झारखंड में मौसम का मिजाज बिगड़ा: रांची सहित 14 जिलों में आंधी, ओलावृष्टि और वज्रपात का 'अलर्ट' जारी
रांची : 19 मार्च 2026: देश के उच्च शिक्षण संस्थानों और विश्वविद्यालयों में कथित तौर पर बढ़ते जातिगत भेदभाव और केंद्र सरकार की नई नीतियों के खिलाफ चल रहे राष्ट्रव्यापी आंदोलन की गूंज 19 मार्च 2026 को झारखंड की राजधानी रांची में भी पुरजोर तरीके से सुनाई दी। रांची के विभिन्न विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के छात्र संगठनों ने एकजुट होकर सड़कों पर उतरकर केंद्र सरकार और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन और नारेबाजी की। छात्रों ने हाल ही में आए 'यूजीसी रेगुलेशन 2026' पर तुरंत रोक लगाने और परिसरों में छात्रों की सुरक्षा के लिए 'रोहित एक्ट' को अविलंब लागू करने की पुरजोर मांग की।
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क्या है यूजीसी रेगुलेशन 2026 और छात्रों का विरोध?
प्रदर्शनकारी छात्र नेताओं के अनुसार, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा वर्ष 2026 में जारी किए गए नए नियम और रेगुलेशन उच्च शिक्षा में वंचित, पिछड़े और अनुसूचित जाति/जनजाति (SC/ST/OBC) वर्ग के छात्रों के अधिकारों को सीमित करते हैं।
• स्वायत्तता और फेलोशिप पर संकट: छात्रों का आरोप है कि नए नियमों के तहत फेलोशिप की प्रक्रियाओं को जटिल बनाया जा रहा है और विश्वविद्यालयों के निजीकरण को बढ़ावा मिल रहा है, जिससे गरीब पृष्ठभूमि से आने वाले मेधावी छात्रों के लिए उच्च शिक्षा हासिल करना बेहद मुश्किल हो जाएगा।
• रेगुलेशन पर रोक की मांग: रांची विश्वविद्यालय (RU) और अन्य संबद्ध कॉलेजों के छात्रों ने मार्च करते हुए राजभवन के समीप प्रदर्शन किया और मांग की कि जनविरोधी यूजीसी रेगुलेशन 2026 को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए।



3 hours ago
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