कानपुर में सनसनी: रिटायर्ड फौजी ने पत्नी-बेटे की गोली मारकर हत्या की, फिर ट्रेन से कटकर दी जान
घटना से पूरे इलाके में दहशत और शोक का माहौल

प्रथम दृष्टया मामला पारिवारिक विवाद का बताया जा रहा

कानपुर । कानपुर के सेन पश्चिम पारा थाना क्षेत्र के तुलसियापुर गांव नई बस्ती में सोमवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एक रिटायर्ड फौजी ने अपनी पत्नी और नाबालिग बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी और इसके बाद खुद रेलवे ट्रैक पर जाकर ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली। घटना से पूरे इलाके में दहशत और शोक का माहौल है।मृतक की पहचान चेतराम कुमार (52) के रूप में हुई है, जो सेना से सेवानिवृत्त थे। पुलिस के मुताबिक चेतराम ने अपने घर के अंदर लाइसेंसी दोनाली बंदूक से पत्नी सुनीता (40) और बेटे दीप (16) को गोली मार दी।

वारदात को अंजाम देने के बाद उसने मकान के मुख्य गेट पर बाहर से ताला बंद किया और करीब दो किलोमीटर दूर कठोगर गांव के पास भाऊपुर रेलवे ट्रैक पर पहुंचकर ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। सुबह रेलवे ट्रैक पर एक व्यक्ति का शव मिलने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। शिनाख्त के प्रयास में पुलिस जब उसके घर पहुंची तो दरवाजा बाहर से बंद मिला। ताला तोड़कर अंदर प्रवेश करने पर पत्नी और बेटे के शव खून से लथपथ हालत में पड़े मिले। यह देखकर पुलिसकर्मी भी सन्न रह गए।घटना की सूचना मिलते ही फोरेंसिक टीम को बुलाया गया।

टीम ने मौके से बंदूक, खोखे और अन्य साक्ष्य एकत्र किए। तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।थाना प्रभारी प्रदीप सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला पारिवारिक विवाद का प्रतीत हो रहा है, लेकिन हत्या के सटीक कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस जमीनी विवाद, पारिवारिक तनाव और अन्य संभावित कारणों की भी पड़ताल कर रही है। आसपास के लोगों और रिश्तेदारों से पूछताछ की जा रही है।इस दर्दनाक घटना के बाद गांव में मातम पसरा है। पड़ोसियों के अनुसार परिवार सामान्य दिखाई देता था और किसी बड़े विवाद की जानकारी उन्हें नहीं थी। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।
आजमगढ़: छति ग्रस्त पुल के पोर्च के मरम्मत कार्य से प्रसन्नता ,आवा गमन में हो रही थी दिक्कत
आजमगढ़। मिर्जापुर विकास खण्ड में पड़ने वाले श्रषि दुर्वासा धाम स्थित तमसा मंजूषा के तट पर जन सहयोग से निर्मित पुल का क्षतिग्रस्त पोर्च मरम्मत किया जा रहा है। इससे तीर्थयात्रियों को आवागमन में हो रही परेशानी दूर होगी।समाजसेवी और शमशाबाद के ग्राम प्रधान मिस्टर प्रधान ने आज सुबह जेसीबी मशीन लगाकर पुल के मरम्मत का कार्य को शुरू कराया। पहले लोग मंजूषा नदी पर बने बांस बल्ली से बने चह से पार करते थे। लेकिन वाहन नहीं आ जा पाते थे। जन सहयोग से पुल बन जाने पे लोगों को आने जाने में काफी सहूलियत हो गयी। गाड़ी मोटर आने जाने लगें। आवागमन बढ़ गया। पुल का पोर्च क्षतिग्रस्त हो गया था। जिसके कारण तीर्थयात्रियों एवं राहगीरों को आने-जाने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा था। हमेशा खतरा बना रहता था। समाजसेवी गुफरान अहमद बलराम तिवारी, जो श्रषि दुर्वासा दत्तात्रेय चंद्रमा ऋषि विकास समिति आजमगढ़ के व्यवस्थापक हैं, ने इस नेक कार्य के लिए ग्राम प्रधान मिस्टर प्रधान की सराहना की है।
महाशिवरात्रि पर ज्ञानपुर में गंगा आरती:विधायक-अधिकारी शामिल, दशाश्वमेध घाट की तर्ज पर आयोजन


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। महाशिवरात्रि पर्व पर ज्ञानपुर स्थित बाबा हरिहरनाथ मंदिर परिसर के ज्ञान सरोवर में दशाश्वमेध गंगा घाट की तर्ज पर भव्य गंगा आरती का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम देर शाम संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इस आयोजन में ज्ञानपुर विधायक विपुल दूबे, भाजपा जिला अध्यक्ष दीपक मिश्रा,अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल सहित कई जनप्रतिनिधि और आम जनमानस मौजूद रहे। कार्यक्रम का आयोजन जय बाबा बर्फानी ग्रुप द्वारा किया गया था।
ज्ञान सरोवर को चारों ओर से रोशनी से सजाया गया था, जिससे एक मनमोहक दृश्य उत्पन्न हो रहा था, सरोवर के मध्य में नमो घाट का लोगों और भगवान शंकर की 21 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की गई थी,जो आकर्षण का केंद्र रही। गंगा आरती का नजारा देख हर कोई मंत्रमुग्ध हो गया और इसकी खूब प्रशंसा की। जिले में यह अपनी तरह का एक अनूठा कार्यक्रम रहा, जहां देर शाम तक महिलाएं भी ज्ञान सरोवर की सीढ़ियों पर बैठकर आरती देखती रहीं। जय बाबा बर्फानी के अध्यक्ष ब्रह्मा मोदनवाल और राजेंद्र सरोज सहित सभी पदाधिकारियों ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए एक सप्ताह से लगातार मेहनत की थी।
बोर्ड परीक्षा: परीक्षा में 1734 कक्ष निरीक्षक की लगी ड्यूटी,15 फीसदी रखे गए रिजर्व
*परीक्षा में आठ सौ परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों की लगी है ड्यूटी*

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले में 18 फरवरी से शुरू हो रही यूपी बोर्ड परीक्षा की तैयारी करीब-करीब पूरी हो गई है। 94 केंद्रों पर 1734 कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। जो 55 हजार 684 परीक्षार्थियों पर नजर रखेंगे। माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से 18 फरवरी से शुरू होने वाली बोर्ड परीक्षा के लिए जिले में 94 केंद्र बनाए गए हैं। इसमें हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के 55 हजार 684 परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा को पारदर्शी कराने के लिए प्रशासन से लेकर शिक्षा विभाग की ओर से हर स्तर पर तैयारी की गई है। सभी केंद्रों पर एक-एक स्टेटिक मजिस्ट्रेट, अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक की ड्यूटी लगाई गई है। जिले को तीन जोन और 12 सेक्टरों में बांटा गया है। तीनों एसडीएम को जोनल और जिलास्तरीय 12 अफसरों को सेक्टर मजिस्ट्रेट बनाया गया है। एक-एक कक्ष में 20 छात्र संख्या के आधार पर 1734 कक्ष निरीक्षकों की तैनाती की गई है। इसके लिए राजकीय, वित्तपोषित और वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों के अलावा आठ सौ बेसिक के शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। 10 से 15 फीसदी कक्ष निरीक्षकों को रिजर्व रखा गया है। जरूरत पड़ने पर उनको लगाया जाएगा। परीक्षा के लिए सभी केंद्रों पर उत्तरपुस्तिकाएं और प्रश्नपत्र भेजे जा चुके हैं। डीआईओएस अंशुमान ने बताया कि परीक्षा की तैयारी पूरी कर ली गई है।
यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष शुभम सिंह हाउस अरेस्ट, विधानसभा घेराव से पहले पुलिस की कार्रवाई

अमेठी,। मनरेगा का नाम बदलने के विरोध में 17 फरवरी को लखनऊ में प्रस्तावित विधानसभा घेराव से पहले अमेठी में युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष शुभम सिंह को उनके आवास पर सोमवार को हाउस अरेस्ट कर लिया गया। सुबह से ही उनके घर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया, जिसका फोटो वीडियो स्वयं शुभम सिंह के द्वारा सोशल मीडिया पर वायरल किया गया है। जिससे क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।

जानकारी के अनुसार, कांग्रेस पार्टी द्वारा लखनऊ में विधानसभा घेराव के आह्वान के मद्देनज़र प्रशासन ने एहतियातन यह कदम उठाया है। पुलिस की मौजूदगी के बीच शुभम सिंह को उनके ही घर में नजरबंद रखा गया है। शुभम सिंह ने अपने घर से एक वीडियो बनाकर सोमवार को सोशल मीडिया पर वायरल किया, जिसमें उन्होंने कहा कि सरकार जनता की आवाज दबाने का काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला है और जनता की आवाज उठाने वालों को रोकना सरकार की घबराहट को दर्शाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसके बावजूद युवा कांग्रेस लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगी।

इसी बीच यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष से मिलने उनके आवास पहुंचे वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एवं पूर्व महासचिव यूथ कांग्रेस धर्मेंद्र शुक्ला ने भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ता दबने वाले नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि किसी भी हाल में कार्यकर्ता लखनऊ पहुंचकर विधानसभा घेराव कार्यक्रम में शामिल होंगे।

पुलिस क्षेत्राधिकारी मनोज कुमार मिश्रा ने बताया कि कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस का प्रथम कर्तव्य है। फिलहाल किसी को नजर बंद नहीं किया गया है। कानून व्यवस्था बनाए रखने को लेकर ऐसे लोगों पर निगरानी रखी जा रही है। जिससे क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अशांति उत्पन्न होने का खतरा बना हुआ है। क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम रहे इसके लिए पुलिस हर उपाय कर रही है।
गया शहर के प्रसिद्ध लेजर, लैप्रोस्कोपिक एवं एंडोस्कोपिक सर्जन डॉ जेपी सिंह मुंबई में राष्ट्रीय सम्मेलन में दोहरी फेलोशिप से सम्मानित

गया। गया शहर के प्रसिद्ध लेजर, लैप्रोस्कोपिक एवं एंडोस्कोपिक सर्जन डॉ. जे. पी. सिंह को मुंबई में आयोजित IAGES – ELSA 2026 के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मेलन में “FAGIE – ERCP” तथा “FAGIE – Colonoscopy” की दोहरी फेलोशिप प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान देशभर के चुनिंदा सर्जनों को कठोर प्रशिक्षण, तकनीकी मूल्यांकन और उच्चस्तरीय परीक्षा में सफलता के बाद प्रदान किया जाता है।

डॉ. सिंह को यह सम्मान उन्नत गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल एंडोस्कोपी के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन, तकनीकी दक्षता और निरंतर चिकित्सा सेवा के लिए दिया गया। सम्मेलन में देश के वरिष्ठ एंडो-सर्जनों की उपस्थिति में उन्हें सम्मानित किया गया, जिसे किसी भी सर्जन के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण उपलब्धि माना जाता है।

डॉ. सिंह अपने अस्पताल प्रकाश मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल, मोहन नगर, गया में पहले से ही UGIE, Colonoscopy एवं ERCP जैसी उन्नत एंडोस्कोपिक प्रक्रियाएं नियमित रूप से कर रहे हैं।

इस दोहरी फेलोशिप के साथ उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर औपचारिक मान्यता भी प्राप्त हो गई है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, बिहार में ERCP जैसी जटिल एंडोस्कोपिक प्रक्रिया की नियमित उपलब्धता सीमित रही है। ऐसे में डॉ. सिंह की यह उपलब्धि राज्य के चिकित्सा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है। इससे पित्त नली और अग्न्याशय से संबंधित गंभीर रोगों के उपचार हेतु मरीजों को महानगरों पर निर्भरता कम होगी।

डॉ. सिंह ने बताया कि आधुनिक एंडोस्कोपिक तकनीकों से कई गंभीर बीमारियों का उपचार बिना बड़े ऑपरेशन के संभव है, जिससे मरीजों को कम दर्द, कम खर्च और शीघ्र स्वास्थ्य लाभ मिलता है। उन्होंने इस उपलब्धि को गया के मरीजों और सहयोगी चिकित्सकों को समर्पित करते हुए क्षेत्र में उन्नत चिकित्सा सुविधाएं विकसित करने का संकल्प व्यक्त किया।

पत्नी के सिर पर प्यार का भूत सवार,प्रेमी संग मिलकर की पति की हत्या,पत्नी गिरफ़्तार, प्रेमी हुआ फरार*
सुल्तानपुर में आज सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब एक पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति को मौत के घाट उतार दिया। घटना के बाद प्रेमी मौके से फरार हो गया जबकि पत्नी को हिरासत में ले लिया गया है। आरोपी प्रेमी को पकड़ने के लिए पुलिस की चार टीमें लगाई गई है। दरअसल ये मामला है लंभुआ कोतवाली क्षेत्र के मदनपुर पनियार गांव का। इसी गांव के रहने वाले अमित सिंह का विवाह कुछ वर्षों पूर्व शिल्पी सिंह से हुआ था। अमित सिंह ट्रक चलाने का कार्य करता था,अमित का साथी दीपक भी ट्रक चलाता था,जिसके कारण अक्सर वो अमित के घर आया करता था। जिससे दीपक और शिल्पी में प्रेम हो गया। इस बात की जानकारी जब घर वालों को लगी तो दीपक और शिल्पी को समझबुझा कर मामला शांत करवा दिया गया। कल भी दीपक, अमित के घर आया हुआ था। देर रात जब अमित सो रहा था तो दीपक ने शिल्पी को उठाया और अमित पर किसी धारदार हथियार हमला कर दिया। इस घटना में अमित की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं घटना के बाद शिल्पी और अमित फरार हो गए। इस बात की जानकारी जब आसपास के रहने वालों को लगी तो हड़कंप मच गया। आनन फानन पुलिस बुलाई गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतक अमित का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। डॉग स्क्वायट और फॉरेंसिक टीम भी बुलाई गई है। फिलहाल पुलिस ने पत्नी शिल्पी को गिरफ्तार कर लिया है, साथ ही फरार दीपक की तलाश करने के लिए चार टीमें भी लगाई गई है।
लापरवाही का गड्ढा, सिस्टम का मौन: ग्रेटर नोएडा में 3 साल के देवांश की डूबकर मौत
लखनऊ । उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में एक बार फिर सिस्टम की लापरवाही ने एक मासूम की जान ले ली। गांव दलेलगढ़ में तीन साल का देवांश उस गड्ढे में डूब गया, जिसे लेकर महीनों से हादसे की चेतावनी दी जा रही थी—लेकिन न प्रशासन जागा, न प्राधिकरण।एक महीने के भीतर यह तीसरी दर्दनाक घटना है। पहले नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता, फिर दिल्ली में कमल और अब ग्रेटर नोएडा में तीन साल का मासूम—सवाल वही है: आखिर कब भरे जाएंगे लापरवाही के ये गड्ढे?

धार्मिक आयोजन में मातम

देवांश अपने मामा के घर धार्मिक अनुष्ठान में आया था। बिलासपुर के पास दलेलगढ़ गांव में डालेश्वर बाबा की समाधि पर 41 दिन का अनुष्ठान चल रहा था। शनिवार को अंतिम दिन भंडारा था। इसी दौरान खेलते-खेलते देवांश छह से सात फीट गहरे पानी भरे गड्ढे में गिर गया।काफी देर तक बच्चे का पता नहीं चला। तलाश के दौरान गड्ढे में पानी पर तैरती उसकी टोपी दिखी। ग्रामीण पानी में कूदे, बच्चे को बाहर निकाला और अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। कुछ ही मिनटों में भंडारे की खुशियां चीख-पुकार में बदल गईं।

“पहले चेताया था, अब लाश उठी”

ग्रामीणों का आरोप है कि यह गड्ढा पशुचर भूमि पर है, जहां सालों से धड़ल्ले से मिट्टी निकाली जाती रही। कभी प्राधिकरण ने, कभी ग्रामीणों ने। बारिश और नालियों का पानी भरता गया और यह जगह मौत का कुंड बन गई।ग्रामीणों ने कई बार ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से तारबंदी की मांग की थी। हादसे की आशंका जताई गई थी, लेकिन फाइलें चलती रहीं—जमीन पर कुछ नहीं हुआ।

जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ता सिस्टम

हादसे के बाद प्रशासन हरकत में आया। सदर तहसीलदार, नायब तहसीलदार, लेखपाल के बाद रविवार को उप जिलाधिकारी आशुतोष गुप्ता मौके पर पहुंचे। प्राधिकरण की टीम भी आई—लेकिन जवाब वही पुराना।
प्राधिकरण के जीएम एके सिंह ने कहा कि यह गड्ढा खसरा संख्या 373 की निजी भूमि पर है, इसलिए प्राधिकरण सीधे कार्रवाई नहीं कर सकता। यानी जमीन निजी हो तो मासूम की जान भी निजी जिम्मेदारी?
उधर सुधीर सिंह, एडीसीपी ग्रेटर नोएडा ने कहा कि परिवार की ओर से कोई शिकायत नहीं मिली है, शिकायत मिलने पर कार्रवाई होगी।

बड़ा सवाल

क्या शिकायत से पहले किसी मासूम की मौत जरूरी है? अगर हादसे की आशंका पहले जताई गई थी तो प्रशासन ने समय रहते कदम क्यों नहीं उठाए? और अगर जमीन निजी थी, तो सार्वजनिक सुरक्षा किसकी जिम्मेदारी है?देवांश की मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि ग्रेटर नोएडा में विकास की रफ्तार तेज है, लेकिन सुरक्षा की फाइलें अब भी धीमी।
सीएम योगी की पाती: “यूपी का बजट 2026-27 नवाचार और युवा सशक्तिकरण का ऐतिहासिक दस्तावेज”
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम अपनी पाती में वर्ष 2026-27 के बजट को नवाचार, नवनिर्माण और युवा सशक्तिकरण का ऐतिहासिक बजट बताया है। उन्होंने कहा कि नवनिर्माण के नौ वर्षों की यह यात्रा प्रदेश को निरंतर प्रगति पथ पर आगे बढ़ा रही है और यह बजट प्रदेश की आकांक्षाओं की पूर्ति का सशक्त माध्यम बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की दिशा में यह बजट निर्णायक भूमिका निभाएगा। इसके तहत स्टेट डाटा अथॉरिटी का गठन किया जाएगा, जिससे डेटा आधारित नीति निर्माण को मजबूती मिलेगी और प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ेगी।
बजट में टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को विशेष प्राथमिकता दी गई है। प्रदेश में AI मिशन और AI डेटा लैब की स्थापना की जाएगी, जिससे उत्तर प्रदेश को वैश्विक तकनीकी केंद्र के रूप में स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई तकनीकों के माध्यम से विकास को नई गति दी जाएगी।
युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए 25 लाख युवाओं को नई टेक्नोलॉजी और आधुनिक कौशल में प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा, “हम युवाओं के सपनों को आकार दे रहे हैं और उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान कर रहे हैं।” मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह बजट प्रदेश के समग्र विकास, रोजगार सृजन और तकनीकी प्रगति का आधार बनेगा तथा उत्तर प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।
सियासी करवट: नसीमुद्दीन सिद्दीकी सपा में शामिल, बसपा में वापसी की कोशिशें नाकाम
लखनऊ । प्रदेश की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कांग्रेस छोड़ने के बाद आखिरकार समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया। वह लंबे समय से बहुजन समाज पार्टी में वापसी की कोशिशों में जुटे थे, लेकिन बात नहीं बन सकी।

सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने अपने पुराने साथियों के जरिए मायावती तक संदेश पहुंचाया और सार्वजनिक रूप से उनकी प्रशंसा भी की, लेकिन बसपा नेतृत्व ने वापसी की अनुमति नहीं दी। इसके बाद उन्होंने चंद्रशेखर आजाद से भी संपर्क साधा, मगर अंततः उन्होंने अखिलेश यादव की मौजूदगी में सपा की सदस्यता ग्रहण कर ली।

मुस्लिम राजनीति में बड़ा चेहरा

नसीमुद्दीन सिद्दीकी को प्रदेश की मुस्लिम राजनीति में प्रभावशाली नेता माना जाता रहा है। बसपा सरकार में उन्हें एक दर्जन से अधिक महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी मिली थी, जिसके चलते उन्हें ‘मिनी मुख्यमंत्री’ तक कहा जाता था। विधानसभा में वह अक्सर आजम खां पर हमलावर रहते थे, ताकि मुस्लिम वोट बैंक पर पकड़ बनाए रखी जा सके।हालांकि 2012 के बाद बसपा से अलग होते समय उन्होंने मायावती के साथ बातचीत की ऑडियो सार्वजनिक कर दी थी। इसी घटनाक्रम के बाद उनके लिए बसपा के दरवाजे लगभग बंद हो गए।

बसपा का बदला रुख

जानकारों का मानना है कि हालिया लोकसभा चुनाव में बसपा द्वारा बड़ी संख्या में मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट देने के बावजूद अपेक्षित समर्थन न मिलने से नेतृत्व सतर्क हो गया है। 21 मुस्लिम प्रत्याशी मैदान में उतारे गए थे, लेकिन पार्टी को उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली। इसके बाद मायावती ने संकेत दिया था कि भविष्य में टिकट वितरण में सतर्कता बरती जाएगी।

सपा में सामूहिक एंट्री

रविवार को नसीमुद्दीन सिद्दीकी अपने समर्थकों के साथ सपा में शामिल हुए। उनके साथ पूर्व मंत्री अनीस अहमद उर्फ फूल बाबू ने भी सपा की सदस्यता ली। अखिलेश यादव ने चुटकी लेते हुए कहा कि “उन्होंने सिर्फ मकान बदला है, मोहल्ला नहीं,” यानी वे अब भी इंडिया गठबंधन का हिस्सा हैं।

15,718 लोग विभिन्न दलों को छोड़कर सपा में शामिल

इस मौके पर देवरिया के पूर्व विधायक दीनानाथ कुशवाहा, प्रतापगढ़ सदर के पूर्व विधायक राजकुमार पाल, कन्नौज से एआईएमआईएम प्रत्याशी रहे डॉ. दानिश खान, पूर्व एमएलसी हुस्ना सिद्दीकी, पूनम पाल और ड्रोन पायलट रंजना पाल समेत कई नेताओं ने सपा जॉइन की।नसीमुद्दीन ने दावा किया कि 15,718 लोग विभिन्न दलों को छोड़कर सपा में शामिल हुए हैं और लक्ष्य 2027 में प्रदेश में सपा की सरकार बनाना है।
कानपुर में सनसनी: रिटायर्ड फौजी ने पत्नी-बेटे की गोली मारकर हत्या की, फिर ट्रेन से कटकर दी जान
घटना से पूरे इलाके में दहशत और शोक का माहौल

प्रथम दृष्टया मामला पारिवारिक विवाद का बताया जा रहा

कानपुर । कानपुर के सेन पश्चिम पारा थाना क्षेत्र के तुलसियापुर गांव नई बस्ती में सोमवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एक रिटायर्ड फौजी ने अपनी पत्नी और नाबालिग बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी और इसके बाद खुद रेलवे ट्रैक पर जाकर ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली। घटना से पूरे इलाके में दहशत और शोक का माहौल है।मृतक की पहचान चेतराम कुमार (52) के रूप में हुई है, जो सेना से सेवानिवृत्त थे। पुलिस के मुताबिक चेतराम ने अपने घर के अंदर लाइसेंसी दोनाली बंदूक से पत्नी सुनीता (40) और बेटे दीप (16) को गोली मार दी।

वारदात को अंजाम देने के बाद उसने मकान के मुख्य गेट पर बाहर से ताला बंद किया और करीब दो किलोमीटर दूर कठोगर गांव के पास भाऊपुर रेलवे ट्रैक पर पहुंचकर ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। सुबह रेलवे ट्रैक पर एक व्यक्ति का शव मिलने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। शिनाख्त के प्रयास में पुलिस जब उसके घर पहुंची तो दरवाजा बाहर से बंद मिला। ताला तोड़कर अंदर प्रवेश करने पर पत्नी और बेटे के शव खून से लथपथ हालत में पड़े मिले। यह देखकर पुलिसकर्मी भी सन्न रह गए।घटना की सूचना मिलते ही फोरेंसिक टीम को बुलाया गया।

टीम ने मौके से बंदूक, खोखे और अन्य साक्ष्य एकत्र किए। तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।थाना प्रभारी प्रदीप सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला पारिवारिक विवाद का प्रतीत हो रहा है, लेकिन हत्या के सटीक कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस जमीनी विवाद, पारिवारिक तनाव और अन्य संभावित कारणों की भी पड़ताल कर रही है। आसपास के लोगों और रिश्तेदारों से पूछताछ की जा रही है।इस दर्दनाक घटना के बाद गांव में मातम पसरा है। पड़ोसियों के अनुसार परिवार सामान्य दिखाई देता था और किसी बड़े विवाद की जानकारी उन्हें नहीं थी। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।
आजमगढ़: छति ग्रस्त पुल के पोर्च के मरम्मत कार्य से प्रसन्नता ,आवा गमन में हो रही थी दिक्कत
आजमगढ़। मिर्जापुर विकास खण्ड में पड़ने वाले श्रषि दुर्वासा धाम स्थित तमसा मंजूषा के तट पर जन सहयोग से निर्मित पुल का क्षतिग्रस्त पोर्च मरम्मत किया जा रहा है। इससे तीर्थयात्रियों को आवागमन में हो रही परेशानी दूर होगी।समाजसेवी और शमशाबाद के ग्राम प्रधान मिस्टर प्रधान ने आज सुबह जेसीबी मशीन लगाकर पुल के मरम्मत का कार्य को शुरू कराया। पहले लोग मंजूषा नदी पर बने बांस बल्ली से बने चह से पार करते थे। लेकिन वाहन नहीं आ जा पाते थे। जन सहयोग से पुल बन जाने पे लोगों को आने जाने में काफी सहूलियत हो गयी। गाड़ी मोटर आने जाने लगें। आवागमन बढ़ गया। पुल का पोर्च क्षतिग्रस्त हो गया था। जिसके कारण तीर्थयात्रियों एवं राहगीरों को आने-जाने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा था। हमेशा खतरा बना रहता था। समाजसेवी गुफरान अहमद बलराम तिवारी, जो श्रषि दुर्वासा दत्तात्रेय चंद्रमा ऋषि विकास समिति आजमगढ़ के व्यवस्थापक हैं, ने इस नेक कार्य के लिए ग्राम प्रधान मिस्टर प्रधान की सराहना की है।
महाशिवरात्रि पर ज्ञानपुर में गंगा आरती:विधायक-अधिकारी शामिल, दशाश्वमेध घाट की तर्ज पर आयोजन


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। महाशिवरात्रि पर्व पर ज्ञानपुर स्थित बाबा हरिहरनाथ मंदिर परिसर के ज्ञान सरोवर में दशाश्वमेध गंगा घाट की तर्ज पर भव्य गंगा आरती का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम देर शाम संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इस आयोजन में ज्ञानपुर विधायक विपुल दूबे, भाजपा जिला अध्यक्ष दीपक मिश्रा,अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल सहित कई जनप्रतिनिधि और आम जनमानस मौजूद रहे। कार्यक्रम का आयोजन जय बाबा बर्फानी ग्रुप द्वारा किया गया था।
ज्ञान सरोवर को चारों ओर से रोशनी से सजाया गया था, जिससे एक मनमोहक दृश्य उत्पन्न हो रहा था, सरोवर के मध्य में नमो घाट का लोगों और भगवान शंकर की 21 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की गई थी,जो आकर्षण का केंद्र रही। गंगा आरती का नजारा देख हर कोई मंत्रमुग्ध हो गया और इसकी खूब प्रशंसा की। जिले में यह अपनी तरह का एक अनूठा कार्यक्रम रहा, जहां देर शाम तक महिलाएं भी ज्ञान सरोवर की सीढ़ियों पर बैठकर आरती देखती रहीं। जय बाबा बर्फानी के अध्यक्ष ब्रह्मा मोदनवाल और राजेंद्र सरोज सहित सभी पदाधिकारियों ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए एक सप्ताह से लगातार मेहनत की थी।
बोर्ड परीक्षा: परीक्षा में 1734 कक्ष निरीक्षक की लगी ड्यूटी,15 फीसदी रखे गए रिजर्व
*परीक्षा में आठ सौ परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों की लगी है ड्यूटी*

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले में 18 फरवरी से शुरू हो रही यूपी बोर्ड परीक्षा की तैयारी करीब-करीब पूरी हो गई है। 94 केंद्रों पर 1734 कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। जो 55 हजार 684 परीक्षार्थियों पर नजर रखेंगे। माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से 18 फरवरी से शुरू होने वाली बोर्ड परीक्षा के लिए जिले में 94 केंद्र बनाए गए हैं। इसमें हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के 55 हजार 684 परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा को पारदर्शी कराने के लिए प्रशासन से लेकर शिक्षा विभाग की ओर से हर स्तर पर तैयारी की गई है। सभी केंद्रों पर एक-एक स्टेटिक मजिस्ट्रेट, अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक की ड्यूटी लगाई गई है। जिले को तीन जोन और 12 सेक्टरों में बांटा गया है। तीनों एसडीएम को जोनल और जिलास्तरीय 12 अफसरों को सेक्टर मजिस्ट्रेट बनाया गया है। एक-एक कक्ष में 20 छात्र संख्या के आधार पर 1734 कक्ष निरीक्षकों की तैनाती की गई है। इसके लिए राजकीय, वित्तपोषित और वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों के अलावा आठ सौ बेसिक के शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। 10 से 15 फीसदी कक्ष निरीक्षकों को रिजर्व रखा गया है। जरूरत पड़ने पर उनको लगाया जाएगा। परीक्षा के लिए सभी केंद्रों पर उत्तरपुस्तिकाएं और प्रश्नपत्र भेजे जा चुके हैं। डीआईओएस अंशुमान ने बताया कि परीक्षा की तैयारी पूरी कर ली गई है।
यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष शुभम सिंह हाउस अरेस्ट, विधानसभा घेराव से पहले पुलिस की कार्रवाई

अमेठी,। मनरेगा का नाम बदलने के विरोध में 17 फरवरी को लखनऊ में प्रस्तावित विधानसभा घेराव से पहले अमेठी में युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष शुभम सिंह को उनके आवास पर सोमवार को हाउस अरेस्ट कर लिया गया। सुबह से ही उनके घर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया, जिसका फोटो वीडियो स्वयं शुभम सिंह के द्वारा सोशल मीडिया पर वायरल किया गया है। जिससे क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।

जानकारी के अनुसार, कांग्रेस पार्टी द्वारा लखनऊ में विधानसभा घेराव के आह्वान के मद्देनज़र प्रशासन ने एहतियातन यह कदम उठाया है। पुलिस की मौजूदगी के बीच शुभम सिंह को उनके ही घर में नजरबंद रखा गया है। शुभम सिंह ने अपने घर से एक वीडियो बनाकर सोमवार को सोशल मीडिया पर वायरल किया, जिसमें उन्होंने कहा कि सरकार जनता की आवाज दबाने का काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला है और जनता की आवाज उठाने वालों को रोकना सरकार की घबराहट को दर्शाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसके बावजूद युवा कांग्रेस लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगी।

इसी बीच यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष से मिलने उनके आवास पहुंचे वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एवं पूर्व महासचिव यूथ कांग्रेस धर्मेंद्र शुक्ला ने भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ता दबने वाले नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि किसी भी हाल में कार्यकर्ता लखनऊ पहुंचकर विधानसभा घेराव कार्यक्रम में शामिल होंगे।

पुलिस क्षेत्राधिकारी मनोज कुमार मिश्रा ने बताया कि कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस का प्रथम कर्तव्य है। फिलहाल किसी को नजर बंद नहीं किया गया है। कानून व्यवस्था बनाए रखने को लेकर ऐसे लोगों पर निगरानी रखी जा रही है। जिससे क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अशांति उत्पन्न होने का खतरा बना हुआ है। क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम रहे इसके लिए पुलिस हर उपाय कर रही है।
गया शहर के प्रसिद्ध लेजर, लैप्रोस्कोपिक एवं एंडोस्कोपिक सर्जन डॉ जेपी सिंह मुंबई में राष्ट्रीय सम्मेलन में दोहरी फेलोशिप से सम्मानित

गया। गया शहर के प्रसिद्ध लेजर, लैप्रोस्कोपिक एवं एंडोस्कोपिक सर्जन डॉ. जे. पी. सिंह को मुंबई में आयोजित IAGES – ELSA 2026 के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मेलन में “FAGIE – ERCP” तथा “FAGIE – Colonoscopy” की दोहरी फेलोशिप प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान देशभर के चुनिंदा सर्जनों को कठोर प्रशिक्षण, तकनीकी मूल्यांकन और उच्चस्तरीय परीक्षा में सफलता के बाद प्रदान किया जाता है।

डॉ. सिंह को यह सम्मान उन्नत गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल एंडोस्कोपी के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन, तकनीकी दक्षता और निरंतर चिकित्सा सेवा के लिए दिया गया। सम्मेलन में देश के वरिष्ठ एंडो-सर्जनों की उपस्थिति में उन्हें सम्मानित किया गया, जिसे किसी भी सर्जन के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण उपलब्धि माना जाता है।

डॉ. सिंह अपने अस्पताल प्रकाश मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल, मोहन नगर, गया में पहले से ही UGIE, Colonoscopy एवं ERCP जैसी उन्नत एंडोस्कोपिक प्रक्रियाएं नियमित रूप से कर रहे हैं।

इस दोहरी फेलोशिप के साथ उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर औपचारिक मान्यता भी प्राप्त हो गई है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, बिहार में ERCP जैसी जटिल एंडोस्कोपिक प्रक्रिया की नियमित उपलब्धता सीमित रही है। ऐसे में डॉ. सिंह की यह उपलब्धि राज्य के चिकित्सा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है। इससे पित्त नली और अग्न्याशय से संबंधित गंभीर रोगों के उपचार हेतु मरीजों को महानगरों पर निर्भरता कम होगी।

डॉ. सिंह ने बताया कि आधुनिक एंडोस्कोपिक तकनीकों से कई गंभीर बीमारियों का उपचार बिना बड़े ऑपरेशन के संभव है, जिससे मरीजों को कम दर्द, कम खर्च और शीघ्र स्वास्थ्य लाभ मिलता है। उन्होंने इस उपलब्धि को गया के मरीजों और सहयोगी चिकित्सकों को समर्पित करते हुए क्षेत्र में उन्नत चिकित्सा सुविधाएं विकसित करने का संकल्प व्यक्त किया।

पत्नी के सिर पर प्यार का भूत सवार,प्रेमी संग मिलकर की पति की हत्या,पत्नी गिरफ़्तार, प्रेमी हुआ फरार*
सुल्तानपुर में आज सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब एक पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति को मौत के घाट उतार दिया। घटना के बाद प्रेमी मौके से फरार हो गया जबकि पत्नी को हिरासत में ले लिया गया है। आरोपी प्रेमी को पकड़ने के लिए पुलिस की चार टीमें लगाई गई है। दरअसल ये मामला है लंभुआ कोतवाली क्षेत्र के मदनपुर पनियार गांव का। इसी गांव के रहने वाले अमित सिंह का विवाह कुछ वर्षों पूर्व शिल्पी सिंह से हुआ था। अमित सिंह ट्रक चलाने का कार्य करता था,अमित का साथी दीपक भी ट्रक चलाता था,जिसके कारण अक्सर वो अमित के घर आया करता था। जिससे दीपक और शिल्पी में प्रेम हो गया। इस बात की जानकारी जब घर वालों को लगी तो दीपक और शिल्पी को समझबुझा कर मामला शांत करवा दिया गया। कल भी दीपक, अमित के घर आया हुआ था। देर रात जब अमित सो रहा था तो दीपक ने शिल्पी को उठाया और अमित पर किसी धारदार हथियार हमला कर दिया। इस घटना में अमित की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं घटना के बाद शिल्पी और अमित फरार हो गए। इस बात की जानकारी जब आसपास के रहने वालों को लगी तो हड़कंप मच गया। आनन फानन पुलिस बुलाई गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतक अमित का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। डॉग स्क्वायट और फॉरेंसिक टीम भी बुलाई गई है। फिलहाल पुलिस ने पत्नी शिल्पी को गिरफ्तार कर लिया है, साथ ही फरार दीपक की तलाश करने के लिए चार टीमें भी लगाई गई है।
लापरवाही का गड्ढा, सिस्टम का मौन: ग्रेटर नोएडा में 3 साल के देवांश की डूबकर मौत
लखनऊ । उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में एक बार फिर सिस्टम की लापरवाही ने एक मासूम की जान ले ली। गांव दलेलगढ़ में तीन साल का देवांश उस गड्ढे में डूब गया, जिसे लेकर महीनों से हादसे की चेतावनी दी जा रही थी—लेकिन न प्रशासन जागा, न प्राधिकरण।एक महीने के भीतर यह तीसरी दर्दनाक घटना है। पहले नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता, फिर दिल्ली में कमल और अब ग्रेटर नोएडा में तीन साल का मासूम—सवाल वही है: आखिर कब भरे जाएंगे लापरवाही के ये गड्ढे?

धार्मिक आयोजन में मातम

देवांश अपने मामा के घर धार्मिक अनुष्ठान में आया था। बिलासपुर के पास दलेलगढ़ गांव में डालेश्वर बाबा की समाधि पर 41 दिन का अनुष्ठान चल रहा था। शनिवार को अंतिम दिन भंडारा था। इसी दौरान खेलते-खेलते देवांश छह से सात फीट गहरे पानी भरे गड्ढे में गिर गया।काफी देर तक बच्चे का पता नहीं चला। तलाश के दौरान गड्ढे में पानी पर तैरती उसकी टोपी दिखी। ग्रामीण पानी में कूदे, बच्चे को बाहर निकाला और अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। कुछ ही मिनटों में भंडारे की खुशियां चीख-पुकार में बदल गईं।

“पहले चेताया था, अब लाश उठी”

ग्रामीणों का आरोप है कि यह गड्ढा पशुचर भूमि पर है, जहां सालों से धड़ल्ले से मिट्टी निकाली जाती रही। कभी प्राधिकरण ने, कभी ग्रामीणों ने। बारिश और नालियों का पानी भरता गया और यह जगह मौत का कुंड बन गई।ग्रामीणों ने कई बार ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से तारबंदी की मांग की थी। हादसे की आशंका जताई गई थी, लेकिन फाइलें चलती रहीं—जमीन पर कुछ नहीं हुआ।

जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ता सिस्टम

हादसे के बाद प्रशासन हरकत में आया। सदर तहसीलदार, नायब तहसीलदार, लेखपाल के बाद रविवार को उप जिलाधिकारी आशुतोष गुप्ता मौके पर पहुंचे। प्राधिकरण की टीम भी आई—लेकिन जवाब वही पुराना।
प्राधिकरण के जीएम एके सिंह ने कहा कि यह गड्ढा खसरा संख्या 373 की निजी भूमि पर है, इसलिए प्राधिकरण सीधे कार्रवाई नहीं कर सकता। यानी जमीन निजी हो तो मासूम की जान भी निजी जिम्मेदारी?
उधर सुधीर सिंह, एडीसीपी ग्रेटर नोएडा ने कहा कि परिवार की ओर से कोई शिकायत नहीं मिली है, शिकायत मिलने पर कार्रवाई होगी।

बड़ा सवाल

क्या शिकायत से पहले किसी मासूम की मौत जरूरी है? अगर हादसे की आशंका पहले जताई गई थी तो प्रशासन ने समय रहते कदम क्यों नहीं उठाए? और अगर जमीन निजी थी, तो सार्वजनिक सुरक्षा किसकी जिम्मेदारी है?देवांश की मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि ग्रेटर नोएडा में विकास की रफ्तार तेज है, लेकिन सुरक्षा की फाइलें अब भी धीमी।
सीएम योगी की पाती: “यूपी का बजट 2026-27 नवाचार और युवा सशक्तिकरण का ऐतिहासिक दस्तावेज”
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम अपनी पाती में वर्ष 2026-27 के बजट को नवाचार, नवनिर्माण और युवा सशक्तिकरण का ऐतिहासिक बजट बताया है। उन्होंने कहा कि नवनिर्माण के नौ वर्षों की यह यात्रा प्रदेश को निरंतर प्रगति पथ पर आगे बढ़ा रही है और यह बजट प्रदेश की आकांक्षाओं की पूर्ति का सशक्त माध्यम बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की दिशा में यह बजट निर्णायक भूमिका निभाएगा। इसके तहत स्टेट डाटा अथॉरिटी का गठन किया जाएगा, जिससे डेटा आधारित नीति निर्माण को मजबूती मिलेगी और प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ेगी।
बजट में टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को विशेष प्राथमिकता दी गई है। प्रदेश में AI मिशन और AI डेटा लैब की स्थापना की जाएगी, जिससे उत्तर प्रदेश को वैश्विक तकनीकी केंद्र के रूप में स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई तकनीकों के माध्यम से विकास को नई गति दी जाएगी।
युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए 25 लाख युवाओं को नई टेक्नोलॉजी और आधुनिक कौशल में प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा, “हम युवाओं के सपनों को आकार दे रहे हैं और उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान कर रहे हैं।” मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह बजट प्रदेश के समग्र विकास, रोजगार सृजन और तकनीकी प्रगति का आधार बनेगा तथा उत्तर प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।
सियासी करवट: नसीमुद्दीन सिद्दीकी सपा में शामिल, बसपा में वापसी की कोशिशें नाकाम
लखनऊ । प्रदेश की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कांग्रेस छोड़ने के बाद आखिरकार समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया। वह लंबे समय से बहुजन समाज पार्टी में वापसी की कोशिशों में जुटे थे, लेकिन बात नहीं बन सकी।

सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने अपने पुराने साथियों के जरिए मायावती तक संदेश पहुंचाया और सार्वजनिक रूप से उनकी प्रशंसा भी की, लेकिन बसपा नेतृत्व ने वापसी की अनुमति नहीं दी। इसके बाद उन्होंने चंद्रशेखर आजाद से भी संपर्क साधा, मगर अंततः उन्होंने अखिलेश यादव की मौजूदगी में सपा की सदस्यता ग्रहण कर ली।

मुस्लिम राजनीति में बड़ा चेहरा

नसीमुद्दीन सिद्दीकी को प्रदेश की मुस्लिम राजनीति में प्रभावशाली नेता माना जाता रहा है। बसपा सरकार में उन्हें एक दर्जन से अधिक महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी मिली थी, जिसके चलते उन्हें ‘मिनी मुख्यमंत्री’ तक कहा जाता था। विधानसभा में वह अक्सर आजम खां पर हमलावर रहते थे, ताकि मुस्लिम वोट बैंक पर पकड़ बनाए रखी जा सके।हालांकि 2012 के बाद बसपा से अलग होते समय उन्होंने मायावती के साथ बातचीत की ऑडियो सार्वजनिक कर दी थी। इसी घटनाक्रम के बाद उनके लिए बसपा के दरवाजे लगभग बंद हो गए।

बसपा का बदला रुख

जानकारों का मानना है कि हालिया लोकसभा चुनाव में बसपा द्वारा बड़ी संख्या में मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट देने के बावजूद अपेक्षित समर्थन न मिलने से नेतृत्व सतर्क हो गया है। 21 मुस्लिम प्रत्याशी मैदान में उतारे गए थे, लेकिन पार्टी को उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली। इसके बाद मायावती ने संकेत दिया था कि भविष्य में टिकट वितरण में सतर्कता बरती जाएगी।

सपा में सामूहिक एंट्री

रविवार को नसीमुद्दीन सिद्दीकी अपने समर्थकों के साथ सपा में शामिल हुए। उनके साथ पूर्व मंत्री अनीस अहमद उर्फ फूल बाबू ने भी सपा की सदस्यता ली। अखिलेश यादव ने चुटकी लेते हुए कहा कि “उन्होंने सिर्फ मकान बदला है, मोहल्ला नहीं,” यानी वे अब भी इंडिया गठबंधन का हिस्सा हैं।

15,718 लोग विभिन्न दलों को छोड़कर सपा में शामिल

इस मौके पर देवरिया के पूर्व विधायक दीनानाथ कुशवाहा, प्रतापगढ़ सदर के पूर्व विधायक राजकुमार पाल, कन्नौज से एआईएमआईएम प्रत्याशी रहे डॉ. दानिश खान, पूर्व एमएलसी हुस्ना सिद्दीकी, पूनम पाल और ड्रोन पायलट रंजना पाल समेत कई नेताओं ने सपा जॉइन की।नसीमुद्दीन ने दावा किया कि 15,718 लोग विभिन्न दलों को छोड़कर सपा में शामिल हुए हैं और लक्ष्य 2027 में प्रदेश में सपा की सरकार बनाना है।