संपूर्ण टीकाकरण बच्चों को गंभीर बीमारियों से बचाने का प्रभावी सुरक्षा कवच: जिलाधिकारी शैलेष कुमार
*बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए निर्धारित समय पर सभी टीके लगवाना जरूरी*
रिपोर्टर - नितेश श्रीवास्तव
भदोही। बच्चों को गंभीर एवं जानलेवा बीमारियों से सुरक्षित रखने तथा उनके स्वस्थ एवं उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत करने के लिए संपूर्ण टीकाकरण अत्यंत आवश्यक है। टीकाकरण बच्चों को विभिन्न संक्रामक बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करने के साथ उनके बेहतर शारीरिक एवं मानसिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसी क्रम में जनपद में टीकाकरण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने एवं आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने कलेक्ट्रेट परिसर से ‘टीका मित्र’ एलईडी प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि ‘टीका मित्र’ एलईडी प्रचार वाहन के माध्यम से जनपद के विभिन्न क्षेत्रों, ग्रामीण एवं शहरी इलाकों में पहुंचकर लोगों को संपूर्ण टीकाकरण के महत्व, निर्धारित टीकाकरण कार्यक्रम एवं इससे होने वाले लाभों की जानकारी दी जाएगी। वाहन पर लगी एलईडी स्क्रीन के माध्यम से टीकाकरण संबंधी जागरूकता संदेश एवं प्रचार सामग्री का प्रसारण कर अभिभावकों को बच्चों का समय से टीकाकरण कराने के लिए प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने जनपद के समस्त अभिभावकों से अपील की कि वे अपने पांच वर्ष तक के बच्चों का राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के अनुसार सभी निर्धारित टीके समय से अवश्य लगवाएं तथा किसी भी बच्चे को टीकाकरण से वंचित न रहने दें।
जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों का संपूर्ण टीकाकरण कराना माता-पिता एवं अभिभावकों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। समय पर लगाए गए टीके बच्चों को पोलियो, टीबी, खसरा, रूबेला, हेपेटाइटिस-बी, निमोनिया, गलघोंटू, काली खांसी, टेटनस एवं जापानी इंसेफेलाइटिस सहित कई गंभीर बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करते हैं। स्वस्थ बच्चे ही स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र की आधारशिला हैं। इसलिए अभिभावक स्वयं जागरूक बनें और अपने परिवार, पड़ोसियों एवं अन्य लोगों को भी बच्चों का संपूर्ण टीकाकरण कराने के लिए प्रेरित करें।
*राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के अनुसार निर्धारित हैं टीकों की तिथियां*
जिलाधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय टीकाकरण सारणी के अनुसार बच्चों को जन्म से लेकर निर्धारित आयु तक अलग-अलग चरणों में टीके लगाए जाते हैं। जन्म के समय बीसीजी, ओपीवी-0 एवं हेपेटाइटिस-बी की बर्थ डोज दी जाती है। छह सप्ताह की आयु पर ओपीवी-1, पेंटावेलेंट-1, एफआईपीवी-1, रोटावायरस-1 एवं पीसीवी-1 के टीके लगाए जाते हैं। इसी प्रकार 10 सप्ताह की आयु पर ओपीवी-2, पेंटावेलेंट-2 एवं रोटावायरस-2 तथा 14 सप्ताह पर ओपीवी-3, पेंटावेलेंट-3, एफआईपीवी-2, रोटावायरस-3 एवं पीसीवी-2 का टीकाकरण किया जाता है।
इसके बाद 9 से 12 माह की आयु में एमआर-1, जेई-1 (जहां लागू हो), एफआईपीवी-3, पीसीवी बूस्टर तथा विटामिन-ए की पहली खुराक दी जाती है। 16 से 24 माह की आयु में एमआर-2, जेई-2 (जहां लागू हो), डीपीटी बूस्टर-1, ओपीवी बूस्टर तथा विटामिन-ए की दूसरी खुराक दी जाती है। इसके बाद पांच वर्ष की आयु तक प्रत्येक छह माह के अंतराल पर विटामिन-ए की खुराक निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दी जाती है। 5 से 6 वर्ष की आयु में डीपीटी बूस्टर-2 तथा 10 वर्ष एवं 16 वर्ष की आयु में टीडी का टीका लगाया जाता है।
*टीकाकरण से पहले और बाद में इन बातों का रखें ध्यान*
जिलाधिकारी ने अभिभावकों को सलाह दी कि बच्चे के टीकाकरण की प्रत्येक निर्धारित तिथि का विशेष ध्यान रखें तथा मातृ एवं शिशु सुरक्षा (एमसीपी) कार्ड को सुरक्षित रखें। टीकाकरण केंद्र पर जाते समय कार्ड अवश्य साथ ले जाएं, जिससे एएनएम द्वारा बच्चे का नाम एवं टीकाकरण संबंधी विवरण सही ढंग से दर्ज किया जा सके। किसी भी प्रकार की जानकारी अथवा शंका होने पर निकटतम स्वास्थ्य केंद्र, आशा या एएनएम से संपर्क करें।
उन्होंने बताया कि टीका लगवाने के बाद बच्चे को लगभग 30 मिनट तक स्वास्थ्य केंद्र पर निगरानी में रखें। आवश्यकता पड़ने पर मां बच्चे को स्तनपान करा सकती हैं। टीकाकरण के बाद हल्का बुखार, दर्द अथवा इंजेक्शन वाले स्थान पर सूजन होने की स्थिति में स्वास्थ्यकर्मी की सलाह के अनुसार देखभाल करें। बच्चे को कोई असामान्य परेशानी होने अथवा तबीयत में सुधार न होने पर तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। हल्की सर्दी-जुकाम या बुखार होने पर टीकाकरण स्थगित करने का निर्णय स्वयं न लें, बल्कि स्वास्थ्यकर्मी से परामर्श अवश्य करें।
*सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर निःशुल्क उपलब्ध हैं टीकाकरण सेवाएं*
जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद के सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर बच्चों के लिए टीकाकरण सेवाएं निःशुल्क उपलब्ध हैं। परिवार के यात्रा पर जाने अथवा दूसरे स्थान पर रहने की स्थिति में भी टीकाकरण कार्ड के माध्यम से निर्धारित समय पर बच्चे का टीकाकरण कराया जा सकता है। इसके अतिरिक्त गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों के टीकाकरण के लिए यू-विन पोर्टल (uwin.mohfw.gov.in) पर पंजीकरण एवं स्लॉट बुकिंग की सुविधा भी उपलब्ध है।
अंत में जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की कि सोशल मीडिया पर प्रसारित अप्रमाणित जानकारियों पर विश्वास न करें तथा टीकाकरण से संबंधित सही जानकारी के लिए स्वास्थ्य विभाग एवं सरकार के आधिकारिक स्रोतों का ही अनुसरण करें। उन्होंने कहा कि ‘टीका मित्र’ एलईडी प्रचार वाहन के माध्यम से चलाए जा रहे जनजागरूकता अभियान में सभी लोग सहयोग करें और प्रत्येक बच्चे का संपूर्ण टीकाकरण सुनिश्चित कराकर उसे गंभीर एवं जानलेवा बीमारियों से सुरक्षित रखने में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं। बच्चों का समय से टीकाकरण ही उनके स्वस्थ, सुरक्षित एवं उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला है।
11 hours ago
- Whatsapp
- Facebook
- Linkedin
- Google Plus
1- Whatsapp
- Facebook
- Linkedin
- Google Plus
0.1k