जिलाधिकारी ने श्रीरामनगरिया मेला एवं विकास प्रदर्शनी की तैयारियों का लिया जायजा, श्रद्धालुओं की सुविधाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश*
*22 जनवरी से 20 फरवरी 2027 तक पांचाल घाट पर आयोजित होगा श्रीरामनगरिया मेला एवं विकास प्रदर्शनी*
*मेले को और अधिक आकर्षक एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए साधु-संतों से लिए जा रहे सुझाव, उत्तर प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों की झलक भी दिखेगी*
फर्रुखाबाद । प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी गंगातट स्थित पांचाल घाट पर आगामी 22 जनवरी से 20 फरवरी 2027 तक आयोजित होने वाले प्रसिद्ध श्रीरामनगरिया मेला एवं विकास प्रदर्शनी की तैयारियों के संबंध में मेला क्षेत्र का जिलाधिकारी डॉक्टर अंकुर लाठर ने स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मेले के सुव्यवस्थित आयोजन, श्रद्धालुओं की सुविधा, अस्थायी घाटों के निर्माण तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध ढंग से सभी तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि पांचाल घाट पर प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला श्रीरामनगरिया मेला जनपद की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक परंपराओं का महत्वपूर्ण प्रतीक है। मेले में बड़ी संख्या में साधु-संतों, कल्पवासियों एवं श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं, ताकि मेले में आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि मेले के आयोजन को इस बार और अधिक बेहतर, आकर्षक एवं सुविधाजनक बनाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
जिलाधिकारी ने आश्रमों के आसपास श्रद्धालुओं के स्नान के लिए बनाए जाने वाले अस्थायी घाटों की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए निर्देशित किया कि घाटों का निर्माण श्रद्धालुओं की संभावित संख्या एवं सुरक्षा को ध्यान में रखकर कराया जाए। घाटों पर स्नान के दौरान सुरक्षा, साफ-सफाई, आवागमन तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं के ठहरने, रहन-सहन तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं से संबंधित तैयारियों की भी जानकारी प्राप्त की।
उन्होंने कहा कि मेले के आयोजन को अधिक व्यवस्थित एवं जनोपयोगी बनाने के लिए स्थानीय साधु-संतों के सुझाव एवं मंतव्य भी लिए जा रहे हैं, ताकि उनकी आवश्यकताओं और परंपराओं को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा सके। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि साधु-संतों एवं मेला क्षेत्र में निवास करने वाले श्रद्धालुओं की आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखा जाए तथा प्राप्त सुझावों के आधार पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।
जिलाधिकारी ने बताया कि इस बार मेले को और अधिक आकर्षक बनाने के उद्देश्य से संस्कृति विभाग एवं पर्यटन विभाग के सहयोग से विशेष प्रयास किए जाएंगे। साथ ही‘उत्तर प्रदेश दर्शन’ की अवधारणा के माध्यम से प्रदेश के प्रमुख धार्मिक, ऐतिहासिक एवं पर्यटन स्थलों की झलक प्रदर्शित करने का प्रयास किया जाएगा। इससे मेले में आने वाले श्रद्धालुओं एवं आगंतुकों को उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरों तथा पर्यटन स्थलों के बारे में जानकारी प्राप्त हो सकेगी।
इसके अतिरिक्त मेले में खानपान की सामग्री को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से फूड कोर्ट विकसित किए जाने की योजना है। इससे श्रद्धालुओं एवं आगंतुकों को विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थ एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकेंगे और खानपान से संबंधित सुविधाएं अधिक व्यवस्थित ढंग से संचालित की जा सकेंगी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि मेले में उपलब्ध कराई जाने वाली सभी सुविधाओं की योजना इस प्रकार तैयार की जाए, जिससे श्रद्धालुओं को सुगम आवागमन, स्वच्छ वातावरण एवं बेहतर व्यवस्थाओं का लाभ मिल सके।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि मेले से संबंधित सभी तैयारियों को आपसी समन्वय के साथ समय से पूर्ण कराया जाए। मेला क्षेत्र की आवश्यकताओं का आकलन करते हुए व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जाए, ताकि आयोजन अवधि में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो और श्रद्धालु सुविधाजनक एवं सुरक्षित वातावरण में मेले का लाभ उठा सकें।
निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी न्यायिक दिनेश कुमार, खण्ड विकास अधिकारी बढ़पुर योगेश पाण्डेय सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
3 hours ago
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