दिव्यांगजनों द्वारा निर्मित उत्पादों की दो दिवसीय प्रदर्शनी एवं दीपावली मेला-2026 का हुआ भव्य शुभारंभ

*जिलाधिकारी ने विभिन्न स्टालों का किया अवलोकन, दिव्यांगजनों के उत्पादों की स्वयं की खरीदारी*


*महिला दिव्यांग लाभार्थियों को वितरित की गई मोटराइज्ड साइकिल, नुक्कड़ नाटक के माध्यम से दी गई विभागीय योजनाओं की जानकारी*

*गोण्डा, 03 नवम्बर 2026*। दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग गोण्डा एवं बाबा बद्रीदास जन कल्याण सेवा संस्था के संयुक्त तत्वावधान में प्रकाश मैरिज हाल, पंतनगर गोण्डा में जनपद के दिव्यांगजनों द्वारा स्वयं निर्मित विभिन्न उत्पादों एवं सामग्रियों की दो दिवसीय प्रदर्शनी एवं दीपावली मेला-2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन द्वारा किया गया।

प्रदर्शनी के शुभारंभ अवसर पर जिलाधिकारी ने दिव्यांगजनों द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टालों का बारीकी से अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने मिट्टी के दीये, फूलबत्ती, अचार, एलईडी बल्ब, अगरबत्ती, मोमबत्ती, दोना, पत्तल तथा विभिन्न प्रकार के मसालों सहित अन्य हस्तनिर्मित उत्पादों को देखा और उनके निर्माण एवं बिक्री के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

जिलाधिकारी ने दिव्यांगजनों का उत्साहवर्धन करते हुए स्वयं भी कई स्टालों से उनके द्वारा निर्मित उत्पादों की खरीदारी की। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों द्वारा अपने हुनर और मेहनत से तैयार किए गए उत्पाद उनकी प्रतिभा, आत्मनिर्भरता एवं स्वावलंबन की भावना को प्रदर्शित करते हैं।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रदर्शनी एवं मेले के आयोजन से दिव्यांगजनों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री के लिए बेहतर मंच मिलता है। इससे उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनने के साथ-साथ समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का अवसर भी प्राप्त होता है। आमजन को भी ऐसे आयोजनों में बढ़-चढ़कर सहभागिता करते हुए दिव्यांगजनों द्वारा निर्मित वस्तुओं की खरीदारी करनी चाहिए, जिससे उनके रोजगार एवं स्वरोजगार को प्रोत्साहन मिल सके।

कार्यक्रम के दौरान विभाग द्वारा नुक्कड़ नाटक के माध्यम से दिव्यांगजनों के हितार्थ संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। नुक्कड़ नाटक के जरिए योजनाओं के लाभ, पात्रता तथा उनसे जुड़ने की प्रक्रिया को सरल एवं रोचक ढंग से प्रस्तुत किया गया, जिससे उपस्थित लोगों को जागरूक किया जा सके।

इसी क्रम में जिलाधिकारी द्वारा महिला दिव्यांग लाभार्थियों को मोटराइज्ड साइकिल का वितरण भी किया गया। इस पहल का उद्देश्य दिव्यांग महिलाओं को आवागमन में सुविधा प्रदान करने के साथ उनकी स्वतंत्रता, गतिशीलता एवं आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है। प्रदर्शनी में दिव्यांगजनों द्वारा उत्साहपूर्वक प्रतिभाग कर अपनी प्रतिभा एवं हुनर का प्रदर्शन किया गया।

कार्यक्रम में जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी सुश्री माधवी पाण्डेय, जिला समाज कल्याण अधिकारी सत्य प्रकाश सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित सिंह, जिला पिछड़ा वर्ग अधिकारी सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
लेखिका सुमति श्रीवास्तव ने विनय शर्मा दीप को भेंट की अपनी पुस्तक
जौनपुर । जनपद की उत्कृष्ट कवयित्री, लेखिका श्रीमती सुमति श्रीवास्तव का नाम जब भी कहीं आता है तो नि:संदेह सम्मान सहित लिया जाता है। सुमति का स्वभाव ही सु+मति अर्थात अच्छी बुद्धि,सुंदर विचार,विनम्रता, व्यवहार में
कोमलता लिए सामाजिक, आध्यात्मिक विशेषता से परिपूर्ण है जो बहुत ही शांत स्वभाव,सुलझी हुई और समझदार उत्कृष्ट शिक्षिका, विदुषी,लेखिका या घर की सबसे समझदार सदस्य हैं।ऐसी सर्वगुण संपन्न शिक्षिका अवश्य ही अपनी लेखनी के माध्यम से समाज को सुंदर संदेश देने का कार्य किया है। मुंबई से कवि एवं पत्रकार विनय शर्मा दीप की उपस्थिति विगत दिनों कवयित्री सुमति श्रीवास्तव के आवास सिटी स्टेशन,जानकीपुरम कालोनी जौनपुर में हुई।जहां जनपद के नामचीन कवि एवं लेखक राजेश कुमार पाण्डेय,गीतकार रविन्द्र कुमार शर्मा दीप के साथ सुमति के परिवार के सदस्य उपस्थित थे। जिनके सानिध्य में सुमति ने अपनी पुस्तक ' आखिर क्यूं ' दीप जी को सप्रेम भेंट दी।दीप ने उक्त पुस्तक में संकलित कहानी की भूरी भूरी प्रशंसा की और भविष्य में उत्कृष्ट लेखनी से सुमति जी का नाम सुर्खियों में हों ऐसी शुभकामनाएं दी। वास्तव में आखिर क्यूं पुस्तक पाठकों के हृदय को स्पर्श करती हुई आगे बढ़ती है जिसे सभी पाठकों को निसंदेह पढ़ना चाहिए।
पाक्सो एक्ट के मामले में वांछित आरोपी गिरफ्तार
मऊ। अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत सरायलखंसी थाना पुलिस ने पाक्सो एक्ट समेत गंभीर धाराओं में वांछित एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार, पुलिस अधीक्षक मऊ सर्वेश कुमार मिश्रा के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी नगर नितेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में सरायलखंसी पुलिस टीम ने 3 नवंबर 2026 को कार्रवाई करते हुए सरवन पटवा (26 वर्ष), पुत्र काशीनाथ पटवा, निवासी जफ्फरपुर डीहिया, थाना दुल्लहपुर, जनपद गाजीपुर को गिरफ्तार किया।

आरोपी के विरुद्ध थाना सरायलखंसी में मु0अ0सं0 297/2026 के तहत धारा 137(2), 87, 64(1) बीएनएस एवं 3/4 पाक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी का चालान न्यायालय कर दिया है।

पुलिस के मुताबिक आरोपी का पूर्व आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उसके विरुद्ध वर्ष 2020 में मु0अ0सं0 168/2020, धारा 363, 366, 376 भादवि एवं 3/4 पाक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज रहा है।
68500 शिक्षक भर्ती का मामला फिर गरमाया, मंत्री आशीष पटेल के आवास पर अभ्यर्थियों का प्रदर्शन
आरक्षण विसंगति दूर कर संशोधित परिणाम जारी करने की मांग, 64 दिन से धरने पर बैठे अभ्यर्थियों को मंत्री ने दीपावली तक दिया समय

लखनऊ। 68500 सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा-2018 में आरक्षण संबंधी विसंगतियों को लेकर शिक्षक अभ्यर्थियों का आंदोलन तेज होता जा रहा है। लगातार 64 दिनों से धरना दे रहे अभ्यर्थियों ने मंगलवार को कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल के लखनऊ स्थित आवास पर पहुंचकर प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों ने पिछड़ा वर्ग आयोगों के आदेशों के अनुरूप भर्ती का परिणाम संशोधित करने और पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की मांग उठाई।

प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना था कि भर्ती प्रक्रिया में अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण को लेकर हुई कथित गड़बड़ी का अब तक समाधान नहीं किया गया है। इस संबंध में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की संस्तुति और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेशों का पालन कराने की मांग लंबे समय से की जा रही है। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि लगातार आवाज उठाने के बावजूद शासन स्तर पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे तूफान सिंह और आशुतोष वर्मा ने कहा कि प्रदेश के अलग-अलग जिलों के अभ्यर्थी अपने अधिकारों के लिए दो महीने से अधिक समय से शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की ओर से इस मामले में आदेश जारी किया जा चुका है और 10 सितंबर को बेसिक शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में भी आरक्षण विसंगति पर चर्चा हो चुकी है, तो फिर समाधान में देरी क्यों की जा रही है।

अभ्यर्थियों ने मांग की कि आयोगों के निर्देशों के मुताबिक भर्ती का संशोधित परिणाम जारी किया जाए और आरक्षण के दायरे में आने वाले योग्य अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जाए। उनका कहना था कि लंबे समय से इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों को अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस निर्णय चाहिए।

करीब आधे घंटे तक प्रदर्शन चलने के बाद कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल अपने आवास से बाहर आए और अभ्यर्थियों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनीं। मंत्री ने कहा कि वह अभ्यर्थियों के पक्ष में मजबूती से पैरवी कर रहे हैं और उन्हें न्याय दिलाने के लिए बेहतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने अभ्यर्थियों की चिंता को जायज बताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने के उनके अधिकार पर कोई रोक नहीं लगाई जाएगी। साथ ही उन्होंने दीपावली तक का समय देने की अपील की।

मंत्री के आश्वासन के बाद भी अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी जारी रखी। प्रदर्शन के दौरान 'आरक्षण की चोरी नहीं चलेगी', 'आरक्षण तुमको देना होगा' और '68500 शिक्षक भर्ती पूरी करो' जैसे नारे लगाए गए।

धरना प्रभारी नवीन चौधरी ने कहा कि अभ्यर्थी मंत्री की ओर से दिए गए दीपावली तक के समय का इंतजार करेंगे। यदि इस अवधि में उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक और ठोस फैसला नहीं होता है तो वे दीपावली भी मंत्री के आवास पर ही मनाने के लिए मजबूर होंगे।

प्रदर्शन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए शिक्षक अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। इनमें तूफान सिंह, आशुतोष वर्मा, नवीन चौधरी, रंजना जायसवाल, अमित, अजीत सिंह, विनय प्रजापति, राहुल, दीपक, नसीम, रेखा रानी, कोमल रानी, ललिता चौधरी, क्षमा, मनोज, अरविंद और संतोष समेत बड़ी संख्या में अभ्यर्थी मौजूद रहे।
दो आईपीएस अफसराें के तबादले
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मंगलवार को दो आईपीएस अफसराें के तबादले हुए हैं। स्थानंतरण में आईपीएस संकल्प शर्मा और संतोष कुमार मिश्रा के नाम शामिल हैं।शासन ने 2012 बैच के आईपीएस अधिकारी संकल्प शर्मा को पुलिस कमिश्नरेट कानपुर नगर में संयुक्त पुलिस आयुक्त के पद से स्थानांतरित कर पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर में संयुक्त पुलिस आयुक्त बनाया है। वहीं, संतोष कुमार मिश्रा को पीटीएस जालौन में पुलिस उपमहानिरीक्षक के पद से हटाकर संयुक्त पुलिस आयुक्त, पुलिस कमिश्नरेट कानपुर नगर में नवीन तैनाती दी है।
डीपीएम पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने किया विद्या विश्वविद्यालय का शैक्षिक भ्रमण
**कक्षा 12 के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और करियर के विकल्पों की दी गई जानकारी, सचिव जगदीश त्यागी ने उज्ज्वल भविष्य के लिए किया प्रेरित**

**बहसूमा, मेरठ।** डीपीएम पब्लिक स्कूल, बहसूमा के कक्षा 12 के विद्यार्थियों ने विद्या विश्वविद्यालय, मेरठ का शैक्षिक भ्रमण किया। इस भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को इंटरमीडिएट के बाद उच्च शिक्षा के विभिन्न विकल्पों, व्यावसायिक पाठ्यक्रमों और करियर निर्माण की संभावनाओं से रूबरू कराना था।

विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को बीटेक, बीबीए, बीसीए, बी.फार्मा, एलएलबी सहित विभिन्न प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों की जानकारी दी। साथ ही विद्यार्थियों को अपनी रुचि, योग्यता और क्षमता के अनुसार विषय एवं पाठ्यक्रम चुनने के लिए प्रेरित किया गया। उन्हें बेहतर अंक प्राप्त करने, लक्ष्य निर्धारित करने और समय प्रबंधन के महत्व से भी अवगत कराया गया।

इस अवसर पर विद्यालय के सचिव जगदीश त्यागी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि कक्षा 12 का पड़ाव जीवन का महत्वपूर्ण मोड़ होता है। इसी समय विद्यार्थी अपने भविष्य की दिशा तय करते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को केवल अच्छे अंक प्राप्त करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि अपने ज्ञान, प्रतिभा और कौशल को विकसित कर आत्मनिर्भर एवं जिम्मेदार नागरिक बनने का प्रयास करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक युग में शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि जीवन की चुनौतियों का सामना करने की क्षमता विकसित करना है। आत्मविश्वास, अनुशासन, सकारात्मक सोच और कठिन परिश्रम ही सफलता की वास्तविक कुंजी हैं। प्रत्येक विद्यार्थी में अपार संभावनाएं होती हैं, जरूरत केवल उन्हें पहचानकर सही दिशा में आगे बढ़ने की है।

विद्यालय के प्रधानाचार्य जिया जैदी के मार्गदर्शन एवं सहयोग से आयोजित इस भ्रमण में विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के नए अवसरों की जानकारी मिली। उन्होंने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति विद्यालय की प्रतिबद्धता भी दोहराई।

कार्यक्रम का सफल संयोजन विद्यालय के कोऑर्डिनेटर मुकुल त्यागी, कार्यक्रम प्रभारी प्रदीप गुप्ता एवं आरती चौहान ने किया। शैक्षिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक साबित हुआ। विद्यालय प्रबंधन ने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई।
संपूर्ण टीकाकरण बच्चों को गंभीर बीमारियों से बचाने का प्रभावी सुरक्षा कवच: जिलाधिकारी शैलेष कुमार

*बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए निर्धारित समय पर सभी टीके लगवाना जरूरी*



रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। बच्चों को गंभीर एवं जानलेवा बीमारियों से सुरक्षित रखने तथा उनके स्वस्थ एवं उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत करने के लिए संपूर्ण टीकाकरण अत्यंत आवश्यक है। टीकाकरण बच्चों को विभिन्न संक्रामक बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करने के साथ उनके बेहतर शारीरिक एवं मानसिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसी क्रम में जनपद में टीकाकरण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने एवं आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने कलेक्ट्रेट परिसर से ‘टीका मित्र’ एलईडी प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि ‘टीका मित्र’ एलईडी प्रचार वाहन के माध्यम से जनपद के विभिन्न क्षेत्रों, ग्रामीण एवं शहरी इलाकों में पहुंचकर लोगों को संपूर्ण टीकाकरण के महत्व, निर्धारित टीकाकरण कार्यक्रम एवं इससे होने वाले लाभों की जानकारी दी जाएगी। वाहन पर लगी एलईडी स्क्रीन के माध्यम से टीकाकरण संबंधी जागरूकता संदेश एवं प्रचार सामग्री का प्रसारण कर अभिभावकों को बच्चों का समय से टीकाकरण कराने के लिए प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने जनपद के समस्त अभिभावकों से अपील की कि वे अपने पांच वर्ष तक के बच्चों का राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के अनुसार सभी निर्धारित टीके समय से अवश्य लगवाएं तथा किसी भी बच्चे को टीकाकरण से वंचित न रहने दें।

जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों का संपूर्ण टीकाकरण कराना माता-पिता एवं अभिभावकों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। समय पर लगाए गए टीके बच्चों को पोलियो, टीबी, खसरा, रूबेला, हेपेटाइटिस-बी, निमोनिया, गलघोंटू, काली खांसी, टेटनस एवं जापानी इंसेफेलाइटिस सहित कई गंभीर बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करते हैं। स्वस्थ बच्चे ही स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र की आधारशिला हैं। इसलिए अभिभावक स्वयं जागरूक बनें और अपने परिवार, पड़ोसियों एवं अन्य लोगों को भी बच्चों का संपूर्ण टीकाकरण कराने के लिए प्रेरित करें।

*राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के अनुसार निर्धारित हैं टीकों की तिथियां*

जिलाधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय टीकाकरण सारणी के अनुसार बच्चों को जन्म से लेकर निर्धारित आयु तक अलग-अलग चरणों में टीके लगाए जाते हैं। जन्म के समय बीसीजी, ओपीवी-0 एवं हेपेटाइटिस-बी की बर्थ डोज दी जाती है। छह सप्ताह की आयु पर ओपीवी-1, पेंटावेलेंट-1, एफआईपीवी-1, रोटावायरस-1 एवं पीसीवी-1 के टीके लगाए जाते हैं। इसी प्रकार 10 सप्ताह की आयु पर ओपीवी-2, पेंटावेलेंट-2 एवं रोटावायरस-2 तथा 14 सप्ताह पर ओपीवी-3, पेंटावेलेंट-3, एफआईपीवी-2, रोटावायरस-3 एवं पीसीवी-2 का टीकाकरण किया जाता है।

इसके बाद 9 से 12 माह की आयु में एमआर-1, जेई-1 (जहां लागू हो), एफआईपीवी-3, पीसीवी बूस्टर तथा विटामिन-ए की पहली खुराक दी जाती है। 16 से 24 माह की आयु में एमआर-2, जेई-2 (जहां लागू हो), डीपीटी बूस्टर-1, ओपीवी बूस्टर तथा विटामिन-ए की दूसरी खुराक दी जाती है। इसके बाद पांच वर्ष की आयु तक प्रत्येक छह माह के अंतराल पर विटामिन-ए की खुराक निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दी जाती है। 5 से 6 वर्ष की आयु में डीपीटी बूस्टर-2 तथा 10 वर्ष एवं 16 वर्ष की आयु में टीडी का टीका लगाया जाता है।

*टीकाकरण से पहले और बाद में इन बातों का रखें ध्यान*

जिलाधिकारी ने अभिभावकों को सलाह दी कि बच्चे के टीकाकरण की प्रत्येक निर्धारित तिथि का विशेष ध्यान रखें तथा मातृ एवं शिशु सुरक्षा (एमसीपी) कार्ड को सुरक्षित रखें। टीकाकरण केंद्र पर जाते समय कार्ड अवश्य साथ ले जाएं, जिससे एएनएम द्वारा बच्चे का नाम एवं टीकाकरण संबंधी विवरण सही ढंग से दर्ज किया जा सके। किसी भी प्रकार की जानकारी अथवा शंका होने पर निकटतम स्वास्थ्य केंद्र, आशा या एएनएम से संपर्क करें।

उन्होंने बताया कि टीका लगवाने के बाद बच्चे को लगभग 30 मिनट तक स्वास्थ्य केंद्र पर निगरानी में रखें। आवश्यकता पड़ने पर मां बच्चे को स्तनपान करा सकती हैं। टीकाकरण के बाद हल्का बुखार, दर्द अथवा इंजेक्शन वाले स्थान पर सूजन होने की स्थिति में स्वास्थ्यकर्मी की सलाह के अनुसार देखभाल करें। बच्चे को कोई असामान्य परेशानी होने अथवा तबीयत में सुधार न होने पर तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। हल्की सर्दी-जुकाम या बुखार होने पर टीकाकरण स्थगित करने का निर्णय स्वयं न लें, बल्कि स्वास्थ्यकर्मी से परामर्श अवश्य करें।

*सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर निःशुल्क उपलब्ध हैं टीकाकरण सेवाएं*

जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद के सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर बच्चों के लिए टीकाकरण सेवाएं निःशुल्क उपलब्ध हैं। परिवार के यात्रा पर जाने अथवा दूसरे स्थान पर रहने की स्थिति में भी टीकाकरण कार्ड के माध्यम से निर्धारित समय पर बच्चे का टीकाकरण कराया जा सकता है। इसके अतिरिक्त गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों के टीकाकरण के लिए यू-विन पोर्टल (uwin.mohfw.gov.in) पर पंजीकरण एवं स्लॉट बुकिंग की सुविधा भी उपलब्ध है।

अंत में जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की कि सोशल मीडिया पर प्रसारित अप्रमाणित जानकारियों पर विश्वास न करें तथा टीकाकरण से संबंधित सही जानकारी के लिए स्वास्थ्य विभाग एवं सरकार के आधिकारिक स्रोतों का ही अनुसरण करें। उन्होंने कहा कि ‘टीका मित्र’ एलईडी प्रचार वाहन के माध्यम से चलाए जा रहे जनजागरूकता अभियान में सभी लोग सहयोग करें और प्रत्येक बच्चे का संपूर्ण टीकाकरण सुनिश्चित कराकर उसे गंभीर एवं जानलेवा बीमारियों से सुरक्षित रखने में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं। बच्चों का समय से टीकाकरण ही उनके स्वस्थ, सुरक्षित एवं उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला है।
मऊ कोठिया धाम में ब्रह्मर्षि रामकृष्ण जी के जन्मोत्सव पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

मुहम्मदाबाद गोहना (मऊ)। क्षेत्र के कोठिया स्थित ब्रह्मर्षि धाम में मंगलवार को श्री ब्रह्मर्षि रामकृष्ण जी के जन्मोत्सव के अवसर पर भव्य ब्रह्म गायत्री जप यज्ञ एवं मेले का आयोजन किया गया। करीब सौ वर्षों से चली आ रही इस धार्मिक परंपरा में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

गायत्री मंत्रोच्चार और वैदिक मंत्रों के बीच विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ में पूर्णाहुति दिलाई। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने यज्ञ भगवान, राधा-कृष्ण और कोठिया धाम के महाराज जी का दर्शन-पूजन कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।

जन्मोत्सव में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों के साथ महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी बड़ी संख्या में पहुंचे। आजाद समाज पार्टी के मुहम्मदाबाद गोहना विधानसभा प्रभारी प्रत्याशी डॉ. प्रेमचंद प्रधान ने भी धाम पहुंचकर दर्शन-पूजन किया।

मेले में सजीं विभिन्न प्रकार की दुकानें
जन्मोत्सव के अवसर पर आयोजित मेले में मंदिर परिसर के आसपास विभिन्न प्रकार की दुकानें आकर्षण का केंद्र रहीं। मिठाई, छोला, जलेबी, पकौड़ी, चाट और चाउमीन समेत कई खाद्य पदार्थों की दुकानें सजी रहीं। बच्चों और महिलाओं ने मेले का जमकर आनंद उठाया।
सुरक्षा व्यवस्था में मुस्तैद रही पुलिस

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद रही। वलीदपुर चौकी प्रभारी नूर आलम पुलिस टीम के साथ पूरे समय मुस्तैद रहे। पुलिसकर्मी चंदन कुमार बादल, ओमप्रकाश सिंह और रमिता मौर्या समेत अन्य जवानों ने मेले में निगरानी रखते हुए सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग किया।

बताया गया कि 30 अक्टूबर से शुरू हुआ यह धार्मिक आयोजन मंगलवार को विधिवत संपन्न हुआ। अंतिम दिन श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुति देकर धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया।

आयोजन को सफल बनाने में अशोक सिंह, सुदामा पांडेय, लव चतुर्वेदी, कमलेश यादव, देवनाथ यादव, संजय गोंड, चंडी प्रसाद तिवारी, संदीप गोंड, शिव प्रसाद यादव और केशव यादव सहित अन्य आयोजकों एवं स्थानीय लोगों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
भरत मिलाप के भावपूर्ण मंचन के साथ रामलीला का हुआ समापन

मुहम्मदाबाद गोहना (मऊ)। भातकोल बाजार में श्री महावीर क्लब रामलीला समिति के तत्वावधान में आयोजित रामलीला का सोमवार को भरत मिलाप के भावपूर्ण मंचन के साथ विधिवत समापन हुआ। अंतिम दिन मंच पर कलाकारों ने विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक प्रसंगों का मनमोहक मंचन कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।

भरत मिलाप प्रसंग के दौरान भगवान श्रीराम के वनवास से लौटने और अपने भाई भरत से मिलन का दृश्य देखकर दर्शक भावविभोर हो उठे। कलाकारों ने शानदार अभिनय के माध्यम से भाईचारे, त्याग, प्रेम और मर्यादा का संदेश प्रस्तुत किया। भरत और श्रीराम के मिलन का दृश्य रामलीला का मुख्य आकर्षण रहा।

कार्यक्रम के दौरान देर रात तक रामलीला मंच के सामने दर्शकों की भारी भीड़ जुटी रही। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ धार्मिक मंचन का आनंद लिया।

रामलीला के समापन अवसर पर समिति की ओर से मंचन में हिस्सा लेने वाले सभी कलाकारों को अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि रामलीला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि भगवान श्रीराम के आदर्शों, त्याग, मर्यादा, कर्तव्य और भाईचारे का संदेश समाज तक पहुंचाने की महत्वपूर्ण परंपरा है।
समिति ने सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी कलाकारों, सदस्यों एवं स्थानीय लोगों का आभार जताया।

कार्यक्रम में रामलीला अध्यक्ष सुबास सैनी, मनोज प्रजापति, वीरेंद्र भारती, अरविंद शर्मा, सोनू कुमार, अभिषेक सैनी, जोगेंद्र शर्मा, पप्पू उपाध्याय, शिशु पांडेय, बिकानू शर्मा, विद्या चौहान और मंगल चौहान समेत रामलीला समिति के दर्जनों सदस्य मौजूद रहे।
मऊ मुंशीपुरा ओवरब्रिज से रेलवे स्टेशन तक बनी सीसी सड़क एक माह में ही उखड़ी, निर्माण में मानकों की अनदेखी का आरोप
पूर्व सभासद छोटे लाल गांधी ने जिलाधिकारी से की शिकायत, तकनीकी जांच, दोषियों पर कार्रवाई और सड़क के पुनर्निर्माण की मांग

मऊ। नगर पालिका परिषद मऊनाथ भंजन के मुंशीपुरा ओवरब्रिज से दुर्गा मंदिर, बेलाल मस्जिद होते हुए रेलवे स्टेशन के स्वागत द्वार तक जाने वाले प्रमुख मार्ग के निर्माण में कथित अनियमितताओं का मामला सामने आया है। सड़क निर्माण के महज एक माह के भीतर ही जगह-जगह गिट्टियां उखड़ने, गड्ढे बनने और सड़क के ऊबड़-खाबड़ होने का आरोप लगाते हुए पूर्व सभासद एवं सामाजिक कार्यकर्ता छोटे लाल गांधी ने जिलाधिकारी मऊ को शिकायती प्रार्थना पत्र देकर उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराने की मांग की है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, लगभग 266 मीटर लंबे और पांच से सवा पांच मीटर चौड़े इस मार्ग का निर्माण नगर पालिका परिषद द्वारा करीब 39 लाख 12 हजार 843 रुपये की लागत से स्वीकृत किया गया था।

आरोप है कि निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों की अनदेखी करते हुए पक्की काली गिट्टी के स्थान पर अहिरौला की सफेद गिट्टी का प्रयोग किया गया। वहीं पुराने इंटरलॉकिंग ईंटों के ऊपर महज डेढ़ से दो इंच जीएसबी एवं अन्य गिट्टी डालकर सड़क निर्माण कराने तथा कई स्थानों पर सीसी ढलाई की मोटाई केवल चार से पांच इंच रखने का भी आरोप लगाया गया है।

छोटे लाल गांधी का कहना है कि स्थानीय लोगों द्वारा बार-बार शिकायत और आग्रह किए जाने के बावजूद ठेकेदार ने बिना उचित वाटर लेवल लिए और पर्याप्त मशीनरी व तकनीकी प्रक्रिया अपनाए जल्दबाजी में मात्र छह दिनों के भीतर सड़क की ढलाई करा दी। इससे सड़क कई स्थानों पर ऊंची-नीची रह गई।

कुछ स्थानों पर सड़क का स्तर नीचे होने से बरसात के दौरान पानी और कीचड़ जमा हो रहा है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि सड़क निर्माण के कुछ ही समय बाद गिट्टियां उखड़ने लगीं और जगह-जगह गड्ढे बन गए।

इससे महिलाओं, बुजुर्गों, स्कूली बच्चों और राहगीरों को आवागमन में काफी परेशानी हो रही है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि पहले की गई शिकायतों के बाद सड़क के लगभग 20 मीटर हिस्से को ही आंशिक रूप से तोड़कर मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति की गई, लेकिन वह हिस्सा भी दोबारा क्षतिग्रस्त हो गया।

पूर्व सभासद ने ठेकेदार नागेंद्र नारायण सिंह, संबंधित अवर अभियंता रमेशचंद्र तथा अधिशासी अधिकारी मणिभूषण तिवारी सहित अन्य संबंधित अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि निर्माण की गुणवत्ता और भुगतान प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

छोटे लाल गांधी के मुताबिक, इस संबंध में नगर पालिका अध्यक्ष एवं अधिशासी अधिकारी को ऑनलाइन शिकायतें भेजने के साथ ही जिलाधिकारी को भी रजिस्ट्री डाक के माध्यम से कई बार अवगत कराया गया। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ।

10 दिनों में तकनीकी जांच कराने की मांग
जिलाधिकारी से मांग की गई है कि नगर पालिका के संबंधित अभियंता द्वारा तैयार किए गए एस्टीमेट के आधार पर किसी अन्य विभाग के तकनीकी इंजीनियर अथवा सक्षम स्वतंत्र जांच एजेंसी से मौके पर बिंदुवार जांच कराई जाए। जांच पूरी होने और सड़क का पुनर्निर्माण होने तक संबंधित ठेकेदार के भुगतान पर रोक लगाई जाए।

यदि जांच में अनियमितताएं प्रमाणित होती हैं तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करते हुए ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया अपनाई जाए।

शिकायतकर्ता ने करीब 39.12 लाख रुपये की लागत से बनी सड़क की गुणवत्ता और सरकारी धन के उपयोग की पारदर्शी जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि यह मामला केवल एक सड़क का नहीं, बल्कि आम जनता की सुविधा और सरकारी धन की जवाबदेही से जुड़ा है। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है और मुंशीपुरा क्षेत्र के लोगों को जर्जर सड़क की समस्या से कब तक निजात मिलती है।