जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि को मारी गोली, लखनऊ रिफर
*गाड़ी में बैठते समय कहासुनी के बाद दबंगों ने मारी गोली

गोंडा।जिले के परसपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत डेसरास ग्राम पंचायत के गजराज पुरवा में सोमवार देर रात लगभग 10 बजे चुनावी रंजिश को लेकर गोलीबारी की घटना सामने आई है।जहाँ जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि भूपेंद्र सिंह को गांव के कुछ लोगों ने आपसी कहासुनी के बाद गोली मार दिया।गंभीर रूप से घायल भूपेंद्र सिंह को इलाज के लिए गोंडा से लखनऊ रिफर कर दिया गया है।यह घटना देर रात  उस समय हुई जब भूपेंद्र सिंह अपनी गाड़ी में बैठ रहे थे।गोली लगने के बाद उनकी गाड़ी एक पेड़ से टकरा गई।घटना के तत्काल बाद परिवार के सदस्य उनको सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परसपुर ले गये,जहाँ से उन्हें जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कालेज भेज दिया गया।जहाँ उनकी गंभीर हालत को देखते हुए लखनऊ रिफर कर दिया गया है।भूपेंद्र सिंह के पेट में गोली के छर्रे लगे हैं,जिससे उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल घटना स्थल पर पहुंचे।उन्होंने भाजपा जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि भूपेंद्र सिंह की पत्नी और परसपुर पंचम से जिला पंचायत सदस्य अनामिका सिंह से घटना के संबंध में जानकारी प्राप्त किया।घटना में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक ने पांच टीमों का गठन किया है।भूपेंद्र सिंह पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के करीबी बताए जाते हैं।उनकी पत्नी अनामिका सिंह परसपुर पंचम क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य हैं।भूपेंद्र सिंह स्वयं भी जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि होने के साथ साथ प्रधानी के चुनाव की तैयारी कर रहे थे।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह घटना चुनावी रंजिश और आपसी कहासुनी का प्रतीत होता है।पुलिस अधीक्षक ने पुष्टि किया कि उन्होंने मौके पर पहुंच कर घटनास्थल का निरीक्षण किया है।उन्होंने बताया कि घटना के खुलासे और आरोपियों की धरपकड़ के लिए पांच पुलिस टीमों को लगाया गया है।पुलिस ने जल्द ही इस पूरे मामले का खुलासा करने का आश्वासन दिया है।घायल भूपेंद्र सिंह को इलाज के लिए गोंडा मेडिकल कॉलेज में एंबुलेंस से नीचे उतारते समय साथ आए लोगों ने मेडिकल कालेज की सुरक्षा में तैनात सुरक्षा गार्ड से गाली गलौज किया है,जिससे मेडिकल कालेज में तैनात कई गार्ड नाराज हैं और उन्होंने पूरे मामले में कार्रवाई की मांग किया है।
लखनऊ में एडीजी पीएसी की सख्त समीक्षा, ट्रेनिंग से लेकर लंबित मामलों तक दिए बड़े निर्देश
लखनऊ । राजधानी में सोमवार को एडीजी पीएसी डॉ. रामकृष्ण स्वर्णकार ने मुख्यालय सभागार में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अहम समीक्षा बैठक की। इस दौरान अखिल भारतीय पुलिस बैडमिंटन क्लस्टर प्रतियोगिता 2025-26 और आरटीसी पीओपी की तैयारियों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में एडीजी पीएसी ने दंगा नियंत्रण और बाढ़ राहत जैसे संवेदनशील विषयों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन दोनों परिस्थितियों से निपटने के लिए जवानों का प्रशिक्षण मजबूत और व्यावहारिक होना चाहिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
इसके अलावा बैठक में लंबित मृतक आश्रित मामलों, पेंशन प्रकरणों, शिकायतों और विभागीय कार्यवाहियों के जल्द निस्तारण पर भी जोर दिया गया। एडीजी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निपटाया जाए, जिससे पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों को राहत मिल सके।
बैठक में पुलिस महानिरीक्षक मध्य जोन, सभी पुलिस उप महानिरीक्षक पीएसी और विभिन्न बटालियनों के सेनानायक भी मौजूद रहे। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि प्रशिक्षण, प्रशासनिक कार्यों और प्रतियोगिताओं की तैयारियों में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
कुछ सीमाएं कभी नहीं लांघी जानी चाहिए...',पहलगाम हमले की बरसी से एक दिन पहले भारतीय सेना का कड़ा संदेश

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22 अप्रैल 2025 को बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले के बाद पहलगाम अब धीरे-धीरे अपने पुराने रंग में लौटता दिख रहा है। इस हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी। इस घटना के बाद, भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया, जिसके तहत पाकिस्तान में मौजूद लश्कर और जैश के आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। अब एक साल बाद भारत उन जानों के नुकसान को एक बार फिर याद कर रहा है और शोक मना रहा है। इस बीच भारतीय सेना ने कड़ा संदेश दिया है।

एकजुट भारत का संदेश

ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ से पहले, भारतीय सेना ने मंगलवार को आतंकवाद के खिलाफ भारत के अडिग रुख को दोहराते हुए एक संदेश जारी किया। सोशल मीडिया साइट्स पर जारी किए गए पोस्ट में भारतीय सेना के संदेश में कहा गया है, 'जब मानवता की सीमाएं लांघी जाती हैं, तो जवाब निर्णायक होता है। न्याय मिलता है। भारत एकजुट है।'

भारतीय सेना की आतंकियों को चेतावनी

भारतीय सेना ने आतंकियों को चेतावनी देते हुए कहा, 'कुछ सीमाएं ऐसी होती हैं, जिन्हें कभी पार नहीं करना चाहिए।' सेना ने अपनी इस पोस्ट में ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया है।

कश्मीर में पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा बढ़ाई गई

इस बीच, पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी से पहले पूरे कश्मीर में पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। हमले की बरसी को देखते हुए, सभी सुरक्षा एजेंसियों को संभावित गतिविधियों, विशेष रूप से पर्यटन क्षेत्रों के आसपास सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। एक प्रभावी व बड़ी सुरक्षा योजना सुनिश्चित करने के लिए जमीनी स्तर पर बैठकें आयोजित की गई हैं, और वरिष्ठ अधिकारी इन व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे हैं।

पहलगाम आतंकी हमला और “ऑपरेशन सिंदूर”

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने छुट्टियां मना रहे 26 निर्दोष (25 भारतीय नागरिक और एक नेपाली नागरिक) लोगों पर निर्मम हत्या की थी। इस आतंकी हमले के 15 दिन बाद भारतीय सेना ने सात मई को 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान और पीओके में नौ आतंकी ठिकानों को तबाह किया था। जिसमें कई कुख्यात आतंकी भी मारे गए थे। इसके बाद दोनों देशों के बीच हालात बिगड़े और दो दशक बाद चरम पर पहुंच गए। वहीं पाकिस्तान की तरफ से भारत के शहरों को निशाना बनाए जाने के बाद, भारत की वायु रक्षा प्रणाली ने सभी हमलों को नाकाम करते हुए उसका माकूल जवाब दिया। इसके बाद भारत की मुंहतोड़ जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के 14 सैन्य ठिकाने ध्वस्त किए गए। इससे घबराए पाकिस्तान ने 10 मई को भारत के सामने सीजफायर का प्रस्ताव रखा, जिसे दोनों देशों ने आपसी चर्चा के बाद लागू किया गया।

लखनऊ में रोड शो को लेकर ट्रैफिक व्यवस्था बदली, सुबह 6 बजे से डायवर्जन लागू
लखनऊ। राजधानी के हजरतगंज क्षेत्र में आज प्रस्तावित रोड शो के चलते शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। लखनऊ ट्रैफिक पुलिस ने आम जनता की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सुबह 6 बजे से आवश्यकतानुसार ट्रैफिक डायवर्जन लागू करने का निर्णय लिया है।
जारी निर्देशों के अनुसार, हजरतगंज, विधानसभा, जीपीओ और आसपास के प्रमुख मार्गों पर सामान्य यातायात प्रतिबंधित रहेगा। लालबत्ती चौराहा, डीएसओ चौराहा, सिकन्दरबाग, परिवर्तन चौक, पार्क रोड और गोमतीनगर की ओर से आने-जाने वाले वाहनों को इन मार्गों पर जाने की अनुमति नहीं होगी।
ट्रैफिक पुलिस ने इन मार्गों के लिए वैकल्पिक रास्ते भी तय किए हैं। वाहन चालक कटाईपुल, शहीद पथ (जी-20 चौराहा), कमता तिराहा, कैण्ट, कुंवर जगदीश चौराहा, केकेसी तिराहा, बर्लिंगटन चौराहा और ग्रीन कॉरिडोर के रास्ते अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। इसके अलावा डालीगंज, सीडीआरआई, पिपराघाट और दिलकुशा मार्गों का भी उपयोग किया जा सकता है।
रोडवेज और सिटी बसों के रूट में भी बदलाव किया गया है। चारबाग, कैसरबाग और चौक जाने वाली बसों को ग्रीन कॉरिडोर और डालीगंज के रास्ते भेजा जाएगा, जबकि गोमतीनगर की ओर जाने वाली बसें कैंट और कटाईपुल मार्ग से चलेंगी। हजरतगंज और विधानसभा की ओर बसों का संचालन पूरी तरह बंद रहेगा।
ट्रैफिक पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि आपातकालीन सेवाओं जैसे एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और शव वाहन को आवश्यकता पड़ने पर प्रतिबंधित मार्गों से भी गुजरने की अनुमति दी जाएगी। इसके लिए ट्रैफिक कंट्रोल रूम का हेल्पलाइन नंबर 9454405155 जारी किया गया है, जिस पर संपर्क कर सहायता ली जा सकती है।प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घर से निकलने से पहले रूट की जानकारी जरूर ले लें और डायवर्जन का पालन करें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।
आईपीएल मैच के मद्देनजर शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव


लखनऊ । राजधानी के इकाना स्टेडियम में 22 अप्रैल को होने वाले आईपीएल मैच के मद्देनजर शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। लखनऊ ट्रैफिक पुलिस ने मैच के दौरान भीड़ और जाम की स्थिति से बचने के लिए दोपहर 3 बजे से मैच समाप्ति तक विशेष ट्रैफिक डायवर्जन लागू करने का निर्णय लिया है।
ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, शहीद पथ और उसके आसपास के क्षेत्रों में भारी वाहनों, रोडवेज बसों और कमर्शियल वाहनों के आवागमन पर रोक रहेगी। इन वाहनों को वैकल्पिक मार्गों जैसे किसान पथ, तेलीबाग, बंगलाबाजार और बाराबिरवा चौराहे की ओर से भेजा जाएगा। सुल्तानपुर रोड और रायबरेली रोड की तरफ जाने वाले बड़े वाहनों को भी बीच में ही डायवर्ट किया जाएगा, ताकि स्टेडियम के आसपास दबाव कम किया जा सके।
सिटी बसों का संचालन जारी रहेगा, लेकिन उन्हें शहीद पथ पर हुसड़िया और सुशांत गोल्फ सिटी के बीच कहीं भी रुकने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा ऑटो और ई-रिक्शा को शहीद पथ पर पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। इनके लिए अलग पिक-एंड-ड्रॉप पॉइंट तय किए गए हैं, जहां से यात्री उतर और चढ़ सकेंगे।
ओला-ऊबर और अन्य टैक्सी सेवाओं के लिए भी विशेष नियम बनाए गए हैं। इन वाहनों को भी निर्धारित स्थानों पर ही सवारी उतारने और बैठाने की अनुमति होगी। एयरपोर्ट और अर्जुनगंज की ओर से आने वाले वाहनों को अहिमामऊ और आसपास के स्थानों पर ही सवारी उतारनी होगी।
निजी वाहन चालकों के लिए पार्किंग की विशेष व्यवस्था की गई है। जिन लोगों के पास पार्किंग पास है, वे निर्धारित मार्ग से होकर स्टेडियम के पास तय पार्किंग स्थल तक पहुंचेंगे। जिनके पास पास नहीं है, उन्हें प्लासियो मॉल और अन्य चिन्हित स्थानों पर पार्किंग दी जाएगी। दोपहिया वाहनों के लिए भी अलग पार्किंग की व्यवस्था की गई है।
ट्रैफिक पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि स्टेडियम के आसपास कहीं भी अवैध पार्किंग करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें वाहन टो किए जा सकते हैं या क्लैम्प लगाया जा सकता है। केवल टिकट धारकों को ही स्टेडियम में प्रवेश मिलेगा और एक बार बाहर निकलने के बाद दोबारा प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
सुरक्षा के लिहाज से स्टेडियम में कुछ वस्तुएं जैसे सिक्के, ईयरफोन और ज्वलनशील पदार्थ ले जाने पर प्रतिबंध रहेगा। दर्शकों को सलाह दी गई है कि वे मैच शुरू होने से पहले ही स्टेडियम पहुंच जाएं, क्योंकि शाम 6 से 8 बजे के बीच ट्रैफिक का दबाव ज्यादा रहने की संभावना है।
ट्रैफिक पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि यदि जरूरी न हो तो शहीद पथ का उपयोग करने से बचें और वैकल्पिक मार्ग अपनाएं। किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता के लिए ट्रैफिक कंट्रोल नंबर 9454405155 जारी किया गया है।
हीटवेव के चलते यूपी में बदला स्कूलों का समय, बेसिक शिक्षा परिषद ने जारी किए निर्देश
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ती गर्मी और हीटवेव के प्रकोप को देखते हुए बेसिक शिक्षा परिषद ने विद्यालयों के समय में बदलाव किया है। छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परिषद ने नए समयानुसार सुबह 7.30 बजे से 12.30 बजे तक विद्यालय संचालन के निर्देश जारी किए हैं।
निर्देशों के अनुसार परिषदीय विद्यालय अब सुबह के समय संचालित किए जाएंगे, ताकि बच्चों को तेज धूप और लू से बचाया जा सके। सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।
परिषद ने अभिभावकों से भी अपील की है कि बच्चों को पर्याप्त पानी, हल्के कपड़े और गर्मी से बचाव के उपायों के साथ विद्यालय भेजें। सरकार ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
लखनऊ में अग्नि सुरक्षा सप्ताह के तहत बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान

लखनऊ । राजधानी में ‘अग्नि सुरक्षा सप्ताह’ के मौके पर उत्तर प्रदेश अग्निशमन तथा आपात सेवा द्वारा व्यापक स्तर पर जागरूकता और प्रशिक्षण अभियान चलाया गया। यह अभियान मुख्य अग्निशमन अधिकारी के निर्देशन में पूरे जिले के अलग-अलग इलाकों में आयोजित किया गया, जिसमें अस्पताल, स्कूल, मॉल, होटल और अन्य बड़े संस्थानों को शामिल किया गया।

इस अभियान के तहत मेदांता अस्पताल में विशेष मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस दौरान अग्निशमन विभाग और अस्पताल की सुरक्षा टीम ने मिलकर आग लगने की स्थिति में बचाव कार्य का अभ्यास किया। हाईड्रोलिक प्लेटफॉर्म और आधुनिक उपकरणों की मदद से ऊंची इमारतों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रदर्शन किया गया। साथ ही डॉक्टरों, नर्सों और कर्मचारियों को आग लगने की स्थिति में क्या करना चाहिए, इसकी जानकारी दी गई।

इसी तरह गोमतीनगर रेलवे स्टेशन, फीनिक्स यूनाइटेड मॉल, अपोलो मेडिक्स अस्पताल और पिकैडली होटल समेत कई प्रमुख स्थानों पर भी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में वहां काम करने वाले कर्मचारियों, सुरक्षा कर्मियों और आम लोगों को आग लगने के कारण, उससे बचाव और आपात स्थिति में सुरक्षित तरीके से बाहर निकलने के बारे में बताया गया।

स्कूलों में भी जागरूकता अभियान चलाया गया, जहां छात्रों और शिक्षकों को आग से बचाव के तरीके सिखाए गए। इसके अलावा औद्योगिक क्षेत्रों और फैक्ट्रियों में भी कर्मचारियों को अग्नि सुरक्षा उपकरणों के उपयोग का प्रशिक्षण दिया गया।

अग्निशमन विभाग की टीम ने फायर एक्सटिंग्विशर चलाने का सही तरीका भी सिखाया, जिसे PASS तकनीक कहा जाता है। इसमें पिन खींचना, आग के निचले हिस्से पर निशाना लगाना, लीवर दबाना और दाएं-बाएं घुमाकर आग बुझाना शामिल है।

अधिकारियों ने बताया कि किसी भी बहुमंजिला इमारत में केवल उपकरण होना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि वहां काम करने वाले लोगों को उनका सही उपयोग आना भी जरूरी है। इसलिए इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित किए जाते हैं ताकि आपात स्थिति में लोग घबराएं नहीं और सही तरीके से प्रतिक्रिया दे सकें।

अभियान के दौरान लोगों को यह भी बताया गया कि भवनों में स्मोक डिटेक्टर लगाना, फायर एग्जिट को खाली रखना और बिजली के उपकरणों का सुरक्षित उपयोग करना बहुत जरूरी है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी पंपलेट बांटकर लोगों को आग से बचाव के प्रति जागरूक किया गया।
*प्रदेश समेत सुल्तानपुर में मॉडिफाइड साइलेंसर पर एआरटीओ प्रशासन की सख्ती,आठ वाहनों का चालान*
सुल्तानपुर,इलाहाबाद उच्च न्यायालय की खंडपीठ के आदेश पर सोमवार को जिले में परिवहन विभाग ने सघन चेकिंग अभियान चलाया है। एआरटीओ प्रशासन अलका शुक्ला और पीटीओ शैलेंद्र तिवारी के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई का मुख्य निशाना मॉडिफाइड और तेज आवाज वाले साइलेंसर लगे वाहन रहे। चेकिंग अभियान के दौरान ध्वनि प्रदूषण फैलाने के आरोप में आठ दोपहिया वाहनों का चालान किया गया। वही जांच टीम ने अमहट स्थित एक वाहन एजेंसी का औचक निरीक्षण भी किया। एजेंसी संचालक को सख्त निर्देश दिए गए कि मॉडिफाइड साइलेंसर या शोर करने वाले उपकरणों की बिक्री और फिटिंग न की जाए। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत एक लाख रुपये जुर्माना और एक वर्ष की जेल का प्रावधान है। एआरटीओ प्रशासन सुल्तानपुर ने ट्रांसपोर्ट यूनियनों के साथ बैठक कर स्पष्ट किया कि अवैध मॉडिफिकेशन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले चालकों का न केवल चालान होगा, बल्कि उनका ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित और वाहन का पंजीकरण भी रद्द किया जा सकता है। विभाग ने साफ कहा है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
एलडीए की ओटीएस योजना को मिला अच्छा प्रतिसाद, 110 आवंटियों ने किया आवेदन

लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) को आवंटियों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। सोमवार को 85 आवंटियों ने योजना के तहत आवेदन किया। इसके साथ ही अब तक कुल 110 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।

एलडीए मुख्यालय में स्थापित हेल्प डेस्क पर कर्मचारियों द्वारा आवंटियों को योजना की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने में भी सहयोग प्रदान किया गया।

योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए एलडीए अपनी विभिन्न योजनाओं में विशेष शिविर भी आयोजित कर रहा है। इसी क्रम में जानकीपुरम विस्तार सेक्टर-7 स्थित आश्रयहीन योजना, भवानी मार्केट में लगाए गए ओटीएस कैंप का संचालन सोमवार को किया गया, जो मंगलवार 21 अप्रैल को भी जारी रहेगा।

उप सचिव माधवेश कुमार ने बताया कि कॉल सेंटर और आईटी सेल के माध्यम से बकायेदारों को फोन, मैसेज और ई-मेल भेजकर योजना की जानकारी दी जा रही है। यह योजना 18 अप्रैल से 17 जुलाई 2026 तक लागू रहेगी।

* दंड एवं चक्रवृद्धि ब्याज में मिलेगी राहत

यह योजना एलडीए की सभी प्रकार की आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों, सरकारी संस्थाओं को आवंटित संपत्तियों, स्कूल भूखंडों, चैरिटेबल संस्थाओं, नीलामी अथवा अन्य पद्धति से आवंटित संपत्तियों, सहकारी आवास समितियों तथा मानचित्र संबंधी मामलों पर लागू की गई है।

समय पर किश्तें जमा न करने के कारण जिन आवंटियों पर दंड ब्याज और चक्रवृद्धि ब्याज लगाया गया है, वे इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। योजना के तहत दंड ब्याज में छूट मिलेगी, जिससे आवंटी बकाया धनराशि जमा कर अपनी संपत्ति का स्वामित्व प्राप्त कर सकेंगे।

मगध विश्वविद्यालय में वैचारिक टकराव गहराया, जातीय उन्माद और हिंदू विरोधी विचारों के प्रसार के आरोप

गया-बोधगया। मगध विश्वविद्यालय एवं उससे संबद्ध कॉलेजों में हाल के दिनों में हो रही कुछ गतिविधियों ने शैक्षणिक वातावरण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप सामने आ रहे हैं कि कुछ व्यक्तियों द्वारा वामपंथी विचारधारा के नाम पर छात्रों के बीच जातीय उन्माद फैलाने तथा हिंदू विरोधी सोच को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। इससे विश्वविद्यालय का शैक्षणिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संतुलन प्रभावित होता प्रतीत हो रहा है, जो चिंता का विषय है।एबीवीपी के छात्र नेता सूरज सिंह ने इस पूरे प्रकरण पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय और कॉलेज विचारों के स्वस्थ आदान-प्रदान के केंद्र होते हैं, लेकिन वर्तमान परिस्थिति में सुनियोजित ढंग से छात्रों को विभाजित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जाति के आधार पर छात्रों को बांटना तथा हिंदू आस्था, परंपरा एवं सांस्कृतिक मूल्यों के विरुद्ध नकारात्मक वातावरण तैयार करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे न केवल छात्र एकता कमजोर होती है, बल्कि उनके शैक्षणिक विकास और भविष्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। सूरज सिंह ने आगे आरोप लगाया कि कुछ तत्व एकतरफा विचारधारा और भ्रामक प्रचार के माध्यम से छात्रों व ख़ास कर छात्राओं को गुमराह कर रहे हैं, जिससे परिसर में अविश्वास और तनाव का माहौल बनता जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिक्षा के मंदिर में किसी भी प्रकार की विभाजनकारी राजनीति या वैचारिक उन्माद को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

सूरज सिंह ने सभी छात्र संगठनों, शिक्षकों और समाज के जिम्मेदार नागरिकों से भी अपील की कि वे छात्रों को जोड़ने, आपसी सद्भाव बढ़ाने और सकारात्मक, समावेशी एवं शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने की दिशा में कार्य करें।

इधर छात्र समुदाय के बीच भी इस मुद्दे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। कई छात्रों का मानना है कि विचारों की स्वतंत्रता लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला है, लेकिन किसी भी विचारधारा के नाम पर समाज या किसी धर्म विशेष के खिलाफ माहौल बनाना तथा छात्रों को विभाजित करना शिक्षा की मूल भावना के विपरीत है।

जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि को मारी गोली, लखनऊ रिफर
*गाड़ी में बैठते समय कहासुनी के बाद दबंगों ने मारी गोली

गोंडा।जिले के परसपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत डेसरास ग्राम पंचायत के गजराज पुरवा में सोमवार देर रात लगभग 10 बजे चुनावी रंजिश को लेकर गोलीबारी की घटना सामने आई है।जहाँ जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि भूपेंद्र सिंह को गांव के कुछ लोगों ने आपसी कहासुनी के बाद गोली मार दिया।गंभीर रूप से घायल भूपेंद्र सिंह को इलाज के लिए गोंडा से लखनऊ रिफर कर दिया गया है।यह घटना देर रात  उस समय हुई जब भूपेंद्र सिंह अपनी गाड़ी में बैठ रहे थे।गोली लगने के बाद उनकी गाड़ी एक पेड़ से टकरा गई।घटना के तत्काल बाद परिवार के सदस्य उनको सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परसपुर ले गये,जहाँ से उन्हें जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कालेज भेज दिया गया।जहाँ उनकी गंभीर हालत को देखते हुए लखनऊ रिफर कर दिया गया है।भूपेंद्र सिंह के पेट में गोली के छर्रे लगे हैं,जिससे उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल घटना स्थल पर पहुंचे।उन्होंने भाजपा जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि भूपेंद्र सिंह की पत्नी और परसपुर पंचम से जिला पंचायत सदस्य अनामिका सिंह से घटना के संबंध में जानकारी प्राप्त किया।घटना में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक ने पांच टीमों का गठन किया है।भूपेंद्र सिंह पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के करीबी बताए जाते हैं।उनकी पत्नी अनामिका सिंह परसपुर पंचम क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य हैं।भूपेंद्र सिंह स्वयं भी जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि होने के साथ साथ प्रधानी के चुनाव की तैयारी कर रहे थे।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह घटना चुनावी रंजिश और आपसी कहासुनी का प्रतीत होता है।पुलिस अधीक्षक ने पुष्टि किया कि उन्होंने मौके पर पहुंच कर घटनास्थल का निरीक्षण किया है।उन्होंने बताया कि घटना के खुलासे और आरोपियों की धरपकड़ के लिए पांच पुलिस टीमों को लगाया गया है।पुलिस ने जल्द ही इस पूरे मामले का खुलासा करने का आश्वासन दिया है।घायल भूपेंद्र सिंह को इलाज के लिए गोंडा मेडिकल कॉलेज में एंबुलेंस से नीचे उतारते समय साथ आए लोगों ने मेडिकल कालेज की सुरक्षा में तैनात सुरक्षा गार्ड से गाली गलौज किया है,जिससे मेडिकल कालेज में तैनात कई गार्ड नाराज हैं और उन्होंने पूरे मामले में कार्रवाई की मांग किया है।
लखनऊ में एडीजी पीएसी की सख्त समीक्षा, ट्रेनिंग से लेकर लंबित मामलों तक दिए बड़े निर्देश
लखनऊ । राजधानी में सोमवार को एडीजी पीएसी डॉ. रामकृष्ण स्वर्णकार ने मुख्यालय सभागार में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अहम समीक्षा बैठक की। इस दौरान अखिल भारतीय पुलिस बैडमिंटन क्लस्टर प्रतियोगिता 2025-26 और आरटीसी पीओपी की तैयारियों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में एडीजी पीएसी ने दंगा नियंत्रण और बाढ़ राहत जैसे संवेदनशील विषयों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन दोनों परिस्थितियों से निपटने के लिए जवानों का प्रशिक्षण मजबूत और व्यावहारिक होना चाहिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
इसके अलावा बैठक में लंबित मृतक आश्रित मामलों, पेंशन प्रकरणों, शिकायतों और विभागीय कार्यवाहियों के जल्द निस्तारण पर भी जोर दिया गया। एडीजी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निपटाया जाए, जिससे पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों को राहत मिल सके।
बैठक में पुलिस महानिरीक्षक मध्य जोन, सभी पुलिस उप महानिरीक्षक पीएसी और विभिन्न बटालियनों के सेनानायक भी मौजूद रहे। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि प्रशिक्षण, प्रशासनिक कार्यों और प्रतियोगिताओं की तैयारियों में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
कुछ सीमाएं कभी नहीं लांघी जानी चाहिए...',पहलगाम हमले की बरसी से एक दिन पहले भारतीय सेना का कड़ा संदेश

#indianarmystrongmessageaheadofpahalgamattackanniversary

22 अप्रैल 2025 को बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले के बाद पहलगाम अब धीरे-धीरे अपने पुराने रंग में लौटता दिख रहा है। इस हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी। इस घटना के बाद, भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया, जिसके तहत पाकिस्तान में मौजूद लश्कर और जैश के आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। अब एक साल बाद भारत उन जानों के नुकसान को एक बार फिर याद कर रहा है और शोक मना रहा है। इस बीच भारतीय सेना ने कड़ा संदेश दिया है।

एकजुट भारत का संदेश

ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ से पहले, भारतीय सेना ने मंगलवार को आतंकवाद के खिलाफ भारत के अडिग रुख को दोहराते हुए एक संदेश जारी किया। सोशल मीडिया साइट्स पर जारी किए गए पोस्ट में भारतीय सेना के संदेश में कहा गया है, 'जब मानवता की सीमाएं लांघी जाती हैं, तो जवाब निर्णायक होता है। न्याय मिलता है। भारत एकजुट है।'

भारतीय सेना की आतंकियों को चेतावनी

भारतीय सेना ने आतंकियों को चेतावनी देते हुए कहा, 'कुछ सीमाएं ऐसी होती हैं, जिन्हें कभी पार नहीं करना चाहिए।' सेना ने अपनी इस पोस्ट में ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया है।

कश्मीर में पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा बढ़ाई गई

इस बीच, पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी से पहले पूरे कश्मीर में पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। हमले की बरसी को देखते हुए, सभी सुरक्षा एजेंसियों को संभावित गतिविधियों, विशेष रूप से पर्यटन क्षेत्रों के आसपास सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। एक प्रभावी व बड़ी सुरक्षा योजना सुनिश्चित करने के लिए जमीनी स्तर पर बैठकें आयोजित की गई हैं, और वरिष्ठ अधिकारी इन व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे हैं।

पहलगाम आतंकी हमला और “ऑपरेशन सिंदूर”

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने छुट्टियां मना रहे 26 निर्दोष (25 भारतीय नागरिक और एक नेपाली नागरिक) लोगों पर निर्मम हत्या की थी। इस आतंकी हमले के 15 दिन बाद भारतीय सेना ने सात मई को 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान और पीओके में नौ आतंकी ठिकानों को तबाह किया था। जिसमें कई कुख्यात आतंकी भी मारे गए थे। इसके बाद दोनों देशों के बीच हालात बिगड़े और दो दशक बाद चरम पर पहुंच गए। वहीं पाकिस्तान की तरफ से भारत के शहरों को निशाना बनाए जाने के बाद, भारत की वायु रक्षा प्रणाली ने सभी हमलों को नाकाम करते हुए उसका माकूल जवाब दिया। इसके बाद भारत की मुंहतोड़ जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के 14 सैन्य ठिकाने ध्वस्त किए गए। इससे घबराए पाकिस्तान ने 10 मई को भारत के सामने सीजफायर का प्रस्ताव रखा, जिसे दोनों देशों ने आपसी चर्चा के बाद लागू किया गया।

लखनऊ में रोड शो को लेकर ट्रैफिक व्यवस्था बदली, सुबह 6 बजे से डायवर्जन लागू
लखनऊ। राजधानी के हजरतगंज क्षेत्र में आज प्रस्तावित रोड शो के चलते शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। लखनऊ ट्रैफिक पुलिस ने आम जनता की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सुबह 6 बजे से आवश्यकतानुसार ट्रैफिक डायवर्जन लागू करने का निर्णय लिया है।
जारी निर्देशों के अनुसार, हजरतगंज, विधानसभा, जीपीओ और आसपास के प्रमुख मार्गों पर सामान्य यातायात प्रतिबंधित रहेगा। लालबत्ती चौराहा, डीएसओ चौराहा, सिकन्दरबाग, परिवर्तन चौक, पार्क रोड और गोमतीनगर की ओर से आने-जाने वाले वाहनों को इन मार्गों पर जाने की अनुमति नहीं होगी।
ट्रैफिक पुलिस ने इन मार्गों के लिए वैकल्पिक रास्ते भी तय किए हैं। वाहन चालक कटाईपुल, शहीद पथ (जी-20 चौराहा), कमता तिराहा, कैण्ट, कुंवर जगदीश चौराहा, केकेसी तिराहा, बर्लिंगटन चौराहा और ग्रीन कॉरिडोर के रास्ते अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। इसके अलावा डालीगंज, सीडीआरआई, पिपराघाट और दिलकुशा मार्गों का भी उपयोग किया जा सकता है।
रोडवेज और सिटी बसों के रूट में भी बदलाव किया गया है। चारबाग, कैसरबाग और चौक जाने वाली बसों को ग्रीन कॉरिडोर और डालीगंज के रास्ते भेजा जाएगा, जबकि गोमतीनगर की ओर जाने वाली बसें कैंट और कटाईपुल मार्ग से चलेंगी। हजरतगंज और विधानसभा की ओर बसों का संचालन पूरी तरह बंद रहेगा।
ट्रैफिक पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि आपातकालीन सेवाओं जैसे एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और शव वाहन को आवश्यकता पड़ने पर प्रतिबंधित मार्गों से भी गुजरने की अनुमति दी जाएगी। इसके लिए ट्रैफिक कंट्रोल रूम का हेल्पलाइन नंबर 9454405155 जारी किया गया है, जिस पर संपर्क कर सहायता ली जा सकती है।प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घर से निकलने से पहले रूट की जानकारी जरूर ले लें और डायवर्जन का पालन करें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।
आईपीएल मैच के मद्देनजर शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव


लखनऊ । राजधानी के इकाना स्टेडियम में 22 अप्रैल को होने वाले आईपीएल मैच के मद्देनजर शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। लखनऊ ट्रैफिक पुलिस ने मैच के दौरान भीड़ और जाम की स्थिति से बचने के लिए दोपहर 3 बजे से मैच समाप्ति तक विशेष ट्रैफिक डायवर्जन लागू करने का निर्णय लिया है।
ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, शहीद पथ और उसके आसपास के क्षेत्रों में भारी वाहनों, रोडवेज बसों और कमर्शियल वाहनों के आवागमन पर रोक रहेगी। इन वाहनों को वैकल्पिक मार्गों जैसे किसान पथ, तेलीबाग, बंगलाबाजार और बाराबिरवा चौराहे की ओर से भेजा जाएगा। सुल्तानपुर रोड और रायबरेली रोड की तरफ जाने वाले बड़े वाहनों को भी बीच में ही डायवर्ट किया जाएगा, ताकि स्टेडियम के आसपास दबाव कम किया जा सके।
सिटी बसों का संचालन जारी रहेगा, लेकिन उन्हें शहीद पथ पर हुसड़िया और सुशांत गोल्फ सिटी के बीच कहीं भी रुकने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा ऑटो और ई-रिक्शा को शहीद पथ पर पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। इनके लिए अलग पिक-एंड-ड्रॉप पॉइंट तय किए गए हैं, जहां से यात्री उतर और चढ़ सकेंगे।
ओला-ऊबर और अन्य टैक्सी सेवाओं के लिए भी विशेष नियम बनाए गए हैं। इन वाहनों को भी निर्धारित स्थानों पर ही सवारी उतारने और बैठाने की अनुमति होगी। एयरपोर्ट और अर्जुनगंज की ओर से आने वाले वाहनों को अहिमामऊ और आसपास के स्थानों पर ही सवारी उतारनी होगी।
निजी वाहन चालकों के लिए पार्किंग की विशेष व्यवस्था की गई है। जिन लोगों के पास पार्किंग पास है, वे निर्धारित मार्ग से होकर स्टेडियम के पास तय पार्किंग स्थल तक पहुंचेंगे। जिनके पास पास नहीं है, उन्हें प्लासियो मॉल और अन्य चिन्हित स्थानों पर पार्किंग दी जाएगी। दोपहिया वाहनों के लिए भी अलग पार्किंग की व्यवस्था की गई है।
ट्रैफिक पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि स्टेडियम के आसपास कहीं भी अवैध पार्किंग करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें वाहन टो किए जा सकते हैं या क्लैम्प लगाया जा सकता है। केवल टिकट धारकों को ही स्टेडियम में प्रवेश मिलेगा और एक बार बाहर निकलने के बाद दोबारा प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
सुरक्षा के लिहाज से स्टेडियम में कुछ वस्तुएं जैसे सिक्के, ईयरफोन और ज्वलनशील पदार्थ ले जाने पर प्रतिबंध रहेगा। दर्शकों को सलाह दी गई है कि वे मैच शुरू होने से पहले ही स्टेडियम पहुंच जाएं, क्योंकि शाम 6 से 8 बजे के बीच ट्रैफिक का दबाव ज्यादा रहने की संभावना है।
ट्रैफिक पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि यदि जरूरी न हो तो शहीद पथ का उपयोग करने से बचें और वैकल्पिक मार्ग अपनाएं। किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता के लिए ट्रैफिक कंट्रोल नंबर 9454405155 जारी किया गया है।
हीटवेव के चलते यूपी में बदला स्कूलों का समय, बेसिक शिक्षा परिषद ने जारी किए निर्देश
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ती गर्मी और हीटवेव के प्रकोप को देखते हुए बेसिक शिक्षा परिषद ने विद्यालयों के समय में बदलाव किया है। छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परिषद ने नए समयानुसार सुबह 7.30 बजे से 12.30 बजे तक विद्यालय संचालन के निर्देश जारी किए हैं।
निर्देशों के अनुसार परिषदीय विद्यालय अब सुबह के समय संचालित किए जाएंगे, ताकि बच्चों को तेज धूप और लू से बचाया जा सके। सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।
परिषद ने अभिभावकों से भी अपील की है कि बच्चों को पर्याप्त पानी, हल्के कपड़े और गर्मी से बचाव के उपायों के साथ विद्यालय भेजें। सरकार ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
लखनऊ में अग्नि सुरक्षा सप्ताह के तहत बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान

लखनऊ । राजधानी में ‘अग्नि सुरक्षा सप्ताह’ के मौके पर उत्तर प्रदेश अग्निशमन तथा आपात सेवा द्वारा व्यापक स्तर पर जागरूकता और प्रशिक्षण अभियान चलाया गया। यह अभियान मुख्य अग्निशमन अधिकारी के निर्देशन में पूरे जिले के अलग-अलग इलाकों में आयोजित किया गया, जिसमें अस्पताल, स्कूल, मॉल, होटल और अन्य बड़े संस्थानों को शामिल किया गया।

इस अभियान के तहत मेदांता अस्पताल में विशेष मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस दौरान अग्निशमन विभाग और अस्पताल की सुरक्षा टीम ने मिलकर आग लगने की स्थिति में बचाव कार्य का अभ्यास किया। हाईड्रोलिक प्लेटफॉर्म और आधुनिक उपकरणों की मदद से ऊंची इमारतों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रदर्शन किया गया। साथ ही डॉक्टरों, नर्सों और कर्मचारियों को आग लगने की स्थिति में क्या करना चाहिए, इसकी जानकारी दी गई।

इसी तरह गोमतीनगर रेलवे स्टेशन, फीनिक्स यूनाइटेड मॉल, अपोलो मेडिक्स अस्पताल और पिकैडली होटल समेत कई प्रमुख स्थानों पर भी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में वहां काम करने वाले कर्मचारियों, सुरक्षा कर्मियों और आम लोगों को आग लगने के कारण, उससे बचाव और आपात स्थिति में सुरक्षित तरीके से बाहर निकलने के बारे में बताया गया।

स्कूलों में भी जागरूकता अभियान चलाया गया, जहां छात्रों और शिक्षकों को आग से बचाव के तरीके सिखाए गए। इसके अलावा औद्योगिक क्षेत्रों और फैक्ट्रियों में भी कर्मचारियों को अग्नि सुरक्षा उपकरणों के उपयोग का प्रशिक्षण दिया गया।

अग्निशमन विभाग की टीम ने फायर एक्सटिंग्विशर चलाने का सही तरीका भी सिखाया, जिसे PASS तकनीक कहा जाता है। इसमें पिन खींचना, आग के निचले हिस्से पर निशाना लगाना, लीवर दबाना और दाएं-बाएं घुमाकर आग बुझाना शामिल है।

अधिकारियों ने बताया कि किसी भी बहुमंजिला इमारत में केवल उपकरण होना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि वहां काम करने वाले लोगों को उनका सही उपयोग आना भी जरूरी है। इसलिए इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित किए जाते हैं ताकि आपात स्थिति में लोग घबराएं नहीं और सही तरीके से प्रतिक्रिया दे सकें।

अभियान के दौरान लोगों को यह भी बताया गया कि भवनों में स्मोक डिटेक्टर लगाना, फायर एग्जिट को खाली रखना और बिजली के उपकरणों का सुरक्षित उपयोग करना बहुत जरूरी है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी पंपलेट बांटकर लोगों को आग से बचाव के प्रति जागरूक किया गया।
*प्रदेश समेत सुल्तानपुर में मॉडिफाइड साइलेंसर पर एआरटीओ प्रशासन की सख्ती,आठ वाहनों का चालान*
सुल्तानपुर,इलाहाबाद उच्च न्यायालय की खंडपीठ के आदेश पर सोमवार को जिले में परिवहन विभाग ने सघन चेकिंग अभियान चलाया है। एआरटीओ प्रशासन अलका शुक्ला और पीटीओ शैलेंद्र तिवारी के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई का मुख्य निशाना मॉडिफाइड और तेज आवाज वाले साइलेंसर लगे वाहन रहे। चेकिंग अभियान के दौरान ध्वनि प्रदूषण फैलाने के आरोप में आठ दोपहिया वाहनों का चालान किया गया। वही जांच टीम ने अमहट स्थित एक वाहन एजेंसी का औचक निरीक्षण भी किया। एजेंसी संचालक को सख्त निर्देश दिए गए कि मॉडिफाइड साइलेंसर या शोर करने वाले उपकरणों की बिक्री और फिटिंग न की जाए। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत एक लाख रुपये जुर्माना और एक वर्ष की जेल का प्रावधान है। एआरटीओ प्रशासन सुल्तानपुर ने ट्रांसपोर्ट यूनियनों के साथ बैठक कर स्पष्ट किया कि अवैध मॉडिफिकेशन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले चालकों का न केवल चालान होगा, बल्कि उनका ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित और वाहन का पंजीकरण भी रद्द किया जा सकता है। विभाग ने साफ कहा है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
एलडीए की ओटीएस योजना को मिला अच्छा प्रतिसाद, 110 आवंटियों ने किया आवेदन

लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) को आवंटियों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। सोमवार को 85 आवंटियों ने योजना के तहत आवेदन किया। इसके साथ ही अब तक कुल 110 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।

एलडीए मुख्यालय में स्थापित हेल्प डेस्क पर कर्मचारियों द्वारा आवंटियों को योजना की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने में भी सहयोग प्रदान किया गया।

योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए एलडीए अपनी विभिन्न योजनाओं में विशेष शिविर भी आयोजित कर रहा है। इसी क्रम में जानकीपुरम विस्तार सेक्टर-7 स्थित आश्रयहीन योजना, भवानी मार्केट में लगाए गए ओटीएस कैंप का संचालन सोमवार को किया गया, जो मंगलवार 21 अप्रैल को भी जारी रहेगा।

उप सचिव माधवेश कुमार ने बताया कि कॉल सेंटर और आईटी सेल के माध्यम से बकायेदारों को फोन, मैसेज और ई-मेल भेजकर योजना की जानकारी दी जा रही है। यह योजना 18 अप्रैल से 17 जुलाई 2026 तक लागू रहेगी।

* दंड एवं चक्रवृद्धि ब्याज में मिलेगी राहत

यह योजना एलडीए की सभी प्रकार की आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों, सरकारी संस्थाओं को आवंटित संपत्तियों, स्कूल भूखंडों, चैरिटेबल संस्थाओं, नीलामी अथवा अन्य पद्धति से आवंटित संपत्तियों, सहकारी आवास समितियों तथा मानचित्र संबंधी मामलों पर लागू की गई है।

समय पर किश्तें जमा न करने के कारण जिन आवंटियों पर दंड ब्याज और चक्रवृद्धि ब्याज लगाया गया है, वे इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। योजना के तहत दंड ब्याज में छूट मिलेगी, जिससे आवंटी बकाया धनराशि जमा कर अपनी संपत्ति का स्वामित्व प्राप्त कर सकेंगे।

मगध विश्वविद्यालय में वैचारिक टकराव गहराया, जातीय उन्माद और हिंदू विरोधी विचारों के प्रसार के आरोप

गया-बोधगया। मगध विश्वविद्यालय एवं उससे संबद्ध कॉलेजों में हाल के दिनों में हो रही कुछ गतिविधियों ने शैक्षणिक वातावरण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप सामने आ रहे हैं कि कुछ व्यक्तियों द्वारा वामपंथी विचारधारा के नाम पर छात्रों के बीच जातीय उन्माद फैलाने तथा हिंदू विरोधी सोच को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। इससे विश्वविद्यालय का शैक्षणिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संतुलन प्रभावित होता प्रतीत हो रहा है, जो चिंता का विषय है।एबीवीपी के छात्र नेता सूरज सिंह ने इस पूरे प्रकरण पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय और कॉलेज विचारों के स्वस्थ आदान-प्रदान के केंद्र होते हैं, लेकिन वर्तमान परिस्थिति में सुनियोजित ढंग से छात्रों को विभाजित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जाति के आधार पर छात्रों को बांटना तथा हिंदू आस्था, परंपरा एवं सांस्कृतिक मूल्यों के विरुद्ध नकारात्मक वातावरण तैयार करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे न केवल छात्र एकता कमजोर होती है, बल्कि उनके शैक्षणिक विकास और भविष्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। सूरज सिंह ने आगे आरोप लगाया कि कुछ तत्व एकतरफा विचारधारा और भ्रामक प्रचार के माध्यम से छात्रों व ख़ास कर छात्राओं को गुमराह कर रहे हैं, जिससे परिसर में अविश्वास और तनाव का माहौल बनता जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिक्षा के मंदिर में किसी भी प्रकार की विभाजनकारी राजनीति या वैचारिक उन्माद को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

सूरज सिंह ने सभी छात्र संगठनों, शिक्षकों और समाज के जिम्मेदार नागरिकों से भी अपील की कि वे छात्रों को जोड़ने, आपसी सद्भाव बढ़ाने और सकारात्मक, समावेशी एवं शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने की दिशा में कार्य करें।

इधर छात्र समुदाय के बीच भी इस मुद्दे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। कई छात्रों का मानना है कि विचारों की स्वतंत्रता लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला है, लेकिन किसी भी विचारधारा के नाम पर समाज या किसी धर्म विशेष के खिलाफ माहौल बनाना तथा छात्रों को विभाजित करना शिक्षा की मूल भावना के विपरीत है।