सीएम डैशबोर्ड पर विभागीय प्रगति की नियमित फीडिंग सुनिश्चित करें अधिकारी, विकास कार्यों की गुणवत्ता एवं समयबद्ध पूर्णता पर दें विशेष ध्यान : जिला
*50 लाख एवं उससे अधिक लागत की निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा कर जिलाधिकारी ने दिए आवश्यक दिशा-निर्देश*
फर्रुखाबाद । सीएम डैशबोर्ड पर जनपद के विकास कार्यक्रमों एवं 50 लाख रुपये से अधिक लागत की निर्माण परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा जिला अधिकारी डॉ अंकुर लाठर की अध्यक्षता में बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों द्वारा संचालित विकासपरक योजनाओं, निर्माण कार्यों की प्रगति तथा सीएम डैशबोर्ड पोर्टल पर विभागीय सूचनाओं की फीडिंग की स्थिति की विस्तार से समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि सभी जनपद स्तरीय अधिकारी अपने-अपने विभाग से संबंधित योजनाओं एवं विकास कार्यक्रमों की प्रगति की नियमित समीक्षा करें तथा सीएम डैशबोर्ड पोर्टल पर निर्धारित समयसीमा के भीतर सही एवं अद्यतन आंकड़ों की फीडिंग अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभागीय डाटा की फीडिंग में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। डाटा फीडिंग के अभाव में जनपद की रैंकिंग प्रभावित नहीं होनी चाहिए। सभी अधिकारी अपने विभाग की प्रगति के संबंध में विशेष सतर्कता बरतें तथा पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों का संबंधित अभिलेखों से मिलान कर उनकी शुद्धता सुनिश्चित करें।
*सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष जोर*
लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद में सड़कों के निर्माण एवं मरम्मत कार्यों में गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। निर्माण कार्यों में प्रयुक्त सामग्री की गुणवत्ता तथा कार्य की वास्तविक प्रगति पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण कार्यों की पारदर्शिता एवं प्रभावी निगरानी के लिए संबंधित अधिकारी निर्माण स्थलों की गूगल लोकेशन के साथ फोटोग्राफ भी उपलब्ध कराएं, जिससे कार्यस्थल की स्थिति एवं निर्माण कार्यों की प्रगति का सत्यापन किया जा सके। संबंधित अधिकारी निर्माण कार्यों का नियमित निरीक्षण करते हुए निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य पूर्ण कराना सुनिश्चित करें।
*पांचाल घाट पर आवारा गोवंश एवं बंदरों के प्रबंधन के निर्देश*
जिलाधिकारी ने पांचाल घाट क्षेत्र में आवारा गोवंश की समस्या पर संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वहां विचरण कर रहे निराश्रित गोवंश को पकड़कर निर्धारित गो-आश्रय स्थल पर पहुंचाने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही क्षेत्र में बंदरों की समस्या के समाधान के लिए भी नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करते हुए उन्हें निर्धारित एवं उपयुक्त स्थल पर पहुंचाने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसामान्य की सुरक्षा, आवागमन की सुविधा तथा घाट क्षेत्र की व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए।
*प्रोजेक्ट अलंकार एवं जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा*
जिला विद्यालय निरीक्षक को प्रोजेक्ट अलंकार के अंतर्गत संचालित कार्यों की प्रगति में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि योजना के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्यों की नियमित समीक्षा करते हुए लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए तथा प्रगति में अपेक्षित सुधार सुनिश्चित किया जाए।
जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के अंतर्गत लाभार्थियों से संबंधित आवश्यक सूचनाओं की पोर्टल पर फीडिंग की कार्यवाही में तेजी लाई जाए। उन्होंने आशा एवं एएनएम के कार्यों की नियमित निगरानी करने तथा उनके माध्यम से किए जा रहे कार्यों की प्रगति का प्रभावी अनुश्रवण सुनिश्चित करने को कहा, जिससे पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ समय से मिल सके और विभागीय कार्यों में अनावश्यक विलंब न हो।
*50 लाख रुपये एवं उससे अधिक लागत की निर्माण परियोजनाओं की समीक्षा*
बैठक में जिलाधिकारी ने 50 लाख रुपये एवं उससे अधिक लागत की निर्माणाधीन एवं पूर्ण परियोजनाओं की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने संबंधित कार्यदायी संस्थाओं एवं विभागीय अधिकारियों से परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, निर्माण कार्यों की प्रगति तथा हस्तांतरण की स्थिति के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन परियोजनाओं का निर्माण कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण हो चुका है, उन्हें सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करते हुए संबंधित विभाग को शीघ्र हस्तांतरित किया जाए, ताकि उनका उपयोग जनहित में प्रारंभ किया जा सके। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए तथा प्रत्येक परियोजना की प्रगति पर नियमित निगरानी रखी जाए। संबंधित अधिकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, निर्धारित समयसीमा तथा उपयोगिता सुनिश्चित करते हुए शेष कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराएं।
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप विकास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। विभागीय समन्वय के साथ कार्य करते हुए लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण करें तथा विकास कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही बनाए रखें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी राजीव कुमार, जिला विकास अधिकारी श्याम कुमार तिवारी, अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार सिंह, परियोजना निदेशक डीआरडीए कपिल कुमार, उपायुक्त जीएसटी हिम्मत सिंह, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी वीरेंद्र कुमार, उप निदेशक कृषि अरविंद मोहन, जिला उद्यान अधिकारी राघवेंद्र सिंह, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी योगेश पाण्डेय सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
6 hours ago
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