राम मंदिर उद्घाटन से पहले अयोध्या पहुंचे जटायु के वंशज ! विलुप्त प्रजाति के गिद्धों को देखने उमड़ी भीड़, कहा, चमत्कार ही है यह...

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अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर युद्धस्तर पर तैयारियां चल रही हैं। दुनिया भर के राम भक्त राम मंदिर उद्घाटन को लेकर उत्साह से भरे हुए हैं। इसी बीच रामलला की नगरी से एक अनोखी घटना सामने आ रही है यहाँ राम मंदिर उद्घाटन से पहले मिल्कीपुर के जंगलों एवं ग्रामीण इलाकों में प्रकृति के सफाई कर्मी तथा विलुप्त प्रजाति के पक्षी गिद्ध झुंड में ग्रामीणों को नजर आने लगे हैं। 

बता दे कि, जटायु गिद्ध प्रजाति से ताल्लुक रखते थे। वही जटायु जिन्होंने अपने पंखों से रावण को बहुत चोट पहुंचाई थी। रावण के शरीर को जटायु ने लहूलुहान कर दिया था। रामकथा में प्रसंग आता है जब जटायु के भाई संपाती ने कहा कि मेरे पंख कमजोर हैं मगर आंख दूर की चीजें देख सकती है इसीलिए मैं सीताजी को अशोक वाटिका में बैठी देख रहा हूं। वही अब ऐसे में राम मंदिर उद्घाटन से पहले गिद्ध का अयोध्या में नजर आना लोगों को अचंभित कर रहा है। लोग इन्हे जटायु का वंशज समझकर इन्हे पूज रहे है। 

थाना खंडासा क्षेत्र के धरौली गांव के दर्जनों लोगों ने बताया कि गांव के आसपास स्थित बागों में दर्जनों के आंकड़े में गिद्ध पक्षियों का झुंड दिखाई दे रहा जो प्रकृति के लिए अच्छी खबर है। उप प्रभागीय वन अधिकारी अयोध्या के एन0 सुधीर ने बताया कि ऐसा है तो यह बहुत अच्छी खबर है अभी तत्काल मौके पर टीम को भेज कर दिखावाते है।

देश में विलुप्त हो चुके गिद्ध

दरअसल, देश में गिद्ध विलुप्त श्रेणी में आ गए हैं। सरकार इनके संरक्षण के लिए कई योजनाएं भी चला रही है। बीते वर्ष की एक रिपोर्ट के अनुसार, 30 साल के भीतर भारत में गिद्धों की संख्या काफी कम हो गई है। ये 4 करोड़ से घटकर 4 लाख से भी कम हो गए हैं। जबकि धरती पर इनकी बहुत जरूरत है। ये विलुप्त होने की कगार पर पहुंच चुके हैं। वही अब ऐसे में राम मंदिर उद्घाटन से पहले गिद्ध का अयोध्या में नजर आना लोगों को अचंभित कर रहा है।

देश में 24 घंटे में दर्ज हुए 797 नए कोरोना मामले, 225 दिनों में सबसे अधिक है संख्या

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भारत में COVID-19 के 797 नए मामले दर्ज किए गए हैं, जो 225 दिनों में सबसे अधिक है, जबकि संक्रमण के सक्रिय मामलों की संख्या 4,091 दर्ज की गई है।

मंत्रालय के सुबह 8 बजे अपडेट किए गए आंकड़ों के अनुसार, 24 घंटे की अवधि में कोविड के कारण पांच मौतें हुईं जिसमें दो केरल से और एक-एक महाराष्ट्र, पुडुचेरी और तमिलनाडु से हैं।

9 मई को देश में 865 नए मामले दर्ज किए गए थे।

5 दिसंबर तक दैनिक मामलों की संख्या घटकर दोहरे अंक में आ गई थी, लेकिन नए वैरिएंट के सामने आने और ठंड के मौसम की स्थिति के बाद मामले फिर से बढ़ गए हैं।

 

महामारी के चरम पर दैनिक संख्या लाखों में थी, जो 2020 की शुरुआत में शुरू हुई और तब से लगभग चार वर्षों में देश भर में 4.5 करोड़ से अधिक लोग संक्रमित हुए और 5.3 लाख से अधिक मौतें हुईं।

मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार, इस बीमारी से ठीक होने वाले लोगों की संख्या 4.4 करोड़ से अधिक है, जिसकी राष्ट्रीय रिकवरी दर 98.81 प्रतिशत है।

वेबसाइट के मुताबिक, देश में अब तक कोविड टीकों की 220.67 करोड़ खुराकें लगाई जा चुकी हैं।

मधयप्रदेश के गुना में हुआ बड़ा हादसा! डंपर से जा टकराई बस, आग लगने से 13 यात्रियों की हुई मौत

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मध्य प्रदेश के गुना से एक दुखद हादसे की खबर सामने आ रही है। यहां यात्रियों से भरी बस की टक्कर डंपर से हो गई। इस दुर्घटना से बस में आग लग गई तथा 13 व्यक्तियों की मौत हो गई। जिस समय ये दुर्घटना हुई उस समय यात्री बस गुना से आरोन जा रही थी। बस में यात्रियों की संख्या लगभग 30 के आस पास थी। दुर्घटना की भयावहता अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि, कुछ शव पूरी तरह जल चुके हैं तथा प्रशासन ने DNA मिलान के माध्यम से उनकी पहचान किए जाने की बात की है। 

कलेक्टर व एसपी घटनास्थल पर मौजूद हैं। चोटिल व्यक्तियों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सीएम ने मृतकों को 4-4 लाख, चोटिल व्यक्तियों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। बता दें कि गुना में ये दुर्घटना डंपर और बस की टक्कर के बाद हुई। शुरुआत में 7 लोगों के मरने की खबर आई थी, मगर धीरे-धीरे मृतकों का आंकड़ा बढ़ता गया। गुना के कलेक्टर तरुण राठी ने हादसे को लेकर खबर दी है। उन्होंने बताया कि 17 चोटिल लोगों अस्पताल में भर्ती कराया गया है तथा वे सुरक्षित हैं। 

वही दुर्घटना को लेकर जिला कलेक्टर ने बताया कि डंपर से टक्कर के बाद बस पलटी खाकर सड़क से नीचे जा गिरी तथा उसमें तुरंत ही आग लग गई। आग भयानक थी, इसलिए कई यात्री इसकी जद में आ गए तथा जल कर मारे गए। हादसे में 17 घायलों को हॉस्पिटल पहुंचाया गया, जिनका वहां उपचार जारी है। कई शव बुरी तरह जल चुके हैं, और चेहरा देखकर उनकी पहचान करना संभव नहीं है। इसलिए परिजन उन्हें पहचान नहीं पा रहे हैं। उधर, प्रशासन दुर्घटना कैसे हुई और इसके जिम्मेदारों की जांच व खोजबीन में भी जुट गया है। डंपर के परमिट आदि की जानकारी भी निकाली जा रही है।

वही मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हादसे को लेकर शोक जताया है। X पर मुख्यमंत्री ने लिखा 'गुना से आरोन जा रही बस में भीषण आग से यात्रियों के हताहत होने का समाचार अत्यंत दुःखद है। इस हृदय विदारक दुर्घटना में असमय मृत्यु को प्राप्त हुए दिवंगतों के परिजनों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं। दुःख की इस विकट परिस्थिति में प्रदेश सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है।' आगे उन्होंने कहा- 'मैंने प्रशासन को चोटिल यात्रियों के समुचित उपचार का इंतजाम करने के साथ ही दुर्घटना की जांच के आदेश भी दिए हैं, जिससे भविष्य में इस प्रकार के हादसों की पुनरावृत्ति न हो। बाबा महाकाल से दिवंगत आत्माओं की शांति तथा चोटिल व्यक्तियों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूँ।।। ॐ शांति ।' सीएम ने मृतक लोगों को 4-4 लाख,घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है।

कौन हैं लखबीर सिंह लांडा ? भारत ने घोषित किया आतंकवादी

#canadabasedbabbarkhalsaslakhbirsinghlandadeclared_terrorist 

कनाडा में बैठकर भारत विरोधी गतिविधियां चलाने वाले खालिस्तानी लखबीर सिंह लांडा को भारत सरकार ने आतंकवादी घोषित कर दिया है।बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के नेता और गैंगस्टर लखबीर सिंह लांडा को भारत सरकार ने गैरकानूनी गतिविधि अधिनियम के तहत आतंकवादी घोषित किया है। बता दें, लांडा पंजाब के तरनतारन जिले का रहने वाला है। वर्तमान में वह कनाडा के एडमोंटन, अल्बर्टा में रहता है।

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गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को एक अधिसूचना जारी कर फैसले की सूचना दी। केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार, लांडा अन्य आतंकवादी गतिविधियों के अलावा, 2021 में मोहाली में पंजाब पुलिस खुफिया मुख्यालय पर रॉकेट हमले में शामिल था। अधिसूचना के अनुसार, लांडा पाकिस्तान से भारत में तस्करी किए जाने वाले हथियारों और आईईडी डिवाइसों की निगरानी करता है। लांडा नौ मई 2022 को पंजाब पुलिस के खुफिया मुख्यालय पर हुए रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (आरपीजी) हमले का भी मास्टरमाइंड है। मामले में उसके खिलाफ पंजाब पुलिस और एनआईए ने केस दर्ज किया है। हालांकि वह फिलहाल फरार है और कनाडा में छिपकर बैठा है। 

हथियार और विस्फोटकों की तस्‍करी में भी शामिल

वह पंजाब में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए सीमा पार से विभिन्न मॉड्यूलों को इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी), हथियार, परिष्कृत हथियार, विस्फोटकों की आपूर्ति में शामिल रहा है। इसमें कहा गया है कि लांडा आतंकी मॉड्यूल को खड़ा करने, जबरन वसूली, हत्याएं, आईईडी लगाने, हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी और पंजाब और देश के अन्य हिस्सों में आतंकवादी कृत्यों के लिए धन या आय का उपयोग करने से संबंधित विभिन्न आपराधिक मामलों में भी शामिल था। इसके अलावा आतंकी लांडा भारत के विभिन्न हिस्सों में टारगेट किलिंग, जबरन वसूली और अन्य राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल रहा है।

किस संगठन से जुड़ा था लांडा

गृह मंत्रालय द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार, आतंकी लखबीर सिंह लांडा कनाडा स्थित खालिस्तान समर्थक संगठन (पीकेई) के साथ भी निकटता से जुड़ा हुआ था, जिसमें मृतक खालिस्तान टाइगर फोर्स (केटीएफ) का आतंकी हरदीप सिंह निज्जर और सिख्स फॉर जस्टिस का आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नून भी जुड़ा था।

लखबीर सिंह लांडा मूल रूप से पंजाब का रहने वाला है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से वह कनाडा में रह रहा है। तरनतारण जिले के रहने वाला लखबीर सिंह लांडा पिछले 11 साल से पुलिस के लिए गले की फांस बना हुआ है। वह 2017 में कनाडा भाग गया था और उसपर 18 मामले दर्ज हैं।

चीन के जासूस गुब्बारे को लेकर सनसनीखेज खुलासा, अमेरिकी इंटरनेट सेवा का किया गया इस्तेमाल

#chinese_spy_balloon_used_us_internet_to_communicate_says_report

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अमेरिका के आसमान में इस साल की शुरुआत में एक जासूसी गुब्‍बारा देखा गया था। ऐसा बताया गया था कि ये गुब्‍बार चीन ने भेजा था। अमेरिका ने इस गुब्बारे को हवा में मार गिराया था। अमेरिका ने चीन पर गुब्बारे की मदद से जासूसी करने का आरोप लगाया था। हालांकि चीन ने इन आरोपों को खारिज कर दिया था। इसे लेकर दोनों देशों के रिश्तों में भी तनातनी देखने को मिली थी। अब इस मामले में एक सनसनीखेज खुलासा हुआ है। सीएनएन की एक रिपोर्ट के मुताबिक चीनी गुब्बारे ने जानकारी जुटाने के लिए अमेरिकी सर्विस प्रोवाइडर के ही इंटरनेट का इस्तेमाल किया था।

एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से मीडिया संस्थान ने रिपोर्ट किया है कि न सिर्फ उस जासूसी गुब्बारे ने नेविगेशन से जुड़ी जानकारी जुटाई बल्कि उन्हें मार्क कर चीन भेजने के लिए भी पूरी तैयारी की गई। हालांकि किस इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर ने चीनी जासूसी बैलून की मदद की, यह जानकारी अभी सामने नहीं आई है। इस से पहले एक और मीडिया संस्थान ने ऐसी ही मिलती जुलती बात कही थी।

रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारी के हवासे से कहा गया है कि अमेरिकी इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर की मदद से हालांकि किसी भी तरह का इंटेलिजेंस डेटा चीन नहीं भेजा गया। बजाए इसके, जासूसी गुब्बारे ने इस तरह की जासूसी जानकारियां जिसमें तस्वीरें भी थीं, उसको जमकर इकठ्ठा किया ताकि उसको बाद में हासिल किया जा सके।

अमेरिका की कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में ऐसा दावा किया गया था कि चीनी जासूसी गुब्बारे ने अमेरिका के इंटरनेट नेटवर्क का इस्तेमाल किया था। हालांकि अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि चीनी गुब्बारे ने नेविगेशन और लोकेशन संबंधी जानकारी ही चीन भेजी थी और अन्य अहम खुफिया डाटा सिर्फ इकट्ठा किया था, जिसे बाद में निकाला जाना था लेकिन उससे पहले ही अमेरिका ने गुब्बारे निशाना बनाकर गिरा दिया था। जासूसी गुब्बारे का मलबा अटलांटिक महासागर से बरामद हुआ था। इस मलबे की जांच की गई थी।

बता दें कि इस साल के शुरूआत में एक गुब्बारा जो अमेरिका की कई जगहों के आस पास उड़ता दिखा था। इसको अमेरिका ने जासूसी वाला गुब्बारा कहा था। तो चीन का कहना था कि ये महज मौसम की जानकारी जुटाने वाले गुब्बारा था। बाद में इस गुब्बारे को उड़ा दिया गया था।वहीं चीन लगातार कहता आ रहा है कि यह मौसम की जानकारी इकट्ठा करने वाला गुब्बारा था। चीन ने बताया कि यह गुब्बारा जासूसी के लिए इस्तेमाल नहीं हो रहा था और सिर्फ रास्ता भटककर अमेरिका पहुंच गया था। वहीं अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि चीन ने हाल के सालों में ऐसे दर्जनों खुफिया गुब्बारों का इस्तेमाल कर कम से कम पांच महाद्वीपों में घुसपैठ की है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, चीनी सेना ने खुफिया जानकारी इकट्ठा करने के लिए यह साजिश रची है।

*कोहरे और कड़ाके की ठंड से ठिठुरा पूरा उत्तर भारत, दो जनवरी तक के लिए मौसम विभाग ने कोहरे के लिए किया यलो अलर्ट *

#warning_of_severe_cold_for_two_days

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पूरा उत्तर भारत ठिठुर रहा है। लोगों को कोहरे और कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन भी दिल्ली समेत उत्तर भारत में घना कोहरा छाया रहा। मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत में दो जनवरी तक घना से बहुत घना कोहरा छाए रहने का अनुमान जताया है। आईएमडी ने अगले दो दिनों के लिए धुंध को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। इसका मतलब है कि लोगों को वीकेंड पर भारी धुंध का सामना करना पड़ेगा। 

मौसम विभाग ने ये भी बताया है कि दिल्ली-एनसीआर के लिए दो दिनों तक कोल्ड डे अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान न्यूनतम तापमान 4.5 या इससे थोड़ा सा ज्यादा रह सकता है, जबकि अधिकतम तापमान 10 डिग्री के आसपास रहने वाला है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने कहा है कि आने वाले कुछ दिनों तक लोगों को कड़ाके की सर्दी का सामना करना पड़ेगा। लोगों को धुंध से भी दो-चार होना पड़ेगा, क्योंकि ऊंचाई पर बादलों और धुंध की एक चादर सी बन गई है, जो सूर्य की रोशनी को रोक रही है। इसकी वजह से तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। धुंध की वजह से विजिबिलिटी भी कम हो रही है। लगातार फैल रही धुंध की वजह से लोगों को सफर करने में भी कठिनाई का सामना करना पड़ा है।

पहाड़ी राज्य हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान माइनस में चला गया है। यहां पर जमकर बर्फबारी हो रही है। कई जगहों पर हल्की बारिश भी हो रही है। पहाड़ों में हो रही बर्फबारी से मैदानी इलाको में शीतलहर चल रही है। इस कारण तापमान में और अधिक गिरावट आई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कई जिलों में शीतलहर चलने से ठंड और बढ़ेगी।

उत्तर भारत में पड़ रहे घने कोहरे का असर सड़क, रेल और फ्लाइट सेवाओं पर शनिवार को भी पड़ रहा है। दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशल एयरपोर्ट पर घने कोहरे के कारण कई उड़ानें लेट हैं। दिल्ली के सभी रेलवे स्टेशनों से आने और जाने वाली कई ट्रेने भी आज देरी से चल रही हैं। रेलवे की तरफ से बताया गया है कि राष्ट्रीय राजधानी में कोहरे और कम दृश्यता के कारण कुछ ट्रेन विलंब से चल रही हैं।मिली जानकारी के अनुसार, तेलंगाना एक्सप्रेस 3.40 घंटे, पंजाब मेल 6.07, गोरखधाम एक्सप्रेस, श्रमशक्ति एक्सप्रेस, लखनऊ मेल, दादर एक्सप्रेस, बांद्रा-श्रीमाता वैष्णादेवी समेत कई ट्रनें काफी देरी से चल रही हैं।

इस मुस्लिम देश में बन रहा भव्य मंदिर,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे उद्घाटन

#hindutemplebuiltinabudhabiuae

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देश में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा की तैयारी चल रही है। अयोध्या में होने वाले प्राण प्रतिष्टा को लेकर पूरे देश में उत्सव का माहौल है। इस बीच अगले साल 14 फरवरी को एक मुस्लिम देश में होने वाले हिंदू मंदिर के उद्घाटन की भी चर्चा शुरू हो गई है। इस मंदिर का उद्घाटन भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करने वाले हैं।हम बात कर रहे हैं अबू धाबी के बीएपीएस हिंदू मंदिर की, जिसका उद्घाटन भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फरवरी में करेंगे।

भारत से करीब 2800 किलोमीटर दूर अबू धाबी में बनने वाला पहला हिंदू मंदिर अब अपने अंतिम चरण में है।मुस्लिम देश संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की राजधानी अबू धाबी में बन रहा ये पहला इतना बड़ा हिंदू मंदिर है। यह अयोध्या के मंदिर की तरह काफी भव्य और शानदार है। यह मंदिर न सिर्फ हिंदुस्तान के अध्यात्म और सनातन परंपरा का केंद्र है, बल्कि भारत और यूएई को बीच सद्भाव के प्रतीक के तौर पर इस मंदिर का निर्माण हो रहा है।

50,000 से अधिक लोगों ने रखी मंदिर की ईंटें

दो साल बाद 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जरिए इस मंदिर की नींव रखी गई। मंदिर के निर्माण में 50,000 से अधिक लोगों ने ईंटें रखी हैं, जिनमें भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर के अलावा अभिनेता संजय दत्त और अक्षय कुमार भी शामिल हैं। बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामिनारायण संस्था (बीएपीएस) इस मंदिर के निर्माण का कामकाज देख रही है। बीएपीएस एक ऐसी संस्था है, जिसने दुनियाभर में 1,100 से ज्यादा हिंदू मंदिरों का निर्माण किया है। दिल्ली में अक्षरधाम मंदिर का निर्माण भी इसी संस्था ने किया है

2015 में यूएई की सरकार ने मंदिर के लिए दी थी जमीन

बता दें कि अगस्‍त 2015 में यूएई की सरकार ने अबु धाबी में मंदिर के लिए जमीन मुहैया कराई थी। शेख मोहम्‍मद उस समय क्राउन प्रिंस थे। उन्‍होंने मंदिर के लिए तब जमीन गिफ्ट की जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी यूएई के दौरे पर पहुंचे थे। वह पीएम मोदी की पहली यूएई यात्रा थी। बताते चलें कि मंदिर के लिए शुरुआत में 13.5 एकड़ की जमीन तय हुई थी। लेकिन बाद में अतिरिक्‍त 13.5 एकड़ जमीन और दी गई जो कि पार्किंग के लिए थी।अबु धाबी में मंदिर का निर्माण कार्य 27 एकड़ की जमीन पर जारी है। मंदिर में जिस गुलाबी पत्‍थर को लगाया जा रहा है, वह करीब एक हजार साल पुराना है।

108 फीट है अबू धाबी के मंदिर की ऊंचाई

पश्चिम एशिया के इस सबहसे बड़े हिन्दू मंदिर को बनाने में वैदिक वास्तुकला का इस्तेमाल किया गया है। मंदिर में की गई जटिल नक्काशी और मूर्तियां भारत में भी बनकर तैयार हुई हैं, जिनको विशेष व्यवस्था कर मंदिर तक पहुंचाया गया है। भारत के कई कारीगर अबू धाबी में भी मंदिर निर्माण में जुटे हैं। इस मंदिर की ऊंचाई 108 फीट है, जिसमें 40 हजार क्यूबिक मीटर संगमरमर और 180 हजार क्यूबिक मीटर बलुआ पत्थर लग रहा है। इसके बनने में करीब 700 करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं। मंदिर के निर्माण के लिए बड़ी संख्या में लोगों ने दान दिया है।

अबू धाबी के इस आलीशान मंदिर में सात शिखर होंगे जिसका हर शिखर संयुक्त अरब अमीरात की संस्कृति को दर्शाएगा। इस मंदिर में प्रदर्शनी केंद्र, कक्षाएं और खेल के लिए मैदान भी मौजूद है। इस मंदिर का भव्य उद्घाटन कार्यक्रम 10 फरवरी 2025 में शुरू किया जाएगा और 14 फरवरी को समाप्त होगा। इसे कार्यक्रम को "सद्भाव का त्योहार" नाम दिया गया है।

असम में उग्रवाद का होगा अंत, केंद्र और असम सरकार के साथ उल्फा गुट का शांति समझौता

#centre_and_assam_govt_sign_peace_accord_with_ulfa

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केंद्र सरकार को असम और पूर्वोत्तर के संबंध में एक बड़ी सफलता मिली है। यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा) के गुट और केंद्र और असम सरकार के बीच त्रिपक्षीय शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा की उपस्थिति में असम सरकार और केंद्र सरकार के साथ समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किया।बता दें कि उल्फा से कई दौर की बातचीत हुई। जिसके बाद ये शांति समझौता हुआ है।

गृह मंत्री अमित शाह ने इस मौके पर कहा, मेरे लिए बहुत हर्ष का विषय है कि आज असम के भविष्य के लिए एक सुनहरा दिन है। लंबे समय से असम ने हिंसा को झेला है, पूरे नॉर्थ-ईस्ट ने हिंसा को झेला है, जब से मोदी जी प्रधानमंत्री बने तब से (2014 से) दिल्ली और नॉर्थ-ईस्ट की दूरी कम करने के प्रयास हुए। मन खोलकर, खुले हृदय से सभी के साथ बातचीत की शुरुआत हुई और उनके (पीएम मोदी) मार्गदर्शन में ही उग्रवाद मुक्त, हिंसा मुक्त और विवाद मुक्त नॉर्थ-ईस्ट की परिकल्पना लेकर गृह मंत्रालय चलता रहा। उन्होंने कहा, पिछले पांच वर्षों में 9 शांति और सीमा संबंधित समझौते अलग-अलग राज्यों के पूरे नॉर्थ-ईस्ट में हुए हैं। इसके कारण नॉर्थ-ईस्ट के एक बड़े हिस्से में शांति की स्थापना हुई है।

वहीं, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने कहा कि आज असम के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल और गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में असम की शांति प्रक्रिया निरंतर जारी है। 

पूर्वोत्तर में शांति समझौता के लिए उल्फा के साथ समझौते को लेकर गृहमंत्री अमित शाह की मौजूदगी में गृह मंत्रालय में बैठक हुई थी। इस बैठक के बाद समझौता पत्र पर हस्ताक्षर हुआ। पूर्वोत्तर में शांति प्रयास की दिशा में गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में भारत सरकार का ऐतिहासिक समझौता हुआ। 40 साल में पहली बार सशस्त्र उग्रवादी संगठन उल्फा से भारत और असम सरकार के नुमाइंदे शांति समाधान समझौते मसौदे पर दस्तखत हुआ।

बता दें कि अलगाववादी संगठन उल्फा का गठन अप्रैल 1979 में बांग्लादेश (तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान) से आए बिना दस्तावेज वाले अप्रवासियों के खिलाफ आंदोलन के बाद हुआ था। फरवरी 2011 में यह दो समूहों में विभाजित हो गया था और अरबिंद राजखोवा के नेतृत्व वाले गुट ने हिंसा छोड़ दी थी। यह गुट बिना शर्त सरकार के साथ बातचीत के लिए सहमत है। दूसरे उल्फा गुट का नेतृत्व करने वाले परेश बरुआ बातचीत के खिलाफ हैं। वार्ता समर्थक गुट ने असम के मूल निवासियों की भूमि के अधिकार समेत उनकी पहचान और संसाधनों की सुरक्षा के लिए सुधारों की मांग की है।

इंडिया गठबंधन में सीट शेयरिंग का तय होगा फॉर्मूला, कांग्रेस ने तय की तारीख, जनवरी के पहले सप्ताह में हो सकती है चर्चा

#indiaallianceseat_sharing

देश लोकसभा चुनाव की ओर बढ़ रहा है।लोकसभा चुनाव में 5 महीने का वक्त बाकी है, लेकिन राजनीतिक दलों ने अभी से ही प्लानिंग शुरू कर दी है। हालांकि, कांग्रेस के साथ ही इंडिया गठबंधन के सामने कई सारे प्रश्न खड़े हैं। इंडिया गठबंधन के सामने सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर नरेंद्र मोदी के खिलाफ विपक्षी गठबंधन का चेहरा कौन होगा? दूसरा सवाल है, इंडिया गठबंधन का संयोजक कौन होगा? इसके अलावा सीटों के बंटवारे को लेकर सबसे ज्यादा चिंता हैं। हाल ही में संपन्न हुई विपक्षी गठबंधन की बैठक में इस पर चर्चा हुई, लेकिन कोई मोटा फॉर्मूला अभी नहीं बना है। इस बीच खबर मिल रही है कि सीट बंटवारे को लेकर जनवरी के पहले हफ्ते में चर्चा हो सकती है। 

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सूत्रों की मानें तो जनवरी के पहले सप्ताह में सीट के बंटवारे पर चर्चा हो सकती है। इंडिया गठबंधन में सीट शेयरिंग को लेकर कांग्रेस की राष्ट्रीय गठबंधन समिति की एक बड़ी बैठक जनवरी के पहले हफ्ते में हो सकती है। बता दें कि कांग्रेस सीट बंटवारे की चर्चा से पहले कांग्रेस ने 19 सितंबर को एक राष्ट्रीय गठबंधन समिति का गठन किया गया। अब यही समिति इंडिया गठबंधन के पार्टी दलों से सीट शेयरिंग को लेकर बातचीत करेगी।

कौन- कौन शामिल है समिति में

कांग्रेस की इस समिति में राजस्थान के पूर्व पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पार्टी के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद और मोहन प्रकाश भी शामिल हैं। इस समिति के जरिए कांग्रेस कई संकेत देने की कोशिश करती नजर आई है। समिति के संयोजक वरिष्ठ नेता मुकुल वासनिक हैं। यही समिति गठबंधन के बाकी साथियों से भी चर्चा कर सकती है।

सीट बंटवारे पर ममता बनर्जी की प्रतिक्रिया

ममता बनर्जी ने इस मुद्दे पर बात करते हुए कहा, देशभर में इंडिया गठबंधन है, लेकिन बंगाल में टीएमसी लड़ेगी और भाजपा को हराएगी। याद रखें की बंगाल में केवल टीएमसी ही भाजपा को सबक सिखा सकती है और कोई पार्टी ये नहीं कर सकती है।

बता दें कि लोकसभा चुनाव की तैयारियों और रणनीतियों पर चर्चा करने के लिए इंडिया गठबंधन ने 19 दिसंबर को बैठक बुलाई थी। इस बैठक में 28 राजनीतिक पार्टियों के नेताओं ने हिस्सा लिया था। इस बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ‘इंडिया’ गठबंधन के प्रधानमंत्री उम्मीदवार के रूप में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के नाम का प्रस्ताव दिया गया था। इस बैठक के बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा था कि सभी ने साथ मिलकर आगे बढ़ने पर सहमति जताई है। बैठक के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि अभियान के शुरू होने के साथ ही सीट बंटवारे पर चर्चा की जाएगी।

राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने आप सांसद राघव चड्ढा को दिया झटका, ठुकराई केजरीवाल की ये मांग

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शराब घोटाला मामले में ईडी द्वारा संजय सिंह की गिरफ्तारी के बाद राज्य सभा में आप नेता का पद खाली है। इसे भरने के लिए पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल ने राघव चड्ढा का नाम प्रस्तावित कर भेजा था।लेकिन राज्यसभा सभापति जगदीप धनखड़ ने आम आदमी पार्टी की उस मांग को खारिज कर दिया है।न्यूज एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से को ये जानकारी दी है।

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खबर है कि उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सीएम केजरीवाल को एक खत लिखा है। इसमें उन्होंने कहा है कि यह मामला 1998 के 'द लीडर्स एंड चीफ व्हिप ऑफ रेकनाइज्ड पार्टीज एंड ग्रुप्स इन पार्लियामेंट एक्ट' के लिए है। सभी उसी कानून के तहत बनाए गए हैं। आपकी रिक्वेस्ट मौजूदा कानून के तहत नहीं है इसलिए इसे अस्वीकार्य किया जा रहा है।

बात दें कि हाल ही में राघव चड्ढा ने राज्यसभा में निलंबन के मामले में सुप्रीम कोर्ट से मिले निर्देश के बाद उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से हाल ही में माफी मांगी थी। इसके बाद उनका निलंबन बहाल हो गया था।