मड़िहान थाना समाधान दिवस में सुनी गईं जनसमस्याएं, त्वरित एवं निष्पक्ष निस्तारण के दिए गए निर्देश

मिर्जापुर, मड़िहान। थाना मड़िहान परिसर में शनिवार को समाधान दिवस का आयोजन किया गया, जिसमें आमजन की समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरता से सुना गया। समाधान दिवस की अध्यक्षता थाना प्रभारी निरीक्षक रविंद्र भूषण मौर्य ने की। इस दौरान स्थानीय पुलिस प्रशासन, राजस्व विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा अन्य संबंधित विभागों की टीम मौजूद रही।

समाधान दिवस में बड़ी संख्या में फरियादी अपनी शिकायतों एवं समस्याओं को लेकर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रत्येक शिकायत को ध्यानपूर्वक सुना तथा संबंधित अधिकारियों को मामलों के समयबद्ध, निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए आवश्यक निर्देश दिए। विशेष रूप से भूमि विवाद, राजस्व संबंधी प्रकरणों एवं अन्य जनसमस्याओं के समाधान पर जोर दिया गया।

थाना प्रभारी रविंद्र भूषण मौर्य ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों के निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

समाधान दिवस के दौरान पुलिस एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने प्राप्त प्रार्थना पत्रों का परीक्षण कर कई मामलों में मौके पर ही आवश्यक कार्रवाई की। अधिकारियों ने उपस्थित लोगों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं का नियमानुसार निस्तारण कराया जाएगा।

इस अवसर पर पुलिस विभाग एवं राजस्व विभाग के अधिकारी, कर्मचारी तथा क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। समाधान दिवस के आयोजन से फरियादियों को अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों के समक्ष रखने का अवसर मिला, जिससे उनके शीघ्र समाधान की उम्मीद बढ़ी है।
डॉ कृपाशंकर मिश्र द्वारा लिखित साहित्य मंथन का लोकार्पण


मुंबई । प्रतीक्षा मेमोरियल एज्युकेशनल ट्रस्ट के 20 वें वार्षिक सम्मेलन 2026 ई के वैनर तले डाँ.कृपाशंकर मिश्र विरचित हिन्दी काव्य-संग्रह " साहित्य मंथन " का लोकार्पण और पुस्तक परिचर्चा बुधवार 10 जून 2026 केशव गोरे सभागार गोरेगांव पश्चिम मुम्बई में आयोजित किया गया।आयोजन की अध्यक्षता हिन्दी साहित्य के पितामह डाँ सुधाकर मिश्र ने किया।पुस्तक परिचर्चा में भाग लेने वाले मनीषियों में डाँ शीतला प्रसाद दूबे,मुम्बई विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डाँ करुणाशंकर उपाध्याय,प्रोफेसर डाँ.दयानंद तिवारी,महान विदुषी डाँ उषा मिश्रा,डाँ सागर त्रिपाठी, वाराणसी से डाँ कपिलदेव प्रसाद मिश्र,नागपुर से पधारे रामकृष्ण सहस्रबुद्धे उपस्थित थे।

मंच का संचालन करते हुए डाँ उमेशचंद्र शुक्ल ने साहित्य मंथन पर अपने विस्तृत और व्यापक विचार प्रस्तुत किये। सरस्वती वंदना संस्कृत विद्वान राम व्यास उपाध्याय ने किया।गणेश स्तुति पर कथक नृत्य कनिष्का अंकित मिश्रा ने किया तथा स्वागत व भूमिका में संपूर्ण नियोजन की जानकारी संस्था के अध्यक्ष डाँ.कृपाशंकर मिश्र ने दिया।उपस्थित कलमकारो में गजानन महतपुरकर, बोधिसत्व, आभा बोधिसत्व,डाँ देवमणि पाण्डेय,डाँ नीलिमा पाण्डेय,सत्यभामा सिंह, शिवकुमार सिंह, राजकुमार मिश्र, डाँ दिनेश वर्मा,डाँ रोशनी किरन,डाँ किरन मिश्रा, पल्लवी रानी, किरन तिवारी,ओमप्रकाश तिवारी, शिवप्रकाश जमदग्निपुरी, दिनेश वर्मा,मनोज नायक, लालबहादुर कमल,नन्दन मिश्र त्यागी,सुरेश मिश्र, मिथिलेश मिश्र,प्रमोद उपाध्याय, नीतू पाण्डेय क्रान्ति, राजेन्द्र मिश्र,डाँ मृदुल तिवारी महक,वाचस्पति तिवारी,श्रीधर आत्मिक मिश्र, प्रमोद पाण्डेय, विनोद पाण्डेय,रामजीत गुप्त,नन्दलाल क्षितिज,ए पी द्विवेदी रोमा झा, कुसुम तिवारी और बेटी इन्दिराअमिता गुजराल,  जागृति सिन्हा,राजनाथ शर्मा,हरिशंकर मिश्र भाइन्दर, संतोष मिश्र,सुरेश दूबे, कृष्णकान्त मिश्र, रामसिंह, अमरनाथ तिवारी, गौरीशंकर तिवारी, हरिश्चंद्र पाण्डेय, आनन्द पाण्डेय केवल,  मीनाक्षी शर्मा, कवि एवं पत्रकार विनय शर्मा दीप,अरुण दूबे,डाँ प्रमोद पाण्डेय (मानस परिवार), सूर्यकुमार तिवारी एवं समस्त मानस ट्रस्ट परिवार,संजय द्विवेदी,अनिल कुमार राही, राकेशमणि तिवारी, आर के सर, कवि चुलबुल, अवधेश विश्वकर्मा उपस्थित रहे।

उपस्थिति सभी साहित्यकारों को साहित्य गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया। वसीम सहित अन्य सभागार में सहयोगी और समर्पित भाव से आयोजन बनाने वालो की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजन का अंत राष्ट्रगान से हुआ तथा संस्था अध्यक्ष डॉ कृपाशंकर मिश्र ने सभी से क्षमा याचना की और अपना आभार व्यक्त किया।
बिलग्राम तहसील प्रशासन के कारनामे, मेड़बंदी कराई, कब्जा दिलाया, फिर बदल गई रिपोर्ट
*गाटा संख्या 75 मे 0.0918 हेक्टेयर भूमि घाटे की पैमाइश पर पारित हुआ था थाकबंदी आदेश*

*मेड़ तोड़े जाने की पुष्टि के बाद भी कार्रवाई नहीं बाद की रिपोर्ट ने खड़े किए नए प्रश्न*

रितेश मिश्रा
हरदोई। उत्तर प्रदेश सरकार जहां प्रशासन में पारदर्शिता और "जीरो टॉलरेंस" नीति को सुशासन का आधार बताती है, वहीं हरदोई जिले की बिलग्राम तहसील का एक भूमि विवाद राजस्व प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। एक ही प्रकरण में पहले पैमाइश, फिर थाकबंदी आदेश, उसके अनुपालन में मेड़बंदी और कब्जा दिलाने की कार्रवाई, और बाद में उसी मामले में विपरीत रिपोर्ट—पूरा घटनाक्रम ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।बिलग्राम तहसील के ग्राम श्यामपुर में गाटा संख्या 75 से जुड़े इस मामले में न्यायालय के आदेश से लेकर प्रशासनिक कार्रवाई तक की कहानी कई मोड़ों से गुजरती है। हर मोड़ पर एक नया सवाल खड़ा होता है और हर सवाल का जवाब अभी भी फाइलों के पन्नों में तलाशा जा रहा है।ग्राम श्यामपुर निवासी दिवाकर मिश्रा पुत्र प्रेमचंद्र ने गाटा संख्या 75 की भूमि के संबंध में उपजिलाधिकारी बिलग्राम के न्यायालय में थाकबदी वाद प्रस्तुत किया था। न्यायालय के निर्देश पर क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक ने मौके पर पैमाइश कर नक्शा नजरी एवं थाकबंदी आख्या तैयार की।
पैमाइश में सामने आया 0.0918 हेक्टेयर भूमि का घाटा
राजस्व अभिलेखों में गाटा संख्या 75 का क्षेत्रफल 0.2710 हेक्टेयर दर्ज था, जबकि मौके पर हुई पैमाइश में उसका वास्तविक क्षेत्रफल मात्र 0.1792 हेक्टेयर पाया गया। इस प्रकार गाटा संख्या 75 में कुल 0.0918 हेक्टेयर भूमि का घाटा दर्ज हुआ।
इतना ही नहीं, आसपास के कई गाटों में क्षेत्रफल की बढ़त भी दर्ज की गई। रिपोर्ट के अनुसार—
गाटा संख्या 55 में 0.0635 हेक्टेयर बढ़त
गाटा संख्या 74 में 0.0376 हेक्टेयर बढ़त
गाटा संख्या 76 में 0.0278 हेक्टेयर बढ़त
गाटा संख्या 77 में 0.0283 हेक्टेयर बढ़त
गाटा संख्या 72 एवं 73 में भी क्षेत्रफल का अंतर दर्ज किया गया
पड़ोसी गाटों की पैमाइश के आधार पर तैयार आख्या न्यायालय में प्रस्तुत की गई। प्रभावित पक्षों को समन और समाचार पत्र के माध्यम से सूचना दी गई, लेकिन किसी भी पक्ष ने कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई। इसके बाद एसडीएम न्यायालय ने 28 मई 2025 को प्रस्तुत आख्या को स्वीकार करते हुए थाकबंदी आदेश पारित कर दिया।
आदेश मिला, लेकिन अनुपालन में हुई देरी

दिवाकर मिश्रा का आरोप है कि न्यायालय का आदेश पारित होने के बावजूद लंबे समय तक उसका अनुपालन नहीं कराया गया। न्यायालय का आदेश अभिलेखों में दर्ज रहा, लेकिन जमीन पर उसकी तस्वीर दिखाई नहीं दी।आखिरकार 11 मार्च 2026 को दिवाकर मिश्रा ने जिलाधिकारी हरदोई को शिकायत देकर थाकबंदी आदेश का अनुपालन कराने की मांग कीजिलाधिकारी के निर्देश के बाद एसडीएम बिलग्राम ने राजस्व निरीक्षक और लेखपाल को मौके पर भेजा। इसके बाद मेड़बंदी कराई गई और दिवाकर मिश्रा को भूमि पर कब्जा दिलाया गया।

कब्जे के बाद फिर शुरू हुआ विवाद

दिवाकर मिश्रा का आरोप है कि कब्जा मिलने के बाद रामलखन त्रिपाठी पुत्र श्याममोहन तथा उमाकांत शुक्ल निवासी बालामऊ चार-पांच अन्य व्यक्तियों के साथ मौके पर पहुंचे और बनाई गई मेड़ को तोड़ दिया। आरोप है कि भूमि को पुनः अपने खेत में मिला लिया गया तथा विरोध करने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी गई।
इस संबंध में दिवाकर मिश्रा नेआईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत संख्या20015536022250 दर्ज कराई।

पहली रिपोर्ट में मेड़ तोड़ने की पुष्टि

शिकायत की जांच में क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक ने 19 मई 2026 को प्रस्तुत अपनी आख्या में मेड़ तोड़े जाने का उल्लेख किया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि थाकबंदी आदेश के अनुरूप की गई मेड़बंदी को नहीं माना गया और मौके की स्थिति बदल दी गई।
रिपोर्ट के बाद कार्रवाई की उम्मीद जगी, लेकिन दिवाकर मिश्रा का आरोप है कि इसके बाद भी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

दूसरी शिकायत और बदल गई पूरी तस्वीर

इसके बाद दिवाकर मिश्रा ने पुनः आईजीआरएस शिकायत संख्या 20015526024152 दर्ज कराई। इस बार जांच में प्रस्तुत रिपोर्ट ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया।
आरोप है कि उसी राजस्व निरीक्षक ने अपनी नई रिपोर्ट में कहा कि आवेदक का भू-चित्र छोटा बना हुआ है, इसलिए उसे पूरी भूमि नहीं दी जा सकती। रिपोर्ट में विपक्षी पक्ष के प्रत्यावेदन का भी उल्लेख किया गया। बाद में एसडीएम बिलग्राम स्तर से भी इसी आधार पर रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी गई।

सवालों के घेरे में पूरा घटनाक्रम

यहीं से कई प्रश्न जन्म लेते हैं। यदि भू-चित्र छोटा था तो उसी पैमाइश रिपोर्ट के आधार पर थाकबंदी आदेश कैसे पारित हुआ? यदि आदेश सही नहीं था तो प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर मेड़बंदी कर कब्जा क्यों दिलाया? और यदि कब्जा दिलाना सही था तो बाद में अधिकारियों की रिपोर्ट का आधार क्या था?
जब पहली रिपोर्ट में मेड़ तोड़े जाने की पुष्टि हो चुकी थी, तब संबंधित लोगों के विरुद्ध कार्रवाई क्यों नहीं हुई? और यदि दूसरी रिपोर्ट सही है तो पहली रिपोर्ट तथा उसके आधार पर हुई प्रशासनिक कार्रवाई को किस नजर से देखा जाए?
यही वे प्रश्न हैं जो आज ग्राम श्यामपुर से लेकर तहसील मुख्यालय तक चर्चा का विषय बने हुए हैं।
जांच की मांग तेज
दिवाकर मिश्रा ने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि न्यायालय के आदेश, पैमाइश रिपोर्ट, नक्शा नजरी, आईजीआरएस शिकायतों और बाद में प्रस्तुतविरोधाभासी रिपोर्टों की समग्र जांच होनी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि एक ही मामले में सरकारी अभिलेखों और प्रशासनिक निष्कर्षों में इतना बड़ा अंतर आखिर क्यों दिखाई दे रहा है। ऐसे मे अब निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं। सवाल यह है कि क्या इस मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच होगी, या फिर गाटा संख्या 75 का यह विवाद आने वाले समय में और बड़े सवाल खड़े करेगा।
सपा की हरदोई जिला कार्यकारिणी भंग .
रितेश मिश्रा


हरदोई। समाजवादी पार्टी के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने जनपद हरदोई की जिला कार्यकारिणी को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। इसके साथ ही जिले के सभी प्रकोष्ठों की जिला कार्यकारिणी भी समाप्त कर दी गई है। प्रदेश अध्यक्ष द्वारा जारी प्रकाशनार्थ पत्र में कहा गया है कि हरदोई जिला कार्यकारिणी, जिला अध्यक्ष सहित तथा सभी प्रकोष्ठों की जिला कार्यकारिणी, जिला अध्यक्षों सहित तत्काल प्रभाव से भंग की जाती है।

यह आदेश 13 जून 2026 को जारी किया गया है। पार्टी के इस फैसले के बाद जिले की सियासत में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। माना जा रहा है कि संगठन में व्यापक फेरबदल और नई कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया जल्द शुरू हो सकती है। हालांकि, अभी तक कार्यकारिणी भंग किए जाने के कारणों का आधिकारिक रूप से खुलासा नहीं किया गया है। पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की नजर अब नई जिला कार्यकारिणी के गठन पर टिकी हुई है।
कछौना का आरोग्य मंदिर उपकेन्द्र पुरवा खुद 'कुपोषित', परिसर बना तबेला, जिम्मेदार मौन

रितेश मिश्रा


कछौना, हरदोई। विकास खण्ड कछौना के स्वास्थ्य केंद्र व आरोग्य मंदिर ग्राम सभा पुरवा में कई माह से नियमित स्वास्थ्य कर्मियों के न आने के कारण परिसर में गंदगी का अंबार व जानवर बांधे जा रहे हैं। झाड़ी उगी है, पल्ले भी टूट चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की अनदेखी के चलते आमजनमानस स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित है। पूरे मामले की शिकायत ग्रामीणों ने जिला अधिकारी से की है।

ग्रामीण क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए स्वास्थ्य उपकेंद्र व आरोग्य मन्दिर बनाए गए हैं। परंतु ग्रामीणों में जागरूकता की कमी के चलते व विभागीय अधिकारियों की खाऊ कमाऊ नीति के चलते यह आरोग्य मंदिर खुद कुपोषित है।

           विकासखंड कछौना की ग्राम सभा पुरवा में स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्र व आरोग्य मन्दिर में कई माह से स्वास्थ्य कर्मी नियमित रूप से नहीं आते हैं। जिसके कारण भवन क्षतिग्रस्त हो गए हैं। पल्ले भी टूट चुके हैं। परिसर में बड़ी-बड़ी घास की झड़ी उग गई है। यहां तक गांव के लोग परिसर में जानवर बांधते हैं। स्वास्थ्य सेवाओं का मजाक बनाया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य का लाभ न मिल पाने के कारण आम जनमानस झोलाछाप डॉक्टरों की शरण में जाने को मजबूर है। पूरे मामले की शिकायत पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया मामले की स्थलीय जांच कराकर दोषी लोगों पर कार्यवाई की जाएगी।
जेष्ठ मास के शनिवार के दिन भक्तों द्वारा बाला जी का विशाल भंडारे का आयोजन किया गया

बबलू प्रजापति


पिहानी क्षेत्र के सहादत नगर में शनिवार के दिन बालाजी के जयकारों के साथ विशाल भंडारे का आयोजन किया गया प्रथम कन्याओं का पूजन करके प्रसाद वितरण किया गया।भक्तों द्वारा दिन भर भंडारे का आयोजन चलाया गया सभी भक्त ने सभी भक्तों को राहगीरों को प्रसाद वितरण किया गया।

भक्तों द्वारा दिनभर बालाजी के जयकारे लगते रहे।पवित्र ज्येष्ठ मास में भक्तों को प्रसाद बांटने, तथा प्रसाद पाने वाले भक्तों के कष्ट दूर होते हैं बालाजी महाराज सभी भक्तों की रक्षा करते हैं। मुख्य आयोजन कर्ता दीपू सक्सेना, शनि सक्सेना, के द्वारा आयोजन संपन्न हुआ तथा अन्य भक्त हरिओम भोजवाल, राजेश सिंह, नितिन मिश्रा, अवधेश सिंह, बबलू प्रजापति आदि मौजूद रहे।
मुख्य सड़क पर बने गड्ढे हादसों को दे रहे दावत जिम्मेदार बेखबर

धर्म सिंह

माधौगंज-हरदोई।माधौगंज से सेलापुर मटियामऊ को जाने वाली मुख्य सड़क पर फजलपुर के पास की  मुख्य सड़क के किनारे पर बना गहरा गड्ढा राहगीरों  के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। माधोगंज से सेलापुर मटियामऊ से तेरवाकुली, मेंहदीघाट कन्नौज को जाने वाली यह मुख्य सड़क है जिस पर बड़ी बड़ी गाड़ियों का आवागमन लगा रहता है। रात के समय गड्ढा दिखाई नहीं देने से लोग हादसों का शिकार होने से बच रहे है।

क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि गड्ढे से अंजान राहगीरों को बहुत दिक्कत होता है। वह भी कई बार इस गड्ढे से बचे हैं। क्योंकि दिन के समय में तो यह गड्ढा दिखाई दे जाता है, लेकिन रात के समय में इसका पता नहीं चलता और लोग हादसे का शिकार हो जाते हैं। सड़क पर बने गड्ढे को 5 से 10 दिन गुजर चुके हैं।रात के समय बढ़ जाती है अधिक परेशानी
ग्रामीणोंका कहना है कि गड्ढा सड़क के बिल्कुल किनारे पर बना हुआ है। गड्ढे के कारण रात के समय वाहन चालकों की परेशानी अधिक बढ़ जाती है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से सड़क किनारे बने गड्ढे को बंद करने की मांग की है।
शातिर अपराधी गुफरान अहमद 6 महीने के लिए जिला बदर
ADM राकेश सिंह के आदेश पर पुलिस ने चस्पा की नोटिस


सुल्तानपुर। में जिला प्रशासन ने शनिवार को एक शातिर अपराधी गुफरान अहमद को 6 महीने के लिए जिला बदर कर दिया है। शनिवार दोपहर पुलिस ने अपराधी के घर पर न सिर्फ नोटिस चस्पा कराया बल्कि क्षेत्र में मुनादी भी कराया है। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राकेश सिंह की अदालत ने यह आदेश जारी किया। यह कार्रवाई योगी सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत की गई है।

गुफरान अहमद कादीपुर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम खन्डौरा का निवासी है। वह इलाके में एक आदतन और शातिर अपराधी के रूप में सक्रिय था। पुलिस अधीक्षक सुल्तानपुर की रिपोर्ट और कादीपुर इंस्पेक्टर की जांच आख्या के आधार पर अदालत ने पाया कि गुफरान अहमद समाज के लिए गंभीर खतरा बन चुका था।

आरोपी गुफरान अहमद के खिलाफ कादीपुर थाने में कई गंभीर धाराओं के तहत आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि गुफरान अहमद एक आदतन अपराधी (गुंडा) है, जिसके खौफ के कारण आम जनता उसके खिलाफ बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पाती है। उसका जिले में स्वतंत्र घूमना जनहित और शांति व्यवस्था के लिए हानिकारक है। एडीएम राकेश सिंह ने उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह कार्रवाई की।

निष्कासन की 6 महीने की अवधि के दौरान गुफरान अहमद सुल्तानपुर जिले में निवास नहीं कर सकेगा और न ही जिले की सीमा में प्रवेश का प्रयास करेगा। उसे केवल अदालत में पेशी के दिन ही पूर्व अनुमति के साथ जिले में प्रवेश की अनुमति होगी। इस दौरान वह कोई भी आग्नेयास्त्र नहीं रख सकेगा। आरोपी को कादीपुर थानाध्यक्ष के समक्ष 50,000 रुपये का बंधपत्र भी प्रस्तुत करना होगा।

यदि आरोपी ने जिला बदर के इस आदेश का उल्लंघन किया या सुल्तानपुर की सीमा में पाया गया, तो उसके खिलाफ गुंडा एक्ट की धारा 10 और 11 के तहत सीधे जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी।
खत्म हो गई तकरार! कल्याण बनर्जी के बदले सुर, अभिषेक बनर्जी को बताया बेटे समान

#kalyan_banerjee_u_turn_said_abhishek_banerjee_like_son

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ नेता और सांसद कल्याण बनर्जी के सुर बदले-बदले नजर आ रहे हैं। पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी को घमंडी कहने वाले कल्याण बनर्जी ने अब उन्हें अपने बेटे जैसा बताया है। इससे पहले हाल ही में कल्याण बनर्जी ने ममता बनर्जी को अल्टीमेटम दिया था कि वे अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी और उनमें से किसी एक को चुन लें।

श्रीरामपुर के दिग्गज सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा, वह मेरे बेटा जैसा है। पिता का कर्तव्य है कि वह बेटे की सभी गलतियों को माफ कर दे। देश में लोकतंत्र खतरे में है। पश्चिम बंगाल में पहले कभी ऐसी स्थिति नहीं आई, जहां विपक्ष का पूरी तरह से सफाया हो गया हो। यह मुख्यमंत्री प्रतिशोध की भावना से ग्रस्त है। यह लोकतंत्र के लिए खतरा है।

24 घंटे पहले ममता बनर्जी को दिया था अल्टीमेटम

यह बयान ऐसे समय आया है, जब इससे महज 24 घंटे पहले कल्याण बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी पर हमला बोलते हुए उन पर अहंकारी रवैया अपनाने का आरोप लगाया था। उन्होंने डायमंड हार्बर सांसद से जुड़े सभी कानूनी मामलों से खुद को अलग करने की घोषणा की थी और यहां तक कि पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी को अल्टीमेटम भी दे दिया था कि वह अपने भतीजे और उन जैसे वरिष्ठों में से किसी एक को चुनें।

कल्याण बनर्जी के बयान पर अभिषेक का संयमित रुख

वहीं, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में जारी अंदरूनी खींचतान के बीच पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने शुक्रवार को संयमित रुख अपनाते हुए वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी के साथ टकराव की अटकलों को विराम देने की कोशिश की। अभिषेक ने कल्याण बनर्जी को अपना राजनीतिक मार्गदर्शक बताते हुए कहा कि उन्हें आलोचना करने का पूरा अधिकार है, जिससे पार्टी के भीतर बढ़ते मतभेदों के बीच सुलह और संतुलन का संदेश देने का प्रयास नजर आया।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल फर्जी हस्ताक्षर मामले में अभिषेक बनर्जी ने कल्याण बनर्जी को पैरवी से हटा दिया था। इससे कल्याण बनर्जी बुरी तरह से नाराज हो गए थे और इसे अपमान और अनादर बताया था। उन्होंने कहा कि उनके बेटे ने उन्हें फोन करके बताया कि अभिषेक बनर्जी के फर्जी हस्ताक्षर मामले में उन्हें कोर्ट नहीं जाना है और उनकी जगह वकील किशोर दत्ता पक्ष रखेंगे। कल्याण बनर्जी ने कहा 'अभिषेक को सीनियर्स का सम्मान करना नहीं आता। वह बहुत घमंडी है और कभी भी मुझ पर भरोसा नहीं करता था और न ही करेगा।'

मोदी सरकार के सफल 12 वर्ष पूर्ण होने पर निजामुद्दीन दरगाह में विशेष दुआ

मुस्लिम भाजपाइयों ने प्रधानमंत्री मोदी की दीर्घायु और देश की तरक्की के लिए मांगी दुआएं

भोपाल/नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देश की राजधानी दिल्ली स्थित ऐतिहासिक हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया की दरगाह में विशेष दुआ और चादरपोशी का आयोजन किया गया। पसमांदा मुस्लिम समाज उत्थान समिति (पंजीकृत) के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य तथा भारत की निरंतर प्रगति और समृद्धि के लिए सामूहिक दुआ की गई।

कार्यक्रम के दौरान देश में शांति, सौहार्द, भाईचारा और राष्ट्रीय एकता बनाए रखने की भी प्रार्थना की गई। समिति के मुख्य संरक्षक एवं वरिष्ठ भाजपा नेता इरफ़ान अहमद तथा राष्ट्रीय अध्यक्ष एहसान अब्बासी के नेतृत्व में दरगाह पर चादर और अकीदत के फूल पेश किए गए।

जनकल्याणकारी योजनाओं को बताया विकास की आधारशिला

इस अवसर पर आयोजित पत्रकार वार्ता में वक्ताओं ने केंद्र सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल को विकास, सुशासन और जनकल्याण के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बताया। मुख्य संरक्षक इरफ़ान अहमद ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में केंद्र सरकार की अनेक योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान तक पहुंचा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जनधन योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, मुद्रा योजना, स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना जैसी पहल ने गरीब, पिछड़े और वंचित वर्गों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य किया है। उन्होंने दावा किया कि इन योजनाओं के माध्यम से करोड़ों लोगों को बैंकिंग, स्वास्थ्य, आवास, स्वच्छता, रोजगार, पेयजल और खाद्यान्न जैसी मूलभूत सुविधाओं का लाभ मिला है। साथ ही पसमांदा मुस्लिम समाज की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार भी व्यक्त किया गया।

अनेक गणमान्य नागरिक रहे उपस्थित

कार्यक्रम में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग की सदस्य मुन्नव्वरी बेगम, अकरम हाशमी, बिलाल जै़दी, गुलाम निज़ाम निज़ामी, इकबाल खान, फुरकान सलमानी, बाबर निज़ामी, मजाहिर हुसैन सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।

मुख्य बिंदु:-

- हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया दरगाह में विशेष दुआ का आयोजन।

- प्रधानमंत्री मोदी की दीर्घायु और देश की उन्नति के लिए प्रार्थना।

- पसमांदा मुस्लिम समाज उत्थान समिति द्वारा चादरपोशी।

- केंद्र सरकार की 12 वर्षों की उपलब्धियों पर चर्चा।

- शांति, सौहार्द और राष्ट्रीय एकता का संदेश।

मड़िहान थाना समाधान दिवस में सुनी गईं जनसमस्याएं, त्वरित एवं निष्पक्ष निस्तारण के दिए गए निर्देश

मिर्जापुर, मड़िहान। थाना मड़िहान परिसर में शनिवार को समाधान दिवस का आयोजन किया गया, जिसमें आमजन की समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरता से सुना गया। समाधान दिवस की अध्यक्षता थाना प्रभारी निरीक्षक रविंद्र भूषण मौर्य ने की। इस दौरान स्थानीय पुलिस प्रशासन, राजस्व विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा अन्य संबंधित विभागों की टीम मौजूद रही।

समाधान दिवस में बड़ी संख्या में फरियादी अपनी शिकायतों एवं समस्याओं को लेकर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रत्येक शिकायत को ध्यानपूर्वक सुना तथा संबंधित अधिकारियों को मामलों के समयबद्ध, निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए आवश्यक निर्देश दिए। विशेष रूप से भूमि विवाद, राजस्व संबंधी प्रकरणों एवं अन्य जनसमस्याओं के समाधान पर जोर दिया गया।

थाना प्रभारी रविंद्र भूषण मौर्य ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों के निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

समाधान दिवस के दौरान पुलिस एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने प्राप्त प्रार्थना पत्रों का परीक्षण कर कई मामलों में मौके पर ही आवश्यक कार्रवाई की। अधिकारियों ने उपस्थित लोगों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं का नियमानुसार निस्तारण कराया जाएगा।

इस अवसर पर पुलिस विभाग एवं राजस्व विभाग के अधिकारी, कर्मचारी तथा क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। समाधान दिवस के आयोजन से फरियादियों को अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों के समक्ष रखने का अवसर मिला, जिससे उनके शीघ्र समाधान की उम्मीद बढ़ी है।
डॉ कृपाशंकर मिश्र द्वारा लिखित साहित्य मंथन का लोकार्पण


मुंबई । प्रतीक्षा मेमोरियल एज्युकेशनल ट्रस्ट के 20 वें वार्षिक सम्मेलन 2026 ई के वैनर तले डाँ.कृपाशंकर मिश्र विरचित हिन्दी काव्य-संग्रह " साहित्य मंथन " का लोकार्पण और पुस्तक परिचर्चा बुधवार 10 जून 2026 केशव गोरे सभागार गोरेगांव पश्चिम मुम्बई में आयोजित किया गया।आयोजन की अध्यक्षता हिन्दी साहित्य के पितामह डाँ सुधाकर मिश्र ने किया।पुस्तक परिचर्चा में भाग लेने वाले मनीषियों में डाँ शीतला प्रसाद दूबे,मुम्बई विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डाँ करुणाशंकर उपाध्याय,प्रोफेसर डाँ.दयानंद तिवारी,महान विदुषी डाँ उषा मिश्रा,डाँ सागर त्रिपाठी, वाराणसी से डाँ कपिलदेव प्रसाद मिश्र,नागपुर से पधारे रामकृष्ण सहस्रबुद्धे उपस्थित थे।

मंच का संचालन करते हुए डाँ उमेशचंद्र शुक्ल ने साहित्य मंथन पर अपने विस्तृत और व्यापक विचार प्रस्तुत किये। सरस्वती वंदना संस्कृत विद्वान राम व्यास उपाध्याय ने किया।गणेश स्तुति पर कथक नृत्य कनिष्का अंकित मिश्रा ने किया तथा स्वागत व भूमिका में संपूर्ण नियोजन की जानकारी संस्था के अध्यक्ष डाँ.कृपाशंकर मिश्र ने दिया।उपस्थित कलमकारो में गजानन महतपुरकर, बोधिसत्व, आभा बोधिसत्व,डाँ देवमणि पाण्डेय,डाँ नीलिमा पाण्डेय,सत्यभामा सिंह, शिवकुमार सिंह, राजकुमार मिश्र, डाँ दिनेश वर्मा,डाँ रोशनी किरन,डाँ किरन मिश्रा, पल्लवी रानी, किरन तिवारी,ओमप्रकाश तिवारी, शिवप्रकाश जमदग्निपुरी, दिनेश वर्मा,मनोज नायक, लालबहादुर कमल,नन्दन मिश्र त्यागी,सुरेश मिश्र, मिथिलेश मिश्र,प्रमोद उपाध्याय, नीतू पाण्डेय क्रान्ति, राजेन्द्र मिश्र,डाँ मृदुल तिवारी महक,वाचस्पति तिवारी,श्रीधर आत्मिक मिश्र, प्रमोद पाण्डेय, विनोद पाण्डेय,रामजीत गुप्त,नन्दलाल क्षितिज,ए पी द्विवेदी रोमा झा, कुसुम तिवारी और बेटी इन्दिराअमिता गुजराल,  जागृति सिन्हा,राजनाथ शर्मा,हरिशंकर मिश्र भाइन्दर, संतोष मिश्र,सुरेश दूबे, कृष्णकान्त मिश्र, रामसिंह, अमरनाथ तिवारी, गौरीशंकर तिवारी, हरिश्चंद्र पाण्डेय, आनन्द पाण्डेय केवल,  मीनाक्षी शर्मा, कवि एवं पत्रकार विनय शर्मा दीप,अरुण दूबे,डाँ प्रमोद पाण्डेय (मानस परिवार), सूर्यकुमार तिवारी एवं समस्त मानस ट्रस्ट परिवार,संजय द्विवेदी,अनिल कुमार राही, राकेशमणि तिवारी, आर के सर, कवि चुलबुल, अवधेश विश्वकर्मा उपस्थित रहे।

उपस्थिति सभी साहित्यकारों को साहित्य गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया। वसीम सहित अन्य सभागार में सहयोगी और समर्पित भाव से आयोजन बनाने वालो की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजन का अंत राष्ट्रगान से हुआ तथा संस्था अध्यक्ष डॉ कृपाशंकर मिश्र ने सभी से क्षमा याचना की और अपना आभार व्यक्त किया।
बिलग्राम तहसील प्रशासन के कारनामे, मेड़बंदी कराई, कब्जा दिलाया, फिर बदल गई रिपोर्ट
*गाटा संख्या 75 मे 0.0918 हेक्टेयर भूमि घाटे की पैमाइश पर पारित हुआ था थाकबंदी आदेश*

*मेड़ तोड़े जाने की पुष्टि के बाद भी कार्रवाई नहीं बाद की रिपोर्ट ने खड़े किए नए प्रश्न*

रितेश मिश्रा
हरदोई। उत्तर प्रदेश सरकार जहां प्रशासन में पारदर्शिता और "जीरो टॉलरेंस" नीति को सुशासन का आधार बताती है, वहीं हरदोई जिले की बिलग्राम तहसील का एक भूमि विवाद राजस्व प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। एक ही प्रकरण में पहले पैमाइश, फिर थाकबंदी आदेश, उसके अनुपालन में मेड़बंदी और कब्जा दिलाने की कार्रवाई, और बाद में उसी मामले में विपरीत रिपोर्ट—पूरा घटनाक्रम ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।बिलग्राम तहसील के ग्राम श्यामपुर में गाटा संख्या 75 से जुड़े इस मामले में न्यायालय के आदेश से लेकर प्रशासनिक कार्रवाई तक की कहानी कई मोड़ों से गुजरती है। हर मोड़ पर एक नया सवाल खड़ा होता है और हर सवाल का जवाब अभी भी फाइलों के पन्नों में तलाशा जा रहा है।ग्राम श्यामपुर निवासी दिवाकर मिश्रा पुत्र प्रेमचंद्र ने गाटा संख्या 75 की भूमि के संबंध में उपजिलाधिकारी बिलग्राम के न्यायालय में थाकबदी वाद प्रस्तुत किया था। न्यायालय के निर्देश पर क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक ने मौके पर पैमाइश कर नक्शा नजरी एवं थाकबंदी आख्या तैयार की।
पैमाइश में सामने आया 0.0918 हेक्टेयर भूमि का घाटा
राजस्व अभिलेखों में गाटा संख्या 75 का क्षेत्रफल 0.2710 हेक्टेयर दर्ज था, जबकि मौके पर हुई पैमाइश में उसका वास्तविक क्षेत्रफल मात्र 0.1792 हेक्टेयर पाया गया। इस प्रकार गाटा संख्या 75 में कुल 0.0918 हेक्टेयर भूमि का घाटा दर्ज हुआ।
इतना ही नहीं, आसपास के कई गाटों में क्षेत्रफल की बढ़त भी दर्ज की गई। रिपोर्ट के अनुसार—
गाटा संख्या 55 में 0.0635 हेक्टेयर बढ़त
गाटा संख्या 74 में 0.0376 हेक्टेयर बढ़त
गाटा संख्या 76 में 0.0278 हेक्टेयर बढ़त
गाटा संख्या 77 में 0.0283 हेक्टेयर बढ़त
गाटा संख्या 72 एवं 73 में भी क्षेत्रफल का अंतर दर्ज किया गया
पड़ोसी गाटों की पैमाइश के आधार पर तैयार आख्या न्यायालय में प्रस्तुत की गई। प्रभावित पक्षों को समन और समाचार पत्र के माध्यम से सूचना दी गई, लेकिन किसी भी पक्ष ने कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई। इसके बाद एसडीएम न्यायालय ने 28 मई 2025 को प्रस्तुत आख्या को स्वीकार करते हुए थाकबंदी आदेश पारित कर दिया।
आदेश मिला, लेकिन अनुपालन में हुई देरी

दिवाकर मिश्रा का आरोप है कि न्यायालय का आदेश पारित होने के बावजूद लंबे समय तक उसका अनुपालन नहीं कराया गया। न्यायालय का आदेश अभिलेखों में दर्ज रहा, लेकिन जमीन पर उसकी तस्वीर दिखाई नहीं दी।आखिरकार 11 मार्च 2026 को दिवाकर मिश्रा ने जिलाधिकारी हरदोई को शिकायत देकर थाकबंदी आदेश का अनुपालन कराने की मांग कीजिलाधिकारी के निर्देश के बाद एसडीएम बिलग्राम ने राजस्व निरीक्षक और लेखपाल को मौके पर भेजा। इसके बाद मेड़बंदी कराई गई और दिवाकर मिश्रा को भूमि पर कब्जा दिलाया गया।

कब्जे के बाद फिर शुरू हुआ विवाद

दिवाकर मिश्रा का आरोप है कि कब्जा मिलने के बाद रामलखन त्रिपाठी पुत्र श्याममोहन तथा उमाकांत शुक्ल निवासी बालामऊ चार-पांच अन्य व्यक्तियों के साथ मौके पर पहुंचे और बनाई गई मेड़ को तोड़ दिया। आरोप है कि भूमि को पुनः अपने खेत में मिला लिया गया तथा विरोध करने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी गई।
इस संबंध में दिवाकर मिश्रा नेआईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत संख्या20015536022250 दर्ज कराई।

पहली रिपोर्ट में मेड़ तोड़ने की पुष्टि

शिकायत की जांच में क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक ने 19 मई 2026 को प्रस्तुत अपनी आख्या में मेड़ तोड़े जाने का उल्लेख किया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि थाकबंदी आदेश के अनुरूप की गई मेड़बंदी को नहीं माना गया और मौके की स्थिति बदल दी गई।
रिपोर्ट के बाद कार्रवाई की उम्मीद जगी, लेकिन दिवाकर मिश्रा का आरोप है कि इसके बाद भी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

दूसरी शिकायत और बदल गई पूरी तस्वीर

इसके बाद दिवाकर मिश्रा ने पुनः आईजीआरएस शिकायत संख्या 20015526024152 दर्ज कराई। इस बार जांच में प्रस्तुत रिपोर्ट ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया।
आरोप है कि उसी राजस्व निरीक्षक ने अपनी नई रिपोर्ट में कहा कि आवेदक का भू-चित्र छोटा बना हुआ है, इसलिए उसे पूरी भूमि नहीं दी जा सकती। रिपोर्ट में विपक्षी पक्ष के प्रत्यावेदन का भी उल्लेख किया गया। बाद में एसडीएम बिलग्राम स्तर से भी इसी आधार पर रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी गई।

सवालों के घेरे में पूरा घटनाक्रम

यहीं से कई प्रश्न जन्म लेते हैं। यदि भू-चित्र छोटा था तो उसी पैमाइश रिपोर्ट के आधार पर थाकबंदी आदेश कैसे पारित हुआ? यदि आदेश सही नहीं था तो प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर मेड़बंदी कर कब्जा क्यों दिलाया? और यदि कब्जा दिलाना सही था तो बाद में अधिकारियों की रिपोर्ट का आधार क्या था?
जब पहली रिपोर्ट में मेड़ तोड़े जाने की पुष्टि हो चुकी थी, तब संबंधित लोगों के विरुद्ध कार्रवाई क्यों नहीं हुई? और यदि दूसरी रिपोर्ट सही है तो पहली रिपोर्ट तथा उसके आधार पर हुई प्रशासनिक कार्रवाई को किस नजर से देखा जाए?
यही वे प्रश्न हैं जो आज ग्राम श्यामपुर से लेकर तहसील मुख्यालय तक चर्चा का विषय बने हुए हैं।
जांच की मांग तेज
दिवाकर मिश्रा ने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि न्यायालय के आदेश, पैमाइश रिपोर्ट, नक्शा नजरी, आईजीआरएस शिकायतों और बाद में प्रस्तुतविरोधाभासी रिपोर्टों की समग्र जांच होनी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि एक ही मामले में सरकारी अभिलेखों और प्रशासनिक निष्कर्षों में इतना बड़ा अंतर आखिर क्यों दिखाई दे रहा है। ऐसे मे अब निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं। सवाल यह है कि क्या इस मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच होगी, या फिर गाटा संख्या 75 का यह विवाद आने वाले समय में और बड़े सवाल खड़े करेगा।
सपा की हरदोई जिला कार्यकारिणी भंग .
रितेश मिश्रा


हरदोई। समाजवादी पार्टी के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने जनपद हरदोई की जिला कार्यकारिणी को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। इसके साथ ही जिले के सभी प्रकोष्ठों की जिला कार्यकारिणी भी समाप्त कर दी गई है। प्रदेश अध्यक्ष द्वारा जारी प्रकाशनार्थ पत्र में कहा गया है कि हरदोई जिला कार्यकारिणी, जिला अध्यक्ष सहित तथा सभी प्रकोष्ठों की जिला कार्यकारिणी, जिला अध्यक्षों सहित तत्काल प्रभाव से भंग की जाती है।

यह आदेश 13 जून 2026 को जारी किया गया है। पार्टी के इस फैसले के बाद जिले की सियासत में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। माना जा रहा है कि संगठन में व्यापक फेरबदल और नई कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया जल्द शुरू हो सकती है। हालांकि, अभी तक कार्यकारिणी भंग किए जाने के कारणों का आधिकारिक रूप से खुलासा नहीं किया गया है। पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की नजर अब नई जिला कार्यकारिणी के गठन पर टिकी हुई है।
कछौना का आरोग्य मंदिर उपकेन्द्र पुरवा खुद 'कुपोषित', परिसर बना तबेला, जिम्मेदार मौन

रितेश मिश्रा


कछौना, हरदोई। विकास खण्ड कछौना के स्वास्थ्य केंद्र व आरोग्य मंदिर ग्राम सभा पुरवा में कई माह से नियमित स्वास्थ्य कर्मियों के न आने के कारण परिसर में गंदगी का अंबार व जानवर बांधे जा रहे हैं। झाड़ी उगी है, पल्ले भी टूट चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की अनदेखी के चलते आमजनमानस स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित है। पूरे मामले की शिकायत ग्रामीणों ने जिला अधिकारी से की है।

ग्रामीण क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए स्वास्थ्य उपकेंद्र व आरोग्य मन्दिर बनाए गए हैं। परंतु ग्रामीणों में जागरूकता की कमी के चलते व विभागीय अधिकारियों की खाऊ कमाऊ नीति के चलते यह आरोग्य मंदिर खुद कुपोषित है।

           विकासखंड कछौना की ग्राम सभा पुरवा में स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्र व आरोग्य मन्दिर में कई माह से स्वास्थ्य कर्मी नियमित रूप से नहीं आते हैं। जिसके कारण भवन क्षतिग्रस्त हो गए हैं। पल्ले भी टूट चुके हैं। परिसर में बड़ी-बड़ी घास की झड़ी उग गई है। यहां तक गांव के लोग परिसर में जानवर बांधते हैं। स्वास्थ्य सेवाओं का मजाक बनाया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य का लाभ न मिल पाने के कारण आम जनमानस झोलाछाप डॉक्टरों की शरण में जाने को मजबूर है। पूरे मामले की शिकायत पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया मामले की स्थलीय जांच कराकर दोषी लोगों पर कार्यवाई की जाएगी।
जेष्ठ मास के शनिवार के दिन भक्तों द्वारा बाला जी का विशाल भंडारे का आयोजन किया गया

बबलू प्रजापति


पिहानी क्षेत्र के सहादत नगर में शनिवार के दिन बालाजी के जयकारों के साथ विशाल भंडारे का आयोजन किया गया प्रथम कन्याओं का पूजन करके प्रसाद वितरण किया गया।भक्तों द्वारा दिन भर भंडारे का आयोजन चलाया गया सभी भक्त ने सभी भक्तों को राहगीरों को प्रसाद वितरण किया गया।

भक्तों द्वारा दिनभर बालाजी के जयकारे लगते रहे।पवित्र ज्येष्ठ मास में भक्तों को प्रसाद बांटने, तथा प्रसाद पाने वाले भक्तों के कष्ट दूर होते हैं बालाजी महाराज सभी भक्तों की रक्षा करते हैं। मुख्य आयोजन कर्ता दीपू सक्सेना, शनि सक्सेना, के द्वारा आयोजन संपन्न हुआ तथा अन्य भक्त हरिओम भोजवाल, राजेश सिंह, नितिन मिश्रा, अवधेश सिंह, बबलू प्रजापति आदि मौजूद रहे।
मुख्य सड़क पर बने गड्ढे हादसों को दे रहे दावत जिम्मेदार बेखबर

धर्म सिंह

माधौगंज-हरदोई।माधौगंज से सेलापुर मटियामऊ को जाने वाली मुख्य सड़क पर फजलपुर के पास की  मुख्य सड़क के किनारे पर बना गहरा गड्ढा राहगीरों  के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। माधोगंज से सेलापुर मटियामऊ से तेरवाकुली, मेंहदीघाट कन्नौज को जाने वाली यह मुख्य सड़क है जिस पर बड़ी बड़ी गाड़ियों का आवागमन लगा रहता है। रात के समय गड्ढा दिखाई नहीं देने से लोग हादसों का शिकार होने से बच रहे है।

क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि गड्ढे से अंजान राहगीरों को बहुत दिक्कत होता है। वह भी कई बार इस गड्ढे से बचे हैं। क्योंकि दिन के समय में तो यह गड्ढा दिखाई दे जाता है, लेकिन रात के समय में इसका पता नहीं चलता और लोग हादसे का शिकार हो जाते हैं। सड़क पर बने गड्ढे को 5 से 10 दिन गुजर चुके हैं।रात के समय बढ़ जाती है अधिक परेशानी
ग्रामीणोंका कहना है कि गड्ढा सड़क के बिल्कुल किनारे पर बना हुआ है। गड्ढे के कारण रात के समय वाहन चालकों की परेशानी अधिक बढ़ जाती है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से सड़क किनारे बने गड्ढे को बंद करने की मांग की है।
शातिर अपराधी गुफरान अहमद 6 महीने के लिए जिला बदर
ADM राकेश सिंह के आदेश पर पुलिस ने चस्पा की नोटिस


सुल्तानपुर। में जिला प्रशासन ने शनिवार को एक शातिर अपराधी गुफरान अहमद को 6 महीने के लिए जिला बदर कर दिया है। शनिवार दोपहर पुलिस ने अपराधी के घर पर न सिर्फ नोटिस चस्पा कराया बल्कि क्षेत्र में मुनादी भी कराया है। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राकेश सिंह की अदालत ने यह आदेश जारी किया। यह कार्रवाई योगी सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत की गई है।

गुफरान अहमद कादीपुर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम खन्डौरा का निवासी है। वह इलाके में एक आदतन और शातिर अपराधी के रूप में सक्रिय था। पुलिस अधीक्षक सुल्तानपुर की रिपोर्ट और कादीपुर इंस्पेक्टर की जांच आख्या के आधार पर अदालत ने पाया कि गुफरान अहमद समाज के लिए गंभीर खतरा बन चुका था।

आरोपी गुफरान अहमद के खिलाफ कादीपुर थाने में कई गंभीर धाराओं के तहत आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि गुफरान अहमद एक आदतन अपराधी (गुंडा) है, जिसके खौफ के कारण आम जनता उसके खिलाफ बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पाती है। उसका जिले में स्वतंत्र घूमना जनहित और शांति व्यवस्था के लिए हानिकारक है। एडीएम राकेश सिंह ने उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह कार्रवाई की।

निष्कासन की 6 महीने की अवधि के दौरान गुफरान अहमद सुल्तानपुर जिले में निवास नहीं कर सकेगा और न ही जिले की सीमा में प्रवेश का प्रयास करेगा। उसे केवल अदालत में पेशी के दिन ही पूर्व अनुमति के साथ जिले में प्रवेश की अनुमति होगी। इस दौरान वह कोई भी आग्नेयास्त्र नहीं रख सकेगा। आरोपी को कादीपुर थानाध्यक्ष के समक्ष 50,000 रुपये का बंधपत्र भी प्रस्तुत करना होगा।

यदि आरोपी ने जिला बदर के इस आदेश का उल्लंघन किया या सुल्तानपुर की सीमा में पाया गया, तो उसके खिलाफ गुंडा एक्ट की धारा 10 और 11 के तहत सीधे जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी।
खत्म हो गई तकरार! कल्याण बनर्जी के बदले सुर, अभिषेक बनर्जी को बताया बेटे समान

#kalyan_banerjee_u_turn_said_abhishek_banerjee_like_son

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ नेता और सांसद कल्याण बनर्जी के सुर बदले-बदले नजर आ रहे हैं। पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी को घमंडी कहने वाले कल्याण बनर्जी ने अब उन्हें अपने बेटे जैसा बताया है। इससे पहले हाल ही में कल्याण बनर्जी ने ममता बनर्जी को अल्टीमेटम दिया था कि वे अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी और उनमें से किसी एक को चुन लें।

श्रीरामपुर के दिग्गज सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा, वह मेरे बेटा जैसा है। पिता का कर्तव्य है कि वह बेटे की सभी गलतियों को माफ कर दे। देश में लोकतंत्र खतरे में है। पश्चिम बंगाल में पहले कभी ऐसी स्थिति नहीं आई, जहां विपक्ष का पूरी तरह से सफाया हो गया हो। यह मुख्यमंत्री प्रतिशोध की भावना से ग्रस्त है। यह लोकतंत्र के लिए खतरा है।

24 घंटे पहले ममता बनर्जी को दिया था अल्टीमेटम

यह बयान ऐसे समय आया है, जब इससे महज 24 घंटे पहले कल्याण बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी पर हमला बोलते हुए उन पर अहंकारी रवैया अपनाने का आरोप लगाया था। उन्होंने डायमंड हार्बर सांसद से जुड़े सभी कानूनी मामलों से खुद को अलग करने की घोषणा की थी और यहां तक कि पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी को अल्टीमेटम भी दे दिया था कि वह अपने भतीजे और उन जैसे वरिष्ठों में से किसी एक को चुनें।

कल्याण बनर्जी के बयान पर अभिषेक का संयमित रुख

वहीं, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में जारी अंदरूनी खींचतान के बीच पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने शुक्रवार को संयमित रुख अपनाते हुए वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी के साथ टकराव की अटकलों को विराम देने की कोशिश की। अभिषेक ने कल्याण बनर्जी को अपना राजनीतिक मार्गदर्शक बताते हुए कहा कि उन्हें आलोचना करने का पूरा अधिकार है, जिससे पार्टी के भीतर बढ़ते मतभेदों के बीच सुलह और संतुलन का संदेश देने का प्रयास नजर आया।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल फर्जी हस्ताक्षर मामले में अभिषेक बनर्जी ने कल्याण बनर्जी को पैरवी से हटा दिया था। इससे कल्याण बनर्जी बुरी तरह से नाराज हो गए थे और इसे अपमान और अनादर बताया था। उन्होंने कहा कि उनके बेटे ने उन्हें फोन करके बताया कि अभिषेक बनर्जी के फर्जी हस्ताक्षर मामले में उन्हें कोर्ट नहीं जाना है और उनकी जगह वकील किशोर दत्ता पक्ष रखेंगे। कल्याण बनर्जी ने कहा 'अभिषेक को सीनियर्स का सम्मान करना नहीं आता। वह बहुत घमंडी है और कभी भी मुझ पर भरोसा नहीं करता था और न ही करेगा।'

मोदी सरकार के सफल 12 वर्ष पूर्ण होने पर निजामुद्दीन दरगाह में विशेष दुआ

मुस्लिम भाजपाइयों ने प्रधानमंत्री मोदी की दीर्घायु और देश की तरक्की के लिए मांगी दुआएं

भोपाल/नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देश की राजधानी दिल्ली स्थित ऐतिहासिक हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया की दरगाह में विशेष दुआ और चादरपोशी का आयोजन किया गया। पसमांदा मुस्लिम समाज उत्थान समिति (पंजीकृत) के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य तथा भारत की निरंतर प्रगति और समृद्धि के लिए सामूहिक दुआ की गई।

कार्यक्रम के दौरान देश में शांति, सौहार्द, भाईचारा और राष्ट्रीय एकता बनाए रखने की भी प्रार्थना की गई। समिति के मुख्य संरक्षक एवं वरिष्ठ भाजपा नेता इरफ़ान अहमद तथा राष्ट्रीय अध्यक्ष एहसान अब्बासी के नेतृत्व में दरगाह पर चादर और अकीदत के फूल पेश किए गए।

जनकल्याणकारी योजनाओं को बताया विकास की आधारशिला

इस अवसर पर आयोजित पत्रकार वार्ता में वक्ताओं ने केंद्र सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल को विकास, सुशासन और जनकल्याण के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बताया। मुख्य संरक्षक इरफ़ान अहमद ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में केंद्र सरकार की अनेक योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान तक पहुंचा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जनधन योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, मुद्रा योजना, स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना जैसी पहल ने गरीब, पिछड़े और वंचित वर्गों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य किया है। उन्होंने दावा किया कि इन योजनाओं के माध्यम से करोड़ों लोगों को बैंकिंग, स्वास्थ्य, आवास, स्वच्छता, रोजगार, पेयजल और खाद्यान्न जैसी मूलभूत सुविधाओं का लाभ मिला है। साथ ही पसमांदा मुस्लिम समाज की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार भी व्यक्त किया गया।

अनेक गणमान्य नागरिक रहे उपस्थित

कार्यक्रम में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग की सदस्य मुन्नव्वरी बेगम, अकरम हाशमी, बिलाल जै़दी, गुलाम निज़ाम निज़ामी, इकबाल खान, फुरकान सलमानी, बाबर निज़ामी, मजाहिर हुसैन सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।

मुख्य बिंदु:-

- हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया दरगाह में विशेष दुआ का आयोजन।

- प्रधानमंत्री मोदी की दीर्घायु और देश की उन्नति के लिए प्रार्थना।

- पसमांदा मुस्लिम समाज उत्थान समिति द्वारा चादरपोशी।

- केंद्र सरकार की 12 वर्षों की उपलब्धियों पर चर्चा।

- शांति, सौहार्द और राष्ट्रीय एकता का संदेश।