नकलविहीन बोर्ड परीक्षा कराने को डीएम ने दिए सख्त निर्देश, कहा परीक्षार्थियों पर रहेगी कैमरों की निगाह, गड़बड़ी मिलने पर नपेंगे केंद्र व्यवस्थापक
*पंकज कुमार श्रीवास्तव*
कन्नौज : अगले सप्ताह फरवरी से शुरू हो रही बोर्ड परीक्षाओं को लेकर प्रशासन सख्त रुख अपनाने के मूड मे है। नकलविहीन बोर्ड परीक्षा सम्पन्न कराने को लेकर जिलाधिकारी व पुलिस कप्तान ने केंद्र व्यवस्थापक, स्टैटिक व सेक्टर मजिस्ट्रेट के साथ बैठक कर उन्हें कड़े निर्देश जारी किए है।
गुरुवार को मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम हाल में यूपी बोर्ड परीक्षा को लेकर जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री और एसपी विनोद कुमार ने केंद्र व्यवस्थापकों, बाह्य केंद्र व्यवस्थापकों, स्टेटिक मजिस्ट्रेटों, सेक्टर मजिस्ट्रेटों के साथ की।
जानकारी के अनुसार इस वर्ष बोर्ड परीक्षा सम्पन्न करानी के लिए जिले में कुल 96 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। जिनमें तीन जोनल मजिस्ट्रेट,15 सेक्टर मजिस्ट्रेट,96 -96 केंद्र व्यवस्थापक, वाह्य केंद्र व्यवस्थापक, स्टैटिक मजिस्ट्रेट की ड्यूटी लगाई गई है। इस वर्ष की परीक्षा में हाईस्कूल के 25058 अभ्यार्थी और इंटर के 22447 अभ्यार्थी शामिल होंगे।
18 फरवरी से 12 मार्च तक दो पालियों में परीक्षाएं संपन्न कराई जाएंगी। डीएम श्री अगिनहोत्री ने बताया कि जिले को तीन प्रशासनिक जोनों में विभाजित किया गया है। संबंधित एसडीएम अपनी तहसील क्षेत्रों में नोडल मजिस्ट्रेट के रूप में अपने दायित्वों का निर्वाहन करेंगे। जोनल मजिस्ट्रेट और पुलिस विभाग आपस में समन्वय स्थापित कर शांति व्यवस्था बनाने का काम करेंगे। डीएम ने कहा कि गड़बड़ी मिलने पर केंद्र व्यवस्थापक के खिलाफ कार्यवाही होगी। उन्होंने सभी को फरमान सुनाया की
परीक्षा की गोपनीय सामग्री को विद्यालय स्थित स्ट्रांग रूम रखी जायेगी। परीक्षा के दौरान प्रश्न पत्र खुलने से लेकर उत्तर पुस्तिकाएं जमा होने तक की पूरी प्रक्रिया की सीसीटीवी कैमरों निगरानी में होगी।
परीक्षा केंद्र के मुख्य गेट पर सभी परीक्षार्थियों की सघन तलाशी ली जाए इसके बाद ही अंदर प्रवेश दिए जाए। छात्राओं की तलाशी महिला कर्मी लेंगी। उत्तर पुस्तिकाओं की पैकिंग सीसीटीवी की नजर में की जाए और सुरक्षा के साथ संकलन केंद्र तक भेजी जाएं। डीएम ने कहा कि, केंद्रों पर परीक्षार्थियों के बैठने, पार्किंग, पेयजल, प्रकाश, शौचालय आदि व्यवस्थाओं को पहले से ही पूरा कर लिया जाए। सभी केंद्रों पर पवार बैकअप की सुविधा हो। मोबाइल, कैमरा, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पुरी तरह प्रतिबंधित रहें।
परीक्षा के दौरान पुलिस का पर्याप्त बंदोबस्त रहेगा।
एसपी विनोद कुमार ने कहा कि, परीक्षा सम्पन्न कराए जाने को लेकर शासन द्वारा "सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम 2024 "के प्रावधानों को सख्ती से लागू किया गया है। इस अधिनियम के अंतर्गत बोर्ड परीक्षा में नकल करते पाए जाने पर नकल कराने में संलिप्तता उजागर होने पर दोषी पाए जाने वाले के खिलाफ कठोर और दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी। अधिनियम के अनुसार परीक्षा में अनुचित साधन का उपयोग करने,नकल कराने, प्रश्नपत्र लीक करने, परीक्षा की गोपनीयता भंग करने जैसे कृत्यों में दोषी पाए जाने पर अधिकतम एक करोड़ तक का जुर्माना और तीन वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है,इसके अतरिक्त संबंधित अभ्यार्थी की परीक्षा भी निरस्त की जा सकती है। जिससे भविष्य की परीक्षाओं से भी दोषी को वंचित रहना पड़ सकता है।
एसपी के मुताबिक जिले में बोर्ड परीक्षा नकलविहीन व पारदर्शी रूप से संपन्न हो सके इसके लिए व्यापक पुलिस बल और अन्य पुलिस सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है। बैठक के दौरान जिला विद्यालय निरीक्षक पप्पू सरोज, पी. डी. डीआरडीए राम अवतार सिंह, सहित बोर्ड परीक्षा केंद्रों के संबंधी केंद्र संचालक मौजूद रहे।
फोटो परिचय- बोर्ड परीक्षा को लेकर केंद्र व्यवस्थापकों सेक्टर मजिस्ट्रेट स्टेटिक मजिस्ट्रेट की बैठक लेते डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री
1 hour and 33 min ago
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