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एशियन गेम्स में भारत ने जीता पहला गोल्ड, महिला क्रिकेट में लगातार दूसरा गोल्ड

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एशियन गेम्स में भारत का स्वर्ण पदक का खाता खुल गया है। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एशियन गेम्स में इतिहास रच दिया है। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने एशियन गेम्स में लगातार दूसरा गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया है।

श्रीलंका को हराकर गोल्ड का कब्जा

श्रीलंका के खिलाफ फाइनल में टीम इंडिया ने 147 रन से विशाल जीत दर्ज की। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में तीन विकेट पर 216 रन बनाए। 217 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी। पूरी टीम 15.4 ओवर में 69 रन पर ऑलआउट हो गई। भारत ने मुकाबला 147 रन से जीतकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। भारतीय गेंदबाजों ने लगातार विकेट लेकर श्रीलंका की पारी को संभलने का मौका नहीं दिया।

एशियन गेम्स में लगातार दूसरी बार स्वर्ण

भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एशियन गेम्स में लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक जीता है। भारत ने इससे पहले 2023 हांगझोउ एशियन गेम्स में भी महिला क्रिकेट का स्वर्ण पदक जीता था। इस बार भी टीम ने अपने स्वर्ण पदक का सफलतापूर्वक बचाव किया।

2024 एशिया कप के बाद श्रीलंका के खिलाफ लगातार आठ जीत

2024 एशिया कप फाइनल में मिली हार के बाद भारत ने श्रीलंका को लगातार आठ मैचों में शिकस्त दी है। 2026 एशिया कप फाइनल में भी भारत ने श्रीलंका को 72 रन से हराया था। एशियन गेम्स के फाइनल में यह दबदबा और मजबूत हुआ। भारत के एशियन गेम्स 2026 में कुल पदकों की संख्या सात हो गई है और टीम पदक तालिका में आठवें स्थान पर पहुंच गई है।

নাটকীয় কামব্যাক, ৭ বছর পর ফের কলকাতা লিগ চ্যাম্পিয়ন মোহনবাগান*
*খেলা*

*কলকাতা লিগ*


*নিজস্ব সংবাদদাতা, বারাসাত, ১৯ সেপ্টেম্বর:* যেকোনও সিনেমার চিত্রনাট্যকে হার মানাবে। গোলকিপারের লাল কার্ড, এগিয়ে গিয়ে পিছিয়ে পড়া, তারপর দুরন্ত কামব্যাক — কী ছিল না আজকের ম্যাচে! মিনি ডার্বিতে মহামেডানকে ৩-২ গোলে হারিয়ে ২০১৮-র পর ফের কলকাতা লিগ চ্যাম্পিয়ন মোহনবাগান। এই নিয়ে ৩১ বার খেতাব জিতল সবুজ-মেরুন।

শনিবার একইসঙ্গে ৬টি দলের খেলা ছিল, কারণ ৫টি দল চ্যাম্পিয়ন হওয়ার দৌড়ে ছিল। তবে সবথেকে সহজ সমীকরণ ছিল মোহনবাগান বনাম মহামেডান ম্যাচে — যে জিতবে, সেই চ্যাম্পিয়ন। তাই শুরু থেকেই আক্রমণাত্মক ছিল বাস্তব রায়ের ছেলেরা।

প্রথম কোয়ার্টারে জোড়া গোলের সুযোগ নষ্ট করে মোহনবাগান। অবশেষে ২৬ মিনিটে ডেডলক ভাঙে। ছাংতের নিখুঁত ক্রস থেকে হেডে গোল করেন সাহাল আব্দুল সামাদ। ১-০ এগিয়ে যায় মোহনবাগান।

এরপরই নাটক। গোলকিপারের লাল কার্ড দেখে ১০ জনে হয়ে যায় মোহনবাগান। সেই সুযোগে ২ গোল করে ২-১ এগিয়ে যায় মহামেডান।

কিন্তু হার মানেনি সবুজ-মেরুন। দ্বিতীয়ার্ধে দুরন্ত কামব্যাক। জোড়া গোল করেন সাহাল আব্দুল সামাদ এবং একটি গোল করেন ইস্টবেঙ্গল থেকে আসা সায়ন ব্যানার্জী। ১-২ পিছিয়ে থেকেও ৩-২ জয় ছিনিয়ে নেয় মোহনবাগান।

এই জয়ের ফলে কলকাতা ফুটবল লিগের সেরার মুকুট ফের মোহনবাগানের মাথায়।

ছবি:সৌজন্যে ফেসবুক।

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रूसी तेल की खरीद पर अमेरिका के 100 फीसदी टैरिफ बिल पर आया भारत का जवाब, जानें क्या कहा

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अमेरिकी संसद ने बुधवार को रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर प्रतिबंध लगाने के लिए नया कानून पास किया है। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने रूस और ईरान को प्रतिबंधित करने वाले ‘लिंडसे ओ. ग्राहम अधिनियम, 2026’ को मंजूरी दे दी है। इस विधेयक के तहत राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रूस पर प्रतिबंध लगाने और रूस के तेल और गैस के व्यापारिक साझेदार देशों पर भारी शुल्क लगाने का अधिकार मिलेगा। प्रभावित होने वाले देशों के भारत भी शामिल है। इस बिल के पारित होने के बाद भारत ने वाशिंगटन को दो टूक शब्दों में कड़ा कूटनीतिक संदेश दे दिया है।

भारतीय विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?

भारतीय विदेश मंत्रालय ने पूरे मामले में दो टूक बयान दिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा, भारत अपने व्यापार और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार 1.4 अरब लोगों के लिए ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और अलग-अलग स्रोतों से ऊर्जा हासिल करके और बदलती बाज़ार की स्थितियों के आधार पर इसे बनाए रखेगी।

भारत की अमेरिका को दो टूक

विदेश मंत्रालय ने, भारतीय पक्ष ने बहुत स्पष्ट रूप से बताया है कि इसके संभावित असर न केवल द्विपक्षीय संबंधों पर, बल्कि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर भी पड़ सकते हैं। भारतीय पक्ष ने अपने व्यापारिक और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाने के अपने संकल्प को भी स्पष्ट किया है। सरकार इन घटनाक्रमों के असर से निपटने के लिए भारतीय व्यापार और उद्योग संगठनों के साथ मिलकर काम करेगी।

भारत तेल और गैस खरीदना जारी रखेगा

विदेश मंत्रालय ने कहा, भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए अलग-अलग देशों से तेल और गैस खरीदना जारी रखेगा और बाजार में बदलाव के हिसाब से फैसले लेगा। भारत ने कहा कि इस मुद्दे पर हाल के महीनों में अमेरिकी अधिकारियों के साथ उच्च स्तर पर बातचीत हुई है।

क्या है अमेरिका नया कानून?

अमेरिका में पास नए बिल का आधिकारिक नाम ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ़ 2026’ है। अब यह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास कानून बनने के लिए मंज़ूरी के लिए जाएगा। रूस से सबसे ज्यादा तेल-गैस खरीदने वाले पांच देशों, इन भारत, चीन, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान इसके दायरे में हैं। इन पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने का अधिकार ट्रंप प्रशासन को मिल जाएगा. इस बिल में उस देशों को छूट दी गई है, जो रूस के प्राकृतिक गैस निर्यात का 15% से कम आयात करते हैं।

भारत के युद्धपोत से भिड़ा पाक नौसेना का जहाज, पाकिस्तानी अफसर तलब

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भारत और पाकिस्तान की दुश्मनी जगजाहिर है। दोनों देशों के बीच तकरार कब शुरू हो जाए ये कहना मुश्किल है। एक बार फिर भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव दिखाई दिया है। अरब सागर में पाकिस्तानी नौसेना के एक तेज रफ्तार जहाज ने भारतीय नेवी के युद्धपोत को टक्कर मार दी है। इस घटना के बाद दोनों देशों के बीच टेंशन बढ़ गई है।

पाक नौसेना का गैर-पेशेवर रवैया

भारत के विदेश मंत्रालय ने 15 सितंबर 2026 की शाम उत्तरी अरब सागर में नियमित निगरानी मिशन पर तैनात भारतीय नौसेना के एक अग्रिम पंक्ति के युद्धपोत के बेहद करीब पाकिस्तान नौसेना का एक जहाज तेज गति से पहुंचा और बेहद गैर-पेशेवर एवं असुरक्षित तरीके से उसकी दिशा में तेजी से चलने लगा। इस दौरान दोनों जहाजों के बीच टक्कर हो गई। हालांकि, इस घटना में किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।

कैसे हुई टक्कर?

सरकारी सूत्रों के अनुसार, भारतीय युद्धपोत नियमित निगरानी मिशन पर था। इसी दौरान पाकिस्तानी जहाज तेज गति से उसके करीब पहुंचा और सुरक्षित दूरी बनाए रखने के बजाय असुरक्षित तरीके से दिशा बदलता रहा। इसी दौरान दोनों जहाज संपर्क में आए। किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। दोनों जहाजों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।

पाकिस्तान के प्रभारी राजदूत तलब

भारत ने इस मसले पर एक्शन लिया है। इस घटना को गंभीरता से लेते हुए नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग के प्रभारी राजनयिक को तलब किया। उन्हें पाकिस्तान की नौसेना इकाइयों के समुद्र में किए गए अस्वीकार्य और गैर-पेशेवर आचरण को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया गया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि ऐसे घटनाक्रम दोबारा न हों, इसके लिए दोनों देशों के बीच हुए समझौतों का पालन जरूरी है।

1991 के समझौते का आया जिक्र

भारत ने इस घटना को अप्रैल 1991 में हुए भारत-पाकिस्तान समझौते से भी जोड़ा है। इस समझौते का मकसद सैन्य अभ्यास, युद्धाभ्यास और सैनिक गतिविधियों को लेकर दोनों देशों के बीच गलतफहमी और दुर्घटना का खतरा कम करना था। इसके अनुच्छेद 10 में दोनों देशों के नौसैनिक जहाजों और पनडुब्बियों के बीच अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में सुरक्षित दूरी बनाए रखने की बात कही गई है। उपलब्ध दस्तावेजों के मुताबिक, दोनों देशों के जहाजों को एक-दूसरे के तीन नॉटिकल मील के भीतर नहीं आना चाहिए। यानी इस तरह के समझौते का मकसद ही यह है कि दोनों देशों की सैन्य इकाइयां समुद्र में इस तरह की स्थिति पैदा न करें, जिससे टक्कर या किसी बड़े सैन्य विवाद का खतरा पैदा हो।

GAFA and IIRIS Consulting Push Forensic Investigation into the AI Era

NEW DELHI: The growing sophistication of financial fraud and technology-enabled crime is forcing a rethink of how investigations are conducted. Artificial intelligence is increasingly becoming part of the investigator’s toolkit, not simply for automation, but for analysing large volumes of financial data, identifying anomalies and connecting information that may otherwise remain fragmented.

Against this backdrop, the Global Association of Forensic Accountants (GAFA) has joined hands with IIRIS Consulting to develop the Certified AI Investigator (CAII) programme, bringing artificial intelligence directly into the professional investigation curriculum. The programme is positioned at the intersection of forensic accounting, fraud investigation, financial intelligence and applied technology.

The initiative reflects a broader shift in the investigation profession. Fraudsters are increasingly using digital platforms, automated processes, complex transaction structures and technology to conceal financial activity. Investigators, consequently, need to be able to work with data at scale and use technology without losing the fundamentals of evidence-based investigation.

The CAII programme is built around practical application rather than AI theory alone. The current programme includes 48 hours of live instruction across eight modules and eight working platforms, with applications covering AI-assisted investigation, data and transaction analysis, fraud detection and investigative intelligence.

What makes the initiative particularly relevant is its emphasis on the investigator remaining in control. AI can identify patterns and accelerate analysis, but it cannot independently establish whether an unusual transaction is fraudulent, determine the credibility of evidence or replace professional skepticism. Those decisions still require human judgment, corroboration and investigative reasoning.

The collaboration also brings complementary capabilities. The skill enhancement capabilities of Global Association of Forensic Accountants (GAFA) operating across forensic accounting, fraud investigation, AML and financial-crime education, and IIRIS Consulting’s intelligence capabilities across risk advisory, security, intelligence, forensics and due diligence, with operations spanning India, MENA, Asia and Europe.

The development points to a larger transformation within forensic investigation: the next generation of professionals may need to be equally comfortable reading financial statements, interrogating datasets and questioning AI-generated findings. As financial crime continues to evolve, the advantage may increasingly belong not to investigators who simply use AI, but to those who understand when to use it, how to challenge it and how to turn its output into defensible investigative evidence.

भारत बना ईरान-यूएई के बीच 'मध्यस्थ', दिल्ली में ब्रिक्स समिट की अहम कामयाबी

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नई दिल्ली में संपन्न ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के बीच भारत ने उस वक्त बड़ी कूटनीतिक कामयाबी हासिल की, जब पश्चिम एशिया के युद्ध को लेकर आमने-सामने खड़े ईरान और संयुक्त अरब अमीरात एक साझा ब्रिक्स घोषणा पर सहमत हो गए। पश्चिम एशिया के संघर्ष को लेकर संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और ईरान के बीच गंभीर मतभेद देख जा रहे हैं। युद्ध और लगातार बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बीच दोनों देशों के बीच सहमति बनना सिर्फ ब्रिक्स के लिए नहीं, बल्कि भारत की कूटनीतिक भूमिका के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।

ईरान-यूएई को एक साथ लाना था चुनौती

ब्रिक्स के विदेश मंत्रियों की मई में हुई बैठक के दौरान ईरान और यूएई के बीच मतभेद इतने गहरे थे कि संयुक्त बयान तक जारी नहीं हो पाया था। पश्चिम एशिया में युद्ध को लेकर दोनों देशों की प्राथमिकताएं और संघर्ष की व्याख्या अलग-अलग थी। ऐसे में दिल्ली शिखर सम्मेलन से पहले सबसे बड़ी चुनौती यही थी कि ऐसी भाषा तैयार की जाए, जिस पर ईरान और यूएई समेत ब्रिक्स के सभी सदस्य देश एक साथ खड़े हो सकें। अंतिम घोषणा में किसी एक देश को सीधे तौर पर युद्ध के लिए जिम्मेदार ठहराने के बजाय पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर सामूहिक चिंता जताई गई। सभी पक्षों से अधिकतम संयम बरतने और ऐसे कदमों से बचने की अपील की गई, जो स्थिति को और बिगाड़ सकते हैं।

ईरानी राष्ट्रपति और यूएई के क्राउन प्रिंस की मुलाकात

इसी बीच दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स समिट के दौरान एक अप्रत्याशित राजनयिक क्षण सामने आया। यूएई के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने ब्रिक्स सिखर सम्मेलन के दौरान ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान से मुलाकात की, जिसमें दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों, तनाव कम करने, स्थिरता और क्षेत्रीय शांति और विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर चर्चा की। युद्ध शुरू होने के बाद दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच यह सबसे महत्वपूर्ण संपर्कों में से एक माना जा रहा है। खास बात यह है कि यह बैठक ऐसे समय हुई, जब क्षेत्रीय संघर्ष ने ईरान और खाड़ी देशों के रिश्तों को बेहद संवेदनशील बना दिया है।

भारत की भूमिका क्यों अहम?

नई दिल्ली के संयुक्त अरब अमीरात और अन्य खाड़ी देशों के साथ गहरे रणनीतिक और आर्थिक संबंध हैं, साथ ही ईरान के साथ भी उसके दीर्घकालिक संबंध बने हुए हैं। इसके अलावा, भारत के अमेरिका, रूस और इज़राइल के साथ भी घनिष्ठ साझेदारी है। इससे भारत को राजनयिक स्तर पर ऐसी पहुँच प्राप्त है जो कई अन्य देशों के पास नहीं है। चुनौती यह है कि उस पहुंच का उपयोग इस तरह से किया जाए कि ऐसा न लगे कि आप किसी का पक्ष ले रहे हैं। नई दिल्ली ने ईरान और अमेरिका या ईरान और अरब देशों के बीच औपचारिक मध्यस्थ के रूप में अपनी भूमिका नहीं निभाई है। इसके बजाय, उसने लगातार संवाद, कूटनीति, तनाव कम करने, नागरिकों की सुरक्षा और निर्बाध व्यापार एवं नौवहन की वकालत की है। दूसरे शब्दों में कहें तो, भारत का प्रस्ताव किसी बड़े शांति समझौते की मध्यस्थता करने से कम और राजनयिक चैनलों को खुला रखने से अधिक संबंधित है।

ब्रेकफास्ट से डिनर तक सब दिल्ली में नहीं होगा…” क्यों तिलमिलाए तारिक रहमान के मंत्री

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भारत के न्योते के बाद भी बांग्लादेश ब्रिक्स समिट में शामिल नहीं हुआ। अब नई दिल्ली में ब्रिक्स समिट की धमाकेदार सफलता और भारत के बढ़ते ग्लोबल प्रभाव को देखकर पड़ोसी देश बांग्लादेश के पेट में मरोड़ उठने लगी है। बांग्लादेश के विदेश राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने अजीबोगरीब बयान देकर अपनी भड़ास निकाली है।

बांग्लादेश सरकार भारत से अच्छे संबंध चाहती है लेकिन...

बांग्लादेश के विदेश राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने कहा है कि उनकी सरकार भारत के साथ अच्छे संबंध चाहती है लेकिन दिल्ली को दूसरे देशों से ज्यादा तवज्जो नहीं दी जाएगी। बांग्लादेश भारत के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को फिर से शुरू करना चाहता है। हमारी सरकार एक नए रिश्ते की ओर बढ़ना चाहते हैं और इसे द्विपक्षीय बातचीत के जरिए आगे बढ़ाया जाना चाहिए, ना कि किसी बहुपक्षीय मंच के जरिए ये होना चाहिए।

भारत के प्रति आकर्षण से आगे बढ़ना होगा- हुमायूं कबीर

भारत से रिश्ते को लेकर हुए सवाल पर कबीर ने कहा, भारत में ही नाश्ता, भारत में लंच, भारत में ही डिनर होगा तो फिर आप अपना खाना कब खाएंगे। हमें भारत के प्रति इस आकर्षण से आगे बढ़ना होगा। बाकी दुनिया के देशों की तरह भारत भी बस एक और देश है, जिसके साथ बांग्लादेश अच्छे द्विपक्षीय संबंध चाहता है।

भारत से बना रहा दूरी

हुमायूं कबीर के इस बयान से दो दिन पहले बांग्लादेश की तरफ से ऐलान किया गया था कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान भारत में हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा नहीं लेंगे क्योंकि उन्हें इस कार्यक्रम के लिए बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के तौर पर आमंत्रित नहीं किया गया था। इसके बजाय उन्हें बिम्सटेक के अध्यक्ष के तौर पर निमंत्रण भेजा गया था। हालांकि, इससे पहले फरवरी में भी तारीक रहमान को एक अलग द्विपक्षीय निमंत्रण भी भेजा जा चुका था। बावजूद इसके बांग्लादेशी सरकार ने निमंत्रण को ठुकरा दिया था।

বালিতে জোড়া ট্রফি করণ সিংয়ের, টানা দুই আইটিএফ এম ১৫ খেতাব জয়

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*চণ্ডীগড়, ১৩ সেপ্টেম্বর ২০২৬:* ইন্দোনেশিয়ার বালিতে নিজের দাপট অব্যাহত রাখলেন রাউন্ডগ্লাস টেনিস অ্যাকাডেমির তারকা করণ সিং। বালি বিচ কান্ট্রি ক্লাবে আয়োজিত আইটিএফ এম১৫ আম্মান মেনস ওয়ার্ল্ড টেনিস চ্যাম্পিয়নশিপে টানা দ্বিতীয় সপ্তাহে সিঙ্গলস খেতাব জিতলেন তিনি।

গত সপ্তাহেই একই ভেন্যুতে এম১৫ টুর্নামেন্টের সিঙ্গলস খেতাব জিতেছিলেন করণ। পরপর দুই খেতাব জয়ের সুবাদে তিনি ৩০টি র‍্যাঙ্কিং পয়েন্ট অর্জন করলেন। এই জয়ের ফলে তাঁর কেরিয়ারে সিঙ্গলস খেতাবের সংখ্যা দাঁড়াল পাঁচটি এবং ডাবলসে তিনটি।

২৩ বছর বয়সী ভারতীয় তারকা হার্ড কোর্টের কঠিন ফাইনালে আমেরিকার চ্যাংকে (এটিপি ১২৯৬) ৭-৬(৫), ৭-৫ সেটে হারিয়ে সফলভাবে খেতাব ধরে রাখলেন।

ফাইনালে ওঠার পথে পঞ্চম বাছাই করণ কোয়ার্টার ফাইনালে হেডেন জোন্সকে (এটিপি ১৪৭৫) ৭-৫, ৬-১ সেটে হারান। এরপর সেমিফাইনালে মুখোমুখি হন রাউন্ডগ্লাস অ্যাকাডেমির সতীর্থ তথা চতুর্থ বাছাই দিগ্বিজয় প্রতাপ সিংয়ের (এটিপি ৫৫৭)। সর্বভারতীয় এই সেমিফাইনালে করণ ৬-৪, ৭-৬(২) সেটে সরাসরি জিতে ফাইনালে জায়গা করে নেন।

গত সপ্তাহে প্রথম খেতাব জয়ের পথে তিনি তিন স্থানীয় প্রতিদ্বন্দ্বী — গুনাওয়ান ত্রিসমুয়ান্তারা (৬-৩, ৭-৫), রাফেলেন্টিনো আলি দা কোস্টা (৬-৩, ৬-২) এবং নাথান অ্যান্থনি বার্কিকে (৬-১, ৬-৪) হারিয়েছিলেন। এরপর সেমিফাইনালে জাপানের সপ্তম বাছাই রিওতারো তাগুচিকে ৬-৩, ৬-৩ এবং ফাইনালে নিউজিল্যান্ডের পঞ্চম বাছাই ইশাক বেক্রফ্টকে ৭-৫, ৭-৬(৩) সেটে হারিয়ে প্রথম খেতাবটি জেতেন।

দুই সপ্তাহে করণের পারফরম্যান্স ছিল নিখুঁত। টানা দুটি চ্যাম্পিয়নশিপে তিনি ম্যাচে ১০-০ এবং সেটে ২০-০ এর অবিশ্বাস্য রেকর্ড ধরে রাখেন। দুই সপ্তাহে একটিও সেট হারেননি তিনি।

ইন্দোনেশিয়ায় এই জোড়া জয় ২০২৬ সালে তাঁর ধারাবাহিক সাফল্যেরই প্রতিফলন, যা কাজাখস্তানের আস্তানায় আইটিএফ এম১৫ ডাবলস খেতাব জয়ের কয়েক সপ্তাহ পরেই এল।

আগস্ট মাসে রাশিয়ার মার্টিন বোরিসিয়ুকের সঙ্গে জুটি বেঁধে ফাইনালে স্থানীয় কাজাখ জুটি ড্যানিয়েল রহমাতুল্লায়েভ ও দামির ঝালগাসবেকে ৬-৩, ৬-২ সেটে হারিয়েছিলেন করণ।

ছবি:সংগৃহীত।
Instagram पर बाल यौन शोषण विज्ञापनों का मामला, NCPCR और MeitY की Meta पर चौतरफा घेराबंदी
Amar Bahadur Singh Nagra Ballia सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Meta (Instagram और Facebook) भारत में गंभीर कानूनी और प्रशासनिक संकट का सामना कर रहा है। यह पूरा मामला Instagram पर बाल यौन शोषण और दुर्व्यवहार सामग्री (CSEAM) को बढ़ावा देने वाले विज्ञापनों के प्रदर्शन से जुड़ा है। मामला क्या है और खुलासे में क्या सामने आया? * BBC की पड़ताल: BBC की एक विशेष जाँच में यह उजागर हुआ कि Instagram पर भारत में CSEAM को बढ़ावा देने वाले सशुल्क (Paid) विज्ञापन दिखाए जा रहे थे। * संगीन अपराध: BBC द्वारा बनाए गए एक टेस्ट अकाउंट पर दर्जनों ऐसे विज्ञापनों की पुष्टि हुई। भारत में ऐसी सामग्री का प्रचार और वितरण कानूनी रूप से गंभीर संज्ञेय अपराध (Cognizable Offence) है। * TTP की रिपोर्ट: अमरीकी गैर-सरकारी संस्था 'टेक ट्रांसपेरेंसी प्रोजेक्ट' (TTP) की रिपोर्ट के अनुसार, Meta का AI मॉडरेशन सिस्टम इन विज्ञापनों को रोकने में विफल रहा। TTP ने यह भी खुलासा किया कि यूज़र्स द्वारा रिपोर्ट किए गए 57% विज्ञापनों पर Meta ने यह कहकर कार्रवाई करने से इनकार कर दिया कि वे उनके नियमों का उल्लंघन नहीं करते। Meta का पक्ष और बचाव * ऑटोमेटेड सिस्टम की सीमाएँ: Meta ने अपने बयान में कहा कि वे हर साल लाखों उल्लंघनकारी खातों को हटाते हैं, लेकिन कोई भी AI सिस्टम 100% सटीक नहीं हो सकता। * अपराधियों का सेंध लगाना: कंपनी का दावा है कि पेशेवर अपराधी लगातार उनकी सुरक्षा प्रणालियों में सेंध लगाने के रास्ते तलाशते रहते हैं। NCPCR की कार्रवाई और कानूनी अधिकार राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए 3 जुलाई को नोटिस भेजा और 9 सितंबर को Meta India के शीर्ष नेतृत्व (MD और कंट्री हेड) को आयोग के समक्ष पेश होने के लिए समन जारी किया। | कानूनी पहलू | विवरण | |---|---| | मूल कानून | बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम, 2005। | | प्राप्त शक्तियाँ | दंड प्रक्रिया संहिता (अब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023) के तहत दीवानी अदालत (Civil Court) की शक्तियाँ। | | जाँच का दायरा | निजी संस्थाओं से बाल सुरक्षा पर स्पष्टीकरण मांगना, एजेंसियों से रिपोर्ट तलब करना और POCSO अधिनियम के तहत समीक्षा करना। | MeitY और NHRC का रुख * मंत्रालय की सख्ती: इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने भी Meta को कड़ा नोटिस जारी किया और वैश्विक सार्वजनिक मामलों के निदेशक जोएल कपलान को तलब किया। * NHRC की समानांतर जाँच: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी इस मामले में MeitY और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से रिपोर्ट माँगी है। NHRC इस बात की जाँच कर रहा है कि प्लेटफ़ॉर्म का एल्गोरिदम ऐसी सामग्री से कमाई या उसके प्रचार में किस हद तक शामिल है।
সিএফএল সুপার সিক্সে জয় দিয়ে শুরু মহামেডানের, ইস্টবেঙ্গল ম্যাচ ড্র

খেলা

কলকাতা ফুটবল লিগ

#MohammedanSC

স্পোর্টস ডেস্ক: সিএফএল ২০২৬ সুপার সিক্স অভিযান জয় দিয়ে শুরু করল মহামেডান স্পোর্টিং ক্লাব। অন্যদিকে, ইস্টবেঙ্গল ম্যাচ ড্র করল।আজ নৈহাটি স্টেডিয়ামে ভবানীপুর এফসি-কে ২-০ গোলে পরাজিত করল মহামেডান। অন্যদিকে, কলকাতায় ইস্টবেঙ্গল মাঠে ইউনাইটেড স্পোর্টস ক্লাবের সঙ্গে ড্র করল ইস্টবেঙ্গল। এটা ছিল সুপার সিক্সের প্রথম ম্যাচ।

সুপার সিক্সের প্রথম ম্যাচেই দাপুটে পারফরম্যান্স মেলে ধরল মহামেডান ফুটবলাররা। ম্যাচের শুরু থেকেই আক্রমণাত্মক ফুটবল খেলে তিন পয়েন্ট নিশ্চিত করে তারা। অন্যদিকে, ইস্টবেঙ্গলের সংগ্রহে এক পয়েন্ট।

মহামেডান স্পোর্টিং নৈহাটিতে প্রথমার্ধেই দলের হয়ে গোলের খাতা খোলেন ফারদিন। তাঁর গোলেই এগিয়ে যায় মহামেডান। প্রথমার্ধ জুড়ে রক্ষণ ও আক্রমণে সংগঠিত ফুটবল খেলে আধিপত্য বজায় রাখে সাদা-কালো শিবির।

দ্বিতীয়ার্ধে ব্যবধান বাড়ান ইসরাফিল। তাঁর গোলে ২-০ ব্যবধানে এগিয়ে যায় মহামেডান এবং ম্যাচের নিয়ন্ত্রণ পুরোপুরি নিজেদের হাতে নিয়ে নেয়।

শেষ বাঁশি পর্যন্ত সেই ব্যবধান ধরে রেখে ২-০ গোলের জয় তুলে নেয় মহামেডান স্পোর্টিং এবং সুপার সিক্সে প্রথম তিন পয়েন্ট ঘরে তোলে।

এই জয়ের ফলে সুপার সিক্সে দারুণ শুরু পেল মহামেডান। আগামী ম্যাচগুলিতেও এই ছন্দ ধরে রাখাই লক্ষ্য দলের।

ছবি: সঞ্জয় হাজরা ও মহামেডান স্পোর্টিং ক্লাব।

एशियन गेम्स में भारत ने जीता पहला गोल्ड, महिला क्रिकेट में लगातार दूसरा गोल्ड

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एशियन गेम्स में भारत का स्वर्ण पदक का खाता खुल गया है। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एशियन गेम्स में इतिहास रच दिया है। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने एशियन गेम्स में लगातार दूसरा गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया है।

श्रीलंका को हराकर गोल्ड का कब्जा

श्रीलंका के खिलाफ फाइनल में टीम इंडिया ने 147 रन से विशाल जीत दर्ज की। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में तीन विकेट पर 216 रन बनाए। 217 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी। पूरी टीम 15.4 ओवर में 69 रन पर ऑलआउट हो गई। भारत ने मुकाबला 147 रन से जीतकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। भारतीय गेंदबाजों ने लगातार विकेट लेकर श्रीलंका की पारी को संभलने का मौका नहीं दिया।

एशियन गेम्स में लगातार दूसरी बार स्वर्ण

भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एशियन गेम्स में लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक जीता है। भारत ने इससे पहले 2023 हांगझोउ एशियन गेम्स में भी महिला क्रिकेट का स्वर्ण पदक जीता था। इस बार भी टीम ने अपने स्वर्ण पदक का सफलतापूर्वक बचाव किया।

2024 एशिया कप के बाद श्रीलंका के खिलाफ लगातार आठ जीत

2024 एशिया कप फाइनल में मिली हार के बाद भारत ने श्रीलंका को लगातार आठ मैचों में शिकस्त दी है। 2026 एशिया कप फाइनल में भी भारत ने श्रीलंका को 72 रन से हराया था। एशियन गेम्स के फाइनल में यह दबदबा और मजबूत हुआ। भारत के एशियन गेम्स 2026 में कुल पदकों की संख्या सात हो गई है और टीम पदक तालिका में आठवें स्थान पर पहुंच गई है।

নাটকীয় কামব্যাক, ৭ বছর পর ফের কলকাতা লিগ চ্যাম্পিয়ন মোহনবাগান*
*খেলা*

*কলকাতা লিগ*


*নিজস্ব সংবাদদাতা, বারাসাত, ১৯ সেপ্টেম্বর:* যেকোনও সিনেমার চিত্রনাট্যকে হার মানাবে। গোলকিপারের লাল কার্ড, এগিয়ে গিয়ে পিছিয়ে পড়া, তারপর দুরন্ত কামব্যাক — কী ছিল না আজকের ম্যাচে! মিনি ডার্বিতে মহামেডানকে ৩-২ গোলে হারিয়ে ২০১৮-র পর ফের কলকাতা লিগ চ্যাম্পিয়ন মোহনবাগান। এই নিয়ে ৩১ বার খেতাব জিতল সবুজ-মেরুন।

শনিবার একইসঙ্গে ৬টি দলের খেলা ছিল, কারণ ৫টি দল চ্যাম্পিয়ন হওয়ার দৌড়ে ছিল। তবে সবথেকে সহজ সমীকরণ ছিল মোহনবাগান বনাম মহামেডান ম্যাচে — যে জিতবে, সেই চ্যাম্পিয়ন। তাই শুরু থেকেই আক্রমণাত্মক ছিল বাস্তব রায়ের ছেলেরা।

প্রথম কোয়ার্টারে জোড়া গোলের সুযোগ নষ্ট করে মোহনবাগান। অবশেষে ২৬ মিনিটে ডেডলক ভাঙে। ছাংতের নিখুঁত ক্রস থেকে হেডে গোল করেন সাহাল আব্দুল সামাদ। ১-০ এগিয়ে যায় মোহনবাগান।

এরপরই নাটক। গোলকিপারের লাল কার্ড দেখে ১০ জনে হয়ে যায় মোহনবাগান। সেই সুযোগে ২ গোল করে ২-১ এগিয়ে যায় মহামেডান।

কিন্তু হার মানেনি সবুজ-মেরুন। দ্বিতীয়ার্ধে দুরন্ত কামব্যাক। জোড়া গোল করেন সাহাল আব্দুল সামাদ এবং একটি গোল করেন ইস্টবেঙ্গল থেকে আসা সায়ন ব্যানার্জী। ১-২ পিছিয়ে থেকেও ৩-২ জয় ছিনিয়ে নেয় মোহনবাগান।

এই জয়ের ফলে কলকাতা ফুটবল লিগের সেরার মুকুট ফের মোহনবাগানের মাথায়।

ছবি:সৌজন্যে ফেসবুক।

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रूसी तेल की खरीद पर अमेरिका के 100 फीसदी टैरिफ बिल पर आया भारत का जवाब, जानें क्या कहा

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अमेरिकी संसद ने बुधवार को रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर प्रतिबंध लगाने के लिए नया कानून पास किया है। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने रूस और ईरान को प्रतिबंधित करने वाले ‘लिंडसे ओ. ग्राहम अधिनियम, 2026’ को मंजूरी दे दी है। इस विधेयक के तहत राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रूस पर प्रतिबंध लगाने और रूस के तेल और गैस के व्यापारिक साझेदार देशों पर भारी शुल्क लगाने का अधिकार मिलेगा। प्रभावित होने वाले देशों के भारत भी शामिल है। इस बिल के पारित होने के बाद भारत ने वाशिंगटन को दो टूक शब्दों में कड़ा कूटनीतिक संदेश दे दिया है।

भारतीय विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?

भारतीय विदेश मंत्रालय ने पूरे मामले में दो टूक बयान दिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा, भारत अपने व्यापार और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार 1.4 अरब लोगों के लिए ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और अलग-अलग स्रोतों से ऊर्जा हासिल करके और बदलती बाज़ार की स्थितियों के आधार पर इसे बनाए रखेगी।

भारत की अमेरिका को दो टूक

विदेश मंत्रालय ने, भारतीय पक्ष ने बहुत स्पष्ट रूप से बताया है कि इसके संभावित असर न केवल द्विपक्षीय संबंधों पर, बल्कि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर भी पड़ सकते हैं। भारतीय पक्ष ने अपने व्यापारिक और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाने के अपने संकल्प को भी स्पष्ट किया है। सरकार इन घटनाक्रमों के असर से निपटने के लिए भारतीय व्यापार और उद्योग संगठनों के साथ मिलकर काम करेगी।

भारत तेल और गैस खरीदना जारी रखेगा

विदेश मंत्रालय ने कहा, भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए अलग-अलग देशों से तेल और गैस खरीदना जारी रखेगा और बाजार में बदलाव के हिसाब से फैसले लेगा। भारत ने कहा कि इस मुद्दे पर हाल के महीनों में अमेरिकी अधिकारियों के साथ उच्च स्तर पर बातचीत हुई है।

क्या है अमेरिका नया कानून?

अमेरिका में पास नए बिल का आधिकारिक नाम ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ़ 2026’ है। अब यह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास कानून बनने के लिए मंज़ूरी के लिए जाएगा। रूस से सबसे ज्यादा तेल-गैस खरीदने वाले पांच देशों, इन भारत, चीन, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान इसके दायरे में हैं। इन पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने का अधिकार ट्रंप प्रशासन को मिल जाएगा. इस बिल में उस देशों को छूट दी गई है, जो रूस के प्राकृतिक गैस निर्यात का 15% से कम आयात करते हैं।

भारत के युद्धपोत से भिड़ा पाक नौसेना का जहाज, पाकिस्तानी अफसर तलब

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भारत और पाकिस्तान की दुश्मनी जगजाहिर है। दोनों देशों के बीच तकरार कब शुरू हो जाए ये कहना मुश्किल है। एक बार फिर भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव दिखाई दिया है। अरब सागर में पाकिस्तानी नौसेना के एक तेज रफ्तार जहाज ने भारतीय नेवी के युद्धपोत को टक्कर मार दी है। इस घटना के बाद दोनों देशों के बीच टेंशन बढ़ गई है।

पाक नौसेना का गैर-पेशेवर रवैया

भारत के विदेश मंत्रालय ने 15 सितंबर 2026 की शाम उत्तरी अरब सागर में नियमित निगरानी मिशन पर तैनात भारतीय नौसेना के एक अग्रिम पंक्ति के युद्धपोत के बेहद करीब पाकिस्तान नौसेना का एक जहाज तेज गति से पहुंचा और बेहद गैर-पेशेवर एवं असुरक्षित तरीके से उसकी दिशा में तेजी से चलने लगा। इस दौरान दोनों जहाजों के बीच टक्कर हो गई। हालांकि, इस घटना में किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।

कैसे हुई टक्कर?

सरकारी सूत्रों के अनुसार, भारतीय युद्धपोत नियमित निगरानी मिशन पर था। इसी दौरान पाकिस्तानी जहाज तेज गति से उसके करीब पहुंचा और सुरक्षित दूरी बनाए रखने के बजाय असुरक्षित तरीके से दिशा बदलता रहा। इसी दौरान दोनों जहाज संपर्क में आए। किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। दोनों जहाजों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।

पाकिस्तान के प्रभारी राजदूत तलब

भारत ने इस मसले पर एक्शन लिया है। इस घटना को गंभीरता से लेते हुए नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग के प्रभारी राजनयिक को तलब किया। उन्हें पाकिस्तान की नौसेना इकाइयों के समुद्र में किए गए अस्वीकार्य और गैर-पेशेवर आचरण को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया गया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि ऐसे घटनाक्रम दोबारा न हों, इसके लिए दोनों देशों के बीच हुए समझौतों का पालन जरूरी है।

1991 के समझौते का आया जिक्र

भारत ने इस घटना को अप्रैल 1991 में हुए भारत-पाकिस्तान समझौते से भी जोड़ा है। इस समझौते का मकसद सैन्य अभ्यास, युद्धाभ्यास और सैनिक गतिविधियों को लेकर दोनों देशों के बीच गलतफहमी और दुर्घटना का खतरा कम करना था। इसके अनुच्छेद 10 में दोनों देशों के नौसैनिक जहाजों और पनडुब्बियों के बीच अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में सुरक्षित दूरी बनाए रखने की बात कही गई है। उपलब्ध दस्तावेजों के मुताबिक, दोनों देशों के जहाजों को एक-दूसरे के तीन नॉटिकल मील के भीतर नहीं आना चाहिए। यानी इस तरह के समझौते का मकसद ही यह है कि दोनों देशों की सैन्य इकाइयां समुद्र में इस तरह की स्थिति पैदा न करें, जिससे टक्कर या किसी बड़े सैन्य विवाद का खतरा पैदा हो।

GAFA and IIRIS Consulting Push Forensic Investigation into the AI Era

NEW DELHI: The growing sophistication of financial fraud and technology-enabled crime is forcing a rethink of how investigations are conducted. Artificial intelligence is increasingly becoming part of the investigator’s toolkit, not simply for automation, but for analysing large volumes of financial data, identifying anomalies and connecting information that may otherwise remain fragmented.

Against this backdrop, the Global Association of Forensic Accountants (GAFA) has joined hands with IIRIS Consulting to develop the Certified AI Investigator (CAII) programme, bringing artificial intelligence directly into the professional investigation curriculum. The programme is positioned at the intersection of forensic accounting, fraud investigation, financial intelligence and applied technology.

The initiative reflects a broader shift in the investigation profession. Fraudsters are increasingly using digital platforms, automated processes, complex transaction structures and technology to conceal financial activity. Investigators, consequently, need to be able to work with data at scale and use technology without losing the fundamentals of evidence-based investigation.

The CAII programme is built around practical application rather than AI theory alone. The current programme includes 48 hours of live instruction across eight modules and eight working platforms, with applications covering AI-assisted investigation, data and transaction analysis, fraud detection and investigative intelligence.

What makes the initiative particularly relevant is its emphasis on the investigator remaining in control. AI can identify patterns and accelerate analysis, but it cannot independently establish whether an unusual transaction is fraudulent, determine the credibility of evidence or replace professional skepticism. Those decisions still require human judgment, corroboration and investigative reasoning.

The collaboration also brings complementary capabilities. The skill enhancement capabilities of Global Association of Forensic Accountants (GAFA) operating across forensic accounting, fraud investigation, AML and financial-crime education, and IIRIS Consulting’s intelligence capabilities across risk advisory, security, intelligence, forensics and due diligence, with operations spanning India, MENA, Asia and Europe.

The development points to a larger transformation within forensic investigation: the next generation of professionals may need to be equally comfortable reading financial statements, interrogating datasets and questioning AI-generated findings. As financial crime continues to evolve, the advantage may increasingly belong not to investigators who simply use AI, but to those who understand when to use it, how to challenge it and how to turn its output into defensible investigative evidence.

भारत बना ईरान-यूएई के बीच 'मध्यस्थ', दिल्ली में ब्रिक्स समिट की अहम कामयाबी

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नई दिल्ली में संपन्न ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के बीच भारत ने उस वक्त बड़ी कूटनीतिक कामयाबी हासिल की, जब पश्चिम एशिया के युद्ध को लेकर आमने-सामने खड़े ईरान और संयुक्त अरब अमीरात एक साझा ब्रिक्स घोषणा पर सहमत हो गए। पश्चिम एशिया के संघर्ष को लेकर संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और ईरान के बीच गंभीर मतभेद देख जा रहे हैं। युद्ध और लगातार बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बीच दोनों देशों के बीच सहमति बनना सिर्फ ब्रिक्स के लिए नहीं, बल्कि भारत की कूटनीतिक भूमिका के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।

ईरान-यूएई को एक साथ लाना था चुनौती

ब्रिक्स के विदेश मंत्रियों की मई में हुई बैठक के दौरान ईरान और यूएई के बीच मतभेद इतने गहरे थे कि संयुक्त बयान तक जारी नहीं हो पाया था। पश्चिम एशिया में युद्ध को लेकर दोनों देशों की प्राथमिकताएं और संघर्ष की व्याख्या अलग-अलग थी। ऐसे में दिल्ली शिखर सम्मेलन से पहले सबसे बड़ी चुनौती यही थी कि ऐसी भाषा तैयार की जाए, जिस पर ईरान और यूएई समेत ब्रिक्स के सभी सदस्य देश एक साथ खड़े हो सकें। अंतिम घोषणा में किसी एक देश को सीधे तौर पर युद्ध के लिए जिम्मेदार ठहराने के बजाय पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर सामूहिक चिंता जताई गई। सभी पक्षों से अधिकतम संयम बरतने और ऐसे कदमों से बचने की अपील की गई, जो स्थिति को और बिगाड़ सकते हैं।

ईरानी राष्ट्रपति और यूएई के क्राउन प्रिंस की मुलाकात

इसी बीच दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स समिट के दौरान एक अप्रत्याशित राजनयिक क्षण सामने आया। यूएई के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने ब्रिक्स सिखर सम्मेलन के दौरान ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान से मुलाकात की, जिसमें दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों, तनाव कम करने, स्थिरता और क्षेत्रीय शांति और विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर चर्चा की। युद्ध शुरू होने के बाद दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच यह सबसे महत्वपूर्ण संपर्कों में से एक माना जा रहा है। खास बात यह है कि यह बैठक ऐसे समय हुई, जब क्षेत्रीय संघर्ष ने ईरान और खाड़ी देशों के रिश्तों को बेहद संवेदनशील बना दिया है।

भारत की भूमिका क्यों अहम?

नई दिल्ली के संयुक्त अरब अमीरात और अन्य खाड़ी देशों के साथ गहरे रणनीतिक और आर्थिक संबंध हैं, साथ ही ईरान के साथ भी उसके दीर्घकालिक संबंध बने हुए हैं। इसके अलावा, भारत के अमेरिका, रूस और इज़राइल के साथ भी घनिष्ठ साझेदारी है। इससे भारत को राजनयिक स्तर पर ऐसी पहुँच प्राप्त है जो कई अन्य देशों के पास नहीं है। चुनौती यह है कि उस पहुंच का उपयोग इस तरह से किया जाए कि ऐसा न लगे कि आप किसी का पक्ष ले रहे हैं। नई दिल्ली ने ईरान और अमेरिका या ईरान और अरब देशों के बीच औपचारिक मध्यस्थ के रूप में अपनी भूमिका नहीं निभाई है। इसके बजाय, उसने लगातार संवाद, कूटनीति, तनाव कम करने, नागरिकों की सुरक्षा और निर्बाध व्यापार एवं नौवहन की वकालत की है। दूसरे शब्दों में कहें तो, भारत का प्रस्ताव किसी बड़े शांति समझौते की मध्यस्थता करने से कम और राजनयिक चैनलों को खुला रखने से अधिक संबंधित है।

ब्रेकफास्ट से डिनर तक सब दिल्ली में नहीं होगा…” क्यों तिलमिलाए तारिक रहमान के मंत्री

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भारत के न्योते के बाद भी बांग्लादेश ब्रिक्स समिट में शामिल नहीं हुआ। अब नई दिल्ली में ब्रिक्स समिट की धमाकेदार सफलता और भारत के बढ़ते ग्लोबल प्रभाव को देखकर पड़ोसी देश बांग्लादेश के पेट में मरोड़ उठने लगी है। बांग्लादेश के विदेश राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने अजीबोगरीब बयान देकर अपनी भड़ास निकाली है।

बांग्लादेश सरकार भारत से अच्छे संबंध चाहती है लेकिन...

बांग्लादेश के विदेश राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने कहा है कि उनकी सरकार भारत के साथ अच्छे संबंध चाहती है लेकिन दिल्ली को दूसरे देशों से ज्यादा तवज्जो नहीं दी जाएगी। बांग्लादेश भारत के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को फिर से शुरू करना चाहता है। हमारी सरकार एक नए रिश्ते की ओर बढ़ना चाहते हैं और इसे द्विपक्षीय बातचीत के जरिए आगे बढ़ाया जाना चाहिए, ना कि किसी बहुपक्षीय मंच के जरिए ये होना चाहिए।

भारत के प्रति आकर्षण से आगे बढ़ना होगा- हुमायूं कबीर

भारत से रिश्ते को लेकर हुए सवाल पर कबीर ने कहा, भारत में ही नाश्ता, भारत में लंच, भारत में ही डिनर होगा तो फिर आप अपना खाना कब खाएंगे। हमें भारत के प्रति इस आकर्षण से आगे बढ़ना होगा। बाकी दुनिया के देशों की तरह भारत भी बस एक और देश है, जिसके साथ बांग्लादेश अच्छे द्विपक्षीय संबंध चाहता है।

भारत से बना रहा दूरी

हुमायूं कबीर के इस बयान से दो दिन पहले बांग्लादेश की तरफ से ऐलान किया गया था कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान भारत में हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा नहीं लेंगे क्योंकि उन्हें इस कार्यक्रम के लिए बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के तौर पर आमंत्रित नहीं किया गया था। इसके बजाय उन्हें बिम्सटेक के अध्यक्ष के तौर पर निमंत्रण भेजा गया था। हालांकि, इससे पहले फरवरी में भी तारीक रहमान को एक अलग द्विपक्षीय निमंत्रण भी भेजा जा चुका था। बावजूद इसके बांग्लादेशी सरकार ने निमंत्रण को ठुकरा दिया था।

বালিতে জোড়া ট্রফি করণ সিংয়ের, টানা দুই আইটিএফ এম ১৫ খেতাব জয়

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*চণ্ডীগড়, ১৩ সেপ্টেম্বর ২০২৬:* ইন্দোনেশিয়ার বালিতে নিজের দাপট অব্যাহত রাখলেন রাউন্ডগ্লাস টেনিস অ্যাকাডেমির তারকা করণ সিং। বালি বিচ কান্ট্রি ক্লাবে আয়োজিত আইটিএফ এম১৫ আম্মান মেনস ওয়ার্ল্ড টেনিস চ্যাম্পিয়নশিপে টানা দ্বিতীয় সপ্তাহে সিঙ্গলস খেতাব জিতলেন তিনি।

গত সপ্তাহেই একই ভেন্যুতে এম১৫ টুর্নামেন্টের সিঙ্গলস খেতাব জিতেছিলেন করণ। পরপর দুই খেতাব জয়ের সুবাদে তিনি ৩০টি র‍্যাঙ্কিং পয়েন্ট অর্জন করলেন। এই জয়ের ফলে তাঁর কেরিয়ারে সিঙ্গলস খেতাবের সংখ্যা দাঁড়াল পাঁচটি এবং ডাবলসে তিনটি।

২৩ বছর বয়সী ভারতীয় তারকা হার্ড কোর্টের কঠিন ফাইনালে আমেরিকার চ্যাংকে (এটিপি ১২৯৬) ৭-৬(৫), ৭-৫ সেটে হারিয়ে সফলভাবে খেতাব ধরে রাখলেন।

ফাইনালে ওঠার পথে পঞ্চম বাছাই করণ কোয়ার্টার ফাইনালে হেডেন জোন্সকে (এটিপি ১৪৭৫) ৭-৫, ৬-১ সেটে হারান। এরপর সেমিফাইনালে মুখোমুখি হন রাউন্ডগ্লাস অ্যাকাডেমির সতীর্থ তথা চতুর্থ বাছাই দিগ্বিজয় প্রতাপ সিংয়ের (এটিপি ৫৫৭)। সর্বভারতীয় এই সেমিফাইনালে করণ ৬-৪, ৭-৬(২) সেটে সরাসরি জিতে ফাইনালে জায়গা করে নেন।

গত সপ্তাহে প্রথম খেতাব জয়ের পথে তিনি তিন স্থানীয় প্রতিদ্বন্দ্বী — গুনাওয়ান ত্রিসমুয়ান্তারা (৬-৩, ৭-৫), রাফেলেন্টিনো আলি দা কোস্টা (৬-৩, ৬-২) এবং নাথান অ্যান্থনি বার্কিকে (৬-১, ৬-৪) হারিয়েছিলেন। এরপর সেমিফাইনালে জাপানের সপ্তম বাছাই রিওতারো তাগুচিকে ৬-৩, ৬-৩ এবং ফাইনালে নিউজিল্যান্ডের পঞ্চম বাছাই ইশাক বেক্রফ্টকে ৭-৫, ৭-৬(৩) সেটে হারিয়ে প্রথম খেতাবটি জেতেন।

দুই সপ্তাহে করণের পারফরম্যান্স ছিল নিখুঁত। টানা দুটি চ্যাম্পিয়নশিপে তিনি ম্যাচে ১০-০ এবং সেটে ২০-০ এর অবিশ্বাস্য রেকর্ড ধরে রাখেন। দুই সপ্তাহে একটিও সেট হারেননি তিনি।

ইন্দোনেশিয়ায় এই জোড়া জয় ২০২৬ সালে তাঁর ধারাবাহিক সাফল্যেরই প্রতিফলন, যা কাজাখস্তানের আস্তানায় আইটিএফ এম১৫ ডাবলস খেতাব জয়ের কয়েক সপ্তাহ পরেই এল।

আগস্ট মাসে রাশিয়ার মার্টিন বোরিসিয়ুকের সঙ্গে জুটি বেঁধে ফাইনালে স্থানীয় কাজাখ জুটি ড্যানিয়েল রহমাতুল্লায়েভ ও দামির ঝালগাসবেকে ৬-৩, ৬-২ সেটে হারিয়েছিলেন করণ।

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Instagram पर बाल यौन शोषण विज्ञापनों का मामला, NCPCR और MeitY की Meta पर चौतरफा घेराबंदी
Amar Bahadur Singh Nagra Ballia सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Meta (Instagram और Facebook) भारत में गंभीर कानूनी और प्रशासनिक संकट का सामना कर रहा है। यह पूरा मामला Instagram पर बाल यौन शोषण और दुर्व्यवहार सामग्री (CSEAM) को बढ़ावा देने वाले विज्ञापनों के प्रदर्शन से जुड़ा है। मामला क्या है और खुलासे में क्या सामने आया? * BBC की पड़ताल: BBC की एक विशेष जाँच में यह उजागर हुआ कि Instagram पर भारत में CSEAM को बढ़ावा देने वाले सशुल्क (Paid) विज्ञापन दिखाए जा रहे थे। * संगीन अपराध: BBC द्वारा बनाए गए एक टेस्ट अकाउंट पर दर्जनों ऐसे विज्ञापनों की पुष्टि हुई। भारत में ऐसी सामग्री का प्रचार और वितरण कानूनी रूप से गंभीर संज्ञेय अपराध (Cognizable Offence) है। * TTP की रिपोर्ट: अमरीकी गैर-सरकारी संस्था 'टेक ट्रांसपेरेंसी प्रोजेक्ट' (TTP) की रिपोर्ट के अनुसार, Meta का AI मॉडरेशन सिस्टम इन विज्ञापनों को रोकने में विफल रहा। TTP ने यह भी खुलासा किया कि यूज़र्स द्वारा रिपोर्ट किए गए 57% विज्ञापनों पर Meta ने यह कहकर कार्रवाई करने से इनकार कर दिया कि वे उनके नियमों का उल्लंघन नहीं करते। Meta का पक्ष और बचाव * ऑटोमेटेड सिस्टम की सीमाएँ: Meta ने अपने बयान में कहा कि वे हर साल लाखों उल्लंघनकारी खातों को हटाते हैं, लेकिन कोई भी AI सिस्टम 100% सटीक नहीं हो सकता। * अपराधियों का सेंध लगाना: कंपनी का दावा है कि पेशेवर अपराधी लगातार उनकी सुरक्षा प्रणालियों में सेंध लगाने के रास्ते तलाशते रहते हैं। NCPCR की कार्रवाई और कानूनी अधिकार राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए 3 जुलाई को नोटिस भेजा और 9 सितंबर को Meta India के शीर्ष नेतृत्व (MD और कंट्री हेड) को आयोग के समक्ष पेश होने के लिए समन जारी किया। | कानूनी पहलू | विवरण | |---|---| | मूल कानून | बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम, 2005। | | प्राप्त शक्तियाँ | दंड प्रक्रिया संहिता (अब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023) के तहत दीवानी अदालत (Civil Court) की शक्तियाँ। | | जाँच का दायरा | निजी संस्थाओं से बाल सुरक्षा पर स्पष्टीकरण मांगना, एजेंसियों से रिपोर्ट तलब करना और POCSO अधिनियम के तहत समीक्षा करना। | MeitY और NHRC का रुख * मंत्रालय की सख्ती: इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने भी Meta को कड़ा नोटिस जारी किया और वैश्विक सार्वजनिक मामलों के निदेशक जोएल कपलान को तलब किया। * NHRC की समानांतर जाँच: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी इस मामले में MeitY और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से रिपोर्ट माँगी है। NHRC इस बात की जाँच कर रहा है कि प्लेटफ़ॉर्म का एल्गोरिदम ऐसी सामग्री से कमाई या उसके प्रचार में किस हद तक शामिल है।
সিএফএল সুপার সিক্সে জয় দিয়ে শুরু মহামেডানের, ইস্টবেঙ্গল ম্যাচ ড্র

খেলা

কলকাতা ফুটবল লিগ

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স্পোর্টস ডেস্ক: সিএফএল ২০২৬ সুপার সিক্স অভিযান জয় দিয়ে শুরু করল মহামেডান স্পোর্টিং ক্লাব। অন্যদিকে, ইস্টবেঙ্গল ম্যাচ ড্র করল।আজ নৈহাটি স্টেডিয়ামে ভবানীপুর এফসি-কে ২-০ গোলে পরাজিত করল মহামেডান। অন্যদিকে, কলকাতায় ইস্টবেঙ্গল মাঠে ইউনাইটেড স্পোর্টস ক্লাবের সঙ্গে ড্র করল ইস্টবেঙ্গল। এটা ছিল সুপার সিক্সের প্রথম ম্যাচ।

সুপার সিক্সের প্রথম ম্যাচেই দাপুটে পারফরম্যান্স মেলে ধরল মহামেডান ফুটবলাররা। ম্যাচের শুরু থেকেই আক্রমণাত্মক ফুটবল খেলে তিন পয়েন্ট নিশ্চিত করে তারা। অন্যদিকে, ইস্টবেঙ্গলের সংগ্রহে এক পয়েন্ট।

মহামেডান স্পোর্টিং নৈহাটিতে প্রথমার্ধেই দলের হয়ে গোলের খাতা খোলেন ফারদিন। তাঁর গোলেই এগিয়ে যায় মহামেডান। প্রথমার্ধ জুড়ে রক্ষণ ও আক্রমণে সংগঠিত ফুটবল খেলে আধিপত্য বজায় রাখে সাদা-কালো শিবির।

দ্বিতীয়ার্ধে ব্যবধান বাড়ান ইসরাফিল। তাঁর গোলে ২-০ ব্যবধানে এগিয়ে যায় মহামেডান এবং ম্যাচের নিয়ন্ত্রণ পুরোপুরি নিজেদের হাতে নিয়ে নেয়।

শেষ বাঁশি পর্যন্ত সেই ব্যবধান ধরে রেখে ২-০ গোলের জয় তুলে নেয় মহামেডান স্পোর্টিং এবং সুপার সিক্সে প্রথম তিন পয়েন্ট ঘরে তোলে।

এই জয়ের ফলে সুপার সিক্সে দারুণ শুরু পেল মহামেডান। আগামী ম্যাচগুলিতেও এই ছন্দ ধরে রাখাই লক্ষ্য দলের।

ছবি: সঞ্জয় হাজরা ও মহামেডান স্পোর্টিং ক্লাব।