सोमनाथ अमृत महोत्सव में पीएम नरेंद्र मोदी हुए शामिल, बोले-दुनिया की कोई ताकत भारत को झुका नहीं सकती

#pmmodiatsomnathamrit_mahotsav

गुजरात के प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 साल पूरे होने पर भव्य धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ मंदिर में आयोजित सोमनाथ अमृत महोत्सव में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस मौके पर पीएम मोदी ने सोमनाथ अमृत महोत्सव को संबोधित किया।

सोमनाथ के अविनाशी होने का गर्व- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, अभी कुछ ही महीने पहले मैं यहां आया था, तब हम सोमनाथ स्वाभिमान पर्व मना रहे थे। प्रथम विध्वंस के 1,000 वर्ष बाद भी सोमनाथ के अविनाशी होने का गर्व और आज इस आधुनिक स्वरूप की प्राण प्रतिष्ठा के 75 वर्ष, हम केवल दो आयोजनों का हिस्सा भर नहीं बनें, हमें हजार वर्षों की अमृत यात्रा को अनुभव करने का शिवजी ने मौका दिया है।

सोमनाथ मंदिर की पुनर्स्थापना कोई साधारण अवसर नहीं-पीएम मोदी

मोदी ने कहा, 75 साल पहले आज के ही दिन सोमनाथ मंदिर की पुनर्स्थापना... ये कोई साधारण अवसर नहीं था। अगर 1947 में भारत आजाद हुआ था तो, 1951 में सोमनाथ की प्राण प्रतिष्ठा ने भारत की स्वतंत्र चेतना का उद्घोष किया था। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण ने दुनिया को यह संदेश दिया कि भारत सिर्फ आजाद ही नहीं हुआ, बल्कि अपने प्राचीन गौरव को फिर से हासिल करने की राह पर भी आगे बढ़ चुका है।

आज के ही दिन देश ने पोखरण में परमाणु परीक्षण किया- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा, आज का दिन एक और वजह से भी विशेष है। 11 मई, 1998 यानी आज के ही दिन देश ने पोखरण में परमाणु परीक्षण किया था। देश ने 11 मई को पहले 3 परमाणु परीक्षण किए। हमारे वैज्ञानिकों ने भारत के सामर्थ्य को, भारत की क्षमता को दुनिया के सामने रखा। दुनिया में तूफान आ गया कि भारत कौन होता है, उसकी ये हैसियत, जो परमाणु परीक्षण करें।

हम भौतिक शरीर को नश्वर मानने वाले लोग- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, इतिहास के लंबे कालखंड में इस मंदिर ने अनेक आक्रमण झेले। महमूद गजनवी, अलाउद्दीन खिलजी जैसे अनेक आक्रांता आए। लुटेरों ने सोमनाथ मंदिर का वैभव मिटाने का प्रयास किया। वो सोमनाथ को एक भौतिक ढांचा मानकर उससे टकराते रहे। बार-बार इस मंदिर को तोड़ा गया। ये बार-बार बनता रहा। हर बार उठ खड़ा होता रहा! क्योंकि तोड़ने वालों को मालूम नहीं था कि हमारे राष्ट्र का वैचारिक सामर्थ्य क्या है। हम भौतिक शरीर को नश्वर मानने वाले लोग हैं। उसके भीतर बैठी आत्मा अविनाशी है। और शिव तो सर्वात्मा हैं।

सोमनाथ की 75वीं वर्षगांठ पर ऐतिहासिक समारोह, 11 पवित्र तीर्थस्थलों के जल से विशेष कुंभाभिषेकम, पीएम मोदी होगें शामिल

#somnathamrutmahotsav

गुजरात के सोमनाथ में आज मंदिर के जीर्णोद्धार के 75 साल पूरे हो रहे हैं। 11 मई 1951 को स्वतंत्र भारत में नए सिरे से बनाए गए सोमनाथ मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी। इतिहास के इस बड़े घटनाक्रम का उत्सव मनाने के लिए सोमनाथ अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। पीएम मोदी सोमनाथ मंदिर जाएंगे। जहां पहली बार मंदिर के अभिषेक की रस्म होगी।

क्रेन की मदद से मंदिर का अभिषेक

वैदिक मंत्रों के बीच 11 तीर्थों के जल से शिखर का कुंभाभिषेक करेंगे। 90 मीटर ऊंची क्रेन की मदद से कलश के जल से मंदिर का अभिषेक होगा। इतिहास में कई बार हमलों का सामना करने के बावजूद यह मंदिर हर बार फिर खड़ा हुआ. इसी ऐतिहासिक विरासत को याद करते हुए पीएम मोदी आज स्मारक डाक टिकट और विशेष सिक्का भी जारी करेंगे।

पीएम महापूजा और ध्वजारोहण में होंगे शामिल

पीएम मोदी सुबह करीब मंदिर प्रांगण में विशेष महापूजा, ध्वजारोहण और धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल होंगे। गुजरात सरकार और मंदिर ट्रस्ट की ओर से भव्य तैयारियां की गई हैं। उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने सुरक्षा और आयोजन व्यवस्थाओं की समीक्षा भी की। प्रधानमंत्री के आगमन पर जामनगर और सोमनाथ में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।

‘सूर्य किरण एरोबैटिक टीम’ करेगी प्रदर्शन

सोमनाथ मंदिर की 75वीं वर्षगांठ पर भारतीय वायुसेना की सूर्य किरण एरोबेटिक टीम (एसकेएटी) अपने कौशल का प्रदर्शन करेगी। इस एयर शो में छह हॉक एमके-132 विमान ऐतिहासिक मंदिर परिसर के ऊपर एरोबेटिक फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे। 'छह हॉक एमके-132 विमान इस अभ्यास में हिस्सा लेंगे, जो सोमनाथ में सूर्य किरण एरोबेटिक टीम के प्रदर्शन का हिस्सा होंगे।'

सोमनाथ मंदिर के पास बुलडोजर एक्शन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, जानें क्या कहा

#supreme_court_on_bulldozer_action_in_somnath_temple 

सुप्रीम कोर्ट ने बुलडोजर एक्शन के खिलाफ दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि अगर अदालत के आदेश की अवमानना हुई तो संबंधित अधिकारी को जेल भेज दिया जाएगा। सुनवाई के दौरान यह भी कहा गया कि अगर बुलडोजर एक्शन गलत पाया जाता है तो सरकार को ही उसे दोबारा बनवाना होगा। 

सुप्रीम कोर्ट ने ये टिप्पणी गुजरात के सोमनाथ मंदिर के पास बुलडोजर कार्रवाई को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई के दौरान कही।यहां मंदिर के आसपास कथित अवैध निर्माण पर हाल ही में बुलडोजर एक्शन हुआ था।कथित अवैध निर्माण को गिराए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की गई है। यह याचिका पाटनी मुस्लिम जमात ने दाखिल की है। इसी याचिका पर पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इस मामले पर अगली सुनवाई 16 अक्टूबर को होगी।

अवमानना याचिका में गिर सोमनाथ के कलेक्टर और अन्य अधिकारियों के खिलाफ अवमानना कार्रवाई की मांग की गई है। याचिका में दरगाह मंगरोली शाह बाबा, ईदगाह, प्रभास पाटन, वेरावल, गिर सोमनाथ में स्थित कई अन्य स्ट्रक्चर के कथित अवैध विध्वंस का हवाला दिया गया है। याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के बुलडोजर एक्शन पर रोक के आदेश के बाद बड़े पैमाने पर तोडफोड की कार्रवाई की गई।

गुजरात सरकार की ओर से भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि यह तोड़फोड़ अभियान अदालत द्वारा 17 सितंबर के आदेश में सार्वजनिक स्थानों और जल निकायों से सटी भूमि पर अतिक्रमण के लिए बनाए गए अपवाद के अंतर्गत आता है। मामले का विषय सरकारी भूमि है, बेदखली की कार्यवाही 2023 में शुरू की गई थी।

इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर हमारे आदेश की अवमानना हुई होगी तो हम उसे पुनर्स्थापित करने का आदेश देंगे और जिम्मेदार अधिकारी को जेल भी भेजेंगे। 

बता दें कि बुलडोजर एक्शन को लेकर सुप्रीम कोर्ट साफ कर चुका है कि सिर्फ आरोपी होने पर किसी का घर गिरा देना उचित नहीं है। कोर्ट ने यह भी कहा था कि दोषी होने पर भी घर नहीं गिराया जा सकता है।

इसरो चीफ एस सोमनाथ को कैंसर, आदित्य एल-1 लॉन्च वाले दिन चला पता

#isro_chief_somnath_diagnosed_cancer

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के प्रमुख एस सोमनाथ कैंसर से पीड़ित हैं।सोमनाथ को कैंसर होने का उस दिन पता चला, जिस दिन भारत का आदित्य-एल1 मिशन अंतरिक्ष में लॉन्च हुआ था।हालांकि, वो घबराए नहीं और अपना इलाज करवा शुरू किया। एक मीडिया हाउस को दिए इंटरव्यू में सोमनाथ ने खुद इसका खुलासा किया है।

‘टारमक मीडिया हाउस’ के साथ एक इंटरव्यू में सोमनाथ ने पुष्टि की है कि स्कैन में से एक कैंसर में बढ़ोतरी देखी गई थी। सोमनाथ ने कहा कि ‘चंद्रयान-3 मिशन लॉन्च के दौरान कुछ स्वास्थ्य समस्याएं थीं। हालांकि, उस समय यह मेरे लिए साफ नहीं था, मुझे इसके बारे में साफ समझ नहीं थी। उन्होंने कहा कि उनको कैंसर का पता उसी दिन चला था, जिस दिन आदित्य-एल1 मिशन लॉन्च किया गया था। यह डाइग्नोसिस न केवल उनके लिए बल्कि उनके परिवार और सहकर्मियों के लिए भी एक झटका था, जो इस चुनौतीपूर्ण अवधि में उनके साथ थे। 

2 सितंबर 2023 को भारत का पहला सूर्य मिशन आदित्य एल-1 ने अपनी यात्रा शुरू की थी। इसी दिन एस सोमनाथ रूटीन चेकअप के लिए गए थे। इसी दौरान उनके पेट में कैंसर का पता चला।इस बीमारी की जानकारी मिलने के बाद वो चेन्नई गए ताकि और भी जांच की जा सके। वहां भी उनके कैंसर होने की पुष्टि हुई। उनके सामने प्रोफेशनल के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी चुनौती भी सामने आ गई थी। कीमोथेरेपी के बाद एस सोमनाथ का एक ऑपरेशन भी हुआ था।

अस्पताल में केवल चार दिन बिताने के बाद उन्होंने पांचवें दिन से बिना किसी दर्द के काम करते हुए इसरो में अपनी ड्यूटी फिर से शुरू कर दी। सोमनाथ ने बताया कि मैं लगातार मेडिकल चेकअप्स और स्कैन करवा रहा हूं। लेकिन अब मैं पूरी तरह से ठीक हो चुका हूं। अपना काम और इसरो के मिशन और लॉन्च को पर पूरा ध्यान है। इसरो के आगे के सारे मिशन पूरा करके ही दम लूंगा।

इंतजार खत्म! कब लॉन्च होगा चंद्रयान-3, इसरो चीफ ने दी जानकारी

#chandrayaanlaunchdateinjuly2023ssomnathisro_chief

चंद्रयान-3 को इसी साल जुलाई में लॉन्च किया जाएगा।भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन(इसरो) के प्रमुख एस सोमनाथ ने ये जानकारी दी है।उन्होंने कहा, ये अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत की एक और बड़ी कामयाबी होगी। बता दें, इसरो के वैज्ञानिकों ने ओडिशा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के दूसरे लॉन्च पैड से भूस्थिर उपग्रह प्रक्षेपण यान (जीएसएलवी) के जरिए एक नौवहन उपग्रह NVS-01 को सफलतापूर्वक लॉन्च करने के बाद कही।

इसरो प्रमुख एस सोमनाथ ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि असफलता सामान्य बात है। कोई जरूरी नहीं की हर बार हम सफल ही हो, लेकिन बड़ी बात है कि हम इससे सीख लें और आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि जब कोई नए काम किए जाते हैं तो सफलता और असफलता लगी रहती है। सोमनाथ ने कहा कि जब भी कोई सुझाव दिए जाते हैं, तो हम उन पर खरे उतरने की कोशिश करते हैं। लेकिन यह भी सच है कि हर बार सुझाव सही नहीं हो सकते, असफलता भी मिल सकती है। पर इसका मतलब ये नहीं की हम प्रयोग करना बंद कर दें।

चंद्रयान-2 के चार साल बाद चंद्रयान-3 की होगी लॉन्चिंग

चंद्रयान -3 के प्रक्षेपण का एलान चंद्रयान -2 के लैंडर-रोवर के दुर्घटनाग्रस्त होने के चार साल बाद हुआ है। चंद्रयान-3 मिशन के जुलाई में श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से चंद्रमा के उस हिस्से तक प्रक्षेपित होने की उम्मीद है, जो सूर्य की ब्रह्मांडीय किरणों से बचाकर काफी हद तक अंधेरे में रहा है।

2018 में लॉन्च किया गया चंद्रयान-2

बता दें कि चंद्रयान-2 मिशन 2018 में लॉन्च किया गया था। यह मिशन तीन अलग-अलग प्रणालियों ऑर्बिटर, लैंडर और रोवर का अनूठा संयोजन था। ऑर्बिटर चंद्रमा के चारों ओर एक कक्षा में स्थापित गया, जबकि लैंडर और रोवर इकाई चंद्रमा के सुदूर भाग पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई।

सोमनाथ अमृत महोत्सव में पीएम नरेंद्र मोदी हुए शामिल, बोले-दुनिया की कोई ताकत भारत को झुका नहीं सकती

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गुजरात के प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 साल पूरे होने पर भव्य धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ मंदिर में आयोजित सोमनाथ अमृत महोत्सव में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस मौके पर पीएम मोदी ने सोमनाथ अमृत महोत्सव को संबोधित किया।

सोमनाथ के अविनाशी होने का गर्व- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, अभी कुछ ही महीने पहले मैं यहां आया था, तब हम सोमनाथ स्वाभिमान पर्व मना रहे थे। प्रथम विध्वंस के 1,000 वर्ष बाद भी सोमनाथ के अविनाशी होने का गर्व और आज इस आधुनिक स्वरूप की प्राण प्रतिष्ठा के 75 वर्ष, हम केवल दो आयोजनों का हिस्सा भर नहीं बनें, हमें हजार वर्षों की अमृत यात्रा को अनुभव करने का शिवजी ने मौका दिया है।

सोमनाथ मंदिर की पुनर्स्थापना कोई साधारण अवसर नहीं-पीएम मोदी

मोदी ने कहा, 75 साल पहले आज के ही दिन सोमनाथ मंदिर की पुनर्स्थापना... ये कोई साधारण अवसर नहीं था। अगर 1947 में भारत आजाद हुआ था तो, 1951 में सोमनाथ की प्राण प्रतिष्ठा ने भारत की स्वतंत्र चेतना का उद्घोष किया था। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण ने दुनिया को यह संदेश दिया कि भारत सिर्फ आजाद ही नहीं हुआ, बल्कि अपने प्राचीन गौरव को फिर से हासिल करने की राह पर भी आगे बढ़ चुका है।

आज के ही दिन देश ने पोखरण में परमाणु परीक्षण किया- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा, आज का दिन एक और वजह से भी विशेष है। 11 मई, 1998 यानी आज के ही दिन देश ने पोखरण में परमाणु परीक्षण किया था। देश ने 11 मई को पहले 3 परमाणु परीक्षण किए। हमारे वैज्ञानिकों ने भारत के सामर्थ्य को, भारत की क्षमता को दुनिया के सामने रखा। दुनिया में तूफान आ गया कि भारत कौन होता है, उसकी ये हैसियत, जो परमाणु परीक्षण करें।

हम भौतिक शरीर को नश्वर मानने वाले लोग- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, इतिहास के लंबे कालखंड में इस मंदिर ने अनेक आक्रमण झेले। महमूद गजनवी, अलाउद्दीन खिलजी जैसे अनेक आक्रांता आए। लुटेरों ने सोमनाथ मंदिर का वैभव मिटाने का प्रयास किया। वो सोमनाथ को एक भौतिक ढांचा मानकर उससे टकराते रहे। बार-बार इस मंदिर को तोड़ा गया। ये बार-बार बनता रहा। हर बार उठ खड़ा होता रहा! क्योंकि तोड़ने वालों को मालूम नहीं था कि हमारे राष्ट्र का वैचारिक सामर्थ्य क्या है। हम भौतिक शरीर को नश्वर मानने वाले लोग हैं। उसके भीतर बैठी आत्मा अविनाशी है। और शिव तो सर्वात्मा हैं।

सोमनाथ की 75वीं वर्षगांठ पर ऐतिहासिक समारोह, 11 पवित्र तीर्थस्थलों के जल से विशेष कुंभाभिषेकम, पीएम मोदी होगें शामिल

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गुजरात के सोमनाथ में आज मंदिर के जीर्णोद्धार के 75 साल पूरे हो रहे हैं। 11 मई 1951 को स्वतंत्र भारत में नए सिरे से बनाए गए सोमनाथ मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी। इतिहास के इस बड़े घटनाक्रम का उत्सव मनाने के लिए सोमनाथ अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। पीएम मोदी सोमनाथ मंदिर जाएंगे। जहां पहली बार मंदिर के अभिषेक की रस्म होगी।

क्रेन की मदद से मंदिर का अभिषेक

वैदिक मंत्रों के बीच 11 तीर्थों के जल से शिखर का कुंभाभिषेक करेंगे। 90 मीटर ऊंची क्रेन की मदद से कलश के जल से मंदिर का अभिषेक होगा। इतिहास में कई बार हमलों का सामना करने के बावजूद यह मंदिर हर बार फिर खड़ा हुआ. इसी ऐतिहासिक विरासत को याद करते हुए पीएम मोदी आज स्मारक डाक टिकट और विशेष सिक्का भी जारी करेंगे।

पीएम महापूजा और ध्वजारोहण में होंगे शामिल

पीएम मोदी सुबह करीब मंदिर प्रांगण में विशेष महापूजा, ध्वजारोहण और धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल होंगे। गुजरात सरकार और मंदिर ट्रस्ट की ओर से भव्य तैयारियां की गई हैं। उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने सुरक्षा और आयोजन व्यवस्थाओं की समीक्षा भी की। प्रधानमंत्री के आगमन पर जामनगर और सोमनाथ में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।

‘सूर्य किरण एरोबैटिक टीम’ करेगी प्रदर्शन

सोमनाथ मंदिर की 75वीं वर्षगांठ पर भारतीय वायुसेना की सूर्य किरण एरोबेटिक टीम (एसकेएटी) अपने कौशल का प्रदर्शन करेगी। इस एयर शो में छह हॉक एमके-132 विमान ऐतिहासिक मंदिर परिसर के ऊपर एरोबेटिक फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे। 'छह हॉक एमके-132 विमान इस अभ्यास में हिस्सा लेंगे, जो सोमनाथ में सूर्य किरण एरोबेटिक टीम के प्रदर्शन का हिस्सा होंगे।'

सोमनाथ मंदिर के पास बुलडोजर एक्शन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, जानें क्या कहा

#supreme_court_on_bulldozer_action_in_somnath_temple 

सुप्रीम कोर्ट ने बुलडोजर एक्शन के खिलाफ दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि अगर अदालत के आदेश की अवमानना हुई तो संबंधित अधिकारी को जेल भेज दिया जाएगा। सुनवाई के दौरान यह भी कहा गया कि अगर बुलडोजर एक्शन गलत पाया जाता है तो सरकार को ही उसे दोबारा बनवाना होगा। 

सुप्रीम कोर्ट ने ये टिप्पणी गुजरात के सोमनाथ मंदिर के पास बुलडोजर कार्रवाई को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई के दौरान कही।यहां मंदिर के आसपास कथित अवैध निर्माण पर हाल ही में बुलडोजर एक्शन हुआ था।कथित अवैध निर्माण को गिराए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की गई है। यह याचिका पाटनी मुस्लिम जमात ने दाखिल की है। इसी याचिका पर पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इस मामले पर अगली सुनवाई 16 अक्टूबर को होगी।

अवमानना याचिका में गिर सोमनाथ के कलेक्टर और अन्य अधिकारियों के खिलाफ अवमानना कार्रवाई की मांग की गई है। याचिका में दरगाह मंगरोली शाह बाबा, ईदगाह, प्रभास पाटन, वेरावल, गिर सोमनाथ में स्थित कई अन्य स्ट्रक्चर के कथित अवैध विध्वंस का हवाला दिया गया है। याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के बुलडोजर एक्शन पर रोक के आदेश के बाद बड़े पैमाने पर तोडफोड की कार्रवाई की गई।

गुजरात सरकार की ओर से भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि यह तोड़फोड़ अभियान अदालत द्वारा 17 सितंबर के आदेश में सार्वजनिक स्थानों और जल निकायों से सटी भूमि पर अतिक्रमण के लिए बनाए गए अपवाद के अंतर्गत आता है। मामले का विषय सरकारी भूमि है, बेदखली की कार्यवाही 2023 में शुरू की गई थी।

इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर हमारे आदेश की अवमानना हुई होगी तो हम उसे पुनर्स्थापित करने का आदेश देंगे और जिम्मेदार अधिकारी को जेल भी भेजेंगे। 

बता दें कि बुलडोजर एक्शन को लेकर सुप्रीम कोर्ट साफ कर चुका है कि सिर्फ आरोपी होने पर किसी का घर गिरा देना उचित नहीं है। कोर्ट ने यह भी कहा था कि दोषी होने पर भी घर नहीं गिराया जा सकता है।

इसरो चीफ एस सोमनाथ को कैंसर, आदित्य एल-1 लॉन्च वाले दिन चला पता

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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के प्रमुख एस सोमनाथ कैंसर से पीड़ित हैं।सोमनाथ को कैंसर होने का उस दिन पता चला, जिस दिन भारत का आदित्य-एल1 मिशन अंतरिक्ष में लॉन्च हुआ था।हालांकि, वो घबराए नहीं और अपना इलाज करवा शुरू किया। एक मीडिया हाउस को दिए इंटरव्यू में सोमनाथ ने खुद इसका खुलासा किया है।

‘टारमक मीडिया हाउस’ के साथ एक इंटरव्यू में सोमनाथ ने पुष्टि की है कि स्कैन में से एक कैंसर में बढ़ोतरी देखी गई थी। सोमनाथ ने कहा कि ‘चंद्रयान-3 मिशन लॉन्च के दौरान कुछ स्वास्थ्य समस्याएं थीं। हालांकि, उस समय यह मेरे लिए साफ नहीं था, मुझे इसके बारे में साफ समझ नहीं थी। उन्होंने कहा कि उनको कैंसर का पता उसी दिन चला था, जिस दिन आदित्य-एल1 मिशन लॉन्च किया गया था। यह डाइग्नोसिस न केवल उनके लिए बल्कि उनके परिवार और सहकर्मियों के लिए भी एक झटका था, जो इस चुनौतीपूर्ण अवधि में उनके साथ थे। 

2 सितंबर 2023 को भारत का पहला सूर्य मिशन आदित्य एल-1 ने अपनी यात्रा शुरू की थी। इसी दिन एस सोमनाथ रूटीन चेकअप के लिए गए थे। इसी दौरान उनके पेट में कैंसर का पता चला।इस बीमारी की जानकारी मिलने के बाद वो चेन्नई गए ताकि और भी जांच की जा सके। वहां भी उनके कैंसर होने की पुष्टि हुई। उनके सामने प्रोफेशनल के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी चुनौती भी सामने आ गई थी। कीमोथेरेपी के बाद एस सोमनाथ का एक ऑपरेशन भी हुआ था।

अस्पताल में केवल चार दिन बिताने के बाद उन्होंने पांचवें दिन से बिना किसी दर्द के काम करते हुए इसरो में अपनी ड्यूटी फिर से शुरू कर दी। सोमनाथ ने बताया कि मैं लगातार मेडिकल चेकअप्स और स्कैन करवा रहा हूं। लेकिन अब मैं पूरी तरह से ठीक हो चुका हूं। अपना काम और इसरो के मिशन और लॉन्च को पर पूरा ध्यान है। इसरो के आगे के सारे मिशन पूरा करके ही दम लूंगा।

इंतजार खत्म! कब लॉन्च होगा चंद्रयान-3, इसरो चीफ ने दी जानकारी

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चंद्रयान-3 को इसी साल जुलाई में लॉन्च किया जाएगा।भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन(इसरो) के प्रमुख एस सोमनाथ ने ये जानकारी दी है।उन्होंने कहा, ये अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत की एक और बड़ी कामयाबी होगी। बता दें, इसरो के वैज्ञानिकों ने ओडिशा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के दूसरे लॉन्च पैड से भूस्थिर उपग्रह प्रक्षेपण यान (जीएसएलवी) के जरिए एक नौवहन उपग्रह NVS-01 को सफलतापूर्वक लॉन्च करने के बाद कही।

इसरो प्रमुख एस सोमनाथ ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि असफलता सामान्य बात है। कोई जरूरी नहीं की हर बार हम सफल ही हो, लेकिन बड़ी बात है कि हम इससे सीख लें और आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि जब कोई नए काम किए जाते हैं तो सफलता और असफलता लगी रहती है। सोमनाथ ने कहा कि जब भी कोई सुझाव दिए जाते हैं, तो हम उन पर खरे उतरने की कोशिश करते हैं। लेकिन यह भी सच है कि हर बार सुझाव सही नहीं हो सकते, असफलता भी मिल सकती है। पर इसका मतलब ये नहीं की हम प्रयोग करना बंद कर दें।

चंद्रयान-2 के चार साल बाद चंद्रयान-3 की होगी लॉन्चिंग

चंद्रयान -3 के प्रक्षेपण का एलान चंद्रयान -2 के लैंडर-रोवर के दुर्घटनाग्रस्त होने के चार साल बाद हुआ है। चंद्रयान-3 मिशन के जुलाई में श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से चंद्रमा के उस हिस्से तक प्रक्षेपित होने की उम्मीद है, जो सूर्य की ब्रह्मांडीय किरणों से बचाकर काफी हद तक अंधेरे में रहा है।

2018 में लॉन्च किया गया चंद्रयान-2

बता दें कि चंद्रयान-2 मिशन 2018 में लॉन्च किया गया था। यह मिशन तीन अलग-अलग प्रणालियों ऑर्बिटर, लैंडर और रोवर का अनूठा संयोजन था। ऑर्बिटर चंद्रमा के चारों ओर एक कक्षा में स्थापित गया, जबकि लैंडर और रोवर इकाई चंद्रमा के सुदूर भाग पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई।