पाकिस्तान फिर हुआ बेनकाब, पूर्व मंत्री शेख राशिद अहमद ने हाफिज सईद को बताया अपना ‘आका’

#pakistanformerministersheikhrasheedseensittingwithlet_terrorists

पाकिस्तान एक बार फिर बेनकाब हो गया है। एक बार फिर ये बात जगजाहिर हो गई है कि पाकिस्तान आतंकियों का सरपरस्त है। पाकिस्तान के पूर्व गृह मंत्री शेख रशीद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। वीडियो में वह कथित तौर पर आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद के साथ अपने रिश्ते की बात करते नजर आ रहे हैं।

आतंकियों के साथ मंच साझा

पाक के पूर्व मंत्री शेख रशीद अहमद प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा के एक कार्यक्रम में शामिल हुए और आतंकियों के साथ एक मंच पर देखे गए हैं। कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर आया है, जिसमें रशीद खालिद मसूद संधू और कारी मोहम्मद याकूब शेख के साथ पर दिख रहे हैं। संधू लश्कर-ए-तैयबा का एक वरिष्ठ कमांडर और पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग (पीएमएमएल) का अध्यक्ष है और याकूब शेख आतंकी समूह की केंद्रीय सलाहकार समिति का सदस्य है।

खुद को बताया हाफिज सईद का गुलाम

कार्यक्रम में बोलते हुए राशिद ने हाफिज सईद की तारीफ की और खुद को उसका ‘गुलाम’ तक कह डाला। सभा को संबोधित करते हुए रशीद ने लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख हाफिज सईद की प्रशंसा कर कहा, "मैं हाफिज साहब का गुलाम हूं।"

भारत के खिलाफ भड़काऊ बयान

पाकिस्तान के पूर्व गृह मंत्री रहे शेख राशिद अहमद ने सार्वजनिक कार्यक्रम में प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद को लेकर न सिर्फ आदर भरी बातें कीं बल्कि भारत के खिलाफ धमकी भरे बयान दिए। उन्होंने भारत को धमकी देते हुए कहा, "अगर भारत पाकिस्तान की ओर देखता है तो अल्लाह उसे नष्ट कर देगा। भारत में न पक्षी चहचहाएंगे, न मंदिरों में घंटियां बजेंगी। हम हाफिज सईद के साथ हैं।"

कौन है शेख रशीद?

शेख रशीद पाकिस्तान की इमरान खान सरकार में 2020 से 2022 तक गृह मंत्री रहा। वह अवामी मुस्लिम लीग पार्टी का संस्थापक नेता भी है। शेख रशीद इससे पहले भी अपने भारत विरोधी बयानों को लेकर चर्चा में रहा है। 2019 में भी शेख रशीद ने भारत के खिलाफ बेहद उग्र बयान दिए थे और युद्ध और परमाणु हथियारों की बात की थी।

हाफिज सईद है भारत का मोस्ट वांटेड आतंकवादी

बता दें कि शेख रशीद खुद को जिस हाफिज सईद का गुलाम बता कर भारत को धमका रहा है, उसको संयुक्त राष्ट्र ने वैश्विक आतंकवादी घोषित कर रखा है। हाफिज सईद आंतकी संगठन लश्कर एक तैयबा का प्रमुख है और भारत के मोस्ट वांटेड आतंकियों की सूची में शामिल है। वह भारत में हुए कई आतंकी हमलों का मुख्य साजिशकर्ता माना जाता है। इनमें 2008 का मुंबई आतंकी हमला भी शामिल है, जिसमें 26/11 के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की जान गई थी। साथ ही पुलवामा में हुए हमले का मास्टरमाइंड भी उसे ही माना जाता है। हाफिज सईद जम्मू कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए आतंकी समूहों को फंडिंग करता है।

शेख हसीना ने बांग्लादेश लौटने का किया ऐलान, बोलीं-मेरी हत्‍या हो सकती है, फ‍िर भी वापस जा रही

#sheikhhasinadecemberreturnbangladeshsurrenderstatement

बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना ने इस साल दिसंबर में अपने देश वापस लौटने की योजना बनाई है। वह अपने वरिष्ठ सहयोगियों के साथ आत्मसमर्पण कर सकती हैं। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार शेख हसीन के साथ-साथ उनकी पार्टी अवामी लीग के बड़े नेता भी वापस लौटेंगे और सरेंडर करेंगे।

शेख हसीना ने किया अपने देश लौटने का ऐलान

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अपने देश लौटने का ऐलान करते हुए कहा कि वह दिसंबर-2026 के आसपास बांग्लादेश वापस जाएंगी और अदालत में सरेंडर करेंगी। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को दिए करीब एक घंटे के टेलीफोन इंटरव्यू में शेख हसीना ने कहा कि उन्हें अपनी जान का खतरा पता है, लेकिन यह भी पता है कि अब अपने देश लौटने का समय आ गया है। उन्होंने कहा, ‘वे मेरे लौटते ही मुझे गिरफ्तार कर सकते हैं, वे मुझे मार भी सकते हैं। लेकिन मुझे जाना ही होगा।’

किसी विदेशी सरकार से नहीं किया परामर्श

हसीना ने दिल्ली स्थित निर्वासन आवास से कहा कि उन्होंने किसी विदेशी सरकार से परामर्श नहीं किया कि वह कब और कैसे बांग्लादेश लौटेंगी। उन्होंने कहा, ढाका के अधिकारी मुझे वापस बुलाना चाहते हैं, वे बार-बार भारत को पत्र भेजकर मुझे वापस भेजने की गुहार लगा रहे हैं। मैं खुद जाऊंगी।

देश की मिट्टी में मौत की तमन्ना

शेख हसीना ने भावुक होते हुए कहा कि अगर उनकी मौत होती है तो वह अपने देश की मिट्टी पर हो, जहां उनके माता-पिता दफन हैं। उन्होंने कहा, मेरी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर जबरदस्त दमन हो रहा है। अगर मौत आती है तो मैं चाहती हूं कि वह मेरी अपनी धरती पर आए, जहां मेरे माता-पिता दफन हैं और जहां उनका खून बहा था।

हसीना को मिली है मौत की सजा

शेख हसीना करीब 20 साल से सत्ता पर काबिज थीं। अगस्त 2024 में छात्र आंदोलन के बाद बांग्लादेश में हिंसा शुरू हो गई, जिसके बाद हसीना को ढाका छोड़कर भारत में शरण लेनी पड़ी। तब से हसीना यही हैं। आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी का आदेश देने के कारण बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने मानवता के विरुद्ध अपराधों को दोषी मानते हुए उनको और पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमान खान कमाल को मौत की सजा दी है। वहीं शेख हसीना की अवामी लीग पर चुनाव लड़ने से प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस साल हुए संसदीय चुनाव में शेख हसीना की पार्टी को चुनाव लड़े से रोक दिया गया था।

पाकिस्तान फिर हुआ बेनकाब, पूर्व मंत्री शेख राशिद अहमद ने हाफिज सईद को बताया अपना ‘आका’

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पाकिस्तान एक बार फिर बेनकाब हो गया है। एक बार फिर ये बात जगजाहिर हो गई है कि पाकिस्तान आतंकियों का सरपरस्त है। पाकिस्तान के पूर्व गृह मंत्री शेख रशीद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। वीडियो में वह कथित तौर पर आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद के साथ अपने रिश्ते की बात करते नजर आ रहे हैं।

आतंकियों के साथ मंच साझा

पाक के पूर्व मंत्री शेख रशीद अहमद प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा के एक कार्यक्रम में शामिल हुए और आतंकियों के साथ एक मंच पर देखे गए हैं। कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर आया है, जिसमें रशीद खालिद मसूद संधू और कारी मोहम्मद याकूब शेख के साथ पर दिख रहे हैं। संधू लश्कर-ए-तैयबा का एक वरिष्ठ कमांडर और पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग (पीएमएमएल) का अध्यक्ष है और याकूब शेख आतंकी समूह की केंद्रीय सलाहकार समिति का सदस्य है।

खुद को बताया हाफिज सईद का गुलाम

कार्यक्रम में बोलते हुए राशिद ने हाफिज सईद की तारीफ की और खुद को उसका ‘गुलाम’ तक कह डाला। सभा को संबोधित करते हुए रशीद ने लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख हाफिज सईद की प्रशंसा कर कहा, "मैं हाफिज साहब का गुलाम हूं।"

भारत के खिलाफ भड़काऊ बयान

पाकिस्तान के पूर्व गृह मंत्री रहे शेख राशिद अहमद ने सार्वजनिक कार्यक्रम में प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद को लेकर न सिर्फ आदर भरी बातें कीं बल्कि भारत के खिलाफ धमकी भरे बयान दिए। उन्होंने भारत को धमकी देते हुए कहा, "अगर भारत पाकिस्तान की ओर देखता है तो अल्लाह उसे नष्ट कर देगा। भारत में न पक्षी चहचहाएंगे, न मंदिरों में घंटियां बजेंगी। हम हाफिज सईद के साथ हैं।"

कौन है शेख रशीद?

शेख रशीद पाकिस्तान की इमरान खान सरकार में 2020 से 2022 तक गृह मंत्री रहा। वह अवामी मुस्लिम लीग पार्टी का संस्थापक नेता भी है। शेख रशीद इससे पहले भी अपने भारत विरोधी बयानों को लेकर चर्चा में रहा है। 2019 में भी शेख रशीद ने भारत के खिलाफ बेहद उग्र बयान दिए थे और युद्ध और परमाणु हथियारों की बात की थी।

हाफिज सईद है भारत का मोस्ट वांटेड आतंकवादी

बता दें कि शेख रशीद खुद को जिस हाफिज सईद का गुलाम बता कर भारत को धमका रहा है, उसको संयुक्त राष्ट्र ने वैश्विक आतंकवादी घोषित कर रखा है। हाफिज सईद आंतकी संगठन लश्कर एक तैयबा का प्रमुख है और भारत के मोस्ट वांटेड आतंकियों की सूची में शामिल है। वह भारत में हुए कई आतंकी हमलों का मुख्य साजिशकर्ता माना जाता है। इनमें 2008 का मुंबई आतंकी हमला भी शामिल है, जिसमें 26/11 के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की जान गई थी। साथ ही पुलवामा में हुए हमले का मास्टरमाइंड भी उसे ही माना जाता है। हाफिज सईद जम्मू कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए आतंकी समूहों को फंडिंग करता है।

शेख हसीना ने बांग्लादेश लौटने का किया ऐलान, बोलीं-मेरी हत्‍या हो सकती है, फ‍िर भी वापस जा रही

#sheikhhasinadecemberreturnbangladeshsurrenderstatement

बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना ने इस साल दिसंबर में अपने देश वापस लौटने की योजना बनाई है। वह अपने वरिष्ठ सहयोगियों के साथ आत्मसमर्पण कर सकती हैं। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार शेख हसीन के साथ-साथ उनकी पार्टी अवामी लीग के बड़े नेता भी वापस लौटेंगे और सरेंडर करेंगे।

शेख हसीना ने किया अपने देश लौटने का ऐलान

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अपने देश लौटने का ऐलान करते हुए कहा कि वह दिसंबर-2026 के आसपास बांग्लादेश वापस जाएंगी और अदालत में सरेंडर करेंगी। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को दिए करीब एक घंटे के टेलीफोन इंटरव्यू में शेख हसीना ने कहा कि उन्हें अपनी जान का खतरा पता है, लेकिन यह भी पता है कि अब अपने देश लौटने का समय आ गया है। उन्होंने कहा, ‘वे मेरे लौटते ही मुझे गिरफ्तार कर सकते हैं, वे मुझे मार भी सकते हैं। लेकिन मुझे जाना ही होगा।’

किसी विदेशी सरकार से नहीं किया परामर्श

हसीना ने दिल्ली स्थित निर्वासन आवास से कहा कि उन्होंने किसी विदेशी सरकार से परामर्श नहीं किया कि वह कब और कैसे बांग्लादेश लौटेंगी। उन्होंने कहा, ढाका के अधिकारी मुझे वापस बुलाना चाहते हैं, वे बार-बार भारत को पत्र भेजकर मुझे वापस भेजने की गुहार लगा रहे हैं। मैं खुद जाऊंगी।

देश की मिट्टी में मौत की तमन्ना

शेख हसीना ने भावुक होते हुए कहा कि अगर उनकी मौत होती है तो वह अपने देश की मिट्टी पर हो, जहां उनके माता-पिता दफन हैं। उन्होंने कहा, मेरी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर जबरदस्त दमन हो रहा है। अगर मौत आती है तो मैं चाहती हूं कि वह मेरी अपनी धरती पर आए, जहां मेरे माता-पिता दफन हैं और जहां उनका खून बहा था।

हसीना को मिली है मौत की सजा

शेख हसीना करीब 20 साल से सत्ता पर काबिज थीं। अगस्त 2024 में छात्र आंदोलन के बाद बांग्लादेश में हिंसा शुरू हो गई, जिसके बाद हसीना को ढाका छोड़कर भारत में शरण लेनी पड़ी। तब से हसीना यही हैं। आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी का आदेश देने के कारण बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने मानवता के विरुद्ध अपराधों को दोषी मानते हुए उनको और पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमान खान कमाल को मौत की सजा दी है। वहीं शेख हसीना की अवामी लीग पर चुनाव लड़ने से प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस साल हुए संसदीय चुनाव में शेख हसीना की पार्टी को चुनाव लड़े से रोक दिया गया था।