मऊ में बैंक सखी रेनू मौर्य का हार्ट अटैक से निधन, 70 स्वयं सहायता समूहों का कराया था गठन; तीन बेटियों के सिर से उठा मां का साया
मऊ। दोहरीघाट ब्लॉक में कार्यरत बैंक सखी रेनू मौर्य का हार्ट अटैक से निधन हो गया। वह यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की अमिला शाखा में कार्यरत थीं और गोफा गांव की निवासी थीं। उनके निधन की खबर से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं और कर्मचारियों में शोक की लहर दौड़ गई।

रेनू मौर्य ने अपने कार्यक्षेत्र में करीब 70 स्वयं सहायता समूहों का गठन कराया था। वह महिलाओं को समूहों से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और स्वरोजगार के लिए लगातार प्रेरित करती थीं। उनके प्रयासों से बड़ी संख्या में महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ीं।

मंगलवार को बड़राव ब्लॉक परिसर में शोकसभा आयोजित की गई। इसमें सुधांशु, ब्लॉक के कर्मचारी, समूह सखियां और बैंक सखियां शामिल हुईं। सभी ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत रेनू मौर्य को श्रद्धांजलि अर्पित की।

रेनू मौर्य अपने पीछे तीन बेटियां छोड़ गई हैं। उनकी बड़ी बेटी 13 वर्ष, दूसरी 8 वर्ष और सबसे छोटी बेटी महज 4 वर्ष की है। परिवार की आजीविका का मुख्य सहारा रेनू मौर्य ही थीं।

शोकसभा में मौजूद लोगों ने उनके सामाजिक योगदान और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए किए गए प्रयासों को याद किया। उनके निधन को स्वयं सहायता समूहों से जुड़े परिवारों और क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
मऊ: ताजोपुर सिंधी कुटी मंदिर के सामने सात महीने से खराब पड़ीं हाईमास्ट लाइटें, हादसों का खतरा

मऊ। शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल एनएच-29 पर ताजोपुर स्थित सिंधी कुटी मंदिर के सामने नगर पालिका की लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां करीब सात महीने से चार से पांच हाईमास्ट लाइटें जर्जर अवस्था में पड़ी हुई हैं, लेकिन अब तक उनकी मरम्मत नहीं कराई गई है।

एनएच-29 पर दिन-रात छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन लगा रहता है।

इसके बावजूद सड़क के इस हिस्से में हाईमास्ट लाइटें खराब होने के कारण अंधेरा छाया रहता है। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही अंधेरे के चलते दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग से जिले के तमाम अधिकारी और जनप्रतिनिधि गुजरते हैं, लेकिन लंबे समय से खराब पड़ी लाइटों की ओर किसी का ध्यान नहीं जा रहा है। कर्मचारियों को कई बार समस्या से अवगत कराने के बावजूद मरम्मत नहीं कराई गई।

इस संबंध में नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी से फोन पर संपर्क कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन फोन नहीं उठाया गया और न ही वापस कॉल की गई।

अब सवाल यह है कि आखिर जिम्मेदार अधिकारियों की नजर इस समस्या पर कब पड़ेगी? क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही नगर पालिका प्रशासन इन खराब लाइटों की सुध लेगा? स्थानीय लोगों ने जल्द से जल्द हाईमास्ट लाइटों की मरम्मत कराकर प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है।
धनतेरस से छठ तक लखनऊ में सुरक्षा का सख्त पहरा, बाजारों से लेकर गलियों तक पुलिस की रहेगी नजर

लखनऊ। धनतेरस, दीपावली, भैया दूज और छठ पर्व को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के लिए लखनऊ पुलिस ने व्यापक सुरक्षा तैयारियां शुरू कर दी हैं। पुलिस आयुक्त तरुण गाबा ने उच्चाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर कानून-व्यवस्था, पुलिस गश्त, अपराध नियंत्रण और यातायात प्रबंधन को लेकर कड़े निर्देश दिए। उन्होंने सभी डीसीपी, एसीपी और थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने तथा पुलिस की सक्रिय मौजूदगी सुनिश्चित करने को कहा है।
पुलिस आयुक्त ने निर्देश दिया कि सभी थाना प्रभारी प्रतिदिन शाम को पर्याप्त पुलिस बल के साथ फुट मार्च और वाहन पेट्रोलिंग करें। प्रमुख बाजारों, शॉपिंग मॉल, सर्राफा प्रतिष्ठानों, धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाए। बाजारों में पुलिस पिकेट लगाकर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाए।
महिला सुरक्षा और बाजारों में विशेष निगरानी
महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए बाजारों, मॉल और सार्वजनिक स्थानों पर महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए हैं। मिशन शक्ति और एंटी रोमियो टीमों को लगातार भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखने को कहा गया है। वहीं, जेबकतरी, टप्पेबाजी, छिनैती और अन्य आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए संवेदनशील बाजारों और सर्राफा प्रतिष्ठानों में सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे।
आतिशबाजी की दुकानों और भंडारण स्थलों का संबंधित विभागों के साथ मिलकर निरीक्षण किया जाएगा। पुलिस आयुक्त ने अग्निशमन उपकरणों और निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन कराने तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
जाम, स्टंटबाजी और नशे में ड्राइविंग पर कार्रवाई
त्योहारों के दौरान बाजारों और प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के लिए विशेष इंतजाम किए जाएंगे। अवैध पार्किंग और अनावश्यक वाहन खड़े करने वालों पर कार्रवाई होगी। जरूरत के मुताबिक डायवर्जन और पार्किंग की व्यवस्था लागू की जाएगी।
शराब पीकर वाहन चलाने, तेज रफ्तार, खतरनाक ड्राइविंग और स्टंटबाजी करने वालों के खिलाफ सघन चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा कॉलोनियों, आवासीय परिसरों, सुनसान मार्गों और बाहरी इलाकों में गश्त बढ़ाई जाएगी। बंद मकानों और संवेदनशील स्थानों के आसपास विशेष निगरानी रखी जाएगी।
सीसीटीवी और ड्रोन से होगी निगरानी
प्रमुख बाजारों, चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों को क्रियाशील रखने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यकता के अनुसार ड्रोन और अन्य तकनीकी संसाधनों से भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों की निगरानी की जाएगी। सोशल मीडिया पर भ्रामक और आपत्तिजनक सामग्री फैलाने वालों पर नजर रखने के साथ अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस आयुक्त ने फायर सर्विस, एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं के साथ समन्वय बनाए रखने को कहा है। बाजारों में अग्निशमन वाहनों और एंबुलेंस के आवागमन के लिए रास्ते बाधामुक्त रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस बल की पर्याप्त उपलब्धता, मोबाइल पुलिस टीम और क्विक रिस्पॉन्स व्यवस्था भी सक्रिय रखी जाएगी।
साइबर ठगी से बचने के लिए भी किया जाएगा जागरूक
त्योहारों के दौरान ऑनलाइन खरीदारी और डिजिटल भुगतान में होने वाली धोखाधड़ी को लेकर आमजन और व्यापारियों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस आयुक्त ने लोगों से अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने और ओटीपी या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने की अपील की है।
तरुण गाबा ने स्पष्ट किया कि दीपावली के दौरान प्रत्येक थाना क्षेत्र में पुलिस की सक्रिय और सतर्क मौजूदगी दिखाई देनी चाहिए। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राजपत्रित अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का नियमित पर्यवेक्षण करेंगे और थाना प्रभारी फुट मार्च व पेट्रोलिंग की निगरानी करेंगे।
कन्नौज में गंगा उत्सव को लेकर मेहंदी घाट पर स्वच्छता एवं श्रमदान कार्यक्रम का हुआ आयोजन, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय के बच्चो ने की चि

पंकज कुमार श्रीवास्तव

कन्नौज जनपद में गंगा नदी के संरक्षण, स्वच्छता, निर्मलता एवं अविरलता के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आज जिला गंगा समिति, कन्नौज के तत्वावधान में गंगा उत्सव-2026 के अंतर्गत विभिन्न जागरूकता एवं जनसहभागिता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

इस क्रम में जनपद के मेहंदी घाट पर स्वच्छता अभियान एवं श्रमदान संचालित किया गया। इसमें प्रतिभागियों ने घाट परिसर की साफ-सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया तथा गंगा नदी को स्वच्छ, निर्मल एवं प्रदूषणमुक्त बनाए रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के माध्यम से आमजन को गंगा के धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यावरणीय महत्व से अवगत कराते हुए नदी संरक्षण में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया गया।

इसी क्रम में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में छात्राओं के मध्य चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए अपनी रचनात्मक कलाकृतियों के माध्यम से गंगा संरक्षण, नदी की स्वच्छता, पर्यावरण संतुलन एवं जल संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण संदेश प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में गंगा के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता एवं सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को प्रोत्साहित करना रहा।

इन कार्यक्रमों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि मां गंगा की स्वच्छता, निर्मलता एवं अविरलता बनाए रखना केवल प्रशासन की ही नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। जनसहभागिता और सामूहिक प्रयासों से ही गंगा को स्वच्छ एवं प्रदूषणमुक्त बनाया जा सकता है।

आइए, गंगा की अविरल धारा और निर्मल जल को बनाए रखने के लिए संकल्पित हों तथा स्वच्छ गंगा, स्वस्थ पर्यावरण और सुरक्षित भविष्य के निर्माण में अपना सक्रिय योगदान दें।
जनगणना-2027 के द्वितीय चरण की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक सम्पन्न


*प्रगणक एवं पर्यवेक्षकों के प्रशिक्षण में अनुपस्थित कार्मिकों पर जिलाधिकारी ने जताई कड़ी नाराजगी, विभागीय कार्रवाई के निर्देश*


*जनगणना कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी, सभी संबंधित अधिकारी समयबद्ध एवं जिम्मेदारी के साथ करें दायित्वों का निर्वहन:-जिलाधिकारी*


*गोण्डा 04 नवम्बर,2026*।
कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में जनगणना-2027 के द्वितीय चरण अर्थात जनसंख्या गणना के सफल एवं प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनगणना से संबंधित तैयारियों, प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों के प्रशिक्षण तथा आगामी स्व-गणना कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने प्रगणक एवं पर्यवेक्षकों के प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहने वाले कार्मिकों के प्रति कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रशिक्षण जैसे महत्वपूर्ण कार्य में अनुपस्थित रहने वाले कार्मिकों के विरुद्ध नियमानुसार विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना राष्ट्रीय महत्व का महत्वपूर्ण कार्य है, इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही, उदासीनता अथवा शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरतापूर्वक निर्वहन करें।

*16 नवंबर 2026 से प्रारंभ होगी स्व-गणना, व्यापक प्रचार-प्रसार के दिए निर्देश*

जिलाधिकारी ने बैठक में आगामी 16 नवंबर, 2026 से प्रारंभ होने वाली स्व-गणना प्रक्रिया को सफल बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्व-गणना के उद्देश्य, प्रक्रिया एवं इसकी उपयोगिता के संबंध में आमजन को व्यापक स्तर पर जागरूक किया जाए।

उन्होंने कहा कि स्व-गणना कार्यक्रम के संबंध में जनसामान्य तक सही एवं आवश्यक जानकारी पहुंचाई जाए, जिससे अधिक से अधिक नागरिक इस प्रक्रिया में सहभागिता सुनिश्चित कर सकें। इसके लिए संबंधित विभागों के अधिकारी आपसी समन्वय स्थापित करते हुए व्यापक प्रचार-प्रसार की कार्ययोजना तैयार करें। साथ ही स्व-गणना की निर्धारित रूपरेखा के अनुरूप सभी आवश्यक तैयारियां समय से पूर्ण कर ली जाएं।

*अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ जनगणना कार्य पूर्ण कराने के निर्देश*

जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना-2027 के सफल संचालन में सभी विभागों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिए प्रत्येक अधिकारी को सौंपे गए दायित्वों का समयबद्ध ढंग से पालन करना होगा। उन्होंने प्रशिक्षण, जनजागरूकता एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करने के भी निर्देश दिए, ताकि जनगणना का कार्य निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार सुचारु रूप से संपन्न कराया जा सके।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी दयानंद प्रसाद, अपर जिलाधिकारी प्रमोद झा, मुख्य राजस्व अधिकारी श्रीमती रिंकी जायसवाल, संबंधित उपजिलाधिकारी, जनगणना प्रशिक्षक विनीत कुमार मिश्रा सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
अमेठी : चलती ट्रेन में गर्भवती महिला ने दिया बेटे को जन्म, जच्चा -बच्चा दोनों स्वस्थ
अमेठी। दिल्ली से प्रतापगढ़ जा रही पद्मावत एक्सप्रेस में बुधवार को उस समय किलकारी गूंज उठी, जब एक गर्भवती महिला ने चलती ट्रेन में बच्चे को जन्म दिया। अमेठी रेलवे स्टेशन पहुंचने से पहले ही महिला का प्रसव हो गया। ट्रेन में मौजूद महिलाओं ने प्रसव के दौरान उसकी मदद की । रेलवे पुलिस ने अमेठी स्टेशन पर महिला और नवजात को उतारकर स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी। इसके बाद 108 एंबुलेंस और स्वास्थ्य कर्मियों की मदद से दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमेठी पहुंचाया गया। जहां चिकित्सकों की निगरानी में मां और नवजात दोनों स्वस्थ हैं।

प्रतापगढ़ जनपद के सांगीपुर थाना क्षेत्र के पूरे छोटी असाई, अमावा निवासी निर्मला वर्मा (35) पत्नी हरिकेश कुमार दिल्ली से प्रतापगढ़ जाने के लिए पद्मावत एक्सप्रेस में सवार हुई थीं। वह अपने पति के साथ दिल्ली में रहती हैं। मंगलवार शाम उनके पति उन्हें नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में बैठाकर वापस लौट गए थे। इसके बाद निर्मला अकेले ही गर्भावस्था में प्रतापगढ़ के लिए रवाना हुई थीं। यात्रा के दौरान रास्ते में अचानक निर्मला देवी को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। स्थिति को देखते हुए ट्रेन में मौजूद महिलाओं ने मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए उनकी मदद की। इसी दौरान महिला ने सामान्य प्रसव के जरिए एक बेटे को जन्म दिया। ट्रेन में बच्चे के जन्म की जानकारी मिलने पर रेलवे पुलिस सक्रिय हुई और अमेठी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन पहुंचने पर महिला तथा नवजात को सुरक्षित उतारा गया। रेलवे पुलिस की ओर से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमेठी को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही 108 एंबुलेंस और स्वास्थ्य कर्मी मौके पर पहुंचे। इसके बाद जच्चा-बच्चा को तत्काल सीएचसी अमेठी लाया गया। यहां मेडिकल ऑफिसर प्रीति सिंह की निगरानी में दोनों का उपचार और स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।

मेडिकल ऑफिसर प्रीति सिंह ने बताया कि मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। एहतियात के तौर पर उन्हें 24 घंटे के ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। महिला के परिजन भी अस्पताल पहुंच चुके हैं। सब कुछ सामान्य रहने पर 24 घंटे बाद दोनों को अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी। नवजात की देखभाल कर रहीं नर्स सिस्टर पूनम मिश्रा ने बताया कि जब बच्चे को अस्पताल लाया गया तो उसकी नाल जुड़ी हुई थी। स्वास्थ्य कर्मियों ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए नाल को अलग किया और बच्चे की साफ-सफाई कर उसे दूध पिलाया। इसके बाद नवजात को वार्मर में रखा गया। उन्होंने बताया कि बच्चे का वजन 1 किलो 840 ग्राम है। नवजात सक्रिय है और उसके सभी अंग सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। उसे आवश्यक टीके भी लगाए जा चुके हैं। चलती ट्रेन में अकेले सफर कर रही गर्भवती महिला की सुरक्षित डिलीवरी में ट्रेन की महिला यात्रियों, रेलवे पुलिस और स्वास्थ्य कर्मियों की तत्परता से मां और नवजात को समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सकी। फिलहाल दोनों चिकित्सकों की निगरानी में हैं।
इंडी गठबंधन के नेतृत्वकर्ताओं में क्लैरिटी, कैपेसिटी और क्रेडिबिलिटी का अभाव : याेगी
-मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस व इंडी गठबंधन पर किया कड़ा प्रहार

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कांग्रेस व इंडी गठबंधन पर करारा प्रहार किया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर लिखा कि इनके नेतृत्वकर्ताओं में स्पष्टता, क्षमता और विश्वसनीयता का पूरा अभाव है। जनादेश का अनादर इसी सोच का परिणाम है।

मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनावों में हार के नए रिकॉर्ड बना रही कांग्रेस और इंडी गठबंधन की हताशा अब अराजकता की राजनीति में बदल गई है। इनके नेतृत्वकर्ताओं में स्पष्टता, क्षमता और विश्वसनीयता का पूरा अभाव है का पूरा अभाव है। जनादेश का अनादर इसी सोच का परिणाम है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस अराजकता के विरुद्ध जनजागरण और लोकतंत्र की गरिमा की रक्षा का संकल्प लेकर बुधवार को भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ गोरखपुर में आयोजित 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा में सहभागिता करूंगा।मुख्यमंत्री ने एक तरफ कांग्रेस व इंडी गठबंधन की अराजकता पर सवालिया निशान उठाया तो दूसरी तरफ देशवासियों को आश्वस्त किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम भारत के महान लोकतंत्र की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।
अंगद का पैर सत्ता के दंभ पर नहीं, सत्य और धर्म की शक्ति पर टिका था : स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद
बोले शंकराचार्य—योगी आदित्यनाथ के शासन की तुलना रामराज्य से करना उचित नहीं

लखनऊ/वाराणसी। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार की स्थिति की तुलना ‘अंगद के पैर’ से किए जाने पर ज्योतिष्पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि अंगद का पैर किसी सत्ता या अहंकार के बल पर नहीं, बल्कि सत्य, धर्म और न्याय की शक्ति के आधार पर स्थिर था।

शंकराचार्य ने कहा कि राजनीतिज्ञों को यह समझना चाहिए कि धर्मग्रंथों के प्रसंगों और प्रतीकों का अपनी राजनीतिक सुविधा के अनुसार इस्तेमाल करना धर्म का सम्मान नहीं, बल्कि उसका सरलीकरण है। अंगद जी ने रावण की सभा में स्पष्ट किया था कि उनका पैर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के धर्म, सत्य और न्याय की नीति के प्रभाव से अडिग है। ऐसे में अंगद के पैर के प्रसंग को सत्ता के अहंकार और राजनीतिक मजबूती से जोड़ना उचित नहीं है।

उन्होंने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस शासन में बटुकों की चोटियां खींचे जाने, संतों पर निर्ममतापूर्वक प्रहार किए जाने और लाखों गौमाताओं के कटने जैसे आरोप हों, उस शासन की तुलना रामराज्य से कदापि नहीं की जा सकती।

शंकराचार्य ने कहा कि रामराज्य की मूल भावना धर्म, न्याय, करुणा, मर्यादा और लोककल्याण पर आधारित थी। इसलिए किसी भी सरकार का मूल्यांकन सत्ता की मजबूती के आधार पर नहीं, बल्कि उसके शासन में धर्म, न्याय और जनकल्याण की स्थिति के आधार पर किया जाना चाहिए।

बुधवार को शंकराचार्य के स्थानीय मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने यह जानकारी दी।
धीरेंद्र शास्त्री पर अखिलेश का हमला, कहा- 'उप्र-मप्र सीमा पर लगना चाहिए ईशनिंदा करने वालों के प्रवेश वर्जित का बोर्ड'

लखनऊ। प्रसिद्ध कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री की भगवान श्रीकृष्ण को लेकर की गई टिप्पणी पर विवाद गहराता जा रहा है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बिना नाम लिए धीरेंद्र शास्त्री पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यदुवंशियों और रघुवंशियों, दोनों की भावनाएं आहत की गई हैं। अब ऐसे लोगों को न ब्रज में प्रवेश मिलेगा और न अवध में। अखिलेश ने यहां तक कहा कि उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा पर नाकाबंदी का बोर्ड लगा देना चाहिए, जिस पर लिखा हो कि ‘ईशनिंदा’ करने वालों का उत्तर प्रदेश की धर्मभूमि पर प्रवेश वर्जित है।

सपा मुखिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा है, “इन्होंने यदुवंशियों और रघुवंशियों दोनों की भावनाएं आहत की हैं। अब इन्हें न ब्रज में प्रवेश मिलेगा, न अवध में। अब न तो कोई सच्चा रघुवंशी इनका स्वागत करेगा, न सच्चा यदुवंशी। उप्र-मप्र के बार्डर पर इनकी नाकाबंदी का बोर्ड लग जाना चाहिए, जिस पर लिखा हो, ‘ईशनिंदा’ करनेवालों का उप्र की धर्म-भूमि पर प्रवेश वर्जित है।”
अखिलेश यादव ने पोस्ट में लिखा, “जिसने धर्म-मजहब नहीं छोड़ा, वो अगली बार सम्प्रदायों पर छींटाकशी करने से बाज नहीं आएगा। समझाने की जरूरत नहीं, अगला नंबर किस का है। नेपाल बार्डर भी बंद करना पड़ेगा नहीं तो उधर से इधर आना अधिक पास पड़ेगा।”

सपा अध्यक्ष ने इस पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक और धार्मिक टकराव से जोड़ते हुए आगे लिखा, “लगता है उत्तर प्रदेश में किसी बाहरी के इशारे पर किसी की राजनीतिक-धार्मिक सत्ता को चुनौती देने का काम हो रहा है। आपस की टकराहट में सियासी लोग भगवान को क्यों ला रहे हैं।”ज्ञात हो कि मध्य प्रदेश के में आयोजित श्रीराम कथा के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने भगवान राम और श्रीकृष्ण की तुलना करते हुए टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि ‘उनके राम सीधे हैं, जबकि कृष्ण टेढ़े’ हैं। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के नाम, स्वरूप और चाल-ढाल को भी इसी संदर्भ में टेढ़ा बताते हुए भगवान राम को हर लिहाज से सीधा बताया था।

धीरेंद्र शास्त्री के इस कथन के सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया और धार्मिक व राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं। विवाद बढ़ने के बाद बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री ने अपने बयान पर खेद जताते हुए हाथ जोड़कर माफी मांगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भगवान राम और श्रीकृष्ण एक ही हैं तथा दोनों के बीच किसी तरह का अंतर नहीं है। उनकी टिप्पणी का उद्देश्य दोनों आराध्यों के बीच भेद पैदा करना या किसी तरह का विभाजन करना नहीं था।
गंगा उत्सव के अवसर पर प्रभागीय वन अधिकारी के निर्देश में फतहा घाट से प्रभात फेरी निकाली

मिर्जापुर। गंगा उत्सव के अवसर पर प्रभागीय वन अधिकारी के निर्देश में फतहा घाट से प्रभात फेरी निकाली गई इसके पश्चात फतहा घाट पर स्वच्छता अभियान चलाकर लोगों को गंगा नदी की स्वच्छता एवं संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।

कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ स्थानीय नागरिकों, गंगा प्रहरियों, नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों तथा राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय, परसिया  के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की सभी ने मिलकर घाट परिसर की साफ-सफाई की और गंगा को स्वच्छ एवं निर्मल बनाए रखने का संदेश दिया इस अवसर पर उप प्रभागीय वनाधिकारी शेख मुअज्जम व क्षेत्रीय वन अधिकारी मिर्जापुर रेंज सत्य प्रकाश वर्मा, उप वन रेंजर विपिन कुमार सिंह, वन दारोगा कपूर चंद, वन दारोगा  मनोज कुमार एवं वन रक्षक संजीव सिंह सहित वन विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।