शरद पूर्णिमा पर संकिसा में आयोजित होने वाले बौद्ध महोत्सव मेले को लेकर डीआईजी की अध्यक्षता में बैठक सम्पन्न
आपसी सद्भाव एवं शांति के साथ आयोजन सम्पन्न कराने पर जोर
सनातनी एवं बौद्ध पक्ष के पदाधिकारियों से आपसी समन्वय, सौहार्द एवं सहयोग के साथ मेले को सफल बनाने की अपील*
डीआईजी ने बिसारी देवी मंदिर एवं धम्मलोक बौद्ध विहार में तैयारियों का निरीक्षण कर अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश
फर्रुखाबाद । शरद पूर्णिमा के अवसर पर संकिसा में आयोजित होने वाले बौद्ध महोत्सव मेले की तैयारियों, शांति व्यवस्था एवं आयोजन को सकुशल सम्पन्न कराने के दृष्टिगत पुलिस उपमहानिरीक्षक, कानपुर परिक्षेत्र यमुना प्रसाद की अध्यक्षता में सनातनी एवं बौद्ध पक्ष के पदाधिकारियों के साथ आवश्यक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी डॉ0 अंकुर लाठर एवं पुलिस अधीक्षक आरती सिंह की उपस्थिति रही। बैठक में दोनों पक्षों के पदाधिकारियों के साथ मेले को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराने के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक को सम्बोधित करते हुए पुलिस उप महानिरीक्षक यमुना प्रसाद ने कहा कि ईश्वर एक है और हम सभी उसी एक मूल से निकली शाखाओं के समान हैं। सभी लोग अपनी-अपनी आस्था, मान्यताओं एवं विचारों के अनुरूप ईश्वर की उपासना करते हैं। ऐसे में आवश्यक है कि हम सभी एक-दूसरे की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए आपसी सद्भाव, शांति, सहिष्णुता एवं भाईचारे की भावना को मजबूत बनाएं।
उन्होंने सनातनी एवं बौद्ध पक्ष के पदाधिकारियों से अपील की कि शरद पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित होने वाले इस महत्वपूर्ण मेले को आपसी सहजता, समन्वय, सहयोग एवं सौहार्द के साथ सफल बनाएं। सभी पक्षों का प्रयास होना चाहिए कि आयोजन के दौरान किसी भी प्रकार की अनावश्यक असहजता उत्पन्न न हो तथा श्रद्धालु शांतिपूर्ण वातावरण में अपनी धार्मिक आस्थाओं के अनुरूप कार्यक्रमों में सहभागिता कर सकें।
पुलिस उप महानिरीक्षक ने कहा कि संकिसा का यह आयोजन धार्मिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यहां देश-विदेश, विशेषकर अंतरराष्ट्रीय क्षेत्रों से भी श्रद्धालुओं के आने की संभावना रहती है। ऐसे में हम सभी की जिम्मेदारी है कि यहां आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु एवं अतिथि का स्वागत भारतीय संस्कृति की महान परम्परा ‘अतिथि देवो भवः’ की भावना के अनुरूप करें। श्रद्धालु यहां से शांति, सद्भाव, पारस्परिक सम्मान एवं भारतीय संस्कृति की सकारात्मक अनुभूति लेकर जाएं और अपने-अपने देशों में भारत की संस्कृति, सभ्यता तथा आपसी भाईचारे की भावना का संदेश प्रसारित करें।
उन्होंने कहा कि धर्म एवं आस्था का मूल उद्देश्य सद्मार्ग पर चलना, मानवता को महत्व देना तथा समाज में शांति और सद्भाव स्थापित करना है। इसलिए सभी पक्षों को परस्पर सम्मान एवं सहयोग की भावना के साथ आगे बढ़ते हुए आयोजन को सफल बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए। आपसी संवाद एवं समन्वय से प्रत्येक विषय का समाधान निकाला जा सकता है। सभी पदाधिकारी इस बात का विशेष ध्यान रखें कि मेले के दौरान शांति व्यवस्था बनी रहे तथा किसी भी प्रकार की अफवाह या गलतफहमी को बढ़ावा न मिले।
बैठक में जिलाधिकारी डॉ0 अंकुर लाठर एवं पुलिस अधीक्षक आरती सिंह की मौजूदगी में मेले की तैयारियों तथा आयोजन के दौरान आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में भी चर्चा की गई। प्रशासन एवं पुलिस द्वारा आयोजन को व्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराने, श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करने तथा शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।
बैठक के बाद पुलिस उप महानिरीक्षक यमुना प्रसाद द्वारा बिसारी देवी मंदिर पहुंचकर मंदिर परिसर, बौद्ध स्तूप एवं धम्मलोक बौद्ध विहार में प्रशासन द्वारा की गई तैयारियों एवं व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की तथा मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुव्यवस्थित आवागमन सहित आवश्यक व्यवस्थाओं को समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आयोजन से संबंधित सभी व्यवस्थाओं का गंभीरता से परीक्षण कर लिया जाए तथा संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं। साथ ही, मेले के दौरान सतर्कता बनाए रखते हुए शांति एवं कानून-व्यवस्था से संबंधित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं प्रभावी ढंग से सुनिश्चित की जाएं।
प्रशासन की ओर से सभी पक्षों एवं आमजन से अपील की गई कि शरद पूर्णिमा पर संकिसा में आयोजित होने वाले बौद्ध महोत्सव मेले को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं सफल बनाने में सहयोग प्रदान करें। आपसी भाईचारे, धार्मिक सद्भाव एवं सामाजिक समरसता की भावना को बनाए रखते हुए भारतीय संस्कृति की गौरवशाली परम्परा का परिचय दें।
Oct 23 2026, 19:11
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