कला, साहित्य और संगीत की प्रस्तुतियों से सजा ‘कला द्वीप महोत्सव’, शौर्य और संस्कृति का हुआ संगम
अगले वर्ष दूसरे शहर में नए अध्याय के साथ महोत्सव आयोजित करने की घोषणा

गोरखपुर। कला, साहित्य, संगीत और भारतीय सांस्कृतिक विरासत के विविध रंगों से सजा ‘कला द्वीप महोत्सव–शौर्य पर्व अध्याय दो 2026’ शनिवार को गोरखपुर विश्वविद्यालय के दीक्षा भवन प्रेक्षागृह में उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कला द्वीप फाउंडेशन की ओर से आयोजित इस महोत्सव में चौरी-चौरा के अमर शहीदों की स्मृति, महान क्रांतिकारी पंडित राम प्रसाद बिस्मिल की पुण्यतिथि तथा लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर राष्ट्रभक्ति, साहित्यिक चेतना और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। देश के विभिन्न शहरों से आए कवियों, साहित्यकारों और कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

महोत्सव का उद्देश्य भारतीय संस्कृति, साहित्य और कला की समृद्ध परंपरा को प्रोत्साहित करने के साथ ही देश के महान क्रांतिकारियों और राष्ट्रनिर्माताओं के योगदान को स्मरण करना रहा। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों, साहित्यकारों, कलाकारों और युवाओं की सहभागिता ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की।

साहित्यकारों को मिला विशिष्ट सम्मान

महोत्सव के दौरान साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए पंडित यमुना प्रसाद उपाध्याय को ‘पंडित रामदरश मिश्र साहित्य सम्मान’ तथा सर्वेश तिवारी ‘श्रीमुख’ को ‘कला द्वीप साहित्य सम्मान’ प्रदान किया गया। सम्मान समारोह के माध्यम से साहित्यिक सृजन, रचनात्मक अभिव्यक्ति और हिंदी साहित्य के प्रति समर्पित व्यक्तित्वों के योगदान को रेखांकित किया गया।

कवियों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां

महोत्सव का काव्य सत्र साहित्यिक उत्साह और काव्य रस से सराबोर रहा। अयोध्या की अर्चना द्विवेदी, गोरखपुर की ओज कवयित्री डॉ. चेतना पांडेय, फैज खलीलाबादी, लखनऊ के धीरज मिश्रा शांडिल्य तथा झांसी के पंकज अभिराज सहित विभिन्न शहरों से आए कवियों ने अपनी रचनाओं का पाठ किया।

कवियों की प्रस्तुतियों में साहित्यिक संवेदना, सामाजिक सरोकार और राष्ट्रप्रेम की अभिव्यक्ति देखने को मिली। विविध विषयों पर आधारित काव्य पाठ ने श्रोताओं को भावविभोर किया। काव्य सत्र का संचालन बस्ती के मनीष भट्ट शर्मा ने किया।

शास्त्रीय संगीत और लोककला ने मोहा मन

महोत्सव की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहीं। आकाशवाणी एवं दूरदर्शन, नई दिल्ली के उपनिदेशक डॉ. संतोष नाहर ने वायलिन, पंडित रामदास तालमणि ने पखावज और डॉ. राजकुमार नाहर ने तबले के माध्यम से इंस्ट्रूमेंटल फ्यूजन की प्रभावशाली प्रस्तुति दी। विभिन्न वाद्ययंत्रों के सुरों के समन्वय ने प्रेक्षागृह में उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

वहीं, मुजफ्फरपुर के लोक कलाकार बाबू देवेंद्र तथा संदीप एवं पवन पंछी की टीम ने फरुहाई लोकनृत्य और लोकगायन के माध्यम से भारतीय लोकसंस्कृति की समृद्ध परंपरा को जीवंत किया। पारंपरिक लोकधुनों और नृत्य की मनोहारी प्रस्तुति ने दर्शकों को लोककला की विविधता से परिचित कराया। शास्त्रीय संगीत से लेकर लोकनृत्य तक की प्रस्तुतियों ने महोत्सव को बहुआयामी सांस्कृतिक स्वरूप प्रदान किया।

अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति

कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णु कुमार उपाध्याय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में शत्रुघ्न ठाकुर, समाजसेवी राकेश त्रिपाठी, अतुल श्रीवास्तव, रतन सेन डिग्री कॉलेज के प्राचार्य संतोष सिंह तथा पंचायती राज विभाग के उपनिदेशक हिमांशु शेखर ठाकुर शामिल रहे। इसके साथ ही आरजे अनुराग और आरजे दीप्ति की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा बढ़ाई।

कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने कला, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए ऐसे आयोजनों को महत्वपूर्ण बताया। महोत्सव ने रचनात्मक प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध कराने तथा विभिन्न विधाओं से जुड़े लोगों को एक साथ लाने का अवसर प्रदान किया।

आयोजन की सफलता में टीम का रहा महत्वपूर्ण योगदान

महोत्सव के सफल आयोजन और उसके विस्तार में कार्यक्रम अध्यक्ष प्रखर पुंज, ओमकार सिंह श्रीनेत, संदीप सिंह श्रीनेत तथा युवा अधिवक्ता अंकित मिश्रा ‘राष्ट्रवादी’ की प्रमुख भूमिका रही। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रणव सिंह के नेतृत्व में स्काउट एंड गाइड की टीम ने आयोजन के प्रबंधन और क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण सहयोग दिया। राष्ट्रीय सचिव रूबी सिंह सहित कला द्वीप फाउंडेशन की पूरी टीम कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय रही।

आयोजन में मीडिया प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, साहित्यकारों और युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। फाउंडेशन की ओर से गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब के महामंत्री पंकज श्रीवास्तव सहित सभी सहयोगियों और मीडिया कर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

अगले वर्ष नए शहर में होगा महोत्सव का आयोजन

कार्यक्रम अध्यक्ष प्रखर पुंज और संदीप सिंह श्रीनेत ने संयुक्त रूप से महोत्सव को प्रतिवर्ष आयोजित करने तथा भविष्य में इसे देश के अलग-अलग शहरों तक विस्तारित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कला, साहित्य और संगीत की प्रतिभाओं को मंच देने के साथ भारतीय सांस्कृतिक विरासत को व्यापक स्तर पर पहचान दिलाना इस आयोजन की मूल भावना है।

उन्होंने यह भी संकल्प व्यक्त किया कि अगले वर्ष किसी नए शहर में नए अध्याय के साथ इस सांस्कृतिक यात्रा को आगे बढ़ाया जाएगा। कला द्वीप फाउंडेशन ने सभी अतिथियों, कलाकारों, कवियों, साहित्यकारों, सहयोगियों और मीडिया प्रतिनिधियों के प्रति आभार जताते हुए अगले वर्ष फिर मिलने की उम्मीद के साथ महोत्सव का समापन किया।
सेवानिवृत्त हुए तीन पुलिसकर्मियों को सम्मान के साथ दी गई भावभीनी विदाई
गोरखपुर। पुलिस विभाग में लंबे समय तक अपनी सेवाएं देने के बाद अधिवर्षता आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त हुए तीन पुलिसकर्मियों को शनिवार को पुलिस लाइन्स गोरखपुर में सम्मानपूर्वक भावभीनी विदाई दी गई। इस अवसर पर प्रतिसार निरीक्षक ने सेवानिवृत्त होने वाले पुलिसकर्मियों को फूल-माला पहनाकर तथा शॉल और पुस्तक भेंटकर सम्मानित किया।

विदाई समारोह में सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों के सेवाकाल की सराहना करते हुए उनके योगदान को याद किया गया। अधिकारियों ने कहा कि पुलिस विभाग में सेवा करना अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और जनसेवा से जुड़ा दायित्व है। सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों ने अपने सेवाकाल के दौरान विभागीय जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

इस दौरान प्रतिसार निरीक्षक ने सभी सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों को संबोधित करते हुए उनके आगामी जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति जीवन की एक नई शुरुआत है। आशा है कि सभी लोग अपने परिवार के साथ सुखमय जीवन व्यतीत करेंगे। उन्होंने सभी के उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की।

सेवानिवृत्त होने वाले पुलिसकर्मियों में उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस राजेश कुमार सिंह, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अर्जुन प्रसाद तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मुकेश कुमार सिंह शामिल रहे।

कार्यक्रम में पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे। समारोह का माहौल सम्मान, आत्मीयता और भावुकता से भरा रहा।
अयोध्या और तमिलनाडु रामायण कालीन विरासत से हैं जुड़े : डाॅ. बिजेंद्र सिंह
-अवध विश्वविद्यालय में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं व्याख्यान के साथ मनाया गया तमिलनाडु दिवस

अयोध्या। तमिलनाडु दिवस के उपलक्ष्य में डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में शनिवार को श्रीराम शोध पीठ में सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अध्यक्षता कर रहे विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ. बिजेंद्र सिंह एवं मुख्य अतिथि कांची मठ, अयोध्या के रामचन्द्र आचार्य ने प्रभु श्रीराम के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया।

कार्यक्रम में वैभवी तिवारी एवं जूही सिंह ने तमिलनाडु की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर प्रभावशाली वक्तव्य प्रस्तुत किया। वहीं शताक्षी, निशा, माही एवं दीविता ने भरतनाट्यम की मनमोहक प्रस्तुति दी। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों ने तमिलनाडु की पारंपरिक वेशभूषा पर आधारित फैशन शो प्रस्तुत किया। तमिलनाडु की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने के लिए एक डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन भी किया गया।

इस अवसर पर कुलपति डाॅ. बिजेंद्र सिंह ने छात्र-छात्राओं की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि अयोध्या और तमिलनाडु के बीच संबंध केवल भौगोलिक या सांस्कृतिक नहीं हैं, बल्कि इनकी जड़ें हमारी प्राचीन सभ्यता और रामायणकालीन विरासत से जुड़ी हैं। तमिलनाडु की समृद्ध साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं भक्ति परंपरा ने भारतीय संस्कृति को विशिष्ट पहचान प्रदान की है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम और रामेश्वरम की परंपरा उत्तर एवं दक्षिण भारत को एक आध्यात्मिक सूत्र में जोड़ती है। अयोध्या और तमिलनाडु के बीच रामायण, रामभक्ति, मंदिर परंपरा, संगीत एवं साहित्य के माध्यम से सदियों पुराने सांस्कृतिक संबंध स्थापित रहे हैं। कुलपति ने कहा कि तमिलनाडु दिवस हमें भारत की विविधता में एकता की भावना को समझने और उसे मजबूत बनाने का अवसर प्रदान करता है। हमें एक-दूसरे की भाषाओं, परंपराओं एवं सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करते हुए राष्ट्रीय एकात्मता को और सशक्त बनाना चाहिए।

मुख्य अतिथि कांची मठ, अयोध्या के रामचन्द्र आचार्य ने कहा कि अयोध्या और तमिलनाडु के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक, आध्यात्मिक एवं ऐतिहासिक संबंध रहे हैं। भगवान श्रीराम की परंपरा दोनों क्षेत्रों को एक साझा सांस्कृतिक सूत्र में जोड़ती है। तमिलनाडु की समृद्ध साहित्यिक, धार्मिक एवं भक्ति परंपरा भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु दिवस विविधता में एकता और राष्ट्रीय सांस्कृतिक समन्वय की भावना को मजबूत करने का अवसर है।

कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्रम भेंटकर किया गया। कार्यक्रम का आयोजन अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. नीलम पाठक के संयोजन में किया गया। संचालन छात्र अभय प्रताप सिंह एवं छात्रा जूही सिंह ने किया।
मुरादाबाद निवासी अनुभव चौधरी ने जापान में हुए पैरा एशियन गेम्स में जीता ब्राउन्स मेडल
मुरादाबाद। मुरादाबाद निवासी अनुभव चौधरी को जापान में हुए पैरा एशियन गेम्स में 100 मीटर में ब्राउन्स मेडल हासिल करने पर शनिवार को नेताजी सुभाष चंद्र बोस सोनकपुर स्पोर्ट्स स्टेडियम रामगंगा विहार मुरादाबाद में सम्मानित किया गया।

इस मौके पर उत्तर प्रदेश ब्लाइंड स्पोर्ट्स एसोसिएशन के सचिव डॉ अजय पाठक ने बताया कि अनुभव चौधरी ने जापान में आयोजित पैरा एशियन गेम्स में ब्राउन मेडिकल हासिल करके पीतलनगरी मुरादाबाद के साथ उत्तर प्रदेश का नाम भी देश भर में चमका दिया है।

अनुभव चौधरी के स्वागत अभिनंदन कार्यक्रम में डॉ अजय पाठक के अलावा क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी चंचल मिश्रा, क्रीड़ा अधिकारी सुनील कुमार, पूर्व क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी प्रेम कुमार एवं सोनकपुर स्पोर्ट्स स्टेडियम के समस्त कोच एवं स्टाफ उपस्थित रहा।
अयोध्या के दसवें दीपोत्सव में पांच देशों की रामलीला का रंग
-दक्षिण अफ्रीका से थाईलैंड तक के कलाकार सजाएंगे रामनगरी

-12 मंचों पर 2500 कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

-अंतरराष्ट्रीय लोककलाओं से सजेगा दीपोत्सव का दशक

अयोध्या । रामनगरी का दसवां दीपोत्सव इस बार अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक रंगों से सराबोर नजर आएगा। दीपोत्सव में पांच देशों के कलाकार अपनी-अपनी परंपराओं और शैली में रामलीला का मंचन कर भगवान श्रीराम की कथा को वैश्विक मंच प्रदान करेंगे। दक्षिण अफ्रीका की दो टीमों के साथ श्रीलंका, नेपाल, लाओस और थाईलैंड के कलाकारों की प्रस्तुतियां प्रस्तावित हैं। इसके अलावा फिलीपींस, थाईलैंड और रूस के कलाकारों की भागीदारी को लेकर भी तैयारी चल रही है। देश-विदेश के करीब 2500 कलाकार छह लघु, चार मध्यम और दो दीर्घ मंचों पर अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। वहीं, असम, बंगाल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और केरल की रामचरित्र एवं रामकथा आधारित प्रस्तुतियां भी दीपोत्सव की सांस्कृतिक विविधता को विस्तार देंगी।

विदेशी रामलीला में दिखेगी अलग-अलग देशों की संस्कृति

दीपोत्सव को केवल दीप प्रज्ज्वलन और धार्मिक आयोजन तक सीमित न रखकर इसे वैश्विक सांस्कृतिक उत्सव के रूप में विकसित करने की तैयारी है। विभिन्न देशों की रामलीला शैलियों के माध्यम से दर्शकों को यह देखने का अवसर मिलेगा कि अलग-अलग भाषाओं, वेशभूषाओं और लोक परंपराओं में भगवान श्रीराम की कथा किस तरह प्रस्तुत की जाती है। दक्षिण अफ्रीका की दो टीमों की भागीदारी विशेष आकर्षण होगी। श्रीलंका, नेपाल, लाओस और थाईलैंड के कलाकार भी अपनी सांस्कृतिक विरासत के अनुरूप रामलीला का मंचन करेंगे। फिलीपींस, थाईलैंड और रूस के कलाकारों की प्रस्तुतियों को लेकर भी प्रक्रिया चल रही हैं। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से अयोध्या में विभिन्न देशों की कला, संगीत, नृत्य और रंगमंच की झलक एक साथ देखने को मिलेगी।

12 मंचों पर 2500 कलाकारों की प्रस्तुतियां

संस्कृति विभाग की ओर से छह लघु, चार मध्यम और दो दीर्घ मंच तैयार कराए जाने की योजना है। इन मंचों पर लगभग 2500 भारतीय और विदेशी कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। आयोजन में पांच राज्यों की भागीदारी भी रहेगी। असम, बंगाल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और केरल के कलाकार श्री रामचरित्र एवं श्रीराम कथा से जुड़ी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। इस तरह दीपोत्सव में देश के अलग-अलग क्षेत्रों की लोक परंपराओं के साथ अंतरराष्ट्रीय रामलीला का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।

स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

अयोध्या अंतरराष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान के सलाहकार एवं विशेष कार्याधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि देसी-विदेशी कलाकारों की भागीदारी दीपोत्सव को और आकर्षक बनाएगी। पांच देशों की रामलीला और विभिन्न राज्यों की रामकथा आधारित प्रस्तुतियां आयोजन को सांस्कृतिक विविधता का मंच प्रदान करेंगी। इससे स्थानीय कलाकारों और पर्यटन से जुड़े कारोबारियों को भी अवसर मिलेगा। विदेशी कलाकारों की प्रस्तुतियों से अयोध्या की अंतरराष्ट्रीय पहचान और मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि लगभग 2500 कलाकारों की सहभागिता से रामनगरी में विविध संस्कृतियों का जीवंत स्वरूप दिखाई देगा।

धार्मिक के साथ सांस्कृतिक पर्यटन का भी केंद्र बनी अयोध्या

राम मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या धार्मिक पर्यटन के साथ सांस्कृतिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में भी उभर रही है। ऐसे में दीपोत्सव को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप देने की यह पहल रामकथा की वैश्विक स्वीकार्यता को सामने लाने का माध्यम बनेगी। विभिन्न देशों की रामलीला के जरिए भगवान श्रीराम के आदर्श, मर्यादा और जीवन दर्शन को अलग-अलग सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों में प्रस्तुत किया जाएगा। दीपोत्सव के माध्यम से अयोध्या को विश्व के सांस्कृतिक मानचित्र पर और व्यापक पहचान दिलाने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस लाइन्स में मनाया गया राष्ट्रीय एकता दिवस, सरदार पटेल को अर्पित किए श्रद्धासुमन

गोरखपुर। लौह पुरुष एवं भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर शनिवार को पुलिस लाइन्स गोरखपुर के क्वार्टर गार्द में राष्ट्रीय एकता दिवस श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक उत्तरी गोरखपुर ने सरदार वल्लभभाई पटेल के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए तथा राष्ट्र निर्माण में उनके अतुलनीय योगदान को नमन किया।

कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक उत्तरी ने उपस्थित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को राष्ट्र की एकता, अखंडता और आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने की शपथ दिलाई। सभी ने देश की एकता और अखंडता को अक्षुण्ण रखने, राष्ट्र की सुरक्षा एवं संप्रभुता की रक्षा करने तथा आपसी सौहार्द और भाईचारे की भावना को मजबूत बनाए रखने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर सरदार वल्लभभाई पटेल के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद करते हुए राष्ट्र निर्माण में उनके ऐतिहासिक योगदान पर प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने कहा कि सरदार पटेल ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति, दूरदर्शिता और कुशल नेतृत्व के बल पर देश की विभिन्न रियासतों का एकीकरण कर अखंड भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका संपूर्ण जीवन राष्ट्रीय एकता, अखंडता और राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रेरणास्रोत है।

कार्यक्रम के माध्यम से पुलिसकर्मियों को यह संदेश दिया गया कि देश की एकता और अखंडता की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक के साथ-साथ पुलिस बल का भी महत्वपूर्ण दायित्व है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने, आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने और समाज में आपसी विश्वास एवं सौहार्द कायम रखने के लिए सभी को पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए।

इस मौके पर सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी लाइन्स, क्षेत्राधिकारी कैंट, क्षेत्राधिकारी गोरखनाथ, प्रतिसार निरीक्षक सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
देवरिया में सफेद कार से युवती का शव फेंककर फरार हुआ चालक, दो किलोमीटर तक ग्रामीणों ने किया पीछा

देवरिया। उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपद में रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र के कन्हौली गांव के पास शनिवार शाम एक सनसनीखेज घटना सामने आई। गोरखपुर की ओर जा रही सफेद कार से करीब 22 वर्षीय युवती का शव सड़क किनारे फेंककर चालक फरार हो गया।



सीओ रुद्रपुर राजेश कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि घटना शनिवार शाम करीब सात बजे की बताई जा रही है। सड़क किनारे युवती का शव पड़ा देख ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। ग्रामीणों ने कार का पीछा भी किया, लेकिन चालक को पकड़ने में कामयाबी नहीं मिली। देर रात तक युवती की पहचान नहीं हो सकी थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। युवती की हत्या कर शव ठिकाने लगाने की आशंका जताई जा रही है।

सीओ रुद्रपुर राजेश कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शनिवार शाम रामलक्षन की तरफ से एक सफेद कार कन्हौली-गोरखपुर मार्ग पर पहुंची। कार ग्लोबल स्कूल के पास खेतों की ओर जाने वाले रास्ते के समीप रुकी। इसी दौरान चालक ने कार की डिग्गी खोली और उसमें रखा युवती का शव सड़क किनारे फेंक दिया। इसके बाद वह तेजी से कार लेकर गोरखपुर की ओर भाग निकला।

सीओ ने बताया कि प्रारंभिक परिस्थितियों को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि युवती की कहीं अन्यत्र हत्या करने के बाद पहचान छिपाने के उद्देश्य से शव को सुनसान स्थान पर फेंका गया होगा। हालांकि, मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि युवती की मौत सड़क किनारे शव फेंके जाने से पहले हुई थी या नहीं।सीओ ने बताया कि घटना के खुलासे के लिए पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। रामलक्षन चौकी से लेकर कन्हौली गांव और गोरखपुर की तरफ जाने वाले मार्ग पर लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग देखी जा रही है। पुलिस का प्रयास है कि सफेद कार का नंबर सामने आ सके और उसके चालक की पहचान की जा सके। इसके साथ ही ग्रामीणों से भी कार के रंग, मॉडल और अन्य विशेषताओं के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

पुलिस ने पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। युवती की पहचान के लिए भी आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं।

सीओ रुद्रपुर राजेश कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि 31 अक्टूबर को डायल 112 के माध्यम से रुद्रपुर थाना क्षेत्र में एक महिला का शव पड़े होने की सूचना मिली थी। सूचना पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और शव की शिनाख्त कराने का प्रयास किया, लेकिन पहचान नहीं हो सकी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
अयोध्या : एक लाख दीपों से आलोकित होगा श्रीरामजन्मभूमि परिसर
- परिसर पांच जोन में विभाजित, लगभग एक हजार कार्यकर्ता करेंगे सेवा

अयोध्या। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र परिसर आगामी 7 नवंबर को लगभग एक लाख दीपों से आलोकित होगा।। इस दीपोत्सव की तैयारियों एवं दीप प्रज्ज्वलन के लिये लगभग एक हजार कार्यकर्ता सेवा देंगे। सम्पूर्ण परिसर को पांच जोन में विभाजित कर प्रत्येक जोन के प्रभारी एवं उनकी टीम निर्धारित कर दी गई है। आगामी पांच दिनों में इस कार्ययोजना को मूर्त रूप दिया जाएगा।

यात्री सुविधा केन्द्र (पीएफसी) के सभागार में शनिवार को हुई बैठक में दीपोत्सव की कार्ययोजना को अन्तिम रूप दिया गया। बैठक में आयोजन की विभिन्न व्यवस्थाओं का दायित्व सँभाल रहे प्रमुख कार्यकर्ता सम्मिलित हुए। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एयर मार्शल जितेन्द्र मिश्र (सेवानिवृत्त), सचिव जगदीश आफले तथा जगन्नाथ गुलवे ने सम्पूर्ण कार्ययोजना विस्तार से समझाई।

श्रीरामलला विराजमान मन्दिर का विशेष अलंकरण किया गया है। आगामी पांच दिनों में परिसर के अन्य भागों के अलंकरण एवं दीप प्रज्ज्वलन की तैयारियों को भी आगे बढ़ाया जाएगा।

जोन 1 — श्रीरामलला मंदिर: इस जोन का दायित्व अर्चक प्रमुख आचार्य केशव को सौंपा गया है। श्रीरामलला विराजमान मंदिर एवं उसके आसपास 30 हजार से अधिक दीप प्रज्ज्वलित किये जाएंगे। इनमें मुख्य रूप से मंदिर प्रांगण, परकोटा, ग्रीन हाउस तथा यज्ञशाला क्षेत्र सम्मिलित हैं।

जोन 2 — कुबेर टीला एवं सप्तमण्डप: इस जोन में कुबेर टीला, सप्तमण्डप, शेषावतार मन्दिर, हुतात्मा स्मारक तथा पंचवटी आदि स्थान सम्मिलित हैं। इसका दायित्व चन्दन क्षितिज एवं उनकी टीम को सौंपा गया है। यहाँ भी 30 हजार से अधिक दीप प्रज्ज्वलित किये जाएँगे।

जोन 3 — वापसी दर्शन मार्ग एवं पीएफसी:

इस जोन में वापसी दर्शन मार्ग, यात्री सुविधा केन्द्र, पीएफसी प्लाजा तथा नल टीला आदि स्थान सम्मिलित हैं। पी.पी. मिश्रा के नेतृत्व में कार्यरत टीम यहां 14 हजार से अधिक दीप प्रज्ज्वलित करेगी।

जोन 4 — यात्री सेवा केन्द्र एवं अंगद टीला: इस जोन का दायित्व कैप्टन जे.पी. द्विवेदी (सेवानिवृत्त) एवं उनकी टीम को सौंपा गया है। यात्री सेवा केन्द्र, अंगद टीला, सीता रसोई तथा रामानन्दाचार्य द्वार को इस जोन में सम्मिलित किया गया है। यहां 13 हजार से अधिक दीप प्रज्ज्वलित किये जाएंगे।

जोन 5 — श्रीरामजन्मभूमि पथ एवं दर्शन मार्ग: इस जोन में श्रीरामजन्मभूमि पथ, दर्शन मार्ग, सिंहद्वार तथा चरण पादुका आदि स्थान सम्मिलित हैं। नरेन्द्र कुमार के नेतृत्व में कार्यरत टीम यहाँ 13 हजार दीप प्रज्ज्वलित करेगी। इस टीम के सहयोग के लिये विशेष रूप से उत्तर प्रदेश पुलिस तथा केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल की भी सहभागिता रहेगी। शनिवार देर रात्रि ट्रस्ट समाचार प्रबंधक सुभाष चंद्र सिंह ने विज्ञप्ति जारी कर यह जानकारी दी ।
मादक पदार्थों के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई 11 किलो गांजे के साथ तीन गिरफ्तार
कानपुर। उत्तर प्रदेश के जनपद कानपुर में मादक पदार्थों की अवैध बिक्री पर रोक लगाने के लिए रविवार को पुलिस ने किदवई नगर क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चलाया। करीब 135 पुलिसकर्मियों की पांच टीमों ने कई स्थानों पर ड्रोन के जरिये छानबीन करी। इस कार्रवाई में महिला समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब 11 किलो गांजा बरामद किया।

पुलिस उपायुक्त दक्षिण दीपेंद्र नाथ चौधरी के नेतृत्व और एसीपी घाटमपुर के पर्यवेक्षण में अभियान शुरू हुआ। इसमें चार थानों की पुलिस को शामिल करते हुए पांच टीमें बनाई गई थीं। सभी टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर एक साथ तलाशी ली। पूरे इलाके पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरे का भी इस्तेमाल किया गया।

पुलिस ने कार्रवाई के दौरान सागर, अरमान और एक महिला को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, कुछ लोगों ने मौके से भागने की कोशिश की, लेकिन घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया गया। गिरफ्तार लोगों के कब्जे से करीब 11 किलोग्राम गांजा मिला।

दरअसल, किदवई नगर क्षेत्र में मादक पदार्थों की अवैध बिक्री और बाहरी लोगों के यहां से गांजा खरीदकर ले जाने की शिकायतें मिल रही थीं। इन सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने संयुक्त अभियान की तैयारी की थी। इसमें किदवई नगर, बाबूपुरवा, जूही और गोविंद नगर थानों की पुलिस शामिल रही।

पुलिस की अन्य टीमें भी क्षेत्र में तलाशी अभियान चला रही हैं। इस कारोबार में शामिल अन्य लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मादक पदार्थों की अवैध बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए आगे भी ऐसे अभियान चलाए जाएंगे।
गोपाल श्रम प्रकोष्ठ संयोजक, डॉ अजय विक्रम पाठक खेलकूद प्रकोष्ठ के प्रदेश सहसंयोजक बने

मुरादाबाद। भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष व केंद्र सरकार में वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने शनिवार देर रात्रि विभिन्न प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक, प्रदेश सह संयोजक और सदस्यों की सूची जारी की। जिसमें मुरादाबाद निवासी विधान परिषद सदस्य गोपाल अंजान को श्रम प्रकोष्ठ का प्रदेश संयोजक और मुरादाबाद निवासी एथलीट कोच डॉ अजय विक्रम पाठक को भाजपा खेलकूद प्रकोष्ठ का प्रदेश सहसंयोजक मनोनीत किया।

एमएलसी गोपाल अंजान पूर्व में भी भाजपा श्रम प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष, भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, भाजपा पश्चिम क्षेत्र के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष, भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश मंत्री जैसे विभिन्न पदों पर कार्य कर चुके हैं।

वहीं एथलीट खिलाड़ी रहे कोच डॉ अजय विक्रम पाठक उत्तर प्रदेश ओलंपिक संघ के संयुक्त सचिव, उत्तर प्रदेश ब्लाइंड स्पोर्ट्स एसोसिएशन के प्रदेश सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों को संभाल रहे।