ब्लॉक प्रमुख कुशी बाजपेई ने किया उद्घाटन, इंटरलॉकिंग और नाली निर्माण से ग्रामीणों को मिलेगी राहत
Sb न्यूज़ बबलू प्रजापति
पिहानी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा बेहतर बनाने और सड़कों को गड्ढामुक्त रखने की दिशा में विकास कार्यों को गति दी जा रही है। इसी क्रम में विकास खंड के रैगाई गांव में नवनिर्मित पांच सड़कों का ब्लॉक प्रमुख कुशी बाजपेई ने लोकार्पण किया। इंटरलॉकिंग और नाली निर्माण कार्य पूरा होने से ग्रामीणों को आवागमन में सहूलियत मिलेगी, वहीं जलभराव और कीचड़ की समस्या से भी राहत मिलने की उम्मीद है।
लोकार्पण के दौरान ब्लॉक प्रमुख ने कहा कि प्रदेश सरकार गांवों के सर्वांगीण विकास और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। गड्ढामुक्त सड़क अभियान की भावना के अनुरूप ग्रामीण मार्गों को बेहतर, सुरक्षित और सुगम बनाए रखना आवश्यक है। गांवों में सड़क और जलनिकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं का विस्तार विकास की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए।
कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य सोनू भारती, प्रधान संघ अध्यक्ष मेवाराम राठौर, संदीप शुक्ला जहानीखेड़ा, राजीव सिंह कोटरा, साजिद खां देवमलपुर, तहसीम खां पीरपुर, उमाकांत सलेमपुर, सुरेश कुशवाहा शाहपुर सैदान, अखिलेश दीक्षित सरावर, अनिल प्रधान अरुआपारा, गोपाल मिश्रा चढ़िया बुजुर्ग, संजय बहादुरनगर, मोहम्मद महमूदपुर के प्रधान, असीर अहमद सहिजना, विनीत गुप्ता हिंदूनगर और अतीक अहमद देहलिया सहित कई ग्राम प्रधान मौजूद रहे।
इसके अलावा बीडीसी हरिराम इटारा, रामदास जमुही, रुकूमकेश राठौर हन्न पसिंगवा, राजीव गुप्ता, राममोहित मौर्य, राजबहादुर कोरिगवां, ममता वर्मा, मंडल अध्यक्ष अमित त्रिवेदी, पूर्व प्रधान बुद्ध प्रकाश अवस्थी, बड़े अवस्थी, गिरीश बाजपेई, नवनीत बाजपेई, विपुल शुक्ला, बब्बन दीक्षित, परशुराम गुप्ता, अमित शुक्ला, मोनू मिश्रा, उदयवीर सिंह, दिनेश सिंह, मोहित तिवारी, शब्बू, तुषार बाजपेई, कुलदीप दीक्षित, पवन मिश्रा, सोनू अवस्थी और अजात बाजपेई सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
बाई का बाग दुर्गा पूजा बारवारी का शताब्दी वर्ष में ऐतिहासिक जलवा, सभी श्रेणियों में प्रथम स्थान हासिल कर रचा कीर्तिमान
शताब्दी सम्मान से नवाजी गई समिति, पद्मनाभस्वामी मंदिर की भव्य थीम और अलौकिक मां दुर्गा की प्रतिमा ने बिखेरा आकर्षण

प्रयागराज

Sb न्यूज से ब्यूरो चीफ विश्वनाथ प्रताप सिंह

बाई का बाग दुर्गा पूजा बारवारी ने अपने गौरवशाली शताब्दी वर्ष में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली। बंगाली वेलफेयर एसोसिएशन, इलाहाबाद दुर्गा पूजा समिति के सहयोग से भारत सेवाश्रम संघ में आयोजित दुर्गा पूजा पारितोषिक वितरण समारोह में बाई का बाग बारवारी को प्रतिष्ठित 'शताब्दी सम्मान पुरस्कार' से सम्मानित किया गया। इस वर्ष विभिन्न प्रतिस्पर्धात्मक श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए समिति ने प्रथम स्थान हासिल कर अपनी श्रेष्ठता का परचम लहराया।बाई का बाग दुर्गा पूजा पंडाल इस वर्ष केरल के विश्वप्रसिद्ध पद्मनाभस्वामी मंदिर की भव्य स्थापत्य कला और वैभवशाली स्वरूप पर आधारित था। पंडाल की अद्भुत सजावट, बारीक कलाकारी और आकर्षक प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं एवं दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा ऐसी प्रतीत हो रही थी मानो साक्षात मां भवानी भक्तों को दर्शन देने के लिए विराजमान हों। स्वर्णिम आभा से दमकता मां का दरबार अलौकिक छटा बिखेर रहा था।विशेष रूप से केरल के पद्मनाभस्वामी मंदिर के तहखानों में सुरक्षित अकूत संपदा, बहुमूल्य हीरे-जवाहरात और नाग देवता से जुड़ी मान्यताओं को कलात्मक ढंग से जीवंत रूप में प्रदर्शित किया गया था। पूरी थीम की भव्यता और कलात्मक प्रस्तुति ने बाई का बाग पूजा को विशेष पहचान दिलाई।समारोह में विभिन्न श्रेणियों में प्राप्त शील्ड एवं प्रमाणपत्र समिति की ओर से राजू द्विवेदी, टीपी मिश्रा, सुब्रतो घोष, अमरीश जैन, सचिन रावत, जय मुखर्जी, जय अग्रवाल, अंकित सिंह सहित अन्य सदस्यों ने ग्रहण किए।
पूजा संयोजक एवं मीडिया प्रभारी लालू मित्तल ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि को श्रद्धालुओं, नगरवासियों और शुभचिंतकों के अपार स्नेह एवं विश्वास का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल समिति का नहीं, बल्कि उन सभी लोगों का है, जिन्होंने वर्षों से बाई का बाग दुर्गा पूजा की परंपरा, भव्यता और गरिमा को बनाए रखने में अपना योगदान दिया है। उन्होंने नगरवासियों एवं श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हाई बजट श्रेणी में भव्य एवं उत्कृष्ट प्रतिमा के लिए प्रथम स्थान प्राप्त करना पूरे परिवार के लिए गौरव और ऐतिहासिक क्षण है।
अन्य श्रेणियों के पुरस्कार
हाई बजट की 'कमाल की मूर्ति' श्रेणी में बाई का बाग बारवारी प्रथम स्थान पर रही। द्वितीय स्थान पर नेता नगर बारवारी और जॉर्ज टाउन बारवारी को सम्मानित किया गया।धमाल का पंडाल' श्रेणी में कटघर बारवारी विजेता रही, जबकि द्वितीय स्थान शाहगंज बारवारी और तृतीय स्थान रामानंद अल्लापुर बारवारी को मिला।मीडियम बजट की 'कमाल की मूर्ति' श्रेणी में महामाया प्रीतम नगर बारवारी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। मीरापुर, साउथ मलाका, कालिंदीपुरम और कीडगंज बारवारी को क्रमशः द्वितीय, तृतीय, चतुर्थ और पंचम स्थान से सम्मानित किया गया।इसी प्रकार मीडियम बजट की 'धमाल का पंडाल' श्रेणी में रामबाग बारवारी प्रथम रही। शास्त्री नगर, करेली, झूंसी योजना-2 और एनसीआर बारवारी को क्रमशः द्वितीय, तृतीय, चतुर्थ और पंचम स्थान प्राप्त हुआ। श्रेष्ठ प्रबंधन के लिए राजरूप बारवारी और भारद्वाजपुरम बारवारी को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया गया।कार्यक्रम का संचालन उत्तम कुमार बनर्जी ने किया, जबकि मंच प्रबंधन की जिम्मेदारी सुदीपा मित्रा ने निभाई।
गंगा एक्सप्रेसवे पर श्रद्धालुओं की बस पलटी, 19 घायल

वृंदावन से वाराणसी जा रहे थे पश्चिम बंगाल के श्रद्धालु, छह की हालत गंभीर; चालक को झपकी आने से हादसे की

रायबरेली। उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में रविवार को गंगा एक्सप्रेस-वे पर श्रद्धालुओं से भरी बस पलट गई। हादसे में 19 श्रद्धालु घायल हो गए, जिनका इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल में चल रहा है। पश्चिम बंगाल के सभी श्रद्धालु वृंदावन से काशी विश्वनाथ के दर्शन काे वाराणसी जा रहे थे।

पश्चिम बंगाल में हावड़ा ज़िले के कदमतला के श्रद्धालुओं का एक समूह बस से वृंदावन गया था। वृंदावन दर्शन के बाद सभी लोग वाराणसी जा रहे थे। लालगंज के उमरा मऊ में गंगा एक्सप्रेस-वे पर बस अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में बस सवार 19 श्रद्धालू घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने राहत बचाव करते हुए सभी घायलाें काे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया ।

लालगंज थाना प्रभारी प्रमोद सिंह ने बताया कि घायलों में सुदीप सिंह, उनकी पत्नी मोनिता, पुत्री सोमाली तथा पुत्र सेयम सिंह, पुरखित पांजा, उत्तम दिलोई, रोमा पत्नी पुरखित पांजा, मिनोती दास, सुजीत, सुहानी, दरजीत, विभव दिलई, श्रेष्टा मन्ना,रामदेव मन्ना, स्वामी रामदेव मन्ना, रूबी मन्ना, अशोक दास, खैतली मन्ना व वंदना हैं। सभी घायलों को एंबुलेंस से उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां से सेयमं सिंह, पुरखित पांजा, उत्तम दिलोई, रोमा, सोनाली तथा वंदना की हालत गंभीर हाेने पर जिला अस्पताल रेफर किया गया है। थाना प्रभारी प्रमोद सिंह का कहना है कि प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह बस के चालक को नींद की झपकी आना हाेना बताया गया है। पुलिस मामले की जांच की जा रही है।
जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने परीक्षा केंद्रों का किया आकस्मिक निरीक्षण


Sb न्यू ब्यूरो रितेश मिश्रा
हरदोई उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित प्रारम्भिक अर्हता परीक्षा 2026 को शांतिपूर्ण, शुचितापूर्ण एवं नकलविहीन सम्पन्न कराये जाने के दृष्टिगत जिलाधिकारी राहुल पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने प्रथम पाली की परीक्षा के दौरान राजकीय इंटर कालेज हरदोई, वेणी माधव विद्यापीठ बालिका इण्टर कालेज, आर्य कन्या महाविद्यालय, आर्य कन्या पाठशाला इण्टर कालेज का आकस्मिक निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखी। जिलाधिकारी ने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, कंट्रोल रूम, सीसीटीवी कैमरों के संचालन की स्थिति, आदि का भी गहनतापूर्वक निरीक्षण किया।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए अधीनस्थ सेवा चयन आयोग एवं शासन से प्राप्त निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करते हुए परीक्षा सम्पन्न करायी जाय। उन्होने कहा कि परीक्षार्थियों को कोई असुविधा न हो यह भी सुनिश्चित किया जाय। उन्होंने निर्देश दिए कि सम्बन्धित अधिकारी भ्रमणशील रहते हुए गहन निगरानी सुनिश्चित करें।
निरीक्षण के दौरान पुलिस क्षेत्राधिकारी सहित सम्बंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
सरदार वल्लभभाई पटेल का भारत की राजनीति और राष्ट्र-निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक योगदान रहा ..
सरदार वल्लभभाई पटेल की 151 वीं जयंती के पूर्व संध्या


प्रयागराज

Sb न्यूज से ब्यूरो चीफ विश्वनाथ प्रताप सिंह

लौह पुरुष ,भारत रत्न, किसानों के मसीहा, अखंड भारत के रचयिता एवं राष्ट्रीय एकता के प्रतीक श्रेष्ठ भारत के शिल्पकार सरदार वल्लभभाई पटेल की 151 वीं जयंती के पूर्व संध्या के अवसर पर सुमित्रा देवी ग्रामीण सेवा संस्थान के तत्वाधान में नंदन तालाब मे चौपाल का आयोजन किया गया। सभी उपस्थित बच्चे- बूढ़े और नौजवान ने सर्वप्रथम उनके पोर्ट्रेट चित्र पर आरती उतारी। इस अवसर पर
सुविख्यात समाजसेवी व भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा काशी क्षेत्र,क्षेत्रीय उपाध्याय सरदार पतविन्दर सिंह ने कहा कि भारत के पहले उप-प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पूरे देश में राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई जाती है देश की रियासतों का एकीकरण कर एक सूत्र में पिरोने मे सरदार वल्लभभाई पटेल का भारत की राजनीति और राष्ट्र-निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक योगदान रहा है। उन्हें भारत के 'लौह पुरुष' और 'राजनीतिक एकीकरण के जनक' के रूप में जाना जाता है।
कनिष्ठ ब्लॉक प्रमुख संजय श्रीवास्तव ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने भारत का राजनीतिक एकीकरण (560 से अधिक रियासतों का विलय) 1947 में जब देश आज़ाद हुआ, तब भारत छोटे-बड़े लगभग 565 से अधिक स्वतंत्र देशी रियासतों में बंटा हुआ था। सरदार पटेल ने अपनी असाधारण कूटनीति, संवाद और दृढ़ इच्छाशक्ति से लगभग सभी रियासतों को भारतीय संघ में शांतिपूर्वक मिलाया। जहाँ कूटनीति काम नहीं आई (जैसे जूनागढ़ और हैदराबाद), वहाँ उन्होंने कठोर और निर्णायक कदम उठाए।
सौरभ यादव ने कहा कि आज़ादी के बाद 1947 से 1950 तक उन्होंने देश के पहले उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की जिम्मेदारी संभाली। देश के विभाजन के बाद उत्पन्न शरणार्थी समस्या, आंतरिक सुरक्षा और प्रशासनिक चुनौतियों को संभालने में उनकी मुख्य भूमिका रही।तेजस यादव,परी पांडे,सोहेल अहमद,यथार्थ मिश्रा,योगेन्द्र पांडे, मन्नत मिश्रा,नीलेश चतुर्वेदी, सुमित सिंह कृष्ण शर्मा आर्य,सौरव यादव सरदार पतविंदर सिंह,संजय श्रीवास्तव सहित कई सामाजिक राजनीतिक गणमान्यजन लोगों ने अपने विचार रखें।
अस्पतालों में सफाई और जांच सुविधाओं पर विशेष जोर, मरीजों को बेहतर उपचार दिलाने के लिए व्यवस्थाओं की होगी पड़ताल
फर्रुखाबाद। जनपद की स्वास्थ्य इकाइयों में मरीजों को बेहतर उपचार और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से साफ-सफाई, जांच सुविधाओं, दवाओं की उपलब्धता तथा चिकित्सकीय व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय के निर्देशन में स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा कर मरीजों को समय से उपचार दिलाने और उनकी समस्याओं का प्रभावी समाधान करने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

स्वास्थ्य केंद्रों में आने वाले मरीजों को उपचार के साथ स्वच्छ वातावरण मिलना भी जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए अस्पताल परिसर, ओपीडी कक्ष, वार्ड, शौचालय तथा जांच कक्षों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाना महत्वपूर्ण है कि मरीजों को अस्पताल में अनावश्यक रूप से इधर-उधर न भटकना पड़े और उन्हें संबंधित सेवाएं एक ही स्थान पर निर्धारित व्यवस्था के अनुसार मिल सकें।

जांच सुविधाओं की उपलब्धता और उनके सुचारु संचालन से मरीजों को बीमारी की पहचान कराने में मदद मिलती है। इसलिए प्रयोगशालाओं में उपलब्ध उपकरणों, जांच की व्यवस्था, आवश्यक सामग्री और जांच रिपोर्ट समय से उपलब्ध कराने की स्थिति की समीक्षा पर जोर रहेगा। इसके साथ ही आवश्यक दवाओं की उपलब्धता तथा चिकित्सकों एवं अन्य कर्मचारियों की समय से उपस्थिति भी स्वास्थ्य सेवाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

स्वास्थ्य इकाइयों की व्यवस्थाओं का आकलन करते समय केवल अभिलेखों की स्थिति ही नहीं, बल्कि मरीजों को वास्तव में मिल रही सुविधाओं को भी महत्व दिया जाना चाहिए। जहां कोई कमी सामने आए, वहां उसके निस्तारण के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं और सुधार की स्थिति का पुनः सत्यापन किया जाए। इससे स्वास्थ्य केंद्रों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने में मदद मिलेगी।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय के निर्देशन में विभाग का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक व्यवस्थित बनाना और आमजन का सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों पर भरोसा मजबूत करना है। साफ-सफाई, जांच, दवा वितरण और उपचार व्यवस्था में सुधार का सीधा लाभ मरीजों को मिलना चाहिए, ताकि उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
आधार प्रमाणीकरण और एचपीआर आईडी बनाने में लापरवाही पर स्वास्थ्य विभाग सख्त, दो दिन में पूरा करना होगा लंबित कार्य

अक्टूबर माह के मानदेय पर पड़ सकता है असर, मानव सम्पदा पोर्टल पर डाटा अपडेट करने में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

फर्रुखाबाद। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत जनपद में कार्यरत संविदा कर्मचारियों के मानव सम्पदा पोर्टल पर डाटा अपडेट, आधार प्रमाणीकरण और एचपीआर आईडी सृजन की प्रक्रिया को लेकर स्वास्थ्य विभाग गंभीर है। इन कार्यों में लापरवाही और अनावश्यक देरी के कारण लंबित प्रकरणों को समयबद्ध तरीके से पूरा करना जरूरी है। विभागीय समीक्षा में सामने आई कमियों को देखते हुए संबंधित कर्मचारियों और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जा रही है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कार्यरत सभी संविदा कर्मचारियों का मानव सम्पदा पोर्टल पर विवरण अद्यतन होना और आधार प्रमाणीकरण पूरा होना आवश्यक है। इसके साथ ही जिन कर्मचारियों की एचपीआर आईडी अभी तक नहीं बनी है, उन्हें भी यह प्रक्रिया शीघ्र पूरी करानी होगी। इन कार्यों का उद्देश्य कर्मचारियों का डिजिटल विवरण व्यवस्थित रखना और विभागीय प्रक्रियाओं को सुचारु बनाना है।

सीएमओ ने कहा कि संबंधित चिकित्सा इकाइयों में लंबित प्रकरणों की जानकारी लेकर कर्मचारियों से संपर्क किया जाना चाहिए, ताकि किसी भी स्तर पर प्रक्रिया अधूरी न रहे। संबंधित प्रभारी अधिकारियों और ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधकों की जिम्मेदारी है कि वे अपने क्षेत्र में कार्य की प्रगति पर नजर रखें तथा कर्मचारियों को मानव सम्पदा पोर्टल पर डाटा अपडेट करने, आधार प्रमाणीकरण पूरा करने और एचपीआर आईडी बनवाने में आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि इन कार्यों के संबंध में पहले भी समीक्षा की जा चुकी है। इसके बावजूद प्रकरणों का लंबित रहना कार्यप्रणाली में गंभीर कमी को दर्शाता है। सभी संबंधित कर्मचारियों को दो दिन के भीतर अपना लंबित कार्य पूरा करना होगा। संबंधित अधिकारी भी यह सुनिश्चित करें कि निर्धारित समय सीमा में सभी प्रकरणों का निस्तारण हो जाए और कोई भी पात्र कर्मचारी प्रक्रिया से वंचित न रहे।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने चेताया कि निर्धारित अवधि में कार्य पूरा नहीं करने वाले संविदा कर्मचारियों के अक्टूबर माह के मानदेय पर रोक लगाने की कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही संबंधित ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक एवं जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी समीक्षा की जाएगी। कार्य लंबित रहने की स्थिति में संबंधित स्तर पर जवाबदेही तय होगी।

सीएमओ ने कहा कि मानव सम्पदा पोर्टल पर सही एवं अद्यतन विवरण, आधार प्रमाणीकरण और एचपीआर आईडी सृजन की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाना चाहिए। सभी संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत निगरानी रखते हुए समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण कराएं, जिससे जनपद स्तर पर शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके।
34 स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का आयोजन, 1251 मरीजों को मिला उपचार; 13 मरीज किए गए रेफर
बुखार, त्वचा, श्वांस और मधुमेह समेत विभिन्न बीमारियों की हुई जांच, 142 पैरामेडिकल कर्मचारियों ने संभाली स्वास्थ्य सेवाओं की जिम्मेदारी

फर्रुखाबाद।
जनपद में रविवार को 34 प्राथमिक एवं नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देशन में आयोजित मेले में 35 चिकित्सकों एवं 142 पैरामेडिकल कर्मचारियों ने मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराईं। मेले का उद्देश्य लोगों को उनके नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों पर ही जांच, उपचार एवं चिकित्सकीय परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराना रहा।

1251 मरीजों का हुआ पंजीकरण

आरोग्य मेले में कुल 1251 मरीजों ने पहुंचकर उपचार प्राप्त किया। इनमें 569 पुरुष, 520 महिलाएं और 162 बच्चे शामिल रहे। मरीजों को उनकी बीमारी के अनुसार चिकित्सकीय परामर्श एवं आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया गया। इसके साथ ही 39 गर्भवती महिलाओं की भी स्वास्थ्य जांच की गई।

त्वचा और अन्य बीमारियों के मरीजों की संख्या अधिक

मेले में त्वचा संबंधी समस्याओं के 337, अन्य बीमारियों के 383, श्वांस संबंधी 165, गैस्ट्रो संबंधी 158, मधुमेह के 166, बुखार के 230, उच्च रक्तचाप के 66 तथा लीवर संबंधी 42 मरीजों का उपचार किया गया। इसके अतिरिक्त 11 लोगों को तंबाकू छोड़ने के लिए परामर्श दिया गया तथा तीन लोगों की आंखों की जांच की गई।

मलेरिया और डेंगू की भी हुई जांच

मौसमी एवं संक्रामक बीमारियों पर नियंत्रण के लिए मेले में 85 मरीजों की मलेरिया तथा 35 मरीजों की डेंगू जांच की गई। जांच में मलेरिया और डेंगू का कोई पॉजिटिव मामला सामने नहीं आया। वहीं 34 लोगों के हेपेटाइटिस-बी तथा 30 लोगों के हेपेटाइटिस-सी कार्ड टेस्ट किए गए। टीबी के 18 संदिग्ध मरीज चिह्नित किए गए तथा 29 लोगों की कोविड जांच भी की गई।

13 मरीजों को उच्च चिकित्सा केंद्रों पर किया रेफर

आरोग्य मेले में बेहतर एवं विशेषज्ञ उपचार की आवश्यकता वाले 13 मरीजों को उच्च चिकित्सा संस्थानों के लिए रेफर किया गया। इसके अलावा दो लोगों के गोल्डन कार्ड बनाए गए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी बनाए रखने तथा आरोग्य मेले में आने वाले प्रत्येक मरीज को समुचित उपचार एवं आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
मांडा बामपुर में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई सरदार वल्लभभाई पटेल जी की जयंती एवं मा.राजा भइया जी का जन्मदिवस
प्रयागराज

Sb न्यूज से ब्यूरो चीफ विश्वनाथ प्रताप सिंह

जनसत्ता दल लोकतांत्रिक पार्टी के जिला अध्यक्ष विनित त्रिपाठी एवं युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष प्रिंस परिहार कोरांव विधानसभा के प्रभारी विनय प्रताप सिंह तथा मनोहर प्रताप सिंह को कोरांव ब्लॉक पद पर नियुक्त किया गया। विश्वनाथ प्रताप सिंह को जिला मिडिया प्रभारी के पद पर नियुक्त किया गया है। दिनांक 31 अक्टूबर* को भारत के लौह पुरुष एवं पूर्व उप प्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल जी  की जयंती तथा जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय कुँवर रघुराज प्रताप सिंह ‘राजा भइया’ जी* का जन्मदिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
केक काटकर मा.राजा भइया जी का जन्मदिवस मनाया।* उपस्थित सभी लोगों ने सरदार वल्लभभाई पटेल जी* के राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की तथा *मा.राजा भइया जी* के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं सफल राजनीतिक जीवन की कामना की।

इस अवसर पर जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी, समर्थक एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने आपसी सौहार्द, एकजुटता और संगठन की मजबूती का संदेश देते हुए कार्यक्रम को उत्साहपूर्वक संपन्न किया।

कार्यक्रम में वरिष्ठ जनों, बड़े भाइयों एवं युवा साथियों की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष बना दिया। जनसत्ता दल परिवार ने इस अवसर पर संगठन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
किसानों से मिले नायब तहसीलदार, ज्ञापन लेकर शासन तक पहुंचाने का दिया भरोसा

Sb न्यूज़ ब्यूरो रितेश मिश्रा
हरदोई रूपापुर। औद्योगिक गलियारे के निर्माण को लेकर किसानों का धरना-प्रदर्शन लगातार जारी है। अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों के बीच रविवार को नायब तहसीलदार राजेश पटेल धरना स्थल पर पहुंचे। यहां उन्होंने किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और मांगों को गंभीरता से सुना। इसके बाद किसानों की ओर से सौंपा गया ज्ञापन प्राप्त करते हुए उसे शासन एवं उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने का भरोसा दिया।
नायब तहसीलदार ने किसानों को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों और समस्याओं से संबंधित ज्ञापन को संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा, ताकि किसानों की बात शासन स्तर तक पहुंच सके। उन्होंने यह भी बताया कि जल्द ही जिला प्रशासन के किसी वरिष्ठ अधिकारी के धरना स्थल पर पहुंचकर किसानों से वार्ता करने की संभावना है। इससे किसानों को अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के सामने रखने का अवसर मिल सकेगा।
इस दौरान नायब तहसीलदार राजेश पटेल ने किसानों से आंदोलन के दौरान शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसान किसी भी प्रकार की हिंसक गतिविधि से दूर रहें और अपनी मांगों को लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से प्रशासन के सामने रखते रहें।
विकास के विरोध में नहीं, किसानों के हितों की रक्षा की मांग
धरना दे रहे किसानों ने अपनी मांगों को स्पष्ट करते हुए कहा कि उन्हें औद्योगिक गलियारे के निर्माण अथवा क्षेत्र में उद्योग स्थापित होने से कोई आपत्ति नहीं है। उद्योगों की स्थापना से क्षेत्र में विकास और रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं, लेकिन विकास की इस प्रक्रिया में किसानों के हितों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए।
किसानों का कहना है कि जिस जमीन पर उनका परिवार वर्षों से निर्भर है, उसके अधिग्रहण की स्थिति में उन्हें उचित और सम्मानजनक मुआवजा मिलना चाहिए। जमीन ही अधिकांश किसानों की आजीविका का प्रमुख साधन है। ऐसे में मुआवजे का निर्धारण इस तरह होना चाहिए, जिससे प्रभावित किसान अपने परिवार का भरण-पोषण और भविष्य सुरक्षित रख सकें।
किसानों ने विशेष रूप से पट्टाधारक किसानों का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि पट्टे पर मिली जमीन पर खेती कर रहे किसानों को भी नियमानुसार उचित मुआवजा और उनका अधिकार मिलना चाहिए। औद्योगिक गलियारे से प्रभावित होने वाले ऐसे किसानों के हितों की भी अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।
जिलाधिकारी से स्वयं धरना स्थल पर पहुंचने की अपील
किसानों ने जिलाधिकारी हरदोई से मांग की कि वह स्वयं धरना स्थल पर पहुंचकर किसानों की समस्याओं को सुनें और उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लें। किसानों का कहना है कि वे लगातार अपनी बात प्रशासन के सामने रख रहे हैं, लेकिन अभी तक उनकी प्रमुख मांगों का समाधान नहीं हो सका है।
किसानों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन किसी विकास कार्य को रोकने के उद्देश्य से नहीं है, बल्कि वे अपनी जमीन के बदले न्यायसंगत मुआवजे और अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस और संतोषजनक कार्रवाई नहीं होती, तब तक धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा।
रविवार को नायब तहसीलदार के धरना स्थल पर पहुंचने और ज्ञापन लेने के बाद किसानों को अपनी समस्याएं शासन तक पहुंचने की उम्मीद जगी है। अब किसानों की निगाहें जिला प्रशासन के अगले कदम और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ होने वाली संभावित वार्ता पर टिकी हैं।
इस अवसर पर नन्हे सिंह, राकेश सिंह, कृष्ण मुरारी, मुन्नी मियां, जलालुद्दीन, बड़े सिंह, छोटे सिंह, किशन सिंह, रईस पाल, रामपाल, सत्यपाल, बनवारी, छोटे भैया सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।