जनपद की आठ ग्राम पंचायत बाल श्रम घोषित, ग्राम प्रधान होंगे सम्मानित
फर्रुखाबाद l जनपद को वर्ष 2027 में बाल श्रम मुक्त बनाने की दिशा में तेज़ी से कार्यवाही
8 ग्राम पंचायतें बाल श्रम मुक्त घोषित करने की प्रक्रिया पूर्ण, 167 बच्चों को कराया गया मुक्त
उत्तर प्रदेश सरकार के माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा लिए गए संकल्प "बाल श्रम मुक्त उत्तर प्रदेश" के अंतर्गत वर्ष 2027 तक प्रदेश को बाल श्रम मुक्त घोषित किए जाने के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु जनपद फर्रुखाबाद में व्यापक स्तर पर कार्यवाही की जा रही है। जनपद के विकास खण्ड बढ़पुर की 05 और विकास खण्ड शमशाबाद की 03 ग्राम पंचायतों को बाल श्रम मुक्त घोषित किए जाने की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है।
सहायक श्रमायुक्त द्वारा अवगत कराया गया कि उक्त कार्य को अंतिम रूप देने के लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी के नेतृत्व में विभिन्न विभागीय टीमों का गठन किया गया। गठित टीमों द्वारा संबंधित ग्राम पंचायतों में ग्राम बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों की बैठकें आयोजित कर प्रस्ताव पारित कराए गए तथा विकास खण्ड स्तर पर ब्लॉक बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों से भी अनुमोदन प्राप्त किया गया। तत्पश्चात जिला स्तर पर इन प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। साथ ही आगामी एक वर्ष तक इन ग्राम पंचायतों की सतत निगरानी एवं अनुश्रवण भी किया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण अभियान में शिक्षा, पंचायत राज, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास सहित विभिन्न विभागों का सक्रिय सहयोग लिया जा रहा है। जनपद की अन्य ग्राम पंचायतों को भी चरणबद्ध तरीके से बाल श्रम मुक्त बनाने की कार्यवाही निरंतर जारी है।
बाल श्रम उन्मूलन के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने हेतु श्रम विभाग द्वारा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, नगर पालिका परिषद फर्रुखाबाद के वार्ड सदस्यों के साथ बाल श्रम उन्मूलन विषयक गोष्ठी आयोजित की गई। उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के साथ विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया तथा उनके माध्यम से व्यापारिक प्रतिष्ठानों के स्वामियों से बाल श्रम न कराने की अपील की गई। विधायक भोजपुर नागेन्द्र राठौर ने क्षेत्रवासियों एवं व्यापारियों से अपील करते हुए कहा कि बच्चों को श्रम में लगाने के स्थान पर शिक्षा से जोड़ें तथा उन्हें सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में सहयोग करें। वहीं ईंट निर्माता समिति के अध्यक्ष कृष्ण दत्त द्विवेदी ने जनपद के सभी ईंट भट्ठा संचालकों से अपील की कि वे अपने प्रतिष्ठानों पर 18 वर्ष से कम आयु के किसी भी बच्चे से कोई कार्य न लें।
विशेष अभियान के प्रभावी संचालन हेतु जिला समन्वयक जीशान अंसारी, चाइल्ड राइट्स एसोसिएट (ए.वी.ए.) को जनपद में तैनात किया गया है, जो श्रम विभाग को तकनीकी एवं मैदानी सहयोग प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने आमजन से अपील की कि यदि कहीं कोई बाल श्रमिक कार्य करता हुआ दिखाई दे तो उसकी सूचना तत्काल टोल फ्री नम्बर 1098, 1800-102-7222 अथवा PENCIL पोर्टल पर उपलब्ध कराएं।
अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस पर 12 जून 2026 को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में एक भव्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में बाल श्रम मुक्त घोषित क्षेत्रों के ग्राम प्रधानों को सम्मानित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में जनपद से बाल श्रम उन्मूलन समिति के सदस्य, व्यापार मंडल के पदाधिकारी, जिला पंचायती राज विभाग, बेसिक शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल कल्याण समिति, चाइल्ड लाइन, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट  विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों के लगभग 45 से 50 प्रतिनिधि प्रतिभाग करेंगे।
सहायक श्रमायुक्त ने बताया कि
14 वर्ष से कम आयु के बच्चों का किसी भी प्रतिष्ठान में नियोजन पूर्णतः प्रतिबंधित है। उल्लंघन की स्थिति में सेवायोजकों के विरुद्ध अभियोजन की कार्यवाही करते हुए आर्थिक दण्ड एवं कारावास का प्रावधान है। इसी प्रकार 14 से 18 वर्ष आयु वर्ग के किशोरों को खतरनाक उद्योगों एवं प्रक्रियाओं में नियोजित करना भी प्रतिबंधित है।
उन्होंने बताया कि दोषी पाए जाने वाले सेवायोजकों के विरुद्ध मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में वाद दायर किया जाता है साथ ही निर्धारित दण्डात्मक कार्यवाही की जाती है। किशोर श्रमिकों के नियोजन की स्थिति में भी कार्यघंटों, विश्राम अवधि, साप्ताहिक अवकाश तथा अभिलेख संधारण से संबंधित नियमों का पालन अनिवार्य है।
सहायक श्रमायुक्त द्वारा जानकारी दी गई कि एक अप्रैल 2024 से 31 मई 2026 तक जनपद में संचालित विशेष निरीक्षण अभियानों के दौरान 142 निरीक्षणों में 167 बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराया गया। जिन प्रतिष्ठानों पर बच्चे कार्यरत पाए गए, उनके स्वामियों के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्यवाही की गई है।
उन्होंने कहा कि जनपद को पूर्णतः बाल श्रम मुक्त बनाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी द्वारा जनपद स्तरीय टास्क फोर्स का पुनर्गठन किया गया है, जो निरंतर भ्रमण कर बाल श्रम की रोकथाम हेतु निरीक्षण करेगी तथा दोषी प्रतिष्ठान स्वामियों के विरुद्ध कठोर दण्डात्मक कार्यवाही सुनिश्चित कराएगी।
जनपद प्रशासन ने सभी नागरिकों, व्यापारियों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, ईंट भट्ठा संचालकों तथा समाज के विभिन्न वर्गों से बाल श्रम उन्मूलन अभियान में सक्रिय सहयोग प्रदान करने की अपील की है, ताकि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित बचपन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर भविष्य उपलब्ध कराया जा सके।
जनपद की आठ ग्राम पंचायत बाल श्रम घोषित, ग्राम प्रधान होंगे सम्मानित
फर्रुखाबाद l जनपद को वर्ष 2027 में बाल श्रम मुक्त बनाने की दिशा में तेज़ी से कार्यवाही
8 ग्राम पंचायतें बाल श्रम मुक्त घोषित करने की प्रक्रिया पूर्ण, 167 बच्चों को कराया गया मुक्त
उत्तर प्रदेश सरकार के माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा लिए गए संकल्प "बाल श्रम मुक्त उत्तर प्रदेश" के अंतर्गत वर्ष 2027 तक प्रदेश को बाल श्रम मुक्त घोषित किए जाने के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु जनपद फर्रुखाबाद में व्यापक स्तर पर कार्यवाही की जा रही है। जनपद के विकास खण्ड बढ़पुर की 05 और विकास खण्ड शमशाबाद की 03 ग्राम पंचायतों को बाल श्रम मुक्त घोषित किए जाने की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है।
सहायक श्रमायुक्त द्वारा अवगत कराया गया कि उक्त कार्य को अंतिम रूप देने के लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी के नेतृत्व में विभिन्न विभागीय टीमों का गठन किया गया। गठित टीमों द्वारा संबंधित ग्राम पंचायतों में ग्राम बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों की बैठकें आयोजित कर प्रस्ताव पारित कराए गए तथा विकास खण्ड स्तर पर ब्लॉक बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों से भी अनुमोदन प्राप्त किया गया। तत्पश्चात जिला स्तर पर इन प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। साथ ही आगामी एक वर्ष तक इन ग्राम पंचायतों की सतत निगरानी एवं अनुश्रवण भी किया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण अभियान में शिक्षा, पंचायत राज, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास सहित विभिन्न विभागों का सक्रिय सहयोग लिया जा रहा है। जनपद की अन्य ग्राम पंचायतों को भी चरणबद्ध तरीके से बाल श्रम मुक्त बनाने की कार्यवाही निरंतर जारी है।
बाल श्रम उन्मूलन के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने हेतु श्रम विभाग द्वारा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, नगर पालिका परिषद फर्रुखाबाद के वार्ड सदस्यों के साथ बाल श्रम उन्मूलन विषयक गोष्ठी आयोजित की गई। उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के साथ विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया तथा उनके माध्यम से व्यापारिक प्रतिष्ठानों के स्वामियों से बाल श्रम न कराने की अपील की गई। विधायक भोजपुर नागेन्द्र राठौर ने क्षेत्रवासियों एवं व्यापारियों से अपील करते हुए कहा कि बच्चों को श्रम में लगाने के स्थान पर शिक्षा से जोड़ें तथा उन्हें सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में सहयोग करें। वहीं ईंट निर्माता समिति के अध्यक्ष कृष्ण दत्त द्विवेदी ने जनपद के सभी ईंट भट्ठा संचालकों से अपील की कि वे अपने प्रतिष्ठानों पर 18 वर्ष से कम आयु के किसी भी बच्चे से कोई कार्य न लें।
विशेष अभियान के प्रभावी संचालन हेतु जिला समन्वयक जीशान अंसारी, चाइल्ड राइट्स एसोसिएट (ए.वी.ए.) को जनपद में तैनात किया गया है, जो श्रम विभाग को तकनीकी एवं मैदानी सहयोग प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने आमजन से अपील की कि यदि कहीं कोई बाल श्रमिक कार्य करता हुआ दिखाई दे तो उसकी सूचना तत्काल टोल फ्री नम्बर 1098, 1800-102-7222 अथवा PENCIL पोर्टल पर उपलब्ध कराएं।
अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस पर 12 जून 2026 को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में एक भव्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में बाल श्रम मुक्त घोषित क्षेत्रों के ग्राम प्रधानों को सम्मानित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में जनपद से बाल श्रम उन्मूलन समिति के सदस्य, व्यापार मंडल के पदाधिकारी, जिला पंचायती राज विभाग, बेसिक शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल कल्याण समिति, चाइल्ड लाइन, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट  विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों के लगभग 45 से 50 प्रतिनिधि प्रतिभाग करेंगे।
सहायक श्रमायुक्त ने बताया कि
14 वर्ष से कम आयु के बच्चों का किसी भी प्रतिष्ठान में नियोजन पूर्णतः प्रतिबंधित है। उल्लंघन की स्थिति में सेवायोजकों के विरुद्ध अभियोजन की कार्यवाही करते हुए आर्थिक दण्ड एवं कारावास का प्रावधान है। इसी प्रकार 14 से 18 वर्ष आयु वर्ग के किशोरों को खतरनाक उद्योगों एवं प्रक्रियाओं में नियोजित करना भी प्रतिबंधित है।
उन्होंने बताया कि दोषी पाए जाने वाले सेवायोजकों के विरुद्ध मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में वाद दायर किया जाता है साथ ही निर्धारित दण्डात्मक कार्यवाही की जाती है। किशोर श्रमिकों के नियोजन की स्थिति में भी कार्यघंटों, विश्राम अवधि, साप्ताहिक अवकाश तथा अभिलेख संधारण से संबंधित नियमों का पालन अनिवार्य है।
सहायक श्रमायुक्त द्वारा जानकारी दी गई कि एक अप्रैल 2024 से 31 मई 2026 तक जनपद में संचालित विशेष निरीक्षण अभियानों के दौरान 142 निरीक्षणों में 167 बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराया गया। जिन प्रतिष्ठानों पर बच्चे कार्यरत पाए गए, उनके स्वामियों के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्यवाही की गई है।
उन्होंने कहा कि जनपद को पूर्णतः बाल श्रम मुक्त बनाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी द्वारा जनपद स्तरीय टास्क फोर्स का पुनर्गठन किया गया है, जो निरंतर भ्रमण कर बाल श्रम की रोकथाम हेतु निरीक्षण करेगी तथा दोषी प्रतिष्ठान स्वामियों के विरुद्ध कठोर दण्डात्मक कार्यवाही सुनिश्चित कराएगी।
जनपद प्रशासन ने सभी नागरिकों, व्यापारियों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, ईंट भट्ठा संचालकों तथा समाज के विभिन्न वर्गों से बाल श्रम उन्मूलन अभियान में सक्रिय सहयोग प्रदान करने की अपील की है, ताकि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित बचपन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर भविष्य उपलब्ध कराया जा सके।
सामाजिक सुरक्षा एवं बाल श्रम उन्मूलन के प्रति जागरूकता बढ़ाने को कार्यशाला आयोजित

लखनऊ। केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर संचालित "12 साल विश्वास के, विकास के, जन-कल्याण के" अभियान के अंतर्गत 05 जून से 21 जून 2026 तक प्रदेश में समेकित जन-कल्याण एवं जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को कार्यालय अपर श्रमायुक्त, 23 ए.पी. सेन रोड, लखनऊ के सभागार में अपर श्रमायुक्त, लखनऊ कल्पना श्रीवास्तव की अध्यक्षता में सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 तथा बाल श्रम उन्मूलन विषयक जन-जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में सहायक श्रमायुक्त शिप्रा चतुर्वेदी सहित श्रम विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर श्रम प्रवर्तन अधिकारी शरद, संतोष कुमार, राकेश कुमार पाल, अंकित सिंह, अरुण कुमार पाण्डेय, राम कुमार, इम्तेयाज अहमद अंसारी, पंकज कुमार शुक्ला तथा हिन्द मजदूर सभा के प्रदेश महामंत्री उमा शंकर एवं टीयूसीसी के महामंत्री प्रमोद पटेल सहित विभिन्न श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
अभियान के तहत लेबर अड्डा इंजीनियरिंग कॉलेज क्षेत्र में श्रम विभाग द्वारा विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। श्रम प्रवर्तन अधिकारियों अंकित सिंह एवं शरद ने वहां एकत्रित श्रमिकों को उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की। इस दौरान 15 श्रमिकों का मौके पर ही पंजीकरण किया गया तथा अन्य पात्र श्रमिकों को भी श्रमिक पंजीकरण कराने के लिए प्रेरित किया गया।
इसी प्रकार बोर्ड की कौशल विकास, तकनीकी उन्नयन एवं प्रमाणन योजना (आरपीएल) के अंतर्गत आरपीएल टीम द्वारा विकास खंड मलिहाबाद एवं मोहनलालगंज में विशेष शिविर आयोजित कर श्रमिकों का पंजीकरण किया गया। वहीं विकास खंड बक्शी का तालाब में भी उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की योजनाओं के प्रचार-प्रसार, श्रमिक पंजीकरण तथा पात्र लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं में आवेदन के लिए प्रोत्साहित करने हेतु विशेष स्टॉल एवं शिविर लगाए गए।
अपर श्रमायुक्त ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र श्रमिकों तक पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रमिकों के बीच लगातार जागरूकता अभियान चलाकर उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने का कार्य सुनिश्चित किया जाए।
उप्र : 44 जनपदों की 118 बाढ़ प्रभावित तहसीलों में राज्य स्तरीय बाढ़ मॉक अभ्यास-2026 का हुआ सफल आयोजन


लखनऊ। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के समन्वय से आज 11 जून, 2026 को प्रदेश के 44 बाढ़ संभावित जनपदों की 118 तहसीलों में राज्य स्तरीय बाढ़ मॉक अभ्यास-2026 का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य बाढ़ की आपात स्थिति में विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय, संसाधनों की उपलब्धता, संचार व्यवस्था, राहत एवं बचाव कार्यों तथा ग्राम से राज्य स्तर तक की प्रतिक्रिया प्रणाली का परीक्षण एवं सुदृढ़ीकरण करना था।

मॉक अभ्यास का शुभारम्भ योजना भवन, लखनऊ से किया गया। सभी जनपदों एवं तहसीलों को बाढ़ संबंधी चेतावनी एवं परिदृश्यों की जानकारी उपलब्ध कराई गई, जिसके उपरांत जिला प्रशासन द्वारा इंसीडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम (आईआरएस) एवं मानक संचालन प्रक्रिया के अनुरूप कार्यवाही प्रारम्भ की गई। अभ्यास के दौरान जनपदों द्वारा बाढ़ के कारण गांवों के जलमग्न होने, लोगों के पेड़ों एवं छतों पर फंसने, नाव दुर्घटना, सड़क एवं पुल क्षतिग्रस्त होने, संचार बाधित होने तथा अफवाह एवं भ्रामक सूचनाओं के प्रसार जैसे विभिन्न परिदृश्यों पर राहत एवं बचाव कार्यों का प्रदर्शन किया गया। इसके अतिरिक्त राहत शिविरों, बाढ़ चौकियों, कमांड पोस्ट, फील्ड हॉस्पिटल तथा चिकित्सा सहायता केन्द्रों की स्थापना एवं संचालन का भी अभ्यास किया गया।
योजना भवन, लखनऊ से राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के वरिष्ठ सलाहकार ब्रिगेडियर रविंद्र गुरुंग द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समस्त जनपदों एवं तहसीलों की गतिविधियों का संचालन एवं पर्यवेक्षण किया गया। अभ्यास के दौरान जिलाधिकारियों, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, सिंचाई विभाग, पशुपालन विभाग, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ तथा अन्य संबंधित विभागों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए आपसी समन्वय का प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी, पी.वी.एस.एम, ए.वी.एस.एम, वी.एस.एम, (से.नि.) ने जनपद लखनऊ की तहसील बी0के0टी0 में आयोजित विभिन्न गतिविधियों का स्थलीय निरीक्षण किया तथा राहत एवं बचाव कार्यों, कमांड एवं नियंत्रण व्यवस्था तथा विभिन्न विभागों के समन्वय का अवलोकन किया। मौके पर भारतीय सेना द्वारा फील्ड हॉस्पिटल भी स्थापित किया गया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ की वास्तविक परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने हेतु सभी तैयारियों को अद्यतन एवं सुदृढ़ रखा जाए।
अभ्यास के समापन सत्र में उपाध्यक्ष ने योजना भवन, लखनऊ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जनपदों की कार्यवाहियों की समीक्षा की। इस दौरान विभिन्न जनपदों द्वारा प्राप्त अनुभवों, सामने आई चुनौतियों, कमियों एवं सुधार की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई तथा भविष्य में बाढ़ आपदा के प्रति और अधिक प्रभावी तैयारी हेतु आवश्यक सुझाव प्रदान किए गए। इंटल स्टेट रिसोर्स मोबिलाईजेशन पहल के अंतर्गत उत्तराखण्ड, राजस्थान, बिहार एवं मध्य प्रदेश राज्यों की एसडीआरएफ टीमें क्रमशः बरेली, मथुरा, गोरखपुर एवं प्रयागराज में आयोजित मॉक एक्सरसाइज में प्रतिभाग किया तथा असम, हरियाणा एवं पंजाब राज्यों के प्रतिनिधियों ने योजना भवन, लखनऊ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जनपदों की मॉक एक्सरसाइज गतिविधियों में प्रतिभागित किया।
जिलाध्यक्ष की गिरफ्तारी पर भाकियू भानू का तहसील में धरना, कार्रवाई के आश्वासन तक आंदोलन जारी

रितेश मिश्रा
संडीला। भारतीय किसान यूनियन (भानू गुट) के जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह उर्फ अंकित की गिरफ्तारी के विरोध में गुरुवार को संगठन के प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर योगेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान कार्यकर्ता संडीला तहसील परिसर पहुंच गए। किसानों ने शांतिपूर्ण तरीके से धरना प्रदर्शन शुरू करते हुए प्रशासन के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई।

धरना स्थल पर प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर योगेश प्रताप सिंह ने कहा कि संगठन के जिलाध्यक्ष की गिरफ्तारी से किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसान नेताओं की समस्याओं को सुनने के बजाय उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी मामले में कार्रवाई की जाती है तो वह निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए।

प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि अभी तक प्रशासन की ओर से संगठन के पदाधिकारियों के साथ किसी प्रकार की वार्ता नहीं की गई है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक प्रशासन मामले में ठोस कार्रवाई करने और निष्पक्ष जांच का आश्वासन नहीं देता, तब तक किसान तहसील परिसर से हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि संगठन हमेशा किसानों के हितों की लड़ाई लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से लड़ता आया है और आगे भी किसानों के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रहेगा।

धरना प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में किसान कार्यकर्ता तहसील परिसर में मौजूद रहे। किसानों ने एकजुटता दिखाते हुए संगठन के जिलाध्यक्ष के समर्थन में नारेबाजी भी की। तहसील परिसर में चल रहे धरने को देखते हुए प्रशासनिक अमला भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। फिलहाल किसान नेताओं और प्रशासन के बीच वार्ता की कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है, जिससे आंदोलन के आगे और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
भाजपा सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर विधायक बालामऊ ने किया पौधरोपण, प्रबुद्धजनों का किया सम्मान।
रितेश मिश्रा
बेनीगंज(हरदोई)। विधानसभा क्षेत्र बालामऊ अंतर्गत बेनीगंज में भारतीय जनता पार्टी के केंद्र में सफलतापूर्वक 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर क्षेत्रीय विधायक रामपाल वर्मा द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों में सहभागिता करते हुए सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण एवं हरित क्रांति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कोथावां के हत्याहरण तीर्थ स्थल पर पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विधायक बालामऊ रामपाल वर्मा ने पौधरोपण करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। वृक्षारोपण से न केवल पर्यावरण संतुलित रहता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण भी सुनिश्चित होता है। उन्होंने सभी लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान किया।
हत्याहरण मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मंदिर के पुजारी द्वारा विधायक रामपाल वर्मा को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने विधायक का गर्मजोशी से स्वागत किया।
इसके उपरांत विधायक रामपाल वर्मा नगर पंचायत बेनीगंज पहुंचे, जहां भारतीय जनता पार्टी सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों एवं उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश ने विकास, सुरक्षा, आधारभूत संरचना, किसान कल्याण, महिला सशक्तिकरण और गरीबों के उत्थान के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किए हैं, जिनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है।
कार्यक्रम के अगले चरण में विधायक मनोहर पब्लिक स्कूल पहुंचे, जहां आयोजित समारोह में क्षेत्र के प्रबुद्धजनों, समाजसेवियों, अध्यापकों एवं विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया गया। विधायक ने कहा कि समाज के विकास में शिक्षकों, बुद्धिजीवियों और समाजसेवियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है तथा उनके योगदान का सम्मान किया जाना आवश्यक है।
इस अवसर पर कोथावां विकासखंड क्षेत्र के दर्जनों ग्राम प्रधान, भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान भाजपा सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए आगामी विकास योजनाओं पर भी चर्चा की गई।
गोंडा: सड़क हादसे में रामपाल वर्मा की मौत, पोस्टमार्टम को लेकर परिजनों का हंगामा
*गोंडा।* जिले के सुभागपुर रेलवे क्रासिंग के पास सड़क हादसे में रामपाल वर्मा की मौत हो गई। हादसे के बाद मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि मौत के बाद उनके ही विभाग ने साथ छोड़ दिया। परिजन रात में ही पोस्टमार्टम कराने की मांग पर अड़ गए।

घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। घंटों चली मशक्कत के बाद जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन मौके पर पहुंचीं। डीएम ने परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया और रात में ही पोस्टमार्टम कराने का आश्वासन दिया।

डीएम के आश्वासन के बाद मृतक के परिजन माने और शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने दिया। प्रशासन ने परिजनों को हर संभव मदद का भरोसा दिया है।

फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
जन्मदिन पर याद किए गए पत्रकार पंडित चंद्रेश मिश्र
जौनपुर। यशस्वी पत्रकार स्मृति शेष पं. चंद्रेश मिश्र के जन्मदिन के अवसर पर पं चंद्रेश मिश्र पीठ के अध्यक्ष रामकृष्ण त्रिपाठी, सभाजीत द्विवेदी प्रखर , पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष  इन्द्रभूवन सिंह, रामदयाल द्विवेदी ,पं प्रभाकर त्रिपाठी, डा. रामजी तिवारी, आलोक शास्त्री, अशोक मिश्र, रवि श्रीवास्तव ,देवी सिंह सोनू, अशीष पाठक, संजय वर्मा एवं पंडित जी के नाती-आषुतोष दूबे आदि गणमान्य लोगों ने पंडित जी के जन्मदिन पर याद करते हुए श्रध्दा सुमन अर्पित किया।
जमीनी विवाद को लेकर हुई मारपीट, पीड़ित ने कोतवाली में दी तहरीर देकर कार्रवाई की उठाई आवाज़।
रितेश मिश्रा
बेनीगंज(हरदोई)।कोतवाली बेनीगंज क्षेत्र के ग्राम पहला निवासी एक व्यक्ति ने जमीन के विवाद को लेकर मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दिए जाने का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पहला थाना बेनीगंज निवासी भन्नू पुत्र मोलहे पासी ने प्रभारी निरीक्षक को दिए गए शिकायती पत्र में बताया कि 10 जून 2026 को शाम लगभग 5:30 बजे उनके गांव में मकान निर्माण कार्य के दौरान कुछ लोगों द्वारा कथित रूप से उनकी भूमि में अतिक्रमण कर निर्माण कराया जा रहा था। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो आरोप है कि रामबालक पासी, विमलेश उर्फ छोटकऊ पुत्र रामकुमार पासी, रामकुमार पुत्र पुलई पासी निवासी मोहरावां थाना रामकोट जनपद सीतापुर तथा उनके रिश्तेदार बीरू पुत्र संदीप पासी ने उनके साथ अभद्रता शुरू कर दी।
पीड़ित का आरोप है कि विरोध करने पर उक्त लोगों ने गाली-गलौज करते हुए उन्हें, उनकी पत्नी रेनू तथा छोटे भाई सत्येंद्र और परिवार की अन्य सदस्य के साथ बुरी तरह मारपीट की। आरोप है कि इस दौरान लाठी-डंडों से हमला कर उन्हें घायल कर दिया गया तथा जान से मारने की धमकी भी दी गई। घटना में पीड़ित और उनके परिजनों को चोटें आई हैं।
घटना के बाद पीड़ित भन्नू पासी ने कोतवाली बेनीगंज पहुंचकर लिखित तहरीर दी और आरोपियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित का कहना है कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में कोई गंभीर घटना हो सकती है।
फिलहाल स्थानीय पुलिस द्वारा मामले की जांच कर आवश्यक विधिक कार्रवाई किए जाने की बात कही है।
गौशाला में गौवंशों की दुर्दशा, , कुत्तों का निवाला बन रहे बेज़ुबान .
रितेश मिश्रा
हरदोई: विकास खण्ड कोथावां अंतर्गत ग्राम पंचायत नेवादा लोचन स्थित गौशाला में गौ संरक्षण को लेकर किए जा रहे सरकारी दावों की हकीकत सवालों के घेरे में दिखाई दे रही है। गौशाला की स्थिति देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि यहां व्यवस्थाओं की निगरानी और संचालन में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार गौशाला में लाखों रुपये की लागत से लगाए गए निगरानी सिस्टम और अन्य सुविधाएं होने के बावजूद गौवंशों को अपेक्षित देखभाल नहीं मिल पा रही है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि गौशाला परिसर में मृत गौवंशों के अवशेष पड़े होने तथा उन्हें आवारा कुत्तों द्वारा नोच-नोच कर खाने के दृश्य सामने आने से क्षेत्रीय लोगों में भारी रोष व्याप्त है। यह स्थिति न केवल गौ संरक्षण की व्यवस्थाओं पर प्रश्नचिह्न लगाती है बल्कि स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर चिंताओं को भी जन्म देती है।
ग्रामीणों का कहना है कि गौशाला में केयर टेकर की नियमित उपस्थिति नहीं दिखाई देती, जिसके कारण गौवंशों की देखरेख प्रभावित हो रही है। वहीं सरकारी मानकों के अनुसार गौशालाओं में गौवंशों के लिए प्राथमिक उपचार, पर्याप्त हरा चारा, स्वच्छ पेयजल तथा सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाना चाहिए, लेकिन वर्तमान हालात इन दावों की पोल खोलते नजर आ रहे हैं। लोगों का यह भी सवाल है कि जब गौशाला में निगरानी के लिए आधुनिक सिस्टम लगाए गए हैं तो फिर ऐसी अव्यवस्थाएं कैसे उत्पन्न हो रही हैं? यदि निगरानी व्यवस्था सक्रिय है तो जिम्मेदार अधिकारियों तक यह जानकारी क्यों नहीं पहुंची और यदि जानकारी पहुंची है तो अब तक प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
क्षेत्रीय नागरिकों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने, गौशाला की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने, मृत गौवंशों के उचित निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
गौ संरक्षण सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है, ऐसे में नेवादा लोचन गौशाला की यह स्थिति प्रशासनिक व्यवस्था और निगरानी तंत्र दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हुए सुधारात्मक कदम उठाता है।
जनपद की आठ ग्राम पंचायत बाल श्रम घोषित, ग्राम प्रधान होंगे सम्मानित
फर्रुखाबाद l जनपद को वर्ष 2027 में बाल श्रम मुक्त बनाने की दिशा में तेज़ी से कार्यवाही
8 ग्राम पंचायतें बाल श्रम मुक्त घोषित करने की प्रक्रिया पूर्ण, 167 बच्चों को कराया गया मुक्त
उत्तर प्रदेश सरकार के माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा लिए गए संकल्प "बाल श्रम मुक्त उत्तर प्रदेश" के अंतर्गत वर्ष 2027 तक प्रदेश को बाल श्रम मुक्त घोषित किए जाने के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु जनपद फर्रुखाबाद में व्यापक स्तर पर कार्यवाही की जा रही है। जनपद के विकास खण्ड बढ़पुर की 05 और विकास खण्ड शमशाबाद की 03 ग्राम पंचायतों को बाल श्रम मुक्त घोषित किए जाने की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है।
सहायक श्रमायुक्त द्वारा अवगत कराया गया कि उक्त कार्य को अंतिम रूप देने के लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी के नेतृत्व में विभिन्न विभागीय टीमों का गठन किया गया। गठित टीमों द्वारा संबंधित ग्राम पंचायतों में ग्राम बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों की बैठकें आयोजित कर प्रस्ताव पारित कराए गए तथा विकास खण्ड स्तर पर ब्लॉक बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों से भी अनुमोदन प्राप्त किया गया। तत्पश्चात जिला स्तर पर इन प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। साथ ही आगामी एक वर्ष तक इन ग्राम पंचायतों की सतत निगरानी एवं अनुश्रवण भी किया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण अभियान में शिक्षा, पंचायत राज, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास सहित विभिन्न विभागों का सक्रिय सहयोग लिया जा रहा है। जनपद की अन्य ग्राम पंचायतों को भी चरणबद्ध तरीके से बाल श्रम मुक्त बनाने की कार्यवाही निरंतर जारी है।
बाल श्रम उन्मूलन के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने हेतु श्रम विभाग द्वारा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, नगर पालिका परिषद फर्रुखाबाद के वार्ड सदस्यों के साथ बाल श्रम उन्मूलन विषयक गोष्ठी आयोजित की गई। उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के साथ विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया तथा उनके माध्यम से व्यापारिक प्रतिष्ठानों के स्वामियों से बाल श्रम न कराने की अपील की गई। विधायक भोजपुर नागेन्द्र राठौर ने क्षेत्रवासियों एवं व्यापारियों से अपील करते हुए कहा कि बच्चों को श्रम में लगाने के स्थान पर शिक्षा से जोड़ें तथा उन्हें सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में सहयोग करें। वहीं ईंट निर्माता समिति के अध्यक्ष कृष्ण दत्त द्विवेदी ने जनपद के सभी ईंट भट्ठा संचालकों से अपील की कि वे अपने प्रतिष्ठानों पर 18 वर्ष से कम आयु के किसी भी बच्चे से कोई कार्य न लें।
विशेष अभियान के प्रभावी संचालन हेतु जिला समन्वयक जीशान अंसारी, चाइल्ड राइट्स एसोसिएट (ए.वी.ए.) को जनपद में तैनात किया गया है, जो श्रम विभाग को तकनीकी एवं मैदानी सहयोग प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने आमजन से अपील की कि यदि कहीं कोई बाल श्रमिक कार्य करता हुआ दिखाई दे तो उसकी सूचना तत्काल टोल फ्री नम्बर 1098, 1800-102-7222 अथवा PENCIL पोर्टल पर उपलब्ध कराएं।
अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस पर 12 जून 2026 को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में एक भव्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में बाल श्रम मुक्त घोषित क्षेत्रों के ग्राम प्रधानों को सम्मानित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में जनपद से बाल श्रम उन्मूलन समिति के सदस्य, व्यापार मंडल के पदाधिकारी, जिला पंचायती राज विभाग, बेसिक शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल कल्याण समिति, चाइल्ड लाइन, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट  विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों के लगभग 45 से 50 प्रतिनिधि प्रतिभाग करेंगे।
सहायक श्रमायुक्त ने बताया कि
14 वर्ष से कम आयु के बच्चों का किसी भी प्रतिष्ठान में नियोजन पूर्णतः प्रतिबंधित है। उल्लंघन की स्थिति में सेवायोजकों के विरुद्ध अभियोजन की कार्यवाही करते हुए आर्थिक दण्ड एवं कारावास का प्रावधान है। इसी प्रकार 14 से 18 वर्ष आयु वर्ग के किशोरों को खतरनाक उद्योगों एवं प्रक्रियाओं में नियोजित करना भी प्रतिबंधित है।
उन्होंने बताया कि दोषी पाए जाने वाले सेवायोजकों के विरुद्ध मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में वाद दायर किया जाता है साथ ही निर्धारित दण्डात्मक कार्यवाही की जाती है। किशोर श्रमिकों के नियोजन की स्थिति में भी कार्यघंटों, विश्राम अवधि, साप्ताहिक अवकाश तथा अभिलेख संधारण से संबंधित नियमों का पालन अनिवार्य है।
सहायक श्रमायुक्त द्वारा जानकारी दी गई कि एक अप्रैल 2024 से 31 मई 2026 तक जनपद में संचालित विशेष निरीक्षण अभियानों के दौरान 142 निरीक्षणों में 167 बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराया गया। जिन प्रतिष्ठानों पर बच्चे कार्यरत पाए गए, उनके स्वामियों के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्यवाही की गई है।
उन्होंने कहा कि जनपद को पूर्णतः बाल श्रम मुक्त बनाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी द्वारा जनपद स्तरीय टास्क फोर्स का पुनर्गठन किया गया है, जो निरंतर भ्रमण कर बाल श्रम की रोकथाम हेतु निरीक्षण करेगी तथा दोषी प्रतिष्ठान स्वामियों के विरुद्ध कठोर दण्डात्मक कार्यवाही सुनिश्चित कराएगी।
जनपद प्रशासन ने सभी नागरिकों, व्यापारियों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, ईंट भट्ठा संचालकों तथा समाज के विभिन्न वर्गों से बाल श्रम उन्मूलन अभियान में सक्रिय सहयोग प्रदान करने की अपील की है, ताकि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित बचपन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर भविष्य उपलब्ध कराया जा सके।
जनपद की आठ ग्राम पंचायत बाल श्रम घोषित, ग्राम प्रधान होंगे सम्मानित
फर्रुखाबाद l जनपद को वर्ष 2027 में बाल श्रम मुक्त बनाने की दिशा में तेज़ी से कार्यवाही
8 ग्राम पंचायतें बाल श्रम मुक्त घोषित करने की प्रक्रिया पूर्ण, 167 बच्चों को कराया गया मुक्त
उत्तर प्रदेश सरकार के माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा लिए गए संकल्प "बाल श्रम मुक्त उत्तर प्रदेश" के अंतर्गत वर्ष 2027 तक प्रदेश को बाल श्रम मुक्त घोषित किए जाने के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु जनपद फर्रुखाबाद में व्यापक स्तर पर कार्यवाही की जा रही है। जनपद के विकास खण्ड बढ़पुर की 05 और विकास खण्ड शमशाबाद की 03 ग्राम पंचायतों को बाल श्रम मुक्त घोषित किए जाने की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है।
सहायक श्रमायुक्त द्वारा अवगत कराया गया कि उक्त कार्य को अंतिम रूप देने के लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी के नेतृत्व में विभिन्न विभागीय टीमों का गठन किया गया। गठित टीमों द्वारा संबंधित ग्राम पंचायतों में ग्राम बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों की बैठकें आयोजित कर प्रस्ताव पारित कराए गए तथा विकास खण्ड स्तर पर ब्लॉक बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों से भी अनुमोदन प्राप्त किया गया। तत्पश्चात जिला स्तर पर इन प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। साथ ही आगामी एक वर्ष तक इन ग्राम पंचायतों की सतत निगरानी एवं अनुश्रवण भी किया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण अभियान में शिक्षा, पंचायत राज, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास सहित विभिन्न विभागों का सक्रिय सहयोग लिया जा रहा है। जनपद की अन्य ग्राम पंचायतों को भी चरणबद्ध तरीके से बाल श्रम मुक्त बनाने की कार्यवाही निरंतर जारी है।
बाल श्रम उन्मूलन के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने हेतु श्रम विभाग द्वारा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, नगर पालिका परिषद फर्रुखाबाद के वार्ड सदस्यों के साथ बाल श्रम उन्मूलन विषयक गोष्ठी आयोजित की गई। उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के साथ विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया तथा उनके माध्यम से व्यापारिक प्रतिष्ठानों के स्वामियों से बाल श्रम न कराने की अपील की गई। विधायक भोजपुर नागेन्द्र राठौर ने क्षेत्रवासियों एवं व्यापारियों से अपील करते हुए कहा कि बच्चों को श्रम में लगाने के स्थान पर शिक्षा से जोड़ें तथा उन्हें सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में सहयोग करें। वहीं ईंट निर्माता समिति के अध्यक्ष कृष्ण दत्त द्विवेदी ने जनपद के सभी ईंट भट्ठा संचालकों से अपील की कि वे अपने प्रतिष्ठानों पर 18 वर्ष से कम आयु के किसी भी बच्चे से कोई कार्य न लें।
विशेष अभियान के प्रभावी संचालन हेतु जिला समन्वयक जीशान अंसारी, चाइल्ड राइट्स एसोसिएट (ए.वी.ए.) को जनपद में तैनात किया गया है, जो श्रम विभाग को तकनीकी एवं मैदानी सहयोग प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने आमजन से अपील की कि यदि कहीं कोई बाल श्रमिक कार्य करता हुआ दिखाई दे तो उसकी सूचना तत्काल टोल फ्री नम्बर 1098, 1800-102-7222 अथवा PENCIL पोर्टल पर उपलब्ध कराएं।
अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस पर 12 जून 2026 को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में एक भव्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में बाल श्रम मुक्त घोषित क्षेत्रों के ग्राम प्रधानों को सम्मानित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में जनपद से बाल श्रम उन्मूलन समिति के सदस्य, व्यापार मंडल के पदाधिकारी, जिला पंचायती राज विभाग, बेसिक शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल कल्याण समिति, चाइल्ड लाइन, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट  विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों के लगभग 45 से 50 प्रतिनिधि प्रतिभाग करेंगे।
सहायक श्रमायुक्त ने बताया कि
14 वर्ष से कम आयु के बच्चों का किसी भी प्रतिष्ठान में नियोजन पूर्णतः प्रतिबंधित है। उल्लंघन की स्थिति में सेवायोजकों के विरुद्ध अभियोजन की कार्यवाही करते हुए आर्थिक दण्ड एवं कारावास का प्रावधान है। इसी प्रकार 14 से 18 वर्ष आयु वर्ग के किशोरों को खतरनाक उद्योगों एवं प्रक्रियाओं में नियोजित करना भी प्रतिबंधित है।
उन्होंने बताया कि दोषी पाए जाने वाले सेवायोजकों के विरुद्ध मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में वाद दायर किया जाता है साथ ही निर्धारित दण्डात्मक कार्यवाही की जाती है। किशोर श्रमिकों के नियोजन की स्थिति में भी कार्यघंटों, विश्राम अवधि, साप्ताहिक अवकाश तथा अभिलेख संधारण से संबंधित नियमों का पालन अनिवार्य है।
सहायक श्रमायुक्त द्वारा जानकारी दी गई कि एक अप्रैल 2024 से 31 मई 2026 तक जनपद में संचालित विशेष निरीक्षण अभियानों के दौरान 142 निरीक्षणों में 167 बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराया गया। जिन प्रतिष्ठानों पर बच्चे कार्यरत पाए गए, उनके स्वामियों के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्यवाही की गई है।
उन्होंने कहा कि जनपद को पूर्णतः बाल श्रम मुक्त बनाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी द्वारा जनपद स्तरीय टास्क फोर्स का पुनर्गठन किया गया है, जो निरंतर भ्रमण कर बाल श्रम की रोकथाम हेतु निरीक्षण करेगी तथा दोषी प्रतिष्ठान स्वामियों के विरुद्ध कठोर दण्डात्मक कार्यवाही सुनिश्चित कराएगी।
जनपद प्रशासन ने सभी नागरिकों, व्यापारियों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, ईंट भट्ठा संचालकों तथा समाज के विभिन्न वर्गों से बाल श्रम उन्मूलन अभियान में सक्रिय सहयोग प्रदान करने की अपील की है, ताकि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित बचपन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर भविष्य उपलब्ध कराया जा सके।
सामाजिक सुरक्षा एवं बाल श्रम उन्मूलन के प्रति जागरूकता बढ़ाने को कार्यशाला आयोजित

लखनऊ। केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर संचालित "12 साल विश्वास के, विकास के, जन-कल्याण के" अभियान के अंतर्गत 05 जून से 21 जून 2026 तक प्रदेश में समेकित जन-कल्याण एवं जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को कार्यालय अपर श्रमायुक्त, 23 ए.पी. सेन रोड, लखनऊ के सभागार में अपर श्रमायुक्त, लखनऊ कल्पना श्रीवास्तव की अध्यक्षता में सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 तथा बाल श्रम उन्मूलन विषयक जन-जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में सहायक श्रमायुक्त शिप्रा चतुर्वेदी सहित श्रम विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर श्रम प्रवर्तन अधिकारी शरद, संतोष कुमार, राकेश कुमार पाल, अंकित सिंह, अरुण कुमार पाण्डेय, राम कुमार, इम्तेयाज अहमद अंसारी, पंकज कुमार शुक्ला तथा हिन्द मजदूर सभा के प्रदेश महामंत्री उमा शंकर एवं टीयूसीसी के महामंत्री प्रमोद पटेल सहित विभिन्न श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
अभियान के तहत लेबर अड्डा इंजीनियरिंग कॉलेज क्षेत्र में श्रम विभाग द्वारा विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। श्रम प्रवर्तन अधिकारियों अंकित सिंह एवं शरद ने वहां एकत्रित श्रमिकों को उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की। इस दौरान 15 श्रमिकों का मौके पर ही पंजीकरण किया गया तथा अन्य पात्र श्रमिकों को भी श्रमिक पंजीकरण कराने के लिए प्रेरित किया गया।
इसी प्रकार बोर्ड की कौशल विकास, तकनीकी उन्नयन एवं प्रमाणन योजना (आरपीएल) के अंतर्गत आरपीएल टीम द्वारा विकास खंड मलिहाबाद एवं मोहनलालगंज में विशेष शिविर आयोजित कर श्रमिकों का पंजीकरण किया गया। वहीं विकास खंड बक्शी का तालाब में भी उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की योजनाओं के प्रचार-प्रसार, श्रमिक पंजीकरण तथा पात्र लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं में आवेदन के लिए प्रोत्साहित करने हेतु विशेष स्टॉल एवं शिविर लगाए गए।
अपर श्रमायुक्त ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र श्रमिकों तक पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रमिकों के बीच लगातार जागरूकता अभियान चलाकर उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने का कार्य सुनिश्चित किया जाए।
उप्र : 44 जनपदों की 118 बाढ़ प्रभावित तहसीलों में राज्य स्तरीय बाढ़ मॉक अभ्यास-2026 का हुआ सफल आयोजन


लखनऊ। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के समन्वय से आज 11 जून, 2026 को प्रदेश के 44 बाढ़ संभावित जनपदों की 118 तहसीलों में राज्य स्तरीय बाढ़ मॉक अभ्यास-2026 का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य बाढ़ की आपात स्थिति में विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय, संसाधनों की उपलब्धता, संचार व्यवस्था, राहत एवं बचाव कार्यों तथा ग्राम से राज्य स्तर तक की प्रतिक्रिया प्रणाली का परीक्षण एवं सुदृढ़ीकरण करना था।

मॉक अभ्यास का शुभारम्भ योजना भवन, लखनऊ से किया गया। सभी जनपदों एवं तहसीलों को बाढ़ संबंधी चेतावनी एवं परिदृश्यों की जानकारी उपलब्ध कराई गई, जिसके उपरांत जिला प्रशासन द्वारा इंसीडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम (आईआरएस) एवं मानक संचालन प्रक्रिया के अनुरूप कार्यवाही प्रारम्भ की गई। अभ्यास के दौरान जनपदों द्वारा बाढ़ के कारण गांवों के जलमग्न होने, लोगों के पेड़ों एवं छतों पर फंसने, नाव दुर्घटना, सड़क एवं पुल क्षतिग्रस्त होने, संचार बाधित होने तथा अफवाह एवं भ्रामक सूचनाओं के प्रसार जैसे विभिन्न परिदृश्यों पर राहत एवं बचाव कार्यों का प्रदर्शन किया गया। इसके अतिरिक्त राहत शिविरों, बाढ़ चौकियों, कमांड पोस्ट, फील्ड हॉस्पिटल तथा चिकित्सा सहायता केन्द्रों की स्थापना एवं संचालन का भी अभ्यास किया गया।
योजना भवन, लखनऊ से राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के वरिष्ठ सलाहकार ब्रिगेडियर रविंद्र गुरुंग द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समस्त जनपदों एवं तहसीलों की गतिविधियों का संचालन एवं पर्यवेक्षण किया गया। अभ्यास के दौरान जिलाधिकारियों, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, सिंचाई विभाग, पशुपालन विभाग, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ तथा अन्य संबंधित विभागों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए आपसी समन्वय का प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी, पी.वी.एस.एम, ए.वी.एस.एम, वी.एस.एम, (से.नि.) ने जनपद लखनऊ की तहसील बी0के0टी0 में आयोजित विभिन्न गतिविधियों का स्थलीय निरीक्षण किया तथा राहत एवं बचाव कार्यों, कमांड एवं नियंत्रण व्यवस्था तथा विभिन्न विभागों के समन्वय का अवलोकन किया। मौके पर भारतीय सेना द्वारा फील्ड हॉस्पिटल भी स्थापित किया गया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ की वास्तविक परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने हेतु सभी तैयारियों को अद्यतन एवं सुदृढ़ रखा जाए।
अभ्यास के समापन सत्र में उपाध्यक्ष ने योजना भवन, लखनऊ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जनपदों की कार्यवाहियों की समीक्षा की। इस दौरान विभिन्न जनपदों द्वारा प्राप्त अनुभवों, सामने आई चुनौतियों, कमियों एवं सुधार की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई तथा भविष्य में बाढ़ आपदा के प्रति और अधिक प्रभावी तैयारी हेतु आवश्यक सुझाव प्रदान किए गए। इंटल स्टेट रिसोर्स मोबिलाईजेशन पहल के अंतर्गत उत्तराखण्ड, राजस्थान, बिहार एवं मध्य प्रदेश राज्यों की एसडीआरएफ टीमें क्रमशः बरेली, मथुरा, गोरखपुर एवं प्रयागराज में आयोजित मॉक एक्सरसाइज में प्रतिभाग किया तथा असम, हरियाणा एवं पंजाब राज्यों के प्रतिनिधियों ने योजना भवन, लखनऊ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जनपदों की मॉक एक्सरसाइज गतिविधियों में प्रतिभागित किया।
जिलाध्यक्ष की गिरफ्तारी पर भाकियू भानू का तहसील में धरना, कार्रवाई के आश्वासन तक आंदोलन जारी

रितेश मिश्रा
संडीला। भारतीय किसान यूनियन (भानू गुट) के जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह उर्फ अंकित की गिरफ्तारी के विरोध में गुरुवार को संगठन के प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर योगेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान कार्यकर्ता संडीला तहसील परिसर पहुंच गए। किसानों ने शांतिपूर्ण तरीके से धरना प्रदर्शन शुरू करते हुए प्रशासन के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई।

धरना स्थल पर प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर योगेश प्रताप सिंह ने कहा कि संगठन के जिलाध्यक्ष की गिरफ्तारी से किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसान नेताओं की समस्याओं को सुनने के बजाय उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी मामले में कार्रवाई की जाती है तो वह निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए।

प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि अभी तक प्रशासन की ओर से संगठन के पदाधिकारियों के साथ किसी प्रकार की वार्ता नहीं की गई है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक प्रशासन मामले में ठोस कार्रवाई करने और निष्पक्ष जांच का आश्वासन नहीं देता, तब तक किसान तहसील परिसर से हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि संगठन हमेशा किसानों के हितों की लड़ाई लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से लड़ता आया है और आगे भी किसानों के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रहेगा।

धरना प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में किसान कार्यकर्ता तहसील परिसर में मौजूद रहे। किसानों ने एकजुटता दिखाते हुए संगठन के जिलाध्यक्ष के समर्थन में नारेबाजी भी की। तहसील परिसर में चल रहे धरने को देखते हुए प्रशासनिक अमला भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। फिलहाल किसान नेताओं और प्रशासन के बीच वार्ता की कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है, जिससे आंदोलन के आगे और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
भाजपा सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर विधायक बालामऊ ने किया पौधरोपण, प्रबुद्धजनों का किया सम्मान।
रितेश मिश्रा
बेनीगंज(हरदोई)। विधानसभा क्षेत्र बालामऊ अंतर्गत बेनीगंज में भारतीय जनता पार्टी के केंद्र में सफलतापूर्वक 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर क्षेत्रीय विधायक रामपाल वर्मा द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों में सहभागिता करते हुए सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण एवं हरित क्रांति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कोथावां के हत्याहरण तीर्थ स्थल पर पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विधायक बालामऊ रामपाल वर्मा ने पौधरोपण करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। वृक्षारोपण से न केवल पर्यावरण संतुलित रहता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण भी सुनिश्चित होता है। उन्होंने सभी लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान किया।
हत्याहरण मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मंदिर के पुजारी द्वारा विधायक रामपाल वर्मा को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने विधायक का गर्मजोशी से स्वागत किया।
इसके उपरांत विधायक रामपाल वर्मा नगर पंचायत बेनीगंज पहुंचे, जहां भारतीय जनता पार्टी सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों एवं उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश ने विकास, सुरक्षा, आधारभूत संरचना, किसान कल्याण, महिला सशक्तिकरण और गरीबों के उत्थान के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किए हैं, जिनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है।
कार्यक्रम के अगले चरण में विधायक मनोहर पब्लिक स्कूल पहुंचे, जहां आयोजित समारोह में क्षेत्र के प्रबुद्धजनों, समाजसेवियों, अध्यापकों एवं विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया गया। विधायक ने कहा कि समाज के विकास में शिक्षकों, बुद्धिजीवियों और समाजसेवियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है तथा उनके योगदान का सम्मान किया जाना आवश्यक है।
इस अवसर पर कोथावां विकासखंड क्षेत्र के दर्जनों ग्राम प्रधान, भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान भाजपा सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए आगामी विकास योजनाओं पर भी चर्चा की गई।
गोंडा: सड़क हादसे में रामपाल वर्मा की मौत, पोस्टमार्टम को लेकर परिजनों का हंगामा
*गोंडा।* जिले के सुभागपुर रेलवे क्रासिंग के पास सड़क हादसे में रामपाल वर्मा की मौत हो गई। हादसे के बाद मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि मौत के बाद उनके ही विभाग ने साथ छोड़ दिया। परिजन रात में ही पोस्टमार्टम कराने की मांग पर अड़ गए।

घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। घंटों चली मशक्कत के बाद जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन मौके पर पहुंचीं। डीएम ने परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया और रात में ही पोस्टमार्टम कराने का आश्वासन दिया।

डीएम के आश्वासन के बाद मृतक के परिजन माने और शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने दिया। प्रशासन ने परिजनों को हर संभव मदद का भरोसा दिया है।

फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
जन्मदिन पर याद किए गए पत्रकार पंडित चंद्रेश मिश्र
जौनपुर। यशस्वी पत्रकार स्मृति शेष पं. चंद्रेश मिश्र के जन्मदिन के अवसर पर पं चंद्रेश मिश्र पीठ के अध्यक्ष रामकृष्ण त्रिपाठी, सभाजीत द्विवेदी प्रखर , पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष  इन्द्रभूवन सिंह, रामदयाल द्विवेदी ,पं प्रभाकर त्रिपाठी, डा. रामजी तिवारी, आलोक शास्त्री, अशोक मिश्र, रवि श्रीवास्तव ,देवी सिंह सोनू, अशीष पाठक, संजय वर्मा एवं पंडित जी के नाती-आषुतोष दूबे आदि गणमान्य लोगों ने पंडित जी के जन्मदिन पर याद करते हुए श्रध्दा सुमन अर्पित किया।
जमीनी विवाद को लेकर हुई मारपीट, पीड़ित ने कोतवाली में दी तहरीर देकर कार्रवाई की उठाई आवाज़।
रितेश मिश्रा
बेनीगंज(हरदोई)।कोतवाली बेनीगंज क्षेत्र के ग्राम पहला निवासी एक व्यक्ति ने जमीन के विवाद को लेकर मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दिए जाने का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पहला थाना बेनीगंज निवासी भन्नू पुत्र मोलहे पासी ने प्रभारी निरीक्षक को दिए गए शिकायती पत्र में बताया कि 10 जून 2026 को शाम लगभग 5:30 बजे उनके गांव में मकान निर्माण कार्य के दौरान कुछ लोगों द्वारा कथित रूप से उनकी भूमि में अतिक्रमण कर निर्माण कराया जा रहा था। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो आरोप है कि रामबालक पासी, विमलेश उर्फ छोटकऊ पुत्र रामकुमार पासी, रामकुमार पुत्र पुलई पासी निवासी मोहरावां थाना रामकोट जनपद सीतापुर तथा उनके रिश्तेदार बीरू पुत्र संदीप पासी ने उनके साथ अभद्रता शुरू कर दी।
पीड़ित का आरोप है कि विरोध करने पर उक्त लोगों ने गाली-गलौज करते हुए उन्हें, उनकी पत्नी रेनू तथा छोटे भाई सत्येंद्र और परिवार की अन्य सदस्य के साथ बुरी तरह मारपीट की। आरोप है कि इस दौरान लाठी-डंडों से हमला कर उन्हें घायल कर दिया गया तथा जान से मारने की धमकी भी दी गई। घटना में पीड़ित और उनके परिजनों को चोटें आई हैं।
घटना के बाद पीड़ित भन्नू पासी ने कोतवाली बेनीगंज पहुंचकर लिखित तहरीर दी और आरोपियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित का कहना है कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में कोई गंभीर घटना हो सकती है।
फिलहाल स्थानीय पुलिस द्वारा मामले की जांच कर आवश्यक विधिक कार्रवाई किए जाने की बात कही है।
गौशाला में गौवंशों की दुर्दशा, , कुत्तों का निवाला बन रहे बेज़ुबान .
रितेश मिश्रा
हरदोई: विकास खण्ड कोथावां अंतर्गत ग्राम पंचायत नेवादा लोचन स्थित गौशाला में गौ संरक्षण को लेकर किए जा रहे सरकारी दावों की हकीकत सवालों के घेरे में दिखाई दे रही है। गौशाला की स्थिति देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि यहां व्यवस्थाओं की निगरानी और संचालन में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार गौशाला में लाखों रुपये की लागत से लगाए गए निगरानी सिस्टम और अन्य सुविधाएं होने के बावजूद गौवंशों को अपेक्षित देखभाल नहीं मिल पा रही है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि गौशाला परिसर में मृत गौवंशों के अवशेष पड़े होने तथा उन्हें आवारा कुत्तों द्वारा नोच-नोच कर खाने के दृश्य सामने आने से क्षेत्रीय लोगों में भारी रोष व्याप्त है। यह स्थिति न केवल गौ संरक्षण की व्यवस्थाओं पर प्रश्नचिह्न लगाती है बल्कि स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर चिंताओं को भी जन्म देती है।
ग्रामीणों का कहना है कि गौशाला में केयर टेकर की नियमित उपस्थिति नहीं दिखाई देती, जिसके कारण गौवंशों की देखरेख प्रभावित हो रही है। वहीं सरकारी मानकों के अनुसार गौशालाओं में गौवंशों के लिए प्राथमिक उपचार, पर्याप्त हरा चारा, स्वच्छ पेयजल तथा सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाना चाहिए, लेकिन वर्तमान हालात इन दावों की पोल खोलते नजर आ रहे हैं। लोगों का यह भी सवाल है कि जब गौशाला में निगरानी के लिए आधुनिक सिस्टम लगाए गए हैं तो फिर ऐसी अव्यवस्थाएं कैसे उत्पन्न हो रही हैं? यदि निगरानी व्यवस्था सक्रिय है तो जिम्मेदार अधिकारियों तक यह जानकारी क्यों नहीं पहुंची और यदि जानकारी पहुंची है तो अब तक प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
क्षेत्रीय नागरिकों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने, गौशाला की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने, मृत गौवंशों के उचित निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
गौ संरक्षण सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है, ऐसे में नेवादा लोचन गौशाला की यह स्थिति प्रशासनिक व्यवस्था और निगरानी तंत्र दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हुए सुधारात्मक कदम उठाता है।