Sambhal

Aug 17 2024, 20:18

*आईएमए की देशव्यापी हड़ताल, कोलकाता में महिला डॉक्टर के साथ हुए कुकृत्य का जताया विरोध*

संभल- इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) द्वारा देश व्यापी हड़ताल का आयोजन किया गया। इसमें सभी मेडिकल सुविधाओं को बंद रखा गया आज सुबह सभी चिकित्सक एकत्र होकर विक्रम पैलेस में मीटिंग किए उसके बाद सभी लोगों ने एकत्र होकर डीएम साहब को तहसील पर ज्ञापन दिया। ज्ञापन प्रधानमंत्री को संबोधित था।

संभल आईएमए के अध्यक्ष डॉ संजय वार्षणेय ने कहा कि हम सभी चिकित्सक कोलकाता में महिला डॉक्टर के साथ हुए इस कुकृत्य की कड़ी निंदा करते हैं। यदि पश्चिम बंगाल की सरकार इसके खिलाफ अगली बेहतर घंटे में कोई एक्शन नहीं लेती है तो हम लोग समस्त चिकित्सीय सुविधा बंद कर देंगे जिसमें इमरजेंसी भी शामिल होगी।

संभल आईएमए के सचिव डॉ मसूद ने बताया कि हड़ताल देशव्यापी हड़ताल है हम लोग आज केवल ओपीडी बंद किए हैं यदि कोई एक्शन नहीं होता है तो यह हड़ताल समस्त चिकित्सा को बंद करने के लिए हम मजबूर होंगे।

आज मीटिंग में IMA के सभी सदस्य मौजूद रहे आईएसएस में IMA के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ विनित के साथ-साथ डॉक्टर संजय, डॉ मसूद, डॉ काफील अहमद डॉ सुधांशु डॉ भारत, डॉ दिलीप, डॉ तौसीफ, डॉक्टर सरताज डॉ शहजाद डॉक्टर राजेश डॉक्टर रितेश डॉ अजय त्यागी डॉक्टर प्रशांत वार्ष्णेय डॉ उस्मान Dr najam Dr shanerub Dr bilal.dr vineet आदि उपलब्ध रहे।

Purnea

Aug 10 2024, 20:47

इस लड़के ने कर दिया कमाल,परमाणु ऊर्जा की लेंगे शिक्षा,पढ़े अनुराग की पूरी कहानी


सीमांचल का लाल वैज्ञानिक बनने की राह पर। भारत नेपाल सीमा पर स्थित अररिया जिला के छोटे से शहर जोगबनी के अनुराग झा ने नेस्ट(NEST) परीक्षा 2024 में 30वा स्थान लाकर पूरे सीमांचल का नाम रोशन कर दिया है। अब अनुराग भारत सरकार के परमाणु ऊर्जा विभाग के अन्तर्गत मुंबई विश्वविद्यालय के परमाणु ऊर्जा विभाग, बुनियादी विज्ञान में उत्कृष्टता केंद्र, मुंबई में पढ़ेंगे। इस संस्थान में नामांकन हेतू पूरे भारत से केवल 57 सीट के लिए प्रत्येक वर्ष परीक्षा आयोजित होती है। अब पांच वर्ष की पढ़ाई निशुल्क और भारत सरकार के सहयोग से होगी।यहां से पढ़ाई समाप्त करने के बाद वैज्ञानिक बनने का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा। इनका परिवार एक साधारण परिवार है मां श्रीमती बेबी झा ,आंगनवाड़ी सेविका और पिता शंभू झा,फुटपाथ के दुकानदार हैं। लेकिन अनुराग के वैज्ञानिक बनने का सपना उसके दिवंगत दादा स्व महाकांत झा ने देखा था और उसे पूरा करने में अनुराग लग गए। अपनी दसवीं तक की पढ़ाई जोगबनी के ही सरस्वती शिशु मंदिर से तथा इंटरमीडिएट केंद्रीय विद्यालय पूर्णिया से पूरा किया हैं। नेस्ट की परीक्षा IIT JEE ADVANCE के समकक्ष और NEET परीक्षा से कठिन माना जाता है। इस परीक्षा की तैयारी में अनुराग के चाचा शिवाजी झा ने उनका मार्गदर्शन किया और भरपूर सहयोग दिया। अनुराग ने सफलता का सूत्र स्वाध्याय और परिवार के सहयोग को बताया।

India

Aug 02 2024, 12:09

NEET-UG 2024 पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला: 'पवित्रता का कोई प्रणालीगत उल्लंघन नहीं' NTA को 'फ्लिप-फ्लॉप' से बचने की दी हिदायत

NEET-UG 2024 फैसला: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार, 2 अगस्त को कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी या NTA को NEET-UG 2024 परीक्षा के संबंध में किए गए "फ्लिप-फ्लॉप" से बचना चाहिए। इसमें कहा गया है कि एक राष्ट्रीय परीक्षा में इस तरह की ''उलझन'' छात्रों के हितों की पूर्ति नहीं करती है। पेपर के आरोपों और परीक्षा में अन्य अनियमितताओं पर बढ़ते विवाद के बावजूद, सुप्रीम कोर्ट 2024 एनईईटी-यूजी मेडिकल प्रवेश परीक्षा को रद्द नहीं करने के कारणों पर अपना फैसला सुना रही थी ।

भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली तीन-न्यायाधीशों की पीठ ने यह भी कहा कि विशेषज्ञ समिति को परीक्षा प्रणाली में कमियों को दूर करना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसने अपने फैसले में एनटीए की संरचनात्मक प्रक्रियाओं की सभी कमियों को उजागर किया है, ''छात्रों की भलाई के लिए हम इसे बर्दाश्त नहीं कर सकते।'' शीर्ष अदालत ने कहा कि जो मुद्दे उठे हैं, उन्हें केंद्र द्वारा इसी साल सुधारा जाना चाहिए ताकि इसकी पुनरावृत्ति न हो।

हालाँकि, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि NEET-UG 2024 के पेपरों में कोई प्रणालीगत उल्लंघन नहीं हुआ था और लीक केवल पटना और हज़ारीबाग़ तक ही सीमित था।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी कहा कि केंद्र द्वारा गठित समिति परीक्षा प्रणाली की साइबर सुरक्षा में संभावित कमजोरियों की पहचान करने, परीक्षा केंद्रों की बढ़ी हुई पहचान जांच की प्रक्रियाओं, सीसीटीवी कैमरे की निगरानी के लिए तकनीकी प्रगति के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने पर भी विचार कर रही है। पीठ ने कई निर्देश भी जारी किए और एनटीए के कामकाज की समीक्षा करने और परीक्षा सुधारों की सिफारिश करने के लिए इसरो के पूर्व प्रमुख के राधाकृष्णन की अध्यक्षता में केंद्र द्वारा नियुक्त समति के दायरे का विस्तार किया।

इसमें कहा गया है कि चूंकि पैनल का दायरा बढ़ा दिया गया है, इसलिए समिति परीक्षा प्रणाली में कमियों को दूर करने के विभिन्न उपायों पर 30 सितंबर तक अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। पीठ ने कहा कि राधाकृष्णन पैनल को परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए तकनीकी प्रगति को अपनाने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया तैयार करने पर विचार करना चाहिए। शीर्ष अदालत ने कहा कि एनईईटी-यूजी परीक्षा के दौरान जो मुद्दे उठे हैं, उन्हें केंद्र द्वारा ठीक किया जाना चाहिए।

23 जुलाई को, शीर्ष अदालत ने विवादों से घिरी परीक्षा को रद्द करने और दोबारा परीक्षा कराने की मांग करने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया था, जिसमें कहा गया था कि इस निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए रिकॉर्ड पर कोई सबूत नहीं है कि इसकी पवित्रता के "प्रणालीगत उल्लंघन" के कारण इसे "विकृत" किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश सुनाते हुए कहा कि इसके विस्तृत कारणों का पालन किया जाएगा।

अंतरिम फैसला संकटग्रस्त एनडीए सरकार और एनटीए के लिए एक झटका था, जो प्रतिष्ठित परीक्षा में प्रश्न पत्र लीक, धोखाधड़ी और प्रतिरूपण जैसे कथित बड़े पैमाने पर कदाचार को लेकर सड़कों और संसद में कड़ी आलोचना और विरोध का सामना कर रहे थे।

परीक्षा 5 मई को आयोजित किया गया था । एमबीबीएस, बीडीएस, आयुष और अन्य संबंधित पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए 2024 में 23 लाख से अधिक छात्रों ने राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा-अंडरग्रेजुएट (एनईईटी-यूजी) दी।

India

Aug 02 2024, 12:07

नीट-यूजी विवाद पर सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी, कहा- लीक सिर्फ पटना और हजारीबाग तक सीमित

#neet_ug_2024_supreme_court_said_that_there_is_no_large_scale_paper_leak

नीट यूजी 2024 परीक्षा पेपर लीक मामले में सुनवाई के दौरान आज, 2 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने अहम टिप्पणी की।सुप्रीम कोर्ट ने आज नीट यूजी को पेपर लीक के आरोपों के बावजूद रद्द क्यों नहीं की, इसकी जानकारी दी है। साथ ही सरकार द्वारा बनाई गई कमेटी के लिए काम करने का दायरा भी तय किया है।सुप्रीम कोर्ट ने नीट यूजी मामले पर अपने फैसले में कहा कि पेपर लीक व्यापक स्तर पर नहीं हुआ है। इसलिए नीट की दोबारा परीक्षा कराने की मांग खारिज की जाती है। सुप्रीम कोर्ट में सीजेआई की बेंच ने साफ तौर पर कहा कि अदालत का निष्कर्ष है कि नीट पेपर लीक सिस्टेमेटिकन नहीं है।

सीजेआई ने कहा कि सिस्टमैटिक ब्रीच नहीं था। पेपर लीक सिर्फ पटना और हजारीबाग तक सीमित था।सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि परीक्षा के आयोजन में कोई व्यवस्थागत कमी नहीं पाई गई। अगर परीक्षा को रद्द किया जाता, तो लाख स्टूडेंट्स इससे प्रभावित होते, जो परीक्षा में शामिल हुए थे। वहीं एग्जाम पास करने वाले छात्रों पर इसका विपरीत असर पड़ता। ऐसे में पूरी जांच और सभी बिंदुओं पर विचार के बाद परीक्षा नहीं रद्द करने का फैसला किया गया।

सुप्रीम कोर्ट ने नीट पेपर लीक, गलत प्रश्न पत्र के वितरण और भौतिकी के एक प्रश्न के गलत विकल्प के लिए अंक देने के मामले में एनटीए यानी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की ढुलमुल नीति की आलोचना की।कोर्ट ने कहा कि एनटीए को बार-बार अपने फैसले नहीं बदलने चाहिए क्योंकि यह केंद्रीय संस्था पर अच्छा नहीं लगता।

सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि सरकार द्वारा गठित कमेटी को किसी भी गड़बड़ी को “रोकने और उसका पता लगाने” के लिए कदम सुझाने चाहिए। सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा कि एनटीए के साथ मिलकर कमेटी को एक ऐसा तरीका भी ढूंढना चाहिए, जिससे पेपर बनाने से लेकर उसकी जांच करने तक, हर प्रक्रिया पर कड़ी नजर रखी जा सके। साथ ही, प्रश्न पत्रों के रखरखाव और स्टोरेज आदि की जांच के लिए एक एसओपी को भी सुव्यवस्थित किया जाना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने कमेटी से कहा कि कमेटी काम के दौरान एग्जाम सिक्योरिटी, स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर तय करना, एग्जाम सेन्टर के अलॉट करने की प्रकिया की समीक्षा, परीक्षा केन्द्र की सीसीटीवी मॉनिटरिंग, पेपर में गड़बड़ी नहीं हो, ये सुनिश्चित करना, शिकायतों के निवारण की व्यवस्था करना, प्रश्नपत्रों में हेराफेरी न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए लॉजिस्टिक को सुरक्षित करना और पेपर को खुले ई-रिक्शा के बजाय रियल टाइम इलेक्ट्रॉनिक लॉक सिस्टम के साथ बंद वाहन में भेजे जाने की व्यवस्था पर विचार करे।

सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया कि पूरी परीक्षा की गरिमा प्रभावित नहीं हुई। कोर्ट ने कमेटी की रिपोर्ट तय करने के लिए 30 सितंबर 2024 तक का वक़्त दिया। दरअसल केंद्र सरकार ने कोर्ट को बताया था कि भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं में नीट जैसी गड़बड़ी को रोकने के लिए इसरो के पूर्व चेयरमैन के राधाकृष्णन की अध्यक्षता में कमिटी गठित होगी। कोर्ट ने आज उसी कमेटी का दायरा तय किया है।

sultanpur

Jul 26 2024, 17:00

*युवा कांग्रेसियों ने NEET छात्रों की राहुल गांधी से करवाई मुलाकात*
आज जनपद सुलतानपुर में अमित शाह पर टिप्पणी मामले में न्यायालय में पेश होने आए राहुल गांधी का कांग्रेसियों ने जगह-जगह स्वागत किया। लखनऊ हवाई अड्डे से पूर्वांचल एक्सप्रेस से आने पर बाबू गंज चौराहे पर युवा कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष सुब्रत सिंह सनी और उपाध्यक्ष मानस तिवारी के नेतृत्व में सैकड़ों युवा कांग्रेसियों ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का फूल मालाओं से स्वागत किया। इसके साथ ही, NEET परीक्षा में हुई धांधली के संबंध में छात्रों को यूंका के पूर्व जिलाध्यक्ष सुब्रत सिंह सनी और उपाध्यक्ष मानस तिवारी ने राहुल गांधी से मिलवाया। छात्रों ने अपनी बात रखते हुए राहुल गांधी जी से मांग की कि NEET परीक्षा रद्द होनी चाहिए और पुनः परीक्षा करवाई जानी चाहिए। इस पर राहुल गांधी जी ने कहा कि वे युवाओं के साथ हैं और लगातार हो रही परीक्षाओं की धांधली, पेपर लीक मामलों को सदन में पहले भी उठाते रहे हैं और आगे भी इस लड़ाई को कांग्रेस पार्टी सड़क से सदन तक लड़ने का काम करेगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि आने वाले सोमवार को पुनः इस मुद्दे को सदन में उठाएंगे। इसको लेकर NEET परीक्षा के छात्रों ने राहुल गांधी जी का धन्यवाद किया और साथ ही युवा कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष सुब्रत सिंह सनी और उपाध्यक्ष मानस तिवारी को भी नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी से मिलवाने पर धन्यवाद प्रकट किया।
इस मौके पर युवा कांग्रेस के नेता आदित्य विक्रम सिंह, अमित पांडे, सूरज विश्वास, अतुल यादव, आर्यन तिवारी,अंशु मिश्रा, वैभव मिश्रा, प्रेम शुक्ला, राहुल सिंह, मुकेश,इजरायल, श्याम विशाल तिवारी, सूरज अग्रहरि, राहुल अग्रहरि,जब्बार प्रधान, स्वामीनाथ तिवारी, अखिलेश सिंह आदि लोग उपस्थित रहे!

Hazaribagh

Jul 25 2024, 16:39

NEET पेपर लीक मामले में रामनगर राज गेस्ट हाउस को दोबारा सील किया, दस्तावेज़ और प्रिंटर जब्त।

रिपोर्टर पिंटू कुमार।
NEET पेपर लीक मामले में सीबीआई की टीम ने एक बार फिर हजारीबाग का दौरा किया। इस मामले के तहत, तीन आरोपियों के साथ फिर से सीन रीक्रीएट किया गया। हजारीबाग के रामनगर राज गेस्ट हाउस को दोबारा सील किया गया,जहां से कई दस्तावेज़ और प्रिंटर जब्त किए गए।

इस जांच के दौरान, सीबीआई ने आरोपियों से गहराई से पूछताछ की ताकि यह पता लगाया जा सके कि लीक की प्रक्रिया कैसे हुई और इसमें कौन-कौन शामिल थे। इस मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए, सीबीआई सभी उपाय अपना रही है ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा सके।

India

Jul 24 2024, 15:57

खामी के पर्याप्त सबूत नहीं...दोबारा नहीं होगी NEET परीक्षा, आ गया सुप्रीम कोर्ट का फाइनल फैसला

NEET केस की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने दोबारा परीक्षा कराने का आदेश देने से इनकार कर दिया है. नीट पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया है. सीजेआई की बेंच ने फैसला सुनाते हुए कहा है कि दोबारा परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह दिखाने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं कि परीक्षा की पवित्रता का उल्लंघन किया गया था. 

चीफ जस्ट‍िस की बेंच ने फैसला सुरक्ष‍ित करते हुए कहा था कि इन मामलों में इस न्यायालय के समक्ष उठाया जा रहा मुख्य मुद्दा यह है कि इस आधार पर पुनः परीक्षण (Re-Test) आयोजित करने का निर्देश जारी किया जाए कि प्रश्नपत्र लीक हुआ था और परीक्षा के संचालन में प्रणालीगत खामियां थी. नीट यूजी परीक्षा 571 शहरों के 4750 केंद्रों के अलावा 14 विदेशी शहरों में आयोजित की गई थी. 

सीजेआई ने आदेश की शुरुआत में मामले के तथ्यों और दोनों पक्षों की व्यापक दलीलें दर्ज कीं. उन्होंने कहा कि 1,08,000 सीटों के लिए 24 लाख छात्र प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं. अदालत को इस तथ्य से अवगत कराया गया है कि 50 प्रतिशत कट ऑफ का प्रतिशत दर्शाता है. परीक्षा में 180 प्रश्न होते हैं, जिनके कुल अंक 720 होते हैं और गलत उत्तर के लिए एक नकारात्मक अंक होता है. यह प्रस्तुत किया गया कि पेपरलीक प्रकृति में प्रणालीगत था और संरचनात्मक कमियों के साथ मिलकर कार्रवाई का एकमात्र स्वीकार्य तरीका री-टेस्ट करना होगा. लेकिन, परीक्षा की पव‍ित्रता भंग होने के पर्याप्त सबूत नहीं हैं.

NEET का 4 जून को रिजल्ट आने के बाद से पेपर लीक को लेकर छात्रो का आक्रोश सामने आया था. सबसे पहले इस परीक्षा में बिहार में पेपर लीक की खबर ने तूल पकड़ा था. उसके बाद रिजल्ट आने पर परीक्षा में 67 टॉपर और एक ही परीक्षा केंद्र से कई टॉपर आना, एक सवाल के दो उत्तर, ग्रेस मार्क्स जैसे प्वाइंट्स किसी को हजम नहीं हो रहे थे. उसी दौरान नेशनल टेस्ट‍िंंग एजेंसी पर भड़के छात्रों ने पूरे देश में रिजल्ट में हेरफेर और पेपरलीक को लेकर प्रदर्शन किया. 

परीक्षा में पेपर लीक के संदेह पर देशभर के हाईकोर्ट में दोबारा परीक्षा कराने की मांग को लेकर याचिकाओं का सिलस‍िला शुरू हुआ. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में एक साथ सभी याचिकाओं को सुनने की कार्यवाही शुरू हुई. इस सुनवाई में बिहार पेपर लीक से लेकर हजारीबाग, सीकर और गोधरा तक के मामलों की जांच, एक सवाल के दो उत्तर, सीबीआई जांच जैसे सभी मुद्दों पर बहस हुई. सर्वोच्च अदालत की बेंच ने सभी पहलुओं पर बहस सुनने के बाद यह तय किया कि इस पर जल्द से जल्द फैसला देना होगा, क्योंकि छात्रों को किसी भी हाल में लटकाकर नहीं रख सकते. इसी को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आज फैसला सुना दिया है.

India

Jul 23 2024, 18:33

दोबारा नहीं होगी नीट-यूजी परीक्षा, सुप्रीम कोर्ट का रि-एग्जाम का आदेश देने से इनकार*

#supreme_court_decision_on_neet_ug_2024

सुप्रीम कोर्ट मेडिकल प्रवेश परीक्षा के आयोजन में अनियमितताओं और कदाचार का आरोप लगाने वाली 40 से अधिक याचिकाओं पर सुनवाई हुई। इस मामले में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने केंद्र और एनटीए की तरफ से दलीलें पेश की। केस की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने दोबारा परीक्षा कराने का आदेश देने से इनकार कर दिया है। इसको साथ ही कोर्ट ने करीब 24 लाख छात्रों को बड़ी राहत प्रदान की है।

शीर्ष अदालत ने कहा कि पेपर लीक हुआ है, इसमें कोई विवाद नहीं है।सीजेआई ने कहा, अदालत ने एनटीए द्वारा रिकॉर्ड पर रखे गए डेटा की स्वतंत्र रूप से जांच की है। वर्तमान चरण में रिकॉर्ड पर साक्ष्यों या सामग्री का अभाव है। इससे यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि परीक्षा का परिणाम खराब हो गया है या परीक्षा की पवित्रता का प्रणालीगत उल्लंघन हुआ है। सीजेआई ने कहा कि सीबीआई की जांच अधूरी ही है, इसलिए हमने एनटीए से ये स्पष्ट करने को कहा था कि क्या गड़बड़ी बड़े पैमाने पर हुई है या नहीं। केन्द्र और एनटीए ने अपने जवाब में आईआईटी मद्रास की रिपोर्ट का हवाला दिया है। चीफ जस्टिस ने आगे कहा कि हमारे समक्ष प्रस्तुत सामग्री और आंकड़ों के आधार पर प्रश्नपत्र के व्यवस्थित लीक होने का कोई संकेत नहीं है, जिससे परीक्षा की शुचिता में व्यवधान उत्पन्न होने का संकेत मिले। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने नीट की दोबारा परीक्षा कराने से इंकार किया।

सीजेआई ने कहा- फिलहाल, हम दागी स्टूडेंट्स को बेदागी स्टूडेंट्स से अलग कर सकते हैं। अगर जांच के दौरान दागियों की पहचान होती है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अगर कोई स्टूडेंट्स इस फ्रॉड में शामिल पाया जाता है तो उसे एडमिशन नहीं मिलेगा। कोर्ट ने अभी अपना फैसला सुरक्षित रखा है जिसके लिए कोई डेट जारी नहीं की है।

सीजेआई की बेंच के सामने मंगलवार को पांचवीं सुनवाई हुई। सीजेआई ने कहा- हम पेपर लीक के ठोस सबूत के बिना रीएग्जाम का फैसला नहीं दे सकते हैं। हो सकता है कि सीबीआई जांच के बाद पूरी तस्वीर ही बदल जाए, लेकिन आज हम किसी हालत में यह नहीं कह सकते कि पेपर लीक पटना और हजारीबाग तक सीमित नहीं है।

ने आगे कहा कि कोर्ट को लगता है कि इस साल के लिए नए सिरे से नीट यूजी परीक्षा आयोजित करने का निर्देश देना गंभीर परिणामों से भरा होगा, जिसका खामियाजा इस परीक्षा में शामिल होने वाले 24 लाख से अधिक छात्रों को भुगतना पड़ेगा और प्रवेश कार्यक्रम में व्यवधान पैदा होगा, साथ ही मेडिकल एजुकेशन के सिलेबस पर व्यापक प्रभाव पड़ेगा, भविष्य में योग्य डॉक्टरों की उपलब्धता पर असर पड़ेगा और वंचित समूह के लिए गंभीर रूप से नुकसानदेह होगा, जिसके लिए सीटों के आवंटन में आरक्षण किया गया था।

India

Jul 23 2024, 15:14

'अगर आपके पास पैसे हैं, तो आप भारतीय शिक्षा प्रणाली को खरीद सकते हैं..', NEET पर संसद में बोले राहुल गांधी

 संसद के बजट सत्र में आज सोमवार (22 जुलाई) को पहले ही दिन तीखी नोकझोंक हो गई जब कांग्रेस सांसद और विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) 2024 में कथित लीक को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर हमला बोला। राहुल गांधी ने कहा, "पूरे देश के सामने यह बात स्पष्ट है कि हमारी परीक्षा प्रणाली में बहुत गंभीर समस्या है, सिर्फ NEET में ही नहीं बल्कि सभी प्रमुख परीक्षाओं में फ्रॉड है। इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए प्रधान ने कहा कि, "सिर्फ़ चिल्लाने से झूठ सच नहीं हो जाता। विपक्ष के नेता का यह कहना कि देश की परीक्षा प्रणाली बकवास है, बेहद निंदनीय है।"

राहुल गांधी ने आगे कहा कि, ''मंत्री (धर्मेंद्र प्रधान) ने खुद को छोड़कर सभी को दोषी ठहराया है। मुझे नहीं लगता कि उन्हें यहां चल रही बुनियादी बातों की समझ भी है।" राहुल गांधी ने भारतीय परीक्षा प्रणाली की अखंडता पर चिंता व्यक्त करते हुए दावा किया कि लाखों छात्र मानते हैं कि यह धोखाधड़ी है। उन्होंने कहा, "लाखों लोग मानते हैं कि अगर आप अमीर हैं और आपके पास पैसा है, तो आप भारतीय परीक्षा प्रणाली को खरीद सकते हैं और विपक्ष भी यही सोचता है।" उन्होंने इस मामले पर एक दिन की अलग चर्चा की मांग की।

हालांकि, प्रधान ने गांधी के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि पिछले 7 वर्षों में 70 पेपर लीक का कोई सबूत नहीं मिला है, ऐसा कोई डाटा मौजूद नहीं है। हाँ कुछ गड़बड़ियां हुईं हैं, जो सुप्रीम कोर्ट के समक्ष विचाराधीन हैं। यह (NEET) मामला भी सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ कह सकता हूं कि NTA के बाद 240 से अधिक परीक्षाएं सफलतापूर्वक आयोजित की गई हैं।" शिक्षा मंत्री को और घेरने के प्रयास में राहुल गांधी ने पूछा, "चूंकि यह (NEET) एक व्यवस्थित मुद्दा है, तो आप इस मुद्दे को ठीक करने के लिए वास्तव में क्या कर रहे हैं?" 

इस पर प्रधान ने संसद में राहुल के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी और अनियमितताओं से निपटने के उद्देश्य से एक नया कानून बनाया है। मंत्री ने याद दिलाया कि पूर्ववर्ती UPA सरकार में भी इसी तरह के विधेयक पेश किए गए थे, मगर सत्तारूढ़ कांग्रेस ने "दबाव में" उन्हें रद्द कर दिया था। चर्चा तब और अधिक विवादास्पद हो गई जब समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव भी इस मुद्दे से निपटने के सरकार के तरीके की आलोचना करते हुए इसमें शामिल हो गए।

यादव ने कहा, "यह सरकार पेपर लीक का रिकॉर्ड बनाएगी।" "कुछ केंद्र ऐसे हैं जहां 2,000 से ज़्यादा छात्र पास हो गए हैं। जब तक यह मंत्री (शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान) वहां हैं, छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा।" अखिलेश को जवाब देते हुए प्रधान ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार नतीजे सार्वजनिक किए गए हैं। उन्होंने कहा, "मैं राजनीति नहीं करना चाहता, लेकिन मेरे पास अखिलेश यादव के शासनकाल में कितने पेपर लीक हुए, इसकी सूची है।"

తప్పు చేస్తే దొరకక తప్పదు

Jul 23 2024, 08:53

NEET UG 2024: ఫిజిక్స్ ప్రశ్నపై ఐఐటీ డైరెక్టర్‌కు సుప్రీంకోర్టు కీలక ఆదేశం

నీట్-యూజీ 2024 పరీక్షా పత్రంలో చర్చనీయాంశమైన ఫిజిక్స్ ప్రశ్నపై సరైన సమాధానం కోసం ఐఐటీ-ఢిల్లీ డైరెక్టర్‌కు సీజేఐ డైవై చంద్రచూడ్ సారథ్యంలోని సుప్రీంకోర్టు ధర్మాసనం సోమవారంనాడు కీలక ఆదేశాలు జారీ చేసింది.

 నీట్-యూజీ 2024 (NEET-UG 2024) పరీక్షా పత్రంలో చర్చనీయాంశమైన ఫిజిక్స్ ప్రశ్నపై సరైన సమాధానం కోసం ఐఐటీ-ఢిల్లీ డైరెక్టర్‌కు సీజేఐ (CJI) డైవై చంద్రచూడ్ (DY Chandachud) సారథ్యంలోని సుప్రీంకోర్టు (Supreme Court) ధర్మాసనం సోమవారంనాడు కీలక ఆదేశాలు జారీ చేసింది.

గ్రేస్ మార్కులకు దారితీసిన ఈ ప్రశ్నకు సరైన సమాధానం కోసం ముగ్గురు నిపుణులను ఏర్పాటు చేసి జూన్ 23వ తేదీ మధ్యాహ్నం 12 గంటల లోపు దానిపై సమాధానం సమర్పించాలని ఆదేశించింది. మంగళవారంనాడు కూడా విచారణ కొనసాగనుంది.

నీట్ పరీక్షా పత్రం, లీకేజీ అవకతవలపై సుప్రీంకోర్టు సోమవారం తిరిగి విచారణ జరిగింది.

గ్రేస్ మార్కులకు దారితీసిన ఫిజిక్స్ ప్రశ్న అంశాన్ని పిటిషనర్లు కోర్టు దృష్టికి తెచ్చారు.

ఒక ప్రశ్నకు రెండు సరైన సమాధానాలు ఇచ్చి, మార్కులు మాత్రం ఒకదానికే వేశారని, దానికి గ్రేస్ మార్కులు ఇచ్చినా, ఇవ్వకపోయినా కూడా మెరిట్ లిస్ట్ మారే అవకాశం ఉందని పిటిషనర్లు వాదించారు.

దీనిపై ధర్మాసనం వెంటనే స్పందిస్తూ, సరైన సమాధానం కోసం ముగ్గురు నిపుణులను ఏర్పాటు చేసి ఆ సమాధానం తమకు సమర్పించాలని ఢిల్లీ-ఐఐటీ డైరెక్టర్‌ను ఆదేశించింది.

Sambhal

Aug 17 2024, 20:18

*आईएमए की देशव्यापी हड़ताल, कोलकाता में महिला डॉक्टर के साथ हुए कुकृत्य का जताया विरोध*

संभल- इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) द्वारा देश व्यापी हड़ताल का आयोजन किया गया। इसमें सभी मेडिकल सुविधाओं को बंद रखा गया आज सुबह सभी चिकित्सक एकत्र होकर विक्रम पैलेस में मीटिंग किए उसके बाद सभी लोगों ने एकत्र होकर डीएम साहब को तहसील पर ज्ञापन दिया। ज्ञापन प्रधानमंत्री को संबोधित था।

संभल आईएमए के अध्यक्ष डॉ संजय वार्षणेय ने कहा कि हम सभी चिकित्सक कोलकाता में महिला डॉक्टर के साथ हुए इस कुकृत्य की कड़ी निंदा करते हैं। यदि पश्चिम बंगाल की सरकार इसके खिलाफ अगली बेहतर घंटे में कोई एक्शन नहीं लेती है तो हम लोग समस्त चिकित्सीय सुविधा बंद कर देंगे जिसमें इमरजेंसी भी शामिल होगी।

संभल आईएमए के सचिव डॉ मसूद ने बताया कि हड़ताल देशव्यापी हड़ताल है हम लोग आज केवल ओपीडी बंद किए हैं यदि कोई एक्शन नहीं होता है तो यह हड़ताल समस्त चिकित्सा को बंद करने के लिए हम मजबूर होंगे।

आज मीटिंग में IMA के सभी सदस्य मौजूद रहे आईएसएस में IMA के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ विनित के साथ-साथ डॉक्टर संजय, डॉ मसूद, डॉ काफील अहमद डॉ सुधांशु डॉ भारत, डॉ दिलीप, डॉ तौसीफ, डॉक्टर सरताज डॉ शहजाद डॉक्टर राजेश डॉक्टर रितेश डॉ अजय त्यागी डॉक्टर प्रशांत वार्ष्णेय डॉ उस्मान Dr najam Dr shanerub Dr bilal.dr vineet आदि उपलब्ध रहे।

Purnea

Aug 10 2024, 20:47

इस लड़के ने कर दिया कमाल,परमाणु ऊर्जा की लेंगे शिक्षा,पढ़े अनुराग की पूरी कहानी


सीमांचल का लाल वैज्ञानिक बनने की राह पर। भारत नेपाल सीमा पर स्थित अररिया जिला के छोटे से शहर जोगबनी के अनुराग झा ने नेस्ट(NEST) परीक्षा 2024 में 30वा स्थान लाकर पूरे सीमांचल का नाम रोशन कर दिया है। अब अनुराग भारत सरकार के परमाणु ऊर्जा विभाग के अन्तर्गत मुंबई विश्वविद्यालय के परमाणु ऊर्जा विभाग, बुनियादी विज्ञान में उत्कृष्टता केंद्र, मुंबई में पढ़ेंगे। इस संस्थान में नामांकन हेतू पूरे भारत से केवल 57 सीट के लिए प्रत्येक वर्ष परीक्षा आयोजित होती है। अब पांच वर्ष की पढ़ाई निशुल्क और भारत सरकार के सहयोग से होगी।यहां से पढ़ाई समाप्त करने के बाद वैज्ञानिक बनने का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा। इनका परिवार एक साधारण परिवार है मां श्रीमती बेबी झा ,आंगनवाड़ी सेविका और पिता शंभू झा,फुटपाथ के दुकानदार हैं। लेकिन अनुराग के वैज्ञानिक बनने का सपना उसके दिवंगत दादा स्व महाकांत झा ने देखा था और उसे पूरा करने में अनुराग लग गए। अपनी दसवीं तक की पढ़ाई जोगबनी के ही सरस्वती शिशु मंदिर से तथा इंटरमीडिएट केंद्रीय विद्यालय पूर्णिया से पूरा किया हैं। नेस्ट की परीक्षा IIT JEE ADVANCE के समकक्ष और NEET परीक्षा से कठिन माना जाता है। इस परीक्षा की तैयारी में अनुराग के चाचा शिवाजी झा ने उनका मार्गदर्शन किया और भरपूर सहयोग दिया। अनुराग ने सफलता का सूत्र स्वाध्याय और परिवार के सहयोग को बताया।

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Aug 02 2024, 12:09

NEET-UG 2024 पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला: 'पवित्रता का कोई प्रणालीगत उल्लंघन नहीं' NTA को 'फ्लिप-फ्लॉप' से बचने की दी हिदायत

NEET-UG 2024 फैसला: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार, 2 अगस्त को कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी या NTA को NEET-UG 2024 परीक्षा के संबंध में किए गए "फ्लिप-फ्लॉप" से बचना चाहिए। इसमें कहा गया है कि एक राष्ट्रीय परीक्षा में इस तरह की ''उलझन'' छात्रों के हितों की पूर्ति नहीं करती है। पेपर के आरोपों और परीक्षा में अन्य अनियमितताओं पर बढ़ते विवाद के बावजूद, सुप्रीम कोर्ट 2024 एनईईटी-यूजी मेडिकल प्रवेश परीक्षा को रद्द नहीं करने के कारणों पर अपना फैसला सुना रही थी ।

भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली तीन-न्यायाधीशों की पीठ ने यह भी कहा कि विशेषज्ञ समिति को परीक्षा प्रणाली में कमियों को दूर करना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसने अपने फैसले में एनटीए की संरचनात्मक प्रक्रियाओं की सभी कमियों को उजागर किया है, ''छात्रों की भलाई के लिए हम इसे बर्दाश्त नहीं कर सकते।'' शीर्ष अदालत ने कहा कि जो मुद्दे उठे हैं, उन्हें केंद्र द्वारा इसी साल सुधारा जाना चाहिए ताकि इसकी पुनरावृत्ति न हो।

हालाँकि, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि NEET-UG 2024 के पेपरों में कोई प्रणालीगत उल्लंघन नहीं हुआ था और लीक केवल पटना और हज़ारीबाग़ तक ही सीमित था।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी कहा कि केंद्र द्वारा गठित समिति परीक्षा प्रणाली की साइबर सुरक्षा में संभावित कमजोरियों की पहचान करने, परीक्षा केंद्रों की बढ़ी हुई पहचान जांच की प्रक्रियाओं, सीसीटीवी कैमरे की निगरानी के लिए तकनीकी प्रगति के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने पर भी विचार कर रही है। पीठ ने कई निर्देश भी जारी किए और एनटीए के कामकाज की समीक्षा करने और परीक्षा सुधारों की सिफारिश करने के लिए इसरो के पूर्व प्रमुख के राधाकृष्णन की अध्यक्षता में केंद्र द्वारा नियुक्त समति के दायरे का विस्तार किया।

इसमें कहा गया है कि चूंकि पैनल का दायरा बढ़ा दिया गया है, इसलिए समिति परीक्षा प्रणाली में कमियों को दूर करने के विभिन्न उपायों पर 30 सितंबर तक अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। पीठ ने कहा कि राधाकृष्णन पैनल को परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए तकनीकी प्रगति को अपनाने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया तैयार करने पर विचार करना चाहिए। शीर्ष अदालत ने कहा कि एनईईटी-यूजी परीक्षा के दौरान जो मुद्दे उठे हैं, उन्हें केंद्र द्वारा ठीक किया जाना चाहिए।

23 जुलाई को, शीर्ष अदालत ने विवादों से घिरी परीक्षा को रद्द करने और दोबारा परीक्षा कराने की मांग करने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया था, जिसमें कहा गया था कि इस निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए रिकॉर्ड पर कोई सबूत नहीं है कि इसकी पवित्रता के "प्रणालीगत उल्लंघन" के कारण इसे "विकृत" किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश सुनाते हुए कहा कि इसके विस्तृत कारणों का पालन किया जाएगा।

अंतरिम फैसला संकटग्रस्त एनडीए सरकार और एनटीए के लिए एक झटका था, जो प्रतिष्ठित परीक्षा में प्रश्न पत्र लीक, धोखाधड़ी और प्रतिरूपण जैसे कथित बड़े पैमाने पर कदाचार को लेकर सड़कों और संसद में कड़ी आलोचना और विरोध का सामना कर रहे थे।

परीक्षा 5 मई को आयोजित किया गया था । एमबीबीएस, बीडीएस, आयुष और अन्य संबंधित पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए 2024 में 23 लाख से अधिक छात्रों ने राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा-अंडरग्रेजुएट (एनईईटी-यूजी) दी।

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Aug 02 2024, 12:07

नीट-यूजी विवाद पर सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी, कहा- लीक सिर्फ पटना और हजारीबाग तक सीमित

#neet_ug_2024_supreme_court_said_that_there_is_no_large_scale_paper_leak

नीट यूजी 2024 परीक्षा पेपर लीक मामले में सुनवाई के दौरान आज, 2 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने अहम टिप्पणी की।सुप्रीम कोर्ट ने आज नीट यूजी को पेपर लीक के आरोपों के बावजूद रद्द क्यों नहीं की, इसकी जानकारी दी है। साथ ही सरकार द्वारा बनाई गई कमेटी के लिए काम करने का दायरा भी तय किया है।सुप्रीम कोर्ट ने नीट यूजी मामले पर अपने फैसले में कहा कि पेपर लीक व्यापक स्तर पर नहीं हुआ है। इसलिए नीट की दोबारा परीक्षा कराने की मांग खारिज की जाती है। सुप्रीम कोर्ट में सीजेआई की बेंच ने साफ तौर पर कहा कि अदालत का निष्कर्ष है कि नीट पेपर लीक सिस्टेमेटिकन नहीं है।

सीजेआई ने कहा कि सिस्टमैटिक ब्रीच नहीं था। पेपर लीक सिर्फ पटना और हजारीबाग तक सीमित था।सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि परीक्षा के आयोजन में कोई व्यवस्थागत कमी नहीं पाई गई। अगर परीक्षा को रद्द किया जाता, तो लाख स्टूडेंट्स इससे प्रभावित होते, जो परीक्षा में शामिल हुए थे। वहीं एग्जाम पास करने वाले छात्रों पर इसका विपरीत असर पड़ता। ऐसे में पूरी जांच और सभी बिंदुओं पर विचार के बाद परीक्षा नहीं रद्द करने का फैसला किया गया।

सुप्रीम कोर्ट ने नीट पेपर लीक, गलत प्रश्न पत्र के वितरण और भौतिकी के एक प्रश्न के गलत विकल्प के लिए अंक देने के मामले में एनटीए यानी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की ढुलमुल नीति की आलोचना की।कोर्ट ने कहा कि एनटीए को बार-बार अपने फैसले नहीं बदलने चाहिए क्योंकि यह केंद्रीय संस्था पर अच्छा नहीं लगता।

सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि सरकार द्वारा गठित कमेटी को किसी भी गड़बड़ी को “रोकने और उसका पता लगाने” के लिए कदम सुझाने चाहिए। सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा कि एनटीए के साथ मिलकर कमेटी को एक ऐसा तरीका भी ढूंढना चाहिए, जिससे पेपर बनाने से लेकर उसकी जांच करने तक, हर प्रक्रिया पर कड़ी नजर रखी जा सके। साथ ही, प्रश्न पत्रों के रखरखाव और स्टोरेज आदि की जांच के लिए एक एसओपी को भी सुव्यवस्थित किया जाना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने कमेटी से कहा कि कमेटी काम के दौरान एग्जाम सिक्योरिटी, स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर तय करना, एग्जाम सेन्टर के अलॉट करने की प्रकिया की समीक्षा, परीक्षा केन्द्र की सीसीटीवी मॉनिटरिंग, पेपर में गड़बड़ी नहीं हो, ये सुनिश्चित करना, शिकायतों के निवारण की व्यवस्था करना, प्रश्नपत्रों में हेराफेरी न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए लॉजिस्टिक को सुरक्षित करना और पेपर को खुले ई-रिक्शा के बजाय रियल टाइम इलेक्ट्रॉनिक लॉक सिस्टम के साथ बंद वाहन में भेजे जाने की व्यवस्था पर विचार करे।

सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया कि पूरी परीक्षा की गरिमा प्रभावित नहीं हुई। कोर्ट ने कमेटी की रिपोर्ट तय करने के लिए 30 सितंबर 2024 तक का वक़्त दिया। दरअसल केंद्र सरकार ने कोर्ट को बताया था कि भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं में नीट जैसी गड़बड़ी को रोकने के लिए इसरो के पूर्व चेयरमैन के राधाकृष्णन की अध्यक्षता में कमिटी गठित होगी। कोर्ट ने आज उसी कमेटी का दायरा तय किया है।

sultanpur

Jul 26 2024, 17:00

*युवा कांग्रेसियों ने NEET छात्रों की राहुल गांधी से करवाई मुलाकात*
आज जनपद सुलतानपुर में अमित शाह पर टिप्पणी मामले में न्यायालय में पेश होने आए राहुल गांधी का कांग्रेसियों ने जगह-जगह स्वागत किया। लखनऊ हवाई अड्डे से पूर्वांचल एक्सप्रेस से आने पर बाबू गंज चौराहे पर युवा कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष सुब्रत सिंह सनी और उपाध्यक्ष मानस तिवारी के नेतृत्व में सैकड़ों युवा कांग्रेसियों ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का फूल मालाओं से स्वागत किया। इसके साथ ही, NEET परीक्षा में हुई धांधली के संबंध में छात्रों को यूंका के पूर्व जिलाध्यक्ष सुब्रत सिंह सनी और उपाध्यक्ष मानस तिवारी ने राहुल गांधी से मिलवाया। छात्रों ने अपनी बात रखते हुए राहुल गांधी जी से मांग की कि NEET परीक्षा रद्द होनी चाहिए और पुनः परीक्षा करवाई जानी चाहिए। इस पर राहुल गांधी जी ने कहा कि वे युवाओं के साथ हैं और लगातार हो रही परीक्षाओं की धांधली, पेपर लीक मामलों को सदन में पहले भी उठाते रहे हैं और आगे भी इस लड़ाई को कांग्रेस पार्टी सड़क से सदन तक लड़ने का काम करेगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि आने वाले सोमवार को पुनः इस मुद्दे को सदन में उठाएंगे। इसको लेकर NEET परीक्षा के छात्रों ने राहुल गांधी जी का धन्यवाद किया और साथ ही युवा कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष सुब्रत सिंह सनी और उपाध्यक्ष मानस तिवारी को भी नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी से मिलवाने पर धन्यवाद प्रकट किया।
इस मौके पर युवा कांग्रेस के नेता आदित्य विक्रम सिंह, अमित पांडे, सूरज विश्वास, अतुल यादव, आर्यन तिवारी,अंशु मिश्रा, वैभव मिश्रा, प्रेम शुक्ला, राहुल सिंह, मुकेश,इजरायल, श्याम विशाल तिवारी, सूरज अग्रहरि, राहुल अग्रहरि,जब्बार प्रधान, स्वामीनाथ तिवारी, अखिलेश सिंह आदि लोग उपस्थित रहे!

Hazaribagh

Jul 25 2024, 16:39

NEET पेपर लीक मामले में रामनगर राज गेस्ट हाउस को दोबारा सील किया, दस्तावेज़ और प्रिंटर जब्त।

रिपोर्टर पिंटू कुमार।
NEET पेपर लीक मामले में सीबीआई की टीम ने एक बार फिर हजारीबाग का दौरा किया। इस मामले के तहत, तीन आरोपियों के साथ फिर से सीन रीक्रीएट किया गया। हजारीबाग के रामनगर राज गेस्ट हाउस को दोबारा सील किया गया,जहां से कई दस्तावेज़ और प्रिंटर जब्त किए गए।

इस जांच के दौरान, सीबीआई ने आरोपियों से गहराई से पूछताछ की ताकि यह पता लगाया जा सके कि लीक की प्रक्रिया कैसे हुई और इसमें कौन-कौन शामिल थे। इस मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए, सीबीआई सभी उपाय अपना रही है ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा सके।

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Jul 24 2024, 15:57

खामी के पर्याप्त सबूत नहीं...दोबारा नहीं होगी NEET परीक्षा, आ गया सुप्रीम कोर्ट का फाइनल फैसला

NEET केस की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने दोबारा परीक्षा कराने का आदेश देने से इनकार कर दिया है. नीट पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया है. सीजेआई की बेंच ने फैसला सुनाते हुए कहा है कि दोबारा परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह दिखाने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं कि परीक्षा की पवित्रता का उल्लंघन किया गया था. 

चीफ जस्ट‍िस की बेंच ने फैसला सुरक्ष‍ित करते हुए कहा था कि इन मामलों में इस न्यायालय के समक्ष उठाया जा रहा मुख्य मुद्दा यह है कि इस आधार पर पुनः परीक्षण (Re-Test) आयोजित करने का निर्देश जारी किया जाए कि प्रश्नपत्र लीक हुआ था और परीक्षा के संचालन में प्रणालीगत खामियां थी. नीट यूजी परीक्षा 571 शहरों के 4750 केंद्रों के अलावा 14 विदेशी शहरों में आयोजित की गई थी. 

सीजेआई ने आदेश की शुरुआत में मामले के तथ्यों और दोनों पक्षों की व्यापक दलीलें दर्ज कीं. उन्होंने कहा कि 1,08,000 सीटों के लिए 24 लाख छात्र प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं. अदालत को इस तथ्य से अवगत कराया गया है कि 50 प्रतिशत कट ऑफ का प्रतिशत दर्शाता है. परीक्षा में 180 प्रश्न होते हैं, जिनके कुल अंक 720 होते हैं और गलत उत्तर के लिए एक नकारात्मक अंक होता है. यह प्रस्तुत किया गया कि पेपरलीक प्रकृति में प्रणालीगत था और संरचनात्मक कमियों के साथ मिलकर कार्रवाई का एकमात्र स्वीकार्य तरीका री-टेस्ट करना होगा. लेकिन, परीक्षा की पव‍ित्रता भंग होने के पर्याप्त सबूत नहीं हैं.

NEET का 4 जून को रिजल्ट आने के बाद से पेपर लीक को लेकर छात्रो का आक्रोश सामने आया था. सबसे पहले इस परीक्षा में बिहार में पेपर लीक की खबर ने तूल पकड़ा था. उसके बाद रिजल्ट आने पर परीक्षा में 67 टॉपर और एक ही परीक्षा केंद्र से कई टॉपर आना, एक सवाल के दो उत्तर, ग्रेस मार्क्स जैसे प्वाइंट्स किसी को हजम नहीं हो रहे थे. उसी दौरान नेशनल टेस्ट‍िंंग एजेंसी पर भड़के छात्रों ने पूरे देश में रिजल्ट में हेरफेर और पेपरलीक को लेकर प्रदर्शन किया. 

परीक्षा में पेपर लीक के संदेह पर देशभर के हाईकोर्ट में दोबारा परीक्षा कराने की मांग को लेकर याचिकाओं का सिलस‍िला शुरू हुआ. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में एक साथ सभी याचिकाओं को सुनने की कार्यवाही शुरू हुई. इस सुनवाई में बिहार पेपर लीक से लेकर हजारीबाग, सीकर और गोधरा तक के मामलों की जांच, एक सवाल के दो उत्तर, सीबीआई जांच जैसे सभी मुद्दों पर बहस हुई. सर्वोच्च अदालत की बेंच ने सभी पहलुओं पर बहस सुनने के बाद यह तय किया कि इस पर जल्द से जल्द फैसला देना होगा, क्योंकि छात्रों को किसी भी हाल में लटकाकर नहीं रख सकते. इसी को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आज फैसला सुना दिया है.

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Jul 23 2024, 18:33

दोबारा नहीं होगी नीट-यूजी परीक्षा, सुप्रीम कोर्ट का रि-एग्जाम का आदेश देने से इनकार*

#supreme_court_decision_on_neet_ug_2024

सुप्रीम कोर्ट मेडिकल प्रवेश परीक्षा के आयोजन में अनियमितताओं और कदाचार का आरोप लगाने वाली 40 से अधिक याचिकाओं पर सुनवाई हुई। इस मामले में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने केंद्र और एनटीए की तरफ से दलीलें पेश की। केस की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने दोबारा परीक्षा कराने का आदेश देने से इनकार कर दिया है। इसको साथ ही कोर्ट ने करीब 24 लाख छात्रों को बड़ी राहत प्रदान की है।

शीर्ष अदालत ने कहा कि पेपर लीक हुआ है, इसमें कोई विवाद नहीं है।सीजेआई ने कहा, अदालत ने एनटीए द्वारा रिकॉर्ड पर रखे गए डेटा की स्वतंत्र रूप से जांच की है। वर्तमान चरण में रिकॉर्ड पर साक्ष्यों या सामग्री का अभाव है। इससे यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि परीक्षा का परिणाम खराब हो गया है या परीक्षा की पवित्रता का प्रणालीगत उल्लंघन हुआ है। सीजेआई ने कहा कि सीबीआई की जांच अधूरी ही है, इसलिए हमने एनटीए से ये स्पष्ट करने को कहा था कि क्या गड़बड़ी बड़े पैमाने पर हुई है या नहीं। केन्द्र और एनटीए ने अपने जवाब में आईआईटी मद्रास की रिपोर्ट का हवाला दिया है। चीफ जस्टिस ने आगे कहा कि हमारे समक्ष प्रस्तुत सामग्री और आंकड़ों के आधार पर प्रश्नपत्र के व्यवस्थित लीक होने का कोई संकेत नहीं है, जिससे परीक्षा की शुचिता में व्यवधान उत्पन्न होने का संकेत मिले। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने नीट की दोबारा परीक्षा कराने से इंकार किया।

सीजेआई ने कहा- फिलहाल, हम दागी स्टूडेंट्स को बेदागी स्टूडेंट्स से अलग कर सकते हैं। अगर जांच के दौरान दागियों की पहचान होती है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अगर कोई स्टूडेंट्स इस फ्रॉड में शामिल पाया जाता है तो उसे एडमिशन नहीं मिलेगा। कोर्ट ने अभी अपना फैसला सुरक्षित रखा है जिसके लिए कोई डेट जारी नहीं की है।

सीजेआई की बेंच के सामने मंगलवार को पांचवीं सुनवाई हुई। सीजेआई ने कहा- हम पेपर लीक के ठोस सबूत के बिना रीएग्जाम का फैसला नहीं दे सकते हैं। हो सकता है कि सीबीआई जांच के बाद पूरी तस्वीर ही बदल जाए, लेकिन आज हम किसी हालत में यह नहीं कह सकते कि पेपर लीक पटना और हजारीबाग तक सीमित नहीं है।

ने आगे कहा कि कोर्ट को लगता है कि इस साल के लिए नए सिरे से नीट यूजी परीक्षा आयोजित करने का निर्देश देना गंभीर परिणामों से भरा होगा, जिसका खामियाजा इस परीक्षा में शामिल होने वाले 24 लाख से अधिक छात्रों को भुगतना पड़ेगा और प्रवेश कार्यक्रम में व्यवधान पैदा होगा, साथ ही मेडिकल एजुकेशन के सिलेबस पर व्यापक प्रभाव पड़ेगा, भविष्य में योग्य डॉक्टरों की उपलब्धता पर असर पड़ेगा और वंचित समूह के लिए गंभीर रूप से नुकसानदेह होगा, जिसके लिए सीटों के आवंटन में आरक्षण किया गया था।

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Jul 23 2024, 15:14

'अगर आपके पास पैसे हैं, तो आप भारतीय शिक्षा प्रणाली को खरीद सकते हैं..', NEET पर संसद में बोले राहुल गांधी

 संसद के बजट सत्र में आज सोमवार (22 जुलाई) को पहले ही दिन तीखी नोकझोंक हो गई जब कांग्रेस सांसद और विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) 2024 में कथित लीक को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर हमला बोला। राहुल गांधी ने कहा, "पूरे देश के सामने यह बात स्पष्ट है कि हमारी परीक्षा प्रणाली में बहुत गंभीर समस्या है, सिर्फ NEET में ही नहीं बल्कि सभी प्रमुख परीक्षाओं में फ्रॉड है। इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए प्रधान ने कहा कि, "सिर्फ़ चिल्लाने से झूठ सच नहीं हो जाता। विपक्ष के नेता का यह कहना कि देश की परीक्षा प्रणाली बकवास है, बेहद निंदनीय है।"

राहुल गांधी ने आगे कहा कि, ''मंत्री (धर्मेंद्र प्रधान) ने खुद को छोड़कर सभी को दोषी ठहराया है। मुझे नहीं लगता कि उन्हें यहां चल रही बुनियादी बातों की समझ भी है।" राहुल गांधी ने भारतीय परीक्षा प्रणाली की अखंडता पर चिंता व्यक्त करते हुए दावा किया कि लाखों छात्र मानते हैं कि यह धोखाधड़ी है। उन्होंने कहा, "लाखों लोग मानते हैं कि अगर आप अमीर हैं और आपके पास पैसा है, तो आप भारतीय परीक्षा प्रणाली को खरीद सकते हैं और विपक्ष भी यही सोचता है।" उन्होंने इस मामले पर एक दिन की अलग चर्चा की मांग की।

हालांकि, प्रधान ने गांधी के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि पिछले 7 वर्षों में 70 पेपर लीक का कोई सबूत नहीं मिला है, ऐसा कोई डाटा मौजूद नहीं है। हाँ कुछ गड़बड़ियां हुईं हैं, जो सुप्रीम कोर्ट के समक्ष विचाराधीन हैं। यह (NEET) मामला भी सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ कह सकता हूं कि NTA के बाद 240 से अधिक परीक्षाएं सफलतापूर्वक आयोजित की गई हैं।" शिक्षा मंत्री को और घेरने के प्रयास में राहुल गांधी ने पूछा, "चूंकि यह (NEET) एक व्यवस्थित मुद्दा है, तो आप इस मुद्दे को ठीक करने के लिए वास्तव में क्या कर रहे हैं?" 

इस पर प्रधान ने संसद में राहुल के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी और अनियमितताओं से निपटने के उद्देश्य से एक नया कानून बनाया है। मंत्री ने याद दिलाया कि पूर्ववर्ती UPA सरकार में भी इसी तरह के विधेयक पेश किए गए थे, मगर सत्तारूढ़ कांग्रेस ने "दबाव में" उन्हें रद्द कर दिया था। चर्चा तब और अधिक विवादास्पद हो गई जब समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव भी इस मुद्दे से निपटने के सरकार के तरीके की आलोचना करते हुए इसमें शामिल हो गए।

यादव ने कहा, "यह सरकार पेपर लीक का रिकॉर्ड बनाएगी।" "कुछ केंद्र ऐसे हैं जहां 2,000 से ज़्यादा छात्र पास हो गए हैं। जब तक यह मंत्री (शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान) वहां हैं, छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा।" अखिलेश को जवाब देते हुए प्रधान ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार नतीजे सार्वजनिक किए गए हैं। उन्होंने कहा, "मैं राजनीति नहीं करना चाहता, लेकिन मेरे पास अखिलेश यादव के शासनकाल में कितने पेपर लीक हुए, इसकी सूची है।"

తప్పు చేస్తే దొరకక తప్పదు

Jul 23 2024, 08:53

NEET UG 2024: ఫిజిక్స్ ప్రశ్నపై ఐఐటీ డైరెక్టర్‌కు సుప్రీంకోర్టు కీలక ఆదేశం

నీట్-యూజీ 2024 పరీక్షా పత్రంలో చర్చనీయాంశమైన ఫిజిక్స్ ప్రశ్నపై సరైన సమాధానం కోసం ఐఐటీ-ఢిల్లీ డైరెక్టర్‌కు సీజేఐ డైవై చంద్రచూడ్ సారథ్యంలోని సుప్రీంకోర్టు ధర్మాసనం సోమవారంనాడు కీలక ఆదేశాలు జారీ చేసింది.

 నీట్-యూజీ 2024 (NEET-UG 2024) పరీక్షా పత్రంలో చర్చనీయాంశమైన ఫిజిక్స్ ప్రశ్నపై సరైన సమాధానం కోసం ఐఐటీ-ఢిల్లీ డైరెక్టర్‌కు సీజేఐ (CJI) డైవై చంద్రచూడ్ (DY Chandachud) సారథ్యంలోని సుప్రీంకోర్టు (Supreme Court) ధర్మాసనం సోమవారంనాడు కీలక ఆదేశాలు జారీ చేసింది.

గ్రేస్ మార్కులకు దారితీసిన ఈ ప్రశ్నకు సరైన సమాధానం కోసం ముగ్గురు నిపుణులను ఏర్పాటు చేసి జూన్ 23వ తేదీ మధ్యాహ్నం 12 గంటల లోపు దానిపై సమాధానం సమర్పించాలని ఆదేశించింది. మంగళవారంనాడు కూడా విచారణ కొనసాగనుంది.

నీట్ పరీక్షా పత్రం, లీకేజీ అవకతవలపై సుప్రీంకోర్టు సోమవారం తిరిగి విచారణ జరిగింది.

గ్రేస్ మార్కులకు దారితీసిన ఫిజిక్స్ ప్రశ్న అంశాన్ని పిటిషనర్లు కోర్టు దృష్టికి తెచ్చారు.

ఒక ప్రశ్నకు రెండు సరైన సమాధానాలు ఇచ్చి, మార్కులు మాత్రం ఒకదానికే వేశారని, దానికి గ్రేస్ మార్కులు ఇచ్చినా, ఇవ్వకపోయినా కూడా మెరిట్ లిస్ట్ మారే అవకాశం ఉందని పిటిషనర్లు వాదించారు.

దీనిపై ధర్మాసనం వెంటనే స్పందిస్తూ, సరైన సమాధానం కోసం ముగ్గురు నిపుణులను ఏర్పాటు చేసి ఆ సమాధానం తమకు సమర్పించాలని ఢిల్లీ-ఐఐటీ డైరెక్టర్‌ను ఆదేశించింది.