यूपी : बुजुर्ग महिलाओं से लूट करने वाले दो बदमाश मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार
प्रयागराज /कौशांबी। उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में बुजुर्ग महिलाओं से लूट के आरोप में दो आरोपितों को पुलिस ने शनिवार तड़के मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। कौशांबी थाना पुलिस और एसओजी की संयुक्त कार्रवाई के दौरान हुई मुठभेड़ में दोनों आरोपितों के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें दबोच लिया गया। जानकारी के अनुसार घायल आरोपितों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने उनके कब्जे से दो अवैध तमंचे, कारतूस, लूटी गई सोने की दो नोज पिन और बिना नंबर प्लेट वाली एक बाइक बरामद की है।

डीएसपी अरुण कुमार शुक्ला ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों की पहचान फतेहपुर जिले के खखरेरू क्षेत्र निवासी मोहम्मद फारुक और नईम अख्तर के रूप में हुई है। दोनों आरोपित कौशांबी क्षेत्र के मेडरहा और भैरवां गांव में बुजुर्ग महिलाओं को अपना निशाना बनाते थे। आरोपित महिलाओं के पास पहुंचकर उनकी नाक से सोने की नोज पिन लेते थे और मौके से फरार हो जाते थे। इन घटनाओं के बाद से ही पुलिस दोनों की तलाश में जुटी थी।

शनिवार भोर में कौशांबी थाना पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम को आरोपितों के बारे में सूचना मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ने का प्रयास किया। पुलिस के मुताबिक, खुद को घिरता देख आरोपितों ने टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई। इस दौरान दोनों आरोपितों के पैर में गोली लग गई। इसके बाद पुलिस ने उन्हें मौके से गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने घायल आरोपितों को तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया। तलाशी के दौरान उनके पास से दो अवैध तमंचे, कारतूस, लूटी गई सोने की दो नोज पिन और बिना नंबर प्लेट वाली एक बाइक बरामद हुई। पुलिस बरामद सामान को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई में जुटी है।

डीएसपी ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपितों के खिलाफ आधा दर्जन से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस उनके आपराधिक इतिहास की विस्तृत जानकारी जुटा रही है। साथ ही यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि दोनों ने कौशांबी और आसपास के जिलों में इस तरह की अन्य कितनी वारदातों को अंजाम दिया है।पुलिस अब आरोपितों से पूछताछ कर उनके नेटवर्क और लूट की अन्य घटनाओं में संलिप्तता का पता लगा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
वाराणसी में सिपाही को गोली मारने वाले दो और आरोपी मुठभेड़ में गिरफ्तार
लखनऊ /वाराणसी। वाराणसी के लंका थाना क्षेत्र में पुलिस टीम पर फायरिंग कर कांस्टेबल अमित शुक्ला को गोली मारने के मामले में पुलिस ने दो और बदमाशों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार बदमाशों की पहचान अंजनी झा और राजू तिवारी के रूप में हुई है। 

जानकारी के अनुसार कुछ दिनों पहले बदमाशों ने असलहा बरामदगी के दौरान पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी थी। जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैर में गोली लगी है। पुलिस ने उन्हें उपचार के लिए बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया है। उनके पास से वारदात में इस्तेमाल किए गए अवैध असलहे भी बरामद किए गए हैं।

इससे पहले पुलिस ने शुक्रवार रात लोटूबीर के पास हुई मुठभेड़ में एक अन्य आरोपी राज विश्वकर्मा को गिरफ्तार किया था। उसके पैर में गोली लगी थी। पुलिस अब तक इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।

डीसीपी गौरव बंसवाल ने बताया कि शुक्रवार शाम लंका थाने की क्राइम टीम के चार पुलिसकर्मी असलहा तस्करी से जुड़े संदिग्धों की तलाश में सुंदरपुर स्थित आशुतोष नगर कॉलोनी पहुंचे थे। पुलिस टीम ने मौके से दो युवकों को पकड़कर पूछताछ शुरू की। इसी दौरान एक युवक ने अचानक पुलिसकर्मियों पर फायरिंग कर दी। इस हमले में कांस्टेबल अमित शुक्ला को पेट, पीठ और हाथ में तीन गोलियां लगीं। गंभीर रूप से घायल सिपाही को तत्काल बीएचयू ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है।घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश में कई टीमें गठित कीं। पीछा करने के दौरान लोटूबीर के पास पुलिस की बदमाशों से मुठभेड़ हुई। इसमें राज विश्वकर्मा को गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया जबकि उसके दो साथी फरार हो गए थे।

पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वारदात में इस्तेमाल किए गए अवैध असलहे उन्होंने सामने घाट इलाके में एक सुनसान स्थान पर छिपाए हैं। इस जानकारी के आधार पर पुलिस की विशेष टीम अंजनी झा और राजू तिवारी को लेकर हथियारों की बरामदगी के लिए मौके पर पहुंची।पुलिस के मुताबिक, बरामदगी के दौरान दोनों आरोपियों ने पहले से छिपाए गए असलहे निकालकर पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों बदमाश घायल हो गए। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
गौसेवा की मिसाल बनी फरीदपुर गौशाला, निरीक्षण में मिलीं बेहतर व्यवस्थाएं
*भारतीय गौ सेवा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल कुमार के नेतृत्व में पहुंची टीम, प्रदेश महामंत्री दीपक कुमार उर्फ भोला और पदाधिकारियों ने गौवंश की सेवा और व्यवस्थाओं का लिया जायजा*

**बहसूमा।** भारतीय गौ सेवा संघ उत्तर प्रदेश के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल कुमार के नेतृत्व में बृहस्पतिवार को संगठन के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने फरीदपुर स्थित गौशाला का निरीक्षण किया। इस दौरान गौशाला में गोवंश के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।

निरीक्षण के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल कुमार के साथ मुजफ्फरनगर युवा जिला अध्यक्ष देव तोमर, मेरठ युवा जिला अध्यक्ष विक्की कुमार तथा संगठन के अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस अवसर पर मेरठ जिला उपाध्यक्ष परविंदर कुमार की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

निरीक्षण के दौरान गौशाला में गोवंश के लिए हरे चारे और भूसे की पर्याप्त व्यवस्था मिली। स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था भी संतोषजनक पाई गई। इसके अलावा डॉक्टरों की टीम मौके पर मौजूद रही और गौशाला में साफ-सफाई की व्यवस्था भी दुरुस्त मिली।

राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल कुमार ने व्यवस्थाओं पर संतोष जताते हुए गौशाला प्रबंधक को धन्यवाद दिया और बेहतर व्यवस्था बनाए रखने की सराहना की। उन्होंने कहा कि गोवंश की सेवा करना पुण्य का कार्य है। उनकी देखभाल, समय पर उपचार, चारा और स्वच्छ पानी की व्यवस्था करना सभी की जिम्मेदारी है।

इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भी गौसेवा के कार्यों को आगे बढ़ाने तथा गौशालाओं में बेहतर व्यवस्थाओं के लिए निरंतर सहयोग करने का संकल्प लिया।
जिलाधिकारी ने जल जीवन मिशन के तहत संचालित पाइप पेयजल परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की*

*पूर्ण पेयजल परियोजनाओं की गुणवत्ता का जनपद स्तरीय अधिकारियों से कराया जाए सत्यापन : जिलाधिकारी*

फर्रुखाबाद। जिलाधिकारी डॉ0 अंकुर लाठर की अध्यक्षता में जल जीवन मिशन कार्यक्रम फेज-2 एवं फेज-3 के अंतर्गत जनपद में निर्माणाधीन, संचालित एवं अनुश्रवित की जा रही पाइप पेयजल योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार, फतेहगढ़ में आयोजित की गई।

बैठक में जिलाधिकारी ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित विभिन्न पेयजल परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति की विस्तार से समीक्षा करते हुए कार्यदायी संस्थाओं एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने निर्देशित किया कि जिन पेयजल परियोजनाओं का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, उनका जनपद स्तरीय अधिकारियों के माध्यम से स्थलीय निरीक्षण एवं गुणवत्ता सत्यापन कराया जाए। सत्यापन के दौरान पाइपलाइन की गुणवत्ता, पेयजल आपूर्ति की स्थिति, ओवरहेड टैंक, पंप हाउस तथा अन्य निर्माण कार्यों की तकनीकी गुणवत्ता का विशेष रूप से परीक्षण किया जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि जल जीवन मिशन शासन की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक परिवार को नल के माध्यम से शुद्ध एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है। अतः योजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं से संबंधित ग्रामों में नियमित एवं निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। जहां कहीं भी तकनीकी समस्या अथवा पाइपलाइन लीकेज की शिकायत प्राप्त हो, उसका तत्काल निस्तारण कराया जाए।

बैठक में अधिशासी अभियंता जल निगम (ग्रामीण) एम0क्यू0 हाशमी ने विभागीय प्रगति की जानकारी देते हुए अवगत कराया कि जनपद में जल जीवन मिशन के अंतर्गत कुल 378 परियोजनाएं लक्षित हैं, जिनके माध्यम से कुल 718 राजस्व ग्रामों को पाइप पेयजल आपूर्ति से संतृप्त किया जाना है। उक्त कार्य को पूर्ण कराने हेतु कार्यदायी संस्था मैसर्स जी0वी0पी0आर0 को फेज-2 तथा मैसर्स वी0टी0एल0 गजा को फेज-3 के अंतर्गत नामित किया गया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय तक कार्यदायी संस्थाओं द्वारा कुल 150 परियोजनाओं का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है।

जिलाधिकारी ने शेष परियोजनाओं के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि कार्यदायी संस्थाएं निर्धारित समयसीमा के भीतर निर्माण कार्यों को पूर्ण कराएं। कार्यों में अनावश्यक विलंब न किया जाए तथा निर्माणाधीन परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजनाओं की भौतिक प्रगति के साथ-साथ पेयजल आपूर्ति की वास्तविक स्थिति पर भी विशेष ध्यान दिया जाए, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को योजना का वास्तविक लाभ मिल सके।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि पूर्ण परियोजनाओं के हस्तांतरण से पूर्व सभी आवश्यक तकनीकी एवं गुणवत्ता संबंधी औपचारिकताएं पूरी की जाएं तथा ग्राम पंचायतों एवं संबंधित विभागीय कार्मिकों को योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव के संबंध में आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि परियोजनाएं दीर्घकाल तक सुचारु रूप से संचालित रह सकें।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्रत्येक लक्षित राजस्व ग्राम तक स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए योजनाओं को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराना सुनिश्चित करें।

बैठक में जल निगम (ग्रामीण) के अधिकारी, संबंधित विभागीय अधिकारी एवं कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कर-करेत्तर एवं राजस्व कार्यों की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित

*आईजीआरएस शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण के साथ रैंकिंग में सुधार लाने के जिलाधिकारी ने दिए निर्देश*

*एग्रीस्टेक एवं फार्मर रजिस्ट्री डिजिटल आईडी निर्माण में लापरवाही बरतने वाले कार्मिकों की तय होगी जवाबदेही*

फर्रुखाबाद । जिलाधिकारी डॉ0 अंकुर लाठर की अध्यक्षता में कर-करेत्तर एवं राजस्व कार्यों की प्रगति की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों द्वारा निर्धारित राजस्व वसूली, कर-करेत्तर प्राप्तियों, राजस्व कार्यों तथा शासन की प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों की विभागवार समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में जिलाधिकारी ने आईजीआरएस पोर्टल एवं मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर पर प्राप्त जनशिकायतों के निस्तारण की समीक्षा करते हुए कहा कि जनशिकायतों का निस्तारण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने समस्त तहसीलों के तहसीलदारों, विद्युत विभाग एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं संतुष्टिपरक निस्तारण सुनिश्चित करें तथा अपनी विभागीय रैंकिंग में सुधार लाएं। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल पोर्टल पर आख्या अपलोड करने तक सीमित न रहे, बल्कि शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक समाधान भी सुनिश्चित किया जाए।

जिलाधिकारी ने एग्रीस्टेक एवं फार्मर रजिस्ट्री के अंतर्गत किसानों की डिजिटल आईडी बनाए जाने की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि तहसील एवं विकासखंड स्तर पर संबंधित लेखपालों एवं पंचायत सहायकों की स्पष्ट जवाबदेही निर्धारित की जाए। इस कार्य में तेजी लाते हुए पात्र किसानों की फार्मर रजिस्ट्री का कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराया जाए। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारी नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा करें तथा जिन कार्मिकों द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप संतोषजनक कार्य नहीं किया जा रहा है, उनके विरुद्ध नियमानुसार दण्डात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने इस महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी स्तर पर शिथिलता न बरतने के निर्देश दिए।

कर-करेत्तर एवं राजस्व वसूली की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन द्वारा निर्धारित मासिक एवं वार्षिक लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाकर कार्य करें। सभी विभाग अपने मासिक लक्ष्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करें, ताकि वित्तीय वर्ष के अंत तक वार्षिक लक्ष्य प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। उन्होंने राजस्व वसूली की नियमित समीक्षा करने तथा बकायेदारों से नियमानुसार वसूली की कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश भी दिए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अपने-अपने विभागों से संबंधित राजस्व एवं कर-करेत्तर मदों की प्रगति पर निरंतर निगरानी रखें। लक्ष्य के सापेक्ष प्राप्तियों की समीक्षा करते हुए जहां भी प्रगति कम हो, वहां तत्काल आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। विभागीय अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए शासन की मंशा के अनुरूप राजस्व संग्रहण एवं प्रशासनिक कार्यों में अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करें।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनशिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण, किसानों की फार्मर रजिस्ट्री एवं डिजिटल आईडी निर्माण तथा राजस्व वसूली जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करते हुए निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करें।

बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी न्यायिक दिनेश कुमार, वरिष्ठ कोषाधिकारी अम्बरीष बाजपेई, नगर मजिस्ट्रेट श्रीमती पारुल तरार, उप जिलाधिकारी सदर श्री संजय कुमार, उप जिलाधिकारी अमृतपुर श्रीमती श्वेता साहू, उप जिलाधिकारी कायमगंज अभिषेक कुमार, समस्त तहसीलदार, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी ज्योति चौधरी, जिला आबकारी अधिकारी गुरु प्रसाद गुप्ता, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन कृष्ण कुमार, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन सुभाष, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका विनोद कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
कायमगंज में प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम जारी

फर्रुखाबाद।
तहसील कायमगंज स्थित एल.वाई. डिग्री कॉलेज में दिनांक 27 अक्टूबर 2026 से जनगणना-2027 के अंतर्गत प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान आज उपजिलाधिकारी/उप जिला जनगणना अधिकारी, कायमगंज एवं जिला जनगणना प्रभारी अधिकारी द्वारा कार्मिकों को नियुक्ति पत्र, आईडी कार्ड एवं AHL सामग्री वितरित की गई। प्रथम सत्र में कुल 450 प्रगणक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इनमें से कुछ कार्मिकों को नियुक्ति पत्र, आईडी कार्ड एवं सामग्री वितरित की जा चुकी है तथा शेष कार्मिकों को अगले दिन वितरित की जाएगी।

प्रशिक्षण के दौरान कार्मिकों को जनगणना-2027 की प्रक्रिया, निर्धारित समय-सारिणी एवं कार्यों के सुचारु संचालन के संबंध में जानकारी दी जा रही है। जनगणना कार्य की गुणवत्ता एवं शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण गंभीरतापूर्वक प्राप्त करने तथा निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने के निर्देश दिए गए।

जनगणना-2027 की प्रमुख तिथियाँ

* स्व-गणना 16 से 30 नवंबर 2026 तक।

* जनसंख्या गणना 01 दिसंबर 2026 से 04 जनवरी 2027 तक।

* पुनरीक्षण चरण 05 जनवरी से 09 जनवरी 2027 तक।

* संदर्भ तिथि 05 जनवरी 2027 को रात्रि 12:00 बजे तक

जनगणना-2027 एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रक्रिया है। इसके सफल क्रियान्वयन हेतु सभी संबंधित अधिकारियों एवं कार्मिकों की सक्रिय सहभागिता, समयबद्ध कार्यवाही तथा सटीक आँकड़ों का संकलन अत्यंत महत्वपूर्ण है।
आकांक्षात्मक ब्लॉक राजेपुर का विशेष सचिव राजस्व ने किया निरीक्षण

*विकास कार्यों को निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराने तथा स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के दिए निर्देश*

फर्रुखाबाद। शासन की प्राथमिकताओं एवं आकांक्षात्मक ब्लॉक कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद के आकांक्षात्मक विकासखंड राजेपुर का विशेष सचिव राजस्व, उत्तर प्रदेश शासन श्री अतुल वत्स द्वारा निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विकासखंड में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, उप निदेशक कृषि, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, पशु चिकित्सा अधिकारी, परियोजना निदेशक, जिला खादी एवं ग्रामोद्योग अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

विशेष सचिव राजस्व अतुल वत्स ने संबंधित विभागों के अधिकारियों से उनके विभाग द्वारा संचालित योजनाओं, विकास कार्यों एवं निर्धारित लक्ष्यों की प्रगति के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से प्राप्त करने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए तथा सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराए जाएं।

उन्होंने विशेष रूप से स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में आमजन को बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। मरीजों को समय से उपचार, आवश्यक दवाइयां एवं जांच की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाते हुए संस्थागत प्रसव, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा अन्य स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग को निर्देशित किया कि आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं को शासन की योजनाओं का लाभ समय से उपलब्ध कराया जाए। कुपोषण की स्थिति में सुधार लाने के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं। कृषि विभाग को किसानों तक शासन की कृषि योजनाओं, तकनीकी जानकारी एवं अनुदान संबंधी सुविधाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। पशुपालन विभाग को पशुओं के स्वास्थ्य, टीकाकरण एवं पशु चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान देने को कहा।

इस प्रकार ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन, स्वरोजगार एवं खादी ग्रामोद्योग से संबंधित योजनाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़कर उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाएं। योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े पात्र व्यक्ति तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए।

विशेष सचिव ने कहा कि आकांक्षात्मक ब्लॉक के समग्र विकास के लिए सभी संबंधित विभाग निर्धारित संकेतकों पर विशेष ध्यान देते हुए कार्य करें। जिन क्षेत्रों में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है, वहां विशेष कार्ययोजना बनाकर सुधारात्मक कार्रवाई की जाए। कार्यों की नियमित निगरानी एवं समीक्षा की जाए तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखी जाए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की मंशा के अनुरूप जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन करते हुए राजेपुर विकासखंड को विकास के विभिन्न मानकों पर बेहतर स्थिति में लाने के लिए गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करें।
यूपी पीईटी-2026 की परीक्षा जनपद फर्रुखाबाद में दोनों पालियों में शांतिपूर्ण एवं सफलतम रूप से सम्पन्न

*प्रथम पाली में 70.08 प्रतिशत एवं द्वितीय पाली में 71.45 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा*

फर्रुखाबाद ।

जिला विद्यालय निरीक्षक संजीव कुमार ने बताया कि जनपद में उत्तर प्रदेश प्रारम्भिक अर्हता परीक्षा -2026 की प्रथम पाली एवं द्वितीय पाली की परीक्षा आज को निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर सकुशल एवं शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुई।

उन्होंने बताया कि परीक्षा के लिए जनपद में कुल 22 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए थे। इन केंद्रों पर प्रथम पाली में कुल 8,688 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 6,089 अभ्यर्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए, जबकि 2,599 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। इस प्रकार परीक्षा की प्रथम पाली में कुल 70.08 प्रतिशत अभ्यर्थियों की उपस्थिति रही।

इस प्रकार द्वितीय पाली में भी कुल 8,688 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 6,108 अभ्यर्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए, जबकि 2,480 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। इस प्रकार परीक्षा की द्वितीय पाली में कुल 71.45 प्रतिशत अभ्यर्थियों की उपस्थिति रही।

जिला विद्यालय निरीक्षक संजीव कुमार ने बताया कि परीक्षा के सफल एवं सुचारु संचालन के लिए निर्धारित व्यवस्थाओं के अनुरूप कार्यवाही की गई। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की उपस्थिति तथा परीक्षा संचालन से संबंधित व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया गया। परीक्षा को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराने के लिए संबंधित अधिकारियों एवं केंद्र व्यवस्थापकों द्वारा आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण की गईं।

उन्होंने बताया कि जनपद में परीक्षा का आयोजन निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप कराया गया तथा परीक्षा की शुचिता एवं पारदर्शिता बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया गया।

जिलाधिकारी डॉ0 अंकुर लाठर के निर्देशन में जिला विद्यालय निरीक्षक ने परीक्षा के सुचारु संचालन में सहयोग करने वाले सभी संबंधित अधिकारियों, केंद्र व्यवस्थापकों एवं कार्मिकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
डीएनए रिपोर्ट बनी अहम सबूत, पत्नी की हत्या में पति को उम्रकैद; 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगा
चंदौली। इलिया थाना क्षेत्र में पत्नी की हत्या के करीब ढाई साल पुराने मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। वैज्ञानिक साक्ष्यों और प्रभावी पैरवी के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश न्यायालय संख्या-1 ने आरोपी पति इजहार अली उर्फ मुन्ना को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर दो साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

पुलिस के अनुसार, घटना 18 मार्च 2024 की रात करीब नौ बजे की है। इलिया थाना क्षेत्र के सीहर गांव में ई-रिक्शा की किस्त और पैसों के लेन-देन को लेकर इजहार अली और उसकी पत्नी निशा बेगम के बीच विवाद हुआ था। आरोप है कि विवाद के बाद इजहार ने घर का दरवाजा अंदर से बंद कर ईंट-पत्थरों से निशा के सिर और चेहरे पर प्रहार किया तथा गला दबाकर उसकी हत्या कर दी थी। मामले में मृतका के भाई ने मुकदमा दर्ज कराया था।

डीएनए रिपोर्ट समेत वैज्ञानिक साक्ष्यों ने दिलाई सजा

पुलिस की विवेचना में जुटाए गए वैज्ञानिक साक्ष्यों, डीएनए रिपोर्ट और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के आधार पर अदालत ने 30 अक्टूबर 2026 को फैसला सुनाया। यह मामला चंदौली पुलिस के ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत प्रभावी पैरवी से जुड़ा है। सजा दिलाने में मॉनिटरिंग सेल, एडीजीसी संजय कुमार त्रिपाठी और थाना इलिया के पैरोकार हेड कांस्टेबल अश्वनी राय की भूमिका सराहनीय बताई गई है।
मऊ बारिश के बीच PET परीक्षा देने पहुंचे परीक्षार्थी, मुहम्मदाबाद के टाउन इंटर कॉलेज में दिखी अभ्यर्थियों की भीड़
जनपद मऊ के मुहम्मदाबाद स्थित टाउन इंटर कॉलेज में लगातार हो रही बारिश के बीच PET परीक्षा देने के लिए बड़ी संख्या में परीक्षार्थी पहुंचे। खराब मौसम और बारिश के बावजूद अभ्यर्थियों का उत्साह कम नहीं हुआ।

छाता लेकर और बारिश से बचते हुए परीक्षार्थी परीक्षा केंद्र तक पहुंचते नजर आए।