हाथियों के बढ़ते हमलों का मुद्दा लोकसभा में उठा, हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल ने मांगी विशेष केंद्रीय सहायता
हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने लोकसभा में नियम 377 के तहत झारखंड में बढ़ती हाथियों के हमलों की घटनाओं का गंभीर मुद्दा उठाया। उन्होंने सदन का ध्यान इस ओर आकृष्ट करते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में हाथियों के हमलों की घटनाओं में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिसके कारण बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है तथा ग्रामीण क्षेत्रों में घरों और खड़ी फसलों को भारी नुकसान हुआ है।
सांसद मनीष जायसवाल ने उपलब्ध रिपोर्टों का हवाला देते हुए बताया कि वर्ष 2019-20 से अब तक हाथियों के हमलों में 450 से अधिक लोगों की मृत्यु हो चुकी है। वहीं पिछले 18–20 वर्षों में यह संख्या लगभग 1200 से 1300 के बीच आंकी गई है। हाल के महीनों में रामगढ़, बोकारो, पश्चिमी सिंहभूम तथा विशेष रूप से हजारीबाग जिले में 25 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि हाथियों के झुंडों की लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में आवाजाही से लोगों के बीच भय और असुरक्षा का वातावरण बन गया है। इस समस्या के प्रमुख कारणों में वन क्षेत्रों एवं पारंपरिक हाथी कॉरिडोर पर अतिक्रमण, अवैध खनन और विकास गतिविधियों के कारण प्राकृतिक आवास में कमी, जंगलों में भोजन और जल स्रोतों की कमी तथा प्रभावी चेतावनी और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र का अभाव शामिल हैं।
सांसद मनीष जायसवाल ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि झारखंड के लिए विशेष केंद्रीय सहायता पैकेज उपलब्ध कराया जाए। साथ ही प्रभावित परिवारों को समयबद्ध और पारदर्शी मुआवजा सुनिश्चित किया जाए, आधुनिक अर्ली वार्निंग सिस्टम लागू किए जाएं तथा हाथियों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए अंतर-राज्यीय समन्वय तंत्र स्थापित किया जाए।
सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के समन्वित प्रयास बेहद जरूरी हैं, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम किया जा सके ।
6 min ago
- Whatsapp
- Facebook
- Linkedin
- Google Plus
1