झारखंड में मौसम का मिजाज बिगड़ा: रांची सहित 14 जिलों में आंधी, ओलावृष्टि और वज्रपात का 'ऑранже अलर्ट' जारी
झारखंड : 21 मार्च 2026
मार्च महीने में अचानक आए इस मौसमी बदलाव के कारण 21 मार्च 2026 को भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के रांची केंद्र ने राज्य के एक बड़े हिस्से के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' (Orange Alert) जारी किया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और स्थानीय चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के सक्रिय होने के कारण राजधानी रांची सहित झारखंड के उत्तरी, मध्य और पूर्वी जिलों में मौसम के अत्यधिक आक्रामक होने की चेतावनी दी गई।
इस मौसमी चेतावनी और सुरक्षा से जुड़ी मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
तेज हवाएं और ओलावृष्टि का अलर्ट
• 60 से 70 किमी/घंटे की रफ्तार: मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जताया कि इस दौरान राज्य के प्रभावित हिस्सों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी आंधी-तूफान और तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे कच्चे मकानों, पेड़ों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
• ओलावृष्टि (Hailstorm) की संभावना: आंधी के साथ-साथ कई इलाकों में तेज गर्जना के साथ ओले गिरने की भी आशंका जताई गई, जो खेतों में खड़ी रबी और तैयार फसलों (विशेषकर दलहन और आम के मोजर) के लिए काफी नुकसानदेह साबित हो सकती है।
इन 14 जिलों के लिए विशेष चेतावनी
मौसम केंद्र ने राज्य के जिन जिलों को इस ऑरेंज अलर्ट के दायरे में रखा, वे निम्नलिखित हैं:
• मध्य व राजधानी क्षेत्र: रांची, रामगढ़, बोकारो और हजारीबाग।
• संथाल परगना प्रमंडल: दुमका, देवघर, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज।
• उत्तरी छोटानागपुर क्षेत्र: धनबाद, गिरिडीह, कोडरमा और चतरा।
⚡ वज्रपात (आकाशीय बिजली) को लेकर प्रशासन मुस्तैद
झारखंड में मानसून से पहले और मार्च-अप्रैल के महीनों में वज्रपात (Lightning) से जान-माल का काफी नुकसान होता है। इसे देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग और मौसम विभाग ने आम नागरिकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की:
1. पेड़ों के नीचे शरण न लें: कड़कड़ाती धूप के बाद अचानक आने वाले तूफान के दौरान ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों या ट्रांसफार्मर के पास खड़े होने से सख्त मना किया गया।
2. इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से दूरी: तेज गर्जना के समय घरों के भीतर टीवी, फ्रिज और मोबाइल चार्जिंग जैसे बिजली के उपकरणों का प्लग निकाल देने की सलाह दी गई।
3. किसानों को हिदायत: खेतों में काम कर रहे किसानों और चरवाहों को मौसम खराब होते ही तुरंत पक्के मकानों या सुरक्षित स्थानों पर चले जाने को कहा गया।
मौसम विभाग के अनुसार, इस आंधी-बारिश और ओलावृष्टि के कारण दिन के तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को मार्च की शुरुआती गर्मी से तो तात्कालिक राहत मिलेगी, लेकिन तेज हवाओं के कारण जनजीवन आंशिक रूप से प्रभावित हो सकता है।
यदि आप इस तूफान के कारण विभिन्न जिलों में फसलों को हुए नुकसान की रिपोर्ट या आगामी 2-3 दिनों के मौसम के विस्तृत पूर्वानुमान के बारे में जानना चाहते हैं, तो कृपया मुझे बताएं।
3 hours ago
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