे बताया गया प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। जब शासन से अनुमति मिलेगी तब ही  महाराणा प्रताप की मूर्ति स्थापित की जाएगी। वहीं महाराणा प्रताप जयंती 9 मई के अवसर पर जूनियर हाईस्कूल कादीपुर के मैदान पर कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। क्षत्रिय कल्याण परिषद समाज ने सर्वसमाज से मिलकर महाराणा प्रताप जयंती को भव्य रूप से मनाने की अपील की है।
राष्ट्रीय लोक अदालत 9 मई को सफल बनाने की तैयारियां तेज

फर्रुखाबाद। राष्ट्रीय लोक अदालत 9 मई 2026 के आयोजन को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई है। इस दौरान एडीआर भवन में बैंक ऋण से संबंधित मामलों की समीक्षा हेतु एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का आयोजन प्रभारी जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अभिनितम उपाध्याय के निर्देशन में किया गया, जिसकी अध्यक्षता अपर जिला जज एवं राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी संजय कुमार ने की। बैठक का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव बिंदिया भटनागर द्वारा किया गया। बैठक में बैंक ऋण अदायगी से जुड़े अधिक से अधिक मामलों को राष्ट्रीय लोक अदालत में चिन्हित कर निस्तारण हेतु संबंधित बैंक अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर सूची बनाकर लोक अदालत में प्रस्तुत किया जाए, जिससे आपसी सहमति से त्वरित समाधान
सुनिश्चित हो सके। अब तक विभिन्न बैंकों द्वारा कुल 1473 ऋण संबंधी मामलों को राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए चिन्हित किया जा चुका है, जो कि इस दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति मानी जा रही है। बैठक में बैंक ऑफ बड़ौदा के प्रबंधक । शैलेन्द्र प्रताप सिंह, लीड बैंक के प्रबंधक विवेक कुमार, पंजाब नेशनल बैंक के प्रबंधक सुनील कुमार यादव, एक्सिस बैंक के डिप्टी प्रबंधक गोविन्द सिंह, उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के प्रबंधक सतीश कुमार तथा इंडियन बैंक के प्रबंधक अनुराग सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन द्वारा उम्मीद जताई गई है कि राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से अधिक से अधिक मामलों का त्वरित एवं सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण किया जायेगा l
मंडी में आलू सड़ने से महामारी फैलने की संभावना, एसोसिएसन ने सचिव को सफ़ाई कराने का दिया ज्ञापन

फर्रुखाबाद l आलू मंडी सातनपुर परिसर में चारों तरफ सड़ा गला कटा आलू पड़ा हुआ है, इधर दो दिन लगातार हुई बारिश से गंदगी  फैली है उससे निकलने वाली बदबू से आढ़तियों और किसानों को सांस लेना मुश्किल हो रहा है आलू मंडी सातनपुर में सड़े आलूओं से सभी जगहों पर गंदगी के अंबार लगे हुए हैं जिसकी बदबू से आम जनों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है , अविलंब सफाई व्यवस्था नहीं हुई तो बीमारियों के फैलने की संभावना है, सफाई व्यवस्था को लेकर आढ़तियों किसानों ने मंडी प्रशासन से बुधवार को मांग की है । सफाई व्यवस्था को लेकर एसोसिएशन के अध्यक्ष अर्पित राजपूत ने मंडी सचिव से तुरन्त सफाई व्यवस्था सुचारू रूप से करवाने के कहा गया था l
भिवानी से प्रयागराज जाने वाली कालिंदी एक्सप्रेस का रूट ड्राइवर्जन से फर्रुखाबाद के लोगों की परेशानी बढ़ी ,दिल्ली जाने की हुई समस्या
जल्द निर्णय न हुआ तो होगा आंदोलन
फर्रुखाबाद l फर्रुखाबाद विकास मंच के जिला अध्यक्ष भईयन मिश्रा के नेतृत्व में काफी बड़ी संख्या में लोगों ने फर्रुखाबाद रेलवे स्टेशन जाकर स्टेशन अधीक्षक को ज्ञापन दिया ज्ञापन की प्रमुख मांग यह थी नई दिल्ली से फर्रुखाबाद होकर कानपुर की तरफ जाने वाली कालिंद्री एक्सप्रेस को मार्ग परबर्तन करके शिकोहाबाद इटावा होते हुए कानपुर किया जा रहा है जो की गलत है कालिंद्री एक्सप्रेस फर्रुखाबाद से पिछले 40 वर्षों से लगातार चल रही है और दिल्ली के लिए जाने वाली है एकमात्र ट्रेन है यदि इस ट्रेन का मार्ग परिवर्तन करके इसको हटाया गया तो फर्रुखाबाद वालों को बहुत परेशानियां होगी और लोगों को यात्रा करने में बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा स्टेशन अधीक्षक मनोज कुमार को ज्ञापन देकर उनको अवगत कराया गया कि किसी भी सूरत में कालिंद्री एक्सप्रेस का मार्ग परिवर्तन ना किया जाए इसको नई दिल्ली से फर्रुखाबाद तक चलाया जाए यदि संभव हो तो इसको कन्नौज होते हुए मंधना तक चलाया जाए क्योंकि मंडाना से लेकर अनवरगंज रेलवे स्टेशन तक एलिवेटेड ट्रैक तैयार होने के कारण इस रूट को बंद किया जा रहा है अब फर्रुखाबाद से ट्रेन केवल मंधाना तक जाएंगे तो यदि आवश्यक हो तो कालिंद्री एक्सप्रेस को मंधना तक जारी रखा जाए और नहीं तो पूर्व की भांति इस ट्रेन को फर्रुखाबाद से भिवानी तक ही चलाया जाए फर्रुखाबाद से ट्रेन को रेलवे डिपार्टमेंट हटाने की ना सोचे क्योंकि यह फर्रुखाबाद वालों के लिए लाइफलाइन भी है और दिल्ली के लिए मात्र एक ट्रेन है ज्ञापन देते समय फर्रुखाबाद विकासखंड के जिला अध्यक्ष भईयन मिश्रा ने स्टेशन अधीक्षक को बताया की बहुत जल्द रेलवे विभाग उच्च अधिकारियों से बात करके उनको जनता की भावनाओं से अवगत कराए की फर्रुखाबाद की जनता बहुत परेशान है और किसी भी सूरत में यह नहीं चाहती है कि इस ट्रेन का मार्ग परिवर्तन किया जाए जन भावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस ट्रेन को नई दिल्ली से फर्रुखाबाद के बीच चलाया जाए क्योंकि कानपुर से दिल्ली की दर्जनों ट्रेनें हैं वहां के लोगों को कालिंद्री एक्सप्रेस से ज्यादा आना-जाना भी नहीं होता है इस एक्सप्रेस से कन्नौज फर्रुखाबाद हरदोई मैनपुरी जनपदों के ही लोग यात्रा करते हैं और उन लोगों के लिए एक ट्रेन यही है यदि इसको बंद किया गया तो जबरदस्त आंदोलन किया जाएगा जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी रेलवे विभाग की होगी,स्टेशन अधीक्षक मनोज कुमार ने प्रतिनिधि मंडल को आश्वस्त किया कि मेरी पूरी कोशिश होगी की कालिंद्री एक्सप्रेस का मार्ग परिवर्तन ना किया जाए और इसको पूर्व की भांति नई दिल्ली से फर्रुखाबाद तक चलाया जाए उन्होंने उच्च अधिकारियों से बात करके जल्द से जल्द इसका निस्तारण करने का वचन दिया
अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद के जिला महामंत्री अंगद पांडे उर्फ कोमल पांडे ने कहा की रेलवे डिपार्टमेंट देखें की ट्रेन से सबसे अधिक जनपद फर्रुखाबाद के लोग यात्रा करते हैं और उनके लिए देश की राजधानी से जोड़ने वाली एकमात्र ट्रेन है हजारों व्यापारी प्रतिदिन नई दिल्ली जाता है और आता है इसलिए इस ट्रेन को फर्रुखाबाद से बंद किया जाना बहुत गलत है और इसके लिए हमको किसी स्तर पर भी आवाज उठानी होगी हम उठाएंगे । इस मौके पर प्रमुख लोगों में नीतीश दुबे उर्फ नीशू+पूर्व सभासद), उमेश जाटव ( सभासद), महेश अग्निहोत्री बाबू (पूर्व सभासद), नितिन गुप्ता अध्यक्ष व्यापार मंडल (पटरी दुकानदार संगठन) राजीव पाल, सनी बाथम, ओमनिवास पाठक, राजीव वर्मा, रजत वर्मा, आशू मिश्रा, आलोक मिश्रा भूरे, मलखान सिंह राजपूत, लकी गुप्ता, शिवांग बाजपेई, आशुतोष मिश्रा आदि उपस्थित रहे l
जैव चिकित्सा अवशिष्ट को लेकर निजी चिकित्सालयो का किया निरीक्षण, अस्पतालों को दिए गए दिशा निर्देश,एक अस्पताल सील

फर्रुखाबाद l जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन के संबंध में जिलाधिकारी द्वारा गठित जिला स्तरीय टीम के द्वारा आवास विकास एवं लकूला रोड  स्थित  चिकित्सालयों का निरीक्षण किया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी अविनेद्र कुमार के निर्देश पर टीम ने निरीक्षण किया जिसमें जिला गंगा समिति की जिला परियोजना अधिकारी निहारिका पटेल, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी दीपक कटारिया, प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड कानपुर से वैज्ञानिक सहायक श्री एस डी सिंह एवं लैब टेक्नीशियन  प्रसून पाल, पर्यावरण सहायक गुंजा जैन द्वारा विभिन्न स्तरों पर जांच की गई। निरीक्षण के दौरान लकूला  रोड स्थित गायत्री हॉस्पिटल को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अविनेंद्र कुमार ,डॉ शोभा सक्सेना, डॉक्टर श्वेता, डॉ आलोक सिंह के द्वारा सील किया गया। इनके अतिरिक्त द केयर हॉस्पिटल, जेपी हॉस्पिटल,भल्ला हॉस्पिटल,डॉक्टर आर सिंह हॉस्पिटल, सृष्टि गीत राज हॉस्पिटल एवं श्री साईं हॉस्पिटल में भी निरीक्षण किया गया। इस दौरान टीम के द्वारा सभी चिकित्सालयों को जैव चिकित्सा अवशिष्ट प्रबंधन से संबंधित उचित दिशा निर्देश दिए गए।इसके अतिरिक्त नियमानुसार कूड़ेदान की व्यवस्था‌‌,साफ सफाई की व्यवस्था, स्वच्छता कर्मियों की व्यवस्था,प्रदूषण कंट्रोल द्वारा जारी एन ओ सी की जांच कर सभी कार्य को नियमानुसार कराने के निर्देश दिए गए। सभी चिकित्सालय को दिशा निर्देश दिए गए की प्रतिदिन जैव चिकित्सा अपशिष्ट का निस्तारण किया जाए। जैव चिकित्सा अपशिष्ट को ले जाने वाली कंपनी विल वर्ल्ड के द्वारा सही तरह से लाक बुक भरी जाए एवं प्रतिदिन की स्थिति उसमें लिखी जाए।किसी प्रकार की कोई भी समस्या हो तो संबंधित उच्च स्तर को अवगत कराया जाए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि इस संबंध में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आने पर संबंधित के खिलाफ  कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह निरीक्षण आगे भी जारी रहेगा।
भारत-रूस सहयोग से यूपी के युवाओं को मिलेगा रोजगार, उच्चस्तरीय बैठक में बनी रणनीति
* रूस में 5 लाख से अधिक नौकरियों के अवसर, सेंट पीटर्सबर्ग आर्थिक फोरम में यूपी प्रतिनिधिमंडल होगा शामिल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के नए द्वार खोलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए भारत-रूस सहयोग के अंतर्गत एक उच्चस्तरीय बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश के कुशल युवाओं को वैधानिक और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत रूस में रोजगार उपलब्ध कराने पर सहमति बनी।
बैठक में श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर और मॉस्को सरकार के डिपार्टमेंट फॉर एक्सटर्नल इकोनॉमिक एंड इंटरनेशनल रिलेशंस के मंत्री Sergey Cheremin के बीच विस्तार से चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने भारत और रूस के पारंपरिक मैत्रीपूर्ण संबंधों को और मजबूत करने के साथ रोजगार सृजन के नए अवसरों पर विचार-विमर्श किया।
मॉस्को सरकार की ओर से बताया गया कि केवल मॉस्को में ही 5 लाख से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं, जबकि रूस के अन्य क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में कुशल कामगारों की आवश्यकता है। खासकर निर्माण कार्य, इलेक्ट्रीशियन, प्लम्बर और कारपेंटर जैसे तकनीकी क्षेत्रों में मांग अधिक है।
बैठक के दौरान सेंट पीटर्सबर्ग में आयोजित होने वाले आगामी आर्थिक फोरम में उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल को आमंत्रित किया गया, जिसे मंत्री अनिल राजभर ने स्वीकार कर लिया। इस फोरम में प्रदेश सरकार भविष्य की कार्ययोजना और सहयोग के नए आयामों पर चर्चा करेगी।
मंत्री अनिल राजभर ने यह भी स्पष्ट किया कि युवाओं में रूस जाकर सेना में शामिल किए जाने को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करना आवश्यक है। इस पर रूसी पक्ष ने आश्वासन दिया कि पूरी प्रक्रिया सुरक्षित, पारदर्शी और स्वैच्छिक होगी, तथा किसी प्रकार का जोखिम या दबाव युवाओं पर नहीं डाला जाएगा।
रूसी भाषा के महत्व पर जोर देते हुए बताया गया कि रोजगार के इच्छुक युवाओं के लिए भाषा ज्ञान आवश्यक होगा। इस पर प्रदेश सरकार ने आश्वस्त किया कि सेवायोजन विभाग के माध्यम से जल्द ही रूसी भाषा प्रशिक्षण भी शुरू किया जाएगा। वर्तमान में जापानी और जर्मन भाषा का प्रशिक्षण पहले से दिया जा रहा है।
बैठक में उत्तर प्रदेश शासन के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए, जिनमें प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन डॉ. शणमुगा सुंदरम, निदेशक नेहा प्रकाश सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
यह पहल न केवल उत्तर प्रदेश के युवाओं को वैश्विक रोजगार से जोड़ने में मददगार होगी, बल्कि भारत-रूस के बीच आर्थिक और श्रम सहयोग को भी नई मजबूती प्रदान करेगी।
दिल्ली में ट्रैफिक नियम तोड़ना अब पड़ेगा महंगा
* 45 दिन में चालान निपटाना अनिवार्य, नई डिजिटल व्यवस्था लागू

* पांच से ज्यादा उल्लंघन पर लाइसेंस निलंबन की तैयारी, वाहन सेवाएं भी हो सकती हैं प्रभावित

नई दिल्ली । राजधानी दिल्ली में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए अब बचना आसान नहीं होगा। दिल्ली सरकार एक नई डिजिटल और समयबद्ध चालान व्यवस्था लागू करने जा रही है, जिसके तहत तय समय सीमा में चालान का निपटारा अनिवार्य होगा। ऐसा न करने पर ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन से लेकर वाहन से जुड़ी सेवाओं पर रोक तक लग सकती है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि संशोधित केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के तहत इस प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य सड़क सुरक्षा को मजबूत करना और ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना है।
नई व्यवस्था के अनुसार, किसी भी चालान के निपटारे के लिए वाहन चालक को 45 दिनों का समय मिलेगा। इस दौरान वह जुर्माना भर सकता है या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से सबूतों के साथ आपत्ति दर्ज करा सकता है। निर्धारित समय में कोई कार्रवाई न करने पर चालान स्वतः स्वीकार माना जाएगा।
सरकार ने यह भी तय किया है कि एक वर्ष में पांच या उससे अधिक बार ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले चालकों को गंभीर श्रेणी में रखा जाएगा। ऐसे मामलों में ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित या अयोग्य घोषित किया जा सकता है।
नई प्रणाली के तहत चालान प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी। कैमरों और ऑटोमैटिक सिस्टम के जरिए ई-चालान जारी किए जाएंगे, वहीं पुलिस अधिकारी भी डिजिटल और कागजी दोनों माध्यमों से कार्रवाई कर सकेंगे।

महत्वपूर्ण समयसीमा:

* ऑनलाइन नोटिस: 3 दिनों के भीतर
* भौतिक नोटिस: 15 दिनों के भीतर
सभी चालानों का रिकॉर्ड ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध रहेगा और नोटिस एसएमएस व ईमेल के जरिए वाहन मालिक तक पहुंचाए जाएंगे। इसके लिए वाहन मालिकों को अपने मोबाइल नंबर और पते को अपडेट रखने की सलाह दी गई है।
समयसीमा के भीतर चालान का भुगतान न करने पर वाहन से जुड़ी कई सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं, जिनमें वाहन टैक्स भुगतान, ड्राइविंग लाइसेंस नवीनीकरण और वाहन पंजीकरण जैसी सेवाएं शामिल हैं। साथ ही वाहन को “Not To Be Transacted” श्रेणी में डाला जा सकता है और आवश्यकता पड़ने पर जब्ती की कार्रवाई भी की जा सकती है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस पहल का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि जिम्मेदार ड्राइविंग की संस्कृति विकसित करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह डिजिटल व्यवस्था ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाने और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने में सहायक सिद्ध होगी।
दिल्ली में हीटवेव की आहट, पारा 39°C तक पहुंचने के आसार; IMD ने जारी किया अलर्ट

* नमी के कारण बढ़ा “ह्यूमिड हीट” का असर, 7 मई से तेज होगी गर्मी

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में गर्मी ने अब रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी है और आने वाले दिनों में हालात और भी कठिन हो सकते हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 6 मई 2026 को अधिकतम तापमान करीब 35°C और न्यूनतम 21°C रहने का अनुमान है। दिन में आंशिक बादल और हल्की गरज-चमक के चलते मौसम में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
हालांकि फिलहाल हीटवेव की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन हवा में 50 से 70 प्रतिशत तक नमी के कारण “ह्यूमिड हीट” का असर लोगों को ज्यादा गर्मी महसूस करा रहा है। इससे शरीर पर गर्मी का दबाव बढ़ रहा है और असहजता महसूस हो रही है।
मौसम विभाग के अनुसार, 7 मई से तापमान में लगातार वृद्धि शुरू होगी। 8 मई तक आसमान साफ रहने के साथ पारा 36°C तक पहुंच सकता है, जबकि 9 और 10 मई को तापमान 38 से 39°C तक जाने की संभावना है। ऐसे में दिल्ली में हीटवेव जैसी स्थिति बनने के संकेत मिल रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि साफ आसमान और तेज धूप के कारण दिन के साथ-साथ रात में भी तापमान अधिक बना रहेगा, जिससे लोगों को राहत कम मिलेगी। 11 मई तक तापमान 39°C के आसपास बना रहने की संभावना है, जिससे प्री-हीटवेव जैसी स्थिति बन सकती है।
IMD ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खासकर दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच धूप में निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के व ढीले कपड़े पहनने की हिदायत दी गई है। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि बढ़ती गर्मी और नमी के कारण डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है।
जज अमन शर्मा आत्महत्या मामला: वकीलों के संगठन ने पत्नी पर लगाए आरोप, जांच की मांग
* दिल्ली में एडीजे की मौत पर उठे सवाल; मानसिक स्वास्थ्य और कार्यदबाव को लेकर भी बहस तेज

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में अतिरिक्त जिला न्यायाधीश अमन शर्मा की आत्महत्या के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। First Generation Lawyers Association ने आरोप लगाया है कि जज अपनी पत्नी और रिश्तेदारों के मानसिक उत्पीड़न से परेशान थे और इसी वजह से उन्होंने आत्महत्या जैसा कदम उठाया।
संगठन ने दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय को खुला पत्र लिखकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही जज की पत्नी स्वाति मलिक, जो स्वयं न्यायिक अधिकारी हैं, को जांच पूरी होने तक न्यायिक कार्य से दूर रखने की भी अपील की गई है।
परिवार के अनुसार, 2 मई को दक्षिण दिल्ली की एक पॉश कॉलोनी में 30 वर्षीय जज अमन शर्मा ने अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों का आरोप है कि घरेलू विवाद और पत्नी स्वाति मलिक तथा उनकी चचेरी बहन निधि मलिक (आईएएस अधिकारी) के हस्तक्षेप से पारिवारिक तनाव बढ़ गया था।
पुलिस ने इस मामले में स्वाति मलिक और निधि मलिक के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है। प्रारंभिक जांच में पति-पत्नी के बीच विवाद की पुष्टि हुई है और पुलिस सभी पक्षों से पूछताछ कर रही है।
वहीं, वकीलों के संगठन ने इस घटना को व्यापक परिप्रेक्ष्य में उठाते हुए कहा है कि न्यायिक अधिकारियों पर बढ़ता कार्यभार, निजी जीवन की चुनौतियां और सामाजिक अपेक्षाएं मिलकर गंभीर मानसिक तनाव पैदा करती हैं। संगठन ने न्यायिक अधिकारियों के लिए नियमित मानसिक स्वास्थ्य जांच, काउंसलिंग और मजबूत सपोर्ट सिस्टम विकसित करने की मांग की है।
यह मामला न्यायपालिका में कार्यरत अधिकारियों के मानसिक स्वास्थ्य और निजी जीवन से जुड़े मुद्दों पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना है।
हरिद्वार में सनसनीखेज खुलासा: ‘सत्संगी बाबा’ ने रची डॉक्टर की हत्या की साजिश


* लक्सर में फायरिंग कांड का पर्दाफाश, गुरु-चेला गिरफ्तार; दो बार कराया हमला, दोनों बार बचा डॉक्टर

हरिद्वार। जिले के लक्सर क्षेत्र में डॉक्टर पर हुए जानलेवा हमले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। इस मामले में कथित ‘सत्संगी बाबा’ और उसके शिष्य को गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया है कि निजी रंजिश के चलते डॉक्टर की हत्या की साजिश रची गई थी।
पुलिस के अनुसार, लक्सर निवासी डॉ. सुमित चौधरी पर 27 अप्रैल को उस समय हमला किया गया था, जब वह अपनी सास का इलाज कराकर लौट रहे थे। उनकी कार पर बाइक सवार बदमाशों ने चार राउंड फायरिंग की, लेकिन वह बाल-बाल बच गए। इससे पहले 14 अप्रैल को भी डॉक्टर और उनके साले पर फायरिंग की घटना हुई थी।
जांच के दौरान पुलिस ने पहले आरोपी शिष्य शुभम सैनी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि यह हमला उसने अपने गुरु के कहने पर किया था। इसके बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी बाबा मंगत दास उर्फ सागर को भी गिरफ्तार कर लिया, जो उत्तर प्रदेश के शामली जिले का रहने वाला है।
क्षेत्राधिकारी देवेंद्र सिंह नेगी के मुताबिक, आरोपी बाबा डॉक्टर और उसके साले से रंजिश रखता था। एक युवती के रिश्ते को लेकर विवाद हुआ था—बाबा उस युवती से शादी करना चाहता था, लेकिन डॉक्टर और उसके साले के कारण रिश्ता नहीं हो सका। इसी वजह से उसने डॉक्टर को रास्ते से हटाने की साजिश रची। योजना के तहत बाबा ने अपने शिष्य के साथ मिलकर दो बार फायरिंग करवाई, लेकिन दोनों बार डॉक्टर को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल पिस्टल भी बरामद की है।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच जारी है और पूछताछ के आधार पर अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।