अब अफसर बताएंगे सफलता का रास्ता, हर माह विद्यार्थियों से संवाद करेंगे IAS-IPS-IFS अधिकारी

-  इण्टर के छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं से लेकर करियर, रोजगार और स्टार्टअप तक की मिलेगी जानकारी; डीएम बनाएंगे मासिक कैलेंडर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों को करियर और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अब वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों का अनुभव और मार्गदर्शन मिलेगा। प्रदेश सरकार ने विद्यार्थियों के साथ सीधे संवाद की नई पहल शुरू की है। इसके तहत जिलों में तैनात युवा IAS, IPS और IFS अधिकारी हर माह कम से कम एक इंटरमीडिएट स्तर के विद्यालय का दौरा कर विद्यार्थियों से संवाद करेंगे।
अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने इस पहल को प्रभावी ढंग से लागू करने और नियमित निगरानी के निर्देश दिए हैं। मंडलायुक्त अपने-अपने स्तर पर कार्यक्रमों की समय-समय पर समीक्षा करेंगे, जबकि जिला विद्यालय निरीक्षक विद्यालयों और अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित करेंगे।

-  भाषण नहीं, सवाल-जवाब पर रहेगा जोर
कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल औपचारिक भाषण देना नहीं, बल्कि उन्हें अधिकारियों के साथ खुलकर संवाद का अवसर उपलब्ध कराना है। छात्र अपने करियर, पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं और भविष्य से जुड़े सवाल सीधे अधिकारियों से पूछ सकेंगे।
अधिकारी विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव, संघर्ष, कार्यशैली और सफलता की यात्रा साझा करेंगे। इससे छात्रों को लक्ष्य निर्धारित करने, सही करियर चुनने, समय प्रबंधन, अनुशासन और प्रभावी अध्ययन की रणनीति समझने में मदद मिलेगी।

-  UPSC से JEE-NEET तक की तैयारी पर मार्गदर्शन
संवाद कार्यक्रमों में UPSC, UPPSC, UPSSSC, SSC, NDA, JEE, NEET और CUET समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के तरीके बताए जाएंगे। राज्य स्तरीय परीक्षाओं और उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग से संबंधित अवसरों की जानकारी भी विद्यार्थियों को दी जाएगी।
इसके अलावा उच्च शिक्षा, तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार, उद्यमिता और स्टार्टअप के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों के बारे में भी छात्रों को बताया जाएगा।

-  साइबर सुरक्षा और तनाव प्रबंधन भी एजेंडे में
सरकार ने विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास से जुड़े विषयों को भी इस पहल में शामिल किया है। संवाद के दौरान वित्तीय कौशल, संचार क्षमता, व्यापार प्रबंधन, साइबर सुरक्षा, नशामुक्ति, तनाव प्रबंधन और आत्मविश्वास बढ़ाने जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी।
अधिकारियों को केंद्र और प्रदेश सरकार की युवाओं से जुड़ी प्रमुख योजनाओं की जानकारी भी विद्यार्थियों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई है।

-  हर जिले में बनेगा मासिक कार्यक्रम कैलेंडर
निर्देशों के मुताबिक जिलाधिकारी प्रत्येक माह कार्यक्रमों का कैलेंडर तैयार करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि जिले में तैनात युवा अधिकारी इसमें सक्रिय रूप से भाग लें। प्रत्येक माह की 5 तारीख तक शासन के माध्यमिक शिक्षा विभाग को कार्यक्रमों की रिपोर्ट भेजनी होगी।
रिपोर्ट में विद्यालय का नाम, भ्रमण करने वाले अधिकारी, आयोजित कार्यक्रमों की संख्या, चर्चा के प्रमुख विषय और विद्यार्थियों से मिले सुझावों का विवरण शामिल किया जाएगा। जिलाधिकारी कार्यक्रमों की गुणवत्ता की स्वयं समीक्षा करेंगे और जरूरत के अनुसार स्थानीय स्तर पर नए प्रयोग भी कर सकेंगे।

-  अधिकारियों का अनुभव बनेगा विद्यार्थियों की ताकत
अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा का कहना है कि वरिष्ठ अधिकारियों के अनुभव और मार्गदर्शन से विद्यार्थियों को विभिन्न करियर विकल्पों की व्यावहारिक जानकारी मिलेगी। अधिकारियों से प्रत्यक्ष संवाद छात्रों की जिज्ञासाओं का समाधान करने के साथ उनमें आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच विकसित करने में भी मदद करेगा।
सरकार का मानना है कि विद्यार्थियों को सही समय पर उचित मार्गदर्शन और सकारात्मक परामर्श मिले तो उनकी प्रतिभा को बेहतर दिशा दी जा सकती है और वे अपनी क्षमताओं का प्रभावी उपयोग करते हुए आगे बढ़ सकते हैं।
जनपद मऊ -: सेंट नॉर्बर्ट स्कूल घोसी की छात्रा साक्षी यादव का NEET में चयन, विद्यालय में हुआ सम्मान
मऊ जनपद के घोसी स्थित सेंट नॉर्बर्ट स्कूल की छात्रा साक्षी यादव ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में सफलता हासिल कर विद्यालय, परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

साक्षी के चयन पर विद्यालय परिसर में सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें प्रबंधन, प्रधानाचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं विद्यार्थियों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।

विद्यालय प्रबंधन ने साक्षी की इस उपलब्धि को अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर शिक्षकों ने कहा कि कठिन परिश्रम, लगन और अनुशासन से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

ग्रामीण परिवेश से आने वाली साक्षी यादव अब डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करने का सपना पूरा करेंगी। उनकी सफलता से परिवार और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
NEET परीक्षा में असफलता के कारण जान गंवाने वाले छात्रों एवं दिल्ली के जंतर-मंतर पर शहीद हुए बच्चों की याद में कैंडल मार्च निकाला
गोंडा। प्रदेश कांग्रेस के नेतृत्व के निर्देशानुसार आज NEET परीक्षा में असफलता के कारण जान गंवाने वाले छात्रों एवं दिल्ली के जंतर-मंतर पर शहीद हुए बच्चों की याद में कैंडल मार्च निकाला गया। कैंडल मार्च का नेतृत्व रामप्रताप सिंह पूर्व विधायक जिला अध्यक्ष एवं शाहिद अली कुरेशी, सभासद अध्यक्ष,  कांग्रेस कमेटी शहर गोंडा ने संयुक्त रूप से किया। मार्च गोंडा कांग्रेस कार्यालय,कांग्रेस भवन से प्रारंभ होकर पीपल चौराहा, राजेंद्र नाथ लाहिड़ी जी की प्रतिमा पर संपन्न हुआ।
पीपल चौराहा पर सभी कांग्रेस जनों ने मोमबत्ती जलाकर दिवंगत छात्रों को श्रद्धांजलि अर्पित की और 2 मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।इस अवसर पर रामप्रताप सिंह पूर्व विधायक एवं शाहिद अली कुरेशी सभासद ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि "केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा छात्रों, नौजवानों और देश की जनता की जीत है। लेकिन यह सिर्फ शुरुआत है।" उन्होंने कहा कि "जंतर-मंतर पर आंदोलनरत बच्चों पर हुई बर्बरता और अत्याचार के लिए प्रधानमंत्री को देश से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। सरकार ने छात्रों के सपनों को कुचला है, उनके भविष्य से खिलवाड़ किया है। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को न्याय मिलना चाहिए।"
कार्यक्रम में पूर्व जिला अध्यक्ष प्रमोद मिश्रा, डॉक्टर सैयद अब्दुल मुजीब, हनुमान प्रसाद, शिवकुमार दुबे, अजयकुमार रस्तोगी, जैनुलआब्दीन ,बेबी मिश्रा, मोहम्मद इमरान, प्रदुमन शुक्ला, जलील खान , एम ए फारुकी ,मोहम्मद रिजवान, संतोषी लाल तिवारी उबैदुर रहमान शिम्पू , सुभाष चंद पांडे, सगीर खान, निशांत सिंह ,अनिल कनौजिया विवेकानंद जाकिर अली, अरविंद शुक्ला, अनीश नाना, राजेश सिंह, संतोष सिंह,भगवती प्रसाद सोनी, हरिराम वर्मा राजू सेवा दल वसीम रेनी, कवलजीत, अफसार सलीम मोहब्बत अली ,फरजाना  डॉ जफर अशफाक विकास मनोहर श्रीवास्तव समेत  बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।
धर्मेंद्र प्रधान ने NEET-UG विवाद के बीच दिया इस्तीफा; कहा — छात्रों का भविष्य राजनीति और कानूनी लड़ाई में नहीं उलझना चाहिए
संजीव सिंह बलिया! नई दिल्ली, 25 जुलाई 2026 — केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंप दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर इस्तीफे की जानकारी साझा करते हुए पत्र में लिखा है कि NEET-UG परीक्षा में हुई अनियमितताओं और उसके बाद से उत्पन्न घटनाक्रम ने उन्हें अत्यंत व्यथित किया और इसलिए वे यह कदम उठा रहे हैं। चिट्ठी में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि पिछले चार दशक से वे छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के क्षेत्र से जुड़े रहे हैं और उनका मानना रहा है कि एक मजबूत, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही देश की प्रगति की आधारशिला है। उन्होंने बताया कि 3 मई 2026 को करायी गई NEET-UG में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आते ही सरकार ने तुरंत जांच करवाई और मामला सीबीआई को सौंपा गया। इसके बाद परीक्षा रद्द कर दोबारा कराये जाने का निर्णय लिया गया और अगले साल से NEET को पूरी तरह कंप्यूटर-आधारित मोड (CBT) में कराने की घोषणा हुई। धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा कि 20 लाख से अधिक छात्रों की निष्पक्ष और सुचारु परीक्षा कराना उनकी प्राथमिकता थी। केंद्र और राज्य सरकारों, जिला प्रशासन, छात्रों और अभिभावकों के सहयोग से 21 जून 2026 को पुनर्परीक्षा सफलतापूर्वक करायी गई। 16 जुलाई को घोषित परिणामों में गरीब और वंचित परिवारों के अनेक मेधावी छात्र सफल हुए, पर कुछ जिम्मेदार लोगों ने छात्रों को गुमराह करने का प्रयास किया, जिससे उन्हें गहरा आघात पहुंचा। मंत्री ने कहा कि हाल के दस दिनों की घटनाओं ने उन्हें बहुत परेशान किया है। यह उनके निजी सम्मान का प्रश्न नहीं है, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य का मामला है। वे नहीं चाहते कि छात्रों का भविष्य कानूनी विवादों और राजनीतिक टकराव में उलझे या उनका ध्यान पढ़ाई से भटके, इसलिए उन्होंने अपना पद छोड़ने का कठिन निर्णय लिया। अपने पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, मंत्रिपरिषद के सहयोगियों तथा शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों और कर्मचारियों का आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वे सार्वजनिक जीवन में आगे भी भारत माता, ओडिशा की जनता और देश के युवाओं की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए पूरी निष्ठा के साथ काम करते रहेंगे। राजनीतिक गलियारे में इस्तीफे की प्रतिक्रिया मिलनी बाकी है; विपक्ष ने सख्त शब्दों में सरकार से जवाब मांगा है, जबकि कुछ साझीदारों ने मंत्री के फैसले को साहसिक बताया है। केंद्र एवं राज्य स्तर पर आगे की कार्रवाइयों और संभावित मंत्रालय प्रभारी नाम की घोषणा पर सभी की नजरें टिकी हैं।
छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में हजारीबाग में झामुमो का प्रदर्शन, केंद्र सरकार का फूंका पुतला

हजारीबाग: देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों और युवाओं द्वारा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, NEET-2026, CBSE मूल्यांकन में कथित गड़बड़ियों तथा शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के दौरान हुए लाठीचार्ज के विरोध में गुरुवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) हजारीबाग जिला समिति ने जिला परिषद चौक पर केंद्र सरकार का पुतला दहन किया।

झामुमो जिला कार्यालय से निकले जुलूस में शामिल कार्यकर्ता जिला परिषद चौक पहुंचे, जहां केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतला दहन किया गया। इस दौरान पार्टी नेताओं ने छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए आंदोलन पर पुलिस बल प्रयोग की कड़ी आलोचना की।

झामुमो के जिला अध्यक्ष संजीव बेदिया ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के भविष्य से जुड़े गंभीर मुद्दों को सुनने के बजाय उन पर लाठीचार्ज करना केंद्र सरकार की छात्र विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। उनका कहना था कि NEET एवं अन्य परीक्षाओं को लेकर देशभर के छात्रों में असंतोष है, लेकिन सरकार समाधान की जगह आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही है।

जिला सचिव नीलकंठ महतो ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में बढ़ती अनियमितताओं, परीक्षा संचालन में पारदर्शिता की कमी और मूल्यांकन संबंधी विवादों ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। उन्होंने लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों पर कार्रवाई करने तथा छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की मांग की।

कार्यक्रम में उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, आंदोलनकारियों पर हुई कार्रवाई की जवाबदेही तय करने तथा छात्रों के मुद्दों पर केंद्र सरकार से संवाद स्थापित करने की मांग की।

इस अवसर पर केंद्रीय सदस्य यासीन खान, गौरव पटेल, राजा मोहम्मद, सुनील शर्मा, जिला उपाध्यक्ष रंजीत मेहता, नईम राही, दीपक राय, जिला प्रवक्ता कुणाल यादव सहित बड़ी संख्या में झामुमो पदाधिकारी, कार्यकर्ता और छात्र-युवा मौजूद रहे।

विपक्ष सदन नहीं, कैमरे के सामने चर्चा चाहता है : पंकज चौधरी
-  भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बोले— सरकार हर मुद्दे पर बहस को तैयार, युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने देंगे

लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने गुरुवार को पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में विपक्ष पर सदन की कार्यवाही बाधित करने और मुद्दों का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष सदन में बहस करने के बजाय कैमरों के सामने राजनीति करना चाहता है। प्रेस वार्ता में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज सिंह भी मौजूद रहे।
पंकज चौधरी ने कहा कि संसद और विधानमंडल लोकतांत्रिक विमर्श के मंच हैं और समाधान हमेशा चर्चा से निकलता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा चर्चा की सभी शर्तें स्वीकार किए जाने के बावजूद विपक्ष अपने रुख से पीछे हट गया।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी सदन में चर्चा करने के बजाय धरने पर बैठ गए, जबकि सरकार ने सदन में अपना पक्ष स्पष्ट रूप से रखा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को सड़क पर राजनीति करने के बजाय सदन में बहस करनी चाहिए।

-  युवाओं के भविष्य पर सरकार गंभीर
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी और केंद्र सरकार के लिए युवाओं का भविष्य सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने और उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
उन्होंने नीट (NEET) पेपर लीक मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि घटना के बाद सरकार ने री-एग्जाम कराया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि इस मामले में आरोपियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से कड़ी सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए भी प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।

-  देश का माहौल बिगाड़ने की कोशिश का आरोप
पंकज चौधरी ने आरोप लगाया कि कुछ लोग देश का माहौल बिगाड़ने और युवाओं व बच्चों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र, संविधान और विकास भाजपा की प्राथमिकता हैं तथा सरकार हर मुद्दे पर पारदर्शी चर्चा के पक्ष में है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से मिलने भी गई थी, जिससे स्पष्ट है कि संवाद के लिए सरकार हमेशा तैयार रहती है।
उन्होंने कहा कि यदि सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलेगी और सभी मुद्दों पर चर्चा होगी, तो सच्चाई स्वतः सामने आ जाएगी। इसलिए विपक्ष को सदन चलने देना चाहिए और राजनीतिक टकराव के बजाय रचनात्मक संवाद को प्राथमिकता देनी चाहिए।
NEET में शानदार सफलता पर संजीत कुमार का सम्मान, मुन्ना सिंह ने घर पहुंचकर दी बधाई

हजारीबाग जिले के सदर प्रखंड के नगवां निवासी स्वर्गीय मंटू प्रसाद मेहता के सुपुत्र संजीत कुमार ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त कर अपने परिवार, क्षेत्र एवं जिले का नाम गौरवान्वित किया है। संजीत कुमार की इस उपलब्धि पर पूर्व सदर विधानसभा प्रत्याशी मुन्ना सिंह उनके आवास पहुंचकर उनसे एवं उनके परिजनों से मुलाकात की तथा अंग वस्त्र देकर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि संजीत की सफलता कठिन परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। उनकी उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। मुन्ना सिंह ने कहा कि संजीत कुमार ने अपनी मेहनत और लगन से न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे हजारीबाग जिले का मान बढ़ाया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संजीत चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाएँ देकर समाज एवं देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उन्होंने संजीत कुमार के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए ईश्वर से उनके उत्तम स्वास्थ्य, निरंतर प्रगति एवं सफलता के लिए प्रार्थना की। इस अवसर पर परिवार के सदस्यों सहित स्थानीय गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।

केन्द्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा क्यों नहीं नैतिकता का प्रश्न: सूरज प्रसाद चौबे

लखनऊ। देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले जिम्मेदारों को बचाना अधर्म है और यह अधर्म कमोबेश मोदी सरकार को नहीं करना चाहिए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा लेकर सरकार के संवैधानिक निष्ठा और प्रतिष्ठा साबित करनी चाहिए वरना मोदी सरकार द्वारा देश के युवाओं के साथ किया गया विश्वासघात प्रमाणित हो जाएगा और सरकार की नैतिकता तार तार हो जाएगी सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने सवर्ण समाज के लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा आगे कहा कि विगत एक वर्ष से शिक्षा विभाग विवादों से घिरा रहा चाहे वह neet परीक्षा के पेपर लीक का मामला हो अथवा NCERT परीक्षा पेपर पर जातीय है भेद भाव वाली नीति  का प्रकरण इत्यादि देश के साथ गद्दरी के सिवा क्या समझा जाय । मोदी सरकार द्वारा UGC काला कानून लाया गया जो सवर्ण बच्चों को जातीय अपराधी घोषित कर दिया है,सामान्य वर्ग के बच्चों को शोषण करता बता दिया गया है सामान्य वर्ग के बच्चों के साथ इस तरह का भेद भाव किन्हीं भी दशा में सवर्ण स्वीकार नहीं करेगा । यूजीसी काला कानून वापस लिए जाने हेतु सवर्ण समाज के सामाजिक संगठन अगस्त में दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन करने गए जिन्हें दिल्ली पुलिस ने बर्बरता पूर्वक जेल में बंद किया, माननीय उच्चतम न्यायालय बीच में दखल दिया स्थगन आदेश दिया जिस कारण से यूजीसी रेगुलेशन लागू नहीं किया गया । मोदी सरकार के शासन काल में दर्जनों मामले पेपर लीक के आ चुके हैं परंतु एक भी मामले में परन्तु एक भी मामले में ऐतिहासिक कार्यवाही करने में सफल नहीं हुई। ज्वातर विरोध को दबाने में माहिर मोदी सरकार हर बार देश के युवाओं की आवाज और विरोध को दबाया ही गया है न कि ऐसे गम्भीर समस्याओं का निराकरण न ही उस पर गंभीर कार्यवाही का परिचय प्रस्तुत किया जाता है जो कि सरकार के नैतिक जिम्मेदारी व दायित्व होते हैं सदैव जिम्मेदारी से बच कर ,सवालो से बच कर सत्ता निरंकुश और निर्मम ही साबित होती है इसलिए सरकार पर लगे दाग को मिटाने के लिए तत्काल प्रधानमंत्री एवं मोदी सरकार के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा लेकर सरकार के घुमिल छबि को निखारने का प्रयत्न करना चाहिए और जनता में सरकार में विश्वास कम हेतु तत्काल प्रभाव से विरोध कर रहे युवा समुदाय को सम्मान प्रदान कर अपनी नैतिकता सिद्ध करे मोदी सरकार एवं प्रधानमंत्री मोदी
देश के युवाओं एवं सामान्य वर्ग की भावनाओं के साथ ठेस पहुंचाने वाले बड़े प्रधानमंत्री उनके विरोध प्रदर्शन कर रहे उनको सम्मान प्रदान करते हुए और सरकार की संवैधानिक गरिमा कायम करने हेतु तथा जनता में सरकारी के प्रति विश्वास बनाए रखने हेतु शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेकर डबल इंजन की सरकार को नैतिकता को सिद्ध करना चाहिए
JPSC के सवालों से भाग रही कांग्रेस-जेएमएम सरकार, भाजपा के आंदोलन से पहले बौखलाई कांग्रेस : अशोक बड़ाईक

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अशोक बड़ाईक ने कांग्रेस के प्रदेश मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा के बयान को झूठ, राजनीतिक हताशा और युवाओं के मुद्दों से ध्यान भटकाने की असफल कोशिश बताया है। उन्होंने कहा कि 22 जुलाई को होने वाले भारतीय जनता युवा मोर्चा के ऐतिहासिक JPSC घेराव से घबराकर कांग्रेस और झामुमो के नेताओं की बौखलाहट साफ दिखाई दे रही है।

उन्होंने कहा कि यदि झामुमो-कांग्रेस सरकार के दामन पर कोई दाग नहीं है तो वह JPSC को लेकर उठ रहे सवालों से भाग क्यों रही है? 14वीं JPSC का परिणाम आधी रात में, वह भी आयोग के सक्षम हस्ताक्षर के बिना क्यों जारी किया गया? कटऑफ सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया? उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की प्रक्रिया को गोपनीय क्यों रखा गया? उत्तर प्रदेश में ब्लैकलिस्टेड रही एजेंसी को भर्ती प्रक्रिया की जिम्मेदारी किसके संरक्षण में दी गई? इन सवालों का जवाब देने के बजाय कांग्रेस भाजपा पर आरोप लगाकर अपनी विफलताओं पर पर्दा डालना चाहती है।

अशोक बड़ाईक ने कहा कि 22 जुलाई का JPSC घेराव किसी दल का नहीं, बल्कि झारखंड के लाखों बेरोजगार युवाओं के भविष्य, उनके सम्मान और उनके अधिकारों का आंदोलन है। प्रदेशभर से हजारों छात्र, अभ्यर्थी और भाजयुमो कार्यकर्ता रांची पहुंचकर सरकार को यह संदेश देंगे कि अब युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस भाजपा को नैतिकता का पाठ पढ़ाने से पहले अपने इतिहास पर नजर डाले। कांग्रेस के दस वर्षीय शासनकाल में AIPMT, AIEEE, AIIMS, CBSE सहित अनेक राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय परीक्षाओं में पेपर लीक और धांधली आम बात बन चुकी थी। लाखों युवाओं का भविष्य बर्बाद हुआ, लेकिन कांग्रेस सरकार ने न पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ कोई कठोर कानून बनाया, न कोई ठोस कार्रवाई की और न ही कभी जवाबदेही तय की। कांग्रेस की चुप्पी ने ही पेपर लीक माफियाओं के हौसले बुलंद किए।

अशोक बड़ाईक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पहली बार देश में पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ निर्णायक लड़ाई शुरू हुई। केंद्र सरकार ने ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 लागू कर स्पष्ट संदेश दिया कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के लिए देश में कोई जगह नहीं है। अब ऐसे अपराधियों के खिलाफ कठोर कारावास और भारी आर्थिक दंड का प्रावधान है।

उन्होंने कहा कि NEET परीक्षा में अनियमितताओं की जानकारी मिलते ही केंद्र सरकार ने तत्काल कार्रवाई की, आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा, जांच एजेंसियों को सक्रिय किया और लाखों विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित रखने के लिए पुनः परीक्षा कराकर समयबद्ध तरीके से परिणाम घोषित किया। स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कहा है कि पेपर लीक करने वाले युवाओं के सपनों के अपराधी हैं और उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

अशोक बड़ाईक ने कहा कि कांग्रेस और झामुमो सरकार दूसरों पर उंगली उठाने से पहले झारखंड के युवाओं को जवाब दे कि JPSC में पारदर्शिता क्यों नहीं है? भर्ती प्रक्रिया पर लगातार सवाल क्यों उठ रहे हैं? और आखिर सरकार दोषियों को बचाने की कोशिश क्यों कर रही है?

उन्होंने कहा कि भाजपा झारखंड के युवाओं के न्याय की लड़ाई लड़ रही है और लड़ती रहेगी। जब तक JPSC से जुड़े प्रत्येक आरोप की निष्पक्ष जांच, पूरी पारदर्शिता और दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं होती, भाजपा का संघर्ष सड़क से सदन तक पूरी ताकत के साथ जारी रहेगा।

पेपर लीक राष्ट्रीय चिंता का विषय, इसे राजनीति का मुद्दा नहीं बनाया चाहिए, पीएम मोदी का बड़ा बयान

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दिल्ली में आज एनडीए संसदीय दल की बैठक हुई। इसका नाम 'मंगल मिलन' दिया गया। पीएम मोदी भी इस बैठक में शामिल हुए। इस दौरान पीएम मोदी ने NEET परीक्षा को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक मामले में दोषियों को कड़ी सजा दी जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि पेपर लीक राजनीति का विषय नहीं है। यह जानकारी केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने बैठक के बाद दी।

पेपर लीक की खबरें पर सरकार ने तुरंत कार्रवाई की

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, "NEET परीक्षा के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक की खबरें सामने आते ही सरकार ने तुरंत कार्रवाई की और 13 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। साथ ही, यह सुनिश्चित करने के लिए कि छात्रों का भविष्य प्रभावित न हो, NEET की दोबारा परीक्षा को प्राथमिकता दी गई, इसे सफलतापूर्वक आयोजित किया गया और बिना किसी देरी के नतीजे घोषित कर दिए गए।"

पेपर लीक को लेकर सख्त संदेश

किरेन रिजिजू के मुताबिक, पीएम मोदी ने पेपर लीक मामले पर विस्‍तार से बात की। पीएम मोदी ने सांसदों को संबोधित करते हुए कहा कि पेपर लीक फिर से नहीं होना चाहिए। साथ ही किसी भी छात्र का भविष्‍य प्रभावित नहीं होना चाहिए। पीएम मोदी ने पेपर लीक में शामिल आरोपियों को सख्‍त से सख्‍त सजा दिलाने की भी बात कही है।

पेपर लीक दलगत राजनीति का मामला नहीं

पीएम मोदी ने कहा, "पेपर लीक सिर्फ एक राज्य का मामला नहीं है। यह सिर्फ केंद्र का मामला नहीं है, हर एक राज्य में जहां-जहां पेपर लीक हो रहा है, जो लोग इस धंधे में लिप्त हैं, उनको सजा देने के लिए सभी को एकजुट होना चाहिए। ये दलगत राजनीति का मामला नहीं है, ये पूरे देश का मामला है। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो, इसके लिए सख्ती से कदम उठाए जाएं और सजा दिलाने के लिए मिलकर काम हो, ऐसा निर्देश पीएम मोदी ने दिया है।"

अब अफसर बताएंगे सफलता का रास्ता, हर माह विद्यार्थियों से संवाद करेंगे IAS-IPS-IFS अधिकारी

-  इण्टर के छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं से लेकर करियर, रोजगार और स्टार्टअप तक की मिलेगी जानकारी; डीएम बनाएंगे मासिक कैलेंडर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों को करियर और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अब वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों का अनुभव और मार्गदर्शन मिलेगा। प्रदेश सरकार ने विद्यार्थियों के साथ सीधे संवाद की नई पहल शुरू की है। इसके तहत जिलों में तैनात युवा IAS, IPS और IFS अधिकारी हर माह कम से कम एक इंटरमीडिएट स्तर के विद्यालय का दौरा कर विद्यार्थियों से संवाद करेंगे।
अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने इस पहल को प्रभावी ढंग से लागू करने और नियमित निगरानी के निर्देश दिए हैं। मंडलायुक्त अपने-अपने स्तर पर कार्यक्रमों की समय-समय पर समीक्षा करेंगे, जबकि जिला विद्यालय निरीक्षक विद्यालयों और अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित करेंगे।

-  भाषण नहीं, सवाल-जवाब पर रहेगा जोर
कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल औपचारिक भाषण देना नहीं, बल्कि उन्हें अधिकारियों के साथ खुलकर संवाद का अवसर उपलब्ध कराना है। छात्र अपने करियर, पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं और भविष्य से जुड़े सवाल सीधे अधिकारियों से पूछ सकेंगे।
अधिकारी विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव, संघर्ष, कार्यशैली और सफलता की यात्रा साझा करेंगे। इससे छात्रों को लक्ष्य निर्धारित करने, सही करियर चुनने, समय प्रबंधन, अनुशासन और प्रभावी अध्ययन की रणनीति समझने में मदद मिलेगी।

-  UPSC से JEE-NEET तक की तैयारी पर मार्गदर्शन
संवाद कार्यक्रमों में UPSC, UPPSC, UPSSSC, SSC, NDA, JEE, NEET और CUET समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के तरीके बताए जाएंगे। राज्य स्तरीय परीक्षाओं और उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग से संबंधित अवसरों की जानकारी भी विद्यार्थियों को दी जाएगी।
इसके अलावा उच्च शिक्षा, तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार, उद्यमिता और स्टार्टअप के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों के बारे में भी छात्रों को बताया जाएगा।

-  साइबर सुरक्षा और तनाव प्रबंधन भी एजेंडे में
सरकार ने विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास से जुड़े विषयों को भी इस पहल में शामिल किया है। संवाद के दौरान वित्तीय कौशल, संचार क्षमता, व्यापार प्रबंधन, साइबर सुरक्षा, नशामुक्ति, तनाव प्रबंधन और आत्मविश्वास बढ़ाने जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी।
अधिकारियों को केंद्र और प्रदेश सरकार की युवाओं से जुड़ी प्रमुख योजनाओं की जानकारी भी विद्यार्थियों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई है।

-  हर जिले में बनेगा मासिक कार्यक्रम कैलेंडर
निर्देशों के मुताबिक जिलाधिकारी प्रत्येक माह कार्यक्रमों का कैलेंडर तैयार करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि जिले में तैनात युवा अधिकारी इसमें सक्रिय रूप से भाग लें। प्रत्येक माह की 5 तारीख तक शासन के माध्यमिक शिक्षा विभाग को कार्यक्रमों की रिपोर्ट भेजनी होगी।
रिपोर्ट में विद्यालय का नाम, भ्रमण करने वाले अधिकारी, आयोजित कार्यक्रमों की संख्या, चर्चा के प्रमुख विषय और विद्यार्थियों से मिले सुझावों का विवरण शामिल किया जाएगा। जिलाधिकारी कार्यक्रमों की गुणवत्ता की स्वयं समीक्षा करेंगे और जरूरत के अनुसार स्थानीय स्तर पर नए प्रयोग भी कर सकेंगे।

-  अधिकारियों का अनुभव बनेगा विद्यार्थियों की ताकत
अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा का कहना है कि वरिष्ठ अधिकारियों के अनुभव और मार्गदर्शन से विद्यार्थियों को विभिन्न करियर विकल्पों की व्यावहारिक जानकारी मिलेगी। अधिकारियों से प्रत्यक्ष संवाद छात्रों की जिज्ञासाओं का समाधान करने के साथ उनमें आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच विकसित करने में भी मदद करेगा।
सरकार का मानना है कि विद्यार्थियों को सही समय पर उचित मार्गदर्शन और सकारात्मक परामर्श मिले तो उनकी प्रतिभा को बेहतर दिशा दी जा सकती है और वे अपनी क्षमताओं का प्रभावी उपयोग करते हुए आगे बढ़ सकते हैं।
जनपद मऊ -: सेंट नॉर्बर्ट स्कूल घोसी की छात्रा साक्षी यादव का NEET में चयन, विद्यालय में हुआ सम्मान
मऊ जनपद के घोसी स्थित सेंट नॉर्बर्ट स्कूल की छात्रा साक्षी यादव ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में सफलता हासिल कर विद्यालय, परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

साक्षी के चयन पर विद्यालय परिसर में सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें प्रबंधन, प्रधानाचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं विद्यार्थियों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।

विद्यालय प्रबंधन ने साक्षी की इस उपलब्धि को अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर शिक्षकों ने कहा कि कठिन परिश्रम, लगन और अनुशासन से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

ग्रामीण परिवेश से आने वाली साक्षी यादव अब डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करने का सपना पूरा करेंगी। उनकी सफलता से परिवार और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
NEET परीक्षा में असफलता के कारण जान गंवाने वाले छात्रों एवं दिल्ली के जंतर-मंतर पर शहीद हुए बच्चों की याद में कैंडल मार्च निकाला
गोंडा। प्रदेश कांग्रेस के नेतृत्व के निर्देशानुसार आज NEET परीक्षा में असफलता के कारण जान गंवाने वाले छात्रों एवं दिल्ली के जंतर-मंतर पर शहीद हुए बच्चों की याद में कैंडल मार्च निकाला गया। कैंडल मार्च का नेतृत्व रामप्रताप सिंह पूर्व विधायक जिला अध्यक्ष एवं शाहिद अली कुरेशी, सभासद अध्यक्ष,  कांग्रेस कमेटी शहर गोंडा ने संयुक्त रूप से किया। मार्च गोंडा कांग्रेस कार्यालय,कांग्रेस भवन से प्रारंभ होकर पीपल चौराहा, राजेंद्र नाथ लाहिड़ी जी की प्रतिमा पर संपन्न हुआ।
पीपल चौराहा पर सभी कांग्रेस जनों ने मोमबत्ती जलाकर दिवंगत छात्रों को श्रद्धांजलि अर्पित की और 2 मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।इस अवसर पर रामप्रताप सिंह पूर्व विधायक एवं शाहिद अली कुरेशी सभासद ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि "केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा छात्रों, नौजवानों और देश की जनता की जीत है। लेकिन यह सिर्फ शुरुआत है।" उन्होंने कहा कि "जंतर-मंतर पर आंदोलनरत बच्चों पर हुई बर्बरता और अत्याचार के लिए प्रधानमंत्री को देश से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। सरकार ने छात्रों के सपनों को कुचला है, उनके भविष्य से खिलवाड़ किया है। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को न्याय मिलना चाहिए।"
कार्यक्रम में पूर्व जिला अध्यक्ष प्रमोद मिश्रा, डॉक्टर सैयद अब्दुल मुजीब, हनुमान प्रसाद, शिवकुमार दुबे, अजयकुमार रस्तोगी, जैनुलआब्दीन ,बेबी मिश्रा, मोहम्मद इमरान, प्रदुमन शुक्ला, जलील खान , एम ए फारुकी ,मोहम्मद रिजवान, संतोषी लाल तिवारी उबैदुर रहमान शिम्पू , सुभाष चंद पांडे, सगीर खान, निशांत सिंह ,अनिल कनौजिया विवेकानंद जाकिर अली, अरविंद शुक्ला, अनीश नाना, राजेश सिंह, संतोष सिंह,भगवती प्रसाद सोनी, हरिराम वर्मा राजू सेवा दल वसीम रेनी, कवलजीत, अफसार सलीम मोहब्बत अली ,फरजाना  डॉ जफर अशफाक विकास मनोहर श्रीवास्तव समेत  बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।
धर्मेंद्र प्रधान ने NEET-UG विवाद के बीच दिया इस्तीफा; कहा — छात्रों का भविष्य राजनीति और कानूनी लड़ाई में नहीं उलझना चाहिए
संजीव सिंह बलिया! नई दिल्ली, 25 जुलाई 2026 — केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंप दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर इस्तीफे की जानकारी साझा करते हुए पत्र में लिखा है कि NEET-UG परीक्षा में हुई अनियमितताओं और उसके बाद से उत्पन्न घटनाक्रम ने उन्हें अत्यंत व्यथित किया और इसलिए वे यह कदम उठा रहे हैं। चिट्ठी में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि पिछले चार दशक से वे छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के क्षेत्र से जुड़े रहे हैं और उनका मानना रहा है कि एक मजबूत, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही देश की प्रगति की आधारशिला है। उन्होंने बताया कि 3 मई 2026 को करायी गई NEET-UG में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आते ही सरकार ने तुरंत जांच करवाई और मामला सीबीआई को सौंपा गया। इसके बाद परीक्षा रद्द कर दोबारा कराये जाने का निर्णय लिया गया और अगले साल से NEET को पूरी तरह कंप्यूटर-आधारित मोड (CBT) में कराने की घोषणा हुई। धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा कि 20 लाख से अधिक छात्रों की निष्पक्ष और सुचारु परीक्षा कराना उनकी प्राथमिकता थी। केंद्र और राज्य सरकारों, जिला प्रशासन, छात्रों और अभिभावकों के सहयोग से 21 जून 2026 को पुनर्परीक्षा सफलतापूर्वक करायी गई। 16 जुलाई को घोषित परिणामों में गरीब और वंचित परिवारों के अनेक मेधावी छात्र सफल हुए, पर कुछ जिम्मेदार लोगों ने छात्रों को गुमराह करने का प्रयास किया, जिससे उन्हें गहरा आघात पहुंचा। मंत्री ने कहा कि हाल के दस दिनों की घटनाओं ने उन्हें बहुत परेशान किया है। यह उनके निजी सम्मान का प्रश्न नहीं है, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य का मामला है। वे नहीं चाहते कि छात्रों का भविष्य कानूनी विवादों और राजनीतिक टकराव में उलझे या उनका ध्यान पढ़ाई से भटके, इसलिए उन्होंने अपना पद छोड़ने का कठिन निर्णय लिया। अपने पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, मंत्रिपरिषद के सहयोगियों तथा शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों और कर्मचारियों का आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वे सार्वजनिक जीवन में आगे भी भारत माता, ओडिशा की जनता और देश के युवाओं की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए पूरी निष्ठा के साथ काम करते रहेंगे। राजनीतिक गलियारे में इस्तीफे की प्रतिक्रिया मिलनी बाकी है; विपक्ष ने सख्त शब्दों में सरकार से जवाब मांगा है, जबकि कुछ साझीदारों ने मंत्री के फैसले को साहसिक बताया है। केंद्र एवं राज्य स्तर पर आगे की कार्रवाइयों और संभावित मंत्रालय प्रभारी नाम की घोषणा पर सभी की नजरें टिकी हैं।
छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में हजारीबाग में झामुमो का प्रदर्शन, केंद्र सरकार का फूंका पुतला

हजारीबाग: देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों और युवाओं द्वारा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, NEET-2026, CBSE मूल्यांकन में कथित गड़बड़ियों तथा शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के दौरान हुए लाठीचार्ज के विरोध में गुरुवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) हजारीबाग जिला समिति ने जिला परिषद चौक पर केंद्र सरकार का पुतला दहन किया।

झामुमो जिला कार्यालय से निकले जुलूस में शामिल कार्यकर्ता जिला परिषद चौक पहुंचे, जहां केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतला दहन किया गया। इस दौरान पार्टी नेताओं ने छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए आंदोलन पर पुलिस बल प्रयोग की कड़ी आलोचना की।

झामुमो के जिला अध्यक्ष संजीव बेदिया ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के भविष्य से जुड़े गंभीर मुद्दों को सुनने के बजाय उन पर लाठीचार्ज करना केंद्र सरकार की छात्र विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। उनका कहना था कि NEET एवं अन्य परीक्षाओं को लेकर देशभर के छात्रों में असंतोष है, लेकिन सरकार समाधान की जगह आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही है।

जिला सचिव नीलकंठ महतो ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में बढ़ती अनियमितताओं, परीक्षा संचालन में पारदर्शिता की कमी और मूल्यांकन संबंधी विवादों ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। उन्होंने लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों पर कार्रवाई करने तथा छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की मांग की।

कार्यक्रम में उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, आंदोलनकारियों पर हुई कार्रवाई की जवाबदेही तय करने तथा छात्रों के मुद्दों पर केंद्र सरकार से संवाद स्थापित करने की मांग की।

इस अवसर पर केंद्रीय सदस्य यासीन खान, गौरव पटेल, राजा मोहम्मद, सुनील शर्मा, जिला उपाध्यक्ष रंजीत मेहता, नईम राही, दीपक राय, जिला प्रवक्ता कुणाल यादव सहित बड़ी संख्या में झामुमो पदाधिकारी, कार्यकर्ता और छात्र-युवा मौजूद रहे।

विपक्ष सदन नहीं, कैमरे के सामने चर्चा चाहता है : पंकज चौधरी
-  भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बोले— सरकार हर मुद्दे पर बहस को तैयार, युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने देंगे

लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने गुरुवार को पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में विपक्ष पर सदन की कार्यवाही बाधित करने और मुद्दों का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष सदन में बहस करने के बजाय कैमरों के सामने राजनीति करना चाहता है। प्रेस वार्ता में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज सिंह भी मौजूद रहे।
पंकज चौधरी ने कहा कि संसद और विधानमंडल लोकतांत्रिक विमर्श के मंच हैं और समाधान हमेशा चर्चा से निकलता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा चर्चा की सभी शर्तें स्वीकार किए जाने के बावजूद विपक्ष अपने रुख से पीछे हट गया।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी सदन में चर्चा करने के बजाय धरने पर बैठ गए, जबकि सरकार ने सदन में अपना पक्ष स्पष्ट रूप से रखा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को सड़क पर राजनीति करने के बजाय सदन में बहस करनी चाहिए।

-  युवाओं के भविष्य पर सरकार गंभीर
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी और केंद्र सरकार के लिए युवाओं का भविष्य सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने और उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
उन्होंने नीट (NEET) पेपर लीक मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि घटना के बाद सरकार ने री-एग्जाम कराया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि इस मामले में आरोपियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से कड़ी सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए भी प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।

-  देश का माहौल बिगाड़ने की कोशिश का आरोप
पंकज चौधरी ने आरोप लगाया कि कुछ लोग देश का माहौल बिगाड़ने और युवाओं व बच्चों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र, संविधान और विकास भाजपा की प्राथमिकता हैं तथा सरकार हर मुद्दे पर पारदर्शी चर्चा के पक्ष में है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से मिलने भी गई थी, जिससे स्पष्ट है कि संवाद के लिए सरकार हमेशा तैयार रहती है।
उन्होंने कहा कि यदि सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलेगी और सभी मुद्दों पर चर्चा होगी, तो सच्चाई स्वतः सामने आ जाएगी। इसलिए विपक्ष को सदन चलने देना चाहिए और राजनीतिक टकराव के बजाय रचनात्मक संवाद को प्राथमिकता देनी चाहिए।
NEET में शानदार सफलता पर संजीत कुमार का सम्मान, मुन्ना सिंह ने घर पहुंचकर दी बधाई

हजारीबाग जिले के सदर प्रखंड के नगवां निवासी स्वर्गीय मंटू प्रसाद मेहता के सुपुत्र संजीत कुमार ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त कर अपने परिवार, क्षेत्र एवं जिले का नाम गौरवान्वित किया है। संजीत कुमार की इस उपलब्धि पर पूर्व सदर विधानसभा प्रत्याशी मुन्ना सिंह उनके आवास पहुंचकर उनसे एवं उनके परिजनों से मुलाकात की तथा अंग वस्त्र देकर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि संजीत की सफलता कठिन परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। उनकी उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। मुन्ना सिंह ने कहा कि संजीत कुमार ने अपनी मेहनत और लगन से न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे हजारीबाग जिले का मान बढ़ाया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संजीत चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाएँ देकर समाज एवं देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उन्होंने संजीत कुमार के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए ईश्वर से उनके उत्तम स्वास्थ्य, निरंतर प्रगति एवं सफलता के लिए प्रार्थना की। इस अवसर पर परिवार के सदस्यों सहित स्थानीय गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।

केन्द्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा क्यों नहीं नैतिकता का प्रश्न: सूरज प्रसाद चौबे

लखनऊ। देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले जिम्मेदारों को बचाना अधर्म है और यह अधर्म कमोबेश मोदी सरकार को नहीं करना चाहिए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा लेकर सरकार के संवैधानिक निष्ठा और प्रतिष्ठा साबित करनी चाहिए वरना मोदी सरकार द्वारा देश के युवाओं के साथ किया गया विश्वासघात प्रमाणित हो जाएगा और सरकार की नैतिकता तार तार हो जाएगी सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने सवर्ण समाज के लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा आगे कहा कि विगत एक वर्ष से शिक्षा विभाग विवादों से घिरा रहा चाहे वह neet परीक्षा के पेपर लीक का मामला हो अथवा NCERT परीक्षा पेपर पर जातीय है भेद भाव वाली नीति  का प्रकरण इत्यादि देश के साथ गद्दरी के सिवा क्या समझा जाय । मोदी सरकार द्वारा UGC काला कानून लाया गया जो सवर्ण बच्चों को जातीय अपराधी घोषित कर दिया है,सामान्य वर्ग के बच्चों को शोषण करता बता दिया गया है सामान्य वर्ग के बच्चों के साथ इस तरह का भेद भाव किन्हीं भी दशा में सवर्ण स्वीकार नहीं करेगा । यूजीसी काला कानून वापस लिए जाने हेतु सवर्ण समाज के सामाजिक संगठन अगस्त में दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन करने गए जिन्हें दिल्ली पुलिस ने बर्बरता पूर्वक जेल में बंद किया, माननीय उच्चतम न्यायालय बीच में दखल दिया स्थगन आदेश दिया जिस कारण से यूजीसी रेगुलेशन लागू नहीं किया गया । मोदी सरकार के शासन काल में दर्जनों मामले पेपर लीक के आ चुके हैं परंतु एक भी मामले में परन्तु एक भी मामले में ऐतिहासिक कार्यवाही करने में सफल नहीं हुई। ज्वातर विरोध को दबाने में माहिर मोदी सरकार हर बार देश के युवाओं की आवाज और विरोध को दबाया ही गया है न कि ऐसे गम्भीर समस्याओं का निराकरण न ही उस पर गंभीर कार्यवाही का परिचय प्रस्तुत किया जाता है जो कि सरकार के नैतिक जिम्मेदारी व दायित्व होते हैं सदैव जिम्मेदारी से बच कर ,सवालो से बच कर सत्ता निरंकुश और निर्मम ही साबित होती है इसलिए सरकार पर लगे दाग को मिटाने के लिए तत्काल प्रधानमंत्री एवं मोदी सरकार के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा लेकर सरकार के घुमिल छबि को निखारने का प्रयत्न करना चाहिए और जनता में सरकार में विश्वास कम हेतु तत्काल प्रभाव से विरोध कर रहे युवा समुदाय को सम्मान प्रदान कर अपनी नैतिकता सिद्ध करे मोदी सरकार एवं प्रधानमंत्री मोदी
देश के युवाओं एवं सामान्य वर्ग की भावनाओं के साथ ठेस पहुंचाने वाले बड़े प्रधानमंत्री उनके विरोध प्रदर्शन कर रहे उनको सम्मान प्रदान करते हुए और सरकार की संवैधानिक गरिमा कायम करने हेतु तथा जनता में सरकारी के प्रति विश्वास बनाए रखने हेतु शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेकर डबल इंजन की सरकार को नैतिकता को सिद्ध करना चाहिए
JPSC के सवालों से भाग रही कांग्रेस-जेएमएम सरकार, भाजपा के आंदोलन से पहले बौखलाई कांग्रेस : अशोक बड़ाईक

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अशोक बड़ाईक ने कांग्रेस के प्रदेश मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा के बयान को झूठ, राजनीतिक हताशा और युवाओं के मुद्दों से ध्यान भटकाने की असफल कोशिश बताया है। उन्होंने कहा कि 22 जुलाई को होने वाले भारतीय जनता युवा मोर्चा के ऐतिहासिक JPSC घेराव से घबराकर कांग्रेस और झामुमो के नेताओं की बौखलाहट साफ दिखाई दे रही है।

उन्होंने कहा कि यदि झामुमो-कांग्रेस सरकार के दामन पर कोई दाग नहीं है तो वह JPSC को लेकर उठ रहे सवालों से भाग क्यों रही है? 14वीं JPSC का परिणाम आधी रात में, वह भी आयोग के सक्षम हस्ताक्षर के बिना क्यों जारी किया गया? कटऑफ सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया? उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की प्रक्रिया को गोपनीय क्यों रखा गया? उत्तर प्रदेश में ब्लैकलिस्टेड रही एजेंसी को भर्ती प्रक्रिया की जिम्मेदारी किसके संरक्षण में दी गई? इन सवालों का जवाब देने के बजाय कांग्रेस भाजपा पर आरोप लगाकर अपनी विफलताओं पर पर्दा डालना चाहती है।

अशोक बड़ाईक ने कहा कि 22 जुलाई का JPSC घेराव किसी दल का नहीं, बल्कि झारखंड के लाखों बेरोजगार युवाओं के भविष्य, उनके सम्मान और उनके अधिकारों का आंदोलन है। प्रदेशभर से हजारों छात्र, अभ्यर्थी और भाजयुमो कार्यकर्ता रांची पहुंचकर सरकार को यह संदेश देंगे कि अब युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस भाजपा को नैतिकता का पाठ पढ़ाने से पहले अपने इतिहास पर नजर डाले। कांग्रेस के दस वर्षीय शासनकाल में AIPMT, AIEEE, AIIMS, CBSE सहित अनेक राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय परीक्षाओं में पेपर लीक और धांधली आम बात बन चुकी थी। लाखों युवाओं का भविष्य बर्बाद हुआ, लेकिन कांग्रेस सरकार ने न पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ कोई कठोर कानून बनाया, न कोई ठोस कार्रवाई की और न ही कभी जवाबदेही तय की। कांग्रेस की चुप्पी ने ही पेपर लीक माफियाओं के हौसले बुलंद किए।

अशोक बड़ाईक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पहली बार देश में पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ निर्णायक लड़ाई शुरू हुई। केंद्र सरकार ने ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 लागू कर स्पष्ट संदेश दिया कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के लिए देश में कोई जगह नहीं है। अब ऐसे अपराधियों के खिलाफ कठोर कारावास और भारी आर्थिक दंड का प्रावधान है।

उन्होंने कहा कि NEET परीक्षा में अनियमितताओं की जानकारी मिलते ही केंद्र सरकार ने तत्काल कार्रवाई की, आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा, जांच एजेंसियों को सक्रिय किया और लाखों विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित रखने के लिए पुनः परीक्षा कराकर समयबद्ध तरीके से परिणाम घोषित किया। स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कहा है कि पेपर लीक करने वाले युवाओं के सपनों के अपराधी हैं और उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

अशोक बड़ाईक ने कहा कि कांग्रेस और झामुमो सरकार दूसरों पर उंगली उठाने से पहले झारखंड के युवाओं को जवाब दे कि JPSC में पारदर्शिता क्यों नहीं है? भर्ती प्रक्रिया पर लगातार सवाल क्यों उठ रहे हैं? और आखिर सरकार दोषियों को बचाने की कोशिश क्यों कर रही है?

उन्होंने कहा कि भाजपा झारखंड के युवाओं के न्याय की लड़ाई लड़ रही है और लड़ती रहेगी। जब तक JPSC से जुड़े प्रत्येक आरोप की निष्पक्ष जांच, पूरी पारदर्शिता और दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं होती, भाजपा का संघर्ष सड़क से सदन तक पूरी ताकत के साथ जारी रहेगा।

पेपर लीक राष्ट्रीय चिंता का विषय, इसे राजनीति का मुद्दा नहीं बनाया चाहिए, पीएम मोदी का बड़ा बयान

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दिल्ली में आज एनडीए संसदीय दल की बैठक हुई। इसका नाम 'मंगल मिलन' दिया गया। पीएम मोदी भी इस बैठक में शामिल हुए। इस दौरान पीएम मोदी ने NEET परीक्षा को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक मामले में दोषियों को कड़ी सजा दी जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि पेपर लीक राजनीति का विषय नहीं है। यह जानकारी केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने बैठक के बाद दी।

पेपर लीक की खबरें पर सरकार ने तुरंत कार्रवाई की

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, "NEET परीक्षा के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक की खबरें सामने आते ही सरकार ने तुरंत कार्रवाई की और 13 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। साथ ही, यह सुनिश्चित करने के लिए कि छात्रों का भविष्य प्रभावित न हो, NEET की दोबारा परीक्षा को प्राथमिकता दी गई, इसे सफलतापूर्वक आयोजित किया गया और बिना किसी देरी के नतीजे घोषित कर दिए गए।"

पेपर लीक को लेकर सख्त संदेश

किरेन रिजिजू के मुताबिक, पीएम मोदी ने पेपर लीक मामले पर विस्‍तार से बात की। पीएम मोदी ने सांसदों को संबोधित करते हुए कहा कि पेपर लीक फिर से नहीं होना चाहिए। साथ ही किसी भी छात्र का भविष्‍य प्रभावित नहीं होना चाहिए। पीएम मोदी ने पेपर लीक में शामिल आरोपियों को सख्‍त से सख्‍त सजा दिलाने की भी बात कही है।

पेपर लीक दलगत राजनीति का मामला नहीं

पीएम मोदी ने कहा, "पेपर लीक सिर्फ एक राज्य का मामला नहीं है। यह सिर्फ केंद्र का मामला नहीं है, हर एक राज्य में जहां-जहां पेपर लीक हो रहा है, जो लोग इस धंधे में लिप्त हैं, उनको सजा देने के लिए सभी को एकजुट होना चाहिए। ये दलगत राजनीति का मामला नहीं है, ये पूरे देश का मामला है। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो, इसके लिए सख्ती से कदम उठाए जाएं और सजा दिलाने के लिए मिलकर काम हो, ऐसा निर्देश पीएम मोदी ने दिया है।"