मऊ सांड और बंदरों के आतंक से मुहम्मदाबाद गोहना के लोग परेशान
शंकर तिराहा व मुख्य बाजार में सांड ने दो लोगों को किया घायल, बंदरों के हमले से भी दहशत

मुहम्मदाबाद गोहना (मऊ)। स्थानीय कस्बे में इन दिनों छुट्टा पशुओं और बंदरों के आतंक से दुकानदारों, महिलाओं और आम राहगीरों में भय का माहौल बना हुआ है। शंकर तिराहा और मुख्य बाजार क्षेत्र में पिछले कई दिनों से एक सांड के घूमने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि सांड के हमले में दो लोग घायल भी हो चुके हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सांड के डर से बाजार आने-जाने वाले लोग सतर्क होकर निकल रहे हैं।

कई बार सड़क पर अचानक सांड के आ जाने से राहगीरों में अफरा-तफरी की स्थिति बन जाती है। वहीं कस्बे की सड़कों और विभिन्न मोहल्लों में खुलेआम घूम रहे छुट्टा पशुओं के कारण गंदगी की समस्या भी बनी हुई है।
दूसरी ओर, कस्बे के कई मोहल्लों में बंदरों का आतंक भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। सुबह के समय जब महिलाएं मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए जाती हैं, तो उन्हें बंदरों के झुंड का सामना करना पड़ता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बंदरों को भगाने का प्रयास करने पर वे हमला कर देते हैं और कई लोगों को काट भी चुके हैं।

छुट्टा पशुओं और बंदरों की समस्या से दुकानदारों, महिलाओं, बच्चों और राहगीरों में लगातार भय बना हुआ है। स्थानीय नागरिकों ने संबंधित विभाग और नगर निकाय से मांग की है कि सांड को पकड़ने तथा छुट्टा पशुओं पर प्रभावी नियंत्रण की व्यवस्था की जाए।

साथ ही बंदरों के आतंक से निजात दिलाने के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि लोग बाजार और सड़कों पर बिना भय के आवागमन कर सकें।
जिलाधिकारी ने श्रीरामनगरिया मेला एवं विकास प्रदर्शनी की तैयारियों का लिया जायजा, श्रद्धालुओं की सुविधाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश*
*22 जनवरी से 20 फरवरी 2027 तक पांचाल घाट पर आयोजित होगा श्रीरामनगरिया मेला एवं विकास प्रदर्शनी*

*मेले को और अधिक आकर्षक एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए साधु-संतों से लिए जा रहे सुझाव, उत्तर प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों की झलक भी दिखेगी*

फर्रुखाबाद । प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी गंगातट स्थित पांचाल घाट पर आगामी 22 जनवरी से 20 फरवरी 2027 तक आयोजित होने वाले प्रसिद्ध श्रीरामनगरिया मेला एवं विकास प्रदर्शनी की तैयारियों के संबंध में मेला क्षेत्र का जिलाधिकारी डॉक्टर अंकुर लाठर ने स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मेले के सुव्यवस्थित आयोजन, श्रद्धालुओं की सुविधा, अस्थायी घाटों के निर्माण तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध ढंग से सभी तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि पांचाल घाट पर प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला श्रीरामनगरिया मेला जनपद की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक परंपराओं का महत्वपूर्ण प्रतीक है। मेले में बड़ी संख्या में साधु-संतों, कल्पवासियों एवं श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं, ताकि मेले में आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि मेले के आयोजन को इस बार और अधिक बेहतर, आकर्षक एवं सुविधाजनक बनाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।

जिलाधिकारी ने आश्रमों के आसपास श्रद्धालुओं के स्नान के लिए बनाए जाने वाले अस्थायी घाटों की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए निर्देशित किया कि घाटों का निर्माण श्रद्धालुओं की संभावित संख्या एवं सुरक्षा को ध्यान में रखकर कराया जाए। घाटों पर स्नान के दौरान सुरक्षा, साफ-सफाई, आवागमन तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं के ठहरने, रहन-सहन तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं से संबंधित तैयारियों की भी जानकारी प्राप्त की।

उन्होंने कहा कि मेले के आयोजन को अधिक व्यवस्थित एवं जनोपयोगी बनाने के लिए स्थानीय साधु-संतों के सुझाव एवं मंतव्य भी लिए जा रहे हैं, ताकि उनकी आवश्यकताओं और परंपराओं को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा सके। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि साधु-संतों एवं मेला क्षेत्र में निवास करने वाले श्रद्धालुओं की आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखा जाए तथा प्राप्त सुझावों के आधार पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।

जिलाधिकारी ने बताया कि इस बार मेले को और अधिक आकर्षक बनाने के उद्देश्य से संस्कृति विभाग एवं पर्यटन विभाग के सहयोग से विशेष प्रयास किए जाएंगे। साथ ही‘उत्तर प्रदेश दर्शन’ की अवधारणा के माध्यम से प्रदेश के प्रमुख धार्मिक, ऐतिहासिक एवं पर्यटन स्थलों की झलक प्रदर्शित करने का प्रयास किया जाएगा। इससे मेले में आने वाले श्रद्धालुओं एवं आगंतुकों को उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरों तथा पर्यटन स्थलों के बारे में जानकारी प्राप्त हो सकेगी।

इसके अतिरिक्त मेले में खानपान की सामग्री को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से फूड कोर्ट विकसित किए जाने की योजना है। इससे श्रद्धालुओं एवं आगंतुकों को विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थ एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकेंगे और खानपान से संबंधित सुविधाएं अधिक व्यवस्थित ढंग से संचालित की जा सकेंगी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि मेले में उपलब्ध कराई जाने वाली सभी सुविधाओं की योजना इस प्रकार तैयार की जाए, जिससे श्रद्धालुओं को सुगम आवागमन, स्वच्छ वातावरण एवं बेहतर व्यवस्थाओं का लाभ मिल सके।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि मेले से संबंधित सभी तैयारियों को आपसी समन्वय के साथ समय से पूर्ण कराया जाए। मेला क्षेत्र की आवश्यकताओं का आकलन करते हुए व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जाए, ताकि आयोजन अवधि में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो और श्रद्धालु सुविधाजनक एवं सुरक्षित वातावरण में मेले का लाभ उठा सकें।

निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी न्यायिक दिनेश कुमार, खण्ड विकास अधिकारी बढ़पुर योगेश पाण्डेय सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
किसानों के पंजीकरण से आलू अनुदान योजना लटकी, किसानों ने डीएम को दिया ज्ञापन


फर्रुखाबाद।
आलू भाडा अनुदान योजना में किसानों के पंजीकरण, आलू विकास अधिकारी कार्यालय कोल्ड स्टोरेज में आ रही असुविधा ,लेटलतीफी को लेकर जिलाधिकारी डा अंकुर लाठर से किसान आंदोलन के प्रदेश प्रभारी अशोक कटियार के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल ने भेंट की। जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को सम्पूर्ण योजना की समीक्षा करने,खंड विकास अधिकारी कार्यालय में भी वेरीफिकेशन का काम शुरू कराने, शीतगृहो में रिपोर्ट समयबद्ध मंगाने का निर्देश दिया।
किसान आंदोलन के प्रदेश प्रभारी अशोक कटियार ने जिलाधिकारी को भाड़ा अनुदान योजना में किसानों को आ रही असुविधा से अवगत कराया। उन्होंने योजना के आवेदन का समय बढ़ाने की भी मांग की हैं।श्री कटियार ने कहा कि योजना में पेचीदगियों के कारण किसानों को भारी परेशानी है और बडी संख्या में किसान लाभ से बंचित है। किसानों को लागत मेंहनत जोड कर लाभकारी आलू मूल्य नहीं मिल रहा है। 27जिलो के किसान बर्बाद हैं।
उन्होंने मंडी टैक्स समाप्त करने, आलू नीति बनाने, आलू आधारित उद्योग लगाने की मांग की हैं
इस मौके पर किसान आंदोलन के मंडल उपाध्यक्ष अरविंद राजपूत, आलू निर्यातक सुधीर शुक्ला, प्रदेश महामंत्री दीपू राठौर, जिला प्रचार मंत्री रमेश राठौर, प्रवक्ता देवेश चतुर्वेदी,वी के गंगवार, जिलाअध्यक्ष हर्ष बावू गंगवार,छोटे बाथम आदि मौजूद रहे ।
थाना मोतीगंज पर पंजीकृत मु0अ0सं0 192/2026 में गंभीर अनियमितता पर उ0नि0 अखिलेश कुमार पाण्डेय का निलंबन।
गोण्डा। अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) की प्रारम्भिक जाँच में पाया गया कि मु0अ0सं0 192/2026 धारा 85/74/115(2)/352 बीएनएस की विवेचना में उ0नि0 अखिलेश कुमार पाण्डेय ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों व लोकेशन की अनदेखी कर आरोप पत्र प्रेषित करने तथा प्रकरण को बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत करने की गंभीर अनियमितताएँ सामने आईं। आरोप है कि विवेचक ने वादिनी को अनुचित लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से साक्ष्यों के विपरीत कार्रवाई की तथा उसे पुनः प्रार्थना पत्र देकर उच्चाधिकारियों के समक्ष प्रकरण प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित किया। प्रकरण में प्रथम दृष्टया जानबूझकर पक्षपातपूर्ण कार्यवाही एवं कर्तव्य के प्रति गंभीर लापरवाही परिलक्षित होने के दृष्टिगत पुलिस अधीक्षक गोण्डा द्वारा उ0नि0 अखिलेश कुमार पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जाँच के आदेश दिए गए।
संदिग्ध हालत में गर्भवती महिला की मौत

*संवाददाता कायमगंज*

कायमगंज कोतवाली क्षेत्र में संदिग्ध हालात में आठ माह की गर्भवती महिला की मौत हो गई। सूचना पर पुलिस व फॉरेंसिक टीम ने पहुंचकर जांच पड़ताल की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के गांव ललइया निवासी जयवीर जाटव की 22 वर्षीय पत्नी सपना करीब 8 माह की गर्भवती थी परिजनों के अनुसार जयवीर अपनी मां लौगश्री व पत्नी के साथ हरियाणा के बल्लभगढ़ में रहकर काम करता था वह बीते तीन दिन पूर्व अपनी पत्नी सपना और मां को लेकर अपने गांव ललइया पहुंचा था बुधवार को उसकी पत्नी सपना की तबीयत बिगड़ गई  परिजनों ने उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कायमगंज में भर्ती कराया जहां ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने उसे बेहतर इलाज के लिए लोहिया अस्पताल फर्रूखाबाद रेफर कर दिया। सास ने बताया कि वह कायमगंज से फर्रुखाबाद लोहिया अस्पताल के गेट पर पहुंचे ही थे तभी सपना की मौत हो गई ।इसके बाद वह शव लेकर अपने घर चले आए ।मृतका की सास लौंगश्री ने बताया कि करीब डेढ़ वर्ष पूर्व उनके पुत्र जयवीर व सपना ने आर्य समाज मंदिर में प्रेम विवाह किया था ।सपना का मायका कमालगंज थाना क्षेत्र के गांव लखमीपुर बताया गया है । वहीं मृतका के पिता संजय ने ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाया है।नायब तहसीलदार मोहम्मद हसीन की मौजूदगी में मृतका के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी अजय वर्मा ने बताया कि मृतका गर्भवती थी ससुराल वाले उसे डिलीवरी के लिए ले जा रहे थे तभी उसकी मौत हो गई उन्होंने बताया कि पूरे मामले की गहनता से जांच पड़ताल की जा रही है । पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी ।
यूपी के पूर्व मंत्री लक्ष्मीशंकर यादव की पुण्यतिथि पर दी गई श्रद्धांजलि
जौनपुर।  भारतीय संविधान निर्मात्री सभा के सदस्य, प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष स्व.लक्ष्मीशंकर यादव की 30 वी पुण्यतिथि के अवसर पर खुटहन थाना अंतर्गत स्थित विशुनपुर चौराहे पर स्थापित लक्ष्मीशंकर की प्रतिमा पर कांग्रेसियों ने माल्यार्पण ,हवन पूजन कर विधि विधान से श्रद्धांजलि अर्पित कर माल्यार्पण किया। इस दौरान कांग्रेस पार्टी के जिला उपाध्यक्ष एवं संगठन प्रभारी राकेश मिश्रा ने कहा कि स्व. लक्ष्मीशंकर संविधान सभा में सदस्य,अंतरिम संसद में सदस्य, छ: बार विधायक के रुप में देश प्रदेश को अपनी सेवाएं दी। स्व. यादव ने प्रदेश सरकार में छः बार कैबिनेट मंत्री के रुप में स्वास्थ्य, सहकारिता,एवं लोकनिर्माण व सिंचाई के क्षेत्र में क्रांतिकारी कार्य किया है। राकेश मिश्रा ने स्व.लक्ष्मीशंकर यादव को विकास का अग्रदूत बताते हुए आगे कहा कि लक्ष्मीशंकर यादव ने जौनपुर जनपद सहित पूरे प्रदेश में सड़कों का जाल बिछा दिया था, बतौर लोकनिर्माण मंत्री के रूप में पूरे प्रदेश में नदियों पर पुल और स्कूलों का भी निर्माण कराया। वे गांधीवादी और उदार प्रवृत्ति के जननेता थे‌।कांग्रेस पार्टी के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी एवं लक्ष्मीशंकर यादव के पुत्र विजय यादव ने कहा कि पूज्य पिताजी राजनैतिक संत थे, उन्होंने विभिन्न पदों पर रहते हुए समाज और प्रदेश का विकास समान रुप से बिना भेदभाव से किया था, शिक्षा के क्षेत्र में उनकी कार्य करने की विशेष रुचि रहती थी। इस मौके पर ब्लाक कांग्रेस कमेटी खुटहन के अध्यक्ष के  विपिन शर्मा, पूर्व उप ब्लाक प्रमुख विश्राम राम, पूर्व प्रधान राजेन्द्र प्रसाद मिश्र,ओमप्रकाश यादव, दलसिंगर यादव, ठाकुर प्रसाद यादव, राजेंद्र प्रसाद मिश्रा, प्यारेलाल यादव, कमलेश रजक प्रधान, ईश्वरदेव यादव, ठाकुर प्रसाद यादव, डा.राम आसरे, सत्यम तिवारी, संजय सिंह, हौशिला प्रसाद यादव, ऋषीदेव यादव, अरविंद कुमार, शिवानंद, अंशुमन यादव अजीत यादव , संकटा प्रसाद यादव, मुहम्मद अरशद, श्रीराम शास्त्री सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
जिला पोषण समिति की बैठक में सीडीओ  ने पोषण सेवाओं की समीक्षा कर दिए आवश्यक निर्देश

*सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर ग्रोथ मॉनिटरिंग डिवाइस की शत-प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित करें : सीडीओ*



रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी शैलेष कुमार के कुशल निर्देशन में मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविन्द शुक्ला की अध्यक्षता में जिला पोषण समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा संचालित योजनाओं, आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्थाओं, बच्चों के पोषण एवं स्वास्थ्य की स्थिति तथा विभिन्न पोषण संकेतकों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
         समीक्षा के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देशित किया कि पोषण मिशन के अंतर्गत जनपद के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर ग्रोथ मॉनिटरिंग डिवाइस की शत-प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों की वृद्धि एवं पोषण स्तर की नियमित निगरानी के लिए उपकरणों का प्रभावी उपयोग किया जाए तथा चिन्हित बच्चों पर विशेष ध्यान देते हुए आवश्यक पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।
          मुख्य विकास अधिकारी ने जनपद के समस्त आंगनबाड़ी केंद्रों पर आधारभूत सुविधाएं सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केंद्रों को आवश्यक संसाधनों से सुसज्जित करते हुए चरणबद्ध तरीके से मॉडल आंगनबाड़ी केंद्रों के रूप में विकसित किया जाए, ताकि बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं बेहतर वातावरण मिल सके।
           बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा बताया गया कि जनपद में संचालित 1,492 आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से गर्भवती एवं धात्री माताओं तथा बच्चों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत पुष्टाहार उपलब्ध कराया जा रहा है। जनपद में कुल 42 गंभीर कुपोषित बच्चों की देख-रेख करते हुए 35 सामान्य श्रेणी में परिवर्तित हुए। प्रधानमंत्री मातृत्व बंदन योजना के अंतर्गत जनपद में आगनबाड़ी कार्यकर्तियों द्वारा प्राप्त लक्ष्य के सापेक्ष 82% लाभार्थियों का आवेदन का आवेदन पत्र भरा गया है।     मुख्य विकास अधिकारी ने शेष लाभार्थियों एवं बच्चों को भी निर्धारित समय-सीमा में आच्छादित करने के निर्देश दिए।
        मुख्य विकास अधिकारी ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि योजना के अंतर्गत पात्र सभी लाभार्थियों को शत-प्रतिशत लाभ दिलाया जाए। उन्होंने कहा कि पात्र महिलाओं को योजना की जानकारी उपलब्ध कराने के साथ आवेदन एवं लाभ अंतरण की प्रक्रिया को समयबद्ध एवं सुगम बनाया जाए।
         बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों की विद्यालयों के साथ को-लोकेशन की स्थिति की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि इस मामले में प्रदेश स्तर पर भदोही जनपद प्रथम स्थान पर है। सीडीओ ने इस उपलब्धि पर संतोष व्यक्त करते हुए व्यवस्था को और प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए। 
            मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं के पोषण एवं स्वास्थ्य से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध तरीके से योजनाओं का लाभ पहुंचाएं।
        इस अवसर पर जिला परियोजना अधिकारी आदित्य कुमार जिला पंचायत राज अधिकारी संजय मिश्रा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवम पाण्डेय, जिला कार्यक्रम अधिकारी दिनेश त्रिपाठी एवं संबंधित खंड विकास अधिकारी, जनपदीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।
आपूर्ति विभाग में तबादलों पर उठे सवाल


*तीन साल में तबादले का नियम, फिर सात-सात साल से एक ही जगह क्यों जमे हैं आपूर्ति लिपिक?*

*जिला पूर्ति विभाग में मलाईदार तैनाती का खेल! चुनार, मड़िहान, लालगंज से मुख्यालय तक तबादलों पर सवाल*

*किसकी मेहरबानी से एक ही पटल पर वर्षों से जमे हैं आपूर्ति लिपिक? जिला पूर्ति अधिकारी की चुप्पी पर उठे सवाल*

*कहीं पकड़ और सेटिंग का खेल तो नहीं? वर्षों से जमे आपूर्ति लिपिकों के फेरबदल का इंतजार*

*शासनादेशानुसार 3 साल बाद एक तहसील से दूसरे तहसील  स्थानांतरण करने का आदेश*

*पकड़ और पहुंच वालों की मलाईदार तैनाती, बाकी राम भरोसे! आपूर्ति विभाग में तबादला नीति पर उठे सवाल*

मिर्जापुर। जिला पूर्ति विभाग में लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात आपूर्ति लिपिकों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। चर्चा है कि शासन की स्थानांतरण नीति के बावजूद विभाग में कई कर्मचारी वर्षों से अपनी पुरानी तैनाती पर ही जमे हुए हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर तबादलों की प्रक्रिया में पारदर्शिता क्यों नहीं दिखाई दे रही है?
चुनार, मड़िहान, लालगंज तहसील सहित जिला मुख्यालय पर तैनात कुछ आपूर्ति लिपिकों के तीन साल से अधिक समय तक एक ही स्थान पर कार्य करने की बात सामने आ रही है। आरोप है कि कुछ कर्मचारी सात-सात साल से एक ही जगह पर तैनात हैं, जबकि नियमानुसार स्थानांतरण की व्यवस्था पर अमल को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

विभाग में चर्चा यह भी है कि कुछ कर्मचारियों को सुविधाजनक तैनाती मिली है, जबकि अन्य कर्मचारियों के मामले में तबादले की प्रक्रिया स्पष्ट नहीं है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
सबसे बड़ा सवाल जिला पूर्ति अधिकारी की भूमिका को लेकर उठ रहा है। यदि कर्मचारी लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात हैं, तो अब तक उनके स्थानांतरण पर निर्णय क्यों नहीं लिया गया? क्या विभाग में तबादलों की कोई स्पष्ट समयसीमा निर्धारित है? क्या सभी कर्मचारियों के लिए समान नीति अपनाई जा रही है?
शासन की मंशा के अनुरूप प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है। ऐसे में जिला पूर्ति विभाग में लंबे समय से तैनात लिपिकों की सूची, उनकी तैनाती की अवधि और लागू स्थानांतरण नियमों की समीक्षा किए जाने की जरूरत है।
अब देखना यह है कि विभागीय अधिकारी इन सवालों पर क्या जवाब देते हैं और वर्षों से एक ही स्थान पर तैनात कर्मचारियों के संबंध में कोई ठोस निर्णय लिया जाता है या नहीं।
गैस गोदाम में सेंधमारी कर सिलेंडर चोरी, 30 बरामद; चार गिरफ्तार

चंदौली। अलीनगर थाना क्षेत्र के मानसनगर स्थित इंडेन गैस गोदाम में सेंधमारी कर सिलेंडर चोरी करने के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी के 30 गैस सिलेंडर, एक टाटा मैजिक गाड़ी, नकदी और घटना में प्रयुक्त लोहे का पेचकस बरामद किया है।

पुलिस के अनुसार, 29 अक्टूबर 2026 की रात गश्त और चेकिंग के दौरान मानसनगर स्थित गैस गोदाम के पास खड़खड़ाहट की आवाज सुनाई दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने गोदाम में सेंधमारी कर रहे एक व्यक्ति को पकड़ लिया। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने उसके भाई को और उसके दो साथी को भी गिरफ्तार कर लिया।सभी चंदौली जनपद के निवासी हैं।


पुलिस ने बताया कि कुल 30 सिलेंडरों में से 19 गोदाम से और 11 पटनवा में एक घर से बरामद किए गए।

मौके से एक टाटा मैजिक गाड़ी (UP65MT3612), 6,400 रुपये नकद और आरोपियों के मोबाइल फोन भी मिले हैं।


इस मामले में अलीनगर थाने में मुकदमा संख्या 664/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 317(2) में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
प्रतियोगी परीक्षार्थियों से निर्धारित किराया ही लें, अभद्र व्यवहार करने पर होगी कार्रवाई : नगर मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा*


*प्रशासन की अपील—नियमों का पालन करें, सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करें*


*गोण्डा 29 अक्टूबर,2026*।
जिलाधिकारी के निर्देशानुसार नगर मजिस्ट्रेट गोण्डा पंकज वर्मा की अध्यक्षता में सम्भागीय परिवहन कार्यालय, गोण्डा में बस यूनियन के पदाधिकारियों, ऑटो/टैम्पो स्टैण्ड यूनियन के संचालकों तथा ई-रिक्शा संचालकों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में सी.ओ. यातायात एवं आर.सी. भारतीय, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी, गोण्डा उपस्थित रहे।

बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सम्मिलित होने के लिए जनपद में आने वाले अभ्यर्थियों एवं अभ्यर्थिनियों को सुरक्षित, सुगम एवं सुविधाजनक परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराना रहा।

बैठक के दौरान बस, टैक्सी, मोटर कैब एवं ई-रिक्शा स्वामियों तथा चालकों से स्पष्ट रूप से अनुरोध किया गया कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने के लिए यात्रा कर रहे अभ्यर्थियों एवं अभ्यर्थिनियों से निर्धारित किराये से अधिक धनराशि न वसूली जाए। साथ ही उनके साथ किसी भी परिस्थिति में अनुचित अथवा अभद्र व्यवहार न किया जाए। सभी वाहन संचालकों को निर्देशित किया गया कि परीक्षार्थियों के आवागमन के दौरान सहयोगात्मक व्यवहार अपनाएं, जिससे उन्हें परीक्षा केन्द्र तक पहुंचने में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

बैठक में यह भी बताया गया कि यदि यात्रा के दौरान भूलवश किसी अभ्यर्थी अथवा अभ्यर्थिनी का मोबाइल फोन, पर्स, प्रवेश पत्र या अन्य कोई मूल्यवान सामग्री किसी वाहन में छूट जाती है, तो संबंधित वाहन संचालक अथवा चालक उस सामग्री को सुरक्षित रखते हुए गुरुनानक चौराहे पर स्थित यातायात चौकी में जमा कराएं। इसके लिए वाहन संख्या नोट कराकर सामग्री जमा करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की गई, ताकि संबंधित व्यक्ति को उसकी खोई हुई वस्तु वापस मिल सके।

नगर मजिस्ट्रेट गोण्डा के नेतृत्व में यातायात पुलिस एवं परिवहन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान में विशेष रूप से ड्रग्स अथवा अन्य नशीले पदार्थों का सेवन कर वाहन संचालित करने वाले चालकों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसका उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना तथा यात्रियों सहित आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

प्रशासन द्वारा आम जनमानस, वाहन स्वामियों एवं चालकों से अपील की गई है कि नशे की स्थिति में किसी भी दशा में वाहन का संचालन न करें। यातायात नियमों का पालन करें तथा प्रतियोगी परीक्षार्थियों के साथ सहयोगपूर्ण व्यवहार करें। निर्धारित किराया लेना, यात्रियों की सुरक्षा का ध्यान रखना और सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जनसुरक्षा एवं परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए आवश्यक निगरानी और चेकिंग की कार्रवाई जारी रहेगी।