उप्र कैबिनेट : प्रयागराज में हाईकोर्ट के अधिकारियों के लिए बनेंगे 845 नए आवास बनाने समेत कई महत्वपूर्ण फैसले हुए, हर वर्ग से जुडे कई प्रस्ताव पा
-प्रयागराज में हाईकोर्ट के अधिकारियों के लिए बनेंगे 845 नए आवास

-छोटे किसानों और उद्यमियों के लिए राज्य पशुधन मिशन को मंजूरी

-लखनऊ-हरदोई में 1,000 एकड़ में विकसित होने वाले 'पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क' के मास्टर डेवलपर चयन को मंजूरी

-सैनिक स्कूल मैनपुरी के विकास को मिलेगी रफ्तार, 9.524 हेक्टेयर भूमि नि:शुल्क देने की मंजूरी

-प्रयागराज में बनेगा ऑडिटोरियम और कामकाजी महिला छात्रावास

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिये गये हैं। इनमें प्रयागराज में हाईकोर्ट के अधिकारियों के लिए 845 नए आवास बनाने, छोटे किसानों और उद्यमियों के लिए राज्य पशुधन मिशन को मंजूरी, लखनऊ-हरदोई में 1,000 एकड़ में विकसित होने वाले 'पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क' के मास्टर डेवलपर चयन को मंजूरी, ग्रेटर नोएडा में देश का अत्याधुनिक प्रगति रोबोटिक्स पार्क बनाने, प्रदेश में 17,542 करोड़ रुपये से चार नए लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण और सैनिक स्कूल मैनपुरी के विकास के लिए 9.524 हेक्टेयर भूमि नि:शुल्क देने के प्रस्ताव काे मंजूरी देने सहित 22 महत्वपूर्ण प्रस्ताव मंजूर किये गये हैं।

प्रयागराज में हाईकोर्ट के अधिकारियों के लिए बनेंगे 845 नए आवास

कैबिनेट बैठक में प्रयागराज स्थित इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिकारियों के लिए 845 नए सरकारी आवासों के निर्माण से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। वित्त व संसदीय कार्यमंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि इसके तहत हाईकोर्ट के क्लास-1 और क्लास-2 श्रेणी के अधिकारियों के लिए टाइप-3 के 533 और टाइप-4 के 312 आवास बनाए जाएंगे। इन आवासों के निर्माण पर 543.4075 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसके लिए 50 करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त करने के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट की मंजूरी प्राप्त करने का प्रस्ताव है।

सैनिक स्कूल मैनपुरी को 9.524 हेक्टेयर भूमि आवंटित

सैनिक स्कूल मैनपुरी को विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए ग्राम सभा नौनेर की 9.524 हेक्टेयर भूमि नि:शुल्क पुनर्ग्रहित कर सैनिक स्कूल सोसाइटी, रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार को निशुल्क हस्तांतरित की जाएगी। इस निर्णय से स्कूल में जरूरी बुनियादी सुविधाओं के विकास का रास्ता साफ होगा।


प्रयागराज में बनेगा कामकाजी महिला का छात्रावास

बैठक में प्रयागराज के सिविल स्टेशन स्थित नजूल भूखंड संख्या-यूईए-3 (किताब घर) की 7,912 वर्गमीटर भूमि नगर निगम, प्रयागराज को नि:शुल्क आवंटित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इस भूमि पर ऑडिटोरियम और कामकाजी महिलाओं के छात्रावास का निर्माण किया जाएगा।


राज्य पशुधन मिशन को दी गयी मंजूरी

कैबिनेट ने राज्य पशुधन मिशन (एसएलएम) को मंजूरी दी। इसका उद्देश्य पशुधन अर्थव्यवस्था को संगठित कर आधुनिक तकनीक, उद्यमिता और वैश्विक व्यापार से जोड़ने के प्रस्ताव काे मंजूरी दी है। मिशन में विशेष रूप से लघु एवं सीमांत किसानों और उद्यमियों पर ध्यान दिया जाएगा। यह राज्य वित्तपोषित योजना है। निर्धारित माइलस्टोन पूरे होने, स्क्रीनिंग समिति की प्रक्रिया और पीएसी की स्वीकृति के बाद चयनित परियोजनाओं का अनुदान सीधे लाभार्थियों के खातों में जाएगा।


'पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क' के मास्टर डेवलपर चयन को मंजूरी

कैबिनेट की बैठक में भारत सरकार की 'पीएम मित्र योजना' के तहत लखनऊ-हरदोई सीमा पर 1,000 एकड़ (404.69 हेक्टेयर) भूमि पर विकसित किए जा रहे 'पीएम मित्र मेगा एकीकृत वस्त्र क्षेत्र एवं परिधान पार्क' (पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क) के मास्टर डेवलपर चयन हेतु प्राप्त एकल बिड को स्वीकार करते हुए 'मैसर्स रामकी इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड' को 'प्रेफर्ड बिडर' के रूप में चयनित करने के प्रस्ताव पर अपनी औपचारिक मुहर लगा दी है। 1,947 करोड़ रूपये की अनुमानित लागत से तैयार होने वाली इस विश्वस्तरीय परियोजना में भारत सरकार द्वारा 30 प्रतिशत (अधिकतम 500 करोड़ रुपए) तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।

ग्रेटर नोएडा में बनेगा देश का अत्याधुनिक प्रगति रोबोटिक्स पार्क

बैठक में ग्रेटर नोएडा में ‘प्लेटफॉर्म फॉर रोबोटिक्स एंड एआई ग्रोथ थ्रू टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन’ (PRAGATI) रोबोटिक्स पार्क की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई। लगभग 69.52 एकड़ भूमि पर विकसित होने वाला यह पार्क रोबोटिक्स कंपनियों, तकनीकी स्टार्टअप, अनुसंधान संस्थानों और उद्योगों को एकीकृत सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। परियोजना का उद्देश्य प्रदेश में स्वदेशी रोबोटिक्स विनिर्माण को प्रोत्साहित करना, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित तकनीकों के विकास को गति देना और रोबोटिक्स क्षेत्र में निवेश एवं अनुसंधान के लिए अनुकूल इकोसिस्टम तैयार करना है।

17,542 करोड़ रुपये से बनेंगे चार नए लिंक एक्सप्रेसवे

बैठक में प्रदेश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क को और मजबूत बनाने के लिए चार महत्वपूर्ण लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के विकासकर्ताओं के चयन को मंजूरी प्रदान की गई। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) द्वारा इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) पद्धति पर विकसित की जाने वाली इन परियोजनाओं पर लगभग 17,542.06 करोड़ रुपये का संभावित व्यय भार आएगा। इन परियोजनाओं के निर्माण से प्रदेश के पश्चिमांचल, मध्यांचल और पूर्वांचल क्षेत्रों के बीच संपर्क बेहतर होगा तथा राजधानी लखनऊ और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से आवागमन अधिक सुगम और सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी।

कैबिनेट ने जिन चार परियोजनाओं के विकासकर्ताओं के चयन को मंजूरी दी है, उनमें फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के पैकेज-1 एवं पैकेज-2, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाला लिंक एक्सप्रेसवे, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे के पैकेज-1 एवं पैकेज-2 तथा जेवर लिंक एक्सप्रेसवे के पैकेज-1 एवं पैकेज-2 शामिल हैं।


760 लाख मानव दिवस के रोजगार सृजन का अनुमान

चारों परियोजनाओं के क्रियान्वयन से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 760 लाख मानव दिवस के रोजगार सृजित होने का अनुमान है। निर्माण गतिविधियों से श्रमिकों, परिवहन, निर्माण सामग्री की आपूर्ति और अन्य संबंधित क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।
पिता के वचन की मर्यादा के लिए श्रीराम ने त्यागे राजमहल के सुख : आचार्य शांतनु जी महाराज

जौनपुर। बीआरपी इंटर कॉलेज मैदान में वरिष्ठ भाजपा नेता ज्ञान प्रकाश सिंह द्वारा आयोजित नौ दिवसीय श्रीरामकथा के सप्तम दिवस कथाव्यास आचार्य शांतनु जी महाराज ने भगवान श्रीराम के वनगमन और राजा दशरथ जी के महाप्रयाण का भावपूर्ण वर्णन किया। प्रभु श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण जी के त्याग तथा पिता के वचन के प्रति समर्पण के प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।आचार्य शांतनु जी महाराज ने कहा कि भगवान श्रीराम ने पिता की आज्ञा और रघुकुल की मर्यादा की रक्षा के लिए राजमहल के सुखों का त्याग किया। माता सीता और लक्ष्मण जी का वनगमन प्रेम, त्याग और समर्पण की अनुपम मिसाल है। वहीं, श्रीराम के वियोग में राजा दशरथ जी के महाप्रयाण का प्रसंग सुन श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। कथा के माध्यम से महाराज जी ने परिवार में संस्कार, माता-पिता के सम्मान और कर्तव्यपालन का संदेश दिया। कथा का विशेष आकर्षण जनपद के प्रमुख देवस्थानों के महंतों, पीठाधीश्वरों एवं पुरोहितों का मंच से सम्मान रहा। मुख्य आयोजक ज्ञान प्रकाश सिंह ने संत-महात्माओं एवं धर्माचार्यों का सम्मान कर जनपद की धार्मिक परंपराओं और सनातन संस्कृति के प्रति आदर व्यक्त किया। भव्य पंडाल, सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं और आचार्य शांतनु जी महाराज की अमृतमयी वाणी से पूरा वातावरण राममय हो उठा। इस अवसर पर अंगराज जी (मा. प्रान्त संघचालक), कुंवर बृजेश सिंह (राज्यमंत्री, लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार), प्रो. बिहारी लाल शर्मा (कुलपति, सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय), राकेश सिंह (विधायक, गौरीगंज, अमेठी), डॉ. सुजीत सिंह (पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष), रजत जी (जिला प्रचारक, मीरजापुर), डॉ. उमेश चन्द्र तिवारी, विनय शाही जी, श्रीमती कमला सिंह, डॉ. सत्यप्रकाश सिंह, डॉ. समर बहादुर सिंह, डॉ. अरुण मिश्रा, निखिलेश सिंह, सतीश सिंह ‘गुड्डू’, भूपेश कुमार सिंह, विमल कुमार गौतम, शैलेश कुमार सिंह, जितेंद्र कुमार मिश्रा, नरेंद्र विश्वकर्मा, बटेश्वर सिंह, के.के. विश्वकर्मा, अमित सिंह, जज सिंह ‘अन्ना’, राम सिंह राव, श्री महंत नरसिंह दास जी महाराज, महंत बाबा रामदास जी महाराज, मुक्तेश्वर पंडा, महंत राजन दास जी, रमेश मिश्रा, पं. रविन्द्र द्विवेदी जी एवं पीठाधीश्वर महंत रामदास जी महाराज सहित जनपद के विभिन्न मंदिरों के महंत, पुरोहित, संत-महात्मा एवं अनेक गणमान्य जन उपस्थित रहे।
भीषण अग्निकांड पर अग्निशमन कर्मियों ने 10 घंटे तक चलाया चुनौतीपूर्ण अभियान, 06 फायर टेंडर एवं 02 जेसीबी की सहायता से आग पर पाया पूर्ण नियंत्रण


फर्रुखाबाद।
जनपद के ख़िमसेपुर स्थित एक टायर स्क्रैप फैक्ट्री में सुबह लगभग 4.05 मिनट  पर  भीषण आग लगने की सूचना पर उत्तर प्रदेश अग्निशमन एवं आपात सेवा फतेहगढ़ से 03 फायर टेंडर और संकिसा में ड्यूटीरत एक फायर टेंडर को प्रस्थान कराया गया तथा आग की विकलता को देखते हुए जनपद मैनपुरी और जनपद कन्नौज से सहायतार्थ एक एक फायर टेंडर उपलब्ध हुए। घटना स्थान पर आग भयावह रूप से सम्पूर्ण फैक्ट्री परिसर में फैली हुई थी जिसे तत्काल हौज़ फैलाकर एवं सभी वाहनों से योजनाबद्ध तरीके से आग को चारों तरफ से घेर कर एमएफई से पंपिंग शुरू की गई । अग्निशमन अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा लगभग 10 घंटे तक लगातार अथक प्रयास करते हुए आग पर पूर्ण रूप से काबू पा लिया गया। आग की गंभीरता एवं व्यापकता को देखते हुए अभियान में कुल 06 अग्निशमन वाहनों एवं 02 जेसीबी मशीनों की सहायता से समन्वित अग्निशमन कार्यवाही की गई।

टायर स्क्रैप की अत्यधिक मात्रा एवं ज्वलनशील प्रकृति के कारण आग पर नियंत्रण स्थापित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था। विषैला धुआं चारों तरफ फैला हुआ था जिसे देखते हुए अग्निशमन कर्मियों ने ब्रीदिंग ऑपरेटस सेट का भी प्रयोग किया और कार्यवाही आगे बढ़ाई । आग के अंदरूनी हिस्सों में सुलगते पदार्थों तक पहुँचने तथा आग के पुनः भड़कने की आशंका को समाप्त करने के लिए विशेष प्रयास किए गए। अग्निशमन कर्मियों द्वारा उपलब्ध संसाधनों का योजनाबद्ध उपयोग करते हुए जेसीबी की सहायता से जलते हुए टायर स्क्रैप को हटवाया गया तथा अंदरूनी हिस्सों में प्रभावी ढंग से पानी डालकर आग बुझाने की कार्यवाही की गई।

सम्पूर्ण अभियान के दौरान अग्निशमन अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने अत्यंत साहस, सतर्कता, कर्तव्यनिष्ठा एवं टीम भावना का परिचय देते हुए लगातार कार्य किया। विभिन्न जनपदों से पहुँचे अग्निशमन वाहनों के बीच समन्वय स्थापित कर उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग किया गया। घटनास्थल पर उपस्थित उच्चाधिकारियों एवं पुलिस बल के साथ भी आवश्यक समन्वय बनाए रखा गया । पास ही संचालित दूसरी फैक्ट्री एवं कोल्ड स्टोरेज से पानी की आपूर्ति लगातार बनाए रखी गई।

लगभग 10 घंटे तक लगातार चले इस अभियान में मुख्य अग्निशमन अधिकारी सुभाष कुमार के निर्देशन एवं  प्रभारी अग्निशमन केंद्र प्रांशु अवस्थी के नेतृत्व में लीडिंग फायरमैन  विनोद कुमार व ओमवीर सिंह ( कन्नौज) के साथ 06 चालकों एवं 16 फायरमैन की सहायता से आग को पूरी तरह से बुझा दिया गया। इसके बाद घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए शेष सुलगते पदार्थों को भी बुझाया गया तथा आग के दोबारा भड़कने की आशंका को समाप्त करने के लिए आवश्यक कार्यवाही की गई। किसी प्रकार की कोई जनहानि या कोई घायल नहीं हुआ है। मौके पर थाना प्रभारी मोहम्दाबाद भी  मय पुलिस बल के उपस्थित रहे।

इस अग्निकांड में अग्निशमन कर्मियों का अनुशासन, साहस, कर्तव्य के प्रति समर्पण तथा कठिन परिस्थितियों में लगातार कार्य करने की प्रतिबद्धता विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। विभिन्न जनपदों के अग्निशमन संसाधनों का समन्वित उपयोग एवं जेसीबी की सहायता से की गई कार्यवाही अभियान की सफलता में महत्वपूर्ण रही।

उत्तर प्रदेश अग्निशमन एवं आपात सेवा जनसुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए प्रत्येक आपातकालीन परिस्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही के लिए तत्पर है।
जल निगम ग्रामीण दुरुस्त करा रहा  सड़कें , आप भी दें सूचना
पेयजल पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों की हो रही मरम्मत*

उत्तर प्रदेश जलनिगम ग्रामीण का 01 अक्टूबर से 10 नवंबर तक सड़क पुनर्स्थापना अभियान जारी

*जलसारथी ऐप और टोल फ्री नंबर पर दें सूचना, तुरंत होगी कार्रवाई

फर्रुखाबाद । ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों को दुरुस्त कराने के लिए जल निगम ग्रामीण की ओर से जनपद में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। प्रदेशव्यापी यह अभियान 1 अक्टूबर से 10 नवंबर तक संचालित किया जा रहा है। अगर आपके गांव में भी पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़क की मरम्मत अभी तक नहीं हुई है, तो इसकी सूचना विभाग को दें। जल निगम ग्रामीण ने स्पष्ट किया है कि शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश देकर सड़क दुरुस्त कराई जाएगी।

जनपद में पाइपलाइन बिछाने के लिए कुल 1641 किलोमीटर सड़क खोदी गई थी, जिसमें से अब तक 1617 किलोमीटर सड़क दुरुस्त कराई जा चुकी है। शेष सड़कों की मरम्मत के लिए भी कार्रवाई की जा रही है। जल निगम ग्रामीण की ओर से संबंधित अधिकारियों को अभियान के तहत सड़कों को जल्द दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए हैं।

*आपके गांव में भी टूटी है सड़क तो दें सूचना*
यदि आपके गांव में पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़क की मरम्मत नहीं हुई है, तो इसकी सूचना जल निगम ग्रामीण को दें। विभाग की ओर से शिकायत पर संबंधित अधिकारियों के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। विभाग के टोल फ्री नंबर 1800-121-2164 पर शिकायत कर सकते हैं। इसके अलावा जल समाधान ऐप और आईजीआरएस पोर्टल के माध्यम से भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

*जलसारथी ऐप पर विशेष व्यवस्था*
रोड रेस्टोरेशन अभियान के तहत जनसामान्य की सुविधा के लिए जलसारथी ऐप पर विशेष व्यवस्था की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क टूटी होने या उसकी मरम्मत नहीं होने की स्थिति में नागरिक मौके की फोटो और वीडियो अपलोड कर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इससे संबंधित अधिकारियों तक समस्या पहुंचाने और जल्द कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।

*टूटी सड़कों की मरम्मत कराना प्राथमिकता*
अधिशासी अभियंता मो क़ासिम हाशमी ने कहा कि विभाग की प्राथमिकता पाइपलाइन बिछाने के बाद टूटी हुई सड़कों को जल्द से जल्द दुरुस्त कराना और ग्रामीणों को आवागमन में होने वाली परेशानी से राहत दिलाना है। उन्होंने कहा कि सड़क से संबंधित शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारियों के माध्यम से कार्रवाई कराई जाएगी और सड़क की मरम्मत सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि यदि उनके गांव में कोई सड़क क्षतिग्रस्त है और अब तक उसकी मरम्मत नहीं हुई है, तो विभाग को इसकी सूचना दें, ताकि जल्द से जल्द सड़क दुरुस्त कराई जा सके।
त्योहारी सीजन में मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर नियमित छापेमारी कर प्रभावी अंकुश लगाएं : जिलाधिकारी डॉ0 अंकुर लाठर
*मिठाई के डिब्बों पर वैधता तिथि अंकित करना अनिवार्य, नियमों का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं पर होगी कार्रवाई*

फर्रुखाबाद । आज कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन समिति की प्रगति समीक्षा बैठक जिला अधिकारी डॉ अंकुर लाठर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने, मिलावट पर प्रभावी नियंत्रण तथा जनसामान्य को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के संबंध में विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में सहायक आयुक्त खाद्य द्वारा विभागीय कार्यों की प्रगति से अवगत कराते हुए बताया गया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में अब तक विभागीय अधिकारियों द्वारा कुल 483 निरीक्षण किए गए हैं। इसके अंतर्गत मिलावट एवं खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के लिए छापेमारी की 53 कार्यवाहियां करते हुए कुल 56 नमूने एकत्र किए गए हैं। नमूनों के माध्यम से खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं निर्धारित मानकों के अनुपालन की जांच की जा रही है।

समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने आगामी त्योहारी सीजन को दृष्टिगत रखते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद में मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाकर अधिक से अधिक छापेमारी की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। विशेष रूप से मिठाई, खोया, पनीर, दूध, घी, खाद्य तेल तथा अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर सतत निगरानी रखी जाए। संदिग्ध खाद्य पदार्थों की बिक्री, भंडारण एवं निर्माण की सूचना प्राप्त होने पर तत्काल जांच एवं नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मिष्ठानों में मिलावट की शिकायत प्राप्त होने अथवा जांच में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठान एवं जिम्मेदार व्यक्तियों की जवाबदेही निर्धारित करते हुए नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। खाद्य सुरक्षा के मानकों के अनुपालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि छापेमारी अभियान प्रभावी, नियमित एवं परिणामोन्मुखी ढंग से संचालित किया जाए, जिससे आमजन के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो सके।

जिलाधिकारी ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं उपभोक्ता सुरक्षा के दृष्टिगत सभी मिष्ठान विक्रेताओं को मिठाई के डिब्बों एवं बॉक्स पर मिठाई की वैधता तिथि स्पष्ट रूप से अंकित कराने के लिए अनिवार्य रूप से निर्देशित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि इस संबंध में सभी संबंधित विक्रेताओं को खाद्य सुरक्षा मानकों एवं लागू नियमों के प्रति जागरूक किया जाए। निर्देशों का अनुपालन न करने तथा निर्धारित मानकों का उल्लंघन करने वाले मिष्ठान विक्रेताओं के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कि त्योहारी अवसरों पर खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के कारण मिलावट की आशंका भी बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की जिम्मेदारी और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। विभागीय अधिकारी अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करते हुए खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच, नियमित निरीक्षण तथा शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर विशेष ध्यान दें।

जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जनपद में खाद्य सुरक्षा से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उनका समयबद्ध निस्तारण किया जाए तथा आमजन को सुरक्षित खाद्य पदार्थों के उपयोग के प्रति जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता जनपदवासियों को शुद्ध, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए संबंधित विभागीय अधिकारी आपसी समन्वय के साथ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें।

बैठक में संबंधित विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में भारत की जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के अंतर्गत कार्मिकों का 03 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ
*जनगणना के आंकड़ों का शुद्ध एवं समयबद्ध संग्रहण सुनिश्चित करें कार्मिक : जिलाधिकारी डॉ0 अंकुर लाठर*

*स्वगणना अभियान के अंतर्गत 16 से 20 नवम्बर 2026 तक अधिक से अधिक लोगों को करें आच्छादित*

फर्रुखाबाद । जिलाधिकारी डॉ0 अंकुर लाठर की अध्यक्षता में भारत की जनगणना-2027 के अंतर्गत द्वितीय चरण “जनसंख्या गणना (जनगणना)” के तहत शिक्षकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम* का शुभारंभ राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, फर्रुखाबाद में किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने जनगणना कार्य में संलग्न कार्मिकों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनगणना एक अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से देश एवं जनपद की जनसंख्या से संबंधित महत्वपूर्ण आंकड़ों का संग्रहण किया जाता है। इन आंकड़ों का उपयोग भविष्य की विकास योजनाओं के निर्माण, संसाधनों के समुचित वितरण तथा आमजनमानस के कल्याण से संबंधित नीतियों के निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना के प्रथम चरण में जनपद के सभी संबंधित कार्मिकों द्वारा सराहनीय कार्य किया गया है। इसी भावना, जिम्मेदारी एवं कार्यकुशलता के साथ द्वितीय चरण के कार्यों को भी संपादित किया जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनगणना के द्वितीय चरण में आंकड़ों के संग्रहण, उनकी शुद्धता तथा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार डिजिटल फीडिंग पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। प्रत्येक कार्मिक यह सुनिश्चित करे कि निर्धारित प्रपत्रों में सूचनाओं का संकलन सावधानीपूर्वक एवं त्रुटिरहित ढंग से किया जाए, जिससे जनगणना से प्राप्त आंकड़ों की विश्वसनीयता बनी रहे।

उन्होंने बताया कि जनगणना अभियान के अंतर्गत 16 से 20 नवम्बर 2026 तक स्वगणना* की प्रक्रिया संचालित की जानी है, इस दौरान अधिक से अधिक नागरिकों को स्वगणना के लिए प्रेरित करते हुए उन्हें इस प्रक्रिया में सम्मिलित किया जाए। स्वगणना के माध्यम से नागरिक स्वयं अपनी आवश्यक जानकारी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उपलब्ध करा सकेंगे, जिससे आगामी गणना कार्य को सुगम बनाने में सहायता मिलेगी।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि एक से 31 दिसम्बर 2026 तक प्रस्तावित जनसंख्या गणना* के कार्य को सुव्यवस्थित एवं समयबद्ध ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी संबंधित कार्मिक अभी से आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर लें। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से कहा कि प्रशिक्षण के दौरान जनगणना से संबंधित सभी प्रक्रियाओं, दिशा-निर्देशों एवं तकनीकी पहलुओं को ध्यानपूर्वक समझें तथा किसी भी प्रकार की शंका होने पर प्रशिक्षकों से उसका समाधान अवश्य प्राप्त करें। प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी का उपयोग क्षेत्र में वास्तविक गणना कार्य करते समय किया जाए, ताकि सूचनाओं के संकलन एवं फीडिंग में किसी प्रकार की त्रुटि न हो।

उन्होंने कहा कि जनगणना का कार्य राष्ट्रीय महत्व से जुड़ा हुआ है।  इस लिए प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी की जिम्मेदारी है कि वह पूरी गंभीरता, निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करे। जनगणना से संबंधित निर्धारित समय-सारिणी का पालन करते हुए कार्यों को समय से पूरा किया जाए तथा नागरिकों को भी इस महत्वपूर्ण अभियान के प्रति जागरूक किया जाए।

बैठक में जनगणना प्रभारी ने बताया कि जनगणना-2027 के द्वितीय चरण जनसंख्या गणना को समयबद्ध, सुव्यवस्थित एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जनपद फर्रुखाबाद में तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

*द्वितीय चरण के लिए निर्धारित प्रमुख समय-सारणी*

गणना ब्लॉकों का गठन एवं अंतिम रूप देना 20 सितंबर 2026 तक

जनपद/चार्ज स्तर पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों का प्रशिक्षण 15 एवं 16 सितंबर 2026

फील्ड ट्रेनर्स की नियुक्ति एवं प्रशिक्षण 10 अक्टूबर 2026 तक
गणना ब्लॉकों का आवंटन 31 अक्टूबर 2026 तक
प्रगणक एवं पर्यवेक्षकों की नियुक्ति एवं प्रशिक्षण 07 नवंबर 2026 तक

विद्यालयों एवं संस्थानों की सहभागिता – 07 नवंबर 2026 तक

स्व-गणना 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक

जनसंख्या गणना एक  दिसंबर 2026 से 04 जनवरी 2027 तक

जनगणना हेतु संदर्भ तिथि 05 जनवरी 2027, समय 00:00 बजे

पुनरीक्षण कार्य – 05 जनवरी से 09 जनवरी 2027 तक
तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर तहसीलदार सदर विक्रम सिंह, प्रधानाचार्य, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, राजीव सिंह, जनगणना प्रभारी पारखी भार्गव सहित अन्य संबंधित अधिकारी, प्रशिक्षक एवं प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।
लखनऊ का तिहरा हत्याकांड: उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने परिवार को मनाया, शवों को दिया कंधा
- आरोपित पर एनएसए के तहत होगी कार्रवाई

- पीड़ित परिवार के एक सदस्य को नौकरी, बेटी को फ्री शिक्षा



लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सआदतगंज थाना क्षेत्र में तिहरे हत्यकांड के बाद परिवार के लोग मंगलवार काे शव को रखकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्हें मनाने के लिए उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को सरकार से मिलने वाली सारी सुविधाएं और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया। परिवार के लोग उप मुख्यमंत्री के आश्वासन पर मान गए, उन्हाेंने शवाें को कंधा भी दिया।

सआदतगंज के ब्राहम्ण टोला, नौबस्ता में कार की पार्किंग को लेकर हुए विवाद में पड़ोसी ऋषभ शुक्ला ने साेमवार काे शिवाजी तिवारी (65) उनके भाई शिवेंद्र तिवारी (55) और उनके बेटे सुयश तिवारी की गाेली मारकर हत्या कर दी थी। मृतक शिवा तिवारी सचिवालय से रिटायर्ड और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के जिला सर कार्यवाह रह चुके थे। एक ही परिवार के तीन लोगों की हत्या को लेकर मंगलवार को परिवार के लोगों ने शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिवार का साथ देने के लिए भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी, कार्यकर्ता और संघ के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। परिवार की मांग थी कि मौके पर उपमुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक को बुलाया जाए। आरोपितों के घर पर बुलडोजर चले और पुलिस उनका एनकाउंटर करें। स्थिति को देखते हुए पुलिस फोर्स तैनात की गई। दोपहर को उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे।

उन्होंने परिवार से हाथ जोड़कर इस घटना पर गहरा दुख प्रकट करते हुए उनकी सारी पीड़ा सुनी। इसके बाद उन्होंने आश्वासन दिया कि पीड़ित परिवार के साथ राज्य सरकार खड़ी है। आरोपितों के खिलाफ एनएसए के तहत कार्रवाई की जाएगी। अवैध निर्माण को हटाया जाएगा। सरकार मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाएगी, ताकि आरोपित को जल्द से जल्द सजा मिल सके। इसके अलावा पीड़ित परिवार के एक सदस्य को नौकरी, बेटी को नि:शुल्क पढ़ाई और परिवार की सुरक्षा मुहैया करायी जाएगी। करीब तीन घंटे चली बातचीत के बाद परिवार उपमुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद शवों के अंतिम संस्कार के लिए राजी हुआ। परिवार का कहना है कि उनकी सारे मांगे मान ली गई हैं। इसके बाद उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने शवों को कंधा दिया।

इस दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उपाध्यक्ष नीरज सिंह, मेयर सुषमा खर्कवाल, पुलिस कमिश्रनर तरूण गाबा, जिलाधिकारी विशाख जी के साथ पुलिस के तमाम वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि इस घटना के बाद पुलिस कमिश्रर ने मामले को संज्ञान में लेते हुए लापरवाही बरतने पर थानेदार और चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया था।
लखनऊ का तिहरा हत्याकांड : शवाें के घर पहुंचने पर पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन, एसएचओ -चौकी इंचार्ज निलंबित
— परिवार ने शवाें को रखकर प्रदर्शन शुरू किया, उपमुख्यमंत्री और डीजीपी की मांग कर रहे

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सआदतगंज थाना क्षेत्र में सोमवार को पार्किंग को लेकर हुई फायरिंग में तीन लोगों की जान चली गई थी। इस मामले में मंगलवार को आक्रोशित परिजनों ने शवाें को घर के बाहर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। पीड़ित परिवार उपमुख्यमंत्री और डीजीपी काे माैके पर बुलाने की मांग पर अड़े हुए हैं। पुलिस अधिकारी पीड़ित परिवार को समझाने के प्रयास में लगे हुए हैं। वहीं, पुलिस कमिश्रर तरूण गाबा ने इस मामले में लापरवाही करने वाले थाना प्रभारी संतोष कुमार आर्य और चौकी प्रभारी कश्मीरी मोहल्ला अजय काे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

पुलिस के मुताबिक, सोमवार की सुबह करीब साढ़े 10 बजे थाना सआदतगंज क्षेत्रांतर्गत ब्राह्मणी टोला, नौबस्ता में बरगद के पेड़ के पास खाली पड़ी जमीन पर कार खड़ी करने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। इसमें विपक्षी ऋषभ शुक्ला ने दूसरे पक्ष के लोगों ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इसमें गोली लगने से शिवाजी तिवारी (65) और उनके भाई शिवेंद्र तिवारी (55) की मौके पर मौत हो गई। जबकि शिवाजी के बेटे सुयश तिवारी की अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। तीनाें शव पाेस्टमार्टम के बाद मंगलवार को जब घर पहुंचे ताे माेहल्ले व परिवार के लोगाें ने आक्राेशित हाेकर शवाें को रखकर प्रदर्शन शुरु कर दिया।

इस दौरान भाजपा के प्रदेश महामंत्री अभिजात मिश्रा, संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद हैं, जो पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे है। परिवार के लोग उपमुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक की मांग कर रहे। घरवालों का कहना है कि हत्यारोपितों के खिलाफ पुलिस कड़ी कार्रवाई करते हुए उनके घर को बुलडोजर से गिरा दिया जाए। हत्यारे का एनकाउंटर होना चाहिए। पुलिस अधिकारी परिवार को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस कमिश्रर तरूण गाबा ने थाना प्रभारी संतोष कुमार आर्य और चौकी प्रभारी कश्मीरी मोहल्ला अजय भी निलंबित कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि पुलिस इस प्रकरण में हत्या के आराेपित ऋषष शुक्ला काे गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है जबकि अन्य की तलाश जारी है।
ओरछा के राम राजा मंदिर में सभ्यता फाउंडेशन द्वारा 30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक होगी तीन दिवसीय रामलीला
* मंदिर में पहली बार राष्ट्रीय स्तर की रामलीला मंडली करेगी प्रस्तुति

लखनऊ, झांसी: भारत की विरासत को सांस्कृतिक अनुभवों के माध्यम से लोगों तक पहुँचाने के उद्देश्य से कार्यरत सभ्यता फाउंडेशन मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड के साथ मिलकर 30 अक्टूबर से 1 नवंबर, 2026 तक ओरछा के ऐतिहासिक राम राजा मंदिर में तीन दिवसीय रामलीला का आयोजन करने जा रहा है। राष्ट्रीय स्तर पर पहचान रखने वाली शुभ प्रवेश इवेंट्स की रामलीला मंडली पहली बार राम राजा मंदिर में प्रस्तुति देगी। पारंपरिक रंगमंच के माध्यम से रामायण की कहानी को जीवंत किया जाएगा। इस मंदिर में भगवान राम की राजा के रूप में पूजा होती है। ऐसे में, यह आयोजन पर्यटकों को ओरछा की जीवंत धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को करीब से जानने का खास अवसर देगा। रामलीला शाम 7 बजे से रात 9:30 बजे तक होगी। मंदिर में प्रवेश शाम 6 बजे से शुरू होगा, जो कि सभी के लिए पूर्णतः निःशुल्क रहेगा।
यह मध्य प्रदेश में सभ्यता फाउंडेशन का पहला सार्वजनिक आयोजन है। भारत सरकार की ‘एडॉप्ट ए हेरिटेज 2.0’ पहल के तहत स्मारक सारथी के रूप में कार्यरत सभ्यता फाउंडेशन सांस्कृतिक कार्यक्रमों, ऐतिहासिक स्थलों से जुड़ी जानकारी और पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाकर भारत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को सहेजने और बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। डालमिया भारत के साथ दिल्ली के लाल किले में प्रस्तुत इसका ‘जय हिंद’ साउंड एंड लाइट शो अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुका है। दिल्ली में सफदरजंग का मकबरा, पुराना किला और महरौली पुरातत्व पार्क जैसे प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों पर भी फाउंडेशन काम कर रहा है। इन जगहों पर स्मारकों की वास्तुकला और ऐतिहासिक महत्व को बनाए रखते हुए, उनके इतिहास और परंपराओं को पर्यटकों तक पहुँचाने के लिए खास अनुभव तैयार किए जाते हैं।
ओरछा में सभ्यता फाउंडेशन की यह पहल यहाँ की खास बुंदेला विरासत और पुरानी धार्मिक परंपराओं पर आधारित है। मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड के साथ मिलकर फाउंडेशन का उद्देश्य पर्यटकों को शहर के ऐतिहासिक स्मारकों से आगे यहाँ की सांस्कृतिक परंपराओं और कहानियों से भी जोड़ना है, जो आज भी ओरछा की पहचान का हिस्सा हैं। रामलीला इसी कोशिश का हिस्सा है, जिसके माध्यम से प्रस्तुति, स्थान और दर्शकों को जोड़ते हुए जीवंत परंपराओं को विरासत के अनुभव का हिस्सा बनाया जाएगा।
इस पहल के बारे में सभ्यता फाउंडेशन के सलाहकार मंडल की सह-अध्यक्ष श्रीमती अवंतिका डालमिया ने कहा, “भारत के धार्मिक स्थलों में ओरछा की एक खास जगह है। यहाँ भगवान राम की पूजा ओरछा के राजा, राजा राम के रूप में की जाती है। इसलिए राम राजा मंदिर में रामलीला का आयोजन सिर्फ एक नाट्य प्रस्तुति नहीं, बल्कि शहर की जीवंत परंपरा का हिस्सा है। सभ्यता फाउंडेशन में हमारा मानना है कि सांस्कृतिक अनुभव तभी सबसे सार्थक होते हैं, जब वे सभी के लिए सुलभ हों, अपनी जड़ों से जुड़े हों और लोगों के साथ साझा किए जाएँ। मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड के साथ मिलकर ओरछा में पर्यटकों को एक बेहतर और संपूर्ण अनुभव देने की हमारी लंबी कोशिश के तहत यह पहला सार्वजनिक आयोजन है।”
शुभ प्रवेश रामलीला मंडली को देश के प्रमुख सांस्कृतिक स्थलों पर प्रस्तुति देने का लम्बे समय का अनुभव है। यह मंडली वर्ष 2014 से दिल्ली के लाल किले में दिल्ली लव कुश और धार्मिक रामलीला समितियों के साथ प्रस्तुति देती आ रही है। इसके पिछले आयोजनों में वर्ष 2017 में भोपाल में रामलीला, वर्ष 2020 और 2021 में अयोध्या में आयोजित रामलीला की प्रस्तुतियाँ, जिनका प्रसारण दूरदर्शन नेशनल पर हुआ, एवं वर्ष 2022 में चित्रकूट में चैत्र नवरात्रि के दौरान दी गई प्रस्तुति शामिल हैं।
यह पहल मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड के साथ मिलकर ओरछा को एक प्रमुख विरासत पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के सभ्यता फाउंडेशन के व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा है। इसका उद्देश्य शहर की ऐतिहासिक धरोहर, धार्मिक महत्व और जीवंत सांस्कृतिक परंपराओं को एक साथ लाकर पर्यटकों को यहाँ का अधिक समृद्ध अनुभव प्रदान करना है।
मऊ उत्कृष्ट खेल प्रतिभा का सम्मान: आरक्षी से मुख्य आरक्षी के पद पर आउट ऑफ़ टर्न प्रमोशन
मऊ जनपद में तैनात कुशल खिलाड़ी आरक्षी सुनील कुमार को 'बिना पारी प्रोन्नति नियमावली' के अंतर्गत आरक्षी से मुख्य आरक्षी के पद पर आउट ऑफ़ टर्न प्रमोशन प्रदान किया गया है । 

राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन: सुनील कुमार ने 19 जनवरी से 23 जनवरी, 2026 तक सशस्त्र सीमा बल, सिलीगुड़ी में आयोजित '2nd All India Police Handball Cluster 2025-26' की हैंडबॉल (पुरुष) प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश पुलिस का प्रतिनिधित्व करते हुए तृतीय स्थान प्राप्त कर देश भर में प्रदेश का मान बढ़ाया था ।  

इस शानदार सफलता पर पुलिस अधीक्षक  सर्वेश कुमार मिश्रा द्वारा पुलिस कार्यालय में मुख्य आरक्षी सुनील कुमार को मेडल पहनाकर और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया तथा उन्हें हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गईं ।