नीतीश कुमार आज लेंगे राज्यसभा सदस्य की शपथ, 2 दशक बाद दिल्ली की सियासत में वापसी

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लगभग दो दशकों तक बिहार की सत्ता के केंद्र में रहे नीतीश कुमार अब मुख्यमंत्री पद छोड़ने की तैयारी में हैं। नीतीश कुमार आज राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। नीतीश कुमार को राज्यसभा सभापति सीपी राधाकृष्णन के कक्ष में उच्च सदन के सदस्य के रूप में शपथ दिलाई जाएगी। इसके साथ ही नीतीश कुमार के सियासी सफर का एक नया अध्याय शुरू हो जाएगा।

चारों सदनों के सदस्य होने का बनेगा अनोखा रिकॉर्ड

नीतीश कुमार के नाम अब एक दुर्लभ संसदीय रिकॉर्ड दर्ज होने जा रहा है। वह विधानसभा, विधान परिषद और लोकसभा के बाद अब राज्यसभा के सदस्य बनकर भारतीय लोकतंत्र के चारों सदनों का हिस्सा बनने वाले नेताओं की फेहरिस्त में शामिल हो जाएंगे।

बिहार में जल्द होगा नेतृत्व परिवर्तन

इससे पहले गुरूवार को सीएम नीतीश कुमार ने नई दिल्ली पहुंचते ही साफ कर दिया कि बिहार में अब नए मुख्यमंत्री होंगे। उन्होंने कहा कि 'मैंने बिहार में बहुत काम किया है। अब मुझे लगा कि मुझे यहां रहना चाहिए, और मैं यही कर रहा हूं।' नीतीश कुमार ने आगे कहा, 'मैं वहां अपने पद से हट जाऊंगा और यहां काम करूंगा। मैं तीन या चार दिनों में इस्तीफा दे दूंगा। नए लोगों को मुख्यमंत्री और मंत्री बनाया जाएगा।'

30 मार्च को विधान परिषद से दिया इस्तीफा

नीतीश कुमार राज्य विधान परिषद की सदस्यता से पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं। राज्यसभा के लिए निर्वाचन के बाद उन्होंने 30 मार्च को विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। जनता दल (यूनाइटेड) सुप्रीमो 16 मार्च को संसद के ऊपरी सदन के लिए निर्वाचित हुए थे।

तेज रफ्तार बोलेरो की टक्कर से बाइक सवार तीन दोस्तों की मौत
लखनऊ । मऊ जिले के घोसी कोतवाली के जामडीह के पास बृहस्पतिवार की रात 11 बजे तेज रफ्तार बोलेरो की टक्कर से बाइक सवार तीन दोस्तों की मौत हो गई। तीनों एक ही बाइक से घर लौट रहे थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पंचनामा बनाकर शव को जिला अस्पताल भिजवाया। मधुबन थाना क्षेत्र के बीबीपुर गांव निवासी बेचन यादव (30), प्रमोद यादव (28) और आजाद यादव (32) बृहस्पतिवार की रात घोसी स्थित निजी अस्पताल में दोस्त को खाना पहुंचाने गए थे। दोस्त की पत्नी ने बच्चे को जन्म दिया था, जिसके चलते अस्पताल में भर्ती थी।

तीनों एक ही बाइक से खाना पहुंचाकर घर लौट रहे थे। अभी जामडीह के पास पहुंचे थे कि सामने से आ रही तेज रफ्तार बोलेरो ने बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि तीनों बाइक सहित 20 मीटर दूर जा गिरे। दुर्घटना के बाद चालक बोलेरो छोड़कर भाग गया। एक ही गांव के तीन युवकों की मौत की सूचना मिलते ही गांव में मातम पसर गया। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रमेंद्र सिंह ने बताया कि बोलेरो को सीज कर लिया गया है। तहरीर के आधार पर अज्ञात वाहन चालक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
कन्या पाठशाला के लिए आवंटित जमीन पर बना था मदरसा,22 साल से हो रहा था संचालन
*मुख्यमंत्री के जनता दर्शन में भी हुई थी शिकायत

गोंडा।जिले के सदर तहसील क्षेत्र अंतर्गत खोरहंसा में कल एक मदरसा, दुकान व मकान को प्रशासन द्वारा ध्वस्त किया गया था।जिसकी जांच में सामने आया है कि यह निर्माण कन्या पाठशाला के लिए आरक्षित भूमि पर अवैध रूप से कराया गया था।यह जमीन कन्या पाठशाला के नाम पर सुरक्षित थी, जिसपर वर्ष 2004 में अवैध कब्जा कर मदरसा इस्लामिया अंजुमन तालीमत दीन समिति का निर्माण किया गया था।मदरसा 2004 से 2009 तक पंजीकृत रूप से संचालित हुआ और इसके बाद पंजीकरण समाप्त होने के बाद भी यह मदरसा 2011 तक बिना पंजीकरण के चला तथा उसके बाद इसका संचालन बंद कर दिया गया था।इस अवैध कब्जे के कारण उक्त भूमि पर कन्या पाठशाला का निर्माण नहीं हो पाया,जिसके कारण बालिकाओं को शिक्षा के लिए अन्यत्र स्थानों पर जाना पड़ता था।इस अवैध कब्जे को हटाने के लिए स्थानीय लोगों द्वारा कई बार शिकायतें की गई परन्तु कोई कार्रवाई नहीं हुई।जिससे परेशान होकर स्थानीय लोगों ने बीते दिसंबर महीने की 25 तारीख को मुख्यमंत्री के जनता दर्शन में इसकी शिकायत की गई थी।मुख्यमंत्री जनता दर्शन में शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई न होने पर स्थानीय लोगों को इलाहाबाद उच्च न्यायालय खंडपीठ लखनऊ का रुख करना पड़ा था।जिसके बाद उच्च न्यायालय ने इस अवैध कब्जे को हटाने का निर्देश दिया,जिसके बाद यह कार्रवाई की गयी।मामले में सदर तहसीलदार मनीष कुमार ने बताया कि सात अन्य कब्जेदारों के मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं,जिसका निस्तारण होते ही अवशेष जमीन खाली कराई जाएगी।तहसीलदार ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति को सरकारी जमीन पर कब्जा करने की अनुमति नहीं है और यदि इस जमीन पर दोबारा कोई अवैध कब्जा करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही करते हुए मुकदमा दर्ज करवाया जाएगा।यहाँ पर अवैध कब्जा होने से भी स्थानीय लोगों को भी काफी दिक्कतें हो रही थी और उन लोगों द्वारा भी लगातार विरोध किया जा रहा था।
गोंडा में अवैध डीईएफ यूरिया प्लांट का भंडाफोड़, बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद

*अनुदानित यूरिया से बन रहा था डीईएफ, कृषि विभाग की छापेमारी में खुलासा*


*बंद प्लांट में मिला अवैध स्टॉक, मुख्य आरोपी फरार*


*उर्वरक नियंत्रण आदेश का उल्लंघन, आरोपी पर होगी सख्त कार्रवाई*


*गोंडा 09 अप्रैल 2026* - जनपद के विकास खण्ड छपिया के ग्राम सकदरपुर में अवैध रूप से डीईएफ (डीजल एग्जॉस्ट फ्लूइड) यूरिया निर्माण का मामला सामने आया है। सूचना पर जिला कृषि अधिकारी एवं अधिसूचित प्राधिकारी (उर्वरक) सी.पी. सिंह ने अपनी टीम के साथ मौके पर छापेमारी कर बड़ी मात्रा में संदिग्ध सामग्री बरामद की।

जांच के दौरान प्लांट बंद मिला, लेकिन परिसर के बाहर खुले स्थान पर चार सफेद कंटेनर और एक बड़ी काली पानी की टंकी पाई गई। इन कंटेनरों में पानी जैसे तरल पदार्थ भरा था, जिससे यूरिया जैसी तेज गंध आ रही थी। मौके पर मौजूद दो युवकों—दुर्गेश और विजय—से पूछताछ की गई, जिन्होंने बताया कि वे जनरेटर मरम्मत का कार्य करने आए थे और यह जनरेटर राकेश पाण्डेय द्वारा किराये पर लिया गया था।

टीम ने आगे की कार्रवाई करते हुए पुलिस चौकी बभनान के चौकी इंचार्ज उपनिरीक्षक घनश्याम वर्मा तथा ग्राम प्रधान को मौके पर बुलाया। उनकी उपस्थिति में बंद कमरे का ताला तोड़कर जांच की गई, जहां 36 खाली यूरिया की बोरियां (एचयूआरएल कंपनी) और लगभग आधा किलो यूरिया बिखरा हुआ मिला। साथ ही छोटे कंटेनरों में यूरिया घोल भी बरामद हुआ। एक कमरे में प्लांट स्थापित पाया गया और एक मोटरसाइकिल (नंबर यूपी-51 वी-1355) भी मौके से मिली।

बरामद सभी सामग्री को सील कर मकान मालिक एवं ग्राम प्रधान रमेश मिश्र को सुपुर्द कर दिया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि डीईएफ निर्माण में तकनीकी ग्रेड यूरिया के स्थान पर अनुदानित यूरिया का अवैध उपयोग किया जा रहा था, जो उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 की धारा 3/7 का उल्लंघन है।

मुख्य आरोपी राकेश पाण्डेय से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उसका मोबाइल बंद मिला। कृषि विभाग ने उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रशासन का कहना है कि इस प्रकार की अवैध गतिविधियों पर सख्ती से अंकुश लगाया जाएगा।
गोंडा के रक्षा राम सोनकर ने UPPCS-2024 में पाई सफलता, बने सब रजिस्ट्रार

*अभ्युदय योजना और निःशुल्क कोचिंग का असर, सोनकर ने लहराया परचम*


*संसाधनों की कमी नहीं बनी बाधा, सरकारी कोचिंग से मिली नई उड़ान*


*समाज कल्याण विभाग की पहल रंग लाई, प्रतिभाओं को मिल रहा मंच*


*गोंडा, 09 अप्रैल 2026* - आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों के बावजूद गोंडा के रक्षा राम सोनकर ने उत्तर प्रदेश सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा (UPPCS-2024) में सफलता हासिल कर सब रजिस्ट्रार पद प्राप्त किया है। उनकी यह उपलब्धि न केवल जिले बल्कि प्रदेश के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण बन गई है।

रक्षा राम सोनकर की सफलता के पीछे समाज कल्याण मंत्रालय द्वारा संचालित निःशुल्क कोचिंग और मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इन योजनाओं के माध्यम से उन्हें गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री, अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन और प्रतियोगी माहौल मिला, जिसने उनकी तैयारी को मजबूत आधार दिया।

गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन में संचालित निःशुल्क आवासीय कोचिंग के तहत अभ्यर्थियों को हॉस्टल, भोजन, लाइब्रेरी और नियमित कक्षाओं की सुविधाएं बिना किसी शुल्क के उपलब्ध कराई जाती हैं। संयुक्त निदेशक आनंद कुमार सिंह के अनुसार, यहां विषय विशेषज्ञों द्वारा मुख्य परीक्षा को ध्यान में रखते हुए उत्तर लेखन अभ्यास और मॉडल टेस्ट भी कराए जाते हैं, जिससे अभ्यर्थियों का आत्मविश्वास बढ़ता है।

वहीं, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अंतर्गत प्रदेश के 75 जिलों में 166 प्रशिक्षण केंद्रों के जरिए यूपीएससी, यूपीपीएससी, जेईई, नीट, एनडीए और सीडीएस जैसी परीक्षाओं की तैयारी भी निःशुल्क कराई जा रही है। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली युवाओं के लिए वरदान साबित हो रही है।

समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी प्रतिभाशाली युवा आर्थिक अभाव के कारण अपने सपनों से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि उचित मार्गदर्शन और संसाधन मिलने पर युवा किसी भी प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।

रक्षा राम सोनकर की यह उपलब्धि न केवल अन्य अभ्यर्थियों को प्रेरित करेगी, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सरकारी योजनाएं सही दिशा में लागू होने पर प्रतिभाओं को नई पहचान दिलाने में सक्षम हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हस्तिनापुर परिसर स्थित सूखे/क्षतिग्रस्त वृक्षों की नीलामी के संबंध में
मेरठ ।सामान्य जन को सूचित किया जाता है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, हस्तिनापुर (जनपद मेरठ) परिसर में स्थित सूखे एवं जर्जर अवस्था में खड़े वृक्षों के मूल्यांकन उपरांत उनके निस्तारण हेतु सार्वजनिक नीलामी की जाएगी।

यह नीलामी संबंधित सक्षम अधिकारियों की अनुमति एवं निर्धारित शर्तों के अधीन आयोजित की जाएगी।

नीलामी का विवरण:
स्थान: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, हस्तिनापुर
दिनांक: 17 अप्रैल दिन शुक्रवार 2026
समय: प्रातः 11:00 बजे


मुख्य शर्तें एवं नियम:
नीलामी सार्वजनिक रूप से की जाएगी तथा उच्चतम बोलीदाता को वृक्ष प्रदान किए जाएंगे।

नीलामी के समय संबंधित वन क्षेत्राधिकारी  हस्तिनापुर की उपस्थिति अनिवार्य होगी।

नीलामी में भाग लेने वाले व्यक्तियों को वैध पहचान पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
वृक्षों के पातन (कटान) हेतु शासनादेश संख्या 1245/14-5-2010-91/2010 दिनांक 10.08.2010 के अनुसार ₹100 प्रति वृक्ष शुल्क जमा करना होगा।

पातन से पूर्व ₹1000 (एक हजार रुपये) की धनराशि जमानत के रूप में जमा करनी होगी, जो 06 वर्षीय बचत पत्र के रूप में जमा की जाएगी।
वृक्षों के स्थान पर 10 गुना पौधारोपण करना अनिवार्य होगा तथा पौधों की देखरेख सुनिश्चित करनी होगी।

उत्पन्न लकड़ी के अभिवहन हेतु ₹38 प्रति टन शुल्क जमा कर अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा।

नीलामी से प्राप्त धनराशि राजकीय कोष में जमा कराई जाएगी।

बिना अनुमति किसी अन्य वृक्ष का पातन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।

किसी भी विवाद की स्थिति में अंतिम निर्णय संबंधित प्रभारी अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हस्तिनापुर का होगा।

महत्वपूर्ण सूचना:
यह केवल वृक्षों के मूल्यांकन एवं नीलामी हेतु सूचना है। वृक्षों के पातन के लिए पृथक अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा।


प्रभागीय निदेशक
सामाजिक वानिकी प्रभाग, मेरठ
नेटग्रिड पर यूपी पुलिस की सुस्ती पर केंद्र सख्त: 15वें स्थान से सुधार के आदेश, DGP ने जारी किए कड़े निर्देश
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय खुफिया ग्रिड (नेटग्रिड) के कम उपयोग को लेकर केंद्र सरकार ने नाराजगी जताई है। गृह मंत्रालय ने इस पर चिंता व्यक्त करते हुए राज्य में इसके उपयोग को बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। मौजूदा स्थिति में उत्तर प्रदेश नेटग्रिड के इस्तेमाल के मामले में देश में 15वें स्थान पर है, जो कानून-व्यवस्था की दृष्टि से संतोषजनक नहीं माना जा रहा है।
गृह मंत्रालय की ओर से भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि नेटग्रिड एक महत्वपूर्ण डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसके माध्यम से आतंकवाद, साइबर अपराध, संगठित अपराध, नकली नोट और मादक पदार्थों से जुड़े नेटवर्क की निगरानी प्रभावी ढंग से की जा सकती है। ऐसे में इसका नियमित और अनिवार्य उपयोग बेहद जरूरी है।
केंद्र के निर्देशों के बाद प्रदेश के डीजीपी ने सभी पुलिस अधिकारियों को नेटग्रिड के प्रभावी इस्तेमाल के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि जिला स्तर तक इसके उपयोग को बढ़ाया जाए और अधिक से अधिक अधिकारियों को इससे जोड़ा जाए। साथ ही, सभी संबंधित अधिकारियों को प्रशिक्षण देकर उन्हें इस प्रणाली के उपयोग में दक्ष बनाया जाए।
डीजीपी ने यह भी निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक क्राइम मीटिंग में नेटग्रिड के उपयोग की समीक्षा की जाए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इसका सही और प्रभावी तरीके से इस्तेमाल हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा, पुलिस विभाग को अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग को भी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। सोशल मीडिया की निगरानी के लिए सुदर्शन पोर्टल का अधिक उपयोग करने को कहा गया है। वहीं, साइबर अपराधों की जांच, फरार अपराधियों की गिरफ्तारी और गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश के लिए गाण्डीव पोर्टल को भी सक्रिय रूप से इस्तेमाल करने पर जोर दिया गया है।
अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि सर्किल, कमिश्नरेट और जनपद स्तर पर यूजर आईडी बनाकर उन्हें सक्रिय रखा जाए, ताकि किसी भी समय जरूरी जानकारी तुरंत उपलब्ध हो सके।
गौरतलब है कि नेटग्रिड गृह मंत्रालय के अधीन एक केंद्रीय प्रणाली है, जो विभिन्न केंद्रीय एजेंसियों और राज्य पुलिस को रियल-टाइम जानकारी उपलब्ध कराती है। इसके प्रभावी उपयोग से अपराध नियंत्रण और खुफिया तंत्र को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
लखनऊ की बाराबिरवा सब्जी मंडी में भीषण आग, 13 दुकानें जलीं—दमकल की तत्परता से 280 दुकानें बचीं
लखनऊ । यूपी की राजधानी के कृष्णानगर थाना क्षेत्र स्थित बाराबिरवा सब्जी मंडी में 9 अप्रैल  की देर रात भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। यह मंडी फीनिक्स यूनाइटेड मॉल के पास स्थित है, जहां बड़ी संख्या में फल, सब्जी और अन्य दुकानों का संचालन होता है।

कुल 9 फायर टैंकर मौके पर बुलाए गए

रात करीब 10:34 बजे फायर स्टेशन आलमबाग को आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही मुख्य अग्निशमन अधिकारी अंकुश मित्तल के निर्देशन में प्रभारी अग्निशमन अधिकारी धर्मपाल सिंह के नेतृत्व में दमकल की टीमें मौके पर रवाना हुईं। शुरुआत में दो फायर टैंकर पहुंचे, लेकिन आग की भयावहता को देखते हुए शहर के विभिन्न फायर स्टेशनों—सरोजनीनगर, पीजीआई, हजरतगंज, चौक और गोसाईगंज से कुल 9 फायर टैंकर मौके पर बुलाए गए।

भयंकर आग, सिलेंडर ब्लास्ट से बढ़ी दहशत

मौके पर पहुंचने पर देखा गया कि आग मंडी की दुकानों में तेजी से फैल चुकी थी और लपटें काफी ऊंची उठ रही थीं। दमकल कर्मियों ने चारों ओर से आग को घेरकर बुझाने का प्रयास शुरू किया। इसी दौरान एक फास्ट फूड की दुकान में रखा गैस सिलेंडर तेज धमाके के साथ फट गया, जिससे इलाके में दहशत फैल गई और लोग इधर-उधर भागने लगे।आग इतनी भीषण थी कि धुएं के कारण दमकल कर्मियों को सांस लेने में दिक्कत हुई, जिसके चलते उन्हें विशेष उपकरण (VR सेट) का इस्तेमाल करना पड़ा। आग बुझाने के लिए कई दुकानों की टीन छतों को क्रेन की मदद से तोड़कर अंदर पानी डाला गया।

दमकल की कड़ी मशक्कत, बड़ी तबाही टली

करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पा लिया गया, जबकि पूरी तरह आग बुझाने में लगभग ढाई घंटे का समय लगा। दमकल और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से इस भीषण अग्निकांड को फैलने से रोका गया।इस घटना में 13 दुकानें पूरी तरह जलकर नष्ट हो गईं, जिनमें कपड़े, फल, जलपान, राशन और अन्य सामान की दुकानें शामिल हैं। हालांकि दमकल विभाग की तत्परता से लगभग 280 दुकानों को आग की चपेट में आने से बचा लिया गया, जिससे एक बड़ी त्रासदी टल गई।

लोगों में दहशत, दुकानदारों का रो-रोकर बुरा हाल

आग लगने के बाद आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। पास के गांव और मोहल्लों के लोग डर के कारण अपने घरों से बाहर निकल आए। वहीं जिन दुकानदारों की दुकानें जल गईं, उनका रो-रोकर बुरा हाल था।एक दुकानदार अपनी जलती हुई कपड़े की दुकान को देखकर भावुक हो गया, जबकि उसका बेटा सदमे में बेहोश हो गया। पुलिस और स्थानीय लोगों ने किसी तरह उन्हें संभाला और अस्पताल पहुंचाया।

झुलसे लोग, यातायात भी हुआ प्रभावित

दुकान बचाने के प्रयास में एक दुकानदार और उसका भाई आंशिक रूप से झुलस गए। वहीं आग बुझाने के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने कानपुर रोड से मॉल की ओर जाने वाले रास्ते को अस्थायी रूप से बंद कर दिया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा और जाम की स्थिति बन गई।

प्रशासन की त्वरित कार्रवाई, जांच जारी

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। अमित कुमार आनंद ने बताया कि आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है।प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है।

जली 13 दुकानों का विवरण
1- दीक्षित की कपड़े की दुकान
2- देवी शंकर की कपड़े की दुकान
3- दुर्गेश राजपूत पुत्र देवी शंकर की कपड़े की दुकान
4- मनीष बाजपेई पुत्र बाबू वाजपेई की कपड़े की दुकान
5- राजेश तिवारी की कपड़े की दुकान
6- मनोज की जलपान की दुकान
7- अनमोल मिश्रा की फल की दुकान
8- गोपाल की फल की दुकान
9- वीरेंद्र की फॉर्चून की दुकान
10- रजनीश साहू पुत्र शिव शंकर साहू की राशन की दुकान
11 - सूरज पुत्र राजेंद्र की इलेक्ट्रिक के सामान की दुकान
12- मनीष वाजपेई की दोना पत्तल की दुकान
13 -हरिशंकर साहू की जलपान की दुकान
पाक रक्षा मंत्री पर भड़के नेतन्याहू, ऐसा लगाई लताड़ की डिलीट किया पोस्ट, इजरायल को बताया था 'कैंसर'

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मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच पाकिस्तान और इजरायल भिड़ते दिख रहे है। अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में होने वाली शांति वार्ता से ठीक पहले एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक ऐसा बयान दिया जिसके बाद पूरा मामल और गर्म हो गया है।

लेबनान में निर्दोष लोगों की हत्या का आरोप

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सोशल मीडिया पर इजरायल को ‘मानवता के लिए अभिशाप’ और ‘कैंसर’ बताया। साथ ही लेबनान में हो रही सैन्य कार्रवाई को ‘नरसंहार’ करार दिया। उन्होंने कहा कि जब इस्लामाबाद में शांति वार्ता की तैयारी चल रही है, उसी समय लेबनान में निर्दोष लोगों की हत्या हो रही है। आसिफ ने आरोप लगाया कि पहले गाजा, फिर ईरान और अब लेबनान में खूनखराबा जारी है।

ख्वाजा आसिफ के जहरीले बयान

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इजरायल को अभिशाप बताते हुए कहा, "जिन लोगों ने कैंसर जैसा देश बनाया है, वे उम्मीद करते हैं कि वो नर्क की आग में जलें।' हालांकि, बाद में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख़्वाजा आसिफ़ ने इजरायल के खिलाफ दिए गए कैंसर वाले बयान समेत उन्हें नर्क में जला देने वाले ट्वीट को डिलीट कर दिया है।

ख्वाजा आसिफ के बयान पर क्या बोले नेतन्याहू ?

इस बयान के बाद इजरायल ने तुरंत कड़ी प्रतिक्रिया दी। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के ऑफिस ने कहा कि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री का बयान ‘अत्यंत आपत्तिजनक’ है और किसी भी सरकार के लिए स्वीकार्य नहीं हो सकता, खासकर उस देश के लिए जो खुद को शांति का मध्यस्थ बता रहा है। इसमें कहा गया कि इजरायल के विनाश की मांग घोर आपत्तिजनक है।

इजरायली विदेश मंत्री का पलटवार

इजरायल के विदेश मंत्री गिडियन सार ने भी पाकिस्तान की आलोचना की। उन्होंने कहा, शांति की मध्यस्थता का दावा करने वाली सरकार की ओर से इन खुले तौर पर यहूदी-विरोधी और भड़काऊ आरोपों को बहुत गंभीरता से लेता है। यहूदी राष्ट्र को कैंसर कहना असल में उसे खत्म करने का ही आह्वान करना है। उन्होंने आगे कहा, इजरायल उन आतंकवादियों से अपनी रक्षा करेगा जिन्होंने उसे तबाह करने की कसम खाई है।

लखनऊ में पुलिस मुठभेड़: 25 हजार का इनामिया बदमाश गोली लगने के बाद गिरफ्तार
लखनऊ । राजधानी के कृष्णानगर थाना क्षेत्र में पुलिस और बदमाश के बीच हुई मुठभेड़ में 25 हजार रुपये का इनामिया अभियुक्त घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी के पैर में गोली लगी है, जिसका इलाज अस्पताल में चल रहा है।पुलिस के अनुसार, थाना कृष्णानगर क्षेत्र में फरवरी माह के दौरान चोरी की तीन घटनाएं सामने आई थीं। इन घटनाओं के खुलासे के लिए पुलिस द्वारा विशेष टीमें गठित कर जांच की जा रही थी। करीब 500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर तीन आरोपियों की पहचान की गई थी। इनमें से एक आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था, जबकि दो अन्य आरोपी फरार चल रहे थे।
इसी क्रम में 10 अप्रैल 2026 की रात पुलिस टीम मानसनगर रोड स्थित डूडा कॉलोनी के पास संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। इस दौरान मुखबिर से सूचना मिलने पर एक संदिग्ध युवक को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन वह भागने लगा। भागते समय आरोपी गिर पड़ा और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी।पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लग गई। इसके बाद पुलिस ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। घायल अवस्था में उसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान विपिन के रूप में हुई है, जो 25 हजार रुपये का इनामिया अपराधी था। उसके खिलाफ लखनऊ के विभिन्न थानों में चोरी, गैंगेस्टर एक्ट सहित करीब 20 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। उसका एक अन्य साथी कुलदीप यादव अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक तमंचा, कारतूस, सोने के आभूषण और एक मोटरसाइकिल भी बरामद की है। फिलहाल आरोपी के खिलाफ आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
नीतीश कुमार आज लेंगे राज्यसभा सदस्य की शपथ, 2 दशक बाद दिल्ली की सियासत में वापसी

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लगभग दो दशकों तक बिहार की सत्ता के केंद्र में रहे नीतीश कुमार अब मुख्यमंत्री पद छोड़ने की तैयारी में हैं। नीतीश कुमार आज राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। नीतीश कुमार को राज्यसभा सभापति सीपी राधाकृष्णन के कक्ष में उच्च सदन के सदस्य के रूप में शपथ दिलाई जाएगी। इसके साथ ही नीतीश कुमार के सियासी सफर का एक नया अध्याय शुरू हो जाएगा।

चारों सदनों के सदस्य होने का बनेगा अनोखा रिकॉर्ड

नीतीश कुमार के नाम अब एक दुर्लभ संसदीय रिकॉर्ड दर्ज होने जा रहा है। वह विधानसभा, विधान परिषद और लोकसभा के बाद अब राज्यसभा के सदस्य बनकर भारतीय लोकतंत्र के चारों सदनों का हिस्सा बनने वाले नेताओं की फेहरिस्त में शामिल हो जाएंगे।

बिहार में जल्द होगा नेतृत्व परिवर्तन

इससे पहले गुरूवार को सीएम नीतीश कुमार ने नई दिल्ली पहुंचते ही साफ कर दिया कि बिहार में अब नए मुख्यमंत्री होंगे। उन्होंने कहा कि 'मैंने बिहार में बहुत काम किया है। अब मुझे लगा कि मुझे यहां रहना चाहिए, और मैं यही कर रहा हूं।' नीतीश कुमार ने आगे कहा, 'मैं वहां अपने पद से हट जाऊंगा और यहां काम करूंगा। मैं तीन या चार दिनों में इस्तीफा दे दूंगा। नए लोगों को मुख्यमंत्री और मंत्री बनाया जाएगा।'

30 मार्च को विधान परिषद से दिया इस्तीफा

नीतीश कुमार राज्य विधान परिषद की सदस्यता से पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं। राज्यसभा के लिए निर्वाचन के बाद उन्होंने 30 मार्च को विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। जनता दल (यूनाइटेड) सुप्रीमो 16 मार्च को संसद के ऊपरी सदन के लिए निर्वाचित हुए थे।

तेज रफ्तार बोलेरो की टक्कर से बाइक सवार तीन दोस्तों की मौत
लखनऊ । मऊ जिले के घोसी कोतवाली के जामडीह के पास बृहस्पतिवार की रात 11 बजे तेज रफ्तार बोलेरो की टक्कर से बाइक सवार तीन दोस्तों की मौत हो गई। तीनों एक ही बाइक से घर लौट रहे थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पंचनामा बनाकर शव को जिला अस्पताल भिजवाया। मधुबन थाना क्षेत्र के बीबीपुर गांव निवासी बेचन यादव (30), प्रमोद यादव (28) और आजाद यादव (32) बृहस्पतिवार की रात घोसी स्थित निजी अस्पताल में दोस्त को खाना पहुंचाने गए थे। दोस्त की पत्नी ने बच्चे को जन्म दिया था, जिसके चलते अस्पताल में भर्ती थी।

तीनों एक ही बाइक से खाना पहुंचाकर घर लौट रहे थे। अभी जामडीह के पास पहुंचे थे कि सामने से आ रही तेज रफ्तार बोलेरो ने बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि तीनों बाइक सहित 20 मीटर दूर जा गिरे। दुर्घटना के बाद चालक बोलेरो छोड़कर भाग गया। एक ही गांव के तीन युवकों की मौत की सूचना मिलते ही गांव में मातम पसर गया। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रमेंद्र सिंह ने बताया कि बोलेरो को सीज कर लिया गया है। तहरीर के आधार पर अज्ञात वाहन चालक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
कन्या पाठशाला के लिए आवंटित जमीन पर बना था मदरसा,22 साल से हो रहा था संचालन
*मुख्यमंत्री के जनता दर्शन में भी हुई थी शिकायत

गोंडा।जिले के सदर तहसील क्षेत्र अंतर्गत खोरहंसा में कल एक मदरसा, दुकान व मकान को प्रशासन द्वारा ध्वस्त किया गया था।जिसकी जांच में सामने आया है कि यह निर्माण कन्या पाठशाला के लिए आरक्षित भूमि पर अवैध रूप से कराया गया था।यह जमीन कन्या पाठशाला के नाम पर सुरक्षित थी, जिसपर वर्ष 2004 में अवैध कब्जा कर मदरसा इस्लामिया अंजुमन तालीमत दीन समिति का निर्माण किया गया था।मदरसा 2004 से 2009 तक पंजीकृत रूप से संचालित हुआ और इसके बाद पंजीकरण समाप्त होने के बाद भी यह मदरसा 2011 तक बिना पंजीकरण के चला तथा उसके बाद इसका संचालन बंद कर दिया गया था।इस अवैध कब्जे के कारण उक्त भूमि पर कन्या पाठशाला का निर्माण नहीं हो पाया,जिसके कारण बालिकाओं को शिक्षा के लिए अन्यत्र स्थानों पर जाना पड़ता था।इस अवैध कब्जे को हटाने के लिए स्थानीय लोगों द्वारा कई बार शिकायतें की गई परन्तु कोई कार्रवाई नहीं हुई।जिससे परेशान होकर स्थानीय लोगों ने बीते दिसंबर महीने की 25 तारीख को मुख्यमंत्री के जनता दर्शन में इसकी शिकायत की गई थी।मुख्यमंत्री जनता दर्शन में शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई न होने पर स्थानीय लोगों को इलाहाबाद उच्च न्यायालय खंडपीठ लखनऊ का रुख करना पड़ा था।जिसके बाद उच्च न्यायालय ने इस अवैध कब्जे को हटाने का निर्देश दिया,जिसके बाद यह कार्रवाई की गयी।मामले में सदर तहसीलदार मनीष कुमार ने बताया कि सात अन्य कब्जेदारों के मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं,जिसका निस्तारण होते ही अवशेष जमीन खाली कराई जाएगी।तहसीलदार ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति को सरकारी जमीन पर कब्जा करने की अनुमति नहीं है और यदि इस जमीन पर दोबारा कोई अवैध कब्जा करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही करते हुए मुकदमा दर्ज करवाया जाएगा।यहाँ पर अवैध कब्जा होने से भी स्थानीय लोगों को भी काफी दिक्कतें हो रही थी और उन लोगों द्वारा भी लगातार विरोध किया जा रहा था।
गोंडा में अवैध डीईएफ यूरिया प्लांट का भंडाफोड़, बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद

*अनुदानित यूरिया से बन रहा था डीईएफ, कृषि विभाग की छापेमारी में खुलासा*


*बंद प्लांट में मिला अवैध स्टॉक, मुख्य आरोपी फरार*


*उर्वरक नियंत्रण आदेश का उल्लंघन, आरोपी पर होगी सख्त कार्रवाई*


*गोंडा 09 अप्रैल 2026* - जनपद के विकास खण्ड छपिया के ग्राम सकदरपुर में अवैध रूप से डीईएफ (डीजल एग्जॉस्ट फ्लूइड) यूरिया निर्माण का मामला सामने आया है। सूचना पर जिला कृषि अधिकारी एवं अधिसूचित प्राधिकारी (उर्वरक) सी.पी. सिंह ने अपनी टीम के साथ मौके पर छापेमारी कर बड़ी मात्रा में संदिग्ध सामग्री बरामद की।

जांच के दौरान प्लांट बंद मिला, लेकिन परिसर के बाहर खुले स्थान पर चार सफेद कंटेनर और एक बड़ी काली पानी की टंकी पाई गई। इन कंटेनरों में पानी जैसे तरल पदार्थ भरा था, जिससे यूरिया जैसी तेज गंध आ रही थी। मौके पर मौजूद दो युवकों—दुर्गेश और विजय—से पूछताछ की गई, जिन्होंने बताया कि वे जनरेटर मरम्मत का कार्य करने आए थे और यह जनरेटर राकेश पाण्डेय द्वारा किराये पर लिया गया था।

टीम ने आगे की कार्रवाई करते हुए पुलिस चौकी बभनान के चौकी इंचार्ज उपनिरीक्षक घनश्याम वर्मा तथा ग्राम प्रधान को मौके पर बुलाया। उनकी उपस्थिति में बंद कमरे का ताला तोड़कर जांच की गई, जहां 36 खाली यूरिया की बोरियां (एचयूआरएल कंपनी) और लगभग आधा किलो यूरिया बिखरा हुआ मिला। साथ ही छोटे कंटेनरों में यूरिया घोल भी बरामद हुआ। एक कमरे में प्लांट स्थापित पाया गया और एक मोटरसाइकिल (नंबर यूपी-51 वी-1355) भी मौके से मिली।

बरामद सभी सामग्री को सील कर मकान मालिक एवं ग्राम प्रधान रमेश मिश्र को सुपुर्द कर दिया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि डीईएफ निर्माण में तकनीकी ग्रेड यूरिया के स्थान पर अनुदानित यूरिया का अवैध उपयोग किया जा रहा था, जो उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 की धारा 3/7 का उल्लंघन है।

मुख्य आरोपी राकेश पाण्डेय से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उसका मोबाइल बंद मिला। कृषि विभाग ने उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रशासन का कहना है कि इस प्रकार की अवैध गतिविधियों पर सख्ती से अंकुश लगाया जाएगा।
गोंडा के रक्षा राम सोनकर ने UPPCS-2024 में पाई सफलता, बने सब रजिस्ट्रार

*अभ्युदय योजना और निःशुल्क कोचिंग का असर, सोनकर ने लहराया परचम*


*संसाधनों की कमी नहीं बनी बाधा, सरकारी कोचिंग से मिली नई उड़ान*


*समाज कल्याण विभाग की पहल रंग लाई, प्रतिभाओं को मिल रहा मंच*


*गोंडा, 09 अप्रैल 2026* - आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों के बावजूद गोंडा के रक्षा राम सोनकर ने उत्तर प्रदेश सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा (UPPCS-2024) में सफलता हासिल कर सब रजिस्ट्रार पद प्राप्त किया है। उनकी यह उपलब्धि न केवल जिले बल्कि प्रदेश के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण बन गई है।

रक्षा राम सोनकर की सफलता के पीछे समाज कल्याण मंत्रालय द्वारा संचालित निःशुल्क कोचिंग और मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इन योजनाओं के माध्यम से उन्हें गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री, अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन और प्रतियोगी माहौल मिला, जिसने उनकी तैयारी को मजबूत आधार दिया।

गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन में संचालित निःशुल्क आवासीय कोचिंग के तहत अभ्यर्थियों को हॉस्टल, भोजन, लाइब्रेरी और नियमित कक्षाओं की सुविधाएं बिना किसी शुल्क के उपलब्ध कराई जाती हैं। संयुक्त निदेशक आनंद कुमार सिंह के अनुसार, यहां विषय विशेषज्ञों द्वारा मुख्य परीक्षा को ध्यान में रखते हुए उत्तर लेखन अभ्यास और मॉडल टेस्ट भी कराए जाते हैं, जिससे अभ्यर्थियों का आत्मविश्वास बढ़ता है।

वहीं, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अंतर्गत प्रदेश के 75 जिलों में 166 प्रशिक्षण केंद्रों के जरिए यूपीएससी, यूपीपीएससी, जेईई, नीट, एनडीए और सीडीएस जैसी परीक्षाओं की तैयारी भी निःशुल्क कराई जा रही है। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली युवाओं के लिए वरदान साबित हो रही है।

समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी प्रतिभाशाली युवा आर्थिक अभाव के कारण अपने सपनों से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि उचित मार्गदर्शन और संसाधन मिलने पर युवा किसी भी प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।

रक्षा राम सोनकर की यह उपलब्धि न केवल अन्य अभ्यर्थियों को प्रेरित करेगी, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सरकारी योजनाएं सही दिशा में लागू होने पर प्रतिभाओं को नई पहचान दिलाने में सक्षम हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हस्तिनापुर परिसर स्थित सूखे/क्षतिग्रस्त वृक्षों की नीलामी के संबंध में
मेरठ ।सामान्य जन को सूचित किया जाता है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, हस्तिनापुर (जनपद मेरठ) परिसर में स्थित सूखे एवं जर्जर अवस्था में खड़े वृक्षों के मूल्यांकन उपरांत उनके निस्तारण हेतु सार्वजनिक नीलामी की जाएगी।

यह नीलामी संबंधित सक्षम अधिकारियों की अनुमति एवं निर्धारित शर्तों के अधीन आयोजित की जाएगी।

नीलामी का विवरण:
स्थान: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, हस्तिनापुर
दिनांक: 17 अप्रैल दिन शुक्रवार 2026
समय: प्रातः 11:00 बजे


मुख्य शर्तें एवं नियम:
नीलामी सार्वजनिक रूप से की जाएगी तथा उच्चतम बोलीदाता को वृक्ष प्रदान किए जाएंगे।

नीलामी के समय संबंधित वन क्षेत्राधिकारी  हस्तिनापुर की उपस्थिति अनिवार्य होगी।

नीलामी में भाग लेने वाले व्यक्तियों को वैध पहचान पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
वृक्षों के पातन (कटान) हेतु शासनादेश संख्या 1245/14-5-2010-91/2010 दिनांक 10.08.2010 के अनुसार ₹100 प्रति वृक्ष शुल्क जमा करना होगा।

पातन से पूर्व ₹1000 (एक हजार रुपये) की धनराशि जमानत के रूप में जमा करनी होगी, जो 06 वर्षीय बचत पत्र के रूप में जमा की जाएगी।
वृक्षों के स्थान पर 10 गुना पौधारोपण करना अनिवार्य होगा तथा पौधों की देखरेख सुनिश्चित करनी होगी।

उत्पन्न लकड़ी के अभिवहन हेतु ₹38 प्रति टन शुल्क जमा कर अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा।

नीलामी से प्राप्त धनराशि राजकीय कोष में जमा कराई जाएगी।

बिना अनुमति किसी अन्य वृक्ष का पातन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।

किसी भी विवाद की स्थिति में अंतिम निर्णय संबंधित प्रभारी अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हस्तिनापुर का होगा।

महत्वपूर्ण सूचना:
यह केवल वृक्षों के मूल्यांकन एवं नीलामी हेतु सूचना है। वृक्षों के पातन के लिए पृथक अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा।


प्रभागीय निदेशक
सामाजिक वानिकी प्रभाग, मेरठ
नेटग्रिड पर यूपी पुलिस की सुस्ती पर केंद्र सख्त: 15वें स्थान से सुधार के आदेश, DGP ने जारी किए कड़े निर्देश
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय खुफिया ग्रिड (नेटग्रिड) के कम उपयोग को लेकर केंद्र सरकार ने नाराजगी जताई है। गृह मंत्रालय ने इस पर चिंता व्यक्त करते हुए राज्य में इसके उपयोग को बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। मौजूदा स्थिति में उत्तर प्रदेश नेटग्रिड के इस्तेमाल के मामले में देश में 15वें स्थान पर है, जो कानून-व्यवस्था की दृष्टि से संतोषजनक नहीं माना जा रहा है।
गृह मंत्रालय की ओर से भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि नेटग्रिड एक महत्वपूर्ण डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसके माध्यम से आतंकवाद, साइबर अपराध, संगठित अपराध, नकली नोट और मादक पदार्थों से जुड़े नेटवर्क की निगरानी प्रभावी ढंग से की जा सकती है। ऐसे में इसका नियमित और अनिवार्य उपयोग बेहद जरूरी है।
केंद्र के निर्देशों के बाद प्रदेश के डीजीपी ने सभी पुलिस अधिकारियों को नेटग्रिड के प्रभावी इस्तेमाल के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि जिला स्तर तक इसके उपयोग को बढ़ाया जाए और अधिक से अधिक अधिकारियों को इससे जोड़ा जाए। साथ ही, सभी संबंधित अधिकारियों को प्रशिक्षण देकर उन्हें इस प्रणाली के उपयोग में दक्ष बनाया जाए।
डीजीपी ने यह भी निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक क्राइम मीटिंग में नेटग्रिड के उपयोग की समीक्षा की जाए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इसका सही और प्रभावी तरीके से इस्तेमाल हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा, पुलिस विभाग को अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग को भी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। सोशल मीडिया की निगरानी के लिए सुदर्शन पोर्टल का अधिक उपयोग करने को कहा गया है। वहीं, साइबर अपराधों की जांच, फरार अपराधियों की गिरफ्तारी और गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश के लिए गाण्डीव पोर्टल को भी सक्रिय रूप से इस्तेमाल करने पर जोर दिया गया है।
अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि सर्किल, कमिश्नरेट और जनपद स्तर पर यूजर आईडी बनाकर उन्हें सक्रिय रखा जाए, ताकि किसी भी समय जरूरी जानकारी तुरंत उपलब्ध हो सके।
गौरतलब है कि नेटग्रिड गृह मंत्रालय के अधीन एक केंद्रीय प्रणाली है, जो विभिन्न केंद्रीय एजेंसियों और राज्य पुलिस को रियल-टाइम जानकारी उपलब्ध कराती है। इसके प्रभावी उपयोग से अपराध नियंत्रण और खुफिया तंत्र को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
लखनऊ की बाराबिरवा सब्जी मंडी में भीषण आग, 13 दुकानें जलीं—दमकल की तत्परता से 280 दुकानें बचीं
लखनऊ । यूपी की राजधानी के कृष्णानगर थाना क्षेत्र स्थित बाराबिरवा सब्जी मंडी में 9 अप्रैल  की देर रात भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। यह मंडी फीनिक्स यूनाइटेड मॉल के पास स्थित है, जहां बड़ी संख्या में फल, सब्जी और अन्य दुकानों का संचालन होता है।

कुल 9 फायर टैंकर मौके पर बुलाए गए

रात करीब 10:34 बजे फायर स्टेशन आलमबाग को आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही मुख्य अग्निशमन अधिकारी अंकुश मित्तल के निर्देशन में प्रभारी अग्निशमन अधिकारी धर्मपाल सिंह के नेतृत्व में दमकल की टीमें मौके पर रवाना हुईं। शुरुआत में दो फायर टैंकर पहुंचे, लेकिन आग की भयावहता को देखते हुए शहर के विभिन्न फायर स्टेशनों—सरोजनीनगर, पीजीआई, हजरतगंज, चौक और गोसाईगंज से कुल 9 फायर टैंकर मौके पर बुलाए गए।

भयंकर आग, सिलेंडर ब्लास्ट से बढ़ी दहशत

मौके पर पहुंचने पर देखा गया कि आग मंडी की दुकानों में तेजी से फैल चुकी थी और लपटें काफी ऊंची उठ रही थीं। दमकल कर्मियों ने चारों ओर से आग को घेरकर बुझाने का प्रयास शुरू किया। इसी दौरान एक फास्ट फूड की दुकान में रखा गैस सिलेंडर तेज धमाके के साथ फट गया, जिससे इलाके में दहशत फैल गई और लोग इधर-उधर भागने लगे।आग इतनी भीषण थी कि धुएं के कारण दमकल कर्मियों को सांस लेने में दिक्कत हुई, जिसके चलते उन्हें विशेष उपकरण (VR सेट) का इस्तेमाल करना पड़ा। आग बुझाने के लिए कई दुकानों की टीन छतों को क्रेन की मदद से तोड़कर अंदर पानी डाला गया।

दमकल की कड़ी मशक्कत, बड़ी तबाही टली

करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पा लिया गया, जबकि पूरी तरह आग बुझाने में लगभग ढाई घंटे का समय लगा। दमकल और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से इस भीषण अग्निकांड को फैलने से रोका गया।इस घटना में 13 दुकानें पूरी तरह जलकर नष्ट हो गईं, जिनमें कपड़े, फल, जलपान, राशन और अन्य सामान की दुकानें शामिल हैं। हालांकि दमकल विभाग की तत्परता से लगभग 280 दुकानों को आग की चपेट में आने से बचा लिया गया, जिससे एक बड़ी त्रासदी टल गई।

लोगों में दहशत, दुकानदारों का रो-रोकर बुरा हाल

आग लगने के बाद आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। पास के गांव और मोहल्लों के लोग डर के कारण अपने घरों से बाहर निकल आए। वहीं जिन दुकानदारों की दुकानें जल गईं, उनका रो-रोकर बुरा हाल था।एक दुकानदार अपनी जलती हुई कपड़े की दुकान को देखकर भावुक हो गया, जबकि उसका बेटा सदमे में बेहोश हो गया। पुलिस और स्थानीय लोगों ने किसी तरह उन्हें संभाला और अस्पताल पहुंचाया।

झुलसे लोग, यातायात भी हुआ प्रभावित

दुकान बचाने के प्रयास में एक दुकानदार और उसका भाई आंशिक रूप से झुलस गए। वहीं आग बुझाने के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने कानपुर रोड से मॉल की ओर जाने वाले रास्ते को अस्थायी रूप से बंद कर दिया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा और जाम की स्थिति बन गई।

प्रशासन की त्वरित कार्रवाई, जांच जारी

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। अमित कुमार आनंद ने बताया कि आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है।प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है।

जली 13 दुकानों का विवरण
1- दीक्षित की कपड़े की दुकान
2- देवी शंकर की कपड़े की दुकान
3- दुर्गेश राजपूत पुत्र देवी शंकर की कपड़े की दुकान
4- मनीष बाजपेई पुत्र बाबू वाजपेई की कपड़े की दुकान
5- राजेश तिवारी की कपड़े की दुकान
6- मनोज की जलपान की दुकान
7- अनमोल मिश्रा की फल की दुकान
8- गोपाल की फल की दुकान
9- वीरेंद्र की फॉर्चून की दुकान
10- रजनीश साहू पुत्र शिव शंकर साहू की राशन की दुकान
11 - सूरज पुत्र राजेंद्र की इलेक्ट्रिक के सामान की दुकान
12- मनीष वाजपेई की दोना पत्तल की दुकान
13 -हरिशंकर साहू की जलपान की दुकान
पाक रक्षा मंत्री पर भड़के नेतन्याहू, ऐसा लगाई लताड़ की डिलीट किया पोस्ट, इजरायल को बताया था 'कैंसर'

#israelrespondspakistandefenceministerkhawajaasif_remarks

मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच पाकिस्तान और इजरायल भिड़ते दिख रहे है। अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में होने वाली शांति वार्ता से ठीक पहले एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक ऐसा बयान दिया जिसके बाद पूरा मामल और गर्म हो गया है।

लेबनान में निर्दोष लोगों की हत्या का आरोप

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सोशल मीडिया पर इजरायल को ‘मानवता के लिए अभिशाप’ और ‘कैंसर’ बताया। साथ ही लेबनान में हो रही सैन्य कार्रवाई को ‘नरसंहार’ करार दिया। उन्होंने कहा कि जब इस्लामाबाद में शांति वार्ता की तैयारी चल रही है, उसी समय लेबनान में निर्दोष लोगों की हत्या हो रही है। आसिफ ने आरोप लगाया कि पहले गाजा, फिर ईरान और अब लेबनान में खूनखराबा जारी है।

ख्वाजा आसिफ के जहरीले बयान

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इजरायल को अभिशाप बताते हुए कहा, "जिन लोगों ने कैंसर जैसा देश बनाया है, वे उम्मीद करते हैं कि वो नर्क की आग में जलें।' हालांकि, बाद में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख़्वाजा आसिफ़ ने इजरायल के खिलाफ दिए गए कैंसर वाले बयान समेत उन्हें नर्क में जला देने वाले ट्वीट को डिलीट कर दिया है।

ख्वाजा आसिफ के बयान पर क्या बोले नेतन्याहू ?

इस बयान के बाद इजरायल ने तुरंत कड़ी प्रतिक्रिया दी। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के ऑफिस ने कहा कि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री का बयान ‘अत्यंत आपत्तिजनक’ है और किसी भी सरकार के लिए स्वीकार्य नहीं हो सकता, खासकर उस देश के लिए जो खुद को शांति का मध्यस्थ बता रहा है। इसमें कहा गया कि इजरायल के विनाश की मांग घोर आपत्तिजनक है।

इजरायली विदेश मंत्री का पलटवार

इजरायल के विदेश मंत्री गिडियन सार ने भी पाकिस्तान की आलोचना की। उन्होंने कहा, शांति की मध्यस्थता का दावा करने वाली सरकार की ओर से इन खुले तौर पर यहूदी-विरोधी और भड़काऊ आरोपों को बहुत गंभीरता से लेता है। यहूदी राष्ट्र को कैंसर कहना असल में उसे खत्म करने का ही आह्वान करना है। उन्होंने आगे कहा, इजरायल उन आतंकवादियों से अपनी रक्षा करेगा जिन्होंने उसे तबाह करने की कसम खाई है।

लखनऊ में पुलिस मुठभेड़: 25 हजार का इनामिया बदमाश गोली लगने के बाद गिरफ्तार
लखनऊ । राजधानी के कृष्णानगर थाना क्षेत्र में पुलिस और बदमाश के बीच हुई मुठभेड़ में 25 हजार रुपये का इनामिया अभियुक्त घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी के पैर में गोली लगी है, जिसका इलाज अस्पताल में चल रहा है।पुलिस के अनुसार, थाना कृष्णानगर क्षेत्र में फरवरी माह के दौरान चोरी की तीन घटनाएं सामने आई थीं। इन घटनाओं के खुलासे के लिए पुलिस द्वारा विशेष टीमें गठित कर जांच की जा रही थी। करीब 500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर तीन आरोपियों की पहचान की गई थी। इनमें से एक आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था, जबकि दो अन्य आरोपी फरार चल रहे थे।
इसी क्रम में 10 अप्रैल 2026 की रात पुलिस टीम मानसनगर रोड स्थित डूडा कॉलोनी के पास संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। इस दौरान मुखबिर से सूचना मिलने पर एक संदिग्ध युवक को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन वह भागने लगा। भागते समय आरोपी गिर पड़ा और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी।पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लग गई। इसके बाद पुलिस ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। घायल अवस्था में उसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान विपिन के रूप में हुई है, जो 25 हजार रुपये का इनामिया अपराधी था। उसके खिलाफ लखनऊ के विभिन्न थानों में चोरी, गैंगेस्टर एक्ट सहित करीब 20 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। उसका एक अन्य साथी कुलदीप यादव अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक तमंचा, कारतूस, सोने के आभूषण और एक मोटरसाइकिल भी बरामद की है। फिलहाल आरोपी के खिलाफ आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।