दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 13 नवंबर

*नवीन आवेदन एवं नवीनीकरण के लिए जारी की गई संशोधित समय सारिणी*

*गोण्डा, 23 अक्टूबर 2026* - जिला समाज कल्याण अधिकारी सत्य प्रकाश सिंह ने बताया कि दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजनान्तर्गत उच्च कक्षाओं में अध्ययनरत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, सामान्य वर्ग, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए शासन द्वारा संशोधित समयसारिणी जारी की गई है।

निदेशक, समाज कल्याण, उत्तर प्रदेश, लखनऊ द्वारा  जारी संशोधित समयसारिणी के अनुसार छात्र-छात्राएं नवीन ऑनलाइन आवेदन 13 नवंबर 2026 तक कर सकते हैं। वहीं, नवीनीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन की अवधि 23 अक्टूबर से 13 नवंबर 2026 तक निर्धारित की गई है।

उन्होंने बताया कि शिक्षण संस्थानों द्वारा मास्टर डाटा लॉक करने की कार्यवाही 23 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 तक की जाएगी। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय एवं एफिलिएटिंग एजेंसी द्वारा फीस आदि का सत्यापन 23 अक्टूबर से 7 नवंबर 2026 तक किया जाना प्रस्तावित है।

जिला समाज कल्याण अधिकारी ने जनपद के समस्त पात्र छात्र-छात्राओं से अपील की है कि वे निर्धारित समयसीमा के भीतर अपना ऑनलाइन आवेदन पूर्ण करना सुनिश्चित करें। साथ ही, उच्च शिक्षण संस्थानों के प्राचार्यों तथा विश्वविद्यालयों एवं एफिलिएटिंग एजेंसियों के प्रभारियों से भी निर्धारित समयसारिणी के अनुसार संबंधित कार्यवाही समय से पूर्ण कराने की अपेक्षा की गई है, ताकि पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना का लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

संशोधित समयसारिणी एवं अन्य जानकारी के लिए छात्र-छात्राएं विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.scholarship.up.nic.in पर जाकर विवरण डाउनलोड कर सकते हैं।
नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान होना चाहिए: योगी
जितेन्द्र सिंह बोले- प्रशासनिक सुधारों व क्षमता विकास में उप्र देश के लिए रोल मॉडल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेन्द्र सिंह ने शुक्रवार को लोकभवन में दीप प्रज्ज्वलित कर मिशन कर्मयोगी के अन्तर्गत दो दिवसीय 'साधना शृंखला' का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने कहा कि नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान होना चाहिए। नागरिकों को जब समय से समाधान प्राप्त होता है तभी लोकसेवक का उद्देश्य सार्थक होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीकी शासन के कार्यों को गति दे सकती है लेकिन कार्मिकों का सेवा भाव ही हमें नागरिकों के प्रति जवाबदेह बनाता है। जब प्रशासनिक तंत्र दक्ष, संवेदनशील एवं उत्तरदायी होता है, तभी शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचता है और सुशासन का संकल्प जनकल्याण के रूप में साकार होता है।

उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल टेक्नोलॉजी तेजी से शासन के स्वरूप को बदल रहे हैं। हमें अपने लोकसेवकों को इन बदलावों के अनुरूप सक्षम बनाने के लिए तैयार रहना होगा। लोकसेवा की कार्य-संस्कृति में परिवर्तन हम सबके लिए एक राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत बनाने के लिए ग्राम पंचायतों के कार्मिकों की क्षमताएं भी बढ़ानी होंगी। डबल इंजन सरकार मिशन कर्मयोगी जैसी पहल के माध्यम से देश की प्रशासनिक कार्य-संस्कृति को नई दिशा दे रही है। मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस की भावना के अनुरूप कर्मयोगी उत्तर प्रदेश अंत्योदय के संकल्प को साकार करते हुए विकसित भारत के निर्माण में अपनी अग्रणी भूमिका निभाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश प्रकृति एवं परमात्मा की असीम कृपा का प्रदेश है। फिर भी लंबे समय तक यूपी विपन्न रहा। प्रदेश अपनी पहचान के लिए मोहताज रहा। यहां संभावनाएं विद्यमान थीं लेकिन उन्हें उपलब्धियों में बदलने के लिए राजनैतिक इच्छाशक्ति का अभाव था। उत्सव पूर्ण राज्य को उपद्रव ग्रस्त प्रदेश बना दिया गया। मोदी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में काम हुआ। प्रदेश की जीडीपी तीन गुना बढ़ गयी है। पिछले साढ़े 9 वर्षों में 65 लाख गरीबों को आवास, 3 करोड़ से अधिक परिवारों को शौचालय और 15 करोड़ से अधिक लोगों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का लाभ दिया है। हम पूरी दमदारी के साथ कह सकते हैं कि हर योजना का लाभ हर गरीब तक ईमानदारी के साथ पहुंचा है। भारत का सबसे बड़ा रोड नेटवर्क, सबसे बड़ा रेल नेटवर्क और सबसे बड़ा एयर कनेक्टिविटी का नेटवर्क उत्तर प्रदेश के पास मौजूद है।

डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि प्रशासनिक सुधारों और क्षमता विकास में उत्तर प्रदेश देश के लिए रोल मॉडल है। उत्तर प्रदेश प्रशासनिक क्षमता विकास के क्षेत्र में रोल माडल के रूप में अपनी भूमिका निभाता रहेगा। प्रदेश में योग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर बड़ी संख्या में प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूरे किए गये हैं। डॉ. सिंह ने उत्तर प्रदेश सरकार की सराहना करते हुए कहा कि किसी भी प्रयास का परिणाम तब तक नहीं दिखता जब तक उसका जमीनीस्तर पर अमल न हो। उत्तर प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रारंभ किए गए सुशासन सुधारों को लागू करने की दिशा में सदैव सक्रिय रही है। ये प्रयास प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने, कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने और नागरिक-केंद्रित शासन को सशक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

कार्यक्रम को मुख्य सचिव एसपी गोयल और क्षमता निर्माण आयोग की अध्यक्ष राधा चौहान ने भी संबोधित किया। इस कार्यशाला में 8 राज्यों एवं 4 केंद्रशासित प्रदेशों के कार्मिक सहभागिता कर रहे हैं।
एआई और डिजिटल तकनीक से आसान होगा समाज कल्याण विभाग का कामकाज
-प्रशासनिक दक्षता, पारदर्शिता और विभागीय समन्वय बढ़ाने पर जोर

-रूपाम में आयोजित रिट्रीट कार्यक्रम में आधुनिक तकनीक के उपयोग पर हुई चर्चा

लखनऊ। सरकारी कामकाज को अधिक सरल, प्रभावी और पारदर्शी बनाने में आधुनिक तकनीक की भूमिका महत्वपूर्ण होती जा रही है। इसी दिशा में समाज कल्याण विभाग में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने, डिजिटल तकनीक के उपयोग और अधिकारियों-कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जोर दिया जा रहा है।

समाज कल्याण विभाग के उपनिदेशक आनंद कुमार सिंह ने बताया कि एआई और डिजिटल तकनीक से सरकारी कामकाज को आसान और तेज बनाया जा सकता है। इसके माध्यम से सरकारी पत्रों का प्रारूप तैयार करने, फाइलों की नोटिंग-ड्राफ्टिंग, रिपोर्ट का सारांश बनाने, अनुवाद और प्रस्तुतियां तैयार करने जैसे कार्यों में मदद ली जा सकती है। इन संभावनाओं को लेकर 17 अक्टूबर को डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी (रूपाम), लखनऊ में आयोजित रिट्रीट कार्यक्रम में चर्चा की गई, जिसमें विभाग के अधिकारी शामिल हुए।

कार्यक्रम में ई-ऑफिस, मानव संपदा प्रबंधन, सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता, लाभार्थियों की पहचान और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय जैसे विषय भी चर्चा में शामिल रहे। इसके साथ ही कार्यालय की प्रक्रियाओं को सरल बनाने, निर्णय लेने में होने वाली देरी कम करने और कार्यस्थल पर बेहतर संवाद और टीमवर्क को बढ़ावा देने के पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया।
वैश्विक निवेश को बढ़ावा देने के लिए लखनऊ में जीसीसी समिट, मुख्यमंत्री योगी करेंगे उद्घाटन
-उद्योग जगत के 100 से अधिक प्रतिनिधि, नीति निर्माता और अधिकारी लेंगे हिस्सा

-वर्ष 2031 तक उत्तर प्रदेश में 500 से अधिक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करने का लक्ष्य

-निवेश, उद्योग-अकादमिक सहयोग और उच्च मूल्य वाले रोजगार सृजन पर रहेगा जोर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में योगी सरकार अपने प्रयासों को गति दे रही है। इसी क्रम में 26 अक्टूबर को लखनऊ के सेंट्रम होटल में यूपी जीसीसी इनोवेशन समिट 2026 का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समिट का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर 15 समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जाने और संभावित निवेशकों को पांच लेटर ऑफ कंफर्ट (एलओसी) जारी किए जाने की योजना है।

आईआईटी कानपुर एलुमनाई एसोसिएशन की ओर से इन्वेस्ट यूपी और एचसीएलटेक के सहयोग से आयोजित इस समिट में जीसीसी क्षेत्र के 100 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, नीति-निर्माताओं, निवेशकों, शैक्षणिक संस्थानों और बुनियादी ढांचा क्षेत्र से जुड़े हितधारकों के शामिल होने की उम्मीद है। समिट में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डिजिटल परिवर्तन, नवाचार, कौशल विकास तथा वैश्विक कंपनियों के लिए उत्तर प्रदेश में कारोबार स्थापित करने और उसका विस्तार करने की संभावनाओं पर चर्चा होगी।

नीति आधारित विकास से 2031 तक 500 से अधिक जीसीसी का लक्ष्य

उत्तर प्रदेश ने वर्ष 2031 तक 500 से अधिक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। राज्य में बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाओं, सेमीकंडक्टर, इंजीनियरिंग, विनिर्माण, स्वास्थ्य सेवा, प्रौद्योगिकी और डिजिटल सेवाओं जैसे क्षेत्रों में पहले से ही 200 से अधिक जीसीसी संचालित हैं। सरकार का उद्देश्य नए निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ मौजूदा केंद्रों के विस्तार को भी प्रोत्साहित करना है। उत्तर प्रदेश जीसीसी नीति-2024 के तहत पात्र निवेशकों को निर्धारित प्रावधानों और पात्रता शर्तों के अनुसार 25 प्रतिशत तक पूंजीगत सब्सिडी और 50 प्रतिशत तक भूमि सब्सिडी का लाभ मिल सकता है। इन प्रोत्साहनों का उद्देश्य परियोजनाओं की व्यवहार्यता बढ़ाना और उच्च मूल्य वाली व्यावसायिक सेवाओं, प्रौद्योगिकी तथा नवाचार आधारित गतिविधियों में निवेश को प्रोत्साहित करना है।

समिट में जीसीसी के उभरते कारोबारी मॉडल, एआई आधारित बदलाव, उन्नत प्रौद्योगिकी और विशेष कौशल की बढ़ती मांग पर विचार-विमर्श होगा। साथ ही, भारत में अपना परिचालन स्थापित करने या उसका विस्तार करने की इच्छुक बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए उत्तर प्रदेश को पसंदीदा निवेश गंतव्य बनाने की संभावनाओं पर भी चर्चा की जाएगी।

प्रतिभा, बुनियादी ढांचे और अकादमिक सहयोग से विकास को मिलेगी गति

नोएडा और ग्रेटर नोएडा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से निकटता, बेहतर कनेक्टिविटी और वाणिज्यिक बुनियादी ढांचे के कारण जीसीसी निवेश के प्रमुख केंद्र बने हुए हैं। वहीं, लखनऊ भी प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, नवाचार और वैश्विक व्यावसायिक सेवाओं के लिए उभरते गंतव्य के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।

आईआईटी कानपुर, आईआईटी (बीएचयू) वाराणसी और आईआईआईटी लखनऊ जैसे संस्थान उद्योग-अकादमिक सहयोग को मजबूत करने, उन्नत कौशल विकास और एआई आधारित उद्योगों के लिए कुशल प्रतिभा तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। समिट के दौरान उद्योगों और शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लगभग 13 शैक्षणिक संस्थानों के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाने की उम्मीद है।

यह समिट उत्तर प्रदेश में निवेश आकर्षित करने, उच्च मूल्य वाले रोजगार के अवसर सृजित करने और राज्य को वैश्विक कारोबारी नेटवर्क से जोड़ने के प्रयासों को नई गति देगा। साथ ही, यह पहल राज्य की ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के दीर्घकालिक लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों को योगी सरकार देगी अतिरिक्त साड़ी, 19 करोड़ से अधिक रुपये शीघ्र होंगे जारी
-प्रदेश की 3.80 लाख से अधिक कार्यकर्त्रियों और सहायिकाओं को मिलेगा लाभ, वर्दी की कमी होगी दूर

-प्रति साड़ी 500 रुपये की दर से खर्च होगी 19 करोड़ से अधिक धनराशि

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों और सहायिकाओं को निर्धारित वेशभूषा में काम करने के दौरान होने वाली परेशानियों से राहत देने की तैयारी तेज हो गई है। राज्य सरकार ने विभाग में कार्यरत 3.80 लाख से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों और सहायिकाओं को हर साल एक अतिरिक्त साड़ी उपलब्ध कराने का निर्णय किया है। इसके लिए 19 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से इस व्यवस्था को लागू करने की तैयारी की जा रही है। जल्द ही अतिरिक्त साड़ी के लिए धनराशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव लीना जौहरी ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों और सहायिकाओं को केंद्रों पर बच्चों, गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और किशोरियों से जुड़ी सेवाओं के संचालन की जिम्मेदारी निभानी होती है। इसके लिए उन्हें नियमित रूप से क्षेत्र में भी जाना पड़ता है। मौजूदा व्यवस्था में सामान्य योजना के तहत केंद्र और राज्य सरकार के 60:40 के अनुपात में प्रतिवर्ष दो साड़ियां उपलब्ध कराई जाती हैं। अब एक अतिरिक्त साड़ी मिलने से निर्धारित वेशभूषा में ड्यूटी करने के दौरान उन्हें सहूलियत मिलेगी। साड़ी गंदी होने, धुलाई या खराब मौसम के कारण दूसरी वेशभूषा की जरूरत पड़ने जैसी समस्याओं से भी राहत मिलेगी।

उन्हाेंने बताया कि प्रदेश में एक लाख 90 हजार 145 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए इतनी ही संख्या में कार्यकर्त्रियों और सहायिकाओं के पद स्वीकृत हैं। इस तरह कुल तीन लाख 80 हजार 290 कर्मियों को अतिरिक्त साड़ी देने का निर्णय लिया गया है। सरकार का उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों पर सेवाओं के संचालन को बेहतर बनाने के साथ कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए निर्धारित वर्दी की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

प्रति साड़ी 500 रुपये की दर से इस व्यवस्था पर कुल 19 करोड़ एक लाख 45 हजार रुपये खर्च होने का अनुमान है। अतिरिक्त साड़ी उपलब्ध कराने का फैसला कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की कार्य संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया है। अब महिला एवं बाल विकास विभाग की तैयारी इस व्यवस्था को अमलीजामा पहनाने पर केंद्रित है। धनराशि उपलब्ध होने और वितरण की प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद प्रदेशभर की आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों और सहायिकाओं को इसका लाभ मिल सकेगा।
महा हड़ताल एवं धरना प्रदर्शन में पहुंचे जौनपुर साधन सहकारी समिति के सचिव
जौनपुर। एक तरफ जहां खेतों में खाद की कमी से किसान उद्वेलित हैं, वहीं दूसरी तरफ साधन सहकारी समिति के सचिव अपनी मांगों को लेकर मुखर हो उठे हैं। जौनपुर जिले के समस्त साधन सहकारी समिति के सचिव अपनी विभिन्न न्यायोचित मांगों और वितरण व्यवस्था के संकट को लेकर लखनऊ में चल रहे महा हड़ताल एवं धरना-प्रदर्शन में सम्मिलित होने पहुंच गए हैं। शुक्रवार को धरना प्रदर्शन का दूसरा दिन है। इस सामूहिक विरोध प्रदर्शन के कारण स्थानीय स्तर पर समितियों में ताले लटके हुए हैं, जिससे खाद वितरण की प्रक्रिया पूरी तरह बाधित हो गई है और कृषकों की व्याकुलता दोगुनी हो गई है। बदलापुर क्षेत्र के सहकारिता विभाग के अधिकारियों (एडीओ कोऑपरेटिव) नागेंद्र प्रताप का कहना है कि क्षेत्र की समितियों की मांग का भौतिक सत्यापन कर जनपद मुख्यालय को भेज दिया गया है। प्रशासनिक स्तर से आश्वासन दिया जा रहा है कि शीघ्र ही डीएपी खाद की पर्याप्त खेप समितियों तक पहुंचा दी जाएगी, जिससे किसानों को राहत मिल सके और बंद पड़ी समितियों का सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जा सके।
जौनपुर साधन सहकारी समिति के कार्यकारी अध्यक्ष वीर बहादुर सिंह के समर्थन में सैकड़ो सचिन लखनऊ के इको गार्डन में धरना प्रदर्शन में शामिल हैं। कार्यकारी अध्यक्ष सिंह का कहना है कि उत्तर प्रदेश सहकारी समिति कर्मचारी संघ अपनी मांगों के समर्थन में तकरीबन दर्जनों बार अधिकारियों तक न्याय की गुहार लगाई है किंतु आज तक न्याय नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रांतीय नेतृत्व उत्तर प्रदेश सहकारी समिति कर्मचारी संघ लखनऊ द्वारा 22 अक्टूबर से अपने वेतन सम्बन्धित मांगों के सम्बन्ध में लखनऊ के ईको गार्डन में धरना एवं पूर्णकालिक हड़ताल करनें हेतु अन्य संगठनों के साथ ही साथ अपनी सहमति व्यक्त की है। कार्यकारी अध्यक्ष वीर बहादुर सिंह ने समस्त सचिव ,आंकिक , चौकीदार से  अनुरोध किया है कि सभी लोग धरना प्रदर्शन में शामिल होकर सहयोग करें ताकि कार्यक्रम सफल हो सके। धरना प्रदर्शन में कार्यकारी अध्यक्ष वीर बहादुर सिंह पवन तिवारी,प्रशान्त सिंह , दुर्गा प्रसाद दुबे , शिवप्रकाश दुबे , दिनेश सिंह ,लालजी दुबे , राजेश कुमार सिंह , प्रदीप सिंह , राहुल सिंह ,संतोष सिंह , संदीप सिंह ,विनय सिंह , राजेंद्र प्रसाद यादव , महेश चंद्र गुप्ता आदि सैकड़ों लोग मौजूद हैं।
सोनभद्र में MLC चुनाव का मतदान जारी: स्नातक में धीमी तो शिक्षक सीट पर दिखी तेजी, DM-SP ने ओबरा बूथ का लिया जायजा

विकास कुमार

सोनभद्र।उत्तर प्रदेश विधान परिषद के वाराणसी खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए शुक्रवार को सोनभद्र जिले में मतदान प्रक्रिया पूरी सतर्कता के साथ जारी है। चुनाव को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नज़र आ रहा है। सुरक्षा और व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष निरीक्षण करने के लिए जिलाधिकारी चर्चित गौड़ और पुलिस अधीक्षक ने ओबरा स्थित मतदान केंद्र का औचक जायजा लिया।

सुबह के आंकड़ों में शिक्षक सीट पर दिखा ज्यादा उत्साह
प्राप्त मतदान आंकड़ों के अनुसार, सुबह 10 बजे तक स्नातक निर्वाचन में मतदान की रफ्तार थोड़ी धीमी रही, जबकि शिक्षक निर्वाचन सीट पर अपेक्षाकृत तेज वोटिंग दर्ज की गई।
स्नातक निर्वाचन: जिले में पंजीकृत कुल 16,812 मतदाताओं में से सुबह तक लगभग 973 से अधिक मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जो कुल मतदान का 5.22 प्रतिशत दर्ज हुआ।
शिक्षक निर्वाचन: कुल 1,738 मतदाताओं में से 238 से अधिक शिक्षकों ने अपने वोट डाले। यहाँ मतदान प्रतिशत 15 प्रतिशत से अधिक दर्ज किया गया।

डीएम-एसपी ने ओबरा बूथ पर परखीं व्यवस्थाएं
ओबरा स्थित मतदान केंद्र पर पहुंचे जिलाधिकारी चर्चित गौड़ और पुलिस अधीक्षक ने मतदान कक्षों, बैरिकेडिंग और सुरक्षा प्रबंधों का गहनता से निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि पूरे जिले में मतदान शांतिपूर्ण वातावरण में चल रहा है। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने और मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक प्रशासनिक तैयारियां सुनिश्चित की गई हैं।
कड़े सुरक्षा घेरे में मतदान, पुलिस अलर्ट पर
सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सभी संवेदनशील और सामान्य मतदान केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी लगातार क्षेत्रों में भ्रमणशील हैं ताकि मतदाता बिना किसी डर या दबाव के निर्भीक होकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
उल्लेखनीय है कि दोनों सीटों के लिए मतदान शाम 4 बजे तक निर्धारित है। सुबह की धीमी शुरुआत के बाद दोपहर में वोटिंग प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। अब सभी की निगाहें मतदान प्रक्रिया समाप्त होने के बाद आने वाले अंतिम वोटिंग प्रतिशत पर टिकी हुई हैं।
Mirzapur: भाकियू ने राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर देशभर में एसआईआर के विरोध में धरना-प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन
मीरजापुर। संयुक्त किसान मोर्चा और भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर देशभर में एसआईआर के विरोध में धरना-प्रदर्शन कर ज्ञापन के क्रम में भारतीय किसान यूनियन जनपद मिर्जापुर द्वारा जिलाध्यक्ष कंचन सिंह फौजी के नेतृत्व में तहसील मुख्यालय चुनार में राष्ट्रपति को नामित ज्ञापन उप जिलाधिकारी को सौंपा गया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि
भारत में लोकतंत्र और सभी नागरिकों के मतदान के अधिकार की रक्षा के लिए किसान एकजुट हो रहे हैं। हमारी मांग है कि 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) को तुरंत रद्द किया जाए, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाया जाए और उन पर मुकदमा चलाया जाए। साथ ही, बिना किसी पारदर्शिता के सूची से हटाए गए 13.41 करोड़ नागरिकों के मतदान के अधिकार को बहाल किया जाए। इसके  अलावा, 2023 के अधिनियम में संशोधन किया जाए और चयन पैनल में कैबिनेट मंत्री की जगह भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को शामिल किया जाए।
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष कंचन सिंह फौजी ने कहा, "किसान व्यापक चुनावी सुधारों की भी मांग करते हैं, ताकि 'आनुपातिक प्रतिनिधित्व' (proportional representation) लागू हो सके, धनबल और बाहुबल पर रोक लगे, और चुनावों के लिए 'राज्य द्वारा फंडिंग' (state funding) को कानूनी रूप दिया जा सके।"
कहा ज्ञानेश कुमार ने अपनी संवैधानिक शपथ का उल्लंघन किया है, इसलिए उन पर मुकदमा चलना चाहिए। आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) को बचा रहे हैं। इस CEC ने सत्ताधारी पार्टी (BJP) को सत्ता में बनाए रखने में मदद करने के लिए, असली नागरिकों के नाम मतदाता सूची से हटाने जैसा गंभीर अपराध किया है। नियमों की किताब (rulebook) को औपचारिक रूप से बदलने का अधिकार केवल संसद के पास है। जब तक संसद CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग (impeachment) नहीं चलाती, तब तक प्रधानमंत्री अपनी कैबिनेट के सामने खड़े इस गंभीर संवैधानिक संकट से बाहर नहीं निकल सकते।

किसान, SIR के मुद्दे पर विरोध कर रहे लोगों (विशेषकर छात्रों और युवाओं) का समर्थन करते हैं। आज, 23 अक्टूबर 2026 को, पूरे भारत में जिला, तहसील मुख्यालयों, राज्य की राजधानियों और राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं। यह विरोध प्रदर्शन, दिल्ली पुलिस और RSS-BJP से जुड़े आपराधिक तत्वों द्वारा नई दिल्ली में प्रदर्शनकारियों (जिनमें युवा महिला छात्राएं भी शामिल हैं) के साथ किए गए क्रूर दमन और अत्याचार के खिलाफ है। इसके जरिए हम कड़ी चेतावनी भी देना चाहते हैं। दिल्ली पुलिस और RSS-BJP से जुड़े आपराधिक तत्वों द्वारा महिला छात्रों और पत्रकारों का यौन उत्पीड़न पूरे देश के लिए चौंकाने वाला और शर्मनाक है। अगर मोदी सरकार प्रदर्शनकारियों पर हमले जारी रखती है, तो किसानों को उनकी सुरक्षा के लिए आगे आना पड़ेगा। हम आपसे मांग करते हैं कि आप तुरंत जांच शुरू करें, दोषियों को गिरफ्तार करें और वर्दीधारी तथा असामाजिक तत्वों, दोनों तरह के ऐसे जघन्य अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।
अन्य वक्ताओं ने कहा, विरोध प्रदर्शन करना एक मौलिक अधिकार है, और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर हमला करना संविधान और कानून के शासन के खिलाफ है। हम न्यायपालिका (जिसमें सुप्रीम कोर्ट भी शामिल है) की कड़ी आलोचना करते हैं कि उसने राजधानी में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हो रहे व्यापक अपराधों पर स्वतः संज्ञान (suo motu cognisance) नहीं लिया। भारत में कोई भी कानून या नियम पुलिस को नागरिकों को "हाउस अरेस्ट" (नज़रबंद) में रखने की अनुमति नहीं देता है। लेकिन गृहमंत्री अमित शाह के निर्देश पर आपकी सरकार पुलिस का इस्तेमाल कर रही है, खासकर उन राज्यों में जहां "डबल इंजन सरकारें" हैं। जहां पुलिस निजी घरों में घुसकर राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ताओं को अवैध रूप से "हाउस अरेस्ट" कर रही है, ताकि उन्हें शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने के अधिकार से वंचित किया जा सके। यह भारत के संविधान द्वारा दिए गए लोगों के मौलिक अधिकारों का घोर उल्लंघन है। आपकी सरकार ने भारत को एक 'पुलिस स्टेट' (पुलिस राज्य) बना दिया है। हम इस 'राज्य प्रायोजित आतंक' (state terror) का कड़ा विरोध करते हैं और मांग करते हैं कि नागरिकों की निजता और उनके लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन को रोकने के लिए आप तुरंत कदम उठाएं।

सभा के दौरान इसके अतिरिक्त जनपद स्तरीय मुख्य समस्याओं को भी उठाते हुए कहा की प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे जो जनहित में नहीं है उसे निरस्त किया जाए, और अहरौरा में अस्थाई टोल प्लाजा जो डीपीआर में भी नहीं है और उसका लीकेज भी बंद हो चुका है उसको तत्काल हटाया जाए और चुनार अंतर्गत ढाब क्षेत्र में गंगा किनारे बसे गांवों शिवपुर,चित्रहा, जलालपुर माफी, बगही व अन्य गांव में बाढ़ से कटान रोकने का उचित प्रबंध किया जाए।
किसान नेताओं ने तहसील प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर उम्मीद जताई है कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और बिना किसी देरी के उचित कदम उठाए जाएंगे। धरना-प्रदर्शन कार्यक्रम में प्रदेश महासचिव प्रहलाद सिंह, मंडल अध्यक्ष अनिल सिंह, जिलाध्यक्ष कंचन सिंह फौजी, जिला महासचिव वीरेंद्र सिंह, मंडल प्रवक्ता राजेश कुमार सिंह, मंडल उपाध्यक्ष परशुराम मौर्य, स्वामी दयाल सिंह जिला कोषाध्यक्ष, प्रदीप कुमार सिंह, राम महाल सिंह, सावित्री देवी जिला अध्यक्ष महिला मोर्चा, मुन्नू प्रसाद गुप्ता, जमुना प्रसाद सिंह, बबलू , संतोष कुमार सिंह, रामशरण सिंह, श्याम केर पाल, चूल्हन बिंद, राम राज, नंदलाल भारती, मुलायम यादव, हृदय शर्मा व अन्य लोग उपस्थित रहे।
उप्र विधान परिषद चुनाव 2026:  केशव प्रसाद मौर्य ने की 'पहले मतदान, फिर जलपान' की अपील
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आज हो रहे स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के विधान परिषद चुनाव 2026 के लिए मतदान जारी है। इस अवसर पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मतदाताओं से लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आग्रह किया है।

उपमुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से जनता से अपील करते हुए कहा, "पहले मतदान, फिर जलपान !" उन्होंने मतदाताओं को प्रेरित करते हुए लिखा कि उत्तर प्रदेश में स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के विधान परिषद चुनाव- 2026 में सभी अपने मताधिकार का प्रयोग अवश्य करें।

केशव प्रसाद मौर्य ने लोकतंत्र में प्रत्येक वोट की कीमत पर जोर देते हुए लिखा, "आपकी जागरूक भागीदारी ही सशक्त लोकतंत्र का आधार है। आइए, अपने मत के महत्व को समझते हुए लोकतंत्र को और अधिक मजबूत बनाने में अपनी भूमिका निभाएं।"

गौरतलब है कि स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 11 सीटाें पर हो रहे इन चुनावों को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कतारें देखी जा रही हैं।
सपा प्रत्याशी डॉ. मानसिंह यादव ने पत्नी के साथ किया मतदान
इलाहाबाद-झांसी स्नातक एमएलसी चुनाव के लिए प्रयागराज में 152 बूथों पर वोटिंग शुरू, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

प्रयागराज।इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव के लिए शुक्रवार सुबह प्रयागराज में मतदान शुरू हो गया। समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी एमएलसी डॉ. मानसिंह यादव ने सुबह आठ बजे धूमनगंज के कंपोजिट विद्यालय हरवारा स्थित मतदान केंद्र पर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। उनकी पत्नी डॉ. प्रभा यादव ने भी मतदान किया। मतदान के बाद डॉ. मानसिंह यादव ने सोशल मीडिया पर मतदान करते हुए अपनी तस्वीर साझा की।

जनपद में मतदान के लिए कुल 152 बूथ बनाए गए हैं। मतदान शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन की ओर से सुरक्षा सहित आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। मतदान केंद्रों पर निगरानी रखी जा रही है, ताकि मतदाता बिना किसी परेशानी के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।

सुरक्षा के लिए टीमें लगातार निगरानी कर रहीं

पुलिस उपायुक्त नगर सागर जैन ने बताया कि स्नातक एमएलसी चुनाव के लिए मतदान शुरू हो गया है। मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पुलिस की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं, ताकि मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जा सके।