गोंडा में SIS लिमिटेड में सुरक्षा जवान एवं सुपरवाइजर पदों पर भर्ती, 24 से 29 अक्टूबर तक विभिन्न ब्लॉकों में लगेंगे कैंप

*10वीं पास 19 से 40 वर्ष तक के युवा कर सकते हैं प्रतिभाग, सुबह 10 से शाम 4 बजे तक होगा पंजीकरण*

*गोण्डा, 23 अक्टूबर 2026* - जनपद गोण्डा के बेरोजगार युवाओं के लिए सुरक्षा जवान एवं सुरक्षा सुपरवाइजर के पदों पर नौकरी पाने का अवसर है। SIS लिमिटेड द्वारा जनपद के विभिन्न विकास खंडों में भर्ती शिविर आयोजित किए जाएंगे। जिला विकास अधिकारी  ने जनपद के युवाओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में भर्ती शिविरों में प्रतिभाग कर इस अवसर का लाभ उठाएं।

विभिन्न विकास खंडों में भर्ती शिविरों का कार्यक्रम

- 24 अक्टूबर 2026: विकास खंड रुपईडीह।
- 26 एवं 27 अक्टूबर 2026: विकास खंड पंडरीकृपाल।
- 28 एवं 29 अक्टूबर 2026: विकास खंड झंझरी।

सभी भर्ती शिविर प्रातः 10:00 बजे से अपराह्न 4:00 बजे तक आयोजित किए जाएंगे। अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए किसी भी विकास खंड का युवा निर्धारित तिथियों में अपनी सुविधानुसार किसी भी विकास खंड में आयोजित भर्ती शिविर में प्रतिभाग कर सकता है।

पात्रता एवं चयन संबंधी विवरण

भर्ती में प्रतिभाग करने के लिए अभ्यर्थी का न्यूनतम शैक्षिक योग्यता 10वीं पास होना आवश्यक है। अभ्यर्थी की आयु 19 से 40 वर्ष के मध्य तथा निर्धारित न्यूनतम लंबाई 167.5 सेंटीमीटर होनी चाहिए।

चयनित अभ्यर्थियों का ऑनलाइन पंजीकरण संबंधित भर्ती शिविर स्थल पर ही किया जाएगा। इसके लिए ₹350 ऑनलाइन पंजीकरण शुल्क निर्धारित किया गया है।

वेतन एवं तैनाती

प्राप्त जानकारी के अनुसार, चयनित अभ्यर्थियों को पद एवं निर्धारित शर्तों के अनुसार ₹16,000 से ₹30,000 प्रतिमाह तक वेतन मिल सकता है। ड्यूटी का निर्धारित समय 8 घंटे प्रतिदिन एवं 26 दिन प्रतिमाह बताया गया है। भर्ती संबंधी जानकारी में 60 वर्ष की आयु तक सेवा का भी उल्लेख किया गया है।

चयनित अभ्यर्थियों की तैनाती लखनऊ मेट्रो, सचिवालय, कंपनी मॉल, अयोध्या धाम, हनुमानगढ़ सहित अन्य प्रतिष्ठानों में की जा सकती है। आवश्यकता एवं कंपनी की तैनाती नीति के अनुसार उत्तर प्रदेश के भीतर अथवा प्रदेश के बाहर भी ड्यूटी दी जा सकती है।

अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें

भर्ती से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए अभ्यर्थी निम्नलिखित मोबाइल नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:

- 9236915649
- 7348142910

जिला विकास अधिकारी ने युवाओं से अपील की है कि वे निर्धारित तिथियों पर भर्ती शिविर में पहुंचकर रोजगार के इस अवसर का लाभ उठाएं।
मऊ विधान परिषद चुनाव को लेकर डीएम और एसपी ने मतदान स्थलों का किया निरीक्षण
मऊ। विधान परिषद चुनाव को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं सकुशल संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मऊ श्री आनंद वर्धन एवं पुलिस अधीक्षक मऊ श्री सर्वेश मिश्रा ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को जनपद के विभिन्न मतदान स्थलों का निरीक्षण किया।

इस दौरान अधिकारियों ने मतदान केंद्रों पर उपलब्ध व्यवस्थाओं, सुरक्षा प्रबंधों एवं आवश्यक सुविधाओं का जायजा लिया। संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। डीएम और एसपी ने कहा कि मतदान के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। सभी अधिकारी एवं कर्मचारी पूरी सतर्कता और मुस्तैदी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जनपद में विधान परिषद चुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण एवं सकुशल संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जा रही हैं।
जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने विभिन्न मतदान केन्द्रों का किया औचक निरीक्षण, शांतिपूर्ण एवं सुचारू रूप से संचालित मिली मतदान प्रक्रिया
मतदान केन्द्रों पर व्यवस्थाओं का लिया जायजा, निर्वाचन प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के दिए निर्देश

फर्रुखाबाद । उत्तर प्रदेश विधान परिषद के आगरा खण्ड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 के अंतर्गत आज मतदान दिवस पर जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर एवं पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने संयुक्त रूप से जनपद के विभिन्न मतदान केन्द्रों एवं पोलिंग बूथों का औचक निरीक्षण कर मतदान प्रक्रिया के सकुशल, शांतिपूर्ण एवं सुचारू संचालन का जायजा लिया। जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने म्यूनिशिपल इण्टर कॉलेज, फतेहगढ़, विकास खण्ड कार्यालय बढ़पुर, विकास खण्ड कार्यालय कमालगंज तथा विकास खण्ड कार्यालय मोहम्मदाबाद स्थित मतदान केन्द्रों का भ्रमण किया। इस दौरान अधिकारियों ने मतदान केन्द्रों पर पहुंचकर संचालित मतदान प्रक्रिया का अवलोकन किया तथा निर्वाचन संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की।
निरीक्षण के दौरान सभी संबंधित मतदान केन्द्रों पर मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण एवं सुचारू रूप से संचालित होती पाई गई। अधिकारियों ने मतदान केन्द्रों पर तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों से व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त करते हुए निर्वाचन प्रक्रिया को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने पर जोर दिया।

जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने निर्वाचन कार्य में लगे अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि मतदान प्रक्रिया के दौरान निर्धारित निर्वाचन नियमों एवं दिशा-निर्देशों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित किया जाए। मतदान से संबंधित सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित रखी जाएं तथा निर्वाचन कार्य में लगे कार्मिक अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी सतर्कता, निष्पक्षता एवं पारदर्शिता के साथ करें।
पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने मतदान केन्द्रों पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया तथा संबंधित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मतदान के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना तथा निर्वाचन प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना सुनिश्चित किया जाए।

जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त निरीक्षण के माध्यम से मतदान केन्द्रों पर व्यवस्थाओं की स्थिति का परीक्षण किया तथा संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि मतदान समाप्ति तक निर्वाचन संबंधी दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी एवं सतर्कता के साथ किया जाए।

निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी सदर संजय कुमार, क्षेत्राधिकारी नगर अभय वर्मा, खण्ड विकास अधिकारी बढ़पुर योगेश पाण्डेय सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
थाना धानेपुर पुलिस द्वारा दहेज हत्या के मामले में 02 वांछित अभियुक्तों को किया गया गिरफ्तार


गोण्डा। वादिनी गुन्जन पत्नी सुधीर कुमार दूबे निवासी माझा तरहर, थाना कोतवाली देहात, जनपद गोण्डा द्वारा थाना धानेपुर में लिखित तहरीर दी गयी कि उनकी पुत्री का विवाह दिनांक 09.05.2022 को आदर्श उर्फ सनी पुत्र लल्लन निवासी ग्राम गौरीपुरवा, मौजा त्रिलोकपुर, थाना धानेपुर, जनपद गोण्डा के साथ हुआ था। विवाह के बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा दहेज की अतिरिक्त मांग को लेकर उनकी पुत्री को प्रताड़ित किया जाता था तथा ₹5 लाख अतिरिक्त की मांग की जा रही थी। वादिनी के अनुसार दिनांक 24.06.2026 को उनकी पुत्री ने फोन पर दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित किए जाने तथा अपनी जान को खतरा होने की बात बताई थी। दिनांक 24/25.06.2026 की रात्रि में उसकी तबीयत खराब होने की सूचना प्राप्त हुई, जिसके बाद जानकारी करने पर उसकी मृत्यु होने की जानकारी मिली। वादिनी की लिखित तहरीर के आधार पर थाना धानेपुर पर सुसंगत धाराओ में अभियोग पंजीकृत हुआ।

*कार्यवाही*
अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के क्रम में थाना धानेपुर पुलिस द्वारा उपरोक्त अभियोग से संबंधित 02 वांछित अभियुक्तगण को बग्गी रोड बाजार से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्तगण के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक विधिक कार्यवाही पूर्ण कर माननीय न्यायालय रवाना किया गया।
दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 13 नवंबर

*नवीन आवेदन एवं नवीनीकरण के लिए जारी की गई संशोधित समय सारिणी*

*गोण्डा, 23 अक्टूबर 2026* - जिला समाज कल्याण अधिकारी सत्य प्रकाश सिंह ने बताया कि दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजनान्तर्गत उच्च कक्षाओं में अध्ययनरत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, सामान्य वर्ग, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए शासन द्वारा संशोधित समयसारिणी जारी की गई है।

निदेशक, समाज कल्याण, उत्तर प्रदेश, लखनऊ द्वारा  जारी संशोधित समयसारिणी के अनुसार छात्र-छात्राएं नवीन ऑनलाइन आवेदन 13 नवंबर 2026 तक कर सकते हैं। वहीं, नवीनीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन की अवधि 23 अक्टूबर से 13 नवंबर 2026 तक निर्धारित की गई है।

उन्होंने बताया कि शिक्षण संस्थानों द्वारा मास्टर डाटा लॉक करने की कार्यवाही 23 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 तक की जाएगी। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय एवं एफिलिएटिंग एजेंसी द्वारा फीस आदि का सत्यापन 23 अक्टूबर से 7 नवंबर 2026 तक किया जाना प्रस्तावित है।

जिला समाज कल्याण अधिकारी ने जनपद के समस्त पात्र छात्र-छात्राओं से अपील की है कि वे निर्धारित समयसीमा के भीतर अपना ऑनलाइन आवेदन पूर्ण करना सुनिश्चित करें। साथ ही, उच्च शिक्षण संस्थानों के प्राचार्यों तथा विश्वविद्यालयों एवं एफिलिएटिंग एजेंसियों के प्रभारियों से भी निर्धारित समयसारिणी के अनुसार संबंधित कार्यवाही समय से पूर्ण कराने की अपेक्षा की गई है, ताकि पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना का लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

संशोधित समयसारिणी एवं अन्य जानकारी के लिए छात्र-छात्राएं विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.scholarship.up.nic.in पर जाकर विवरण डाउनलोड कर सकते हैं।
नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान होना चाहिए: योगी
जितेन्द्र सिंह बोले- प्रशासनिक सुधारों व क्षमता विकास में उप्र देश के लिए रोल मॉडल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेन्द्र सिंह ने शुक्रवार को लोकभवन में दीप प्रज्ज्वलित कर मिशन कर्मयोगी के अन्तर्गत दो दिवसीय 'साधना शृंखला' का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने कहा कि नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान होना चाहिए। नागरिकों को जब समय से समाधान प्राप्त होता है तभी लोकसेवक का उद्देश्य सार्थक होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीकी शासन के कार्यों को गति दे सकती है लेकिन कार्मिकों का सेवा भाव ही हमें नागरिकों के प्रति जवाबदेह बनाता है। जब प्रशासनिक तंत्र दक्ष, संवेदनशील एवं उत्तरदायी होता है, तभी शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचता है और सुशासन का संकल्प जनकल्याण के रूप में साकार होता है।

उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल टेक्नोलॉजी तेजी से शासन के स्वरूप को बदल रहे हैं। हमें अपने लोकसेवकों को इन बदलावों के अनुरूप सक्षम बनाने के लिए तैयार रहना होगा। लोकसेवा की कार्य-संस्कृति में परिवर्तन हम सबके लिए एक राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत बनाने के लिए ग्राम पंचायतों के कार्मिकों की क्षमताएं भी बढ़ानी होंगी। डबल इंजन सरकार मिशन कर्मयोगी जैसी पहल के माध्यम से देश की प्रशासनिक कार्य-संस्कृति को नई दिशा दे रही है। मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस की भावना के अनुरूप कर्मयोगी उत्तर प्रदेश अंत्योदय के संकल्प को साकार करते हुए विकसित भारत के निर्माण में अपनी अग्रणी भूमिका निभाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश प्रकृति एवं परमात्मा की असीम कृपा का प्रदेश है। फिर भी लंबे समय तक यूपी विपन्न रहा। प्रदेश अपनी पहचान के लिए मोहताज रहा। यहां संभावनाएं विद्यमान थीं लेकिन उन्हें उपलब्धियों में बदलने के लिए राजनैतिक इच्छाशक्ति का अभाव था। उत्सव पूर्ण राज्य को उपद्रव ग्रस्त प्रदेश बना दिया गया। मोदी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में काम हुआ। प्रदेश की जीडीपी तीन गुना बढ़ गयी है। पिछले साढ़े 9 वर्षों में 65 लाख गरीबों को आवास, 3 करोड़ से अधिक परिवारों को शौचालय और 15 करोड़ से अधिक लोगों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का लाभ दिया है। हम पूरी दमदारी के साथ कह सकते हैं कि हर योजना का लाभ हर गरीब तक ईमानदारी के साथ पहुंचा है। भारत का सबसे बड़ा रोड नेटवर्क, सबसे बड़ा रेल नेटवर्क और सबसे बड़ा एयर कनेक्टिविटी का नेटवर्क उत्तर प्रदेश के पास मौजूद है।

डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि प्रशासनिक सुधारों और क्षमता विकास में उत्तर प्रदेश देश के लिए रोल मॉडल है। उत्तर प्रदेश प्रशासनिक क्षमता विकास के क्षेत्र में रोल माडल के रूप में अपनी भूमिका निभाता रहेगा। प्रदेश में योग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर बड़ी संख्या में प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूरे किए गये हैं। डॉ. सिंह ने उत्तर प्रदेश सरकार की सराहना करते हुए कहा कि किसी भी प्रयास का परिणाम तब तक नहीं दिखता जब तक उसका जमीनीस्तर पर अमल न हो। उत्तर प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रारंभ किए गए सुशासन सुधारों को लागू करने की दिशा में सदैव सक्रिय रही है। ये प्रयास प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने, कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने और नागरिक-केंद्रित शासन को सशक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

कार्यक्रम को मुख्य सचिव एसपी गोयल और क्षमता निर्माण आयोग की अध्यक्ष राधा चौहान ने भी संबोधित किया। इस कार्यशाला में 8 राज्यों एवं 4 केंद्रशासित प्रदेशों के कार्मिक सहभागिता कर रहे हैं।
एआई और डिजिटल तकनीक से आसान होगा समाज कल्याण विभाग का कामकाज
-प्रशासनिक दक्षता, पारदर्शिता और विभागीय समन्वय बढ़ाने पर जोर

-रूपाम में आयोजित रिट्रीट कार्यक्रम में आधुनिक तकनीक के उपयोग पर हुई चर्चा

लखनऊ। सरकारी कामकाज को अधिक सरल, प्रभावी और पारदर्शी बनाने में आधुनिक तकनीक की भूमिका महत्वपूर्ण होती जा रही है। इसी दिशा में समाज कल्याण विभाग में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने, डिजिटल तकनीक के उपयोग और अधिकारियों-कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जोर दिया जा रहा है।

समाज कल्याण विभाग के उपनिदेशक आनंद कुमार सिंह ने बताया कि एआई और डिजिटल तकनीक से सरकारी कामकाज को आसान और तेज बनाया जा सकता है। इसके माध्यम से सरकारी पत्रों का प्रारूप तैयार करने, फाइलों की नोटिंग-ड्राफ्टिंग, रिपोर्ट का सारांश बनाने, अनुवाद और प्रस्तुतियां तैयार करने जैसे कार्यों में मदद ली जा सकती है। इन संभावनाओं को लेकर 17 अक्टूबर को डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी (रूपाम), लखनऊ में आयोजित रिट्रीट कार्यक्रम में चर्चा की गई, जिसमें विभाग के अधिकारी शामिल हुए।

कार्यक्रम में ई-ऑफिस, मानव संपदा प्रबंधन, सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता, लाभार्थियों की पहचान और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय जैसे विषय भी चर्चा में शामिल रहे। इसके साथ ही कार्यालय की प्रक्रियाओं को सरल बनाने, निर्णय लेने में होने वाली देरी कम करने और कार्यस्थल पर बेहतर संवाद और टीमवर्क को बढ़ावा देने के पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया।
वैश्विक निवेश को बढ़ावा देने के लिए लखनऊ में जीसीसी समिट, मुख्यमंत्री योगी करेंगे उद्घाटन
-उद्योग जगत के 100 से अधिक प्रतिनिधि, नीति निर्माता और अधिकारी लेंगे हिस्सा

-वर्ष 2031 तक उत्तर प्रदेश में 500 से अधिक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करने का लक्ष्य

-निवेश, उद्योग-अकादमिक सहयोग और उच्च मूल्य वाले रोजगार सृजन पर रहेगा जोर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में योगी सरकार अपने प्रयासों को गति दे रही है। इसी क्रम में 26 अक्टूबर को लखनऊ के सेंट्रम होटल में यूपी जीसीसी इनोवेशन समिट 2026 का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समिट का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर 15 समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जाने और संभावित निवेशकों को पांच लेटर ऑफ कंफर्ट (एलओसी) जारी किए जाने की योजना है।

आईआईटी कानपुर एलुमनाई एसोसिएशन की ओर से इन्वेस्ट यूपी और एचसीएलटेक के सहयोग से आयोजित इस समिट में जीसीसी क्षेत्र के 100 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, नीति-निर्माताओं, निवेशकों, शैक्षणिक संस्थानों और बुनियादी ढांचा क्षेत्र से जुड़े हितधारकों के शामिल होने की उम्मीद है। समिट में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डिजिटल परिवर्तन, नवाचार, कौशल विकास तथा वैश्विक कंपनियों के लिए उत्तर प्रदेश में कारोबार स्थापित करने और उसका विस्तार करने की संभावनाओं पर चर्चा होगी।

नीति आधारित विकास से 2031 तक 500 से अधिक जीसीसी का लक्ष्य

उत्तर प्रदेश ने वर्ष 2031 तक 500 से अधिक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। राज्य में बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाओं, सेमीकंडक्टर, इंजीनियरिंग, विनिर्माण, स्वास्थ्य सेवा, प्रौद्योगिकी और डिजिटल सेवाओं जैसे क्षेत्रों में पहले से ही 200 से अधिक जीसीसी संचालित हैं। सरकार का उद्देश्य नए निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ मौजूदा केंद्रों के विस्तार को भी प्रोत्साहित करना है। उत्तर प्रदेश जीसीसी नीति-2024 के तहत पात्र निवेशकों को निर्धारित प्रावधानों और पात्रता शर्तों के अनुसार 25 प्रतिशत तक पूंजीगत सब्सिडी और 50 प्रतिशत तक भूमि सब्सिडी का लाभ मिल सकता है। इन प्रोत्साहनों का उद्देश्य परियोजनाओं की व्यवहार्यता बढ़ाना और उच्च मूल्य वाली व्यावसायिक सेवाओं, प्रौद्योगिकी तथा नवाचार आधारित गतिविधियों में निवेश को प्रोत्साहित करना है।

समिट में जीसीसी के उभरते कारोबारी मॉडल, एआई आधारित बदलाव, उन्नत प्रौद्योगिकी और विशेष कौशल की बढ़ती मांग पर विचार-विमर्श होगा। साथ ही, भारत में अपना परिचालन स्थापित करने या उसका विस्तार करने की इच्छुक बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए उत्तर प्रदेश को पसंदीदा निवेश गंतव्य बनाने की संभावनाओं पर भी चर्चा की जाएगी।

प्रतिभा, बुनियादी ढांचे और अकादमिक सहयोग से विकास को मिलेगी गति

नोएडा और ग्रेटर नोएडा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से निकटता, बेहतर कनेक्टिविटी और वाणिज्यिक बुनियादी ढांचे के कारण जीसीसी निवेश के प्रमुख केंद्र बने हुए हैं। वहीं, लखनऊ भी प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, नवाचार और वैश्विक व्यावसायिक सेवाओं के लिए उभरते गंतव्य के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।

आईआईटी कानपुर, आईआईटी (बीएचयू) वाराणसी और आईआईआईटी लखनऊ जैसे संस्थान उद्योग-अकादमिक सहयोग को मजबूत करने, उन्नत कौशल विकास और एआई आधारित उद्योगों के लिए कुशल प्रतिभा तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। समिट के दौरान उद्योगों और शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लगभग 13 शैक्षणिक संस्थानों के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाने की उम्मीद है।

यह समिट उत्तर प्रदेश में निवेश आकर्षित करने, उच्च मूल्य वाले रोजगार के अवसर सृजित करने और राज्य को वैश्विक कारोबारी नेटवर्क से जोड़ने के प्रयासों को नई गति देगा। साथ ही, यह पहल राज्य की ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के दीर्घकालिक लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों को योगी सरकार देगी अतिरिक्त साड़ी, 19 करोड़ से अधिक रुपये शीघ्र होंगे जारी
-प्रदेश की 3.80 लाख से अधिक कार्यकर्त्रियों और सहायिकाओं को मिलेगा लाभ, वर्दी की कमी होगी दूर

-प्रति साड़ी 500 रुपये की दर से खर्च होगी 19 करोड़ से अधिक धनराशि

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों और सहायिकाओं को निर्धारित वेशभूषा में काम करने के दौरान होने वाली परेशानियों से राहत देने की तैयारी तेज हो गई है। राज्य सरकार ने विभाग में कार्यरत 3.80 लाख से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों और सहायिकाओं को हर साल एक अतिरिक्त साड़ी उपलब्ध कराने का निर्णय किया है। इसके लिए 19 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से इस व्यवस्था को लागू करने की तैयारी की जा रही है। जल्द ही अतिरिक्त साड़ी के लिए धनराशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव लीना जौहरी ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों और सहायिकाओं को केंद्रों पर बच्चों, गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और किशोरियों से जुड़ी सेवाओं के संचालन की जिम्मेदारी निभानी होती है। इसके लिए उन्हें नियमित रूप से क्षेत्र में भी जाना पड़ता है। मौजूदा व्यवस्था में सामान्य योजना के तहत केंद्र और राज्य सरकार के 60:40 के अनुपात में प्रतिवर्ष दो साड़ियां उपलब्ध कराई जाती हैं। अब एक अतिरिक्त साड़ी मिलने से निर्धारित वेशभूषा में ड्यूटी करने के दौरान उन्हें सहूलियत मिलेगी। साड़ी गंदी होने, धुलाई या खराब मौसम के कारण दूसरी वेशभूषा की जरूरत पड़ने जैसी समस्याओं से भी राहत मिलेगी।

उन्हाेंने बताया कि प्रदेश में एक लाख 90 हजार 145 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए इतनी ही संख्या में कार्यकर्त्रियों और सहायिकाओं के पद स्वीकृत हैं। इस तरह कुल तीन लाख 80 हजार 290 कर्मियों को अतिरिक्त साड़ी देने का निर्णय लिया गया है। सरकार का उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों पर सेवाओं के संचालन को बेहतर बनाने के साथ कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए निर्धारित वर्दी की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

प्रति साड़ी 500 रुपये की दर से इस व्यवस्था पर कुल 19 करोड़ एक लाख 45 हजार रुपये खर्च होने का अनुमान है। अतिरिक्त साड़ी उपलब्ध कराने का फैसला कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की कार्य संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया है। अब महिला एवं बाल विकास विभाग की तैयारी इस व्यवस्था को अमलीजामा पहनाने पर केंद्रित है। धनराशि उपलब्ध होने और वितरण की प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद प्रदेशभर की आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों और सहायिकाओं को इसका लाभ मिल सकेगा।
महा हड़ताल एवं धरना प्रदर्शन में पहुंचे जौनपुर साधन सहकारी समिति के सचिव
जौनपुर। एक तरफ जहां खेतों में खाद की कमी से किसान उद्वेलित हैं, वहीं दूसरी तरफ साधन सहकारी समिति के सचिव अपनी मांगों को लेकर मुखर हो उठे हैं। जौनपुर जिले के समस्त साधन सहकारी समिति के सचिव अपनी विभिन्न न्यायोचित मांगों और वितरण व्यवस्था के संकट को लेकर लखनऊ में चल रहे महा हड़ताल एवं धरना-प्रदर्शन में सम्मिलित होने पहुंच गए हैं। शुक्रवार को धरना प्रदर्शन का दूसरा दिन है। इस सामूहिक विरोध प्रदर्शन के कारण स्थानीय स्तर पर समितियों में ताले लटके हुए हैं, जिससे खाद वितरण की प्रक्रिया पूरी तरह बाधित हो गई है और कृषकों की व्याकुलता दोगुनी हो गई है। बदलापुर क्षेत्र के सहकारिता विभाग के अधिकारियों (एडीओ कोऑपरेटिव) नागेंद्र प्रताप का कहना है कि क्षेत्र की समितियों की मांग का भौतिक सत्यापन कर जनपद मुख्यालय को भेज दिया गया है। प्रशासनिक स्तर से आश्वासन दिया जा रहा है कि शीघ्र ही डीएपी खाद की पर्याप्त खेप समितियों तक पहुंचा दी जाएगी, जिससे किसानों को राहत मिल सके और बंद पड़ी समितियों का सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जा सके।
जौनपुर साधन सहकारी समिति के कार्यकारी अध्यक्ष वीर बहादुर सिंह के समर्थन में सैकड़ो सचिन लखनऊ के इको गार्डन में धरना प्रदर्शन में शामिल हैं। कार्यकारी अध्यक्ष सिंह का कहना है कि उत्तर प्रदेश सहकारी समिति कर्मचारी संघ अपनी मांगों के समर्थन में तकरीबन दर्जनों बार अधिकारियों तक न्याय की गुहार लगाई है किंतु आज तक न्याय नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रांतीय नेतृत्व उत्तर प्रदेश सहकारी समिति कर्मचारी संघ लखनऊ द्वारा 22 अक्टूबर से अपने वेतन सम्बन्धित मांगों के सम्बन्ध में लखनऊ के ईको गार्डन में धरना एवं पूर्णकालिक हड़ताल करनें हेतु अन्य संगठनों के साथ ही साथ अपनी सहमति व्यक्त की है। कार्यकारी अध्यक्ष वीर बहादुर सिंह ने समस्त सचिव ,आंकिक , चौकीदार से  अनुरोध किया है कि सभी लोग धरना प्रदर्शन में शामिल होकर सहयोग करें ताकि कार्यक्रम सफल हो सके। धरना प्रदर्शन में कार्यकारी अध्यक्ष वीर बहादुर सिंह पवन तिवारी,प्रशान्त सिंह , दुर्गा प्रसाद दुबे , शिवप्रकाश दुबे , दिनेश सिंह ,लालजी दुबे , राजेश कुमार सिंह , प्रदीप सिंह , राहुल सिंह ,संतोष सिंह , संदीप सिंह ,विनय सिंह , राजेंद्र प्रसाद यादव , महेश चंद्र गुप्ता आदि सैकड़ों लोग मौजूद हैं।