सरकारी बैंक की तिजोरी में मिला करोड़ों का जाली नोट, NIA जांच में जुटी*

#PNB

सहारनपुर: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की एक तिजोरी से 17 करोड़ 29 लाख रुपये के जाली नोट बरामद हुए हैं। इतनी बड़ी मात्रा में जाली नोट मिलने के बाद अंतरराष्ट्रीय गिरोह के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के मुताबिक, सहारनपुर के सोफिया मार्केट इलाके में स्थित PNB की तिजोरी के प्रभारी मैनेजर को NIA ने गिरफ्तार कर लिया है। इतनी बड़ी मात्रा में जाली नोट बैंक की तिजोरी में कैसे पहुंचे, यह अभी तक साफ नहीं हो पाया है। जांच एजेंसी इस बात से भी हैरान है।

प्रारंभिक जांच में NIA को शक है कि बैंक के कई अधिकारी इस पूरे खेल में शामिल हैं। प्रभारी मैनेजर के अलावा दो और अधिकारियों पर NIA की नजर है, जिनमें सीनियर डिविजनल मैनेजर रविकुमार कांसेव भी शामिल हैं। बैंक प्रबंधन ने तीनों अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है।

NIA को शुरुआती जांच में नेपाल कनेक्शन का भी शक है। जांचकर्ताओं को कुछ ऐसे सुराग मिले हैं, जिससे पता चलता है कि नेपाल सीमा पर या नेपाल में बैठे कुछ लोगों ने इस वारदात को अंजाम दिया है। NIA इस एंगल से भी जांच कर रही है।

तस्वीर: एआई द्वारा निर्मित।

Soummodeep Dey Appointed National Coordinator of Janata Congress Party, Set to Lead Youth Mobilisation Drive

Jamshedpur/New Delhi: In a move that signals a fresh push for youth-driven politics, the Janata Congress Party (JCP) has elevated Soummodeep Dey, a Jamshedpur-based social worker and youth activist, to the position of National Coordinator. The appointment, confirmed by the party's central leadership, marks a significant step up from his earlier role as the party's National Youth Coordinator and places him at the heart of JCP's organisational expansion across the country.Dey's rise within the party has been steady. Barely months after taking charge of the youth wing under the "People First, Nation First, India First" banner, he has now been handed a broader mandate that goes beyond youth mobilisation to include strengthening the party's central committee structure. Party insiders say the decision reflects growing confidence in his ability to build grassroots networks and translate organisational directives into on-ground action.

"This is not just a position, it is a responsibility to build the organisation across the country and give the voice of the youth a new direction," Dey said following the announcement. He added that his immediate priorities would be organisational expansion, deeper youth participation, and highlighting issues that directly affect ordinary citizens.

A Background Rooted in Service

Dey's political journey did not begin with the Janata Congress Party. Hailing from Jamshedpur, Jharkhand, he first built a public profile through the Netaji Subhash Chandra Bose Seva Samiti, a community welfare organisation he founded that has been active in blood donation drives, cleanliness campaigns, disaster relief, and support for the underprivileged. The organisation's consistent work in the region earned Dey the Subhash Chandra Bose Icon Award 2025, a recognition of his contribution to social welfare and community development.

Before joining JCP, Dey was also associated with the National Students' Union of India, where he served as State Vice-Chairman of the Social Media Committee for Odisha. During his tenure, he was part of the coordination team for the Bharat Jodo Nyay Yatra in Odisha and held responsibilities within the University President NSUI campus committee, giving him early exposure to large-scale organisational coordination and student politics.

On the academic front, Dey holds a degree in Mechanical Engineering and an MBA specialising in Human Resources and Marketing, a combination that party colleagues say has shaped his structured approach to organisational planning.

Party's Push for Youth Leadership

The Janata Congress Party, which has been steadily expanding its footprint, has framed the appointment as part of a larger strategy to bring younger voices into decision-making roles ahead of upcoming state elections, including in Manipur and Goa. The party has also been vocal on regional and cross-border issues, recently expressing solidarity with flood and landslide-affected communities in Nepal, an initiative in which Dey featured prominently as the face of the party's outreach.

Party leadership, in its formal note of congratulations, said it appreciated Dey's trust, passion, and dedication toward youth and the nation, adding that his leadership was expected to help empower young people and position them at the forefront of nation-building efforts.

What Comes Next

With the appointment now official, attention turns to how quickly Dey can translate his organisational experience into visible results for JCP. His task list includes expanding the party's presence in states where it currently has limited structure, strengthening the central committee, and ensuring that youth engagement extends beyond social media messaging into active ground mobilisation.

For a party still building its national identity, the choice of a coordinator with a background in both grassroots social work and structured student politics appears deliberate. Whether this translates into electoral traction remains to be seen, but for now, the appointment has generated visible enthusiasm among party supporters and workers who see it as evidence of the party's willingness to invest in younger leadership.

Soummodeep Dey's appointment as National Coordinator adds a new chapter to a career that has moved from community service in Jamshedpur to student politics in Odisha and now to a national role within the Janata Congress Party's organisational framework.

For more information You can Visit on Instagram:

https://www.instagram.com/soummo_deep_dey?igsi=Z2FwaWlhbWNsems0

 

 

नेपाल में चमत्कार, तबाही के 9 दिन बाद सुरंग से 2 लोग जिंदा निकाले गए

#nepalfloodtwoworkersrescuedalivefrom_tunnel

नेपाल में 9 दिन पहले आई भीषण बाढ़ और तबाही के बीच एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने जो किसी चमत्कार से कम नहीं है। जिसने राहत और बचाव टीमों के साथ-साथ पूरे देश की उम्मीद बढ़ा दी। बाढ़ के नौ दिन बाद त्रिशूली-3ए हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट की सुरंग से दो लोगों को जिंदा बाहर निकाला गया।

अंधेरी टनल और मौत के साये के बीच बची जिंदगी

अंधेरी टनल में बीते 9 दिनों से मौत के साये में फंसा युवक संजय शाह आज सुबह सुरक्षित जिंदा बाहर निकाल लिया गया है। उफनती नदी और मलबे से घिरी टनल के भीतर 240 घंटे तक बिना रोशनी, भोजन और मदद के संजय की सांसें चलती रहीं। इसे रेस्क्यू टीम भी ईश्वर का करिश्मा मान रही है। संजय शाह के रेस्क्यू के बाद एक और युवक को जिंदा बाहर निकाल लिया गया है।

सुरंग से आई आवाज ने जगाई उम्मीद

दोनों मजदूर त्रिशूली-3ए जलविद्युत परियोजना की एक सुरंग में फंसे हुए थे। नेपाल सेना के नेतृत्व में सुरक्षा बलों की टीम लगातार सुरंग में दोनों की तलाश कर रही थी। अभियान के दौरान जब बचावकर्मियों को सुरंग के भीतर से आवाजें सुनाई दीं, तो उनकी उम्मीद जगी। टीम ने अंदर फंसे लोगों से संपर्क स्थापित किया और इसके बाद उन्हें बाहर निकालने के प्रयास तेज कर दिए गए।

टनल के अंदग जिंदगी की उम्मीद

बचाए गए मजदूरों की पहचान 30 वर्षीय संजय शाह और 45 वर्षीय कबीर महारजन के रूप में हुई है। महारजन परियोजना में मैकेनिकल सुपरवाइजर और शाह फोरमैन के तौर पर काम कर रहे थे।संजय से मिली शुरुआती जानकारी के मुताबिक इस खतरनाक टनल के भीतर अभी भी कई अन्य जिंदगियां जिंदगी और मौत के बीच झूल रही हैं।

अब तक 1,282 लोगों की मौत

26 अगस्त को आई बाढ़ ने नेपाल में भारी तबाही मचाई थी। तिब्बत सीमा के पास कई गांव इसकी चपेट में आए। नेपाल पुलिस के मुताबिक, इस भीषण हादसे में अब तक 1,282 लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। त्रिशूली जलविद्युत परियोजना की सुरंग में भी कई कर्मचारी फंस गए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, यहां कम से कम 40 लोगों का अब तक पता नहीं चल पाया है। देश के कई हाइड्रो पावर प्लांट से 900 से ज्यादा कर्मचारियों के लापता होने की बात सामने आई है। ऐसे में दो लोगों का जिंदा मिलना बचाव अभियान के लिए बेहद अहम संकेत है।

नेपाल बाढ़ में अब तक 903 लोगों की मौत, 4000 से ज्यादा लोग लापता

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नेपाल में बाढ़ से आई त्रासदी में जान गंवाने वालों का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। नेशनल डिज़ास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी के अनुसार, नेपाल में अचानक आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 903 हो गई है। अब भी 3000 से ज्यादा लोग लापता हैं। नेपाल में बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है। नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस के 13,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों को अभियान में लगाया गया है।

903 पहुंचा बाढ़ में जान गंवाने वालों का आंकड़ा

नेपाल के राष्ट्रीय आपदा प्राधिकरण की ओर से जारी किए गए ताजा जानकारी के मुताबिक बाढ़ में अब तक 903 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। वहीं, 4247 लोग लापता बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, अब तक 10 हजार से ज्यादा लोगों को बाढ़ प्रभावित इलाकों से बचाया गया है। वहीं, घायलों की संख्या 267 है। वहीं, चीन ने अब तक 16 लोगों की मौत की ही पुष्टि की है। साथ ही 500 से ज्यादा लोगों के लापता होने की जानकारी भी दी है।

275 भारतीय लापता

नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद कम से कम 275 भारतीय नागरिक अभी भी लापता हैं। भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार, 128 भारतीय मूल के लोग भी अब तक नहीं मिल पाए हैं। मंत्रालय ने बताया कि 403 भारतीय नागरिक चीन से नेपाल पहुंचे थे, जबकि करीब 500 भारतीय अभी चीन में सुरक्षित हैं। अब तक 149 लोगों को बचाया जा चुका है। भारत ने नेपाल में राहत और बचाव कार्यों के लिए मदद बढ़ा दी है। काठमांडू में भारत की 19 सदस्यीय विशेष फोरेंसिक टीम काम कर रही है। टीम डीएनए नमूनों की जांच कर पीड़ितों की पहचान करने में मदद कर रही है।

त्रिशूली नदी के उफान में झूला पुल बहा

नेपाल के मध्य हिस्से में रविवार सुबह त्रिशूली नदी में फिर बाढ़ आ गई थी। इस बाढ़ में एक सस्पेंशन ब्रिज यानी झूला पुल बह गया। यह पुल गंडकी प्रांत के गोरखा जिले की गंडकी ग्रामीण नगरपालिका-8 के घ्यालचोक को पृथ्वी राजमार्ग के पास स्थित चरौंदी से जोड़ता था। सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ करीब तीन घंटे तक रही। इस दौरान सुबह करीब साढ़े 11 बजे पुल बह गया। बाढ़ में पुल बह जाने के बाद गंडकी ग्रामीण नगरपालिका-7 और 8 के लोगों का पृथ्वी राजमार्ग से संपर्क टूट गया है।

भोटेकोशी नदी में अब भी बाढ़ का खतरा बना

नेपाल में भीषण बाढ़ की तबाही के बीच भोटेकोशी नदी का जलस्तर बढ़ने से एक बार फिर बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। अधिकारियों ने प्रभावित जिलों के लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। रविवार सुबह ही लोगों के मोबाइल फोन पर बाढ़ की चेतावनी भेजी गई। इस बीच बचाव दल काठमांडू को सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों से जोड़ने वाले प्रमुख राजमार्ग को साफ करने में जुटे हैं।

नेपाल की बाढ़ में अब तक 626 लोगों की मौत, 2400 से ज्यादा लोग लापता, चीन ने फिर जारी किया अलर्ट

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नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने अब तक 600 से ज्यादा लोगों की जान ले ली है, जबकि 2,400 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं। वहीं, प्रभावित इलाकों में तेजी से राहत एवं बचाव कार्य चलाया जा रहा है। हिमालयी इलाकों में रेस्क्यू टीमें मलबे में जिंदगी तलाश रही हैं, लेकिन उनके सामने एक और खतरा खड़ा है। पहाड़ों के बीच मलबे से बनी अस्थिर झीलों में पानी बढ़ रहा है, जिससे किसी भी वक्त दोबारा सैलाब आने का डर बना हुआ है।

626 लोगों की मौत की पुष्टि

नेपाल बाढ़ त्रासदी में अब तक 626 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। नेपाल सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक लापता लोगों की संख्या 2426 है। लापता लोगों में बड़ी संख्या विदेशी नागरिकों की । रिपोर्ट के मुताबिक, कम से कम 540 विदेशी अब भी लापता हैं। इनमें कई लोग कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर निकले हिंदू तीर्थयात्री हैं।

करीब 320 भारतीयों से संपर्क नहीं

भारत के लिए भी यह आपदा बड़ी चिंता बन गई है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, अब तक 84 भारतीयों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। इनमें तमिलनाडु के 21 लोग और त्रिशूली-1 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में काम करने वाले 63 कर्मचारी शामिल हैं। 149 भारतीय चीन से सुरक्षित नेपाल पहुंच चुके हैं, जबकि करीब 400 भारतीय अभी चीन में सुरक्षित हैं और भारतीय दूतावास उनकी वापसी में मदद कर रहा है। इसके बावजूद करीब 320 भारतीयों से संपर्क नहीं हो पा रहा है।

चीन ने दी चेतावनी

इधर, चीन ने एक बार फिर नेपाल को चेतावनी दी है कि ल्हेन्डे नदी सिस्टम के ऊपरी इलाकों में बनी झील कभी भी अपने किनारों को तोड़ सकती है। हालांकि, बीजिंग ने कहा है कि अगर झील टूटती भी है, तो नदी में पानी का बहाव ज़्यादा से ज़्यादा 500 क्यूबिक मीटर प्रति सेकंड ही होगा। नेपाल को भेजे गए संदेश में चीन ने कहा कि उस झील का रंग लगातार गहरा होता जा रहा है, जो इस हफ़्ते की शुरुआत में नेपाल और तिब्बत के कुछ हिस्सों में आए भयानक अचानक बाढ़ के बाद बनी थी, इससे संकेत मिलता है कि झील कभी भी फट सकती है।

राहत कार्य के लिए नेपाल पहुंचा 11 सदस्यीय भारतीय बचाव दल

अचानक आई बाढ़ से हुई तबाही के बाद बचाव अभियान में स्थानीय अधिकारियों की सहायता के लिए 11 सदस्यीय भारतीय दल शनिवार को नेपाल पहुंचा। भारतीय दूतावास के सूत्रों के अनुसार, चिकित्सा कर्मियों और सुरंग बचाव विशेषज्ञों सहित इस टीम को नेपाल सरकार के अनुरोध पर भेजा गया था। टीम को हिमालयी देश में अचानक आई बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में भेजा जा रहा है, जहां बड़े पैमाने पर बचाव और राहत अभियान चलाए जा रहे हैं।

डब्ल्यूएचओ ने 150,000 अमेरिकी डॉलर की धनराशि जारी की

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) नेपाल में आई बाढ़ को लेकर अपनी मदद का दायरा बढ़ा रहा है, जिसके तहत तत्काल 150,000 अमेरिकी डॉलर की धनराशि जारी की गई है। आवश्यकता आकलन जारी रहने के साथ-साथ अतिरिक्त संसाधन जारी किए जाने की उम्मीद है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक ने टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि आपदा शुरू होने के कुछ ही घंटों के भीतर, डब्ल्यूएचओ ने आपातकालीन आपूर्ति भेजी, जिसमें अंतर-एजेंसी आपातकालीन स्वास्थ्य आपूर्ति भी शामिल थी, जो लगभग 10,000 लोगों को 3 महीने तक आवश्यक सामग्री प्रदान कर सकती है। इसके अलावा, इसमें टेंट, 10,000 मास्क, दस्ताने और हैंड सैनिटाइजर भी शामिल थे।

नेपाल में आई बाढ़ में 288 भारतीय लापता, विदेश मंत्रालय ने दी जानकारी

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नेपाल ने बुधवार को एक बार फिर से विनाश का मंजर देखा। यहां बड़ी संख्या में लोग तिब्बत क्षेत्र से भोटेकोशी नदी में आई अचानक बाढ़ में बह गए। बाढ़ में कम से कम 270 लोगों की मौत की खबर है, जबकि हजारों लोग लापता हैं। इस प्राकृतिक आपदा में कई देशों के लोग लापता है। इनमें बड़ी संख्या में भारतीय शामिल हैं।

नेपाल त्रासदी में 288 भारतीय लापता

भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया है कि नेपाल त्रासदी में 288 भारतीय नागरिक लापता हैं। इनमें 73 लोग त्रिशूली पावर प्रोजेक्ट में काम कर रहे हैं। इनके अलावा 37 और 39 लोगों के दो समूह तमिलनाडु के हैं, जो कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए हुए हैं। इनके अलावा तीसरा समूह 32 लोगों का है, जो पश्चिम बंगाल के हैं, वे भी कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए हुए हैं। इनके अलावा 61 लोग विभिन्न राज्यों के हैं, जो नेपाल में लापता हैं। साथ ही केरलम के 33 लोगों का भी एक समूह नेपाल में लापता है। इस तरह कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए कुल पांच समूह लापता हैं।

भारत ने भेजी 47 टन राहत सामग्री

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि नेपाल को इस मुश्किल समय में मदद के लिए भारत ने दो विमान भेजे हैं। जिनमें से एक सी-130 जे विमान 10 टन राहत सामग्री लेकर बुधवार को नेपाल हुआ था। इनमें अस्थायी शेल्टर, दवाईयां आदि लेकर गया है। आज भी एक सी-17 विमान 37 टन राहत सामग्री लेकर नेपाल के लिए रवाना हुआ है। इनमें से आठ टन दवाईयां हैं और एक टन खाद्य पदार्थ हैं। इस तरह दो दिनों में नेपाल को 47 टन राहत सामग्री भेजी जा चुकी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि जो भी राहत सामग्री भेजी गई है, वह नेपाल की मांग के आधार पर ही भेजी गई है।

नेपाल के हालात को लेकर जयशंकर ने की समीक्षा बैठक*

इससे पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने नेपाल बाढ़ के हालात पर समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि भारत, नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे भारतीयों की स्थिति का पता लगाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है। इस बैठक में काठमांडू और बीजिंग में तैनात भारतीय राजदूत भी वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए शामिल हुए। विदेश मंत्री ने बताया कि उनका मंत्रालय विभिन्न मंत्रालयों, राज्य सरकारों, टूर ऑपरेटर्स और अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है। जयशंकर ने कहा कि हम इस मामले के साथ-साथ राहत कार्यों को लेकर भी नेपाल के अधिकारियों के साथ करीबी समन्वय में काम कर रहे हैं।

नेपाल में जल प्रलय से हाहाकार, 150 से ज़्यादा लोगों की मौत और सैकड़ों लापता

#nepalfloodsmanydeadindiansmissingasmassiveflash_flood

नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने भयंकर तबाही मचाई है। के बाद बचाव और तलाश का काम जारी है। नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर भोटे कोशी और त्रिशूली नदियों में बुधवार सुबह आई बाढ़ और भूस्खलन से पानी का स्तर 30 फीट तक बढ़ गया और यह रास्ते के आस-पास पड़ने वाली बस्तियों, पनबिजली इकाइयों और रास्तों को बहा ले गया। अब तक कम से कम 160 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। सैकड़ों लोग लापता हैं, जिनमें भारत से आए कैलाश मानसरोवर तीर्थयात्री भी शामिल हैं।

579 लोगों का अब तक लापता

नेपाल पुलिस के मुताबिक, अब तक करीब 157 शव बरामद किए जा चुके हैं। इस बाढ़ में सुरक्षाकर्मियों व विदेशी पर्यटकों समेत बड़ी संख्या में लोग लापता हैं। चीनी अधिकारियों ने तिब्बत के ग्यिरोंग काउंटी में तीन लोगों की मौत और 265 लोगों के लापता होने की जानकारी दी है। नेपाल पुलिस ने बताया कि 579 लोगों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। इनमें 28 देशों के 466 विदेशी और 113 नेपाली शामिल हैं। लापता लोगों में कम से कम 133 भारतीय हैं। 33 लोगों के शव घटना स्थल से 150 किमी दूर चितवन में मिले, जिससे मरने वालों का आंकड़ा अभी और बढ़ने की आशंका है।

1993 से भी बड़ी तबाही के अनुमान

यह हाल के वर्षों में नेपाल की सबसे बड़ी आपदाओं में से एक है। बुधवार की बाढ़ ने कई पनबिजली परियोजनाओं और वाणिज्यिक बैंकों को तबाह कर दिया है। नेपाली मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक़, बाढ़ में कई पुल और क़रीब 40 किलोमीटर हाइवे बह गए हैं। निजी और सार्वजनिक संपत्तियों को हुए कुल नुक़सान का अभी तक कोई आकलन नहीं हो पाया है। कहा जा रहा है कि यह 1993 में सरलाही, रौतहट और मकवानपुर में आई बाढ़ से भी ज़्यादा विनाशकारी हो सकती है, जिसमें 1,400 लोगों की मौत हुई थी और जिसे लंबे समय से देश की सबसे बड़ी आपदा माना जाता रहा है।

भारत ने नेपाल भेजी राहत सामग्री की पहली खेप

भारत ने नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद राहत कार्यों के लिए 10 टन मानवीय सहायता सामग्री भेजी है। बुधवार रात सैन्य परिवहन विमान के जरिये नेपाल को राहत सामग्री की पहली खेप भेजी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेपाल के अपने समकक्ष बालेंद्र शाह से बातचीत करने के कुछ घंटे बाद राहत सामग्री भेजी गई। मोदी ने शाह को स्थिति से निपटने के लिए हरसंभव मानवीय सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। मोदी ने बातचीत के बाद सोशल मीडिया पर कहा, “इस कठिन समय में भारत के लोग नेपाल के अपने बहन-भाइयों के साथ एकजुटता से खड़े हैं।”

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने संवेदना जताई

वहीं, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने नेपाल और चीन में आई भीषण बाढ़ पर गहरा दुख जताया है। बाढ़ में कई लोगों की मौत हुई है। कई लोग लापता हैं। बड़े स्तर पर नुकसान भी हुआ है। गुटेरेस ने 'एक्स' पर लिखा कि वह बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हैं। उन्होंने घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की। उन्होंने कहा कि उनकी संवेदनाएं बाढ़ से प्रभावित सभी लोगों के साथ हैं। गुटेरेस ने कहा कि नेपाल में संयुक्त राष्ट्र सरकार की अगुवाई में चल रहे राहत अभियान में मदद कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र की टीमें और मानवीय सहायता से जुड़े संगठन बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए जरूरी सामान और कर्मचारियों को जुटा रहे हैं।

नेपाल में अचानक आई बाढ़ से भारी तबाही, ताश के पत्तों की तरह बहे घर, बिहार में अलर्ट

#nepalfloodlandslidetriggeredtibet_earthquake

तिब्बत से अचानक आए सैलाब ने पड़ोसी देश नेपाल में भारी तबाही मचा दी है। तिब्बत में बुधवार को पहले भूकंप और फिर लैंडस्लाइड की घटना घटी, जिसके कारण नेपाल में बाढ़ आ गई है। उत्तरी नेपाल के कुछ हिस्सों में आई भीषण बाढ़ के बाद भारी जान-माल के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। बाढ़ में कई गांव बह गए और एक पनबिजली बांध सहित बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है।

उत्तरी रसुवा में बड़े पैमाने पर तबाही

बुधवार तड़के नेपाल की राजधानी काठमांडू के उत्तर में स्थित रसुवा इलाक़े में बाढ़ आ गई। यह इलाक़ा तिब्बत से सटा हुआ है। पानी का यह अचानक बहाव सुबह करीब 9:00 बजे भोटे कोशी नदी में आया और फिर आगे बढ़कर त्रिशूली नदी में नुवाकोट की ओर बढ़ा। शुरुआती जानकारी के मुताबिक उत्तरी रसुवा में बड़े पैमाने पर तबाही हुई है खासकर तिमुरे बाजार इलाके, तिमुरे कस्टम ऑफिस और स्याब्रुबेसी में नुकसान हुआ है।

नुकसान की विस्तृत जानकारी जुटा रहा प्रशासन

वहीं जिला अधिकारी जान-माल और बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान की विस्तृत जानकारी जुटा रहे हैं। हाइड्रोलॉजी के विशेषज्ञों का मानना है कि पानी का यह अचानक बहाव स्थानीय बारिश के कारण नहीं बल्कि तिब्बत में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड यानी ग्लेशियर झील के फटने से आया है।

बाढ़ से भारी जान-माल के नुकसान की आशंका

नेपाल सेना ने कहा कि बाढ़ के कारण तिमुरे और स्याब्रुबेसी क्षेत्र में व्यापक तबाही हुई है, जिसमें वाहन, व्यावसायिक सामान और अन्य संपत्ति पानी में बह गई है। रसुआ के मुख्य सीमा शुल्क अधिकारी राजेंद्र ढुंगाना ने बताया कि सीमा शुल्क परिसर में रखे कई वाहन और सामान बह गए। हाल ही में निर्मित एक पुल भी नष्ट हो गया। काठमांडू से लगभग 125 किलोमीटर दूर स्थित और तिब्बत से सटे पहाड़ी जिले रसुवा की आबादी लगभग 50,000 है।

यूपी-बिहार में अलर्ट

बाढ़ का असर बिहार के सीमावर्ती इलाकों में भी देखा गया है। बिहार के चंपारण, बेतिया, गोपालगंज, मधुबनी, सीतामढ़ी जैसे जिलों के लिए अलर्ट जारी किया गया है। नेपाल से आने वाली अधिकांश नदियां इन्हीं जिलों को प्रभावित करती है। वहीं नेपाल से सटे यूपी के भी कई जिलों में अलर्ट घोषित किया गया। है।

South India's Cosmetics & Homecare Industry Is Set to Gather at Cosmetics & Homecare Ingredients Expo 2026 in Chennai

Chennai, India | July 2026:The cosmetics, personal care and homecare manufacturing industry is set to come together for the 3rd edition of the Cosmetics & Homecare Ingredients Expo, taking place on 7–8 August 2026 at the Chennai Trade Centre, Tamil Nadu. Organised by Future Market Events and co-located with Homecare Ingredients Expo and Cospack – Cosmetics Packaging Expo, the event will bring together the entire beauty and homecare value chain under one roof.

Expected to attract 6,500+ industry professionals and 165+ leading exhibitors, the two-day exhibition will showcase 1,500+ ingredients, raw materials, formulation technologies and packaging solutions, spanning cosmetic ingredients, fragrances, botanical extracts, surfactants, laboratory solutions, contract manufacturing and cosmetic packaging innovations. The expo will provide an ideal platform for buyers, manufacturers, R&D professionals, brand owners and distributors to discover the latest innovations, connect with leading suppliers and explore new business opportunities shaping the future of the industry.

The 2026 edition is supported by leading industry associations including Perfume Foundation, Standards for Essential Oils (SEOS) & Perfumo Therapy, Lanka Cosmetic & Healthcare Manufacturers' Association (LCHMA), Gujarat Small Scale Detergent Manufacturers Association, Maharashtra Small Scale Detergent & Cosmetic Manufacturers Association (MSSDETCOM), Bengal Soap & Detergent Manufacturers Welfare Association, Nepal Herbs & Products Association and the Essential Oil Association of India, reflecting the strong industry support behind the event.

Highlights of the 2026 Edition

The Cosmetics & Homecare Ingredients Summit 2026 will feature thought-provoking sessions on formulation innovation, sustainability, regulatory developments, consumer trends and the future of home and personal care under the theme, "The Next Frontier for Home & Personal Care: Charting the Course for Innovation and Quality." And will feature distinguished speakers including R. Rajagopal (Aravind Laboratories), Dr. Renuka Thergaonkar (R&D Global Consultants), Manish Motwani (Mintel), Moushami Teredesai (Robertet India), Dr. Rajeev Churi (OTAI), Vinay Shakti Shukla (Fragrance & Flavour Development Centre), Oscar Pereira (CodeSkin) and Arvind Jayaram (Viridis Personal Care), along with several other industry leaders.

Visitors can also explore the Innovation Zone & Awards, where companies will showcase breakthrough ingredients, formulation technologies and product innovations while celebrating excellence across the cosmetics and homecare sector. Hands-on Workshops on serum formulation and bio-enzyme cleaning solutions will provide practical learning and valuable technical insights for formulators, entrepreneurs and R&D professionals.

 

Leading Industry Brands Under One Roof

The exhibition floor will feature participation from leading ingredient manufacturers, formulation specialists and packaging solution providers. Exhibitors include companies such as DKSH, Cellupro Green, Viridis Personal Care, Chemspark, D Roots, IVAS, Madura Herbal, and several other leading brands from India and overseas, offering visitors direct access to innovative raw materials, formulation solutions and manufacturing technologies.

Mr Anuj Mathur added "The cosmetics and homecare industry continues to evolve with changing consumer expectations and rapid product innovation. Cosmetics & Homecare Ingredients Expo has grown into a platform where businesses can discover new ingredients, exchange ideas and build lasting partnerships. This edition will offer even more opportunities to learn, connect and explore innovations, and we look forward to welcoming the industry to Chennai this August."

About Future Market Events:

Future Market Events is a leading B2B exhibition organizer in India, dedicated to connecting businesses through industry-focused trade shows, conferences, and networking platforms. The company organizes exhibitions across sectors including manufacturing, logistics, packaging, food processing, cosmetics, pharmaceuticals and industrial technologies, bringing together exhibitors, buyers, industry experts and policymakers to foster innovation, business growth and collaboration.

For more information, please follow Cosmetics Ingredients Expo, Homecare Ingredients Expo and Cospack Expo

On LinkedIn:

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सरकारी बैंक की तिजोरी में मिला करोड़ों का जाली नोट, NIA जांच में जुटी*

#PNB

सहारनपुर: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की एक तिजोरी से 17 करोड़ 29 लाख रुपये के जाली नोट बरामद हुए हैं। इतनी बड़ी मात्रा में जाली नोट मिलने के बाद अंतरराष्ट्रीय गिरोह के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के मुताबिक, सहारनपुर के सोफिया मार्केट इलाके में स्थित PNB की तिजोरी के प्रभारी मैनेजर को NIA ने गिरफ्तार कर लिया है। इतनी बड़ी मात्रा में जाली नोट बैंक की तिजोरी में कैसे पहुंचे, यह अभी तक साफ नहीं हो पाया है। जांच एजेंसी इस बात से भी हैरान है।

प्रारंभिक जांच में NIA को शक है कि बैंक के कई अधिकारी इस पूरे खेल में शामिल हैं। प्रभारी मैनेजर के अलावा दो और अधिकारियों पर NIA की नजर है, जिनमें सीनियर डिविजनल मैनेजर रविकुमार कांसेव भी शामिल हैं। बैंक प्रबंधन ने तीनों अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है।

NIA को शुरुआती जांच में नेपाल कनेक्शन का भी शक है। जांचकर्ताओं को कुछ ऐसे सुराग मिले हैं, जिससे पता चलता है कि नेपाल सीमा पर या नेपाल में बैठे कुछ लोगों ने इस वारदात को अंजाम दिया है। NIA इस एंगल से भी जांच कर रही है।

तस्वीर: एआई द्वारा निर्मित।

Soummodeep Dey Appointed National Coordinator of Janata Congress Party, Set to Lead Youth Mobilisation Drive

Jamshedpur/New Delhi: In a move that signals a fresh push for youth-driven politics, the Janata Congress Party (JCP) has elevated Soummodeep Dey, a Jamshedpur-based social worker and youth activist, to the position of National Coordinator. The appointment, confirmed by the party's central leadership, marks a significant step up from his earlier role as the party's National Youth Coordinator and places him at the heart of JCP's organisational expansion across the country.Dey's rise within the party has been steady. Barely months after taking charge of the youth wing under the "People First, Nation First, India First" banner, he has now been handed a broader mandate that goes beyond youth mobilisation to include strengthening the party's central committee structure. Party insiders say the decision reflects growing confidence in his ability to build grassroots networks and translate organisational directives into on-ground action.

"This is not just a position, it is a responsibility to build the organisation across the country and give the voice of the youth a new direction," Dey said following the announcement. He added that his immediate priorities would be organisational expansion, deeper youth participation, and highlighting issues that directly affect ordinary citizens.

A Background Rooted in Service

Dey's political journey did not begin with the Janata Congress Party. Hailing from Jamshedpur, Jharkhand, he first built a public profile through the Netaji Subhash Chandra Bose Seva Samiti, a community welfare organisation he founded that has been active in blood donation drives, cleanliness campaigns, disaster relief, and support for the underprivileged. The organisation's consistent work in the region earned Dey the Subhash Chandra Bose Icon Award 2025, a recognition of his contribution to social welfare and community development.

Before joining JCP, Dey was also associated with the National Students' Union of India, where he served as State Vice-Chairman of the Social Media Committee for Odisha. During his tenure, he was part of the coordination team for the Bharat Jodo Nyay Yatra in Odisha and held responsibilities within the University President NSUI campus committee, giving him early exposure to large-scale organisational coordination and student politics.

On the academic front, Dey holds a degree in Mechanical Engineering and an MBA specialising in Human Resources and Marketing, a combination that party colleagues say has shaped his structured approach to organisational planning.

Party's Push for Youth Leadership

The Janata Congress Party, which has been steadily expanding its footprint, has framed the appointment as part of a larger strategy to bring younger voices into decision-making roles ahead of upcoming state elections, including in Manipur and Goa. The party has also been vocal on regional and cross-border issues, recently expressing solidarity with flood and landslide-affected communities in Nepal, an initiative in which Dey featured prominently as the face of the party's outreach.

Party leadership, in its formal note of congratulations, said it appreciated Dey's trust, passion, and dedication toward youth and the nation, adding that his leadership was expected to help empower young people and position them at the forefront of nation-building efforts.

What Comes Next

With the appointment now official, attention turns to how quickly Dey can translate his organisational experience into visible results for JCP. His task list includes expanding the party's presence in states where it currently has limited structure, strengthening the central committee, and ensuring that youth engagement extends beyond social media messaging into active ground mobilisation.

For a party still building its national identity, the choice of a coordinator with a background in both grassroots social work and structured student politics appears deliberate. Whether this translates into electoral traction remains to be seen, but for now, the appointment has generated visible enthusiasm among party supporters and workers who see it as evidence of the party's willingness to invest in younger leadership.

Soummodeep Dey's appointment as National Coordinator adds a new chapter to a career that has moved from community service in Jamshedpur to student politics in Odisha and now to a national role within the Janata Congress Party's organisational framework.

For more information You can Visit on Instagram:

https://www.instagram.com/soummo_deep_dey?igsi=Z2FwaWlhbWNsems0

 

 

नेपाल में चमत्कार, तबाही के 9 दिन बाद सुरंग से 2 लोग जिंदा निकाले गए

#nepalfloodtwoworkersrescuedalivefrom_tunnel

नेपाल में 9 दिन पहले आई भीषण बाढ़ और तबाही के बीच एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने जो किसी चमत्कार से कम नहीं है। जिसने राहत और बचाव टीमों के साथ-साथ पूरे देश की उम्मीद बढ़ा दी। बाढ़ के नौ दिन बाद त्रिशूली-3ए हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट की सुरंग से दो लोगों को जिंदा बाहर निकाला गया।

अंधेरी टनल और मौत के साये के बीच बची जिंदगी

अंधेरी टनल में बीते 9 दिनों से मौत के साये में फंसा युवक संजय शाह आज सुबह सुरक्षित जिंदा बाहर निकाल लिया गया है। उफनती नदी और मलबे से घिरी टनल के भीतर 240 घंटे तक बिना रोशनी, भोजन और मदद के संजय की सांसें चलती रहीं। इसे रेस्क्यू टीम भी ईश्वर का करिश्मा मान रही है। संजय शाह के रेस्क्यू के बाद एक और युवक को जिंदा बाहर निकाल लिया गया है।

सुरंग से आई आवाज ने जगाई उम्मीद

दोनों मजदूर त्रिशूली-3ए जलविद्युत परियोजना की एक सुरंग में फंसे हुए थे। नेपाल सेना के नेतृत्व में सुरक्षा बलों की टीम लगातार सुरंग में दोनों की तलाश कर रही थी। अभियान के दौरान जब बचावकर्मियों को सुरंग के भीतर से आवाजें सुनाई दीं, तो उनकी उम्मीद जगी। टीम ने अंदर फंसे लोगों से संपर्क स्थापित किया और इसके बाद उन्हें बाहर निकालने के प्रयास तेज कर दिए गए।

टनल के अंदग जिंदगी की उम्मीद

बचाए गए मजदूरों की पहचान 30 वर्षीय संजय शाह और 45 वर्षीय कबीर महारजन के रूप में हुई है। महारजन परियोजना में मैकेनिकल सुपरवाइजर और शाह फोरमैन के तौर पर काम कर रहे थे।संजय से मिली शुरुआती जानकारी के मुताबिक इस खतरनाक टनल के भीतर अभी भी कई अन्य जिंदगियां जिंदगी और मौत के बीच झूल रही हैं।

अब तक 1,282 लोगों की मौत

26 अगस्त को आई बाढ़ ने नेपाल में भारी तबाही मचाई थी। तिब्बत सीमा के पास कई गांव इसकी चपेट में आए। नेपाल पुलिस के मुताबिक, इस भीषण हादसे में अब तक 1,282 लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। त्रिशूली जलविद्युत परियोजना की सुरंग में भी कई कर्मचारी फंस गए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, यहां कम से कम 40 लोगों का अब तक पता नहीं चल पाया है। देश के कई हाइड्रो पावर प्लांट से 900 से ज्यादा कर्मचारियों के लापता होने की बात सामने आई है। ऐसे में दो लोगों का जिंदा मिलना बचाव अभियान के लिए बेहद अहम संकेत है।

नेपाल बाढ़ में अब तक 903 लोगों की मौत, 4000 से ज्यादा लोग लापता

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नेपाल में बाढ़ से आई त्रासदी में जान गंवाने वालों का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। नेशनल डिज़ास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी के अनुसार, नेपाल में अचानक आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 903 हो गई है। अब भी 3000 से ज्यादा लोग लापता हैं। नेपाल में बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है। नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस के 13,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों को अभियान में लगाया गया है।

903 पहुंचा बाढ़ में जान गंवाने वालों का आंकड़ा

नेपाल के राष्ट्रीय आपदा प्राधिकरण की ओर से जारी किए गए ताजा जानकारी के मुताबिक बाढ़ में अब तक 903 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। वहीं, 4247 लोग लापता बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, अब तक 10 हजार से ज्यादा लोगों को बाढ़ प्रभावित इलाकों से बचाया गया है। वहीं, घायलों की संख्या 267 है। वहीं, चीन ने अब तक 16 लोगों की मौत की ही पुष्टि की है। साथ ही 500 से ज्यादा लोगों के लापता होने की जानकारी भी दी है।

275 भारतीय लापता

नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद कम से कम 275 भारतीय नागरिक अभी भी लापता हैं। भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार, 128 भारतीय मूल के लोग भी अब तक नहीं मिल पाए हैं। मंत्रालय ने बताया कि 403 भारतीय नागरिक चीन से नेपाल पहुंचे थे, जबकि करीब 500 भारतीय अभी चीन में सुरक्षित हैं। अब तक 149 लोगों को बचाया जा चुका है। भारत ने नेपाल में राहत और बचाव कार्यों के लिए मदद बढ़ा दी है। काठमांडू में भारत की 19 सदस्यीय विशेष फोरेंसिक टीम काम कर रही है। टीम डीएनए नमूनों की जांच कर पीड़ितों की पहचान करने में मदद कर रही है।

त्रिशूली नदी के उफान में झूला पुल बहा

नेपाल के मध्य हिस्से में रविवार सुबह त्रिशूली नदी में फिर बाढ़ आ गई थी। इस बाढ़ में एक सस्पेंशन ब्रिज यानी झूला पुल बह गया। यह पुल गंडकी प्रांत के गोरखा जिले की गंडकी ग्रामीण नगरपालिका-8 के घ्यालचोक को पृथ्वी राजमार्ग के पास स्थित चरौंदी से जोड़ता था। सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ करीब तीन घंटे तक रही। इस दौरान सुबह करीब साढ़े 11 बजे पुल बह गया। बाढ़ में पुल बह जाने के बाद गंडकी ग्रामीण नगरपालिका-7 और 8 के लोगों का पृथ्वी राजमार्ग से संपर्क टूट गया है।

भोटेकोशी नदी में अब भी बाढ़ का खतरा बना

नेपाल में भीषण बाढ़ की तबाही के बीच भोटेकोशी नदी का जलस्तर बढ़ने से एक बार फिर बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। अधिकारियों ने प्रभावित जिलों के लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। रविवार सुबह ही लोगों के मोबाइल फोन पर बाढ़ की चेतावनी भेजी गई। इस बीच बचाव दल काठमांडू को सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों से जोड़ने वाले प्रमुख राजमार्ग को साफ करने में जुटे हैं।

नेपाल की बाढ़ में अब तक 626 लोगों की मौत, 2400 से ज्यादा लोग लापता, चीन ने फिर जारी किया अलर्ट

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नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने अब तक 600 से ज्यादा लोगों की जान ले ली है, जबकि 2,400 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं। वहीं, प्रभावित इलाकों में तेजी से राहत एवं बचाव कार्य चलाया जा रहा है। हिमालयी इलाकों में रेस्क्यू टीमें मलबे में जिंदगी तलाश रही हैं, लेकिन उनके सामने एक और खतरा खड़ा है। पहाड़ों के बीच मलबे से बनी अस्थिर झीलों में पानी बढ़ रहा है, जिससे किसी भी वक्त दोबारा सैलाब आने का डर बना हुआ है।

626 लोगों की मौत की पुष्टि

नेपाल बाढ़ त्रासदी में अब तक 626 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। नेपाल सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक लापता लोगों की संख्या 2426 है। लापता लोगों में बड़ी संख्या विदेशी नागरिकों की । रिपोर्ट के मुताबिक, कम से कम 540 विदेशी अब भी लापता हैं। इनमें कई लोग कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर निकले हिंदू तीर्थयात्री हैं।

करीब 320 भारतीयों से संपर्क नहीं

भारत के लिए भी यह आपदा बड़ी चिंता बन गई है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, अब तक 84 भारतीयों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। इनमें तमिलनाडु के 21 लोग और त्रिशूली-1 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में काम करने वाले 63 कर्मचारी शामिल हैं। 149 भारतीय चीन से सुरक्षित नेपाल पहुंच चुके हैं, जबकि करीब 400 भारतीय अभी चीन में सुरक्षित हैं और भारतीय दूतावास उनकी वापसी में मदद कर रहा है। इसके बावजूद करीब 320 भारतीयों से संपर्क नहीं हो पा रहा है।

चीन ने दी चेतावनी

इधर, चीन ने एक बार फिर नेपाल को चेतावनी दी है कि ल्हेन्डे नदी सिस्टम के ऊपरी इलाकों में बनी झील कभी भी अपने किनारों को तोड़ सकती है। हालांकि, बीजिंग ने कहा है कि अगर झील टूटती भी है, तो नदी में पानी का बहाव ज़्यादा से ज़्यादा 500 क्यूबिक मीटर प्रति सेकंड ही होगा। नेपाल को भेजे गए संदेश में चीन ने कहा कि उस झील का रंग लगातार गहरा होता जा रहा है, जो इस हफ़्ते की शुरुआत में नेपाल और तिब्बत के कुछ हिस्सों में आए भयानक अचानक बाढ़ के बाद बनी थी, इससे संकेत मिलता है कि झील कभी भी फट सकती है।

राहत कार्य के लिए नेपाल पहुंचा 11 सदस्यीय भारतीय बचाव दल

अचानक आई बाढ़ से हुई तबाही के बाद बचाव अभियान में स्थानीय अधिकारियों की सहायता के लिए 11 सदस्यीय भारतीय दल शनिवार को नेपाल पहुंचा। भारतीय दूतावास के सूत्रों के अनुसार, चिकित्सा कर्मियों और सुरंग बचाव विशेषज्ञों सहित इस टीम को नेपाल सरकार के अनुरोध पर भेजा गया था। टीम को हिमालयी देश में अचानक आई बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में भेजा जा रहा है, जहां बड़े पैमाने पर बचाव और राहत अभियान चलाए जा रहे हैं।

डब्ल्यूएचओ ने 150,000 अमेरिकी डॉलर की धनराशि जारी की

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) नेपाल में आई बाढ़ को लेकर अपनी मदद का दायरा बढ़ा रहा है, जिसके तहत तत्काल 150,000 अमेरिकी डॉलर की धनराशि जारी की गई है। आवश्यकता आकलन जारी रहने के साथ-साथ अतिरिक्त संसाधन जारी किए जाने की उम्मीद है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक ने टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि आपदा शुरू होने के कुछ ही घंटों के भीतर, डब्ल्यूएचओ ने आपातकालीन आपूर्ति भेजी, जिसमें अंतर-एजेंसी आपातकालीन स्वास्थ्य आपूर्ति भी शामिल थी, जो लगभग 10,000 लोगों को 3 महीने तक आवश्यक सामग्री प्रदान कर सकती है। इसके अलावा, इसमें टेंट, 10,000 मास्क, दस्ताने और हैंड सैनिटाइजर भी शामिल थे।

नेपाल में आई बाढ़ में 288 भारतीय लापता, विदेश मंत्रालय ने दी जानकारी

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नेपाल ने बुधवार को एक बार फिर से विनाश का मंजर देखा। यहां बड़ी संख्या में लोग तिब्बत क्षेत्र से भोटेकोशी नदी में आई अचानक बाढ़ में बह गए। बाढ़ में कम से कम 270 लोगों की मौत की खबर है, जबकि हजारों लोग लापता हैं। इस प्राकृतिक आपदा में कई देशों के लोग लापता है। इनमें बड़ी संख्या में भारतीय शामिल हैं।

नेपाल त्रासदी में 288 भारतीय लापता

भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया है कि नेपाल त्रासदी में 288 भारतीय नागरिक लापता हैं। इनमें 73 लोग त्रिशूली पावर प्रोजेक्ट में काम कर रहे हैं। इनके अलावा 37 और 39 लोगों के दो समूह तमिलनाडु के हैं, जो कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए हुए हैं। इनके अलावा तीसरा समूह 32 लोगों का है, जो पश्चिम बंगाल के हैं, वे भी कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए हुए हैं। इनके अलावा 61 लोग विभिन्न राज्यों के हैं, जो नेपाल में लापता हैं। साथ ही केरलम के 33 लोगों का भी एक समूह नेपाल में लापता है। इस तरह कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए कुल पांच समूह लापता हैं।

भारत ने भेजी 47 टन राहत सामग्री

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि नेपाल को इस मुश्किल समय में मदद के लिए भारत ने दो विमान भेजे हैं। जिनमें से एक सी-130 जे विमान 10 टन राहत सामग्री लेकर बुधवार को नेपाल हुआ था। इनमें अस्थायी शेल्टर, दवाईयां आदि लेकर गया है। आज भी एक सी-17 विमान 37 टन राहत सामग्री लेकर नेपाल के लिए रवाना हुआ है। इनमें से आठ टन दवाईयां हैं और एक टन खाद्य पदार्थ हैं। इस तरह दो दिनों में नेपाल को 47 टन राहत सामग्री भेजी जा चुकी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि जो भी राहत सामग्री भेजी गई है, वह नेपाल की मांग के आधार पर ही भेजी गई है।

नेपाल के हालात को लेकर जयशंकर ने की समीक्षा बैठक*

इससे पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने नेपाल बाढ़ के हालात पर समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि भारत, नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे भारतीयों की स्थिति का पता लगाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है। इस बैठक में काठमांडू और बीजिंग में तैनात भारतीय राजदूत भी वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए शामिल हुए। विदेश मंत्री ने बताया कि उनका मंत्रालय विभिन्न मंत्रालयों, राज्य सरकारों, टूर ऑपरेटर्स और अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है। जयशंकर ने कहा कि हम इस मामले के साथ-साथ राहत कार्यों को लेकर भी नेपाल के अधिकारियों के साथ करीबी समन्वय में काम कर रहे हैं।

नेपाल में जल प्रलय से हाहाकार, 150 से ज़्यादा लोगों की मौत और सैकड़ों लापता

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नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने भयंकर तबाही मचाई है। के बाद बचाव और तलाश का काम जारी है। नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर भोटे कोशी और त्रिशूली नदियों में बुधवार सुबह आई बाढ़ और भूस्खलन से पानी का स्तर 30 फीट तक बढ़ गया और यह रास्ते के आस-पास पड़ने वाली बस्तियों, पनबिजली इकाइयों और रास्तों को बहा ले गया। अब तक कम से कम 160 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। सैकड़ों लोग लापता हैं, जिनमें भारत से आए कैलाश मानसरोवर तीर्थयात्री भी शामिल हैं।

579 लोगों का अब तक लापता

नेपाल पुलिस के मुताबिक, अब तक करीब 157 शव बरामद किए जा चुके हैं। इस बाढ़ में सुरक्षाकर्मियों व विदेशी पर्यटकों समेत बड़ी संख्या में लोग लापता हैं। चीनी अधिकारियों ने तिब्बत के ग्यिरोंग काउंटी में तीन लोगों की मौत और 265 लोगों के लापता होने की जानकारी दी है। नेपाल पुलिस ने बताया कि 579 लोगों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। इनमें 28 देशों के 466 विदेशी और 113 नेपाली शामिल हैं। लापता लोगों में कम से कम 133 भारतीय हैं। 33 लोगों के शव घटना स्थल से 150 किमी दूर चितवन में मिले, जिससे मरने वालों का आंकड़ा अभी और बढ़ने की आशंका है।

1993 से भी बड़ी तबाही के अनुमान

यह हाल के वर्षों में नेपाल की सबसे बड़ी आपदाओं में से एक है। बुधवार की बाढ़ ने कई पनबिजली परियोजनाओं और वाणिज्यिक बैंकों को तबाह कर दिया है। नेपाली मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक़, बाढ़ में कई पुल और क़रीब 40 किलोमीटर हाइवे बह गए हैं। निजी और सार्वजनिक संपत्तियों को हुए कुल नुक़सान का अभी तक कोई आकलन नहीं हो पाया है। कहा जा रहा है कि यह 1993 में सरलाही, रौतहट और मकवानपुर में आई बाढ़ से भी ज़्यादा विनाशकारी हो सकती है, जिसमें 1,400 लोगों की मौत हुई थी और जिसे लंबे समय से देश की सबसे बड़ी आपदा माना जाता रहा है।

भारत ने नेपाल भेजी राहत सामग्री की पहली खेप

भारत ने नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद राहत कार्यों के लिए 10 टन मानवीय सहायता सामग्री भेजी है। बुधवार रात सैन्य परिवहन विमान के जरिये नेपाल को राहत सामग्री की पहली खेप भेजी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेपाल के अपने समकक्ष बालेंद्र शाह से बातचीत करने के कुछ घंटे बाद राहत सामग्री भेजी गई। मोदी ने शाह को स्थिति से निपटने के लिए हरसंभव मानवीय सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। मोदी ने बातचीत के बाद सोशल मीडिया पर कहा, “इस कठिन समय में भारत के लोग नेपाल के अपने बहन-भाइयों के साथ एकजुटता से खड़े हैं।”

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने संवेदना जताई

वहीं, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने नेपाल और चीन में आई भीषण बाढ़ पर गहरा दुख जताया है। बाढ़ में कई लोगों की मौत हुई है। कई लोग लापता हैं। बड़े स्तर पर नुकसान भी हुआ है। गुटेरेस ने 'एक्स' पर लिखा कि वह बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हैं। उन्होंने घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की। उन्होंने कहा कि उनकी संवेदनाएं बाढ़ से प्रभावित सभी लोगों के साथ हैं। गुटेरेस ने कहा कि नेपाल में संयुक्त राष्ट्र सरकार की अगुवाई में चल रहे राहत अभियान में मदद कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र की टीमें और मानवीय सहायता से जुड़े संगठन बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए जरूरी सामान और कर्मचारियों को जुटा रहे हैं।

नेपाल में अचानक आई बाढ़ से भारी तबाही, ताश के पत्तों की तरह बहे घर, बिहार में अलर्ट

#nepalfloodlandslidetriggeredtibet_earthquake

तिब्बत से अचानक आए सैलाब ने पड़ोसी देश नेपाल में भारी तबाही मचा दी है। तिब्बत में बुधवार को पहले भूकंप और फिर लैंडस्लाइड की घटना घटी, जिसके कारण नेपाल में बाढ़ आ गई है। उत्तरी नेपाल के कुछ हिस्सों में आई भीषण बाढ़ के बाद भारी जान-माल के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। बाढ़ में कई गांव बह गए और एक पनबिजली बांध सहित बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है।

उत्तरी रसुवा में बड़े पैमाने पर तबाही

बुधवार तड़के नेपाल की राजधानी काठमांडू के उत्तर में स्थित रसुवा इलाक़े में बाढ़ आ गई। यह इलाक़ा तिब्बत से सटा हुआ है। पानी का यह अचानक बहाव सुबह करीब 9:00 बजे भोटे कोशी नदी में आया और फिर आगे बढ़कर त्रिशूली नदी में नुवाकोट की ओर बढ़ा। शुरुआती जानकारी के मुताबिक उत्तरी रसुवा में बड़े पैमाने पर तबाही हुई है खासकर तिमुरे बाजार इलाके, तिमुरे कस्टम ऑफिस और स्याब्रुबेसी में नुकसान हुआ है।

नुकसान की विस्तृत जानकारी जुटा रहा प्रशासन

वहीं जिला अधिकारी जान-माल और बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान की विस्तृत जानकारी जुटा रहे हैं। हाइड्रोलॉजी के विशेषज्ञों का मानना है कि पानी का यह अचानक बहाव स्थानीय बारिश के कारण नहीं बल्कि तिब्बत में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड यानी ग्लेशियर झील के फटने से आया है।

बाढ़ से भारी जान-माल के नुकसान की आशंका

नेपाल सेना ने कहा कि बाढ़ के कारण तिमुरे और स्याब्रुबेसी क्षेत्र में व्यापक तबाही हुई है, जिसमें वाहन, व्यावसायिक सामान और अन्य संपत्ति पानी में बह गई है। रसुआ के मुख्य सीमा शुल्क अधिकारी राजेंद्र ढुंगाना ने बताया कि सीमा शुल्क परिसर में रखे कई वाहन और सामान बह गए। हाल ही में निर्मित एक पुल भी नष्ट हो गया। काठमांडू से लगभग 125 किलोमीटर दूर स्थित और तिब्बत से सटे पहाड़ी जिले रसुवा की आबादी लगभग 50,000 है।

यूपी-बिहार में अलर्ट

बाढ़ का असर बिहार के सीमावर्ती इलाकों में भी देखा गया है। बिहार के चंपारण, बेतिया, गोपालगंज, मधुबनी, सीतामढ़ी जैसे जिलों के लिए अलर्ट जारी किया गया है। नेपाल से आने वाली अधिकांश नदियां इन्हीं जिलों को प्रभावित करती है। वहीं नेपाल से सटे यूपी के भी कई जिलों में अलर्ट घोषित किया गया। है।

South India's Cosmetics & Homecare Industry Is Set to Gather at Cosmetics & Homecare Ingredients Expo 2026 in Chennai

Chennai, India | July 2026:The cosmetics, personal care and homecare manufacturing industry is set to come together for the 3rd edition of the Cosmetics & Homecare Ingredients Expo, taking place on 7–8 August 2026 at the Chennai Trade Centre, Tamil Nadu. Organised by Future Market Events and co-located with Homecare Ingredients Expo and Cospack – Cosmetics Packaging Expo, the event will bring together the entire beauty and homecare value chain under one roof.

Expected to attract 6,500+ industry professionals and 165+ leading exhibitors, the two-day exhibition will showcase 1,500+ ingredients, raw materials, formulation technologies and packaging solutions, spanning cosmetic ingredients, fragrances, botanical extracts, surfactants, laboratory solutions, contract manufacturing and cosmetic packaging innovations. The expo will provide an ideal platform for buyers, manufacturers, R&D professionals, brand owners and distributors to discover the latest innovations, connect with leading suppliers and explore new business opportunities shaping the future of the industry.

The 2026 edition is supported by leading industry associations including Perfume Foundation, Standards for Essential Oils (SEOS) & Perfumo Therapy, Lanka Cosmetic & Healthcare Manufacturers' Association (LCHMA), Gujarat Small Scale Detergent Manufacturers Association, Maharashtra Small Scale Detergent & Cosmetic Manufacturers Association (MSSDETCOM), Bengal Soap & Detergent Manufacturers Welfare Association, Nepal Herbs & Products Association and the Essential Oil Association of India, reflecting the strong industry support behind the event.

Highlights of the 2026 Edition

The Cosmetics & Homecare Ingredients Summit 2026 will feature thought-provoking sessions on formulation innovation, sustainability, regulatory developments, consumer trends and the future of home and personal care under the theme, "The Next Frontier for Home & Personal Care: Charting the Course for Innovation and Quality." And will feature distinguished speakers including R. Rajagopal (Aravind Laboratories), Dr. Renuka Thergaonkar (R&D Global Consultants), Manish Motwani (Mintel), Moushami Teredesai (Robertet India), Dr. Rajeev Churi (OTAI), Vinay Shakti Shukla (Fragrance & Flavour Development Centre), Oscar Pereira (CodeSkin) and Arvind Jayaram (Viridis Personal Care), along with several other industry leaders.

Visitors can also explore the Innovation Zone & Awards, where companies will showcase breakthrough ingredients, formulation technologies and product innovations while celebrating excellence across the cosmetics and homecare sector. Hands-on Workshops on serum formulation and bio-enzyme cleaning solutions will provide practical learning and valuable technical insights for formulators, entrepreneurs and R&D professionals.

 

Leading Industry Brands Under One Roof

The exhibition floor will feature participation from leading ingredient manufacturers, formulation specialists and packaging solution providers. Exhibitors include companies such as DKSH, Cellupro Green, Viridis Personal Care, Chemspark, D Roots, IVAS, Madura Herbal, and several other leading brands from India and overseas, offering visitors direct access to innovative raw materials, formulation solutions and manufacturing technologies.

Mr Anuj Mathur added "The cosmetics and homecare industry continues to evolve with changing consumer expectations and rapid product innovation. Cosmetics & Homecare Ingredients Expo has grown into a platform where businesses can discover new ingredients, exchange ideas and build lasting partnerships. This edition will offer even more opportunities to learn, connect and explore innovations, and we look forward to welcoming the industry to Chennai this August."

About Future Market Events:

Future Market Events is a leading B2B exhibition organizer in India, dedicated to connecting businesses through industry-focused trade shows, conferences, and networking platforms. The company organizes exhibitions across sectors including manufacturing, logistics, packaging, food processing, cosmetics, pharmaceuticals and industrial technologies, bringing together exhibitors, buyers, industry experts and policymakers to foster innovation, business growth and collaboration.

For more information, please follow Cosmetics Ingredients Expo, Homecare Ingredients Expo and Cospack Expo

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