Mirzapur: ट्रक-बाइक की टक्कर में दो की मौत एक गंभीर रुप से घायल, त्योहार की धमक में पड़ गई खलल, मचा कोहराम
मीरजापुर। जिले के हलिया थाना क्षेत्र के पंवारी कलां प्लांटेशन पुल के पास शुक्रवार को खाद उतार कर मीरजापुर की तरफ जा रही ट्रक और बाइक की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में बाइक सवार दो युवकों की मौत हो गई जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हलिया में प्राथमिक उपचार के बाद मंडलीय चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र के बंजारी कलां गांव निवासी बाइक चालक रामश्रृंगार वर्मा (25) अपने भाई नेता (20) और पड़ोसी साथी बबुलेश कोल (20) के साथ बाइक से गड़बड़ा पुल की ओर गए थे। वापस घर लौटते समय पवारी कलां प्लांटेशन पुल के पास सामने से सिकटा  साधन सहकारी समिति से खाद उतारकर आ रहे ट्रक व बाइक में जोरदार टक्कर हो गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक चालक रामश्रृंगार की ट्रक के टायर से कुचलने पर मौके पर ही मौत हो गई।हादसे की सूचना पर थानाध्यक्ष राजीव कुमार श्रीवास्तव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों के सहयोग से घायल नेता और बबुलेश कोल को एम्बुलेंस से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हलिया पहुंचाया गया। जहां चिकित्सक विमल कुमार ने बबुलेश कोल को मृत घोषित कर दिया। वहीं नेता की हालत गंभीर होने पर प्राथमिक उपचार के बाद मंडलीय चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। पुलिस ने दोनों मृतकों के शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक राम श्रृगार की मौत के बाद पिता महादेव वर्मा तथा मृतक बबुलेश के पिता मुन्ना कोल का रो रो कर बेहाल हो रहे हैं । मृतक राम श्रृंगार के सगे भाई नेता को चिकित्सक ने रेफर कर दिया हैं।थानाध्यक्ष राजीव कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि ट्रक और बाइक की भिड़ंत में दो युवकों की मौत हुई है, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल है। ट्रक चालक ट्रक लेकर मौके से फरार हो गया है। शव को पीएम को भेजा गया है ट्रक की तलाश की जा रही है
भदोही में धमकी देकर खाते से 69 हजार रुपये ट्रांसफर किए: दुर्गागंज पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया; चार लोगों पर केस दर्ज


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। 24 अक्टूबर 2026 को भदोही के दुर्गागंज थाना क्षेत्र में बाबूराम से मारपीट कर धमकी दी गई और उनके Google Pay खाते से 69 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए। पुलिस ने इस मामले में आनंद कनौजिया और शनी बिन्द को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के मुताबिक, बाबूराम ने शिकायत में बताया कि रात करीब 8 बजे वह चौर चौराहे के पास मोबाइल पर बात कर रहे थे। तभी आरोपियों ने साथियों के साथ उन्हें घेर लिया, गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी देकर मोबाइल छीन लिया।

शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने हाथ-पैर तोड़ने का डर दिखाकर Google Pay का पासवर्ड लिया और खाते से 69 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद मोबाइल फॉर्मेट कर दिया और सिम निकालकर फेंक दिया। पुलिस ने बताया कि पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने अपराध करना स्वीकार किया है।

मामले में आरिफ, राजा चौबे, आनंद कनौजिया और शनी बिन्द के खिलाफ दुर्गागंज थाने में केस दर्ज किया गया है। केस संख्या 0121/2026 में BNS की धारा 115(2), 352, 351(3) और 308(5) के तहत कार्रवाई की जा रही है।

गिरफ्तार आरोपियों में आनंद कनौजिया (करीब 22), स्वर्गीय फूलचन्द कनौजिया उर्फ भट्टल के बेटे हैं। वह नीबी मिल्कीपुर, थाना दुर्गागंज, भदोही के निवासी हैं। शनी बिन्द (करीब 19), हंसराज बिन्द के बेटे हैं। वह ग्राम चौर (बौरी बोझ), थाना दुर्गागंज, भदोही के निवासी हैं।

पुलिस टीम में उपनिरीक्षक ओमप्रकाश यादव, उपनिरीक्षक रामलाल राय, कांस्टेबल घनश्याम, कांस्टेबल रमेश कुमार और कांस्टेबल रामप्रवेश गोस्वामी शामिल थे।
दशमेश पब्लिक स्कूल में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया दीपावली उत्सव
रंगोलियों, आकर्षक दीपों और शुभकामना कार्डों के माध्यम से विद्यार्थियों ने दिखाई रचनात्मक प्रतिभा

रामराज (मुजफ्फरनगर)। दशमेश पब्लिक स्कूल, रामराज में दीपावली का पर्व बड़े उत्साह, उमंग और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर को रंग-बिरंगी रंगोलियों और दीपों से सजाया गया। विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए आकर्षक रंगोलियां बनाईं तथा सुंदर दीये और शुभकामना कार्ड तैयार किए।

कार्यक्रम में गुनिका, रुमान, सीरत, समृद्धि, ज़ैनब, नमरा, अलीश, अनुषा, खुशी, मानवी, पूर्वी, आयुषी एवं साक्षी सहित अन्य विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। बच्चों की कलात्मक प्रतिभा और उत्साह ने विद्यालय परिसर को दीपावली के रंगों से सराबोर कर दिया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय की डायरेक्टर डॉ. सिम्मी सहोता, प्रधानाचार्य श्री आमिर खान एवं कोऑर्डिनेटर स्वाति अरोड़ा का विशेष मार्गदर्शन और सहयोग रहा। वहीं हर्षिका, कोमल, गुरविंदर, मौनिका, अनुगामनी, चरनजीत एवं ज्योति सहित अन्य शिक्षकों ने आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इस अवसर पर डायरेक्टर डॉ. सिम्मी सहोता ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन बच्चों में रचनात्मकता, आपसी सहयोग, सांस्कृतिक मूल्यों और त्योहारों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करते हैं।

अंत में विद्यालय परिवार ने सभी को प्रेम, खुशहाली, सुख-समृद्धि और प्रकाश के पावन पर्व दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
"दीपोत्सव के पर्व में 'पटाखा' ना.. बाबा.. ना..!

संतोष देव गिरि

'दीपावली' यानि दीपोत्सव का पर्व, प्रकाश उल्लास का पर्व, लेकिन कुछ वर्षों में इस पर्व के नाम पटाखों का जो समावेश हुआ है वह समूचे समाज के लिए घातक होता आया है. जिसका दायरा भी समाप्त होने की बजाए बढ़ता ही जा रहा है. आज यह करोड़ों के कारोबार का घातक रुप लेते हुए कितने ही लोगों के लिए जीवन भर न भूलने वाला दर्द भी दे चुका है, बावजूद इसके के इसका प्रकोप जारी है। हाल के दिनों में ही देश के विभिन्न हिस्सों में पटाखा कारखाने से लेकर अन्य स्थलों पर हुए विस्फोट ने एक बार फिर से इसकी उपयोगिता को लेकर बहस छेड़ दी है कि उल्लास के पर्व में भला इसकी क्या उपयोगिता?

"दीपावली दीयों का त्यौहार है। पटाखे जला कर हमें फायर ब्रिगेड विभाग का कार्य नहीं बढ़ाना है. पटाखे जला कर हमें अस्पतालों में भीड़ नहीं बढ़ानी है." यह संदेश दिया है वाराणसी की सुविख्यात संस्था 'सत्या फाउंडेशन' ने. बिना किसी सरकारी या विदेशी अनुदान के, प्रदूषण के खिलाफ अभियान चलाने वाली राष्ट्रीय संस्था, 'सत्या फाउंडेशन' के संस्थापक सचिव, चेतन उपाध्याय ने बताते हैं कि, "डीजे और पटाखे के कारण खुशी का हर उत्सव, मातम और दुःख में बदलता जा रहा है. चेतन उपाध्याय के मुताबिक पिछले वर्ष 2025 में वाराणसी के दारानगर इलाके में तेज आवाज के पटाखे से हृदय गति रुक जाने के कारण, एडवोकेट प्रहलाद तिवारी की मृत्यु हो गई थी और इस तरह की तमाम घटनाएं पूरे देश में होती रहती हैं, जिसकी जानकारी कई बार, पुलिस और आम जनता तक नहीं पहुंच पाती. आगजनी की घटनाओं के मद्देनजर, पड़ोसी देश चीन ने अपने सभी बड़े शहरों में आतिशबाजी पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रखा है. सिक्किम राज्य से प्रेरणा लेते हुए पूरे भारत देश में पटाखों के उत्पादन और बिक्री पर 365 दिन का पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए. और जब तक ऐसा प्रतिबंध नहीं लगता है, पुलिस-प्रशासन को इतना तो करना ही चाहिए कि रात 10 बजे के बाद पटाखा जलाने वालों की धरपकड़ और मुकदमा करने के लिए सभी थाना क्षेत्रों में उड़ाका दलों को सक्रिय किया जाए, ताकि प्रदूषण की मात्रा को कम किया जा सके.

पूर्वांचल के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ, डॉ. अजय कुमार पाण्डेय ने बताया कि पटाखों से निकलने वाला वायु प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण हम सभी के लिए बहुत नुकसानदायक है. अतः केवल दीपावली नहीं बल्कि शादी-विवाह या किसी भी खुशी के उत्सव या त्योहार में पटाखों के प्रयोग से बचना चाहिए.

बनारस बार एसोसिएशन के अध्यक्ष, एडवोकेट विनोद कुमार शुक्ला ने कहा कि एक बार बाजार में पटाखा आने के बाद उसे नियंत्रित करना बहुत ही मुश्किल हो जाता है. अतः पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना ही समस्या का सही समाधान है. उन्होंने आगे कहा कि संविधान का अनुच्छेद 21 हर नागरिक को शांतिपूर्ण और स्वस्थ माहौल में रहने का अधिकार देता है. जानलेवा डीजे और जहरीले पटाखे का मुद्दा पार्टियों के चुनवी घोषणा पत्र में होना चाहिए और डीजे तथा पटाखा को बढ़ावा देने की बात करने वाले राजनेताओं का बहिष्कार होना चाहिए.

काशी पत्रकार संघ के अध्यक्ष अरुण कुमार मिश्रा ने कहते हैं कि 'सत्या फाउंडेशन' के इस अभियान में सभी को अपना योगदान करना पड़ेगा और त्याग की शुरुआत अपने घर से करनी होगी.

रामनगर औद्योगिक एसोसिएशन के अध्यक्ष, श्रीदेव भट्टाचार्य ने कहा कि हम सभी को अपने स्व-विवेक का उपयोग करते हुए पटाखों से खुद को और अपने बच्चों को बचाने के लिए प्रयास करना पड़ेगा. बारुद और गंधक वाले पटाखों और बमों के इस्तेमाल का अधिकार केवल देश की मिलिट्री (सेना) तक ही सीमित रहना चाहिए. आगे कहा कि काशी के लोग बहुत बुद्धिमान हैं और पटाखे पर राष्ट्रव्यापी प्रतिबंध लगाने की माँग को स्वीकार करना देश के नेताओं की नैतिक जिम्मेदारी है.

किसी समय बनारस के एसपी रह चुके, पूर्व आईपीएस जुगुल किशोर बुंदेला ने कहा कि 'सत्या फाउंडेशन' के इस नि:स्वार्थ अभियान का सभी वर्ग के लोगों को समर्थन करना चाहिए. पर्यावरण को ठीक करने का जिम्मा केवल एक संस्था का नहीं है बल्कि यह कार्य पूरे समाज का है और सभी लोग धर्म में आ रही इन विकृतियों से मर रहे हैं. उन्होंने कहा कि ग्रीन पटाखे के पीछे का काला सच सभी को जानना चाहिए. विभिन्न शोधों में यह बात सामने आई है कि ग्रीन पटाखे के जलने पर बेहद छोटे आकार के अल्ट्रा फाइन पार्टिकल्स (अत्यंत बारीक कण) निकलते हैं. सामान्य कणों की तुलना में ये बारीक प्रदूषक, सांस के जरिए फेफड़ों की गहराई तक और खून में बहुत आसानी से प्रवेश कर जाते हैं.

"त्यौहार के नाम पर विभीषिका न फैले फैले"

श्री गोवर्धन मठ, पुरी पीठ के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानन्द सरस्वती जी भी अपना मत प्रकट करते हुए दीपोत्सव के इस पर्व पर ज्ञान का दीप, सद्भाव का दीप जलाकर समाज को जागृत करने का संदेश देते हुए

कह चुके हैं, "दीपावली के नाम पर दीपमालिका और यह दीपमालिका तो वातावरण के शोधन के लिए है, शास्त्र सम्मत पर्व है. उसका लौकिक फल- वायुमण्डल का शोधन है, लेकिन आजकल जितना वायुमंडल का दोहन किया जा रहा है, दीपावली के नाम पर वायुमंडल को विकृत किया जा रहा है. एक शिष्टमंडल होना चाहिए जो परम्परा प्राप्त, शास्त्रीय विधा के अनुसार हर पर्व-त्यौहार को मनायें. ऐसा न हो कि पर्व त्यौहार के नाम पर विभीषिका फैले. दीपावली के नाम पर कई व्यक्ति और बच्चे अंधे हो जाते हैं, कई लंगड़े हो जाते हैं और अंत में वातावरण बहुत ही मलिन (गंदा) हो जाता है. तो शुचिता और शास्त्र सम्मत शुद्धता, पूजन में और पर्व त्यौहार में बनी रहे, इसका ध्यान रखना चाहिए.

जबकि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी, ज्योतिष पीठ आश्चर्य प्रकट करते हुए कहते हैं कि, "मुझे आश्चर्य होता है कि सुप्रीम कोर्ट को केवल दिल्ली का प्रदूषण दिखाई पड़ता है, जबकि पटाखों के कारण केवल दिल्ली ही नहीं पूरे देश की आबो-हवा पर प्रभाव पड़ता है. पटाखों के जानलेवा प्रदूषण से जनता को बचाने के लिए सरकार और सुप्रीम कोर्ट को साहसिक कदम उठाने होंगे.

पटाखा किसी भी धर्म का हिस्सा नहीं हो सकता

पहले के जमाने में पटाखा जलाने से दमा रोगियों और आम जन को कम दिक्कत होती थी क्योंकि पेड़ पौधे सारे ध्वनि और वायु प्रदूषण को सोख लेते थे. मगर जनसँख्या नियंत्रण कानून के अभाव में कंक्रीट के जंगल बढ़ते गए और पेड़ पौधे कटते गए और आज हालत यह हो गयी कि वाराणसी जैसे शहर में हरियाली का प्रतिशत 1% से भी कम है और घर घर में लोग भयंकर बीमारियों से जूझ रहे हैं. एक दिन के शौक के चलते पूरे 4 दिनों तक अस्थमा के मरीज छटपटाते रहते हैं और पटाखों के चलते हर साल सभी अस्पतालों के आईसीयू और वार्ड फुल हो जाते हैं. जिस पटाखे के चलते इतनी अधिक तकलीफ और साल दर साल इतनी अधिक मौतें होती हैं, वह पटाखा किसी भी धर्म का हिस्सा नहीं हो सकता. लिहाजा पटाखे को धर्म से जोड़ने की भूल न करें.

सत्या फाउंडेशन वाराणसी के संस्थापक सचिव चेतन उपाध्याय बताते हैं, "पटाखों के चलते नवजात शिशुओं, गर्भवती महिलाओं, वृद्धों और यहां तक कि पालतू पशु-पक्षी भी बुरी तरह से परेशान हो जाते हैं, ऐसे में वह समाज के सभी जनों से अपील करते हैं कि किसी भी निजी अथवा सार्वजनिक उत्सव में पटाखों का बिल्कुल प्रयोग न करें. साथ ही साथ अन्य लोगों को भी प्रेरित करने का आह्वान करते हैं, ताकि समाज से इस कुव्यवस्था को जड़ से और सभी के सुझबूझ से समाप्त किया जा सके.

कन्नौज- हरदोई बार्डर पर हुआ दर्दनाक हादसा, दिवाली के त्यौहार की खुशियाँ मातम में बदली
रेलिंग तोड़कर गंग नहर में कार गिरने से पति-पत्नी और तीन माह के बच्चे की हुई मौत

कन्नौज । गुड़गांव से दिवाली के त्यौहार को लेकर अपने गांव हरदोई जा रहा परिवार काल के गाल में समा गया, कर के अनियंत्रित होकर नहर में गिरने से पति-पत्नी और तीन माह के बच्चे की मौत हो गई वही कार चला रहा चालक गंभीर रूप से घायल है। हादसा हरदोई जनपद में जाफरपुर पुलिया के पास हुआ मृतकों के शव को पोस्टमार्टम के लिए कन्नौज लाया गया।

हरदोई जनपद के चांद बेहटा निवासी रमेश अपनी पत्नी नीलम और तीन माह के बच्चे के साथ गुड़गांव से निजी वाहन के माध्यम से अपने गांव जाने को निकले थे रात का सफर करते हुए कन्नौज की सीमा पार करते ही उनकी गाड़ी हादसे का शिकार हो गई प्राप्त जानकारी के मुताबिक कन्नौज- हरदोई जनपद बार्डर अंतर्गत जफरपुर पुलिया के पास कार के अनियंत्रित होकर नहर में गिरने से दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई जिसने परिवार में दिवाली की खुशियों को मातम में तब्दील कर दिया। कार चला रहे शिवम गंभीर रूप से घायल हुए हैं जबकि कार में सवार रमेश और उनका परिवार इस हादसे में अपनी जान गवा बैठा। कन्नौज-हरदोई जनपद के अंतर्गत जाफरपुर पुलिया के पास कार के नहर में गिरने से 32 वर्षीय रमेश पुत्र हरिराम 29 वर्षीय नेहा पत्नी रमेश और महज तीन माह के बच्चे अभिमन्यु की दर्दनाक मौत हो गई। जफरपुर पुलिया के पास हुए इस हादसे की जानकारी पुलिस को सुबह करीब 4:00 बजे लगी इसके पश्चात मौके पर टीम पहुंची और शव को निकाला गया मृतकों के शवों को कन्नौज के पोस्टमार्टम हाउस लाया गया है जहां पर उनका पोस्टमार्टम किया जा रहा है।


*कन्नौज -हरदोई बार्डर पर गंगा नदी में गिरी कार,डूबने से दंपती और तीन माह के मासूम की दर्दनाक मौत*


गुड़गांव से अपने घर लौट रहे एक परिवार की खुशियां रास्ते में ही मातम में बदल गईं। शुक्रवार तड़के कन्नौज - हरदोई बार्डर पर स्थित बिलग्राम थाना क्षेत्र के जफरपुर पुलिया के पास एक कार अनियंत्रित होकर गहरी नहर में जा गिरी। हादसे में दंपती और उनके महज तीन माह के मासूम बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कार सवार एक युवक सुरक्षित बच गया। एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया।

*पुलिस ने दी यह जानकारी*

पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार सुबह करीब चार बजे डायल 112 पर जफरपुर पुलिया के पास कार सवार लोगों के नहर में डूबने की सूचना मिली। उपनिरीक्षक अजय कुमार चौधरी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। कार में आदित्य कुशवाहा (28), रमेश कुशवाहा (35), उनकी पत्नी नीलम कुशवाहा (32) और उनका तीन माह का बच्चा सवार था। सभी गुड़गांव से हरदोई के चांद बेहटा आ रहे थे। शाहपुर मोड़ से आगे जफरपुर पुलिया के पास अचानक कार अनियंत्रित हुई और गहरी नहर में समा गई।

*ग्रामीणों ने बचाव कार्य किया शुरु*

हादसे की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने बचाव कार्य शुरू किया और चारों को नहर से बाहर निकाला। इसके बाद एंबुलेंस से सभी को जिला अस्पताल कन्नौज भेजा गया। वहां चिकित्सकों ने रमेश कुशवाहा, उनकी पत्नी नीलम कुशवाहा और तीन माह के मासूम को मृत घोषित कर दिया। आदित्य कुशवाहा सुरक्षित हैं और उनका उपचार जारी है। सभी मूल रूप से ग्राम सर्रा, थाना सुरसा के निवासी हैं और वर्तमान में चांद बेहटा में रह रहे थे। हादसे के बाद कार अभी भी नहर में डूबी हुई है। पुलिस ने विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
सरकार से सवाल करना क्या गुनाह है सवर्ण समाज को टारगेट करना बंद करे भाजपा सरकार: राम नायक तिवारी*

सुल्तानपुर। राष्ट्रीय सवर्ण परिषद के अयोध्या मंडल उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ समाजसेवी राम नायक तिवारी ने भाजपा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए सवर्ण समाज की उपेक्षा का आरोप लगाया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया कि क्या वह केवल अनुसूचित जाति (एससी) के प्रधानमंत्री हैं या पूरे देश के प्रधानमंत्री हैं?

70 वर्ष से अधिक उम्र का अनुभव साझा करते हुए राम नायक तिवारी ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में कई सरकारों को आते-जाते देखा है, लेकिन उनके अनुसार वर्तमान भाजपा सरकार में सवर्ण समाज को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की राजनीति में समाज को बांटने की प्रवृत्ति दिखाई दे रही है। पहले हिंदू-मुस्लिम के नाम पर राजनीति हुई, फिर ब्राह्मणों को निशाना बनाया गया और अब पूरे सवर्ण समाज को टारगेट किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि देश में ठाकुर, ब्राह्मण, यादव, वर्मा, लाला, बनिया, सिख, ईसाई, मुस्लिम सहित सभी वर्गों के लोग रहते हैं। प्रधानमंत्री पूरे देश के हैं, इसलिए सरकार की योजनाओं और नीतियों में हर जाति और धर्म के गरीबों को समान महत्व मिलना चाहिए। केवल एक वर्ग के लिए काम करना न्यायसंगत नहीं है।

तिवारी ने केंद्र और भाजपा सरकार से मांग की कि प्रत्येक जिले में विशेष टीम गठित कर गांव-गांव में आर्थिक स्थिति का सर्वे कराया जाए। इसमें सभी जातियों के परिवारों के पक्के मकान, चारपहिया वाहन, मोटरसाइकिल और परिवार के सदस्यों की सरकारी नौकरी सहित आर्थिक स्थिति का आकलन किया जाए। इससे वास्तविक गरीबों की पहचान हो सकेगी और योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाया जा सकेगा।

उन्होंने कहा कि यदि भाजपा की इच्छा सवर्ण समाज के बलिदान से ही पूरी होती है तो वह स्वयं राम नायक तिवारी सवर्ण समाज और अन्य वर्गों के हितों के लिए बलिदान देने को तैयार हैं, लेकिन सरकार सवर्ण समाज को निशाना बनाना बंद करे।

अंत में उन्होंने सवाल उठाया कि लोकतंत्र में सरकार की नीतियों पर सवाल उठाना क्या गुनाह है? उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा नेतृत्व से सभी वर्गों के साथ समान व्यवहार करने तथा सामाजिक न्याय के सिद्धांत पर काम करने की विनम्र अपील की।
दीपावली और छठ पर्व पर विद्युत उपभोक्ताओं से सतर्कता और सहयोग की विशेष अपील
– सर्वेश दुबे, अवर अभियंता

जौनपुर। आगामी पावन प्रकाश पर्व दीपावली, गोवर्धन पूजा, भैया दूज और लोक आस्था के महापर्व छठ को गरिमापूर्ण, हर्षोल्लास और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के अंतर्गत विद्युत उपकेंद्र सिंगरामऊ,लेदुका, रामनगर  ने अपनी कमर कस ली है। शासन और उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार, त्योहारों के दौरान क्षेत्र के उपभोक्ताओं को 24 घंटे निर्बाध और सुचारू विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उपकेंद्र स्तर पर सभी आवश्यक तकनीकी तैयारियां और पेट्रोलिंग  का कार्य पूरा कर लिया गया है। त्योहारों के उल्लास के बीच किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना, शॉर्ट-सर्किट या जान-माल के नुकसान से बचने के लिए विद्युत उपकेंद्र सिंगरामऊ के अवर अभियंता सर्वेश दुबे ने क्षेत्र के समस्त सम्मानित उपभोक्ताओं, सम्मानित ग्राम प्रधानों और संभ्रांत नागरिकों के लिए एक विस्तृत और महत्वपूर्ण सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। अवर अभियंता सर्वेश दुबे ने प्रेस को जारी अपने आधिकारिक बयान में उपभोक्ताओं से निम्नलिखित सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने का विशेष अनुरोध किया है:
1. ISI मार्क और उच्च गुणवत्ता वाले उपकरणों का प्रयोग: घरों, दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सजाते समय केवल प्रमाणित और ISI मार्क वाले बिजली के उपकरणों, तारों और एलईडी झालरों का ही उपयोग करें। घटिया और सस्ते चाइनीज उपकरणों में हीटिंग की समस्या अधिक होती है, जिससे शॉर्ट-सर्किट का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
2. लोहे की रेलिंग और ग्रिल पर सीधे झालर न लपेटें (सबसे महत्वपूर्ण): अधिकांश दुर्घटनाएं इसी लापरवाही के कारण होती हैं। बिजली की झालरों को कभी भी सीधे लोहे की ग्रिल, बालकनी, छज्जों, लोहे के पाइप या गेट पर न लपेटें। झालर का इंसुलेशन जरा सा भी कटे होने पर पूरी रेलिंग में करंट उतर सकता है, जो जानलेवा साबित हो सकता है। सजावट के लिए लकड़ी या प्लास्टिक के सपोर्ट का ही उपयोग करें।
3. कटे-फटे तारों और खुले जोड़ों पर लगाएं टेप: सजावट के लिए पुराने या कटे-फटे तारों का इस्तेमाल कतई न करें। यदि तारों में कोई जोड़ अनिवार्य हो, तो उस पर अच्छी गुणवत्ता का इंसुलेशन टेप मजबूती से लपेटें। खुले जोड़ों पर गीली हवा या ओस पड़ने से भी करंट उतरने का डर रहता है।
4. ओवरलोडिंग से बचें और क्षमता का रखें ध्यान: दीपावली पर अत्यधिक लाइटिंग के कारण अचानक लोड बढ़ जाता है। उपभोक्ता अपने स्वीकृत लोड के अनुसार ही बिजली का उपयोग करें। एक ही सॉकेट या एक्सटेंशन बोर्ड पर क्षमता से अधिक लोड न डालें। प्लग पॉइंट ढीला होने पर स्पार्किंग हो सकती है, जिससे आग लग सकती है।
5. विद्युत परिसंपत्तियों के पास आतिशबाजी पर पूर्ण प्रतिबंध: बिजली के खंभों, ट्रांसफार्मर , विद्युत केबिलो, ओवरहेड लाइनों और स्टे-वायर (खंभे को सहारा देने वाला तार) के ठीक नीचे या पास में रॉकेट, अनार, हवाई या अन्य आतिशबाजी न चलाएं। रॉकेट आदि के सीधे तारों या ट्रांसफार्मर पर गिरने से बड़ा ब्लास्ट या लाइन ब्रेकडाउन हो सकता है।
6. गीले हाथों से स्विच न छुएं और बच्चों को रखें दूर: त्योहार की आपाधापी में कभी भी पैर गीले होने पर या गीले हाथों से बिजली के मुख्य स्विच, बोर्ड या झालरों को चालू/बंद न करें। बच्चों को बिजली के कटीले तारों और जमीन पर झूलती हुई झालरों से पूरी तरह दूर रखें।
7. आपातकाल में 'मेन स्विच' करें बंद: यदि घर या दुकान में अचानक स्पार्किंग हो, धुआं निकले या जलने की गंध आए, तो घबराने के बजाय सबसे पहले घर का मुख्य स्विच बंद कर दें। इसके बाद तुरंत उपकेंद्र को इसकी सूचना दें।
8. 24 घंटे मुस्तैद रहेगा विभागीय स्टाफ और लाइनमैन:
जेई सर्वेश दुबे ने क्षेत्रवासियों को आश्वस्त करते हुए बताया कि त्योहारों के मद्देनजर पूरे सिंगरामऊ क्षेत्र में निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने के लिए विभागीय तकनीकी स्टाफ, सब-स्टेशन ऑपरेटर्स और लाइनमैनों की विशेष टीमें गठित कर उन्हें 24 घंटे अलर्ट मोड पर तैनात किया गया है। उन्होंने अपील की कि किसी भी प्रकार के लोकल फाल्ट, तार टूटने या बिजली संबंधी समस्या के त्वरित समाधान के लिए उपभोक्ता उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1912 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं या सीधे स्थानीय उपकेंद्र के कंट्रोल रूम व लाइनमैन से संपर्क कर सकते हैं।
यूपी में त्योहारों की सुरक्षा में तैनात होगी पीएसी की 34 कंपनी
लखनऊ और वाराणसी को दो-दो कंपनी, अयोध्या और चित्रकूट में विशेष सुरक्षा व्यवस्था

लखनऊ। धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भैयादूज और छठ पर्व को देखते हुए प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए पीएसी की 34 कंपनी और एक प्लाटून विभिन्न जिलों को आवंटित की गई है। यह बल प्रदेश के 45 कमिश्नरेट, जिलों और जीआरपी थानों में तैनात किया जाएगा। डीजीपी राजीव कृष्ण ने सभी अधिकारियों को आवंटित बल का जरूरत के अनुसार इस्तेमाल करने और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।

पीएसी को प्रमुख बाजारों, धार्मिक स्थलों, पूजा पंडालों, घाटों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में तैनात किया जाएगा। इसके अलावा नियमित पैदल गश्त भी कराई जाएगी। पुलिस अधिकारियों को स्थानीय अभिसूचना तंत्र सक्रिय रखने और संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी करने को कहा गया है।आवंटन के तहत लखनऊ और वाराणसी को दो-दो कंपनी पीएसी दी गई हैं। कानपुर, प्रयागराज, मेरठ, मुजफ्फरनगर, बरेली, मुरादाबाद, आजमगढ़ और गोरखपुर को एक-एक कंपनी दी गई है। अलीगढ़ और अयोध्या को दो-दो कंपनी आवंटित की गई हैं।

आगरा, सहारनपुर, मथुरा और मीरजापुर को भी पीएसी बल उपलब्ध कराया गया है। मऊ को एक कंपनी और दो प्लाटून दिए गए हैं। अयोध्या में दीपोत्सव-2026 के लिए सात अपर पुलिस अधीक्षक, 20 पुलिस उपाधीक्षक, 27 निरीक्षक, 70 उपनिरीक्षक, 14 महिला उपनिरीक्षक और 325 पुरुष व महिला मुख्य आरक्षी एवं आरक्षी तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा पीएसी, आरएएफ, एटीएस, एनएसजी और एसडीआरएफ की टीमें भी सुरक्षा में लगाई जाएंगी। वहीं, चित्रकूट में दीपावली अमावस्या पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए तीन कंपनी और दो प्लाटून पीएसी आवंटित की गई हैं।

इसके साथ दो पुलिस उपाधीक्षक, चार यातायात उपनिरीक्षक, 40 यातायात पुलिसकर्मी, एक बम निरोधक दस्ता, दो एंटी सबोटाज जांच टीमें और एसडीआरएफ की एक टीम भी तैनात रहेगी। पुलिस महानिदेशक ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने में किसी तरह की लापरवाही न हो। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात कर लगातार गश्त कराई जाए, ताकि सभी त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सकें।
अवैध खनन पर डीएम सख्त, लापरवाही पर तय होगी अधिकारियों की जवाबदेही
सुलतानपुर - जिले में अवैध खनन एवं खनिजों के अवैध परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए जिलाधिकारी इन्द्रजीत सिंह ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनपद स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि अवैध खनन का मामला सामने आने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। बिना वैध अनुमति खनिज परिवहन करने वाले वाहनों पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।

जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम एवं सीओ को निर्देशित किया कि वे अपनी-अपनी तहसीलों में संबंधित अधिकारियों के साथ नियमित बैठकें करें। प्रत्येक माह कम से कम दो औचक निरीक्षण कर प्रवर्तन कार्रवाई की रिपोर्ट उपलब्ध कराएं। खनन अधिकारी को भी जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा न्यूनतम दो निरीक्षण कराने के निर्देश दिए गए।

बैठक में खनन विभाग की ओर से बताया गया कि खनन संबंधी सभी अनुमतियां यूपी माइन मित्र पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन ही मान्य होंगी। ऑफलाइन अनुमति स्वीकार नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों एवं निर्माण कार्यदायी संस्थाओं को अनुमति की प्रक्रिया से अवगत कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने सभी संबंधित विभागों एवं कार्यदायी संस्थाओं को पिछले एक वर्ष के खनन संबंधी अनुमति एवं एनओसी का डाटा एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने को कहा। परिवहन विभाग को अवैध खनन एवं ओवरलोडिंग वाहनों के विरुद्ध की गई चालान कार्रवाई का विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। खनन अधिकारी को प्रत्येक माह की पांच तारीख को पिछले माह की प्रगति रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराने को कहा गया।

जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया कि उनकी परियोजनाओं में उपयोग होने वाले खनिजों की खरीद एवं परिवहन नियमानुसार सुनिश्चित किया जाए। खनिजों के स्रोत, वैध परिवहन एवं आवश्यक अभिलेखों की जांच की जाए। किसी भी परियोजना में अवैध स्रोत से खनिज सामग्री का उपयोग नहीं होना चाहिए। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा जाएगा।

उन्होंने खनन, पुलिस एवं परिवहन विभाग को संयुक्त अभियान चलाकर खनन क्षेत्रों, परिवहन मार्गों एवं संवेदनशील स्थानों पर नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) रत्नप्रिया, अपर पुलिस अधीक्षक बृज नारायण सहित खनन, परिवहन, राजस्व, वन विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं विभिन्न निर्माण कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी उपस्थित रहे।
करणी सेना डब्ल्यू.एस. के प्रदेश महासचिव बने रणविजय सिंह
जौनपुर । करणी सेना डब्ल्यू.एस. (एकीकृत राजपूत संगठन) की ओर से संगठनात्मक विस्तार एवं मजबूती को लेकर रणविजय सिंह को उत्तर प्रदेश का प्रदेश महासचिव मनोनीत किया गया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह द्वारा 19 जून 2026 को जारी मनोनयन पत्र के माध्यम से उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई।
जौनपुर जनपद के इटौरी सोनिकपुर निवासी रणविजय सिंह का कार्यकाल 19 जून 2026 से 19 जून 2027 तक एक वर्ष के लिए निर्धारित किया गया है। मनोनयन पत्र में उनसे संगठन की गरिमा एवं सम्मान बनाए रखते हुए सौंपी गई जिम्मेदारियों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने तथा संगठन की मजबूती में पूर्ण योगदान देने की अपेक्षा जताई गई है।उनके प्रदेश महासचिव बनाए जाने की जानकारी मिलने पर शुभचिंतकों एवं समर्थकों में खुशी का माहौल है। लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व और सक्रियता से उत्तर प्रदेश में संगठन को नई मजबूती मिलेगी।