केरल में ईडी की टीम पर हमला, पूर्व सीएम पी विजयन के समर्थकों ने अफसरों को घेरा, गाड़ियों में तोड़फोड़

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केरल में राजनीतिक भूचाल आया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम बुधवार सुबह-सुबह केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के ठिकानों पर धावा बोला। तिरुवनंतपुरम से लेकर कन्नूर तक हुई इस अचानक छापेमारी से राज्य में हड़कंप मच गया। इसी क्रम में कन्नूर में छापेमारी का विरोध करते हुए विजयन के समर्थकों ने जमकर बवाल किया। विजयन के समर्थकों ने ईडी अधिकारियों को घेर लिया। और जांच अधिकारियों की गाड़ियों पर जमकर पथराव किया।

ईडी अधिकारियों की गाड़ी पर हमला

तिरुवनंतपुरम में पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा नेता प्रतिपक्ष पिनाराई विजयन के आवास के बाहर उस वक्त भारी हंगामा मच गया, जब सीपीआई(एम) कार्यकर्ताओं ने ईडी अधिकारियों की गाड़ी पर हमला कर दिया। ये कार्यकर्ता केंद्रीय एजेंसी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। सैकड़ों की संख्या में आए समर्थकों ने ईडी की गाड़ियों पर पत्थर फेंके हैं। सीपीएम के समर्थकों ने ईडी की टीम की गाड़ियों को तोड़ने की कोशिश की।

ईडी के तीन वाहनों को नुकसान पहुंचाया

जानकारी के मुताबिक ईडी अधिकारियों ने पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के आवास पर छापा पूरा कर लिया था और जब वे वहां से निकल रहे थे, तो पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनके वाहनों को रोक दिया। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। आरोप है कि काफिला निकलने से पहले सीपीआई (एम) के कार्यकर्ताओं ने ईडी के तीन वाहनों को नुकसान पहुंचाया और उन पर पत्थर फेंके। इस बीच जैसे-तैसे ईडी के अधिकारी केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और सीपीआई (एम) नेता पिनाराई विजयन के आवास से रवाना हुए।

विजयन की बेटी से जुड़ा है मामला

ईडी की इस बड़ी कार्रवाई के केंद्र में पूर्व सीएम पिनाराई विजयन की बेटी टी. वीणा हैं। यह पूरा विवाद टी. वीणा की पूर्व आईटी कंपनी ‘एक्सालॉजिक’ और एक निजी खनन कंपनी कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड से जुड़ा है। आरोप है कि 2017 से 2021 के बीच, वीणा की कंपनी को बिना कोई वास्तविक आईटी सर्विस दिए ही, सीएमआरएल की तरफ से हर महीने भारी-भरकम ‘रिटेनर फीस’ का भुगतान किया गया। ईडी इसी कथित ‘पॉलिटिकल पे-ऑफ’ और मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से मामले की गहराई से जांच कर रही है।

केरल में ईडी का बड़ा एक्शन, पूर्व सीएम विजयन के ठिकानों पर रेड, जानें क्या है पूरा मामला

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केरल में सत्ता हाथ से निकलते ही पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन पर प्रवर्तन निदेशालय का शिकंजा कस गया है। ईडी ने कोचिन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) घोटाले के मामले में बुधवार को बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने केरल में बड़े पैमाने पर छापेमारी शुरू कर दी है। जांच एजेंसी की टीमों ने 10 ठिकानों पर सर्च अभियान चलाया है, जिसमें मौजूदा विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री पिनारई विजयन के आवास भी शामिल हैं।

सत्ता से बेदखल होने के बाद ईटी का शिकंजा

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व मुख्यमंत्री पिनरई विजयन से जुड़े ठिकानों समेत 10 जगहों पर छापेमारी की है। यह मामला सिर्फ एक कारोबारी लेनदेन तक सीमित नहीं दिख रहा बल्कि इसमें सत्ता, कॉरपोरेट और कथित वित्तीय गड़बड़ियों का बड़ा नेटवर्क सामने आने की आशंका जताई जा रही है। पिछले कुछ महीनों से विजयन परिवार पर विपक्ष लगातार हमलावर था। सरकार से बेदखल होने के बाद और अब ED की एंट्री ने इस पूरे विवाद को और ज्यादा गंभीर बना दिया है।

विवाद के केंद्र में विजयन की बेटी की कंपनी

ईडी पहले ही विजयन की बेटी टी वीना का बयान दर्ज कर चुकी है। वीना की आईटी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशन इस पूरे विवाद के केंद्र में है। आरोप है कि कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) नाम की एक प्राइवेट कंपनी ने साल 2018 से 2019 के बीच तत्कालीन सीएम विजयन की बेटी वीणा की कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को 1.72 करोड़ रुपये का गैर-कानूनी पेमेंट किया, जबकि आईटी फर्म ने कंपनी को कोई सर्विस नहीं दी थी। ईडी की ये छापेमारी केरल हाई कोर्ट द्वारा मंगलवार को सीएमआरएल की उस याचिका को खारिज करने के बाद हुई, जिसमें इस मामले में ईडी की कार्रवाई को रद्द करने की मांग की गई थी।

हाईकोर्ट के फैसले के एक दिन बाद कार्रवाई

जानकारी के मुताबिक, बुधवार सुबह करीब 6 बजे ईडी की समन्वित कार्रवाई शुरू हुई। यह छापेमारी केरल हाईकोर्ट के उस फैसले के एक दिन बाद हुई, जिसमें अदालत ने ईडी को सीएमआरएल और एक्सालॉजिक के बीच कथित वित्तीय लेनदेन की जांच जारी रखने की अनुमति दी थी। एजेंसी ने केरल में एक साथ 10 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। इनमें तिरुवनंतपुरम के बेकरी जंक्शन के पास स्थित विजयन का किराए का आवास भी शामिल था, जहां टी वीना भी रहती हैं। इसके अलावा CMRL के दफ्तरों और कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों से जुड़े परिसरों पर भी छापेमारी की गई। CMRL के प्रबंध निदेशक ससिधरन कार्था से जुड़े ठिकाने भी जांच के दायरे में रहे।

थलपति विजय बने तमिलनाडु के नए सीएम, छह दशक बाद गैर-द्रविड़ दल का सीएम

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तमिलनाडु की राजनीति में आज बड़ा बदलाव देखने को मिला है। तमिलगा वेत्री कन्नगम (टीवीके) प्रमुख विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने चेन्नई के नेहरू स्टेडियम में आयोजित रंगारंग समारोह में उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके साथ ही विजय तमिलनाडु के 18वें मुख्यमंत्री बन गए हैं। विजय के साथ 9 अन्य नेता भी मंत्रीपद की शपथ ली।

राहुल गांधी भी शपथ ग्रहण समारोह में हुए शामिल

इस शपथ ग्रहण समारोह में देश के कई बड़े नेता भी शामिल हुए हैं। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी, तेलंगाना की पूर्व राज्यपाल और बीजेपी नेता तमिलिसाई सुंदरराजन, बीजेपी नेता के अन्नामलाई और तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन भी कार्यक्रम में पहुंचे हैं। इसके अलावा फिल्म और राजनीति जगत की कई हस्तियां भी समारोह का हिस्सा बनी हैं।

पीएम मोदी ने विजय को बधाई दी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विजय को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राज्य सरकार के साथ मिलकर लोगों के जीवन में सुधार के लिए काम करती रहेगी।

विजय के पिता समारोह में भावुक दिखे

विजय का पूरा परिवार शपथ ग्रहण समारोह में नजर आया। इसे मौके पर उनके पिता और मां काफी भावुक दिखे। साथ ही टीवीके पार्टी के सदस्य भी रोते हुए नजर आए। अपने नेता को मुख्यमंत्री बनते हुए देखकर वे लोग भी इमोशनल हो गए।

विजय के शपथ ग्रहण समारोह में भावुक दिखीं तृषा

तृषा कृष्णनन और विजय थलापति करीबी दोस्त हैं। काफी फिल्में साथ कर चुके हैं। ऐसे में उनका विजय के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होना लाजमी था। इस मौके पर उनकी आंखों में नमी दिखीं। साथ ही चेहरे पर विजय के मुख्यमंत्री बनने की खुशी भी साफ झलक रही थी।

पहले ही चुनाव मे जीतीं 108 सीटें

पहली बार चुनावी मैदान में उतरे विजय ने सिर्फ 2 साल पहले राजनीतिक पार्टी टीवीके बनाई थी। इस चुनाव में उन्हें जनता का भरपूर प्यार मिला। विजय की पार्टी ने विधानसभा चुनाव में 108 सीटें जीतकर सभी को चौंका दिया था। हालांकि पार्टी बहुमत के आंकड़े से पीछे रह गई थी, लेकिन कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और अन्य सहयोगी दलों के समर्थन से विजय ने सरकार बना ली।

द्रविड़ राजनीति का दबदबा खत्म

विजय के शपथ ग्रहण के साथ ही पिछले 49 साल से राज्य सियासत में चल रहा द्रविड़ राजनीति का दबदबा खत्म हो गया। तमिलनाडु में 1967 से ही सी. अन्नादुरई के नेतृत्व में द्रविड़ विचारधारा वाली पार्टी- द्रविड़ मुनेत्र कझगम (द्रमुक) सत्ता में आई। बाद में द्रमुक से अलग हुई अन्नाद्रमुक ने उसे चुनौती दी। दोनों द्रविड़ दल ही पिछले 49 साल से यहां की सत्ता में काबिज हैं। दो राष्ट्रीय दल- कांग्रेस और भाजपा हमेशा ही इन दोनों दलों की गठबंधन की साथी के तौर पर जुड़ी रहीं, लेकिन अपने दम पर सत्ता हासिल करने में नाकाम रहीं। अब विजय जोसेफ और उनकी टीवीके ने द्रविड़ पार्टियों के इस वर्चस्व को तोड़ने का काम किया है और तमिल राजनीति में अलग पहचान बनाई है।

तमिलनाडु में विजय बनाएंगे सरकार, आज शाम फिर राज्यपाल से करेंगे मुलाकात, मिल गया बहुमत का आंकड़ा

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तमिलनाडु की राजनीति में आज का दिन बेहद निर्णायक साबित होने वाला है। खबर है कि तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) प्रमुख विजय आज शाम राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात करेंगे। यह मुलाकात सरकार के गठन को लेकर जारी गतिरोध को सुलझाने और बहुमत साबित करने के लिए होगी।

सीपीआई, सीपीएम और वीसीके का मिला समर्थन

अभिनेता से नेता बने थलपति विजय की पार्टी टीवीके को सरकार गठन के लिए अहम समर्थन मिल गया है। कांग्रेस के समर्थक के बाद अब CPI, CPM और VCK जैसे दलों ने भी उन्हें समर्थन देने का फैसला किया है। इसमें कांग्रेस की पांच और वीसीके, सीपीएम और सीपीआई की दो-दो सीटें शामिल हैं। इन दलों के समर्थन से विजय ने बहुमत के लिए 118 सीटों के जादुई आंकड़े को छू लिया है। इससे राज्य में नई सरकार बनने का रास्ता लगभग साफ माना जा रहा है।

सरकार गठन का दावा करेंगे पेश

234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए जरूरी आंकड़े के करीब पहुंच चुके टीवीके गठबंधन ने राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं। विपक्षी दलों के समर्थन के बाद विजय पहली बार सत्ता के बेहद करीब पहुंच गए हैं और जल्द सरकार गठन का दावा पेश कर सकते हैं।

राज्यपाल आर्लेकर ने दो बार लौटाया

राज्यपाल आरवी आर्लेकर के साथ विजय की ये तीसरी मुलाकात होगी। इससे पहले दोनों की मुलाकात बुधवार और गुरुवार को भी हुई थी। दोनों बार आर्लेकर ने विजय के सरकार बनाने के दावे को खारिज करते हुए तर्क दिया कि टीवीके नेता को सदन में बहुमत के लिए जरूरी समर्थन प्राप्त नहीं है। राज्यपाल ने उन्हें 10 मई तक का समय दिया था। बहुतम मिलने के बाद अब जल्द ही वो राज्यपाल से मुलाकात करेंगे।

थलापति विजय की टीवीके की चेतावनी, DMK-AIADMK सरकार बनी तो सभी 107 विधायक देंगे इस्तीफा

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तमिलनाडु में सरकार पर सस्पेंस बरकरार है। थलापति विजय की पार्टी टीवीके को अब तक सरकार बनाने का न्योता नहीं मिला है। थलापति विजय दो बार गवर्नर से मिल चुके हैं। दोनों बार निराशा ही हाथ लगी है। इस बीच एआईएडीएमके और डीएमके के बीच गठबंधन की सुगबुगाहट तेज है। ऐसे में एक्टर विजय ने बड़ा दांव चल दिया है। इससे तमिलनाडु की सियासत में नया ट्विस्ट आ गया है।

टीवीके की बड़ी चेतावनी

तमिलनाडु में जारी राजनीतिक संकट के बीच सबसे अधिक सीट जीतने वाली नई पार्टी तलिमगा वेत्री कड़गम (टीवीके) ने बड़ी चेतावनी दी है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि अगर द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) की सरकार बनाने की कवायद होगी तो थलापति विजय की पार्टी के सभी 107 विधायक एक साथ सामूहिक इस्तीफा दे सकते हैं। हालांकि, विजय ने आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है।

डीएमके-एआईएडीएमके के बीच गठबंधन की चर्चा

टीवीके की ओर से सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी तब सामने आई, जब राज्य में कट्टर विरोधी द्रविड़ पार्टियां डीएमके-एआईएडीएमके के बीच सरकार बनाने को लेकर गठबंधन की चर्चा फैली है। एआईएडीएमके के कई विधायक पुडुचेरी के एक रिसॉर्ट में हैं। उन्होंने अपने महासचिव एडाप्पाडी पलानीस्वामी को समर्थन पत्र सौंप दिया है। पलानीस्वामी ने शुक्रवार को राज्यपाल से मिलने की अनुमति मांगी है।

थलापति की नाराजगी की वजह

सूत्रों के अनुसार, टीवीके नेतृत्व इस बात से विशेष रूप से नाराज है कि डीएमके-एआईएडीएमके के बीच एक 'अघोषित गठबंधन' हो गया है, जिसका मकसद विजय को सत्ता में आने से रोकना है - भले ही उनकी पार्टी विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी हो। पार्टी नेताओं का मानना है कि दोनों प्रमुख द्रविड़ पार्टियों की ओर से मिल रहे हालिया राजनीतिक संकेत टीवीके को सत्ता से बाहर रखने की एक कोशिश है, जबकि सच्चाई यह है कि दोनों में से किसी भी पार्टी के पास अकेले दम पर सरकार बनाने के लिए जरूरी संख्याबल नहीं है।

तमिलनाडु के राज्यपाल ने थलपति विजय को दूसरी बार लौटाया, अब कैसे बनेगी सरकार?

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तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर सस्पेंस अभी बरकरार है। विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बने एक्टर विजय की टीवीके यानी तमिलगा वेत्त्री कझगम गठबंधन सरकार बनाने की कोशिशों में जुटे हैं। इसी क्रम में टीवीके प्रमुख विजय आज एक बार फिर राजभवन पहुंचे और राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से मुलाकात की। हालांकि राज्यपाल ने साफ संकेत दे दिए हैं कि केवल सबसे बड़ी पार्टी होने भर से सरकार बनाने का रास्ता आसान नहीं होगा।

राज्यपाल ने दो बार बैरंग लौटाया

टीवीके प्रमुख विजय दो बार राज्यपाल से मिल चुके हैं। मगर दोनों बार लोकभवन से खाली हाथ लौटना पड़ा है। इस तरह अब तक तमिलनाडु में सरकार गठन की तस्वीर साफ नहीं हो पाई है। राज्यपाल अब भी थलापति विजय के दावों और नंबरों से संतुष्ट नहीं हैं। राज्यपाल पहले बहुमत के लिए 118 विधायकों के साइन देखना चाहते हैं, तभी वह विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करेंगे।

दो दिन दो दूसरी बार खाली हाथ लौटे

पहले बुधवार को विजय लोकभवन गए थे। अब एक्टर विजय ने गुरुवार को भी लोकभवन का दौरा किया और राज्यपाल से मुलाकात की। इस दौरान सरकार बनाने के लिए अपनी दावेदारी दोहराई। मगर दो दिन में दोनों मुलाकातों में बात नहीं बन पाई। सूत्रों का कहना है कि विजय आज एक बार फिर लोकभवन से खाली हाथ लौटे। दूसरी बार गवर्नर से मुलाकात पर भी बात नहीं बनी। राज्यपाल विजय के नंबरों से संतुष्ट नहीं हैं। पहले वह बहुमत वाला नंबर देखना चाहते हैं।

सरकार गठन में पेंच फंसने पर बीजेपी पर भड़की कांग्रेस

तमिलनाडु में टीवीके की अगुवाई में नई सरकार के गठन में पेंच फंसने के बाद कांग्रेस ने बीजेपी पर बड़ा हमला बोला है। राहुल गांधी के करीबी नेता और सांसद मणिकम टैगोर ने कहा कि हम सबको पता है कि तमिलनाडु में लोगों ने बदलाव के लिए वोट किया है। लोगों ने एक नए नेता के लिए वोट किया है। टीवीके से 108 विधायक चुने गए हैं और कांग्रेस के समर्थन से यह संख्या बढ़कर 113 हो जाएगी। राज्यपाल भाजपा के पूर्व नेता हैं, हमें पता है कि भाजपा, दिल्ली यह नहीं चाहती कि विजय (TVK प्रमुख विजय) मुख्यमंत्री बनें। इसलिए राज्यपाल इसे टाल रहे हैं, तमिलनाडु में भाजपा का सिर्फ एक विधायक है और उसके साथ भी भाजपा राजनीति करना चाहती है।

कांग्रेस ने दिया टीवीके को समर्थन

दरअसल,सरकार बनाने की कोशिश में टीवीके को कांग्रेस ने समर्थन दिया है। कांग्रेस ने डीएमके गठबंधन से अलग होकर विजय को समर्थन देने का फैसला किया। कांग्रेस के पांच विधायक टीवीके के साथ आए, लेकिन इसके बाद भी आंकड़ा केवल 112 तक पहुंच पाया। यानी बहुमत के जादुई आंकड़े 118 से अभी भी छह विधायक कम हैं। यही वजह है कि राज्यपाल ने फिलहाल शपथ ग्रहण को लेकर कोई हरी झंडी नहीं दी है।

तमिलनाडु में कांग्रेस ने छोड़ा डीएमके का साथ, विजय की टीवीके की राह हुई आसान

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कांग्रेस ने तमिलनाडु में एक्टर विजय की अगुवाई वाली टीवीके को समर्थन देने क फैसला किया है। इसके साथ ही अपने पुराने सहयोगी को ‘हाथ’ झटक दिया है। कांग्रेस ने बुधवार को तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) को समर्थन देने का एलान किया। पार्टी ने कहा कि वह टीवीके को तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए समर्थन देगी। इसके साथ कांग्रेस ने डीएमके के साथ गठबंधन खत्म करने की घोषणा भी की। कांग्रेस लंबे समय द्रविड मुनेत्र कड़गम (डीएमके) की सहयोगी रही है।

सरकार गठन के लिए टीवीके को समर्थन देने का फैसला

टीवीके अध्यक्ष विजय ने औपचारिक रूप से कांग्रेस से समर्थन मांगा था, जिसके बाद तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी और कांग्रेस विधायक दल ने राज्य में सरकार गठन के लिए टीवीके को समर्थन देने का फैसला किया। कांग्रेस ने अपने बयान में कहा कि तमिलनाडु की जनता, खासकर युवाओं ने एक स्पष्ट जनादेश दिया है, जो एक धर्मनिरपेक्ष, प्रगतिशील और जनकल्याणकारी सरकार के पक्ष में है।

कांग्रेस ने समर्थन के लिए रखी ये शर्त

कांग्रेस ने यह भी स्पष्ट किया कि उसका समर्थन पूरी तरह से बिना शर्त नहीं होगा। पार्टी ने कहा है कि टीवीके को इस गठबंधन में किसी भी ऐसी सांप्रदायिक ताकत को शामिल नहीं करना होगा, जो भारतीय संविधान के मूल्यों में विश्वास नहीं रखती। 

आने वाले चुनावों के ले भी समर्थन

कांग्रेस ने कहा है कि उसका समर्थन सिर्फ मौजूदा सरकार के गठन नहीं बल्कि आने वाले स्थानीय निकाय चुनाव, लोकसभा चुनाव और राज्यसभा चुनावों के लिए भी होगा। तमिलनाडु विधानसभा चुनावों से पहले ऐसी चर्चा सामने आई थी कि राहुल गांधी टीवीके साथ गठबंधन के इच्छुक हैं लेकिन पार्टी के अन्य नेताओं के दबाव में डीएमके साथ कांग्रेस ने चुनाव लड़ा था। 

डीएमके ने कांग्रेस को कहा गद्दार

डीएमके ने कांग्रेस द्वारा टीवीके को समर्थन देने पर इस गद्दारी बताया है। तमिलनाडु में कांग्रेस के साथ गठबंधन में सरकार बनाने के लिए टीवीके के बारे में डीएमके ने कहा कि शुरू से ही यह चर्चा थी कि कुछ लोग विजय का समर्थन करना चाहते हैं और उनकी पार्टी में शामिल होना चाहते हैं। कांग्रेस हर राज्य में ऐसा कर रही है।आखिरकार वे सभी जगह हार रहे हैं। दिल्ली और पश्चिम बंगाल में उनका पूरी तरह सफाया हो गया है। महाराष्ट्र में उनके पास कोई मौका नहीं है। वे कुछ ऐसा कर रहे हैं जिससे उनकी पार्टी ही बंद हो जाएगी।

तमिलनाडु चुनाव में बड़ा उलटफेर, बदल गया दशकों का इतिहास, विजय की आंधी में स्टालिन उड़े

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तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के लिए वोटों की गिनती जारी है। तमिलनाडु की राजनीति में इस बार बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। रूझानों में अभिनेता से नेता बने थलापति विजय की पार्टी टीवीके (तमिलगा वेत्री कड़गम) की आंधी दिख रही है। तमिलनाडु की राजनीति में पिछले 49 वर्षों से केवल दो ही द्रविड़ पार्टियों, द्रमुक और अन्नाद्रमुक का दबदबा रहा है। लेकिन दशकों बाद ऐसी आंधी दिख रही है, जिसने सबको हैरान कर दिया है।

टीवीके इतिहास रचने की ओर बढ़ रही

सिनेमाई पर्दे के हीरो से असल जिंदगी के राजनेता बने विजय ने 49 साल की मजबूत द्रविड़ सत्ता को हिला कर रख दिया है। ताजा रुझानों के विजय की पार्टी टीवीके सबसे आगे चल रही है और इतिहास रचने की ओर बढ़ रही है। अब तक मिले रुझानों में टीवीके करीब 109 सीटों पर आगे है। तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए 118 सीटों का जादुई आंकड़ा चाहिए। ऐसे में संकेत मिल रहे हैं कि अगर यही रुझान जारी रहे, तो विजय की पार्टी आसानी से बहुमत हासिल कर सकती है।

अपने गढ़ में पिछड़े स्टालिन

एक्टर विजय की लहर है में एमके स्टालिन झुलस गए हैं। कोलाथुर विधानसभा सीट से एमके स्टालिन खुद पीछे चल रहे हैं। कोलाथुर सीट एमके स्टालिन का गढ़ रही है, जिसे वह 2011 से लगातार जीतते आए हैं। 2021 में उन्होंने यहाँ 70 हजार से ज्यादा वोटों से जीत दर्ज की थी, लेकिन इस बार तस्वीर बदलती नजर आ रही है।

50 सीटों पर सिमटती दिख रही डीएमके

अगर ये रुझान नतीजों में बदलते हैं, तो यह तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव साबित होगा और विजय की पार्टी महज दो साल में इतिहास रच सकती है। ऐसे में डीएमके दफ्तर से लेकर डीएमके नेताओं तक के घर पर सन्नाटा पसरा है। 2021 में 133 सीटें जीतने वाली पार्टी 2026 में 50 सीटों पर सिमटती दिख रही है। ऐसे में हर तरफ सन्नाटा पसरा है।

From Cubicles to Clean Living: How Three IT Guys are Fixing India’s "Fake Herbal Tea" Problem

PUNE, If you walked into a typical IT park three years ago, you would have found Abhijeet, Kunal and Abhijit doing exactly what millions of others do: grinding through 9-hour shifts, fueled by back-to-back coffees and ignoring the slow decline of their health.

They weren't wellness experts. They were "IT Warriors" who had traded their fitness for deadlines. But today, they are the faces behind FitClan Life, a brand that is stripping the complexity and the chemicals out of the Indian wellness industry.

The "Family Pack" Epiphany

The story of FitClan Life didn’t start with a business plan; it started with a "midlife crisis" in the 30's.

"We called our bellies 'family packs' to joke about them," says Abhijeet, one of the founders. "But the joke stopped being funny when the knee pain started, when the gut issues became a daily struggle and when weekend cricket matches felt like climbing Everest."

The trio realized they were part of a massive, silent epidemic of corporate burnout. They decided to fight back. They started with a "Great Kitchen Purge" deleting delivery apps and declaring a "War on Sugar." The results were startling. Abhijeet lost 10kg, regained his agility on the cricket pitch and finally felt "light" again.

"They realized that people don’t lack motivation", "They just lack real, honest options. Everything in the ‘healthy’ aisle was either tasteless, overpriced or secretly loaded with sugar."

Breaking the "Fake Healthy" Cycle

FitClan Life was born to bridge the gap between "tasty" and "truthful." The founders noticed a frustrating trend: mass-market herbal teas were often just flavored dust with zero potency.

Coming from an engineering background, they applied a "systems-first" approach to their manufacturing. They learned that the power of an herb depends on its Active Compounds. In their facility, ingredients aren't just tossed together; they are ground, dusted and blended with precision to ensure that the "magic" of the plant actually makes it into your cup.

The FitClan Life Difference: Beyond the Label : 

While many wellness brands rely on "window dressing", using tiny amounts of herbs just to put them on the label. FitClan Life operates on a different frequency. Most mass-market herbal teas are bulked up with "fillers" like maltodextrin, artificial flavors, acidity regulators and hidden sugars that actually harm your gut while claiming to heal it. We took a stand against this "tasteless or fake" culture. By focusing on Active Compound Potency, we ensure that our herbs aren't just present; they are powerful. We’ve eliminated the faulty fillers, the preservatives and dyes and scents, creating a blend that is strictly functional. When you look at a FitClan label, you aren't just seeing ingredients; you’re seeing a promise of purity that mass-market competitors simply can't afford to keep. It is indeed Non-boring healthy tea options available in India.

Five Cups of Change

FitClan Life has distilled its philosophy into five targeted blends, each solving a problem the founders personally faced:

Sleep Stress-Free: Because "IT brains" don't switch off easily. It uses Ashwagandha, Lavender and other herbs to calm the mind without the morning fog. It is one of the Effective herbal teas for better sleep and stress.

Weight Balance: A metabolism-booster featuring the Blue Pea flower, green tea and other herbs. It’s about feeling active, not feeling "starved."

Digestion Enhance: Their "Gut-First" solution. UsingPeppermint, Fennel, Ginger and other herbs, it fixes the heaviness that comes from sitting at a desk all day.

Immunity Boosting: A daily shield of Amla and Turmeric with Rhododendron flower and other herbs for those who can’t afford a "sick day."

Diabetes Control: The ultimate partner for the "Sugar Breakup," using Gudmar, Vijaysar, Daruhaldi and Stevia to manage post-meal spikes naturally.

From Flea Markets to Dorabjee’s

The brand didn't grow through fancy TV ads. It grew through conversations. The founders started by setting up stalls at residential flea markets in Pune, brewing tea for neighbors and listening to their stories.

That grassroots trust eventually led them to the shelves of Dorabjee’s, Pune’s most iconic premium retailer. Today, while they remain a local favorite, their "Clan" has spread across India via Amazon and their website, delivering chemical-free wellness to every pin code.

Join the Clan

"FitClan Life isn't just a name, It’s a Clan. We wanted to build a community where fitness isn't a punishment for what you ate, but a celebration of what your body can do."

For these three founders, the mission is simple: healthy living shouldn't be a chore. It should be as easy, honest and refreshing as a cup of tea.

Want to join the tribe?

Explore the full range of zero-sugar, plant-powered blends at https://www.fitclanlife.com/ or find FitClan Life at Dorabjee’ Pune’s and Amazon.in. Follow their journey on Instagram for a daily dose of "Real Health."

Bangkok, Thailand:Prof. Dr. Prakash Divakaran, Vice-Chancellor of Himalayan University, has been conferred with the Prestigious Indo–Thai Educational Excellence Award in recognition of his iconic leadership and remarkable contribution to higher education.

The award was presented by Asst. Prof. Dr. Thanapon Sarunburana, Vice-Chancellor of Rajapark University, during a distinguished academic gathering in Bangkok. The ceremony brought together leading academicians, administrators, and international delegates from India and Thailand.

The event commenced with a Welcome Address by Dr. J. P. Bhosale, Patron, GRCF, Savitribai Phule Pune University. The Presidential Address was delivered by Prof. Dr. Gowri Ramesh, Registrar of The Tamil Nadu Dr. Ambedkar Law University. Prof. Dr. Prakash Divakaran graced the occasion as Chief Guest and delivered the Inaugural Address.

Among the distinguished dignitaries present were Dr. R. Thippa Reddy, Chairman & Director, Dr. Ambedkar Global Law Institute; Assoc. Prof. Dr. Chaiwat Phuakkhong; Asst. Prof. Dr. Arun Chainit; Dr. Jidapa Thavarit; Dr. Gireesh Kumar J; Dr. Shibu Dharmarajan; Dr. Seema Vijay Medhe; and Ms. Ashsagan Ashghari, Chairman, Phoenix Global Gold Co. Ltd., Bangkok.

The formal Vote of Thanks was proposed by Dr. Cholaraja Mudimannan, Assistant Professor of Law (Senior Scale), University of Delhi.

The award highlights Prof. Dr. Divakaran’s visionary leadership in promoting academic excellence, research innovation, and international collaboration. Under his stewardship, Himalayan University has expanded its global academic partnerships and strengthened its commitment to quality higher education.

The Indo–Thai Educational Excellence Award marks a significant milestone for Himalayan University and reflects the growing academic cooperation between India and Thailand.

केरल में ईडी की टीम पर हमला, पूर्व सीएम पी विजयन के समर्थकों ने अफसरों को घेरा, गाड़ियों में तोड़फोड़

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केरल में राजनीतिक भूचाल आया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम बुधवार सुबह-सुबह केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के ठिकानों पर धावा बोला। तिरुवनंतपुरम से लेकर कन्नूर तक हुई इस अचानक छापेमारी से राज्य में हड़कंप मच गया। इसी क्रम में कन्नूर में छापेमारी का विरोध करते हुए विजयन के समर्थकों ने जमकर बवाल किया। विजयन के समर्थकों ने ईडी अधिकारियों को घेर लिया। और जांच अधिकारियों की गाड़ियों पर जमकर पथराव किया।

ईडी अधिकारियों की गाड़ी पर हमला

तिरुवनंतपुरम में पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा नेता प्रतिपक्ष पिनाराई विजयन के आवास के बाहर उस वक्त भारी हंगामा मच गया, जब सीपीआई(एम) कार्यकर्ताओं ने ईडी अधिकारियों की गाड़ी पर हमला कर दिया। ये कार्यकर्ता केंद्रीय एजेंसी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। सैकड़ों की संख्या में आए समर्थकों ने ईडी की गाड़ियों पर पत्थर फेंके हैं। सीपीएम के समर्थकों ने ईडी की टीम की गाड़ियों को तोड़ने की कोशिश की।

ईडी के तीन वाहनों को नुकसान पहुंचाया

जानकारी के मुताबिक ईडी अधिकारियों ने पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के आवास पर छापा पूरा कर लिया था और जब वे वहां से निकल रहे थे, तो पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनके वाहनों को रोक दिया। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। आरोप है कि काफिला निकलने से पहले सीपीआई (एम) के कार्यकर्ताओं ने ईडी के तीन वाहनों को नुकसान पहुंचाया और उन पर पत्थर फेंके। इस बीच जैसे-तैसे ईडी के अधिकारी केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और सीपीआई (एम) नेता पिनाराई विजयन के आवास से रवाना हुए।

विजयन की बेटी से जुड़ा है मामला

ईडी की इस बड़ी कार्रवाई के केंद्र में पूर्व सीएम पिनाराई विजयन की बेटी टी. वीणा हैं। यह पूरा विवाद टी. वीणा की पूर्व आईटी कंपनी ‘एक्सालॉजिक’ और एक निजी खनन कंपनी कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड से जुड़ा है। आरोप है कि 2017 से 2021 के बीच, वीणा की कंपनी को बिना कोई वास्तविक आईटी सर्विस दिए ही, सीएमआरएल की तरफ से हर महीने भारी-भरकम ‘रिटेनर फीस’ का भुगतान किया गया। ईडी इसी कथित ‘पॉलिटिकल पे-ऑफ’ और मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से मामले की गहराई से जांच कर रही है।

केरल में ईडी का बड़ा एक्शन, पूर्व सीएम विजयन के ठिकानों पर रेड, जानें क्या है पूरा मामला

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केरल में सत्ता हाथ से निकलते ही पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन पर प्रवर्तन निदेशालय का शिकंजा कस गया है। ईडी ने कोचिन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) घोटाले के मामले में बुधवार को बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने केरल में बड़े पैमाने पर छापेमारी शुरू कर दी है। जांच एजेंसी की टीमों ने 10 ठिकानों पर सर्च अभियान चलाया है, जिसमें मौजूदा विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री पिनारई विजयन के आवास भी शामिल हैं।

सत्ता से बेदखल होने के बाद ईटी का शिकंजा

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व मुख्यमंत्री पिनरई विजयन से जुड़े ठिकानों समेत 10 जगहों पर छापेमारी की है। यह मामला सिर्फ एक कारोबारी लेनदेन तक सीमित नहीं दिख रहा बल्कि इसमें सत्ता, कॉरपोरेट और कथित वित्तीय गड़बड़ियों का बड़ा नेटवर्क सामने आने की आशंका जताई जा रही है। पिछले कुछ महीनों से विजयन परिवार पर विपक्ष लगातार हमलावर था। सरकार से बेदखल होने के बाद और अब ED की एंट्री ने इस पूरे विवाद को और ज्यादा गंभीर बना दिया है।

विवाद के केंद्र में विजयन की बेटी की कंपनी

ईडी पहले ही विजयन की बेटी टी वीना का बयान दर्ज कर चुकी है। वीना की आईटी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशन इस पूरे विवाद के केंद्र में है। आरोप है कि कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) नाम की एक प्राइवेट कंपनी ने साल 2018 से 2019 के बीच तत्कालीन सीएम विजयन की बेटी वीणा की कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को 1.72 करोड़ रुपये का गैर-कानूनी पेमेंट किया, जबकि आईटी फर्म ने कंपनी को कोई सर्विस नहीं दी थी। ईडी की ये छापेमारी केरल हाई कोर्ट द्वारा मंगलवार को सीएमआरएल की उस याचिका को खारिज करने के बाद हुई, जिसमें इस मामले में ईडी की कार्रवाई को रद्द करने की मांग की गई थी।

हाईकोर्ट के फैसले के एक दिन बाद कार्रवाई

जानकारी के मुताबिक, बुधवार सुबह करीब 6 बजे ईडी की समन्वित कार्रवाई शुरू हुई। यह छापेमारी केरल हाईकोर्ट के उस फैसले के एक दिन बाद हुई, जिसमें अदालत ने ईडी को सीएमआरएल और एक्सालॉजिक के बीच कथित वित्तीय लेनदेन की जांच जारी रखने की अनुमति दी थी। एजेंसी ने केरल में एक साथ 10 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। इनमें तिरुवनंतपुरम के बेकरी जंक्शन के पास स्थित विजयन का किराए का आवास भी शामिल था, जहां टी वीना भी रहती हैं। इसके अलावा CMRL के दफ्तरों और कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों से जुड़े परिसरों पर भी छापेमारी की गई। CMRL के प्रबंध निदेशक ससिधरन कार्था से जुड़े ठिकाने भी जांच के दायरे में रहे।

थलपति विजय बने तमिलनाडु के नए सीएम, छह दशक बाद गैर-द्रविड़ दल का सीएम

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तमिलनाडु की राजनीति में आज बड़ा बदलाव देखने को मिला है। तमिलगा वेत्री कन्नगम (टीवीके) प्रमुख विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने चेन्नई के नेहरू स्टेडियम में आयोजित रंगारंग समारोह में उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके साथ ही विजय तमिलनाडु के 18वें मुख्यमंत्री बन गए हैं। विजय के साथ 9 अन्य नेता भी मंत्रीपद की शपथ ली।

राहुल गांधी भी शपथ ग्रहण समारोह में हुए शामिल

इस शपथ ग्रहण समारोह में देश के कई बड़े नेता भी शामिल हुए हैं। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी, तेलंगाना की पूर्व राज्यपाल और बीजेपी नेता तमिलिसाई सुंदरराजन, बीजेपी नेता के अन्नामलाई और तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन भी कार्यक्रम में पहुंचे हैं। इसके अलावा फिल्म और राजनीति जगत की कई हस्तियां भी समारोह का हिस्सा बनी हैं।

पीएम मोदी ने विजय को बधाई दी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विजय को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राज्य सरकार के साथ मिलकर लोगों के जीवन में सुधार के लिए काम करती रहेगी।

विजय के पिता समारोह में भावुक दिखे

विजय का पूरा परिवार शपथ ग्रहण समारोह में नजर आया। इसे मौके पर उनके पिता और मां काफी भावुक दिखे। साथ ही टीवीके पार्टी के सदस्य भी रोते हुए नजर आए। अपने नेता को मुख्यमंत्री बनते हुए देखकर वे लोग भी इमोशनल हो गए।

विजय के शपथ ग्रहण समारोह में भावुक दिखीं तृषा

तृषा कृष्णनन और विजय थलापति करीबी दोस्त हैं। काफी फिल्में साथ कर चुके हैं। ऐसे में उनका विजय के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होना लाजमी था। इस मौके पर उनकी आंखों में नमी दिखीं। साथ ही चेहरे पर विजय के मुख्यमंत्री बनने की खुशी भी साफ झलक रही थी।

पहले ही चुनाव मे जीतीं 108 सीटें

पहली बार चुनावी मैदान में उतरे विजय ने सिर्फ 2 साल पहले राजनीतिक पार्टी टीवीके बनाई थी। इस चुनाव में उन्हें जनता का भरपूर प्यार मिला। विजय की पार्टी ने विधानसभा चुनाव में 108 सीटें जीतकर सभी को चौंका दिया था। हालांकि पार्टी बहुमत के आंकड़े से पीछे रह गई थी, लेकिन कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और अन्य सहयोगी दलों के समर्थन से विजय ने सरकार बना ली।

द्रविड़ राजनीति का दबदबा खत्म

विजय के शपथ ग्रहण के साथ ही पिछले 49 साल से राज्य सियासत में चल रहा द्रविड़ राजनीति का दबदबा खत्म हो गया। तमिलनाडु में 1967 से ही सी. अन्नादुरई के नेतृत्व में द्रविड़ विचारधारा वाली पार्टी- द्रविड़ मुनेत्र कझगम (द्रमुक) सत्ता में आई। बाद में द्रमुक से अलग हुई अन्नाद्रमुक ने उसे चुनौती दी। दोनों द्रविड़ दल ही पिछले 49 साल से यहां की सत्ता में काबिज हैं। दो राष्ट्रीय दल- कांग्रेस और भाजपा हमेशा ही इन दोनों दलों की गठबंधन की साथी के तौर पर जुड़ी रहीं, लेकिन अपने दम पर सत्ता हासिल करने में नाकाम रहीं। अब विजय जोसेफ और उनकी टीवीके ने द्रविड़ पार्टियों के इस वर्चस्व को तोड़ने का काम किया है और तमिल राजनीति में अलग पहचान बनाई है।

तमिलनाडु में विजय बनाएंगे सरकार, आज शाम फिर राज्यपाल से करेंगे मुलाकात, मिल गया बहुमत का आंकड़ा

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तमिलनाडु की राजनीति में आज का दिन बेहद निर्णायक साबित होने वाला है। खबर है कि तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) प्रमुख विजय आज शाम राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात करेंगे। यह मुलाकात सरकार के गठन को लेकर जारी गतिरोध को सुलझाने और बहुमत साबित करने के लिए होगी।

सीपीआई, सीपीएम और वीसीके का मिला समर्थन

अभिनेता से नेता बने थलपति विजय की पार्टी टीवीके को सरकार गठन के लिए अहम समर्थन मिल गया है। कांग्रेस के समर्थक के बाद अब CPI, CPM और VCK जैसे दलों ने भी उन्हें समर्थन देने का फैसला किया है। इसमें कांग्रेस की पांच और वीसीके, सीपीएम और सीपीआई की दो-दो सीटें शामिल हैं। इन दलों के समर्थन से विजय ने बहुमत के लिए 118 सीटों के जादुई आंकड़े को छू लिया है। इससे राज्य में नई सरकार बनने का रास्ता लगभग साफ माना जा रहा है।

सरकार गठन का दावा करेंगे पेश

234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए जरूरी आंकड़े के करीब पहुंच चुके टीवीके गठबंधन ने राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं। विपक्षी दलों के समर्थन के बाद विजय पहली बार सत्ता के बेहद करीब पहुंच गए हैं और जल्द सरकार गठन का दावा पेश कर सकते हैं।

राज्यपाल आर्लेकर ने दो बार लौटाया

राज्यपाल आरवी आर्लेकर के साथ विजय की ये तीसरी मुलाकात होगी। इससे पहले दोनों की मुलाकात बुधवार और गुरुवार को भी हुई थी। दोनों बार आर्लेकर ने विजय के सरकार बनाने के दावे को खारिज करते हुए तर्क दिया कि टीवीके नेता को सदन में बहुमत के लिए जरूरी समर्थन प्राप्त नहीं है। राज्यपाल ने उन्हें 10 मई तक का समय दिया था। बहुतम मिलने के बाद अब जल्द ही वो राज्यपाल से मुलाकात करेंगे।

थलापति विजय की टीवीके की चेतावनी, DMK-AIADMK सरकार बनी तो सभी 107 विधायक देंगे इस्तीफा

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तमिलनाडु में सरकार पर सस्पेंस बरकरार है। थलापति विजय की पार्टी टीवीके को अब तक सरकार बनाने का न्योता नहीं मिला है। थलापति विजय दो बार गवर्नर से मिल चुके हैं। दोनों बार निराशा ही हाथ लगी है। इस बीच एआईएडीएमके और डीएमके के बीच गठबंधन की सुगबुगाहट तेज है। ऐसे में एक्टर विजय ने बड़ा दांव चल दिया है। इससे तमिलनाडु की सियासत में नया ट्विस्ट आ गया है।

टीवीके की बड़ी चेतावनी

तमिलनाडु में जारी राजनीतिक संकट के बीच सबसे अधिक सीट जीतने वाली नई पार्टी तलिमगा वेत्री कड़गम (टीवीके) ने बड़ी चेतावनी दी है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि अगर द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) की सरकार बनाने की कवायद होगी तो थलापति विजय की पार्टी के सभी 107 विधायक एक साथ सामूहिक इस्तीफा दे सकते हैं। हालांकि, विजय ने आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है।

डीएमके-एआईएडीएमके के बीच गठबंधन की चर्चा

टीवीके की ओर से सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी तब सामने आई, जब राज्य में कट्टर विरोधी द्रविड़ पार्टियां डीएमके-एआईएडीएमके के बीच सरकार बनाने को लेकर गठबंधन की चर्चा फैली है। एआईएडीएमके के कई विधायक पुडुचेरी के एक रिसॉर्ट में हैं। उन्होंने अपने महासचिव एडाप्पाडी पलानीस्वामी को समर्थन पत्र सौंप दिया है। पलानीस्वामी ने शुक्रवार को राज्यपाल से मिलने की अनुमति मांगी है।

थलापति की नाराजगी की वजह

सूत्रों के अनुसार, टीवीके नेतृत्व इस बात से विशेष रूप से नाराज है कि डीएमके-एआईएडीएमके के बीच एक 'अघोषित गठबंधन' हो गया है, जिसका मकसद विजय को सत्ता में आने से रोकना है - भले ही उनकी पार्टी विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी हो। पार्टी नेताओं का मानना है कि दोनों प्रमुख द्रविड़ पार्टियों की ओर से मिल रहे हालिया राजनीतिक संकेत टीवीके को सत्ता से बाहर रखने की एक कोशिश है, जबकि सच्चाई यह है कि दोनों में से किसी भी पार्टी के पास अकेले दम पर सरकार बनाने के लिए जरूरी संख्याबल नहीं है।

तमिलनाडु के राज्यपाल ने थलपति विजय को दूसरी बार लौटाया, अब कैसे बनेगी सरकार?

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तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर सस्पेंस अभी बरकरार है। विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बने एक्टर विजय की टीवीके यानी तमिलगा वेत्त्री कझगम गठबंधन सरकार बनाने की कोशिशों में जुटे हैं। इसी क्रम में टीवीके प्रमुख विजय आज एक बार फिर राजभवन पहुंचे और राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से मुलाकात की। हालांकि राज्यपाल ने साफ संकेत दे दिए हैं कि केवल सबसे बड़ी पार्टी होने भर से सरकार बनाने का रास्ता आसान नहीं होगा।

राज्यपाल ने दो बार बैरंग लौटाया

टीवीके प्रमुख विजय दो बार राज्यपाल से मिल चुके हैं। मगर दोनों बार लोकभवन से खाली हाथ लौटना पड़ा है। इस तरह अब तक तमिलनाडु में सरकार गठन की तस्वीर साफ नहीं हो पाई है। राज्यपाल अब भी थलापति विजय के दावों और नंबरों से संतुष्ट नहीं हैं। राज्यपाल पहले बहुमत के लिए 118 विधायकों के साइन देखना चाहते हैं, तभी वह विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करेंगे।

दो दिन दो दूसरी बार खाली हाथ लौटे

पहले बुधवार को विजय लोकभवन गए थे। अब एक्टर विजय ने गुरुवार को भी लोकभवन का दौरा किया और राज्यपाल से मुलाकात की। इस दौरान सरकार बनाने के लिए अपनी दावेदारी दोहराई। मगर दो दिन में दोनों मुलाकातों में बात नहीं बन पाई। सूत्रों का कहना है कि विजय आज एक बार फिर लोकभवन से खाली हाथ लौटे। दूसरी बार गवर्नर से मुलाकात पर भी बात नहीं बनी। राज्यपाल विजय के नंबरों से संतुष्ट नहीं हैं। पहले वह बहुमत वाला नंबर देखना चाहते हैं।

सरकार गठन में पेंच फंसने पर बीजेपी पर भड़की कांग्रेस

तमिलनाडु में टीवीके की अगुवाई में नई सरकार के गठन में पेंच फंसने के बाद कांग्रेस ने बीजेपी पर बड़ा हमला बोला है। राहुल गांधी के करीबी नेता और सांसद मणिकम टैगोर ने कहा कि हम सबको पता है कि तमिलनाडु में लोगों ने बदलाव के लिए वोट किया है। लोगों ने एक नए नेता के लिए वोट किया है। टीवीके से 108 विधायक चुने गए हैं और कांग्रेस के समर्थन से यह संख्या बढ़कर 113 हो जाएगी। राज्यपाल भाजपा के पूर्व नेता हैं, हमें पता है कि भाजपा, दिल्ली यह नहीं चाहती कि विजय (TVK प्रमुख विजय) मुख्यमंत्री बनें। इसलिए राज्यपाल इसे टाल रहे हैं, तमिलनाडु में भाजपा का सिर्फ एक विधायक है और उसके साथ भी भाजपा राजनीति करना चाहती है।

कांग्रेस ने दिया टीवीके को समर्थन

दरअसल,सरकार बनाने की कोशिश में टीवीके को कांग्रेस ने समर्थन दिया है। कांग्रेस ने डीएमके गठबंधन से अलग होकर विजय को समर्थन देने का फैसला किया। कांग्रेस के पांच विधायक टीवीके के साथ आए, लेकिन इसके बाद भी आंकड़ा केवल 112 तक पहुंच पाया। यानी बहुमत के जादुई आंकड़े 118 से अभी भी छह विधायक कम हैं। यही वजह है कि राज्यपाल ने फिलहाल शपथ ग्रहण को लेकर कोई हरी झंडी नहीं दी है।

तमिलनाडु में कांग्रेस ने छोड़ा डीएमके का साथ, विजय की टीवीके की राह हुई आसान

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कांग्रेस ने तमिलनाडु में एक्टर विजय की अगुवाई वाली टीवीके को समर्थन देने क फैसला किया है। इसके साथ ही अपने पुराने सहयोगी को ‘हाथ’ झटक दिया है। कांग्रेस ने बुधवार को तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) को समर्थन देने का एलान किया। पार्टी ने कहा कि वह टीवीके को तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए समर्थन देगी। इसके साथ कांग्रेस ने डीएमके के साथ गठबंधन खत्म करने की घोषणा भी की। कांग्रेस लंबे समय द्रविड मुनेत्र कड़गम (डीएमके) की सहयोगी रही है।

सरकार गठन के लिए टीवीके को समर्थन देने का फैसला

टीवीके अध्यक्ष विजय ने औपचारिक रूप से कांग्रेस से समर्थन मांगा था, जिसके बाद तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी और कांग्रेस विधायक दल ने राज्य में सरकार गठन के लिए टीवीके को समर्थन देने का फैसला किया। कांग्रेस ने अपने बयान में कहा कि तमिलनाडु की जनता, खासकर युवाओं ने एक स्पष्ट जनादेश दिया है, जो एक धर्मनिरपेक्ष, प्रगतिशील और जनकल्याणकारी सरकार के पक्ष में है।

कांग्रेस ने समर्थन के लिए रखी ये शर्त

कांग्रेस ने यह भी स्पष्ट किया कि उसका समर्थन पूरी तरह से बिना शर्त नहीं होगा। पार्टी ने कहा है कि टीवीके को इस गठबंधन में किसी भी ऐसी सांप्रदायिक ताकत को शामिल नहीं करना होगा, जो भारतीय संविधान के मूल्यों में विश्वास नहीं रखती। 

आने वाले चुनावों के ले भी समर्थन

कांग्रेस ने कहा है कि उसका समर्थन सिर्फ मौजूदा सरकार के गठन नहीं बल्कि आने वाले स्थानीय निकाय चुनाव, लोकसभा चुनाव और राज्यसभा चुनावों के लिए भी होगा। तमिलनाडु विधानसभा चुनावों से पहले ऐसी चर्चा सामने आई थी कि राहुल गांधी टीवीके साथ गठबंधन के इच्छुक हैं लेकिन पार्टी के अन्य नेताओं के दबाव में डीएमके साथ कांग्रेस ने चुनाव लड़ा था। 

डीएमके ने कांग्रेस को कहा गद्दार

डीएमके ने कांग्रेस द्वारा टीवीके को समर्थन देने पर इस गद्दारी बताया है। तमिलनाडु में कांग्रेस के साथ गठबंधन में सरकार बनाने के लिए टीवीके के बारे में डीएमके ने कहा कि शुरू से ही यह चर्चा थी कि कुछ लोग विजय का समर्थन करना चाहते हैं और उनकी पार्टी में शामिल होना चाहते हैं। कांग्रेस हर राज्य में ऐसा कर रही है।आखिरकार वे सभी जगह हार रहे हैं। दिल्ली और पश्चिम बंगाल में उनका पूरी तरह सफाया हो गया है। महाराष्ट्र में उनके पास कोई मौका नहीं है। वे कुछ ऐसा कर रहे हैं जिससे उनकी पार्टी ही बंद हो जाएगी।

तमिलनाडु चुनाव में बड़ा उलटफेर, बदल गया दशकों का इतिहास, विजय की आंधी में स्टालिन उड़े

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तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के लिए वोटों की गिनती जारी है। तमिलनाडु की राजनीति में इस बार बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। रूझानों में अभिनेता से नेता बने थलापति विजय की पार्टी टीवीके (तमिलगा वेत्री कड़गम) की आंधी दिख रही है। तमिलनाडु की राजनीति में पिछले 49 वर्षों से केवल दो ही द्रविड़ पार्टियों, द्रमुक और अन्नाद्रमुक का दबदबा रहा है। लेकिन दशकों बाद ऐसी आंधी दिख रही है, जिसने सबको हैरान कर दिया है।

टीवीके इतिहास रचने की ओर बढ़ रही

सिनेमाई पर्दे के हीरो से असल जिंदगी के राजनेता बने विजय ने 49 साल की मजबूत द्रविड़ सत्ता को हिला कर रख दिया है। ताजा रुझानों के विजय की पार्टी टीवीके सबसे आगे चल रही है और इतिहास रचने की ओर बढ़ रही है। अब तक मिले रुझानों में टीवीके करीब 109 सीटों पर आगे है। तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए 118 सीटों का जादुई आंकड़ा चाहिए। ऐसे में संकेत मिल रहे हैं कि अगर यही रुझान जारी रहे, तो विजय की पार्टी आसानी से बहुमत हासिल कर सकती है।

अपने गढ़ में पिछड़े स्टालिन

एक्टर विजय की लहर है में एमके स्टालिन झुलस गए हैं। कोलाथुर विधानसभा सीट से एमके स्टालिन खुद पीछे चल रहे हैं। कोलाथुर सीट एमके स्टालिन का गढ़ रही है, जिसे वह 2011 से लगातार जीतते आए हैं। 2021 में उन्होंने यहाँ 70 हजार से ज्यादा वोटों से जीत दर्ज की थी, लेकिन इस बार तस्वीर बदलती नजर आ रही है।

50 सीटों पर सिमटती दिख रही डीएमके

अगर ये रुझान नतीजों में बदलते हैं, तो यह तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव साबित होगा और विजय की पार्टी महज दो साल में इतिहास रच सकती है। ऐसे में डीएमके दफ्तर से लेकर डीएमके नेताओं तक के घर पर सन्नाटा पसरा है। 2021 में 133 सीटें जीतने वाली पार्टी 2026 में 50 सीटों पर सिमटती दिख रही है। ऐसे में हर तरफ सन्नाटा पसरा है।

From Cubicles to Clean Living: How Three IT Guys are Fixing India’s "Fake Herbal Tea" Problem

PUNE, If you walked into a typical IT park three years ago, you would have found Abhijeet, Kunal and Abhijit doing exactly what millions of others do: grinding through 9-hour shifts, fueled by back-to-back coffees and ignoring the slow decline of their health.

They weren't wellness experts. They were "IT Warriors" who had traded their fitness for deadlines. But today, they are the faces behind FitClan Life, a brand that is stripping the complexity and the chemicals out of the Indian wellness industry.

The "Family Pack" Epiphany

The story of FitClan Life didn’t start with a business plan; it started with a "midlife crisis" in the 30's.

"We called our bellies 'family packs' to joke about them," says Abhijeet, one of the founders. "But the joke stopped being funny when the knee pain started, when the gut issues became a daily struggle and when weekend cricket matches felt like climbing Everest."

The trio realized they were part of a massive, silent epidemic of corporate burnout. They decided to fight back. They started with a "Great Kitchen Purge" deleting delivery apps and declaring a "War on Sugar." The results were startling. Abhijeet lost 10kg, regained his agility on the cricket pitch and finally felt "light" again.

"They realized that people don’t lack motivation", "They just lack real, honest options. Everything in the ‘healthy’ aisle was either tasteless, overpriced or secretly loaded with sugar."

Breaking the "Fake Healthy" Cycle

FitClan Life was born to bridge the gap between "tasty" and "truthful." The founders noticed a frustrating trend: mass-market herbal teas were often just flavored dust with zero potency.

Coming from an engineering background, they applied a "systems-first" approach to their manufacturing. They learned that the power of an herb depends on its Active Compounds. In their facility, ingredients aren't just tossed together; they are ground, dusted and blended with precision to ensure that the "magic" of the plant actually makes it into your cup.

The FitClan Life Difference: Beyond the Label : 

While many wellness brands rely on "window dressing", using tiny amounts of herbs just to put them on the label. FitClan Life operates on a different frequency. Most mass-market herbal teas are bulked up with "fillers" like maltodextrin, artificial flavors, acidity regulators and hidden sugars that actually harm your gut while claiming to heal it. We took a stand against this "tasteless or fake" culture. By focusing on Active Compound Potency, we ensure that our herbs aren't just present; they are powerful. We’ve eliminated the faulty fillers, the preservatives and dyes and scents, creating a blend that is strictly functional. When you look at a FitClan label, you aren't just seeing ingredients; you’re seeing a promise of purity that mass-market competitors simply can't afford to keep. It is indeed Non-boring healthy tea options available in India.

Five Cups of Change

FitClan Life has distilled its philosophy into five targeted blends, each solving a problem the founders personally faced:

Sleep Stress-Free: Because "IT brains" don't switch off easily. It uses Ashwagandha, Lavender and other herbs to calm the mind without the morning fog. It is one of the Effective herbal teas for better sleep and stress.

Weight Balance: A metabolism-booster featuring the Blue Pea flower, green tea and other herbs. It’s about feeling active, not feeling "starved."

Digestion Enhance: Their "Gut-First" solution. UsingPeppermint, Fennel, Ginger and other herbs, it fixes the heaviness that comes from sitting at a desk all day.

Immunity Boosting: A daily shield of Amla and Turmeric with Rhododendron flower and other herbs for those who can’t afford a "sick day."

Diabetes Control: The ultimate partner for the "Sugar Breakup," using Gudmar, Vijaysar, Daruhaldi and Stevia to manage post-meal spikes naturally.

From Flea Markets to Dorabjee’s

The brand didn't grow through fancy TV ads. It grew through conversations. The founders started by setting up stalls at residential flea markets in Pune, brewing tea for neighbors and listening to their stories.

That grassroots trust eventually led them to the shelves of Dorabjee’s, Pune’s most iconic premium retailer. Today, while they remain a local favorite, their "Clan" has spread across India via Amazon and their website, delivering chemical-free wellness to every pin code.

Join the Clan

"FitClan Life isn't just a name, It’s a Clan. We wanted to build a community where fitness isn't a punishment for what you ate, but a celebration of what your body can do."

For these three founders, the mission is simple: healthy living shouldn't be a chore. It should be as easy, honest and refreshing as a cup of tea.

Want to join the tribe?

Explore the full range of zero-sugar, plant-powered blends at https://www.fitclanlife.com/ or find FitClan Life at Dorabjee’ Pune’s and Amazon.in. Follow their journey on Instagram for a daily dose of "Real Health."

Bangkok, Thailand:Prof. Dr. Prakash Divakaran, Vice-Chancellor of Himalayan University, has been conferred with the Prestigious Indo–Thai Educational Excellence Award in recognition of his iconic leadership and remarkable contribution to higher education.

The award was presented by Asst. Prof. Dr. Thanapon Sarunburana, Vice-Chancellor of Rajapark University, during a distinguished academic gathering in Bangkok. The ceremony brought together leading academicians, administrators, and international delegates from India and Thailand.

The event commenced with a Welcome Address by Dr. J. P. Bhosale, Patron, GRCF, Savitribai Phule Pune University. The Presidential Address was delivered by Prof. Dr. Gowri Ramesh, Registrar of The Tamil Nadu Dr. Ambedkar Law University. Prof. Dr. Prakash Divakaran graced the occasion as Chief Guest and delivered the Inaugural Address.

Among the distinguished dignitaries present were Dr. R. Thippa Reddy, Chairman & Director, Dr. Ambedkar Global Law Institute; Assoc. Prof. Dr. Chaiwat Phuakkhong; Asst. Prof. Dr. Arun Chainit; Dr. Jidapa Thavarit; Dr. Gireesh Kumar J; Dr. Shibu Dharmarajan; Dr. Seema Vijay Medhe; and Ms. Ashsagan Ashghari, Chairman, Phoenix Global Gold Co. Ltd., Bangkok.

The formal Vote of Thanks was proposed by Dr. Cholaraja Mudimannan, Assistant Professor of Law (Senior Scale), University of Delhi.

The award highlights Prof. Dr. Divakaran’s visionary leadership in promoting academic excellence, research innovation, and international collaboration. Under his stewardship, Himalayan University has expanded its global academic partnerships and strengthened its commitment to quality higher education.

The Indo–Thai Educational Excellence Award marks a significant milestone for Himalayan University and reflects the growing academic cooperation between India and Thailand.