प्रदेश के 8 संरक्षित स्मारकों का संरक्षण कार्य पूरा, 712.40 लाख रुपये खर्च
* ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरों को सहेजने में जुटी योगी सरकार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के संस्कृति विभाग के अधीन पुरातत्व निदेशालय द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश के 8 संरक्षित स्मारकों एवं पुरास्थलों के संरक्षण और पुनरुद्धार कार्य पूरे कराए गए हैं। इन कार्यों पर मार्च 2026 तक कुल 712.40 लाख रुपये की धनराशि व्यय की गई है।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने यह जानकारी देते हुए कहा कि ऐतिहासिक एवं धार्मिक पुरास्थल हमारी सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक हैं और युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत भी हैं। इन धरोहरों का संरक्षण कर उन्हें आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने बताया कि सीतापुर के अलावलपुर स्थित संरक्षित शिव मंदिर के संरक्षण एवं पेंटिंग कंजर्वेशन सहित सभी कार्य 93.76 लाख रुपये की लागत से पूर्ण कराए गए हैं। वहीं फतेहपुर स्थित तुलाराम तालाब एवं शिव मंदिर परिसर में तालाब की सीढ़ियों के पुनरुद्धार समेत अन्य कार्य 133.83 लाख रुपये से पूरे किए गए।
इसके अलावा लखनऊ मोहनलालगंज स्थित संरक्षित पुरास्थल हुलासखेड़ा के सभी कार्य 167.74 लाख रुपये की लागत से पूर्ण हुए हैं। संतकबीर नगर में कबीरदास की समाधि एवं मजार का संरक्षण कार्य 16.78 लाख रुपये में कराया गया।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि प्रदेश के महत्वपूर्ण संरक्षित स्मारकों पर सांस्कृतिक सूचना पट्ट लगाने का कार्य भी 18.31 लाख रुपये की लागत से पूरा कराया गया है।
इसी क्रम में महाराजगंज के बनरसिहा कला उत्खनन स्थल पर 146.73 लाख रुपये तथा कानपुर नगर के बिठूर स्थित टिकैत राय शिव मंदिर पर 78.96 लाख रुपये और अन्य संरक्षण कार्यों पर 56.29 लाख रुपये खर्च कर कार्य पूर्ण कराए गए हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में ऐतिहासिक महत्व के प्राचीन स्थल मौजूद हैं, जो सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इन स्थलों के संरक्षण से प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान मिलेगी और शोधकर्ताओं व पर्यटकों का आकर्षण भी बढ़ेगा।
लखनऊ में प्रतीक यादव का अंतिम संस्कार संपन्न, नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के भैंसाकुंड स्थित बैकुंठधाम श्मशान घाट पर गुरुवार को प्रतीक यादव का अंतिम संस्कार पूरे विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। भाजपा नेत्री अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव को परिजनों, समर्थकों और शुभचिंतकों ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी।
प्रतीक यादव को उनके ससुर अरविंद सिंह बिष्ट ने मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के दौरान श्मशान घाट पर बेहद भावुक माहौल देखने को मिला। पत्नी अपर्णा यादव और उनकी दोनों बेटियां भी अंतिम संस्कार में मौजूद रहीं।
इस दौरान अखिलेश यादव, शिवपाल यादव समेत पूरा यादव परिवार बैकुंठधाम पहुंचा। बड़ी संख्या में समर्थक और आम लोग भी अंतिम यात्रा में शामिल हुए।
प्रतीक यादव की अंतिम यात्रा में लोगों का भारी हुजूम उमड़ा और पूरे श्मशान घाट पर गमगीन माहौल बना रहा। बुधवार को उनके निधन के बाद गुरुवार को उनका अंतिम संस्कार किया गया। परिवार और समर्थकों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
साइकिल से विधानसभा पहुंचे वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, बोले- पेट्रोल-डीजल बचाना राष्ट्रीय दायित्व
* सप्ताह में एक दिन साइकिल से दफ्तर जाएंगे मंत्री, पीएम और सीएम की अपील का किया समर्थन
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने गुरुवार को पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत का संदेश देते हुए अपने सरकारी आवास 10 कालिदास मार्ग से विधानसभा स्थित कार्यालय तक साइकिल से यात्रा की।
मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की अपील और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  की अपेक्षाओं के अनुरूप उन्होंने यह पहल की है। उन्होंने घोषणा की कि वह प्रत्येक सप्ताह कम से कम एक दिन साइकिल से कार्यालय जाएंगे।
उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल जैसे ईंधनों की बचत करना हर नागरिक का राष्ट्रीय दायित्व है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 85 से 86 प्रतिशत कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है, जिस पर भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च होती है।
मंत्री ने कहा कि वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए ईंधन की बचत और वैकल्पिक परिवहन को अपनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने लोगों से भी अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण और देशहित में ईंधन की खपत कम करने के लिए छोटे-छोटे प्रयास करें।
यूपी में आंधी-बारिश का कहर: 96 लोगों की मौत, कई जिलों में तबाही, रेल और बिजली व्यवस्था चरमराई
लखनऊ। Uttar Pradesh में बुधवार को मौसम ने ऐसा कहर बरपाया कि कई जिलों में जिंदगी थम सी गई। तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और आकाशीय बिजली ने प्रदेशभर में भारी तबाही मचाई, जिसमें अब तक 96 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग घायल बताए जा रहे हैं। गांवों से लेकर शहरों तक हर तरफ तबाही का मंजर देखने को मिला।
सबसे ज्यादा असर पूर्वांचल और मध्य यूपी के जिलों में देखने को मिला। Prayagraj, Varanasi, Bhadohi, Mirzapur और फतेहपुर सहित कई जिलों में तेज हवाओं ने पेड़ों और बिजली के खंभों को धराशायी कर दिया। कई इलाकों में घंटों बिजली गुल रही, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकान और टीनशेड उड़ गए।
भदोही में सबसे अधिक 18 लोगों की मौत हुई, जबकि प्रयागराज में 17 और मिर्जापुर में 15 लोगों ने जान गंवाई। फतेहपुर में 10, उन्नाव और बदायूं में 6-6 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। इसके अलावा रायबरेली, सीतापुर, चंदौली, हरदोई, संभल और अन्य जिलों में भी जानमाल का भारी नुकसान हुआ है।
आंधी-तूफान का असर रेलवे सेवाओं पर भी पड़ा। फतेहपुर में पेड़ गिरने से ओएचई लाइन टूट गई, जिससे दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग करीब डेढ़ घंटे तक प्रभावित रहा। कानपुर होकर गुजरने वाली 22 ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ। वहीं प्रयागराज-जौनपुर रेलखंड पर रेलवे ट्रैक पर विशाल पेड़ गिरने से ट्रेनों की आवाजाही ठप हो गई।
प्रदेश में अचानक बदले मौसम ने किसानों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। खेतों में तैयार खड़ी फसलें तेज बारिश और हवाओं की चपेट में आकर बर्बाद हो गईं। कई इलाकों में सड़कें जाम रहीं और यातायात बाधित रहा।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने अधिकारियों को तत्काल राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रभावित परिवारों को 24 घंटे के भीतर मुआवजा दिया जाए और राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो।
आवास पहुंचा प्रतीक यादव का पार्थिव शरीर, शोक में डूबा यादव परिवार

डिंपल यादव और अपर्णा यादव समेत परिजनों की आंखें नम, समर्थकों में भी गम का माहौल

लखनऊ। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव के असमायिक निधन से पूरा यादव परिवार गहरे शोक में डूबा हुआ है। पोस्टमार्टम के बाद बुधवार को प्रतीक यादव का पार्थिव शरीर उनके आवास पहुंचा, जहां परिवार और समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

आवास से सामने आई भावुक तस्वीरों में डिम्पल यादव, अपर्णा यादव समेत परिवार के अन्य सदस्य बेहद भावुक नजर आए। परिजनों की आंखें नम थीं और माहौल पूरी तरह गमगीन बना हुआ था। प्रतीक यादव के निधन की खबर से राजनीतिक और सामाजिक जगत में भी शोक की लहर है। बड़ी संख्या में समर्थक और शुभचिंतक आवास पहुंचकर परिवार को सांत्वना दे रहे हैं। कई नेताओं ने भी इस दुखद घटना पर संवेदना व्यक्त की है।

अपर्णा के आवास पहुंचे सीएम योगी, प्रतीक यादव को दी अंतिम श्रद्धांजलि : 

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाजपा नेता अपर्णा यादव के आवास पहुंचकर उनके पति प्रतीक यादव को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री योगी ने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इस दौरान परिवार के सदस्य और करीबी मौजूद रहे। आवास पर बड़ी संख्या में समर्थकों और शुभचिंतकों का भी जमावड़ा लगा रहा।

युवाओं के लिए सिविल सेवा का सुनहरा अवसर
* निःशुल्क IAS/PCS  कोचिंग के लिए 18 मई से शुरू होंगे ऑनलाइन आवेदन, 5 जुलाई को होगी प्रवेश परीक्षा
* समाज कल्याण विभाग ने जारी किया प्रवेश परीक्षा का शेड्यूल

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार हर प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्रों के जरिए निःशुल्क कोचिंग और आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि वे प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर प्रशासनिक सेवाओं में अपनी पहचान बना सकें।
  असीम अरुण, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), ने कहा कि प्रदेश के मेधावी और आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को प्रशासनिक सेवा में आगे बढ़ाने के उद्देश्य से समाज कल्याण विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में विभाग ने सत्र 2026-27 के लिए प्रदेश में संचालित 8 आवासीय निःशुल्क आईएएस/पीसीएस परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्रों में प्रवेश के लिए सम्मलित प्रवेश परीक्षा का शेड्यूल जारी कर दिया है।
  समाज कल्याण विभाग के निदेशक संजीव सिंह ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन 18 मई से 18 जून 2026 तक विभागीय वेबसाइट www.socialwelfareup.upsdc.gov.in  पर किए जा सकेंगे। प्रवेश पत्र 25 जून से डाउनलोड होंगे, जबकि सम्मलित प्रवेश परीक्षा 05 जुलाई को होगी। परीक्षा परिणाम 28 जुलाई तक घोषित किए जाने की संभावना है। वहीं नया शैक्षणिक सत्र 01 अगस्त 2026 से शुरू किया जाएगा।

ये कर सकते हैं आवेदन:
1- अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थी
2-परिवार की वार्षिक आय 6 लाख रुपये या उससे कम
विषय विशेषज्ञ और वरिष्ठ अधिकारियों का मार्गदर्शन
इन केंद्रों पर अभ्यर्थियों को नि:शुल्क आवासीय सुविधा, भोजन, पुस्तकालय, ऑनलाइन और ऑफलाइन क्लासेज, टेस्ट सीरीज और मुख्य परीक्षा के साथ ही इंटरव्यू के लिए विशेष सत्र आयोजित किए जाते हैं, जहां विषय विशेषज्ञों और वरिष्ठ आईएएस और पीसीएस अधिकारियों द्वारा मार्गदर्शन दिया जाता है। हाल ही में घोषित UPPCS-2024  परीक्षा में 44 अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की है।
पीएम रिपोर्ट: पल्मोनरी एम्बोलिज्म बना मौत की वजह, कुछ ही मिनटों में थम गई प्रतीक यादव की सांसें

लखनऊ। सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के पुत्र प्रतीक यादव की मौत को लेकर आई पीएम रिपोर्ट में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जांच में खुलासा हुआ है कि उनकी मौत का कारण Pulmonary Embolism (पल्मोनरी एम्बोलिज्म) था। यह ऐसी गंभीर चिकित्सीय स्थिति है, जिसमें शरीर में बना खून का थक्का फेफड़ों की धमनियों में जाकर फंस जाता है।

डॉक्टरों के अनुसार, खून का यह थक्का अक्सर पैरों की नसों से निकलकर फेफड़ों तक पहुंचता है। थक्का फंसने के बाद फेफड़ों तक खून और ऑक्सीजन का प्रवाह अचानक रुक जाता है, जिससे शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती। इस स्थिति में दिल के दाहिने हिस्से पर अत्यधिक दबाव पड़ता है और हार्ट फेल होने का खतरा बढ़ जाता है।

पीएम रिपोर्ट के मुताबिक, प्रतीक यादव के मामले में खून का थक्का काफी बड़ा था, जिसके चलते उनकी सांसें अचानक रुक गईं। हालत इतनी गंभीर थी कि कुछ ही मिनटों में उनकी मौत हो गई।

चिकित्सकों का कहना है कि पल्मोनरी एम्बोलिज्म बेहद खतरनाक स्थिति होती है और समय पर इलाज न मिलने पर यह जानलेवा साबित हो सकती है।

प्रतीक यादव के निधन से मैं और पूरा परिवार दुखी : अखिलेश यादव

लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव बुधवार काे छोटे भाई प्रतीक यादव के निधन से बेहद दुखी हैं। वे केजीएमयू स्थित पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे, जहां प्रतीक यादव का पाेस्र्टमार्टम किया जा रहा था। सपा प्रमुख ने यहां गमगीन परिवारीजनों से मुलाकात कर घटना के संबंध में जानकारी ली।

पोस्टमार्टम हाउस से निकलने के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रतीक यादव आज हमारे बीच नहीं हैं। यह हम सभी के लिए बहुत दुखद पल है। वे बचपन से ही वे जीवन में आगे बढ़ना चाहते थे और स्वास्थ्य के प्रति सजग थे। वे अपनी मेहनत से कुछ करना चाहते थे। बहुत दुखद कि वे हमारे बीच नहीं हैं।

एक सवाल के जवाब में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि लगभग दो माह पूर्व मेरी प्रतीक से मुलाकात हुई थी। उस समय भी उनसे मैंने यही कहा था कि अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखो और अपने कारोबार को आगे बढ़ाओ।

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि कभी-कभी कारोबार में नुकसान होने से आदमी बहुत टूट जाता है। उल्लेखनीय है कि प्रतीक यादव अपनी पत्नी अपर्णा यादव से काफी समय से खुश नहीं थे और दोनों के बीच कुछ परेशानियां चल रही थी। पूर्व में प्रतीक ने इंस्टाग्राम पर तलाक लेने की बात कही थी। कुछ समय पूर्व यह भी चर्चा हुई थी कि अपर्णा यादव सामाजिक कार्यों में ज़्यादा दिखती हैं और घर के कार्यक्रम में कम दिखती हैं। कई प्रोग्राम में अपर्णा यादव और प्रतीक यादव के अलग-अलग अकेले फोटो में दिखाई दिए थे ।

मौजूदा में अपर्णा यादव उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में सक्रिय हैं। उनके पति प्रतीक यादव के अचानक निधन से नेताजी का परिवार को गहरा सदमा लगा है।
प्रतीक यादव के निधन से मैं और पूरा परिवार दुखी : अखिलेश यादव

लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव बुधवार काे छोटे भाई प्रतीक यादव के निधन से बेहद दुखी हैं। वे केजीएमयू स्थित पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे, जहां प्रतीक यादव का पाेस्र्टमार्टम किया जा रहा था। सपा प्रमुख ने यहां गमगीन परिवारीजनों से मुलाकात कर घटना के संबंध में जानकारी ली।

पोस्टमार्टम हाउस से निकलने के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रतीक यादव आज हमारे बीच नहीं हैं। यह हम सभी के लिए बहुत दुखद पल है। वे बचपन से ही वे जीवन में आगे बढ़ना चाहते थे और स्वास्थ्य के प्रति सजग थे। वे अपनी मेहनत से कुछ करना चाहते थे। बहुत दुखद कि वे हमारे बीच नहीं हैं।

एक सवाल के जवाब में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि लगभग दो माह पूर्व मेरी प्रतीक से मुलाकात हुई थी। उस समय भी उनसे मैंने यही कहा था कि अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखो और अपने कारोबार को आगे बढ़ाओ।

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि कभी-कभी कारोबार में नुकसान होने से आदमी बहुत टूट जाता है। उल्लेखनीय है कि प्रतीक यादव अपनी पत्नी अपर्णा यादव से काफी समय से खुश नहीं थे और दोनों के बीच कुछ परेशानियां चल रही थी। पूर्व में प्रतीक ने इंस्टाग्राम पर तलाक लेने की बात कही थी। कुछ समय पूर्व यह भी चर्चा हुई थी कि अपर्णा यादव सामाजिक कार्यों में ज़्यादा दिखती हैं और घर के कार्यक्रम में कम दिखती हैं। कई प्रोग्राम में अपर्णा यादव और प्रतीक यादव के अलग-अलग अकेले फोटो में दिखाई दिए थे ।

मौजूदा में अपर्णा यादव उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में सक्रिय हैं। उनके पति प्रतीक यादव के अचानक निधन से नेताजी का परिवार को गहरा सदमा लगा है।
प्रतीक यादव के निधन से मैं और पूरा परिवार दुखी : अखिलेश यादव

लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव बुधवार काे छोटे भाई प्रतीक यादव के निधन से बेहद दुखी हैं। वे केजीएमयू स्थित पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे, जहां प्रतीक यादव का पाेस्र्टमार्टम किया जा रहा था। सपा प्रमुख ने यहां गमगीन परिवारीजनों से मुलाकात कर घटना के संबंध में जानकारी ली।

पोस्टमार्टम हाउस से निकलने के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रतीक यादव आज हमारे बीच नहीं हैं। यह हम सभी के लिए बहुत दुखद पल है। वे बचपन से ही वे जीवन में आगे बढ़ना चाहते थे और स्वास्थ्य के प्रति सजग थे। वे अपनी मेहनत से कुछ करना चाहते थे। बहुत दुखद कि वे हमारे बीच नहीं हैं।

एक सवाल के जवाब में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि लगभग दो माह पूर्व मेरी प्रतीक से मुलाकात हुई थी। उस समय भी उनसे मैंने यही कहा था कि अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखो और अपने कारोबार को आगे बढ़ाओ।

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि कभी-कभी कारोबार में नुकसान होने से आदमी बहुत टूट जाता है। उल्लेखनीय है कि प्रतीक यादव अपनी पत्नी अपर्णा यादव से काफी समय से खुश नहीं थे और दोनों के बीच कुछ परेशानियां चल रही थी। पूर्व में प्रतीक ने इंस्टाग्राम पर तलाक लेने की बात कही थी। कुछ समय पूर्व यह भी चर्चा हुई थी कि अपर्णा यादव सामाजिक कार्यों में ज़्यादा दिखती हैं और घर के कार्यक्रम में कम दिखती हैं। कई प्रोग्राम में अपर्णा यादव और प्रतीक यादव के अलग-अलग अकेले फोटो में दिखाई दिए थे ।

मौजूदा में अपर्णा यादव उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में सक्रिय हैं। उनके पति प्रतीक यादव के अचानक निधन से नेताजी का परिवार को गहरा सदमा लगा है।