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केंद्रीय राज्यमंत्री जयंत चौधरी को जान से मारने की धमकी, पंश्चिम बंगाल से आया फोन

#jayantchaudharycentralministerstaffthreatphone_whatsapp

केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी को शुक्रवार को एक अनजान नंबर से जान से मारने की धमकी भरा फोन आया। यह धमकी उनके निजी सहायक विश्वेंद्र शाह को फोन और व्हाट्सएप के माध्यम से दी गई। उन्होंने इस बारे में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। धमकी देने वाले की पहचान पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद के इस्माइल के तौर पर हुई है।

आरोपी के पास कहां से आई मंत्री के सरकारी दौरे की योजना?

शिकायत दिल्ली के तुगलक सड़क थाने में दर्ज कराई गई है। नई दिल्ली जिला पुलिस उपायुक्त सचिन शर्मा ने इस घटना की पुष्टि की है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है। सुरक्षा एजेंसियां मंत्री की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रही हैं। धमकी के पीछे के मकसद का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी के पास मंत्री के सरकारी दौरे की योजना की कॉपी भी मौजूद थी।

व्हाट्सएप पर मंत्री का 'सरकारी टूर प्रोग्राम' भेजा

पुलिस एफआईआर से मिली जानकारी के मुताबिक, 18 मार्च को सुबह करीब 11 बजे मंत्री के मोबाइल नंबर पर कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने जान से मारने की धमकी दी। उसने पूछा कि क्या फोन पर भेजे गए कागजात देखे हैं। व्हाट्सएप पर मंत्री का 'सरकारी टूर प्रोग्राम' भेजा गया था, जिस पर स्पष्ट रूप से 'इनको गोली मार दो' लिखा था। इसके अतिरिक्त, व्हाट्सएप पर लोकेशन और वॉयस मैसेज भी भेजे गए जिनमें लगातार जान से मारने की धमकियां थीं। जब दोबारा उस नंबर पर फोन किया गया तो धमकी देने वाले ने बताया कि टूर प्रोग्राम उसे 'ऊपर से' भेजा गया था।

टूर प्लान लीक होने के बाद बढ़ी चिंता

पुलिस के मुताबिक, कुछ दिन पहले केंद्रीय राज्यमंत्री पश्चिम बंगाल के एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे और वहां से लौटकर दिल्ली आए। इसके बाद उनका आगरा में भी एक सार्वजनिक कार्यक्रम तय था। यह पूरा टूर प्लान केवल सीमित लोगों तक ही था, लेकिन बाद में यह जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।

जयंत चौधरी कौन हैं?

जयंत चौधरी एक जाने-माने राजनेता हैं, जो अभी केंद्र सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के तौर पर काम कर रहे हैं। वह राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। RLD एक क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टी है, जिसका पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मजबूत जनाधार है।

कार्तिक के बाद अगहन महीने को हिंदू धर्म का दूसरा सबसे पवित्र महीना,शंख पूजन का है विशेष महत्व

कार्तिक के बाद अगहन महीने को हिंदू धर्म का दूसरा सबसे पवित्र महीना माना जाता है. इस महीने में भगवान श्री कृष्ण (Lord Krishna) और विष्णु भगवान की पूजा अर्चना की जाती है. इस समय भगवान श्री कृष्ण का प्रिय मास यानी अगहन (Aghan) का महीना चल रहा है, जिसे मार्गशीर्ष महीना भी कहा जाता है. इसकी शुरुआत 16 नवंबर से हो गई है. हिंदू कैलेंडर के अनुसार नौवां महीना अगहन मास (Aghan Maas) कहलाता है. इसी पवित्र महीने में देवी पार्वती और भगवान शिव का विवाह हुआ था और राम और सीता का विवाह भी अगहन मास में ही हुआ था. इतना ही नहीं भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को गीता का ज्ञान भी इसी महीने में दिया था. वृंदावन के बांके बिहारी भी इसी महीने में प्रकट हुए थे और कश्यप ऋषि ने मार्गशीर्ष महीने में ही कश्मीर बसाया था. मान्यतानुसार इस महीने में पवित्र नदियों में स्नान करने की परंपरा है और श्री कृष्ण के साथ ही शंख की पूजा भी की जाती है. खासकर इस महीने की अष्टमी पर विशेष पूजा की जाती है, श्री राम और माता सीता का विवाह, दत्तात्रेय प्राकट्य और गीता जयंती (Geeta Jayanti) जैसे दिन व्रत किए जाते हैं.अगहन महीने को मांगलिक कार्य और शादी के हिसाब से काफी शुभ माना जाता है. ऐसे में इस माह में ढेर सारे विवाह होते हैं. कार्तिक मास के बाद आने वाले महीने को ही अगहन माह कहा जाता है. इस महीने को मार्गशीर्ष (Margshirsha) भी कहते हैं. दरअसल, इस महीने का संबंध मृगशिरा नक्षत्र से है, इसी महीने की पूर्णिमा मृगशिरा नक्षत्र से युक्त होती है. इसी कारण इसे मार्गशीर्ष मास भी कहा जाता है. इस महीने में भगवान श्री कृष्ण की पूजा अर्चना करने के अलावा चंद्रमा दोष से छुटकारा पाने के लिए विशेष पूजा की जा सकती है. शंख की पूजा करना बहुत शुभ माना जाता है, क्योंकि इसमें मां लक्ष्मी का वास होता है और भगवान विष्णु इसे धारण करते हैं. इस मास में तीर्थ स्थान में जाकर स्नान करने से भी बहुत शुभ फल मिलते हैं. इस माह में हर दिन कृं कृष्णाय नमः मंत्र का जाप 108 बार करना शुभ माना जाता है. 

फ़िल्म Kalki 2898 AD के कमाई के आंकड़ों पर उठे सवाल, रिलीज के 4 दिनों में fake कमाई दिखाने का लगा आरोप
डेस्क: प्रभास और अमिताभ बच्चन की Kalki 2898 AD 27 जून को सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है. फिल्म को दुनियाभर में जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है. कई बड़े-बड़े रिकॉर्ड्स फिल्म ने अपने नाम कर लिए हैं. फिल्म को रिलीज हुए महज 4 दिन का वक्त हुआ है, पर प्रभास ने कई बड़े सुपरस्टार्स को पीछे छोड़ दिया है. फिल्म ने वर्ल्डवाइड 555 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है.

फिल्म को दुनियाभर में ऐसा रिस्पॉन्स मिला है, जिसने अपकमिंग फिल्मों के मेकर्स को सोच में डाल दिया है. यही वजह है कि अजय देवगन की फिल्म की रिलीज को आगे खिसकाया जा रहा है. इसी बीच पांचवें दिन के अनुमानित आंकड़े भी सामने आ गए हैं. सैकनिल्क की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रभास और अमिताभ बच्चन की फिल्म भारत में पांचवें दिन 34.6 करोड़ रुपये की कमाई करने वाली है. इन आंकड़ों में भारी गिरावट देखी गई है.

‘कल्कि 2898 एडी’ ने 4 दिनों में काफी अच्छा परफॉर्म किया है. फिल्म से आगे भी कई बड़े रिकॉर्ड्स तोड़ने की उम्मीद जताई जा रही है. इसी बीच Vyjayanthi Movies ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर कर दिया. इसमें लिखा था कि, सबसे बड़ी फोर्स ग्लोबल बॉक्स ऑफिस को डॉमिनेट कर रही है… स्लो डाउन होने के कोई भी साइन दिखाई नहीं दे रहे हैं. जो पोस्टर मेकर्स की तरफ से लिखा गया था कि, फिल्म ने वर्ल्डवाइड 555 करोड़ रुपये का बिजनेस कर लिया है.

हालांकि, इन आंकड़ों को देखने के बाद कुछ लोगों के मन में सवाल उठने लगे हैं. वो मेकर्स पर बॉक्स ऑफिस के आंकड़ों को बढ़ाकर दिखाने का आरोप लगा रहे हैं. एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा कि: ”जनता को पागल बनाने की कोशिश मत करो, ऐसा करने वालों के लिए गरुण पुराण में अलग सजा है.” आगे वो कहता है कि, प्रभास नहीं पैन इंडिया स्टार नहीं है, ‘बाहुबली’ एस.एस राजामौली की फिल्म है.

वहीं दूसरे यूजर ने सवाल किए कि, दिल्ली और जयपुर की जिन स्क्रीन पर Kalki 2898 ad दिखाई जा रही हैं, उनमें से ज्यादतर खाली पड़े हैं. पर ‘जवान’ के वक्त यह सभी फुल थे. तो फिर कल्कि ने कहां से इतनी कमाई कर ली? लोग लगातार फिल्म की कमाई के आंकड़ों पर सवाल उठा रहे हैं. हालांकि, मेकर्स या फिर किसी स्टार का अबतक इस मामले में कोई रिएक्शन सामने नहीं आया है.
When 90 year old Sumitra Devi walked up to President of India to receive VIR CHAKRA on behalf of her 22 year old grandson

CAPTAIN VIJAYANT THAPAR
2 RAJRIF #IndianArmy

who immortalized in #KargilWar in 1999. Homage to Capt Vijayant on his #BalidanDiwas.
Hospice India initiative eye examination camp, happy common man

*Khabar kolkata:* Thinking about the poor people of the area, Hospice India organized a free eye treatment camp in Garia near Kolkata. MLA Ferdousi Begum of Sonarpur North Assembly Constituency and Councilor Jayant Sengupta of Ward No. 3 of Rajpur-Sonarpur Municipality attended this camp on Sunday.

The camp starts from 9 am and lasts till 3:30 pm. After eye examination of 164 patients, 29 were decided to undergo cataract surgery. Rotary Dakshin Barasat Eye Hospital and Ramakrishna Diagnostic Center Private Limited promised to provide glasses to 92 people.
Why this thought? Najma Roy, editor of Hospice India, said, 'There are no health centers in the vast areas like Panchpota, Katipota, Nadudiara, Gangajoara, Khiyadah, which are near the Garia railway station. We are trying in various ways to deliver health services to the poor people of the area. That journey started with the pre-opening ceremony of the eye camp like salt before lighting the lamp.' MLA Ferdowsi Begum appreciated this initiative of Hospice India.

Dr. Shubojit Roy, on behalf of Hospice India, said, 'No one lives forever. But to relieve their pain before death, that is our main task. Hospice care aims to provide comprehensive services at the critical time of life with the help of modern medical science. What has been developed in Gariya's Panchpota after many days of tireless work.'

बीजेपी के कारण बताओ नोटिस का जयंत सिन्हा ने दिया जवाब, कहा- मुझसे किसी ने संपर्क तक नहीं किया
#hazaribagh_mp_jayant_sinha_on_bjp_show_cause_notice झारखंड की हजारीबाग सीट से बीजेपी के निवर्तमान सांसद जयंत सिन्हा ने पार्टी की तरफ से जारी कारण बताओ नोटिस का जवाब दिया है।उन्होंने बीजेपी के कारण बताओ नोटिस पर निराशा और हैरानी व्यक्त की है।सिन्हा ने कहा कि उन्होंने पोस्टल बैलेट के जरिए वोट डाला है क्योंकि वह “व्यक्तिगत प्रतिबद्धताओं” के लिए विदेश में थे। भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार को जयंत सिन्हा को हजारीबाग लोकसभा सीट से मनीष जायसवाल को उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद चुनाव प्रचार में भाग नहीं लेने और इस तरह पार्टी की छवि को खराब करने के लिए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया था। जयंत सिन्हा ने भाजपा के झारखंड महासचिव आदित्य साहू के पत्र का जवाब दे दिया है। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत प्रतिबद्धताओं के कारण विदेश होने की वजह से उन्होंने डाक मत-पत्र प्रक्रिया के जरिए से मतदान किया। अगर पार्टी चाहती कि मैं किसी भी चुनावी गतिविधियों में भाग लूं, तो आप निश्चित रूप से मुझसे संपर्क कर सकते थे। हालांकि, 2 मार्च को मेरी घोषणा के बाद झारखंड से एक भी वरिष्ठ पार्टी पदाधिकारी, सांसद या विधायक मेरे पास नहीं पहुंचे। मुझे किसी भी पार्टी कार्यक्रम आमंत्रित नहीं किया गया। इसके साथ ही मुझे किसी भी रैली या संगठनात्मक बैठकों के लिए भी न्योता नहीं आया। झारखंड की हजारीबाग सीट से मौजूदा सांसद सिन्हा ने साहू को लिखे दो पेज के पत्र में कहा, पार्टी ने लोकसभा चुनाव के लिए मनीष जायसवाल को अपना उम्मीदवार घोषित किया। मैंने 8 मार्च को बधाई दी थी, जोकि मेरे समर्थन का ही साक्ष्य था। उन्होंने कहा, अगर बाबूलाल मरांडी मुझे कार्यक्रम में शामिल करना चाहते थे तो वो निश्चित रूप से मुझे आमंत्रित कर सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। जयंत सिन्हा ने कहा ‘लोकसभा अध्यक्ष को सूचित करने के बाद मैं कुछ निजी प्रतिबद्धताओं के कारण 10 मई 2024 को विदेश चला गया। पार्टी द्वारा मुझे किसी भी कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किए जाने के कारण वहां रुकने की कोई आवश्यकता दिखाई नहीं पड़ी। जाने से पहले मैंने पोस्टल बैलेट प्रक्रिया के जरिए अपना वोट दिया था इसलिए ये आरोप लगाना गलत है कि मैंने अपने मताधिकार के कर्तव्य का पालन नहीं किया है। पिछले कई दशकों से मैंने पार्टी की कई महत्वपूर्ण और सार्थक राष्ट्रीय नीति संबंधी पहलों में सहायता की है। इन पदों पर रहते हुए मेरे कार्यों की सराहना की गई है। मैंने पार्टी की सभी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निभाया है। बीजेपी नेता ने कहा, आपका यह रवैया समर्पित पार्टी कार्यकर्ताओं को निराश करने के अलावा पार्टी के सामूहिक प्रयासों को भी कमजोर करने वाला है। इसके अतिरिक्त, पार्टी के प्रति मेरी निष्ठा और कठिन परिश्रम के बावजूद, ऐसा प्रतीत होता है कि मुझे अन्यायपूर्ण तरीके से निशाना बनाया जा रहा है। हम निश्चित ही किसी भी समय व्यक्तिगत रूप से या फोन पर बात कर सकते थे, ताकि आपके किसी भी संदेह को दूर किया जा सके। हजारीबाग लोकसभा चुनावों के लिए पार्टी के पदाधिकारी होने के नाते आप कभी भी मुझसे संपर्क कर सकते थे। चुनाव समाप्त होने के बाद आपके द्वारा इस तरह का पत्र भेजना मेरे लिए समझ से परे है।
बीजेपी के कारण बताओ नोटिस का जयंत सिन्हा ने दिया जवाब, कहा- मुझसे किसी ने संपर्क तक नहीं किया

#hazaribagh_mp_jayant_sinha_on_bjp_show_cause_notice 

 झारखंड की हजारीबाग सीट से बीजेपी के निवर्तमान सांसद जयंत सिन्हा ने पार्टी की तरफ से जारी कारण बताओ नोटिस का जवाब दिया है।उन्होंने बीजेपी के कारण बताओ नोटिस पर निराशा और हैरानी व्यक्त की है।सिन्हा ने कहा कि उन्होंने पोस्टल बैलेट के जरिए वोट डाला है क्योंकि वह “व्यक्तिगत प्रतिबद्धताओं” के लिए विदेश में थे।

भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार को जयंत सिन्हा को हजारीबाग लोकसभा सीट से मनीष जायसवाल को उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद चुनाव प्रचार में भाग नहीं लेने और इस तरह पार्टी की छवि को खराब करने के लिए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया था। जयंत सिन्हा ने भाजपा के झारखंड महासचिव आदित्य साहू के पत्र का जवाब दे दिया है। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत प्रतिबद्धताओं के कारण विदेश होने की वजह से उन्होंने डाक मत-पत्र प्रक्रिया के जरिए से मतदान किया। अगर पार्टी चाहती कि मैं किसी भी चुनावी गतिविधियों में भाग लूं, तो आप निश्चित रूप से मुझसे संपर्क कर सकते थे। हालांकि, 2 मार्च को मेरी घोषणा के बाद झारखंड से एक भी वरिष्ठ पार्टी पदाधिकारी, सांसद या विधायक मेरे पास नहीं पहुंचे। मुझे किसी भी पार्टी कार्यक्रम आमंत्रित नहीं किया गया। इसके साथ ही मुझे किसी भी रैली या संगठनात्मक बैठकों के लिए भी न्योता नहीं आया।

झारखंड की हजारीबाग सीट से मौजूदा सांसद सिन्हा ने साहू को लिखे दो पेज के पत्र में कहा, पार्टी ने लोकसभा चुनाव के लिए मनीष जायसवाल को अपना उम्मीदवार घोषित किया। मैंने 8 मार्च को बधाई दी थी, जोकि मेरे समर्थन का ही साक्ष्य था। उन्होंने कहा, अगर बाबूलाल मरांडी मुझे कार्यक्रम में शामिल करना चाहते थे तो वो निश्चित रूप से मुझे आमंत्रित कर सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।

जयंत सिन्हा ने कहा ‘लोकसभा अध्यक्ष को सूचित करने के बाद मैं कुछ निजी प्रतिबद्धताओं के कारण 10 मई 2024 को विदेश चला गया। पार्टी द्वारा मुझे किसी भी कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किए जाने के कारण वहां रुकने की कोई आवश्यकता दिखाई नहीं पड़ी। जाने से पहले मैंने पोस्टल बैलेट प्रक्रिया के जरिए अपना वोट दिया था इसलिए ये आरोप लगाना गलत है कि मैंने अपने मताधिकार के कर्तव्य का पालन नहीं किया है। पिछले कई दशकों से मैंने पार्टी की कई महत्वपूर्ण और सार्थक राष्ट्रीय नीति संबंधी पहलों में सहायता की है। इन पदों पर रहते हुए मेरे कार्यों की सराहना की गई है। मैंने पार्टी की सभी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निभाया है।

बीजेपी नेता ने कहा, आपका यह रवैया समर्पित पार्टी कार्यकर्ताओं को निराश करने के अलावा पार्टी के सामूहिक प्रयासों को भी कमजोर करने वाला है। इसके अतिरिक्त, पार्टी के प्रति मेरी निष्ठा और कठिन परिश्रम के बावजूद, ऐसा प्रतीत होता है कि मुझे अन्यायपूर्ण तरीके से निशाना बनाया जा रहा है। हम निश्चित ही किसी भी समय व्यक्तिगत रूप से या फोन पर बात कर सकते थे, ताकि आपके किसी भी संदेह को दूर किया जा सके। हजारीबाग लोकसभा चुनावों के लिए पार्टी के पदाधिकारी होने के नाते आप कभी भी मुझसे संपर्क कर सकते थे। चुनाव समाप्त होने के बाद आपके द्वारा इस तरह का पत्र भेजना मेरे लिए समझ से परे है।

गौतम गंभीर के बाद जयंत सिन्हा भी नहीं लड़ेंगे लोकसभा चुनाव, जेपी नड्डा को चिट्ठी लिख की ये अपील

#jayant_sinha_announces_not_contest_lok_elections 

शनिवार सुबह एक चौंकाने वाली खबर आई। बीजेपी सांसद और क्रिकेटर गौतम गंभीर ने राजनीति से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया। अब गौतम गंभीर के बाद झारखंड के हजारीबाग से बीजेपी सांसद जयंत सिन्हा ने भी लोकसभा का चुनाव न लड़ने की इच्छा जाहिर की है। इसकी जानकारी उन्होंने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को दी है। बीजेपी के सांसद ने ट्वीट कर पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा से अपील की है कि वे उन्हें प्रत्यक्ष चुनावी कर्तव्यों से मुक्त करें ताकि वह भारत और दुनिया भर में वैश्विक जलवायु परिवर्तन से निपटने पर अपने प्रयासों पर ध्यान केंद्रित कर सकें।

जयंत सिन्हा ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि 'मैंने पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुझे चुनावी दायित्व से मुक्त करने अपील की है ताकि मैं भारत और दुनिया में जलवायु परिवर्तन से निपटने पर फोकस कर सकूं। हालांकि मैं पार्टी की आर्थिक और प्रशासनिक मुद्दों पर काम करता रहूंगा।' जयंत सिन्हा ने लिखा 'मैं बहुत सौभाग्यशाली हूं कि मुझे बीते 10 वर्षों तक भारत और हजारीबाग के लोगों की सेवा का मौका मिला। मुझे भाजपा नेतृत्व, पीएम मोदी और अमित शाह ने कई अवसर दिए, जिसके लिए मैं उनका आभारी हूं, जय हिंद।'

इससे पहले भाजपा के पूर्वी दिल्ली के सांसद गौतम गंभीर ने भी कहा कि उन्होंने पार्टी से उन्हें राजनीतिक कर्तव्यों से मुक्त करने के लिए कहा है ताकि वह अपनी आगामी क्रिकेट प्रतिबद्धताओं पर ध्यान केंद्रित कर सकें। ये घोषणाएं तब हुईं जब कहा जा रहा है कि बीजेपी कई नए नेताओं को टिकट देने पर विचार कर रही है। जिसके कारण कई सिटिंग सांसदों के टिकट कट सकते हैं।

बता दें कि जयंत सिन्हा पूर्व केंद्रीय मंत्री और तृणमूल कांग्रेस के नेता यशवंत सिन्हा के बेटे हैं। जयंत सिन्हा ने 2014 में पहली बार लोकसभा से सांसद बने थे। पीएम मोदी के पहले कार्यकाल में उन्हें मंत्री भी बनाया गया था। जयंत सिन्हा साल 2016 से लेकर 2019 तक उड्डयन राज्य मंत्री रहे थे। इसके अतिरिक्त साल 2014 से साल 2016 के बीच वह वित्त राज्य मंत्री भी रह चुके हैं। जयंत सिन्हा को साल 2019 में फिर हजारीबाग सीट से चुनाव लड़े और जीत हासिल की, लेकिन पीएम मोदी के दूसरे कार्यकाल में उन्हें मंत्री नहीं बनाया गया था।

विपक्षी दलों के गठबंधन “इंडिया” को एक और बड़ा झटका, जयंत चौधरी ने एनडीए में शामिल होने का किया एलान

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राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के अध्यक्ष जयंत चौधरी ने विपक्षी इंडिया गठबंधन को बड़ा झटका दिया है।जयंत चौधरी ने आखिरकार सोमवार को एनडीए में शामिल होने का एलान कर दिया है।रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी ने कहा कि उन्होंने बहुत सोच-समझकर यह फैसला लिया है। जयंत चौधरी ने कहा कि उन्होंने यह फैसला सभी की भलाई को देखते हुए लिआ है। हालांकि, बहुत कम समय में हमें यह फैसला लेना पड़ा। हम लोगों के लिए कुछ अच्छा करना चाहते हैं।

एनडीए में शामिल होने के लेकर विधायकों की नाराजगी के सवाल पर जयंत चौधरी ने कहा, मैंने अपनी पार्टी के सभी एमएलए और कार्यकर्ताओं से बात करने के बाद यह फैसला लिया। इस फैसले के पीछे कोई बड़ी प्लानिंग नहीं थी। हम लोगों के लिए कुछ अच्छा करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि एनडीए में शामिल होने के फैसले के पीछे कोई बड़ी प्लानिंग रही हो या फिर हम तैयार बैठे थे। चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न से नवाजा गया तो हम सभी खुश हैं। बहुत बड़ा सम्मान है जो कि केवल हमारे परिवार और दल तक ही सीमित नहीं है. देश के कोने-कोने में रहने वाले हमारे जो किसान भाई है, नौजवान हैं, गरीब लोग हैं उनका भी सम्मान है।

यह राजनीतिक घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है, जबकि तीन दिन पहले ही शुक्रवार को चौधरी चरण सिंह, जो कि आरएलडी चीफ के दादा हैं, को ‘भारत रत्न’ देने का ऐलान किया गया था।चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न देने का ऐलान के ऐलान के बाद जयंत चौधरी ने ट्वीट करते हुए कहा था, दिल जीत लिया। एनडीए में जाने की बात पर कहा था कि आज किस मुंह से इन्हें इनकार करूं। इसके बाद से ही जयंत चौधरी को एनडीए के साथ हाथ मिलना पक्का माना जा रहा था।

रालोद प्रमुख चौधरी जयंत सिंह के एनडीए में शामिल होने से पश्चिमी यूपी के चुनावी समीकरण भी अब बदल जाएंगे। अब आगामी लोकसभा चुनाव में जाट वोट बैंक भी भाजपा की तरफ आता दिखाई देगा। अब इसके दो बड़े कारण हो गए हैं। पहले भाजपा सरकार ने किसानों के मसीहा पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न देने की घोषणा कर दी और अब रालोद प्रमुख चौधरी जयंत सिंह ने भी एनडीए में शामिल होने का एलान आधिकारिक तौर पर कर दिया है।

बीजेपी-आरएलडी का गठबंधन पक्का! एनडीए में जाने के सवाल पर बोले जयंत-अब किस मुंह से इनकार करूं मैं

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पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न देने का ऐलान किया गया है। इस ऐलान के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। जिसका संकेत चौधरी चरण सिंह के पोते और आरएलडी प्रमुख जयंत चौधरी ने दे भी दिया है। पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ (मरणोपरांत) से सम्मानित किए जाने की घोषणा के बाद उनके पोते और रालोद अध्‍यक्ष जयंत चौधरी ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने साबित कर दिया है कि वो देश की भावना को समझते हैं। वहीं, बीजेपी के साथ जाने के सवाल पर उन्‍होंने कह दिया कि आज मैं किस मुंह से इंकार करूं।इसके साथ ही अब आरएलडी और बीजेपी गठबंधन की मुहर भी लग गई है।

मोदी सरकार ने चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न देकर जयंत चौधरी का दिल जीत लिया है। जयंत चौधरी ने कहा कि मीडिया से बात करते हुए कहा कि ये बहुत बड़ा दिन है। मेरे लिए भावुक और यादगार पल है। मैं राष्ट्रपति, भारत सरकार और विशेषकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देता हूं। इससे बहुत बड़ा संदेश पूरे देश में गया है।देश की भावनाएं सरकार के इस फैसले से जुड़ी हैं। उन्होंने कहा कि मोदी जी ने साबित किया है कि वे देश की मूलभावना को समझते हैं…जो आजतक पूर्व की सरकार नहीं कर पाई वे फैसला नरेंद्र मोदी ने लिया है।

एनडीए के साथ जाने के बारे में जब उनसे सवाल पूछा गया तो उन्‍होंने कहा कि आज एनडीए के साथ जाने की कोई घोषणा नहीं की है. लेकिन किस मुंह से इनकार किया जाए, कोई कसर रह गई हो तो बताओ. सीटों की कोई बात मैं अभी किसी के साथ नहीं करूंगा। न ही पीएम से करूंगा और न ही बीजेपी के किसी व्‍यक्ति से करूंगा।

चुनाव से जोड़ कर दिए गए बयानों पर जयंत ने कहा कि अगर ये कांग्रेस का आधिकारिक बयान है तो ये छोटी बात है जिसकी मैं निंदा करता हूं। चवन्नी वाले बयान पर जयंत ने कहा कि मैं कोई ट्वीट डिलीट नहीं करूंगा। विपक्ष क्या कहता है इसे भूल जाना चाहिए।सरकार ने दिल जीता है, खरीदने की बात नहीं है।

बता दें कि बीजेपी और आरएलडी में गठबंधन लगभग तय माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक आरएलडी 2 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। ये दो सीटें बागपत और बिजनोर होंगी। इसके अलावा एक राज्यसभा सीट भी दी जा सकती है। हालांकि सपा जैसी पार्टियों को अभी भी उम्मीद है कि जयंत सोच समझकर फैसला लेंगे। लेकिन भारत रत्न के ऐलान के बाद अब गठबंधन कंफर्म माना जा रहा है।

केंद्रीय राज्यमंत्री जयंत चौधरी को जान से मारने की धमकी, पंश्चिम बंगाल से आया फोन

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केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी को शुक्रवार को एक अनजान नंबर से जान से मारने की धमकी भरा फोन आया। यह धमकी उनके निजी सहायक विश्वेंद्र शाह को फोन और व्हाट्सएप के माध्यम से दी गई। उन्होंने इस बारे में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। धमकी देने वाले की पहचान पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद के इस्माइल के तौर पर हुई है।

आरोपी के पास कहां से आई मंत्री के सरकारी दौरे की योजना?

शिकायत दिल्ली के तुगलक सड़क थाने में दर्ज कराई गई है। नई दिल्ली जिला पुलिस उपायुक्त सचिन शर्मा ने इस घटना की पुष्टि की है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है। सुरक्षा एजेंसियां मंत्री की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रही हैं। धमकी के पीछे के मकसद का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी के पास मंत्री के सरकारी दौरे की योजना की कॉपी भी मौजूद थी।

व्हाट्सएप पर मंत्री का 'सरकारी टूर प्रोग्राम' भेजा

पुलिस एफआईआर से मिली जानकारी के मुताबिक, 18 मार्च को सुबह करीब 11 बजे मंत्री के मोबाइल नंबर पर कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने जान से मारने की धमकी दी। उसने पूछा कि क्या फोन पर भेजे गए कागजात देखे हैं। व्हाट्सएप पर मंत्री का 'सरकारी टूर प्रोग्राम' भेजा गया था, जिस पर स्पष्ट रूप से 'इनको गोली मार दो' लिखा था। इसके अतिरिक्त, व्हाट्सएप पर लोकेशन और वॉयस मैसेज भी भेजे गए जिनमें लगातार जान से मारने की धमकियां थीं। जब दोबारा उस नंबर पर फोन किया गया तो धमकी देने वाले ने बताया कि टूर प्रोग्राम उसे 'ऊपर से' भेजा गया था।

टूर प्लान लीक होने के बाद बढ़ी चिंता

पुलिस के मुताबिक, कुछ दिन पहले केंद्रीय राज्यमंत्री पश्चिम बंगाल के एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे और वहां से लौटकर दिल्ली आए। इसके बाद उनका आगरा में भी एक सार्वजनिक कार्यक्रम तय था। यह पूरा टूर प्लान केवल सीमित लोगों तक ही था, लेकिन बाद में यह जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।

जयंत चौधरी कौन हैं?

जयंत चौधरी एक जाने-माने राजनेता हैं, जो अभी केंद्र सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के तौर पर काम कर रहे हैं। वह राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। RLD एक क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टी है, जिसका पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मजबूत जनाधार है।

कार्तिक के बाद अगहन महीने को हिंदू धर्म का दूसरा सबसे पवित्र महीना,शंख पूजन का है विशेष महत्व

कार्तिक के बाद अगहन महीने को हिंदू धर्म का दूसरा सबसे पवित्र महीना माना जाता है. इस महीने में भगवान श्री कृष्ण (Lord Krishna) और विष्णु भगवान की पूजा अर्चना की जाती है. इस समय भगवान श्री कृष्ण का प्रिय मास यानी अगहन (Aghan) का महीना चल रहा है, जिसे मार्गशीर्ष महीना भी कहा जाता है. इसकी शुरुआत 16 नवंबर से हो गई है. हिंदू कैलेंडर के अनुसार नौवां महीना अगहन मास (Aghan Maas) कहलाता है. इसी पवित्र महीने में देवी पार्वती और भगवान शिव का विवाह हुआ था और राम और सीता का विवाह भी अगहन मास में ही हुआ था. इतना ही नहीं भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को गीता का ज्ञान भी इसी महीने में दिया था. वृंदावन के बांके बिहारी भी इसी महीने में प्रकट हुए थे और कश्यप ऋषि ने मार्गशीर्ष महीने में ही कश्मीर बसाया था. मान्यतानुसार इस महीने में पवित्र नदियों में स्नान करने की परंपरा है और श्री कृष्ण के साथ ही शंख की पूजा भी की जाती है. खासकर इस महीने की अष्टमी पर विशेष पूजा की जाती है, श्री राम और माता सीता का विवाह, दत्तात्रेय प्राकट्य और गीता जयंती (Geeta Jayanti) जैसे दिन व्रत किए जाते हैं.अगहन महीने को मांगलिक कार्य और शादी के हिसाब से काफी शुभ माना जाता है. ऐसे में इस माह में ढेर सारे विवाह होते हैं. कार्तिक मास के बाद आने वाले महीने को ही अगहन माह कहा जाता है. इस महीने को मार्गशीर्ष (Margshirsha) भी कहते हैं. दरअसल, इस महीने का संबंध मृगशिरा नक्षत्र से है, इसी महीने की पूर्णिमा मृगशिरा नक्षत्र से युक्त होती है. इसी कारण इसे मार्गशीर्ष मास भी कहा जाता है. इस महीने में भगवान श्री कृष्ण की पूजा अर्चना करने के अलावा चंद्रमा दोष से छुटकारा पाने के लिए विशेष पूजा की जा सकती है. शंख की पूजा करना बहुत शुभ माना जाता है, क्योंकि इसमें मां लक्ष्मी का वास होता है और भगवान विष्णु इसे धारण करते हैं. इस मास में तीर्थ स्थान में जाकर स्नान करने से भी बहुत शुभ फल मिलते हैं. इस माह में हर दिन कृं कृष्णाय नमः मंत्र का जाप 108 बार करना शुभ माना जाता है. 

फ़िल्म Kalki 2898 AD के कमाई के आंकड़ों पर उठे सवाल, रिलीज के 4 दिनों में fake कमाई दिखाने का लगा आरोप
डेस्क: प्रभास और अमिताभ बच्चन की Kalki 2898 AD 27 जून को सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है. फिल्म को दुनियाभर में जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है. कई बड़े-बड़े रिकॉर्ड्स फिल्म ने अपने नाम कर लिए हैं. फिल्म को रिलीज हुए महज 4 दिन का वक्त हुआ है, पर प्रभास ने कई बड़े सुपरस्टार्स को पीछे छोड़ दिया है. फिल्म ने वर्ल्डवाइड 555 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है.

फिल्म को दुनियाभर में ऐसा रिस्पॉन्स मिला है, जिसने अपकमिंग फिल्मों के मेकर्स को सोच में डाल दिया है. यही वजह है कि अजय देवगन की फिल्म की रिलीज को आगे खिसकाया जा रहा है. इसी बीच पांचवें दिन के अनुमानित आंकड़े भी सामने आ गए हैं. सैकनिल्क की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रभास और अमिताभ बच्चन की फिल्म भारत में पांचवें दिन 34.6 करोड़ रुपये की कमाई करने वाली है. इन आंकड़ों में भारी गिरावट देखी गई है.

‘कल्कि 2898 एडी’ ने 4 दिनों में काफी अच्छा परफॉर्म किया है. फिल्म से आगे भी कई बड़े रिकॉर्ड्स तोड़ने की उम्मीद जताई जा रही है. इसी बीच Vyjayanthi Movies ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर कर दिया. इसमें लिखा था कि, सबसे बड़ी फोर्स ग्लोबल बॉक्स ऑफिस को डॉमिनेट कर रही है… स्लो डाउन होने के कोई भी साइन दिखाई नहीं दे रहे हैं. जो पोस्टर मेकर्स की तरफ से लिखा गया था कि, फिल्म ने वर्ल्डवाइड 555 करोड़ रुपये का बिजनेस कर लिया है.

हालांकि, इन आंकड़ों को देखने के बाद कुछ लोगों के मन में सवाल उठने लगे हैं. वो मेकर्स पर बॉक्स ऑफिस के आंकड़ों को बढ़ाकर दिखाने का आरोप लगा रहे हैं. एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा कि: ”जनता को पागल बनाने की कोशिश मत करो, ऐसा करने वालों के लिए गरुण पुराण में अलग सजा है.” आगे वो कहता है कि, प्रभास नहीं पैन इंडिया स्टार नहीं है, ‘बाहुबली’ एस.एस राजामौली की फिल्म है.

वहीं दूसरे यूजर ने सवाल किए कि, दिल्ली और जयपुर की जिन स्क्रीन पर Kalki 2898 ad दिखाई जा रही हैं, उनमें से ज्यादतर खाली पड़े हैं. पर ‘जवान’ के वक्त यह सभी फुल थे. तो फिर कल्कि ने कहां से इतनी कमाई कर ली? लोग लगातार फिल्म की कमाई के आंकड़ों पर सवाल उठा रहे हैं. हालांकि, मेकर्स या फिर किसी स्टार का अबतक इस मामले में कोई रिएक्शन सामने नहीं आया है.
When 90 year old Sumitra Devi walked up to President of India to receive VIR CHAKRA on behalf of her 22 year old grandson

CAPTAIN VIJAYANT THAPAR
2 RAJRIF #IndianArmy

who immortalized in #KargilWar in 1999. Homage to Capt Vijayant on his #BalidanDiwas.
Hospice India initiative eye examination camp, happy common man

*Khabar kolkata:* Thinking about the poor people of the area, Hospice India organized a free eye treatment camp in Garia near Kolkata. MLA Ferdousi Begum of Sonarpur North Assembly Constituency and Councilor Jayant Sengupta of Ward No. 3 of Rajpur-Sonarpur Municipality attended this camp on Sunday.

The camp starts from 9 am and lasts till 3:30 pm. After eye examination of 164 patients, 29 were decided to undergo cataract surgery. Rotary Dakshin Barasat Eye Hospital and Ramakrishna Diagnostic Center Private Limited promised to provide glasses to 92 people.
Why this thought? Najma Roy, editor of Hospice India, said, 'There are no health centers in the vast areas like Panchpota, Katipota, Nadudiara, Gangajoara, Khiyadah, which are near the Garia railway station. We are trying in various ways to deliver health services to the poor people of the area. That journey started with the pre-opening ceremony of the eye camp like salt before lighting the lamp.' MLA Ferdowsi Begum appreciated this initiative of Hospice India.

Dr. Shubojit Roy, on behalf of Hospice India, said, 'No one lives forever. But to relieve their pain before death, that is our main task. Hospice care aims to provide comprehensive services at the critical time of life with the help of modern medical science. What has been developed in Gariya's Panchpota after many days of tireless work.'

बीजेपी के कारण बताओ नोटिस का जयंत सिन्हा ने दिया जवाब, कहा- मुझसे किसी ने संपर्क तक नहीं किया
#hazaribagh_mp_jayant_sinha_on_bjp_show_cause_notice झारखंड की हजारीबाग सीट से बीजेपी के निवर्तमान सांसद जयंत सिन्हा ने पार्टी की तरफ से जारी कारण बताओ नोटिस का जवाब दिया है।उन्होंने बीजेपी के कारण बताओ नोटिस पर निराशा और हैरानी व्यक्त की है।सिन्हा ने कहा कि उन्होंने पोस्टल बैलेट के जरिए वोट डाला है क्योंकि वह “व्यक्तिगत प्रतिबद्धताओं” के लिए विदेश में थे। भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार को जयंत सिन्हा को हजारीबाग लोकसभा सीट से मनीष जायसवाल को उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद चुनाव प्रचार में भाग नहीं लेने और इस तरह पार्टी की छवि को खराब करने के लिए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया था। जयंत सिन्हा ने भाजपा के झारखंड महासचिव आदित्य साहू के पत्र का जवाब दे दिया है। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत प्रतिबद्धताओं के कारण विदेश होने की वजह से उन्होंने डाक मत-पत्र प्रक्रिया के जरिए से मतदान किया। अगर पार्टी चाहती कि मैं किसी भी चुनावी गतिविधियों में भाग लूं, तो आप निश्चित रूप से मुझसे संपर्क कर सकते थे। हालांकि, 2 मार्च को मेरी घोषणा के बाद झारखंड से एक भी वरिष्ठ पार्टी पदाधिकारी, सांसद या विधायक मेरे पास नहीं पहुंचे। मुझे किसी भी पार्टी कार्यक्रम आमंत्रित नहीं किया गया। इसके साथ ही मुझे किसी भी रैली या संगठनात्मक बैठकों के लिए भी न्योता नहीं आया। झारखंड की हजारीबाग सीट से मौजूदा सांसद सिन्हा ने साहू को लिखे दो पेज के पत्र में कहा, पार्टी ने लोकसभा चुनाव के लिए मनीष जायसवाल को अपना उम्मीदवार घोषित किया। मैंने 8 मार्च को बधाई दी थी, जोकि मेरे समर्थन का ही साक्ष्य था। उन्होंने कहा, अगर बाबूलाल मरांडी मुझे कार्यक्रम में शामिल करना चाहते थे तो वो निश्चित रूप से मुझे आमंत्रित कर सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। जयंत सिन्हा ने कहा ‘लोकसभा अध्यक्ष को सूचित करने के बाद मैं कुछ निजी प्रतिबद्धताओं के कारण 10 मई 2024 को विदेश चला गया। पार्टी द्वारा मुझे किसी भी कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किए जाने के कारण वहां रुकने की कोई आवश्यकता दिखाई नहीं पड़ी। जाने से पहले मैंने पोस्टल बैलेट प्रक्रिया के जरिए अपना वोट दिया था इसलिए ये आरोप लगाना गलत है कि मैंने अपने मताधिकार के कर्तव्य का पालन नहीं किया है। पिछले कई दशकों से मैंने पार्टी की कई महत्वपूर्ण और सार्थक राष्ट्रीय नीति संबंधी पहलों में सहायता की है। इन पदों पर रहते हुए मेरे कार्यों की सराहना की गई है। मैंने पार्टी की सभी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निभाया है। बीजेपी नेता ने कहा, आपका यह रवैया समर्पित पार्टी कार्यकर्ताओं को निराश करने के अलावा पार्टी के सामूहिक प्रयासों को भी कमजोर करने वाला है। इसके अतिरिक्त, पार्टी के प्रति मेरी निष्ठा और कठिन परिश्रम के बावजूद, ऐसा प्रतीत होता है कि मुझे अन्यायपूर्ण तरीके से निशाना बनाया जा रहा है। हम निश्चित ही किसी भी समय व्यक्तिगत रूप से या फोन पर बात कर सकते थे, ताकि आपके किसी भी संदेह को दूर किया जा सके। हजारीबाग लोकसभा चुनावों के लिए पार्टी के पदाधिकारी होने के नाते आप कभी भी मुझसे संपर्क कर सकते थे। चुनाव समाप्त होने के बाद आपके द्वारा इस तरह का पत्र भेजना मेरे लिए समझ से परे है।
बीजेपी के कारण बताओ नोटिस का जयंत सिन्हा ने दिया जवाब, कहा- मुझसे किसी ने संपर्क तक नहीं किया

#hazaribagh_mp_jayant_sinha_on_bjp_show_cause_notice 

 झारखंड की हजारीबाग सीट से बीजेपी के निवर्तमान सांसद जयंत सिन्हा ने पार्टी की तरफ से जारी कारण बताओ नोटिस का जवाब दिया है।उन्होंने बीजेपी के कारण बताओ नोटिस पर निराशा और हैरानी व्यक्त की है।सिन्हा ने कहा कि उन्होंने पोस्टल बैलेट के जरिए वोट डाला है क्योंकि वह “व्यक्तिगत प्रतिबद्धताओं” के लिए विदेश में थे।

भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार को जयंत सिन्हा को हजारीबाग लोकसभा सीट से मनीष जायसवाल को उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद चुनाव प्रचार में भाग नहीं लेने और इस तरह पार्टी की छवि को खराब करने के लिए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया था। जयंत सिन्हा ने भाजपा के झारखंड महासचिव आदित्य साहू के पत्र का जवाब दे दिया है। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत प्रतिबद्धताओं के कारण विदेश होने की वजह से उन्होंने डाक मत-पत्र प्रक्रिया के जरिए से मतदान किया। अगर पार्टी चाहती कि मैं किसी भी चुनावी गतिविधियों में भाग लूं, तो आप निश्चित रूप से मुझसे संपर्क कर सकते थे। हालांकि, 2 मार्च को मेरी घोषणा के बाद झारखंड से एक भी वरिष्ठ पार्टी पदाधिकारी, सांसद या विधायक मेरे पास नहीं पहुंचे। मुझे किसी भी पार्टी कार्यक्रम आमंत्रित नहीं किया गया। इसके साथ ही मुझे किसी भी रैली या संगठनात्मक बैठकों के लिए भी न्योता नहीं आया।

झारखंड की हजारीबाग सीट से मौजूदा सांसद सिन्हा ने साहू को लिखे दो पेज के पत्र में कहा, पार्टी ने लोकसभा चुनाव के लिए मनीष जायसवाल को अपना उम्मीदवार घोषित किया। मैंने 8 मार्च को बधाई दी थी, जोकि मेरे समर्थन का ही साक्ष्य था। उन्होंने कहा, अगर बाबूलाल मरांडी मुझे कार्यक्रम में शामिल करना चाहते थे तो वो निश्चित रूप से मुझे आमंत्रित कर सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।

जयंत सिन्हा ने कहा ‘लोकसभा अध्यक्ष को सूचित करने के बाद मैं कुछ निजी प्रतिबद्धताओं के कारण 10 मई 2024 को विदेश चला गया। पार्टी द्वारा मुझे किसी भी कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किए जाने के कारण वहां रुकने की कोई आवश्यकता दिखाई नहीं पड़ी। जाने से पहले मैंने पोस्टल बैलेट प्रक्रिया के जरिए अपना वोट दिया था इसलिए ये आरोप लगाना गलत है कि मैंने अपने मताधिकार के कर्तव्य का पालन नहीं किया है। पिछले कई दशकों से मैंने पार्टी की कई महत्वपूर्ण और सार्थक राष्ट्रीय नीति संबंधी पहलों में सहायता की है। इन पदों पर रहते हुए मेरे कार्यों की सराहना की गई है। मैंने पार्टी की सभी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निभाया है।

बीजेपी नेता ने कहा, आपका यह रवैया समर्पित पार्टी कार्यकर्ताओं को निराश करने के अलावा पार्टी के सामूहिक प्रयासों को भी कमजोर करने वाला है। इसके अतिरिक्त, पार्टी के प्रति मेरी निष्ठा और कठिन परिश्रम के बावजूद, ऐसा प्रतीत होता है कि मुझे अन्यायपूर्ण तरीके से निशाना बनाया जा रहा है। हम निश्चित ही किसी भी समय व्यक्तिगत रूप से या फोन पर बात कर सकते थे, ताकि आपके किसी भी संदेह को दूर किया जा सके। हजारीबाग लोकसभा चुनावों के लिए पार्टी के पदाधिकारी होने के नाते आप कभी भी मुझसे संपर्क कर सकते थे। चुनाव समाप्त होने के बाद आपके द्वारा इस तरह का पत्र भेजना मेरे लिए समझ से परे है।

गौतम गंभीर के बाद जयंत सिन्हा भी नहीं लड़ेंगे लोकसभा चुनाव, जेपी नड्डा को चिट्ठी लिख की ये अपील

#jayant_sinha_announces_not_contest_lok_elections 

शनिवार सुबह एक चौंकाने वाली खबर आई। बीजेपी सांसद और क्रिकेटर गौतम गंभीर ने राजनीति से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया। अब गौतम गंभीर के बाद झारखंड के हजारीबाग से बीजेपी सांसद जयंत सिन्हा ने भी लोकसभा का चुनाव न लड़ने की इच्छा जाहिर की है। इसकी जानकारी उन्होंने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को दी है। बीजेपी के सांसद ने ट्वीट कर पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा से अपील की है कि वे उन्हें प्रत्यक्ष चुनावी कर्तव्यों से मुक्त करें ताकि वह भारत और दुनिया भर में वैश्विक जलवायु परिवर्तन से निपटने पर अपने प्रयासों पर ध्यान केंद्रित कर सकें।

जयंत सिन्हा ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि 'मैंने पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुझे चुनावी दायित्व से मुक्त करने अपील की है ताकि मैं भारत और दुनिया में जलवायु परिवर्तन से निपटने पर फोकस कर सकूं। हालांकि मैं पार्टी की आर्थिक और प्रशासनिक मुद्दों पर काम करता रहूंगा।' जयंत सिन्हा ने लिखा 'मैं बहुत सौभाग्यशाली हूं कि मुझे बीते 10 वर्षों तक भारत और हजारीबाग के लोगों की सेवा का मौका मिला। मुझे भाजपा नेतृत्व, पीएम मोदी और अमित शाह ने कई अवसर दिए, जिसके लिए मैं उनका आभारी हूं, जय हिंद।'

इससे पहले भाजपा के पूर्वी दिल्ली के सांसद गौतम गंभीर ने भी कहा कि उन्होंने पार्टी से उन्हें राजनीतिक कर्तव्यों से मुक्त करने के लिए कहा है ताकि वह अपनी आगामी क्रिकेट प्रतिबद्धताओं पर ध्यान केंद्रित कर सकें। ये घोषणाएं तब हुईं जब कहा जा रहा है कि बीजेपी कई नए नेताओं को टिकट देने पर विचार कर रही है। जिसके कारण कई सिटिंग सांसदों के टिकट कट सकते हैं।

बता दें कि जयंत सिन्हा पूर्व केंद्रीय मंत्री और तृणमूल कांग्रेस के नेता यशवंत सिन्हा के बेटे हैं। जयंत सिन्हा ने 2014 में पहली बार लोकसभा से सांसद बने थे। पीएम मोदी के पहले कार्यकाल में उन्हें मंत्री भी बनाया गया था। जयंत सिन्हा साल 2016 से लेकर 2019 तक उड्डयन राज्य मंत्री रहे थे। इसके अतिरिक्त साल 2014 से साल 2016 के बीच वह वित्त राज्य मंत्री भी रह चुके हैं। जयंत सिन्हा को साल 2019 में फिर हजारीबाग सीट से चुनाव लड़े और जीत हासिल की, लेकिन पीएम मोदी के दूसरे कार्यकाल में उन्हें मंत्री नहीं बनाया गया था।

विपक्षी दलों के गठबंधन “इंडिया” को एक और बड़ा झटका, जयंत चौधरी ने एनडीए में शामिल होने का किया एलान

#rashtriya_lok_dal_rld_president_jayant_chaudhary_joins_nda

राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के अध्यक्ष जयंत चौधरी ने विपक्षी इंडिया गठबंधन को बड़ा झटका दिया है।जयंत चौधरी ने आखिरकार सोमवार को एनडीए में शामिल होने का एलान कर दिया है।रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी ने कहा कि उन्होंने बहुत सोच-समझकर यह फैसला लिया है। जयंत चौधरी ने कहा कि उन्होंने यह फैसला सभी की भलाई को देखते हुए लिआ है। हालांकि, बहुत कम समय में हमें यह फैसला लेना पड़ा। हम लोगों के लिए कुछ अच्छा करना चाहते हैं।

एनडीए में शामिल होने के लेकर विधायकों की नाराजगी के सवाल पर जयंत चौधरी ने कहा, मैंने अपनी पार्टी के सभी एमएलए और कार्यकर्ताओं से बात करने के बाद यह फैसला लिया। इस फैसले के पीछे कोई बड़ी प्लानिंग नहीं थी। हम लोगों के लिए कुछ अच्छा करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि एनडीए में शामिल होने के फैसले के पीछे कोई बड़ी प्लानिंग रही हो या फिर हम तैयार बैठे थे। चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न से नवाजा गया तो हम सभी खुश हैं। बहुत बड़ा सम्मान है जो कि केवल हमारे परिवार और दल तक ही सीमित नहीं है. देश के कोने-कोने में रहने वाले हमारे जो किसान भाई है, नौजवान हैं, गरीब लोग हैं उनका भी सम्मान है।

यह राजनीतिक घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है, जबकि तीन दिन पहले ही शुक्रवार को चौधरी चरण सिंह, जो कि आरएलडी चीफ के दादा हैं, को ‘भारत रत्न’ देने का ऐलान किया गया था।चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न देने का ऐलान के ऐलान के बाद जयंत चौधरी ने ट्वीट करते हुए कहा था, दिल जीत लिया। एनडीए में जाने की बात पर कहा था कि आज किस मुंह से इन्हें इनकार करूं। इसके बाद से ही जयंत चौधरी को एनडीए के साथ हाथ मिलना पक्का माना जा रहा था।

रालोद प्रमुख चौधरी जयंत सिंह के एनडीए में शामिल होने से पश्चिमी यूपी के चुनावी समीकरण भी अब बदल जाएंगे। अब आगामी लोकसभा चुनाव में जाट वोट बैंक भी भाजपा की तरफ आता दिखाई देगा। अब इसके दो बड़े कारण हो गए हैं। पहले भाजपा सरकार ने किसानों के मसीहा पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न देने की घोषणा कर दी और अब रालोद प्रमुख चौधरी जयंत सिंह ने भी एनडीए में शामिल होने का एलान आधिकारिक तौर पर कर दिया है।

बीजेपी-आरएलडी का गठबंधन पक्का! एनडीए में जाने के सवाल पर बोले जयंत-अब किस मुंह से इनकार करूं मैं

#jayant_chaudhary_confims_bjp_rld_alliance_after_announce_of_charan_singh_bharat_ratna

पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न देने का ऐलान किया गया है। इस ऐलान के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। जिसका संकेत चौधरी चरण सिंह के पोते और आरएलडी प्रमुख जयंत चौधरी ने दे भी दिया है। पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ (मरणोपरांत) से सम्मानित किए जाने की घोषणा के बाद उनके पोते और रालोद अध्‍यक्ष जयंत चौधरी ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने साबित कर दिया है कि वो देश की भावना को समझते हैं। वहीं, बीजेपी के साथ जाने के सवाल पर उन्‍होंने कह दिया कि आज मैं किस मुंह से इंकार करूं।इसके साथ ही अब आरएलडी और बीजेपी गठबंधन की मुहर भी लग गई है।

मोदी सरकार ने चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न देकर जयंत चौधरी का दिल जीत लिया है। जयंत चौधरी ने कहा कि मीडिया से बात करते हुए कहा कि ये बहुत बड़ा दिन है। मेरे लिए भावुक और यादगार पल है। मैं राष्ट्रपति, भारत सरकार और विशेषकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देता हूं। इससे बहुत बड़ा संदेश पूरे देश में गया है।देश की भावनाएं सरकार के इस फैसले से जुड़ी हैं। उन्होंने कहा कि मोदी जी ने साबित किया है कि वे देश की मूलभावना को समझते हैं…जो आजतक पूर्व की सरकार नहीं कर पाई वे फैसला नरेंद्र मोदी ने लिया है।

एनडीए के साथ जाने के बारे में जब उनसे सवाल पूछा गया तो उन्‍होंने कहा कि आज एनडीए के साथ जाने की कोई घोषणा नहीं की है. लेकिन किस मुंह से इनकार किया जाए, कोई कसर रह गई हो तो बताओ. सीटों की कोई बात मैं अभी किसी के साथ नहीं करूंगा। न ही पीएम से करूंगा और न ही बीजेपी के किसी व्‍यक्ति से करूंगा।

चुनाव से जोड़ कर दिए गए बयानों पर जयंत ने कहा कि अगर ये कांग्रेस का आधिकारिक बयान है तो ये छोटी बात है जिसकी मैं निंदा करता हूं। चवन्नी वाले बयान पर जयंत ने कहा कि मैं कोई ट्वीट डिलीट नहीं करूंगा। विपक्ष क्या कहता है इसे भूल जाना चाहिए।सरकार ने दिल जीता है, खरीदने की बात नहीं है।

बता दें कि बीजेपी और आरएलडी में गठबंधन लगभग तय माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक आरएलडी 2 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। ये दो सीटें बागपत और बिजनोर होंगी। इसके अलावा एक राज्यसभा सीट भी दी जा सकती है। हालांकि सपा जैसी पार्टियों को अभी भी उम्मीद है कि जयंत सोच समझकर फैसला लेंगे। लेकिन भारत रत्न के ऐलान के बाद अब गठबंधन कंफर्म माना जा रहा है।