बिहार में पूरा हुआ मंत्रिमंडल का विस्तार, निशांत समेत कुल 32 ने ली मंत्री पद की शपथ
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बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की नई टीम तैयार हो गई। पटना के गांधी मैदान में सम्राट चौधरी सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार संपन्न हुआ।एनडीए सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में कुल 32 नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली। इस मौके पर इस पीएम नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन सहित एनडीए के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
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जेडीयू कोटे से 13 मंत्री बने
मंत्रिमंडल विस्तार में नीतीश कुमार की पार्टी (जेडीयू) का दबदबा देखने को मिला। जेडीयू की ओर से कुल 13 सदस्यों ने सम्राट कैबिनेट में मंत्री पद की गोपनीयता की शपथ ली। इसमें पुराने और अनुभवी चेहरों के साथ-साथ जातीय समीकरणों का भी पूरा ध्यान रखा गया है। मंत्रियों के शपथ ग्रहण में सबकी नजरें निशांत कुमार पर लगी हुई थीं।
पीएम मोदी ने निशांत कुमार को बुलाया
पटना के गांधी मैदान में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निशांत कुमार को अपने पास बुलाकर उनसे मुलाकात की। इस दौरान पीएम मोदी और निशांत कुमार के बीच गर्मजोशी से बातचीत हुई, जिसने सभी का ध्यान खींचा। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी बेहद आत्मीय अंदाज में एक-दूसरे से मिले। दोनों नेताओं ने मुस्कुराते हुए अभिवादन किया और कुछ देर बातचीत की। समारोह में मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस मुलाकात को खास राजनीतिक संकेत के तौर पर देखा।





मनियर, 7 मई: शिक्षा क्षेत्र से एक मार्मिक खबर। प्राथमिक विद्यालय टाउन नंबर-2 पर तैनात सहायक अध्यापक बृजेश कुमार यादव (नवानगर ब्लॉक, लीलकर ग्राम सभा, कुड़ियापुर निवासी) की हृदयाघात से अचानक मौत हो गई। वे सेवानिवृत्त सहायक अध्यापक सीताराम यादव (जनता इंटर कॉलेज, सिकंदरपुर) के पुत्र थे। मिलनसार स्वभाव के बृजेश जी ने अपने पीछे पत्नी, बड़ा बेटा और छोटी बेटी को अनाथ-सा छोड़ दिया। इस घटना से शिक्षा बिरादरी स्तब्ध है।

कानपुर। बिधनू थाना क्षेत्र स्थित रामगंगा नहर पुल पर गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक तेज रफ्तार बस अनियंत्रित होकर पुल की रेलिंग तोड़ते हुए नहर में जा गिरी। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और आसपास के ग्रामीण तुरंत राहत कार्य में जुट गए।
ग्रामीणों ने बताया कि मुख्य सड़क से गांव को जोड़ने वाली यह एकमात्र सड़क है, जहां नाली का गंदा पानी हमेशा जमा रहता है। सड़क पर जलजमाव के कारण लोगों का पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है। आसपास के कई गांवों के हजारों लोग इसी रास्ते से रोजाना आवागमन करते हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, सड़क के किनारे स्कूल भी है, जिससे छोटे-छोटे बच्चों को रोज भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बच्चे गंदे पानी में गिरकर घायल भी हो चुके हैं। लोगों ने बताया कि जलजमाव के कारण इलाके में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है और बीमारियों का खतरा लगातार बना रहता है। ग्रामीणों ने कहा कि कुछ महीने पहले नाली निर्माण का काम शुरू करने का आश्वासन मिला था। थोड़ी बहुत प्रक्रिया शुरू भी हुई, लेकिन बाद में काम बंद कर दिया गया। हाल की बारिश के बाद स्थिति और भयावह हो गई, जिसके बाद लोगों को सड़क पर उतरना पड़ा।
सड़क जाम की सूचना मिलने पर जहानाबाद बीडीओ अनिल कुमार मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि तत्काल राहत के लिए पाइप डालकर पानी निकासी की व्यवस्था शुरू की जा रही है। साथ ही संबंधित इंजीनियरों द्वारा स्थल निरीक्षण कर रिपोर्ट पटना भेजी गई है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही स्थायी नाली निर्माण का कार्य शुरू कराया जाएगा। वहीं, जहानाबाद सीओ स्नेहा सत्यम ने बताया कि प्रशासन ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से ले रहा है। उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया कि जल्द ही नाली निर्माण का कार्य शुरू कराया जाएगा। करीब तीन घंटे तक सड़क बाधित रहने के बाद अधिकारियों के आश्वासन पर ग्रामीणों ने जाम समाप्त किया। जाम में फंसे स्कूली बच्चों ने भी अपनी परेशानी बताई। बच्चों ने कहा कि वे लंबे समय तक सड़क पर फंसे रहे, जिससे उन्हें भूख-प्यास का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि अगर प्रशासन समय रहते समस्या का समाधान कर देता, तो उन्हें सड़क जाम करने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ता।
28 min ago
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