नालासोपारा के भाजपा युवा नेता अमित दुबे का जौनपुर में सम्मान
जौनपुर। जौनपुर की यात्रा पर आए नालासोपारा के युवा भाजपा नेता तथा सुप्रसिद्ध समाजसेवी अमित ओमप्रकाश दुबे का आज घनश्यामपुर बाजार में गणमान्य लोगों द्वारा सम्मान किया गया। वरिष्ठ समाजसेवी कमला प्रसाद तिवारी बड़े बाबू ने धार्मिक अंगवस्त्र से उनका सम्मान किया। इस अवसर पर उपस्थित प्रमुख लोगों में पूर्व प्रधान रामजियावन  तिवारी, पूर्व प्रधानाचार्य रामानंद पांडे, वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, प्रिंसिपल डॉ. विनोद मिश्रा, प्रवक्ता डॉ विजय शंकर तिवारी, राधेश्याम दुबे, राजेश सिंह, देवरिया के समाजसेवी गोपाल दुबे समेत अनेक लोग उपस्थित रहे। अमित दुबे की भाभी स्नेहा दुबे भाजपा की विधायक हैं। उन्होंने पिछले चुनाव में बाहुबली विधायक हितेंद्र ठाकुर को पराजित किया था। अमित दुबे ने दिए गए सम्मान के लिए सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने सभी को नालासोपारा आने के लिए आमंत्रित किया। घनश्यामपुर के बाद अमित दुबे पास के कुशहा गांव निवासी तथा समरत्थी दिव्यांग विद्यालय के संचालक अजय सिंह के घर पर एकादशाह कार्यक्रम में शामिल हुए।
शिक्षकों को स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब, डिजिटल पुस्तकालय और आईएफपी पैनल के प्रभावी उपयोग की जानकारी देने के लिए योगी सरकार ने जारी किए चार वीडियो
- समग्र शिक्षा के माध्यम से विद्यालयों में आधुनिक तकनीक से शिक्षण को अधिक सहज, रोचक और प्रभावी बनाने पर जोर

- शिक्षकों को डिजिटल संसाधनों के उपयोग की जानकारी देने के लिए चार मार्गदर्शी वीडियो जारी

- उपलब्ध डिजिटल संसाधनों का कक्षा-शिक्षण में दैनिक उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश

- विद्या समीक्षा केंद्र के माध्यम से डिजिटल संसाधनों के उपयोग की होगी समीक्षा

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार विद्यालयी शिक्षा को आधुनिक तकनीक से सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है। इसी क्रम में समग्र शिक्षा के अंतर्गत उच्च प्राथमिक, कंपोजिट एवं पीएम श्री विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब, डिजिटल पुस्तकालय और आईएफपी पैनल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन संसाधनों के प्रभावी उपयोग के लिए राज्य परियोजना कार्यालय ने चार गाइड वीडियो तैयार कर विभागीय यूट्यूब चैनल ‘निपुण भारत उत्तर प्रदेश’ पर उपलब्ध कराए हैं।

इधर, अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने निर्देश दिए हैं कि स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब, डिजिटल पुस्तकालय और आईएफपी पैनल के उपयोग संबंधी गाइड वीडियो सभी शिक्षक देखें और उपलब्ध डिजिटल संसाधनों का कक्षा-शिक्षण में दैनिक उपयोग सुनिश्चित करें। ज्ञात हो कि इस पहल से तकनीक आधारित शिक्षण को गति देने और विद्यार्थियों के लिए सीखने की प्रक्रिया को अधिक सहज, रोचक एवं प्रभावी बनाने का लक्ष्य है।

शिक्षकों के लिए डिजिटल संसाधनों के दैनिक उपयोग के निर्देश

राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने संयुक्त निदेशक, सहायक निदेशक, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, एसआरजी एवं एआरपी को निर्देश दिए हैं कि सभी शिक्षक जारी किए गए चारों गाइड वीडियो देखें। जिन विद्यालयों में आईसीटी संसाधन उपलब्ध हैं, वहां उनका कक्षा-शिक्षण में दैनिक उपयोग सुनिश्चित कराया जाए। इस कार्य की समीक्षा विद्या समीक्षा केंद्र के माध्यम से की जाएगी।

चार गाइड वीडियो से शिक्षकों को मिलेगी डिजिटल संसाधनों के प्रभावी उपयोग की जानकारी

इन वीडियो के माध्यम से शिक्षकों को स्मार्ट क्लास के फीचर्स एवं उपयोग, आईसीटी लैब के जरिए कक्षा-शिक्षण, डिजिटल पुस्तकालय से सीखने के अवसर और आईएफपी पैनल के प्रभावी उपयोग की जानकारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य डिजिटल संसाधनों के उपयोग को प्रोत्साहित कर कक्षा-शिक्षण को अधिक रोचक, सहभागितापूर्ण और प्रभावी बनाना है।

इन लिंक्स पर जानकारी प्राप्त कर सकेंगे शिक्षक

स्मार्ट क्लास: https://youtu.be/gxxqr79-mds?feature=shared

आईसीटी लैब: https://youtu.be/L-k9ils5opA?feature=shared

डिजिटल पुस्तकालय: https://youtu.be/Bt6JVv42HsY?feature=shared

आईएफपी पैनल का सफल उपयोग: https://youtu.be/0ADaSMjVOXM?feature=shared
सुल्तानपुर : 10 साल का हिसाब दे अनुप संडा, मैंने साढ़े चार साल में किए काम का हिसाब बता दिया- विनोद सिंह*

*सुल्तानपुर।* धनपतगंज क्षेत्र में आयोजित राजनैतिक/सामाजिक समागम में पूर्व मंत्री एवं विधायक विनोद सिंह ने मंच से विपक्ष पर निशाना साधा।

विनोद सिंह ने कहा कि आज इस मंच पर अनुप चंदा जी बैठे हैं। वो बैठे हैं और मैं भी बैठा हूँ। वो 10 साल का हिसाब बता दें कि उन्होंने इस क्षेत्रवासियों के लिए क्या किया है? मैंने आपके सामने पढ़कर बता दिया कि साढ़े चार वर्षों में कितना काम हुआ है। अभी समय 4 महीने का बाकी है और कार्य होगा।

उन्होंने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि मेरा बयान यह था कि जो बाबा के जमाने में अपराध करेगा उसकी जगह जेल है। मैंने कभी भी गुरुओं के चरणों में हस्तक्षेप नहीं किया। मैंने यही सलाह दी कि दोनों पक्ष बैठ जाएं, बातचीत करें, संवाद से समाधान हो जाएगा।

अंत में उन्होंने कहा कि आज वक्त आ गया है, जिसने उत्तर प्रदेश को उत्तर प्रदेश बनाया है, महाराज योगी बाबा को तीसरी बार मुख्यमंत्री बनाने का समय आ गया है।

मंच पर पीछे भाजपा के बैनर लगे थे जिस पर पीएम मोदी, सीएम योगी के साथ राजनैतिक मंच लिखा - हार्दिक स्वागत।

*मंच से बोले -विनोद सिंह, पूर्व मंत्री एवं विधायक, सुल्तानपुर*

> आज इस मंच पे अनुप चंदा जी बैठे हैं, मैं बैठा हूँ। वो दस साल बता दें कि उन्होंने इस क्षेत्रवासियों के लिए क्या किया है। मैंने आपके सामने पढ़ के बता दिया कि साढ़े चार वर्षों में काम हुआ है। समय है चार महीने का और कार्य होगा।

> हालांकि मेरा बयान ये था कि जो बाबा के जमाने में अपराध करेगा उसकी जगह जेल है। मैंने कभी भी गुरुओं के चरणों में हस्तक्षेप नहीं किया। मैंने यही सलाह दी दोनों पक्ष बैठ जाएँ, बातचीत कीजिए, संवाद से समाधान हो जाएगा।

> आज वक्त आ गया है, जिसने उत्तर प्रदेश को उत्तर प्रदेश बनाया है, महाराज योगी बाबा को तीसरी बार मुख्यमंत्री बनाने का समय आ गया है।
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने जाैनपुर किया 3650 करोड़ रुपये की आठ परियोजनाओं का भूमि पूजन व लोकार्पण

जौनपुर। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार काे जाैनपुर में 3650 करोड़ रुपये की आठ राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की बड़ी सौगात दी। इनमें 3210 करोड़ रुपये की तीन बड़ी सड़क परियोजनाओं का लोकार्पण और 509 करोड़ रुपये की पांच परियोजनाओं का शिलान्यास किया । इन परियोजनाओं से जिले में सड़क कनेक्टिविटी बेहतर होने के साथ आसपास के जिलों और प्रमुख शहरों तक आवागमन आसान हो जायगा।

केंद्रीय मंत्री गडकरी गुरुवार काे दाेपहर मुंगरा बादशाहपुर स्थित सार्वजनिक इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में इन सभी परियाेजनाओं का लाेकार्पण व शिलान्यास किया। इस अवसर पर आयाेजित कार्यक्रम काे संबाेधित किया। इस कार्यक्रम में प्रदेश के खेलमंत्री गिरीश यादव व अन्य सांसद व विधायक उपस्थित रहे। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि अपने मंत्रालय की विभिन्न परियाेजनाओं का विस्तार से जिक्र किया। उन्हाेंने उप्र में किये जा रहे विकास कार्याें का जिक्र किया। उन्हाेंने जाैनपुर में मुंगरा बादशाहपुर बाइपास का शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं का हुआ शिलान्यास

मुंगराबादशाहपुर बाईपास का निर्माण 4 किमी लम्बा 198 करोड़ रुपए की लागत जो कोदहूं के समीप से शुरू होकर मुंगराबादशाहपुर नगर को बाईपास करते हुए नौवाडांडी के निकट राष्ट्रीय राजमार्ग पर समाप्त होगा। इस परियोजना को 22 सितंबर 2027 में पूर्ण किया जाना है। यह दो लेन पेव्ड शोल्डर सहित होगा। इसपर एक आरओबी, एक लघु सेतु और 2 एल वी यूपी दो होंगे। वाजिदपुर से पचहटिया तक फोरलेन चौड़ीकरण होना है। 5 किलोमीटर दूरी में फोर लेन के निर्माण में 75 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसे 31 मार्च 2028 तक पूर्ण किया जाना है। कुत्तूपुर तिराहे से सरायख्वाजा तक फोर लेन सड़क बनाई जाएगी। 12 किमी की इस सड़क के निर्माण में 128 करोड़ रुपये खर्च होगें। इसे 31 दिसंबर 2028 तक पूर्ण किया जाएगा। इसमें दो लेन और चार लेन की सड़क होगी। मड़ियाहूं में 92 करोड़ से दो लेन में 1.5 किमी लम्बा मड़ियाहूं नगर में रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का निर्माण 30 जून 2028 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है।रामदयालगंज में सई नदी पर दो लेन में 0.227 किमी ब्रिज का निर्माण 16 करोड़ रुपये की लागत से 29 सितंबर 2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है।तीन सड़क परियोजनाओं का किये लोकार्पण केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी तीन सड़क परियोजनाओं का लोकार्पण कुल 3210 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इन परियोजनाओं से जौनपुर, भदोही, रायबरेली और प्रयागराज के बीच आवागमन आसान होगा। सड़क चौड़ीकरण के साथ फ्लाईओवर, रेलवे ओवरब्रिज, सेतु और अंडरपास बनाए गए हैं। इससे यात्रियों को जाम से राहत मिलने के साथ सफर का समय भी कम होगा। मछलीशहर, जंघई, दुर्गागंज होते हुए भदोही तक दो लेन सड़क 627 करोड़ की लागत से 49 किमी इस सड़क पर तीन आरओबी, 10 लघु सेतु, 2 वीयूपी और 69 कलवर्ट बनाए गए हैं। इसी तरह रायबरेली-प्रयागराज का 63 किमी की फोर लेन चौड़ीकरण का निर्माण 1505 करोड़ की लागत से किया गया है। वहीं जगतगंज ,बाबूगंज, ऊंचाहार होते हुए अलापुर तक 24 किमी का फोर लेन बाईपास का 1078 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण किया गया है। जिले से गुजरे इस फोर लेन से सबसे बड़ा फायदा लखनऊ से रायबरेली के रास्ते प्रयागराज की ओर आने वाले यात्रियों को मिलेगा। साढ़े तीन से चार घंटे लगने वाला समय अब ढाई घंटे में पूरा हो सकता है।
फल-सब्जियों के प्रसंस्करण से देश की अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती : सुप्रिया राय
जौनपुर। कृषि उत्पादों का प्रसंस्करण और उनमें मूल्य संवर्धन किसानों की आर्थिक उन्नति के साथ देश की अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती दे सकता है। भारत फल और सब्जियों के उत्पादन में दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल है। ऐसे में आधुनिक तकनीक के माध्यम से कृषि उपज को प्रसंस्कृत कर वैश्विक बाजार तक पहुंचाना समय की मांग है। यह बातें रामनगर इंडस्ट्रियल एरिया फेज-वन स्थित फूड प्रोसेसिंग यूनिट आयुकृति ऑर्गेनिक की प्रबंध निदेशक सुप्रिया राय ने कहीं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में वैश्विक बाजार में रसायन रहित और पौष्टिक खाद्य पदार्थों की मांग तेजी से बढ़ रही है। किसानों की उपज का बेहतर मूल्य दिलाने और लोगों तक पौष्टिक खाद्य सामग्री पहुंचाने के लिए खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा देना जरूरी है।
आयुकृति ऑर्गेनिक में भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, वाराणसी के वरिष्ठ वैज्ञानिकों, शोधार्थियों और खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में रुचि रखने वाले नव उद्यमियों ने औद्योगिक भ्रमण किया। इस दौरान वरिष्ठ वैज्ञानिक स्वाति शर्मा ने डिहाइड्रेशन तकनीक की उपयोगिता और संभावनाओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बाजार में डिहाइड्रेटेड खाद्य सामग्रियों की मांग लगातार बढ़ रही है। खाद्य पदार्थों को सुरक्षित रखने और उनकी उपलब्धता लंबे समय तक बनाए रखने में यह तकनीक महत्वपूर्ण है। डिहाइड्रेशन की विभिन्न विधियों में इलेक्ट्रिक हीट आधारित ड्रायर एक उपयोगी तकनीक है। उन्होंने कहा कि किसानों से उपज खरीदने से लेकर अंतिम उत्पाद तैयार करने तक गुणवत्ता और तकनीकी मानकों का पालन किया जाए तो निर्यात बाजार में भी बेहतर मूल्य प्राप्त किया जा सकता है। इस अवसर पर प्लांट के मैनेजर ऑपरेशंस अतुल प्रकाश जायसवाल ने सभी आगंतुकों को फैक्ट्री का भ्रमण कराया। उन्होंने आधुनिक मशीनों की कार्यप्रणाली, प्रसंस्करण की प्रक्रिया और उत्पादन की तकनीकी बारीकियों से अवगत कराया।
बताया गया कि आयुकृति ऑर्गेनिक पूर्वांचल का एकमात्र वाणिज्यिक डिहाइड्रेशन प्लांट है। यहां फल, सब्जियों और विभिन्न प्रकार की पत्तियों को आधुनिक तकनीक से सुखाकर पाउडर के रूप में संरक्षित किया जाता है।
प्रबंध निदेशक सुप्रिया राय ने कहा कि संस्थान का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और आम लोगों तक पौष्टिक खाद्य उत्पाद पहुंचाना है। खाद्य प्रसंस्करण के माध्यम से स्थानीय कृषि उपज को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के साथ रोजगार और उद्यमिता की नई संभावनाएं भी विकसित की जा सकती हैं।
दीपोत्सव में स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत कवच, 12 स्थानों पर एंबुलेंस तैनात
-राम की पैड़ी से कनक भवन तक एंबुलेंस, हर प्रमुख स्थल पर मिलेगी आपात चिकित्सा सहायता

-12 निजी अस्पतालों में पांच-पांच बेड आरक्षित, जरूरत पड़ने पर तत्काल उपचार की व्यवस्था

-स्वास्थ्य विभाग का मेला कंट्रोल रूम सक्रिय, आपात स्थिति में 8881004894 पर करें संपर्क

अयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और मार्गदर्शन में दीपोत्सव 2026 में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर व्यापक चिकित्सा व्यवस्था की गई है। दीपोत्सव के दौरान लाखों लोगों की संभावित भीड़ को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने प्रमुख आयोजन स्थलों पर एंबुलेंस तैनात करने के साथ मोबाइल चिकित्सा टीमों और अस्पतालों में उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की है। आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए मेला कंट्रोल रूम और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के संपर्क नंबर भी जारी किए गए हैं, ताकि किसी भी श्रद्धालु को इलाज के लिए भटकना न पड़े।

प्रमुख स्थलों पर एंबुलेंस, 12 स्थानों पर तैनाती

दीपोत्सव के दौरान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से 12 प्रमुख स्थलों पर एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है। इनमें लक्ष्मण किला, भजन संध्या स्थल, चौधरी चरण सिंह घाट, नागेश्वरनाथ, वीणा चौराहा (लतामंगेशकर चौक), कारसेवकपुरम, हनुमानगढ़ी, हनुमानगुफा, साकेत पेट्रोल पंप, श्रीराम जन्मभूमि (परिकोटा), कनक भवन मंदिर परिसर और कंट्रोल रूम शामिल हैं। इन स्थलों पर तैनात एंबुलेंस के माध्यम से श्रद्धालुओं को जरूरत पड़ने पर तत्काल चिकित्सा सहायता और अस्पताल पहुंचाने की सुविधा मिलेगी।

12 निजी अस्पतालों में पांच-पांच बेड आरक्षित

आपात स्थिति में सरकारी चिकित्सा केंद्रों के साथ निजी अस्पतालों में भी उपचार उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी की ओर से जारी आदेश के अनुसार अयोध्या के 12 निजी चिकित्सालयों में पांच-पांच बेड आरक्षित रखे जाएंगे। इनमें अग्रिम हॉस्पिटल, हर्षण हृदय संस्थान, झुनझुनवाला हॉस्पिटल, देवा मेमोरियल मेडिकल सर्जिकल मैटरनिटी नर्सिंग होम, निर्मला हॉस्पिटल एंड मैटरनिटी सेंटर, दिव्य हॉस्पिटल, सोना हॉस्पिटल, जगत हॉस्पिटल, मेडिसिटी सुपरस्पेशियलिटी हॉस्पिटल, चिरंजीव हॉस्पिटल, गोमती हॉस्पिटल तथा संजाफी हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर शामिल हैं। इन अस्पतालों में आकस्मिक चिकित्सा के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने और मरीजों को तत्काल उपचार देने के निर्देश दिए गए हैं।

राम की पैड़ी पर मोबाइल टीमें, निर्धारित समय में मिलेगी सहायता

मेला क्षेत्र में मोबाइल चिकित्सा टीमों की तैनाती भी की गई है। राम की पैड़ी सहित प्रमुख आयोजन स्थलों पर मोबाइल टीमों के जरिए श्रद्धालुओं को प्राथमिक उपचार और आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इन टीमों के लिए निर्धारित समयानुसार ड्यूटी व्यवस्था बनाई गई है, जिससे दिन और रात के विभिन्न समय में चिकित्सा सहायता उपलब्ध रहे। मोबाइल टीमों के साथ चिकित्सा कर्मियों की तैनाती और समन्वय के जरिए मरीजों को आवश्यकता पड़ने पर आगे के उपचार के लिए अस्पताल भेजने की व्यवस्था भी रहेगी।

आपात स्थिति में इन नंबरों पर करें संपर्क

दीपोत्सव के दौरान किसी श्रद्धालु या पर्यटक को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर मेला स्वास्थ्य कंट्रोल रूम के नंबर 8881004894 पर संपर्क किया जा सकता है। मेला अधिकारी (स्वास्थ्य) डॉ. राममणि शुक्ला के मोबाइल नंबर 9451085935 पर भी सहायता के लिए संपर्क किया जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों और चिकित्सा कर्मियों को आपसी समन्वय के साथ आकस्मिक चिकित्सा व्यवस्था सुदृढ़ रखने के निर्देश दिए हैं।

जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने बताया कि दीपोत्सव में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा एवं सुविधा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। चिकित्सा व्यवस्था को लेकर सभी संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। एंबुलेंस, मोबाइल चिकित्सा टीमों और अस्पतालों में आरक्षित बेड के माध्यम से किसी भी आपात स्थिति में तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। श्रद्धालुओं को किसी भी स्वास्थ्य संबंधी परेशानी में निर्धारित चिकित्सा केंद्रों और हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग करना चाहिए।
शिक्षक भर्ती मामला : अभ्यर्थियों ने बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास पर किया प्रदर्शन

- 66 दिनों से धरना जारी, वार्ता नहीं होने पर जताई नाराजगी, पुलिस पर बर्बरता का आरोप

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 68,500 सहायक अध्यापक भर्ती-2018 में कथित तौर पर आरक्षण विसंगति दूर करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों ने गुरुवार को बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास का घेराव कर प्रदर्शन किया। पिछले 66 दिनों से धरना दे रहे सैकड़ों अभ्यर्थियों ने नारेबाजी करते हुए मंत्री से मुलाकात और वार्ता की मांग की। हालांकि, काफी देर इंतजार के बाद भी वार्ता न होने पर अभ्यर्थियों ने नाराजगी जताई।

आंदोलनकारी अभ्यर्थियों का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में कथित तौर पर अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को आरक्षण का समुचित लाभ नहीं दिया गया। इस संबंध में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की ओर से परिणाम संशोधित कर पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की संस्तुतियां की जा चुकी हैं, लेकिन शासन स्तर पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे तूफान सिंह और आशुतोष वर्मा ने कहा कि पूर्व में मंत्री आवास पर हुई बैठक में मुख्यमंत्री और कैबिनेट स्तर पर वार्ता कर जल्द निर्णय लेने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई पहल नहीं हुई। महिला मोर्चा प्रमुख रंजना जायसवाल ने कहा कि महिला अभ्यर्थी परिवार छोड़कर 66 दिनों से धरने और भूख हड़ताल पर हैं, लेकिन उनकी पीड़ा सुनने वाला कोई नहीं है।

प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने अभ्यर्थियों को हटाकर बसों से ईको गार्डन भेज दिया। अभ्यर्थियों ने पुलिस पर घसीटने और मारपीट करने का आरोप लगाया। इस दौरान भूख हड़ताल पर बैठे दीपक पटेल की तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया।

अभ्यर्थियों ने कहा कि आरक्षण विसंगति दूर कर पात्र अभ्यर्थियों को न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन में विनोद प्रजापति, अजीत लोधी, नसीम, सच्चिदानंद, राम प्रवेश, कुसुम, सुमन, इकबाल, चंद्र प्रकाश पटेल, प्रतिमा कुशवाहा और इशिता पाल समेत बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शामिल रहे।
डी मोनफोर अकादमी में अंतर-सदनीय अंग्रेजी प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित

छह चरणों में विद्यार्थियों ने परखी अंग्रेजी व्याकरण की समझ, ज्ञान और त्वरित उत्तर देने की क्षमता

रामराज (मेरठ)। डी मोनफोर अकादमी में विद्यार्थियों के अंग्रेजी व्याकरण संबंधी ज्ञान को बढ़ावा देने और उनकी भाषाई दक्षता विकसित करने के उद्देश्य से अंतर-सदनीय अंग्रेजी प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यालय के विभिन्न सदनों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।

प्रतियोगिता में छह रोचक चरण रखे गए। इनमें अंग्रेजी व्याकरण के विभिन्न विषयों से संबंधित प्रश्न पूछे गए। विद्यार्थियों ने अपनी ज्ञान क्षमता, तार्किक सोच, आत्मविश्वास और त्वरित उत्तर देने की प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों में एक-दूसरे से बेहतर प्रदर्शन करने का उत्साह दिखाई दिया।

विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. समीर वर्मा ने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों के ज्ञान में वृद्धि करने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास और तार्किक क्षमता का विकास करती हैं।

निर्देशिका डॉ. गरिमा वर्मा ने कहा कि अंग्रेजी भाषा पर अच्छी पकड़ बनाने के लिए व्याकरण का ज्ञान बेहद जरूरी है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को नई चीजें सीखने के लिए प्रेरित करते हैं।

विद्यालय के निदेशक डॉ. केके शर्मा ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण व्यक्तित्व का विकास करना भी है।

उप प्रधानाचार्या श्रीमती रितु चिकारा ने कहा कि इस तरह की गतिविधियों से विद्यार्थियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, टीम भावना और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता विकसित होती है।

प्रतियोगिता का समापन उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। विद्यालय प्रबंधन ने सभी प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
वाराणसी : खालिस्तान नेशनल आर्मी ने दिवाली पर काशी को बम से उड़ाने की ई मेल से दी धमकी, स्कूलों और मंदिरों की सुरक्षा बढ़ी
लखनऊ, वाराणसी। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी (काशी) में दीपावली पर्व के दौरान बम विस्फोट की धमकी मिलने से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। खालिस्तान नेशनल आर्मी के नाम से बुधवार शाम वाराणसी नगर निगम के आधिकारिक ई-मेल पर धमकी भरा संदेश भेजा गया। इसमें दीपावली के अवसर पर काशी में विस्फोट करने की धमकी दी गई है।

धमकी भरा ई-मेल मिलने के बाद नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ कमिश्नरेट पुलिस भी सतर्क हो गई है। अधिकारियों के निर्देश पर शहर के संवेदनशील और प्रमुख संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। सुरक्षा के मद्देनजर काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू), केंद्रीय विद्यालय, नगर निगम मुख्यालय और प्रमुख मंदिरों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। वहीं, नगर निगम मुख्यालय को उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सिगरा पुलिस ने परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी है। यहां आने-जाने वाले लोगों पर नजर रखी जा रही है और संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी की जा रही है।

धमकी भरे ई-मेल के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मामले की गंभीरता से जांच कर रही हैं। फिलहाल शहर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बताया कि वाराणसी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पहले से ही अलर्ट जारी किया गया था। धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियों को और अधिक सतर्क कर दिया गया है। शहर के सभी संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ाने के साथ ही लगातार गश्त की जा रही है। वहीं, साइबर सेल की टीम ईमेल भेजने वाले अज्ञात व्यक्ति की पहचान करने और उसकी लोकेशन ट्रेस करने में जुटी है। सुरक्षा के मद्देनजर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर, प्रमुख घाटों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस बल तैनात कर सघन चेकिंग की जा रही है। नगर निगम मुख्यालय और मेयर कार्यालय समेत विभिन्न महत्वपूर्ण प्रशासनिक दफ्तरों में एंटी-सबोटेज टीम के साथ चेकिंग अभियान चलाया गया। शैक्षणिक संस्थानों को भी एहतियात के तौर पर सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

धनतेरस पर्व पर अन्नपूर्र्णा मठ मंदिर में आधी रात के बाद उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए पुलिस अफसर वहां की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अलर्ट है। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार और पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने अन्नपूर्णा मंदिर में पहुंच कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और मंहत शंकरपुरी से मिलकर मंदिर प्रबंधन के सुरक्षा प्रबंध की जानकारी ली और इसके बाद मातहत अफसरों को आवश्यक दिशा निर्देश भी दिया।

वाराणसी के पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने बताया कि खालिस्तान नेशनल आर्मी के ईमेल में 8 नवंबर दीपावली के दिन बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, केंद्रीय विद्यालय, सेंट्रल हिंदू स्कूल, नगर निगम कार्यालय और प्रमुख मंदिरों को धमाके से उड़ाने की धमकी दी गई है।
साहित्य युवाओं को दिशा देता है और मानवीय मूल्यों का संवाहक है – प्रो. निशा सिंह
राणा प्रताप पीजी कॉलेज के अंग्रेजी विभाग में ‘साहित्य और युवा : बदलते मूल्य एवं विचार’ विषय पर कक्षा सेमिनार का आयोजन


सुलतानपुर। राणा प्रताप पीजी कॉलेज, सुलतानपुर के अंग्रेजी विभाग में ‘साहित्य और युवा : बदलते मूल्य एवं विचार’ विषय पर कक्षा सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में महाविद्यालय की उपप्राचार्य एवं अंग्रेजी विभागाध्यक्ष प्रो. निशा सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि साहित्य समाज में परीक्षित होता है और समाज की वास्तविक परिस्थितियों, विचारों तथा मूल्यों को प्रतिबिंबित करता है। साहित्य युवाओं को दिशा दिखाने के साथ उनके विचारों को परिष्कृत करता है तथा जीवन की चुनौतियों से जूझने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि साहित्य केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि तनाव मुक्ति, वैचारिक परिपक्वता और मानवीय संवेदनाओं के विकास का सशक्त साधन है।
प्रो. निशा सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया और आधुनिकता के नाम पर युवाओं के समक्ष अनेक ऐसी प्रवृत्तियां प्रस्तुत की जा रही हैं, जो उनके मानसिक तनाव को बढ़ाने के साथ-साथ सामाजिक एवं नैतिक मूल्यों को भी प्रभावित कर रही हैं। आज अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर कभी-कभी असम्मानजनक भाषा और नकारात्मक विचारों को प्रोत्साहित किया जाता है। उन्होंने कहा कि यह विचार करना आवश्यक है कि युवा पीढ़ी में इस प्रकार की प्रवृत्तियां क्यों विकसित हो रही हैं। हमारा साहित्य हमें ऐसा आचरण नहीं सिखाता। वेद, पुराण, रामचरितमानस तथा भारतीय प्राचीन साहित्य में सदैव मर्यादा, सदाचार, करुणा, सम्मान और लोककल्याण का संदेश दिया गया है।
उन्होंने कहा कि आधुनिकता का अर्थ अपनी सांस्कृतिक जड़ों से विमुख होना नहीं, बल्कि परंपरा के श्रेष्ठ मूल्यों को आत्मसात करते हुए विवेकपूर्ण ढंग से आगे बढ़ना है। आज युवाओं को ऐसे साहित्य की आवश्यकता है, जो उन्हें जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण प्रदान करे और राष्ट्र एवं समाज के प्रति उनके दायित्वों का बोध कराए। भारतीय साहित्य के साथ-साथ विश्व साहित्य के महान साहित्यकारों ने भी सदैव मानवता, नैतिकता और सामाजिक चेतना को अपनी रचनाओं के माध्यम से अभिव्यक्त किया है। शेक्सपियर, जॉन मिल्टन और पी.बी. शेली जैसे साहित्यकारों की रचनाएं आज भी युवाओं को प्रेरित करती हैं। साहित्य का मूल उद्देश्य समाज और राष्ट्र को सही दिशा देकर मानवता का कल्याण करना है।
कार्यक्रम में अंग्रेजी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अनादि मिश्रा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि साहित्य युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण का महत्वपूर्ण आधार है। साहित्य के अध्ययन से विद्यार्थियों में आलोचनात्मक चिंतन, संवेदनशीलता, तार्किक क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास होता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे साहित्य को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखें, बल्कि उसे अपने जीवन और व्यवहार का हिस्सा बनाएं। सेमिनार में विद्यार्थियों ने भी विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। आकृति सिंह ने साहित्य को जीवन मूल्यों का आधार बताया, जबकि शशि प्रभा ने कहा कि साहित्य युवाओं को सही और गलत के बीच अंतर समझने की क्षमता प्रदान करता है। अंजलि तिवारी ने साहित्य को सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बताया। सोमांशी शुक्ला ने कहा कि साहित्य युवाओं में सकारात्मक सोच विकसित करता है। सूर्यांश ने साहित्य को व्यक्तित्व निर्माण का महत्वपूर्ण साधन बताया। संध्या मौर्य ने कहा कि साहित्य युवाओं को जीवन की चुनौतियों का सामना करने की प्रेरणा देता है। आदर्श विश्वास ने साहित्य को समाज की वास्तविकताओं का प्रतिबिंब बताया। आर्या मिश्रा ने कहा कि साहित्य के माध्यम से युवाओं में मानवीय संवेदनाओं का विकास होता है। रीतू शुक्ला ने साहित्य को नैतिक मूल्यों का संवाहक बताया, जबकि गौरव गौड़ ने कहा कि साहित्य युवाओं को सामाजिक एवं राष्ट्रीय दायित्वों के प्रति जागरूक करता है। संध्या यादव ने साहित्य को जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाला माध्यम बताया। जैनब फातिमा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि साहित्य युवाओं को अपनी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य करता है। आज के डिजिटल युग में साहित्य का अध्ययन युवाओं को विवेकपूर्ण सोच, संवेदनशीलता और आत्मचिंतन की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि साहित्य के माध्यम से युवा अपनी पहचान को समझते हुए समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकते हैं। कार्यक्रम का संचालन बी.ए. प्रथम सेमेस्टर की छात्रा जैनब फातिमा ने किया। इस अवसर पर बी ए अंग्रेजी  प्रथम, तृतीय और पंचम सेमेस्टर के विद्यार्थी उपस्थित रहे।