तुष्टीकरण की राजनीति करने वाले आज सनातन धर्म पर ज्ञान दे रहे : उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक

- अखिलेश को विकास से नहीं, सिर्फ तुष्टीकरण की राजनीति से मतलब, ब्रजेश पाठक ने सपा प्रमुख पर कसा तंज

- ‘जिन्होंने रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं, वे आज राम-शिव की बात कर रहे’, मंत्री मनोज पाण्डेय ने अखिलेश पर साधा निशाना

लखनऊ। सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और कैबिनेट मंत्री मनोज कुमार पाण्डेय ने तीखा हमला बोला है। ब्रजेश पाठक ने कहा कि अखिलेश को विकास से कोई लेना-देना नहीं है, वे सिर्फ तुष्टीकरण की राजनीति करते हैं। वहीं, मनोज पाण्डेय ने कहा कि रामभक्तों पर गोलियां चलवाने और राम-शिव के अस्तित्व पर सवाल उठाने वाले आज मंदिरों और सनातन की बात कर रहे हैं।

ब्रजेश पाठक ने कहा कि सपा शासनकाल में जाति और क्षेत्र देखकर विकास कार्य किए जाते थे, लेकिन आज योगी सरकार में चौतरफा विकास हो रहा है। काशी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ये अब वर्ल्ड क्लास सिटी के रूप में विकसित हो रही है। पाठक ने कहा कि अखिलेश यादव काशी गए, लेकिन बाबा विश्वनाथ के दर्शन तक नहीं किए और अब उसी नगरी के विकास पर सवाल उठा रहे हैं। 

- ‘रामभक्तों पर गोली चलवाने वाले आज राम-शिव की बात कर रहे’

कैबिनेट मंत्री मनोज कुमार पाण्डेय ने कहा कि जिन लोगों ने अयोध्या में निहत्थे रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं, भगवान राम और शिव के अस्तित्व पर सवाल उठाए तथा हिंदू देवी-देवताओं का अपमान किया, वे आज काशी में भेदभाव की बात कर रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह योगी सरकार की ही कृपा है कि अब ऐसे लोग भी राम और शिव की बात करने लगे हैं। पाण्डेय ने कहा कि सपा ने अपने विधायकों को अयोध्या राम मंदिर दर्शन से रोका था। उन्होंने कहा कि सनातनियों के लिए भगवान श्रीकृष्ण, भगवान राम और भगवान शिव सभी पूजनीय हैं।

'चुनाव से भाग रहे हैं अखिलेश जी, आइये हो जाये दो-दो हाथ’, ओपी राजभर का सपा प्रमुख के बयान पर पलटवार

- राजभर ने कहा- जब लग गया कि मिट्टीपलीत होनी तय है तो मैदान छोड़कर भागने लगे अखिलेश 

सिर्फ एक बार CM बन पाए, अगली पैदाइश तक उम्मीद नहीं: ओपी राजभर का अखिलेश पर तंज

लखनऊ, 04 नवंबर। यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर सोशल मीडिया के जरिए तीखा पलटवार किया है। राजभर ने सपा प्रमुख को संबोधित करते हुए लिखा है कि आप चुनाव से भाग रहे हैं, वह नेता क्या जो चुनाव से भागे। पोस्ट में राजभर ने अखिलेश पर एक के बाद एक कई आरोप लगाए हैं।

- ए महाराज, नेता क्या जो चुनाव से भागे? 

पोस्ट की शुरुआत में ही राजभर लिखते हैं, ‘अरे मित्र अखिलेश यादव जी! सुना है कि आप अगले साल यूपी विधानसभा चुनाव में किसी सीट से नहीं लड़ेंगे। ए महाराज, नेता क्या जो चुनाव से भागे? आइये हो जाये दो-दो हाथ।’ उन्होंने अखिलेश को सीधे चुनौती देते हुए कहा कि चुनाव से भागना नेतागिरी नहीं है।

- ‘इतना टोना-टोटका मानने वाले हो, पता नहीं था’

राजभर ने अखिलेश पर टोना-टोटका मानने का आरोप लगाते हुए कहा, ‘हमको नहीं पता था कि आप इतना टोना-टोटका मानने वाले हैं। वैसे बिना चुनाव लड़े आपका मुख्यमंत्री बन जाना कोई टोना-टोटका नहीं था मित्र! बल्कि रेडीमेड पार्टी के रेडीमेड शहजादा होने के कारण मुख्यमंत्री बन पाए थे। अब जब लग गया कि लड़ने गए तो मिट्टीपलीत होनी तय है तो लगे मैदान छोड़कर भागने?’

उन्होंने आगे लिखा कि यह लाल टोपी वालों की सरकार नहीं है, जब प्रदेश टोना-टोटका वाले चलाया करते थे। नोएडा से लेकर आगरा, अयोध्या और मथुरा तक टोना-टोटका मानने वालों की सरकार को जनता ने 10 साल पहले ही उखाड़ के फेंक दिया है। आज हम लोगों ने मिलकर सारे टोना-टोटका, भूत-प्रेत, पिशाच सब झार दिए हैं। 

- ‘सिर्फ एक बार CM बन पाए, अगली पैदाइश तक उम्मीद नहीं’ 

राजभर ने कहा, ‘वैसे भी! ले दे के एक्कै बार सीएम बन पाए हैं आप... अब आगे अगली पैदाइश तक उम्मीद भी नहीं है। तो कम से कम हिम्मत दिखाते हुए किसी एक सीट से लड़ लिए होते।’ पोस्ट के अंत में राजभर ने अखिलेश को सलाह देते हुए लिखा, ‘चलिए, बाबा विश्वनाथ आपका कल्याण करें... आपके पास चौराहे पर रुककर मिठाई खाने का समय था, मगर कुछ ही दूर पर उनके दरबार में शीश झुकाने का समय नहीं मिला। कम से कम पास में ही काल भैरव बाबा के दरबार में चले गये होते। वहां आपके सब टोना-टोटका का इलाज हो गया होता।’

नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में देश का नेतृत्व करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा उत्तर प्रदेश : ए.के. शर्मा
- भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट-2026 में ऊर्जा मंत्री ने प्रस्तुत किया उत्तर प्रदेश का विजन
- कहा - स्वच्छ ऊर्जा, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और निवेश के नए अवसरों के साथ विकसित भारत के संकल्प को साकार कर रहा उत्तर प्रदेश
- उत्तर प्रदेश को ग्रीन एनर्जी का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में हो रहे ठोस प्रयास

नई दिल्ली, 3 नवंबर 2026। भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एवं एक्सपो-2026 में उत्तर प्रदेश ने नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अपनी बढ़ती ताकत, उपलब्धियों और भविष्य की संभावनाओं का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इस प्रतिष्ठित आयोजन में उत्तर प्रदेश सरकार के ऊर्जा एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने प्रदेश की ऊर्जा क्षेत्र की उपलब्धियों, नवाचारों और भावी कार्ययोजना को प्रस्तुत करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस अवसर पर प्रमुख सचिव रणवीर प्रसाद, निदेशक रविन्द्र सिंह, सचिव पंकज सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मंत्री ए.के. शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को ऊर्जा आत्मनिर्भरता और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व प्रदान करने का जो संकल्प लिया है, उत्तर प्रदेश उसे धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में प्रदेश में सौर ऊर्जा, बायोएनर्जी और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के विस्तार के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना, पीएम-कुसुम, सोलर सिटी और यूटिलिटी स्केल सोलर परियोजनाओं के माध्यम से स्वच्छ ऊर्जा को आमजन, किसानों और उद्योगों तक पहुंचाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा केवल बिजली उत्पादन का माध्यम नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, रोजगार सृजन, किसानों की आय बढ़ाने और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देने का महत्वपूर्ण आधार है। उत्तर प्रदेश में सौर ऊर्जा के साथ-साथ कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) एवं बायोएनर्जी परियोजनाओं में भी निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं। सरकार का प्रयास है कि आधुनिक तकनीक, उद्योग जगत की सहभागिता और निवेशकों के सहयोग से प्रदेश को ग्रीन एनर्जी के एक बड़े केंद्र के रूप में विकसित किया जाए।
समिट में उत्तर प्रदेश की नोडल एजेंसी यूपीनेडा द्वारा प्रदेश की प्रमुख नवीकरणीय ऊर्जा योजनाओं एवं परियोजनाओं को प्रदर्शित किया गया। इनमें सोलर सिटी, यूटिलिटी स्केल सोलर परियोजनाएं, कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG), बायोएनर्जी परियोजनाएं, पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना तथा प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम-कुसुम) प्रमुख रूप से शामिल हैं।
2 से 5 नवंबर तक आयोजित इस समिट में देश-विदेश के नीति निर्माता, निवेशक, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, तकनीकी विशेषज्ञ और विभिन्न राज्यों की नवीकरणीय ऊर्जा नोडल एजेंसियां प्रतिभाग कर रही हैं। आयोजन के माध्यम से निवेश, तकनीकी नवाचार और ऊर्जा क्षेत्र में आपसी सहयोग की नई संभावनाओं को भी बल मिल रहा है।
यूपी रेरा ने 8 जिलों में 17 रियल एस्टेट परियोजनाओं को दी हरी झंडी
*₹4,844 करोड़ के निवेश से विकसित होंगी 5,726 आवासीय एवं व्यावसायिक इकाइयां, निवेश और इकाइयों के निर्माण में लखनऊ सबसे आगे*

लखनऊ/गौतमबुद्ध : 03 नवम्बर 2026।
उत्तर प्रदेश के रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेश और विकास की संभावनाओं को एक और बढ़ावा मिला है। उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण ने प्रदेश के आठ जिलों में प्रस्तावित 17 नई रियल एस्टेट परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है। इन परियोजनाओं के माध्यम से लगभग ₹4,844.43 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है, जिससे कुल 5,726 आवासीय एवं व्यावसायिक इकाइयों का निर्माण किया जाएगा।
इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से प्रदेश के विभिन्न शहरों में आवासीय सुविधाओं के साथ व्यावसायिक विकास को भी विस्तार मिलेगा। इसके अतिरिक्त, निर्माण कार्यों में तेजी आने से रोजगार सृजन के नए रास्ते खुलेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलने की संभावना है।
इन परियोजनाओं को यूपी रेरा मुख्यालय में आयोजित प्राधिकरण की 217वीं, 218वीं एवं 219वीं अथॉरिटी बैठकों में स्वीकृति दी गई। बैठकों की अध्यक्षता यूपी रेरा के अध्यक्ष श्री संजय भूसरेड्डी जी ने की। इस दौरान विभिन्न जिलों से प्राप्त परियोजना प्रस्तावों का विस्तृत परीक्षण एवं विचार-विमर्श करने के उपरांत प्राधिकरण ने उन्हें मंजूरी प्रदान की।
यूपी रेरा ने कहा कि स्वीकृत परियोजनाओं का विकास रेरा अधिनियम के निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ सुनिश्चित किया जाएगा। प्राधिकरण की इस पहल का उद्देश्य घर खरीदारों के हितों को सुरक्षित रखने के साथ रियल एस्टेट क्षेत्र में विश्वास और जवाबदेही की व्यवस्था को और सुदृढ़ करना है।
*निवेश और इकाइयों के मामले में लखनऊ सबसे आगे*
नई स्वीकृत परियोजनाओं में लखनऊ का प्रदर्शन सबसे प्रमुख रहा है। जिले में 6 आवासीय, 1 मिश्रित उपयोग और 2 व्यावसायिक परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की गई है। इन परियोजनाओं में लगभग ₹2,203.27 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। इनके माध्यम से कुल 3,031 इकाइयों का निर्माण किया जाएगा। निवेश और प्रस्तावित इकाइयों, दोनों ही दृष्टि से लखनऊ इन जिलों में अग्रणी है।
*मुरादाबाद में एक परियोजना को स्वीकृति*
मुरादाबाद में एक आवासीय परियोजना को प्राधिकरण की मंजूरी मिली है। इस परियोजना के विकास में लगभग ₹1.03 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है, जिसके अंतर्गत 12 आवासीय इकाइयां विकसित की जाएंगी।
*गाजियाबाद में विकसित होंगी 1,016 इकाइयां*
गाजियाबाद में दो आवासीय परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई है। इन परियोजनाओं में कुल ₹943.28 करोड़ के निवेश का अनुमान है। इनके पूरा होने पर जिले में 1,016 नई आवासीय इकाइयां उपलब्ध होंगी।
*गौतमबुद्ध नगर में मिश्रित उपयोग की परियोजना को मंजूरी*
गौतमबुद्ध नगर में एक मिश्रित उपयोग वाली रियल एस्टेट परियोजना को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना के लिए लगभग ₹940.43 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। इसके अंतर्गत कुल 456 इकाइयों का निर्माण किया जाएगा।
*मेरठ में 313 नई आवासीय इकाइयों का होगा निर्माण*
मेरठ में ₹194.28 करोड़ के अनुमानित निवेश वाली एक आवासीय परियोजना को स्वीकृति मिली है। इस परियोजना के तहत कुल 313 आवासीय इकाइयां विकसित की जाएंगी, जिससे शहर में आवासीय सुविधाओं का विस्तार होगा।
*फिरोजाबाद में आवासीय परियोजना को मंजूरी*
फिरोजाबाद में ₹10.87 करोड़ के प्रस्तावित निवेश वाली एक आवासीय परियोजना को मंजूरी प्रदान की गई है। इस परियोजना के माध्यम से कुल 48 आवासीय इकाइयों का निर्माण किया जाएगा।
*कानपुर में 597 आवासीय इकाइयां होंगी विकसित*
कानपुर में ₹524.66 करोड़ के अनुमानित निवेश वाली एक आवासीय परियोजना को यूपी रेरा ने स्वीकृति दी है। इसके अंतर्गत कुल 597 आवासीय इकाइयों का निर्माण प्रस्तावित है। इससे शहर के आवासीय क्षेत्र में नई सुविधाओं का विस्तार होगा।
*श्रीराम नगरी अयोध्या में आवासीय परियोजना को स्वीकृति*
धार्मिक एवं पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण अयोध्या में भी रियल एस्टेट विकास को बढ़ावा मिला है। यहां ₹26.61 करोड़ के अनुमानित निवेश वाली एक आवासीय परियोजना को मंजूरी दी गई है। इसके माध्यम से कुल 159 आवासीय इकाइयों का निर्माण किया जाएगा।
*प्रदेश सरकार की नीतियों से रियल एस्टेट क्षेत्र को मिल रहा प्रोत्साहन*
उत्तर प्रदेश में रियल एस्टेट गतिविधियों का लगातार विस्तार राज्य सरकार की निवेश अनुकूल नीतियों, सरल प्रक्रियाओं और विकासोन्मुखी प्रयासों का परिणाम है। आवास एवं शहरी विकास के क्षेत्र में सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों से प्रदेश में नई परियोजनाओं के विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हुआ है। आठ जिलों में स्वीकृत 17 परियोजनाओं के माध्यम से प्रस्तावित ₹4,844.43 करोड़ का निवेश निर्माण क्षेत्र को नई गति प्रदान करेगा। इसका सकारात्मक प्रभाव निर्माण सामग्री, परिवहन, इंजीनियरिंग सहित इससे जुड़े विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों पर भी पड़ेगा। परियोजनाओं के निर्माण एवं संचालन से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इससे स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि के साथ प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
*पारदर्शिता और समयबद्ध विकास को प्राथमिकता*
यूपी रेरा के अनुसार, स्वीकृत एवं पंजीकृत परियोजनाओं का विकास निर्धारित नियमों और तय समय-सीमा के भीतर कराना प्राधिकरण की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए परियोजनाओं की निगरानी, नियमों का अनुपालन और प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्राधिकरण का उद्देश्य घर खरीदारों को उनके अधिकारों के प्रति आश्वस्त करना व प्रमोटरों के लिए भी स्पष्ट और व्यवस्थित नियामकीय व्यवस्था उपलब्ध कराना है। इन प्रयासों से प्रदेश के रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और उपभोक्ताओं का विश्वास लगातार मजबूत होगा।
*अध्यक्ष का वक्तव्य*
यूपी रेरा के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने कहा कि प्रदेश में रियल एस्टेट क्षेत्र को व्यवस्थित, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लिए प्राधिकरण निरंतर प्रभावी कदम उठा रहा है। परियोजनाओं के प्रस्तावों का समयबद्ध निस्तारण और उनके विकास की नियमित निगरानी इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि यूपी रेरा का प्रयास है कि घर खरीदारों को सुरक्षित और भरोसेमंद वातावरण मिले व प्रमोटरों को भी निर्धारित नियमों के तहत परियोजनाओं के विकास के लिए बेहतर व्यवस्था उपलब्ध हो। प्राधिकरण भविष्य में भी रेरा अधिनियम के प्रावधानों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करते हुए उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा और प्रदेश में संतुलित एवं सुनियोजित रियल एस्टेट विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।
500 साल तक संघर्ष करती रही आस्था, एकजुट हुआ भारत तो अयोध्या में बना भव्य राम मंदिर: सीएम योगी

- पीलीभीत में श्रीराम कथा महोत्सव में बोले मुख्यमंत्री, भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक एकता
- 2 नवंबर 1990 को अयोध्या में रामभक्तों पर चली थीं गोलियां, सैकड़ों ने दिया था बलिदान

पीलीभीत, उत्तर प्रदेश। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी आस्था और सांस्कृतिक एकता है। दुनिया में करीब 200 देश हैं, सभी की अपनी पहचान, उपलब्धियां और समस्याएं हैं, लेकिन भारत जैसा सांस्कृतिक एकता का सूत्र दुनिया में कहीं और देखने को नहीं मिलता। उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक भारत को एक सूत्र में बांधने का काम हमारी आस्था करती है।
ब्रह्मलीन महंत योगी शांतिनाथ जी की पुण्य स्मृति में पीलीभीत में आयोजित श्रीराम कथा महोत्सव को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया में चीन और भारत ही ऐसे दो देश हैं, जिनकी आबादी 50 करोड़ से अधिक है। यूरोप भले ही एक इकाई के रूप में दिखाई देता हो, लेकिन वह अलग-अलग देशों और राजनीतिक इकाइयों का समूह है। इसके विपरीत भारत विविधताओं के बावजूद सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रूप से एक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यही आस्था हर भारतीय को निरंतर यह एहसास कराती रही कि जिन प्रभु श्रीराम की कथा का हम अखंड पाठ करते हैं, उनकी जन्मभूमि अयोध्या गुलामी की बेड़ियों में जकड़ी हुई थी। इस आस्था ने हार नहीं मानी। 500 वर्षों तक बिना रुके, बिना डिगे और बिना पीछे हटे संघर्ष चलता रहा। अंततः जब पूरा भारत एक स्वर में खड़ा हुआ तो अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ।
सीएम योगी ने 2 नवंबर 1990 की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसी दिन अयोध्या में रामभक्तों पर गोलियां चलाई गई थीं। सैकड़ों रामभक्तों ने अपना बलिदान दिया था। उस दौर में अयोध्या में जय श्रीराम का उद्घोष करने और वहां पहुंचने तक पर प्रतिबंध था।
उन्होंने कहा कि उस समय अयोध्या की परिस्थितियां भी बेहद चुनौतीपूर्ण थीं। वहां आवागमन के पर्याप्त साधन नहीं थे, गलियां संकरी थीं और अव्यवस्था का माहौल था। इसके बावजूद रामभक्तों की आस्था और संकल्प कमजोर नहीं पड़ा।
चेले-चपाटों से सनातन धर्म पर अनर्गल बयान दिलवा रहे हैं अखिलेश : संगीत सोम

- ‘रामभक्तों पर गोली चलवाने वाले आज मंदिर गिराने का सपना देख रहे हैं’, संगीत सोम ने सपा पर साधा निशाना
- संगीत सोम बोले - सनातन और भगवान राम-कृष्ण से नफरत करते हैं अखिलेश
- कहा - अयोध्या की तरह मथुरा में भी बनेगा भव्य मंदिर

लखनऊ, 03 नवंबर। भाजपा नेता संगीत सोम ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वह खुद पर्दे के पीछे रहकर अपने चेले-चपाटों से सनातन धर्म और मंदिरों को लेकर अनर्गल बयानबाजी करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सपा नेता एसटी हसन और राजकुमार भाटी के सनातन को लेकर दिए गए विवादित बयान के पीछे अखिलेश यादव की सोच है। संगीत सोम ने कहा कि अखिलेश यादव सनातन धर्म, भगवान राम और श्रीकृष्ण से नफरत करते हैं।
राम मंदिर को लेकर एसटी हसन के बयान पर पलटवार करते हुए संगीत सोम ने कहा कि सपा नेता कहना चाहते हैं कि दीवाली के बाद अयोध्या में राम मंदिर गिराया जाएगा।? लेकिन उन्हें ये समझना चाहिए कि अब यूपी में रामभक्तों की सरकार है। यहां अब बाबर की सोच वालों का शासन नहीं है, जिन्होंने रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं थी, उन्हें लाठियों से पिटवाया था।
*अयोध्या की तरह मथुरा में भी बनेगा भव्य मंदिर*
भाजपा नेता ने कहा कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो चुका है। अब मथुरा में भी इसी तरह भव्य मंदिर बनेगा और दीपोत्सव मनाया जाएगा। संगीत सोम ने कहा कि अखिलेश यादव को आज यूपी का सांस्कृतिक विकास हजम नहीं हो रहा है।
प्रदेश के 12 जनपदों में स्थापित की जायेगी महापुरूषों एवं नायकों की प्रतिमाएं : जयवीर सिंह
                                                       

लखनऊ, 03 नवम्बर, 2026। संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा 12 जनपदों में महापुरूषों एवं नायकों की प्रतिमाएं तैयार करायी गयी हैं। इनको स्थापित करने के लिए पैडेस्टल तैयार करने की कार्यवाही की जा रही है। इन प्रतिमाओं के स्थापित करने का उदे्श्य प्रदेश के महापुरूषों एवं नायकों के योगदान को स्मरण कराते हुये युवा पीढ़ी को इनके योगदान से प्रेरणा लेना है। यह प्रतिमाएं लखनऊ, आगरा, गोरखपुर, शाहजहांपुर, प्रतापगढ़, गाजीपुर, गोंडा, फिरोजाबाद, मुरादाबाद, रामपुर, महाराजगंज तथा वाराणसी में स्थापित की जानी है।
यह जानकारी प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि राजधानी लखनऊ में पृथ्वीराज चौहान की 12.5 फीट अश्वारोही कांस्य प्रतिमा, आगरा में महाराजा सूरजमल की 12.5 फीट अश्वारोही कांस्य प्रतिमा, महाराजा सूरजमल पार्क फतेहपुर जनपद आगरा, जनपद गोरखपुर में महायोगी गुरू गोरखनाथ की 12.5 फीट खड़ी कांस्य प्रतिमा गोरखपुर हवाईअड्डे तथा जनपद शाहजहांपुर में महाराणा प्रताप की 12.5 फीट अश्वारोही कांस्य प्रतिमा शाहजहांपुर के बरेली मोड़ पर स्थापित की जायेगी। इसी प्रकार जनपद प्रतापगढ़ में लौह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की 12.5 फीट की खड़ी कांस्य प्रतिमा ग्राम सभा कान्धरपुर बाजार में विकासखण्ड मंगरौरा, जनपद गाजीपुर में सरदार वल्लभ भाई पटेल 12.5 फीट खड़ी कांस्य प्रतिमा मेडया चुनार घाट पक्का पुल के त्रिमुहानी मिर्जापुर, जनपद गोंडा में पंडित दीन दयाल उपाध्याय की 6 फीट आदमकद कांस्य प्रतिमा सैदनपुर, विकासखण्ड छपिया, गोंडा तथा जनपद फिरोजाबाद में शहीद कैप्टन देवेश कुमार कुलश्रेष्ठ की 3 फीट आवक्ष कांस्य प्रतिमा, गांव मचन तहसील व थाना जसराना, फिरोजाबाद में स्थापित की जायेगी।
उन्होंने बताया कि इसी क्रम में जनपद मुरादाबाद में महाराणा प्रताप जी की 12.5 फीट अश्वारोही कांस्य प्रतिमा तुकना स्थिति लोहिया पार्क के पास मुरादाबाद में, रामपुर जनपद में वीर शरोमणि महाराणा प्रताप की प्रतिमा 12.5 फीट अश्वारोही जो प्रस्तावित की गयी थी उसे बाराबंकी में स्थापित करायी जायेगी। इसी प्रकार महाराजगंज जनपद में शब्बन लाल सक्सेना की 6 फीट सफेद संगमरमर की प्रतिमा जवाहर लाल नेहरू स्मारक पीजी कॉलेज महाराजगंज में तथा जनपद वाराणसी में महाराणा प्रताप जी की 12.5 फीट अश्वारोही कांस्य प्रतिमा गलट बाजार पुलिस चौकी वाराणसी में स्थापित की जायेगी।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि ललित कला अकादमी द्वारा निर्मित करायी गयी मूर्तियों को स्थापित करने के लिए पैडेस्टल निर्माण हेतु सम्बन्धित जनपद के जनप्रतिनिधियों तथा जिलाधिकारी से वार्ता की जा रही है। इन निर्मित मूर्तियों को शीघ्र ही स्थापित करा दिया जायेगा। जिससे युवा पीढ़ी इनके योगदान से प्रेरणा प्राप्त कर सके।
अखिलेश जी काशी, अयोध्या और मथुरा के मंदिरों में जाने से आपकी कंपकपी क्यों छूटने लगती है : ओम प्रकाश राजभर

*अखिलेश के वाराणसी दौरे पर ओम प्रकाश राजभर का तंज भरा सोशल मीडिया पोस्ट*
*यदुवंशी समाज सबसे पहले बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक करता है: राजभर*
*‘अखिलेश यादव का मन केवल मस्जिद, मजार, ईदगाह, दरगाह और कब्रिस्तान में ही लगता है’*

लखनऊ। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के वाराणसी दौरे को लेकर उन पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते हुए राजभर ने लिखा कि अखिलेश यादव आज बनारस पधार रहे हैं, मगर अफसोस की बात है कि बाबा विश्वनाथ के दरबार में शीश नवाने की भी उनकी हिम्मत नहीं हो रही है। उन्होंने सपा प्रमुख को चेतावनी देते हुए कहा कि वे इतनी भी तुष्टिकरण वाली राजनीति न करें कि हिंदू समाज उन्हें धिक्कारने लगे।
कैबिनेट मंत्री ने अखिलेश यादव के पिछले दौरों का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ दिन पहले जब वे अयोध्या गए थे, तब वहां भी श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के पास से मुंह घुमाकर निकल गए थे। इसी तरह जब वे मथुरा जाते हैं, तो श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर की तरफ देखने से भी उनकी कंपकंपी छूटने लगती है। राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि न जाने क्यों अखिलेश यादव का मन केवल मस्जिद, मजार, ईदगाह, दरगाह और कब्रिस्तान में ही लगता है।
*सावन में यदुवंशी समाज के निमंत्रण पर भी बनाया था बहाना*
ओम प्रकाश राजभर ने काशी की परंपरा की याद दिलाते हुए कहा कि सावन के पवित्र महीने में काशी का यदुवंशी समाज सबसे पहले बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक करता है। पिछले वर्ष यदुवंशी समाज की ओर से अखिलेश यादव को भी इस पावन अनुष्ठान के लिए निमंत्रित किया गया था, लेकिन तब भी वे न जाने कौन सा बहाना बनाकर बैठ गए थे और जलाभिषेक करने नहीं आए।
*आत्ममंथन करें अखिलेश यादव*
सपा प्रमुख को आत्ममंथन करने की नसीहत देते हुए राजभर ने कहा कि यह बिल्कुल सही कहा गया है कि जब भगवान की आज्ञा होती है, तभी इंसान को उनके पावन स्वरूप के दर्शन मिलते हैं। इस लिहाज से अखिलेश यादव को यह आत्ममंथन जरूर करना चाहिए कि आखिर क्यों न तो प्रभु श्रीराम, न भगवान श्रीकृष्ण और न ही समूचे विश्व के नाथ कहे जाने वाले बाबा विश्वेश्वर उन्हें अपने दरबार में फटकने देना चाहते हैं।
'अपराधियों और माफियाओं का गैंग चलाते हैं अखिलेश', सपा पर बरसे भाजपा के राज्यसभा सांसद बृजलाल

*'नेशन फर्स्ट ही बीजेपी का मूलमंत्र, सपा की विचारधारा विभाजनकारी', अखिलेश पर बरसे बृजलाल*
*'सपा अपराधियों का गैंग, अखिलेश यादव उसके सरगना', बृजलाल का तीखा हमला*
*' बृजलाल बोले - आतंकियों के 14 मुकदमे वापस लेने की कोशिश करने वाली सपा का चरित्र सभी को पता है'

लखनऊ। यूपी के पूर्व डीजीपी और भाजपा के राज्यसभा सांसद बृजलाल ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के भाजपा को 'गैंग' कहने वाले बयान पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा एक राष्ट्रवादी पार्टी है, जिसका मूलमंत्र 'नेशन फर्स्ट' है। उन्होंने सवाल उठाया कि अपराधियों और माफियाओं के गैंग के सहारे पार्टी चलाने वाले अखिलेश यादव किस मुंह से दूसरे दलों पर हमला करते हैं। उन्हें पहले अपने अतीत में झांकना चाहिए।
*योगी सरकार में बदली यूपी की तस्वीर*
बृजलाल ने कहा कि योगी सरकार में यूपी की तस्वीर बीमारू प्रदेश से विकसित प्रदेश में बदल गई है। राज्य में माफिया पर कार्रवाई, अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस और दंगों पर नियंत्रण से निवेश का माहौल बना है। बृजलाल ने दावा किया कि प्रदेश में 50 लाख करोड़ रुपये का निवेश आया है और राज्य का बजट बढ़कर 9.12 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है, जबकि सपा शासनकाल में यह 3.46 लाख करोड़ रुपये था।
*मुख्तार और अतीक का नाम लेकर सपा को घेरा*
सपा पर हमला बोलते हुए उन्होंने मुख्तार अंसारी और अतीक अहमद जैसे माफियाओं को राजनीतिक संरक्षण देने का आरोप लगाया। कृष्णानंद राय और राजू पाल हत्याकांड का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सपा के शासनकाल में अपराधियों का हौसला सातवें आसमान पर था।
*सपा राज में आतंकियों के मुकदमे वापस लेने की हुई थी कोशिश*
बृजलाल ने कहा कि अखिलेश यादव सरकार ने 2013 में आतंकवादियों के 14 मुकदमे वापस लेने की कोशिश की थी। उन्होंने तत्कालीन डीआईजी अशोक कुमार सिंह पर हमले के मुकदमे की चार्जशीट वापस लेने के प्रयास का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव माफियाओं, शातिर अपराधियों और आतंकवादियों की मदद करते हैं। वो एक पार्टी नहीं बल्कि अपराधियों की एक गैंग चलाते हैं जिसके मुख्य सरगना वो खुद हैं।
वरुण विहार एवं नैमिष नगर योजना के फेज-2 के ले-आउट प्लान को स्वीकृति

- लखनऊ विकास प्राधिकरण बोर्ड की 188वीं बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मिली मंजूरी

- आईटी सिटी में भू-स्वामियों को मिलेगा 50 प्रतिशत अविकसित भूखंड

लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण में मण्डलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में आज पारिजात सभागार में हुई प्राधिकरण बोर्ड की 188वीं बैठक में प्राधिकरण की आवासीय योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गयी। इस बैठक में मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के अंतर्गत विकसित की जा रही वरुण विहार एवं नैमिष नगर आवासीय योजनाओं के फेज-2 के ले-आउट प्लान के अनुमोदन के साथ-साथ इन योजनाओं की कृषि क्षेत्र की भूमि का भू-उपयोग आवास के लिए परिवर्तित किए जाने के प्रस्तावों को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

इस बैठक में एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार, सचिव सुशील प्रताप सिंह, अपर सचिव ज्ञानेन्द्र वर्मा एवं सीपी त्रिपाठी, वित्त नियंत्रक अनिल कुमार सिंह, मुख्य नगर नियोजक केके गौतम, प्राधिकरण बोर्ड के सदस्य पीएन सिंह एवं पुष्कर शुक्ला समेत अन्य अधिकारी व अभियंता उपस्थित रहे।

एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि वरुण विहार एवं नैमिष नगर आवासीय योजनाओं का फेज-2 विकसित किया जायेगा। जिसके लेआउट प्लान के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। इन दोनों योजनाओं की अधिग्रहीत भूमि का भू-उपयोग कृषि क्षेत्र से आवासीय क्षेत्र में परिवर्तित किया जायेगा। उन्होंने बताया कि वरुण विहार एवं नैमिष नगर में विकास कार्यों को गति देने के लिए बैंक ऑफ इंडिया की इमर्जिंग कॉरपोरेट क्रेडिट ब्रांच से 1000 करोड़ रुपये के ऋण का इस्तेमाल भी आवश्यकतानुसार कर सकते हैं।

प्रबंध नगर योजना में न्यायलय भूमि अर्जन, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन प्राधिकरण, लखनऊ मंडल द्वारा 28 सितंबर 2026 के अनुसार प्रतिकर की दर का निर्धारण किसानों द्वारा प्रस्तुत समझौते के आधार पर पारित आदेशानुसार भुगतान किये जाने के सम्बन्ध में प्रस्तुत प्रस्ताव पर बोर्ड द्वारा निर्देश दिए गए कि एलडीए के अग्रिम आदेश को ध्यान में रखते हुए एनजीटी आदि सभी मुकदमों का उल्लेख करते हुए समाधान के उपरांत मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के अंतर्गत वित्त पोषण करने के लिए शासन से अनुरोध किया जाये। यदि किसी कारणवश शासन से इसकी योजना की स्वीकृति नहीं प्राप्त होती है तो क्रियान्वन हेतु एलडीए उपाध्यक्ष को अधिकृत किये जाने के निर्देश बोर्ड द्वारा दिए जायेंगे।

मण्डलायुक्त ने आवासीय योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि प्राधिकरण को लैंड पूलिंग नीति के तहत अपनी जमीन देने वाले भूमि-स्वामियों को कई गुना अधिक लाभ होगा। इसके तहत आईटी सिटी और वेलनेस सिटी योजना के अंतर्गत लैंड पूलिंग के माध्यम से प्राप्त 10 एकड़ अथवा उससे अधिक भूमि के सापेक्ष भू-स्वामियों को 50 प्रतिशत अविकसित भूमि वापस की जाएगी।

लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की अर्बन चैलेंज फंड योजना के अंतर्गत वरुण विहार टाउनशिप परियोजना, कैलाश कुंज कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स का पुनर्विकास, पत्रकारपुरम में पार्किंग, हनुमान सेतु स्थित सार्वजानिक पुस्तकालय तथा कानपुर रोड पर ईडब्ल्यूएस सेक्टर-जी से संबंधित परियोजनाओं के लिए प्रेषित किए गए कार्यों पर चर्चा की गई। प्रियदर्शिनी योजना, नन्दाखेड़ा कॉम्प्लेक्स और तालकटोरा रोड, ऐशबाग के लेआउट (तलपट मानचित्र) में संशोधन और पुनर्नियोजन के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गयी है। वहीं अंसल प्रॉपर्टीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर की हाईटेक टाउनशिप में नियमानुसार कार्य कराया जा रहा है। इसके अलावा इंटीग्रेटेड टाउनशिप नीति-2005 व 2014 तथा उत्तर प्रदेश टाउनशिप नीति-2023 के लिए डीपीआर

संशोधन एवं परियोजनावधि में विस्तार करने के प्रस्ताव में विचार-विमर्श किया गया।