हिमंत बिस्व सरमा दूसरी बार बने असम के सीएम, 4 मंत्रियों ने भी ली शपथ

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असम विधानसभा चुनाव में एनडीए की जबरदस्त जीत के बाद आज हिमंता बिस्वा सरमा ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है। हिमंत सरमा लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री बने हैं। उनके बाद 4 अन्य नेताओं ने भी मंत्री पद की शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह समेत पार्टी के कई सीनियर नेता, केंद्रीय मंत्री और कई राज्यों के सीएम शामिल हुए।

इन 4 नेताओं ने ली मंत्री पद की शपथ

1. रामेश्वर तेली (बीजेपी नेता और मोदी सरकार में पूर्व राज्य मंत्री)

2. अजंता नियोग (पिछली सरकार में वित्त मंत्री)

3. अतुल बोरा (असम गण परिषद के अध्यक्ष और पिछली 2 सरकारों में मंत्री)

4. चरण बोरो (बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के नेता, पिछली सरकार में भी मंत्री)

विधानसभा चुनाव में भाजपा की शानदार जीत

असम में भाजपा ने लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की है। इस चुनाव में भाजपा नीत एनडीए ने राज्य में शानदार प्रदर्शन करते हुए 126 में से 102 सीटों पर कब्जा किया है। भाजपा ने अकेले 82 सीटें जीतकर अपनी पकड़ मजबूत की है। इस प्रचंड बहुमत के साथ हिमंत बिस्वा सरमा लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभालेंगे। उनकी लोकप्रियता और कुशल रणनीतियों ने गठबंधन को इस ऐतिहासिक सफलता तक पहुंचाया है।

दूसरी बार सीएम बनेंगे हिमंत बिस्वा सरमा, 4 विधायक भी लेंगे मंत्री पद की शपथ

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अमस में हिमंत बिस्वा सरमा आज राज्‍य के मुख्‍यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। हिमंता दूसरी बार मुख्‍यमंत्री बनने जा रहे हैं। गुवाहाटी के केंद्रपाड़ा के वेटिनरी कॉलेज फील्ड में मंच तैयार है, जहां मंगलवार सुबह 11:40 बजे हिमंत बिस्वा सरमा दूसरी बार शपथ लेंगे। हिमंता के साथ केवल चार मंत्री शपथ लेंगे। उनके साथ भाजपा के दो वरिष्ठ नेता और सहयोगी दलों असम गण परिषद तथा बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के एक-एक नेता शामिल हैं।

ये चार विधायक लेंगे मंत्री पद की शपथ

मुख्यमंत्री सरमा के साथ चार विधायक भी मंत्री पद की शपथ लेंगे। हिमंत सरमा ने सोमवार रात चार नेताओं के नामों का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि यह घोषणा करते हुए मुझे खुशी हो रही है कि मेरे चार सहयोगी – रामेश्वर तेली, अतुल बोरा, चरण बोरो और अजंता नियोग, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गरिमामय उपस्थिति में मेरे साथ मंत्री पद की शपथ लेंगे। बोरा, असम गण परिषद (एजीपी) के अध्यक्ष हैं और बोरो, बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) से विधायक हैं। और दोनों एनडीए नीत पूर्व सरकार में मंत्री रह चुके हैं। नियोग पिछली सरकार में भी मंत्री थीं। तेली पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री रहे हैं, जिन्होंने 2026 के चुनाव में राज्य की राजनीति में वापसी की।

पीएम मोदी-अमित शाह समेत दिग्गजों का जमावड़ा

खानापारा के पशु चिकित्सा महाविद्यालय मैदान में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ-साथ राजग शासित राज्यों के 40 से अधिक मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों के उपस्थित रहने की संभावना है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंचे गुवाहाटी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम में बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए की तीसरी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह से पहले सोमवार रात गुवाहाटी पहुंचे। मुख्यमंत्री पद के लिए नामित हिमंत बिस्वा सरमा और अन्य बीजेपी नेताओं ने गुवाहाटी में लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई इंटरनेशनल एयर पोर्ट पर पीएम मोदी का स्वागत किया।

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई 100% पाकिस्तानी एजेंट…”, असम सीएम हिमंत बिस्वा सरमा का बड़ा आरोप

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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एक बार फिर कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई पर गंभीर आरोप लगाया है। सरमा ने शनिवार को कहा कि 'गौरव गोगोई सौ प्रतिशत पाकिस्तान का एजेंट है। उसे बाहरी शक्तियों द्वारा देश में प्लांट किया गया है। सरमा ने कहा, जिस दिन मैं सबूत दिखाऊंगा, हर कोई मान जाएगा कि वह सौ प्रतिशत पाकिस्तानी एजेंट हैं। बता दें कि सरमा गोगोई के उनकी ब्रिटिश पत्नी के माध्यम से पाकिस्तानी संबंधों का आरोप लगाते रहे हैं।

सरमा ने गोगोई को चुनौती दी

मीडिया से बातचीत में सरमा ने कहा, गौरव गोगोई पाकिस्तानी एजेंट हैं। वह पूरी तरह से पाकिस्तानी एजेंट हैं। अगर उनमें हिम्मत है, तो मेरे खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करें। मेरे पास सबूत हैं — वह 100 प्रतिशत पाकिस्तानी एजेंट हैं। उन्हें हमारे देश में किसी विदेशी शक्ति द्वारा भेजा गया है। वह एक ‘प्लांटेड’ व्यक्ति हैं। मैं यह तथ्य के साथ कह रहा हूं। एक मुख्यमंत्री के रूप में मैं कह रहा हूं कि वह पूरी तरह पाकिस्तानी एजेंट हैं।

गोगोई की पत्नी पर भी लगा चुके हैं आरोप

असम सीएम ने इससे पहले आरोप लगाया था कि कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई की पत्नी भारत में रहते हुए पाकिस्तान स्थित एक एनजीओ से वेतन लेती हैं। उनकी पत्नी और बच्चे भारतीय नागरिक नहीं हैं। साथ ही गोगोई से सवाल किया था कि क्या आप 15 दिनों के लिए पाकिस्तान गए थे।

कौन हैं कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई की विदेशी पत्नी एलिजाबेथ? जिसको लेकर आक्रामक हो रहे असम के सीएम सरमा

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असम के मुख्यमंत्री हेमंत विश्व सरमा और कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई आमने सामने हैं। दोनों नेताओं के विवाद के बीच की वजह हैं कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई की ब्रिटिश मूल की उनकी पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न। बिस्वा सरमा के गोगोई और उनकी ब्रिटिश मूल की पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न पर सवाल उठाने के बाद इस मामले ने तूल पकड़ लिया है। बिस्वा ने गोरव की पत्नी पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी- आईएसआई से संपर्क रखने के आरोप लगाए हैं। सरमा ने कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई की दस साल पहले भारत में उस समय पाकिस्तान के हाई कमिश्नर के साथ हुई मीटिंग को लेकर सवाल उठाए और इसे उनकी पत्नी एलिजाबेथ गोगोई से जोड़ा है। इसके बाद भाजपा ने इस बात को लेकर ना केवल गौरव गोगोई को घेरा है, बल्कि कांग्रेस पर भी हमलावर है।

हिमंत का आरोप

सबसे पहले मामले की जड़ मे चलते है, यानी जानते हैं कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा गौरव गोगोई को लेकर आखिर कहा क्या है। बिस्वा सरमा ने गुरुवार, 13 फ़रवरी को एक्स पर लिखा, "2015 में भारत में पाकिस्तानी उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने पहली बार बने सांसद (गौरव गोगोई) और उनके स्टार्टअप, पॉलिसी फॉर यूथ को नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग में भारत-पाकिस्तान संबंधों पर चर्चा करने के लिए आमंत्रित किया था। उल्लेखनीय बात यह है कि यह सांसद उस समय विदेशी मामलों की संसदीय समिति तक के सदस्य नहीं थे। जिससे उनके पाकिस्तानी उच्चायोग जाने की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं। गोगोई ऐसे वक़्त में पाकिस्तानी उच्चायोग गए जब भारत ने अपने अंदरूनी मामलों में उच्चायोग के दख़ल और हुर्रियत कॉन्फ़्रेंस के नेताओं से उसके संपर्क करने को लेकर आधिकारिक विरोध जताया था।"

मुख्यमंत्री सरमा ने ये भी लिखा कि इस मुलाकात के फौरन बाद 'द हिंदू' में प्रकाशित लेख में सांसद के स्टार्टअप ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ़) की आलोचना करते हुए अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों से निपटने के उनके तरीक़ों पर एतराज जताया। गोगोई के संसद की कार्रवाई के दौरान पूछे गए प्रश्नों का जिक्र करते हुए हिमंत ने उनकी मंशा पर सवाल उठाए और इशारा किया कि संवेदनशील रक्षा मामलों की तरफ़ उनका ध्यान लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने इस पोस्ट में ये भी लिखा कि ये सभी डेवलपमेंट उनकी एक ब्रितानी महिला से शादी के बाद होने शुरु हुए। उन महिला का प्रोफेशनल बैकग्राउंड और भी कई संदेहों को जन्म देता है।

इससे पहले हिमंत ने एक और पोस्ट में लिखा था, "आईएसआई से संबंधों, युवाओं को ब्रेनवॉश करने और कट्टरपंथी बनाने के लिए पाकिस्तानी दूतावास में ले जाने तथा पिछले 12 वर्षों से भारतीय नागरिकता लेने से इनकार करने के आरोपों से जुड़े गंभीर सवालों के जवाब दिए जाने की आवश्यकता है।"

इससे पहले बीजेपी नेता गौरव भाटिया ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा था, "विपक्ष के उपनेता गौरव गोगोई की पत्नी एलिज़ाबेथ कोलबर्न के पाकिस्तान योजना आयोग के सलाहकार अली तौकीर शेख और आईएसआई से संबंध पाए गए हैं। यह बेहद चिंताजनक है और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है। इसलिए उम्मीद है कि राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और गौरव गोगोई पाकिस्तान और आईएसआई के साथ उनके संबंधों के बारे में स्पष्ट करेंगे।"

कौन हैं एलिजाबेथ?

ब्रिटेन में जन्मी एलिज़ाबेथ कोलबर्न से गौरव गोगोई की मुलाकात 2010 में हुई थी जब वे दोनों संयुक्त राष्ट्र सचिवालय की एक समिति में एक साथ इंटर्नशिप कर रहे थे। एलिजाबेथ का परिवार लंदन में बसा है। तीन साल बाद यानी 2013 में गौरव गोगोई ने नई दिल्ली में एलिजाबेथ से शादी कर ली। एक जानकारी के अनुसार एलिजाबेथ ने मार्च 2011 से जनवरी 2015 तक सीडीकेएन (क्लाइमेट डेवलपमेंट एड नॉलेज नेटवर्क) के साथ काम किया था।

सीडीकेएन की वेबसाइट के अनुसार यह संस्था ग़रीब और जलवायु परिवर्तन के प्रति सबसे सबसे अधिक संवेदनशील लोगों के जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाने की दिशा में काम करती है। एलिजाबेथ इस संस्था के लिए भारत-पाकिस्तान और नेपाल में काम कर चुकी हैं। जलवायु परिवर्तन से जुड़े उनके कई लेख सीडीकेएन की वेबसाइट पर मौजूद है।

एलिज़ाबेथ ने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से स्नातक की पढ़ाई की है। वह इस समय ऑक्सफ़ोर्ड पॉलिसी मैनेजमेंट से जुड़ी हुई हैं, जो जलवायु परिवर्तन से जुड़े मुद्दों से निपटने के लिए काम करती है। सांसद गौरव गोगोई ने 2024 के आम चुनाव में जो हलफनामा दाखिल किया है उसमें पत्नी के काम की जानकारी के तौर पर उन्हें ऑक्सफ़ोर्ड पॉलिसी मैनेजमेंट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में वरिष्ठ सलाहकार बताया गया है।

हिमंत क्यों गौरव के पीछे पड़े?

असम के ही जोरहाट से सांसद गौरव गोगोई लोकसभा में कांग्रेस के डिप्टी लीडर हैं। अब सवाल ये उठाता है कि असम के सीएम अपने ही राज्य के कांग्रेस नेता पर इतने ज्यादा आक्रामक क्यों हैं?दरअसल, इस पूरे विवाद को हिमंता और गोगोई के बीच प्रतिद्वंद्विता के महज एक पड़ाव के रूप में देखा जाना चाहिए। दोनों के बीच वर्चस्व की लड़ाई करीब डेढ़ दशक पहले शुरू हुई थी, जब हिमंता, गौरव के पिता तरुण गोगोई के करीबी हुआ करते थे। 90 के दशक में हिमंता ने कांग्रेस से राजनीति की शुरुआत की थी। हिमंता कांग्रेस में तेजी से आगे बढ़े। वह 2001 में पहली बार जालुकबाड़ी सीट से विधायक बने। विधानसभा पहुंचने के साथ ही हिमंता की नज़दीकियां मुख्यमंत्री तरुण गोगोई से बढ़ती गईं। हिमंता 2001 से लगातार तीन बार कांग्रेस के टिकट पर विधायक चुने गए और तरुण गोगोई भी लगातार तीन बार मुख्यमंत्री बने।

दूसरे ही कार्यकाल में हिमंता को कैबिनेट में जगह मिल गई। ना सिर्फ मंत्री बने मुख्यमंत्री गोगोई ने स्वास्थ्य एवं शिक्षा जैसे अहम मंत्रालय हिमंता को सौंपे। इस दौरान सरमा तरुण गोगोई के सबसे भरोसेमंद नेताओं में से एक बन गए। लेकिन अक्सर इस तरफ की राजनीतिक मित्रताओं में 'पुत्रमोह' आड़े आ जाता है।

तरुण गोगोई के तीसरे कार्यकाल में हिमंत (तब वो कांग्रेस में थे) उम्मीद लगाकर बैठे थे कि आगे उन्हें सीएम बनने का मौका मिलेगा। लेकिन तरुण गोगोई ने 2014 में अपने बेटे गौरव गोगोई को लोकसभा चुनाव में खड़ा कर राजनीति में एंट्री करवा दी। इस समय गौरव असम में एक बड़े नेता हैं। क्योंकि हिमंता ने गौरव की पुरानी लोकसभा सीट कलियाबोर को परिसीमन के तहत खत्म कर दिया था ताकि गौरव मुसलमानों के वोट से जीत न सकें। लेकिन गौरव ने 2024 के लोकसभा चुनाव में हिंदू बहुल जोरहाट सीट से जीत दर्ज कर हिमंता को बड़ा झटका दे दिया। लिहाजा गौरव असम में सीएम सरमा के बड़े प्रतिद्वंद्वी बनकर सामने आ गए है।

विवादों में घिरे सीएम हिमंत बिस्वा सरमा, जानें पोस्ट डिलीट कर क्यों मांगी माफी?

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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने अपने एक ट्वीट के लिए माफ़ी मांगी है। हालांकि उस ट्वीट को उन्होंने अब डिलीट कर दिया है।गीता के इस 'श्लोक' के गलत अनुवाद को लेकर विवाद पैदा हो गया था, जिससे बाद असम के सीएम ने माफी मांगी है। गीता के श्‍लोक से जुड़ी 'एक्स' पर हिमंता बिस्‍वा सरमा की पोस्ट ने उन्हें विपक्ष के निशाने पर ला दिया था। कई नेताओं ने उन पर जाति विभाजन को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था। जिसके बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने न केवल सार्वजनिक तौर पर माफी मांगी है, बल्कि उन्होंने अपने पोस्ट को भी डिलीट कर दिया है।असम सीएम का पोस्ट 'ब्राह्मण-शूद्र' से जुड़ा हुआ थाष

सरमा ने मांगी माफी

हिमंत बिस्वा सरमा एक्स पर पोस्ट कर कहा, ‘मैं नियमित तौर पर हर सुबह अपने सोशल मीडिया हैंडल पर भगवद गीता का एक श्लोक अपलोड करता हूं। अब तक मैंने 668 श्लोक पोस्ट किए हैं। हाल ही में मेरी टीम के एक सदस्य ने अध्याय 18 श्लोक 44 से एक श्लोक गलत अनुवाद के साथ पोस्ट किया है। जैसे ही मुझे गलती का एहसास हुआ, मैंने उस पोस्ट को हटा दिया। महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव के नेतृत्व में सुधार आंदोलन की बदौलत असम राज्य जातिविहीन समाज की एक आदर्श तस्वीर दर्शाता है। अगर डिलीट की गई पोस्ट से किसी को ठेस पहुंची है तो मैं तहे दिल से माफी मांगता हूं।

हटाई गई पोस्ट में क्या था?

26 दिसंबर की सुबह हिमन्त बिस्व सरमा ने श्रीमदभगवद्गीता का एक श्लोक अपनो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। उन्होंने एक तस्वीर शेयर की थी जिस पर कृष्ण और अर्जुन की तस्वीर बनी थी और गीता का हवाला देकर एक श्लोक लिखा था। इसमें लिखा था, खेती गाय पालन और व्यापार- ये वैश्यों के अंतर्निहित और स्वाभाविक कर्म हैं। ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य ये तीन वर्णों की सेवा करना शूद्र का भी स्वाभाविक कर्म है। इसे शेयर करते हुए हिमन्त बिस्व सरमा ने लिखा, भगवान श्रीकृष्ण स्वयं वैश्यों और शूद्रों के स्वाभाविक कर्मों का वर्णन करते हैं।

आवैसी का हिमंता सरमा पर तीखा हमला

गीता के श्‍लोक को लेकर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के नेता और लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने हिमंता बिस्‍वा सरमा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वह हर भारतीय नागरिक के साथ समान व्यवहार करने की अपनी शपथ पूरी नहीं कर रहे हैं। ओवैसी ने कहा, एक संवैधानिक पद पर रहते हुए, आपकी शपथ प्रत्येक नागरिक के साथ समान व्यवहार करने की है। यह उस दुर्भाग्यपूर्ण क्रूरता में परिलक्षित होता है, जिसका असम के मुसलमानों ने पिछले कुछ वर्षों में सामना किया है।

कांग्रेस ने भी उठाए सवाल

असम सीएम के ट्वीट पर कांग्रेस ने भी पलटवार किया है। पार्टी नेता पवन खेड़ा ने पूछा कि क्या पीएम और राष्ट्रपति हिमंत बिस्वा की जातिवादी टिप्पणियों से सहमत हैं। उन्होंने कहा कि और फिर यदि आप उनसे कुछ कहेंगे तो वह अपनी पुलिस भेज देंगे, लेकिन ऐसी मूर्खतापूर्ण टिप्पणियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। क्या राष्ट्रपति भवन और पीएमओ हिमंत बिस्वा की जातिवादी टिप्पणियों से सहमत हैं?

प्रियंका गांधी और हिमंत बिस्वा सरमा को चुनाव आयोग ने भेजा नोटिस, जानें क्या है कारण

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चुनाव आयोग ने प्रियंका गांधी वाड्रा और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। दोनों नेताओं पर आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप है।अधिकारियों ने कहा कि दोनों नेताओं को 30 अक्टूबर शाम तक जवाब देने के लिए कहा गया है।

बता दें कि देश के 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाला है। 3 दिसंबर को चुनाव के परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। इस बीच चनाव आयोग ने कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा और असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा को नोटिस भेजा है। चुनाव आयोग ने 26 अक्टूबर को प्रियंका गांधी को नोटिस भेजकर 30 अक्टूबर की शाम तक जवाब देने को कहा है। चुनाव आयोग ने इसके साथ-साथ चेतावनी दी है कि यदि दोनों नेता समय सीमा समाप्त होने से पहले जवाब नहीं देते हैं तो यह मान लिया जाएगा कि उनके पास जवाब देने के लिए कुछ नहीं है और उनसे दोबारा संपर्क किए बिना ‘उचित कार्रवाई’ की जाएगी।

क्या कहा था प्रियंका गांधी ने

प्रियंका गांधी ने राजस्थान के दौसा में सभा को संबोदित करते हुए कहा था कि आपने देखा ही होगा, मैंने टीवी पर देखा पता नहीं सच है कि नहीं। पीएम मोदी ने देवनारायण जी के मंदिर में शायद गए थे। यहां उन्होंने लिफाफा डाला। लिफाफा खोला गया तो इसमें 21 रुपये मिले। एक तरह से यही हो रहा है। देश में घोषणाएं मंच पर खड़े होकर कैसे-कैसे लिफाफे दिखाए जा रहे हैं। आपको और जब आप उन लिफाफे को खोलते हैं तो चुनाव खत्म हो जाता है। इसी बयान को लेकर केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवालन ने चुनाव आयोग से शिकायत करते हुए इसे आचार संहिता का उल्लंघन बताया था, जिसपर अब चुनाव आयोग ने प्रियंका गांधी से जवाब मांगा है।

अकबर पर टिप्पणी कर फंसे सरमा

वहीं, कांग्रेस ने चुनाव आयोग को दी अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि सरमा ने बीते हफ्ते छत्तीसगढ़ में एक चुनाव प्रचार के दौरान एकमात्र मुस्लिम मंत्री मोहम्मद अकबर पर निशाना साधा था। 18 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ के कवर्धा में अपने भाषण के दौरान सरमा ने कथित तौर पर अकबर पर विवादास्पद टिप्पणी की थी।कांग्रेस के अनुसार अपने भाषण में सरमा ने कांग्रेस उम्मीदवार मोहम्मद अकबर के खिलाफ प्रचार करते हुए दावा किया कि, “यदि एक अकबर कहीं आता है, तो वह 100 अकबर को बुलाता है। इसलिए जितनी जल्दी हो सके उन्हें विदा करें, नहीं तो माता कौशल्या की धरती अपवित्र हो जाएगी

राहुल गांधी के मणिपुर दौरे पर हिमंत बिस्वा सरमा ने उठाए सवाल, कहा-वे क्या हल निकालेंगे, उनकी यात्रा महज मीडिया प्रचार

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी हिंसाग्रस्त मणिपुर के दौरे पर हैं। राहुल गांधी की यात्रा का आज दूसरा दिन है। कांग्रेस नेता के मणिपुर दौरे पर कोलेकर सियासत जारी है। इससे पहले गुरूवार को राहुल गांधी के काफिले को मणिपुर में रोक दिया गया था।पुलिस ने हिंसा की आंशका को देखते हुए काफिले को रोका था। अब इसी पर भाजपा और कांग्रेस में तनातनी शुरू हो गई है।असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने निशाना साधा है। असम के सीएम ने कहा कि राहुल गांधी का मणिपुर दौरा राज्य की गंभीर स्थिति में कोई सुधार नहीं लाएगा। उन्होंने इस दौरे को एक दिन का मीडिया कवरेज बताया।

न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि मणिपुर की स्थिति को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकार हालात को काबू में लाने की कोशिश कर ही हैं। उन्होंने कहा कि वहां किसी सियासी नेता (राहुल गांधी) के जाने की जरूरत नहीं है, वो इस मामले का कोई हल नहीं निकालेंगे। हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि अगर उनके दौरे से कोई सकारात्मक नतीजा मिलता है तो ये अलग बात है, अन्यथा ये एक दिन का मीडिया हाइप है... वन डे एपिसोड है।

राहुल को हिंसा पर सियासत नहीं करने की नसीहत

असम के मुख्यमंत्री ने राहुल को हिंसा पर सियासत नहीं करने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि राज्य में स्थिति करुणा के जरिए मतभेदों को दूर करने की मांग करती है, न कि किसी नेता के दौरे से मतभेदों को बढ़ाने की। शर्मा ने कहा कि राहुल गांधी के मणिपुर दौरे को मीडिया ने बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया है और इस वक्त किसी को पूर्वोत्तर राज्य की दुखद स्थिति से राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। सीएम ने ट्वीट किया, मणिपुर में स्थिति करुणा के जरिए मतभेदों को दूर करने की मांग करती है। किसी नेता द्वारा अपनी तथाकथित यात्रा का उपयोग मतभेदों को बढ़ाने के लिए करना राष्ट्र के हित में नहीं है। राज्य के दोनों समुदायों ने ऐसे प्रयासों को साफ तौर पर खारिज कर दिया है।

सुरक्षा का हवाला देते हुए रोका गया था राहुल का काफिला

बता दें कि चुराचांदपुर मणिपुर के सबसे प्रभावित इलाकों में से एक है। राहुल गांधी मणिपुर पहुंचने के बाद जैसे ही चुराचांदपुर जाने के लिए रवाना हुए तो पुलिस ने उनके काफिल को ये कहते हुए रोक दिया कि हाइवे पर ग्रेनेड अटैक होने की आशंका है। इसके बाद राहुल गांधी एयरपोर्ट वापस लौट गए और राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध करवाए गए हेलीकॉप्टर के जरिए चुराचांदपुर पहुंचे। राहुल गांधी ने इसके बाद ट्वीट करते हुए कहा, मैं मणिपुर अपने भाइयों-बहनों की बात सुनने आया हूं। सभी समुदायों के लोग बहुत स्वागत और प्रेम कर रहे हैं। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार मुझे रोक रही

नए संसद भवन के उद्घाटन को लेकर मचे बवाल के बीच हिमंत बिस्वा शरमा का बड़ा सवाल, पूछा- क्या विपक्षी दल राम मंदिर का करेंगे बहिष्कार?

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भारत को नए संसद भवन के तौर पर लोकतंत्र का नया मंदिर मिलने जा रहा है, 28 मई को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इसका उद्घाटन करेंगे। वहीं तमाम विपक्षी दल राष्ट्रपति से इसका उद्घाटन कराने की जिद पर अड़े हैं। इसे लेकर 19 विपक्षी दलों ने उद्घाटन समारोह का सामूहिक रूप से बहिष्कार करने का ऐलान भी कर दिया।जिसमें कांग्रेस भी शामिल है। ऐसे में भाजपा पर अब विपक्षी दल लगातार हमला कर रहे हैं। इस बीच असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने विपक्षी दलों से बड़ा सवाल पूछा है।

सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने ट्वीट कर पूछा ये सवाल

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एक ट्वीट लिखकर सवाल किया कि क्या ये विपक्षी दल आगे राम मंदिर के उद्घाटन का भी विरोध करेंगे? शरमा ने ये सवाल ऐसे समय पर उठाया है जब सेंट्रल विस्टा के उद्घाटन को लेकर बवाल मचा हुआ है।

विपक्ष ने क्या लगाया आरोप

बता दें कि कांग्रेस समेत 19 विपक्षी दलों ने 28 मई को होने वाले उद्घाटन समारोह का बहिष्कार करने का ऐलान किया है। विपक्षी दलों की मांग की है कि उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नहीं बल्कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करें। सरकार पर राष्ट्रपति मुर्मू को 'पूरी तरह दरकिनार' करने का आरोप लगाते हुए 19 दलों ने एक बयान में कहा है कि जब ‘‘लोकतंत्र की आत्मा को छीन लिया गया है’’ तो उन्हें नए भवन में कोई महत्व नजर नहीं आता। बहिष्कार करने वालों में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, द्रविड मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक), जनता दल (यूनाइटेड), आम आदमी पार्टी(आप), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी(माकपा), समाजवादी पार्टी (सपा), राष्ट्रीय जनता दल (राजद), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) जैसे तमाम विपक्षी दल शामिल हैं।

असम के सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने राहुल गांधी को दी चुनौती, कहा- हिम्मत है तो शरद पवार और अडाणी के मुलाकात के खिलाफ ट्वीट कर दिखाएं

#himanta_biswa_sarma_challenge_rahul_gandhi 

देश की राजनीति में इन दिनों उद्योगपति गौतम अडाणी का नाम सुर्खियों में हैं। एक तरफ कांग्रेस प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गौतम अडाणी के रिश्तों को लेकर हमलावर है, तो दूसरी और अपने बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वाले असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार के खिलाफ ट्वीट करने के लिए “ललकारा” है।ये बयान अडानी समूह के अध्यक्ष गौतम अदाणी और शरद पवार के बीच हुई बैठक के बाद दिया गया।

हिमंत बिस्वा सरमा ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि राहुल गांधी ने ट्वीट किया कि हम अडानी के दोस्त हैं। मैं उन्हें जानता तक नहीं हूं। पूर्वोत्तर के लोगों को अडानी, अंबानी और टाटा तक पहुंचने में कुछ समय लगेगा। हम वहां पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन राहुल गांधी में अगर हिम्मत है तो मैं उन्हें शरद पवार के खिलाफ ट्वीट करने की चुनौती देता हूं? पवार जी के अडानी से रिश्तों पर सवाल कीजिए? ये लोग सहूलियत वाली राजनीति करते हैं।

अडानी के पवार से मिलने पर राहुल ने क्यों नहीं किया ट्वीट-शरमा

हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि आप (राहुल गांधी) बीजेपी और अडानी पर कुछ ट्वीट करते हैं, लेकिन जब गौतम अडानी शरद पवार के घर जाते हैं और 2-3 घंटे बिताते हैं, क्यों राहुल गांधी का ट्वीट नहीं आता। मुझे शरद पवार के अडानी जी से मिलने में कोई समस्या नहीं है।

राहुल गांधी ने पूर्व कांग्रेसियों पर किया था ट्वीट

बता दें कि, हाल ही में राहुल गांधी ने अपने एक ट्वीट में हिमंत बिस्वा सरमा, गुलाम नबी आजाद जैसे कुछ पूर्व कांग्रेस नेताओं का नाम अदाणी से जोड़ा था। उन्होंने लिखा था कि ये सच छुपाते हैं, इसलिए रोजाना लोगों को गुमराह करते हैं। इसी ट्वीट को लेकर असम के सीएम ने वायनाड के पूर्व सांसद पर मानहानि का मामला दर्ज करने की चेतावनी दी थी।

राहुल गांधी को पता नहीं होता है कि क्या ट्वीट किया-शरमा

असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने मानहानि के मुकदमे पर भी बात की। उन्होंने कहा कि उन्हें यकीन नहीं है कि राहुल गांधी खुद अपने ट्विट्स को पोस्ट करते हैं या नहीं। हिमंत ने कहा कि असम में कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बताया था कि राहुल गांधी को शायद यह भी नहीं पता कि उन्होंने क्या ट्वीट किया। किसी ने उनसे ऐसा ट्वीट करवाया।

असम में बंद कर दिए गए 600 मदरसे, सीएम सरमा ने कहा-सारे पर ताला लगाने का इरादा, कांग्रेस को बताया आज के दौर का मुगल

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असम में करीब 600 मदरसे बंद किए गए हैं।अभी ये अभियान जारी रहेगा। क्योंकि, राज्य सरकार का इरादा सभी मदरसों को बंद करने का है। यह बात असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कही है।कर्नाटक पहुंचे असम के मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता हिमंत बिस्वा सरमा ने बड़ा बयान दे दिया। सरमा ने बांग्लादेशी घुसपैठ को लेकर भी हल्ला बोला।

कर्नाटक में बेलगावी के शिवाजी महाराज गार्डन में 'शिव चरिते' के लिए एक रैली को संबोधित करते हुए सरमा ने कहा कि उन्होंने अपने राज्य असम में 600 मदरसों को बंद कर दिया। बाकियों पर भी ताला लगाने का इरादा है। सरमा ने कहा कि वो मदरसों की जगह स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय चाहते हैं। 

बांग्लादेशी घुसपैठियों को संस्कृति के लिए खतरा बताया

चुनावी राज्य कर्नाटक में सभा को संबोधित करते हुए असम के मुख्यमंत्री ने बांग्लादेशी घुसपैठियों को संस्कृति के लिए खतरा बताया। सरमा ने कहा, 'बांग्लादेश के लोग असम आते हैं और हमारी सभ्यता और संस्कृति के लिए खतरा पैदा करते हैं। पिछले साल, सरमा ने दावा था कि असम जिहादी गतिविधियों के लिए अड्डा बन चुका है। खुफिया एजेंसियों के मुताबिक बांग्लादेश के एबीटी से जुड़े छह लोग गैर कानूनी तरीके से 2016-17 के बीच दाखिल हुए थे। उनका मकसद स्लीपर सेल के जरिए आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देना था। 

कांग्रेस को आज के दौर का मुगल करार दिया

सरमा ने कांग्रेस को आज के दौर का मुगल करार दिया।उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस आज के समय की मुगल है। वह देश को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। असम के मुख्यमंत्री ने नए भारत की बात करते हुए कहा कि एक समय दिल्ली के बादशाह मंदिर तोड़ने की बात किया करते थे। आज नरेंद्र मोदी के दौर में हम मंदिर निर्माण की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नए भारत की अर्थव्यवस्था आज ब्रिटेन से मजबूत है। नए भारत में कोविड से मुकाबले के लिए अपनी वैक्सीन का निर्माण किया जाता है। नए भारत में पाकिस्तान को मुँहतोड़ जवाब दिया जाता है। कॉन्ग्रेस इसी नए भारत को कमजोर करने की साजिश कर रही है। पहले भारत को कमजोर करने का काम मुगल किया करते थे।

इतिहास में मुगलों को उजागर करने के लिए कांग्रेस और कम्युनिस्टों को कोसा

भारतीय इतिहास में मुगलों को उजागर करने के लिए कांग्रेस और कम्युनिस्टों पर आरोप लगाते हुए, उन्होंने कहा कि भारतीय इतिहास छत्रपति शिवाजी महाराज के बारे में भी था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और कम्युनिस्टों ने दिखाया कि भारत का इतिहास बाबर, औरंगजेब और शाजहां के बारे में था। मैं बताना चाहता हूं कि भारत का इतिहास उनके बारे में नहीं है, बल्कि छत्रपति शिवाजी महाराज, गुरु गोबिंद सिंह के बारे में है।

हिमंत बिस्व सरमा दूसरी बार बने असम के सीएम, 4 मंत्रियों ने भी ली शपथ

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असम विधानसभा चुनाव में एनडीए की जबरदस्त जीत के बाद आज हिमंता बिस्वा सरमा ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है। हिमंत सरमा लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री बने हैं। उनके बाद 4 अन्य नेताओं ने भी मंत्री पद की शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह समेत पार्टी के कई सीनियर नेता, केंद्रीय मंत्री और कई राज्यों के सीएम शामिल हुए।

इन 4 नेताओं ने ली मंत्री पद की शपथ

1. रामेश्वर तेली (बीजेपी नेता और मोदी सरकार में पूर्व राज्य मंत्री)

2. अजंता नियोग (पिछली सरकार में वित्त मंत्री)

3. अतुल बोरा (असम गण परिषद के अध्यक्ष और पिछली 2 सरकारों में मंत्री)

4. चरण बोरो (बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के नेता, पिछली सरकार में भी मंत्री)

विधानसभा चुनाव में भाजपा की शानदार जीत

असम में भाजपा ने लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की है। इस चुनाव में भाजपा नीत एनडीए ने राज्य में शानदार प्रदर्शन करते हुए 126 में से 102 सीटों पर कब्जा किया है। भाजपा ने अकेले 82 सीटें जीतकर अपनी पकड़ मजबूत की है। इस प्रचंड बहुमत के साथ हिमंत बिस्वा सरमा लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभालेंगे। उनकी लोकप्रियता और कुशल रणनीतियों ने गठबंधन को इस ऐतिहासिक सफलता तक पहुंचाया है।

दूसरी बार सीएम बनेंगे हिमंत बिस्वा सरमा, 4 विधायक भी लेंगे मंत्री पद की शपथ

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अमस में हिमंत बिस्वा सरमा आज राज्‍य के मुख्‍यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। हिमंता दूसरी बार मुख्‍यमंत्री बनने जा रहे हैं। गुवाहाटी के केंद्रपाड़ा के वेटिनरी कॉलेज फील्ड में मंच तैयार है, जहां मंगलवार सुबह 11:40 बजे हिमंत बिस्वा सरमा दूसरी बार शपथ लेंगे। हिमंता के साथ केवल चार मंत्री शपथ लेंगे। उनके साथ भाजपा के दो वरिष्ठ नेता और सहयोगी दलों असम गण परिषद तथा बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के एक-एक नेता शामिल हैं।

ये चार विधायक लेंगे मंत्री पद की शपथ

मुख्यमंत्री सरमा के साथ चार विधायक भी मंत्री पद की शपथ लेंगे। हिमंत सरमा ने सोमवार रात चार नेताओं के नामों का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि यह घोषणा करते हुए मुझे खुशी हो रही है कि मेरे चार सहयोगी – रामेश्वर तेली, अतुल बोरा, चरण बोरो और अजंता नियोग, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गरिमामय उपस्थिति में मेरे साथ मंत्री पद की शपथ लेंगे। बोरा, असम गण परिषद (एजीपी) के अध्यक्ष हैं और बोरो, बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) से विधायक हैं। और दोनों एनडीए नीत पूर्व सरकार में मंत्री रह चुके हैं। नियोग पिछली सरकार में भी मंत्री थीं। तेली पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री रहे हैं, जिन्होंने 2026 के चुनाव में राज्य की राजनीति में वापसी की।

पीएम मोदी-अमित शाह समेत दिग्गजों का जमावड़ा

खानापारा के पशु चिकित्सा महाविद्यालय मैदान में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ-साथ राजग शासित राज्यों के 40 से अधिक मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों के उपस्थित रहने की संभावना है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंचे गुवाहाटी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम में बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए की तीसरी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह से पहले सोमवार रात गुवाहाटी पहुंचे। मुख्यमंत्री पद के लिए नामित हिमंत बिस्वा सरमा और अन्य बीजेपी नेताओं ने गुवाहाटी में लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई इंटरनेशनल एयर पोर्ट पर पीएम मोदी का स्वागत किया।

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई 100% पाकिस्तानी एजेंट…”, असम सीएम हिमंत बिस्वा सरमा का बड़ा आरोप

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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एक बार फिर कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई पर गंभीर आरोप लगाया है। सरमा ने शनिवार को कहा कि 'गौरव गोगोई सौ प्रतिशत पाकिस्तान का एजेंट है। उसे बाहरी शक्तियों द्वारा देश में प्लांट किया गया है। सरमा ने कहा, जिस दिन मैं सबूत दिखाऊंगा, हर कोई मान जाएगा कि वह सौ प्रतिशत पाकिस्तानी एजेंट हैं। बता दें कि सरमा गोगोई के उनकी ब्रिटिश पत्नी के माध्यम से पाकिस्तानी संबंधों का आरोप लगाते रहे हैं।

सरमा ने गोगोई को चुनौती दी

मीडिया से बातचीत में सरमा ने कहा, गौरव गोगोई पाकिस्तानी एजेंट हैं। वह पूरी तरह से पाकिस्तानी एजेंट हैं। अगर उनमें हिम्मत है, तो मेरे खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करें। मेरे पास सबूत हैं — वह 100 प्रतिशत पाकिस्तानी एजेंट हैं। उन्हें हमारे देश में किसी विदेशी शक्ति द्वारा भेजा गया है। वह एक ‘प्लांटेड’ व्यक्ति हैं। मैं यह तथ्य के साथ कह रहा हूं। एक मुख्यमंत्री के रूप में मैं कह रहा हूं कि वह पूरी तरह पाकिस्तानी एजेंट हैं।

गोगोई की पत्नी पर भी लगा चुके हैं आरोप

असम सीएम ने इससे पहले आरोप लगाया था कि कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई की पत्नी भारत में रहते हुए पाकिस्तान स्थित एक एनजीओ से वेतन लेती हैं। उनकी पत्नी और बच्चे भारतीय नागरिक नहीं हैं। साथ ही गोगोई से सवाल किया था कि क्या आप 15 दिनों के लिए पाकिस्तान गए थे।

कौन हैं कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई की विदेशी पत्नी एलिजाबेथ? जिसको लेकर आक्रामक हो रहे असम के सीएम सरमा

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असम के मुख्यमंत्री हेमंत विश्व सरमा और कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई आमने सामने हैं। दोनों नेताओं के विवाद के बीच की वजह हैं कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई की ब्रिटिश मूल की उनकी पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न। बिस्वा सरमा के गोगोई और उनकी ब्रिटिश मूल की पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न पर सवाल उठाने के बाद इस मामले ने तूल पकड़ लिया है। बिस्वा ने गोरव की पत्नी पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी- आईएसआई से संपर्क रखने के आरोप लगाए हैं। सरमा ने कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई की दस साल पहले भारत में उस समय पाकिस्तान के हाई कमिश्नर के साथ हुई मीटिंग को लेकर सवाल उठाए और इसे उनकी पत्नी एलिजाबेथ गोगोई से जोड़ा है। इसके बाद भाजपा ने इस बात को लेकर ना केवल गौरव गोगोई को घेरा है, बल्कि कांग्रेस पर भी हमलावर है।

हिमंत का आरोप

सबसे पहले मामले की जड़ मे चलते है, यानी जानते हैं कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा गौरव गोगोई को लेकर आखिर कहा क्या है। बिस्वा सरमा ने गुरुवार, 13 फ़रवरी को एक्स पर लिखा, "2015 में भारत में पाकिस्तानी उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने पहली बार बने सांसद (गौरव गोगोई) और उनके स्टार्टअप, पॉलिसी फॉर यूथ को नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग में भारत-पाकिस्तान संबंधों पर चर्चा करने के लिए आमंत्रित किया था। उल्लेखनीय बात यह है कि यह सांसद उस समय विदेशी मामलों की संसदीय समिति तक के सदस्य नहीं थे। जिससे उनके पाकिस्तानी उच्चायोग जाने की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं। गोगोई ऐसे वक़्त में पाकिस्तानी उच्चायोग गए जब भारत ने अपने अंदरूनी मामलों में उच्चायोग के दख़ल और हुर्रियत कॉन्फ़्रेंस के नेताओं से उसके संपर्क करने को लेकर आधिकारिक विरोध जताया था।"

मुख्यमंत्री सरमा ने ये भी लिखा कि इस मुलाकात के फौरन बाद 'द हिंदू' में प्रकाशित लेख में सांसद के स्टार्टअप ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ़) की आलोचना करते हुए अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों से निपटने के उनके तरीक़ों पर एतराज जताया। गोगोई के संसद की कार्रवाई के दौरान पूछे गए प्रश्नों का जिक्र करते हुए हिमंत ने उनकी मंशा पर सवाल उठाए और इशारा किया कि संवेदनशील रक्षा मामलों की तरफ़ उनका ध्यान लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने इस पोस्ट में ये भी लिखा कि ये सभी डेवलपमेंट उनकी एक ब्रितानी महिला से शादी के बाद होने शुरु हुए। उन महिला का प्रोफेशनल बैकग्राउंड और भी कई संदेहों को जन्म देता है।

इससे पहले हिमंत ने एक और पोस्ट में लिखा था, "आईएसआई से संबंधों, युवाओं को ब्रेनवॉश करने और कट्टरपंथी बनाने के लिए पाकिस्तानी दूतावास में ले जाने तथा पिछले 12 वर्षों से भारतीय नागरिकता लेने से इनकार करने के आरोपों से जुड़े गंभीर सवालों के जवाब दिए जाने की आवश्यकता है।"

इससे पहले बीजेपी नेता गौरव भाटिया ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा था, "विपक्ष के उपनेता गौरव गोगोई की पत्नी एलिज़ाबेथ कोलबर्न के पाकिस्तान योजना आयोग के सलाहकार अली तौकीर शेख और आईएसआई से संबंध पाए गए हैं। यह बेहद चिंताजनक है और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है। इसलिए उम्मीद है कि राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और गौरव गोगोई पाकिस्तान और आईएसआई के साथ उनके संबंधों के बारे में स्पष्ट करेंगे।"

कौन हैं एलिजाबेथ?

ब्रिटेन में जन्मी एलिज़ाबेथ कोलबर्न से गौरव गोगोई की मुलाकात 2010 में हुई थी जब वे दोनों संयुक्त राष्ट्र सचिवालय की एक समिति में एक साथ इंटर्नशिप कर रहे थे। एलिजाबेथ का परिवार लंदन में बसा है। तीन साल बाद यानी 2013 में गौरव गोगोई ने नई दिल्ली में एलिजाबेथ से शादी कर ली। एक जानकारी के अनुसार एलिजाबेथ ने मार्च 2011 से जनवरी 2015 तक सीडीकेएन (क्लाइमेट डेवलपमेंट एड नॉलेज नेटवर्क) के साथ काम किया था।

सीडीकेएन की वेबसाइट के अनुसार यह संस्था ग़रीब और जलवायु परिवर्तन के प्रति सबसे सबसे अधिक संवेदनशील लोगों के जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाने की दिशा में काम करती है। एलिजाबेथ इस संस्था के लिए भारत-पाकिस्तान और नेपाल में काम कर चुकी हैं। जलवायु परिवर्तन से जुड़े उनके कई लेख सीडीकेएन की वेबसाइट पर मौजूद है।

एलिज़ाबेथ ने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से स्नातक की पढ़ाई की है। वह इस समय ऑक्सफ़ोर्ड पॉलिसी मैनेजमेंट से जुड़ी हुई हैं, जो जलवायु परिवर्तन से जुड़े मुद्दों से निपटने के लिए काम करती है। सांसद गौरव गोगोई ने 2024 के आम चुनाव में जो हलफनामा दाखिल किया है उसमें पत्नी के काम की जानकारी के तौर पर उन्हें ऑक्सफ़ोर्ड पॉलिसी मैनेजमेंट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में वरिष्ठ सलाहकार बताया गया है।

हिमंत क्यों गौरव के पीछे पड़े?

असम के ही जोरहाट से सांसद गौरव गोगोई लोकसभा में कांग्रेस के डिप्टी लीडर हैं। अब सवाल ये उठाता है कि असम के सीएम अपने ही राज्य के कांग्रेस नेता पर इतने ज्यादा आक्रामक क्यों हैं?दरअसल, इस पूरे विवाद को हिमंता और गोगोई के बीच प्रतिद्वंद्विता के महज एक पड़ाव के रूप में देखा जाना चाहिए। दोनों के बीच वर्चस्व की लड़ाई करीब डेढ़ दशक पहले शुरू हुई थी, जब हिमंता, गौरव के पिता तरुण गोगोई के करीबी हुआ करते थे। 90 के दशक में हिमंता ने कांग्रेस से राजनीति की शुरुआत की थी। हिमंता कांग्रेस में तेजी से आगे बढ़े। वह 2001 में पहली बार जालुकबाड़ी सीट से विधायक बने। विधानसभा पहुंचने के साथ ही हिमंता की नज़दीकियां मुख्यमंत्री तरुण गोगोई से बढ़ती गईं। हिमंता 2001 से लगातार तीन बार कांग्रेस के टिकट पर विधायक चुने गए और तरुण गोगोई भी लगातार तीन बार मुख्यमंत्री बने।

दूसरे ही कार्यकाल में हिमंता को कैबिनेट में जगह मिल गई। ना सिर्फ मंत्री बने मुख्यमंत्री गोगोई ने स्वास्थ्य एवं शिक्षा जैसे अहम मंत्रालय हिमंता को सौंपे। इस दौरान सरमा तरुण गोगोई के सबसे भरोसेमंद नेताओं में से एक बन गए। लेकिन अक्सर इस तरफ की राजनीतिक मित्रताओं में 'पुत्रमोह' आड़े आ जाता है।

तरुण गोगोई के तीसरे कार्यकाल में हिमंत (तब वो कांग्रेस में थे) उम्मीद लगाकर बैठे थे कि आगे उन्हें सीएम बनने का मौका मिलेगा। लेकिन तरुण गोगोई ने 2014 में अपने बेटे गौरव गोगोई को लोकसभा चुनाव में खड़ा कर राजनीति में एंट्री करवा दी। इस समय गौरव असम में एक बड़े नेता हैं। क्योंकि हिमंता ने गौरव की पुरानी लोकसभा सीट कलियाबोर को परिसीमन के तहत खत्म कर दिया था ताकि गौरव मुसलमानों के वोट से जीत न सकें। लेकिन गौरव ने 2024 के लोकसभा चुनाव में हिंदू बहुल जोरहाट सीट से जीत दर्ज कर हिमंता को बड़ा झटका दे दिया। लिहाजा गौरव असम में सीएम सरमा के बड़े प्रतिद्वंद्वी बनकर सामने आ गए है।

विवादों में घिरे सीएम हिमंत बिस्वा सरमा, जानें पोस्ट डिलीट कर क्यों मांगी माफी?

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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने अपने एक ट्वीट के लिए माफ़ी मांगी है। हालांकि उस ट्वीट को उन्होंने अब डिलीट कर दिया है।गीता के इस 'श्लोक' के गलत अनुवाद को लेकर विवाद पैदा हो गया था, जिससे बाद असम के सीएम ने माफी मांगी है। गीता के श्‍लोक से जुड़ी 'एक्स' पर हिमंता बिस्‍वा सरमा की पोस्ट ने उन्हें विपक्ष के निशाने पर ला दिया था। कई नेताओं ने उन पर जाति विभाजन को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था। जिसके बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने न केवल सार्वजनिक तौर पर माफी मांगी है, बल्कि उन्होंने अपने पोस्ट को भी डिलीट कर दिया है।असम सीएम का पोस्ट 'ब्राह्मण-शूद्र' से जुड़ा हुआ थाष

सरमा ने मांगी माफी

हिमंत बिस्वा सरमा एक्स पर पोस्ट कर कहा, ‘मैं नियमित तौर पर हर सुबह अपने सोशल मीडिया हैंडल पर भगवद गीता का एक श्लोक अपलोड करता हूं। अब तक मैंने 668 श्लोक पोस्ट किए हैं। हाल ही में मेरी टीम के एक सदस्य ने अध्याय 18 श्लोक 44 से एक श्लोक गलत अनुवाद के साथ पोस्ट किया है। जैसे ही मुझे गलती का एहसास हुआ, मैंने उस पोस्ट को हटा दिया। महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव के नेतृत्व में सुधार आंदोलन की बदौलत असम राज्य जातिविहीन समाज की एक आदर्श तस्वीर दर्शाता है। अगर डिलीट की गई पोस्ट से किसी को ठेस पहुंची है तो मैं तहे दिल से माफी मांगता हूं।

हटाई गई पोस्ट में क्या था?

26 दिसंबर की सुबह हिमन्त बिस्व सरमा ने श्रीमदभगवद्गीता का एक श्लोक अपनो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। उन्होंने एक तस्वीर शेयर की थी जिस पर कृष्ण और अर्जुन की तस्वीर बनी थी और गीता का हवाला देकर एक श्लोक लिखा था। इसमें लिखा था, खेती गाय पालन और व्यापार- ये वैश्यों के अंतर्निहित और स्वाभाविक कर्म हैं। ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य ये तीन वर्णों की सेवा करना शूद्र का भी स्वाभाविक कर्म है। इसे शेयर करते हुए हिमन्त बिस्व सरमा ने लिखा, भगवान श्रीकृष्ण स्वयं वैश्यों और शूद्रों के स्वाभाविक कर्मों का वर्णन करते हैं।

आवैसी का हिमंता सरमा पर तीखा हमला

गीता के श्‍लोक को लेकर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के नेता और लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने हिमंता बिस्‍वा सरमा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वह हर भारतीय नागरिक के साथ समान व्यवहार करने की अपनी शपथ पूरी नहीं कर रहे हैं। ओवैसी ने कहा, एक संवैधानिक पद पर रहते हुए, आपकी शपथ प्रत्येक नागरिक के साथ समान व्यवहार करने की है। यह उस दुर्भाग्यपूर्ण क्रूरता में परिलक्षित होता है, जिसका असम के मुसलमानों ने पिछले कुछ वर्षों में सामना किया है।

कांग्रेस ने भी उठाए सवाल

असम सीएम के ट्वीट पर कांग्रेस ने भी पलटवार किया है। पार्टी नेता पवन खेड़ा ने पूछा कि क्या पीएम और राष्ट्रपति हिमंत बिस्वा की जातिवादी टिप्पणियों से सहमत हैं। उन्होंने कहा कि और फिर यदि आप उनसे कुछ कहेंगे तो वह अपनी पुलिस भेज देंगे, लेकिन ऐसी मूर्खतापूर्ण टिप्पणियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। क्या राष्ट्रपति भवन और पीएमओ हिमंत बिस्वा की जातिवादी टिप्पणियों से सहमत हैं?

प्रियंका गांधी और हिमंत बिस्वा सरमा को चुनाव आयोग ने भेजा नोटिस, जानें क्या है कारण

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चुनाव आयोग ने प्रियंका गांधी वाड्रा और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। दोनों नेताओं पर आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप है।अधिकारियों ने कहा कि दोनों नेताओं को 30 अक्टूबर शाम तक जवाब देने के लिए कहा गया है।

बता दें कि देश के 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाला है। 3 दिसंबर को चुनाव के परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। इस बीच चनाव आयोग ने कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा और असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा को नोटिस भेजा है। चुनाव आयोग ने 26 अक्टूबर को प्रियंका गांधी को नोटिस भेजकर 30 अक्टूबर की शाम तक जवाब देने को कहा है। चुनाव आयोग ने इसके साथ-साथ चेतावनी दी है कि यदि दोनों नेता समय सीमा समाप्त होने से पहले जवाब नहीं देते हैं तो यह मान लिया जाएगा कि उनके पास जवाब देने के लिए कुछ नहीं है और उनसे दोबारा संपर्क किए बिना ‘उचित कार्रवाई’ की जाएगी।

क्या कहा था प्रियंका गांधी ने

प्रियंका गांधी ने राजस्थान के दौसा में सभा को संबोदित करते हुए कहा था कि आपने देखा ही होगा, मैंने टीवी पर देखा पता नहीं सच है कि नहीं। पीएम मोदी ने देवनारायण जी के मंदिर में शायद गए थे। यहां उन्होंने लिफाफा डाला। लिफाफा खोला गया तो इसमें 21 रुपये मिले। एक तरह से यही हो रहा है। देश में घोषणाएं मंच पर खड़े होकर कैसे-कैसे लिफाफे दिखाए जा रहे हैं। आपको और जब आप उन लिफाफे को खोलते हैं तो चुनाव खत्म हो जाता है। इसी बयान को लेकर केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवालन ने चुनाव आयोग से शिकायत करते हुए इसे आचार संहिता का उल्लंघन बताया था, जिसपर अब चुनाव आयोग ने प्रियंका गांधी से जवाब मांगा है।

अकबर पर टिप्पणी कर फंसे सरमा

वहीं, कांग्रेस ने चुनाव आयोग को दी अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि सरमा ने बीते हफ्ते छत्तीसगढ़ में एक चुनाव प्रचार के दौरान एकमात्र मुस्लिम मंत्री मोहम्मद अकबर पर निशाना साधा था। 18 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ के कवर्धा में अपने भाषण के दौरान सरमा ने कथित तौर पर अकबर पर विवादास्पद टिप्पणी की थी।कांग्रेस के अनुसार अपने भाषण में सरमा ने कांग्रेस उम्मीदवार मोहम्मद अकबर के खिलाफ प्रचार करते हुए दावा किया कि, “यदि एक अकबर कहीं आता है, तो वह 100 अकबर को बुलाता है। इसलिए जितनी जल्दी हो सके उन्हें विदा करें, नहीं तो माता कौशल्या की धरती अपवित्र हो जाएगी

राहुल गांधी के मणिपुर दौरे पर हिमंत बिस्वा सरमा ने उठाए सवाल, कहा-वे क्या हल निकालेंगे, उनकी यात्रा महज मीडिया प्रचार

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी हिंसाग्रस्त मणिपुर के दौरे पर हैं। राहुल गांधी की यात्रा का आज दूसरा दिन है। कांग्रेस नेता के मणिपुर दौरे पर कोलेकर सियासत जारी है। इससे पहले गुरूवार को राहुल गांधी के काफिले को मणिपुर में रोक दिया गया था।पुलिस ने हिंसा की आंशका को देखते हुए काफिले को रोका था। अब इसी पर भाजपा और कांग्रेस में तनातनी शुरू हो गई है।असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने निशाना साधा है। असम के सीएम ने कहा कि राहुल गांधी का मणिपुर दौरा राज्य की गंभीर स्थिति में कोई सुधार नहीं लाएगा। उन्होंने इस दौरे को एक दिन का मीडिया कवरेज बताया।

न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि मणिपुर की स्थिति को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकार हालात को काबू में लाने की कोशिश कर ही हैं। उन्होंने कहा कि वहां किसी सियासी नेता (राहुल गांधी) के जाने की जरूरत नहीं है, वो इस मामले का कोई हल नहीं निकालेंगे। हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि अगर उनके दौरे से कोई सकारात्मक नतीजा मिलता है तो ये अलग बात है, अन्यथा ये एक दिन का मीडिया हाइप है... वन डे एपिसोड है।

राहुल को हिंसा पर सियासत नहीं करने की नसीहत

असम के मुख्यमंत्री ने राहुल को हिंसा पर सियासत नहीं करने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि राज्य में स्थिति करुणा के जरिए मतभेदों को दूर करने की मांग करती है, न कि किसी नेता के दौरे से मतभेदों को बढ़ाने की। शर्मा ने कहा कि राहुल गांधी के मणिपुर दौरे को मीडिया ने बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया है और इस वक्त किसी को पूर्वोत्तर राज्य की दुखद स्थिति से राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। सीएम ने ट्वीट किया, मणिपुर में स्थिति करुणा के जरिए मतभेदों को दूर करने की मांग करती है। किसी नेता द्वारा अपनी तथाकथित यात्रा का उपयोग मतभेदों को बढ़ाने के लिए करना राष्ट्र के हित में नहीं है। राज्य के दोनों समुदायों ने ऐसे प्रयासों को साफ तौर पर खारिज कर दिया है।

सुरक्षा का हवाला देते हुए रोका गया था राहुल का काफिला

बता दें कि चुराचांदपुर मणिपुर के सबसे प्रभावित इलाकों में से एक है। राहुल गांधी मणिपुर पहुंचने के बाद जैसे ही चुराचांदपुर जाने के लिए रवाना हुए तो पुलिस ने उनके काफिल को ये कहते हुए रोक दिया कि हाइवे पर ग्रेनेड अटैक होने की आशंका है। इसके बाद राहुल गांधी एयरपोर्ट वापस लौट गए और राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध करवाए गए हेलीकॉप्टर के जरिए चुराचांदपुर पहुंचे। राहुल गांधी ने इसके बाद ट्वीट करते हुए कहा, मैं मणिपुर अपने भाइयों-बहनों की बात सुनने आया हूं। सभी समुदायों के लोग बहुत स्वागत और प्रेम कर रहे हैं। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार मुझे रोक रही

नए संसद भवन के उद्घाटन को लेकर मचे बवाल के बीच हिमंत बिस्वा शरमा का बड़ा सवाल, पूछा- क्या विपक्षी दल राम मंदिर का करेंगे बहिष्कार?

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भारत को नए संसद भवन के तौर पर लोकतंत्र का नया मंदिर मिलने जा रहा है, 28 मई को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इसका उद्घाटन करेंगे। वहीं तमाम विपक्षी दल राष्ट्रपति से इसका उद्घाटन कराने की जिद पर अड़े हैं। इसे लेकर 19 विपक्षी दलों ने उद्घाटन समारोह का सामूहिक रूप से बहिष्कार करने का ऐलान भी कर दिया।जिसमें कांग्रेस भी शामिल है। ऐसे में भाजपा पर अब विपक्षी दल लगातार हमला कर रहे हैं। इस बीच असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने विपक्षी दलों से बड़ा सवाल पूछा है।

सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने ट्वीट कर पूछा ये सवाल

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एक ट्वीट लिखकर सवाल किया कि क्या ये विपक्षी दल आगे राम मंदिर के उद्घाटन का भी विरोध करेंगे? शरमा ने ये सवाल ऐसे समय पर उठाया है जब सेंट्रल विस्टा के उद्घाटन को लेकर बवाल मचा हुआ है।

विपक्ष ने क्या लगाया आरोप

बता दें कि कांग्रेस समेत 19 विपक्षी दलों ने 28 मई को होने वाले उद्घाटन समारोह का बहिष्कार करने का ऐलान किया है। विपक्षी दलों की मांग की है कि उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नहीं बल्कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करें। सरकार पर राष्ट्रपति मुर्मू को 'पूरी तरह दरकिनार' करने का आरोप लगाते हुए 19 दलों ने एक बयान में कहा है कि जब ‘‘लोकतंत्र की आत्मा को छीन लिया गया है’’ तो उन्हें नए भवन में कोई महत्व नजर नहीं आता। बहिष्कार करने वालों में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, द्रविड मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक), जनता दल (यूनाइटेड), आम आदमी पार्टी(आप), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी(माकपा), समाजवादी पार्टी (सपा), राष्ट्रीय जनता दल (राजद), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) जैसे तमाम विपक्षी दल शामिल हैं।

असम के सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने राहुल गांधी को दी चुनौती, कहा- हिम्मत है तो शरद पवार और अडाणी के मुलाकात के खिलाफ ट्वीट कर दिखाएं

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देश की राजनीति में इन दिनों उद्योगपति गौतम अडाणी का नाम सुर्खियों में हैं। एक तरफ कांग्रेस प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गौतम अडाणी के रिश्तों को लेकर हमलावर है, तो दूसरी और अपने बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वाले असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार के खिलाफ ट्वीट करने के लिए “ललकारा” है।ये बयान अडानी समूह के अध्यक्ष गौतम अदाणी और शरद पवार के बीच हुई बैठक के बाद दिया गया।

हिमंत बिस्वा सरमा ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि राहुल गांधी ने ट्वीट किया कि हम अडानी के दोस्त हैं। मैं उन्हें जानता तक नहीं हूं। पूर्वोत्तर के लोगों को अडानी, अंबानी और टाटा तक पहुंचने में कुछ समय लगेगा। हम वहां पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन राहुल गांधी में अगर हिम्मत है तो मैं उन्हें शरद पवार के खिलाफ ट्वीट करने की चुनौती देता हूं? पवार जी के अडानी से रिश्तों पर सवाल कीजिए? ये लोग सहूलियत वाली राजनीति करते हैं।

अडानी के पवार से मिलने पर राहुल ने क्यों नहीं किया ट्वीट-शरमा

हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि आप (राहुल गांधी) बीजेपी और अडानी पर कुछ ट्वीट करते हैं, लेकिन जब गौतम अडानी शरद पवार के घर जाते हैं और 2-3 घंटे बिताते हैं, क्यों राहुल गांधी का ट्वीट नहीं आता। मुझे शरद पवार के अडानी जी से मिलने में कोई समस्या नहीं है।

राहुल गांधी ने पूर्व कांग्रेसियों पर किया था ट्वीट

बता दें कि, हाल ही में राहुल गांधी ने अपने एक ट्वीट में हिमंत बिस्वा सरमा, गुलाम नबी आजाद जैसे कुछ पूर्व कांग्रेस नेताओं का नाम अदाणी से जोड़ा था। उन्होंने लिखा था कि ये सच छुपाते हैं, इसलिए रोजाना लोगों को गुमराह करते हैं। इसी ट्वीट को लेकर असम के सीएम ने वायनाड के पूर्व सांसद पर मानहानि का मामला दर्ज करने की चेतावनी दी थी।

राहुल गांधी को पता नहीं होता है कि क्या ट्वीट किया-शरमा

असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने मानहानि के मुकदमे पर भी बात की। उन्होंने कहा कि उन्हें यकीन नहीं है कि राहुल गांधी खुद अपने ट्विट्स को पोस्ट करते हैं या नहीं। हिमंत ने कहा कि असम में कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बताया था कि राहुल गांधी को शायद यह भी नहीं पता कि उन्होंने क्या ट्वीट किया। किसी ने उनसे ऐसा ट्वीट करवाया।

असम में बंद कर दिए गए 600 मदरसे, सीएम सरमा ने कहा-सारे पर ताला लगाने का इरादा, कांग्रेस को बताया आज के दौर का मुगल

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असम में करीब 600 मदरसे बंद किए गए हैं।अभी ये अभियान जारी रहेगा। क्योंकि, राज्य सरकार का इरादा सभी मदरसों को बंद करने का है। यह बात असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कही है।कर्नाटक पहुंचे असम के मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता हिमंत बिस्वा सरमा ने बड़ा बयान दे दिया। सरमा ने बांग्लादेशी घुसपैठ को लेकर भी हल्ला बोला।

कर्नाटक में बेलगावी के शिवाजी महाराज गार्डन में 'शिव चरिते' के लिए एक रैली को संबोधित करते हुए सरमा ने कहा कि उन्होंने अपने राज्य असम में 600 मदरसों को बंद कर दिया। बाकियों पर भी ताला लगाने का इरादा है। सरमा ने कहा कि वो मदरसों की जगह स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय चाहते हैं। 

बांग्लादेशी घुसपैठियों को संस्कृति के लिए खतरा बताया

चुनावी राज्य कर्नाटक में सभा को संबोधित करते हुए असम के मुख्यमंत्री ने बांग्लादेशी घुसपैठियों को संस्कृति के लिए खतरा बताया। सरमा ने कहा, 'बांग्लादेश के लोग असम आते हैं और हमारी सभ्यता और संस्कृति के लिए खतरा पैदा करते हैं। पिछले साल, सरमा ने दावा था कि असम जिहादी गतिविधियों के लिए अड्डा बन चुका है। खुफिया एजेंसियों के मुताबिक बांग्लादेश के एबीटी से जुड़े छह लोग गैर कानूनी तरीके से 2016-17 के बीच दाखिल हुए थे। उनका मकसद स्लीपर सेल के जरिए आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देना था। 

कांग्रेस को आज के दौर का मुगल करार दिया

सरमा ने कांग्रेस को आज के दौर का मुगल करार दिया।उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस आज के समय की मुगल है। वह देश को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। असम के मुख्यमंत्री ने नए भारत की बात करते हुए कहा कि एक समय दिल्ली के बादशाह मंदिर तोड़ने की बात किया करते थे। आज नरेंद्र मोदी के दौर में हम मंदिर निर्माण की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नए भारत की अर्थव्यवस्था आज ब्रिटेन से मजबूत है। नए भारत में कोविड से मुकाबले के लिए अपनी वैक्सीन का निर्माण किया जाता है। नए भारत में पाकिस्तान को मुँहतोड़ जवाब दिया जाता है। कॉन्ग्रेस इसी नए भारत को कमजोर करने की साजिश कर रही है। पहले भारत को कमजोर करने का काम मुगल किया करते थे।

इतिहास में मुगलों को उजागर करने के लिए कांग्रेस और कम्युनिस्टों को कोसा

भारतीय इतिहास में मुगलों को उजागर करने के लिए कांग्रेस और कम्युनिस्टों पर आरोप लगाते हुए, उन्होंने कहा कि भारतीय इतिहास छत्रपति शिवाजी महाराज के बारे में भी था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और कम्युनिस्टों ने दिखाया कि भारत का इतिहास बाबर, औरंगजेब और शाजहां के बारे में था। मैं बताना चाहता हूं कि भारत का इतिहास उनके बारे में नहीं है, बल्कि छत्रपति शिवाजी महाराज, गुरु गोबिंद सिंह के बारे में है।